कार्बन और उसके यौगिक Railway PYQ
#1. साबुन दीर्घ श्रृंखला _________ के सोडियम या पोटैशियम लवण हैं
。(RRB JE 23 May 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: कार्बोक्जिलिक अम्ल
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- साबुन की परिभाषा और रासायनिक संरचना: साबुन उच्च (दीर्घ श्रृंखला वाले) कार्बोक्जिलिक अम्लों (वसीय अम्लों जैसे स्टीयरिक अम्ल, पामिटिक अम्ल आदि) के सोडियम ($\text{Na}^+$) या पोटैशियम ($\text{K}^+$) लवण होते हैं।
- इनका सामान्य रासायनिक सूत्र $\text{RCOO}^-\text{Na}^+$ होता है, जहाँ ‘R’ एक लंबी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला को दर्शाता है।
- ये वनस्पति तेलों या पशु वसा की सोडियम हाइड्रॉक्साइड ($\text{NaOH}$) के साथ साबुनीकरण (Saponification) प्रक्रिया द्वारा प्राप्त किए जाते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- अल्कोहल: यह हाइड्रॉक्सिल ($-\text{OH}$) समूह युक्त यौगिक हैं, जिनसे साबुन के लवण नहीं बनते (हालाँकि साबुनीकरण प्रक्रिया में ग्लिसरॉल एक अल्कोहल उपोत्पाद के रूप में बाहर निकलता है)।
- एल्डिहाइड: यह कार्बोनिल ($-\text{CHO}$) समूह वाले यौगिक हैं, जो साबुन की मूल संरचना का निर्माण नहीं करते।
- एस्टर: प्राकृतिक वसा और तेल स्वयं एस्टर (ट्राइग्लिसराइड्स) होते हैं, लेकिन साबुन उनके जल-अपघटन के बाद बनने वाले कार्बोक्जिलिक अम्ल के लवण होते हैं, न कि स्वयं एस्टर।
#2. UV प्रकाश के अंतर्गत क्लोरीन (Cl 2) के साथ मेथेन (CH 4) की प्रतिस्थापन अभिक्रिया में, प्रथम उत्पाद क्या बनता है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )
✨ सही उत्तर: क्लोरोमेथेन / मेथिल क्लोराइड (CH3Cl)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मुक्त मूलक प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Free Radical Substitution): पराबैंगनी (UV) प्रकाश या सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में मेथेन ($\text{CH}_4$) और क्लोरीन ($\text{Cl}_2$) की अभिक्रिया एक मुक्त मूलक क्रिया-विधि द्वारा होती है।
- इस श्रृंखला अभिक्रिया का प्रथम उत्पाद क्लोरोमेथेन (या मेथिल क्लोराइड, $\text{CH}_3\text{Cl}$) बनता है, जिसमें मेथेन का एक हाइड्रोजन परमाणु क्लोरीन परमाणु द्वारा प्रतिस्थापित होता है:
$\text{CH}_4 + \text{Cl}_2 \xrightarrow{h\nu} \text{CH}_3\text{Cl} + \text{HCl}$ - यदि क्लोरीन अधिक मात्रा में उपलब्ध हो, तो यह अभिक्रिया रुकती नहीं है और आगे चलकर डाइक्लोरोमेथेन, ट्राइक्लोरोमेथेन (क्लोरोफॉर्म) और अंततः कार्बन टेट्राक्लोराइड बनाती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- डाइक्लोरोमेथेन ($\text{CH}_2\text{Cl}_2$): यह क्लोरोमेथेन के बनने के बाद आगे की प्रतिक्रिया से प्राप्त होने वाला द्वितीय उत्पाद है, न कि प्रथम उत्पाद।
- कार्बन टेट्राक्लोराइड ($\text{CCl}_4$): यह इस श्रृंखला प्रतिस्थापन अभिक्रिया का अंतिम उत्पाद है, जो तब बनता है जब मेथेन के चारों हाइड्रोजन परमाणु क्लोरीन द्वारा प्रतिस्थापित हो जाते हैं।
#3. निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा, संतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025)
✨ सही उत्तर: प्रोपेन (Propane)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbons): वे हाइड्रोकार्बन जिनमें सभी कार्बन परमाणु केवल एकल सहसंयोजक बंधों (Single Covalent Bonds) द्वारा आपस में जुड़े होते हैं, संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।
- इन्हें सामान्यतः ऐल्केन (Alkanes) कहा जाता है, जिनका सामान्य रासायनिक सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$ होता है। विकल्प में दिया गया प्रोपेन ($\text{C}_3\text{H}_8$) इसी ऐल्केन श्रेणी का सदस्य है।
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन में कोई भी द्वि-बंध (Double bond) या त्रि-बंध (Triple bond) नहीं पाया जाता है, जिसके कारण ये अपेक्षाकृत कम क्रियाशील (Stable) होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- एथाइन (Ethyne): यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्काइन श्रेणी) है, जिसमें कार्बन-कार्बन परमाणुओं के बीच त्रि-बंध ($\text{C}\equiv\text{C}$) पाया जाता है ($\text{C}_2\text{H}_2$)।
- ब्यूटाइन (Butyne): यह भी एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्काइन) है जिसमें त्रि-बंध मौजूद होता है, इसलिए यह संतृप्त नहीं है।
- एथीन (Ethene): यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन श्रेणी) है, जिसमें कार्बन-कार्बन परमाणुओं के बीच द्वि-बंध ($\text{C}=\text{C}$) पाया जाता है ($\text{C}_2\text{H}_4$)।
#4. कार्बन का वह विशिष्ट लक्षण क्या है, जो इसके अधिक संख्या में कार्बनिक यौगिकों के निर्माण का कारण बनता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )
✨ सही उत्तर: चतुःसंयोजकता (Tetravalency) और शृंखलन दोनों
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कार्बनिक यौगिकों की विशाल संख्या: कार्बन द्वारा इतनी बड़ी संख्या में यौगिकों के निर्माण के पीछे इसके दो मुख्य विशिष्ट गुण हैं—शृंखलन (Catenation) और चतुःसंयोजकता (Tetravalency)।
- शृंखलन (Catenation): कार्बन परमाणुओं में आपस में सहसंयोजक बंध बनाकर लंबी श्रृंखलाएं, शाखित श्रृंखलाएं या वलय (रिंग) बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है।
- चतुःसंयोजकता (Tetravalency): कार्बन की संयोजकता 4 होती है, जिसके कारण यह एक साथ चार अन्य कार्बन परमाणुओं या हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन जैसे अन्य परमाणुओं के साथ मजबूत सहसंयोजक बंध बना सकता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- केवल चतुःसंयोजकता या केवल शृंखलन: अकेले इनमें से कोई भी गुण इतने व्यापक और विविध प्रकार के यौगिकों की विशाल श्रृंखला बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है; ये दोनों गुण मिलकर ही यह संभव बनाते हैं।
- विलेयता (Solubility): यह कार्बन का कोई रासायनिक बंधन या विशिष्ट लक्षण नहीं है, बल्कि यह किसी पदार्थ के घुलने की क्षमता है।
#5. कार्बन यौगिकों के संदर्भ में, ‘ शाखित श्रृंखला’ संरचना की क्या विशेषता है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )
✨ सही उत्तर: कार्बन परमाणु मुख्य कार्बन श्रृंखला से जुड़े होते हैं और पार्श्व समूह बनाते हैं।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शाखित श्रृंखला संरचना (Branched Chain Structure): कार्बन यौगिकों में जब कार्बन परमाणुओं की मुख्य (सीधी) श्रृंखला के साथ-साथ अन्य कार्बन परमाणु साइड-चेन या पार्श्व शाखाओं के रूप में जुड़े होते हैं, तो उसे शाखित श्रृंखला कहा जाता है।
- समान आणविक सूत्र (Molecular Formula) वाले यौगिकों की सीधी और शाखित श्रृंखलाओं के कारण अलग-अलग संरचनाएं होती हैं, जिन्हें समावयवी (Isomers) कहा जाता है (उदाहरण के लिए: ब्यूटेन और आइसोब्यूटेन)।
- यह विविधता कार्बन की शृंखलन (Catenation) क्षमता के कारण उत्पन्न होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- कार्बन परमाणु चार अलग-अलग परमाणुओं से बंधे होते हैं: यह कथन कार्बन की चतुःसंयोजकता (Tetravalency) के गुण को दर्शाता है, न कि श्रृंखला के प्रकार को।
- कार्बन परमाणु एक सतत, सीधी रेखा में व्यवस्थित होते हैं: यह सीधी या रैखिक श्रृंखला (Straight-chain structure) की विशेषता है।
- कार्बन परमाणु एक बंद वलय संरचना बनाते हैं: यह चक्रीय या वलय संरचना (Cyclic/Ring structure) (जैसे बेंजीन) की विशेषता है।
#6. वायुमंडल में ओजोन परत के क्षरण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा/से उत्तरदायी हैं?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ओजोन परत का क्षरण (Ozone Depletion): समताप मंडल (Stratosphere) में मौजूद ओजोन परत के क्षरण के लिए सबसे प्रमुख रूप से क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) उत्तरदायी हैं।
- इनका व्यापक उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, और एरोसोल स्प्रे में प्रशीतक (Coolant) के रूप में किया जाता है।
- CFCs सूर्य के पराबैंगनी (UV) विकिरण के संपर्क में आकर क्लोरीन परमाणु मुक्त करते हैं, जो ओजोन (O3) अणुओं को लगातार विघटित करके ऑक्सीजन में बदल देते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ईथीन: यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (C2H4) है, जो ओजोन क्षरण में मुख्य भूमिका नहीं निभाता।
- हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs): हालांकि ये शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें हैं (ग्लोबल वार्मिंग का कारण), लेकिन इनमें क्लोरीन परमाणु नहीं होता, इसलिए ये ओजोन परत को नुकसान नहीं पहुँचातीं (इन्हें CFCs के सुरक्षित विकल्प के रूप में अपनाया गया था)।
- मीथेन: यह एक ग्रीनहाउस गैस है, लेकिन यह ओजोन परत के सीधे और मुख्य क्षरण के लिए जिम्मेदार नहीं है।
#7. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन यौगिक एक अल्कोहल के रूप में वर्गीकृत किया जाता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: प्रोपेनॉल (Propanol)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अल्कोहल और क्रियात्मक समूह (Functional Group): जिन कार्बन यौगिकों में हाइड्रॉक्सिल समूह (-OH) जुड़ा होता है, उन्हें **अल्कोहल** श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है।
- IUPAC नामकरण पद्धति के अनुसार, अल्कोहल के नाम के अंत में ‘-ऑल’ (-ol) प्रत्यय (suffix) जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, तीन कार्बन वाले अल्कोहल को प्रोपेनॉल ($\text{C}_3\text{H}_7\text{OH}$) कहा जाता है।
- यह यौगिक कार्बनिक रसायन विज्ञान में एक महत्वपूर्ण विलायक और रासायनिक मध्यवर्ती के रूप में कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- प्रोपेनल (Propanal): यह एक **एल्डिहाइड** ($-\text{CHO}$ समूह युक्त) यौगिक है, जिसके नाम के अंत में ‘-अल’ प्रत्यय लगता है।
- प्रोपेनोइक (Propanoic acid): यह एक **कार्बोक्जिलिक अम्ल** ($-\text{COOH}$ समूह युक्त) यौगिक है, जिसके नाम के अंत में ‘-ओइक अम्ल’ लगता है।
- प्रोपेनन (Propanone): यह एक **कीटोन** ($>\text{C}=\text{O}$ समूह युक्त) यौगिक है (इसे एसीटोन भी कहते हैं), जिसके नाम के अंत में ‘-ओन’ प्रत्यय लगता है।
