Fuels and Combustion PYQ

 

Results

#1. कोक का महत्वपूर्ण उपयोग क्या है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 1 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (D) धातुओं के निष्कर्षण में एक कारक के रूप में

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोक का उपयोग (Use of Coke): कोक कार्बन का एक शुद्ध और कड़ा रूप है। इसका सबसे महत्वपूर्ण उपयोग धातुकर्म (Metallurgy) में धातुओं के निष्कर्षण के दौरान एक अपचायक (Reducing Agent) के रूप में अयस्कों से ऑक्सीजन को हटाने के लिए किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह ब्लास्ट फर्नेस (धौंकनी भट्टी) में आयरन ऑक्साइड को पिघलाकर लोहा (Iron) प्राप्त करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
    • यह उच्च ऊष्मीय मान वाला ईंधन भी है, लेकिन इसका सबसे विशिष्ट और महत्वपूर्ण औद्योगिक अनुप्रयोग धातुओं के निष्कर्षण में होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 28 May, 2019 Shift 1 CBT 1) में धातु कर्म एवं रसायन विज्ञान के अनुप्रयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) आक्सीकरण कारक के रूप में: गलत, कोक स्वयं एक प्रबल अपचायक (Reducing Agent) के रूप में कार्य करता है, न कि ऑक्सीकारक के रूप में।
  • विकल्प (B) औद्योगिक बॉयलरों के लिए ईंधन के रूप में: गलत, हालांकि इसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जा सकता है, लेकिन इसका सबसे महत्वपूर्ण और विशिष्ट रासायनिक उपयोग धातुओं का निष्कर्षण है।
  • विकल्प (C) घरेलू ओवन में ईंधन के रूप में: गलत, घरेलू स्तर पर कोक का उपयोग नहीं किया जाता क्योंकि यह जलते समय धुआं रहित तीव्र आंच देता है और घरेलू उपकरणों के लिए उपयुक्त नहीं होता।

#2. 1 किलोग्राम ईंधन के पूर्ण दहन से उत्पन्न ऊष्मीय ऊर्जा की मात्रा को क्या कहते हैं?
(RPF Constable 2018 16 Feb 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) कैलोरी मान

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कैलोरी मान (Calorific Value): किसी ईंधन के 1 किलोग्राम के पूर्ण दहन से उत्पन्न होने वाली ऊष्मीय ऊर्जा की मात्रा को उस ईंधन का ‘कैलोरी मान’ कहते हैं। इसे आमतौर पर किलो जूल प्रति किलोग्राम (kJ/kg) में व्यक्त किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जिस ईंधन का कैलोरी मान जितना अधिक होता है, वह उतना ही उत्तम ईंधन माना जाता है।
    • हाइड्रोजन गैस का कैलोरी मान सबसे अधिक होता है, लेकिन अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण इसका भंडारण और उपयोग कठिन होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 16 Feb, 2019 Shift 2) में ईंधन एवं ऊष्मा (Fuels and Heat) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) प्राकृतिक मान: गलत, यह विज्ञान में ईंधन की ऊर्जा दक्षता को मापने के लिए कोई आधिकारिक या मानक पद नहीं है।
  • विकल्प (C) आदर्श मान: गलत, यह केवल एक सामान्य शब्दावली है, न कि 1 किग्रा ईंधन दहन की ऊर्जा मापने का वैज्ञानिक पैमाना।
  • विकल्प (D) दहन ऊष्मा: यद्यपि दहन की प्रक्रिया में ऊष्मा उत्पन्न होती है, किंतु ‘1 किलोग्राम’ ईंधन के निश्चित द्रव्यमान के संदर्भ में ऊष्मीय ऊर्जा की इस मात्रा को विशेष रूप से ‘कैलोरी मान’ (Calorific Value) कहा जाता है।

#3. एथिल अल्कोहल का उपयोग ______ के रूप में किया जाता है।
(RRB JE IT -: 1 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) इनमें से सभी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol / Ethanol – C2H5OH): यह एक कार्बनिक यौगिक है जिसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है। इसकी रासायनिक प्रकृति के कारण यह एक उत्कृष्ट विलायक और ईंधन दोनों के रूप में कार्य करता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह विभिन्न प्रकार के अल्कोहलिक पेय पदार्थों का मुख्य घटक है।
    • प्रयोगशालाओं में स्पिरिट लैंप और ऑटोमोबाइल में ईंधन (जैसे पेट्रोल के साथ मिलाकर बायो-इथेनॉल) के रूप में इसका उपयोग होता है।
    • यह कार्बनिक और अकार्बनिक यौगिकों को घोलने के लिए एक अच्छे विलायक (Solvent) के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE IT : 1 June, 2019 Shift 3) में कार्बनिक रसायन और यौगिकों के उपयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ: यह कथन सही है, किंतु विकल्प (A) ‘इनमें से सभी’ होने के कारण यह अकेला पूर्ण उत्तर नहीं है।
  • विकल्प (C) विलायक: यह भी सही है क्योंकि यह एक अच्छा विलायक है, लेकिन अन्य विकल्प भी सही हैं।
  • विकल्प (D) स्पिरिट लैंप में ईंधन: यह भी सही है क्योंकि इसका उपयोग ईंधन के रूप में होता है, इसलिए सभी विकल्प सही होने के कारण सही उत्तर (A) होगा।

#4. क्रमशः CNG और LPG का पूर्ण रूप क्या है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) संपीडित प्राकृतिक गैस और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस एंड लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • CNG और LPG का पूर्ण रूप (Full Forms):
    • CNG (Compressed Natural Gas): इसे हिंदी में ‘संपीडित प्राकृतिक गैस’ कहा जाता है। यह मुख्य रूप से मीथेन (Methane) से बनी होती है और इसका उपयोग वाहनों में स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जाता है।
    • LPG (Liquefied Petroleum Gas): इसे हिंदी में ‘द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस’ कहा जाता है। यह प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से घरेलू रसोई घरों में ईंधन के रूप में होता है।
  • मुख्य बिंदु: ये दोनों ही पर्यावरण के अनुकूल जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) के रूप में जाने जाते हैं जो पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2) में सामान्य विज्ञान एवं ऊर्जा स्रोतों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A): गलत, क्योंकि इसमें LPG का पूर्ण रूप ‘द्रवीकृत दबाव गैस’ दिया गया है जबकि सही शब्द ‘पेट्रोलियम गैस’ है।
  • विकल्प (B): गलत, इसमें CNG का पूर्ण रूप ‘संपीडित तटस्थ गैस’ दिया गया है जो वैज्ञानिक रूप से अशुद्ध है।
  • विकल्प (C): गलत, इसमें CNG के लिए गलत नाम ‘तटस्थ गैस’ का प्रयोग किया गया है।

#5. आजकल, सड़कों को पक्का करने के लिए डामर के स्थान पर निम्नलिखित में से किस पेट्रोलियम उत्पाद का उपयोग किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) बिटुमेन (Bitumen)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बिटुमेन (Bitumen): यह पेट्रोलियम परिष्करण (Petroleum Refining) के दौरान प्राप्त होने वाला एक गाढ़ा, काला और चिपचिपा हाइड्रोकार्बन उत्पाद है। आजकल सड़कों के निर्माण और उन्हें पक्का करने (Surfacing) के लिए पारंपरिक डामर के स्थान पर मुख्य रूप से बिटुमेन का उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह जलरोधक (Waterproof) होता है और सड़कों पर भारी वाहनों के दबाव को सहने की उच्च क्षमता रखता है।
    • इसे अक्सर सड़क निर्माण में बाइंडिंग एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08 Dec, 2025) में पेट्रोलियम उत्पादों और उनके उपयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) नैप्थलीन (Naphthalene): गलत, इसका उपयोग मुख्य रूप से कीट-नाशक (जैसे फिनाइल की गोलियों) और रासायनिक उद्योगों में कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
  • विकल्प (B) कोक (Coke): गलत, कोक कार्बन का एक ठोस रूप है जिसका उपयोग धातुओं के निष्कर्षण में अपचायक के रूप में होता है, न कि सड़क निर्माण में।
  • विकल्प (C) पैराफिन मोम (Paraffin wax): गलत, इसका उपयोग मोमबत्तियां, मलहम, और ग्रीस बनाने के लिए किया जाता है।



#6. पावर अल्कोहल ______ और एथिल अल्कोहल का मिश्रण है।
(RRB NTPC CBT-I : 22 Feb 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) पेट्रोल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पावर अल्कोहल (Power Alcohol): यह मुख्य रूप से पेट्रोल और एथिल अल्कोहल (एथेनॉल) का एक विशेष मिश्रण होता है, जिसका उपयोग आंतरिक दहन इंजन (Internal Combustion Engines) में ईंधन के रूप में किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • आम तौर पर इसमें लगभग 80% पेट्रोल और 20% एथिल अल्कोहल (साथ में बेंजीन या कोई अन्य सह-विलायक) मिलाया जाता है ताकि ईंधन की दक्षता और ऑक्टेन संख्या (Octane Number) बढ़ाई जा सके।
    • यह पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों की खपत को कम करने और पर्यावरण प्रदूषण को घटाने में मददगार है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 22 Feb, 2021 Shift 1) में ईंधन और रासायनिक मिश्रण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) सरसों: गलत, सरसों एक तिलहन फसल है जिसका तेल निकाला जाता है, इसका पावर अल्कोहल से कोई संबंध नहीं है।
  • विकल्प (C) डीजल: गलत, डीजल का उपयोग भारी वाहनों और अलग प्रकार के इंजनों में होता है; पावर अल्कोहल मुख्य रूप से पेट्रोल के साथ बनता है।
  • विकल्प (D) केरोसिन (मिट्टी का तेल): गलत, केरोसिन एक अलग पेट्रोलियम उत्पाद है जिसे पावर अल्कोहल के निर्माण में मुख्य घटक के रूप में नहीं मिलाया जाता।

#7. वह पदार्थ जो वायु में जलता है, उसे कहते क्या हैं?
(RPF Constable 2018 14 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (B) दहनशील

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • दहनशील पदार्थ (Combustible Substance): वे पदार्थ जो वायु (या ऑक्सीजन) में जलकर ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करते हैं, ‘दहनशील पदार्थ’ कहलाते हैं। उदाहरण के लिए: लकड़ी, कागज, कोयला, केरोसिन आदि।
  • मुख्य बिंदु:
    • दहन (Combustion) एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कोई पदार्थ ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऊष्मा और प्रकाश छोड़ता है।
    • किसी पदार्थ के जलने के लिए तीन मुख्य आवश्यकताएं होती हैं: दहनशील पदार्थ, हवा (ऑक्सीजन), और उसका ज्वलन ताप (Ignition Temperature)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 14 Feb, 2019) में रसायन विज्ञान एवं दहन प्रक्रिया के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) ज्वलनशील: हालांकि यह भी आग पकड़ने से जुड़ा है, लेकिन वैज्ञानिक शब्दावली में अत्यधिक आसानी से और तुरंत आग पकड़ने वाले पदार्थों (जैसे पेट्रोल, एलपीजी) को ज्वलनशील (Flammable) कहा जाता है, जबकि सामान्य रूप से जलने वाले पदार्थों के लिए ‘दहनशील’ शब्द का प्रयोग होता है।
  • विकल्प (C) नवीकरणीय: गलत, यह ऊर्जा के उन स्रोतों से संबंधित है जो प्राकृतिक रूप से दोबारा उत्पन्न हो सकते हैं।
  • विकल्प (D) गैर नवीकरणीय: गलत, यह सीमित मात्रा में उपलब्ध ऊर्जा संसाधनों (जैसे कोयला, पेट्रोलियम) को दर्शाता है।

#8. एक लौ तीन भागों से बनी होती है: सबसे अंदरूनी भाग, बीच का भाग और सबसे बाहरी भाग। सबसे अंदरूनी भाग काला क्यों होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 22 Feb 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) अनजले कार्बन कणों की उपस्थिति के कारण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मोमबत्ती की लौ के भाग (Parts of a Flame): किसी ईंधन या मोमबत्ती की लौ मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित होती है:
    • सबसे अंदरूनी भाग (Dark Zone): यह बत्ती के ठीक चारों ओर का क्षेत्र होता है जो काले रंग का दिखाई देता है।
    • मध्य भाग (Luminous Zone): यह पीले रंग का चमकीला भाग होता है जहाँ आंशिक दहन होता है।
    • सबसे बाहरी भाग (Non-luminous Zone): यह नीले रंग का सबसे गर्म भाग होता है जहाँ ईंधन का पूर्ण दहन होता है।
  • काले रंग का मुख्य कारण: सबसे अंदरूनी भाग में ऑक्सीजन की अनुपस्थिति के कारण ईंधन वाष्प का दहन नहीं हो पाता है, जिससे वहाँ अनजले कार्बन कणों (Unburnt Carbon Particles) की अधिकता हो जाती है। यही कारण है कि यह क्षेत्र काला और सबसे कम गर्म होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 22 Feb, 2021 Shift 2) में दहन और ज्वाला (Combustion and Flame) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) ईंधन के पूर्ण दहन के कारण: गलत, पूर्ण दहन सबसे बाहरी नीले क्षेत्र में होता है, न कि अंदरूनी काले भाग में।
  • विकल्प (B) ईंधन के अपूर्ण दहन के कारण: हालांकि वहाँ दहन नहीं होता, लेकिन रंग काला होने का प्रत्यक्ष वैज्ञानिक कारण वहाँ मौजूद ‘अनजले कार्बन कणों’ की उपस्थिति है।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण: गलत, सबसे अंदरूनी भाग में ऑक्सीजन की आपूर्ति न्यूनतम या अनुपस्थित होती है।

