dharmik andolan mcq in hindi
#1. अलवार सन्तों का गढ़ प्रमुख रूप से किस राज्य में था ?
सही उत्तर – तमिलनाडु
व्याख्या – गुप्तोत्तर काल में वैष्णव धर्म भारतवर्ष में प्रचलित था। किन्तु इसका गढ़ दक्षिण भारत में तमिलनाडु में था जहाँ वैष्णव मत के प्रवर्तक अलवार सन्त थे । इनकी संख्या बारह थी ।
#2. निम्नलिखित में से विशिष्टाद्वैत दर्शनशास्त्र का प्रतिपादन किसने किया था?
सही उत्तर – रामानुजाचार्य
व्याख्या – रामानुजाचार्य ( जन्म: 1017 – मृत्यु: 1137) विशिष्टाद्वैत वेदान्त के प्रवर्तक थे।
#3. आजीवक संप्रदाय के संस्थापक कौन थे?
सही उत्तर – मक्खलि गोशाल
व्याख्या – मक्खलि गोशाल (560-484 ईसा पूर्व) 6ठी सदी के एक प्रमुख आजीवक दार्शनिक हैं।
#4. पाशुपत सम्प्रदाय का संस्थापक कौन-सा है?
सही उत्तर – लकुलीश
व्याख्या – लकुलीश हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक भगवान शिव के 24वें अवतार माने गये हैं।
#5. धर्म सभा के संस्थापक कौन थे? [SSC MTS (18-05-2023) Shift-1]
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विस्तृत व्याख्या: राधाकांत देव ने 1830 में कलकत्ता में ‘धर्म सभा’ की स्थापना की थी। यह एक रूढ़िवादी हिंदू संगठन था, जिसने राजा राममोहन राय द्वारा चलाए गए सती प्रथा उन्मूलन आंदोलन का विरोध किया था।
विकल्पों की जानकारी:
(b) दादोबा पांडुरंग: परमहंस मंडली (1840/1849) के संस्थापक।
(c) आर. जी. भंडारकर: प्रार्थना समाज के प्रमुख नेता।
(d) राजा राममोहन राय: ब्रह्म समाज (1828) और आत्मीय सभा (1815) के संस्थापक।
#6. आगरा के एक बैंकर शिव दयाल साहब ने ________ में राधा स्वामी सत्संग (Radha Soami Satsang) की स्थापना की थी। [SSC MTS (14-6-2023) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: स्वामी जी महाराज के नाम से प्रसिद्ध आगरा के सेठ शिव दयाल जी महाराज (शिव दयाल साहब) ने 1861 में बसंत पंचमी के दिन आगरा में ‘राधास्वामी सत्संग’ की स्थापना की थी।
#7. थियोसोफिकल सोसायटी के संस्थापक कौन थे/थें? [SSC CPO (5-10-2023) Shift-3, SSC CGL (27-8-2016) Shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: 1875 में न्यूयॉर्क (अमेरिका) में मैडम एच. पी. ब्लावात्स्की (रूसी महिला) और कर्नल एच. एस. ओल्कोट (अमेरिकी सैन्य अधिकारी) ने ‘थियोसॉफिकल सोसाइटी’ की स्थापना की थी। 1882 में इसका अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय अड्यार (मद्रास/चेन्नई) में स्थापित किया गया।
अन्य विकल्प:
(b) एनी बेसेंट: 1889 में थियोसॉफिकल सोसाइटी से जुड़ीं और 1907 में इसकी अध्यक्ष बनीं।
(d) मैडम भीकाजी कामा: “भारतीय क्रांति की मां”; 1907 में स्टटगार्ट (जर्मनी) में पहली बार भारतीय ध्वज फहराया।
#8. एनी बेसेंट निम्नलिखित में से किस सामाजिक-धार्मिक आंदोलन से जुड़ी थीं? [SSC MTS (12-05-2023) Shift-2]
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विस्तृत व्याख्या: एनी बेसेंट थियोसॉफिकल सोसाइटी की प्रमुख नेता थीं। उन्होंने भारत में ‘होम रूल लीग आंदोलन’ (1916) भी शुरू किया और 1917 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
अन्य विकल्प:
(b) आदि ब्रह्म समाज: 1866 में ब्रह्म समाज में विभाजन के बाद देवेंद्रनाथ टैगोर का गुट।
(c) तत्वबोधिनी सभा: 1839 में देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित।
(d) भारतीय सुधार संघ: 1870 में केशव चंद्र सेन द्वारा स्थापित।
#9. निम्नलिखित में से किस संगठन के माध्यम से एनी बेसेंट ने प्राचीन भारतीय धर्मों, दर्शन और सिद्धांतों के अध्ययन को बढ़ावा दिया? [SSC CGL (20-7-2023) shift-3]
विस्तृत व्याख्या: एनी बेसेंट ने थियोसॉफिकल सोसाइटी के माध्यम से वेदों, उपनिषदों और भगवद गीता के दर्शन का प्रचार-प्रसार किया तथा भारतीयों को अपनी प्राचीन हिंदू विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा दी।
#10. निम्नलिखित में से किसने 1902 में कहा था, “भारत पर उसके लाभ के लिए शासन नहीं किया गया, बल्कि उसके विजेताओं के लाभ के लिए शासन किया गया”? [SSC CPO (28-6-2024) Shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: एनी बेसेंट ने ब्रिटिश शासन की शोषक नीतियों की आलोचना करते हुए यह प्रसिद्ध वक्तव्य दिया था कि भारत में अंग्रेजी हुकूमत केवल ब्रिटेन के आर्थिक फायदों के लिए काम कर रही है।
#11. एनी बेसेंट ने 1898 में ________ में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की नींव रखी जहाँ हिंदू धर्म (Hindu religion) और पश्चिमी वैज्ञानिक विषय (Western scientific subjects) दोनों पढ़ाए जाते थे। [SSC MTS (18-05-2023) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: 1898 में बनारस (वाराणसी) में एनी बेसेंट ने ‘सेंट्रल हिंदू कॉलेज’ (Central Hindu College) की स्थापना की। यही संस्था आगे चलकर 1916 में पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से ‘बनारस हिंदू विश्वविद्यालय’ (BHU) के रूप में विकसित हुई।
#12. निम्नलिखित में से कौन डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी (1884) के संस्थापकों में से एक थे? [SSC MTS (11-7-2022) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: 1884 में पुणे में जी. जी. अगरकर, बाल गंगाधर तिलक, और विष्णुशास्त्री चिपलूणकर ने मिलकर ‘डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी’ (Deccan Education Society) की स्थापना की थी। इसी सोसाइटी ने 1885 में प्रसिद्ध ‘फर्ग्यूसन कॉलेज’ की स्थापना की।
#13. किस समाज सुधारक ने वर्ष 1896 में पूना में एक शैक्षिक संस्थान, ‘हिंदू विधवा गृह’ की स्थापना की? [SSC MTS (7-10-2021) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: महर्षि महर्षि धोंडो केशव कर्वे (D. K. Karve) ने 1896 में पुणे (हिंगणे) में विधवाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘हिंदू विधवा गृह’ (Hindu Widows’ Home) की स्थापना की। इन्हें 1958 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
#14. निम्नलिखित में से किसने विधवाओं के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया और 1893 में ‘विधवा विवाह संघ’ की स्थापना की? [SSC CHSL (17-8-2023) shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: डी. के. कर्वे ने स्वयं 1893 में एक विधवा से विवाह किया और उसी वर्ष ‘विधवा विवाह उत्तेजक मण्डल’ (Widow Remarriage Association) की स्थापना की।
अन्य विकल्प:
(a) बी. एम. मालाबारी: 1891 के ‘सम्मति आयु अधिनियम’ (Age of Consent Act) को पारित कराने वाले पारसी सुधारक।
(b) एनी बेसेंट: होम रूल लीग आंदोलन की संस्थापिका।
#15. भारत में प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना किसके द्वारा की गई थी? [SSC MTS (5-09-2023) Shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: 1916 में मुंबई में डॉ. डी. के. कर्वे ने भारत के पहले महिला विश्वविद्यालय ‘SNDT महिला विश्वविद्यालय’ (Sreemati Nathibai Damodar Thackersey Women’s University) की स्थापना की थी।
अन्य विकल्प:
(a) आशुतोष मुखर्जी: कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध कुलपति (‘बंगाल केसरी’)।
(c) सर सैयद अहमद खान: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक।
(d) विलियम हंटर: 1882 के ‘हंटर शिक्षा आयोग’ के अध्यक्ष।
#16. निम्नलिखित में से किसने “ओरू जाति, ओरू मातम, ओरू देवम मनुष्यानु” (मानव जाति के लिए एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर) की विचारधारा की वकालत की? [SSC CGL (19-7-2023) shift-1]
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विस्तृत व्याख्या: केरल के महान समाज सुधारक श्री नारायण गुरु ने मलयालम में यह नारा दिया था: “ओरू जाति, ओरू मातम, ओरू देवम मनुष्याणु”। उन्होंने 1888 में अरुविप्पुरम (केरल) में पहली बार गैर-ब्राह्मण द्वारा शिवलिंग स्थापित कर जातीय प्रतिबंधों को चुनौती दी थी।
अन्य विकल्प:
(d) बिरसा मुंडा: झारखंड के महान आदिवासी जननायक; ‘उलगुलान आंदोलन’ (मुंडा विद्रोह) के नेता।
#17. “मानवता के लिए एक धर्म, एक जाति और एक ईश्वर” का सिद्धांत किसने दिया था? [SSC MTS (14-7-2022) Shift-3, SSC MTS (14-10-2017) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: यह सिद्धांत श्री नारायण गुरु द्वारा सामाजिक समानता और जातिप्रथा उन्मूलन के संदेश के रूप में दिया गया था।
#18. एझावा जाति (Ezhava caste) से आने वाले समाज सुधारक, नारायण गुरु, जिन्होंने जाति-विरोधी आंदोलन का प्रचार-प्रसार किया, का जन्म भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में हुआ था? [SSC CHSL (3-8-2023) shift-3]
विस्तृत व्याख्या: श्री नारायण गुरु का जन्म केरल के तिरुवनंतपुरम के पास चेमपझंथी गाँव में ‘एझावा’ (पिछड़ी जाति) समुदाय में हुआ था। इन्होंने 1903 में SNDP (श्री नारायण धर्म परिपालन योगम) की स्थापना की थी।
#19. शिव नारायण अग्निहोत्री ने लाहौर में देव समाज की स्थापना कब की थी ? [SSC MTS (13-06-2023) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: फरवरी 1887 में लाहौर (अब पाकिस्तान) में पंडित शिव नारायण अग्निहोत्री ने ‘देव समाज’ की स्थापना की थी। इस समाज का मुख्य ग्रंथ ‘देव शास्त्र’ है, जिसमें गुरु की पूजा और नैतिक जीवन पर बल दिया गया है।
#20. 1863 में कलकत्ता में स्थापित मोहम्मद लिटरेरी सोसाइटी की स्थापना किसके द्वारा की गई थी? [SSC CHSL (14-8-2023) shift-4]
विस्तृत व्याख्या: 1863 में कलकत्ता में नवाब अब्दुल लतीफ ने ‘मोहम्मडन लिटरेरी सोसाइटी’ (Mohammedan Literary Society) की स्थापना की। यह बंगाल के मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा और अंग्रेजी भाषा के प्रचार-प्रसार की दिशा में पहला महत्वपूर्ण प्रयास था।
#21. बनारस में 1791 में किस कॉलेज की स्थापना हुई थी? [SSC CGL (5-12-2022) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: 1791 में बनारस में ब्रिटिश रेजिडेंट जोनाथन डंकन (Jonathan Duncan) के प्रयासों से ‘संस्कृत कॉलेज’ की स्थापना हुई थी, जिसका उद्देश्य हिंदू कानून और दर्शन का अध्ययन कराना था।
#22. हिंदू कॉलेज की स्थापना 1791 में ________ में हुई थी। [SSC CGL (1-12-2022) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: इसे ‘बनारस का संस्कृत/हिंदू कॉलेज’ कहा जाता है, जिसकी स्थापना 1791 में जोनाथन डंकन द्वारा बनारस में की गई थी।
#23. हिंदू कॉलेज बनारस में ________ में स्थापित किया गया था। [SSC CGL (8-12-2022) Shift-4]
विस्तृत व्याख्या: इसकी स्थापना 1791 में ब्रिटिश रेजिडेंट जोनाथन डंकन द्वारा की गई थी। (ध्यान दें: 1817 में कलकत्ता में जो हिंदू कॉलेज स्थापित हुआ था, वह राजा राममोहन राय व डेविड हेयर द्वारा खोला गया था)।
