Hindi Grammar में ‘Vachya’ एक ऐसा topic है जो दिखने में simple लगता है, लेकिन Exam pressure में अक्सर confusion पैदा कर देता है। अगर आप Vachya ke bhed pyq search कर रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं। इस लेख में हम वाच्य को रटेंगे नहीं, बल्कि इसे “जादुई Trick” से समझेंगे ताकि परीक्षा में आपका एक भी marks न कटे।
Table of Contents
- वाच्य क्या है? (The Concept)
- वाच्य के 3 मुख्य भेद (Types of Vachya)
- जादुई Trick: 5 Seconds में वाच्य पहचानें
- कर्तृवाच्य vs कर्मवाच्य vs भाववाच्य: Detailed Comparison
- Vachya Change करने के Practical Rules
- Top 10 PYQs (Previous Year Questions)
- FAQs & Conclusion
1. वाच्य (Voice) क्या है?
वाच्य का मतलब होता है “बोलने का ढंग” या वाक्य में किसका “Dominance” (प्रधानता) है। क्रिया (Verb) के जिस रूप से यह पता चले कि वाक्य में Subject (कर्ता), Object (कर्म) या Feeling (भाव) में से मुख्य कौन है, उसे ही वाच्य कहते हैं।
Results
#1. वाच्य का प्रभाव किस पर पड़ता है? [महिला पर्यवेक्षक 06.01.2019]
दिए गए प्रश्न का सही उत्तर (2) क्रिया पर है।
वाच्य (Voice) का शाब्दिक अर्थ है— ‘बोलने का विषय’। व्याकरण में वाच्य यह बताता है कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया का रूप किसके अनुसार बदला है।
वाच्य की व्याख्या (Explanation)
वाच्य में मुख्य रूप से यह देखा जाता है कि क्रिया का विधान (अन्वय) कर्ता से है, कर्म से है या भाव से। इसी आधार पर इसके तीन मुख्य भेद होते हैं:
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कर्तृवाच्य (Active Voice): जब वाक्य में क्रिया का मुख्य संबंध कर्ता से होता है। यहाँ क्रिया के लिंग और वचन कर्ता के अनुसार बदलते हैं।
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उदाहरण: राम फल खाता है। (कर्ता ‘राम’ पुल्लिंग है, तो क्रिया ‘खाता है’ भी पुल्लिंग है।)
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कर्मवाच्य (Passive Voice): जब क्रिया का मुख्य संबंध कर्म से होता है। यहाँ क्रिया के लिंग और वचन कर्म के अनुसार बदलते हैं।
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उदाहरण: राम द्वारा फल खाया जाता है। (यहाँ ‘फल’ कर्म है, क्रिया ‘खाया जाता है’ उसी के अनुसार है।)
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भाववाच्य (Impersonal Voice): जब वाक्य में क्रिया न तो कर्ता के अनुसार होती है और न ही कर्म के अनुसार, बल्कि भाव की प्रधानता होती है। इसमें क्रिया हमेशा पुल्लिंग, एकवचन और अन्य पुरुष में रहती है।
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उदाहरण: मुझसे चला नहीं जाता।
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#2. कर्तृवाच्य में क्रिया के लिंग, वचन व पुरुष का रूप किस शब्द से प्रभावित होता है? [LDC-16.09.2018]
दिए गए प्रश्न का सही उत्तर (2) कर्ता से है।
कर्तृवाच्य (Active Voice) में वाक्य का केंद्र बिंदु ‘कर्ता’ (Subject) होता है।
संक्षिप्त व्याख्या:
कर्तृवाच्य की मुख्य पहचान यह है कि इसमें क्रिया के लिंग (Gender), वचन (Number) और पुरुष (Person) पूरी तरह से कर्ता के अनुसार चलते हैं। यदि कर्ता बदलता है, तो क्रिया का रूप भी अनिवार्य रूप से बदल जाता है।