#9. निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) प्रकाश संश्लेषण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction): वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें ऊर्जा (या ऊष्मा) का अवशोषण होता है, उसे ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं। प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया है क्योंकि पौधे भोजन बनाने के लिए सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का अवशोषण करते हैं, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी नहीं है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction): ऐसी अभिक्रिया जिसमें उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा या ऊर्जा बाहर निकलती है।
    • श्वसन, प्राकृतिक गैस का दहन, और प्रबल अम्ल का पानी में तनुकरण (Dilution) – ये सभी ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाओं के उदाहरण हैं जिनमें ऊष्मा मुक्त होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3) में रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार (Types of Chemical Reactions) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) प्रबल अम्ल का तनुकरण: यह एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है क्योंकि एसिड में पानी मिलाने पर भारी मात्रा में ऊष्मा निकलती है।
  • विकल्प (C) श्वसन: यह भी एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है जिसमें ग्लूकोज के टूटने से हमारे शरीर को ऊर्जा (ऊष्मा) मिलती है।
  • विकल्प (D) प्राकृतिक गैस का दहन: दहन हमेशा ऊष्माक्षेपी होता है क्योंकि इसमें आग जलने से ऊर्जा और ऊष्मा मुक्त होती है।

#10. गैस स्टोव की लौ नीली क्यों जलती है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 13 Jun, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) ईंधन का पूर्ण दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैसीय दहन और नीली लौ (Blue Flame): गैस स्टोव में बर्नर के छेदों के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है, जिससे एलपीजी (LPG) या प्राकृतिक गैस का पूर्ण दहन (Complete Combustion) होता है। पूर्ण दहन के परिणामस्वरूप नीले रंग की लौ उत्पन्न होती है जो सबसे अधिक गर्म होती है और धुआं नहीं छोड़ती।
  • मुख्य बिंदु:
    • गैस स्टोव के बर्नर के छिद्र (Air Holes) बंद हो जाने पर ऑक्सीजन की कमी के कारण पीली और धुएँदार लौ जलने लगती है, जो अपूर्ण दहन को दर्शाती है।
    • नीली लौ यह सुनिश्चित करती है कि ईंधन पूरी तरह से ऊर्जा में परिवर्तित हो रहा है और बर्तन काले नहीं पड़ रहे हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 13 Jun, 2025 Shift 1) में दहन प्रक्रिया और ऊर्जा दक्षता के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) हवा में हाइड्रोजन की उपस्थिति: गलत, एलपीजी मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, न कि हवा में हाइड्रोजन की उपस्थिति के कारण नीली लौ जलती है।
  • विकल्प (C) खतरनाक दहन: गलत, नीली लौ खतरनाक नहीं बल्कि सबसे सुरक्षित और प्रभावी पूर्ण दहन का प्रतीक है।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन की कमी: गलत, ऑक्सीजन की कमी होने पर लौ पीली और धुएँदार हो जाती है, जबकि नीली लौ प्रचुर ऑक्सीजन मिलने (पूर्ण दहन) पर जलती है।



#11. ऐल्कोहॉल को पेट्रोल की तुलना में स्वच्छ ईंधन क्यों माना जाता है?
(RRB JE 20/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) इससे कम धुआं निकलता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऐल्कोहॉल और दहन (Alcohol and Combustion): एथेनॉल या मेथनॉल जैसे ऐल्कोहॉल ईंधनों को ‘ऑक्सीकृत ईंधन’ (Oxygenated Fuels) कहा जाता है क्योंकि इनकी आणविक संरचना में पहले से ही ऑक्सीजन शामिल होती है (जैसे एथेनॉल: C2H5OH)।
  • मुख्य बिंदु:
    • अन्तरनिहित ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण इसका पूर्ण दहन (Complete Combustion) आसानी से होता है, जिससे यह कार्बन डाइऑक्साइड और जल वाष्प में बदल जाता है।
    • पेट्रोल की तुलना में इसके जलने से बहुत कम कणिकीय पदार्थ और कालिख उत्पन्न होती है, इसलिए इससे कम धुआं निकलता है और यह एक स्वच्छ ईंधन माना जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 20 Feb, 2026 Shift 3) में पर्यावरण और वैकल्पिक ईंधनों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) यह कम तापमान पर जलता है: गलत, ऐल्कोहॉल के स्वच्छ ईंधन होने का कारण इसका प्रज्वलन तापमान नहीं, बल्कि इसकी रासायनिक संरचना के कारण होने वाला पूर्ण दहन है।
  • विकल्प (C) यह ऑक्सीजन के बिना जलता है: गलत, विज्ञान के नियम के अनुसार कोई भी ईंधन ऑक्सीजन के बिना नहीं जल सकता, दहन के लिए हमेशा ऑक्सीजन आवश्यक होती है।
  • विकल्प (D) यह उच्च ऊर्जा प्रदान करता है: गलत, वास्तव में ऐल्कोहॉल का ऊर्जा घनत्व (कैलोरी मान) पेट्रोल की तुलना में कम होता है, इसलिए यह उच्च ऊर्जा नहीं बल्कि कम प्रदूषण व धुआं देने के लिए जाना जाता है।

#12. निम्नलिखित में से कौन सा पेट्रोलियम शोधन का उत्पाद नहीं है?
(RRB JE CBT-2 2024 CMA : 22 Apr, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) प्राकृतिक गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्राकृतिक गैस (Natural Gas): प्राकृतिक गैस पेट्रोलियम शोधन (Petroleum Refining / Fractional Distillation) से प्राप्त होने वाला उत्पाद नहीं है। यह पृथ्वी के नीचे पेट्रोलियम भंडारों के साथ स्वतंत्र रूप से पाई जाती है (मुख्य रूप से मीथेन), जबकि अन्य सभी विकल्प कच्चे तेल के प्रभाजी आसवन द्वारा अलग किए जाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • कच्चे तेल (Petroleum) के प्रभाजी आसवन से एस्फाल्ट (डामर), केरोसिन, स्नेहन तेल (Lubricating oil), डीजल, पेट्रोल और पैराफिन मोम जैसे उत्पाद प्राप्त होते हैं।
    • प्राकृतिक गैस एक अलग जीवाश्म ईंधन है जो तेल के कुओं के ऊपर गैस के रूप में जमा रहती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-2 2024 CMA : 22 Apr, 2025 Shift 1) में पेट्रोलियम और उसके उत्पादों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) asphalt (डामर): यह पेट्रोलियम शोधन का अंतिम अवशेष उत्पाद है जिसका उपयोग सड़क निर्माण में होता है।
  • विकल्प (B) केरोसिन: यह भी कच्चे तेल के प्रभाजी आसवन से प्राप्त होने वाला एक प्रमुख ईंधन उत्पाद है।
  • विकल्प (D) स्नेहन तेल (Lubricating oil): यह भी पेट्रोलियम परिष्करण के दौरान प्राप्त होता है जिसका उपयोग मशीनों में घर्षण कम करने के लिए किया जाता है।

#13. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ बिना ज्वाला के जलता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) चारकोल (Charcoal)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बिना ज्वाला के जलने वाले पदार्थ: वे ठोस ईंधन जो गर्म होने पर वाष्प (Vapor) में परिवर्तित नहीं होते, वे दहन के समय ज्वाला (Flame) उत्पन्न नहीं करते बल्कि केवल लाल होकर चमकते (Glow) हैं। चारकोल (Charcoal) और कोक इसी श्रेणी में आते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • ज्वाला केवल उन्हीं पदार्थों के जलने पर बनती है जो दहन के दौरान वाष्पशील (Vaporizable) होते हैं (जैसे गैस, द्रव या पिघलने वाले ठोस)।
    • चारकोल ठोस रूप में सीधे ऑक्सीजन के संपर्क में आकर सुलगता है, इसलिए यह बिना किसी लौ या ज्वाला के जलता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08 Dec, 2025) में दहन और ज्वाला (Combustion and Flame) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) पेट्रोल (Petrol): गलत, पेट्रोल एक तरल ईंधन है जो वाष्पीकृत होकर चमकीली ज्वाला के साथ जलता है।
  • विकल्प (B) LPG: गलत, यह एक गैसीय ईंधन है जो पूरी तरह से नीली ज्वाला (Flame) के साथ जलता है।
  • विकल्प (D) मोम (Wax): गलत, मोमबत्ती की बत्ती पर मोम पिघलकर वाष्प बनता है और एक स्पष्ट ज्वाला उत्पन्न करता है।

#14. जब कोयले का भंजक आसवन किया जाता है, तो हवा की उपस्थिति में उसे तेजी से गर्म करना है, तो कौन सा उत्पाद प्राप्त होता है?
(RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) कोक

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोयले का भंजक आसवन (Destructive Distillation of Coal): जब कोयले को हवा (ऑक्सीजन) की अनुपस्थिति में उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है, तो इस प्रक्रिया को भंजक आसवन कहते हैं। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप कोक, कोलतार (Coal tar) और कोयला गैस (Coal gas) जैसे उत्पाद प्राप्त होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • कोक (Coke): यह कार्बन का एक कठोर, छिद्रयुक्त और लगभग शुद्ध रूप है जो भंजक आसवन के पश्चात पीछे बचा रहता है।
    • इसका उपयोग मुख्य रूप से धातुकर्म (Metallurgy) में धातुओं के निष्कर्षण के दौरान अपचायक के रूप में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 2 June, 2019 Shift 3) में कोयला और उसके उत्पादों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) डीजल: गलत, डीजल पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से प्राप्त होने वाला उत्पाद है, न कि कोयले के भंजक आसवन से।
  • विकल्प (C) पेट्रोल: गलत, पेट्रोल भी कच्चे तेल (पेट्रोलियम) के परिष्करण से मिलता है।
  • विकल्प (D) मिट्टी का तेल (Kerosene): गलत, यह भी पेट्रोलियम शोधन का ही एक तरल उत्पाद है।

#15. निम्नलिखित में से किस गुणधर्म के कारण एथेनॉल, पेट्रोल की तुलना में एक बेहतर वैकल्पिक ईंधन होता है?
(RRB JE CBT I 02/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) एथेनॉल का दहन स्वच्छ, धुआं रहित ज्वाला के साथ होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथेनॉल बतौर वैकल्पिक ईंधन (Ethanol as Alternative Fuel): एथेनॉल ($C_2H_5OH$) एक ऑक्सीकृत ईंधन है जिसकी आणविक संरचना में ऑक्सीजन पहले से मौजूद होती है। इस वजह से इसका पूर्ण दहन बहुत आसानी से होता है और यह पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में एक स्वच्छ, धुआं रहित ज्वाला के साथ जलता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह पर्यावरण के अनुकूल है क्योंकि इसके जलने से ग्रीनहाउस गैसों और हानिकारक कणों (कालिख/धुएं) का उत्सर्जन काफी कम होता है।
    • इसे पेट्रोल के साथ मिलाकर (जैसे E20 ईंधन) वाहनों में उपयोग किया जा रहा है ताकि जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाई जा सके।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 02 Dec, 2025) में पर्यावरण हितैषी और वैकल्पिक ईंधनों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) एथेनॉल एक ठोस ईंधन है: गलत, एथेनॉल कमरे के तापमान पर एक तरल (Liquid) अवस्था में पाया जाने वाला कार्बनिक यौगिक है।
  • विकल्प (B) एथेनॉल का क्वथनांक, पेट्रोल से उच्च होता है: गलत, क्वथनांक इसका बेहतर ईंधन होने का मुख्य वैज्ञानिक कारण नहीं है, बल्कि इसका कम प्रदूषण और स्वच्छ दहन होना इसकी मुख्य विशेषता है।
  • विकल्प (D) एथेनॉल के दहन पर हानिकारक धुआँ उत्पन्न होता है: गलत, इसके विपरीत एथेनॉल पेट्रोल की तुलना में बहुत कम धुआं और कम हानिकारक गैसें उत्पन्न करता है।



#16. आमतौर पर विरंजक चूर्ण का उपयोग ______ किया जाता है?
(RRB JE 19/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) पानी को कीटाणुहरित करने के लिए