#24. निम्नलिखित में से कौन इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस के संस्थापक थे? [SSC CGL (18-4-2022) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: 29 जुलाई 1876 को कलकत्ता में डॉ. महेंद्र लाल सरकार ने ‘इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस’ (IACS) की स्थापना की। यह भारत की पहली राष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान संस्था है, जहाँ आगे चलकर डॉ. सी. वी. रमन ने ‘रमन प्रभाव’ (Raman Effect) की खोज की थी।
#25. ‘इंडिया विन्स फ्रीडम’ के लेखक निम्नलिखित में से कौन हैं? [SSC CGL (18-4-2022) Shift-2]
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विस्तृत व्याख्या: ‘इंडिया विन्स फ्रीडम’ (India Wins Freedom) स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की प्रसिद्ध आत्मकथात्मक पुस्तक है।
अन्य पुस्तकें:
(c) राजेन्द्र प्रसाद: ‘इंडिया डिवाइडेड’ (India Divided)।
(d) जवाहर लाल नेहरू: ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ (Discovery of India)।
#26. आत्मसम्मान आंदोलन की शुरुआत किसने की? [SSC MTS (19-8-2019) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: 1925 में तमिलनाडु में ई. वी. रामास्वामी नायकर (जिन्हें ‘पेरियार’ भी कहा जाता है) ने ‘आत्मसम्मान आंदोलन’ की शुरुआत की। इसका मुख्य उद्देश्य ब्राह्मणवादी वर्चस्व को समाप्त करना और पिछड़ी जातियों व महिलाओं के आत्मसम्मान की रक्षा करना था।
#27. ई. पी. रामास्वामी नायकर का संबंध निम्न में से किस आंदोलन से जुड़ा है? [SSC CHSL (26-3-2018) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: पेरियार ई. वी. रामास्वामी आत्मसम्मान आंदोलन के जनक थे। उन्होंने ‘कुडी अरासु’ (Kudi Arasu) नामक तमिल पत्रिका भी निकाली थी।
#28. यंग बंगाल आंदोलन की स्थापना ________ ने की थी। [SSC CHSL (13-3-2023) Shift-4]
विस्तृत व्याख्या: 1820 के दशक के उत्तरार्ध में कलकत्ता के हिंदू कॉलेज के युवा शिक्षक हेनरी विवियन डेरोजियो ने ‘यंग बंगाल आंदोलन’ की शुरुआत की। यह फ्रांसीसी क्रांति के विचारों (स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व) से प्रेरित आंदोलन था। डेरोजियो को “आधुनिक भारत का प्रथम राष्ट्रीय कवि” भी कहा जाता है।
#29. लॉर्ड विलियम बेंटिक (Lord William Bentinck) ने राजा राममोहन राय के सहयोग से ________ की प्रथा को समाप्त कर दिया। [SSC MTS (20-06-2023) Shift-3, SSC CPO 2007]
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय के अथक प्रयासों से प्रभावित होकर गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 1829 के नियम XVII (17) के द्वारा सती प्रथा को गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध घोषित कर दिया।
#30. भारत के किस गवर्नर जनरल ने 1829 में प्रसिद्ध विनियमन XVII जारी किया, जिसने सती प्रथा को अवैध और अदालतों द्वारा दंडनीय घोषित किया? [SSC CHSL (4-7-2024) Shift-1, SSC CPO (9-11-2022) Shift-1, SSC CHSL (13-10-2020) Shift-2, SSC CGL (4-3-2020) Shift-3, SSC CGL (16-8-2017) Shift-3, SSC CPO (25-11-2020) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: लॉर्ड विलियम बेंटिक भारत के पहले गवर्नर जनरल (1833 के एक्ट के बाद) थे, जिन्होंने 4 दिसंबर 1829 में बंगाल प्रेसीडेंसी में सती प्रथा पर पूर्ण रोक लगाई, जिसे बाद में 1830 में बॉम्बे और मद्रास प्रेसीडेंसी में भी लागू किया गया।
#31. भारत में सन् ________ में “सती” प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। [SSC MTS (8-05-2023) Shift-2, SSC MTS (12-7-2022) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: आधिकारिक तौर पर 1829 में ब्रिटिश सरकार द्वारा सती प्रथा को प्रतिबंधित किया गया था।
#32. 1901 में ‘पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया (Poverty and Un-British Rule in India)’ पुस्तक किसने लिखी, जिसमें ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव की अत्यधिक आलोचना की गई थी? [SSC MTS (14-09-2023) Shift-3, SSC CGL (11-4-2022) Shift-2, SSC CGL (24-8-2021) Shift-3, SSC CHSL (4-7-2019) Shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी ने 1901 में यह कालजयी पुस्तक प्रकाशित की थी। इस पुस्तक में उन्होंने यह उजागर किया कि किस प्रकार ब्रिटिश शासन भारत की संपत्ति को निचोड़कर इंग्लैंड ले जा रहा है।
विकल्पों की जानकारी:
(a) फिरोज़शाह मेहता: ‘बॉम्बे क्रॉनिकल’ समाचार पत्र के संस्थापक।
(b) बदरुद्दीन तैयबजी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष (1887, मद्रास अधिवेशन)।
(c) डब्ल्यू. सी. बनर्जी (व्योमेश चंद्र बनर्जी): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अध्यक्ष (1885, बॉम्बे अधिवेशन)।
#33. दादाभाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक ‘________’ के माध्यम से ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव की तीखी आलोचना की। [SSC CGL (3-12-2022) Shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी ने ‘Poverty and Un-British Rule in India’ के माध्यम से दुनिया के सामने रखा कि कैसे अंग्रेजों का आर्थिक मॉडल भारत को दरिद्र बना रहा था।
अन्य पुस्तकें:
(a) द हिस्ट्री ऑफ ब्रिटिश इंडिया: जेम्स मिल (James Mill) द्वारा लिखित।
#34. भारत से इंग्लैंड को धन निकासी का सिद्धांत देने वाला पहला राष्ट्रवादी कौन था? [SSC CGL (24-7-2023) shift-1]
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विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी पहले भारतीय थे जिन्होंने ‘धन के निष्कासन’ (Drain of Wealth Theory) का सिद्धांत प्रतिपादित किया। उन्होंने 2 मई 1867 को लंदन में ‘इंगलैंड्स डेट टू इंडिया’ (England’s Debt to India) नामक पत्र में पहली बार इस सिद्धांत को प्रस्तुत किया था।
अन्य विकल्प:
(b) आर. सी. दत्त (रमेश चंद्र दत्त): ‘इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ (Economic History of India) पुस्तक के लेखक।
#35. अपने ‘धन निष्कासन (Drain of Wealth)’ तर्क में, निम्नलिखित में से किसने कहा था कि ब्रिटेन भारत को पूरी तरह से खाली कर रहा है? [SSC CHSL (1-7-2024) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी ने कहा था कि भारत का धन बिना किसी उचित प्रतिफल (Return) के इंग्लैंड भेजा जा रहा है, जिससे भारत दिन-प्रतिदिन निर्धन होता जा रहा है।
#36. निम्नलिखित में से कौन लिबरल पार्टी के टिकट पर ब्रिटिश संसद ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय थे? [SSC MTS (19-7-2022) Shift-2, SSC CGL (20-8-2021) Shift-2, SSC CGL (4-9-2016) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी 1892 में यूनाइटेड किंगडम की ‘लिबरल पार्टी’ (Liberal Party) के टिकट पर फिंन्सबरी सेंट्रल (Finsbury Central) निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर ब्रिटिश संसद (House of Commons) पहुँचने वाले पहले भारतीय बने।
#37. ब्रिटिश संसद का सदस्य बनने वाला पहला भारतीय कौन था? [SSC CGL 2011, SSC CPO 2003]
विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी 1892 से 1895 तक ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के सदस्य रहे। संसद के सदस्य के रूप में उन्होंने भारत के हितों की पुरजोर वकालत की।
#38. ‘धन का अपवहन’ सिद्धांत का निरूपण किसने किया था? [SSC CGL 2007]
विस्तृत व्याख्या: ‘धन का अपवहन’ (Drainage of Wealth) सिद्धांत दादाभाई नौरोजी द्वारा दिया गया था। उन्होंने बताया कि करों, वेतन, पेंशन और व्यापारिक मुनाफे के रूप में भारतीय धन विदेशों में भेजा जा रहा है।
#39. आज़ादी से पहले के भारत में, गरीबी रेखा की अवधारणा पर चर्चा करने वाले पहले व्यक्ति कौन थे? [SSC MTS (19-06-2023) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी भारत में पहले व्यक्ति थे जिन्होंने स्वतंत्रता-पूर्व काल में गरीबी रेखा (Poverty Line) की अवधारणा का आकलन किया। उन्होंने जेल में कैदियों के भोजन के खर्च (Jail Cost of Living) के आधार पर निर्धनता रेखा की गणना की थी।
#40. स्वतंत्रता से पूर्व भारत में, दादाभाई नौरोजी ________ की अवधारणा पर चर्चा करने वाले पहले व्यक्ति थे। [SSC CPO (25-11-2020) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: उन्होंने 1867-68 के मूल्यों के आधार पर भारत की प्रति व्यक्ति आय ₹20 प्रति वर्ष आकलित की थी और पहली बार वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गरीबी रेखा की नींव रखी।
#41. किस स्वतंत्रता सेनानी को ‘भारतीय राजनीति का पितामह’ (द ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया) के नाम से भी जाना जाता है? [SSC MTS (21-7-2022) Shift-1, SSC CPO (12-12-2019) Shift-1, SSC CPO 2009, SSC CPO 2007, SSC CHSL 2015, SSC CHSL 2015, SSC कांस्टेबल (G.D.) 2015]
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विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी को सम्मानपूर्वक “Grand Old Man of India” (भारत के वयोवृद्ध पुरुष / भारतीय राजनीति के पितामह) कहा जाता है। वे 3 बार (1886, 1893, 1906) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे।
अन्य विकल्प:
(a) चक्रवर्ती राजगोपालाचारी: ‘राजाजी’; स्वतंत्र भारत के प्रथम और अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल।
(b) महात्मा गांधी: ‘राष्ट्रपिता’ (Subhash Chandra Bose द्वारा प्रदत्त उपाधि)।
(c) डॉ. जाकिर हुसैन: भारत के तीसरे राष्ट्रपति और पहले मुस्लिम राष्ट्रपति।
#42. निम्नलिखित में से किसे आदरपूर्वक ‘भारत का वयोवृद्ध पुरुष’ कहा जाता है? [SSC CHSL (5-7-2019) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी को उनकी दीर्घ समाज सेवा, राजनीतिक योगदान और आर्थिक विचारों के लिए ‘भारत का वयोवृद्ध पुरुष’ (Grand Old Man of India) कहा जाता है।
#43. दादाभाई नौरोजी एक ________ थे। [SSC CGL (2-12-2022) Shift-4]
विस्तृत व्याख्या: दादाभाई नौरोजी एक सफल व्यवसायी/कपास व्यापारी (Merchant) थे, जिन्होंने इंग्लैंड में कपास का व्यवसाय भी स्थापित किया था। वे एल्फिंस्टन कॉलेज (मुंबई) में गणित और भौतिकी के प्रोफेसर भी रहे थे।
#44. सामाजिक-धार्मिक सुधारों के उद्देश्य से रस्त गोफ्तार (Rast Goftar) नामक पत्रिका किस समुदाय के लिए शुरू की गई थी? [SSC MTS (6-09-2023) Shift-1, SSC CHSL (17-8-2023) shift-1]
विस्तृत व्याख्या: ‘रास्त गोफ्तार’ (सत्यवादी / Truth Teller) एक गुजराती समाचार पत्र/पत्रिका थी, जिसकी शुरुआत 1851 में दादाभाई नौरोजी और उनके साथियों ने पारसी समुदाय में धार्मिक और सामाजिक सुधार लाने के लिए की थी।
#45. निम्नलिखित में से किसने पश्चिमी शिक्षा के प्रसार के लिए अलीगढ़ में मोहम्मद एनग्लो-ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की थी? [SSC CPO (29-6-2024) Shift-3, SSC MTS (11-7-2022) Shift-2]
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विस्तृत व्याख्या: सर सैयद अहमद खान ने मुस्लिम समाज में आधुनिक व वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1875 में अलीगढ़ में ‘मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज’ (MAO College) की स्थापना की।
