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राजस्थान का एकीकरण (Integration of Rajasthan)

समस्त परीक्षापयोगी मास्टर हैंडरिटन नोट्स

कुल समय: 8 वर्ष 7 माह 14 दिन चरण: 07 19 रियासतें + 3 ठिकाने + 1 केंद्रशासित
1. परिचय एवं आधारभूत तथ्य (Basic Overview)
मुख्य बिंदुविवरण / संख्याविशिष्ट विवरण (Key Facts)
कुल समय8 वर्ष, 7 माह, 14 दिन18 मार्च 1948 से प्रारंभ होकर 1 नवंबर 1956 को पूर्ण हुआ।
कुल रियासतें19 देशी रियासतेंसबसे प्राचीन: मेवाड़ | सबसे नवीन: झालावाड़ (1838 में अंग्रेजों द्वारा निर्मित)
कुल ठिकाने (Non-Salute States)3 ठिकाने 1. नीमराणा (अलवर) - कछवाहा वंश
2. कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) - राठौड़ वंश (सबसे बड़ा ठिकाना)
3. लावा (टोंक) - नरूका वंश (सबसे छोटा ठिकाना, जयपुर में मिला)
केंद्र शासित प्रदेश1 (अजमेर-मेरवाड़ा)'C' श्रेणी का राज्य (अलग 'धारा सभा' - 30 सदस्य, CM: हरिभाऊ उपाध्याय)
रियासती विभागस्थापना: 5 जुलाई 1947अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल | सचिव: वी.पी. मेनन
रियासती विभाग की शर्त: स्वतंत्रता प्राप्ति के समय केवल वही रियासतें अपना स्वतंत्र अस्तित्व रख सकती थीं जिनकी जनसंख्या 10 लाख से अधिक तथा वार्षिक आय 1 करोड़ रुपये से अधिक हो। राजस्थान में केवल 4 रियासतें (जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर) ही इस शर्त को पूरा करती थीं।
2. रियासतों के प्रमुख स्मरणीय तथ्य (Exam Special Points)
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासतजोधपुर (मारवाड़) - (1671 वर्ग मील)
क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटी रियासतशाहपुरा - (1450 वर्ग मील)
जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासतजयपुर - (30 लाख जनसंख्या)
जनसंख्या की दृष्टि से सबसे छोटी रियासतशाहपुरा - (16 हजार जनसंख्या)
सर्वप्रथम पूर्ण उत्तरदायी शासन की स्थापनाशाहपुरा (राजा सुदर्शन देव द्वारा, गोकुल लाल असावा के नेतृत्व में)
उत्तरदायी शासन की स्थापना न करने वाली रियासतजैसलमेर (इसे 'राजस्थान का अंडमान' भी कहा जाता है, उत्तराधिकारी शुल्क नहीं लिया)
एकमात्र मुस्लिम रियासतटोंक (संस्थापक: अमीर खाँ पिण्डारी)
तोपों की सलामी से वंचित रियासतेंशाहपुरा व किशनगढ़ (इन्हें तोपों की सलामी का अधिकार नहीं था)
जाट राजाओं की रियासतेंभरतपुर एवं धौलपुर
विलय पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली प्रथम व अंतिम रियासतप्रथम: बीकानेर (सादुल सिंह - 7 अगस्त 1947)
अंतिम: धौलपुर (उदयभान सिंह - 14 अगस्त 1947)
ऐतिहासिक कथन:
1. "मैं अपने डेथ वारंट (डेथ वारंट/मृत्यु प्रमाण पत्र) पर हस्ताक्षर कर रहा हूँ।"महारावल चन्द्रवीर सिंह (बांसवाड़ा)