#8. निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे छोटा ऐल्केन है, जो एक स्थिर वलय बना सकता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )
✨ सही उत्तर: साइक्लोप्रोपेन (Cyclopropane)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सबसे छोटा चक्रीय ऐल्केन (Smallest Cycloalkane): किसी भी बंद वलय (Ring) या चक्रीय संरचना के निर्माण के लिए न्यूनतम 3 कार्बन परमाणुओं की आवश्यकता होती है।
- साइक्लोप्रोपेन ($\text{C}_3\text{H}_6$) तीन कार्बन परमाणुओं वाला सबसे छोटा चक्रीय हाइड्रोकार्बन है, जिसके कार्बन परमाणु आपस में एकल बंध द्वारा जुड़कर एक त्रिकोणीय वलय बनाते हैं।
- हालाँकि इसमें बंकन तनाव (Angle strain) होता है, फिर भी यह सबसे कम कार्बन वाला पहला स्थिर चक्रीय ऐल्केन है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- मेथेन (Methane): इसमें केवल 1 कार्बन परमाणु होता है, इसलिए यह किसी भी प्रकार की वलय संरचना का निर्माण नहीं कर सकता।
- एथेन (Ethane): इसमें केवल 2 कार्बन परमाणु होते हैं, जिससे बंद वलय (रिंग) बनाना असंभव है।
- प्रोपेन (Propane): यह तीन कार्बन वाला एक **विवृत श्रृंखला (Open-chain)** या सीधी श्रृंखला वाला ऐल्केन है, वलय बनने पर इसका नाम ‘साइक्लोप्रोपेन’ हो जाता है।
#9. निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्कोहॉल, सामान्यतः ईंधन या ईंधन योज्य के रूप में उपयोग किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )
✨ सही उत्तर: एथेनॉल (Ethanol)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एथेनॉल और ईंधन के रूप में उपयोग: एथेनॉल ($\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}$) को सामान्यतः ऐथिल अल्कोहल कहा जाता है। इसका उपयोग व्यापक रूप से स्वच्छ ईंधन या पेट्रोल में एक ईंधन योज्य (Fuel additive) के रूप में किया जाता है।
- सरकार द्वारा पर्यावरण प्रदूषण को कम करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के लिए पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
- यह आसानी से जलकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल उत्पन्न करता है तथा एक उत्कृष्ट बायो-फ्यूल (Bio-fuel) का विकल्प है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- प्रोपेनॉल (Propanol): यह तीन कार्बन वाला अल्कोहल है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से रासायनिक उद्योगों में विलायक (Solvent) के रूप में किया जाता है, न कि सामान्य ईंधन योज्य के रूप में।
- ब्यूटेनॉल (Butanol): हालांकि यह भी जैव-ईंधन के रूप में संभावित है, लेकिन वाणिज्यिक और सामान्य स्तर पर ईंधन योज्य के रूप में एथेनॉल का ही सबसे अधिक उपयोग किया जाता है।
- मेथेनॉल (Methanol): इसे ‘वुड अल्कोहल’ भी कहते हैं; हालाँकि इसका उपयोग कुछ विशिष्ट रेसिंग इंजनों में होता है, लेकिन सामान्य ईंधन योज्य के रूप में एथेनॉल ही सर्वमान्य विकल्प है।
#10. निम्नलिखित में से कौन सा एक संतृप्त कार्बन यौगिक है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: ऐल्केन (Alkanes)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संतृप्त कार्बन यौगिक (Saturated Carbon Compounds): वे हाइड्रोकार्बन जिनमें सभी कार्बन परमाणु केवल एकल सहसंयोजक बंधों (Single Covalent Bonds) द्वारा आपस में जुड़े होते हैं, संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।
- इस श्रेणी के सभी यौगिकों को सामान्यतः ऐल्केन (Alkanes) कहा जाता है, जिनका सामान्य रासायनिक सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$ होता है (जैसे—मेथेन, एथेन, प्रोपेन आदि)।
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन अत्यधिक स्थायी होते हैं और ये मुख्य रूप से प्रतिस्थापन (Substitution) अभिक्रियाएँ दर्शाते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ऐल्काइन (Alkynes): यह असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं, जिनमें कार्बन-कार्बन परमाणुओं के बीच कम से कम एक त्रि-बंध ($\text{C}\equiv\text{C}$) पाया जाता है।
- ऐल्कीन (Alkenes): यह भी असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं, जिनमें कार्बन-कार्बन परमाणुओं के बीच कम से कम एक द्वि-बंध ($\text{C}=\text{C}$) पाया जाता है।
- एथिलीन (Ethylene): यह सबसे सरल ऐल्कीन ($\text{C}_2\text{H}_4$) है, जिसमें द्वि-बंध होने के कारण यह एक असंतृप्त यौगिक है, संतृप्त नहीं।
#11. निम्नलिखित में से कौन-सा, एथेनॉल ( C 2 H 5 OH ) का सामान्य नाम है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )
✨ सही उत्तर: एथिल अल्कोहल (Ethyl alcohol)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एथेनॉल का सामान्य नाम: रासायनिक सूत्र $\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}$ वाले यौगिक (एथेनॉल) का सामान्य नाम एथिल अल्कोहल है।
- यह मादक पेयों (Alcoholic beverages) का मुख्य सक्रिय घटक है और इसे किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया द्वारा शर्करा से प्राप्त किया जाता है।
- इसका उपयोग रासायनिक उद्योगों में विलायक (Solvent) के रूप में तथा औषधियों, जैसे टिंचर आयोडीन और कफ सिरप के निर्माण में भी किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- मेथिल अल्कोहल: इसे ‘वुड अल्कोहल’ ($\text{CH}_3\text{OH}$) कहा जाता है, जो अत्यधिक जहरीला होता है और इसके सेवन से अंधापन या मृत्यु हो सकती है।
- आइसोप्रोपाइल अल्कोहल: इसे ‘रबिंग अल्कोहल’ ($\text{C}_3\text{H}_7\text{OH}$) कहा जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से बाहरी सफाई और एंटीसेप्टिक के रूप में होता है।
- ब्यूटाइल अल्कोहल: यह चार कार्बन श्रृंखला वाला एक उच्चतर अल्कोहल ($\text{C}_4\text{H}_9\text{OH}$) है, जिसकी संरचना एथेनॉल से अलग होती है।
#12. डीऑक्सीराइबोक्लीइक अम्ल ( DNA ) और राइबोक्लीइक अम्ल ( RNA ), जैवअणुओं के किस वर्ग से संबंधित हैं?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 24/03/2026 )
✨ सही उत्तर: न्यूक्लीक अम्ल (Nucleic acids)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- न्यूक्लिक अम्ल और आनुवंशिक पदार्थ: डीऑक्सीराइबोक्लीइक अम्ल (DNA) और राइबोक्लीइक अम्ल (RNA) दोनों ही मुख्य रूप से न्यूक्लिक अम्ल वर्ग के जैवअणु (Biomolecules) हैं।
- ये न्यूक्लियोटाइड्स (Nucleotides) की इकाइयों से मिलकर बने बड़े पॉलिमर्स (बहुलक) होते हैं।
- DNA आनुवंशिक सूचनाओं को सुरक्षित रखकर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित करता है, जबकि RNA मुख्य रूप से कोशिकाओं में प्रोटीन संश्लेषण (Protein synthesis) का कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- प्रोटीन: यह अमीनो अम्लों (Amino acids) के बहुलक हैं, जो शरीर की संरचना, मांसपेशियों के निर्माण और एंजाइम के रूप में कार्य करते हैं।
- लिपिड (Lipid): यह वसा (Fats) और तेल जैसे कार्बनिक यौगिक हैं, जो दीर्घकालिक ऊर्जा भंडारण और कोशिका झिल्ली के निर्माण में मदद करते हैं।
- कार्बोहाइड्रेट: यह पॉलीहाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड या कीटोन (शर्करा/स्टार्च) हैं, जो शरीर को त्वरित ऊर्जा (Instant energy) प्रदान करते हैं।
#13. C n H 2n _________ हाइड्रोकार्बन का सामान्य सूत्र है
(RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: ऐल्कीन (Alkenes)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऐल्कीन और उनका सामान्य सूत्र: रासायनिक सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n}$ असंतृप्त हाइड्रोकार्बन की ऐल्कीन (Alkenes) श्रेणी को दर्शाता है।
- इस श्रेणी के यौगिकों में कम से कम एक कार्बन-कार्बन द्वि-बंध ($\text{C}=\text{C}$) पाया जाता है (जैसे—एथीन $\text{C}_2\text{H}_4$, प्रोपीन $\text{C}_3\text{H}_6$ आदि)।
- ये असंतृप्त प्रकृति के होने के कारण अत्यधिक क्रियाशील होते हैं और आसानी से योगात्मक (Addition) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ऐल्केन: इनका सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$ होता है, और ये संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं।
- ऐल्काइन: इनका सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n-2}$ होता है, जिनमें कार्बन-कार्बन के बीच त्रि-बंध ($\text{C}\equiv\text{C}$) पाया जाता है।
- ऐल्कीन और ऐल्काइन दोनों: यह विकल्प गलत है क्योंकि दोनों श्रेणियों के रासायनिक सूत्र और संरचनाएं एक-दूसरे से पूरी तरह भिन्न होती हैं।
#14. दिए गए यौगिकों में से, किसका उपयोग ईंधन योज्य के रूप में किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 M)
✨ सही उत्तर: एथेनॉल (Ethanol)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ईंधन योज्य के रूप में एथेनॉल: एथेनॉल ($\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}$) का उपयोग पेट्रोल में एक प्रभावी ईंधन योज्य (Fuel additive) के रूप में किया जाता है, जिससे वाहनों से होने वाले हानिकारक धुएं और प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सके।
- यह एक बायो-फ्यूल (Bio-fuel) है जिसे गन्ने के शीरे या अन्य शर्करा युक्त पदार्थों के किण्वन (Fermentation) द्वारा प्राप्त किया जाता है।
- पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण (Ethanol Blending) पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ जीवाश्म ईंधनों पर हमारी निर्भरता को भी कम करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- एथैनेल (Ethanal): यह एक एल्डिहाइड ($\text{CH}_3\text{CHO}$) यौगिक है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से रासायनिक उद्योगों में अन्य रसायनों के निर्माण के लिए किया जाता है, ईंधन योज्य के रूप में नहीं।
- एथेन (Ethane): यह एक गैसीय हाइड्रोकार्बन ($\text{C}_2\text{H}_6$) है जो प्राकृतिक गैस में पाया जाता है, लेकिन इसे पेट्रोल या तरल ईंधन में ‘योज्य’ के रूप में नहीं मिलाया जाता।
- एथैनाइक अम्ल (Ethanoic acid): इसे एसिटिक अम्ल ($\text{CH}_3\text{COOH}$) भी कहते हैं, जो सिरके (Vinegar) का मुख्य घटक है और यह ईंधन के रूप में उपयोग नहीं होता।
#15. निम्न में से किसका उपयोग मादक पेय में किया जाता है?