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder – रासायनिक नाम: कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड, CaOCl2): यह एक हल्के पीले रंग का चूर्ण होता है जिसमें क्लोरीन की तीव्र गंध आती है। पानी में मिलाने पर यह क्लोरीन गैस मुक्त करता है जो रोगाणुओं को नष्ट करती है।
  • मुख्य उपयोग:
    • इसका सबसे महत्वपूर्ण उपयोग पीने वाले पानी को कीटाणुमुक्त (Disinfectant) करने और रोगाणु रहित बनाने के लिए किया जाता है।
    • इसके अलावा इसका उपयोग वस्त्र उद्योग (कॉटन और लेनिन के विरंजन के लिए), कागज उद्योग (लकड़ी की लुगदी के विरंजन के लिए) और कई रासायनिक कारखानों में ऑक्सीकारक के रूप में होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 19 Feb, 2026) में रासायनिक यौगिकों और उनके दैनिक जीवन में उपयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) एक मधुरक के रूप में: गलत, मधुरक (Sweeteners) जैसे सैकरीन या एस्पार्टेम का उपयोग खाद्य पदार्थों को मीठा करने के लिए किया जाता है।
  • विकल्प (B) साबुन बनाने के लिए: गलत, साबुन के निर्माण में वसा या तेल के साथ कास्टिक सोडा (सोडियम हाइड्रोक्साइड) या कास्टिक पोटाश का उपयोग किया जाता है।
  • विकल्प (D) ईंधन के रूप में: गलत, विरंजक चूर्ण एक रोगाणुनाशक और विरंजन रासायनिक यौगिक है, इसका उपयोग ऊर्जा या ईंधन के रूप में नहीं किया जाता।

#17. वह कौन सा दहन है जिसमें कोई भी पदार्थ बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक आग में बदल जाता है?
(RPF Constable 2018 16 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (A) स्वतः दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्वतः दहन (Spontaneous Combustion): वह दहन जिसमें कोई पदार्थ बिना किसी बाहरी प्रत्यक्ष अग्नि या चिंगारी के, अपने आप अचानक आग पकड़ लेता है, उसे ‘स्वतः दहन’ कहते हैं। यह तब होता है जब पदार्थ का तापमान उसके ज्वलन तापमान तक पहुँच जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • उदाहरण के लिए, फास्फोरस सामान्य कमरे के तापमान पर ही हवा में स्वतः जल उठता है।
    • कोयला खदानों में कोयले के चूर्ण का अपने आप सुलग उठना या गर्मियों में जंगलों में सूखी घास के कारण लगने वाली आग भी इसके कुछ प्राकृतिक उदाहरण हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 16 Feb, 2019) में दहन और उसके प्रकार (Types of Combustion) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) विस्फोटक दहन: गलत, इसमें किसी बाहरी प्रज्वलन के बाद अचानक अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा, प्रकाश और गैस के साथ धमाका होता है (जैसे पटाखा)।
  • विकल्प (C) तीव्र दहन: गलत, इसमें माचिस की तीली या गैस लाइटर जैसी बाहरी ऊर्जा देने पर पदार्थ तुरंत तेजी से जलने लगता है।
  • विकल्प (D) धीमा दहन: गलत, यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो बहुत लंबी अवधि में धीरे-धीरे होती है (जैसे लोहे पर जंग लगना या शरीर में भोजन का पचना)।

#18. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन सामान्यतः कैसी ज्वाला उत्पन्न करते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) काले धूम के साथ पीली ज्वाला

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated Hydrocarbons): वे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन-कार्बन के बीच द्विबंध (Double bond) या त्रिबंध (Triple bond) होते हैं (जैसे एल्कीन और एल्काइन), असंतृप्त हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं।
  • दहन की प्रकृति:
    • इनमें हाइड्रोजन की तुलना में कार्बन का प्रतिशत अधिक होता है। वायु में जलाने पर पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने के कारण इनका अपूर्ण दहन होता है।
    • अपूर्ण दहन के कारण अनजले कार्बन कण गर्म होकर चमकते हैं, जिससे काले धूम (कालिख) के साथ पीली ज्वाला उत्पन्न होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10 Feb, 2026) में हाइड्रोकार्बन और उनके दहन के गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) स्वच्छ नीली ज्वाला: गलत, स्वच्छ नीली ज्वाला आमतौर पर संतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे मीथेन या एथेन) के पूर्ण दहन पर मिलती है।
  • विकल्प (C) चमक के साथ श्वेत ज्वाला: गलत, यह सामान्य रासायनिक दहन का मानक प्रकार नहीं है।
  • विकल्प (D) कोई ज्वाला नहीं: गलत, हाइड्रोकार्बन जलने पर हमेशा कोई न कोई ज्वाला (जैसे नीली या पीली) अवश्य उत्पन्न करते हैं।

#19. विद्युत-मिश्रित यौगिक सामान्यतः ______ में घुलनशील होते हैं।
(RPF Constable 2018 15 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (C) पानी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विद्युत-संयोजी या आयनिक यौगिक (Ionic Compounds): ये यौगिक इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बने धनात्मक और ऋणात्मक आयनों के बीच मजबूत स्थिर वैद्युत आकर्षण बल (Electrostatic Force) द्वारा निर्मित होते हैं।
  • घुलनशीलता (Solubility):
    • आयनिक यौगिक सामान्यतः पानी (Water) जैसे ध्रुवीय विलायक (Polar Solvents) में अत्यधिक घुलनशील होते हैं, क्योंकि पानी के अणु इनके आयनों के बीच के आकर्षण बल को कमजोर कर देते हैं।
    • इसके विपरीत, ये केरोसिन, पेट्रोल और डीजल जैसे अध्रुवीय (Non-polar) विलायकों में अघुलनशील होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 15 Feb, 2019) में रासायनिक आबंधन (Chemical Bonding) और यौगिकों के गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) डीजल: गलत, डीजल एक अध्रुवीय कार्बनिक विलायक है जिसमें आयनिक या विद्युत-संयोजी यौगिक घुलनशील नहीं होते।
  • विकल्प (B) मिट्टी का तेल (Kerosene): गलत, यह भी एक अध्रुवीय विलायक है जो आयनिक यौगिकों को नहीं घोलता।
  • विकल्प (D) पेट्रोल: गलत, पेट्रोल भी अध्रुवीय प्रकृति का होने के कारण विद्युत-मिश्रित यौगिकों के लिए उपयुक्त विलायक नहीं है।

#20. ऊष्मा ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए जिन सामग्रियों को जलाया जाता है, उन्हें क्या नाम दिया जाता है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) ईंधन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ईंधन (Fuel): ऊष्मा ऊर्जा (Heat Energy) या अन्य प्रकार की ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए जिन दहनशील सामग्रियों को जलाया जाता है, उन्हें ‘ईंधन’ कहा जाता है। उदाहरण के लिए: लकड़ी, कोयला, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी आदि।
  • मुख्य बिंदु:
    • एक आदर्श ईंधन वह होता है जिसका कैलोरी मान उच्च हो, प्रज्वलन ताप उचित हो और जो जलने के बाद न्यूनतम हानिकारक अवशेष व प्रदूषण छोड़े।
    • ईंधन भौतिक अवस्था के आधार पर ठोस (Solid), द्रव (Liquid) और गैस (Gas) तीनों रूपों में पाए जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May, 2019 Shift 3 CBT 1) में ईंधन और ऊर्जा स्रोतों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) जैवपदार्थ: गलत, हालांकि कुछ जैवपदार्थों का उपयोग ईंधन के रूप में होता है, लेकिन सभी ईंधन जैवपदार्थ नहीं होते (जैसे कोयला और पेट्रोलियम खनिज आधारित हैं)।
  • विकल्प (C) रसायन: गलत, यह एक अत्यंत व्यापक शब्द है; सभी ईंधन रासायनिक पदार्थ हो सकते हैं, लेकिन प्रत्येक रसायन को ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए नहीं जलाया जाता।
  • विकल्प (D) गैस: गलत, ईंधन केवल गैसीय रूप में ही नहीं बल्कि ठोस और द्रव अवस्था में भी होते हैं।



#21. कार्बन के किस गुणधर्म के कारण वह स्वयं एवं अन्य तत्वों के साथ आबंध बनाकर बड़ी संख्या में यौगिक बनाता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) श्रृंखलावन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • श्रृंखलावन (Catenation / श्रृंखलायन): कार्बन परमाणु में स्वयं अपने ही अन्य परमाणुओं के साथ मजबूत सहसंयोजक आबंध (Covalent Bonds) बनाकर लंबी श्रृंखलाएं, शाखित श्रृंखलाएं या वलय (Rings) बनाने की एक अद्वितीय क्षमता होती है। इस गुणधर्म को ‘श्रृंखलावन’ कहते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसी विशिष्ट गुण के कारण कार्बन हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और हैलोजन जैसे अन्य तत्वों के साथ मिलकर लाखों की संख्या में कार्बनिक यौगिक (Organic Compounds) का निर्माण करता है।
    • कार्बन की चतुःसंयोजकता (Tetravalency) भी इसके यौगिकों की संख्या बढ़ाने में मदद करती है, किंतु स्वयं के साथ आबंध बनाने की प्रमुख विशेषता श्रृंखलावन कहलाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10 Feb, 2026) में कार्बन और उसके यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) दहन: गलत, दहन कार्बन या अन्य ईंधनों के जलने की रासायनिक प्रक्रिया है, न कि आबंध बनाने का गुण।
  • विकल्प (B) चतुःसंयोजकता: हालांकि कार्बन की संयोजकता 4 होती है, किंतु ‘स्वयं एवं अन्य तत्वों के साथ आबंध बनाकर बड़ी संख्या में श्रृंखलाएं’ बनाने का मुख्य गुण ‘श्रृंखलावन’ के अंतर्गत आता है।
  • विकल्प (D) समावयवता (Isomerism): यह एक ऐसी परिघटना है जिसमें यौगिकों का आणविक सूत्र समान होता है लेकिन संरचनात्मक सूत्र भिन्न होते हैं।

#22. जब हाइड्रोकार्बन को जलाया जाता है तो नीली, अप्रकाशित लौ क्या दर्शाती है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026)

✨ सही उत्तर: (A) उच्च तापमान के साथ पूर्ण दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हाइड्रोकार्बन का दहन और नीली लौ (Combustion of Hydrocarbons & Blue Flame): जब किसी हाइड्रोकार्बन को पर्याप्त ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलाया जाता है, तो उसका पूर्ण दहन (Complete Combustion) होता है। इसके परिणामस्वरूप नीली और अप्रकाशित (Non-luminous) लौ उत्पन्न होती है, जो उच्च तापमान और अधिकतम ऊर्जा दक्षता को दर्शाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • संतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे मीथेन, प्रोपेन) आमतौर पर पर्याप्त हवा मिलने पर नीली लौ के साथ जलते हैं।
    • यह इस बात का प्रतीक है कि ईंधन पूरी तरह से जलकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल वाष्प में परिवर्तित हो रहा है तथा कोई हानिकारक कालिख या धुआं नहीं छोड़ रहा है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10 Feb, 2026) में दहन प्रक्रिया और हाइड्रोकार्बन के गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) बिना जले कार्बन की उपस्थिति: गलत, बिना जले कार्बन कणों की उपस्थिति के कारण पीली और धुएँदार लौ बनती है, नीली लौ नहीं।
  • विकल्प (C) ऑक्सीजन की कमी: गलत, ऑक्सीजन की कमी होने पर अपूर्ण दहन होता है जिससे पीली लौ और कालिख उत्पन्न होती है।
  • विकल्प (D) अपूर्ण दहन और कालिक निर्माण: गलत, यह स्थिति अपूर्ण दहन को दर्शाती है जबकि नीली लौ पूर्ण दहन की सूचक होती है।

#23. क्या होता है जब एक नैफ्थलीन बॉल को खुली जगह में धातु की प्लेट में जला दिया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) यह धातु की प्लेट पर काले कज्जी निक्षेप के साथ पीली ज्वाला के साथ जलता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नैफ्थलीन बॉल का दहन (Combustion of Naphthalene Ball): नैफ्थलीन ($C_{10}H_8$) एक सुगंधित (Aromatic) हाइड्रोकार्बन है जिसमें कार्बन की मात्रा हाइड्रोजन की तुलना में बहुत अधिक होती है। जब इसे खुली हवा में जलाया जाता है, तो प्रचुर ऑक्सीजन की कमी के कारण इसका अपूर्ण दहन होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • असंतृप्त और उच्च कार्बन अनुपात वाले यौगिक होने के कारण यह धुएँदार, चमकीली पीली ज्वाला के साथ जलता है।
    • जलने के दौरान अनजले कार्बन कण कालिख के रूप में नीचे बैठ जाते हैं, जिससे धातु की प्लेट पर काले कज्जी (Soot) के निक्षेप बन जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27 Nov, 2025) में हाइड्रोकार्बन के दहन और उनके गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A): गलत, क्योंकि नैफ्थलीन के जलने पर धातु की प्लेट पर बिना किसी निक्षेप के नहीं, बल्कि काले कज्जी के निशान (निक्षेप) अवश्य बनते हैं।
  • विकल्प (C): गलत, यह नीली ज्वाला के साथ नहीं बल्कि पीली और धुएँदार ज्वाला के साथ जलता है क्योंकि नीली ज्वाला पूर्ण दहन को दर्शाती है।
  • विकल्प (D): गलत, इसमें नीली ज्वाला नहीं बल्कि पीली ज्वाला उत्पन्न होती है।

