Vedic Maths Square and Square Root

वैदिक गणित: 6 अंकों तक का वर्ग, घनफल, वर्गमूल और घनमूल निकालने की जादुई ट्रिक

वैदिक गणित: वैदिक विधि से पूर्ण संख्याओं का वर्ग, घनफल, वर्गमूल, घनमूल (6 अंकों तक)

क्या आप भी कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स (SSC, Banking, Railway, CSAT) की तैयारी कर रहे हैं और मैथ्स के लंबे कैलकुलेशन से परेशान हैं? पारंपरिक तरीकों से बड़ी संख्याओं का वर्ग या घनमूल निकालना समय की बर्बादी है। आज के इस आर्टिकल में हम प्राचीन भारतीय वैदिक गणित विधि से वर्ग और वर्गमूल, घनफल और घनमूल निकालने की ऐसी जादुई ट्रिक्स सीखेंगे, जिससे आप 6 अंकों तक की संख्याओं का उत्तर महज 5 सेकंड में निकाल लेंगे।

💡 क्यों खास है वैदिक गणित? वैदिक गणित के 16 मुख्य सूत्रों (Sutras) की मदद से बिना पेन-पेपर उठाए बड़े से बड़ा कैलकुलेशन दिमाग में ही हल किया जा सकता है। चलिए इन सभी को शॉर्ट नोट्स के रूप में स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं।

 

Results

#1. 992016 के वर्गमूल के अंकों का योग है- [RPSC LDC-23 10.2016]

992016 के वर्गमूल के अंकों का योग

स्टेप 1: वर्गमूल (Square Root) निकालना

संख्या 992016 है, जो कि 10002 (10,00,000) के बेहद करीब है।

996 × 996 = 992016

यानी, 992016 का वर्गमूल = 996 है।

स्टेप 2: अंकों को आपस में जोड़ना

प्राप्त संख्या 996 के सभी अंकों का योग करने पर:

9 + 9 + 6 = 24

🎉 सही उत्तर विकल्प: 24

 

#2. संख्याओं (A) 250000, (B) 6400000, (C) 70560, (D) 10000000 में से पूर्ण वर्ग संख्या है ? [RPSC LDC 2014]

पूर्ण वर्ग संख्या (Perfect Square) की पहचान

🎯 जादुई ट्रिक: किसी भी संख्या के अंत में शून्यों (Zeros) की संख्या हमेशा “सम” (Even जैसे- 2, 4, 6) होनी चाहिए, तभी वह पूर्ण वर्ग हो सकती है। यदि अंत में विषम (Odd जैसे- 1, 3, 5) शून्य हैं, तो वह कभी पूर्ण वर्ग नहीं होगी।

आइए सभी संख्याओं की जांच करते हैं:

संख्याअंत में शून्यवर्गमूल (Square Root)पूर्ण वर्ग है?

(A) 250000 4 (सम) 500 × 500 हाँ ✔
(B) 6400000 5 (विषम) नहीं ❌
(C) 70560 1 (विषम) नहीं ❌
(D) 10000000 7 (विषम) ❌ *सुधार नहीं ❌

ℹ️ नोट: केवल संख्या (A) 250000 ही ऐसी संख्या है जो कि 500 का पूरा वर्ग है। बाकी सभी संख्याओं में अंत में शून्यों की संख्या विषम (जैसे 5, 1 और 7) है, इसलिए वे पूर्ण वर्ग नहीं हैं।

🎉 सही विकल्प: केवल (A)

 

#3. द्वन्द्रयोग विधि द्वारा 24561 का वर्ग जात करते समय कितने अंक समूह बनेंगे ? [RPSC LDC 2014]

 

द्वंद्वयोग विधि: अंक समूहों की संख्या

द्वंद्वयोग विधि द्वारा किसी भी संख्या का वर्ग ज्ञात करने के लिए समूहों की संख्या निकालने का एक निश्चित सूत्र होता है:

📌 महत्वपूर्ण सूत्र: यदि किसी संख्या में कुल अंकों की संख्या n हो, तो बनने वाले कुल समूहों की संख्या होगी:
कुल समूह = 2n – 1

दी गई संख्या 24561 के लिए गणना:

  • संख्या में कुल अंकों की संख्या (n) = 5 (चूंकि अंक 2, 4, 5, 6, 1 हैं)
  • सूत्र में मान रखने पर: 2 × 5 – 1
  • हल करने पर: 10 – 1 = 9