उदाहरण के माध्यम से समझें:
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लिंग परिवर्तन का प्रभाव:
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लड़का पत्र लिखता है। (कर्ता ‘लड़का’ पुल्लिंग है, इसलिए क्रिया ‘लिखता है’ भी पुल्लिंग है।)
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लड़की पत्र लिखती है। (कर्ता ‘लड़की’ स्त्रीलिंग होते ही क्रिया ‘लिखती है’ हो गई।)
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वचन परिवर्तन का प्रभाव:
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बच्चा खेल रहा है। (एकवचन कर्ता → एकवचन क्रिया)
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बच्चे खेल रहे हैं। (बहुवचन कर्ता → बहुवचन क्रिया)
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#3. ‘अध्यापक ने कक्षा में गणित की परीक्षा ली’ वाक्य है- (Patwar Pre Exam-2016)
व्याख्या (Explanation)
‘अध्यापक ने कक्षा में गणित की परीक्षा ली’ वाक्य में अध्यापक कर्ता है और क्रिया का मुख्य संबंध कर्ता से ही है।
यहाँ कुछ लोगों को भ्रम हो सकता है कि क्रिया ‘परीक्षा’ (कर्म) के अनुसार स्त्रीलिंग है, तो यह कर्मवाच्य क्यों नहीं है? आइए इसके पीछे का व्याकरणिक नियम समझते हैं:
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कर्ता की प्रधानता: इस वाक्य में क्रिया को संपन्न करने वाला मुख्य पात्र ‘अध्यापक’ है।
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‘ने’ विभक्ति का नियम: जब कर्तृवाच्य के वाक्य में कर्ता के साथ ‘ने’ परसर्ग (विभक्ति) का प्रयोग होता है, तो क्रिया कर्म के लिंग और वचन के अनुसार बदलती है (जैसे यहाँ ‘परीक्षा’ स्त्रीलिंग है तो क्रिया ‘ली’ भी स्त्रीलिंग है), लेकिन व्याकरण के अनुसार ऐसा वाक्य कर्तृवाच्य की श्रेणी में ही आता है।
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कर्मवाच्य क्यों नहीं?: कर्मवाच्य होने के लिए कर्ता के साथ ‘के द्वारा’ या ‘से’ का प्रयोग होना आवश्यक है। यदि यह वाक्य होता— “अध्यापक के द्वारा परीक्षा ली गई”, तब यह कर्मवाच्य होता।
पहचान के लिए सरल सूत्र:
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यदि वाक्य में ‘ने’ लगा है → कर्तृवाच्य (सकर्मक क्रिया के साथ)।
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यदि कर्ता के साथ ‘के द्वारा’ / ‘से’ लगा है → कर्मवाच्य (सकर्मक क्रिया के साथ)।
#4. कौन-सा वाक्य कर्तृवाच्य है ? (RPSC Jr. Acct., 4-10-2016)
व्याख्या (Explanation)
कर्तृवाच्य की मुख्य पहचान यह है कि इसमें कर्ता (Subject) प्रधान होता है और क्रिया सीधे कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार बदलती है।
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मैं पुस्तक पढ़ रहा हूँ (कर्तृवाच्य):
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यहाँ ‘मैं’ कर्ता है। यदि हम कर्ता बदलें (जैसे: ‘वह’ या ‘सीता’), तो क्रिया बदल जाएगी (‘वह पुस्तक पढ़ रही है’)। क्रिया का सीधा संबंध ‘मैं’ से है।
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अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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(1) खाना बना दिया गया है (कर्मवाच्य):