#24. सल्फाइड अयस्कों को अधिक वायु की उपस्थिति में प्रबलता से गर्म करके ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है। इस प्रक्रिया को किस रूप में जाना जाता है:
(RRB NTPC CBT-I : 18 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) रोस्टिंग (भर्जन)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रोस्टिंग या भर्जन (Roasting): धातुकर्म (Metallurgy) में सल्फाइड अयस्कों को उनके गलनांक बिंदु से कम तापमान पर, वायु (ऑक्सीजन) की प्रचुर मात्रा या अधिक उपस्थिति में तीव्रता से गर्म करके धातु ऑक्साइड में बदलने की प्रक्रिया को ‘रोस्टिंग’ कहा जाता है। इस प्रक्रम के दौरान सल्फर डाइऑक्साइड गैस बाहर निकलती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसके विपरीत, कार्बोनेट या हाइड्रॉक्साइड अयस्कों को वायु की अनुपस्थिति या सीमित आपूर्ति में गर्म करने की प्रक्रिया को ‘निस्तापन’ (Calcination) कहा जाता है।
    • भर्जन का उपयोग मुख्य रूप से सल्फाइड अयस्कों (जैसे जिंक ब्लेंड या कॉपर पाइराइट्स) से धातु के ऑक्साइड प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 18 Jan, 2021 Shift 2) में धातुकर्म एवं अयस्कों के निष्कर्षण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) बर्निंग: गलत, यह सामान्य दहन (Burning) के लिए उपयोग होने वाला आम शब्द है, न कि धातुकर्म की विशिष्ट रासायनिक प्रक्रिया।
  • विकल्प (B) हीटिंग: गलत, यह केवल सामान्य रूप से ऊष्मा देने की क्रिया है, जबकि इस विशेष प्रक्रम का वैज्ञानिक नाम रोस्टिंग है।
  • विकल्प (D) ब्लेज़िंग: गलत, यह रसायन विज्ञान या धातुकर्म में इस प्रक्रिया के लिए कोई मान्य शब्द नहीं है।

#25. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन यौगिक सामान्य परिस्थितियों में नीली, गैर-कज्जली लौ ( non-sooty flame) के साथ जलता है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) एथेनॉल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथेनॉल का दहन (Combustion of Ethanol): एथेनॉल ($C_2H_5OH$) एक ऐसा कार्बन यौगिक है जिसकी आणविक संरचना में ऑक्सीजन पहले से मौजूद होती है। पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने के कारण इसका पूर्ण दहन (Complete Combustion) होता है, जिसके परिणामस्वरूप यह सामान्य परिस्थितियों में नीली और गैर-कज्जली (non-sooty) लौ के साथ जलता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • संतृप्त और ऑक्सीकृत हाइड्रोकार्बन होने के कारण यह जलते समय कालिख या धुआं नहीं छोड़ता है।
    • यह पर्यावरण के अनुकूल एक स्वच्छ ईंधन का बेहतरीन उदाहरण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 01 Dec, 2025) में कार्बन यौगिकों के दहन और उनके गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) डीजल: गलत, डीजल भारी हाइड्रोकार्बन का मिश्रण है जो अपूर्ण दहन के कारण धुएँदार और पीली लौ उत्पन्न करता है।
  • विकल्प (C) मिट्टी का तेल (Kerosene): गलत, यह भी कज्जली (sooty) लौ के साथ जलता है क्योंकि इसमें कार्बन का प्रतिशत अधिक होता है।
  • विकल्प (D) चारकोल: गलत, चारकोल वाष्पशील न होने के कारण बिना किसी ज्वाला (Flame) के केवल सुलगकर चमकता है।



#26. निम्नलिखित प्रक्रियाओं में से कौन-सी प्रक्रिया उत्क्रमणीय प्रक्रिया का एक उदाहरण है?
(RRB JE ME 31 Aug 2019 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (B) विद्युत अपघटन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उत्क्रमणीय प्रक्रिया (Reversible Process): वह प्रक्रिया जो अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस लौट सकती है और जिसमें सिस्टम तथा उसके परिवेश में कोई स्थायी परिवर्तन नहीं होता, उत्क्रमणीय प्रक्रिया कहलाती है। विद्युत अपघटन (Electrolysis) की विशिष्ट इलेक्ट्रोड प्रतिक्रियाएँ अत्यधिक तीव्र और संतुलन क्षमता के बहुत निकट होती हैं, जिसके कारण इन्हें सैद्धांतिक रूप से उत्क्रमणीय प्रक्रियाओं के अंतर्गत माना जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस प्रक्रिया में विद्युत धारा प्रवाहित करके आयनिक पदार्थों को विघटित किया जाता है, और उचित परिस्थितियों में इसके विपरीत रासायनिक प्रभाव भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
    • इसके विपरीत, प्राकृतिक रूप से होने वाली अधिकांश भौतिक और रासायनिक क्रियाएं जैसे दहन या ऊष्मा का सहज स्थानांतरण अपरिवर्तनीय (Irreversible) होती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME : 31 Aug, 2019 CBT 2) में ऊष्मागतिकी और रासायनिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) ऊष्मा स्थानांतरण: वास्तविक परिस्थितियों ( finite temperature difference) में होने वाला ऊष्मा स्थानांतरण हमेशा अपरिवर्तनीय (Irreversible) होता है।
  • विकल्प (C) दहन: दहन एक अत्यंत तीव्र और एकतरफा रासायनिक प्रक्रिया है, जिससे जलने के बाद प्रारंभिक उत्पादों को पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता।
  • विकल्प (D) प्लास्टिक विरूपण: प्लास्टिक विरूपण (Plastic Deformation) एक स्थायी परिवर्तन है जिसमें बल हटाने के बाद भी वस्तु अपनी वास्तविक आकृति को पुनः प्राप्त नहीं कर पाती।

#27. किस प्रकार के कोयले में कार्बन का प्रतिशत सर्वाधिक होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 9 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) एन्थ्रेसाइट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एन्थ्रेसाइट कोयला (Anthracite Coal): यह कोयला का सबसे उच्च गुणवत्ता वाला और सबसे कठोर रूप होता है जिसमें कार्बन की मात्रा सर्वाधिक (लगभग 85% से 95% तक) पाई जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसमें नमी और वाष्पशील पदार्थ बहुत कम होते हैं, जिसके कारण यह जलते समय न्यूनतम धुआं और अधिकतम ऊष्मा उत्पन्न करता है।
    • कोयला बनने की प्रक्रिया में कार्बन की मात्रा के आधार पर इसके चार प्रमुख प्रकार होते हैं: पीट (सबसे निम्न कोटि), लिग्नाइट, बिटुमिनस, और एन्थ्रेसाइट (सर्वोत्तम कोटि)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 9 Jan, 2021 Shift 2) में ऊर्जा के स्रोत एवं खनिज संसाधनों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) बिटुमिनस: गलत, इसमें कार्बन की मात्रा लगभग 70% से 80% होती है; यह सबसे अधिक उपयोग होने वाला सामान्य कोयला है लेकिन एन्थ्रेसाइट से कम कार्बन रखता है।
  • विकल्प (B) लिग्नाइट: गलत, इसे भूरा कोयला (Brown Coal) भी कहते हैं जिसमें कार्बन की मात्रा कम (लगभग 60% से 70%) और नमी अधिक होती है।
  • विकल्प (C) पीट: गलत, यह कोयला बनने की पहली अवस्था है जिसमें कार्बन की मात्रा सबसे कम (लगभग 50% से 60%) होती है।

#28. निम्नलिखित में से किस जीवाश्म ईंधन में ब्यूटेन इसका मुख्य घटक होता है?
(RRB JE CBT I -: 1 June 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) LPG

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एलपीजी (LPG – Liquefied Petroleum Gas): यह मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन हाइड्रोकार्बन का मिश्रण होती है, जिसमें ब्यूटेन (Butane) इसका एक प्रमुख और मुख्य घटक होता है। इसे उच्च दबाव पर द्रवीकृत करके सिलेंडरों में भरा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह गंधहीन गैस होती है, इसलिए इसमें सुरक्षा की दृष्टि से लीकेज का पता लगाने के लिए एथिल मर्कैप्टेन (Ethyl Mercaptan) नामक गंधयुक्त यौगिक मिलाया जाता है।
    • घरेलू रसोई गैस के रूप में इसका व्यापक उपयोग किया जाता है क्योंकि यह जलने पर अत्यधिक ऊष्मा देती है और धुआं नहीं छोड़ती।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 1 June, 2019 Shift 1) में जीवाश्म ईंधनों एवं उनके घटकों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) प्राकृतिक गैस: गलत, प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक मीथेन (Methane) होता है, न कि ब्यूटेन।
  • विकल्प (C) कोयला: गलत, कोयला कार्बन का एक ठोस जीवाश्म रूप है जिसमें विभिन्न जटिल यौगिक होते हैं।
  • विकल्प (D) ईंधन तेल: गलत, ईंधन तेल भारी हाइड्रोकार्बन का मिश्रण होता है जो पेट्रोलियम शोधन से प्राप्त होता है।

#29. एक पीली चमकदार ज्वाला सामान्यतः निम्नलिखित में से किसका संकेत है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) अदग्ध कार्बन कणों के साथ अपूर्ण दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पीली चमकदार ज्वाला (Yellow Luminous Flame): जब किसी ईंधन या हाइड्रोकार्बन को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है, तो उसका अपूर्ण दहन (Incomplete Combustion) होता है। इस प्रक्रिया में अनजले कार्बन कण (Unburnt Carbon Particles) अत्यधिक गर्म होकर चमकते हैं, जिसके कारण एक पीली और चमकदार ज्वाला उत्पन्न होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह ज्वाला नीली लौ की तुलना में कम गर्म होती है और इसके जलने पर बर्तन काले पड़ सकते हैं क्योंकि यह कालिख (Soot) छोड़ती है।
    • मोमबत्ती का मध्य भाग या कम हवा में जलने वाले चूल्हे इसी प्रकार की पीली लौ का उदाहरण हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12 Dec, 2025) में दहन और ज्वाला के गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) पूर्ण दहन: गलत, पूर्ण दहन के दौरान हमेशा नीली और अप्रकाशित (non-luminous) लौ उत्पन्न होती है, न कि पीली।
  • विकल्प (B) धातुओं का दहन: गलत, धातुओं के जलने पर अक्सर विशिष्ट रंगों की तीव्र चमक (जैसे मैग्नीशियम की श्वेत चमकदार लौ) मिलती है, जो सामान्य हाइड्रोकार्बन की पीली लौ से भिन्न होती है।
  • विकल्प (D) कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण: हालांकि दहन में कार्बन डाइऑक्साइड बनती है, लेकिन ‘पीली चमकदार ज्वाला’ का मुख्य प्रत्यक्ष कारण ‘अदग्ध कार्बन कणों के साथ अपूर्ण दहन’ है।

#30. साबुन का हाइड्रोफिलिक सिरा निम्नलिखित में से किसके साथ प्रतिक्रिया करता है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • साबुन की संरचना (Structure of Soap): साबुन के अणु लंबे श्रृंखला वाले कार्बोक्जिलिक एसिड के सोडियम या पोटेशियम लवण होते हैं। इसके अणु के दो मुख्य भाग होते हैं:
    • हाइड्रोफिलिक सिरा (Hydrophilic End / जल-रागी सिरा): यह आयनिक सिरा होता है (जैसे $-COO^- Na^+$) जो जल के प्रति आकर्षित होता है और जल में घुलनशील होता है।
    • हाइड्रोफोबिक सिरा (Hydrophobic End / जल-विरागी सिरा): यह हाइड्रोकार्बन श्रृंखला होती है जो तेल या मैल के प्रति आकर्षित होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सफाई की प्रक्रिया के दौरान साबुन का हाइड्रोफिलिक सिरा पानी (जल) के साथ अंतःक्रिया करता है जबकि हाइड्रोफोबिक सिरा तेल या मैल से चिपक जाता है।
    • इस प्रकार यह मिसेल (Micelle) का निर्माण करके कपड़ों से गंदगी को साफ करने में मदद करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2) में कार्बन यौगिकों के अनुप्रयोग और मिसेल निर्माण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोकार्बन: गलत, हाइड्रोकार्बन श्रृंखला जल-विरागी (Hydrophobic) होती है, न कि हाइड्रोफिलिक।
  • विकल्प (C) जल और तेल दोनों: गलत, हाइड्रोफिलिक सिरा विशेष रूप से केवल पानी के साथ प्रतिक्रिया करता है, जबकि तेल के साथ हाइड्रोफोबिक सिरा जुड़ता है।
  • विकल्प (D) तेल: गलत, तेल के साथ साबुन का हाइड्रोफोबिक (जल-विरागी) सिरा प्रतिक्रिया करता है, हाइड्रोफिलिक सिरा नहीं।



