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#1. अयस्क में उपस्थित मिट्टी और रेत जैसी अवांछित अशुद्धियों को क्या कहते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )

सही उत्तर: (D) गैंग (Gangue)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैंग (Gangue) या मैट्रिक्स: पृथ्वी से खनिजों या अयस्कों को निकालते समय उनमें रेत, मिट्टी, कंकड़ और अन्य अवांछित अशुद्धियाँ मिली होती हैं। इन सभी अवांछित अशुद्धियों को सामूहिक रूप से गैंग या आधात्री (Matrix) कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • धातुओं के निष्कर्षण (Metallurgy) से पहले अयस्क से इन अशुद्धियों को हटाना आवश्यक होता है, जिसे अयस्क का सांद्रण (Concentration of Ore) कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10 Dec, 2025) में धातु कर्म एवं खनिज (Metallurgy) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) धातुमल (Slag): यह प्रगलक (Smelting) प्रक्रिया के दौरान गालक (Flux) और अशुद्धियों के मिलने से बनने वाला उपोत्पाद (By-product) है।
  • विकल्प (B) मिश्रधातु (Alloy): यह दो या दो से अधिक धातुओं या एक धातु और अधातु का समांगी मिश्रण होता है।
  • विकल्प (C) गालक (Flux): यह वह पदार्थ है जिसे अयस्क में मौजूद शेष अशुद्धियों (गैंग) को हटाने के लिए बाहर से मिलाया जाता है, जो गलनीय धातुमल बनाता है।

#2. एक छात्र ने लोहे की कीलें लीं और उन्हें बीस मिनट के लिए विलयन’X’ में डुबो दिया। कुछ समय बाद उसने देखा कि लोहे की कीलों का रंग भूरा हो गया है। उस विलयन’X’ की पहचान करें जिसमें कील डुबोई गई थीं।
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: (C) कॉपर सल्फेट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction): जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट (CuSO4) के नीले रंग के विलयन में डुबोया जाता है, तो लोहा (Fe) कॉपर की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण कॉपर को उसके विलयन से विस्थापित कर देता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अभिक्रिया के दौरान लोहे की कील पर तांबे (Copper) की भूरे रंग की परत जम जाती है, और कॉपर सल्फेट का नीला रंग धीरे-धीरे हल्के हरे (आयरन सल्फेट बनने के कारण) रंग में बदल जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3) में रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण (Chemical Reactions and Equations) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जिंक सल्फेट: जिंक सल्फेट का विलयन रंगहीन होता है और लोहा जिंक को विस्थापित नहीं कर सकता क्योंकि जिंक अधिक सक्रिय धातु है।
  • विकल्प (B) लेड सल्फेट: यह जल में लगभग अघुलनशील होता है और लोहे के साथ इस प्रकार की रंग परिवर्तन वाली विस्थापन अभिक्रिया नहीं देता।
  • विकल्प (D) आयरन सल्फेट: यदि विलयन पहले से ही आयरन सल्फेट ($FeSO_4$) का होगा, तो लोहे की कील डालने पर कोई विस्थापन अभिक्रिया नहीं होगी क्योंकि कील और विलयन दोनों में लोहा ही मौजूद है।

#3. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प उन धातुओं को दर्शाता है जो ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करती हैं?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: (D) एल्युमीनियम, आयरन और जिंक

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की जल के साथ अभिक्रिया: सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) के अनुसार, कुछ धातुएं ठंडे पानी के साथ, कुछ गर्म पानी के साथ और कुछ केवल भाप (Steam) के साथ अभिक्रिया करती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • एल्युमीनियम (Al), आयरन (Fe) और जिंक (Zn) जैसी धातुएं न तो ठंडे पानी और न ही गर्म पानी के साथ अभिक्रिया करती हैं; ये केवल भाप (Steam) के साथ अभिक्रिया करके धातु के ऑक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 25 Nov, 2024 Shift 1) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के रासायनिक गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सोडियम, कैल्शियम और जिंक: इसमें सोडियम और कैल्शियम दोनों ही ठंडे पानी के साथ तेजी से अभिक्रिया करते हैं।
  • विकल्प (B) सोडियम, आयरन और पोटैशियम: इसमें सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएं हैं जो ठंडे पानी के साथ बहुत तेजी से प्रतिक्रिया करती हैं।
  • विकल्प (C) सोडियम, कैल्शियम और पोटैशियम: ये तीनों ही धातुएं ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया करती हैं, इसलिए यह विकल्प गलत है।

#4. कौन सी तांबे-आधारित मिश्र धातु अपनी उच्च प्रतिरोधकता और कम तापमान गुणांक के कारण मानक प्रतिरोधों को बनाने के लिए एक पसंदीदा सामग्री है?
(RRB JE CBT-I : 04 Sept, 2025 Shift 3)

सही उत्तर: (B) मैंगनीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मानक प्रतिरोधक (Standard Resistors): मैंगनीन (जो कि तांबा, मैंगनीज और निकल की एक मिश्र धातु है) का उपयोग मानक प्रतिरोधक कुंडलियों (Standard Resistance Coils) को बनाने के लिए किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसकी **विशिष्ट प्रतिरोधकता (Resistivity) बहुत उच्च** होती है और इसका **तापमान गुणांक (Temperature Coefficient) बहुत कम** होता है।
    • तापमान में बदलाव होने पर भी इसके प्रतिरोध के मान में नगण्य परिवर्तन होता है, जिससे सटीक माप संभव हो पाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 04 Sept, 2025 Shift 3) में विद्युत धारा के प्रभाव एवं मिश्र धातु (Alloys) के अनुप्रयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) एल्लिको (Alnico): यह एक मजबूत स्थायी चुंबक (Permanent Magnet) बनाने वाली मिश्र धातु है, जिसका उपयोग प्रतिरोधक बनाने में नहीं होता।
  • विकल्प (C) टंगस्टन (Tungsten): यह एक शुद्ध धातु है जिसका उपयोग मुख्य रूप से विद्युत बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए किया जाता है क्योंकि इसका गलनांक (Melting Point) बहुत उच्च होता है।
  • विकल्प (D) पीतल (Brass): यह तांबे और जस्ते की मिश्र धातु है, जिसका उपयोग बर्तन, मूर्तियां और सजावटी सामान बनाने में किया जाता है, मानक प्रतिरोधक के लिए नहीं।

#5. निम्नलिखित में से कौन सा गुण अधातुओं में नहीं होता है?
(RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 2)

सही उत्तर: (B) इनमें से सभी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अधातुओं के भौतिक गुण: अधातुओं में धातु के सामान्य गुण जैसे चमक, कठोरता, आघातवर्धनीयता और तननशीलता नहीं पाए जाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • आघातवर्धनीयता (Malleability): धातुओं को पीटकर चादरों में बदला जा सकता है, लेकिन अधातुएँ भंगुर (brittle) होती हैं और हथौड़े से मारने पर टूट जाती हैं।
    • तननशीलता (Ductility): धातुओं के तार खींचे जा सकते हैं, जबकि अधातुओं में यह गुण नहीं होता।
    • अनुनादी (Sonorous): धातुएं पीटने पर आवाज उत्पन्न करती हैं, जबकि अधातुएं अनुनादी नहीं होतीं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 2) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के भौतिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) आघातवर्धनीयता: यह गुण अधातुओं में नहीं पाया जाता है (यह प्रश्न के अनुसार सत्य है, इसलिए यह अकेला सही विकल्प नहीं हो सकता क्योंकि बाकी गुण भी अधातुओं में नहीं होते)।
  • विकल्प (C) तननशीलता (Ductility): यह गुण भी अधातुओं में नहीं होता।
  • विकल्प (D) अनुनादी: अधातुओं में आवाज उत्पन्न करने (Sonorous) का गुण नहीं होता है। चूँकि (A), (C) और (D) तीनों ही गुण अधातुओं में नहीं होते, इसलिए विकल्प (B) ‘इनमें से सभी’ सबसे सटीक उत्तर है।



#6. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, ठंडे जल के साथ अत्यधिक तीव्रता से अभिक्रिया करती है?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

सही उत्तर: (C) सोडियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्षार धातुएँ (Alkali Metals): सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) जैसी अत्यधिक सक्रिय धातुएँ ठंडे जल के साथ बहुत तेजी से और हिंसक रूप से (Vigorously) अभिक्रिया करती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) होती है, जिसमें उत्पन्न होने वाली हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ लेती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 17 Dec, 2025) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) की अभिक्रियाशीलता के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कोबाल्ट: यह ठंडे या गर्म पानी के साथ सामान्य परिस्थितियों में अभिक्रिया नहीं करती है।
  • विकल्प (B) तांबा (Copper): तांबा जल या भाप किसी के साथ भी अभिक्रिया नहीं करता है क्योंकि यह सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे स्थित है।
  • विकल्प (D) लोहा (Iron): लोहा ठंडे या गर्म पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करता, यह केवल भाप (Steam) के साथ धीमी गति से अभिक्रिया करता है।

#7. विद्युत संचरण लाइनों के लिए सामान्यतः किन धातुओं का उपयोग किया जाता है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 17 Jun, 2025 Shift 3)

सही उत्तर: (D) तांबा और एल्युमीनियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विद्युत संचरण (Power Transmission): विद्युत संचरण और वितरण लाइनों के निर्माण के लिए मुख्य रूप से तांबा (Copper) और एल्युमीनियम (Aluminium) का उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • एल्युमीनियम: इसका उपयोग लंबी दूरी की ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनों में बड़े पैमाने पर किया जाता है क्योंकि यह हल्का होता है और इसकी लागत कम होती है।
    • तांबा: इसकी विद्युत चालकता (Electrical Conductivity) अत्यंत उच्च होती है, इसलिए इसका उपयोग घरों की वायरिंग, केबल और ट्रांसफॉर्मर कॉइल में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 17 Jun, 2025 Shift 3) में विद्युत धारा के प्रभाव एवं धातुओं के अनुप्रयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) चांदी और सोना: चांदी एक बेहतरीन चालक है, लेकिन अत्यधिक महंगी होने के कारण संचरण लाइनों में उपयोग नहीं की जाती; सोना भी बहुत महंगी धातु है।
  • विकल्प (B) जस्ता और सीसा: ये धातुएं विद्युत संचरण के लिए उपयुक्त चालक नहीं हैं और इनका उपयोग इस रूप में नहीं किया जाता।
  • विकल्प (C) लोहा और निकल: लोहे का प्रतिरोध उच्च होता है और निकल का उपयोग प्रतिरोधक मिश्रधातुओं या इलेक्ट्रोप्लेटिंग में होता है, संचरण लाइनों में नहीं।

