RPSC 2nd Grade GK Paper 13 July26

 

Results

(A) यह बीछामेड़ा से उद्गमित होती है।

(B) गोमती तथा सारनी इसकी सहायक नदियाँ हैं।

(C) यह बेणेश्वर में संगम बनाती है।

#1. तथ्यों के आधार पर नदी की पहचान कीजिए –

स्पष्टीकरण (Explanation):

  • (A) बीछामेड़ा से उद्गम: सोम नदी का उद्गम राजस्थान के उदयपुर जिले में ऋषभदेव के पास बीछामेड़ा की पहाड़ियों (Bichhameda Hills) से होता है।

  • (B) सहायक नदियाँ: गोमती, सारनी, जाखम, और टिंडी सोम नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।

  • (C) बेणेश्वर में संगम: यह नदी डूंगरपुर जिले के बेणेश्वर (नवाटापरा) नामक स्थान पर माही और जाखम नदियों के साथ मिलकर त्रिवेणी संगम बनाती है। इस स्थान को आदिवासियों का कुंभ भी कहा जाता है।

राजस्थान में कौनसा/से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के रूप में नामित हैं?

(A) भील          (C) सहरिया

(B) गरासिया      (D) डामोर

#2. सही उत्तर चुनिए –

स्पष्टीकरण (Explanation):

भारत सरकार द्वारा राजस्थान में सहरिया (Sahariya) जनजाति को ही एकमात्र विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG – Particularly Vulnerable Tribal Group) के रूप में नामित किया गया है।

#3. पशुगणना-2019 के अनुसार, राजस्थान में द्वितीय सर्वाधिक कुल गौवंश वाला जिला था –

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • प्रथम स्थान: राजस्थान में सर्वाधिक गौवंश (गाय-बैल) बीकानेर जिले में पाया जाता है।

  • द्वितीय स्थान: दूसरा सर्वाधिक गौवंश जोधपुर जिले में है।

  • न्यूनतम गौवंश: राज्य में सबसे कम गौवंश धौलपुर जिले में है।

राजस्थान के निम्नलिखित जिलों पर विचार कीजिए –

(A) अजमेर (B) टोंक (C) बूंदी (D) भीलवाड़ा

#4. जनसंख्या घनत्व-2011 के अनुसार सही अवरोही क्रम में व्यवस्थित है?

प्रश्न में अवरोही क्रम (Descending Order – ज्यादा से कम की ओर) पूछा गया है। संख्यात्मक रूप से व्यवस्थित करने पर: 305 (अजमेर) > 230 (भीलवाड़ा) > 198 (टोंक) > 192 (बूंदी)

#5. महान/विशाल सीमा भ्रंश राजस्थान के निम्नलिखित में से किस जिले में स्पष्टतः दिखाई नहीं देता है?

महान/विशाल सीमा भ्रंश (Great Boundary Fault – GBF) राजस्थान के चूरू जिले में स्पष्टतः दिखाई नहीं देता है।
इसका विस्तार: मुख्य रूप से चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर जिलों में एक पट्टी के रूप में फैला हुआ है और यहां चट्टानों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।



#6. जिलों के किस युग्म में, पर्यावरण संरक्षण और कचरे से संसाधन पुनर्प्राप्ति को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत संसाधन पुनर्प्राप्ति पार्क विकसित किया गया है?

पर्यावरण संरक्षण और कचरे से संसाधन पुनर्प्राप्ति (Resource Recovery) को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत संसाधन पुनर्प्राप्ति पार्क (Integrated Resource Recovery Park) दौसा तथा कोटा जिलों में विकसित किया गया है।

#7. 7. राजस्थान के निम्नलिखित जिलों में से कौनसा उनके सामान्य वार्षिक वर्षा के आरोही क्रम में सही व्यवस्थित है?

स्पष्टीकरण (Explanation):

राजस्थान में वर्षा की मात्रा उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ती है। दिए गए जिलों की स्थिति और वहां होने वाली औसत वार्षिक वर्षा का अनुमान इस प्रकार है:

  1. हनुमानगढ़: उत्तर-पश्चिमी शुष्क/अर्ध-शुष्क मरुस्थलीय भाग में होने के कारण यहाँ सबसे कम वर्षा होती है (लगभग 30-40 सेमी)।

  2. जयपुर: पूर्वी मैदानी भाग में स्थित होने के कारण यहाँ मध्यम वर्षा होती है (लगभग 50-60 सेमी)।

  3. बारां: दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार क्षेत्र में होने के कारण यहाँ अधिक वर्षा होती है (लगभग 80-90 सेमी)।

  4. झालावाड़: यह राजस्थान का सर्वाधिक वर्षा वाला जिला है, जहाँ सबसे अधिक वर्षा होती है (लगभग 100 सेमी या उससे अधिक)।

अतः कम से अधिक वर्षा का सही क्रम: हनुमानगढ़ < जयपुर < बारां < झालावाड़ है।

‘राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना 2022’ के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए –

(A) योजना 5 मार्च 2022 को लागू की गई।

(B) 35 लाख ₹ तक के ऋण पर 7% ब्याज सब्सिडी।

(C) न्यूनतम 1 करोड़ ₹ निवेश करने वाली इकाइयों को 10 वर्ष तक एस.जी.एस.टी. का 100% का पुनर्भरण।

#8. उपर्युक्त में से कौनसा/से कथन सही है/हैं?

  • कथन (A) गलत है: यह योजना 5 दिसंबर 2022 को लागू की गई थी (न कि 5 मार्च 2022 को)।

  • कथन (B) गलत है: इस योजना के तहत ‘मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत 25 लाख ₹ तक के ऋण पर 8 प्रतिशत के स्थान पर 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान (सब्सिडी) देने का प्रावधान है (न कि 35 लाख पर 7%)।

  • कथन (C) सही है: ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को देय लाभों के अंतर्गत, इन इकाइयों द्वारा किए गए देय एवं जमा एस.जी.एस.टी. (SGST) का 10 वर्षों तक 100% पुनर्भरण (Reimbursement) किया जाएगा।

#9. “माही कंचन” एवं “माही धवल” संकरित किस्में किससे संबंधित हैं?

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • किसने विकसित किया: इन किस्मों को राजस्थान के बांसवाड़ा में स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र (Agriculture Research Centre) द्वारा विकसित किया गया है।

  • क्षेत्र: चूँकि यह अनुसंधान केंद्र माही नदी के कछार (बेसिन) क्षेत्र में स्थित है, इसलिए इन किस्मों के नाम के आगे “माही” जोड़ा गया है। यह मुख्य रूप से राजस्थान के दक्षिणी जिलों (जैसे बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर) में उगाई जाती हैं।

  • मक्का की एक और प्रसिद्ध किस्म: ‘माही कंचन’ और ‘माही धवल’ के अलावा ‘सविता’ और ‘नवजोत’ भी मक्का की लोकप्रिय किस्में हैं।

विशेष नोट: इसी अनुसंधान केंद्र द्वारा चावल (Rice) की भी एक प्रसिद्ध किस्म विकसित की गई है, जिसका नाम “माही सुगंधा” है। अक्सर परीक्षाओं में ‘माही कंचन’ (मक्का) और ‘माही सुगंधा’ (चावल) के बीच भ्रम होता है, इसे ध्यान रखें।

अतः सही विकल्प मक्का है।

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए – वन प्रकार (राजस्थान) – विशेषता/अवस्थिति

(A) सदाबहार और अर्द्ध-सदाबहार वन – माउंट आबू के आसपास

(B) शुष्क सागवान वन – डूंगरपुर, उदयपुर

(C) सालार वन – 25-50 से.मी. वार्षिक वर्षा वाले पहाड़ी क्षेत्रों में

(D) बाँस के वन – बाँसवाड़ा, उदयपुर, कोटा

#10. उपर्युक्त में से कितने युग्म सही हैं?

दिए गए युग्मों का राजस्थान की वनस्पति के अनुसार सही विश्लेषण नीचे दिया गया है:

  • (A) सदाबहार और अर्द्ध-सदाबहार वन – माउंट आबू के आसपास: (सही) राजस्थान में उप-उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Sub-tropical Evergreen Forests) केवल सिरोही जिले के माउंट आबू क्षेत्र में पाए जाते हैं, जहाँ वर्षा 150 सेमी से अधिक होती है।

  • (B) शुष्क सागवान वन – डूंगरपुर, उदयपुर: (सही) शुष्क सागवान वन (Dry Teak Forests) मुख्य रूप से राजस्थान के दक्षिणी भाग में पाए जाते हैं, जिनमें बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़ और बारां जिले शामिल हैं।

  • (C) सालार वन – 25-50 से.मी. वार्षिक वर्षा वाले पहाड़ी क्षेत्रों में: (गलत) सालार के वन मुख्य रूप से 450 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाते हैं, लेकिन इनके लिए वार्षिक वर्षा का पैमाना 50 से 80 से.मी. या उससे अधिक होता है, न कि 25-50 से.मी.। (25-50 सेमी क्षेत्र में शुष्क धोक या मरुस्थलीय वनस्पति पाई जाती है)। यह वन अलवर, उदयपुर, सिरोही और अजमेर के पहाड़ी भागों में मिलते हैं।

  • (D) बाँस के वन – बाँसवाड़ा, उदयपुर, कोटा: (सही) राजस्थान में मानसून चौड़ी पत्ती वाले वनों के अंतर्गत बांस (Bamboo) मुख्य रूप से बांसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा और सिरोही (माउंट आबू) के नम क्षेत्रों में बहुतायत से पाया जाता है।

इस प्रकार, दिए गए चार युग्मों में से तीन युग्म (A, B और D) सही हैं

अतः सही विकल्प केवल तीन है।



#11. ढटकी एवं थाली निम्नलिखित में से किस बोली की उप-बोलियाँ हैं?

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • मारवाड़ी की उप-बोलियाँ: मारवाड़ी पश्चिमी राजस्थान की मुख्य बोली है। इसकी प्रमुख उप-बोलियों में ढटकी, थाली, शेखावाटी, बीकानेरी, बागड़ी, खैराड़ी और गॉडवाड़ी शामिल हैं।

  • क्षेत्र:

    • थाली: यह मुख्य रूप से बीकानेर, जैसलमेर, और चूरू के कुछ मरुस्थलीय क्षेत्रों (रेतीले मैदान जिसे ‘थली’ कहा जाता है) में बोली जाती है।

    • ढटकी: यह बाड़मेर, जैसलमेर और सीमावर्ती पाकिस्तान के ‘धाट’ क्षेत्र में बोली जाती है।

अतः सही विकल्प मारवाड़ी है।

#12. राजस्थान के एकीकरण में मत्स्य संघ से सम्बन्धित कौनसा कथन असत्य है?

वास्तविक तथ्य: मत्स्य संघ के राजप्रमुख अलवर के शासक तेज सिंह नहीं, बल्कि धौलपुर के महाराजा उदयभान सिंह को बनाया गया था। अलवर को मत्स्य संघ की राजधानी बनाया गया था, इसलिए संतुलन बनाने के लिए धौलपुर के शासक को राजप्रमुख का पद दिया गया।

#13. बैराठ से प्राप्त सर्वाधिक रजत मुद्राएँ निम्न में से किन शासकों की हैं?

बैराठ (विराटनगर, जयपुर) से प्राप्त सर्वाधिक रजत (चांदी) मुद्राएँ भारतीय-यूनानी (Indo-Greek) शासकों की हैं।

#14. महाराणा प्रताप के पास अकबर द्वारा विभिन्न मुगल अधिकारियों के नेतृत्व में भेजे गए शिष्टमण्डलों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही विकल्प चुनिए – (A) भगवन्त दास (B) मानसिंह (C) टोडरमल (D) जलाल खाँ कूट –

अकबर द्वारा महाराणा प्रताप को अधीनता स्वीकार कराने के लिए भेजे गए चार शिष्टमण्डलों (दूतों) का सही कालक्रम याद रखने की एक बहुत प्रसिद्ध ट्रिक है — “जमाभटो” (J-M-B-T)।

इसके अनुसार दूतों के भेजे जाने का क्रम इस प्रकार है:

  1. (D) जलाल खाँ (कोरची): नवंबर 1572

  2. (B) मानसिंह: जून 1573

  3. (A) भगवन्त दास: सितंबर 1573

  4. (C) टोडरमल: दिसंबर 1573

इस प्रकार, सही कालक्रमानुसार व्यवस्थित रूप (D), (B), (A), (C) है।

#15. मण्डन ने कुंभलगढ़ दुर्ग की भौगोलिक परिस्थितियों का उपयोग आत्मनिर्भरता के लिये किस प्रकार किया था?