#31. खाना पकाते समय यदि बर्तन की बाह्य सतह काली हो जाए, तो यह क्या इंगित करता है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 22/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) ईंधन का दहन अपूर्ण है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपूर्ण दहन और कालिख (Incomplete Combustion and Soot): जब चूल्हा या बर्नर के छिद्र बंद हो जाते हैं, तो ईंधन को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इस कारण से ईंधन का अपूर्ण दहन (Incomplete Combustion) होता है, जिसके फलस्वरूप अनजले कार्बन कण कालिख (Soot) के रूप में बर्तन की बाहरी सतह पर जमा हो जाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • बर्तन के काला होने का सीधा अर्थ यह है कि बर्नर को पर्याप्त हवा (ऑक्सीजन) नहीं मिल रही है।
    • यदि बर्नर के छिद्रों को साफ कर दिया जाए ताकि उचित मात्रा में ऑक्सीजन मिले, तो ईंधन का पूर्ण दहन होगा और बर्तन काले नहीं पड़ेंगे।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate CBT 1 : 22 Mar, 2026) में दहन प्रक्रिया और ईंधन के उपयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) अंदर का भोजन अधपका है: गलत, बर्तन का काला होना सीधे तौर पर ईंधन के जलने की प्रक्रिया से जुड़ा है, भोजन के पकने की स्थिति से नहीं।
  • विकल्प (B) ईंधन पूर्णतः जल गया है: गलत, यदि ईंधन पूरी तरह जल जाता (पूर्ण दहन), तो नीली लौ निकलती और बर्तन बिल्कुल काले नहीं होते।
  • विकल्प (D) ईंधन में नमी उपस्थित है: गलत, हालांकि नमी से कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन मुख्य और प्रत्यक्ष वैज्ञानिक कारण ईंधन का अपूर्ण दहन और कालिख बनना है।

#32. संयंत्रों में जीवाश्म ईंधन की किस ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (A) रासायनिक ऊर्जा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊर्जा रूपांतरण (Energy Conversion in Thermal Power Plants): जीवाश्म ईंधन (जैसे कोयला, पेट्रोलियम, और प्राकृतिक गैस) के अणुओं के बीच रासायनिक बंधों में ऊर्जा संचित रहती है, जिसे रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • तापीय विद्युत संयंत्रों (Thermal Power Plants) में इन ईंधनों को जलाकर इनकी रासायनिक ऊर्जा को पहले ऊष्मीय ऊर्जा (Heat Energy) में बदला जाता है।
    • इस ऊष्मा से पानी को भाप में बदलकर टरबाइन घुमाई जाती है (यांत्रिक ऊर्जा), अंततः जनरेटर के माध्यम से इसे विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में परिवर्तित किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May, 2019 Shift 2 CBT 1) में ऊर्जा रूपांतरण और विद्युत उत्पादन के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) ज्वारीय ऊर्जा: गलत, ज्वारीय ऊर्जा समुद्र के ज्वार-भाटे से प्राप्त की जाती है, न कि जीवाश्म ईंधनों से।
  • विकल्प (C) जलविद्युत ऊर्जा: गलत, जलविद्युत ऊर्जा बहते हुए या ऊँचाई पर संग्रहित पानी की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) का उपयोग करके बनाई जाती है।
  • विकल्प (D) सौर ऊर्जा: गलत, सौर ऊर्जा सीधे सूर्य के प्रकाश (फोटॉनों) से प्राप्त होती है, जीवाश्म ईंधनों से नहीं।

#33. पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के आधार पर, रासायनिक उर्वरकों और खादों के बीच मुख्य अंतर क्या है?
(RRB JE 20/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) खाद धीरे-धीरे पोषक तत्व मुक्त करती है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • खाद (Manure) बनाम रासायनिक उर्वरक (Chemical Fertilizers): खाद एक प्राकृतिक जैविक पदार्थ है जो पौधों और पशुओं के कचरे के अपघटन से प्राप्त होती है, जबकि उर्वरक कारखानों में तैयार रासायनिक यौगिक होते हैं।
  • पोषक तत्वों की मुक्ति की प्रक्रिया:
    • खाद: यह मिट्टी में मिलने के बाद सूक्ष्मजीवों द्वारा धीरे-धीरे अपघटित होती है, जिससे पौधों को लंबे समय तक धीरे-धीरे पोषक तत्व प्राप्त होते रहते हैं।
    • उर्वरक: ये पानी में अत्यधिक घुलनशील होते हैं और पौधों को तुरंत पोषक तत्व प्रदान करते हैं, लेकिन इनका प्रभाव लंबे समय तक टिकने के बजाय जल्दी समाप्त हो जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 20 Feb, 2026) में कृषि विज्ञान एवं उर्वरक प्रबंधन के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) खादों में पोषक तत्वों की सांद्रता अधिक और परिवर्तनशीलता कम होती है: गलत, खादों में पोषक तत्वों की सांद्रता रासायनिक उर्वरकों की तुलना में कम होती है।
  • विकल्प (B) रासायनिक उर्वरक, जैविक गतिविधि को बढ़ाते हैं: गलत, रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी के लाभदायक सूक्ष्मजीवों और जैविक गतिविधि को नुकसान पहुँचाता है, जबकि खाद जैविक गतिविधि को बढ़ाती है।
  • विकल्प (D) पारंपरिक रासायनिक उर्वरक धीरे-धीरे पोषक तत्व मुक्त करते हैं: गलत, रासायनिक उर्वरक पानी में शीघ्र घुल जाते हैं और तेजी से पोषक तत्व छोड़ते हैं, धीरे-धीरे नहीं।

#34. संतृप्त हाइड्रोकार्बन के जलने से किस प्रकार की ज्वाला उत्पन्न होगी?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) स्वच्छ ज्वाला (Clean flame)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • संतृप्त हाइड्रोकार्बन का दहन (Combustion of Saturated Hydrocarbons): संतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे एल्केन श्रेणी के मीथेन, एथेन आदि) में कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल आबंध (Single bonds) होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • पर्याप्त ऑक्सीजन (वायु) की उपस्थिति में इनका पूर्ण दहन (Complete Combustion) होता है।
    • पूर्ण दहन के परिणामस्वरूप यह नीली और स्वच्छ ज्वाला (Clean flame) उत्पन्न करते हैं, जो बिना किसी धुएं या कालिख के जलती है और अत्यधिक ऊष्मा प्रदान करती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09 Mar, 2026) में हाइड्रोकार्बन के दहन और उनके रासायनिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) कज्जली ज्वाला (Sooty flame): गलत, कज्जली ज्वाला असंतृप्त हाइड्रोकार्बन के अपूर्ण दहन के कारण उत्पन्न होती है।
  • विकल्प (C) पीली ज्वाला (Yellow flame): गलत, पीली और चमकदार ज्वाला भी ऑक्सीजन की कमी और अपूर्ण दहन को दर्शाती है।
  • विकल्प (D) हरी ज्वाला (Green flame): गलत, हरी ज्वाला सामान्य हाइड्रोकार्बन दहन की विशेषता नहीं है, बल्कि यह कुछ विशिष्ट लवणों (जैसे तांबे के यौगिकों) की उपस्थिति में देखी जाती है।

#35. एक स्पैचुला पर नैप्थलीन के जलने से ______ उत्पन्न होती है।
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) कालिक युक्त ज्वाला

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नैप्थलीन का दहन (Combustion of Naphthalene): नैप्थलीन (C10H8) एक सुगंधित (Aromatic) हाइड्रोकार्बन है जिसमें कार्बन की मात्रा हाइड्रोजन की तुलना में बहुत अधिक होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • खुली हवा में जब इसे स्पैचुला पर जलाया जाता है, तो प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन न मिलने के कारण इसका अपूर्ण दहन (Incomplete Combustion) होता है।
    • उच्च कार्बन अनुपात और अपूर्ण दहन के कारण यह धुआँ छोड़ती हुई चमकीली पीली ज्वाला के साथ जलती है और अंत में कालिक युक्त (Sooty) अवशेष या धुआं उत्पन्न करती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 3) में हाइड्रोकार्बन के दहन गुणधर्म के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) लाल ज्वाला: गलत, हाइड्रोकार्बन के सामान्य दहन में लाल रंग की मानक ज्वाला नहीं बनती है।
  • विकल्प (B) स्वच्छ ज्वाला: गलत, स्वच्छ और नीली ज्वाला केवल संतृप्त हाइड्रोकार्बन के पूर्ण दहन पर मिलती है, जबकि नैप्थलीन एक उच्च कार्बन यौगिक है।
  • विकल्प (C) पीली ज्वाला: यद्यपि इसमें पीली ज्वाला भी उत्पन्न होती है, तथापि यह कालिक (Soot) और धुएँ के साथ जलती है, इसलिए ‘कालिक युक्त ज्वाला’ इसका अधिक सटीक और संपूर्ण उत्तर है।



#36. पादप सामग्री से कोयले के निर्माण के दौरान, लाखों वर्षों तक उच्च दाब और ताप के अंतर्गत रासायनिक और भौतिक परिवर्तनों का एक अनुक्रम घटित होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा, कोयले के निर्माण के दौरान कार्बन की मात्रा में क्रमिक वृद्धि को सही प्रकार से निरूपित करता है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) पीट → लिग्नाइट → बिटुमेनी → एन्थ्रेसाइट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोयले का निर्माण (Carbonisation): लाखों वर्ष पूर्व भूगर्भ में दबी वानस्पतिक और पादप सामग्री पर उच्च दाब तथा ताप के प्रभाव से रासायनिक और भौतिक परिवर्तन हुए, जिन्हें कार्बोनीकरण कहा जाता है। इसके परिणामस्वरूप कोयले की विभिन्न किस्में विकसित हुईं।
  • कार्बन की मात्रा का क्रमिक बढ़ता क्रम:
    • पीट (Peat): यह कोयले के निर्माण की प्रथम अवस्था है जिसमें कार्बन की मात्रा सबसे कम (लगभग 50% से 60%) और नमी सर्वाधिक होती है।
    • लिग्नाइट (Lignite): इसे भूरा कोयला भी कहते हैं; इसमें कार्बन की मात्रा लगभग 60% से 70% होती है।
    • बिटुमिनस (Bituminous): यह सामान्य उपयोग का कोयला है जिसमें कार्बन की मात्रा लगभग 70% से 80% होती है।
    • एन्थ्रेसाइट (Anthracite): यह कोयले का सबसे उच्चतम और शुद्धतम रूप है जिसमें कार्बन की मात्रा सर्वाधिक (लगभग 85% से 95%) होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 06 Mar, 2026) में जीवाश्म ईंधनों और उनके वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A): गलत, इसमें एन्थ्रेसाइट को बीच में रखा गया है जबकि यह कार्बन की अधिकतम मात्रा वाला अंतिम चरण होता है।
  • विकल्प (B): गलत, इसमें बिटुमिनस और लिग्नाइट के क्रम को उलट दिया गया है (लिग्नाइट के बाद बिटुमिनस आता है)।
  • विकल्प (D): गलत, लिग्नाइट को शुरुआत में रखकर और पीट को उसके बाद बताकर क्रम को पूरी तरह अशुद्ध कर दिया गया है क्योंकि पीट सबसे प्रारंभिक अवस्था है।

#37. निम्नलिखित में से कौन-सा, रासायनिक ऊर्जा के ऊष्मा ऊर्जा में रूपांतरण का सर्वोत्तम उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) लकड़ी का जलना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक ऊर्जा का ऊष्मा ऊर्जा में रूपांतरण: लकड़ी एक जैव-ईंधन (Biomass fuel) है जिसके रासायनिक बंधों में रासायनिक ऊर्जा संचित रहती है। जब लकड़ी को जलाया जाता है, तो दहन (Combustion) प्रक्रिया के माध्यम से इसकी रासायनिक ऊर्जा सीधे ऊष्मा ऊर्जा और प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ईंधन का जलना एक रासायनिक परिवर्तन है जिसमें संचित रासायनिक ऊर्जा तापीय ऊर्जा (ऊष्मा) उत्पन्न करती है।
    • यह दैनिक जीवन में रासायनिक ऊर्जा के ऊष्मा ऊर्जा में बदलने का सबसे प्रमुख और प्रत्यक्ष उदाहरण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27 Nov, 2025) में ऊर्जा रूपांतरण और भौतिक-रासायनिक परिवर्तनों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) विद्युत से चलने वाली मोटर: गलत, यह विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) को यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) में परिवर्तित करती है।
  • विकल्प (C) बैटरी द्वारा बल्ब जलाना: गलत, इसमें रासायनिक ऊर्जा पहले विद्युत ऊर्जा में और तत्पश्चात प्रकाश व ऊष्मा ऊर्जा में बदलती है।
  • विकल्प (D) सौर कुकर से भोजन गरम करना: गलत, यह सौर ऊर्जा (सौर विकिरण) को सीधे ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित करता है।

#38. निम्नलिखित गैसों में से किसका ऊष्मीय मान उच्चतम है?
(RRB JE 23 May 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) हाइड्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हाइड्रोजन का ऊष्मीय मान (Calorific Value of Hydrogen): हाइड्रोजन गैस का कैलोरी मान (ऊष्मीय मान) सभी गैसीय और सामान्य ईंधनों में सबसे अधिक होता है (लगभग 1,50,000 kJ/kg)।
  • मुख्य बिंदु:
    • किसी ईंधन के एकांक द्रव्यमान के पूर्ण दहन से जितनी ऊष्मा ऊर्जा प्राप्त होती है, उसे उसका ऊष्मीय मान कहते हैं।
    • उच्च ऊष्मीय मान होने के बावजूद इसे almacenar (संग्रहीत) करने और परिवहन में सुरक्षा संबंधी कठिनाइयों के कारण सामान्य घरेलू ईंधन के रूप में उपयोग नहीं किया जाता, हालांकि यह रॉकेट ईंधन और भविष्य का स्वच्छ ईंधन माना जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 23 May, 2019 Shift 3) में ईंधनों के ऊष्मीय मान और ऊर्जा स्रोतों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) रसोई गैस (LPG): गलत, एलपीजी का ऊष्मीय मान हाइड्रोजन की तुलना में काफी कम होता है।
  • विकल्प (C) प्राकृतिक गैस: गलत, प्राकृतिक गैस (मुख्यतः मीथेन) का कैलोरी मान हाइड्रोजन से कम होता है।
  • विकल्प (D) मीथेन: गलत, मीथेन का ऊष्मीय मान भी हाइड्रोजन की अपेक्षा कम होता है।