2. "मेरी रियासत का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है, इसे भारत में विलय करके मानचित्र पर अस्तित्व समाप्त नहीं करना चाहता।"महाराणा भूपाल सिंह (मेवाड़)
3. जोधपुर के महाराजा हनुमान्त सिंह मोहम्मद अली जिन्ना के बहकावे में आकर पाकिस्तान में मिलना चाहते थे, किन्तु सरदार पटेल व वी.पी. मेनन के दबाव में भारत में शामिल हुए। (इसका उल्लेख वी.पी. मेनन की पुस्तक 'द स्टोरी ऑफ द इंटीग्रेशन ऑफ इंडियन स्टेट्स' में है)।
3. एकीकरण याद करने की मास्टर ट्रिक्स (Memory Tricks)
🎯 चरणों की तिथियाँ: 18 | 25 | 18 | 30 | 15 | 26 | 01
🎯 वर्षों की ट्रिक: 48, 48, 48, 49, 49, 50, 56 (3 बार 1948, 2 बार 1949, 1 बार 1950, 1 बार 1956)
🎯 माह याद रखने की ट्रिक: "मामा अम्मी जान" (मार्च, मार्च, अप्रैल, मई, जनवरी, नवम्बर)
👑 राजप्रमुख ट्रिक: "उदय भी भोपा मान मान मान मान"
(1. उदयभान सिंह, 2. भीमसिंह, 3. भूपाल सिंह, 4-7. मानसिंह द्वितीय)

🏛️ उद्घाटनकर्ता ट्रिक: "G G का नेहरू सरदार"
(1. N.V. गाडगिल, 2. N.V. गाडगिल, 3. जवाहरलाल नेहरू, 4. सरदार पटेल)

👨‍💼 प्रधानमंत्री ट्रिक: "शोभा गोकु माणिक हीरा हीरा हीरा हीरा"
(1. शोभाराम कुमावत, 2. गोकुल लाल असावा, 3. माणिक्यलाल वर्मा, 4-7. हीरालाल शास्त्री)
4. एकीकरण के सातों चरणों का विस्तृत विवरण (7 Stages Detail)
प्रथम चरण: मत्स्य संघ (Matsya Sangh) - 18 मार्च 1948
शामिल रियासतें:A, B, C, D (अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर) + 1 ठिकाना (नीमराणा)
नामकरण:K.M. मुंशी (कन्हैयालाल माणिक्यलाल मुंशी) के सुझाव पर।
राजधानी:अलवर
राजप्रमुख:महाराजा उदयभान सिंह (धौलपुर)
उप-राजप्रमुख:गणेशपाल (करौली)
प्रधानमंत्री:शोभाराम कुमावत (अलवर) | उप-प्रधानमंत्री: जुगलकिशोर चतुर्वेदी (राजस्थान के नेहरू)
उद्घाटनकर्ता:N.V. गाडगिल (नरहरि विष्णु गाडगिल) - लोहागढ़ दुर्ग (भरतपुर) में।
क्षेत्रफल व आय:क्षेत्रफल: 12,000 वर्ग किमी | जनसंख्या: 18.38 लाख | वार्षिक आय: ₹184 लाख
विशेष विवरण:अलवर के शासक तेजसिंह व दीवान एन.बी. खरे पर महात्मा गांधी की हत्या के षड्यंत्र का आरोप था, जिसके कारण प्रशासन केंद्र ने हाथ में ले लिया था।
द्वितीय चरण: पूर्व राजस्थान / राजस्थान संघ - 25 मार्च 1948
शामिल रियासतें:9 रियासतें + 1 ठिकाना (कुशलगढ़)
ट्रिक: "बाबू झाड़ू को टोपा काँटी" (बांसवाड़ा, बूंदी, झालावाड़, डूंगरपुर, कोटा, टोंक, प्रतापगढ़, किशनगढ़, शाहपुरा)
राजधानी:कोटा
राजप्रमुख:महाराव भीमसिंह II (कोटा)
उप-राजप्रमुख:वरिष्ठ: बहादुर सिंह (बूंदी) | कनिष्ठ: लक्ष्मण सिंह (डूंगरपुर)
प्रधानमंत्री:गोकुल लाल असावा (शाहपुरा)