(RRB JE 24 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: इथेनॉल (Ethanol)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मादक पेयों में इथेनॉल: रासायनिक सूत्र C2H5OH वाले यौगिक इथेनॉल (या एथिल अल्कोहल) का उपयोग विभिन्न प्रकार के मादक पेयों (जैसे वाइन, बीयर, व्हिस्की आदि) में मुख्य सक्रिय घटक के रूप में किया जाता है।
- इसे प्राकृतिक शर्करा या स्टार्च युक्त पदार्थों (जैसे अंगूर, जौ, गन्ने का शीरा) के यीस्ट (Yeast) द्वारा किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।
- यह मानव शरीर में पहुँचकर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) को प्रभावित करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- मेथनॉल (Methanol): इसे ‘वुड अल्कोहल’ (CH3OH) कहा जाता है, जो अत्यधिक विषैला होता है। इसके सेवन से अंधापन या मृत्यु तक हो सकती है, इसलिए इसका उपयोग मादक पेयों में नहीं किया जाता।
- प्रोपेनॉल (Propanol): यह तीन कार्बन वाला अल्कोहल है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से रासायनिक उद्योगों और विलायक (Solvent) के रूप में होता है।
- ब्यूटेनॉल (Butanol): यह एक उच्चतर अल्कोहल है, जो औद्योगिक कार्यों और जैव-ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है, न कि पीने योग्य पेय पदार्थों में।
#16. निम्नलिखित में से किस वलय यौगिक का आणविक सूत्र C 6 H 12 है?
(RRB Level 01 Stage III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: साइक्लोहेक्सेन (Cyclohexane)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- साइक्लोहेक्सेन और उसकी संरचना: आणविक सूत्र C6H12 वाला यह यौगिक एक चक्रीय ऐल्केन (Cycloalkane) है, जिसमें 6 कार्बन परमाणु आपस में एकल बंध द्वारा जुड़कर एक बंद वलय (Ring) का निर्माण करते हैं।
- यह सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n}$ का पालन करता है और संतृप्त चक्रीय हाइड्रोकार्बन श्रेणी का सदस्य है।
- यह कार्बनिक रसायन में एक उत्कृष्ट विलायक (Solvent) के रूप में तथा नायलॉन (Nylon) के निर्माण में एक मुख्य कच्चे माल के रूप में व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ब्यूटेन: इसका आणविक सूत्र $\text{C}_4\text{H}_{10}$ होता है, जो 4 कार्बन वाला विवृत्त श्रृंखला (Open-chain) का ऐल्केन है।
- बेंजीन: इसका आणविक सूत्र $\text{C}_6\text{H}_{6}$ होता है, जो एक असंतृप्त एरोमैटिक वलय यौगिक है।
- हेक्सेंन: यह एक सीधी/विवृत्त श्रृंखला वाला असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है, न कि संतृप्त वलय यौगिक।
#17. निम्नलिखित में से किसमें शाखित-श्रृंखला हाइड्रोकार्बन है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: आइसोब्यूटेन (Isobutane)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शाखित-श्रृंखला हाइड्रोकार्बन (Branched-chain hydrocarbon): आइसोब्यूटेन (रासायनिक सूत्र $\text{C}_4\text{H}_{10}$) सामान्य ब्यूटेन का ही एक समावयवी (Isomer) है, जिसमें कार्बन परमाणुओं की एक मुख्य श्रृंखला के साथ एक पार्श्व शाखा (मेथिल समूह) जुड़ी होती है (इसे IUPAC नाम 2-मेथिलप्रोपेन भी कहते हैं)।
- शाखित श्रृंखला संरचना होने के कारण इसके भौतिक गुण (जैसे क्वथनांक) सीधी श्रृंखला वाले एन-ब्यूटेन से अलग होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ब्यूटेन (n-Butane): यह चार कार्बन परमाणुओं वाला एक सीधी या रैखिक श्रृंखला (Straight-chain) हाइड्रोकार्बन है, जिसमें कोई शाखा नहीं होती।
- एथेन: यह दो कार्बन वाला एक सरल सीधी श्रृंखला का संतृप्त हाइड्रोकार्बन ($\text{C}_2\text{H}_6$) है।
- प्रोपेन: यह तीन कार्बन वाला सीधी श्रृंखला का ऐल्केन ($\text{C}_3\text{H}_8$) है।
#18. प्रोपेन का रासायनिक सूत्र क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 27 Mar 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: C3H8 (प्रोपेन) 💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रोपेन (Propane): यह तीन कार्बन परमाणुओं वाला एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है, जिसका रासायनिक सूत्र C3H8 होता है।
- यह ऐल्केन श्रेणी का तीसरा सदस्य है (सामान्य सूत्र CnH2n 2 के अनुसार, जहाँ n = 3 है)। इसका व्यापक उपयोग ईंधन (LPG आदि) के रूप में किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- CH2: यह मेथिलीन (Methylene) समूह है, जो स्वतंत्र रूप से स्थिर ऐल्केन अणु नहीं है।
- C2H6: यह दो कार्बन परमाणुओं वाले संतृप्त हाइड्रोकार्बन एथेन (Ethane) का रासायनिक सूत्र है।
- C5H10: यह पाँच कार्बन वाले ऐल्कीन (जैसे पेंटीन) या साइक्लोऐल्केन का रासायनिक सूत्र है, जबकि संतृप्त पेंटेन का सूत्र C5H12 होता है।
#19. निम्नलिखित में से कौन-सा हाइड्रोकार्बन सामान्यतः स्वच्छ ज्वाला उत्पन्न करता है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: एथेन (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एथेन ($text{C}_2\text{H}_6$): यह एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है। संतृप्त हाइड्रोकार्बन आमतौर पर पर्याप्त वायु/ऑक्सीजन मिलने पर पूर्ण दहन के कारण एक स्वच्छ (नीली) ज्वाला उत्पन्न करते हैं।
- इनमें असंतृप्त हाइड्रोकार्बन की तुलना में हाइड्रोजन-से-कार्बन का अनुपात अधिक होता है, जिससे ये बिना कालिख के जलते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- एथिलीन / एथीन ($text{C}_2\text{H}_4$): यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है, जिसमें कार्बन की मात्रा अधिक होने के कारण यह जलते समय पीली और धुएँ (कालिख) वाली ज्वाला उत्पन्न करता है।
- एथाइन ($text{C}_2\text{H}_2$): यह एक त्रिबंध वाला असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्काइन) है, जो अत्यधिक धुएँ और कजल (Sooty flame) के साथ जलता है।
#20. निम्नलिखित में से पृथ्वी पर सबसे हल्का पदार्थ कौन सा है?
(RRB JE CBT-I : 28 June 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: एरोग्राफीन (RRB JE CBT-I : 28 June 2019 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एरोग्राफीन (Aerographene): इसे ग्राफीन एरोजेल भी कहा जाता है। यह दुनिया का सबसे हल्का पदार्थ है, जिसका घनत्व मात्र 0.16 मिलीग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है।
- यह अत्यधिक छिद्रयुक्त और मुख्य रूप से ग्रेफीन से निर्मित होता है, जिसका उपयोग ऊर्जा भंडारण और इन्सुलेशन में किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- एरोग्राफाइट (Aerographite): यह कार्बन नैनोट्यूब का एक सिंथेटिक और हल्का नेटवर्क है, लेकिन यह एरोग्राफीन की तुलना में अधिक घना होता है।
- डायमंड (Diamond): यह कार्बन का एक अत्यधिक कठोर क्रिस्टलीय रूप है, जो अपनी घनी त्रि-आयामी संरचना के कारण भारी होता है।
- कार्बाइन (Carbyne): यह कार्बन का एक-आयामी अपरूप है, जो अपनी उच्च मजबूती के लिए जाना जाता है लेकिन यह सबसे हल्का पदार्थ नहीं है।
#21. जब एथेनॉल को 443K पर अधिक मात्रा में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ गर्म किया जाता है, तो कौन-सा उत्पाद बनेगा?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: एथीन और जल (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- निर्जलीकरण अभिक्रिया (Dehydration reaction): जब एथेनॉल ($text{CH}_3\text{CH}_2\text{OH}$) को 443K तापमान पर अधिक मात्रा में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल ($\text{H}_2\text{SO}_4$) के साथ गर्म किया जाता है, तो यह निर्जलीकृत होकर एथीन ($text{C}_2\text{H}_4$) और जल ($text{H}_2\text{O}$) बनाता है।
- यहाँ सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल एक निर्जलीकारक (Dehydrating agent) के रूप में कार्य करता है जो एथेनॉल के अणु से पानी के अणु को अलग कर देता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- एथाइन और हाइड्रोजन: यह इस तापमान और अभिकारक की स्थिति में उत्पादित नहीं होता, क्योंकि एथाइन (एसिटिलीन) त्रिबंध वाला यौगिक है जो इस विधि से नहीं बनता।
- केवल एथाइन: यह विकल्प रासायनिक रूप से गलत है क्योंकि इस प्रक्रिया में एथीन के साथ-साथ जल का निर्माण भी मुख्य रूप से होता है।
#22. निम्नलिखित में से कौन कार्बन का अपररूप नहीं है?