अन्य विकल्प:
(a) मौलाना अबुल कलाम आजाद: स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री; ‘इंडिया विन्स फ्रीडम’ के लेखक।
(b) बदरुद्दीन तैयबजी: बॉम्बे हाईकोर्ट के पहले भारतीय बैरिस्टर।
#46. सैय्यद अहमद खान ने 1875 में ________ में मोहम्मद एनग्लो-ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की थी। [SSC MTS (26-7-2022) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: 1875 में अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) में इस कॉलेज की नींव रखी गई, जो आगे चलकर 1920 में ‘अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय’ (AMU) के रूप में रूपांतरित हुआ।
#47. निम्नलिखित में से कौन अलीगढ़ आंदोलन के संस्थापक थे, जो भारत में मुसलमानों के पुनरुत्थान के लिए काफी हद तक उत्तरदायी था? [SSC CGL (18-7-2023) shift-2, SSC MTS (15-05-2023) Shift-3, SSC CGL (13-6-2019) Shift-1, SSC CGL 2012]
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विस्तृत व्याख्या: सर सैयद अहमद खान द्वारा शुरू किए गए सामाजिक और शैक्षणिक सुधार आंदोलन को ‘अलीगढ़ आंदोलन’ कहा जाता है। इन्होंने 1864 में ‘साइंटिफिक सोसाइटी’ की भी स्थापना की थी।
अन्य विकल्प:
(a) मिर्जा गुलाम अहमद: ‘अहमदिया आंदोलन’ (1889, कादियान, पंजाब) के संस्थापक।
(d) अब्दुल गफ्फार खान: ‘सीमांत गांधी’ (Frontier Gandhi); ‘खुदाई खिदमतगार’ (लाल कुर्ती) आंदोलन के नेता।
#48. किस वर्ष में हिंदू महासभा की स्थापना मुस्लिम कट्टरवाद की प्रतिक्रिया के रूप में की गई थी? [SSC CGL (25-7-2023) shift-3]
विस्तृत व्याख्या: 1915 में हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान पंडित मदन मोहन मालवीय, स्वामी श्रद्धानंद और अन्य नेताओं द्वारा ‘अखिल भारतीय हिंदू महासभा’ की स्थापना की गई थी।
#49. निम्नलिखित में से किस विश्वविद्यालय की स्थापना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी? [SSC CPO (10-11-2022) Shift-2, SSC CPO (9-11-2022) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: 1916 में (वसंत पंचमी के दिन) पंडित मदन मोहन मालवीय, एनी बेसेंट और डॉ. सुंदर लाल ने मिलकर वाराणसी में ‘बनारस हिंदू विश्वविद्यालय’ (BHU) की स्थापना की।
#50. पंडित मदन मोहन मालवीय को ‘________’ के नारे को लोकप्रिय बनाने का श्रेय जाता है। [SSC MTS (7-10-2021) Shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: “सत्यमेव जयते” (सत्य की ही विजय होती है) मुंडकोपनिषद से लिया गया मंत्र है, जिसे राष्ट्रव्यापी लोकप्रियता दिलाने का श्रेय पंडित मदन मोहन मालवीय को जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य (National Motto) भी है।
अन्य विकल्प:
(a) इंकलाब जिंदाबाद: हसरत मोहानी द्वारा लिखित, भगत सिंह द्वारा लोकप्रिय बनाया गया।
(c) जय जवान जय किसान: लाल बहादुर शास्त्री (1965)।
(d) वंदे मातरम: बंकिम चंद्र चटर्जी।
#51. 1927 में बी. आर. अंबेडकर ने दलितों के साथ किस आंदोलन की शुरुआत की थी? [SSC MTS (16-06-2023) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने 1927 में ‘मंदिर प्रवेश आंदोलन’ (जैसे महाड सत्याग्रह और नासिक का कालाराम मंदिर सत्याग्रह) शुरू किया ताकि दलितों को सार्वजनिक स्थलों, तालाबों और हिंदू मंदिरों में प्रवेश का अधिकार मिल सके।
#52. 1927 में मंदिर प्रवेश आंदोलन किसने शुरू किया था? [SSC MTS (4-09-2023) Shift-2, SSC CPO (16-3-2019) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने जाति आधारित छुआछूत और असमानता के विरोध में 1927 में मंदिर प्रवेश आंदोलन की शुरुआत की थी।
#53. सन् ________ में, अंबेडकर ने मंदिर प्रवेश आंदोलन शुरू किया जिसमें महार जाति के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था। [SSC CHSL (21-3-2023) Shift-1, SSC CPO (11-11-2022) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: 1927 में डॉ. बी. आर. अंबेडकर (जो स्वयं महार जाति से थे) ने अछूत समझे जाने वाले समुदायों के स्वाभिमान और अधिकारों के लिए यह ऐतिहासिक आंदोलन चलाया था।
#54. दलित समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ाई निम्न में से किसने लड़ी? [SSC MTS (14-10-2021) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन वंचितों, शोषितों और दलितों के उत्थान एवं सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। इन्होंने 1924 में ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ बनाई थी।
#55. बी.आर. अम्बेडकर स्वतंत्र भारत के पहले ________ मंत्री थे। [SSC CGL (19-6-2019) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: डॉ. बी. आर. अंबेडकर स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून एवं न्याय मंत्री (Law and Justice Minister) थे। वे भारतीय संविधान की प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष भी थे।
#56. 1932 में स्थापित हरिजन सेवक संघ के संस्थापक कौन थे? [SSC CGL (17-7-2023) shift-3]
विस्तृत व्याख्या: पूना पैक्ट (1932) के बाद 30 सितंबर 1932 को महात्मा गांधी ने ‘अखिल भारतीय अस्पृश्यता निवारण संघ’ की स्थापना की, जिसका नाम बाद में बदल कर ‘हरिजन सेवक संघ’ (Harijan Sevak Sangh) रखा गया। इसके पहले अध्यक्ष घनश्याम दास बिड़ला थे।
#57. अखिल भारतीय हरिजन सेवक संघ की स्थापना निम्न में से किस वर्ष में हुई थी? [SSC CGL (13-8-2021) Shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: इसकी स्थापना 1932 में दिल्ली में महात्मा गांधी द्वारा छुआछूत को समाप्त करने और अछूतों (जिन्हें गांधी जी ने ‘हरिजन’ नाम दिया) के उत्थान के लिए की गई थी।
#58. पेंटिंग ‘माई मदर’ किसने बनाया था? [SSC MTS (9-8-2019) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: 1905 में प्रसिद्ध चित्रकार अवनिंद्रनाथ टैगोर (Abanindranath Tagore) ने ‘भारत माता’ / ‘माई मदर’ की ऐतिहासिक पेंटिंग बनाई थी, जिसमें उन्हें चार हाथों वाली एक साध्वी के रूप में दर्शाया गया था जो शिक्षा, भोजन, वस्त्र और माला धारण किए हुए हैं।
#59. स्वामी विवेकानन्द ने शिकागो धर्म संसद में अपना भाषण किस में वर्ष दिया था? [SSC CHSL (11-7-2024) Shift-1, SSC CHSL (26-3-2018) Shift-3]
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विस्तृत व्याख्या: स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो (अमेरिका) में आयोजित पहली विश्व धर्म संसद (World’s Parliament of Religions) में अपना ऐतिहासिक भाषण दिया था।
#60. स्वामी विवेकानंद ने वर्ष ________ में शिकागो (संयुक्त राज्य अमेरिका) विश्व धर्म सम्मेलन में वेदांतिक दर्शन की सर्वोच्चता का उल्लेख किया था। [SSC CGL (24-8-2021) Shift-2, SSC CHSL (9-7-2019) Shift-1]
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सही उत्तर: (d) 1893
विस्तृत व्याख्या: वर्ष 1893 में स्वामी विवेकानंद ने पश्चिमी दुनिया को भारत के वेदांत दर्शन, सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकार्यता (Universal Acceptance) का ज्ञान कराया था।
#61. रामकृष्ण मिशन ने समाज सेवा और निस्वार्थ कार्य के माध्यम से ________ के आदर्श पर बल दिया। [SSC CGL (1-12-2022) Shift-1]
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सही उत्तर: (b) मोक्ष
विस्तृत व्याख्या: रामकृष्ण मिशन का ध्येय वाक्य है— “आत्मनो मोक्षार्थं जगद्धिताय च” (स्वयं के मोक्ष के लिए और जगत के कल्याण के लिए)। यह संस्था मानती है कि मानव सेवा ही ईश्वर सेवा (नर सेवा ही नारायण सेवा) है और इसके माध्यम से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
#62. किसने कहा था कि “स्वाद का वास्तविक स्थान जिह्वा नहीं, बल्कि मन है”? [SSC CGL 2008]
विस्तृत व्याख्या: महात्मा गांधी ने अपने ‘आस्वाद’ व्रत और आहार संबंधी प्रयोगों में कहा था कि स्वाद का वास्तविक केंद्र जीभ नहीं बल्कि हमारा मन है। जब मन नियंत्रित हो जाता है, तो स्वाद पर नियंत्रण स्वतः हो जाता है।
#63. विवेकानंद रॉक मेमोरियल कहाँ स्थित है? [SSC CGL (7-6-2019) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: विवेकानंद रॉक मेमोरियल तमिलनाडु के कन्याकुमारी में समुद्र में स्थित एक शिला (चट्टान) पर बना स्मारक है। कहा जाता है कि 1892 में स्वामी विवेकानंद ने यहाँ 3 दिनों तक ध्यान लगाया था। इसका निर्माण 1970 में एकनाथ रानाडे के प्रयासों से हुआ था।
#64. निम्नलिखित में से किसकी जन्मजयंती पर राष्ट्रीय युवा महोत्सव मनाया जाता है? [SSC MTS (8-8-2019) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को प्रतिवर्ष भारत में ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ (National Youth Day) और राष्ट्रीय युवा महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1985 में भारत सरकार द्वारा की गई थी।
#65. स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि दिनांक ________ को मनाई जाती है। [SSC CHSL (21-3-2023) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: स्वामी विवेकानंद का महापरिनिर्वाण 4 जुलाई 1902 को मात्र 39 वर्ष की आयु में कलकत्ता के पास बेलूर मठ में हुआ था।
#66. किस क्रांतिकारी नेता ने अपने अंतिम समय रामकृष्ण मिशन के स्वामी के रूप में व्यतीत किये? [SSC CGL (28-8-2016) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: प्रसिद्ध क्रांतिकारी जितेंद्रनाथ बंदोपाध्याय (जिन्हें ‘जतिन बनर्जी’ या ‘स्वामी निरामयानंद’ भी कहा जाता है) ने अपने जीवन के अंतिम दौर में संन्यास ले लिया था और रामकृष्ण मिशन के साधु के रूप में जीवन व्यतीत किया था।
#67. 1905 में सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी (Servants of India Society) की स्थापना का श्रेय किसे दिया जाता है? [SSC MTS (11-09-2023) Shift-2, SSC CPO (5-10-2023) Shift-1, SSC CPO (16-3-2019) Shift-1, SSC MTS (27-10-2021) Shift-3, SSC CGL 2010]
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सही उत्तर: (d) गोपाल कृष्ण गोखले
विस्तृत व्याख्या: 12 जून 1905 को पुणे (महाराष्ट्र) में गोपाल कृष्ण गोखले ने ‘सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी’ (भारत सेवक समाज) की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य मातृभूमि की सेवा के लिए राष्ट्रीय प्रचारक तैयार करना था।
विकल्पों की जानकारी:
(a) लाला लाजपत राय: ‘पंजाब केसरी’; 1921 में लाहौर में ‘सर्वेंट्स ऑफ द पीपल सोसाइटी’ बनाई।
(c) सी. आर. दास (चितरंजन दास): ‘देशबंधु’; 1923 में स्वराज पार्टी के संस्थापक।
#68. ‘द डेक्कन सभा’ की स्थापना निम्नलिखित में से किस राष्ट्रवादी द्वारा की गई थी? [SSC CHSL (10-8-2023) shift-4]
विस्तृत व्याख्या: 1896 में गोपाल कृष्ण गोखले ने अपने गुरु एम. जी. रानाडे के मार्गदर्शन में ‘पूना सार्वजनिक सभा’ से अलग होकर ‘द डेक्कन सभा’ की स्थापना की थी।