#39. जब हम रसोईघर में गैस स्टोव के पास जलती हुई माचिस की तीली लाते हैं और गैस स्टोव का नॉब चालू करते हैं, तो किस प्रकार का दहन होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 16 Jun, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) तीव्र दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तीव्र दहन (Rapid Combustion): जब किसी ईंधन को जलने के लिए बाह्य ऊष्मा (जैसे जलती हुई माचिस की तीली) दी जाती है और वह तेजी से जलकर भारी मात्रा में ऊष्मा तथा प्रकाश उत्पन्न करता है, तो इसे तीव्र दहन कहा जाता है। गैस स्टोव का जलना इसका एक बेहतरीन उदाहरण है।
  • मुख्य बिंदु:
    • एलपीजी (LPG) जैसी गैसें हवा की उपस्थिति में माचिस की तीली या लाइटर की हल्की सी चिंगारी पाते ही तुरंत जलने लगती हैं।
    • दहन के विभिन्न प्रकारों में— स्वतःस्फूर्त दहन (बिنا बाहरी मदद के अपने आप जलना जैसे फॉस्फोरस का जलना), तीव्र दहन (गैस या एलपीजी का जलना), और मंद दहन (लोहे में जंग लगना आदि) शामिल हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 16 Jun, 2025 Shift 2) में दहन के प्रकार और रासायनिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) स्वतःस्फूर्त दहन: गलत, इसमें पदार्थ को बाहर से आग या माचिस दिखाने की आवश्यकता नहीं होती, यह सामान्य तापमान पर ही हवा में स्वतः जल उठता है।
  • विकल्प (B) धीमी दहन: गलत, धीमी दहन बहुत मंद गति से होती है जिसमें तेजी से लौ या ऊष्मा उत्पन्न नहीं होती (जैसे शरीर में भोजन का पचना)।
  • विकल्प (D) विलंबित दहन: गलत, यह दहन के प्रकारों में कोई मानक वैज्ञानिक श्रेणी नहीं है।

#40. कोक का महत्वपूर्ण उपयोग क्या है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 1 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (D) धातुओं के निष्कर्षण में एक कारक के रूप में

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोक का उपयोग और गुण (Uses of Coke): कोक कार्बन का एक कठोर, सरंध्र (porous) और शुद्धतम रूप है, जिसे कोयले के भंजक आसवन (destructive distillation) द्वारा प्राप्त किया जाता है.
  • मुख्य बिंदु:
    • धातुओं के निष्कर्षण (Metallurgy) में कोक का उपयोग मुख्य रूप से एक सशक्त अपचायक कारक (Reducing Agent) के रूप में किया जाता है, जो अयस्कों से ऑक्सीजन को हटाकर शुद्ध धातु प्राप्त करने में मदद करता है.
    • इसके अलावा इसका उपयोग इस्पात (Steel) के औद्योगिक निर्माण तथा जल गैस व प्रोड्यूसर गैस जैसे गैसीय ईंधनों के निर्माण में भी होता है.
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 28 May, 2019 Shift 1 CBT 1) में धातुकर्म एवं कार्बन के यौगिकों के अनुप्रयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) ऑक्सीकरण कारक के रूप में: गलत, कोक एक अच्छा अपचायक (Reducing agent) है, ऑक्सीकरण कारक नहीं।
  • विकल्प (B) औद्योगिक बॉयलरों के लिए ईंधन के रूप में: हालांकि यह ईंधन के रूप में भी काम आता है, किंतु धातुकर्म में इसका सबसे महत्वपूर्ण और विशिष्ट उपयोग अपचायक या निष्कर्षण कारक के रूप में होता है।
  • विकल्प (C) घरेलू ओवन में ईंधन के रूप में: गलत, कठोर कोक बहुत कठिनाई से सुलगता है और घरेलू ईंधन के रूप में इसका उपयोग नहीं किया जाता (घरेलू उपयोग के लिए मृदु कोक या अन्य ईंधन होते हैं).



#41. 1 किलोग्राम ईंधन के पूर्ण दहन से उत्पन्न ऊष्मीय ऊर्जा की मात्रा को क्या कहते हैं?
(RPF Constable 2018 16 Feb 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) कैलोरी मान

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कैलोरी मान (Calorific Value): किसी ईंधन के एकांक द्रव्यमान (सामान्यतः 1 किलोग्राम) के पूर्ण दहन से जितनी ऊष्मा ऊर्जा उत्पन्न होती है, उसे उस ईंधन का कैलोरी मान या ऊष्मीय मान कहा जाता है। इसे किलो जूल प्रति किलोग्राम ($\text{kJ/kg}$) में मापा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जिस ईंधन का कैलोरी मान जितना अधिक होता है, वह ईंधन उतना ही उत्तम और ऊर्जावान माना जाता है।
    • उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन गैस का कैलोरी मान सभी ईंधनों में सर्वाधिक होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 16 Feb, 2019 Shift 2) में ईंधनों के अभिलक्षण और ऊष्मा ऊर्जा के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) प्राकृतिक मान: गलत, यह विज्ञान में ऊष्मा ऊर्जा मापने की कोई मानक इकाई या पद नहीं है।
  • विकल्प (C) आदर्श मान: गलत, यह भी दहन और ईंधनों के संदर्भ में तकनीकी रूप से मान्य शब्द नहीं है।
  • विकल्प (D) दहन ऊष्मा: हालांकि दहन से ऊष्मा निकलती है, लेकिन 1 किलोग्राम ईंधन के पूर्ण दहन से मिलने वाली विशिष्ट ऊष्मीय ऊर्जा के मापन को आधिकारिक तौर पर ‘कैलोरी मान’ कहा जाता है।

#42. एथिल अल्कोहल का उपयोग ______ के रूप में किया जाता है।
(RRB JE IT -: 1 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) इनमें से सभी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol / Ethanol – $C_2H_5OH$): एथिल अल्कोहल एक महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिक है जिसके बहुमुखी उपयोग हैं:
    • विलायक (Solvent): यह एक उत्कृष्ट कार्बनिक विलायक है जिसका उपयोग टिंचर आयोडीन, सिरप, इत्र (Perfumes), और विभिन्न औषधियों के निर्माण में किया जाता है।
    • अल्कोहल युक्त पेय पदार्थ: विभिन्न मादक पेय पदार्थों (जैसे वाइन, बीयर, व्हिस्की आदि) में मुख्य सक्रिय घटक के रूप में इसका उपयोग होता है।
    • स्पिरिट लैंप में ईंधन: शुद्ध एथिल अल्कोहल (रेक्टिफाइड स्पिरिट) का उपयोग प्रयोगशालाओं में स्पिरिट लैंप और स्टोव में ईंधन के रूप में किया जाता है, क्योंकि यह स्वच्छ नीली लौ के साथ जलता है।
  • मुख्य बिंदु: औद्योगिक उपयोग के लिए इसे पीने योग्य बनाने से रोकने के लिए इसमें जहरीले पदार्थ (जैसे मेथनॉल और कॉपर सल्फेट) मिलाए जाते हैं, जिसे विकृत अल्कोहल (Denatured Alcohol) कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE IT : 1 June, 2019 Shift 3) में कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये अकेले क्यों पूर्ण नहीं हैं?):
  • विकल्प (B), (C), और (D) तीनों ही एथिल अल्कोहल के वास्तविक और सही उपयोग हैं, इसलिए इन सभी को समाहित करने वाला विकल्प (A) ‘इनमें से सभी’ सही उत्तर बनता है।

#43. क्रमशः CNG और LPG का पूर्ण रूप क्या है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) संपीडित प्राकृतिक गैस और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस एंड लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • CNG और LPG के पूर्ण रूप (Full Forms):
    • CNG (Compressed Natural Gas – संपीडित प्राकृतिक गैस): यह मुख्य रूप से मीथेन ($CH_4$) का संपीड़ित रूप है जिसका उपयोग मोटर वाहनों में स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जाता है।
    • LPG (Liquefied Petroleum Gas – द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस): यह मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है जिसे दबाव डालकर द्रवीकृत किया जाता है और घरेलू रसोई गैस के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु: दोनों ही जीवाश्म ईंधन हैं और पर्यावरण के अनुकूल माने जाते हैं क्योंकि इनके जलने से न्यूनतम प्रदूषण होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2) में सामान्य विज्ञान एवं ईंधनों के संक्षिप्त रूपों (Full Forms) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A), (B), और (C) में ‘तटस्थ गैस’ या ‘प्रेशर्ड गैस’ जैसे तकनीकी रूप से अशुद्ध और गैर-मानक शब्दों का प्रयोग किया गया है, इसलिए ये गलत हैं।

#44. आजकल, सड़कों को पक्का करने के लिए डामर के स्थान पर निम्नलिखित में से किस पेट्रोलियम उत्पाद का उपयोग किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) बिटुमेन (Bitumen)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बिटुमेन (Bitumen): यह कच्चे तेल (Petroleum) के प्रभाجی आसवन (Fractional Distillation) से प्राप्त होने वाला एक गाढ़ा, काला और चिपचिपा हाइड्रोकार्बन उत्पाद है। आजकल पारंपरिक कोल-तार के स्थान पर पक्की सड़कों के निर्माण में व्यापक रूप से बाइंडिंग एजेंट (Binder) के रूप में बिटुमेन का उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह उत्कृष्ट जलरोधी (Waterproof) गुण और उच्च आबंध क्षमता प्रदान करता है, जिससे सड़कें अधिक टिकाऊ और मौसम के बदलावों को सहन करने योग्य बनती हैं।
    • कोल-तार की तुलना में बिटुमेन कम हानिकारक और सड़क निर्माण के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08 Dec, 2025) में पेट्रोलियम उत्पादों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) नैप्थलीन: गलत, इसका उपयोग मुख्य रूप से कीट-नाशक गोलियों (Mothballs) और रासायनिक संश्लेषण में किया जाता है, सड़क निर्माण में नहीं।
  • विकल्प (B) कोक: गलत, कोक का उपयोग धातुओं के निष्कर्षण में अपचायक के रूप में होता है।
  • विकल्प (C) पैराफिन मोम: गलत, इसका उपयोग मोमबत्तियाँ, मलहम और ग्रीस आदि बनाने में किया जाता है।

#45. पावर अल्कोहल ______ और एथिल अल्कोहल का मिश्रण है।
(RRB NTPC CBT-I : 22 Feb 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) पेट्रोल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पावर अल्कोहल (Power Alcohol): पावर अल्कोहल मुख्य रूप से पेट्रोल और एथिल अल्कोहल (एथेनॉल) का एक विशेष मिश्रण होता है, जिसका उपयोग आंतरिक दहन इंजन (Internal Combustion Engines) में ईंधन के रूप में किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सामान्यतः इसमें लगभग 80% पेट्रोल और 20% एथिल अल्कोहल मिलाया जाता है।
    • यह इंजन की दक्षता (Efficiency) को बढ़ाता है और जीवाश्म ईंधन की खपत को कम करके प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 22 Feb, 2021 Shift 1) में ईंधनों के प्रकार और उनके रासायनिक मिश्रण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) सरसों: गलत, सरसों का तेल एक वनस्पति तेल है जिसका उपयोग मोटर ईंधन या पावर अल्कोहल बनाने में नहीं किया जाता।
  • विकल्प (C) डीजल: गलत, पावर अल्कोहल के निर्माण में डीजल के स्थान पर पेट्रोल का उपयोग किया जाता है।
  • विकल्प (D) केरोसिन: गलत, केरोसिन (मिट्टी का तेल) एक अलग पेट्रोलियम उत्पाद है, जो पावर अल्कोहल के मिश्रण में शामिल नहीं होता।



#46. वह पदार्थ जो वायु में जलता है, उसे कहते क्या हैं?
(RPF Constable 2018 14 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (A) ज्वलनशील (Flammable)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ज्वलनशील पदार्थ (Flammable Substances): वे पदार्थ जो वायु (ऑक्सीजन) के संपर्क में आने पर आसानी से आग पकड़ लेते हैं और जलने लगते हैं, उन्हें ज्वलनशील पदार्थ कहा जाता है.
  • मुख्य बिंदु:
    • इन पदार्थों का ज्वलन ताप (Ignition Temperature) बहुत कम होता है, जिससे ये थोड़ी सी भी ऊष्मा या चिंगारी मिलने पर तुरंत प्रज्वलित हो जाते हैं।
    • इसके सामान्य उदाहरणों में पेट्रोल, डीजल, अल्कोहल, एलपीजी, और प्राकृतिक गैस आदि शामिल हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 14 Feb, 2019) में दहन और पदार्थों के भौतिक-रासायनिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) दहनशील: हालांकि दहनशील और ज्वलनशील शब्दों का प्रयोग कभी-कभी एक-दूसरे के स्थान पर किया जाता है, किंतु आधिकारिक रेलवे परीक्षाओं की उत्तर कुंजी के अनुसार इस विशिष्ट प्रश्न का सबसे सटीक और मानक उत्तर ‘ज्वलनशील’ माना गया है।
  • विकल्प (C) नवीकरणीय: गलत, यह ऊर्जा स्रोतों (जैसे सौर या पवन ऊर्जा) से संबंधित है, जलने वाले पदार्थों से नहीं।
  • विकल्प (D) गैर नवीकरणीय: गलत, यह सीमित ऊर्जा स्रोतों (जैसे कोयला, पेट्रोलियम) को दर्शाता है जो एक बार समाप्त होने के बाद आसानी से पुनः उत्पन्न नहीं होते।