यहाँ ‘खाना’ (कर्म) पर जोर दिया गया है। कर्ता अज्ञात है या गौण है। ‘गया है’ का प्रयोग कर्मवाच्य की पहचान है।
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(2) प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है (कर्मवाच्य):
यहाँ भी ‘प्रार्थना पत्र’ (कर्म) प्रधान है। क्रिया कर्म के अनुसार है।
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(3) मुझसे चला नहीं जाता (भाववाच्य):
यहाँ न कर्ता प्रधान है, न कर्म। यहाँ ‘चलने’ की असमर्थता का भाव प्रधान है। ‘से’ विभक्ति और ‘जाता’ का प्रयोग भाववाच्य का सूचक है।
याद रखने योग्य सूत्र:
| वाच्य | पहचान |
| कर्तृवाच्य | कर्ता + (ने) + क्रिया |
| कर्मवाच्य | कर्म + के द्वारा/से + क्रिया (जाना रूप के साथ) |
| भाववाच्य | कर्ता + से + नहीं + क्रिया (अकर्मक) |
#5. निम्न में से कर्तृवाच्य वाक्य नहीं है- [LDC – 12.08.2018]
विश्लेषण (Analysis)
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(3) पुस्तक पढ़ी जाती है (कर्मवाच्य): यहाँ ‘पुस्तक’ (कर्म) की प्रधानता है। क्रिया ‘पढ़ी जाती है’ कर्म (पुस्तक) के लिंग और वचन के अनुसार है। इसमें कर्ता लुप्त (गायब) है। यदि हम कहें “राम द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है”, तो भी यह कर्मवाच्य ही रहेगा क्योंकि क्रिया का मुख्य केंद्र कर्म है।
अन्य विकल्पों का स्पष्टीकरण:
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(1) सीता पुस्तक पढ़ती है (कर्तृवाच्य): यहाँ ‘सीता’ कर्ता है। क्रिया ‘पढ़ती है’ कर्ता के स्त्रीलिंग होने के कारण स्त्रीलिंग है। कर्ता प्रधान है।
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(2) रमा सितार बजाती है (कर्तृवाच्य): यहाँ ‘रमा’ कर्ता है और क्रिया ‘बजाती है’ सीधे कर्ता के लिंग के अनुसार है।
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(4) वह पत्र लिखता है (कर्तृवाच्य): यहाँ ‘वह’ कर्ता है और क्रिया ‘लिखता है’ उसके अनुसार पुल्लिंग है।
#6. कौनसा वाक्य कर्तृवाच्य नहीं है? [LDC-12.08.2018]
विश्लेषण (Analysis)
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(2) कैदी रिहा कर दिये जायें (कर्मवाच्य): इस वाक्य में ‘कैदी’ कर्म (Object) है। क्रिया ‘रिहा कर दिये जायें’ कर्म की प्रधानता को दर्शा रही है। यहाँ कर्ता (रिहा करने वाला) अज्ञात या गौण है। जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता होती है और क्रिया कर्म के अनुसार होती है, वह कर्मवाच्य कहलाता है।
अन्य विकल्पों का स्पष्टीकरण:
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(1) प्रेमचंद ने गोदान लिखा (कर्तृवाच्य): यहाँ ‘प्रेमचंद’ कर्ता है। जैसा कि हमने पहले चर्चा की थी, ‘ने’ विभक्ति का प्रयोग होने पर भी वाक्य कर्तृवाच्य ही रहता है (सकर्मक क्रिया के साथ)।
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(3) ट्रक ने सारा सामान पहुँचा दिया (कर्तृवाच्य): यहाँ ‘ट्रक’ कर्ता के रूप में कार्य कर रहा है और यहाँ भी ‘ने’ विभक्ति का प्रयोग हुआ है, जो कर्तृवाच्य की पहचान है।
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(4) राधा लिख नहीं पाती (कर्तृवाच्य): यहाँ ‘राधा’ कर्ता है और क्रिया ‘पाती’ सीधे कर्ता के लिंग (स्त्रीलिंग) के अनुसार है। यह राधा की वर्तमान क्षमता/अक्षमता को दर्शाने वाला कर्तृवाच्य वाक्य है।