#69. ‘भारत सेवक समाज’ की स्थापना किसने की थी? [SSC MTS 2011]
विस्तृत व्याख्या: इसकी स्थापना 1905 में गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी। (यह प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है)।
#70. ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे स्वशासित उपनिवेशों के मॉडल पर ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर ‘स्वराज्य’ या स्वशासन के दावे को 1905 में कांग्रेस के मंच से किसने सामने रखा था? [SSC CPO (10-11-2022) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: 1905 के बनारस कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए गोपाल कृष्ण गोखले ने ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर कनाडा व ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर स्वशासन (Self-Government) की मांग उठाई थी।
#71. 1921 में किसने विश्व भारती नामक प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान की स्थापना की? [SSC MTS (5-09-2023) Shift-1, SSC CGL (8-12-2022) Shift-1]
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विस्तृत व्याख्या: रवींद्रनाथ टैगोर ने 1921 में पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में ‘विश्वभारती विश्वविद्यालय’ (Visva-Bharati University) की स्थापना की। 1951 में इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया था।
अन्य विकल्प:
(c) विनोबा भावे: ‘भूदान आंदोलन’ (1951) के जनक और प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रही।
#72. छद्म नाम ‘भानुसिंह’ का प्रयोग किसने किया? [SSC CPO (11-12-2019) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: रवींद्रनाथ टैगोर अपनी शुरुआती कविताएँ ‘भानुसिंह ठाकुर’ छद्म नाम (Pseudonym) से लिखा करते थे। उनकी ‘भानुसिंह ठाकुरेर पदावली’ काफी प्रसिद्ध है।
#73. 22 दिसंबर 1901 को बोलपुर के निकट शांतिनिकेतन की स्थापना किसने की थी? [SSC MTS (19-7-2022) Shift-3, SSC CHSL (15-1-2017) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: रवींद्रनाथ टैगोर ने 1901 में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में बोलपुर के पास शांतिनिकेतन में एक छोटे से प्रायोगिक स्कूल (ब्रह्मचर्य आश्रम) की शुरुआत की, जो आगे चलकर विश्वभारती बना। (नोट: इसकी भूमि उनके पिता महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने खरीदी थी)।
#74. रवीन्द्रनाथ टैगोर ने ________ में शांतिनिकेतन संस्थान शुरू किया। [SSC MTS (14-06-2023) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: 22 दिसंबर 1901 को रवींद्रनाथ टैगोर ने 5 छात्रों के साथ शांतिनिकेतन विद्यालय की नींव रखी थी।
#75. निम्नलिखित भारतीयों में से कौन जापान में डार्टिंगटन हॉल स्कूल के संस्थापकों में से एक था? [SSC CGL (13-6-2019) Shift-1]
विस्तृत व्याख्या: रवींद्रनाथ टैगोर ने इंग्लैंड में ‘डार्टिंगटन हॉल स्कूल’ (Dartington Hall School) के संस्थापक लियोनार्ड एल्महर्स्ट के साथ मिलकर काम किया और अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने में योगदान दिया।
#76. निम्नलिखित भारतीय लेखकों में से किसने भारत के राष्ट्रवादी आंदोलन के दौरान प्रसिद्ध उपन्यास ‘गोरा’ लिखा था? [SSC MTS (5-7-2022) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: ‘गोरा’ (Gora) 1910 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया एक प्रसिद्ध बंगाली उपन्यास है, जो धर्म, राष्ट्रवाद, जाति और भारतीय समाज के अंतर्विरोधों पर आधारित है।
#77. रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित ‘गल्पगुच्छ (Galpaguchh)’ ________ का एक संग्रह है। [SSC MTS (8-05-2023) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: ‘गल्पगुच्छ’ रवींद्रनाथ टैगोर की लघु कथाओं (Short Stories) का 4 भागों में प्रसिद्ध संग्रह है, जिसमें बंगाल के ग्रामीण जीवन, मानवीय रिश्तों और सामाजिक ताने-बाने का सुंदर चित्रण है।
#78. बांग्लादेश का राष्ट्रीय गान ‘आमार सोनार बांग्ला’ किसने लिखा था? [SSC CGL (9-9-2016) Shift-1, SSC CPO (6-7-2017) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: रवींद्रनाथ टैगोर विश्व के एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं:
भारत का राष्ट्रगान — ‘जन गण मन’
बांग्लादेश का राष्ट्रगान — ‘आमार सोनार बांग्ला’ (1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में लिखा गया था)।
#79. रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित गान ‘जन-गण-मन’ सबसे पहले जनवरी 1912 में किस शीर्षक से प्रकाशित हुआ था? [SSC CPO 2010]
विस्तृत व्याख्या: यह गीत सर्वप्रथम जनवरी 1912 में ‘तत्वबोधिनी पत्रिका’ में ‘भारत विधाता’ (Bharat Bidhata) शीर्षक से प्रकाशित हुआ था। टैगोर ने खुद 1919 में इसका अंग्रेजी अनुवाद “Morning Song of India” नाम से किया था।
#80. भारत का राष्ट्रगान, ‘जन गण मन’, पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ________ अधिवेशन में गाया गया था। [SSC CPO (24-11-2020) Shift-1]
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विस्तृत व्याख्या: ‘जन गण मन’ पहली बार 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था। संविधान सभा ने इसे 24 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया।
#81. ________ को 1913 में नोबेल पुरस्कार और 1915 में नाइटहुड (Knighthood) की उपाधि से सम्मानित किया गया था। [SSC CGL (9-3-2020) Shift-3]
विस्तृत व्याख्या: रवींद्रनाथ टैगोर को 1913 में नोबेल पुरस्कार और 1915 में ब्रिटिश सरकार द्वारा ‘नाइटहुड’ (सर) की उपाधि दी गई थी। उन्होंने 13 अप्रैल 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में नाइटहुड की उपाधि लौटा दी थी।
#82. निम्नलिखित में से कौन पहला गैर-यूरोपीय था, जिसे 1913 में उसकी कृति ‘गीतांजलि’ के लिए साहित्य में नोबेल पुरस्कार मिला था? [SSC CGL (24-7-2023) shift-3]
विस्तृत व्याख्या: रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय और पहले गैर-यूरोपीय (एशियाई) व्यक्ति थे। उन्हें यह पुरस्कार उनकी काव्य रचना ‘गीतांजलि’ (Song Offerings) के लिए मिला था।
#83. निम्नलिखित में से कौन रहनुमाई मजदायासन सभा या रिलिजियस रिफॉर्म एसोसिएशन के संस्थापकों में से एक थे? [SSC CGL (24-7-2023) shift-4]
विस्तृत व्याख्या: 1851 में बॉम्बे में पारसी समुदाय में सुधार के लिए ‘रहनुमाई मजदायासन सभा’ की स्थापना दादाभाई नौरोजी, नौरोजी फरदूनजी, और एस. एस. बंगाली ने मिलकर की थी। इस संस्था का मुख्य पत्र ‘रास्त गोफ्तार’ (Truth Teller) था।
#84. लंदन में ‘ईस्ट इंडिया एसोसिएशन’ की स्थापना किसने की थी? [SSC CHSL (4-8-2023) shift-2, SSC MTS (13-10-2021) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: 1851 में बॉम्बे में पारसी समुदाय में सुधार के लिए ‘रहनुमाई मजदायासन सभा’ की स्थापना दादाभाई नौरोजी, नौरोजी फरदूनजी, और एस. एस. बंगाली ने मिलकर की थी। इस संस्था का मुख्य पत्र ‘रास्त गोफ्तार’ (Truth Teller) था।
#85. निम्नलिखित में से किस संस्था की स्थापना भारत से बाहर हुई थी? [SSC CHSL (19-3-2018) Shift-2]
विस्तृत व्याख्या: ‘ईस्ट इंडिया एसोसिएशन’ की स्थापना 1866 में लंदन (यूके) में दादाभाई नौरोजी द्वारा की गई थी। बाकी सभी संस्थाएँ (इंडियन एसोसिएशन, बंगाल-ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी, इंडिया लीग) भारत के भीतर स्थापित हुई थीं।
#86. निम्नलिखित में से कौन-सी पुस्तक ज्योतिबा फुले द्वारा लिखी गई थी? [SSC MTS (21-8-2019) Shift-3]
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सही उत्तर: (b) गुलामगिरी
विस्तृत व्याख्या: ‘गुलामगिरी’ 1873 में महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा लिखी गई एक प्रसिद्ध पुस्तक है, जिसमें उन्होंने जाति व्यवस्था और निचली जातियों पर होने वाले अत्याचारों पर कड़ा प्रहार किया था।
अन्य विकल्पों की जानकारी:
(a) डिस्कवरी ऑफ इंडिया: पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखी गई पुस्तक।
(c) माय एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ: महात्मा गांधी की आत्मकथा (मूल रूप से गुजराती में)।
(d) विंग्स ऑफ फायर: भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा।
#87. ज्योतिबा फुले ने 1873 में ‘गुलामगिरी’ निम्नलिखित में से किस भाषा में लिखी थी ? [SSC CGL (1-12-2022) Shift-2]
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सही उत्तर: (c) मराठी
विस्तृत व्याख्या: ज्योतिबा फुले महाराष्ट्र के सामाजिक सुधारक थे, इसलिए उन्होंने अपनी यह क्रांतिकारी रचना मराठी भाषा में लिखी थी। यह पुस्तक अमेरिकी दासों को मुक्त कराने वाले अमेरिकियों को समर्पित की गई थी।
#88. __________ महात्मा फुले द्वारा लिखित और वर्ष 1873 में प्रकाशित जाति व्यवस्था की पहली आलोचना में से एक है। [SSC CHSL (1-7-2024) Shift-2]
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सही उत्तर: (c) गुलामगिरी
विस्तृत व्याख्या: 1873 में प्रकाशित पुस्तक ‘गुलामगिरी’ भारत में जाति व्यवस्था, पुरोहितवाद और ब्राह्मणवादी वर्चस्व पर सबसे सशक्त और ऐतिहासिक आलोचनाओं में से एक मानी जाती है।
#89. निम्नलिखित में से कौन महाराष्ट्र में विधवा पुनर्विवाह के प्रवर्तक थे और उन्होंने अपनी पत्नी के साथ पूना में लड़कियों का एक स्कूल भी खोला था? [SSC CPO (27-6-2024) Shift-1]
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सही उत्तर: (b) ज्योतिराव गोविंदराव फुले
विस्तृत व्याख्या: ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने 1848 में पुणे (भिड़े वाड़ा) में भारत का पहला बालिका विद्यालय खोला। ज्योतिबा फुले ने विधवा पुनर्विवाह का भी समर्थन किया।
अन्य विकल्प:
(a) गोपाल हरि देशमुख: इन्हें ‘लोकहितवादी’ उपनाम से जाना जाता था।
(d) बी.आर. अंबेडकर: संविधान सभा की प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष और ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ के संस्थापक।
#90. आर्य समाज के संस्थापक कौन थे? [SSC CHSL (1-7-2024) Shift-1, SSC MTS (20-7-2022) Shift-1, SSC MTS (15-7-2022) Shift-3, SSC MTS (18-10-2021) Shift-2, SSC CPO (3-7-2017) Shift-1, SSC CGL (1-9-2016) Shift-3, SSC CPO 2015, SSC MTS 2014]
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सही उत्तर: (a) दयानंद सरस्वती
विस्तृत व्याख्या: स्वामी दयानंद सरस्वती ने 10 अप्रैल 1875 को मुंबई (बॉम्बे) में ‘आर्य समाज’ की स्थापना की।
अन्य विकल्प:
(b) केशव चंद्र सेन: ‘भारतीय ब्रह्म समाज’ के संस्थापक।
(c) रवींद्रनाथ टैगोर: शांतिनिकेतन/विश्वभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक।
(d) स्वामी विवेकानंद: ‘रामकृष्ण मिशन’ के संस्थापक।