#47. एक लौ तीन भागों से बनी होती है: सबसे अंदरूनी भाग, बीच का भाग और सबसे बाहरी भाग। सबसे अंदरूनी भाग काला क्यों होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 22 Feb 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) अनजले कार्बन कणों की उपस्थिति के कारण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लौ की संरचना (Structure of a Flame): किसी मोमबत्ती या गैस की लौ के मुख्य रूप से तीन भाग होते हैं:
    • सबसे अंदरूनी भाग (Innermost Zone): यह बत्ती के ठीक चारों ओर का क्षेत्र होता है जो काले रंग का दिखाई देता है।
    • मध्य भाग (Luminous Zone): यह पीले रंग का चमकदार भाग होता है जहाँ अपूर्ण दहन होता है।
    • सबसे बाहरी भाग (Non-luminous Zone): यह नीले रंग का सबसे गर्म और पूर्ण दहन वाला क्षेत्र होता है।
  • सबसे अंदरूनी भाग के काले होने का कारण: बत्ती के बिल्कुल पास ऑक्सीजन की आपूर्ति न के बराबर होती है, जिसके कारण वहाँ ईंधन का दहन नहीं हो पाता। इस क्षेत्र में अनजले कार्बन कण (Unburnt Carbon Particles) वाष्प के रूप में मौजूद रहते हैं, और इसी अत्यधिक घनत्व तथा कार्बन की उपस्थिति के कारण यह भाग सबसे काला और कम गर्म दिखाई देता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 22 Feb, 2021 Shift 2) में दहन और ज्वाला के विभिन्न क्षेत्रों (Zones of a flame) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) ईंधन के पूर्ण दहन के कारण: गलत, पूर्ण दहन हमेशा सबसे बाहरी (नीले) भाग में होता है, अंदरूनी भाग में नहीं।
  • विकल्प (B) ईंधन के अपूर्ण दहन के कारण: यद्यपि वहाँ दहन नहीं होता, लेकिन सबसे सटीक प्रत्यक्ष वैज्ञानिक कारण ‘अनजले कार्बन कणों की उपस्थिति’ है जो उस क्षेत्र को काला बनाते हैं।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण: गलत, सबसे अंदरूनी भाग में ऑक्सीजन की अनुपस्थिति या भारी कमी होती है, उपस्थिति नहीं।

#48. निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) प्रकाश संश्लेषण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction): प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) एक ऊष्माशोषी या ऊष्माशोषी रासायनिक प्रक्रिया है, न कि ऊष्माक्षेपी। इस प्रक्रिया में हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को अवशोषित करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल का उपयोग करके ग्लूकोज का निर्माण करते हैं। चूंकि इसमें ऊर्जा का अवशोषण होता है, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी (Exothermic) नहीं है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction): वह रासायनिक अभिक्रिया जिसमें उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा (ऊर्जा) मुक्त होती है (जैसे दहन, श्वसन, और अम्ल का तनुकरण)।
    • प्रकाश संश्लेषण में सौर ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित होती है, जिसके लिए बाहरी ऊष्मा/प्रकाश की आवश्यकता होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3) में रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार (ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये ऊष्माक्षेपी क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) प्रबल अम्ल का तनुकरण: यह एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है जिसमें अम्ल में पानी मिलाने पर भारी मात्रा में ऊष्मा निकलती है।
  • विकल्प (C) श्वसन: यह एक जैविक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है जिसमें ग्लूकोज के टूटने से शरीर को ऊर्जा (ATP) प्राप्त होती है।
  • विकल्प (D) प्राकृतिक गैस का दहन: दहन की सभी प्रक्रियाएँ मूल रूप से ऊष्माक्षेपी होती हैं क्योंकि इनमें प्रचुर मात्रा में ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न होता है।

#49. गैस स्टोव की लौ नीली क्यों जलती है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 13 Jun, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) ईंधन का पूर्ण दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नीली लौ और पूर्ण दहन (Blue Flame and Complete Combustion): गैस स्टोव (LPG या प्राकृतिक गैस) के बर्नर में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जिनके माध्यम से पर्याप्त मात्रा में हवा (ऑक्सीजन) अंदर प्रवेश करती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • प्रचुर ऑक्सीजन मिलने के कारण ईंधन (हाइड्रोकार्बन) का पूर्ण दहन (Complete Combustion) होता है।
    • पूर्ण दहन के फलस्वरूप कोई अनजला कार्बन कण या कालिख नहीं बचती है, और यह बिना धुएँ के उच्च तापमान वाली साफ नीली लौ उत्पन्न करती है, जो अधिकतम ऊष्मा प्रदान करती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 13 Jun, 2025 Shift 1) में दहन प्रक्रिया और लौ के प्रकार के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) हवा में हाइड्रोजन की उपस्थिति: गलत, हवा में हाइड्रोजन गैस मुख्य घटक के रूप में मौजूद नहीं होती (हवा में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन प्रमुख हैं)।
  • विकल्प (C) खतरनाक दहन: गलत, नीली लौ सुरक्षित, स्वच्छ और पूर्ण दहन का प्रतीक है, न कि किसी खतरे का।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन की कमी: गलत, ऑक्सीजन की कमी से अपूर्ण दहन होता है जिससे पीली या कालिक युक्त लौ निकलती है (नीली लौ के लिए प्रचुर ऑक्सीजन चाहिए)।

#50. ऐल्कोहॉल को पेट्रोल की तुलना में स्वच्छ ईंधन क्यों माना जाता है?
(RRB JE 20/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) इससे कम धुआं निकलता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अल्कोहल (एथेनॉल) और स्वच्छ दहन: एथिल अल्कोहल ($C_2H_5OH$) एक ऑक्सीजनित ईंधन (Oxygenated fuel) है जिसके रासायनिक अणु में पहले से ही ऑक्सीजन परमाणु मौजूद होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अणु के भीतर ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण दहन प्रक्रिया के दौरान इसे अतिरिक्त ऑक्सीजन आसानी से मिल जाती है, जिससे इसका पूर्ण दहन बेहतर तरीके से होता है।
    • पेट्रोल की तुलना में इसके जलने पर अनजले कार्बन कण और हानिकारक गैसें बहुत कम मात्रा में उत्पन्न होती हैं, जिसके परिणामस्वरूप कम धुआँ निकलता है और प्रदूषण घटता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 20 Feb, 2026) में वैकल्पिक ईंधनों और उनके पर्यावरणीय प्रभावों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) यह कम तापमान पर जलता है: गलत, तापमान का यह अंतर ईंधन को ‘स्वच्छ’ या पर्यावरण के अनुकूल बनाने का मुख्य कारण नहीं है।
  • विकल्प (C) यह ऑक्सीजन के बिना जलता है: गलत, प्रकृति में कोई भी ईंधन बिना ऑक्सीजन (या दहनशील माध्यम) के नहीं जल सकता।
  • विकल्प (D) यह उच्च ऊर्जा प्रदान करता है: गलत, वास्तव में पेट्रोल का कैलोरी मान (ऊष्मीय मान) एथिल अल्कोहल की तुलना में अधिक होता है, इसलिए अल्कोहल को स्वच्छ कहे जाने का आधार उच्च ऊर्जा नहीं बल्कि कम प्रदूषण व धुआँ होना है।



#51. निम्नलिखित में से कौन सा पेट्रोलियम शोधन का उत्पाद नहीं है?
(RRB JE CBT-2 2024 CMA : 22 Apr, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) प्राकृतिक गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पेट्रोलियम शोधन (Petroleum Refining / Fractional Distillation): कच्चे तेल (Petroleum) के प्रभाजी आसवन द्वारा विभिन्न उपयोगी उत्पाद प्राप्त किए जाते हैं। इनमें प्रमुख उत्पाद निम्नलिखित हैं:
    • डामर / बिटुमेन (Asphalt / Bitumen): यह सबसे भारी अंश है जिसका उपयोग सड़क निर्माण में किया जाता है।
    • केरोसिन (Kerosene) और स्नेहन तेल (Lubricating Oil): ये भी पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन के प्रमुख तरल अंश हैं।
    • अन्य उत्पाद: पेट्रोल, डीजल, पैराफिन मोम आदि।
  • प्राकृतिक गैस (Natural Gas): यह पेट्रोलियम शोधन का उत्पाद नहीं है। प्राकृतिक गैस मुख्य रूप से पेट्रोलियम भंडारों के ऊपर पृथ्वी के भीतर स्वतंत्र रूप से पाई जाती है (जिसमें मुख्य रूप से मीथेन होती है), और इसे सीधे प्राकृतिक स्रोतों से निकाला जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-2 2024 CMA : 22 Apr, 2025 Shift 1) में पेट्रोलियम उत्पादों और उनके स्रोतों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये पेट्रोलियम शोधन के उत्पाद क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) डामर (Asphalt): यह कच्चे तेल के शोधन से प्राप्त होने वाला अंतिम और सबसे गाढ़ा अवशेष है।
  • विकल्प (B) केरोसिन: यह प्रभाजी आसवन के दौरान प्राप्त होने वाला एक महत्वपूर्ण ईंधन अंश है।
  • विकल्प (D) स्नेहन तेल: यह भी पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से ही प्राप्त होता है, जिसका उपयोग मशीनों में घर्षण कम करने के लिए किया जाता है।

#52. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ बिना ज्वाला के जलता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) चारकोल (Charcoal)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बिना ज्वाला के जलने वाले पदार्थ (Substances that burn without a flame): वे ठोस ईंधन जो वाष्पीकृत (Vaporize) नहीं होते, वे जलते समय ज्वाला (Flame) उत्पन्न नहीं करते हैं, बल्कि केवल सुलगते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • चारकोल (Charcoal) और कोक ऐसे ठोस ईंधन हैं जो गैसीय अवस्था में परिवर्तित नहीं होते, इसलिए ये बिना किसी लौ या ज्वाला के केवल लाल होकर चमकते हुए (सुलगते हुए) जलते हैं।
    • इसके विपरीत, जो पदार्थ जलने पर वाष्प बनाते हैं (जैसे मोम, एलपीजी, पेट्रोल आदि), वे हमेशा ज्वाला के साथ जलते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08 Dec, 2025) में दहन, ईंधन के प्रकार और ज्वाला की भौतिक विशेषताओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये ज्वाला के साथ क्यों जलते हैं?):
  • विकल्प (A) पेट्रोल: यह एक तरल ईंधन है जो वाष्पीकृत होकर उज्ज्वल ज्वाला के साथ जलता है।
  • विकल्प (B) LPG: यह एक गैसीय ईंधन है जो हमेशा एक स्पष्ट और साफ नीली ज्वाला उत्पन्न करता है।
  • विकल्प (D) मोम: मोमबत्ती की बत्ती पर पिघलने के बाद मोम वाष्प बनकर जलता है और विशिष्ट ज्वाला (लौ) का निर्माण करता है।

#53. जब कोयले का भंजक आसवन किया जाता है, तो हवा की उपस्थिति में उसे तेजी से गर्म करना है, तो कौन सा उत्पाद प्राप्त होता है?
(RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) कोक (Coke)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोयले का भंजक आसवन (Destructive Distillation of Coal): यह एक ऐसी रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें कोयले को हवा की अनुपस्थिति या सीमित वायु में उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है।
  • प्रमुख उत्पाद:
    • इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप मुख्य रूप से कोक (Coke), कोल तार (Coal tar), और कोयला गैस (Coal gas) प्राप्त होते हैं।
    • कोक कार्बन का एक अत्यंत कठोर, सरंध्र (Porous) और शुद्धतम ठोस रूप है, जिसका उपयोग धातुओं के निष्कर्षण (Metallurgy) में एक शक्तिशाली अपचायक के रूप में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 2 June, 2019 Shift 3) में जीवाश्म ईंधनों और उनके प्रसंस्करण (Processing) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) डीजल: गलत, डीजल पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन (Fractional distillation) से प्राप्त होता है, कोयले से नहीं।
  • विकल्प (C) पेट्रोल: गलत, पेट्रोल भी पेट्रोलियम शोधन का उत्पाद है।
  • विकल्प (D) मिट्टी का तेल (Kerosene): गलत, यह भी कच्चे तेल (Petroleum) का ही एक प्रभाजी अंश है।