बनने वाले सभी 9 समूह इस प्रकार होंगे:

(2)
(24)
(245)
(2456)
(24561)
(4561)
(561)
(61)
(1)

🎉 सही विकल्प: 9

 

#4. किसी पूर्ण घन संख्या का चरमांक 3 है तो इसके घनमूल का चरमांक होगा ? [RPSC LDC 2014]

 

वैदिक गणित ट्रिक: घनमूल का चरमांक

💡 सरल शब्दों में: वैदिक गणित में “चरमांक” का सीधा सा मतलब संख्या का इकाई अंक (Unit Digit / Last Digit) होता है।

घन (Cube) और घनमूल (Cube Root) के चरमांक में एक जादुई संबंध होता है। नीचे दी गई टेबल को देखें:

घन संख्या का चरमांक घनमूल का चरमांक
1, 4, 5, 6, 9, 0 वही रहेगा (समान)
2 8
3 (प्रश्न में दिया है) 7 (उत्तर)
8 2
7 3
🔍 उदाहरण से समझें:मान लीजिए एक पूर्ण घन संख्या 343 है (इसका चरमांक 3 है)।

जब हम इसका घनमूल निकालते हैं, तो हमें 7 प्राप्त होता है (क्योंकि 7 × 7 × 7 = 343)। यानी घनमूल का चरमांक 7 होगा।

🎉 सही विकल्प: 7

 

#5. 1013 के घनफल में शून्यों की संख्या है: [RPSC LDC 2014]

 

 

1013 के घनफल में शून्यों की संख्या

💡 नोट: गणित में “घनफल” का अर्थ होता है किसी संख्या की घात 3 करना (यानी संख्या का Cube निकालना)।
📍 स्टेप 1: वैदिक गणित (निखिलम विधि) से आधार पहचानें

संख्या 1013 का नजदीकी आधार (Base) = 1000 है।

यहाँ संख्या का अपने आधार से विचलन (Deviation) = +13 है।

📍 स्टेप 2: घनफल का सूत्र

सूत्र: संख्या + 2 × विचलन / 3 × विचलन2 / विचलन3

• प्रथम खंड: 1013 + 2 × 13 = 1039

• द्वितीय खंड: 3 × (13)2 = 3 × 169 = 507

• तृतीय खंड: (13)3 = 2197

📍 स्टेप 3: खंडों को आपस में मिलाना

चूँकि आधार (1000) में 3 शून्य हैं, इसलिए मध्य और अंतिम खंड में 3-3 अंक ही रहेंगे (बाकी अंक आगे हासिल में जुड़ेंगे):

1039 / 507 / 2197

2197 का ‘2’ आगे 507 में जुड़ जाएगा ➔ 507 + 2 = 509

अतः पूरा घनफल बनता है: 1039509197

🔍 प्राप्त संख्या 1039509197 को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि इसमें दो शून्य आ रहे है



#6. पूर्णांक संख्या जिसका घन पूर्णांक 912673 है ?

 

912673 का घनमूल (Cube Root) ज्ञात करना

🎯 शॉर्टकट नियम: घनमूल निकालने के लिए दी गई संख्या को पीछे (दाएं) से 3-3 अंकों के दो समूहों में बांटते हैं।
📍 स्टेप 1: संख्या का विभाजन

संख्या 912673 को दो भागों में बांटने पर:


912 , 673

📍 स्टेप 2: इकाई (चरमांक) अंक निर्धारित करना

अंतिम समूह 673 है, जिसका इकाई अंक 3 है।

हम जानते हैं कि केवल 7 का घन करने पर ही इकाई स्थान पर 3 आता है (73 = 343)।

➔ अतः घनमूल का इकाई अंक = 7 होगा।

📍探 स्टेप 3: दहाई अंक निर्धारित करना

पहला समूह 912 है।

अब ऐसी सबसे बड़ी पूर्ण घन संख्या देखें जो 912 से छोटी या बराबर हो:

• 93 = 729 (जो 912 से छोटा है)
• 103 = 1000 (जो 912 से बड़ा है)

➔ अतः दहाई का अंक = 9 होगा।

दोनों अंकों को मिलाने पर प्राप्त संख्या: 97

🎉 सही विकल्प: 97

 