#91. किसने आर्य समाज की स्थापना की और प्रत्येक व्यक्ति को वेदों की व्याख्या करने और पुजारियों के उत्पीड़न से उन्हें मुक्त करने के लिए लोगों के अधिकार की वकालत की? [SSC CHSL (11-8-2023) shift-2]
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सही उत्तर: (a) स्वामी दयानंद सरस्वती
विस्तृत व्याख्या: स्वामी दयानंद सरस्वती ने पुजारियों के आडंबर और मध्यस्थता को खारिज करते हुए घोषणा की कि वेद ही अंतिम सत्य हैं और प्रत्येक व्यक्ति को उन्हें पढ़ने तथा व्याख्या करने का अधिकार है।
#92. स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में एक सुधार संगठन की स्थापना की जिसने हिंदू धर्म में सुधार लाने का प्रयास किया। इस संगठन को क्या कहा जाता था? [SSC MTS (14-09-2023) Shift-2]
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सही उत्तर: (d) आर्य समाज
विस्तृत व्याख्या: 1875 में स्थापित आर्य समाज एक हिंदू सुधार आंदोलन था, जिसने मूर्तिपूजा, अंधविश्वास, छुआछूत और बाल विवाह का विरोध किया।
अन्य विकल्प:
(a) ब्रह्म समाज: 1828 (राजा राममोहन राय)
(b) प्रार्थना समाज: 1867 (आत्माराम पांडुरंग)
(c) सत्यशोधक समाज: 1873 (ज्योतिबा फुले)
#93. स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना किस वर्ष की थी? [SSC CHSL (17-8-2023) shift-4, SSC CPO (11-11-2022) Shift-3]
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सही उत्तर: (a) 1875
विस्तृत व्याख्या: इसकी स्थापना 10 अप्रैल 1875 को हुई थी। आगे चलकर 1877 में आर्य समाज का मुख्यालय लाहौर स्थानांतरित कर दिया गया था।
#94. महर्षि दयानंद सरस्वती ने 1875 में निम्नलिखित में से किस स्थान पर आर्य समाज संगठन की स्थापना की? [SSC CHSL (8-8-2023) shift-1, SSC CPO (12-3-2019) Shift-2]
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सही उत्तर: (d) बंबई
विस्तृत व्याख्या: आर्य समाज की स्थापना बंबई (बॉम्बे) में की गई थी, लेकिन इसका मुख्य प्रचार केंद्र पंजाब और उत्तर भारत बना।
#95. निम्नलिखित में से किसकी स्थापना 1875 में बंबई में हुई थी? [SSC CGL (14-7-2023) shift-2]
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सही उत्तर: (c) आर्य समाज
विस्तृत व्याख्या: 1875 में बंबई में आर्य समाज की स्थापना हुई थी।
अन्य विकल्प:
(a) अलीगढ़ आंदोलन: सर सैयद अहमद खान द्वारा (1875 में ही ‘मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज’ खोला गया)।
#96. “स्वामी दयानंद सरस्वती” द्वारा स्थापित “आर्य समाज” का उद्देश्य क्या था? [SSC MTS (13-06-2023) Shift-1]
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सही उत्तर: (d) हिंदू धर्म में सुधार करना में
विस्तृत व्याख्या: आर्य समाज का मूल उद्देश्य वैदिक धर्म को उसकी शुद्ध अभिव्यक्ति में पुनर्स्थापित करना और हिंदू धर्म में व्याप्त सामाजिक व धार्मिक कुरीतियों में सुधार लाना था।
#97. सिद्धांतों को लेकर आर्य समाज का विभाजन कब हुआ? [SSC CHSL (28-3-2018) Shift-1]
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सही उत्तर: (a) 1893
विस्तृत व्याख्या: 1893 में आर्य समाज दो गुटों में विभाजित हो गया:
मांसाहार और शिक्षा नीति पर विवाद:
पाश्चात्य/मॉडर्न शिक्षा और मांसाहार समर्थक: लाला लाजपत राय और महात्मा हंसराज (इन्होंने DAV स्कूल/कॉलेज स्थापित किए)।
वैदिक शिक्षा और शुद्ध शाकाहार समर्थक: स्वामी श्रद्धानंद और लेखराम (इन्होंने गुरुकुल कांगड़ी, हरिद्वार स्थापित किया)।
#98. स्वामी दयानंद सरस्वती का पैतृक नाम क्या था? [SSC CPO (12-3-2019) Shift-1, SSC CPO 2003]
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सही उत्तर: (d) मूल शंकर
विस्तृत व्याख्या: स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 1824 में गुजरात के टंकारा में हुआ था और उनका बचपन का/पैतृक नाम ‘मूल शंकर’ था। उनके गुरु का नाम स्वामी विरजानंद (मथुरा) था।
#99. निम्नलिखित में से ‘सत्यार्थ प्रकाश’ किसने लिखा था? [SSC MTS (13-10-2017) Shift-3]
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सही उत्तर: (b) दयानंद सरस्वती
विस्तृत व्याख्या: ‘सत्यार्थ प्रकाश’ स्वामी दयानंद सरस्वती का सबसे प्रमुख ग्रंथ है, जो हिंदी भाषा में 1875 में प्रकाशित हुआ था। यह आर्य समाज का मुख्य धार्मिक ग्रंथ है।
अन्य विकल्प:
(a) लाला लाजपत राय: ‘अनहैप्पी इंडिया’ (Unhappy India) पुस्तक के लेखक।
(d) लोकमान्य तिलक: ‘गीता रहस्य’ और ‘द आर्कटिक होम इन द वेदाज’ के लेखक।
#100. निम्नलिखित में से कौन सा विद्वान आर्यों के तिब्बत-गृह सिद्धांत से संबंधित है? [SSC CGL (7-3-2020) Shift-3]
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सही उत्तर: (d) दयानंद सरस्वती
विस्तृत व्याख्या: स्वामी दयानंद सरस्वती का मानना था कि आर्यों का मूल निवास स्थान तिब्बत था।
अन्य सिद्धांत:
बाल गंगाधर तिलक: आर्यों का मूल निवास उत्तरी ध्रुव (Arctic region) था।
मैक्स मूलर: आर्यों का मूल निवास मध्य एशिया (Central Asia) था।
#101. निम्नलिखित में से कौन-सी सुधारवादी संस्था वेदों को समस्त ज्ञान का स्रोत मानती थी? [SSC CGL (17-7-2023) shift-2]
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सही उत्तर: (b) आर्य समाज
विस्तृत व्याख्या: आर्य समाज का मानना था कि “वेद अपौरुषेय हैं और सभी सत्य विद्याओं की पुस्तक वेद ही हैं।”
#102. ‘बैक टू वेदाज’ (वेदों की ओर लौटो) किस सुधार आन्दोलन का नारा था? [SSC CGL (25-7-2023) shift-1]
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सही उत्तर: (c) आर्य समाज
विस्तृत व्याख्या: यह प्रसिद्ध नारा आर्य समाज का था, जिसे स्वामी दयानंद सरस्वती ने दिया था।
#103. ‘वेदों की ओर लौटो’ का नारा किसने दिया था? [SSC CGL (8-8-2017) Shift-2, SSC CGL 2011]
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सही उत्तर: (b) दयानंद सरस्वती
विस्तृत व्याख्या: स्वामी दयानंद सरस्वती ने भारतीय समाज को अपनी प्राचीन वैदिक संस्कृति पर गर्व करने के लिए “वेदों की ओर लौटो” (Go Back to the Vedas) का आह्वान किया था।
#104. निम्नलिखित में से किसने शुद्धि आंदोलन शुरू किया, जिसने उन हिंदुओं को अपने मूल विश्वास हिंदू धर्म में लौटने के लिए सक्षम बनाया, जिन्होंने इस्लाम या ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था? [SSC MTS (8-7-2022) Shift-3]
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सही उत्तर: (d) दयानंद सरस्वती
विस्तृत व्याख्या: शुद्धि आंदोलन (Shuddhi Movement) स्वामी दयानंद सरस्वती और आर्य समाज द्वारा शुरू किया गया था, ताकि धर्म परिवर्तित कर चुके लोग पुनः हिंदू धर्म में वापसी कर सकें।
#105. स्वामी दयानंद सरस्वती के संबंध में निम्न में से कौन-सा कथन असत्य है? [SSC CGL (13-8-2021) Shift-1]
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सही उत्तर: (b) वे ब्रह्म समाज के संस्थापक थे।
विस्तृत व्याख्या: यह कथन असत्य है क्योंकि ब्रह्म समाज के संस्थापक राजा राममोहन राय थे, स्वामी दयानंद सरस्वती नहीं। स्वामी जी आर्य समाज के संस्थापक थे।
#106. निम्नलिखित में से किसने मानवीय और सामाजिक कार्य करने के लिए रामकृष्ण मिशन की स्थापना की? [SSC CPO (29-6-2024) Shift-2, SSC MTS (10-05-2023) Shift-3, SSC MTS (15-06-2023) Shift-3, SSC CHSL (21-10-2020) Shift-1, SSC MTS 2014, SSC CHSL 2011]
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सही उत्तर: (a) स्वामी विवेकानंद
विस्तृत व्याख्या: स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के विचारों के प्रसार और मानव सेवा को ईश्वर सेवा मानते हुए 1897 में ‘रामकृष्ण मिशन’ की स्थापना की।
#107. स्वामी विवेकानंद ने बेलूर में रामकृष्ण मिशन की स्थापना किस साल की थी? [SSC CHSL (14-3-2018) Shift-3, SSC CHSL (12-4-2021) Shift-1]
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सही उत्तर: (c) 1897
विस्तृत व्याख्या: 1 मई 1897 को स्वामी विवेकानंद ने कलकत्ता के पास बेलूर (बेलूर मठ) में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी।
#108. स्वामी विवेकानंद का असली नाम क्या था? [SSC MTS (13-7-2022) Shift-3]
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सही उत्तर: (b) नरेंद्रनाथ दत्त
विस्तृत व्याख्या: स्वामी विवेकानंद का बचपन का/वास्तविक नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। शिकागो जाने से पूर्व खेतड़ी के राजा अजीत सिंह के सुझाव पर उन्होंने अपना नाम ‘स्वामी विवेकानंद’ रखा।
#109. स्वामी विवेकानंद के गुरु का नाम क्या था? [SSC CHSL (3-7-2024) Shift-2, SSC MTS (4-05-2023) Shift-1, SSC MTS (7-8-2019) Shift-1]
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सही उत्तर: (b) रामकृष्ण परमहंस
विस्तृत व्याख्या: स्वामी विवेकानंद के आध्यात्मिक गुरु रामकृष्ण परमहंस थे, जो दक्षिणेश्वर (कलकत्ता) के काली मंदिर के पुजारी थे।
#110. निम्नलिखित में से रामकृष्ण परमहंस के शिष्य कौन थे? [SSC CHSL (17-8-2023) shift-2]
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सही उत्तर: (a) स्वामी विवेकानंद
विस्तृत व्याख्या: स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस के सबसे प्रिय और प्रमुख शिष्य थे।
#111. वह ब्राह्मण पुजारी कौन हैं जिन्हें बाद में रामकृष्ण परमहंस के नाम से जाना जाने लगा? [SSC CHSL (3-8-2023) shift-1]
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सही उत्तर: (b) गदाधर चट्टोपाध्याय
विस्तृत व्याख्या: रामकृष्ण परमहंस का वास्तविक/मूल नाम गदाधर चट्टोपाध्याय था। वे दक्षिणेश्वर काली मंदिर के मुख्य पुजारी थे।
#112. विवेकानंद ने विश्व धर्म संसद में कहाँ भाग लिया था? [SSC CGL (20-7-2023) shift-4]
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सही उत्तर: (d) शिकागो
विस्तृत व्याख्या: सितंबर 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित ‘विश्व धर्म संसद’ (World’s Parliament of Religions) में स्वामी विवेकानंद ने भारत और हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। उनके संबोधन “Sisters and Brothers of America” (अमेरिका के भाइयो और बहनों) से पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा था।
#113. पूना, सतारा और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में निम्नलिखित में से कौन सा संगठन स्थापित किया गया था जिसने ब्राह्मणवादी रूढ़िवाद के खिलाफ कार्य किया और हिंदू धर्म में सुधार का प्रयास किया? [SSC CPO (3-10-2023) Shift-2]
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सही उत्तर: (a) परमहंस मंडली
विस्तृत व्याख्या: महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों (जैसे मुंबई, पूना, सतारा आदि) में ‘परमहंस मंडली’ की शाखाएँ सक्रिय थीं। यह संगठन ब्राह्मणवादी रूढ़िवादिता और जाति व्यवस्था के सख्त खिलाफ था। इसके सदस्य एक साथ बैठकर भोजन करते थे ताकि जाति के बंधनों को तोड़ा जा सके।
