Kya aap SSC, UPSC, Rajasthan CET, ya kisi aur State PSC exam ki taiyari kar rahe hain? Agar haan, toh aapko pata hoga ki Descriptive Paper mein 50 Important Letter Writing PYQs ki kya value hai. Aksar bache Maths aur Reasoning mein din-raat ek kar dete hain, lekin Patra Lekhan (Letter Writing) jaise scoring topic ko chhod dete hain.
Yaad rakhiye, ek sateek format mein likha gaya patra aapko 100% marks dila sakta hai. Is article mein hum 2026 ke exams ke liye sabse zyada baar pooche gaye (Most Repeated) prashno aur unke answers par focus karenge.
Table of Contents
- Patra Lekhan: Pariksha mein Marks ka ‘Secret Weapon’
- Patra ke Prakar: Aupcharik (Formal) vs Anaupcharik (Informal)
- Top 50 Hindi Patra Lekhan PYQs (Categorized List)
- Sarkari aur Karyalayi Patra (Official)
- Shikayati aur Sampadkiya Patra (Complaint & Editorial)
- Niji aur Parivarik Patra (Informal)
- Step-by-Step Guide: Topper wala Format kaise likhein?
- Pro-Tips: 2026 Exams mein Full Marks lane ka Formula
- FAQs: People Also Ask
- Conclusion
Patra Lekhan: Pariksha mein Marks ka ‘Secret Weapon’
Patra lekhan sirf ek communication ka zariya nahi hai, balki examiner ye dekhta hai ki aapki ‘Administrative Thinking’ kaisi hai. 2026 ki parikshao mein ab ‘Traditional’ ke saath-saath ‘Modern Issues’ (jaise Digital Literacy, Environment) par bhi sawal badh gaye hain.
Results
#1. ज्ञापन के विषय में असत्य कथन है- [CET-5.2.23 (II)]
स्पष्टीकरण (Explanation):
-
कथन (1) असत्य क्यों है?: ज्ञापन (Memorandum) का उपयोग सार्वजनिक सभा के लिए आदेश देने हेतु नहीं किया जाता। ज्ञापन का मुख्य प्रयोग किसी विशिष्ट विषय पर सूचना देने, किसी कार्य की याद दिलाने (Reminder) या अंतर-विभागीय पत्राचार के लिए होता है। सार्वजनिक सभा या व्यापक निर्देशों के लिए अक्सर ‘परिपत्र’ (Circular) या ‘नोटिस’ का उपयोग किया जाता है।
-
कथन (2) सत्य है: ज्ञापन की एक मुख्य विशेषता यह है कि इसमें औपचारिक संबोधन जैसे ‘महोदय’ (Salutation) और अंत में ‘भवदीय’ (Subscription/Complimentary close) का प्रयोग नहीं किया जाता है।
-
कथन (3) सत्य है: ज्ञापन हमेशा अन्य पुरुष शैली (Third Person) में लिखा जाता है। इसमें “मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है…” जैसे वाक्यों का प्रयोग होता है, “मैं” या “हम” का नहीं।
-
कथन (4) सत्य है: ज्ञापन का प्रयोग प्रायः एक ही मंत्रालय या विभाग के भीतर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए अपने समकक्ष (Equal rank) या अधीनस्थ (Subordinate) कर्मचारियों/अधिकारियों के बीच किया जाता है।
#2. ‘कार्यालय ज्ञापन’ निम्न में से किस शैली में लिखा जाता है- [CET (Gra.)-27.09.2024 (S-II)]