उद्घाटनकर्ता:N.V. गाडगिल (कोटा दुर्ग में)
विशेष विवरण:सर्वप्रथम 'राजस्थान' शब्द का प्रयोग इसी चरण में आधिकारिक रूप से हुआ। कोटा महाराव कोटा को मिलाकर 'हाड़ौती संघ' बनाना चाहते थे।
तृतीय चरण: संयुक्त राजस्थान (United Rajasthan) - 18 अप्रैल 1948
शामिल रियासतें:पूर्व राजस्थान (9 रियासतें) + उदयपुर (मेवाड़)
राजधानी:उदयपुर
राजप्रमुख:महाराणा भूपाल सिंह (उदयपुर)
वरिष्ठ उप-राजप्रमुख:महाराव भीमसिंह (कोटा)
प्रधानमंत्री:माणिक्यलाल वर्मा (उदयपुर) | उप-प्रधानमंत्री: गोकुल लाल असावा
उद्घाटनकर्ता:पंडित जवाहरलाल नेहरू (उदयपुर में)
विशेष शर्तें:1. मेवाड़ महाराणा को ₹20 लाख प्रीवीपर्स/भत्ता दिया गया।
2. राजप्रमुख पद वंशानुगत किया गया।
चतुर्थ चरण: वृहत् राजस्थान (Greater Rajasthan) - 30 मार्च 1949
शामिल रियासतें:संयुक्त राजस्थान + J, J, J, B (जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर) + Lava ठिकाना
राजधानी:जयपुर (सत्यनारायण राव समिति की सिफारिश पर)
महाराजप्रमुख:महाराणा भूपाल सिंह (मेवाड़) - आजीवन हेतु एकमात्र महाराजप्रमुख बने।
राजप्रमुख:मानसिंह द्वितीय (जयपुर)
प्रधानमंत्री:पंडित हीरालाल शास्त्री
उद्घाटनकर्ता:सरदार वल्लभभाई पटेल (जयपुर में)
विशेष महत्व:इसी दिन (30 मार्च) को 'राजस्थान दिवस' मनाया जाता है। समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया की अध्यक्षता में गठित 'राजस्थान आंदोलन समिति' का विशेष योगदान रहा।
पंचम चरण: संयुक्त वृहत् राजस्थान - 15 मई 1949
विभाजन/विलय:वृहत् राजस्थान + मत्स्य संघ का विलय
सिफारिश समिति:डॉ. शंकरराव देव समिति (अन्य सदस्य: आर.के. सिद्धावा, प्रभुदयाल)। धौलपुर व भरतपुर की जनता भाषा के आधार पर UP में मिलना चाहती थी, इस समिति की सिफारिश पर ही राजस्थान में मिलाया गया।
राजधानी / मुख्यमंत्री:राजधानी: जयपुर | मुख्यमंत्री: हीरालाल शास्त्री (15 मई 1949 को प्रधानमंत्री पद का नाम मुख्यमंत्री हुआ)
छठा चरण: राजस्थान संघ - 26 जनवरी 1950
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विलय विवरण:संयुक्त वृहत् राजस्थान + सिरोही का विलय (आबू व देलवाड़ा तहसील को छोड़कर, जो बंबई प्रांत में मिलाए गए)
संवैधानिक मान्यता:26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ इस प्रदेश को औपचारिक रूप से 'राजस्थान' नाम मिला। इसे 'B' श्रेणी का राज्य बनाया गया।
मुख्य विरोध:गोकुल भाई भट्ट का हाथल गाँव राजस्थान में मिलाया गया, लेकिन आबू-देलवाड़ा को बंबई में मिलाने पर भारी विरोध हुआ।
सप्तम चरण: वर्तमान पुनर्गठित राजस्थान - 1 नवंबर 1956
विलय/पुनर्गठन:आबू-देलवाड़ा (सिरोही) + अजमेर-मेरवाड़ा + सुनील टप्पा (मंदसौर, MP) का राजस्थान में विलय।
