Animal Kingdom Biology Questions with Answers
General Science ka section Indian Railway exams (jaise RRB NTPC, Group D, ALP, aur Technician) mein selection ke liye sabse important role play karta hai. Isme bhi Biology se kafi sawal puche jate hain, aur Animal Kingdom (जंतु जगत) ek aisa topic hai jisse har saal direct ya indirect questions repeat hote hain.
Agar aap bhi railway exams ki taiyari kar rahe hain, toh yeh article aapke liye kafi helpful hone wala hai. Yahan humne previous year ke most important questions with detailed answers provide kiye hain.
1. Important Animal Kingdom PYQs for Railway Exams
#1. कौन-सा जन्तु इन्फ्रासाउंड का उपयोग करके संचार करने के लिए जाना जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )
- इन्फ्रासाउंड (अश्रव्य ध्वनि): 20 Hz से कम आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगों को इन्फ्रासाउंड कहा जाता है, जिन्हें मानव कान नहीं सुन सकते।
- गैंडे का संचार: गैंडे, हाथी और व्हेल जैसे विशाल स्तनधारी लंबी दूरी तक आपस में संवाद करने के लिए इन्फ्रासाउंड (लगभग 10 Hz या उससे कम आवृत्ति) का उपयोग करते हैं।
- लाभ: यह कम आवृत्ति वाली तरंगें बाधाओं से आसानी से मुड़ जाती हैं और बहुत दूर तक यात्रा कर सकती हैं।
- चमगादड़: यह शिकार करने और नेविगेशन के लिए अल्ट्रासाउंड (20,000 Hz से अधिक आवृत्ति की पराध्वनि) का उपयोग करता है।
- डॉल्फ़िन: यह भी उच्च आवृत्ति वाली पराध्वनि (Ultrasound) और क्लिक्स का उपयोग करती है।
- चूहा: यह भी उच्च आवृत्ति की ध्वनियों (अल्ट्रासाउंड) का उपयोग संवाद के लिए करता है।
#2. निम्नलिखित में से किस जंतु का हृदय तीन कक्षीय होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 27 Jan 2021 Shift 1)
- सैलामेंडर क्या है?: यह एम्फिबिया (उभयचर – Amphibia) वर्ग का एक जीव है।
- तीन कक्षीय हृदय: अधिकांश उभयचरों (जैसे मेंढक, सैलामेंडर) और सरीसृपों (मगरमच्छ को छोड़कर) का हृदय तीन कक्षीय (Two atria and one ventricle) होता है।
- रक्त का संचरण: इसमें अशुद्ध और शुद्ध रक्त का आंशिक मिश्रण होता है।
- स्टिंग रे: यह एक मछली (कार्टिलाजीनस फिश) है, जिसका हृदय दो कक्षीय (Two-chambered) होता है।
- रोहू: यह एक बोनी फिश (मछली) है, जिसका हृदय भी दो कक्षीय होता है।
- गौरैया: यह एक पक्षी (Aves) है, जिसका हृदय चार कक्षीय (Four-chambered) होता है।
#3. निम्नलिखित में से किस जंतु संघ में जोड़युक्त पैर होते हैं?
(RRB NTPC CBT-I : 27 Feb 2021 Shift 2)
- आर्थ्रोपोडा का अर्थ: ग्रीक भाषा में ‘Arthros’ का अर्थ ‘जुड़ा हुआ’ (Jointed) और ‘podos’ का अर्थ ‘पैर’ (Foot) होता है।
- सबसे बड़ा संघ: यह जंतु जगत का सबसे बड़ा संघ (Phylum) है, जिसमें कीट (Insects), मकड़ी, केकड़े और झींगा जैसे जीव आते हैं।
- प्रमुख विशेषता: इन जीवों में जुड़े हुए उपांग (Jointed appendages) और काइटिन (Chitin) से बना बाहरी कंकाल पाया जाता है।
- इकाइनोडर्मेटा: इस संघ के जीवों में कांटेदार त्वचा और जल-संवहन तंत्र पाया जाता है (जैसे- स्टारफिश)।
- एनिलीडा: इस संघ में खंडयुक्त (Segmented) शरीर वाले कृमि आते हैं, जैसे केंचुआ (Earthworm)।
- निमेटोडा: इन्हें गोलकृमि (Roundworms) कहा जाता है, जिनका शरीर अखंडित और बेलनाकार होता है।
#4. निम्नलिखित में से कौन सा अंतःपरजीवी का एक उदाहरण है?
(RRB JE CBI :- 1 June 2019 Shift 1)
- अंतःपरजीवी (Endoparasite) क्या है?: जो जीव किसी दूसरे जीव (पोषक या Host) के शरीर के **अंदर** (जैसे आंतों या ऊतकों में) रहकर अपना पोषण प्राप्त करते हैं, उन्हें अंतःपरजीवी कहते हैं।
- फीताकृमि (Tapeworm): यह चपटे कृमि (Platyhelminthes संघ) का एक परजीवी है, जो मनुष्य या अन्य जानवरों की आंत (Intestine) के अंदर रहता है।
- सिर के जूं: यह एक बाह्यपरजीवी (Ectoparasite) है जो सिर की त्वचा पर बाहर की ओर रहता है।
- शरीर के जूं: यह भी शरीर पर बाहर की ओर रहकर खून चूसने वाला बाह्यपरजीवी है।
- किलनी (Ticks): यह भी जानवरों और मनुष्यों के शरीर की बाहरी सतह पर पाए जाने वाले बाह्यपरजीवी होते हैं।
#5. अकशेरुकी में कौन शामिल नहीं है?
(RRB NTPC CBT-I : 30 Dec 2020 Shift 1)
- कशेरुकी और अकशेरुकी: जिन जीवों में रीढ़ की हड्डी (Vertebral column / Backbone) पाई जाती है उन्हें कशेरुकी (Vertebrates) कहते हैं, और जिनमें रीढ़ की हड्डी नहीं होती उन्हें अकशेरुकी (Invertebrates) कहा जाता है।
- सरीसृप (Reptiles): यह कशेरुकी (Vertebrates) जीवों का एक वर्ग है (जैसे सांप, छिपकली, कछुआ), जिनमें रीढ़ की हड्डी और अच्छी तरह विकसित अंतःकंकाल पाया जाता है। इसलिए ये अकशेरुकी में शामिल **नहीं** हैं।
- मोलस्क (Molluscs): यह अकशेरुकी जीवों का दूसरा सबसे बड़ा संघ है (जैसे घोंगा, ऑक्टोपस), जिनमें रीढ़ की हड्डी नहीं होती।
- ऐरेक्निड (Arachnids): यह आर्थ्रोपोडा संघ के अंतर्गत आने वाले जीव हैं (जैसे मकड़ी, बिच्छू), जो अकशेरुकी होते हैं।
- कीट (Insects): यह भी आर्थ्रोपोडा संघ के तहत आने वाले अकशेरुकी जीव हैं।
#6. निम्नलिखित में से किसका वैज्ञानिक नाम Saccharomyces cerevisiae है?
(RPF Constable 2024 05 Mar, 2025 Shift 3)
- सैकरोमाइसेस सेरेविसी (Saccharomyces cerevisiae): यह यीस्ट (Yeast) की एक बेहद महत्वपूर्ण प्रजाति है, जिसे आमतौर पर ‘ब्रीअर्स यीस्ट’ (Brewer’s Yeast) या ‘बेकर्स यीस्ट’ भी कहा जाता है।
- कवक (Fungus): यीस्ट एक एकलकोशिकीय कवक है।
- किण्वन (Fermentation): यह शर्करा को अल्कोहल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलने की प्रक्रिया (किण्वन) में मुख्य भूमिका निभाता है, जिसका उपयोग ब्रेड बनाने और शराब के उद्योग में किया जाता है।
- अमीबा की एक प्रजाति: अमीबा एक एकलकोशिकीय प्रोटोजोआ है (जैसे अमीबा प्रोटियस), जिसका यह वैज्ञानिक नाम नहीं है।
- एक प्रकार का विषाणु: विषाणु (Virus) अकोशिकीय सूक्ष्मजीव होते हैं, जबकि सैकरोमाइसेस एक यूकेरियोटिक कवक है।
- एक प्रकार का जीवाणु: जीवाणु (Bacteria) प्रोकैरियोटिक जीव होते हैं, जबकि यीस्ट एक कवक (Fungus) है।
#7. द्विपाश्र्व सममिति वाले खंडित जीवों का समूह क्या है?