कुंभलगढ़ दुर्ग के मुख्य शिल्पी (वास्तुकार) मण्डन ने दुर्ग की भौगोलिक परिस्थितियों का उपयोग आत्मनिर्भरता के लिये “उन्होंने भूमि के असमान चरित्र का उपयोग जलाशयों के निर्माण एवं वर्षा जल संचयन के लिये किया” के रूप में किया था।



चित्तौड़ के राजनैतिक और सामरिक इतिहास के संदर्भ में निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए –

(I) जैत्रसिंह ने तुर्कों के आक्रमण को रोकने के लिए चित्तौड़ को अपनी राजधानी बनाया था।

(II) अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर विजय प्राप्त करने के बाद इसका प्रशासन लाखा को सौंप दिया था।

(III) हम्मीर ने वंशवादी क्रांति का लाभ उठाकर चित्तौड़ पर कब्जा किया और सिसोदिया राजवंश की नींव रखी।

#16. उपरोक्त में से कौनसे कथन सही हैं?

कथन (II) गलत है: अलाउद्दीन खिलजी ने 1303 ई. में चित्तौड़ पर विजय प्राप्त करने के बाद इसका नाम बदलकर ‘खिजराबाद’ कर दिया था और इसका प्रशासन अपने पुत्र खिज्र खाँ को सौंपा था (न कि लाखा को)। बाद में यह प्रशासन जालौर के मालदेव चौहान (मूछाला मालदेव) को दिया गया था।

#17. निम्नांकित में से कौनसा एक लोक वाद्य यन्त्र समूह सुमेलित नहीं है?

स्पष्टीकरण (Explanation):

राजस्थान के लोक वाद्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। इस प्रश्न के चौथे विकल्प में अलग-अलग श्रेणियों के वाद्यों को एक साथ मिला दिया गया है, जो इस प्रकार है:

  1. रावणहत्था और जन्तर: ये तत वाद्य हैं (जिनमें तार लगे होते हैं)।

  2. सतारा: यह एक सुषिर वाद्य है (जो फूंक मारकर बजाया जाता है)।

  3. निशान: यह एक अवनद्ध/ताल वाद्य है (जो चमड़े से मढ़ा होता है)।

चूँकि इस समूह में सभी वाद्य एक ही श्रेणी या प्रकृति के नहीं हैं, इसलिए यह सुमेलित नहीं है।

#18. माणिक्य लाल वर्मा के सम्बन्ध में निम्नांकित में से कौनसा कथन असत्य है?

श्री वर्मा जी ने 1946 ई. में ‘अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद्’ का सातवाँ अधिवेशन उदयपुर में करवाया। (यह कथन असत्य है)

इसका सही तथ्य और स्पष्टीकरण:

  • वास्तविक तथ्य: अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद् (All India States Peoples’ Conference) का यह सातवाँ ऐतिहासिक अधिवेशन उदयपुर में दिसंबर 1945 से जनवरी 1946 (31 दिसंबर 1945 से 2 जनवरी 1946) के दौरान आयोजित हुआ था। इस अधिवेशन की अध्यक्षता स्वयं पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी, जबकि माणिक्य लाल वर्मा इसके मुख्य आयोजक और स्वागत समिति के अध्यक्ष थे। परीक्षा के दृष्टिकोण से यहाँ मुख्य रूप से वर्ष 1945 (दिसंबर के अंत) को ही इसके शुरू होने का सही समय माना जाता है, या फिर विकल्प का अन्य हिस्सा पूर्णतः सत्य है जबकि बाकी तीनों अकाट्य रूप से सही हैं।

#19. बूंदी के शासक विनय सिंह के सम्बन्ध में निम्नांकित कथनों का अध्ययन कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए – (A) उन्होंने ‘गुलिस्ताँ’ का सुलेखन एवं चित्रांकन करवाया था। (B) ‘गुलिस्ताँ’ के चित्र बलदेव एवं गुलाम अली ने बनाए थे।

कथन (A) गलत है: शेख सादी के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘गुलिस्ताँ’ का सुलेखन (Calligraphy) एवं चित्रांकन अलवर के महाराजा विनय सिंह (बन्ने सिंह) ने करवाया था, न कि बूंदी के शासक ने। प्रश्न में “बूंदी के शासक विनय सिंह” लिखा होने के कारण यह कथन पूर्णतः असत्य हो जाता है।

निम्न में से कौनसे तथ्य अर्जुन लाल सेठी के विषय में सही हैं?

(A) अर्जुन लाल सेठी पर 1912 में गवर्नर जनरल लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने की योजना बनाने का आरोप लगाया गया।

(B) जयपुर के महाराजा के आदेश से उन्हें 5 वर्ष की कैद हुई।

(C) 1914 से 1920 के मध्य वे अजमेर जेल में रखे गए।

(D) जेल से रिहा होने के पश्चात् उन्होंने अजमेर को अपना राजनैतिक कार्यक्षेत्र बनाया।

#20. सही उत्तर का चयन नीचे दिए गए विकल्पों में से कीजिए –

(C) 1914 से 1920 के मध्य अजमेर जेल में रखा गया: (गलत) अर्जुन लाल सेठी को जयपुर में बंदी बनाने के बाद वेलूर जेल (मद्रास/तमिलनाडु) भेजा गया था, न कि अजमेर जेल। वे 1914 से 1920 तक वेलूर जेल में ही नजरबंद रहे थे, जहाँ उन्होंने लंबी भूख हड़ताल भी की थी।



#21. निम्नलिखित में से कौनसा/से नेता सिरोही राज्य प्रजामंडल से सम्बन्धित थे? (A) गोकुलभाई भट्ट (B) बाबू टेकचन्द सिन्धी (C) सौभाग्य मल सिन्धी कूट –

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • गोकुलभाई भट्ट (A): इन्हें “राजस्थान का गांधी” कहा जाता है। उन्होंने 23 जनवरी 1939 को सिरोही राज्य प्रजामंडल की स्थापना की थी और वे इसके सर्वप्रमुख नेता व अध्यक्ष थे।

  • बाबू टेकचन्द सिन्धी (B) और सौभाग्य मल सिन्धी (C): ये दोनों भी सिरोही प्रजामंडल आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने सिरोही राज्य में उत्तरदायी शासन की स्थापना और सामंती दमन के खिलाफ जन-जागरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. 1939 के दौरान सिरोही राज्य के जन आंदोलनों और गिरफ्तारियों में इन स्थानीय नेताओं ने प्रमुख भूमिका निभाई

#22. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं सही विकल्प को चुनिए – (A) फैज़ल अली खान पठान ने 1857 की क्रांति में मुगल बादशाह के पुत्र की सैनिक सहायता की थी। (B) फैज़ल अली खान पठान डुंडलोद ठिकाने के कामदार थे। कूट –

  • कथन (A) सही है: 1857 की क्रांति के समय झुंझुनू (शेखावाटी क्षेत्र) के रहने वाले फैज़ल अली खान पठान ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था और दिल्ली जाकर मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर के पुत्र की सैन्य सहायता की थी.

  • कथन (B) सही है: फैज़ल अली खान पठान शेखावाटी के प्रसिद्ध डुंडलोद ठिकाने के कामदार (प्रबंधक/कारिंदे) के रूप में कार्यरत थे। क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल होने के कारण अंग्रेजों और स्थानीय ठाकुरों ने उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया था।

प्रसिद्ध साहित्यकार कन्हैयालाल सेठिया के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

(A) महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होकर, खादी प्रचार और दलितोद्धार का कार्य किया।

(B) देशप्रेम और राष्ट्रीयता से ओतप्रोत काव्य संग्रह ‘वज्र वीणा’ के कारण, इन पर 1942 ई. में राजद्रोह का आरोप लगा।

(C) 2004 में इन्हें पद्मश्री सम्मान प्राप्त हुआ।

#23. उपर्युक्त कथनों में से कौनसे सही हैं?

कथन (B) गलत है: देशप्रेम और राष्ट्रीयता से ओतप्रोत जिस काव्य संग्रह के कारण उन पर ब्रिटिश हुकूमत द्वारा राजद्रोह का मुकदमा चलाया गया था, उसका नाम ‘वज्र वीणा’ नहीं बल्कि ‘अग्निवीणा’ (Agni Veena) था। इस कृति में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ तीखे स्वर थे, जिसके कारण वर्ष 1942 में उन पर राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था।

#24. निम्न में से किसने मुगलों के विरुद्ध “कंसारों की पोल की लड़ाई” लड़ी थी?

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • राव चन्द्रसेन (मारवाड़ी शासक): इन्हें मारवाड़ का ‘प्रताप’, ‘प्रताप का अग्रगामी’ और ‘मारवाड़ का भूला-बिसरा राजा’ कहा जाता है। उन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और आजीवन मुगलों के खिलाफ संघर्ष करते रहे।

  • कंसारों की पोल की लड़ाई: मारवाड़ (जोधपुर) पर मुगलों के अधिकार के बाद जब राव चन्द्रसेन ने सिवाना को अपना केंद्र बनाकर मुगलों के खिलाफ छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) जारी रखा, तब अलग-अलग मोर्चों पर मुगल सेना से उनका सामना हुआ। ‘कंसारों की पोल’ और ‘रामपोल’ के मोर्चे उन्हीं ऐतिहासिक प्रतिरोधों और संघर्षों का हिस्सा हैं।

#25. मेवाड़ के गुहिल वंश के निम्नलिखित शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करिए तथा नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिए – (A) अपराजित (B) शिलादित्य (C) अल्लट (D) नरवाहन कूट –

  1. (B) शिलादित्य: गुहिल वंश के प्रारंभिक शासकों में से एक, जिनका समय सामौली शिलालेख (646 ई.) के अनुसार सातवीं शताब्दी के मध्य का माना जाता है।

  2. (A) अपराजित: शिलादित्य के बाद के शासक, जिनका प्रसिद्ध अपराजित का शिलालेख (661 ई.) नागदा से प्राप्त हुआ है।

  3. (C) अल्लट: दसवीं शताब्दी (लगभग 951-953 ई.) के मेवाड़ के प्रतापी शासक जिन्होंने आहड़ को अपनी दूसरी राजधानी बनाया।

  4. (D) नरवाहन: राजा अल्लट के पुत्र और उत्तराधिकारी, जिनका समय लगभग 971 ई. के आस-पास का माना जाता है।

अतः इन शासकों का सही कालक्रमानुसार व्यवस्थित रूप (B), (A), (C), (D) है।



#26. संत पयहारी स्वामी जी व संत कील्ह दास जी किस सम्प्रदाय से सम्बन्धित संत थे?

महत्वपूर्ण तथ्य और इतिहास:

  • कृष्णदास पयहारी: इन्होंने जयपुर के पास गलता जी (Galta Ji) में रामानन्दी सम्प्रदाय की मुख्य पीठ की स्थापना की थी। नाथ सम्प्रदाय के गुरु चतुरनाथ को शास्त्रार्थ में हराकर उन्होंने इस स्थान को रामानन्दी सम्प्रदाय का प्रमुख केंद्र बनाया, जिसे ‘उत्तर तोताद्रि’ भी कहा जाता है। केवल गाय का दूध (पय) पीने के कारण इनका नाम ‘पयहारी’ पड़ा था।

  • संत कील्ह दास जी: ये कृष्णदास पयहारी जी के प्रमुख शिष्य और उनके उत्तराधिकारी थे। इन्होंने गलता पीठ की गद्दी संभाली और सम्प्रदाय के विचारों को आगे बढ़ाया। प्रसिद्ध संत नाभादास जी (जिन्होंने ‘भक्तमाल’ की रचना की) इन्हीं कील्ह दास जी के शिष्य थे।

#27. ‘करचोप’ कढ़ाई किसे कहते हैं?

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • क्या होती है यह कला: करचोप वास्तव में जरदोजी (Zardozi) का ही एक रूप है, जिसमें मखमली या रेशमी कपड़ों पर सोने और चांदी के धागों (तारों) से उभरी हुई और बेहद महीन कढ़ाई की जाती है।

  • उपयोग: राजघराने और सामंती काल में इसका उपयोग विशेष रूप से मसनदों (बैठने के बड़े तकिये/मसनद), छतरियों, राजसी वस्त्रों, घोड़ों और हाथियों के झूल (कपड़े) तथा दरबार के पर्दों को सजाने के लिए किया जाता था। जैसलमेर इस कला के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध रहा है।

#28. निम्नलिखित में से कौनसे त्यौहारों का प्रतिवर्ष भाद्रपद माह में आयोजन होता है? नीचे दिए गए कूट से सही विकल्प चुनिए – (i) रक्षाबन्धन (ii) बड़ी तीज (iii) गणेश चतुर्थी (iv) शरद पूर्णिमा कूट –

दिए गए त्योहारों की तिथियों और महीनों का विश्लेषण इस प्रकार है:

  • (i) रक्षाबन्धन: यह त्योहार श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है। (यह भाद्रपद में नहीं आता)

  • (ii) बड़ी तीज (सातूड़ी तीज/बूढ़ी तीज): यह त्योहार भाद्रपद कृष्ण तृतीया को मनाया जाता है।

  • (iii) गणेश चतुर्थी: यह त्योहार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है।

  • (iv) शरद पूर्णिमा: यह त्योहार आश्विन पूर्णिमा को मनाया जाता है। (यह भी भाद्रपद में नहीं आता)

इस प्रकार, केवल (ii) बड़ी तीज और (iii) गणेश चतुर्थी का आयोजन प्रतिवर्ष भाद्रपद माह में होता है।

#29. निम्नांकित में से कौन “नीमड़ा भील सम्मेलन” से सम्बन्धित थे?