अन्य विकल्पों की जानकारी:
(b) आर्य समाज: 1875 में दयानंद सरस्वती द्वारा मुंबई में स्थापित।
(c) रामकृष्ण मिशन: 1897 में स्वामी विवेकानंद द्वारा बेलूर (पश्चिम बंगाल) में स्थापित।
(d) ब्रह्म समाज: 1828 में राजा राममोहन राय द्वारा कलकत्ता में स्थापित।
#114. करसनदास मूलजी और दादोबा पांडुरंग __________ से जुड़े थे, जिसने जाति व्यवस्था जैसी बुराइयों के खिलाफ काम किया और विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित किया। [SSC CGL (26-7-2023) shift-1]
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सही उत्तर: (b) परमहंस मंडली
विस्तृत व्याख्या: प्रसिद्ध समाज सुधारक दादोबा पांडुरंग, करसनदास मूलजी (जिन्होंने गुजराती में ‘सत्य प्रकाश’ पत्रिका निकाली) और दुर्गाराम मेहता ‘परमहंस मंडली’ के प्रमुख नेता थे। इन्होंने विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देने और जाति भेद मिटाने के लिए व्यापक प्रयास किए।
#115. परमहंस मंडली की स्थापना __________ में जाति उन्मूलन के लिए कार्य करने के लिए की गई थी। [SSC CGL (12-12-2022) Shift-3]
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सही उत्तर: (c) 1840
विस्तृत व्याख्या: एसएससी (SSC) परीक्षाओं में इसकी स्थापना का वर्ष अक्सर 1840 माना जाता है (यद्यपि कुछ ऐतिहासिक पुस्तकों में इसे 1849 भी लिखा गया है)। यह संगठन मुख्य रूप से जाति उन्मूलन (Abolition of Caste) के लिए बनाया गया था।
#116. 1840 में, ‘जाति’ उन्मूलन के लिए कार्य करने के लिए __________ में परमहंस मंडली की स्थापना की गई थी। [SSC CGL (6-12-2022) Shift-2, SSC CGL (1-12-2022) Shift-4]
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सही उत्तर: (b) बॉम्बे
विस्तृत व्याख्या: परमहंस मंडली की स्थापना बॉम्बे (वर्तमान मुंबई) में हुई थी। यह पश्चिम भारत का एक महत्वपूर्ण शुरुआती गुप्त समाज सुधार संगठन था।
#117. परमहंस मंडली के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है? [SSC MTS (22-7-2022) Shift-3]
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सही उत्तर: (b) इसके संस्थापक ईश्वर में विश्वास नहीं करते थे।
विस्तृत व्याख्या: यह कथन गलत है क्योंकि परमहंस मंडली के संस्थापक नास्तिक नहीं थे; वे एकेश्वरवाद (एक ईश्वर में विश्वास) के प्रबल समर्थक थे। वे मानते थे कि ईश्वर एक है और सभी मनुष्य समान हैं। (विकल्प d में 1849 दिया गया है जो ऐतिहासिक रूप से सही है, लेकिन एसएससी प्रश्नों में 1840 और 1849 दोनों वर्ष अलग-अलग संदर्भों में पूछे जाते रहे हैं)।
#118. प्रार्थना समाज के संस्थापक कौन थे? [SSC MTS (3-05-2023) Shift-2, SSC MTS (12-10-2021) Shift-1, SSC CHSL 2013]
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सही उत्तर: (b) आत्माराम पांडुरंग
विस्तृत व्याख्या: 31 मार्च 1867 को बॉम्बे में डॉ. आत्माराम पांडुरंग द्वारा ‘प्रार्थना समाज’ की स्थापना की गई थी। इस संस्था पर बंगाल के ब्रह्म समाज और महाराष्ट्र के भक्ति आंदोलन (तुकाराम, रामदास आदि) का गहरा प्रभाव था।
अन्य विकल्प:
(a) तुलसी राम: आगरा के शिव दयाल साहब (तुलसी राम) ने 1861 में ‘राधास्वामी सत्संग’ की स्थापना की।
(d) स्वामी विवेकानंद: रामकृष्ण मिशन के संस्थापक और वेदांत दर्शन के विश्व प्रचारक।
#119. __________ की स्थापना सन् 1867 में दादोबा पांडुरंग और उनके भाई आत्माराम पांडुरंग ने की थी। [SSC MTS (9-05-2023) Shift-1]
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सही उत्तर: (d) प्रार्थना समाज
विस्तृत व्याख्या: 1867 में दादोबा पांडुरंग और डॉ. आत्माराम पांडुरंग (दोनों भाई) ने मिलकर प्रार्थना समाज की नींव रखी। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक और सामाजिक सुधार था, न कि कोई नया धर्म बनाना।
#120. सन् 1867 में केशव चन्द्र सेन ने आत्माराम पांडुरंग को __________ में प्रार्थना समाज की स्थापना करने में सहायता की थी। [SSC MTS (10-05-2023) Shift-1, SSC MTS (12-05-2023) Shift-1, SSC CHSL (4-7-2024) Shift-3, SSC MTS (15-7-2022) Shift-3]
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सही उत्तर: (b) बॉम्बे
विस्तृत व्याख्या: जब ब्रह्म समाज के नेता केशव चंद्र सेन ने 1867 में महाराष्ट्र (बॉम्बे) की यात्रा की, तो उनके ओजस्वी विचारों से प्रभावित होकर ही आत्माराम पांडुरंग ने बॉम्बे में प्रार्थना समाज की स्थापना की।
#121. महादेव गोविंद रानाडे मुख्यतः किससे संबंधित थे? [SSC CPO (9-11-2022) Shift-2]
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सही उत्तर: (a) प्रार्थना समाज
विस्तृत व्याख्या: जस्टिस महादेव गोविंद रानाडे (M. G. Ranade) 1870 में प्रार्थना समाज से जुड़े। उनके शामिल होने के बाद यह संस्था पूरे पश्चिम भारत में लोकप्रिय हो गई। रानाडे को “महाराष्ट्र का सुकरात” भी कहा जाता है।
#122. आर. जी. भंडारकर किस सुधारवादी संस्था के लोकप्रिय नेता थे? [SSC CGL (18-7-2023) shift-3]
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सही उत्तर: (b) प्रार्थना समाज
विस्तृत व्याख्या: प्रसिद्ध प्राच्यविद् (Orientalist) और इतिहासकार रामकृष्ण गोपाल भंडारकर (R. G. Bhandarkar) प्रार्थना समाज के प्रमुख स्तंभ थे। उन्हीं के सम्मान में पुणे में ‘भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट’ स्थापित किया गया है।
अन्य विकल्प:
(a) थियोसॉफिकल सोसाइटी: भारत में एनी बेसेंट द्वारा प्रचारित (मुख्यालय: अड्यार, चेन्नई)।
#123. निम्नलिखित में से कौन ‘प्रार्थना समाज’ से संबंधित नहीं था? [SSC CPO (4-10-2023) Shift-3]
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सही उत्तर: (d) मोतीलाल नेहरू
विस्तृत व्याख्या: मोतीलाल नेहरू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेता और वकील थे, जिन्होंने 1923 में चितरंजन दास के साथ मिलकर ‘स्वराज पार्टी’ की स्थापना की थी। वे प्रार्थना समाज के सदस्य नहीं थे। जबकि एम. जी. रानाडे, आर. जी. भंडारकर और आत्माराम पांडुरंग इस संस्था के शीर्ष नेता थे।
#124. रामकृष्ण गोपाल भंडारकर और महादेव गोविंद रानाडे ने महाराष्ट्र में धार्मिक सुधारों से जुड़े अपने कार्य निम्नलिखित में से किस संगठन के माध्यम से किए? [SSC CGL (19-7-2023) shift-2]
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सही उत्तर: (a) प्रार्थना समाज
विस्तृत व्याख्या: इन दोनों विद्वानों ने प्रार्थना समाज के मंच से जाति प्रथा, बाल विवाह, विधवाओं की दुर्दशा और पर्दा प्रथा के खिलाफ अभियान चलाया।
#125. 1867 में बम्बई में स्थापित, __________ ने जातिगत प्रतिबंधों को हटाने, बाल विवाह को समाप्त करने और महिलाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने आदि की मांग की। [SSC CGL (6-12-2022) Shift-2]
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सही उत्तर: (a) प्रार्थना समाज
विस्तृत व्याख्या: 1867 में स्थापित प्रार्थना समाज का चार सूत्रीय सामाजिक एजेंडा था:
जाति व्यवस्था की अस्वीकृति
महिला शिक्षा
विधवा पुनर्विवाह
विवाह की आयु बढ़ाना (बाल विवाह पर रोक)
#126. निम्नलिखित में से किस संस्थान की स्थापना एम. जी. रानाडे और जी. वी. जोशी द्वारा की गई थी? [SSC MTS (1-09-2023) Shift-1]
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सही उत्तर: (b) पूना सार्वजनिक सभा
विस्तृत व्याख्या: 2 अप्रैल 1870 को एम. जी. रानाडे, गणेश वासुदेव जोशी (सार्वजनिक काका) और एस. एच. चिपलूणकर ने ‘पूना सार्वजनिक सभा’ की स्थापना की। यह संस्था सरकार और जनता के बीच एक सेतु (मध्यस्थ) का काम करती थी।
अन्य विकल्प:
(a) अभिनव भारत: 1904 में वी. डी. सावरकर द्वारा स्थापित क्रांतिकारी संगठन।
(c) द बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन: 1885 में फिरोजशाह मेहता, बदरुद्दीन तैयबजी और के. टी. तैलंग द्वारा स्थापित।
(d) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: 28 दिसंबर 1885 को ए. ओ. ह्यूम द्वारा स्थापित।
#127. विधवा पुनर्विवाह संघ (1861) के संस्थापक के रूप में किसे जाना जाता है? [SSC CHSL (2-8-2023) shift-1, SSC MTS (19-05-2023) Shift-3]
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सही उत्तर: (d) महादेव गोविंद रानाडे
विस्तृत व्याख्या: एम. जी. रानाडे ने विधवाओं के विवाह को सामाजिक मान्यता दिलाने और उनकी सहायता के लिए 1861 में ‘विडो रीमैरिज एसोसिएशन’ (Widow Remarriage Association / विधवा पुनर्विवाह संघ) की स्थापना की थी (इसमें विष्णु शास्त्री पंडित का भी महत्वपूर्ण सहयोग था)।
#128. निम्नलिखित में से कौन 1876 में स्थापित इंडियन एसोसिएशन (Indian Association) के संस्थापकों में से एक थे? [SSC CHSL (14-8-2023) shift-2, SSC CGL (16-8-2021) Shift-3]
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सही उत्तर: (c) सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
विस्तृत व्याख्या: 26 जुलाई 1876 को कलकत्ता में सुरेंद्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस ने ‘इंडियन एसोसिएशन’ (भारत सभा) की स्थापना की। कांग्रेस की स्थापना से पहले यह भारत का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संगठन था।
अन्य विकल्प:
(a) शिशिर कुमार घोष: ‘अमृत बाजार पत्रिका’ (1868) के संस्थापक और ‘इंडिया लीग’ (1875) के संस्थापक।
(b) दादाभाई नौरोजी: “भारत के वयोवृद्ध पुरुष” (Grand Old Man of India); 1866 में लंदन में ‘ईस्ट इंडिया एसोसिएशन’ बनाया।
#129. 1876 में कलकत्ता में __________ द्वारा इंडियन नेशनल एसोसिएशन की स्थापना की गयी थी। [SSC CGL (4-6-2019) Shift-1]
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सही उत्तर: (b) आनंद मोहन बोस
विस्तृत व्याख्या: ‘इंडियन एसोसिएशन’ को ही ‘इंडियन नेशनल एसोसिएशन’ भी कहा जाता है। चूंकि विकल्प में सुरेंद्रनाथ बनर्जी नहीं हैं, इसलिए सही उत्तर आनंद मोहन बोस होगा जिन्होंने बनर्जी के साथ मिलकर इसकी नींव रखी थी।
#130. निम्नलिखित में से किसने आनंद मोहन बोस के साथ इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की थी? [SSC CHSL (8-8-2023) shift-2]
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सही उत्तर: (d) सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
विस्तृत व्याख्या: सुरेंद्रनाथ बनर्जी (जिन्हें ‘राष्ट्रगुरु’ भी कहा जाता है) ने आनंद मोहन बोस के साथ मिलकर इस संस्था को बनाया। 1886 में इस संगठन का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में विलय हो गया।
अन्य विकल्प:
(a) फिरोज़ शाह मेहता: बॉम्बे के प्रसिद्ध बैरिस्टर और ‘बॉम्बे क्रॉनिकल’ समाचार पत्र के संस्थापक।
(b) गोपाल कृष्ण गोखले: महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु; 1905 में ‘सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी’ स्थापित की।