(RRB NTPC CBT-I : 22 Feb 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: कार्बन डाइ-ऑक्साइड (RRB NTPC CBT-I : 22 Feb 2021 Shift 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कार्बन डाइ-ऑक्साइड ($text{CO}_2$): यह कार्बन का अपररूप (Allotrope) नहीं है, बल्कि कार्बन और ऑक्सीजन से मिलकर बनने वाला एक रासायनिक यौगिक (Compound) है।
- अपररूप (Allotrope) किसी तत्व के वे विभिन्न रूप होते हैं जिनका रासायनिक गुण लगभग समान लेकिन भौतिक गुण भिन्न होते हैं। कार्बन के प्रमुख क्रिस्टलीय अपररूप हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- हीरा (Diamond): यह शुद्ध कार्बन का एक क्रिस्टलीय अपररूप है, जो प्रकृति में सबसे कठोर पदार्थ है और इसमें कार्बन परमाणु चतुष्फलकीय रूप से जुड़े होते हैं।
- फुलरीन (Fullerene): यह भी कार्बन का एक अपररूप है (जैसे $text{C}_{60}$), जिसमें कार्बन परमाणु फुटबॉल जैसी गोलाकार संरचना में जुड़े होते हैं।
- ग्रेफाइट (Graphite): यह कार्बन का एक अन्य अपररूप है जो विद्युत का सुचालक और परतदार संरचना वाला होता है।
#23. एथेनॉइक अम्ल ( Ethanoic acid ), सान्द्र H 2 SO 4 की उपस्थिति में एथेनॉल के साथ अभिक्रिया करके _________ बनाता है।
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )
✨ सही उत्तर: एथिल एथेनोएट (ethyl ethanoate) (RRB Level 01 Stage I 04/02/2026)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एस्ट्रीकरण अभिक्रिया (Esterification): जब एथेनॉइक अम्ल ($\text{CH}_3\text{COOH}$) सान्द्र $\text{H}_2\text{SO}_4$ (उत्प्रेरक) की उपस्थिति में एथेनॉल ($\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}$) के साथ अभिक्रिया करता है, तो एक मीठी गंध वाला यौगिक एथिल एथेनोएट ($text{CH}_3\text{COOC}_2\text{H}_5$) (जो कि एक एस्टर है) और जल बनता है।
- एस्टर का उपयोग मुख्य रूप से इत्र (Perfumes) बनाने और पदार्थों में सुगंध या स्वाद लाने के लिए किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- सोडियम ऐसीटेट: यह एथेनॉइक अम्ल की सोडियम हाइड्रॉक्साइड ($\text{NaOH}$) के साथ उदासीनीकरण अभिक्रिया से बनता है, न कि एथेनॉल के साथ।
- मेथनॉल: यह एक कार्बनिक यौगिक (एक कार्बन वाला ऐल्कोहॉल) है, जो इस अभिक्रिया का उत्पाद नहीं है।
- एसीटोन: यह एक कीटोन ($\text{CH}_3\text{COCH}_3$) है, जो इस एस्ट्रीकरण प्रक्रिया के माध्यम से निर्मित नहीं होता।
#24. पृथ्वी पर जीवन समस्त जीवों के लिए ऊर्जा के मुख्य स्रोत के रूप में _________ अणुओं पर निर्भर करता है
。(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )
✨ सही उत्तर: कार्बन-आधारित (RRB Level 01 Stage I 29/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कार्बन-आधारित जीवन (Carbon-based life): पृथ्वी पर जीवन का आधार कार्बन है। कार्बन परमाणु अपनी अनूठी चतुःसंयोजकता (Tetravalency) और श्रृंखला बनाने की क्षमता (Catenation) के कारण कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा और न्यूक्लिक अम्ल जैसे जटिल और विशाल अणुओं का निर्माण करते हैं, जो सभी जीवों के लिए ऊर्जा और संरचना का मुख्य स्रोत हैं।
- खाद्य पदार्थों (जैसे ग्लूकोज) के ऑक्सीकरण से जीवों को विभिन्न जैविक गतिविधियों के लिए ऊर्जा प्राप्त होती है, जिसमें कार्बन यौगिकों की मुख्य भूमिका होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- नाइट्रोजन-आधारित: नाइट्रोजन प्रोटीन और डीएनए/आरएनए का एक महत्वपूर्ण घटक है, लेकिन यह समस्त जीवों के लिए प्रत्यक्ष रूप से ऊर्जा का मुख्य स्रोत नहीं है।
- प्रोटीन-आधारित: प्रोटीन शरीर के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक हैं, और ये स्वयं अमीनो एसिड (जो कार्बन-आधारित होते हैं) से बने होते हैं।
- ऑक्सीजन-आधारित: ऑक्सीजन श्वसन प्रक्रिया में ऊर्जा मुक्त करने के लिए उत्प्रेरक के रूप में सहायक है, लेकिन जीव स्वयं ऑक्सीजन-आधारित नहीं बल्कि कार्बन-आधारित होते हैं।
#25. निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक संतृप्त हाइड्रोकार्बन के रूप में वर्गीकृत है?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )
✨ सही उत्तर: एथेन (Ethane) (RRB Level 01 Stage I 03/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एथेन ($text{C}_2\text{H}_6$): यह एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है, जिसमें कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल बंध (Single Bond) पाया जाता है। ऐल्केन श्रेणी के सभी यौगिक संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं।
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन का सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$ होता है, जहाँ एथेन के लिए $n = 2$ है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- एथीन ($text{C}_2\text{H}_4$): यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है जिसमें कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध (Double Bond) होता है।
- एथाइन ($text{C}_2\text{H}_2$): यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्काइन) है जिसमें त्रिबंध (Triple Bond) पाया जाता है।
- बेंजीन ($\text{C}_6\text{H}_6$): यह एक चक्रीय असंतृप्त एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है, जो एकल और द्विबंध के एकांतर क्रम (Alternating bonds) से बना होता है।
#26. ब्यूटेनल में उपस्थित क्रियात्मक समूह की प्रकृति पहचानें।
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: एल्डिहाइड (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ब्यूटेनल (Butanal): यह चार कार्बन परमाणुओं वाला एक एल्डिहाइड है, जिसका रासायनिक सूत्र $\text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_2\text{CHO}$ होता है। इसके नाम के अंत में ‘अल’ (al) प्रत्यय जुड़ा होता है जो एल्डिहाइड समूह को दर्शाता है।
- इसमें क्रियात्मक समूह (Functional Group) के रूप में एल्डिहाइड समूह (-CHO) उपस्थित होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ऐल्कोहॉल: यह वह क्रियात्मक समूह है जिसमें हाइड्रोक्सिल समूह (-OH) जुड़ा होता है और इसके नाम के अंत में ‘ऑल’ (ol) आता है (जैसे- ब्यूटेनॉल)।
- ऐल्कीन: यह हाइड्रोकार्बन की एक श्रेणी है जिसमें कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध (Double bond) होता है, न कि कोई विशिष्ट ऑक्सीजन-युक्त क्रियात्मक समूह।
- कीटोन: यह वह कार्बोनिल यौगिक है जिसमें क्रियात्मक समूह श्रृंखला के बीच में ($\text{-CO-}$) होता है और इसके नाम के अंत में ‘ऑन’ (one) जुड़ता है (जैसे- ब्यूटेनोन)।
#27. योगज अभिक्रियाएं किस प्रकार के हाइड्रोकार्बन की विशेषताएँ हैं?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )
✨ सही उत्तर: ऐल्काइन और ऐल्कीन दोनों (RRB Technician Grade III 10/03/2026)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- योगज अभिक्रियाएँ (Addition Reactions): यह असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (यानी ऐल्कीन और ऐल्काइन) की मुख्य विशेषता है। इनमें कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध (Double bond) या त्रिबंध (Triple bond) मौजूद होते हैं, जो योग करके एकल बंध में बदल जाते हैं।
- निकेल ($\text{Ni}$) या पैलेडियम ($\text{Pd}$) जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) बनाते हैं, जो हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया (Hydrogenation) कहलाती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- केवल ऐल्कीन: यह अधूरा विकल्प है क्योंकि ऐल्कीन के साथ-साथ ऐल्काइन भी योगज अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
- केवल ऐल्काइन: यह भी गलत है क्योंकि त्रिबंध वाले ऐल्काइन के अलावा द्विबंध वाले ऐल्कीन भी इस प्रकार की अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।
- केवल ऐल्केन: ऐल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं और ये मुख्य रूप से प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Substitution reactions) दर्शाते हैं, योगज अभिक्रियाएँ नहीं।
#28. निम्नलिखित में से किसे “वुड स्पिरिट” कहा जाता है?
(RPF SI 2018 : 12 Jan 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: मेथनॉल (RPF SI 2018 : 12 Jan 2019 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेथनॉल ($text{CH}_3\text{OH}$): इसे आमतौर पर “वुड स्पिरिट” (Wood spirit) या वुड अल्कोहल कहा जाता है, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से इसे लकड़ी के विनाशकारी आसवन (Destructive distillation of wood) द्वारा प्राप्त किया जाता था।
- यह सबसे सरल मोनोहाइड्रिक ऐल्कोहॉल है जो अत्यधिक विषैला होता है। इसके सेवन से दृष्टिहीनता या मृत्यु तक हो सकती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- इथेनॉल ($text{C}_2\text{H}_5\text{OH}$): इसे ग्रेन अल्कोहल (Grain alcohol) कहा जाता है, जिसका उपयोग पेय पदार्थों और औषधियों में किया जाता है।
- फिनोल ($\text{C}_6\text{H}_5\text{OH}$): यह एक एरोमैटिक कार्बनिक यौगिक है जिसे कार्बोहाइड्रिक अम्ल भी कहा जाता है, यह वुड स्पिरिट नहीं है।
- ब्यूटेनॉल: यह चार कार्बन वाला ऐल्कोहॉल है जो विलायक (Solvent) के रूप में प्रयोग होता है।
#29. एल्काइन का सामान्य सूत्र क्या है?