#7. कर्तृवाच्य वाक्य चिह्नित कीजिए- [LDC-19.08.2018]
विश्लेषण (Analysis)
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(2) रावण ने सीता का हरण किया (कर्तृवाच्य): इस वाक्य में ‘रावण’ कर्ता है। नियम के अनुसार, जब कर्ता के साथ ‘ने’ विभक्ति (परसर्ग) का प्रयोग होता है, तो वह वाक्य कर्तृवाच्य कहलाता है। यहाँ क्रिया का मुख्य आधार कर्ता ही है।
अन्य विकल्पों का स्पष्टीकरण:
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(1) पुस्तक अलमारी में रखी जाती है (कर्मवाच्य): यहाँ ‘पुस्तक’ कर्म है और क्रिया ‘रखी जाती है’ कर्म के अनुसार है। कर्ता (रखने वाला) यहाँ अनुपस्थित है।
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(3) छात्रों द्वारा कुर्सी तोड़ डाली गयी (कर्मवाच्य): यहाँ कर्ता के साथ ‘द्वारा’ का प्रयोग हुआ है और ‘कुर्सी’ (कर्म) की प्रधानता है। ‘गयी’ सहायक क्रिया का प्रयोग कर्मवाच्य की पहचान है।
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(4) दरवाजे पर ताला लगा दिया जाये (कर्मवाच्य): यह एक आज्ञावाचक कर्मवाच्य वाक्य है। यहाँ ‘ताला’ (कर्म) प्रधान है और क्रिया उसी के अनुसार ‘दिया जाये’ के रूप में प्रयुक्त हुई है।
याद रखने योग्य सूत्र:
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कर्तृवाच्य: कर्ता + (ने)
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कर्मवाच्य: कर्ता + (के द्वारा / से) + कर्म की प्रधानता + ‘जाना’ क्रिया का रूप।
#8. ‘अध्यापक ने कक्षा में गणित की परीक्षा ली’ – वाक्य है- [Highcourt LDC परीक्षा-23.07.2017]
1. ‘ने’ विभक्ति का नियम: व्याकरण का नियम है कि यदि वाक्य में कर्ता के साथ ‘ने’ परसर्ग (विभक्ति चिन्ह) लगा हो, तो वह वाक्य सदैव कर्तृवाच्य ही होता है। भले ही उस समय क्रिया कर्ता के अनुसार न बदलकर कर्म के अनुसार बदल रही हो (जैसे यहाँ ‘परीक्षा’ के अनुसार ‘ली’ आया है), लेकिन प्रधानता कर्ता की ही मानी जाती है।
2. कर्मवाच्य क्यों नहीं है? कर्मवाच्य होने के लिए कर्ता के साथ ‘से’ या ‘के द्वारा’ का प्रयोग अनिवार्य है।
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कर्तृवाच्य: अध्यापक ने परीक्षा ली।
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कर्मवाच्य: अध्यापक के द्वारा परीक्षा ली गई।
#9. ‘आज प्राचार्य द्वारा मधुर गीत गाया गया।’ वाक्य का कर्तृवाच्य में परिवर्तित रूप है- [LDC-16.09.2018]
वाच्य परिवर्तन की व्याख्या (Transformation Explanation)
मूल वाक्य: ‘आज प्राचार्य द्वारा मधुर गीत गाया गया।’ यह वाक्य कर्मवाच्य (Passive Voice) में है क्योंकि इसमें ‘द्वारा’ का प्रयोग हुआ है और क्रिया ‘गाया गया’ कर्म (गीत) के अनुसार है।
जब हम इसे कर्तृवाच्य (Active Voice) में बदलते हैं, तो निम्नलिखित बदलाव होते हैं:
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विभक्ति परिवर्तन: कर्ता के साथ लगा हुआ ‘द्वारा’ या ‘से’ हटा दिया जाता है। भूतकाल की सकर्मक क्रिया होने के कारण कर्ता के साथ ‘ने’ विभक्ति जोड़ी जाती है।
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क्रिया का रूप: क्रिया को मुख्य कर्ता के अनुसार बदल दिया जाता है।
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‘गाया गया’ (कर्मवाच्य रूप) → बदल कर ‘गाया’ (कर्तृवाच्य रूप) हो जाता है।