RPF Constable 2018 10 Feb 2019 Shift 2)
- द्विपाश्र्व सममिति (Bilateral Symmetry): जब किसी जीव के शरीर को केंद्रीय अक्ष से गुज़रने वाली एक ही रेखा द्वारा दो समान बाएं और दाएं भागों में विभाजित किया जा सके, तो उसे द्विपाश्र्व सममिति कहते हैं।
- खंडित शरीर (Segmentation): एनिलीडा संघ के जीवों का शरीर अंदर और बाहर दोनों तरफ से छोटे-छोटे छल्लों या खंडों (Segments) में बंटा होता है (जैसे केंचुआ)।
- अन्य विशेषताएँ: इनमें वास्तविक देहगुहा (Coelom) और बंद परिसंचरण तंत्र पाया जाता है।
- स्पंज (Porifera): ये असमित (Asymmetrical) या अरुक्ष सममित जीव होते हैं, जिनका शरीर खंडित नहीं होता।
- आर्थ्रोपोडा: इनमें भी द्विपाश्र्व सममिति और खंडित शरीर होता है, लेकिन इनके पैर जुड़े हुए (Jointed appendages) और शरीर पर काइटिन का बाह्यकंकाल होता है। हालांकि, वर्गीकरण के आधार पर ‘खंडित और क्रमिक शरीर’ के लिए एनेलिडा मुख्य मानक है।
- मोलस्क: इस संघ के जीवों का शरीर आमतौर पर अखंडित होता है और इनके ऊपर कैल्شियम का कवच पाया जाता है।
#8. दो सतहों की अनियमितताओं से क्या होता है, जो स्थैतिक घर्षण का कारण बनता है?
(RRB JE 23 May 2019 Shift 1 CBT 1)
- घर्षण का कारण: कोई भी सतह चाहे कितनी भी चिकनी क्यों न लगे, सूक्ष्म स्तर पर उसमें कुछ न कुछ उबड़-खाबड़पन या अनियमितताएं (Irregularities) होती हैं।
- अंतर्ग्रथन (Interlocking): जब दो सतहों को एक-दूसरे के संपर्क में लाया जाता है, तो एक सतह की अनियमितताएं दूसरी सतह की अनियमितताओं में फंस जाती हैं (या आपस में जुड़ जाती हैं), जिसे अंतर्ग्रथन कहते हैं।
- स्थैतिक घर्षण: इसी अंतर्ग्रथन के कारण सतहों को गतिमान करने के लिए बल लगाना पड़ता है, जो स्थैतिक घर्षण (Static Friction) का मुख्य कारण है।
- सर्पण (Sliding): यह एक सतह का दूसरी सतह पर फिसलने से संबंधित गति है (सर्पी घर्षण)।
- लोटनिक (Rolling): जब कोई वस्तु किसी सतह पर लुढ़कती है, तो उसे लोटनिक घर्षण (Rolling Friction) कहते हैं, जो अन्य घर्षणों से कम होता है।
- लोपन (Deletion/Lopaan): यह घर्षण या भौतिकी से संबंधित तकनीकी शब्द नहीं है।
#9. क्षय रोग या टीबी रोग ________ के कारण होता है।
(RPF Constable 2018 17 Jan 2019 Shift 1)
- क्षय रोग (Tuberculosis – TB): यह एक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, हालांकि यह शरीर के अन्य अंगों में भी हो सकता है।
- कारक जीवाणु: यह ‘माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस’ (Mycobacterium tuberculosis) नामक जीवाणु (Bacteria) के संक्रमण के कारण फैलता है।
- संचरण और लक्षण: यह हवा के माध्यम से (संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर) फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में लगातार खांसी, वजन घटना और बुखार शामिल हैं।
- प्रोटोजोआ: इस वर्ग के सूक्ष्मजीवों से मलेरिया, पेचिश और कालाजार जैसे रोग होते हैं।
- कुक्कुरमुत्ता (Mushroom/Fungus): कवक या फंगस के कारण दाद (Ringworm) और एथलीट फुट जैसे त्वचा रोग होते हैं।
- वायरस (विषाणु): वायरस के कारण सामान्य जुकाम, इन्फ्लूएंजा, चेचक और एड्स जैसे रोग होते हैं।
#10. इनमें से किस जीव के दांत नहीं होते हैं?
(RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2)
- कछुओं में दांतों की अनुपस्थिति: आधुनिक कछुओं के मुंह में दांत नहीं होते हैं। इसके बजाय, उनके जबड़े एक मजबूत, नुकीली और धारदार कैरापेस जैसी चोंच (Beak / Horned beak) में ढके होते हैं।
- भोजन का तरीका: चोंच की इस धारदार किनार का उपयोग कछुए अपने भोजन (पत्तियाँ, घास, या शिकार) को काटने और चबाने के लिए करते हैं।
- सुअर: सुअरों के मुंह में अच्छी तरह से विकसित दांत (कृंतक, रदनक और चर्वणक) होते हैं, जिनमें उनके नुकीले ट्यूस्क (Tusks) भी शामिल हैं।
- कुत्ते: कुत्ते मांसाहारी स्तनधारी हैं, जिनके जबड़ों में मांसाहारी और तेज दांत (कैines) प्रचुर मात्रा में होते हैं।
- घोड़े: घोड़ों के पास घास और पौधों को चबाने के लिए मजबूत चर्वणक (Molars) और कृंतक (Incisors) दांत होते हैं।
#11. स्तनधारियों के बारे में गलत कथन की पहचान करें。
(RRB NTPC CBT-I : 6 April 2021 Shift 2)
- स्तनधारियों का हृदय: स्तनधारियों (Mammals) का हृदय हमेशा **चार कक्षीय (Four-chambered)** होता है (दो अलिंद और दो निलय), जिसमें शुद्ध और अशुद्ध रक्त पूरी तरह अलग रहता है। इसलिए “हृदय तीन कक्षीय होता है” कथन गलत है।
- चार कक्षीय विशेषता: यह पक्षियों और स्तनधारियों की एक प्रमुख विशेषता है जो उच्च चयापचय (Metabolism) और नियततापी (Warm-blooded) स्वभाव को बनाए रखती है।
- सामान्यतः स्तनधारियों में बाल होते हैं: यह स्तनधारियों का एक मुख्य शारीरिक लक्षण है (जैसे त्वचा पर बाल या रोम)।
- कुछ स्तनधारी अंडे देते हैं: यह कथन बिल्कुल सही है; मोनोट्रेम (Monotremes) वर्ग के स्तनधारी जैसे प्लैटिपस और एकिडना बच्चे देने के बजाय अंडे देते हैं।
- शिशुओं को दूध पिलाने के लिए स्तन ग्रंथि मौजूद होती है: सभी मादा स्तनधारियों में दुग्ध ग्रंथियां (Mammary glands) पाई जाती हैं, जो इस वर्ग की सबसे बड़ी पहचान है।
#12. मीन ( Pisces) विशेष रूप से जलीय प्राणी हैं। निम्नलिखित में से कौन सी उनकी विशेषता नहीं है?