झालावाड़ का सिरोंज क्षेत्र मध्य प्रदेश को दिया गया।
आयोग:राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) - अध्यक्ष: फजल अली, सदस्य: H.N. कुंजरू, K.M. पणिक्कर।
संवैधानिक संशोधन:7वें संविधान संशोधन (1956) द्वारा राजप्रमुख का पद समाप्त कर 'राज्यपाल' पद का सृजन हुआ। A, B, C श्रेणियों का अंतर समाप्त।
प्रथम राज्यपाल:सरदार गुरुमुख निहाल सिंह
तत्कालीन मुख्यमंत्री:मोहनलाल सुखाड़िया (आधुनिक राजस्थान के निर्माता)
5. सत्यनारायण राव समिति द्वारा विभागों का बंटवारा (Department Distribution)
विभाग (Department)आवंटित शहर (City)
राजधानी (Capital)जयपुर
उच्च न्यायालय (High Court)जोधपुर
शिक्षा विभाग (Education Dept.)बीकानेर
खनिज एवं माइन्स विभाग (Minerals)उदयपुर
कृषि विभाग (Agriculture)भरतपुर
वन एवं सहकारिता विभाग (Forests)कोटा
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) / राजस्व बोर्डअजमेर (P. सत्यनारायण समिति 1957 के बाद)
6. संविधान सभा में राजस्थान के सदस्य (Constituent Assembly Members)
  • मनोनीत सदस्य (11 सदस्य): मुकुट बिहारी लाल भार्गव (अजमेर-मेरवाड़ा), माणिक्यलाल वर्मा, बलवंत सिंह मेहता (उदयपुर), जयनारायण व्यास, जसवंत सिंह (जोधपुर), रामचन्द्र उपाध्याय (अलवर), दलेल सिंह (कोटा), गोकुल लाल असावा (शाहपुरा), हीरालाल शास्त्री (जयपुर), सरदार सिंह (खेजड़ी), राज बहादुर (भरतपुर)।
  • प्रशासनिक अधिकारी सदस्य: सर वी.टी. कृष्णमाचारी (जयपुर), C.S. वेंकटाचारी (जोधपुर), सरदार K.M. पणिक्कर (बीकानेर), सर टी. विजयराघवाचार्या (उदयपुर)।
  • विशेष नोट: मूल संविधान पर हस्ताक्षर करने वाले प्रथम राजस्थानी - बलवंत सिंह मेहता (मेवाड़)।
7. Quick Revision Master Table (एक नजर में सम्पूर्ण एकीकरण)
चरणदिनांकनामशामिल क्षेत्रराजधानीराजप्रमुखप्रधानमंत्री/CM
118 मार्च 1948मत्स्य संघABCD + नीमराणाअलवरउदयभान सिंहशोभाराम कुमावत
225 मार्च 1948पूर्व राजस्थान9 रियासतें + कुशलगढ़कोटाभीमसिंह IIगोकुल लाल असावा
318 अप्रैल 1948संयुक्त राजस्थानपूर्व राज. + उदयपुरउदयपुरभूपाल सिंहमाणिक्यलाल वर्मा
430 मार्च 1949वृहत् राजस्थानसंयुक्त राज. + JJJB + लावाजयपुरमानसिंह IIहीरालाल शास्त्री
515 मई 1949संयुक्त वृहत् राज.वृहत् राज. + मत्स्य संघजयपुरमानसिंह IIहीरालाल शास्त्री
626 जनवरी 1950राजस्थान संघसं. वृहत् राज. + सिरोही (आबू छोड़)जयपुरमानसिंह IIहीरालाल शास्त्री
71 नवम्बर 1956वर्तमान राजस्थानआबू-देलवाड़ा + अजमेर + टप्पाजयपुरगुरुमुख निहाल सिंह (राज्यपाल)मोहनलाल सुखाड़िया
राजस्थान का एकीकरण नोट बुक - 100% सटीक परीक्षा उपयोगी तथ्य
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