#7. निम्न में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है? [REET 2012 ]

 

 

कथनों की सत्यता का परीक्षण

आइए सभी चारों विकल्पों की जांच करते हैं:

सत्य कथन ✔1. संख्या 25 एक पूर्ण वर्ग संख्या है: यह कथन बिल्कुल सच है क्योंकि 5 × 5 = 25 होता है।

सत्य कथन ✔2. संख्या 38 एक पूर्ण वर्ग संख्या नहीं है: यह भी सत्य है क्योंकि किसी भी पूर्णांक का वर्ग करने पर 38 नहीं आता।

सत्य कथन ✔3. विषम संख्या के वर्ग को दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांकों के योग में व्यक्त कर सकते हैं: गणित का यह नियम सत्य है।
उदाहरण: 3² = 9 ➔ (4 + 5) या 5² = 25 ➔ (12 + 13)

असत्य कथन ❌ (यही उत्तर है)4. सम संख्या के वर्ग को दो क्रमागत पूर्णांकों के योग में व्यक्त कर सकते हैं: यह नियम पूरी तरह गलत (असत्य) है।

कारण: किसी भी सम संख्या का वर्ग हमेशा एक सम संख्या ही होता है (जैसे 4² = 16)। जबकि दो क्रमागत (लगातार) पूर्णांकों को जोड़ने पर हमेशा एक विषम संख्या प्राप्त होती है (जैसे 7+8 = 15)। अतः सम संख्या का वर्ग कभी भी दो क्रमागत पूर्णांकों के योग के बराबर नहीं हो सकता।

🎉 सही विकल्प: अंतिम कथन (सम संख्या वाला)

 

#8. दो सतत् विषम संख्याओं का गुणनफल 6723 है तो छोटी संख्या का वर्गमूल है- [UPTET (1-2)-2020]

 

सतत् विषम संख्याओं के गुणनफल का हल

🎯 जादुई ट्रिक: दो लगातार विषम संख्याओं का गुणनफल हमेशा उनके बीच की सम संख्या के वर्ग से 1 कम होता है। यानी
(बीच की संख्या)2 = गुणनफल + 1
📍 स्टेप 1: बीच की सम संख्या निकालना

दी गई संख्याओं का गुणनफल = 6723

गुणनफल में 1 जोड़ने पर: 6723 + 1 = 6724

अब 6724 का वर्गमूल निकालते हैं:

√6724 = 82

यानी दोनों विषम संख्याओं के बीच की सम संख्या 82 है।

📍 स्टेप 2: दोनों विषम संख्याएँ ज्ञात करना

चूंकि बीच की संख्या 82 है, इसलिए:

• छोटी विषम संख्या = 82 – 1 = 81

• बड़ी विषम संख्या = 82 + 1 = 83

(जांच: 81 × 83 = 6723, जो कि बिल्कुल सही है)

📍 स्टेप 3: छोटी संख्या का वर्गमूल

प्रश्न में छोटी संख्या (81) का वर्गमूल पूछा गया है:

√81 = 9

🎉 सही विकल्प: 9

 

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1. वैदिक विधि से वर्ग (Square) निकालना

6 अंकों तक की पूर्ण संख्याओं का वर्ग निकालने के लिए वैदिक गणित का "द्वंद्व योग" (Dwandwa Yoga) और "एकाधिकेन पूर्वेण" सूत्र सबसे बेस्ट माना जाता है।

ट्रिक 1: एकाधिकेन पूर्वेण (यदि इकाई का अंक 5 हो)

यदि किसी संख्या के अंत में 5 है, तो उसका वर्ग निकालना बेहद आसान है।

उदाहरण: 65 का वर्ग ($65^2$)
1. अंतिम भाग हमेशा 5 का वर्ग यानी 25 होगा।
2. पहले भाग के लिए 6 को उसके अगले अंक (6 + 1 = 7) से गुणा करें: $6 \times 7 = 42$
उत्तर: 4225

ट्रिक 2: द्वंद्व योग विधि (बड़ी संख्याओं के लिए)

इस विधि से आप 2, 3 या उससे अधिक अंकों की संख्या का वर्ग निकाल सकते हैं। इसमें संख्याओं का जोड़ा बनाकर (Duplex) निकाला जाता है।