विस्तृत स्पष्टीकरण (Detailed Explanation):
कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) की कुछ खास विशेषताएं होती हैं जो उसे अन्य पत्र-व्यवहारों से अलग बनाती हैं:
-
अन्य पुरुष शैली (Third Person): ज्ञापन कभी भी “मैं” (उत्तम पुरुष) या “तुम/आप” (मध्यम पुरुष) के रूप में नहीं लिखा जाता। इसमें हमेशा “अन्य पुरुष” का प्रयोग होता है, जैसे: “अधोहस्ताक्षरी को यह कहने का निर्देश हुआ है…”।
-
औपचारिकता की कमी: इसमें पत्र की तरह ‘महोदय’ या ‘प्रिय’ जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं होता।
-
अधोलेख का अभाव: अंत में ‘आपका आज्ञाकारी’ या ‘भवदीय’ जैसे शब्दों का प्रयोग भी नहीं किया जाता। केवल भेजने वाले के हस्ताक्षर और पदनाम होते हैं।
#3. कार्यालयी पत्र में अधोलेख में प्रयुक्त होने वाला शब्द है- [CET (10+2)2024 ] [CET (Gra)2024]
इसका सही उत्तर (2) भवदीय है।
स्पष्टीकरण (Explanation):
कार्यालयी पत्रों (Official Letters) के विभिन्न अंगों को समझना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि परीक्षाओं में इनके स्थान और शब्दावली पर अक्सर सवाल पूछे जाते हैं:
-
अधोलेख (Subscription/Complimentary Close): पत्र के अंत में दाईं ओर (Right side) प्रेषक के हस्ताक्षर से ठीक ऊपर जिस शब्द का प्रयोग किया जाता है, उसे ‘अधोलेख’ कहते हैं। कार्यालयी या औपचारिक पत्रों में इसके लिए ‘भवदीय’ शब्द का प्रयोग होता है।
-
सम्बोधन (Salutation): पत्र के शुरू में प्रयुक्त होने वाले शब्द जैसे ‘महोदय’ या ‘श्रीमान’ संबोधन कहलाते हैं। (विकल्प 3 और 4)।
-
प्रशस्ति (Address): पत्र की शुरुआत में जिसे पत्र भेजा जा रहा है, उसके लिए ‘सेवा में’ का प्रयोग किया जाता है। (विकल्प 1)।
#4. कौन एक सरकारी पत्र है। [CET (10+2)-22.10.2024 ]
-
ज्ञापन (Memorandum): यह एक आधिकारिक या सरकारी दस्तावेज़ है। इसका उपयोग एक ही मंत्रालय या विभाग के भीतर सूचना साझा करने, किसी बात की याद दिलाने या अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देश देने के लिए किया जाता है। इसीलिए यह एक ‘सरकारी पत्र’ की श्रेणी में आता है।
-
शोक-पत्र (Condolence Letter): यह एक व्यक्तिगत या सामाजिक पत्र है, जो किसी के निधन पर संवेदना प्रकट करने के लिए लिखा जाता है।
-
निमंत्रण-पत्र (Invitation Letter): यह सामाजिक या व्यक्तिगत आयोजनों (जैसे शादी, जन्मदिन या किसी निजी समारोह) के लिए होता है।
-
परिचय-पत्र (Identity Card): यह पत्र नहीं, बल्कि एक पहचान दस्तावेज़ है।
-
सरकारी पत्रों के प्रमुख प्रकार:
-
शासकीय पत्र (Official Letter)
-
अर्ध-शासकीय पत्र (Semi-Official Letter)
-
ज्ञापन (Memorandum)
-
कार्यालय आदेश (Office Order)
-
अधिसूचना (Notification)
-
परिपत्र (Circular)
-
#5. निम्न में से पत्र लेखन की एक अनिवार्य विशेषता है- [CET(10+2)-23.10.2024 (II)]
-