(RRB JE CBT I :- 30 May 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: CnH2n-2 (RRB JE CBT I : 30 May 2019 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऐल्काइन (Alkyne): यह असंतृप्त हाइड्रोकार्बन की एक श्रेणी है जिसमें कार्बन परमाणुओं के बीच कम से कम एक त्रिबंध (Triple Bond) पाया जाता है।
- ऐल्काइन श्रेणी का सामान्य रासायनिक सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n-2}$ होता है (जहाँ $n$ कार्बन परमाणुओं की संख्या है)। इसका सबसे सरल सदस्य एथाइन ($\text{C}_2\text{H}_2$) है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- $\text{C}_n\text{H}_{2n+4}$: यह हाइड्रोकार्बन के मानक समरूप श्रेणियों का सामान्य सूत्र नहीं है।
- $\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$: यह संतृप्त हाइड्रोकार्बन यानी ऐल्केन (Alkane) का सामान्य सूत्र है जिसमें केवल एकल बंध होते हैं।
- $\text{C}_n\text{H}_{2n}$: यह असंतृप्त हाइड्रोकार्बन यानी ऐल्कीन (Alkene) का सामान्य सूत्र है जिसमें कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध होता है।
#30. निम्नलिखित में से कौन-सा, चक्रीय हाइड्रोकार्बन का उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )
✨ सही उत्तर: साइक्लोहेक्ससेन (RRB Level 01 Stage I 05/02/2026)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- साइक्लोहेक्ससेन (Cyclohexane – C6H12): यह एक चक्रीय (Cyclic) संतृप्त हाइड्रोकार्बन है, जिसमें छह कार्बन परमाणु एक बंद वलय (Ring) के रूप में आपस में जुड़े होते हैं।
- चूँकि इसके सभी कार्बन परमाणु एकल बंधों (Single bonds) द्वारा जुड़े होते हैं, इसलिए यह एक चक्रीय ऐल्केन (Cycloalkane) का एक प्रमुख उदाहरण है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ब्यूटेन (C4H10): यह चार कार्बन परमाणुओं वाला एक सीधी या रैखिक श्रृंखला (Straight-chain) हाइड्रोकार्बन है, चक्रीय वलय नहीं।
- एथीन (C2H4): यह एक सीधी या खुली श्रृंखला वाला असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है।
- मेथेन (CH4): यह सबसे सरल एक-कार्बन वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है।
#31. निम्नलिखित में से कौन-सा फुलेरीन कार्बन अपररूप का रासायनिक सूत्र है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )
✨ सही उत्तर: C60 (RRB Level 01 Stage I 02/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फुलेरीन (Fullerene): यह कार्बन का एक प्रमुख अपररूप (Allotrope) है। इसका सबसे प्रसिद्ध और खोजा गया पहला रूप $\text{C}_{60}$ (बकमसिट्स्टर फुलेरीन) है, जिसमें 60 कार्बन परमाणु फुटबॉल (गेद) जैसी गोलाकार या गुंबदनुमा संरचना में व्यवस्थित होते हैं।
- इसकी संरचना में 12 पंचभुज (Pentagons) और 20 षटभुज (Hexagons) होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- C: यह केवल कार्बन तत्व का प्रतीक (Symbol) है, किसी विशिष्ट फुलेरीन अणु का रासायनिक सूत्र नहीं।
- C0: यह रासायनिक रूप से कोई वास्तविक या मान्य सूत्र नहीं है।
- C6: यह छह कार्बन परमाणुओं को दर्शाता है (जैसे बेंजीन में छल्ले के रूप में), लेकिन यह फुलेरीन का सूत्र नहीं है।
#32. प्रोपेनोन किस समजातिय श्रेणी से संबंधित है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: कीटोन (RRB Level 01 Stage I 10/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रोपेनोन (Propanone – CH3COCH3): इसे सामान्य रूप से एसीटोन (Acetone) कहा जाता है। यह कीटोन समजातीय श्रेणी का सबसे सरल सदस्य है, जिसमें कार्बोनिल समूह ($\text{-CO-}$) दो कार्बन परमाणुओं के बीच जुड़ा होता है।
- इसके आईयूपीएसी (IUPAC) नाम के अंत में ‘ऑन’ (-one) प्रत्यय लगता है। इसका व्यापक उपयोग विलायक (Solvent) के रूप में (जैसे नेल पॉलिश हटाने के लिए) किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ऐल्कोहॉल: यह वह कार्बनिक श्रेणी है जिसमें हाइड्रोक्सिल समूह ($\text{-OH}$) जुड़ा होता है और नाम के अंत में ‘ऑल’ (ol) जुड़ता है (जैसे- प्रोपेनॉल)।
- एल्डिहाइड: यह वह श्रेणी है जिसमें क्रियात्मक समूह श्रृंखला के अंतिम छोर पर ($\text{-CHO}$) होता है और नाम के अंत में ‘अल’ (al) आता है।
- एस्टर: यह कार्बोक्सिलिक अम्ल और ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया से बनने वाला मीठी गंध वाला यौगिक है, जो कीटोन से भिन्न होता है।
#33. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म ऐल्कीन के समजातीय श्रेणी से संबंधित है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: C3H6 और C4H8 (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऐल्कीन की समजातीय श्रेणी (Homologous Series of Alkene): ऐल्कीन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n}$ होता है।
- इस सूत्र के अनुसार:
- जब $n = 3$ हो, तो सूत्र $\text{C}_3\text{H}_6$ (प्रोपीन) बनता है।
- जब $n = 4$ हो, तो सूत्र $\text{C}_4\text{H}_8$ (ब्यूटीन) बनता है।
चूँकि दोनों इस सामान्य नियम का पालन करते हैं और इनके बीच एक $\text{CH}_2$ इकाई का अंतर है, इसलिए यह युग्म ऐल्कीन श्रेणी से संबंधित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- $\text{C}_2\text{H}_6$ और $\text{C}_3\text{H}_{10}$: $\text{C}_2\text{H}_6$ ऐल्केन है और $\text{C}_3\text{H}_{10}$ रासायनिक रूप से अमान्य सूत्र है।
- $\text{C}_4\text{H}_4$ और $\text{C}_2\text{H}_4$: $\text{C}_4\text{H}_4$ सामान्य ऐल्कीन सूत्र ($\text{C}_n\text{H}_{2n}$) के अंतर्गत नहीं आता है।
- $\text{C}_4\text{H}_4$ और $\text{C}_4\text{H}_8$: इनमें $\text{C}_4\text{H}_4$ असंतृप्तता की अलग श्रेणी (जैसे ऐल्काइन या एरोमैटिक का अंश) से है, इसलिए यह सही युग्म नहीं है।
#34. 2- मेथिलप्रोपेन का आणविक सूत्र निम्नलिखित में से किसके समान है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )
✨ सही उत्तर: ब्यूटेन (Butane) (RRB Level 01 Stage I 22/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- 2-मेथिलप्रोपेन (2-Methylpropane): यह सामान्य ब्यूटेन ($\text{C}_4\text{H}_{10}$) का ही एक समावयवी (Isomer) यानी आइसोब्यूटेन है। चूँकि यह ब्यूटेन का ही समावयवी है, इसलिए इसका आणविक सूत्र भी सामान्य ब्यूटेन के समान ही $\text{C}_4\text{H}_{10}$ होता है।
- इसमें मुख्य श्रृंखला में तीन कार्बन और एक पार्श्व श्रृंखला में मेथिल समूह जुड़ा होता है, जिससे कुल कार्बन परमाणुओं की संख्या 4 और हाइड्रोजन की संख्या 10 हो जाती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- पेन्टीन ($\text{C}_5\text{H}_{10}$): यह पाँच कार्बन वाला असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है, जिसका आणविक सूत्र 2-मेथिलप्रोपेन से भिन्न है।
- पेन्टेन ($\text{C}_5\text{H}_{12}$): यह पाँच कार्बन परमाणुओं वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन है, जिसमें कार्बन की संख्या अधिक होती है।
- ब्यूटीन ($\text{C}_4\text{H}_8$): यह चार कार्बन वाला असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है, जिसमें हाइड्रोजन की संख्या 2-मेथिलप्रोपेन से कम होती है।
#35. निम्नलिखित में से कौन-सा हाइड्रोकार्बन संतृप्त है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )
✨ सही उत्तर: ब्यूटेन (Butane) (RRB Level 01 Stage I 09/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ब्यूटेन (Butane – C4H10): यह एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है, जिसमें सभी कार्बन परमाणु केवल एकल बंध (Single bonds) द्वारा आपस में जुड़े होते हैं।
- संतृप्त हाइड्रोकार्बन का सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$ होता है, जहाँ ब्यूटेन के लिए $n = 4$ है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- प्रोपीन (C3H6): यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है, जिसमें कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध (Double bond) पाया जाता है।
- बेंजीन (C6H6): यह एक असंतृप्त चक्रीय एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है जिसमें एकांतर (Alternating) द्विबंध होते हैं।
- ब्यूटीन (C4H8): यह भी एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) श्रेणी का यौगिक है।
#36. पाचन के बाद, प्रोटीन परिवर्तित हो जाता है:
(RRB NTPC CBT-I : 29 Jan 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: अमीनो अम्ल (RRB NTPC CBT-I : 29 Jan 2021 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रोटीन का पाचन: पाचन तंत्र में प्रोटीन का पाचन मुख्य रूप से पेट (आमाशय) और छोटी आंत में एंजाइमों (जैसे पेप्सिन, ट्रिप्सिन) की सहायता से होता है। पाचन के अंत में जटिल प्रोटीन टूटकर सरल और अवशोषित होने योग्य इकाइयों यानी अमीनो अम्ल (Amino Acids) में परिवर्तित हो जाते हैं।
- ये अमीनो अम्ल रक्त द्वारा शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचाए जाते हैं, जहाँ ये नई कोशिकाओं के निर्माण और ऊतकों की मरम्मत में सहायक होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- कार्बोहाइड्रेट: यह भोजन का एक अलग घटक है जो पचने के बाद सरल शर्करा (जैसे ग्लूकोज) में बदलता है, न कि प्रोटीन से।
- छोटी गोलियाँ: यह पाचन की प्रक्रिया से संबंधित कोई वैज्ञानिक शब्द या उत्पाद नहीं है।
- स्टार्च: यह एक प्रकार का पॉलिसैक्राइड (कार्बोहाइड्रेट) है, जिसका पाचन होकर ग्लूकोज बनता है।
#37. कार्बन, अपने सभी अपररूपों में, ऑक्सीजन में जलकर _________ देता है
。(RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड (RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- दहन अभिक्रिया (Combustion): कार्बन अपने सभी अपररूपों (जैसे हीरा, ग्रेफाइट, और फुलेरीन) में ऑक्सीजन ($\text{O}_2$) के साथ गर्म किए जाने पर पूर्ण दहन के फलस्वरुप कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) गैस उत्पन्न करता है।
- चूँकि ये सभी अपररूप शुद्ध कार्बन के ही विभिन्न रूप हैं, इसलिए ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में जलने पर इनका मुख्य और अंतिम उत्पाद हमेशा कार्बन डाइऑक्साइड ही होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- कार्बन मोनोऑक्साइड: यह तब बनती है जब कार्बन का अपूर्ण दहन (Oxygen की कमी में) होता है, न कि पूर्ण दहन पर।
- कार्बोनिक अम्ल: यह तब बनता है जब कार्बन डाइऑक्साइड को पानी में घोला जाता है ($\text{H}_2\text{CO}_3$)।
- मीथेन: यह कार्बन और हाइड्रोजन का यौगिक (ऐल्केन) है, जो कार्बन के ऑक्सीजन में जलने से सीधे उत्पाद के रूप में प्राप्त नहीं होता।
#38. निम्नलिखित में से से पेंटेन का सही सूत्र कौन सा है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: C5H12 (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेंटेन (Pentane): यह पाँच कार्बन परमाणुओं वाला एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है। ऐल्केन श्रेणी का सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$ होता है।
- जब इसमें कार्बन की संख्या $n = 5$ रखी जाती है, तो हाइड्रोजन की संख्या $2(5) + 2 = 12$ होती है। अतः पेंटेन का सही आणविक सूत्र $\text{C}_5\text{H}_{12}$ है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- $\text{C}_5\text{H}_{14}$: यह रासायनिक रूप से कोई मान्य या संभव हाइड्रोकार्बन सूत्र नहीं है (यह ऐल्केन के सामान्य नियम से अधिक हाइड्रोजन दर्शाता है)।
- $\text{C}_5\text{H}_9$: यह एक असंतृप्त या मूलक (Radical) जैसा अधूरा सूत्र है, जो संतृप्त पेंटेन के लिए अमान्य है।
- $\text{C}_5\text{H}_{10}$: यह पाँच कार्बन वाले असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन यानी पेंटीन) या साइक्लोऐल्केन का सूत्र है।
#39. ऐल्कीन श्रेणी के पहले सदस्य का सही सूत्र कौन-सा है?
