Rajasthan Janjati or Prajamandal Aandolan
जनजातीय और प्रजामंडल आंदोलन
1. जनजातीय आंदोलन (सामाजिक व राजनीतिक चेतना)
A. भगत आंदोलन (भील आंदोलन)
- नेतृत्व: गोविंद गुरु।
- संस्था: 'सम्प सभा' की स्थापना (1883)।
- प्रमुख घटना: मानगढ़ धाम हत्याकांड (17 नवंबर 1913)।
B. एकी आंदोलन
- नेतृत्व: मोतीलाल तेजावत।
- क्षेत्र: मातृकुंडिया (चित्तौड़गढ़) से शुरुआत।
2. प्रजामंडल आंदोलन (उत्तरदायी शासन की मांग)
इन आंदोलनों का मुख्य उद्देश्य रियासतों में लोकतांत्रिक सरकार और नागरिक अधिकारों की स्थापना करना था।
- मारवाड़ प्रजामंडल (1934): जयनारायण व्यास के नेतृत्व में।
- जयपुर प्रजामंडल (1931): जमुनालाल बजाज और कपूरचंद पाटनी।
- मेवाड़ प्रजामंडल (1938): माणिक्य लाल वर्मा द्वारा स्थापित।
💡 याद रखने योग्य मुख्य बिंदु:
जनजातीय आंदोलन 'सामाजिक सुधार और शोषण के विरुद्ध' थे, जबकि प्रजामंडल आंदोलन का लक्ष्य 'उत्तरदायी शासन' प्राप्त करना था। परीक्षाओं में प्रजामंडल के स्थापना वर्ष और उनके संस्थापक का मिलान अक्सर पूछा जाता है।
राजस्थान जनजाति और प्रजामंडल
Hard Level - Statement Based MCQs
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