(RRB NTPC CBT-I : 24 July 2021 Shift 1)
- शीत रक्त वाले जीव (Cold-blooded / Poikilotherms): मीन (मछलियाँ) शीत रक्त वाले जीव होती हैं, यानी उनके शरीर का तापमान बाहरी पर्यावरण के तापमान के अनुसार बदलता रहता है। वे “गर्म रक्त वाले” (Warm-blooded / Homeotherms) नहीं होतीं।
- मछलियों की मुख्य विशेषताएं: ये पूरी तरह जलीय जीव हैं, जिनका शरीर शल्क (Scales) से ढका होता है, सांस लेने के लिए गिल्स (गलफड़ों) का उपयोग करती हैं और इनके हृदय में दो कक्ष होते हैं।
- उनके हृदय में केवल दो कक्ष होते हैं: मछलियों के हृदय में एक अलिंद (Atrium) और एक निलय (Ventricle) होता है, यानी कुल दो कक्ष (Two-chambered heart)।
- वे अपने गलफड़ों का उपयोग करके पानी में घुली ऑक्सीजन प्राप्त करती हैं: यह मछलियों का श्वसन अंग है, जो पानी से ऑक्सीजन अवशोषित करता है।
- उनकी त्वचा शल्क से ढकी होती है: अधिकांश मछलियों का शरीर सुरक्षा के लिए कड़े शल्कों (Scales) या प्लेट्स से ढका होता है।
#13. बिल्ली परिवार के सदस्यों को दिया जाने वाला सामान्य नाम क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 28 Jan 2021 Shift 1)
- फेलिन (Feline): बिल्ली परिवार (Felidae कुल) के सभी छोटे और बड़े सदस्यों (जैसे घरेलू बिल्ली, शेर, बाघ, चीता, तेंदुआ आदि) को सामूहिक रूप से ‘फेलिन’ कहा जाता है।
- विशेषताएँ: ये सभी मांसाहारी (Carnivores) होते हैं, जिनमें शिकार करने के लिए नुकीले पंजे और बेहतरीन फुर्ती पाई जाती है।
- कैनाइन (Canine): यह कुत्ते परिवार (Canidae कुल) के सदस्यों (जैसे कुत्ता, भेड़िया, सियार, लोमड़ी) को दिया जाने वाला नाम है।
- बोवाइन (Bovine): यह मवेशी परिवार (Bovidae कुल – जैसे गाय, बैल, भैंस, और जंगली सांड) से संबंधित जीवों के लिए उपयोग होता है।
- कैप्रिन (Caprine): यह बकरी और भेड़ से जुड़े उप-परिवार (Caprinae) के सदस्यों के लिए प्रयुक्त होने वाला सामान्य नाम है।
#14. निम्नलिखित में से किसका/किनका उपयोग मुर्गपालन में किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)
- मुर्गपालन (Poultry Farming): अंडे और मांस के उत्पादन के लिए मुर्गियों को पालने की प्रक्रिया को मुर्गपालन कहा जाता है।
- लेगहॉर्न (Leghorn): यह मुर्गियों की एक बेहद प्रसिद्ध विदेशी (Exotic) नस्ल है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से अत्यधिक मात्रा में अंडे प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
- कटला (Catla): यह मीठे पानी की एक प्रमुख मछली (Freshwater fish) है, जिसका उपयोग मछली पालन (Aquaculture/Pisiculture) में किया जाता है।
- झींगा (Prawn): यह एक क्रस्टेशियन (जलीय जीव) है, जिसका संवर्धन झींगा पालन (Aquaculture) के अंतर्गत किया जाता है।
- सारडीन (Sardine): यह एक छोटी समुद्री मछली है, जिसका संबंध मछली पकड़ने और समुद्री मत्स्य पालन से है।
#15. वह कौन-से पोल्ट्री पक्षी हैं जिन्हें अंडे उत्पादन के लिए पाला जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 9:00 AM – 10:30 AM)
- लेयर (Layers): अंडे देने वाली मुर्गी की नस्लों को ‘लेयर’ कहा जाता है। इन्हें विशेष रूप से वाणिज्यिक (Commercial) स्तर पर अंडे के उत्पादन के लिए पाला जाता है।
- आयु और प्रबंधन: ये मुर्गियां एक निश्चित उम्र (लगभग 18 से 20 सप्ताह) के बाद अंडे देना शुरू करती हैं और इनके लिए विशेष पोषक आहार तथा प्रकाश प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
- ब्रॉयलर (Broilers): इन पोल्ट्री पक्षियों को मुख्य रूप से मांस (Meat production) के उत्पादन के लिए तेजी से पालकर तैयार किया जाता है।
- मिल्च (Milch): यह शब्द दुधारू पशुओं (जैसे दूध देने वाली गाय या भैंस) के लिए उपयोग किया जाता है, पोल्ट्री के लिए नहीं।
- कॉमन कार्प (Common carp): यह मीठे पानी की एक प्रमुख मछली है, जिसका संबंध मछली पालन से है।
#16. किस जीव में मुकुलन की प्रक्रिया में प्रजनन के लिए पुनरージी कोशिकाओं का उपयोग होता है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3)
- हाइड्रा में मुकुलन (Budding in Hydra): हाइड्रा एक सरल बहुकोशिकीय जंतु है जो अलैंगिक जनन के लिए मुकुलन (Budding) की प्रक्रिया का उपयोग करता है।
- पुनर्रजी कोशिकाएं (Regenerative cells): हाइड्रा में मुकुल (Bud) के विकास के लिए शरीर की विशेष पुनर्रजी या पुनरुद्भवन कोशिकाओं (Regenerative cells) का उपयोग होता है, जो बार-बार विभाजित होकर एक नया उभार या कली (Bud) बनाती हैं जो बाद में अलग होकर नया जीव बन जाती है।
- यीस्ट: यह भी मुकुलन द्वारा जनन करता है, लेकिन इसमें कवक कोशिकाएं सीधे उभार बनाती हैं, न कि विशेष पुनर्रजी ऊतक कोशिकाओं का समूह।
- लीश्मैनिया: यह द्विखंडन (Binary Fission) द्वारा जनन करने वाला प्रोटोजोआ है।
- अमीबा: यह अनियमित द्विखंडन या बहुखंडन (Multiple Fission) द्वारा प्रजनन करता है।
#17. एककोशिकीय जीव की पहचान करें
。(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 3)
- एककोशिकीय जीव (Unicellular Organism): वे जीव जिनका पूरा शरीर केवल एक ही कोशिका से मिलकर बना होता है, एककोशिकीय जीव कहलाते हैं।
- अमीबा: अमीबा एक सूक्ष्म, एककोशिकीय प्रोटोजोआ है, जो अपनी आकृति बदलने के लिए कूटपाद (Pseudopodia) का उपयोग करता है और पाचन, श्वसन जैसी सभी जैविक क्रियाएं उसी एक कोशिका के भीतर होती हैं।
- समुद्री शैवाल (Seaweed): यह बहुकोशिकीय पौधे जैसे समुद्री जीव होते हैं।
- जोंक (Leech): यह एनेलिडा संघ का एक बहुकोशिकीय बाह्यपरजीवी जंतु है।
- यकृत् पर्णकृमि (Liver Fluke): यह चपटे कृमि (Platyhelminthes) वर्ग का एक बहुकोशिकीय अंतःपरजीवी है।
#18. निम्नलिखित में से कौन सा जीव विखंडन के माध्यम से अलैंगिक प्रजनन नहीं दर्शाता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 1)
- केंचुआ में जनन: केंचुआ (Earthworm) एनेलिडा संघ का एक जटिल बहुकोशिकीय जीव है, जो **लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)** करता है (ये उभयलिंगी होते हैं)। यह विखंडन (Fission) के माध्यम से अलैंगिक प्रजनन नहीं दर्शाता है।
- विखंडन (Fission): यह एक प्रकार का अलैंगिक जनन है जिसमें एक परिपक्व जीव विभाजित होकर दो या अधिक नए जीवों का निर्माण करता है।
- प्लास्मोडियम: यह बहुखंडन (Multiple Fission) द्वारा अलैंगिक प्रजनन करता है।
- अमीबा: यह अनियमित द्विखंडन (Binary Fission) या बहुखंडन द्वारा विभाजित होता है।
- लीश्मैनिया: यह एक निश्चित तल में द्विखंडन (Binary Fission) द्वारा अलैंगिक जनन करता है।
#19. निम्नलिखित में से किस मछली में सिर, हड्डी, आँखें या नाक नहीं होती है?