विचारों में क्रमबद्धता (Coherence): यह पत्र लेखन की सबसे अनिवार्य विशेषता है। इसका अर्थ है कि आपके विचार एक तर्कसंगत क्रम में होने चाहिए—शुरुआत, मध्य और अंत का तालमेल सही होना चाहिए ताकि पढ़ने वाला बात को आसानी से समझ सके।
-
विचारों में अस्पष्टता (Ambiguity): यदि पत्र के विचार स्पष्ट नहीं होंगे, तो उसका उद्देश्य ही विफल हो जाएगा। इसलिए यह एक दोष है, विशेषता नहीं।
-
विचारों में दुरुहता (Complexity/Hardness): पत्र की भाषा सरल और सुबोध होनी चाहिए। कठिन या दुरुह भाषा पत्र को उबाऊ और समझने में मुश्किल बना देती है।
-
विचारों में व्यंग्यात्मकता (Sarcasm): सरकारी या औपचारिक पत्रों में व्यंग्य (Tant) के लिए कोई स्थान नहीं होता। यहाँ भाषा गंभीर, मर्यादित और सीधी होनी चाहिए।
#6. कार्यालयी पत्रों के अधोलेख में निम्न में से किस शब्द का प्रयोग किया जाता है? [CET (10+2)-24.10.2024 (1)]
-
आपका विश्वासी (Yours Faithfully): औपचारिक या कार्यालयी पत्रों (Official Letters) के अंत में, जहाँ प्रेषक (Sender) के हस्ताक्षर होते हैं, वहां ‘आपका विश्वासी’ या ‘भवदीय’ शब्द का प्रयोग किया जाता है। चूंकि इस प्रश्न के विकल्पों में ‘भवदीय’ नहीं है, इसलिए ‘आपका विश्वासी’ सबसे सटीक उत्तर है।
-
सेवा में: यह पत्र की शुरुआत में ‘प्रशस्ति’ (Address) के रूप में प्रयोग होता है, न कि अधोलेख में।
-
महोदय: यह ‘सम्बोधन’ (Salutation) है, जो विषय के बाद पत्र की शुरुआत में लिखा जाता है।
-
प्रियवर: यह ‘अनौपचारिक’ या व्यक्तिगत पत्रों में मित्रों या करीबियों के लिए प्रयोग होता है। सरकारी कार्यालयी पत्रों में इसका प्रयोग वर्जित है।
#7. पत्र लेखन कला की प्रमुख विशेषताएँ हैं- 1. स्पष्टता 2. सरलता 3. क्लिष्टता 4. दुरुह 5. संक्षिप्तता [स्कूल व्याख्याता- 15.10.2022]
-
स्पष्टता (Clarity): पत्र का उद्देश्य और भाषा साफ होनी चाहिए ताकि पाठक को कोई भ्रम न हो। (यह एक विशेषता है)।
-
सरलता (Simplicity): भाषा सहज और आसान होनी चाहिए ताकि बात तुरंत समझ आ जाए। (यह एक विशेषता है)।
-
क्लिष्टता (Complexity): इसका अर्थ है ‘कठिन’ या ‘उलझा हुआ’ होना। यह पत्र लेखन का एक दोष है, विशेषता नहीं।
-
दुरुह (Obscurity/Hard to understand): इसका अर्थ है जिसे समझना बहुत मुश्किल हो। यह भी एक दोष है।
-
संक्षिप्तता (Conciseness): कम से कम शब्दों में अपनी पूरी बात कहना एक कुशल पत्र लेखक की निशानी है। (यह एक विशेषता है)।
#8. ‘अधिकारियों’ के लिए प्रयुक्त होने वाला सम्बोधन शब्द है- [LDC-(P-II)-11.08.2024]
-
श्रीमान् (या महोदय): अधिकारियों (Officers) को लिखे जाने वाले औपचारिक या शासकीय पत्रों में सबसे उपयुक्त सम्बोधन ‘श्रीमान्’ या ‘महोदय’ होता है। यह शब्द पद की गरिमा और औपचारिकता को दर्शाता है।
-
प्रियवर: यह एक अनौपचारिक सम्बोधन है। इसका प्रयोग मित्रों, सहपाठियों या अपने से छोटों के लिए व्यक्तिगत पत्रों में किया जाता है।