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अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
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(1) आज प्राचार्य मधुर गीत गायेंगे: यह भविष्य काल (Future Tense) में बदल गया है, जबकि मूल वाक्य भूतकाल में है। वाच्य परिवर्तन में काल नहीं बदलता।
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(3) प्राचार्य द्वारा आज गाया गीत मधुर था: यह वाक्य की संरचना को ही बदल देता है और अभी भी इसमें ‘द्वारा’ का प्रयोग है।
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(4) आज प्राचार्य गीत को गायेंगे: यहाँ भी काल बदल दिया गया है (भविष्य काल), जो कि गलत है।
#10. इनमें से किस वाक्य में कर्तृवाच्य का प्रयोग हुआ है? [PSI-07.10.2018]
दिए गए विकल्पों में सही उत्तर (4) वह बाजार जा रहा है है।
विश्लेषण (Analysis)
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(4) वह बाजार जा रहा है (कर्तृवाच्य): इस वाक्य में ‘वह’ कर्ता है और क्रिया ‘जा रहा है’ सीधे कर्ता के लिंग (पुल्लिंग) और वचन (एकवचन) के अनुसार प्रयुक्त हुई है। यहाँ कर्ता प्रधान है।
अन्य विकल्पों का स्पष्टीकरण:
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(1) छात्रों द्वारा सजावट की गई (कर्मवाच्य): यहाँ ‘द्वारा’ का प्रयोग हुआ है और क्रिया ‘की गई’ कर्म (सजावट) के अनुसार स्त्रीलिंग है। यहाँ कर्म की प्रधानता है।
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(2) मजदूर से दर्द के कारण उठा नहीं गया (भाववाच्य): यहाँ कर्ता के साथ ‘से’ लगा है और क्रिया ‘उठा नहीं गया’ असमर्थता के भाव को व्यक्त कर रही है। यह भाववाच्य का उदाहरण है।
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(3) आज नागरिकों द्वारा सफाई अभियान चलाया गया (कर्मवाच्य): यहाँ भी ‘द्वारा’ का प्रयोग हुआ है और ‘सफाई अभियान’ (कर्म) की प्रधानता है। क्रिया कर्म के अनुसार ‘चलाया गया’ के रूप में है।
अगर आप विस्तृत सरकारी पाठ्यक्रम देखना चाहते हैं, तो आप NCERT की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध व्याकरण की पुस्तकों का संदर्भ ले सकते हैं।
2. वाच्य के मुख्य भेद (Types of Vachya)
A. कर्तृवाच्य (Active Voice)
इसमें कर्ता (Doer) Hero होता है। क्रिया पूरी तरह से कर्ता के gender और number (लिंग और वचन) पर depend करती है।
- Hinglish Example: “Rahul क्रिकेट खेलता है।” यहाँ ‘खेलता है’ राहुल के हिसाब से बदल रहा है।
B. कर्मवाच्य (Passive Voice)
यहाँ कर्म (Object) मुख्य होता है। क्रिया कर्ता को छोड़कर कर्म का पीछा करती है।
- Hinglish Example: “राहुल के द्वारा क्रिकेट खेला जाता है।” यहाँ focus ‘क्रिकेट’ पर है।
C. भाववाच्य (Impersonal Voice)
इसमें न कर्ता की चलती है न कर्म की। यहाँ क्रिया का भाव (Action/Feeling) प्रधान होता है। यह अधिकतर Negative वाक्यों में आता है।
- Hinglish Example: “मुझसे अब और पढ़ा नहीं जाता।”
3. जादुई Trick: वाच्य पहचानने का Shortcut
अगर आप Exam Hall में बैठे हैं और आपके पास समय कम है, तो यह Flowchart Trick अपनाएं:
- Direct Check: क्या कर्ता के साथ कोई विभक्ति (जैसे- ने, से, के द्वारा) नहीं है? या सिर्फ ‘ने’ लगा है?