(RRB JE CBT 2024 16 Dec 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: C2H4 (RRB JE CBT 2024 16 Dec 2024 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऐल्कीन श्रेणी का पहला सदस्य: ऐल्कीन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र CnH2n होता है। चूँकि कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध (Double bond) बनने के लिए कम से कम दो कार्बन परमाणुओं की आवश्यकता होती है, इसलिए इस श्रेणी की शुरुआत $n = 2$ से होती है।
- जब $n = 2$ रखा जाता है, तो यौगिक एथीन (C2H4) बनता है, जो ऐल्कीन श्रेणी का सबसे पहला और सबसे सरल सदस्य है। इसे एथिलीन भी कहा जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- C5H10: यह पाँच कार्बन परमाणुओं वाला ऐल्कीन (पेंटीन) है, जो इस श्रेणी का पहला सदस्य नहीं बल्कि आगे का सदस्य है।
- C3H6: यह तीन कार्बन परमाणुओं वाला ऐल्कीन (प्रोपीन) है, जो इस श्रेणी का दूसरा सदस्य है।
- C4H6: यह चार कार्बन वाला ऐल्काइन श्रेणी का यौगिक है (CnH2n-2), न कि ऐल्कीन।
#40. मैलोनिक अम्ल का IUPAC नाम क्या है?
(RPF SI 2018 : 19 Dec 2018 Shift 3)
✨ सही उत्तर: प्रोपेनेडियोइक अम्ल (Propanedioic acid) (RPF SI 2018 : 19 Dec 2018 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मैलोनिक अम्ल (Malonic Acid): इसे IUPAC प्रणाली में प्रोपेनेडियोइक अम्ल (Propanedioic acid) कहा जाता है। इसका रासायनिक सूत्र $\text{CH}_2(\text{COOH})_2$ होता है, जिसमें तीन कार्बन परमाणु और दोनों सिरों पर कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह ($\text{-COOH}$) होते हैं।
- यह एक डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल है जो शरीर के जैव रासायनिक मार्गों (जैसे फैटी एसिड संश्लेषण) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- हेक्सानेडियोइक अम्ल: यह छह कार्बन वाला डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल है, जिसे सामान्यतः एडिपिक अम्ल (Adipic acid) कहा जाता है।
- इथेनेडियोइक अम्ल: यह दो कार्बन वाला सबसे सरल डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल है, जिसे ऑक्सेलिक अम्ल (Oxalic acid) कहा जाता है।
- मेथेनोइक अम्ल: यह एक कार्बन वाला कार्बोक्सिलिक अम्ल है, जिसे सामान्यतः फॉर्मिक अम्ल (Formic acid) कहा जाता है।
#41. परमाणु ऊर्जा संयंत्र में मंदक के रूप में किस सामग्री का उपयोग किया जाता है, जो न्यूट्रॉन को धीमा कर देता है और उन्हें विखंडन के लायक बनता है?
(RRB JE 24 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: ग्रेफाइट (RRB JE 24 May 2019 Shift 3 CBT 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मंदक (Moderator): परमाणु रिएक्टर में मंदक के रूप में ग्रेफाइट (या भारी जल) का उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य कार्य विखंडन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न तीव्र गति वाले न्यूट्रॉन की गति को धीमा करना है ताकि वे यूरेनियम ($text{U}^{235}$) के साथ आसानी से विखंडन अभिक्रिया जारी रख सकें।
- ग्रेफाइट कार्बन का एक क्रिस्टलीय अपररूप है, जिसकी परतदार संरचना न्यूट्रॉन की गति को प्रभावी ढंग से मंद करने में सहायक होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- बोरॉन: इसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन को अवशोषित करने के लिए नियंत्रक छड़ों (Control rods) के रूप में किया जाता है, न कि मंदक के रूप में।
- बेरिलियम: हालांकि इसका उपयोग भी कुछ विशेष प्रकार के रिएक्टरों में मंदक के रूप में किया जा सकता है, लेकिन इस विकल्प समूह के संदर्भ में मुख्य और सर्वाधिक मान्य उत्तर ग्रेफाइट है।
- सिलिकॉन: यह एक अर्धचालक है जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स (चिप्स आदि) में होता है, परमाणु मंदक के रूप में नहीं।
#42. ग्लाइकोजन शरीर में _________ का संचय रूप है
。(RRB NTPC CBT-I : 5 April 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: कार्बोहाइड्रेट (RRB NTPC CBT-I : 5 April 2021 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ग्लाइकोजन (Glycogen): यह जंतुओं और मानव शरीर में कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज) का संचय (Storage) रूप है। जब शरीर में अतिरिक्त ग्लूकोज होता है, तो यकृत (Liver) और पेशियों (Muscles) में यह ग्लाइकोजन के रूप में जमा हो जाता है।
- शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होने पर यह संचित ग्लाइकोजन पुनः ग्लूकोज में टूटकर ऊर्जा प्रदान करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- लिपिड: यह वसा (Fat) का रूप है जो शरीर में ऊतक के रूप में ऊर्जा संचित करता है, ग्लाइकोजन कार्बोहाइड्रेट से संबंधित है।
- प्रोटीन: प्रोटीन शरीर के निर्माण और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक है, न कि ग्लाइकोजन के रूप में संचित होता है।
- विटामिन: ये सूक्ष्म पोषक तत्व हैं जो चयापचय (Metabolism) को नियंत्रित करते हैं, इनका संचय ग्लाइकोजन के रूप में नहीं होता।
#43. तीन कार्बन परमाणुओं की एक सीधी श्रृंखला जिसमें कोई द्विआबंध नहीं है और पहले कार्बन परमाणु पर – OH प्रकायात्मक समूह है, उसे क्या नाम दिया गया है?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )
✨ सही उत्तर: प्रोपेनॉल (RRB Level 01 Stage I 15/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रोपेनॉल (Propanol – $\text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_2\text{OH}$): चूँकि इस यौगिक में तीन कार्बन परमाणु हैं (इसलिए मूल शब्द ‘प्रोपेन’ होगा) और कोई द्विबंध नहीं है, तथा पहले कार्बन परमाणु पर हाइड्रॉक्सिल समूह ($\text{-OH}$) जुड़ा हुआ है, इसका सही IUPAC नाम **प्रोपेन-1-ओल** या सामान्य रूप से **प्रोपेनॉल** है।
- यह ऐल्कोहॉल समजातीय श्रेणी का सदस्य है, जिसके नाम के अंत में ‘ऑल’ (-ol) प्रत्यय जोड़ा जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- प्रोपेनल: यह एक एल्डिहाइड ($\text{-CHO}$) समूह वाला यौगिक है, जिसमें अंत में ‘अल’ प्रत्यय लगता है, न कि $\text{-OH}$ समूह।
- प्रोपेनेड: यह रसायन विज्ञान में कोई मानक या मान्य नाम नहीं है।
- प्रोपेनोन: यह एक कीटोन ($\text{-CO-}$) है जिसमें कार्बोनिल समूह बीच के कार्बन पर होता है, न कि पहले कार्बन पर $\text{-OH}$ समूह।
#44. निम्नलिखित में से कौन सा एक संतृप्त कार्बन यौगिक है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: ऐल्केन (Alkane) (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऐल्केन (Alkane): यह संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbons) की एक श्रेणी है, जिसमें कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल बंध (Single Bonds) पाए जाते हैं। इनका सामान्य सूत्र $\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$ होता है।
- संतृप्त यौगिकों में कार्बन की सभी संयोजकताएँ एकल बंधों द्वारा संतुष्ट होती हैं, जिसके कारण ये रासायनिक रूप से अपेक्षाकृत कम क्रियाशील होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ऐल्काइन: यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है जिसमें कार्बन-कार्बन के बीच त्रिबंध (Triple Bond) पाया जाता है।
- एथिलीन: यह दो कार्बन वाला एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है जिसमें द्विबंध होता है।
- ऐल्कीन: यह असंतृप्त हाइड्रोकार्बन की श्रेणी है जिसमें कार्बन-कार्बन के बीच कम से कम एक द्विबंध (Double Bond) होता है।
#45. निम्नलिखित में से किस हाइड्रोकार्बन में शाखित श्रृंखला होती है?