-
भवदीय: यह सम्बोधन नहीं बल्कि ‘अधोलेख’ (Subscription) है। इसका प्रयोग पत्र के अंत में समाप्ति सूचक शब्द के रूप में किया जाता है।
-
विनम्र: यह एक विशेषण है, इसका प्रयोग सम्बोधन के रूप में स्वतंत्र रूप से नहीं किया जाता (जैसे ‘विनम्र निवेदन है’ वाक्य में प्रयोग होता है)।
कथन 1 – जब कोई सरकारी पत्र, कार्यालय-ज्ञापन एक साथ अनेक प्रेषितियों को भेजा जा रहा हो, तब उसे ‘परिपत्र’ कहा जाता है।
कथन 2 – कार्यालय आदेश किसी भी मंत्रालय या कार्यालय के कर्मचारियों के लिए समय-समय पर निकाले गए आदेशों की सूचना है।
#9. उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए- [Stenogarphar-5.10.2024]
कथनों का विस्तृत विश्लेषण:
कथन 1: “जब कोई सरकारी पत्र, कार्यालय-ज्ञापन एक साथ अनेक प्रेषितियों (Recipients) को भेजा जा रहा हो, तब उसे ‘परिपत्र’ कहा जाता है।”
-
सत्यता: यह कथन बिल्कुल सही है।
-
तर्क: ‘परिपत्र’ (Circular) का मुख्य उद्देश्य ही यही होता है कि जब कोई एक सूचना, निर्देश या आदेश एक साथ कई विभागों, शाखाओं या अधिकारियों को भेजना हो। इसे ‘गश्ती पत्र’ भी कहा जाता है क्योंकि यह एक ही रूप में सबके पास घूमता है।
कथन 2: “कार्यालय आदेश किसी भी मंत्रालय या कार्यालय के कर्मचारियों के लिए समय-समय पर निकाले गए आदेशों की सूचना है।”
-
सत्यता: यह कथन भी सही है।
-
तर्क: ‘कार्यालय आदेश’ (Office Order) का प्रयोग आंतरिक प्रशासन के लिए किया जाता है। इसमें कर्मचारियों की नियुक्ति, पदोन्नति (Promotion), स्थानांतरण (Transfer), या छुट्टियों की स्वीकृति जैसे प्रशासनिक निर्णयों की सूचना दी जाती है। यह केवल संबंधित कार्यालय के कर्मचारियों के लिए ही बाध्यकारी होता है।
कथन 1 किसी मंत्रालय या विभाग द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए समय-समय पर निकाले जाने वाले आदेश को ‘कार्यालय आदेश’ कहा जाता है।
कथन 2 – उपर्युक्त सूचना केवल विश्वविद्यालयों के संदर्भ में सही है।
#10. उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्न विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें- [Stenogarphar-5.10.2024]
व्याख्या:
-
कथन 1 सत्य है: ‘कार्यालय आदेश’ (Office Order) वह दस्तावेज़ है जिसका उपयोग किसी मंत्रालय, विभाग या कार्यालय द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए आंतरिक सूचनाएं, निर्देश या निर्णय प्रसारित करने के लिए किया जाता है। इसमें आमतौर पर नियुक्ति, पदोन्नति, स्थानांतरण, अवकाश की मंजूरी या अनुशासन संबंधी निर्देश शामिल होते हैं।
-
कथन 2 असत्य है: कार्यालय आदेश केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं हैं। इनका उपयोग सरकारी मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों, निजी संस्थानों और लगभग सभी प्रकार के प्रशासनिक निकायों में व्यापक रूप से किया जाता है।