#8. धातुओं का संक्षारण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें ____________।
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

सही उत्तर: (D) धातुएं पर्यावरणीय कारकों के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड, सल्फाइड या कार्बोनेट में रूपांतरित हो जाती हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं का संक्षारण (Corrosion of Metals): जब किसी धातु पर उसके आसपास के पर्यावरण जैसे नमी, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य गैसों का प्रभाव पड़ता है, तो धातु धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है, जिसे संक्षारण कहते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस प्रक्रिया में धातुएं पर्यावरणीय कारकों से क्रिया करके अपने ऑक्साइड, सल्फाइड या कार्बोनेट यौगिकों में बदल जाती हैं (जैसे लोहे पर जंग लगना, तांबे पर हरी परत पड़ना)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27 Nov, 2025) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के संक्षारण टॉपिक के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) धातुएं अपना रंग स्थायी रूप से बदल देती हैं: हालांकि रंग बदलता है, लेकिन यह संक्षारण की परिभाषा या प्रक्रिया का संपूर्ण तकनीकी कारण नहीं है।
  • विकल्प (B) अम्लों के साथ अभिक्रिया के कारण धातुओं का भार बढ़ जाता है: संक्षारण या अम्ल अभिक्रिया के कारण सामान्यतः धातुओं का क्षय होता है, जिससे उनका भार घटता है या वे कमजोर होती हैं।
  • विकल्प (C) धातुएं निम्न तापमान पर पिघल जाती हैं: संक्षारण का पिघलने या तापमान से कोई सीधा संबंध नहीं है; यह एक रासायनिक अभिक्रिया है।

#9. कांस्य ________ का मिश्रधातु है।
(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)

सही उत्तर: (B) तांबा और टिन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कांस्य या कांसा (Bronze): यह तांबे (Copper – Cu) और टिन (Tin – Sn) की एक प्रमुख मिश्रधातु (Alloy) है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसमें सामान्यतः लगभग 88% तांबा और 12% टिन होता है।
    • यह अत्यधिक मजबूत, संक्षारण रोधी (Corrosion-resistant) होती है, और इसका उपयोग सिक्के, मूर्तियाँ, और पदक (Medals) बनाने के लिए किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26 May 2019 Shift 3 CBT 1) में मिश्रधातुओं (Alloys) के संगठन के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जस्ता और लोहा: जस्ते और लोहे के संयोजन से गैल्वेनाइज्ड लोहा या अन्य मिश्र धातुएँ बनती हैं, कांस्य नहीं।
  • विकल्प (C) टिन और जस्ता: यह संयोजन सोल्डर (Solder) या अन्य विशेष मिश्र धातुओं में काम आता है, कांस्य में तांबा मुख्य घटक होता है।
  • विकल्प (D) लोहा और पारा: पारा धातुओं के साथ मिलकर амальгам (Amalgam) बनाता है, और यह कांस्य का निर्माण नहीं करता।

#10. रदरफोर्ड के मॉडल को स्थापित करने के लिए, वैज्ञानिक ने किस प्रकार की धातु की पन्नी का उपयोग किया था?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: (A) सोना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रदरफोर्ड का अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग (Rutherford’s $\alpha$-particle scattering experiment): अर्नेस्ट रदरफोर्ड ने परमाणु की संरचना को समझाने के लिए सोने (Gold) की बेहद पतली पन्नी का उपयोग किया था।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोने को चुनने का मुख्य कारण यह था कि यह **अत्यधिक आघातवर्धनीय (Malleable)** होता है, जिससे इसकी बहुत पतली (लगभग 1000 परमाणुओं जितनी मोटी) पन्नी आसानी से बनाई जा सकती है।
    • पतली पन्नी होने के कारण अल्फा कण बिना किसी बाधा के आसानी से पार निकल सके, जिससे परमाणु के नाभिक (Nucleus) की खोज संभव हुई।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3) में परमाणु की संरचना (Structure of the Atom) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) पैलेडियम: इसका उपयोग उत्प्रेरक और हाइड्रोजनीकरण में किया जाता है, रदरफोर्ड के प्रयोग में इसका उपयोग नहीं हुआ था।
  • विकल्प (C) चांदी: हालांकि चांदी भी आघातवर्धनीय है, लेकिन सोने जितनी पतली और एकसमान सूक्ष्म परत आसानी से न बन पाने के कारण इसका उपयोग इस प्रयोग में नहीं किया गया।
  • विकल्प (D) प्लेटिनम: प्लेटिनम एक महंगी और कठोर धातु है जिसे सोने की तरह अत्यधिक पतली पन्नी के रूप में नहीं फैलाया जा सकता था।



#11. निम्नलिखित में से कौन-सा जस्ता का एक अयस्क है?
(RRB JE CBT-I : 30 May 2019 Shift 1)

सही उत्तर: (A) कैलेमाइन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जस्ता के अयस्क (Ores of Zinc): जस्ता (Zinc – Zn) मुख्य रूप से अपने यौगिकों के रूप में अयस्कों से प्राप्त किया जाता है। **कैलेमाइन (Calamine)** जस्ता का एक प्रमुख अयस्क है, जिसका रासायनिक सूत्र जिंक कार्बोनेट ($\text{ZnCO}_3$) होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जिंक ब्लेंड (Zinc Blende या Sphalerite – $\text{ZnS}$) जस्ता का सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य अयस्क है।
    • जिंकाइट ($\text{ZnO}$) भी जस्ता का एक अन्य अयस्क है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 30 May 2019 Shift 1) में धातु कर्म एवं खनिजों के अयस्क (Ores of Metals) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) डोलोमाइट: यह कैल्शियम और मैग्नीशियम का एक मिश्रित कार्बोनेट अयस्क है ($\text{CaCO}_3\cdot\text{MgCO}_3$), जस्ता का नहीं।
  • विकल्प (C) हेमेटाइट: यह लोहे (Iron) का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण ऑक्साइड अयस्क है ($\text{Fe}_2\text{O}_3$)।
  • विकल्प (D) क्रायोलाइट: यह एल्युमीनियम का एक प्रमुख फ्लोराइड अयस्क है ($\text{Na}_3\text{AlF}_6$), जिसका उपयोग एल्युमीनियम के निष्कर्षण में विलायक के रूप में किया जाता है।

#12. एल्युमीनियम के नीचे स्थित अज्ञात तत्व को क्या कहा जाता था?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 11 Jun, 2025 Shift 2)

सही उत्तर: (C) एका-एल्युमीनियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मेंसलीफ की आवर्त सारणी (Mendeleev’s Periodic Table): महान वैज्ञानिक दिमित्री मेंदलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में कुछ रिक्त स्थान छोड़े थे और उनके गुणों की भविष्यवाणी पहले ही कर ली थी।
  • मुख्य बिंदु:
    • एल्युमीनियम के ठीक नीचे आने वाले अज्ञात तत्व को उन्होंने संस्कृत उपसर्ग ‘एका’ (जिसका अर्थ ‘एक’ या ‘के बाद’ होता है) का उपयोग करके ‘एका-एल्युमीनियम’ नाम दिया था।
    • बाद में इस तत्व की खोज हुई और इसका नाम **गैलियम (Gallium – Ga)** रखा गया, जिसके गुण मेंदलीफ की भविष्यवाणी से हूबहू मिलते थे।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 11 Jun, 2025 Shift 2) में आवर्त सारणी (Periodic Table) के इतिहास के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) नियो-एल्युमीनियम: यह कोई वैज्ञानिक या मेंदलीफ द्वारा दिया गया नाम नहीं है।
  • विकल्प (B) प्रोटो-एल्युमीनियम: ‘प्रोटो’ शब्द का उपयोग प्राचीन या प्रारंभिक रूप दर्शाने के लिए होता है, लेकिन मेंदलीफ ने ‘एका’ नामकरण पद्धति का उपयोग किया था।
  • विकल्प (D) मेटा-एल्युमीनियम: यह रासायनिक यौगिकों (जैसे मेटा-एल्यूमिनेट) के संदर्भ में उपयोग होता है, मेंदलीफ के अज्ञात तत्व के नाम के रूप में नहीं।

#13. तापदीप्त लैंप में फिलामेंट ________ से बना होता है।
(RRB JE EE 1 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)

सही उत्तर: (A) टंगस्टन तार

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तापदीप्त लैंप (Incandescent Lamp): विद्युत बल्ब या तापदीप्त लैंप का फिलामेंट **टंगस्टन (Tungsten)** धातु के तार से बना होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • टंगस्टन का **गलनांक (Melting Point) बहुत उच्च** (लगभग 3380°C) होता है और इसकी तन्यता (Tensile strength) भी अधिक होती है।
    • अत्यधिक उच्च तापमान पर गर्म होने पर भी यह पिघलता नहीं है और श्वेत प्रकाश (White light) उत्सर्जित करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE EE : 1 Sept 2019 Shift 1 CBT 2) में विद्युत धारा के उष्मीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) निक्रोम तार: इसका उपयोग हीटर, आयरन और टोस्टर जैसे हीटिंग एलिमेंट्स (गर्म करने वाले उपकरणों) में किया जाता है, बल्ब के फिलामेंट में नहीं।
  • विकल्प (C) तांबे के तार: तांबे का गलनांक कम होता है, इसलिए यह उच्च तापमान पर जलकर तुरंत टूट जाएगा और बल्ब में उपयोग नहीं हो सकता।
  • विकल्प (D) फ्यूज तार: फ्यूज तार लेड और टिन की मिश्रधातु से बनता है जिसका गलनांक कम होता है ताकि अधिक धारा बहने पर यह पिघलकर सर्किट को सुरक्षित रख सके।