ऐतिहासिक संदर्भ:

  • एक आंदोलन (Eki Movement): भीलों और आदिवासियों में जाग्रति लाने और सामंती शोषण व करों के खिलाफ मोतीलाल तेजावत के नेतृत्व में ‘एक आंदोलन’ चलाया जा रहा था।

  • नीमड़ा हत्याकांड (7 मार्च 1922): विजयनगर राज्य के नीमड़ा गाँव में भीलों का एक विशाल सम्मेलन आयोजित हो रहा था, जिसे मोतीलाल तेजावत संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान मेवाड़ भील कोर (एमबीसी) के ब्रिटिश सैनिकों ने इस सम्मेलन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं।

  • परिणाम: इस भीषण नरसंहार में लगभग 1200 भील शहीद हो गए थे। इसी कारण इस घटना को राजस्थान के इतिहास का दूसरा ‘जलियावाला बाग हत्याकांड’ भी कहा जाता है। इस संघर्ष के दौरान मोतीलाल तेजावत के पैर में गोली लगी थी, लेकिन भील साथियों ने उन्हें सुरक्षित निकाल लिया था।

#30. निम्नांकित में से कौनसा स्थान लोक देवता मल्लिनाथ जी से सम्बन्धित है?

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • तिलवाड़ा (बाड़मेर/बालोतरा): यह स्थान लूणी नदी के तट पर स्थित है, जहाँ मल्लिनाथ जी का मुख्य मंदिर है। यहाँ प्रतिवर्ष चैत्र कृष्ण एकादशी से चैत्र शुक्ल एकादशी तक मल्लिनाथ पशु मेला आयोजित होता है, जो राजस्थान के सबसे पुराने पशु मेलों में से एक है। इनके नाम पर ही बाड़मेर के क्षेत्र को ‘मालानी’ भी कहा जाता है।



#31. प्रत्येक पंचायत में अनुसूचित जातियों के लिए स्थानों के आरक्षण की बात भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में की गई है?

इस अनुच्छेद की मुख्य बातें:

  • अनुच्छेद 243घ (Article 243D): इसके तहत प्रत्येक पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटों के आरक्षण का प्रावधान है। साथ ही, इसी अनुच्छेद में महिलाओं के लिए भी कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित करने की व्यवस्था की गई है।

#32. भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा?

संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 164 – Article 164):

  • अनुच्छेद 164(1) के अनुसार, “मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा” और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल, मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा। इसके साथ ही मंत्री, राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the Governor) अपने पद पर बने रहते हैं।

#33. वर्ष 2025 (01.01.2025 से 31.12.2025 तक) के दौरान, राजस्थान राज्य महिला आयोग द्वारा किस प्रकार की शिकायतों के सर्वाधिक प्रकरण दर्ज किए गए?

वर्ष 2025 के दौरान राजस्थान राज्य महिला आयोग (तथा राष्ट्रीय महिला आयोग के राजस्थान से प्राप्त आंकड़ों) द्वारा दर्ज किए गए प्रकरणों में सर्वाधिक शिकायतें घरेलू हिंसा / हिंसा की श्रेणी में दर्ज की गई हैं।

दिए गए विकल्पों के आधार पर इसका सही उत्तर हिंसा है।

#34. राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 (दिनांक 02.04.2024 तक यथा संशोधित) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौनसा एक कथन सही नहीं है?

कथन 1 गलत है: वर्ष 2011 और उसके बाद के संशोधनों (सुप्रीम कोर्ट के ‘ऑल इंडिया जज एसोसिएशन’ मामले के दिशानिर्देशों) के तहत राजस्थान में जिला न्यायाधीश (District Judge) के कैडर में नियमित पदोन्नति (merit-cum-seniority) का कोटा बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा 10% पद ‘सीमित प्रतियोगी परीक्षा’ (Limited Competitive Examination) द्वारा तथा शेष 25% पद वकीलों (Bar) में से ‘सीधी भर्ती’ द्वारा भरे जाते हैं। इसलिए 50% वाला कथन पूरी तरह गलत है。

#35. राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य किसको सम्बोधित करते हुए अपने हस्ताक्षर से लिखित में त्यागपत्र दे सकता है?

संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 316):

  • त्यागपत्र (Resignation): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 316(2)(क) के अनुसार, राज्य लोक सेवा आयोग का कोई भी सदस्य (या अध्यक्ष) अपने पद की अवधि समाप्त होने से पहले राज्य के राज्यपाल को अपना लिखित त्यागपत्र सौंप सकता है।

एक महत्वपूर्ण अंतर (जो अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है): भले ही आरपीएससी (RPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और वे अपना त्यागपत्र भी राज्यपाल को देते हैं, लेकिन उन्हें पद से हटाने (Removal) की शक्ति राज्यपाल के पास नहीं होती। उन्हें केवल भारत के राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही पद से हटाया जा सकता है।



#36. राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 में राजस्थान नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2026 के द्वारा निम्नलिखित में से कौनसा परिवर्तन किया गया है?

महत्वपूर्ण तथ्य और संशोधन के प्रभाव:

  1. कुष्ठ रोग (Leprosy) का विलोपन: पूर्व में कुष्ठ रोग से पीड़ित या ठीक हो चुके व्यक्तियों को नगर निकाय चुनाव लड़ने के अयोग्य माना जाता था। सामाजिक भेदभाव और कलंक को मिटाने तथा समानता का अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 2026 के संशोधन द्वारा कुष्ठ रोग को “खतरनाक बीमारियों” की श्रेणी से हटा दिया गया है।

  2. दो से अधिक संतान का नियम समाप्त: इस संशोधन विधेयक (2026) के माध्यम से एक और बड़ा ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। अब दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्ति भी शहरी स्थानीय निकाय (नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम) का चुनाव लड़ सकेंगे चूंकि विकल्प (3) में लिखा है कि दो से अधिक संतान वाला व्यक्ति “निरर्हित (अयोग्य) होगा”, इसलिए वह विकल्प गलत है (क्योंकि इस पाबंदी को अब हटा दिया गया है)।

#37. भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अन्तर्गत किसी राज्य में विधान परिषद सृजित अथवा उत्सादित की जा सकती है?

भारत के संविधान के अनुच्छेद 169 के अन्तर्गत किसी राज्य में विधान परिषद (Legislative Council) का सृजन (Creation) अथवा उत्सादन (Abolition/समाप्ति) किया जा सकता है।

इस प्रक्रिया के मुख्य बिंदु:

  • संसद की शक्ति: अनुच्छेद 169 के तहत संसद को किसी राज्य में विधान परिषद को बनाने या समाप्त करने का अधिकार है।

  • राज्य विधानसभा का प्रस्ताव: संसद ऐसा तब ही कर सकती है, जब संबंधित राज्य की विधानसभा इस संबंध में विशेष बहुमत (कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत) से प्रस्ताव पारित करके केंद्र को भेजे।

#38. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का आदर्श वाक्य क्या है?

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA – Rajasthan State Legal Services Authority) का आदर्श वाक्य (Motto) “एक्सेस टू जस्टिस फॉर ऑल” (Access to Justice for All) है।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • उद्देश्य: इस प्राधिकरण का मुख्य ध्येय समाज के गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों को मुफ्त, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण कानूनी सहायता (Legal Aid) सुनिश्चित करना है ताकि कोई भी नागरिक आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण न्याय पाने से वंचित न रहे।

  • स्थापना: इसकी स्थापना विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (Legal Services Authorities Act, 1987) के तहत की गई है, और इसका मुख्यालय जयपुर में स्थित है।

राजस्थान के राज्यपाल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए – (I) यदि उच्चतम न्यायालय में राजस्थान के राज्यपाल के विरुद्ध कदाचार का आरोप सिद्ध होता है, तो भारत की संसद उन्हें उनके पद से हटा सकती है।

(II) राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राजस्थान का राज्यपाल करता है।

#39. दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए –

  • कथन (I) गलत है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 156(1) के अनुसार, राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the President) अपना पद धारण करता है। राज्यपाल को हटाने की शक्ति केवल भारत के राष्ट्रपति के पास है। संसद के पास महाभियोग (Impeachment) चलाकर राज्यपाल को हटाने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।

  • कथन (II) गलत है: संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार, किसी भी राज्य के उच्च न्यायालय (High Court) के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (न कि राज्यपाल द्वारा)। राज्यपाल केवल नियुक्ति के समय राष्ट्रपति को परामर्श देते हैं और नवनियुक्त न्यायाधीशों को शपथ दिलाते हैं।

#40. राजस्थान में, संभागीय आयुक्त पद की पुनः स्थापना कब की गयी थी?

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:

  • पद की शुरुआत: राजस्थान में संभागीय व्यवस्था की शुरुआत हीरालाल शास्त्री सरकार द्वारा 1949 में की गई थी।

  • पद की समाप्ति: अप्रैल 1962 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोहन लाल सुखाड़िया ने इस व्यवस्था और संभागीय आयुक्त के पद को समाप्त कर दिया था।

  • पुनः स्थापना: 26 जनवरी 1987 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी सरकार ने प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए इस व्यवस्था को फिर से बहाल किया।



#41. अप्रैल 2026 में काहिरा (इजिप्ट) में आयोजित आई.एस.एस.एफ. जूनियर वर्ल्ड कप में राजस्थान की किस निशानेबाज खिलाड़ी ने भाग लिया?

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • खिलाड़ी का परिचय: ख्वाहिश शर्मा राजस्थान के सीकर (फतेहपुर शेखावाटी) जिले की रहने वाली एक बेहद प्रतिभाशाली उभरती हुई राइफल निशानेबाज हैं।

  • उपलब्धियां: इन्होंने इस वर्ष एशियन चैंपियनशिप (दिल्ली), आई.एस.एस.एफ. जूनियर वर्ल्ड कप (काहिरा) और जर्मनी में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप सहित कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश व राजस्थान राज्य का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 23वीं राजस्थान स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप (2025) में भी दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता था।

#42. राजस्थान बजट 2026-27 में, राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना में 60 वर्ष से अधिक आयु के अधिस्वीकृत पत्रकारों को सम्मान राशि (प्रतिमाह) एवं दिवंगत अधिस्वीकृत पत्रकार की पत्नी को देय राशि (प्रतिमाह) क्रमशः कितनी करने का प्रावधान किया है?

राजस्थान बजट 2026-27 में “राजस्थान अधिस्वीकृत पत्रकार सम्मान योजना” के तहत सम्मान राशि को निम्नानुसार बढ़ाने का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है:

  • 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ अधिस्वीकृत पत्रकारों के लिए: मासिक सम्मान राशि को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह किया गया है।

  • दिवंगत अधिस्वीकृत पत्रकार की पत्नी (विधवा) को देय राशि: इसे मुख्य सम्मान राशि का आधा (50%) यानी ₹9,000 प्रतिमाह करने का प्रावधान किया गया है।

#43. 1 मई, 2026 को राजस्थान के कमेटी ऑफ़ सेक्रेटरीज़ (सी.ओ.एस.) की बैठक में प्रस्तुत ‘इम्पैक्ट असेसमेंट ऑफ़ डीरेगुलेशन फेज़-I’ रिपोर्ट के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिये एवं सही विकल्प चुनिए – कथन (A): रिपोर्ट के अनुसार, उद्योगों के लिए ‘व्हाइट कैटेगरी’ की सूची को 104 से बढ़ाकर 677 कर दिया गया है। कथन (B): एम.एस.एम.ई. (MSMEs) के लिए सी.टी.ई./सी.टी.ओ. (CTE/CTO) की समय सीमा को 120 दिनों से घटाकर मात्र 51 दिन कर दिया गया है।

#44. राजस्थान राज्य राजमार्ग आधुनिकीकरण परियोजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। (राजस्थान सरकार द्वारा अप्रैल 2026 में जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार) – कथन (A): विश्व बैंक ने इस परियोजना के लिए 225 मिलियन डॉलर के ऋण को मंजूरी दी है। कथन (B): इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के लगभग 1200 किलोमीटर राजमार्गों का उन्नयन करना है। उपरोक्त में से कौनसा/से कथन सही है/हैं?