कथन (1) – पत्र में मैत्रीपूर्ण भावना निहित होती है।
कथन (2) – सरलता, संक्षिप्तता और सादगी को पत्र की शैली का गुण माना जाता है।
#11. दिये कथन में सही कथन है- [CET (Gra)-28.09.2024 (S-I)]
-
कथन (1) – पत्र में मैत्रीपूर्ण भावना निहित होती है: पत्र संचार का एक मानवीय माध्यम है। चाहे वह व्यक्तिगत (Personal) पत्र हो या औपचारिक (Formal), उसमें शिष्टाचार और सद्भावना का होना अनिवार्य है। एक अच्छा पत्र लेखक और पाठक के बीच एक सकारात्मक संबंध या ‘मैत्रीपूर्ण’ जुड़ाव स्थापित करता है।
-
कथन (2) – सरलता, संक्षिप्तता और सादगी पत्र की शैली के गुण हैं: एक आदर्श पत्र की मुख्य विशेषताएँ यही होती हैं।
-
सरलता: ताकि पाठक अर्थ को आसानी से समझ सके।
-
संक्षिप्तता: कम शब्दों में अपनी पूरी बात कहना ताकि पाठक का समय बचे।
-
सादगी: अनावश्यक दिखावे या कठिन शब्दों से बचकर अपनी बात को स्पष्टता से रखना।
-
चूँकि ये दोनों ही बिंदु पत्र लेखन के आवश्यक और बुनियादी सिद्धांत हैं, इसलिए दोनों कथन पूर्णतः सत्य हैं।
#12. यदि मुख्य पत्र के साथ-साथ अन्य संबंधित पत्र भी जोड़े जाएँ तो उसे क्या कहा जाता है? [Stenogarphar-5.10.2024]
स्पष्टीकरण:
-
संलग्नक (Enclosure): जब किसी मुख्य पत्र के साथ उसकी पुष्टि के लिए या अतिरिक्त जानकारी प्रदान करने के लिए अन्य संबंधित दस्तावेज़, पत्र या कागजात जोड़े जाते हैं, तो उन्हें ‘संलग्नक’ कहा जाता है। मुख्य पत्र के अंत में बाईं ओर ‘संलग्नक’ लिखकर उनकी संख्या या विवरण दिया जाता है।
अन्य विकल्पों का अर्थ:
-
परिपत्र (Circular): जब एक ही सूचना या निर्देश कई विभागों या व्यक्तियों को एक साथ भेजा जाता है।
-
प्रतिलिपियाँ (Copies/Endorsements): जब पत्र की मूल प्रति के अलावा उसकी फोटोकॉपी सूचना के लिए अन्य अधिकारियों या विभागों को भेजी जाती है।
-
पत्र-लेखन (Letter Writing): यह पत्र लिखने की संपूर्ण कला या प्रक्रिया को कहते हैं।
#13. किसी पत्र के आवश्यक घटकों में सरकारी पत्र में कौनसा घटक नहीं होता? [RPSC लिपिक परीक्षा, 2013] [स्कूल व्याख्याता (हिन्दी) परीक्षा-2014]
सरकारी पत्र (Official Letter) पूरी तरह से औपचारिक होते हैं और इनमें व्यक्तिगत स्पर्श का अभाव होता है। इसके घटकों की स्थिति इस प्रकार है:
-
अभिवादन (Salutation like ‘नमस्ते’, ‘प्रणाम’): सरकारी पत्रों में ‘अभिवादन’ का प्रयोग नहीं किया जाता है। चूँकि ये पत्र पद से पद को लिखे जाते हैं, इसलिए इनमें व्यक्तिगत शिष्टाचार वाले शब्दों की जगह नहीं होती।
-
संबोधन (Address): सरकारी पत्र में संबोधन (जैसे ‘महोदय’ या ‘Sir’) अनिवार्य रूप से होता है।
-
दिनांक (Date): पत्र किस दिन जारी किया गया, यह रिकॉर्ड के लिए अत्यंत आवश्यक है।
-
पत्रांक (File Number/Reference Number): यह सरकारी पत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे पत्र की पहचान और संदर्भ का पता चलता है।