(RRB NTPC CBT-I : 27 Feb 2021 Shift 1)
- जेलीफ़िश की शारीरिक संरचना: नाम में ‘फ़िश’ (मछली) होने के बावजूद जेलीफ़िश वास्तव में कोई सच्ची मछली नहीं है। यह नि ्डारिया (Cnidaria) संघ का एक अकीट जलीय जीव है।
- विशेषताएँ: इसके शरीर में रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क, सिर, आँखें, नाक या कोई अन्य जटिल अंग नहीं होते हैं। इनका शरीर मुख्य रूप से जैली जैसे पदार्थ (Mesoglea) से बना होता है।
- सितारा मछली (Starfish): यह इकाइनोडर्मेटा संघ का जीव है, जिसमें भी सच्ची रीढ़ की हड्डी नहीं होती, लेकिन इसके शरीर में आँख जैसे प्रकाश-संवेदी अंग होते हैं।
- अलास्का मछली: यह एक प्रकार की वास्तविक बोनी फिश (मछली) है, जिसमें सिर, हड्डियां और आँखें पूरी तरह विकसित होती हैं।
- कैटफ़िश: यह एक सच्ची मीठे पानी की मछली है, जिसमें सिर, हड्डियां और संवेदी अंग (मूछें/Barbels) मौजूद होते हैं।
#20. स्यूडोपोडिया ( Pseudopodia) पर मौजूद अंगुली जैसी आकृति वाली संरचनाएं हैं
。(RRB NTPC CBT-I : 29 Jan 2021 Shift 2)
- स्यूडोपोडिया (Pseudopodia / कूटपाद): इसका शाब्दिक अर्थ “नकली पैर” (False feet) होता है। यह अमीबा की कोशिका झिल्ली से बाहर की ओर उभरने वाली अंगुली जैसी अस्थायी संरचनाएं होती हैं।
- कार्य: अमीबा इन स्यूडोपोडिया का उपयोग मुख्य रूप से **चलने-फिरने (गति करने)** और अपने **भोजन को पकड़ने (Phagocytosis)** के लिए करता है।
- पैरामिशियम: यह एक अन्य एककोशिकीय जीव है, जो गति के लिए स्यूडोपोडिया के बजाय पूरी सतह पर मौजूद छोटे बालों जैसी संरचनाओं यानी **सिलिया (Cilia)** का उपयोग करता है।
- केंचुआ: यह एनिलीडा संघ का बहुकोशिकीय जीव है, जो चलने के लिए पेशियों और छोटे सुई जैसे रोम (Setae) का उपयोग करता है।
- हाइड्रा: यह टेंटेकल्स (Tentacles) या स्पशार्कों की मदद से गति करता है और शिकार पकड़ता है।
#21. निम्नलिखित में से किस जीव में, खंडन और बीजाणु निर्माण दोनों होते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- कवक और शैवाल (जैसे स्पाइरोगायरा): कई सरल बहुकोशिकीय जीव जैसे कुछ कवक और तंतुमय शैवाल (filamentous algae) अलैंगिक जनन की एक से अधिक विधियाँ प्रदर्शित करते हैं।
- खंडन (Fragmentation): अनुकूल परिस्थितियों में इनका शरीर दो या अधिक टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा नए जीव में विकसित हो जाता है।
- बीजाणु निर्माण (Spore Formation): प्रतिकूल या सामान्य परिस्थितियों में ये स्पोरेंजिया के भीतर बीजाणु (Spores) का निर्माण करते हैं जो हवा या पानी के माध्यम से फैलकर नए जीवों को जन्म देते हैं।
- अमीबा: यह मुख्य रूप से द्विखंडन (Binary fission) या बहुखंडन द्वारा जनन करता है, इसमें बीजाणु निर्माण या खंडन प्रमुख रूप से नहीं होता।
- प्लेनेरिया: यह पुनरुद्भवन (Regeneration) और विखंडन प्रदर्शित करता है, लेकिन बीजाणु निर्माण द्वारा जनन नहीं करता।
- यीस्ट: यह मुख्य रूप से मुकुलन (Budding) और कुछ स्थितियों में बीजाणु निर्माण करता है, लेकिन खंडन इसका मुख्य लक्षण नहीं है।
#22. निम्नलिखित में से जीवों का कौन-सा समूह, अगुणित-प्रभावी जीवन चक्र की घटना को प्रदर्शित करता है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 27/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
- अगुणित-प्रभावी जीवन चक्र (Haplontic Life Cycle): इस प्रकार के जीवन चक्र में जीव का मुख्य पादप शरीर या कवक जाल **अगुणित (Haploid – n)** होता है। इसमें केवल युग्मनज (Zygote) ही द्विगुणित (2n) अवस्था में होता है, जिसमें तुरंत अर्द्धसूत्री विभाजन (Meiosis) द्वारा फिर से अगुणित बीजाणु बन जाते हैं।
- कवक (Fungi): अधिकांश कवक, शैवाल (जैसे स्पाइरोगायरा, क्लैमाइडोमोनस) और ब्रायोफाइट्स का एक बड़ा हिस्सा अगुणित-प्रभावी (Haplontic) जीवन चक्र को प्रदर्शित करता है।
- उभयचर (Amphibians): ये द्विगुणित (Diploid – 2n) जीव होते हैं, जिनमें डिप्लोटिक (Diplontic) जीवन चक्र पाया जाता है।
- आवृतबीजी (Angiosperms): उच्च पौधे द्विगुणित होते हैं और इनमें आवर्ती पीढ़ी एकांतरण (Diplontic या Diplohaplontic) जीवन चक्र होता है।
- स्तनधारी (Mammals): ये पूर्णतः द्विगुणित (Diplontic) जीव हैं, जिनमें केवल युग्मक (गैमीट) ही अगुणित होते हैं।
#23. कशेरुकी जीवों के किस वर्ग में ठंडे रक्त के अभिलक्षण और शल्की त्वचा पाई जाती है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 27/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- ठंडे रक्त वाले जीव (Cold-blooded / Poikilotherms): रेप्टीलीया वर्ग के जीव शीत-रक्त वाले होते हैं, यानी इनके शरीर का तापमान बाहरी वातावरण के तापमान के अनुसार बदलता रहता है।
- शल्की त्वचा (Scaled skin): इस वर्ग के जीवों (जैसे सांप, छिपकली, कछुआ, मगरमच्छ) की त्वचा सूखी और केराटिन से बने बाह्य शल्कों (Scales) या प्लेट्स से ढकी होती है जो शरीर की नमी को बनाए रखने में मदद करती है।
- मैमेलिया (स्तनधारी): ये गर्म रक्त वाले (Warm-blooded) जीव होते हैं जिनकी त्वचा पर बाल या रोम होते हैं, शल्क नहीं।
- एवीज (पक्षिवर्ग): ये भी गर्म रक्त वाले होते हैं और इनकी त्वचा पर शल्क के बजाय पंख (Feathers) पाए जाते हैं।
- उभयचर (Amphibia): ये ठंडे रक्त वाले तो होते हैं (जैसे मेंढक), लेकिन इनकी त्वचा शल्की नहीं बल्कि चिकनी, नम और ग्रंथिल (Moist and glandular) होती है।
#24. निम्नलिखित में से किसे एनिमेलिया जगत के अंतर्गत वर्गीकृत नहीं किया गया है?
(RRB NTPC CBT-I : 30 Dec 2020 Shift 1)
- प्रोटोजोआ क्या है?: प्रोटोजोआ एककोशिकीय (Unicellular) यूकेरियोटिक जीवों का समूह है। आधुनिक व्हिटेकर (Whittaker) की पांच-जगह वर्गीकरण प्रणाली (Five-kingdom classification) में प्रोटोजोआ को **प्रोटिस्टा (Protista)** जगत के अंतर्गत रखा गया है, न कि एनिमेलिया (Animalia) जगत में।
- एनिमेलिया जगत: इसके अंतर्गत सभी बहुकोशिकीय, विषमपोषी (Heterotrophic) और यूकैरियोटिक जंतुओं को शामिल किया जाता है।
- मेटाजोआ (Metazoa): यह सभी बहुकोशिकीय जंतुओं के लिए इस्तेमाल होने वाला दूसरा नाम है, जो एनिमेलिया जगत का हिस्सा हैं।
- चोआनोजोआ (Choanozoa): यह जीव समूहों का एक क्लेड है जिसे पारंपरिक रूप से जंतुओं (Animals) और उनके सबसे करीबी एकलकोशिकीय रिश्तेदारों के अंतर्गत रखा जाता है।
- पिपीयंस (Pycnogonida / Sea spiders): यह समुद्री मकड़ियों का एक वर्ग है जो आर्थ्रोपोडा संघ और एनिमेलिया जगत के अंतर्गत आता है।
#25. कुछ जीव किसी भी तल से विभाजन द्वारा द्वि-खंडन दर्शाते हैं, लेकिन कुछ निर्धारित अभिविन्यास से विभाजन दर्शाते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा, द्वि-खंडन का निर्धारित अभिविन्यास दर्शाता है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 4:30 PM – 6:00 PM)
- निर्धारित अभिविन्यास (Fixed Orientation / Plane): कुछ जीवों में द्विखंडन (Binary Fission) एक निश्चित या तय किए गए तल (Orientation) में ही होता है।
- लीश्मैनिया: यह एक चाबुकनुमा संरचना (कशाभिका/Flagellum) वाला प्रोटोजोआ है, जिसमें द्विखंडन एक निश्चित अभिविन्यास या समतल (जैसे अनुदैर्ध्य तल) में ही होता है।
- अमीबा: यह किसी भी तल (Any plane) से अनियमित रूप से विभाजित होकर द्विखंडन दर्शा सकता है, इसमें कोई निश्चित अभिविन्यास नहीं होता।
- पैरामिशियम: इसमें भी अनुप्रस्थ द्वि-खंडन होता है, लेकिन अमीबा की तुलना में इसका तल निश्चित होता है; हालांकि, विकल्पों के मानक प्रश्नों में ‘लीश्मैनिया’ को कशाभिका आधारित निश्चित अभिविन्यास (कशाभिका के सापेक्ष) के लिए विशेष रूप से एनसीईआरटी में दर्शाया गया है।
- प्लास्मोडियम: यह द्विखंडन के बजाय बहुखंडन (Multiple Fission) की प्रक्रिया प्रदर्शित करता है।
#26. निम्नलिखित में से कौन सा जीव मुकुलन द्वारा प्रजनन करता है?