  • कथन (A) सही है: विश्व बैंक के कार्यपालक निदेशक मंडल ने अप्रैल 2026 में ‘राजस्थान राज्य राजमार्ग आधुनिकीकरण परियोजना’ (Rajasthan Highway Modernization Project) के लिए 225 मिलियन डॉलर (लगभग ₹2,025 करोड़) के ऋण को मंजूरी दी है।

  • कथन (B) गलत है: इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के लगभग 1200 किलोमीटर नहीं, बल्कि लगभग 800 किलोमीटर (विभिन्न आधिकारिक संदर्भों के अनुसार सटीक रूप से ~800 से 926 किमी के बीच) राजमार्ग गलियारों का उन्नयन और रखरखाव करना है।

#45. अप्रैल 2026 में, दुर्लभ ‘लाफिंग एपिलेप्सी’ के लिए उन्नत सर्जरी करने वाला राजस्थान का पहला अस्पताल है –

दुर्लभ ‘लाफिंग एपिलेप्सी’ (Gelastic Epilepsy) के लिए उन्नत सर्जरी (Gelastic Seizure Surgery) करने वाला राजस्थान का पहला अस्पताल एम्स, जोधपुर (AIIMS, Jodhpur) है।



#46. 13 मई, 2026 को राजस्थान राज्य ब्रॉडबैंड समिति (Rajasthan State Broadband Committee) की 17वीं बैठक आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता किसने की थी?

13 मई, 2026 को आयोजित राजस्थान राज्य ब्रॉडबैंड समिति की 17वीं बैठक की अध्यक्षता राजस्थान के मुख्य सचिव (Chief Secretary of Rajasthan) ने की थी।

#47. मई 2026 में नीति आयोग द्वारा प्रसारित ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया : टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी एनहान्समेंट’ रिपोर्ट के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक की एकीकृत शिक्षा उपलब्ध करवाने में संपूर्ण देश की लगभग कितनी हिस्सेदारी राजस्थान की है?

मई 2026 में नीति आयोग द्वारा जारी की गई ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया : टेम्पोरल एनालिसिस एंड पॉलिसी रोडमैप फॉर क्वालिटी एनहान्समेंट’ रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा 1 से 12 तक की एकीकृत शिक्षा (Integrated Schooling) उपलब्ध करवाने में संपूर्ण देश में राजस्थान की हिस्सेदारी लगभग 35% है।

इस शानदार आंकड़े के साथ राजस्थान इस श्रेणी में पूरे देश में पहले स्थान पर है।

#48. ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS), जयपुर शाखा कार्यालय द्वारा भारतीय मानक IS 6455:2025 के अंतर्गत “सिंगल रो डीप ग्रूव बॉल बेयरिंग” के लिए अखिल भारतीय स्तर का प्रथम लाइसेंस प्रदान किया गया। ये लाइसेंस प्रदान किये गये हैं –

ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS), जयपुर शाखा कार्यालय द्वारा भारतीय मानक IS 6455:2025 के अंतर्गत “सिंगल रो डीप ग्रूव बॉल बेयरिंग” के लिए अखिल भारतीय स्तर का प्रथम लाइसेंस नेशनल इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, जयपुर (NEI – National Engineering Industries Ltd., Jaipur) को प्रदान किया गया है।

#49. अप्रैल 2026 में जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय हैंडबॉल (पुरुष) प्रतियोगिता के लिए निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए एवं सही विकल्प चुनिए – कथन (A): प्रतियोगिता के फाइनल में राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर को 18-12 से हराकर प्रतियोगिता का खिताब जीता। कथन (B): राजस्थान विश्वविद्यालय के हर दयाल को प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट चुना गया।

#50. मई 2026 में वी.एस.के. फाउंडेशन, जयपुर द्वारा आयोजित देवर्षि नारद जयंती एवं पत्रकार सम्मान समारोह में सम्मानित पत्रकारों (कॉलम I) एवं उनकी सम्बंधित मीडिया श्रेणी (कॉलम II) को सुमेलित कर सही विकल्प चुनिए – कॉलम-I (A) लखबीर सिंह (B) मदन कलाल (C) राम गोपाल जाट कॉलम-II (i) प्रिंट मीडिया (ii) डिजिटल मीडिया (iii) इलेक्ट्रॉनिक मीडिया

वी.एस.के. फाउण्डेशन, जयपुर द्वारा आयोजित देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर पत्रकारों को उनके संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया था। सही सुमेलन इस प्रकार है:

  • (A) लखबीर सिंह: इन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (iii) की श्रेणी में सम्मानित किया गया था।

  • (B) मदन कलाल: इन्हें प्रिंट मीडिया (i) के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पुरस्कार मिला।

  • (C) राम गोपाल जाट: इन्हें डिजिटल मीडिया (ii) श्रेणी में नारद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं: अन्य सभी विकल्पों (1, 3 और 4) में इन पत्रकारों और उनकी मीडिया श्रेणियों का गलत मिलान किया गया है। केवल विकल्प 2 ही तथ्यात्मक रूप से सटीक है।



#51. कृष्णा नदी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए – (A) यह सबसे बड़ी पूर्व की ओर बहने वाली प्रायद्वीपीय नदी है। (B) इसका उद्गम सह्याद्रि में महाबलेश्वर के निकट होता है। (C) कोयना, तुंगभद्रा और भीमा इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। (D) इसके कुल जलग्रहण क्षेत्र का सर्वाधिक भाग कर्नाटक में स्थित है। उपरोक्त में से कौनसे कथन सत्य हैं?

  • (A) यह सबसे बड़ी पूर्व की ओर बहने वाली प्रायद्वीपीय नदी है। (गलत): प्रायद्वीपीय भारत की पूर्व की ओर बहने वाली सबसे बड़ी नदी गोदावरी है (जिसे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है), न कि कृष्णा। कृष्णा प्रायद्वीपीय भारत की दूसरी सबसे बड़ी नदी है।

  • (B) इसका उद्गम सह्याद्रि में महाबलेश्वर के निकट होता है। (सही): कृष्णा नदी महाराष्ट्र के सतारा जिले में पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) पर्वत शृंखला में महाबलेश्वर के पास से निकलती है।

  • (C) कोयना, तुंगभद्रा और भीमा इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। (सही): ये तीनों कृष्णा नदी की बहुत महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ हैं (जिनमें तुंगभद्रा सबसे बड़ी और भीमा सबसे लंबी सहायक नदी है)।

  • (D) इसके कुल जलग्रहण क्षेत्र का सर्वाधिक भाग कर्नाटक में स्थित है। (सही): कृष्णा नदी बेसिन का कुल क्षेत्रफल लगभग 2,58,948 वर्ग किमी है। इसका सबसे बड़ा हिस्सा कर्नाटक (लगभग 1,13,271 वर्ग किमी या कुल बेसिन का लगभग 43.7%) में है। इसके बाद महाराष्ट्र और फिर तेलंगाना व आंध्र प्रदेश का स्थान आता है।

चूँकि केवल कथन B, C और D सत्य हैं, इसलिए विकल्प (2) सही उत्तर है।

#52. निम्नलिखित में से कौनसा “जैव विविधता सम्मेलन (CBD)” के तीन प्राथमिक उद्देश्यों में शामिल नहीं है?

स्पष्टीकरण: 1992 के पृथ्वी सम्मेलन (रियो डी जेनेरियो) में अपनाए गए ‘जैव विविधता सम्मेलन’ (Convention on Biological Diversity – CBD) के केवल तीन आधिकारिक प्राथमिक उद्देश्य हैं:

  1. जैव विविधता का संरक्षण (जो कि विकल्प 3 है)।

  2. जैव विविधता के घटकों का टिकाऊ (सतत) उपयोग (जो कि विकल्प 4 है)।

  3. आनुवंशिक संसाधनों से उत्पन्न होने वाले लाभों का निष्पक्ष और समान बंटवारा (जो कि विकल्प 1 है)।

#53. निम्नलिखित में से कौनसी भौतिक आकृति अफ्रीका महाद्वीप में अवस्थित नहीं है?

स्पष्टीकरण: कास्केड रेंज (Cascade Range) उत्तरी अमेरिका (मुख्य रूप से पश्चिमी अमेरिका और कनाडा) में स्थित एक प्रमुख पर्वत श्रृंखला है, इसलिए यह अफ्रीका में नहीं है।

  • अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

    • (1) ड्रेकन्सबर्ग पर्वत: यह दक्षिण अफ्रीका (अफ्रीका महाद्वीप) में स्थित है।

    • (2) बी पठार (Bié Plateau): यह अफ्रीका के अंगोला देश में स्थित है (तस्वीर में इस पर टिक लगा है, जो कि गलत उत्तर है क्योंकि यह अफ्रीका में ही है)।

    • (4) कटंगा पठार: यह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (अफ्रीका) में स्थित खनिजों से समृद्ध एक पठार है।

#54. भारत में सितम्बर के महीने में, पूर्वी जेट की सामान्य स्थिति होती है –

स्पष्टीकरण: उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम (Tropical Easterly Jet – TEJ) भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारक है। गर्मियों और मानसून के महीनों (जिसमें सितम्बर भी शामिल है) के दौरान, यह जेट स्ट्रीम प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर लगभग 14° से 15° उत्तरी अक्षांश के आसपास प्रवाहित होती है।

  • अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

    • 30° उत्तरी अक्षांश पर सर्दियों में ‘उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम’ (Sub-tropical Westerly Jet) का प्रभाव होता है, पूर्वी जेट का नहीं।

    • 8° और 22° अक्षांश सितम्बर माह में इस जेट स्ट्रीम की आदर्श व प्रामाणिक स्थिति को नहीं दर्शाते हैं।

#55. विभिन्न देशों के निम्नलिखित क्षेत्रों पर विचार कीजिए – (A) फ्लोरिडा (B) दक्षिण-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (C) मध्य चिली उपर्युक्त में से किन क्षेत्रों में केवल सर्दियों में ही पछुआ पवनें चलती हैं?

सही उत्तर: (3) केवल (B) तथा (C)

स्पष्टीकरण: “केवल सर्दियों में पछुआ पवनों (Westerlies) का चलना और वर्षा होना” भूमध्यसागरीय जलवायु (Mediterranean Climate) की सबसे प्रमुख विशेषता है।

  • (B) दक्षिण-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (पर्थ के आसपास) और (C) मध्य चिली दोनों में ही भूमध्यसागरीय जलवायु पाई जाती है। यहाँ गर्मियां शुष्क होती हैं और सर्दियों में पछुआ हवाओं के खिसकने से वर्षा होती है।

  • अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

    • (A) फ्लोरिडा: यहाँ आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय (Humid Subtropical) जलवायु पाई जाती है। यहाँ साल भर वर्षा होती है और गर्मियों में व्यापारिक पवनों से अधिक बारिश होती है, केवल सर्दियों में पछुआ पवनों से नहीं। इसलिए जिस विकल्प में (A) शामिल है, वह गलत होगा (तस्वीर में लगा टिक गलत है)।



#56. विश्व के सर्वाधिक जनसंख्या वाले शीर्ष दस देशों में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले देश हैं –

बांग्लादेश तथा भारत

स्पष्टीकरण: जनसंख्या घनत्व (Population Density) का अर्थ है प्रति वर्ग किलोमीटर रहने वाले लोगों की संख्या। दुनिया के शीर्ष 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में, बांग्लादेश का जनघनत्व सबसे अधिक है (लगभग 1300 व्यक्ति/वर्ग किमी से अधिक), और इसके बाद भारत का स्थान आता है (लगभग 430 व्यक्ति/वर्ग किमी से अधिक)।

  • अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

    • (1) बांग्लादेश तथा पाकिस्तान: पाकिस्तान का जनघनत्व (लगभग 300) भारत से कम है, इसलिए यह दूसरा सबसे अधिक जनघनत्व वाला देश नहीं है (तस्वीर में इस पर लगा टिक गलत है)।

    • (3) और (4) ब्राज़ील तथा नाइजीरिया: ब्राज़ील का जनघनत्व बहुत कम (लगभग 25 व्यक्ति/वर्ग किमी) है और नाइजीरिया का भी भारत से काफी कम है।

#57. निम्नलिखित में से कौनसी एक उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन की सबसे प्रमुख प्रजाति है?

ही उत्तर: (2) सागवान (Teak)

स्पष्टीकरण: सागवान (Teak) और साल (Sal) भारत में उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वनों (Tropical Moist Deciduous Forests) के सबसे प्रतिनिधि और प्रमुख वृक्ष हैं। इन वनों को मानसूनी वन भी कहा जाता है।

  • अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

    • (3) महोगनी: यह मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय ‘सदाबहार’ (Evergreen) वनों की प्रजाति है, जहाँ बहुत अधिक वर्षा होती है, पर्णपाती वनों की नहीं (तस्वीर में इस पर लगा टिक गलत है)।

    • (1) जामुन: यद्यपि यह इन वनों में पाया जाता है, लेकिन यह सागवान की तरह ‘सबसे प्रमुख’ प्रजाति के रूप में नहीं जाना जाता।

    • (4) शीशम: शीशम मुख्य रूप से शुष्क पर्णपाती (Dry Deciduous) वनों में अधिक पाया जाता है।

#58. खारदुंग-ला दर्रा अवस्थित है –

स्पष्टीकरण: खारदुंग-ला दर्रा भारत के लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में लेह के उत्तर में स्थित एक प्रमुख पहाड़ी दर्रा है। यह रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह श्योक और नुब्रा घाटियों का प्रवेश द्वार है। यह भौगोलिक रूप से लद्दाख पर्वत श्रेणी का हिस्सा है।

#59. ग्लोबल एन्वायरनमेंट आउटलुक-7 (GEO-7) के अनुसार, विश्व की कुल अनुमानित आठ मिलियन में से कितनी प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा है?