#14. जिंक और कॉपर के बराबर टुकड़ों को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में अलग-अलग डाला जाता है। कौन-सा अवलोकन सही है?
(RRB JE 19/02/2026 )

सही उत्तर: (C) केवल जिंक हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सक्रियता श्रेणी और अम्ल अभिक्रिया: सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में हाइड्रोजन से ऊपर स्थित धातुएँ तनु अम्लों (जैसे तनु $\text{H}_2\text{SO}_4$) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) विस्थापित करती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • जिंक (Zn): यह हाइड्रोजन से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए यह तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके जिंक सल्फेट और हाइड्रोजन गैस बनाती है।
    • कॉपर (Cu): यह हाइड्रोजन से नीचे (कम सक्रिय) स्थित है, इसलिए यह तनु अम्लों से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर पाती और कोई अभिक्रिया नहीं होती।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 19 Feb, 2026) में धातु एवं अधातु के रासायनिक गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) दोनों धातुएं हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं: कॉपर तनु अम्ल के साथ हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं करता, इसलिए यह गलत है।
  • विकल्प (B) कोई भी धातु हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं करती है: जिंक तनु अम्ल से हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है, इसलिए यह कथन गलत है।
  • विकल्प (D) केवल कॉपर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है: कॉपर अक्रिय होने के कारण हाइड्रोजन उत्पन्न नहीं करता, बल्कि जिंक करती है।

#15. सक्रियता श्रेणी में मैग्नीशियम और आयरन के बीच कौन-सी धातु पाई जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )

सही उत्तर: (A) जिंक

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series): सक्रियता श्रेणी में मैग्नीशियम (Mg) और आयरन (Fe) के बीच में एल्युमिनियम (Al) और जिंक (Zn) जैसी धातुएँ स्थित होती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • धातुओं की घटती हुई सक्रियता का क्रम इस प्रकार है: $\text{K} > \text{Na} > \text{Ca} > \text{Mg} > \text{Al} > \text{Zn} > \text{Fe} > \text{Pb} > \text{H} > \text{Cu} > \text{Hg} > \text{Ag} > \text{Au}$।
    • इस क्रम से स्पष्ट है कि मैग्नीशियम और आयरन के बीच जिंक (Zinc) और एल्युमिनियम आती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 14 Dec, 2025) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) की सक्रियता श्रेणी के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) सिल्वर (Silver): यह सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से भी नीचे और बहुत कम सक्रिय धातु है, मैग्नीशियम और आयरन के बीच नहीं।
  • विकल्प (C) कॉपर (Copper): यह भी हाइड्रोजन से नीचे स्थित है और आयरन के बाद आती है।
  • विकल्प (D) पोटैशियम (Potassium): यह सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर (सबसे अधिक सक्रिय) स्थित धातु है।



#16. आवर्त में परमाणु क्रमांक में वृद्धि के साथ:
(RRB JE EE 19 Sept 2019 Shift 2 CBT 2)

सही उत्तर: (A) धात्विक गुण घटता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आवर्त सारणी में आवर्त (Period) में परिवर्तन: किसी भी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु क्रमांक (Atomic Number) में वृद्धि होती है, जिसके साथ तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • धात्विक गुण (Metallic Character): आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार घटता है और नाभिकीय आवेश बढ़ता है, जिससे इलेक्ट्रॉनों को त्यागने की प्रवृत्ति (धनात्मक आयन बनाने की क्षमता) कम हो जाती है। परिणामसस्वरूप, धात्विक गुण घटता है और अधात्विक गुण बढ़ता है।
    • रासायनिक क्रियाशीलता: आवर्त में पहले क्रियाशीलता घटती है (मध्य तक) और फिर हैलोजन तक पहुँचते-पहुंचते अधात्विक क्रियाशीलता बढ़ने लगती है, लेकिन सामान्यतः धात्विक गुण में लगातार कमी आती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE EE : 19 Sept 2019 Shift 2 CBT 2) में आवर्त सारणी एवं आवर्तीय गुण (Periodic Properties) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) धात्विक गुण बढ़ता है: यह कथन गलत है क्योंकि बाएं से दाएं जाने पर धात्विक गुण घटता है (यह गुण वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर बढ़ता है)।
  • विकल्प (C) रासायनिक क्रियाशीलता बढ़ती है: सभी तत्वों की रासायनिक क्रियाशीलता एक समान नहीं बढ़ती; यह आवर्त के आरंभ और अंत में अलग तरह से व्यवहार करती है।
  • विकल्प (D) रासायनिक क्रियाशीलता घटती है: यह कथन भी सभी तत्वों पर सार्वभौमिक रूप से लागू नहीं होता क्योंकि अधातुओं की क्रियाशीलता अंत की ओर बढ़ती है।

#17. निम्नलिखित में से किसके अधिक मात्रा में होने के कारण चॉकलेट सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं?
(RRB JE 23 May 2019 Shift 3)

सही उत्तर: (B) निकल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चॉकलेट और भारी धातुएँ (Heavy Metals in Chocolate): कोको आधारित चॉकलेट और कैंडीज में पर्यावरणीय स्रोतों, मिट्टी या प्रसंस्करण (Processing) के दौरान निकेल (Nickel), लेड (Lead) और कैडमियम जैसी भारी धातुएँ अवांछित रूप से पाई जाती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • अध्ययनों के अनुसार, कुछ प्रकार की चॉकलेट्स में निकल (Nickel) की उच्च मात्रा पाई जाती है, जिसके अत्यधिक सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और एलर्जी या अन्य परेशानियाँ हो सकती हैं।
    • कच्चे कोको बीन्स और उससे बने उत्पादों में इन तत्वों की मौजूदगी सेहत के लिए चिंता का विषय बनती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 23 May 2019 Shift 3) में सामान्य विज्ञान एवं स्वास्थ्य रसायन (General Science & Health Chemistry) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कोबाल्ट: यह विटामिन बी-12 का एक आवश्यक घटक है, लेकिन चॉकलेट में मुख्य रूप से हानिकारक या उच्च संदूषण के रूप में चिह्नित धातु निकेल को माना जाता है।
  • विकल्प (C) सीसा (Lead): हालांकि सीसा भी कुछ खाद्य पदार्थों में संदूषक के रूप में पाया जा सकता है, लेकिन इस विशिष्ट रेलवे परीक्षा के मानक उत्तर विकल्प के अनुसार सही उत्तर ‘निकल’ माना गया है।
  • विकल्प (D) जस्ता (Zinc): जस्ता शरीर के लिए एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Trace element) है, न कि चॉकलेट में प्रमुख रूप से हानिकारक मानी जाने वाली भारी धातु।

#18. निम्नलिखित में से कौन ऊष्मा का कुचालक है?
(RRB ALP Fitter : 06 May, 2025 Shift 1)

सही उत्तर: (A) ऊन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊष्मा के कुचालक (Insulators of Heat): वे पदार्थ जिनमें से होकर ऊष्मा का संचरण आसानी से नहीं होता है, उन्हें ऊष्मा का कुचालक या अवरोधक कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ऊन (Wool): यह ऊष्मा का एक अच्छा कुचालक है क्योंकि इसके रेशों के बीच हवा फँसी होती है, और हवा ऊष्मा की खराब चालक (कुचालक) होती है। यही कारण है कि ऊनी कपड़े सर्दियों में शरीर की गर्मी को बाहर जाने से रोकते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP Fitter : 06 May, 2025 Shift 1) में ऊष्मा और तापमान (Heat and Temperature) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) स्टील का चम्मच: स्टील एक धातु है और धातुएं ऊष्मा की अच्छी सुचालक (Good conductors) होती हैं।
  • विकल्प (C) तांबा: तांबा एक उत्कृष्ट सुचालक धातु है, जिसका उपयोग बर्तनों और ताप संचरण में किया जाता है।
  • विकल्प (D) एल्युमीनियम की छड़: एल्युमीनियम भी एक उच्च सुचालक धातु है जो ऊष्मा को तेजी से स्थानांतरित करती है।

#19. रैखिक प्रसार के न्यूनतम गुणांक वाले पदार्थ की पहचान कीजिए।
(RRB ALP Electronics Mechanic 21 Jan 2019 Shift 3)

सही उत्तर: (B) लोहा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रैखिक प्रसार गुणांक (Coefficient of Linear Expansion): किसी पदार्थ की लंबाई में प्रति एकांक लंबाई प्रति डिग्री सेल्सियस तापमान वृद्धि होने पर होने वाले परिवर्तन को उसका रैखिक प्रसार गुणांक ($\alpha$) कहते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • दिए गए विकल्पों में लोहे का रैखिक प्रसार गुणांक सबसे कम (लगभग $11 \times 10^{-6} \, \text{K}^{-1}$) होता है, जिसका अर्थ है कि गर्म करने पर यह अन्य विकल्पों की तुलना में कम फैलता है।
    • इसके विपरीत, सीसे और पीतल का प्रसार गुणांक अधिक होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP Electronics Mechanic : 21 Jan 2019 Shift 3) में ऊष्मा और तापीय प्रसार (Thermal Expansion) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पीतल: इसका रैखिक प्रसार गुणांक लगभग $19 \times 10^{-6} \, \text{K}^{-1}$ होता है, जो लोहे से अधिक है।
  • विकल्प (C) तांबा: इसका रैखिक प्रसार गुणांक लगभग $16 \times 10^{-6} \, \text{K}^{-1}$ होता है।
  • विकल्प (D) सीसा: सीसे का रैखिक प्रसार गुणांक इन सभी में सबसे अधिक (लगभग $29 \times 10^{-6} \, \text{K}^{-1}$) होता है।

#20. हमारे आहार में हरी और पीली सब्जियाँ हमें भोजन के रूप में अधिकांशतः कौन-सा तत्व प्रदान करती हैं?
(RRB ALP Fitter 23 Jan 2019 Shift 1)