#14. सामान्यतया सरकारी पत्रों में किस संबोधन का प्रयोग होता है? [RPSC लिपिक परीक्षा, 2013]
सरकारी पत्र में ‘विषय’ के ठीक नीचे बाईं ओर ‘महोदय’ लिखकर पत्र का मुख्य भाग शुरू किया जाता है।
#15. पत्र जिस व्यक्ति को लिखा जाना है, उसे कहा जाता है- [स्टेनोग्राफर परीक्षा, 21.03.2021]
शब्दावली का अर्थ:
-
प्रेषिति (Addressee/Recipient): वह व्यक्ति या अधिकारी जिसे पत्र लिखा गया है या जिसे पत्र प्राप्त होना है। इसे ‘पाने वाला’ भी कहा जाता है।
-
प्रेषक (Sender): वह व्यक्ति जो पत्र लिखता है या भेजता है।
-
प्रेक्षक (Observer): इसका अर्थ होता है ‘देखने वाला’ या ‘निरीक्षण करने वाला’। इसका पत्र लेखन की इन श्रेणियों से सीधा संबंध नहीं है।
-
प्रेषण (Dispatch/Sending): यह पत्र भेजने की क्रिया या प्रक्रिया को कहा जाता है।
#16. स्ववृत्त (Biodata) प्रस्तुति का सही क्रम कौन सा है? [स्कूल व्याख्याता (हिन्दी) परीक्षा-2014]
एक आदर्श स्ववृत्त में व्यक्तिगत विवरण का क्रम सामान्यतः इस प्रकार होता है:
-
नाम: सबसे पहले उम्मीदवार का पूरा नाम।
-
पिता का नाम: पहचान और औपचारिक रिकॉर्ड के लिए।
-
माता का नाम: परिवारिक विवरण के पूर्ण संकलन हेतु।
-
जन्मतिथि: आयु की पात्रता जांचने के लिए।
-
वर्तमान पता: पत्राचार और संपर्क के लिए।
-
स्थायी पता: (यदि वर्तमान पते से भिन्न हो)।
#17. निम्नलिखित में से कौन ‘कार्यालयी पत्र’ का प्रकार नहीं है? [CET-5.2.2023 (S-1)] [LDC-(P-II)-11.08.2024]
विकल्पों का विवरण:
-
अधिसूचना (Notification): यह एक महत्वपूर्ण कार्यालयी पत्र/दस्तावेज़ है जिसे गजट (राजपत्र) में प्रकाशित किया जाता है। यह सरकारी नियमों, आदेशों और नियुक्तियों की सार्वजनिक सूचना हेतु होता है।
-
परिपत्र (Circular): यह भी एक कार्यालयी पत्र है। जब एक ही सूचना या निर्देश कई विभागों या अधीनस्थ कार्यालयों को एक साथ भेजा जाता है, तो उसे ‘परिपत्र’ कहते हैं।
-
अनुस्मारक (Reminder): इसे ‘स्मरण पत्र’ भी कहते हैं। जब किसी पूर्व में भेजे गए पत्र का उत्तर नहीं मिलता, तो याद दिलाने के लिए जो कार्यालयी पत्र भेजा जाता है, उसे अनुस्मारक कहते हैं।
-
समीक्षा/आवेदन पत्र: आवेदन पत्र (Application) सामान्यतः किसी व्यक्ति द्वारा किसी संस्था या कार्यालय को अपनी व्यक्तिगत प्रार्थना या मांग (जैसे छुट्टी, नौकरी आदि) के लिए लिखा जाता है। इसे कार्यालय की ओर से जारी किया जाने वाला ‘शासकीय/कार्यालयी पत्र’ नहीं माना जाता है।
Top 50 Hindi Patra Lekhan PYQs (Most Important List)
Humne pichle 10 saalon ke papers ko analyze karke ye 50 Important Letter Writing PYQs ki list taiyar ki hai:
1. Karyalayi Patra (Official Letters) – H2 Heading
- Nagar Nigam Adhikari ko shehar mein badhti gandagi aur safai vyavastha sudhaarne hetu patra.
- Zila Collector ko board exams ke samay ‘Sound Pollution’ (Loudspeaker) par rok lagane ke liye prarthna patra.