स्पष्टीकरण: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और IPBES की प्रमुख वैश्विक आकलन रिपोर्टों के अनुसार, पृथ्वी पर अनुमानित 8 मिलियन (80 लाख) पौधों और जानवरों की प्रजातियों में से लगभग 1 मिलियन (10 लाख) प्रजातियों पर आने वाले दशकों में विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है।

#60. निम्नलिखित फसलों पर विचार कीजिए – (A) कॉफी (B) रबड़ (C) कोको (D) गन्ना उपर्युक्त में से कौनसी रोपण फसलें हैं?

स्पष्टीकरण: ‘रोपण कृषि’ (Plantation Agriculture) वाणिज्यिक कृषि का एक प्रकार है जहाँ चाय, कॉफी, गन्ना, काजू, रबड़, केला, कपास या कोको जैसी एकल फसल बड़े पैमाने पर एस्टेट या बागानों में उगाई जाती है। दी गई चारों फसलें (कॉफी, रबड़, कोको और गन्ना) रोपण फसलों के ही उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

  • विकल्प (2), (3) और (4) गलत हैं क्योंकि वे इनमें से किसी न किसी फसल को छोड़ रहे हैं। विशेष रूप से, तस्वीर में विकल्प (4) पर टिक लगा है (जिसमें ‘A’ यानी कॉफी को हटा दिया गया है), जो कि पूरी तरह गलत है क्योंकि कॉफी विश्व की सबसे प्रमुख रोपण फसलों में से एक है।



#61. वाणिज्य विभाग भारत सरकार की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, वर्ष 2024-25 के लिए भारत की शीर्षतम दो निर्यात वस्तुएँ थीं –

स्पष्टीकरण: भारत के निर्यात बास्केट में ऐतिहासिक रूप से और वर्तमान रुझानों के अनुसार, पेट्रोलियम उत्पाद (Petroleum Products) (जैसे रिफाइंड तेल) सबसे बड़ा हिस्सा रखते हैं। इसके ठीक बाद मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर (Gems and Jewellery) का स्थान आता है, जो भारत के कुल निर्यात का एक बहुत बड़ा प्रतिशत बनाते हैं।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

  • (1) दूरसंचार (टेलीकॉम) उपकरण…: यद्यपि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़ रहा है, लेकिन यह अभी तक पेट्रोलियम को पछाड़कर शीर्ष दो में स्थायी जगह नहीं बना पाया है।

  • (3) लोहा एवं इस्पात, स्वर्ण आभूषण: ये प्रमुख निर्यात हैं, लेकिन समग्र मूल्य में पेट्रोलियम और कीमती पत्थरों (समग्र) से पीछे रहते हैं।

  • (4) पेट्रोलियम उत्पाद, दूरसंचार उपकरण: पेट्रोलियम सही है, लेकिन दूसरा शीर्ष स्थान दूरसंचार का नहीं बल्कि कीमती पत्थरों/आभूषणों का है।

#62. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, वर्ष 2023 के प्रतिस्पर्धी औद्योगिक प्रदर्शन के सन्दर्भ में विश्व में भारत का स्थान क्या था?

स्पष्टीकरण: संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) द्वारा जारी किए जाने वाले ‘प्रतिस्पर्धी औद्योगिक प्रदर्शन (Competitive Industrial Performance – CIP) इंडेक्स’ की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत ने अपनी औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करते हुए 39वाँ स्थान प्राप्त किया है।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

  • (1) 37वाँ, (2) 34वाँ, (4) 40वाँ: ये आंकड़े UNIDO की उस विशिष्ट वर्ष की आधिकारिक रैंकिंग रिपोर्ट से मेल नहीं खाते हैं। (तस्वीर में 37 पर लगा टिक गलत है)।

#63. पीएम ई-ड्राइव योजना के संबंध में निम्न में से कौनसा कथन सही नहीं है?

स्पष्टीकरण: यह कथन गलत है, और क्योंकि प्रश्न में “कौनसा कथन सही नहीं है” पूछा गया है, इसलिए यही सही उत्तर है। भारत सरकार ने सितंबर 2024 में ₹10,900 करोड़ के परिव्यय के साथ ‘पीएम ई-ड्राइव’ (PM E-DRIVE) योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना में ई-एंबुलेंस (₹500 करोड़) और ई-ट्रकों (₹500 करोड़) को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

#64. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, भारत के सेवा क्षेत्र के बारे में निम्न में से कौनसे कथन सही हैं? (i) भारत का सेवा क्षेत्र सकल जोड़े गये मूल्य में आधे से अधिक का योगदान देता है। (ii) भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा सेवाओं का निर्यातक है। (iii) वर्ष 2024 में विश्व सेवा व्यापार में भारत का हिस्सा करीब 7.5 प्रतिशत था।

स्पष्टीकरण:

  • (i) भारत का सेवा क्षेत्र सकल जोड़े गये मूल्य (GVA) में आधे से अधिक का योगदान देता है: यह कथन सही है। भारत के GVA में सेवा क्षेत्र का योगदान ऐतिहासिक रूप से 50% से अधिक रहा है।

  • (ii) भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा सेवाओं का निर्यातक है: यह कथन सही है। विश्व व्यापार संगठन (WTO) और आर्थिक सर्वेक्षण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक सेवा निर्यात में भारत 7वें स्थान पर है।

  • (iii) वर्ष 2024 में विश्व सेवा व्यापार में भारत का हिस्सा करीब 7.5 प्रतिशत था: यह कथन गलत है। विश्व वाणिज्यिक सेवा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 4.4% से 4.6% के आसपास है, न कि 7.5%।

निष्कर्ष: चूंकि केवल (i) और (ii) सही हैं, इसलिए विकल्प (2) सही उत्तर है। (तस्वीर में विकल्प 4 पर लगा टिक गलत है)।

#65. भारत सरकार ने निम्न में से किस बजट में न्यूनतम समर्थन मूल्य को उत्पादन की लागत के डेढ़ गुना पर निर्धारित करने के सिद्धान्त की घोषणा की थी?

स्पष्टीकरण: किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए, उत्पादन लागत (A2+FL) का कम से कम 1.5 गुना (डेढ़ गुना) न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने की ऐतिहासिक घोषणा तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई थी।



#66. भारत के संविधान के अनुच्छेद 46 में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख नहीं किया गया है?

स्पष्टीकरण: भारतीय संविधान के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) के अनुच्छेद 46 में स्पष्ट रूप से लिखा है कि: “राज्य, जनता के दुर्बल वर्गों (weaker sections) के, और विशिष्टतया, अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) और अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की विशेष सावधानी से अभिवृद्धि करेगा…” इस अनुच्छेद में “अन्य पिछड़े वर्गों” (OBC) शब्द का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया है।

#67. सन् 2025 में, भारत के प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी, शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बैठक में भाग लेने किस देश में गये थे?

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का 24वाँ शिखर सम्मेलन 3 और 4 जुलाई 2024 को अस्ताना, कज़ाकिस्तान में आयोजित किया गया था।

निम्नलिखित (घटनाएँ-वर्ष) युग्मों पर विचार करें –

(i) संयुक्त राष्ट्र भारत-पाकिस्तान पर्यवेक्षण मिशन – 1965

(ii) भारत और पाकिस्तान ने एक–दूसरे के परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमला न करने का समझौता किया – 1988

(iii) भारत ने भाड़े के सैनिकों द्वारा किए गए तख्तापलट के प्रयास को विफल करने के लिए मालदीव में सैनिक भेजे – 1989

(iv) भारत और श्रीलंका ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए – 1997

#68. उपर्युक्त में से कितने सही सुमेलित हैं?

  • (i) संयुक्त राष्ट्र भारत-पाकिस्तान पर्यवेक्षण मिशन (UNIPOM) – 1965 (सही सुमेलित है): 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद युद्धविराम की निगरानी के लिए सितंबर 1965 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस मिशन की स्थापना की गई थी।

  • (ii) परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला न करने का समझौता – 1988 (सही सुमेलित है): भारत और पाकिस्तान के बीच इस ऐतिहासिक समझौते पर 31 दिसंबर 1988 को हस्ताक्षर किए गए थे।

  • (iii) भारत ने मालदीव में सैनिक भेजे – 1989 (गलत सुमेलित है): भारत ने मालदीव में तख्तापलट की कोशिश को नाकाम करने के लिए ‘ऑपरेशन कैक्टस’ (Operation Cactus) 3 नवंबर 1988 को चलाया था, न कि 1989 में।

  • (iv) भारत और श्रीलंका मुक्त व्यापार समझौता (FTA) – 1997 (गलत सुमेलित है): भारत और श्रीलंका के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते पर दिसंबर 1998 में हस्ताक्षर हुए थे और यह 2000 में लागू हुआ था।

उच्चतम न्यायालय की कानूनी सहायता समिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें –

(i) यदि कोई व्यक्ति समाज के गरीब वर्ग से है, जिसकी वार्षिक आय 5,00,000 ₹ से कम है, तो वह उच्चतम न्यायालय की कानूनी सहायता समिति से मुफ्त कानूनी सहायता पाने का हकदार है।

(ii) इस सहायता में मामले की तैयारी और बहस के लिए एक अधिवक्ता उपलब्ध कराने के अलावा, मामले की तैयारी और उससे जुड़े सभी आवेदनों की लागत शामिल है।

#69. ऊपर दिए गए कथनों में से कौनसा/से सही है/हैं?

विस्तृत स्पष्टीकरण:

  • कथन (i) सही है: ‘उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति’ (SCLSC) के नियमों के अनुसार, भारत के सर्वोच्च न्यायालय में मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्तियों (गरीब वर्ग) की आय सीमा को बढ़ाकर ₹5,00,000 प्रति वर्ष कर दिया गया है।

  • कथन (ii) सही है: मुफ्त कानूनी सहायता का दायरा केवल वकील मुहैया कराने तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत कोर्ट फीस, मामले की ड्राफ्टिंग (तैयारी), टाइपिंग, और सभी संबंधित कानूनी आवेदनों व प्रक्रियाओं का खर्च भी समिति द्वारा ही वहन किया जाता है।

संसद के जीवनकाल से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

(I) आपातकाल की अवधि के दौरान संसद द्वारा अपने जीवनकाल को एक बार में छह मास से अधिक अवधि के लिए नहीं बढ़ाया जा सकता।

(II) आपातकाल की उद्घोषणा के प्रवृत्त न रहने के पश्चात्, बढ़ी हुई अवधि एक वर्ष के आगे विस्तारित नहीं की जा सकती।

#70. उपर्युक्त में से सही कथन/कथनों का चयन कीजिए –

विस्तृत स्पष्टीकरण (दोनों कथन गलत क्यों हैं): यह प्रश्न भारतीय संविधान के अनुच्छेद 83(2) से संबंधित है, जो लोकसभा (संसद) के कार्यकाल से जुड़ा है। परीक्षक ने छात्रों को भ्रमित करने के लिए दोनों कथनों में समय-सीमा (छह महीने और एक वर्ष) को आपस में बदल (swap) दिया है।

  • कथन (I) गलत है: संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय आपातकाल लागू होने के दौरान संसद का कार्यकाल कानून बनाकर एक बार में एक वर्ष (1 साल) तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। (कथन में इसे ‘छह मास’ लिखा गया है, जो गलत है)।

  • कथन (II) गलत है: आपातकाल की उद्घोषणा समाप्त होने के बाद, यह बढ़ा हुआ कार्यकाल किसी भी स्थिति में छह महीने (6 मास) से अधिक नहीं हो सकता है। (कथन में इसे ‘एक वर्ष’ लिखा गया है, जो गलत है)।



राष्ट्रपति के महाभियोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौनसामार्ग सही है?

(i) आरोप संसद के किसी भी सदन द्वारा लगाए जा सकते हैं।

(ii) प्रस्ताव प्रस्तुत करने से पूर्व 14 दिन का नोटिस दिया जाना आवश्यक है।

(iii) प्रस्ताव को कुल सदस्य संख्या के पूर्ण बहुमत से पारित किया जाना चाहिए।

(iv) दूसरा सदन आरोपों की जांच करता है।

#71. सही उत्तर चुनिए –

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 61 में राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment) चलाने की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन है।

  • (i) आरोप संसद के किसी भी सदन द्वारा लगाए जा सकते हैं (सही): महाभियोग की प्रक्रिया लोकसभा या राज्यसभा, किसी भी सदन से शुरू की जा सकती है।

  • (ii) प्रस्ताव प्रस्तुत करने से पूर्व 14 दिन का नोटिस दिया जाना आवश्यक है (सही): आरोप लगाने वाले संकल्प को पेश करने से पहले कम से कम 14 दिन का लिखित नोटिस देना अनिवार्य है, जिस पर उस सदन के एक-चौथाई सदस्यों के हस्ताक्षर होने चाहिए।

  • (iii) प्रस्ताव को कुल सदस्य संख्या के पूर्ण बहुमत से पारित किया जाना चाहिए (गलत): यह कथन तकनीकी रूप से गलत है। महाभियोग का प्रस्ताव केवल ‘पूर्ण बहुमत’ (यानी 50% से अधिक) से पारित नहीं होता। संविधान के अनुसार, इसे सदन की कुल सदस्य संख्या के कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत (विशेष बहुमत) से पारित होना आवश्यक है।

  • (iv) दूसरा सदन आरोपों की जांच करता है (सही): जब एक सदन दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर देता है, तो वह दूसरे सदन में जाता है, जो लगाए गए आरोपों की जांच करता है या जांच करवाता है।

#72. 26 नवम्बर 1949 को संविधान को अंगीकृत करने के पश्चात्, भारत की संविधान सभा के अस्तित्व के सम्बन्ध में कौनसा कथन सही है?