सही उत्तर: (D) पोटैशियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पोषण और हरी-पीली सब्जियाँ: हमारे आहार में हरी पत्तेदार और पीली सब्जियाँ (जैसे पालक, शकरकंद, कद्दू आदि) मुख्य रूप से पोटैशियम (Potassium) का एक उत्कृष्ट और समृद्ध स्रोत होती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • पोटैशियम एक आवश्यक खनिज (Essential Mineral) और इलेक्ट्रोलाइट है, जो शरीर में द्रव संतुलन (Fluid balance), तंत्रिका संकेत (Nerve signals) और मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP Fitter : 23 Jan 2019 Shift 1) में सामान्य विज्ञान एवं पोषण (Nutrition in General Science) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ताँबा (Copper): तांबा मुख्य रूप से अनाज, नट्स, बीज और शेलफिश में पाया जाता है, हरी-पीली सब्जियों का मुख्य खनिज योगदान यह नहीं है।
  • विकल्प (B) सोडियम: सोडियम मुख्य रूप से नमक और प्रसंस्कृत (Processed) खाद्य पदार्थों से प्राप्त होता है, प्राकृतिक सब्जियों में इसकी मात्रा काफी कम होती है।
  • विकल्प (C) जिंक: जिंक मुख्य रूप से मांस, मछली, डेयरी उत्पादों, बीन्स और नट्स में प्रचुरता से पाया जाता है।



#21. निम्नलिखित में से किस धात्विक ऑक्साइड को केवल गर्म करके धातु में अपचयित किया जा सकता है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )

सही उत्तर: (C) मरक्यूरिक ऑक्साइड (मर्क्युरिक ऑक्साइड)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कम सक्रिय धातुओं के ऑक्साइड का तापीय अपघटन (Thermal Decomposition): सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में सबसे नीचे स्थित कम अभिक्रियाशील धातुएँ (जैसे पारा/Mercurry और सिल्वर) बहुत कम स्थिर ऑक्साइड बनाती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • मरक्यूरिक ऑक्साइड ($\text{HgO}$) को केवल गर्म करने पर यह अपने घटक तत्वों—पारा ($\text{Hg}$) और ऑक्सीजन गैस ($\text{O}_2$) में विघटित हो जाता है:
      $2\text{HgO} \xrightarrow{\text{Heat}} 2\text{Hg} + \text{O}_2$
    • इसके लिए किसी अन्य रासायनिक अपचायक (जैसे कार्बन या हाइड्रोजन) की आवश्यकता नहीं होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 28 Nov, 2025) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के निष्कर्षण और तापीय अपघटन के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जिंक ऑक्साइड: यह मध्यम अभिक्रियाशील धातु का ऑक्साइड है, जिसे धातु में बदलने के लिए कार्बन (C) जैसे अपचायक की आवश्यकता होती है।
  • विकल्प (B) आयरन (III) ऑक्साइड: इसे ब्लास्ट फर्नेस में कार्बन या कोक की सहायता से अपचयित किया जाता है, केवल गर्म करने से यह धातु में नहीं बदलता।
  • विकल्प (D) मैंगनीज ऑक्साइड: इसे मैंगनीज धातु में बदलने के लिए एल्युमीनियम पाउडर (थर्मिट विधि) या कार्बन जैसे अपचायक की आवश्यकता होती है।

#22. निम्नलिखित में से कौन-सा ज्ञात सबसे कठोर पदार्थ है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 1 CBT 1)

सही उत्तर: (A) हीरा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हीरा (Diamond): हीरा कार्बन का एक अपररूप (Allotrope) है और यह प्रकृति में पाया जाने वाला ज्ञात सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
  • मुख्य बिंदु:
    • हीरे की इस अत्यधिक कठोरता का कारण इसकी त्रि-आमीय (Three-dimensional) क्रिस्टल संरचना है, जिसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य चार कार्बन परमाणुओं से मजबूत सहसंयोजक बंध (Covalent bond) द्वारा जुड़ा होता है।
    • मोह्स कठोरता पैमाने (Mohs scale of hardness) पर इसका मान उच्चतम (10) होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 28 May 2019 Shift 1 CBT 1) में कार्बन और उसके यौगिक (Carbon and its Compounds) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) बकमिनस्टरफुलरीन: यह भी कार्बन का एक अपररूप ($\text{C}_{60}$) है, लेकिन यह हीरे जितना कठोर नहीं होता, बल्कि इसकी अपनी फुटबॉल जैसी गोलाकार आणविक संरचना होती है।
  • विकल्प (C) ग्रेफाइट: यह कार्बन का एक अन्य अपररूप है जो बहुत नरम होता है और चिकना होने के कारण इसका उपयोग स्नेहक (Lubricant) तथा पेंसिल की लीड बनाने में किया जाता है।
  • विकल्प (D) आयरन: आयरन एक धातु है, लेकिन इसकी कठोरता हीरे के मुकाबले काफी कम होती है।

#23. आवर्त सारणी में धात्विक लक्षण के आवर्ती प्रवृत्ति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 18 Jun, 2025 Shift 3)

सही उत्तर: (C) किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक लक्षण बढ़ता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आवर्त सारणी में धात्विक लक्षण की आवर्ती प्रवृत्ति (Periodic Trend of Metallic Character): आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों के गुणों की एक निश्चित प्रवृत्ति होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • आवर्त में (Left to Right): किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार घटता है और प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है, जिससे इलेक्ट्रॉनों को त्यागने की क्षमता कम हो जाती है। परिणामस्वरूप, **धात्विक लक्षण घटता है** और अधात्विक लक्षण बढ़ता है। अतः कथन (C) गलत है, और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
    • समूह में (Top to Bottom): किसी समूह में ऊपर से नीचे आने पर परमाणु का आकार बढ़ता है, जिससे संयोजी इलेक्ट्रॉनों पर नाभिक का आकर्षण कम होता है और आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागे जा सकते हैं; इसलिए **धात्विक लक्षण बढ़ता है**।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 18 Jun, 2025 Shift 3) में आवर्त सारणी के आवर्तीय गुण (Periodic Properties) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही कथन क्यों हैं, इसलिए यहाँ उत्तर नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) किसी समूह में नीचे जाने पर धात्विक लक्षण बढ़ता है: यह एक बिल्कुल सही कथन है।
  • विकल्प (B) किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक लक्षण घटता है: यह भी एक सही वैज्ञानिक कथन है।
  • विकल्प (D) धात्विक से अधात्विक में परिवर्तन क्रमशः होता है: आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर धातु से अधातु की ओर क्रमिक (gradual) परिवर्तन देखा जाता है, जो कि सही कथन है।

#24. निम्नलिखित में से कौन सा ऊष्मा का अच्छा सुचालक नहीं है?
(RRB ALP CBT-II Fitter : 06 May, 2025 Shift 2)

सही उत्तर: (A) फर (रोम)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊष्मा के कुचालक (Thermal Insulators): वे पदार्थ जो अपने में से ऊष्मा का आसानी से संचरण नहीं होने देते, उन्हें ऊष्मा का कुचालक कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • फर या रोम (Fur): फर, ऊन और बाल आदि अपने रेशों के बीच हवा को फंसाकर रखते हैं। चूँकि हवा ऊष्मा की एक खराब चालक (कुचालक) होती है, इसलिए फर भी ऊष्मा का अच्छा सुचालक नहीं होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-II Fitter : 06 May, 2025 Shift 2) में ऊष्मा और तापमान (Heat and Temperature) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) तांबा: तांबा एक उत्कृष्ट धातु है और ऊष्मा का बहुत अच्छा सुचालक (Good conductor) होता है।
  • विकल्प (C) लोहा: लोहा एक धातु है, और सभी धातुएँ ऊष्मा की सुचालक होती हैं।
  • विकल्प (D) एल्युमीनियम: एल्युमीनियम भी उच्च ऊष्मीय चालकता वाली एक प्रमुख धातु है।

#25. जब कोई धातु और सल्फ्यूरिक अम्ल आपस में अभिक्रिया करते हैं, तो धातु हाइड्रोजन को विस्थापित करती है, जो क्रियाशीलता श्रेणी में ऊपर होती है। उस धातु की पहचान करें जिसके लिए हाइड्रोजन गैस का बुलबुला सबसे तेज होगा।
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: (A) मैग्नीशियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की अभिक्रियाशीलता और हाइड्रोजन विस्थापन: सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में जो धातु हाइड्रोजन से जितनी अधिक ऊपर होती है, वह तनु अम्लों के साथ उतनी ही तेजी से अभिक्रिया करती है और हाइड्रोजन गैस के बुलबुले उतनी ही तीव्रता से बनाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • दिए गए विकल्पों (मैग्नीशियम, लोहा, एल्युमीनियम, जिंक) में मैग्नीशियम (Mg) सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर स्थित है।
    • इसलिए, मैग्नीशियम की तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया सबसे तीव्र होती है और हाइड्रोजन गैस का निष्कासन सबसे तेजी से होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 17 Dec, 2024 Shift 2) में धातु एवं अधातु की रासायनिक अभिक्रियाशीलता के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) लोहा: लोहा मैग्नीशियम की तुलना में कम सक्रिय है, इसलिए इसके साथ अम्ल की अभिक्रिया और हाइड्रोजन गैस के बनने की दर धीमी होती है।
  • विकल्प (C) एल्युमीनियम: यद्यपि एल्युमीनियम भी सक्रिय है, लेकिन इसकी सतह पर ऑक्साइड की परत होने के कारण शुरुआती अभिक्रिया की तीव्रता मैग्नीशियम जितनी तेज नहीं होती।
  • विकल्प (D) जिंक: जिंक की अभिक्रियाशीलता मैग्नीशियम के मुकाबले कम होती है, जिससे हाइड्रोजन गैस निकलने की दर भी कम होती है।



#26. धातुएँ, सामान्यतः ऊष्मा की सुचालक होती हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा, इसका एक अपवाद है?
(RRB Level 01 Stage I 06/02/2026 )