(RRB ALP CBT-1 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 3)
- मुकुलन (Budding): यह अलैंगिक जनन की एक प्रक्रिया है जिसमें जीव के शरीर पर एक उभार या कली (Bud) विकसित होती है, जो बाद में विकसित होकर मुख्य शरीर से अलग हो जाती है और एक नया स्वतंत्र जीव बन जाती है।
- हाइड्रा: हाइड्रा एक सरल बहुकोशिकीय जंतु है जो पुनरुद्भवन कोशिकाओं (Regenerative cells) का उपयोग करके मुकुलन द्वारा प्रजनन करता है।
- केंचुआ: यह एनिलीडा संघ का जीव है, जो केवल लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) करता है।
- मेंढक: यह उभयचर (Amphibian) है जो लैंगिक जनन (बाह्य निषेचन) द्वारा प्रजनन करता है।
- तिलचट्टा: यह आर्थ्रोपोडा संघ का कीट है जो लैंगिक जनन द्वारा वंश वृद्धि करता है।
#27. स्कूल के बगीचे में, तितलियाँ अक्सर फूलों पर आती हैं जबकि गिलहरियाँ काष्ठफल ( nuts ) खाती हैं। ये जीव किस प्रकार के उपभोक्ता हैं?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)
- शाकाहारी जीव (Herbivores): जो जीव अपने पोषण के लिए प्रत्यक्ष रूप से पौधों या उनके उत्पादों (जैसे फूल, फल, नट्स) पर निर्भर होते हैं, उन्हें शाकाहारी या प्राथमिक उपभोक्ता कहा जाता है।
- तितलियाँ: तितलियाँ फूलों से रस (नेक्टर) चूसती हैं, जो पादप उत्पाद है, इसलिए वे शाकाहारी हैं।
- गिलहरियाँ: गिलहरियाँ मुख्य रूप से बीज, फल, और काष्ठफल (नट्स) खाती हैं, इसलिए वे भी शाकाहारी श्रेणी में आती हैं।
- मांसाहारी/सर्वाहारी विकल्प: तितलियाँ मांस नहीं खातीं और गिलहरियाँ मुख्य रूप से पादप आधारित आहार लेती हैं, इसलिए मांसाहारी या सर्वाहारी वाले विकल्प गलत हैं।
- परजीवी/अपघटक विकल्प: इनमें से कोई भी जीव मृत कार्बनिक पदार्थों को सड़ाने वाला (अपघटक) या दूसरे जीवों के शरीर के अंदर रहकर नुकसान पहुँचाने वाला परजीवी नहीं है।
#28. निम्नलिखित में से कौन सा जीव स्वपोषी और परपोषी दोनों प्रकार के पोषण को प्रदर्शित करता है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 13 Jun, 2025 Shift 3)
- यूग्लीना (Euglena): यह एक सूक्ष्म, एककोशिकीय प्रोटिस्ट है जो पादप और जंतु दोनों के बीच की योजक कड़ी (Connecting link) माना जाता है।
- स्वपोषी और परपोषी पोषण: सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में यूग्लीना क्लोरोप्लास्ट की मदद से प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाता है (स्वपोषी / Autotrophic)। वहीं, प्रकाश न मिलने पर यह पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को अवशोषित करके परपोषी (Heterotrophic / Saprophytic) रूप से पोषण प्राप्त करता है।
- अमीबा: यह पूर्णतः विषमपोषी (Heterotrophic) जीव है जो होलोजोइक (प्राणिसमभोजी) पोषण दर्शाता है।
- प्लाज्मोडियम: यह एक परजीवी (Parasitic) प्रोटोजोआ है जो परपोषी के शरीर पर निर्भर रहता है।
- पैरामिशियम: यह भी एक विषमपोषी (Heterotrophic) एककोशिकीय जीव है जो सीलिया की मदद से भोजन ग्रहण करता है।
#29. एपिस फ्लोरिया ( Apis florae) का सामान्य नाम क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 06/02/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- एपिस फ्लोरिया (Apis florae): यह मधुमक्खी की एक छोटी प्रजाति है, जिसे सामान्यतः **’ड्वार्फ हनीबी’ (Dwarf honey bee)** या **’छोटी मधुमक्खी’ (Little bee)** कहा जाता है।
- विशेषता: यह प्रजाति मुख्य रूप से दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाती है। यह पेड़ों की शाखाओं या झाड़ियों पर खुला सिंगल-कॉम छत्ता (Single-comb hive) बनाती है।
- जायन्ट बी (Giant bee): यह नाम मधुमक्खी की बड़ी प्रजाति **एपिस डोर्सेटा (Apis dorsata)** के लिए उपयोग किया जाता है।
- एशियन बी (Asian bee): यह नाम आमतौर पर **एपिस सेराना (Apis cerana)** के लिए प्रयोग किया जाता है।
- नोट: यद्यपि ‘ड्वार्फ बी’ और ‘लिटिल बी’ दोनों इसी का अर्थ देते हैं, परीक्षा के मानक वर्गीकरण में ‘ड्वार्फ बी’ (Dwarf bee) सबसे प्रमुख सामान्य नाम के रूप में मान्य है।
#30. निम्नलिखित में से कौन सा पैरामीशियम को पोषण प्राप्त करने के लिए भोजन को कोशिका में विशिष्ट स्थान पर ले जाने में मदद करता है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
- पक्षाभ (Cilia): पैरामीशियम एक एककोशिकीय जंतु है जिसकी पूरी बाहरी सतह पर छोटे बाल जैसी हजारों संरचनाएं होती हैं जिन्हें ‘पक्षाभ’ या ‘सिलिया’ कहा जाता है।
- पोषण में भूमिका: पक्षाभ की समन्वित गति (Coordinated movement) न केवल पैरामीशियम को पानी में तैरने (गति करने) में मदद करती है, बल्कि पानी के साथ भोजन के कणों को उसके शरीर पर बने एक विशिष्ट स्थान (कोशिका मुख / Oral groove) तक पहुँचाने का कार्य भी करती है।
- स्यूडोपोडिया (Pseudopodia): यह अमीबा में पाए जाने वाले कूटपाद हैं जो गति और भोजन पकड़ने का काम करते हैं।
- पैरापोडिया (Parapodia): यह ऐनेलिडा (जैसे नेरीस) के मांसल पार्श्व पाद होते हैं जो चलने में सहायता करते हैं।
- कक्षाभिका (Flagella): यह चाबुक जैसी लंबी संरचना होती है (जैसे यूग्लीना या लीश्मैनिया में), जो गति के लिए उत्तरदायी है।
#31. तलवार-चोंच वाली हम्मिर्बर्ड की खासियत क्या है?
(RRB NTPC Tier I : 16 Apr 2016 Shift 3)
- तलवार-चोंच वाली हम्मिर्बर्ड (Sword-billed Hummingbird): यह दुनिया का एकमात्र ऐसा पक्षी है जिसकी चोंच इसके अपने शरीर (सिर और धड़ को छोड़कर) से भी लंबी होती है।
- विशेषता और अनुकूलन: इसकी यह असाधारण लंबी चोंच विशेष रूप से उन फूलों (जैसे पैशनफ्लावर) तक पहुँचने के लिए विकसित हुई है जिनकी नलिकाएं बहुत गहरी होती हैं। अपनी लंबी चोंच के कारण इसे बैठने के दौरान अपने सिर को ऊपर की ओर उठाकर रखना पड़ता है।
- दुनिया की सबसे बड़ी चिड़िया: दुनिया का सबसे बड़ा पक्षी शुतुरमुर्ग (Ostrich) है, हम्मिर्बर्ड नहीं।
- केवल अंटार्कटिका में निवास: हम्मिर्बर्ड मुख्य रूप से अमेरिकी महाद्वीप (विशेषकर दक्षिण अमेरिका और एंडीज पर्वतीय क्षेत्र) में पाई जाती हैं, अंटार्कटिका में नहीं।
- उड़ न सकना: हम्मिर्बर्ड अपनी अद्भुत कलाबाजी और तेजी से पंख फड़फड़ाने (Hovering) के लिए जानी जाती है, और यह बहुत कुशल उड़ने वाली पक्षी है।
#32. कौन-सा जीव स्वस्थ जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमुख संकेतक है?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- जैव-संकेतक (Bio-indicator): जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में मछलियाँ (या कुछ संवेदनशील जलीय जीव) स्वास्थ्य की बेहतरीन सूचक होती हैं। पानी में ऑक्सीजन की कमी, प्रदूषण या रासायनिक बदलाव होने पर सबसे पहले मछलियों के जीवन पर असर पड़ता है।
- पारिस्थितिकी संतुलन: स्वस्थ पानी में ही विविध प्रकार की मछलियाँ जीवित रह सकती हैं, जो यह दर्शाती हैं कि वह aquatic ecosystem पूरी तरह संतुलित और प्रदूषण-मुक्त है।
- लाइकेन (Lichen): यह वायु प्रदूषण (विशेषकर सल्फर डाइऑक्साइड) का प्रमुख संकेतक है, जलीय तंत्र का नहीं।
- केंचुआ: इसे ‘किसान का मित्र’ और मृदा (मिट्टी) के स्वास्थ्य का संकेतक कहा जाता है।
- तिलचट्टा: यह अत्यधिक सहिष्णु कीट है जो प्रदूषण के संकेत के रूप में नहीं जाना जाता।
#33. फिलामे कोलेंट्रेट्स का आधुनिक नाम क्या है?