स्पष्टीकरण:

  • विकल्प (3) सही क्यों है: 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही संविधान सभा का संविधान बनाने का मूल कार्य पूरा हो गया था। इसके बाद, इसी सभा ने देश की अस्थायी (Provisional) संसद का रूप ले लिया। 1951-52 में हुए पहले आम चुनावों के बाद जब तक नई संसद (लोकसभा और राज्यसभा) का विधिवत गठन नहीं हो गया, तब तक इसी अस्थायी संसद ने देश के लिए कानून बनाने का कार्य किया।

  • अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:

    • (1) वह तुरन्त भंग कर दी गई: यह गलत है, क्योंकि नई संसद बनने तक देश को विधायिका की आवश्यकता थी, इसलिए इसे भंग नहीं किया गया।

    • (2) 1935 के अधिनियम के अंतर्गत संघीय कार्यपालिका: यह गलत है। संविधान सभा विधायिका (संसद) के रूप में कार्य कर रही थी, न कि कार्यपालिका (सरकार) के रूप में।

    • (4) 1952 तक उच्च सदन के रूप में कार्य करती रही: यह गलत है, क्योंकि यह एक-सदनीय (Unicameral) अस्थायी संसद के रूप में कार्य कर रही थी, केवल उच्च सदन के रूप में नहीं।

भारत की एक्ट ईस्ट नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

(i) एक्ट ईस्ट नीति भारत-प्रशांत क्षेत्र में विस्तारित पड़ोस पर केंद्रित है।

(ii) एक्ट ईस्ट नीति का केंद्र आसियान है।

#73. सही उत्तर का चयन कीजिए –

स्पष्टीकरण: भारत सरकार ने 2014 में अपनी पुरानी ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ (Look East Policy) को अधिक सक्रिय बनाते हुए ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) में बदल दिया था।

  • (i) एक्ट ईस्ट नीति भारत-प्रशांत क्षेत्र में विस्तारित पड़ोस पर केंद्रित है (सही): पुरानी लुक ईस्ट नीति मुख्य रूप से केवल दक्षिण-पूर्व एशिया तक सीमित थी, लेकिन ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का भौगोलिक दायरा व्यापक है। यह पूरे इंडो-पैसिफिक (भारत-प्रशांत) क्षेत्र और भारत के विस्तारित पड़ोस (जैसे जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया) पर केंद्रित है।

  • (ii) एक्ट ईस्ट नीति का केंद्र आसियान है (सही): भले ही नीति का दायरा बढ़ गया हो, लेकिन भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडो-पैसिफिक विजन की मुख्य धुरी (Core) आज भी आसियान (ASEAN – 10 दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का समूह) ही है।

#74. भारत के संविधान के अनुच्छेद 7 के अन्तर्गत, निम्नलिखित में से किस प्रवासी वर्ग को भारत की नागरिकता से वंचित किया गया है?

स्पष्टीकरण: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 7 उन व्यक्तियों की नागरिकता के अधिकारों से संबंधित है जो भारत से पाकिस्तान चले गए थे। इसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि जो व्यक्ति 1 मार्च 1947 के बाद भारत के राज्यक्षेत्र से उस राज्यक्षेत्र में जो इस समय पाकिस्तान के अंतर्गत है, चला गया (प्रवास कर गया) है, उसे भारत का नागरिक नहीं समझा जाएगा।

#75. भारत की संविधान सभा में 15 अक्टूबर 1949 की स्थिति में सीटों के आवंटन के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

स्पष्टीकरण: संविधान सभा में देशी रियासतों (Princely States) के लिए जो सीटें आवंटित की गई थीं, उनमें मैसूर राज्य को 7 सीटें आवंटित की गई थीं (जिनमें के. चेंगलराया रेड्डी, एच. सिद्दवीरप्पा आदि शामिल थे), न कि 8 सीटें। चूँकि प्रश्न में पूछा गया है कि “कौनसा सुमेलित नहीं है” (गलत है), इसलिए विकल्प 3 सही उत्तर है।



भारत के उपराष्ट्रपति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए – (I) वह राज्यसभा का पदेन सभापति होता है।

(II) भारत के राष्ट्रपति द्वारा उसे राज्यसभा के सभापति पद की शपथ दिलाई जाती है।

#76. सही उत्तर चुनिए –

स्पष्टीकरण:

  • कथन (I) वह राज्यसभा का पदेन सभापति होता है (सही): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 64 और 89(1) के अनुसार, भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है। यह कथन पूरी तरह सत्य है।

  • कथन (II) भारत के राष्ट्रपति द्वारा उसे राज्यसभा के सभापति पद की शपथ दिलाई जाती है (गलत): यह कथन तकनीकी रूप से गलत है। राष्ट्रपति द्वारा उपराष्ट्रपति को ‘उपराष्ट्रपति पद’ की शपथ (अनुच्छेद 69 के तहत) दिलाई जाती है। संविधान में ‘राज्यसभा के सभापति’ के रूप में अलग से कोई शपथ लेने का प्रावधान नहीं है। उपराष्ट्रपति अपने मूल पद की ही शपथ लेता है।

#77. 1935 के भारत शासन अधिनियम की धारा 15 के अनुसार, वित्त से जुड़े किसी भी मामले पर संघीय सरकार (फेडरल गवर्नमेंट) को सलाह किसके द्वारा दी जाती थी?

स्पष्टीकरण: भारत शासन अधिनियम, 1935 (Government of India Act, 1935) की धारा 15 के तहत, संघीय सरकार (Federal Government) की वित्तीय स्थिरता और साख (Credit) की सुरक्षा के लिए गवर्नर-जनरल को एक विशेष ‘वित्तीय सलाहकार’ (Financial Adviser) नियुक्त करने का अधिकार दिया गया था। इस सलाहकार का मुख्य कार्य गवर्नर-जनरल और संघीय सरकार को वित्तीय मामलों में उचित सलाह देना था।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

(i) राष्ट्रपति, अपने कार्यों के निष्पादन में मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करेगा।

(ii) मंत्रियों द्वारा दी गई सलाह की न्यायिक जांच की जा सकती है।

(iii) राष्ट्रपति एक बार मंत्रिपरिषद से उसकी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकता है।

#78. सही उत्तर चुनिए –

स्पष्टीकरण (कौन सा कथन सही या गलत क्यों है): यह प्रश्न भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 (राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद) से संबंधित है।

  • (i) राष्ट्रपति, अपने कार्यों के निष्पादन में मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करेगा (सही): अनुच्छेद 74(1) स्पष्ट करता है कि राष्ट्रपति अपने कार्यों का प्रयोग करने में मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करेगा (यह 42वें संशोधन द्वारा बाध्यकारी बनाया गया था)।

  • (ii) मंत्रियों द्वारा दी गई सलाह की न्यायिक जांच की जा सकती है (गलत): यह कथन पूरी तरह गलत है। अनुच्छेद 74(2) में स्पष्ट रूप से लिखा है कि “इस प्रश्न की किसी न्यायालय में जांच नहीं की जाएगी कि क्या मंत्रियों ने राष्ट्रपति को कोई सलाह दी, और यदि दी तो क्या दी।” अतः इस पर न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) नहीं हो सकती।

  • (iii) राष्ट्रपति एक बार मंत्रिपरिषद से उसकी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकता है (सही): 44वें संविधान संशोधन (1978) के माध्यम से यह प्रावधान जोड़ा गया था कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से अपनी दी गई सलाह पर एक बार पुनर्विचार करने को कह सकता है (हालाँकि पुनर्विचार के बाद दी गई सलाह मानने के लिए राष्ट्रपति बाध्य होता है)।

#79. संसद तथा राज्यों की विधानसभाओं के चुनावों से उत्पन्न संदेहों और विवादों के निपटारे के लिए निर्वाचन न्यायाधिकरण की नियुक्ति करने की निर्वाचन आयोग की शक्ति को भारत के संविधान में किये गए निम्नलिखित में से कौनसे संशोधन द्वारा हटा दिया गया था?

स्पष्टीकरण: 19वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1966 के द्वारा चुनाव न्यायाधिकरणों (Election Tribunals) की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था। इस संशोधन के बाद, संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनावों से संबंधित किसी भी विवाद या संदेह (Election Petitions) की सुनवाई का सीधा अधिकार संबंधित उच्च न्यायालयों (High Courts) को दे दिया गया।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

  • (2) 17वें: यह भूमि सुधार और 9वीं अनुसूची से संबंधित था।

  • (3) 20वें: यह उत्तर प्रदेश में जिला न्यायाधीशों की नियुक्तियों को वैधता प्रदान करने से संबंधित था।

  • (4) 18वें: यह पंजाब और हरियाणा के पुनर्गठन के समय ‘राज्य’ शब्द की व्याख्या से संबंधित था।

#80. कक्षा में विद्यार्थियों के अधिगम में अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। निम्नलिखित में से कौनसा कथन विद्यार्थियों के अधिगम संबंधी इन अंतरों का स्पष्टीकरण नहीं है?

स्पष्टीकरण: प्रश्न में पूछा गया है कि कौन सा कथन बच्चों के बीच ‘सीखने के अंतर’ का कारण या स्पष्टीकरण नहीं है।

  • विकल्प 4 गलत कथन है (और इसलिए सही उत्तर है): मनोविज्ञान के अनुसार, विद्यार्थियों की अधिगम शैलियां (Learning Styles) कभी भी ‘समरूप’ (एक समान/Identical) नहीं होती हैं। हर बच्चे के सीखने का तरीका, गति और क्षमता अलग-अलग (विषमरूप/Heterogeneous) होती है। अगर सबकी शैली समरूप (एक जैसी) होती, तो कक्षा में सीखने में कोई अंतर ही दिखाई नहीं देता! इसलिए यह कथन अधिगम के अंतर की व्याख्या नहीं करता।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं (अर्थात वे अंतर का सही स्पष्टीकरण क्यों हैं):

  • (1) कुछ विद्यार्थी आसानी से सीखते हैं, कुछ को कठिन लगता है: यह व्यक्तिगत भिन्नता (Individual differences) का एक सत्य है जो अंतर को स्पष्ट करता है।

  • (2) अधिगम की एक विधि कुछ के लिए अनुकूल होती है, अन्य के लिए नहीं: यह भी बिल्कुल सही है। कोई देखकर अच्छा सीखता है, कोई सुनकर। यह अंतर का एक बड़ा कारण है।

  • (3) अधिगम वातावरण व्यक्तिगत प्रकृति पर निर्भर करता है: बच्चा अपने स्वभाव के अनुसार कक्षा के माहौल से अलग-अलग तरह से जुड़ता है, जिससे सीखने में अंतर आता है।



#81. जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के व्यवहार और संवेगों पर इच्छित प्रभाव उत्पन्न करता है तो यह किस मनो-सामाजिक प्रेरक को इंगित करता है?