सही उत्तर: (B) पारा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं के भौतिक गुण और अपवाद: सामान्यतः सभी धातुएँ ऊष्मा और विद्युत की अच्छी सुचालक होती हैं, लेकिन इसके कुछ अपवाद भी मौजूद हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • पारा (Mercury – Hg): यह कमरे के तापमान पर तरल अवस्था में रहने वाली एक धातु है, लेकिन अन्य ठोस धातुओं की तुलना में यह ऊष्मा का बहुत खराब (या न्यूनतम) सुचालक होता है।
    • सीसा (Lead) भी ऊष्मा का एक अन्य सुचालक के रूप में बहुत कमजोर अपवाद माना जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 06 Feb, 2026) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के भौतिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) एल्युमीनियम: एल्युमीनियम ऊष्मा का एक बेहतरीन सुचालक है।
  • विकल्प (C) लोहा: लोहा भी ऊष्मा का अच्छा सुचालक होता है।
  • विकल्प (D) तांबा: तांबा ऊष्मा और विद्युत दोनों का सर्वोत्तम सुचालकों में से एक है।

#27. जब धातुएँ वायु के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो बनने वाले उत्पाद का नाम क्या होगा?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: (C) धातु ऑक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया: जब अधिकांश धातुएँ वायु (ऑक्सीजन) के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो वे ऑक्सीजन के साथ संयोजित होकर **धातु ऑक्साइड (Metal Oxides)** का निर्माण करती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • सामान्य समीकरण: $\text{धातु} + \text{ऑक्सीजन} \rightarrow \text{धातु ऑक्साइड}$ (उदाहरण: $2\text{Mg} + \text{O}_2 \rightarrow 2\text{MgO}$)
    • अधिकांश धातु ऑक्साइड प्रकृति में क्षारीय (Basic) होते हैं, जबकि कुछ उभयधर्मी (Amphoteric) प्रकृति के भी होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3) में धातु एवं अधातु के रासायनिक गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) धातु हाइड्राइड: यह धातु और हाइड्रोजन के संयोग से बनता है, ऑक्सीजन से नहीं।
  • विकल्प (B) धातु क्लोराइड: यह धातु और क्लोरीन गैस की प्रतिक्रिया से बनता है।
  • विकल्प (D) धातु नाइट्रेट: यह धातुओं की नाइट्रिक अम्ल ($\text{HNO}_3$) के साथ अभिक्रिया से निर्मित होता है, सीधे वायु से नहीं।

#28. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु अपनी निम्न अभिक्रियाशीलता के कारण प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाए जाने की सबसे अधिक संभावना रखती है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

सही उत्तर: (A) सोना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मुक्त अवस्था में पाई जाने वाली धातुएँ: सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में सबसे नीचे स्थित धातुएँ (जैसे सोना, प्लैटिनम और चांदी) अत्यधिक कम अभिक्रियाशील (Unreactive) होती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • कम रासायनिक सक्रियता के कारण सोना (Gold) ऑक्सीजन, नमी या अन्य पर्यावरणीय कारकों के साथ आसानी से अभिक्रिया नहीं करता है।
    • यही कारण है कि यह प्रकृति में स्वतंत्र या **मुक्त अवस्था (Native state)** में पाए जाने की सबसे अधिक संभावना रखता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08 Dec, 2025) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के निष्कर्षण और उनकी सक्रियता के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) तांबा: तांबा प्रकृति में मुक्त अवस्था के साथ-साथ अपने यौगिकों (जैसे सल्फाइड या ऑक्साइड अयस्कों) के रूप में भी पाया जाता है, लेकिन यह सोने जितना कम सक्रिय नहीं है।
  • विकल्प (C) जिंक: जिंक मध्यम अभिक्रियाशील धातु है, इसलिए यह प्रकृति में हमेशा यौगिकों (जैसे अयस्कों) के रूप में पाई जाती है, मुक्त अवस्था में नहीं।
  • विकल्प (D) लोहा: लोहा काफी सक्रिय धातु है, जो हवा और नमी से क्रिया करके आसानी से जंग बना लेता है; यह प्रकृति में केवल अयस्कों के रूप में मिलता है।

#29. 24 कैरेट सोना _______ कहलाता है।
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: (B) शुद्ध सोना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • 24 कैरेट सोना (24-Carat Gold): 24 कैरेट सोने को 100% शुद्ध सोना (Pure Gold) माना जाता है, जिसमें किसी अन्य धातु की मिलावट नहीं होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह अत्यधिक नरम होता है, इसलिए इससे सीधे आभूषण (Jewellery) नहीं बनाए जा सकते। आभूषण बनाने के लिए इसमें तांबा या चांदी मिलाई जाती है (जैसे 22 कैरेट सोने में 22 भाग सोना और 2 भाग अन्य धातु होती है)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) अशुद्ध सोना: कम कैरेट वाला (जैसे 18 या 22 कैरेट) सोना मिश्रित होता है, लेकिन 24 कैरेट पूरी तरह शुद्ध होता है।
  • विकल्प (C) स्पंजी सोना: यह सोने के निष्कर्षण या रासायनिक प्रक्रिया के दौरान बनने वाली छिद्रयुक्त अवस्था है।
  • विकल्प (D) गढ़ा हुआ सोना: यह हथौड़े से पीटकर या आकार दिए गए सोने के लिए प्रयुक्त होने वाला सामान्य शब्द है।

#30. धातुओं का उनके अयस्कों से निष्कर्षण निम्नलिखित में से क्या कहलाता है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

सही उत्तर: (B) धातुकर्म (Metallurgy)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुकर्म (Metallurgy): अयस्कों से धातुओं के निष्कर्षण और उन्हें शुद्ध करने की संपूर्ण वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रक्रिया को **धातुकर्म** कहा जाता है।
  • मुख्य चरण:
    • अयस्क का सांद्रण (Concentration of Ore)
    • धातु का निष्कर्षण (Extraction of Metal)
    • धातु का परिष्करण (Refining of Metal)
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12 Dec, 2025) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के अंतर्गत धातुकर्म की परिभाषा से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) खनन (Mining): यह पृथ्वी के गर्भ से अयस्कों और खनिजों को बाहर निकालने की प्रारंभिक प्रक्रिया है, न कि संपूर्ण निष्कर्षण।
  • विकल्प (C) परिष्करण (Refining): यह धातुकर्म का अंतिम चरण है जिसमें निष्कर्षित अशुद्ध धातु को पूरी तरह शुद्ध किया जाता है।
  • विकल्प (D) प्रगलन (Smelting): यह अयस्क को कार्बन या अन्य अपचायक के साथ उच्च तापमान पर पिघलाकर धातु प्राप्त करने की एक विशिष्ट प्रक्रिया है (यह धातुकर्म का एक भाग है, पूरा नाम नहीं)।



#31. विद्युत बल्बों के तंतु (filaments) बनाने के लिए प्रायः केवल टंगस्टन का ही उपयोग क्यों किया जाता है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )

सही उत्तर: (D) इसका गलनांक बहुत उच्च होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विद्युत बल्ब का फिलामेंट (Bulb Filament): विद्युत बल्बों के तंतु या फिलामेंट बनाने के लिए टंगस्टन (Tungsten) धातु का उपयोग किया जाता है क्योंकि इसका गलनांक (Melting Point) बहुत उच्च (लगभग 3380 डिग्री सेल्सियस) होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अत्यधिक उच्च तापमान पर भी टंगस्टन पिघलता नहीं है और श्वेत-तप्त होकर तेज प्रकाश उत्सर्जित करने की क्षमता रखता है।
    • इसकी तन्यता (Ductility) अच्छी होती है और इसका विद्युत प्रतिरोध भी उपयुक्त होता है, जिससे यह विद्युत ऊर्जा को आसानी से ताप और प्रकाश में बदल देता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 06 Mar, 2026) में विद्युत धारा के उष्मीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) इसका निम्न विद्युत प्रतिरोध होता है: फिलामेंट के लिए उच्च प्रतिरोध की आवश्यकता होती है ताकि वह पर्याप्त ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न कर सके।
  • विकल्प (B) इसका उच्च ताप पर आसानी से ऑक्सीकरण हो जाता है: यदि यह उच्च ताप पर आसानी से ऑक्सीकृत हो जाए, तो फिलामेंट तुरंत जलकर खराब हो जाएगा।
  • विकल्प (C) यह उष्मा को पास नहीं होने देता है: फिलामेंट का मुख्य गुण विद्युत ऊर्जा को उच्च ताप में बदलना है, न कि ऊष्मा का संचरण रोकना।

#32. जब चांदी की वस्तुएं संक्षारित होकर सिल्वर सल्फाइड की परत बना लेती हैं, तो उनका रंग कैसा हो जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

सही उत्तर: (C) काला

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चांदी का संक्षारण (Corrosion of Silver): जब चांदी (Silver) की वस्तुएं हवा में लंबे समय तक खुली रहती हैं, तो वायुमंडल में मौजूद सल्फर यौगिकों (जैसे हाइड्रोजन सल्फाइड) के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर सल्फाइड ($\text{Ag}_2\text{S}$) की एक पतली परत बना लेती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस रासायनिक प्रक्रिया के कारण चांदी की वस्तुओं पर **काले रंग की परत** चढ़ जाती है (जिसे चांदी का काला पड़ना या टर्निश होना कहते हैं)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 03 Feb, 2026) में रासायनिक अभिक्रियाओं और संक्षारण (Corrosion) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) रक्त्ताभ भूरा: यह रंग लोहे पर जंग लगने (आयरन ऑक्साइड बनने) के कारण होता है, चांदी पर नहीं।
  • विकल्प (B) चांदी जैसा बना रहता है: संक्षारण होने के बाद चांदी अपनी चमक खो देती है और उसका मूल रंग नहीं रहता।
  • विकल्प (D) श्वेत: सिल्वर सल्फाइड की परत बनने से वस्तुएं सफेद नहीं बल्कि काली हो जाती हैं।