- Result: आंख बंद करके कर्तृवाच्य टिक करें।
- The ‘Se/Ke Dwara’ Rule: क्या कर्ता के साथ ‘से’ या ‘के द्वारा’ लगा है?
- अब देखो क्या वाक्य में कर्म (Object) मौजूद है? (क्या/किसको का उत्तर मिल रहा है?)
- अगर हाँ, तो वह कर्मवाच्य है।
- अगर नहीं, तो वह भाववाच्य है।
4. वाच्य परिवर्तन (Conversion) के नियम
Exam में अक्सर “Change the Voice” वाले प्रश्न आते हैं। इसे बदलने के लिए ये 2 rules याद रखें:
- Rule 1: कर्ता के पीछे ‘से’ या ‘के द्वारा’ चिपका दें।
- Rule 2: मुख्य क्रिया (Main Verb) को Simple Past में बदलें और उसके साथ ‘जाना’ क्रिया का रूप (जाता है, गया, जाएगी आदि) जोड़ दें।
Example:
- कर्तृवाच्य: माँ खाना बनाती है।
- कर्मवाच्य: माँ के द्वारा खाना बनाया जाता है।
5. पिछले सालों के महत्वपूर्ण प्रश्न (PYQs)
ये प्रश्न पिछले 5 सालों के SSC, REET और अन्य स्टेट एग्जाम्स से लिए गए हैं:
- ‘चलो, अब सोया जाए’ – इसमें कौन सा वाच्य है?
- (A) कर्तृवाच्य (B) कर्मवाच्य (C) भाववाच्य (D) इनमें से कोई नहीं
- Ans: (C) भाववाच्य (Note: यहाँ भाव की प्रधानता है)।
- ‘शिकारी द्वारा शेर मारा गया’ – वाच्य पहचानें।
- Ans: कर्मवाच्य (तर्क: ‘द्वारा’ का प्रयोग + ‘शेर’ कर्म मौजूद है)।
- ‘मैं यह बोझ नहीं उठा सकता’ – इसका भाववाच्य क्या होगा?
- Ans: मुझसे यह बोझ नहीं उठाया जा सकता।
- ‘बालक खिलखिलाकर हँस रहा था’ – यह कौन सा वाच्य है?
- Ans: कर्तृवाच्य (तर्क: कर्ता के साथ कोई विभक्ति नहीं है)।
6. FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1: क्या भाववाच्य में हमेशा ‘नहीं’ आता है? Ans: 90% केस में ‘नहीं’ आता है (असमर्थता दिखाने के लिए), लेकिन “अब चला जाए” जैसे वाक्यों में ‘नहीं’ न होने पर भी भाववाच्य होता है।
Q2: ‘Vachya ke bhed pyq’ के लिए बेस्ट प्रैक्टिस सेट कहाँ मिलेगा? Ans: आप हमारे टेलीग्राम चैनल या NCERT Solutions के व्याकरण अनुभाग को देख सकते हैं।
Q3: सकर्मक और अकर्मक क्रिया का वाच्य पर क्या असर पड़ता है? Ans: कर्मवाच्य हमेशा सकर्मक (Transitive) क्रिया के साथ बनता है, जबकि भाववाच्य हमेशा अकर्मक (Intransitive) क्रिया के साथ।
Actionable Conclusion
वाच्य का टॉपिक बहुत स्कोरिंग है। बस ‘से/के द्वारा’ के खेल को समझ लें। अगर आप रोज़ाना 10 Vachya ke bhed pyq सॉल्व करेंगे, तो आपकी Accuracy 100% हो जाएगी। इस जादुई ट्रिक को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें ताकि उनकी भी हेल्प हो सके!