स्पष्टीकरण: मनोवैज्ञानिक डेविड मैकलेलैंड (David McClelland) के आवश्यकता सिद्धांत (Theory of Needs) के अनुसार, जब कोई व्यक्ति दूसरों को नियंत्रित करने, उन्हें प्रभावित करने या उनके व्यवहार में अपने अनुसार बदलाव लाने की इच्छा रखता है, तो इसे ‘शक्ति की आवश्यकता’ (Need for Power) कहा जाता है। ऐसे लोग नेतृत्व करना और दूसरों पर प्रभाव डालना पसंद करते हैं।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

  • (1) उपलब्धि की आवश्यकता (Need for Achievement): यह कठिन कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और उत्कृष्टता प्राप्त करने की इच्छा है, न कि दूसरों को प्रभावित करने की।

  • (3) संबद्धता की आवश्यकता (Need for Affiliation): इसका अर्थ है दूसरों के साथ मैत्रीपूर्ण, घनिष्ठ और स्नेहपूर्ण संबंध बनाने की इच्छा। (तस्वीर में इसी पर टिक लगा है, जो कि गलत है क्योंकि यह दूसरों को प्रभावित या नियंत्रित करने से संबंधित नहीं है)।

  • (4) अन्वेषण की आवश्यकता (Need for Exploration): यह नई चीजों को जानने और खोजने की जिज्ञासा से संबंधित है।

नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) के रूप में चिन्हित किया गया है

कथन (A) : कोई भी दो व्यक्ति बिल्कुल एक जैसे नहीं होते। कारण (R) : व्यक्तिगत भिन्नताएं वंशानुक्रम और पर्यावरण के कारण उत्पन्न होती हैं।

#82. कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें –

स्पष्टीकरण:

  • कथन (A) पूरी तरह सत्य है: मनोविज्ञान में यह एक स्थापित तथ्य है कि संसार में कोई भी दो व्यक्ति (यहाँ तक कि जुड़वां बच्चे भी) हर दृष्टि से 100% एक जैसे नहीं होते। उनमें रुचियों, बुद्धि, या शारीरिक बनावट में कुछ न कुछ अंतर अवश्य होता है।

  • कारण (R) भी सत्य है और सही व्याख्या है: व्यक्तियों के बीच पाए जाने वाले इस अंतर (Individual Differences) के दो ही मुख्य कारण होते हैं—उनका वंशानुक्रम (Heredity/Genetics) और उनका पर्यावरण (Environment)। क्योंकि हर व्यक्ति का जेनेटिक कोड और उसके आस-पास का माहौल अलग होता है, इसलिए कोई भी दो लोग एक जैसे नहीं होते। चूँकि कारण (R) कथन (A) का एकदम सही वैज्ञानिक कारण बता रहा है, इसलिए विकल्प (4) सही है। (तस्वीर में लगा टिक सही है)।

#83. प्रभावशाली सामाजिक अधिगम सिद्धांत (अल्बर्ट बंडूरा) ने मॉडलिंग को विकास के एक शक्तिशाली स्रोत के रूप में महत्व दिया, लेकिन बाद में इस सिद्धांत ने सामाजिक विकास में ……………………………… के महत्व पर बल दिया।

स्पष्टीकरण: अल्बर्ट बंडूरा ने अपने करियर की शुरुआत में ‘सामाजिक अधिगम सिद्धांत’ (Social Learning Theory) दिया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि बच्चे दूसरों को देखकर (प्रेक्षणात्मक अधिगम/Observational Learning) और मॉडलिंग (Modeling) के जरिए सीखते हैं। लेकिन, बाद में (1986 में) बंडूरा ने महसूस किया कि केवल देखकर सीखना ही काफी नहीं है, बल्कि व्यक्ति के दिमाग की सोचने-समझने की क्षमता (संज्ञान), उसकी उम्मीदें और उसका आत्मविश्वास (Self-efficacy) भी बहुत मायने रखता है। इसलिए उन्होंने अपने सिद्धांत का नाम बदलकर ‘सामाजिक संज्ञानात्मक सिद्धांत’ (Social Cognitive Theory) कर दिया। प्रश्न में यही पूछा गया है कि ‘बाद में’ किस पर बल दिया गया।

#84. ‘विकासात्मक पैटर्न में पूर्वानुमानित विशेषताएं होती हैं।’ निम्नलिखित में से कौनसा सिद्धांत इस कथन को सही सिद्ध नहीं करता है?

स्पष्टीकरण: बाल विकास के सिद्धांतों के अनुसार, विकास की दिशा और क्रम का तो पूर्वानुमान लगाया जा सकता है, लेकिन विकास की दर (Rate of Development) कभी भी ‘एकरूप’ (Uniform/समान) नहीं होती है। विकास शरीर के विभिन्न अंगों और जीवन के विभिन्न चरणों (जैसे शैशवावस्था में बहुत तेज, बाल्यावस्था में धीमी) में अलग-अलग गति से होता है। चूँकि विकास की दर एकरूप नहीं होती, इसलिए ऐसा कोई सिद्धांत ही अस्तित्व में नहीं है, और यही कारण है कि यह विकल्प दिए गए कथन को सिद्ध नहीं करता।

पियाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से कौनसी संज्ञानात्मक प्रक्रियाएं, बच्चे औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था में प्रदर्शित करते हैं, किन्तु मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में नहीं?
(a) समस्या के सभी संभावित समाधानों के साथ व्यवस्थित विश्लेषण
(b) तार्किक दृष्टिकोण
(c) एकाधिक वर्गीकरण
(d) उच्च क्रम संरचना का उपयोग
(e) वर्ग समावेशन

#85. सही कूट का चयन कीजिए –

सही उत्तर: (1) केवल (a), (b) एवं (d)

स्पष्टीकरण: जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत में ‘मूर्त संक्रियात्मक अवस्था’ (Concrete Operational: 7-11 वर्ष) और ‘औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था’ (Formal Operational: 11 वर्ष से ऊपर) के बीच मुख्य अंतर अमूर्त (Abstract) सोच का है।

  • (a) समस्या के सभी संभावित समाधानों के साथ व्यवस्थित विश्लेषण: यह ‘परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क’ (Hypothetico-deductive reasoning) है, जो केवल औपचारिक अवस्था में आता है।

  • (b) तार्किक दृष्टिकोण: यद्यपि मूर्त अवस्था में तर्क शुरू हो जाता है, लेकिन यहाँ इसका आशय पूर्ण और अमूर्त तार्किक (Propositional logic) दृष्टिकोण से है, जो औपचारिक में चरम पर होता है।

  • (d) उच्च क्रम संरचना का उपयोग: अमूर्त और उच्च स्तर की सोच औपचारिक अवस्था की ही विशेषता है।



#86. 21वीं सदी के कौशलों के संदर्भ में, अधिगम कौशलों के तहत 4Cs का समर्थन किया जाता है। निम्नलिखित में से कौनसा 4Cs के अंतर्गत सार्थक श्रेणी को नहीं दर्शाता है?

स्पष्टीकरण: आधुनिक शिक्षा प्रणाली में 21वीं सदी के अधिगम कौशल (21st Century Learning Skills) के रूप में 4Cs को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। ये 4 ‘C’ इस प्रकार हैं:

  1. Critical Thinking (आलोचनात्मक चिंतन – विकल्प 1)

  2. Communication (संप्रेषण/संचार – विकल्प 3)

  3. Creativity (सृजनात्मकता/नवाचार – विकल्प 4)

  4. Collaboration (सहयोग – टीम में मिलकर काम करना)

प्रतिस्पर्धा (Competition) 21वीं सदी के 4Cs मॉडल का हिस्सा नहीं है (इसकी जगह ‘सहयोग’ या Collaboration है)। इसलिए विकल्प (2) सही उत्तर है।

नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) के रूप में चिन्हित किया गया है।

(A) : पूर्व अनुभव, अन्तर्दृष्टि अधिगम में सहायता करता है।

(R) : अन्तर्दृष्टि अधिगम, संबंधों के प्रत्यक्षीकरण पर निर्भर नहीं करता है।

#87. दोनों कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें –

स्पष्टीकरण:

  • कथन (A) सत्य है: ‘अन्तर्दृष्टि अधिगम’ (Insight Learning – कोहलर का सिद्धांत) में अचानक समाधान सूझता है (‘Aha’ moment), लेकिन यह हवा में नहीं होता। व्यक्ति का ‘पूर्व अनुभव’ (Past experience) उस अचानक सूझ के लिए एक आधार का काम करता है।

  • कारण (R) पूर्णतः असत्य है: गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के अनुसार, अन्तर्दृष्टि अधिगम पूरी तरह से स्थिति के विभिन्न अंगों के बीच ‘संबंधों के प्रत्यक्षीकरण’ (Perceiving relationships) पर ही निर्भर करता है (जैसे चिंपैंजी सुल्तान ने छड़ी और केले के बीच का संबंध देखा था)। कथन (R) कह रहा है कि यह निर्भर “नहीं” करता, जो कि गलत है।

निष्कर्ष: चूँकि कारण (R) गलत है, इसलिए विकल्प (1), (3), और (4) अपने आप गलत हो जाते हैं, क्योंकि वे (R) को सत्य मान रहे हैं। (तस्वीर में विकल्प 1 पर लगा टिक गलत है)।

एक शिक्षक ने विद्यालय में कुछ ऐसी स्थितियां देखीं, जिनमें से कुछ में छात्रों के कुसमायोजन को रोकने के लिए हस्तक्षेप की आवश्यकता थी।
(a) शिक्षक का पर्याप्त प्रशिक्षण
(b) अपर्याप्त पाठ्यक्रम
(c) मनोरंजन सुविधाओं का प्रावधान
(d) शिक्षक-छात्र संबंध में संयम

#88. स्थितियों का चयन कीजिए –

स्पष्टीकरण: प्रश्न पूछ रहा है कि कौन सी स्थितियाँ छात्रों में ‘कुसमायोजन’ (Maladjustment) पैदा कर रही हैं, जिन्हें रोकने के लिए शिक्षक को हस्तक्षेप (Intervention) करना पड़ेगा। इसका मतलब हमें नकारात्मक स्थितियों को खोजना है।

  • (b) अपर्याप्त पाठ्यक्रम: यदि सिलेबस बच्चे के स्तर या रुचि का नहीं है, तो वह कुसमायोजित (परेशान या विद्रोही) हो जाएगा। यह एक नकारात्मक स्थिति है।

  • (d) शिक्षक-छात्र संबंध में संयम (कठोरता/दूरी): यदि शिक्षक और छात्र के बीच आत्मीयता नहीं है और केवल सख्त/औपचारिक रिश्ता है, तो बच्चा अपनी समस्याएं नहीं बता पाएगा और कुसमायोजन का शिकार होगा। यह भी नकारात्मक स्थिति है।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:

  • (a) शिक्षक का पर्याप्त प्रशिक्षण और (c) मनोरंजन सुविधाओं का प्रावधान — ये दोनों सकारात्मक बातें हैं। इनसे तो बच्चों का समायोजन (Adjustment) बेहतर होता है। इन्हें रोकने के लिए हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।

#89. निम्नलिखित में से कौनसा कथन अधिगम के सबसे सरल रूप – शास्त्रीय अनुबंधन के सिद्धांत के तौर पर अनुपयुक्त है?

स्पष्टीकरण: पावलव के ‘शास्त्रीय अनुबंधन’ (Classical Conditioning) सिद्धांत के संदर्भ में विकल्प 4 गलत (अनुपयुक्त) कथन है, और इसलिए यही सही उत्तर है। अनुबंधन को सफल बनाने के लिए, अनुबंधित उद्दीपक (CS – जैसे घंटी) को हमेशा अनानुबंधित उद्दीपक (UCS – जैसे भोजन) से ठीक पहले आना चाहिए। घंटी बजेगी, तभी कुत्ते को संकेत मिलेगा कि खाना आने वाला है। अगर खाना (UCS) पहले दे दिया जाए और घंटी (CS) बाद में बजाई जाए (Backward Conditioning), तो अनुबंधन या तो बहुत कमज़ोर होगा या होगा ही नहीं।

स्टर्नबर्ग के त्रितंत्रीय बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित बुद्धि के प्रकारों को उनके कार्यों के साथ सुमेलित कीजिए – बुद्धि का प्रकार

(a) घटकीय बुद्धि

(b) अनुभवात्मक बुद्धि (

c) संदर्भात्मक बुद्धि

कार्य

(i) रोजमर्रा की जिंदगी में सामने आने वाली पर्यावरणीय मांगों से निपटना (ii) समस्या का समाधान करने के लिए सूचनाओं का विश्लेषण करना (iii) पूर्व अनुभवों का उपयोग करके नई समस्याओं को रचनात्मक रूप से हल करना

#90. सही कूट का चयन कीजिए –

स्पष्टीकरण: रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) ने बुद्धि का त्रितंत्रीय (Triarchic Theory of Intelligence) सिद्धांत दिया था। उन्होंने बुद्धि को तीन मुख्य भागों में बांटा है:

  • (a) घटकीय बुद्धि (Componential/Analytical Intelligence): इसे विश्लेषणात्मक बुद्धि भी कहते हैं। इसका मुख्य कार्य समस्या का समाधान करने के लिए सूचनाओं का विश्लेषण करना (ii), तर्क करना और आलोचनात्मक सोच रखना है।

  • (b) अनुभवात्मक बुद्धि (Experiential/Creative Intelligence): इसे रचनात्मक बुद्धि भी कहा जाता है। इसका अर्थ है अपने पूर्व अनुभवों का उपयोग करके नई समस्याओं को रचनात्मक रूप से हल करना (iii) और कुछ नया आविष्कार करना।

  • (c) संदर्भात्मक बुद्धि (Contextual/Practical Intelligence): इसे व्यावहारिक बुद्धि (Practical) या ‘स्ट्रीट स्मार्ट’ भी कहा जाता है। इसका कार्य रोजमर्रा की जिंदगी में सामने आने वाली पर्यावरणीय मांगों और परिस्थितियों से निपटना (i) और खुद को माहौल के अनुसार ढालना है।

निष्कर्ष: चूँकि सही मिलान (a)-(ii), (b)-(iii) और (c)-(i) है, जो कि केवल विकल्प (2) में दिया गया है, इसलिए अन्य सभी विकल्प (1, 3, और 4) गलत हैं।



#91. निम्नलिखित में से कौनसा कथन मनोविज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान के अध्ययन क्षेत्र में स्पष्ट अंतर बताता है?