#33. निम्नलिखित में से कौन सी धातु ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया करती है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: (D) सोडियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की जल के साथ अभिक्रिया: सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में सबसे ऊपर स्थित अत्यधिक सक्रिय धातुएँ (जैसे पोटैशियम और सोडियम) ठंडे पानी के साथ बहुत तेजी से और हिंसक रूप से अभिक्रिया करती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोडियम (Sodium – Na) ठंडे जल के साथ अभिक्रिया करके सोडियम हाइड्रोक्साइड ($\text{NaOH}$) और हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) बनाती है, साथ ही भारी मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करती है जिससे हाइड्रोजन गैस में तुरंत आग लग जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) में धातु एवं अधातु के रासायनिक गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) एल्युमीनियम: एल्युमीनियम न तो ठंडे और न ही गर्म पानी के साथ अभिक्रिया करती है, यह केवल **भाप (Steam)** के साथ अभिक्रिया करती है।
  • विकल्प (B) जिंक: जिंक भी ठंडे या गर्म पानी से क्रिया नहीं करती, यह केवल भाप के साथ अभिक्रिया करती है।
  • विकल्प (C) आयरन: लोहा (Iron) भी केवल भाप के साथ लंबी प्रतिक्रिया करके ऑक्साइड और हाइड्रोजन बनाता है, ठंडे पानी से नहीं।

#34. निम्नलिखित में से कौन ताप और विद्युत का चालक है?
(RPF Constable 2018 04 Feb 2019)

सही उत्तर: (D) धातु

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं के भौतिक गुण (Physical Properties of Metals): सामान्यतः सभी **धातुएँ (Metals)** ऊष्मा और विद्युत दोनों की अच्छी सुचालक (Good conductors) होती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉनों (Free electrons) की उपस्थिति के कारण इनमें से विद्युत धारा और ऊष्मा का प्रवाह बहुत आसानी से होता है। (अपवाद: जैसे सीसा और पारा अन्य धातुओं की तुलना में कम सुचालक हैं)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 04 Feb 2019) में धातु एवं अधातु के सामान्य गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) अधातु: अधिकांश अधातुएँ (ग्रेफाइट को छोड़कर) ऊष्मा और विद्युत की कुचालक (Insulators) होती हैं।
  • विकल्प (B) अर्धचालक: अर्धचालकों (जैसे सिलिकॉन, जर्मेनियम) की विद्युत चालकता धातुओं और अधातुओं के बीच की होती है, जो तापमान या अशुद्धि मिलाने पर बढ़ती है।
  • विकल्प (C) नियंत्रक: यह विद्युत या ताप चालन से संबंधित कोई मुख्य वैज्ञानिक श्रेणी नहीं है।

#35. निम्नलिखित में से कौन-सी, एक अधातु है?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )

सही उत्तर: (C) क्लोरीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अधातुएँ (Non-metals): आवर्त सारणी में क्लोरीन ($\text{Cl}$) एक प्रमुख हैलोजन (समूह 17) तत्व है, जो रासायनिक रूप से एक **अधातु** है।
  • मुख्य बिंदु:
    • क्लोरीन कमरे के तापमान पर एक तीक्ष्ण गंध वाली हरे-पीले रंग की गैस होती है, जो विद्युत और ऊष्मा की कुचालक होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09 Jan, 2026) में धातु एवं अधातु (Metals and Non-metals) के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जिंक: जिंक एक संक्रमण धातु है।
  • विकल्प (B) कॉपर: कॉपर एक सुप्रसिद्ध और उत्कृष्ट चालक धातु है।
  • विकल्प (D) मर्करी (पारा): मर्करी कमरे के तापमान पर तरल अवस्था में रहने वाली एक धातु है।



#36. प्रतिरोध तार बनाने के लिएः किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है क्योंकि इसका प्रतिरोध उच्च होता है और गलनांक भी उच्च होता है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

सही उत्तर: (B) निक्रोम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रतिरोध तार (Resistance Wire / Heating Element): हीटर, आयरन और टॉस्टर जैसे विद्युत तापन उपकरणों में प्रतिरोध तार बनाने के लिए **निक्रोम (Nichrome)** का उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • निक्रोम मुख्य रूप से निकल, क्रोमियम, आयरन और मैंगनीज की एक मिश्रधातु (Alloy) है।
    • इसका **विद्युत प्रतिरोध उच्च** होता है (जिससे यह विद्युत ऊर्जा को तेजी से ऊष्मा में बदलता है) और इसका **गलनांक भी उच्च** होता है, जिससे उच्च तापमान पर भी यह पिघलता या जलता नहीं है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12 Dec, 2025) में विद्युत धारा के उष्मीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कॉपर: कॉपर का प्रतिरोध बहुत कम होता है और इसका उपयोग सुचालक तार या केबल बनाने में किया जाता है, प्रतिरोधक तार में नहीं।
  • विकल्प (C) एल्युमीनियम: एल्युमीनियम भी एक अच्छी सुचालक धातु है, जिसका उपयोग विद्युत संचरण (Transmission lines) में होता है।
  • विकल्प (D) सिल्वर: सिल्वर सभी धातुओं में सबसे अच्छा विद्युत सुचालक है, इसलिए यह उच्च प्रतिरोधक तार के रूप में उपयुक्त नहीं है।

#37. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु वायु के संपर्क में आने पर अपने पृष्ठ पर एक सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत का निर्माण करती है, जो आगे संक्षारण को रोकती है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

सही उत्तर: (A) एल्युमीनियम (Aluminium)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एल्युमीनियम का एनोडाइज्ड और संक्षारण संरक्षण: जब एल्युमीनियम धातु हवा के संपर्क में आती है, तो यह तुरंत ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके अपनी सतह पर एल्युमीनियम ऑक्साइड ($\text{Al}_2\text{O}_3$) की एक पतली, मजबूत और सुरक्षात्मक परत बना लेती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह ऑक्साइड परत धातु के लिए एक ढाल (Shield) की तरह काम करती है, जो एल्युमीनियम को आगे और अधिक संक्षारण या जंग लगने से बचाती है।
    • इस प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए कृत्रिम रूप से भी इस परत को मोटा किया जाता है, जिसे **एनोडाइजिंग (Anodizing)** कहते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12 Dec, 2025) में धातु एवं अधातु के रासायनिक गुणधर्म और संक्षारण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) सोडियम: सोडियम अत्यधिक अभिक्रियाशील है और हवा के संपर्क में आने पर जल उठता है, यह कोई सुरक्षात्मक परत नहीं बनाता।
  • विकल्प (C) कैल्सियम: कैल्सियम भी बहुत सक्रिय धातु है जो पानी और हवा से तेजी से क्रिया करती है।
  • विकल्प (D) मैग्नीशियम: मैग्नीशियम भी हवा में जलकर ऑक्साइड बनता है, लेकिन इसकी परत एल्युमीनियम जितनी प्रभावी सुरक्षात्मक बाधा नहीं बनाती।

#38. निम्नलिखित में से क्या अधातुओं का सामान्य भौतिक गुणधर्म है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

सही उत्तर: (C) धुंधला रूप (गैर-चमकदार)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अधातुओं के भौतिक गुण (Physical Properties of Non-metals): सामान्यतः अधातुओं में विशिष्ट चमक (Metallic lustre) नहीं होती है, बल्कि वे **धुंधले, गैर-चमकदार (Non-lustrous / Dull)** और भंगुर (Brittle) प्रकृति की होती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • अपवाद के रूप में आयोडीन (Iodine) और हीरा (जो कार्बन का अपररूप है) चमकदार होते हैं, लेकिन अधिकांश अधातुएं चमकहीन होती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 01 Dec, 2025) में धातु एवं अधातु के भौतिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) उच्च विद्युत चालकता: अधातुएँ (ग्रेफाइट को छोड़कर) विद्युत और ऊष्मा की कुचालक होती हैं, सुचालक नहीं।
  • विकल्प (B) आघातवर्धनीयता और तन््यता: यह धातुओं का प्रमुख गुण है; अधातुएँ भंगुर होती हैं जिन्हें पीटकर चादर या तार नहीं बनाए जा सकते।
  • विकल्प (D) उच्च गलनांक और क्वथनांक: सामान्यतः अधातुओं के गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं (हीरे जैसे कुछ अपवादों को छोड़कर)।

#39. लोहे पर जंग लगने और क्षरण से बचाने के लिए इलेक्ट्रोप्लेटींग में किस धातु का उपयोग किया जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 4 Mar 2021 Shift 1)

सही उत्तर: (B) जस्ता

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जस्ते का उपयोग और इलेक्ट्रोप्लेटिंग: लोहे और इस्पात को जंग (Rusting) तथा संक्षारण से बचाने के लिए इलेक्ट्रोप्लेटिंग या गैल्वनाइजेशन (यशदलेपन) प्रक्रिया के तहत **जस्ता (Zinc)** की एक सुरक्षात्मक परत चढ़ाई जाती है.
  • मुख्य बिंदु:
    • जस्ता लोहे की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील होता है, जो एक बलि एनोड (Sacrificial Anode) के रूप में कार्य करता है और लोहे को ऑक्सीकृत होने से बचाता है.
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 4 Mar 2021 Shift 1) में धातु एवं अधातु तथा संक्षारण से बचाव के अंतर्गत पूछा गया था.

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) रोडियम: इसका उपयोग मुख्य रूप से आभूषणों और चमकदार फिनिश के लिए किया जाता है, सामान्य लोहे की सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रोप्लेटिंग में यह प्राथमिक धातु नहीं है.
  • विकल्प (C) क्रोमियम: क्रोमियम की परत भी चमक और संक्षारण रोकने के लिए चढ़ाई जाती है (क्रोम प्लेटिंग), लेकिन मानक संक्षारण सुरक्षा और व्यापक इलेक्ट्रोप्लेटिंग/गैल्वनाइजेशन संदर्भ में जस्ते को प्राथमिकता दी जाती है.
  • विकल्प (D) टिन: टिन का उपयोग खाद्य डिब्बों (Food cans) आदि की कोटिंग में होता है, लेकिन यहाँ सबसे सटीक और व्यापक उत्तर जस्ता है.