2. वैदिक विधि से घनफल (Cube) निकालना

घनफल निकालने के लिए "यावदूनं तावदूनीकृत्य वर्गं च योजयेत्" सूत्र का उपयोग आधार (Base) मानकर किया जाता है। यह विधि 100, 1000 या 10000 के पास की संख्याओं के लिए रामबाण है।

उदाहरण: 104 का घन ($104^3$) [आधार = 100, विचलन (Deviation) = +4]
सूत्र: संख्या + 2 × विचलन | 3 × (विचलन)2 | (विचलन)3
1. भाग 1: $104 + 2(4) = 112$
2. भाग 2: $3 \times (4)^2 = 48$
3. भाग 3: $(4)^3 = 64$
उत्तर: 1124864

3. 6 अंकों तक की संख्या का वर्गमूल (Square Root)

6 अंकों तक की पूर्ण वर्ग संख्या का वर्गमूल निकालने के लिए "विलोकनम्" (Observation Method) यानी केवल देखकर उत्तर निकालने की विधि का प्रयोग करते हैं। इसके लिए आपको 1 से 10 तक के वर्ग के इकाई अंक याद होने चाहिए:

संख्या का इकाई अंक वर्गमूल का संभावित इकाई अंक
11 या 9
42 या 8
55
64 या 6
93 या 7
00
शॉर्ट ट्रिक स्टेप्स:
1. दाईं ओर से दो-दो अंकों के जोड़े बनाएं।
2. अंतिम जोड़े से इकाई का अंक निर्धारित करें।
3. शेष बचे अंकों (जो 6 अंकों तक हो सकते हैं) के सबसे नजदीकी पूर्ण वर्ग को देखें और उत्तर प्राप्त करें।

4. 6 अंकों तक की संख्या का घनमूल (Cube Root)

वैदिक गणित में घनमूल निकालना वर्गमूल से भी ज्यादा आसान है। 6 अंकों की संख्या का घनमूल केवल 3 सेकंड में निकाला जा सकता है। इसके लिए नीचे दी गई तालिका को समझें:

संख्या का अंतिम अंक घनमूल का अंतिम अंक
1, 4, 5, 6, 9, 0समान रहता है (1->1, 4->4...)
28 (और 8 का 2)
37 (और 7 का 3)
उदाहरण: 175616 का घनमूल निकालें (6 अंक)
1. पीछे से 3 अंकों का ग्रुप बनाएं: (175) और (616)।
2. समूह (616) का आखिरी अंक 6 है, इसलिए घनमूल का इकाई अंक 6 होगा।
3. दूसरा समूह (175) है। यह $5^3$ (125) और $6^3$ (216) के बीच आता है। छोटा अंक 5 है, इसलिए दहाई अंक 5 होगा।
उत्तर: 56

📌 Quick Revision Short Notes (की-पॉइंट्स)

  • वर्ग (Square): इकाई अंक 5 होने पर $N(N+1) | 25$ का नियम लगाएं।
  • घनफल (Cube): आधार और विचलन (Deviation) विधि से गणना सेकंडों में करें।
  • वर्गमूल (Square Root): दाईं तरफ से 2 अंकों का पेयर बनाकर विलोकनम् विधि अपनाएं।
  • घनमूल (Cube Root): 6 अंकों की संख्या को 3-3 के दो ग्रुप में बांटें और आखिरी अंक से तुरंत पहचानें।

निष्कर्ष & FAQ

वैदिक गणित की ये विधियाँ न सिर्फ आपका समय बचाती हैं बल्कि एग्जाम में सिली मिस्टेक्स (Silly Mistakes) होने की संभावना को भी खत्म करती हैं। इन ट्रिक्स का रोजाना 10-15 मिनट अभ्यास करें।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या वैदिक गणित से बड़ी संख्याओं (जैसे 6 अंक) का वर्गमूल निकालना सुरक्षित है?
हां, यदि संख्या पूर्ण वर्ग (Perfect Square) है, तो वैदिक गणित की विलोकनम् और द्वंद्व योग विधि 100% सटीक परिणाम देती है।

Q2. प्रतियोगी परीक्षाओं में समय कैसे बचाएं?
पारंपरिक गुणा करने के बजाय वैदिक गणित के सूत्रों जैसे एकाधिकेन पूर्वेण और निखिलम् का उपयोग करें।

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