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )
✨ सही उत्तर: आइसोब्यूटेन (Isobutane) (RRB Level 01 Stage I 27/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आइसोब्यूटेन (Isobutane – 2-मेथिलप्रोपेन): यह सामान्य ब्यूटेन (C4H10) का ही एक समावयवी (Isomer) है, जिसमें कार्बन परमाणुओं की एक मुख्य श्रृंखला के साथ एक पार्श्व शाखा (मेथिल समूह) जुड़ी होती है। इसलिए, यह एक शाखित-श्रृंखला हाइड्रोकार्बन (Branched-chain hydrocarbon) है।
- शाखा या पार्श्व श्रृंखला उपस्थित होने के कारण इसके भौतिक गुण सीधी श्रृंखला वाले हाइड्रोकार्बन से भिन्न होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- एथीन (C2H4): यह दो कार्बन वाला एक सीधी श्रृंखला का असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है।
- मेथेन (CH4): यह एक-कार्बन वाला सरलतम संतृप्त हाइड्रोकार्बन है, जो सीधी या खुली संरचना में होता है।
- ब्यूटेन (n-Butane): यह चार कार्बन परमाणुओं वाला एक सीधी या रैखिक श्रृंखला (Straight-chain) हाइड्रोकार्बन है, जिसमें कोई शाखा नहीं होती।
#46. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन का अपररूप है, जिसकी संरचना पिंजरे-जैसी ( cage-like structure ) होती है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )
✨ सही उत्तर: फुलरीन (RRB Level 01 Stage I 30/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फुलरीन (Fullerene): यह कार्बन का एक प्रमुख अपररूप है जिसकी संरचना पिंजरे जैसी (Cage-like structure) होती है (जैसे $\text{C}_{60}$, जो फुटबॉल के आकार का होता है)।
- यह कार्बन परमाणुओं के गोलाकार या गुंबदनुमा अणुओं से मिलकर बनता है, जिसमें पंचभुज और षटभुज वलय होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- हीरा (Diamond): यह कार्बन का एक त्रि-आयामी (3D) चतुष्फलकीय कठोर क्रिस्टलीय अपररूप है, न कि पिंजरे जैसी संरचना वाला।
- चारकोल (Charcoal): यह कार्बन का एक अक्रिस्टलीय रूप है, जो लकड़ी या अन्य कार्बनिक पदार्थों के अधूरे दहन से बनता है।
- ग्रेफाइट (Graphite): यह कार्बन का एक परतदार (Layered) अपररूप है, जिसकी संरचना षट्कोणीय जालक (Hexagonal lattice) जैसी होती है।
#47. निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक, संतृप्त हाइड्रोकार्बन है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )
✨ सही उत्तर: साइक्लोहेक्सेन (Cyclohexane) (RRB Level 01 Stage I 14/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- साइक्लोहेक्सेन (Cyclohexane – C6H12): यह एक चक्रीय संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Cycloalkane) है। इसके सभी कार्बन परमाणु आपस में केवल एकल बंधों (Single bonds) द्वारा जुड़े होते हैं, जिसके कारण यह एक संतृप्त यौगिक की श्रेणी में आता है।
- चूँकि इसमें कोई द्विबंध (Double bond) या त्रिबंध (Triple bond) नहीं होता, इसलिए यह संतृप्त हाइड्रोकार्बन का एक सही उदाहरण है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- प्रोपीन (C3H6): यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन) है जिसमें कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध (Double bond) होता है।
- प्रोपाइन (C3H4): यह एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्काइन) है जिसमें त्रिबंध (Triple bond) पाया जाता है।
- बेंजीन (C6H6): यह एक असंतृप्त एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है जिसमें एकांतर (Alternating) द्विबंध होते हैं।
#48. इनमें से किसका उपयोग पेट्रोल के साथ कारों में ईंधन के रूप में किया जाता है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: इथेनॉल (RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- इथेनॉल ($text{C}_2\text{H}_5\text{OH}$): इसका उपयोग पेट्रोल के साथ मिलाकर ऑटोमोबाइल में ईंधन के रूप में (जिसे ‘इथेनॉल सम्मिश्रण’ या Gasohol कहा जाता है) किया जाता है। यह प्रदूषण को कम करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने में मदद करता है।
- इसे जैव-ईंधन (Biofuel) के रूप में भी जाना जाता है जिसे गन्ने के शीरे या अन्य बायोमास के किण्वन (Fermentation) से प्राप्त किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- मीथेन ($\text{CH}_4$): यह प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से घरेलू ईंधन (CNG/PNG) के रूप में होता है, न कि पेट्रोल में मिलाकर कारों में।
- ब्यूटेन ($\text{C}_4\text{H}_{10}$): यह एलपीजी (LPG) का प्रमुख घटक है जो घरेलू सिलेंडरों में भरा जाता है।
- ईथेन ($\text{C}_2\text{H}_6$): यह एक गैसीय हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल उद्योगों में प्लास्टिक (एथिलीन आदि) बनाने के लिए किया जाता है।
#49. जब एथीन ( C 2 H 4 ) निकल उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन ( H 2 ) के साथ अभिक्रिया करता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद बनता है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: एथेन (C2H6) (RRB Technician Grade III 09/03/2026)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- हाइड्रोजनीकरण अभिक्रिया (Hydrogenation): जब एथीन ($\text{C}_2\text{H}_4$) निकेल ($\text{Ni}$) या पैलेडियम जैसे उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन ($\text{H}_2$) के साथ योगशील अभिक्रिया करती है, तो असंतृप्त हाइड्रोकार्बन संतृप्त हाइड्रोकार्बन में बदल जाता है।
- इस रासायनिक प्रक्रिया के फलस्वरूप दो कार्बन वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन यानी एथेन ($\text{C}_2\text{H}_6$) प्राप्त होता है। वनस्पति तेलों से डालडा (वनस्पति घी) बनाने में भी इसी प्रकार की हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- प्रोपीन ($\text{C}_3\text{H}_6$): यह तीन कार्बन वाला यौगिक है, जबकि अभिकर्मक में केवल दो कार्बन (एथीन) हैं, इसलिए कार्बन संख्या नहीं बढ़ सकती।
- एथाइन ($\text{C}_2\text{H}_2$): यह एथीन से भी अधिक असंतृप्त (त्रिबंध वाला) यौगिक है, जो हाइड्रोजन के जुड़ने (हाइड्रोजनीकरण) से नहीं बल्कि हाइड्रोजन के निकलने से बनता है।
- प्रोपेन ($\text{C}_3\text{H}_8$): यह तीन कार्बन वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन है, जो दो कार्बन वाले एथीन के हाइड्रोजनीकरण से प्राप्त नहीं हो सकता।
#50. चीटी के काटने से उत्पन्न फॉर्मिक एसिड के प्रभाव को बेअसर करने के लिए निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जा सकता है?
(RRB NTPC CBT-I : 1 April 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: सोडियम बाईकार्बोनेट (RRB NTPC CBT-I : 1 April 2021 Shift 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फॉर्मिक अम्ल (मेथेनोइक अम्ल – HCOOH): चींटी या मधुमक्खी के डंक में फॉर्मिक अम्ल होता है, जिसके शरीर में प्रवेश करने पर तेज दर्द और जलन महसूस होती है।
- इस अम्लीय प्रभाव को बेअसर (Neutralize) करने के लिए एक दुर्बल क्षार (Mild base) जैसे सोडियम बाईकार्बोनेट (NaHCO3, जिसे बेकिंग सोडा भी कहते हैं) का उपयोग किया जाता है, जो अम्ल के प्रभाव को उदासीन कर देता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3): यह चूना पत्थर या संगमरमर का मुख्य घटक है, जिसका उपयोग डंक के घरेलू उपचार के रूप में सीधे नहीं किया जाता।
- पोटैशियम कार्बोनेट (K2CO3): यह एक तीव्र क्षारीय यौगिक है जिसका उपयोग काँच और उर्वरक उद्योगों में होता है, त्वचा पर प्राथमिक उपचार के लिए उपयुक्त नहीं है।
- सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3): इसे धोने का सोडा (Washing soda) कहा जाता है, जो त्वचा के लिए अत्यधिक क्षारीय और हानिकारक हो सकता है।
#51. ईंधन के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले कार्बन द्वारा निर्मित सबसे सरल यौगिक की पहचान करें。
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: मीथेन (Methane) (RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मीथेन ($\text{CH}_4$): यह कार्बन और हाइड्रोजन द्वारा निर्मित सबसे सरल हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है। यह प्राकृतिक गैस (Natural Gas) और बायोगैस का मुख्य घटक है, जिसका उपयोग ईंधन के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है।
- इसमें एक कार्बन परमाणु चार हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ एकल सहसंयोजक बंध (Covalent bond) द्वारा जुड़ा होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- मेथिल ($\text{-CH}_3$): यह एक ऐल्किल मूलक (Radical) है, जो किसी यौगिक से एक हाइड्रोजन हटने पर बनता है, यह अपने आप में कोई स्वतंत्र पूर्ण यौगिक या ईंधन नहीं है।
- एथेन ($\text{C}_2\text{H}_6$): यह दो कार्बन वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन है, जो मीथेन के बाद अगला सदस्य है (यानी यह सबसे सरल यौगिक नहीं है)।
- प्रोपेन ($\text{C}_3\text{H}_8$): यह तीन कार्बन वाला हाइड्रोकार्बन है, जिसका उपयोग एलपीजी (LPG) में ईंधन के रूप में होता है, लेकिन यह मीथेन से बड़ा यौगिक है।
#52. CH 3 COCH 3 का IUPAC नाम क्या है?