- Vidyut Vibhag ko baar-baar ho rahi ‘Electricity Cut’ ki shikayat karte hue.
- Bank Manager ko naya ‘Business Account’ khulvane ya ‘ATM Card’ block karane hetu aavedan.
- Post Master ko dakiye ki laparwahi aur chithiyon ki deri se milne ki shikayat.
2. Shikayati aur Sampadak ke Naam Patra – H2 Heading
- Dainik Bhaskar/Jagran ke Sampadak ko badhti mehangai par aam janta ki pareshani batate hue.
- Police Adhikari ko mohalle mein badhti chori ki ghatnaon ki jankari dete hue FIR darj karne ka patra.
- Swasthya Mantri ko gaon mein ‘Primary Health Center’ ki kharab sthiti sudhaarne ke liye.
- Parivahan Mantri ko naye ‘Electric Bus’ routes shuru karne ke sujhaav hetu.
3. Niji aur Anaupcharik Patra (Informal) – H2 Heading
- Chote bhai ko ‘Time Management’ aur social media ke sahi use ki salaah dete hue.
- Mitra ko uski safalta par badhai patra (Congratulatory Letter).
- Pita ji ko naye semester ki fees aur hostel ke kharche mangvane hetu.
- Behan ko uski shaadi par upasthit na ho pane ki majboori batate hue.
Step-by-Step Guide: Sahi Format Kaise Likhein?
Agar aap 50 Important Letter Writing PYQs ki practice kar rahe hain, toh format ka ‘Ratta’ nahi, logic samajhiye:
- Preshak (Sender’s Address): Top left mein. Exams mein “Pariksha Bhawan” likhna sabse safe hai.
- Dinank (Date): Jaise – 14 May 2026.
- Sewa Mein: Receiver ka designation (e.g., Sewa mein, Adhyaksh mahoday).
- Vishay (Subject): Sabse mahatvapurn! Isse sirf ek line mein likhein aur underline zaroor karein.
- Mukhya Vishay (Body): Ise 3 parts mein baantein:
- Introduction: Aap kaun hain aur kyu likh rahe hain.
- Main Issue: Pareshani ya vishay ka vistaar.
- Conclusion: Aap kya chahte hain (Solution).
- Closing: ‘Bhavdiya’ (Formal) ya ‘Aapka Shubhchintak’ (Informal).
Pro-Tips: 2026 Exams ke liye Special Highlights
Value Addition:
- Word Limit: 150-200 words se zyada na likhein jab tak pucha na jaye.
- Presentation: Cutting bilkul na karein. Agar galti ho jaye toh sirf ek line khinchein.
- Hindi Vocabulary: “Problem” ki jagah “Samasya”, “Requirement” ki jagah “Avashyakta” jaise shabdon ka use karein.
People Also Ask (FAQs)
Q1. Kya 2026 ke exams mein ‘E-mail Writing’ bhi aayegi? A: Haan, SSC aur Banking ke kai exams mein ab ‘Email’ format bhi pucha ja raha hai. Iska base ‘Formal Letter’ jaisa hi hota hai.
Q2. Agar question mein naam na ho toh kya likhein? A: Aisi sthiti mein hamesha “Ka. Kha. Ga.” (क. ख. ग.) likhein. Apni asli pehchan (Real Name) kabhi na likhein.
Q3. Patra kitne marks ka hota hai? A: Aksar ye 5 se 10 marks ka hota hai, jo aapki overall rank badhane mein kafi madadgar hai.
Conclusion: Practice hi Key Hai!
Doston, ye 50 Important Letter Writing PYQs sirf padhne ke liye nahi hain. Inmein se rozana kam se kam 2 topics par patra likhne ki practice karein. 2026 ke competitive exams mein wahi bacha baazi marega jo ‘Content’ ke saath ‘Format’ par bhi dhyan dega.
Agar aapko in 50 questions ke detailed answers (PDF format) chahiye, toh niche comment karein aur humein batayein ki aap kis exam ki taiyari kar rahe hain!