(RPF Constable 2018 25 Jan 2019 Shift 1)
- सिलेंट्रेटा (Coelenterata) का नया नाम: जीव विज्ञान के वर्गीकरण में पहले जिस संघ को ‘सिलेंट्रेटा’ कहा जाता था, उसका आधुनिक और आधिकारिक नाम अब **’निडेरिया’ (Cnidaria)** है।
- मुख्य विशेषता: इस संघ के जीवों की कोशिकाओं में दंश कोशिकाएं (Cnidoblasts या Nematocytes) पाई जाती हैं, जिनका उपयोग वे शिकार करने और आत्मरक्षा के लिए करते हैं। जेलीफिश, हाइड्रा और सी एनेमोन इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
- निमेटोडा (Nematoda): इन्हें गोलकृमि (Roundworms) कहा जाता है, जो स्वतंत्रजीवी या परजीवी होते हैं।
- एनीलिडा (Annelida): इस संघ में खंडयुक्त शरीर वाले जीव (जैसे केंचुआ और जोंक) आते हैं।
- प्लेटीहेल्मिंथिस (Platyhelminthes): इन्हें चपटे कृमि (Flatworms) कहा जाता है (जैसे यकृत् पर्णकृमि या फीताकृमि)।
#34. प्रवाल, जंतुसमूह ________ के वर्ग एन्थोजोआ के समुद्री अकशेरुकी हैं।
(RRB NTPC CBT-I : 1 Mar 2021 Shift 2)
- प्रवाल या कोरल (Corals): प्रवाल (Corals) छोटे-छोटे समुद्री अकशेरुकी जंतु होते हैं जो कॉलोनी बनाकर रहते हैं। ये संघ **निडेरिया (Cnidaria)** के वर्ग ‘एंथोजोआ’ (Anthozoa) के अंतर्गत आते हैं।
- कैल्शियम कार्बोनेट का कंकाल: ये जीव अपने चारों ओर कै कैल्शियम कार्बोनेट ($CaCO_3$) का एक कठोर कंकाल बनाते हैं, जिनके जमा होने से विशाल ‘प्रवाल भित्तियाँ’ (Coral Reefs जैसे ग्रेट बैरियर रीफ) का निर्माण होता है।
- आर्थ्रोपोडा: यह जीवों का सबसे बड़ा संघ है जिसमें कीट, मकड़ियाँ और केकड़े आते हैं।
- मोलस्का: यह कोमल शरीर वाले जीवों का संघ है (जैसे घोंघा, ऑक्टोपस)।
- नेमाटोडा: यह गोलकृमियों (Roundworms) का संघ है।
#35. भारत में डेयरी उद्देश्यों के लिए मुख्य रूप से किस नस्ल के मवेशियों का उपयोग किया जाता है?
(RRB ALP CBT 1 16/02/2026 4:00 PM – 5:00 PM)
- साहीवाल नस्ल (Sahiwal Breed): यह भारत (और पाकिस्तान) की सबसे महत्वपूर्ण और प्रमुख दुधारू (Milch breed) मवेशी नस्लों में से एक है।
- दूध उत्पादन: साहीवाल गाय अपनी अत्यधिक दूध देने की क्षमता और उच्च वसा (Fat) वाले दूध के लिए जानी जाती है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में डेयरी फार्मिंग के लिए सबसे लोकप्रिय देसी नस्लों में गिनी जाती है।
- गिर (Gir): यह भी एक प्रसिद्ध दुधारू नस्ल है (जो मुख्य रूप से गुजरात की है), लेकिन आरआरबी परीक्षा के इस विशिष्ट बहुविकल्पीय प्रश्न में ‘साहीवाल’ को मुख्य डेयरी नस्ल के रूप में प्राथमिकता दी गई है।
- ओंगोल (Ongole): यह मुख्य रूप से भारी कृषि कार्यों और भार ढोने (Draft breed) के लिए उपयोग की जाने वाली मवेशी नस्ल है।
- कांकरेज (Kankrej): यह एक द्वि-काजी (Dual-purpose) नस्ल है जिसका उपयोग दूध उत्पादन और कृषि कार्य दोनों के लिए किया जाता है।
#36. निम्नलिखित में से किसे’ ट्री फ्रॉग’ के रूप में भी जाना जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 21 Mar 2021 Shift 2)
- हायला (Hyla / ट्री फ्रॉग): ‘हायला’ जीनस (Genus) के मेंढकों को सामान्यतः **’ट्री फ्रॉग’ (Tree frog)** कहा जाता है। ये अधिकांश समय पेड़ों और झाड़ियों पर बिताते हैं।
- विशेषता: पेड़ों पर आसानी से चढ़ने और पकड़ बनाए रखने के लिए इनके पैरों की उंगलियों के सिरों पर विशेष चिपचिपे पैड (Toe pads) और सक्शन डिस्क होते हैं।
- राना टिग्रीना (Rana tigrina): यह भारतीय सामान्य बैलफ्रॉग (Bullfrog) का वैज्ञानिक नाम है, जो जमीन और तालाबों के पास पाया जाता है।
- सैलामेंडर (Salamander): यह पूंछ वाला एक उभयचर (Amphibian) है जो छिपकली जैसा दिखता है, न कि मेंढक।
- मेंढक (Frog): यह सामान्य वर्ग (Anura) है, जिसमें विभिन्न प्रकार के मेंढक आते हैं, जबकि ‘ट्री फ्रॉग’ के रूप में विशेष रूप से ‘हायला’ को जाना जाता है।
#37. निम्नलिखित में से कौन सा एककोशिकीय पक्षामी जीव है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)
- पक्षमार्गी/पक्षामी जीव (Ciliate): वे एककोशिकीय जीव जिनकी पूरी सतह पर बाल जैसी हजारों सूक्ष्म संरचनाएं यानी पक्षाभ या सिलिया (Cilia) पाई जाती हैं, उन्हें पक्षामी जीव कहा जाता है।
- पैरामिशियम: पैरामिशियम एक प्रमुख एककोशिकीय जंतु है जो अपनी सतह पर मौजूद सीलिया की मदद से पानी में तैरता है और भोजन ग्रहण करता है।
- अमीबा: यह एक एककोशिकीय जीव है, लेकिन यह स्यूडोपोडिया (कूटपाद) द्वारा गति करता है, पक्षाभ (Cilia) द्वारा नहीं।
- घुन (Mite): यह आर्थ्रोपोडा संघ का एक बहुकोशिकीय सूक्ष्म जीव (कीट/मकड़ी वर्ग) है।
- जोंक (Leech): यह एनेलिडा संघ का एक बहुकोशिकीय जलीय जंतु है।
#38. निम्नलिखित में से कौन-सा, विखंडन के माध्यम से पुनरुत्पादन ( reproduce) के लिए नहीं जाना जाता है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
- हाइड्रा में जनन: हाइड्रा मुख्य रूप से मुकुलन (Budding) की प्रक्रिया के माध्यम से प्रजनन करता है (हालांकि इसमें उच्च पुनरुद्भवन / Regeneration की क्षमता भी होती है)। यह विखंडन (Fission) के माध्यम से नियमित प्रजनन के लिए नहीं जाना जाता है।
- विखंडन (Fission): यह मुख्य रूप से एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा, पैरामीशियम, लीश्मैनिया) में पाई जाने वाली अलैंगिक जनन विधि है जिसमें कोशिका दो या अधिक भागों में विभाजित होती है।
- पैरामिशियम: यह एककोशिकीय जीव है जो अनुप्रस्थ द्विखंडन (Binary Fission) द्वारा प्रजनन करता है।
- लीश्मैनिया: यह एक निश्चित तल में द्विखंडन (Binary Fission) द्वारा विभाजित होता है।
- अमीबा: यह अनियमित द्विखंडन (Binary Fission) या बहुखंडन द्वारा वंश वृद्धि करता है।
#39. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प संचलन ( movement) दर्शाता है लेकिन गमन ( locomotion) नहीं दर्शाता है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)
- संचलन बनाम गमन (Movement vs. Locomotion):
- संचलन (Movement): किसी जीव या उसके अंगों की स्थिति में होने वाला परिवर्तन संचलन कहलाता है (यह पौधों और जंतुओं दोनों में होता है)।
- गमन (Locomotion): जब कोई जीव अपने पूरे शरीर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाता है (स्थान परिवर्तन करता है), तो उसे गमन कहते हैं (यह मुख्य रूप से जंतुओं में होता है)।
- पौधों की स्थिति: पौधे अपनी जगह पर स्थिर रहते हुए अंगों का संचलन (जैसे पत्तियों का मुड़ना, फूलों का खिलना, प्रकाश की ओर झुकना) तो दर्शाते हैं, लेकिन वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर गमन नहीं कर सकते।
- कुत्ता, पक्षी और मानव: ये सभी बहुकोशिकीय जंतु हैं जो संचलन के साथ-साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से **गमन (Locomotion)** भी कर सकते हैं।
#40. निम्नलिखित में से किसे सामान्यतः स्पंज कहा जाता है?