(RRB JE 29 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: प्रोपेनॉन (Propanone) (RRB JE 29 May 2019 Shift 2 CBT 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- $\text{CH}_3\text{COCH}_3$ का IUPAC नाम: इस कार्बनिक यौगिक में कुल 3 कार्बन परमाणु हैं तथा इसमें कीटोन क्रियात्मक समूह ($\text{-CO-}$) मध्यवर्ती कार्बन पर जुड़ा है। IUPAC पद्धति के नियमों के अनुसार 3 कार्बन वाले कीटोन को प्रोपेनॉन कहा जाता है (जहाँ ‘प्रोपेन’ मूल शब्द और ‘ऑन’ प्रत्यय है)।
- यह कीटोन समजातीय श्रेणी का सबसे सरल सदस्य है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- एसीटोन (Acetone): यह इस यौगिक का सामान्य या व्यावसायिक नाम (Common name) है, IUPAC नाम नहीं है।
- प्रोपेन (Propane): यह तीन कार्बन वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है, जिसमें कोई क्रियात्मक समूह नहीं होता।
- डाइमेथिल कीटोन (Dimethyl ketone): यह भी इस यौगिक का एक सामान्य नाम है (जिसमें कार्बोनिल समूह के दोनों तरफ मेथिल समूह होने के आधार पर नामकरण किया गया है), जो IUPAC प्रणाली का नाम नहीं है।
#53. बायोगैस मुख्य रूप से _________ और कार्बनडाइऑक्साइड से बना होता है
。(RRB JE CE 19 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)
✨ सही उत्तर: मीथेन (RRB JE CE 19 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- बायोगैस (Biogas): बायोगैस मुख्य रूप से मीथेन ($\text{CH}_4$) और कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) का मिश्रण होती है। इसमें लगभग 55% से 70% तक मीथेन गैस पाई जाती है, जो इसे एक ज्वलनशील और उत्कृष्ट ईंधन बनाती है।
- यह ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जैविक कचरे (जैसे गोबर, कृषि अवशेष आदि) के अवायवीय किण्वन (Anaerobic digestion) द्वारा तैयार की जाती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- ईथेन: यह प्राकृतिक गैस का एक अन्य घटक हो सकता है, लेकिन यह बायोगैस के प्रमुख घटकों में शामिल नहीं है।
- क्लोरिन: यह एक कीटाणुनाशक और ब्लीचिंग एजेंट के रूप में प्रयुक्त होने वाली हैलोजन गैस है, जो बायोगैस निर्माण में नहीं निकलती।
- मिथाइल आइसोसाइनेट: यह एक अत्यंत विषैला कार्बनिक यौगिक है (जो भोपाल गैस त्रासदी के लिए उत्तरदायी था), जिसका बायोगैस से कोई संबंध नहीं है।
#54. निम्नलिखित में से किस रसायन में फलों की सुगंध आती है?
(RPF Constable 2018 20 Jan 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: एस्टर (RPF Constable 2018 : 20 Jan 2019 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एस्टर (Ester): यह कार्बोक्सिलिक अम्ल और ऐल्कोहॉल की परस्पर अभिक्रिया (एस्ट्रीकरण) से बनने वाला कार्बनिक यौगिक है। एस्टर अपनी मीठी और फलों जैसी सुगंध (Fruity smell) के लिए जाने जाते हैं।
- इनका व्यापक उपयोग इत्र (Perfumes), कृत्रिम सुगंधित पदार्थों और खाद्य पदार्थों में फ्लेवरिंग एजेंट के रूप में किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- फॉर्मेल्डिहाइड ($\text{HCHO}$): यह तीखी और दम घोंटने वाली गंध वाला एक एल्डिहाइड है, जिसका उपयोग नमूनों के संरक्षण (Preservation) में होता है।
- थियोसॉर्टन: यह रसायन विज्ञान में कोई मानक या सामान्य सुगंधित यौगिक नहीं है।
- मेथनॉल ($\text{CH}_3\text{OH}$): यह एक विषैला ऐल्कोहॉल है जिसकी गंध एल्कोहॉलिक होती है, फलों जैसी मीठी सुगंध नहीं।
#55. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, कार्बन के अपररूपों ( allotropes ) का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )
✨ सही उत्तर: वे कार्बन के विभिन्न संरचनात्मक रूप हैं जिनके भौतिक गुणधर्म भिन्न लेकिन रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं। (RRB Level 01 Stage I 05/12/2025)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अपररूपता (Allotropy): जब कोई तत्व दो या दो से अधिक रूपों में पाया जाता है जिनकी रासायनिक संरचना या परमाणुओं की व्यवस्था भिन्न होने के कारण भौतिक गुण (जैसे कठोरता, घनत्व, विद्युत चालकता) अलग-अलग होते हैं, परंतु रासायनिक गुण एकसमान होते हैं, तो उन्हें अपररूप कहा जाता है।
- कार्बन के प्रमुख अपररूपों में हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन शामिल हैं। चूँकि ये सभी शुद्ध कार्बन से बने हैं, इसलिए ऑक्सीजन में जलने पर ये सभी समान रूप से केवल कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) ही बनाते हैं (समान रासायनिक गुण)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- समस्थानिक (Isotopes): यह एक ही तत्व के वे परमाणु होते हैं जिनके परमाणु क्रमांक समान लेकिन द्रव्यमान संख्या (न्यूट्रॉनों की संख्या) भिन्न होती है, यह अपररूप नहीं हैं।
- समावयवी (Isomers): यह यौगिकों के लिए लागू होता है (न कि तत्वों के अपररूपों के लिए), जिनका आणविक सूत्र समान लेकिन संरचनात्मक सूत्र भिन्न होता है।
- विभिन्न तत्वों के यौगिक: अपररूप किसी अन्य तत्व के साथ यौगिक नहीं होते, बल्कि वे किसी एकल तत्व के ही शुद्ध और भिन्न संरचनात्मक रूप होते हैं।
#56. निम्नलिखित में से कौन-सी समजातीय श्रेणी नहीं है?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: C2H4, C2H6, C3H6, C4H8 (RRB JE CBT-I 2024 : 17 Dec 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- समजातीय श्रेणी (Homologous Series): कार्बनिक यौगिकों की वह श्रृंखला जिसमें एक ही क्रियात्मक समूह होता है और दो क्रमिक सदस्यों के बीच हमेशा $-\text{CH}_2-$ (मेथलीन समूह)** का अंतर होता है, समजातीय श्रेणी कहलाती है। इस श्रेणी के सभी सदस्यों का सामान्य सूत्र और रासायनिक गुण समान होते हैं।
- दिए गए विकल्पों में $\text{C}_2\text{H}_4$ (ऐल्कीन)** और **$\text{C}_2\text{H}_6$ (ऐल्केन)** अलग-अलग श्रेणियों से संबंधित हैं, तथा इनके बीच $-\text{CH}_2-$ का नियमित अंतराल और एकसमान सामान्य सूत्र नहीं बनता है। अतः यह कोई समजातीय श्रेणी नहीं है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही समजातीय श्रेणियाँ क्यों हैं?):
- $\text{C}_3\text{H}_7\text{OH}, \text{C}_4\text{H}_9\text{OH}, \dots$: यह ऐल्कोहॉल ($\text{-OH}$) समजातीय श्रेणी है, जिसमें प्रत्येक अगले सदस्य में $-\text{CH}_2-$ की वृद्धि होती है।
- $\text{CH}_4, \text{C}_2\text{H}_6, \text{C}_3\text{H}_8, \text{C}_4\text{H}_{10}$: यह ऐल्केन ($\text{C}_n\text{H}_{2n+2}$) की एक वैध समजातीय श्रेणी है।
- $\text{C}_2\text{H}_2, \text{C}_3\text{H}_4, \text{C}_4\text{H}_6, \text{C}_5\text{H}_8$: यह ऐल्काइन ($\text{C}_n\text{H}_{2n-2}$) की एक सही समजातीय श्रेणी है।
#57. यौगिक CH 3 CH 2 CH 3 का IUPAC नाम है:
(RRB JE 24 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: प्रोपेन (Propane) (RRB JE 24 May 2019 Shift 1 CBT 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रोपेन ($\text{CH}_3\text{CH}_2\text{CH}_3$): इस यौगिक में कुल 3 कार्बन परमाणु हैं, जो केवल एकल बंधों (Single bonds) द्वारा आपस में जुड़े हुए हैं। यह ऐल्केन श्रेणी का तीसरा सदस्य है, जिसका आणविक सूत्र $\text{C}_3\text{H}_8$ और IUPAC नाम प्रोपेन है।
- यह एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन है जिसका व्यापक उपयोग एलपीजी (LPG) में ईंधन के रूप में किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- पेंटेन: यह पाँच कार्बन परमाणुओं वाला ऐल्केन ($\text{C}_5\text{H}_{12}$) है, न कि तीन कार्बन वाला।
- मीथेन: यह एक कार्बन परमाणु वाला सबसे सरल ऐल्केन ($\text{CH}_4$) है।
- ब्यूटेन: यह चार कार्बन परमाणुओं वाला ऐल्केन ($\text{C}_4\text{H}_{10}$) है।
#58. एडिपिक का IUPAC नाम क्या है?
(RPF SI 2018 : 24 Dec, 2018 Shift 1)
✨ सही उत्तर: हेक्सेनडाई ओइक एसिड (Hexanedioic acid) (RPF SI 2018 : 24 Dec, 2018 Shift 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एडिपिक अम्ल (Adipic Acid): इसका रासायनिक सूत्र $\text{HOOC}-(\text{CH}_2)_4-\text{COOH}$ होता है। चूँकि इसमें कुल 6 कार्बन परमाणु (चार श्रृंखला के और दो दोनों सिरों पर स्थित कार्बोक्सिलिक समूहों के) होते हैं और दोनों सिरों पर $-\text{COOH}$ समूह जुड़ा होता है, इसलिए इसका सही IUPAC नाम हेक्सेनडाईओइक अम्ल है।
- यह नायलॉन-6,6 (Nylon-6,6) के निर्माण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कच्चा माल है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
- प्रोपेनडाईओइक अम्ल: यह तीन कार्बन वाला डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल है, जिसे मैलोनिक अम्ल कहा जाता है।
- एथेनडाईओइक अम्ल: यह दो कार्बन वाला डाइकार्बोक्सिलिक अम्ल है, जिसे ऑक्सेलिक अम्ल कहा जाता है।
- ब्यूटेनोइक अम्ल: यह चार कार्बन वाला मोनोकार्बोक्सिलिक अम्ल है, जिसमें केवल एक सिर पर $-\text{COOH}$ समूह होता है।
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