#40. जब धातु ऑक्सीजन के साथ संयोग करती है, तो क्या बनता है?
(RPF Constable 2018 : 02 Feb 2019)

सही उत्तर: (A) धातु ऑक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं और ऑक्सीजन की अभिक्रिया: जब कोई धातु ऑक्सीजन के साथ संयोग करती है (या वायु में गर्म की जाती है), तो वह ऑक्सीजन के साथ मिलकर धातु ऑक्साइड (Metal Oxide) का निर्माण करती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सामान्य रासायनिक प्रतिक्रिया: धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड
    • अधिकांश धातु ऑक्साइड प्रकृति में क्षारीय (Basic) होते हैं, जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 02 Feb 2019) में धातु एवं अधातु के रासायनिक गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) नाइट्रोजन गैस: नाइट्रोजन गैस वायुमंडल में मुख्य रूप से पाई जाती है, यह धातु और ऑक्सीजन के सीधे संयोजन से नहीं बनती।
  • विकल्प (C) ऑक्सीजन गैस: ऑक्सीजन इस रासायनिक अभिक्रिया में एक अभिकारक (Reactant) के रूप में प्रयुक्त होती है, न कि बनने वाला नया उत्पाद।
  • विकल्प (D) हाइड्रोजन गैस: हाइड्रोजन गैस धातुओं की तनु अम्लों या पानी के साथ अभिक्रिया के दौरान उत्पन्न होती है, ऑक्सीजन के साथ सीधे संयोग पर नहीं।



#41. विद्युत बल्बों में तंतु बनाने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी सामग्री सबसे उपयुक्त है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 23 Jun, 2025 Shift 1)

सही उत्तर: (A) टंगस्टन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विद्युत बल्ब का फिलामेंट (Bulb Filament): विद्युत बल्बों के तंतु (फिलामेंट) बनाने के लिए **टंगस्टन (Tungsten)** का उपयोग किया जाता है क्योंकि इसका **गलनांक (Melting Point) बहुत उच्च** (लगभग 3380°C) होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह अत्यधिक उच्च तापमान पर भी बिना पिघले श्वेत-तप्त होकर तेज प्रकाश उत्सर्जित कर सकता है।
    • इसकी तन्यता (Ductility) अच्छी होती है और विद्युत प्रतिरोध उपयुक्त होने के कारण यह विद्युत ऊर्जा को आसानी से ताप और प्रकाश में बदल देता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 23 Jun, 2025 Shift 1) में विद्युत धारा के उष्मीय प्रभाव के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) तांबा: तांबे का गलनांक कम होता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से विद्युत तारों व केबलों में किया जाता है, फिलामेंट में नहीं।
  • विकल्प (C) एल्युमीनियम: एल्युमीनियम का गलनांक भी टंगस्टन की तुलना में बहुत कम होता है, अतः यह उच्च ताप पर तुरंत पिघल जाएगा।
  • विकल्प (D) लोहा: लोहे का गलनांक टंगस्टन जितना उच्च नहीं होता और यह उच्च ताप पर आसानी से ऑक्सीकृत होकर जल जाता है।

#42. माइक्रोचिप्स बनाने में किस धातु का उपयोग किया जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 25 Jan 2021 Shift 2)

सही उत्तर: (C) सिलिकॉन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सिलिकॉन (Silicon): यद्यपि सिलिकॉन को तकनीकी रूप से एक उपधातु या अर्धचालक (Semiconductor) माना जाता है, लेकिन माइक्रोचिप्स, इंटीग्रेटेड सर्किट (ICs) और प्रोसेसर के निर्माण में इसका व्यापक उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सिलिकॉन की अर्धचालक प्रकृति के कारण इसकी चालकता को नियंत्रित किया जा सकता है, जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल लॉजिक गेट्स के संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 25 Jan 2021 Shift 2) में विज्ञान और प्रौद्योगिकी / अर्धचालक सामग्री के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) इस्पात: यह आयरन और कार्बन की एक मिश्रधातु है, जिसका उपयोग निर्माण कार्यों, औजारों और संरचनाओं में होता है, माइक्रोचिप्स में नहीं।
  • विकल्प (B) टंगस्टन: इसका उपयोग इसके उच्च गलनांक के कारण मुख्य रूप से विद्युत बल्बों के तंतु (फिलामेंट) बनाने में किया जाता है।
  • विकल्प (D) ड्युरालुमिन: यह एल्युमीनियम की एक हल्की और मजबूत मिश्रधातु है, जिसका उपयोग विमान (Aerospace) और बर्तनों के निर्माण में किया जाता है।

#43. निम्नलिखित में से कौन सी धातु पारा मिश्रण का गठन करती है जब इसे किसी धातु के साथ मिश्रित किया जाता है?
(RRB NTPC Tier I : 9 Apr 2016 Shift 3)

सही उत्तर: (A) पारा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पारा मिश्रण या अमलगम (Amalgam): जब किसी धातु को पारे ($\text{Hg}$) के साथ मिलाया जाता है, तो बनने वाले मिश्रधातु को **अमलगम (पारा मिश्रण)** कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पारा कमरे के तापमान पर तरल अवस्था में रहने वाली एकमात्र धातु है।
    • लोहा, प्लैटिनम, टंगस्टन और टैंटलम को छोड़कर अधिकांश धातुएं पारे के साथ मिलकर अमलगम का निर्माण करती हैं।
    • दंत चिकित्सा (Dentistry) में दांतों के भरण के लिए चांदी और टिन के अमलगम का उपयोग किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Tier I : 9 Apr 2016 Shift 3) में मिश्रधातु एवं धातुओं के गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) चांदी: चांदी पारे के साथ मिलकर अमलगम बनाती है (स्वयं पारा मिश्रण का मुख्य घटक नहीं है)।
  • विकल्प (C) एल्युमीनियम: एल्युमीनियम भी पारे के साथ अमलगम बनाता है, लेकिन यह स्वयं तरल धातु या बेस कंपोनेंट नहीं है।
  • विकल्प (D) सोना: सोने का उपयोग भी स्वर्ण अमलगम बनाने में किया जाता है, किंतु पारे के साथ मिलकर मिश्रण तैयार करने वाली मुख्य मूल धातु पारा ही होती है।

#44. निम्नलिखित धातुओं में से, कौन विस्थापन अभिक्रिया के प्रति सबसे कम अभिक्रियाशील है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: (D) ताँबा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विस्थापन अभिक्रिया और सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series): सक्रियता श्रेणी में जो धातु जितनी नीचे स्थित होती है, वह उतनी ही कम अभिक्रियाशील होती है और विस्थापन अभिक्रियाओं (Displacement Reactions) के प्रति उसकी सक्रियता न्यूनतम होती है.
  • मुख्य बिंदु:
    • दिए गए विकल्पों (लोहा, जस्ता, सीसा और ताँबा) में **ताँबा (Copper)** सक्रियता श्रेणी में सबसे नीचे स्थित है.
    • यह अन्य धातु लवणों के विलयन से अन्य धातुओं को विस्थापित नहीं कर सकता, क्योंकि यह लोहा, जस्ता और सीसे की तुलना में कम क्रियाशील होता है.
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3) में धातुओं की रासायनिक सक्रियता और विस्थापन अभिक्रियाओं के अंतर्गत पूछा गया था.

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) लोहा: यह तांबे की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील है और कॉपर सल्फेट के घोल से तांबे को विस्थापित कर सकता है.
  • विकल्प (B) लोहा और जस्ता: जस्ता और लोहा दोनों ही तांबे की अपेक्षा अधिक अभिक्रियाशील धातुएँ हैं.
  • विकल्प (C) सीसा: सीसा भी तांबे की तुलना में सक्रियता श्रेणी में ऊपर (यानी अधिक अभिक्रियाशील) स्थित होता है.

#45. विद्युत आयरन के तापन अवयव बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 2 CBT 1)

सही उत्तर: (C) निक्रोम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तापन अवयव (Heating Element): विद्युत आयरन, रूम हीटर, और वॉटर हीटर जैसे उपकरणों में तापन अवयव बनाने के लिए **निक्रोम (Nichrome)** का उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • निक्रोम मुख्य रूप से निकल, क्रोमियम, आयरन और मैंगनीज की एक मिश्रधातु है।
    • इसका **विद्युत प्रतिरोध उच्च** होता है (जिससे यह विद्युत ऊर्जा को तेजी से ऊष्मा में परिवर्तित करता है) और इसका **गलनांक भी उच्च** होता है, जिससे यह उच्च तापमान पर भी पिघलता नहीं है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26 May 2019 Shift 2 CBT 1) में विद्युत धारा के उष्मीय प्रभाव (Heating Effect of Electric Current) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) एल्युमीनियम: एल्युमीनियम का उपयोग विद्युत संचरण लाइनों (Transmission lines) और केबलों में होता है, तापन अवयव में नहीं।
  • विकल्प (B) चांदी: चांदी सभी धातुओं में सबसे अच्छी सुचालक है और इसका प्रतिरोध बहुत कम होता है, इसलिए यह हीटिंग एलीमेंट के रूप में उपयुक्त नहीं है।
  • विकल्प (D) तांबा: तांबे का उपयोग विद्युत तारों और मोटर की कॉइल में किया जाता है, क्योंकि इसका प्रतिरोध कम और चालकता उच्च होती है।



#46. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, जल के साथ अत्यधिक तीव्रता से अभिक्रिया करती है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )

सही उत्तर: (D) सोडियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की जल के साथ अभिक्रिया: सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में शीर्ष पर मौजूद अत्यधिक सक्रिय धातुएँ (जैसे पोटैशियम और सोडियम) जल के साथ बहुत ही तीव्र और ऊष्मक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया करती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोडियम (Sodium – Na) ठंडे जल के साथ भी अत्यधिक तीव्रता से अभिक्रिया करके सोडियम हाइड्रोक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती है। इस अभिक्रिया में इतनी अधिक ऊष्मा निकलती है कि उत्पन्न होने वाली हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ लेती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 28 Nov, 2025) में धातु एवं अधातु के रासायनिक गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जिंक: जिंक ठंडे या गर्म पानी से अभिक्रिया नहीं करती, यह केवल भाप के साथ धीरे-धीरे क्रिया करती है।
  • विकल्प (B) सीसा: सीसा जल के साथ सामान्य परिस्थितियों में कोई अभिक्रिया नहीं करता।
  • विकल्प (C) लौह: लोहा भी ठंडे या गर्म जल से क्रिया नहीं करता, बल्कि केवल भाप के साथ लंबी प्रतिक्रिया करके ऑक्साइड बनाता है।