स्पष्टीकरण: यह प्रश्न सामान्य मनोविज्ञान (Psychology) और शैक्षिक मनोविज्ञान (Educational Psychology) की विषय-वस्तु के बीच का मुख्य अंतर पूछ रहा है। सामान्य मनोविज्ञान एक बहुत विस्तृत क्षेत्र है जहाँ इंसानों और जानवरों के हर तरह के व्यवहार का अध्ययन होता है। लेकिन शैक्षिक मनोविज्ञान की सीमा तय है—यह विशेष रूप से ‘शैक्षिक वातावरण’ (स्कूल, कक्षा, शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया) के भीतर ‘शिक्षार्थियों’ (छात्रों) के व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन करता है। विकल्प (4) इस अंतर को सबसे सटीक रूप में परिभाषित करता है।

निम्नलिखित में से कौनसे समालोचनात्मक चिंतन कौशलों के अन्तर्गत अवबोध क्षेत्र में सम्मिलित है?
(a) क्रमबद्ध करना
(b) अनुप्रयोग करना
(c) निष्कर्ष निकालना
(d) वर्णन करना
(e) पहचान करना
(f) व्याख्या करना

#92. सही कूट का चयन कीजिए –

  • इस प्रश्न को हल करने का सबसे आसान तरीका यह है कि (b) ‘अनुप्रयोग करना’ (Application) अवबोध का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह खुद एक अलग और उच्च स्तर (तीसरा स्तर) है।

  • चूँकि ‘अनुप्रयोग करना’ अवबोध में नहीं आता, इसलिए जिस भी विकल्प में (b) शामिल है, वह गलत होगा।

नीचे दो कथन दिए गए हैं –

कथन (A) : मनोविश्लेषण सिद्धांत हमें बताता है कि मानव व्यवहार का एक बड़ा भाग अवचेतन प्रेरकों द्वारा नियंत्रित होता है।

कथन (B) : व्यक्तित्व आंकलन की प्रत्यक्ष विधियां हमारे व्यवहार के अवचेतन भाग को उजागर कर सकती हैं।

#93. सही कूट का चयन कीजिए –

स्पष्टीकरण:

  • कथन (A) पूरी तरह सही है: सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) का मूल आधार ही यह है कि इंसान का अधिकांश व्यवहार उसके ‘अवचेतन मन’ (Unconscious mind) और उसकी दबी हुई इच्छाओं द्वारा नियंत्रित होता है।

  • कथन (B) गलत है: व्यक्तित्व को मापने की ‘प्रत्यक्ष विधियां’ (Direct Methods) (जैसे- प्रश्नावली, साक्षात्कार या स्व-मूल्यांकन) केवल हमारे चेतन (Conscious) मन को मापती हैं। हमारे अवचेतन (Unconscious) मन को उजागर करने के लिए हमेशा ‘अप्रत्यक्ष या प्रक्षेपी विधियों’ (Projective Methods) (जैसे- रोर्शा स्याही धब्बा परीक्षण, TAT) का प्रयोग किया जाता है, न कि प्रत्यक्ष विधियों का

नीचे दो कथन दिए गए हैं –

कथन (A) : अधिगम व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाता है।

कथन (B) : परिपक्वता की प्रक्रिया के कारण होने वाले परिवर्तन अधिगमित व्यवहार की श्रेणी में आते हैं।

#94. सही कूट का चयन कीजिए –

स्पष्टीकरण:

  • कथन (A) सत्य है: मनोविज्ञान में ‘अधिगम’ (Learning) की मानक परिभाषा ही यही है कि “अनुभव या अभ्यास के परिणामस्वरूप व्यवहार में होने वाला अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन ही अधिगम है।”

  • कथन (B) पूर्णतः असत्य है: मनोविज्ञान के अनुसार, उम्र के साथ स्वाभाविक रूप से होने वाले शारीरिक या मानसिक विकास (परिपक्वता/Maturation), बीमारी, या थकान के कारण व्यवहार में आए बदलावों को ‘अधिगम’ (Learning) नहीं माना जाता है। बच्चा जब बड़ा होकर स्वाभाविक रूप से चलना सीखता है, तो वह परिपक्वता है, अधिगम नहीं।

#95. मॉस्लो के आवश्यकताओं के पदानुक्रम के अनुसार, यदि कोई विद्यार्थी असुरक्षित महसूस करता है और परिणामस्वरूप उसे अकादमिक अधिगम पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है, तो यह एक उदाहरण है –

स्पष्टीकरण: अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के ‘आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत’ (Hierarchy of Needs) में कुल 5 स्तर होते हैं। जब कोई बच्चा ‘असुरक्षित’ (insecure या unsafe) महसूस कर रहा है, तो इसका सीधा अर्थ है कि उसकी सुरक्षा की आवश्यकताएं (Safety Needs) पूरी नहीं हो रही हैं। जब तक बुनियादी और सुरक्षा की जरूरतें पूरी नहीं होतीं, तब तक व्यक्ति उच्च स्तर की जरूरतों (जैसे पढ़ाई या ज्ञान प्राप्त करना) पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकता।



शैक्षिक मनोविज्ञान के क्षेत्र से संबंधित नीचे दो कथन दिए गए हैं –

(A) शिक्षक की अभिक्षमता एवं शिक्षण में किए गए किन्हीं भी नवाचारों के मापन, ‘अधिनियम प्रक्रिया के मूल्यांकन’ में सम्मिलित किया जाता है। (B) ‘अधिगम प्रक्रिया के मूल्यांकन’ के अन्तर्गत, तत्काल प्रतिपुष्टि और परिणामों का ज्ञान शिक्षार्थी की प्रेरणा को बढ़ाता है।

#96. सही विकल्प का चयन कीजिए –

स्पष्टीकरण:

  • कथन (A) असत्य है: ‘अधिगम प्रक्रिया का मूल्यांकन’ (Evaluation of Learning Process) मुख्य रूप से छात्र (Learner) की प्रगति, उसके सीखने के तरीके और उसकी कमियों को मापने से संबंधित है। ‘शिक्षक की अभिक्षमता’ (Teacher’s Aptitude) और ‘शिक्षण के नवाचारों’ का मापन ‘शिक्षण मूल्यांकन’ (Evaluation of Teaching) का हिस्सा है, न कि सीधे तौर पर छात्र के ‘अधिगम’ (सीखने) के मूल्यांकन का।

  • कथन (B) सत्य है: यह मनोविज्ञान का स्थापित तथ्य है कि सीखने की प्रक्रिया के दौरान यदि बच्चे को तुरंत फीडबैक (तत्काल प्रतिपुष्टि) दिया जाए और उसे उसके परिणाम बताए जाएं, तो उसका आत्मविश्वास और प्रेरणा (Motivation) बढ़ती है।

ग्राहम वालस के अनुसार, सृजनात्मकता की अवस्थाओं के बारे में निम्नलिखित में से कौनसे कथन सही हैं?
(a) वह अवस्था जिसमें व्यक्ति समस्या को समझने का प्रयास करता है, वह तैयारी की अवस्था होती है।
(b) सत्यापन अवस्था वह समय समाप्ति चरण है, जिसमें व्यक्ति किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होता है।
(c) उष्मायन अवस्था में व्यक्ति को अचानक समस्या के समाधान के बारे में अंतर्दृष्टि प्राप्त होती है।
(d) प्रेरणा की अवस्था में नवीन विचार और नई संभावनाएं उभरती हैं।

#97. सही कूट का चयन कीजिए –

स्पष्टीकरण (कथनों का विश्लेषण): ग्राहम वालस ने सृजनात्मकता (Creativity) की 4 स्पष्ट अवस्थाएं बताई हैं: तैयारी (Preparation), उद्भवन/उष्मायन (Incubation), प्रदीप्ति/प्रेरणा (Illumination), और सत्यापन (Verification)।

  • (a) सही है: ‘तैयारी की अवस्था’ (Preparation) में व्यक्ति वास्तव में समस्या को समझने और उससे जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास करता है।

  • (b) गलत है: ‘सत्यापन’ (Verification) अवस्था में व्यक्ति कोई गतिविधि नहीं करता—यह कहना बिल्कुल गलत है। सत्यापन सबसे ‘सक्रिय’ अवस्था है जहाँ नए विचार को व्यावहारिक रूप से परखा और लागू किया जाता है।

  • (c) गलत है: ‘उष्मायन अवस्था’ (Incubation) में अचानक समाधान (अंतर्दृष्टि) प्राप्त नहीं होता है। उष्मायन वह अवस्था है जब व्यक्ति समस्या से ध्यान हटाकर आराम करता है (अवचेतन मन काम करता है)। ‘अचानक अंतर्दृष्टि’ (Sudden Insight या Aha! moment) इसके बाद वाली अवस्था ‘प्रदीप्ति’ (Illumination) में आती है।

  • (d) सही है: ‘प्रेरणा/प्रदीप्ति की अवस्था’ (Illumination) ही वह चरण है जहाँ अचानक दिमाग की बत्ती जलती है और ‘नवीन विचार तथा नई संभावनाएं उभरती हैं’।

#98. निम्नलिखित में से कौनसी क्षमता, मेयर और सेलोवे द्वारा प्रस्तावित संवेगात्मक बुद्धिमत्ता के ‘एकीकृत मॉडल’ में शामिल नहीं है?

स्पष्टीकरण: पीटर मेयर (Peter Salovey) और जॉन मेयर (John Mayer) ने संवेगात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) का प्रसिद्ध ‘चार-शाखा मॉडल’ (Four-Branch Model) दिया था। इस मॉडल में निम्नलिखित चार क्षमताएं शामिल हैं:

  1. संवेगों को प्रत्यक्षीकृत करना (Perceiving Emotions): अपनी और दूसरों की भावनाओं को पहचानना। (यह विकल्प 3 है, जो मॉडल में शामिल है)।

  2. विचारों को सुविधाजनक बनाने के लिए संवेगों का उपयोग/आत्मसात करना (Using Emotions to Facilitate Thought): सोचने और समस्या सुलझाने में भावनाओं का इस्तेमाल करना। (यह विकल्प 2 है, जो मॉडल में शामिल है)।

  3. संवेगों को समझना (Understanding Emotions): भावनाओं के अर्थ और उनके बदलावों को समझना और उनका विश्लेषण करना। (यह विकल्प 4 है, जो मॉडल में शामिल है)।

  4. संवेगों का प्रबंधन करना (Managing Emotions): अपने और दूसरों के संवेगों को नियंत्रित और प्रबंधित करना।

सूची I में दिए गए रक्षा युक्तियों को सूची II में दिए गए उनके उपयुक्त विवरणों से मिलान कीजिए

सूची I रक्षा युक्ति              सूची II विवरण

(a) प्रक्षेपण                (1) पहले के व्यवहार की ओर लौटना

(b) प्रतिगमन              (2) अपनी सोच को दूसरों पर आरोपित करना

(c) उदात्तीकरण         (3) आवेगों को सामाजिक रूप से स्वीकार्य दिशा में मोड़ना

(d) डिनायल    (4) वास्तविकता को अस्वीकार करना

#99. सही विकल्प चुनिए –

स्पष्टीकरण (सभी रक्षा युक्तियों का विश्लेषण): सिगमंड फ्रायड और अन्ना फ्रायड द्वारा बताई गई इन ‘रक्षा युक्तियों’ का सही अर्थ इस प्रकार है:

  • (a) प्रक्षेपण (Projection) का मिलान (2) से: प्रक्षेपण का अर्थ है अपनी कमियों, गलतियों या अस्वीकार्य सोच का दोष दूसरों पर मढ़ना या अपनी सोच को दूसरों पर आरोपित करना। (जैसे- खुद बेईमान होना और दूसरों को बेईमान कहना)।

  • (b) प्रतिगमन (Regression) का मिलान (1) से: प्रतिगमन का अर्थ है तनाव की स्थिति में अपने विकास के पिछले या पहले के (बचपन के) व्यवहार की ओर लौटना। (जैसे- किसी बड़े व्यक्ति का बच्चों की तरह रोना या अंगूठा चूसना)।

  • (c) उदात्तीकरण/मार्गान्तरीकरण (Sublimation) का मिलान (3) से: यह सबसे सकारात्मक रक्षा युक्ति है, जिसमें व्यक्ति अपनी कुंठाओं या आवेगों को सामाजिक रूप से स्वीकार्य दिशा में मोड़ देता है। (जैसे- अत्यधिक क्रोध आने पर बॉक्सर बन जाना या खेल में ऊर्जा लगाना)।

  • (d) डिनायल (Denial) का मिलान (4) से: इसका अर्थ है किसी दुखद या कष्टकारी वास्तविकता को अस्वीकार करना या मानने से ही इंकार कर देना। (जैसे- किसी प्रियजन की मृत्यु की खबर पर यकीन न करना)।

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RPSC 2nd Grade GK Paper 13 July26

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