#131. सुरेन्द्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस ने 1876 में बंगाल में __________ की स्थापना की थी। [SSC CGL (13-6-2019) Shift-1]
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सही उत्तर: (a) इंडियन एसोसिएशन
विस्तृत व्याख्या: इस संस्था ने सिविल सेवा परीक्षा में बैठने की अधिकतम आयु सीमा घटाने (लॉर्ड लिटन द्वारा 21 से घटाकर 19 वर्ष करने) के विरोध में पूरे भारत में एक जन-आंदोलन चलाया था।
#132. इंडियन एसोसिएशन की स्थापना निम्न में से किस वर्ष में हुई थी? [SSC CGL (17-8-2021) Shift-1]
सही उत्तर: (a) 1876
विस्तृत व्याख्या: इसकी स्थापना 26 जुलाई 1876 को अल्बर्ट हॉल, कलकत्ता में की गई थी।
#133. सत्यशोधक समाज (ट्रुथ सीकर सोसाइटी) की स्थापना निम्नलिखित में से किस समाज सुधारक द्वारा की गई थी? [SSC CPO (29-6-2024) Shift-1, SSC MTS (6-7-2022) Shift-2, SSC CPO (9-12-2019) Shift-2, SSC CPO (15-3-2019) Shift-2, SSC CPO (3-7-2017) Shift-2, SSC CHSL 2014]
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सही उत्तर: (c) ज्योतिबा फुले
विस्तृत व्याख्या: 24 सितंबर 1873 को पुणे (महाराष्ट्र) में महात्मा ज्योतिबा फुले ने ‘सत्यशोधक समाज’ (Society of Truth Seekers) की स्थापना की। इसका उद्देश्य शूद्रों और अति-शूद्रों (दलितों एवं पिछड़ों) को ब्राह्मणवादी शोषण से मुक्त कराना था।
#134. ज्योतिबा फुले ने निम्नलिखित में से किस संगठन की स्थापना की ? [SSC MTS (14-06-2023) Shift-3, SSC MTS (14-10-2021) Shift-1]
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सही उत्तर: (c) सत्यशोधक समाज
विस्तृत व्याख्या: ज्योतिबा फुले ने वंचित वर्गों के अधिकारों और शिक्षा के लिए सत्यशोधक समाज बनाया।
अन्य विकल्प:
(d) सतनामी समाज: 1820 के दशक में छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास द्वारा सतनामी पंथ की शुरुआत की गई।
#135. ज्योतिबा फुले ने __________ में सत्यशोधक समाज (सत्य साधक समाज (Truth Seekers Society) की स्थापना की। [SSC MTS (11-05-2023) Shift-2, SSC CHSL (2-7-2019) Shift-3, SSC MTS (22-10-2017) Shift-3]
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सही उत्तर: (b) 1873
विस्तृत व्याख्या: वर्ष 1873 भारतीय इतिहास में दो कारणों से महत्वपूर्ण है:
सत्यशोधक समाज की स्थापना।
ज्योतिबा फुले की प्रसिद्ध पुस्तक ‘गुलामगिरी’ (Gulamgiri) का प्रकाशन (जो अमेरिकी गृहयुद्ध में दासता विरोधी कार्यकर्ताओं को समर्पित थी)।
#136. 1873 में, सत्यशोधक समाज की स्थापना __________ में हुई थी। [SSC CGL (12-12-2022) Shift-3]
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सही उत्तर: (a) बॉम्बे प्रेसीडेंसी
विस्तृत व्याख्या: इसकी स्थापना पुणे में हुई थी, जो उस समय ब्रिटिश भारत के ‘बॉम्बे प्रेसीडेंसी’ (Bombay Presidency) राज्य का हिस्सा था।
#137. समाज के वंचित समूह के बीच शिक्षा और सामाजिक अधिकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1873 में महाराष्ट्र के पुणे जिले में कौन-सा संगठन शुरू किया गया था? [SSC CHSL (11-7-2024) Shift-2, SSC CHSL (2-8-2023) shift-4]
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सही उत्तर: (c) सत्यशोधक समाज
विस्तृत व्याख्या: यह संगठन किसी भी प्रकार के बिचौलिए (पुरोहित/पंडित) के बिना विवाह और धार्मिक अनुष्ठान कराने का पक्षधर था। इसने लड़कियों और नीची जातियों की शिक्षा पर सर्वाधिक बल दिया।
#138. ज्योतिराव गोविंदराव फुले ने 1873 में मूर्तिपूजा और जाति व्यवस्था के खिलाफ लड़ने के लिए निम्नलिखित में से किसकी स्थापना की थी? [SSC CPO (3-10-2023) Shift-1]
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सही उत्तर: (c) सत्यशोधक समाज
विस्तृत व्याख्या: ज्योतिबा फुले मूर्तिपूजा, तीर्थयात्रा और जाति व्यवस्था के घोर विरोधी थे।
अन्य विकल्प:
(b) श्री नारायण गुरु धर्म परिपालन (SNDP) आंदोलन: 1903 में केरल में श्री नारायण गुरु द्वारा एझावा (Ezhava) समुदाय के उत्थान के लिए शुरू किया गया। नारा: “एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर”।
(d) यंग बंगाल आंदोलन: 1820-30 के दशक में कलकत्ता के हिंदू कॉलेज के शिक्षक हेनरी विवियन डेरोजियो द्वारा शुरू किया गया।
#139. ‘गुलामगीरी’ पुस्तक किसने लिखी? [SSC CHSL (3-7-2024) Shift-4]
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सही उत्तर: (d) ज्योतिबा फुले
विस्तृत व्याख्या: ‘गुलामगिरी’ (Slavery) पुस्तक 1873 में ज्योतिबा फुले द्वारा मराठी भाषा में लिखी गई थी। इस पुस्तक में उन्होंने भारत की निचली जातियों की तुलना अमेरिका के अश्वेत दासों (Black Slaves) से की थी और ब्राह्मणवादी श्रेष्ठता के सिद्धांतों को चुनौती दी थी।
अन्य विकल्प:
(a) स्वामी श्रद्धानंद: आर्य समाज के नेता; इन्होंने 1902 में हरिद्वार में ‘गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय’ की स्थापना की और ‘शुद्धि आंदोलन’ चलाया।
(b) बी. आर. अंबेडकर: ‘जाति का उच्छेद’ (Annihilation of Caste) और ‘शूद्र कौन थे?’ (Who Were the Shudras?) जैसी प्रसिद्ध पुस्तकों के लेखक।
#140. निम्नलिखित में से किसने 1784 में ‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’ की स्थापना की ? [SSC CPO (9-11-2022) Shift-1]
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सही उत्तर: (b) सर विलियम जोन्स
विस्तृत व्याख्या: 15 जनवरी 1784 को कलकत्ता के फोर्ट विलियम में सर विलियम जोन्स ने ‘एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल’ की स्थापना की थी। इसका मुख्य उद्देश्य प्राच्य (ओरिएंटल) अध्ययन और भारतीय साहित्य/इतिहास का अनुसंधान करना था।
विकल्पों एवं परीक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य:
(a) द्वारकानाथ टैगोर: राजा राममोहन राय के सहयोगी और प्रसिद्ध उद्योगपति तथा देवेंद्रनाथ टैगोर के पिता थे।
(b) सर विलियम जोन्स: इन्होंने कालिदास के नाटक ‘अभिज्ञानशाकुंतलम्’ का अंग्रेजी में अनुवाद किया था।
(c) राजा राममोहन राय: ‘आत्मीय सभा’ (1815) तथा ‘ब्रह्म समाज’ (1828) के संस्थापक।
(d) हेनरी विवियन डेरोजियो: ‘यंग बंगाल आंदोलन’ (Young Bengal Movement) के प्रवर्तक।
#141. सर विलियम जोन्स ने निम्न में से किस वर्ष में कलकत्ता (कोलकाता) में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना की थी? [SSC CGL (20-8-2021) Shift-2]
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सही उत्तर: (d) 1784
विस्तृत व्याख्या: 15 जनवरी 1784 को सर विलियम जोन्स द्वारा इसकी स्थापना की गई। इस समय भारत के गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स थे, जिन्होंने इस संस्था को काफी संरक्षण दिया था।
#142. आत्मीय समाज की स्थापना निम्नलिखित में से किसने की थी? [SSC MTS (13-7-2022) Shift-1, SSC CPO 2016]
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सही उत्तर: (d) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने 1815 में कलकत्ता में ‘आत्मीय सभा’ की स्थापना की। इसका मुख्य उद्देश्य एकेश्वरवाद (एक ईश्वर की पूजा) का प्रचार करना और हिंदू धर्म में व्याप्त मूर्तिपूजा तथा कुरीतियों का विरोध करना था।
विकल्पों की जानकारी:
(a) दयानंद सरस्वती: 1875 में मुंबई में ‘आर्य समाज’ की स्थापना की। नारा: “वेदों की ओर लौटो”।
(b) भीमराव रामजी अंबेडकर: ‘बहिष्कृत हितकारिणी सभा’ (1924) और ‘इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी’ की स्थापना की।
(c) स्वामी विवेकानंद: 1897 में ‘रामकृष्ण मिशन’ की स्थापना की। 1893 में शिकागो धर्म संसद में प्रसिद्ध भाषण दिया।
#143. हिंदू धर्म के भीतर बुराइयों पर प्रहार करने के लिए आत्मीय सभा की स्थापना कब की गई थी? [SSC CPO (5-10-2023) Shift-1]
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सही उत्तर: (b) 1815
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने एकेश्वरवादी दर्शन के प्रसार और समाज सुधार के लिए 1815 में आत्मीय सभा की स्थापना की। यही संस्था आगे चलकर 1828 में ‘ब्रह्म सभा’ (जो बाद में ब्रह्म समाज बनी) के रूप में विकसित हुई।
#144. निम्नलिखित में से किस सामाजिक धार्मिक समुदाय की स्थापना राजा राम मोहन राय ने की थी ? [SSC MTS (3-05-2023) Shift-2, SSC MTS (6-7-2022) Shift-3, SSC MTS (14-10-2017) Shift-3, SSC CGL 2015]
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सही उत्तर: (c) ब्रह्म समाज
विस्तृत व्याख्या: 20 अगस्त 1828 को राजा राममोहन राय ने ‘ब्रह्म समाज’ (प्रारंभिक नाम: ब्रह्म सभा) की स्थापना की।
अन्य विकल्पों की जानकारी:
(a) आर्य समाज: स्वामी दयानंद सरस्वती (1875)।
(b) प्रार्थना समाज: आत्माराम पांडुरंग (1867 में मुंबई में)।
(d) अकाली दल: 1920 में पंजाब में सिख सुधारों हेतु गठित राजनीतिक दल।
#145. 1828 में कलकत्ता में ब्रह्म समाज की स्थापना इनमें से किसने की? [SSC MTS (25-7-2022) Shift-1, SSC MTS (14-7-2022) Shift-1, SSC CGL (25-7-2023) shift-4, SSC MTS (8-09-2023) Shift-1, SSC CHSL (8-7-2024) Shift-2]
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सही उत्तर: (c) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने कलकत्ता में ब्रह्म समाज की नींव रखी।
विकल्पों की जानकारी:
(a) एच. एन. कुंजरू (हृदयनाथ कुंजरू): ‘भारत सेवक समाज’ (Servants of India Society) के प्रमुख नेता और राज्य पुनर्गठन आयोग (1953) के सदस्य।
(b) स्वामी दयानंद सरस्वती: आर्य समाज के संस्थापक और ‘सत्यार्थ प्रकाश’ ग्रंथ के लेखक।
(d) राम सिंह: कुका आंदोलन (पंजाब) के प्रमुख नेता।
#146. ब्रह्म समाज को पहले किस नाम से जाना जाता था? [SSC CHSL (8-7-2024) Shift-1, SSC CGL (1-12-2022) Shift-1]
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सही उत्तर: (a) ब्रह्म सभा
विस्तृत व्याख्या: अगस्त 1828 में जब राजा राममोहन राय ने इसकी स्थापना की थी, तब इसका नाम ‘ब्रह्म सभा’ रखा गया था। बाद में इसे ‘ब्रह्म समाज’ कहा जाने लगा।
अन्य विकल्प:
(b) वेद समाज: 1864 में मद्रास में श्रीधरालू नायडू और के. श्रीधरालू द्वारा स्थापित (केशव चंद्र सेन के प्रभाव से)।
(d) प्रार्थना समाज: 1867 में आत्माराम पांडुरंग द्वारा स्थापित।
#147. 1828 में धार्मिक सुधारों के लिए ब्रह्म सभा की स्थापना का श्रेय किसे दिया जाता है, जिसे बाद में ब्रह्म समाज कहा गया? [SSC CHSL (8-8-2023) shift-3, SSC MTS (17-05-2023) Shift-3]
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सही उत्तर: (d) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने हिंदू धर्म को रूढ़िवादिता और कुरीतियों से मुक्त कराने के लिए ब्रह्म सभा की स्थापना की।
अन्य प्रमुख व्यक्ति:
(a) देवेंद्र नाथ टैगोर: राजा राममोहन राय के बाद ब्रह्म समाज को संभाला और तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की।
(b) केशव चंद्र सेन: ब्रह्म समाज के लोकप्रिय नेता जिन्होंने इसे अखिल भारतीय पहचान दिलाई, लेकिन बाद में वैचारिक मतभेद के कारण ‘भारतीय ब्रह्म समाज’ बनाया।