#47. सामग्री का वह गुण ( property of material) जिसके द्वारा इसे शीट में लुढ़काया जा सकता है, उसे क्या कहा जाता है?
(RRB JE Electronics 01 Sep 2019 Shift 2)

सही उत्तर: (C) आघातवर्धनीयता (Malleability)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आघातवर्धनीयता (Malleability): यह धातुओं और सामग्रियों का वह महत्वपूर्ण भौतिक गुण है जिसके कारण उन्हें हथौड़े से पीटकर या रोल करके **पतली चादरों (Sheets)** में परिवर्तित किया जा सकता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोना (Gold) और चांदी (Silver) सबसे अधिक आघातवर्धनीय धातुएँ हैं।
    • इस गुण के कारण ही धातुओं से विभिन्न प्रकार के बर्तन, फॉयल और चादरें तैयार की जाती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE Electronics : 01 Sep 2019 Shift 2) में सामग्रियों के भौतिक गुणों (Properties of Materials) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) प्लास्टिसिटी (Plasticity): यह सामग्री का वह गुण है जिसके कारण बल हटाने पर भी वह अपने विकृत (Deformed) रूप में बनी रहती है, चादर बनाने का विशिष्ट गुण नहीं है।
  • विकल्प (B) लोच (Elasticity): यह किसी वस्तु का वह गुण है जिससे बल हटाने पर वह अपनी मूल आकृति में वापस लौट आती है (जैसे रबर या स्प्रिंग)।
  • विकल्प (D) तन्नशीलता या तन्यता (Ductility): यह धातुओं का वह गुण है जिसके कारण उन्हें खींचकर **पतले तार (Wires)** में बदला जा सकता है (जैसे तांबे या एल्युमीनियम के तार)।

#48. गैल्वेनीकरण स्टील और लोहे को जंग लगने से बचाने की एक विधि है, जिसमें उन पर ……………की एक पतली परत चढ़ाई जाती है
।(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025)

सही उत्तर: (A) जस्ता

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैल्वेनीकरण या यशदलेपन (Galvanization): यह इस्पात (Steel) और लोहे (Iron) को जंग (Rusting) तथा संक्षारण से बचाने की एक बेहद लोकप्रिय रासायनिक विधि है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस प्रक्रिया के अंतर्गत लोहे या स्टील की वस्तु के ऊपर पिघले हुए जस्ते (Zinc) की एक पतली परत चढ़ाई जाती है।
    • चूँकि जस्ता लोहे की तुलना में अधिक सक्रिय होता है, इसलिए यह बलि एनोड (Sacrificial anode) के रूप में कार्य करके लोहे को ऑक्सीकृत होने और जंग लगने से बचाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 24 Dec, 2025) में धातु एवं अधातु तथा संक्षारण से बचाव के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) एल्युमीनियम: एल्युमीनियम का उपयोग एनोडाइजिंग या अन्य मिश्रधातुओं में होता है, लेकिन पारंपरिक गैल्वनाइजेशन प्रक्रिया में जस्ते का ही उपयोग किया जाता है।
  • विकल्प (C) तांबा: तांबा लोहे पर सुरक्षात्मक परत चढ़ाने के लिए गैल्वनाइजेशन में प्रयुक्त नहीं होता।
  • विकल्प (D) मैग्नीशियम: मैग्नीशियम अत्यधिक सक्रिय धातु है और गैल्वनाइजेशन में इसका उपयोग मानक परत के रूप में नहीं किया जाता है।

#49. गैल्वेनीकरण प्रक्रिया में, लोहे पर परत चढ़ाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु का उपयोग किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

सही उत्तर: (A) जिंक (Zinc / जस्ता)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैल्वेनीकरण (Galvanization): लोहे और इस्पात को जंग (Rusting) तथा वायुमंडलीय संक्षारण से बचाने के लिए उन पर पिघले हुए **जिंक (जस्ता)** की परत चढ़ाई जाती है, जिसे गैल्वनाइजेशन या यशदलेपन कहते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • जिंक की यह परत लोहे के सीधे संपर्क को नमी और ऑक्सीजन से रोकती है।
    • साथ ही, यह बलि एनोड (Sacrificial Anode) के रूप में कार्य करती है क्योंकि जिंक लोहे की तुलना में अधिक सक्रिय धातु है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 26 Dec, 2025) में धातु एवं अधातु के संक्षारण और उसके निवारण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) लोहा: लोहे पर खुद लोहे की परत चढ़ाने से जंग से सुरक्षा नहीं मिल सकती।
  • विकल्प (C) प्लेटिनम: प्लेटिनम एक महंगी और उत्कृष्ट धातु है, जिसका उपयोग इस सामान्य सुरक्षात्मक लेपन के लिए नहीं किया जाता।
  • विकल्प (D) चांदी: चांदी का उपयोग संक्षारण निवारण हेतु गैल्वनाइजेशन में नहीं होता (चांदी स्वयं संक्षारित होकर सिल्वर सल्फाइड बना लेती है)।

#50. निम्नलिखित में से कौन सी धातु प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती है?
(RRB JE CBT-I : 2 June 2019 Shift 1)

सही उत्तर: (D) सोना और प्लेटिनम दोनों

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मुक्त अवस्था में धातुएँ (Native State / Free State Metals): सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में जो धातुएँ सबसे नीचे यानी सबसे कम अभिक्रियाशील (Least reactive) होती हैं, वे वायु, जल या अन्य रसायनों से आसानी से प्रभावित नहीं होती हैं। यही कारण है कि वे प्रकृति में **मुक्त (शुद्ध) अवस्था** में पाई जाती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोना (Gold – Au) और प्लेटिनम (Platinum – Pt) दोनों ही अत्यधिक कम अभिक्रियाशील और उत्कृष्ट (Noble) धातुएँ हैं, जो प्रकृति में यौगिकों के रूप में नहीं बल्कि अपनी मूल, मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 2 June 2019 Shift 1) में धातु एवं अधातु तथा उनकी रासायनिक सक्रियता के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सोना और (C) प्लेटिनम: दोनों ही मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं, लेकिन विकल्प (D) में इन दोनों को शामिल किया गया है जो अधिक पूर्ण और सटीक है।
  • विकल्प (B) तांबा: तांबा प्रकृति में मुक्त अवस्था के साथ-साथ मुख्य रूप से सल्फाइड या ऑक्साइड अयस्कों (संयुक्त अवस्था) के रूप में भी पाया जाता है।



#51. निम्नलिखित में से कौन-सा पोषक तत्व एक बृहत्पोषक (macronutrient) है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )

#52. निम्नलिखित में से कौन सा अणु, ओजोन के निर्माण के लिए उच्च ऊर्जा पराबैंगनी द्वारा विभक्त होता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

#53. निम्नलिखित में से कौन आवर्त सारणी के शीर्ष से दाईं ओर पाया जाता है?
(RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 2)

#54. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ, चमकदार दिखाई देता है?
(RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 1)

#55. कौन-सी धातु आयरन सल्फेट विलयन से आयरन को विस्थापित करेगी?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )



#56. हरी खाद द्वारा मिट्टी में मुख्य रूप से कौन-से दो अवयव (elements) मिलाए जाते हैं?
(RRB JE 20/02/2026 )

#57. धातुओं की सक्रियता श्रेणी क्या दर्शाती है?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )

#58. हमारे आहार में अनाज, नट्स और चॉकलेट से कौन-सा तत्व अधिकांशतः प्राप्त होता है?
(RRB ALP Fitter 23 Jan 2019 Shift 2)

#59. जब किसी अधिक अभिक्रियाशील धातु को किसी कम अभिक्रियाशील धातु के लवण विलयन में रखा जाता है, तो वह ______ ।
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

#60. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु आसवन द्वारा शुद्ध की जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )



#61. जस्ती लोहा क्या है?
(RRB NTPC Tier I : 22 Apr 2016 Shift 2)

#62. कौन-सी धातु युग्म कमरे के तापमान पर पिघलना आरम्भ कर देती है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)

#63. इनमें से कौन सा सर्वाधिक इस्तेमाल किया जाने वाला वैद्युत’ चालक ( electrical conductor) है?
(RRB JE Electronics 01 Sep 2019 Shift 2)

#64. गैल्वेनाइजेशन लोहे पर _______ की एक पतली परत की कोटिंग करके जंग से बचाने का एक तरीका है।
(RRB JE 23 May 2019 Shift 2)

#65. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु पृथ्वी की पपड़ी में मुक्त अवस्था में पाई जाती है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3)



#66. अभिक्रियाशीलता श्रेणी में, निम्नलिखित में से कौन-सी धातुएँ, क्रमशः सबसे अधिक अभिक्रियाशील और सबसे कम अभिक्रियाशील हैं?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )

#67. किस सामग्री में सबसे अधिक विद्युत चालकता है?
(RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1)

#68. निम्नलिखित में से किसमें तुलनात्मक रूप से उच्च विद्युत प्रतिरोध होता है और परिपथ में विद्युत धारा को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)

#69. जब एक लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो कौन-सा पदार्थ विस्थापित होता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 2)

#70. निम्नलिखित में से कौन-सा अधात्विक (non-metallic) प्राकृतिक संसाधन है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 22/03/2026 )



#71. निम्नलिखित में से कौन-सा तांबा और जस्ता का मिश्र धातु है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 1 CBT 1)

#72. ताँबे और टिन (Cu और Sn) के मिश्रण से बनने वाले मिश्रधातु का नाम बताइए
。(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)

#73. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )

#74. ________ अमलगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण धातु है
。(RRB JE 24 May 2019 Shift 2 CBT 1)

#75. विद्युत अपघटनी परिष्करण प्रक्रिया में कैथोड निम्नलिखित से बना होता है
:(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)



#76. जिंक सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट ( ZnSO 4.7H 2 O) को आम तौर पर के नाम से जाना जाता है।
(RRB NTPC CBT-I : 30 Jan 2021 Shift 1)

#77. ऐनोडीकरण ( Anodising) सामान्यतः किस धातु पर किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )

#78. गैल्वेनीकरण, धातु पर ______ के लेपन की प्रक्रिया है。
(RRB JE ME 19 Sep 2019 Shift 2 CBT 2)

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