(RPF Constable 2018 08 Feb 2019)
- पोरिफेरा (Porifera) संघ: इस संघ के जीवों को सामान्यतः **स्पंज (Sponges)** कहा जाता है। ये मुख्य रूप से जलीय (अधिकतर समुद्री) और अचल (Sessile) बहुकोशिकीय जीव होते हैं।
- शारीरिक संरचना: इनके शरीर की पूरी सतह पर छोटे-छोटे छिद्र (Ostia) पाए जाते हैं, जिनके माध्यम से पानी और पोषक तत्व शरीर के भीतर प्रवेश करते हैं। साइकॉन, स्पंजिला और यूस्पंजिया इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
- निमेटोडा: इस संघ के जीवों को गोलकृमि (Roundworms) कहा जाता है।
- सीलेन्ट्रेटा (निडेरिया): इस संघ में जेलीफिश, हाइड्रा और कोरल जैसे जीव आते हैं।
- प्लेटीहेल्मिंथिस: इन्हें चपटे कृमि (Flatworms) कहा जाता है (जैसे फीताकृमि)।
#41. जानवर अक्सर सुरक्षा के लिए अपने परिवेश में घुलमिल जाते हैं। निम्नलिखित में से कौन ऐसा करता है?
(RRB NTPC CBT-I : 11 Feb 2021 Shift 1)
- छद्मावरण (Camouflage): सुरक्षा के लिए अपने परिवेश या पृष्ठभूमि के रंग के अनुसार अपने शरीर का रंग बदल लेना ‘कैमोफ्लाज’ या छद्मावरण कहलाता है।
- गिरगिट की विशेषता: गिरगिट इस गुण के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इसकी त्वचा में विशेष वर्णक कोशिकाएं (Chromatophores) होती हैं, जिनकी मदद से यह शत्रुओं से बचने और शिकार करने के लिए अपने परिवेश में आसानी से घुलमिल जाता है।
- कछुए: ये खतरे के समय अपने शरीर को कठोर खोल (Shell) के भीतर सिकोड़ लेते हैं, लेकिन गिरगिट की तरह रंग बदलकर परिवेश में नहीं घुलते।
- बिल्लियाँ: बिल्लियाँ घरेलू या शिकारी जानवर हैं जो छिपकर वार करती हैं, लेकिन रंग बदलने में सक्षम नहीं होतीं।
- जेरबोआ (Jerboa): यह रेगिस्तान में पाया जाने वाला एक छोटा कृंतक (Rodent) है जो अपने लंबे पैरों से कूदने के लिए जाना जाता है।
#42. निम्नलिखित में से कौन-से जीव संक्रामक रोग उत्पन्न करते हैं?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)
- संक्रामक रोग (Infectious Diseases): वे बीमारियाँ जो रोगाणुओं (Pathogens) या सूक्ष्मजीवों द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलती हैं, संक्रामक रोग कहलाती हैं।
- रोगाणुओं के प्रकार:
- विषाणु (Viruses): जुकाम, फ्लू, कोविड-19, एड्स आदि।
- प्रोटोजोआ (Protozoa): मलेरिया, अमीबिक पेचिश आदि।
- कृमि (Worms / Helminths): फीताकृमि या गोलकृमि द्वारा होने वाले संक्रमण।
- इसके अलावा बैक्टीरिया (कवक) भी संक्रामक रोग फैलाते हैं। अतः दिए गए सभी जीव संक्रामक रोग उत्पन्न करते हैं।
- व्यक्तिगत रूप से कृमि, विषाणु और प्रोटोजोआ तीनों ही अलग-अलग प्रकार के संक्रामक रोगों के कारक हैं, इसलिए सही उत्तर **”सभी विकल्प”** होगा।
#43. प्रजनन कोशिकाओं का उपयोग मुकुलन की प्रक्रिया में किसमें होता है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)
- मुकुलन में पुनरुद्भवन कोशिकाओं का उपयोग: हाइड्रा जैसे जीवों में अलैंगिक जनन (मुकुलन) के दौरान शरीर के एक विशिष्ट स्थान पर लगातार विभाजन के कारण कोशिकाओं का उभार या कली (Bud) बनती है। इसमें पुनरुद्भवन (Regeneration) की क्षमता रखने वाली कोशिकाओं का उपयोग होता है।
- विकास: यह कली धीरे-धीरे विकसित होकर एक नए पूर्ण जीव का रूप ले लेती है और अंत में मुख्य शरीर से अलग हो जाती है।
- प्लेनेरिया: यह मुख्य रूप से पुनरुद्भवन (Regeneration) और विखंडन द्वारा जनन करता है।
- अमीबा: यह द्विखंडन (Binary fission) द्वारा प्रजनन करता है।
- स्पाइरोगायरा: यह एक तंतुमय शैवाल है जो मुख्य रूप से खंडन (Fragmentation) विधि द्वारा जनन करता है।
#44. एक सरकारी स्कीम कृत्रिम रूप से नियंत्रित मीठे जल के तालाबों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देती है। इस प्रकार के मत्स्यन को क्या कहा जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)
- मत्स्य संवर्धन (Culture Fishing): जब कृत्रिम रूप से नियंत्रित तालाबों, पोखरों या टैंकों में मछलियों का पालन और उत्पादन किया जाता है, तो इस प्रक्रिया को मत्स्य संवर्धन या मछली पालन (Aquaculture / Pisciculture) कहा जाता है।
- लाभ: इसके माध्यम से मीठे पानी (Freshwater) की विभिन्न आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मछलियों (जैसे रोहू, कतला, मृगला) का बड़े पैमाने पर नियंत्रित उत्पादन किया जाता है।
- प्रग्रहण मत्स्यन (Capture fishing): यह प्राकृतिक स्रोतों (जैसे प्राकृतिक झीलों, नदियों या समुद्र) से मछलियों को पकड़ने की प्रक्रिया है, न कि कृत्रिम तालाबों में पालन।
- समुद्री मत्स्यन (Marine fishing): यह महासागरों और समुद्र के खारे पानी में मछली पकड़ने से संबंधित है।
- लवणजल मत्स्यन (Saltwater fishing): यह भी खारे पानी या समुद्र के पानी में की जाने वाली मत्स्यन प्रक्रिया है।
#45. जानवरों द्वारा फैलाए जाने वाले बीज अक्सर:
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 1)
- जंतुओं द्वारा बीज प्रकीर्णन (Zoochory): जिन बीजों या फलों का प्रकीर्णन (फैलाव) जंतुओं द्वारा होता है, उनमें विशेष प्राकृतिक अनुकूलन (Adaptations) पाए जाते हैं:
- खाने योग्य गूदे वाले फल: पक्षी और जानवर मीठे और रसीले फलों को खाते हैं और उनके बीजों को अपचनीय मानकर दूर-दराज के स्थानों पर मल के साथ त्याग देते हैं।
- काँटे या हुक वाले बीज: कुछ बीजों या फलों पर कांटे, हूक या चिपचिपे रोम होते हैं जो जानवरों के बालों या कपड़ों में चिपक कर एक जगह से दूसरी जगह पहुँच जाते हैं।
- बहुत छोटे और हल्के / पंख या पैराशूट वाले बीज: इस प्रकार की विशेषता वाले बीज मुख्य रूप से हवा (Anemochory) द्वारा फैलाए जाते हैं (जैसे मदार या डंडेलियन के बीज)।
- आसानी से पानी में तैरने वाले बीज: इस प्रकार के बीज जल (Hydrochory) द्वारा प्रकीर्णित होते हैं (जैसे नारियल)।
#46. निम्नलिखित में से किस जीव में बीजाणु निर्माण देखा जाता है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)
- बीजाणु निर्माण (Spore Formation): राइजोपस (जिसे आमतौर पर ब्रेड मोल्ड या रोटी पर उगने वाली फफूंद कहा जाता है) एक कवक (Fungus) है। इसमें अलैंगिक जनन की मुख्य विधि बीजाणु निर्माण है।
- संरचना: इसमें धागे जैसी संरचनाएं होती हैं जिन्हें हाइफी (Hyphae) कहा जाता है, जिनके सिरों पर गोल थैली जैसी संरचनाएं (स्पोरेंजिया / Sporangia) होती हैं। इन स्पोरेंजिया के अंदर सैकड़ों सूक्ष्म **बीजाणु (Spores)** बनते हैं, जो थैली फटने पर हवा में बिखर जाते हैं और अनुकूल वातावरण मिलने पर नए कवक को जन्म देते हैं।
- पैरामिशियम: यह मुख्य रूप से अनुप्रस्थ द्विखंडन (Binary fission) द्वारा जनन करता है।
- प्लास्मोडियम: यह मुख्य रूप से बहुखंडन (Multiple fission) की प्रक्रिया प्रदर्शित करता है (हालाँकि इसके जीवन चक्र में बीजाणु जैसी अवस्थाएं होती हैं, लेकिन वानस्पतिक जनन के रूप में राइजोपस को बीजाणु निर्माण का सर्वप्रमुख उदाहरण माना जाता है)।
- अमीबा: यह मुख्य रूप से द्विखंडन या बहुखंडन द्वारा प्रजनन करता है।
#47. निम्नलिखित में से कौन डेंगू वायरस का वाहक है?