#148. वर्ष 1828 में राजा राम मोहन राय ने किस स्थान पर ब्रह्म सभा नामक एक सुधार संघ का गठन किया था? [SSC CHSL (8-7-2024) Shift-4]
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सही उत्तर: (a) कलकत्ता
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय की कर्मभूमि कलकत्ता (पश्चिम बंगाल) थी और यहीं 1828 में ब्रह्म सभा का गठन किया गया था।
#149. निम्नलिखित स्वतंत्रता सेनानियों में से किसे ‘आधुनिक भारत का जनक (Father of Modern India)” माना जाता है? [SSC MTS (19-06-2023) Shift-2]
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सही उत्तर: (d) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय को “भारतीय पुनर्जागरण का पिता”, “आधुनिक भारत का जनक”, तथा “नवोप्रभात का तारा” कहा जाता है। उन्होंने सती प्रथा, बाल विवाह, जाति प्रथा के विरुद्ध आवाज उठाई और आधुनिक शिक्षा का समर्थन किया।
अन्य विकल्प:
(b) बाबा दयाल दास: ‘निरंकारी आंदोलन’ के संस्थापक।
(c) केशव चंद्र सेन: 1870 में ‘भारतीय सुधार संघ’ (Indian Reform Association) के संस्थापक।
#150. सामान्यतः किसे भारतीय पुनर्जागरण का जनक माना जाता है? [SSC CGL (29-8-2016) Shift-3, SSC MTS 2013]
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सही उत्तर: (b) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: भारत में सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलनों की शुरुआत करने के कारण राजा राममोहन राय को ‘भारतीय पुनर्जागरण का पिता/जनक’ कहा जाता है।
अन्य विकल्प:
(a) रवीन्द्रनाथ ठाकुर: 1913 में ‘गीतांजलि’ के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई।
(c) महात्मा फुले (ज्योतिबा फुले): 1873 में ‘सत्यशोधक समाज’ की स्थापना की और ‘गुलामगिरी’ पुस्तक लिखी।
(d) एम. जी. रानाडे (महादेव गोविंद रानाडे): “पश्चिम भारत के पुनर्जागरण के दूत” और प्रार्थना समाज के प्रमुख स्तंभ।
#151. आधुनिक शिक्षा को देश में आधुनिक विचारों के प्रसार के साधन के रूप में देखने वाले पहले समाज सुधारक कौन थे? [SSC CGL (17-7-2023) shift-1]
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सही उत्तर: (c) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय का मानना था कि भारत के विकास के लिए पाश्चात्य (आधुनिक) शिक्षा और अंग्रेजी का ज्ञान आवश्यक है। उन्होंने 1817 में डेविड हेयर के साथ मिलकर कलकत्ता में हिंदू कॉलेज की स्थापना की थी।
अन्य विकल्प:
(a) सावित्रीबाई फुले: भारत की पहली महिला शिक्षिका, जिन्होंने पुणे में बालिका विद्यालय खोला।
(b) डी. के. कर्वे (धोंडो केशव कर्वे): भारत में पहले महिला विश्वविद्यालय (SNDT Women’s University, 1916) के संस्थापक।
#152. पश्चिमी शिक्षा का श्रीगणेश किस स्वतंत्रता सेनानी द्वारा किया गया? [SSC CGL (7-9-2016) Shift-3]
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सही उत्तर: (a) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने भारत में पश्चिमी विज्ञान, दर्शन और अंग्रेजी शिक्षा की वकालत की। उन्होंने 1825 में वेदांत कॉलेज की स्थापना की, जहाँ भारतीय और पाश्चात्य दोनों विद्याएँ पढ़ाई जाती थीं।
#153. राजा राममोहन राय ने किसके विरुद्ध एक ऐतिहासिक आंदोलन का आयोजन किया था? [SSC CPO 2007]
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सही उत्तर: (b) सती की कुप्रथा
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय के प्रयासों के कारण ही भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक ने 1829 में नियम 17 (Regulation XVII) के तहत सती प्रथा को अवैध घोषित कर दिया।
#154. निम्नलिखित में से किस संगठन को सती प्रथा के उन्मूलन के लिए साहित्यिक रचनाएँ लिखने का श्रेय दिया जाता है? [SSC CGL (17-7-2023) shift-1]
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सही उत्तर: (d) ब्रह्म समाज
विस्तृत व्याख्या: ब्रह्म समाज और इसके संस्थापक राजा राममोहन राय ने पत्र-पत्रिकाओं और साहित्यिक रचनाओं (जैसे ‘संवाद कौमुदी’) के माध्यम से सती प्रथा के विरुद्ध जनमत तैयार किया।
अन्य संगठन:
(a) हरिजन सेवक संघ: 1932 में महात्मा गांधी द्वारा स्थापित।
(b) सत्य शोधक समाज: 1873 में ज्योतिबा फुले द्वारा स्थापित।
(c) बहुजन समाज: मुकुंदराव पाटिल और छत्रपति शाहू महाराज से जुड़ा सामाजिक आंदोलन।
#155. वर्ष 1821 में बंगाली साप्ताहिक समाचार पत्र ‘संवाद कौमुदी’ निम्नलिखित में से किसने शुरू किया था? [SSC CPO (4-7-2017) Shift-2]
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सही उत्तर: (a) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: ‘संवाद कौमुदी’ (1821) बंगाली भाषा में प्रकाशित एक साप्ताहिक समाचार पत्र था, जिसके माध्यम से सती प्रथा के उन्मूलन का संदेश फैलाया गया।
परीक्षा उपयोगी तथ्य: राजा राममोहन राय ने 1822 में फारसी भाषा में ‘मिरात-उल-अखबार’ भी निकाला था।
अन्य विकल्प:
(b) अरविंदो घोष: ‘वंदे मातरम’ समाचार पत्र और पोंडिचेरी में ‘ऑरोविले आश्रम’ के संस्थापक।
(c) रामकृष्ण परमहंस: स्वामी विवेकानंद के आध्यात्मिक गुरु।
(d) देवेंद्रनाथ टैगोर: ‘तत्वबोधिनी पत्रिका’ के संरक्षक।
#156. फारसी में लिखी गई पुस्तक ‘गिफ्ट टू मोनोथिस्ट’ के लेखक कौन हैं, जिसमें एकेश्वरवाद की निंदा की गई है? [SSC CGL (26-7-2023) shift-3]
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सही उत्तर: (a) राजा राममोहन राय
विस्तृत व्याख्या: राजा राममोहन राय ने 1809 में फारसी भाषा में यह पुस्तक लिखी थी, जिसका फारसी नाम ‘तुहफत-उल-मुवाहिदीन’ (Tuhfat-ul-Muwahhidin) है। इसका अंग्रेजी अनुवाद ‘Gift to Monotheists’ है। इसमें उन्होंने एकेश्वरवाद का समर्थन और मूर्तिपूजा व बहुदेववाद की आलोचना की।
#157. राजा राम मोहन राय की पुस्तक ‘गिफ्ट टू मोनोथिस्ट्स’ मूल रूप से किस भाषा में लिखी गई थी? [SSC CHSL (3-8-2023) shift-2]
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सही उत्तर: (b) फारसी
विस्तृत व्याख्या: यह पुस्तक फारसी भाषा में लिखी गई थी (जिसकी भूमिका अरबी भाषा में थी)। राजा राममोहन राय अरबी, फारसी, संस्कृत, अंग्रेजी, ग्रीक, और हिब्रू जैसी कई भाषाओं के प्रकांड विद्वान थे।
#158. वर्ष 1870 में ‘भारतीय सुधार संघ’ के संस्थापक कौन थे ? [SSC CGL (7-9-2016) Shift-2]
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सही उत्तर: (b) केशव चंद्र सेन
विस्तृत व्याख्या: 29 अक्टूबर 1870 को कलकत्ता में केशव चंद्र सेन ने ‘इंडियन रिफॉर्म एसोसिएशन’ (भारतीय सुधार संघ) की स्थापना की। इसका मुख्य उद्देश्य बाल विवाह रोकना, स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देना और सस्ती साक्षरता/साहित्य उपलब्ध कराना था।
#159. आध्यात्मिक सत्य की खोज के लिए गठित तत्त्वबोधिनी सभा की स्थापना किसने की थी? [SSC CGL (26-7-2023) shift-2, SSC MTS (15-7-2022) Shift-2]
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सही उत्तर: (a) देवेंद्रनाथ टैगोर
विस्तृत व्याख्या: 6 अक्टूबर 1839 को महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने कलकत्ता में ‘तत्वरंजिनी सभा’ की स्थापना की थी, जिसका नाम बाद में बदलकर ‘तत्वबोधिनी सभा’ कर दिया गया। इसका उद्देश्य उपनिषदों के ज्ञान का प्रचार करना था।
#160. तत्वबोधिनी सभा (Tattvabodhini Sabha) की स्थापना देवेन्द्र नाथ टैगोर ने किस वर्ष में की थी? [SSC MTS (8-05-2023) Shift-1]
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सही उत्तर: (c) 1839
विस्तृत व्याख्या: 1839 में देवेंद्रनाथ टैगोर ने इसकी स्थापना की। 1842 में वे ब्रह्म समाज में शामिल हुए और ब्रह्म समाज का नेतृत्व संभाला।
#161. तत्वबोधिनी पत्रिका ने किस भाषा में भारत के अतीत के अध्ययन को बढ़ावा दिया? [SSC CPO (28-6-2024) Shift-3]
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सही उत्तर: (d) बंगाली
विस्तृत व्याख्या: तत्वबोधिनी सभा द्वारा 1843 में ‘तत्वबोधिनी पत्रिका’ का प्रकाशन बंगाली भाषा में शुरू किया गया था। इसके संपादक अक्षय कुमार दत्त थे। इस पत्रिका का उद्देश्य बंगाली में भारत के इतिहास और उपनिषदों के अध्ययन का प्रचार करना था।
#162. निम्नलिखित में से किसने ब्रह्म संहिता लिखी थी, जो ब्रह्म समाज का आस्था कथन था और इसमें समाज के सदस्यों के लिए कर्तव्यों और दायित्वों की सूची बनाई गई थी? [SSC MTS (2-11-2021) Shift-2]
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सही उत्तर: (a) देवेंद्रनाथ टैगोर
विस्तृत व्याख्या: महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने ब्रह्म समाज के धार्मिक सिद्धांतों और आचार-संहिता को व्यवस्थित करने के लिए ‘ब्रह्म धर्म’ / ‘ब्रह्म संहिता’ की रचना की थी।
अन्य विकल्प:
(b) ईश्वर चंद्र विद्यासागर: विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856) पारित कराने में मुख्य भूमिका निभाई।
(d) केशव चंद्र सेन: ‘नव विधान’ (New Dispensation) के संस्थापक।
#163. 1864 में वेद समाज निम्नलिखित में से किस शहर में स्थापित किया गया था? [SSC MTS (6-10-2021) Shift-3]
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सही उत्तर: (c) मद्रास (अब चेन्नई)
विस्तृत व्याख्या: केशव चंद्र सेन की मद्रास यात्रा से प्रेरित होकर के. श्रीधरालू नायडू और के. चेंगलवराया नायडू ने 1864 में मद्रास में ‘वेद समाज’ की स्थापना की। इसे “दक्षिण भारत का ब्रह्म समाज” भी कहा जाता है।
#164. वेद समाज के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (I) इसकी स्थापना 1864 में मद्रास (अब चेन्नई) में हुई थी। (II) इसने जाति भेद को खत्म करने और विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम किया। [SSC MTS (5-7-2022) Shift-3]
सही उत्तर: (d) I और II दोनों
विस्तृत व्याख्या:
कथन I सही है क्योंकि 1864 में मद्रास में इसकी स्थापना हुई।
कथन II भी सही है क्योंकि वेद समाज ने ब्रह्म समाज के सिद्धांतों का पालन करते हुए जातिगत भेदभाव, बाल विवाह के उन्मूलन और महिला कल्याण व विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया।
#165. जाति उन्मूलन के लिए काम करने के लिए 1840 में बॉम्बे में स्थापित पहला सामाजिक-धार्मिक संगठन कौन-सा था? [SSC CHSL (10-7-2024) Shift-2]
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सही उत्तर: (c) परमहंस मंडली
विस्तृत व्याख्या: 1840 (कई स्रोतों में 1849) में दादोबा पांडुरंग और दुर्गाराम मेहता ने बॉम्बे (मुंबई) में ‘परमहंस मंडली’ की स्थापना की। यह एक गुप्त सभा थी जिसका मुख्य उद्देश्य जाति प्रथा का उन्मूलन और एकेश्वरवाद का प्रसार था।
अन्य विकल्प:
(a) सत्यशोधक समाज: 1873 में पुणे में ज्योतिबा फुले द्वारा स्थापित।
(d) धर्म सभा: 1830 में राधाकांत देव द्वारा स्थापित (यह एक रूढ़िवादी संस्था थी जिसने राजा राममोहन राय के सती प्रथा विरोधी आंदोलन का विरोध किया था)।