(RPF Constable 2018 19 Jan 2019 Shift 3)
- डेंगू वायरस का वाहक (Vector): डेंगू एक वायरल बीमारी है जो डेंगू वायरस (DEN-1, DEN-2, DEN-3, DEN-4) के कारण होती है। इस वायरस को एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति तक फैलाने का कार्य **मादा एडीज एजिप्टी (Female Aedes aegypti)** मच्छर करती है।
- विशेषता: यह मच्छर मुख्य रूप से दिन के समय काटता है और साफ तथा रुके हुए पानी (जैसे कूलर, गमलों, टायरों में) में पनपता है। इसे ‘टाइगर मच्छर’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके शरीर पर सफेद और काले रंग की धारियां होती हैं।
- मादा एनोफिलिज मच्छर: यह **मलेरिया** रोग के परजीवी (प्लाज्मोडियम) का वाहक होती है, डेंगू का नहीं।
- नर मच्छर (नर एनोफिलिज या नर एडीज): नर मच्छर खून नहीं चूसते हैं, वे केवल फूलों का रस (नेक्टर) चूसकर जीवित रहते हैं, इसलिए वे किसी भी बीमारी के वाहक नहीं होते हैं।
#48. निम्नलिखित में से किसको “अल्फाल्फा” के रूप में संबोधित किया जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 8 Mar 2021 Shift 2)
- अल्फाल्फा (Alfalfa / Medicago sativa): अल्फाल्फा एक महत्वपूर्ण चारा फसल (Forage crop) है जो लेग्युमिनेसी (Fabaceae) कुल से संबंधित है। इसका वैज्ञानिक नाम Medicago sativa है, जिसमें प्रजाति का नाम **’सतीवा’ (Sativa)** है।
- महत्व: इसे पशुओं के लिए अत्यधिक पौष्टिक चारे (लوسर्न / Lucerne) के रूप में उगाया जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं।
- जीवाश्म (Fossils): यह प्राचीन जीवों या पौधों के संरक्षित अवशेष हैं, जिनका अल्फाल्फा से कोई संबंध नहीं है।
- मेमेल (Mammal): यह स्तनधारी जीवों का वर्ग है।
- मछली (Fish): यह जलीय कशेरुकी जीवों का एक समूह है।
#49. मधुमक्खी की वह कौन-सी किस्म है, जिसे सामान्यतः भारतीय मक्खी के रूप में जाना जाता है और व्यावसायिक स्तर पर मधु उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है?
(RRB JE 19/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
- भारतीय मधुमक्खी (Indian Honeybee): Apis cerana indica को सामान्यतः भारतीय मक्खी कहा जाता है। यह भारत की मूल घरेलू (Domesticated) मधुमक्खी प्रजाति है।
- व्यापारीक उपयोग: इसे आसानी से बक्से (Beehives) में पाला जा सकता है और इसका उपयोग व्यावसायिक स्तर पर शहद उत्पादन तथा कृषि फसलों के परागण (Pollination) के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
- ऐपिस मेलिफेरा (Apis mellifera): यह यूरोपीय मधुमक्खी की नस्ल है, जिसे भारत में व्यावसायिक शहद उत्पादन के लिए आयात करके पाला जाता है (यह भारतीय मूल की नहीं है)।
- ऐपिस डोर्सेंटा (Apis dorsata): इसे विशाल या रॉक बी (Giant honeybee) कहा जाता है, जो बहुत आक्रामक होती है और बड़े छत्ते खुले में बनाती है।
- ऐपिस फ्लोरी (Apis florea): यह छोटी मधुमक्खी (Little bee) है जो बहुत कम मात्रा में शहद का उत्पादन करती है।
#50. निम्नलिखित में से किस जीव में तीन-कक्षीय हृदय होता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
- उभयचरों का हृदय (Three-chambered Heart): उभयचर वर्ग (जैसे मेंढक और टोडा) के जीवों का हृदय **तीन-कक्षीय (Three-chambered)** होता है, जिसमें **दो आलिंद (Atria)** और **एक निलय (Ventricle)** शामिल होता है।
- रक्त का संचरण: एकल निलय होने के कारण शुद्ध और अशुद्ध रक्त आपस में मिल जाते हैं (Incomplete double circulation)।
- स्तनधारी और पक्षी: इन दोनों वर्गों के जीवों का हृदय **चार-कक्षीय (Four-chambered)** होता है (दो आलिंद और दो निलय)।
- मछली: मछलियों का हृदय **दो-कक्षीय (Two-chambered)** होता है (एक आलिंद और एक निलय)।
#51. 112) निम्नलिखित में से कौन-सा जीव, पुष्प के परागण में सहायक होता है?(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 4:30 PM – 6:00 PM)
#52. 113) उस एकमात्र पक्षी का नाम बताइए जो पीछे की ओर उड़ सकता है。(RRB NTPC CBT-I : 18 Jan 2021 Shift 1)
#53. 114) निम्नलिखित में से कौन-सी लोकप्रिय समुद्री मछली की किस्म भारत में पाई जाती है?(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)
#54. 115) निम्नलिखित में से कौन-से जीव, अवश्य्रव्य ध्वनि उत्पन्न करते हैं?(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
#55. 116) निम्नलिखित में से कौन सा कीट को ‘सामाजिक कीट’ नहीं कहा जा सकता है?(RRB NTPC Tier I : 22 Apr 2016 Shift 2)
#56. 117) जोंक किस संघ से संबंधित है:(RRB NTPC CBT-I : 6 April 2021 Shift 2)
#57. 118) ‘सेरीकल्चर’ शब्द निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?(RRB NTPC CBT-I : 28 Dec 2020 Shift 1)
#58. 119) निम्नलिखित में से कौन-सा जीव DDT की अधिकतम सांद्रता संचित करेगा?(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 4:30 PM – 6:00 PM)
#59. 120) किस जीव में कोशिका विभाजन या विखंडन से नए जीवों का निर्माण होता है?(RRB ALP CBT-1 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1)
2. Quick Revision: Animal Kingdom Classification Table
Railway exams mein examples aur unke phyla se jude sawal bahut aate hain. Neeche diye gaye table ko acche se yaad kar lein:
| Phylum / Class | Key Characteristics | Important RRB Exam Examples |
| Porifera | Cellular level, body with pores | Sycon, Spongilla, Euspongia |
| Coelenterata (Cnidaria) | Tentacles, aquatic | Hydra, Jellyfish, Sea Anemone |
| Platyhelminthes | Flatworms, mostly parasitic | Tapeworm (Fita krimi), Planaria |
| Aschelminthes | Roundworms, unsegmented | Ascaris, Enterobius |
| Annelida | Segmented worms, closed circulatory system | Earthworm (Kanchua), Leech (Jonk) |
| Arthropoda | Jointed legs, chitinous exoskeleton | Cockroach, Housefly, Prawn, Butterfly |
| Mollusca | Soft-bodied, often shelled | Pila (Ghonga), Octopus, Pearl oyster |
| Echinodermata | Spiny skin, water vascular system | Starfish, Sea Urchin |
| Mammalia | Mammary glands, hair, warm-blooded | Human, Whale, Bat, Kangaroo |
3. Frequently Asked Questions (FAQs)
Q. Kya railway exams mein science ke sawal Hindi aur English dono mein aate hain?
Haan, RRB NTPC aur Group D ke computer-based tests (CBT) mein aap apni pasandida bhasha (Hindi ya English) select kar sakte hain.
Q. Biology prepare karne ke liye sabse important chapters kaun se hain?
Animal Kingdom, Plant Kingdom, Human Digestive & Circulatory System, Vitamins & Nutrition, aur Diseases railway exams ke liye sabse important hain.
Conclusion
Aapne is article mein railway science ke liye Animal Kingdom ke sabse important previous year questions, answers aur quick revision table dekhi. Inhe regular practice karne se aapka confidence badhega aur exam mein aap asani se biology ke sawal sahi kar payenge.