#54. निम्नलिखित में से किस गुणधर्म के कारण एथेनॉल, पेट्रोल की तुलना में एक बेहतर वैकल्पिक ईंधन होता है?
(RRB JE CBT I 02/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) एथेनॉल का दहन स्वच्छ, धुआं रहित ज्वाला के साथ होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथेनॉल ($C_2H_5OH$) का दहन: एथेनॉल एक ऑक्सीजनित (Oxygenated) कार्बनिक यौगिक है जिसके रासायनिक अणु में पहले से ही ऑक्सीजन परमाणु मौजूद होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अणु के भीतर ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण दहन के दौरान इसे अतिरिक्त ऑक्सीजन आसानी से मिल जाती है, जिससे इसका पूर्ण दहन (Complete combustion) होता है।
    • पेट्रोल की तुलना में इसके जलने पर अनजले कार्बन कण और हानिकारक कालिख या धुआँ बहुत कम मात्रा में उत्पन्न होते हैं, इसलिए यह एक स्वच्छ वैकल्पिक ईंधन माना जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 02 Dec, 2025) में वैकल्पिक ईंधनों और उनके पर्यावरणीय प्रभावों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) एथेनॉल एक ठोस ईंधन है: गलत, एथेनॉल सामान्य तापमान पर एक तरल (Liquid) विलायक और ईंधन है।
  • विकल्प (B) एथेनॉल का क्वथनांक, पेट्रोल से उच्च होता है: यद्यपि क्वथनांक का यह तथ्य सही हो सकता है, किंतु यह ईंधन के ‘स्वच्छ और बेहतर’ होने का मुख्य वैज्ञानिक कारण नहीं है।
  • विकल्प (D) एथेनॉल के दहन पर हानिकारक धुआँ उत्पन्न होता है: गलत, यह पेट्रोल की तुलना में बहुत कम धुआँ और कम प्रदूषण उत्पन्न करता है।

#55. आमतौर पर विरंजक चूर्ण का उपयोग ______ किया जाता है?
(RRB JE 19/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) पानी को कीटाणुहरित करने के लिए

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder – रासायनिक नाम: कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड, सूत्र: $CaOCl_2$): यह शुष्क बुझे हुए चूने पर क्लोरीन की क्रिया द्वारा तैयार किया जाता है।
  • मुख्य उपयोग:
    • इसका सबसे महत्वपूर्ण उपयोग पेयजल को रोगाणुमुक्त या कीटाणुहरित (Disinfecting) करने के लिए किया जाता है ताकि पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाएं।
    • इसके अलावा इसका उपयोग वस्त्र उद्योग में सूती व लिनन के विरंजन, कागज उद्योग में लकड़ी की लुगदी के विरंजन तथा विभिन्न रासायनिक उद्योगों में ऑक्सीकारक (Oxidising agent) के रूप में होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 19 Feb, 2026) में महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिकों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) एक मधुरक के रूप में: गलत, मधुरक (Sweeteners) जैसे सैकरीन या एस्पार्टेम का उपयोग खाद्य पदार्थों को मीठा करने के लिए किया जाता है, विरंजक चूर्ण का नहीं।
  • विकल्प (B) साबुन बनाने के लिए: गलत, साबुन के निर्माण में सोडियम हाइड्रोक्साइड (Caustic Soda) या पोटैशियम हाइड्रोक्साइड का उपयोग किया जाता है।
  • विकल्प (D) ईंधन के रूप में: गलत, विरंजक चूर्ण कोई दहनशील ईंधन नहीं है, इसलिए इसका उपयोग ईंधन के रूप में नहीं किया जा सकता।



#56. वह कौन सा दहन है जिसमें कोई भी पदार्थ बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक आग में बदल जाता है?
(RPF Constable 2018 16 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (A) स्वतः दहन (Spontaneous combustion)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्वतः दहन (Spontaneous Combustion): यह दहन का वह प्रकार है जिसमें किसी पदार्थ को बाहर से आग या माचिस की तीली दिखाने की आवश्यकता नहीं होती। यह सामान्य कमरे के तापमान या थोड़े से ताप बढ़ने पर अपने आप सुलग उठता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जब कोई पदार्थ बिना किसी स्पष्ट बाह्य कारण या चिंगारी के अचानक जलने लगता है, तो उसे स्वतः दहन कहा जाता है।
    • इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण सफेद फॉस्फोरस (White Phosphorus) है, जो सामान्य कमरे के तापमान पर हवा के संपर्क में आते ही स्वतः जल उठता है। कोयले की खदानों में होने वाली स्वतः आग (Spontaneous fires in coal mines) भी इसका एक उदाहरण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 16 Feb, 2019) में दहन के विभिन्न प्रकारों और उनकी विशेषताओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) विस्फोटक दहन: गलत, इसमें ऊष्मा, प्रकाश और अत्यधिक ध्वनि के साथ अचानक विस्फोट होता है (जैसे पटाखा जलाना), और इसके लिए बाह्य चिंगारी की आवश्यकता होती है।
  • विकल्प (C) तीव्र दहन: गलत, तीव्र दहन के लिए माचिस की तीली या बाहरी ऊष्मा की आवश्यकता होती है (जैसे गैस स्टोव का जलना)।
  • विकल्प (D) धीमा दहन: गलत, यह बहुत मंद गति से होता है जिसमें अचानक आग या तेज लपटें नहीं उठतीं।

#57. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन सामान्यतः कैसी ज्वाला उत्पन्न करते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) काले धूम के साथ पीली ज्वाला

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • असंतृप्त हाइड्रोकार्बन का दहन (Combustion of Unsaturated Hydrocarbons): असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे एल्कीन और एल्काइन श्रेणी के यौगिक, जिनमें द्विआबंध या त्रिआबंध होते हैं) में कार्बन की प्रतिशत मात्रा संतृप्त हाइड्रोकार्बन की तुलना में अधिक होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पर्याप्त वायु (ऑक्सीजन) की अनुपलब्धता के कारण इनका अपूर्ण दहन (Incomplete Combustion) होता है।
    • अपूर्ण दहन और उच्च कार्बन सामग्री के कारण ये जलते समय अत्यधिक चमकीली, पीली ज्वाला उत्पन्न करते हैं तथा साथ में अनजले कार्बन कणों के कारण काला धुआँ (कालिख) छोड़ते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10 Feb, 2026) में हाइड्रोकार्बन के दहन और ज्वाला के प्रकार के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) स्वच्छ नीली ज्वाला: गलत, स्वच्छ नीली ज्वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन के पूर्ण दहन की विशेषता है।
  • विकल्प (C) चमक के साथ श्वेत ज्वाला: गलत, यह असंतृप्त दहन का मानक परिणाम नहीं है।
  • विकल्प (D) कोई ज्वाला नहीं: गलत, हाइड्रोकार्बन गैसीय अवस्था में वाष्पीकृत होकर ज्वाला के साथ ही जलते हैं।

#58. विद्युत-मिश्रित यौगिक सामान्यतः ______ में घुलनशील होते हैं।
(RPF Constable 2018 15 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (C) पानी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विद्युत-संयोजक या आयनिक यौगिक (Electrovalent / Ionic Compounds): वे यौगिक जो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण (आयनन) द्वारा बनते हैं, विद्युत-संयोजक यौगिक कहलाते हैं (जैसे सोडियम क्लोराइड – $NaCl$).
  • घुलनशीलता के गुण:
    • ये यौगिक सामान्यतः ध्रुवीय विलायकों (Polar Solvents) जैसे पानी ($H_2O$) में अत्यधिक घुलनशील होते हैं, क्योंकि पानी का डाइइलेक्ट्रिक स्थिरांक (Dielectric constant) उच्च होता है जो आयनों के बीच के आकर्षण बल को कमजोर कर देता है।
    • इसके विपरीत, ये पेट्रोल, डीजल और मिट्टी के तेल जैसे अध्रुवीय (Non-polar) कार्बनिक विलायकों में अघुलनशील होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 15 Feb, 2019) में रासायनिक आबंधन और यौगिकों के भौतिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) डीजल: गलत, डीजल एक अध्रुवीय कार्बनिक विलायक है जिसमें आयनिक यौगिक आमतौर पर नहीं घुलते।
  • विकल्प (B) मिट्टी का तेल: गलत, यह भी एक अध्रुवीय हाइड्रोकार्बन मिश्रण है।
  • विकल्प (D) पेट्रोल: गलत, पेट्रोल भी अध्रुवीय प्रकृति का होता है जिसमें आयनिक यौगिक अघुलनशील होते हैं।

#59. ऊष्मा ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए जिन सामग्रियों को जलाया जाता है, उन्हें क्या नाम दिया जाता है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) ईंधन (Fuel)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ईंधन (Fuel): वे पदार्थ जिन्हें वायु (ऑक्सीजन) की उपस्थिति में जलाने पर पर्याप्त मात्रा में ऊष्मा और प्रकाश ऊर्जा उत्पन्न होती है, ईंधन कहलाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • ईंधन ठोस (जैसे कोयला, लकड़ी), तरल (जैसे पेट्रोल, डीजल) या गैसीय (जैसे एलपीजी, सीएनजी) अवस्था में हो सकते हैं।
    • एक अच्छे ईंधन का उच्च कैलोरी मान होता है और वह जलने पर न्यूनतम प्रदूषण उत्पन्न करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May, 2019 Shift 3 CBT 1) में ईंधनों की मूल परिभाषा और सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) जैवपदार्थ (Biomass): गलत, यह केवल जैविक स्रोतों से प्राप्त कचरे या पौधों/जंतुओं के अवशेषों को इंगित करता है, जबकि सभी ईंधन जैवपदार्थ नहीं होते (जैसे खनिज तेल और कोयला जीवाश्म ईंधन हैं)।
  • विकल्प (C) रसायन: गलत, यह एक अत्यधिक व्यापक शब्द है जिसमें सभी रासायनिक पदार्थ शामिल हैं, जो जरूरी नहीं कि ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए ही जलाए जाएँ।
  • विकल्प (D) गैस: गलत, ईंधन केवल गैस ही नहीं बल्कि ठोस और तरल रूप में भी हो सकते हैं।

#60. कार्बन के किस गुणधर्म के कारण वह स्वयं एवं अन्य तत्वों के साथ आबंध बनाकर बड़ी संख्या में यौगिक बनाता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) श्रृंखलावन / श्रृंखलन (Catenation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • श्रृंखलन (Catenation): कार्बन परमाणु में यह अद्वितीय (Unique) गुण होता है कि वह स्वयं अपने ही अन्य परमाणुओं के साथ सहसंयोजक आबंध (Covalent bonds) बनाकर लंबी श्रृंखलाओं (Chains), शाखित श्रृंखलाओं (Branched chains) और वलयों (Rings) का निर्माण कर सकता है। कार्बन के इस गुण को श्रृंखलन कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसी गुण और कार्बन की चतुःसंयोजकता (Tetravalency) के कारण कार्बन लाखों की संख्या में कार्बनिक यौगिकों (Organic compounds) का निर्माण करता है।
    • कार्बन के छोटे आकार के कारण इसका कार्बन-कार्बन आबंध अत्यंत मजबूत होता है, जिससे यह गुण और अधिक प्रभावी हो जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10 Feb, 2026) में कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणों और उनके बंधन के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) चतुःसंयोजकता (Tetravalency): हालांकि कार्बन की चार संयोजकताएँ भी यौगिक बनाने में मदद करती हैं, किंतु स्वयं अपने ही परमाणुओं के साथ जुड़कर लंबी श्रृंखला बनाने का विशिष्ट गुण मुख्य रूप से ‘श्रृंखलन’ कहलाता है।
  • विकल्प (A) दहन: गलत, यह ईंधनों के जलने की प्रक्रिया है, संरचनात्मक गुण नहीं।
  • विकल्प (D) समावयवता (Isomerism): गलत, यह समान आणविक सूत्र लेकिन भिन्न संरचना वाले यौगिकों का गुण है, श्रृंखला बनाने का प्राथमिक कारण नहीं।



#61. जब हाइड्रोकार्बन को जलाया जाता है तो नीली, अप्रकाशित लौ क्या दर्शाती है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) उच्च तापमान के साथ पूर्ण दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नीली और अप्रकाशित लौ (Blue, Non-luminous Flame): जब हाइड्रोकार्बन को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन (वायु) की उपस्थिति में जलाया जाता है, तो उनका पूर्ण दहन (Complete Combustion) होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पूर्ण दहन के परिणामस्वरूप कार्बन पूरी तरह से कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) में बदल जाता है और कोई अनजला कार्बन कण (कालिख) शेष नहीं रहता।
    • यह प्रक्रिया एक साफ, नीली और अप्रकाशित (Non-luminous) सबसे बाहरी क्षेत्र में होती है जो अत्यंत उच्च तापमान और अधिकतम ऊष्मा उत्पन्न करती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10 Feb, 2026) में हाइड्रोकार्बन के दहन और ज्वाला के विभिन्न क्षेत्रों (Zones of a flame) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) बिना जले कार्बन की उपस्थिति: गलत, बिना जले कार्बन कणों की उपस्थिति के कारण पीली और कालिक युक्त लौ उत्पन्न होती है, नीली नहीं।
  • विकल्प (C) ऑक्सीजन की कमी: गलत, ऑक्सीजन की कमी से अपूर्ण दहन होता है जिससे पीली लौ निकलती है।
  • विकल्प (D) अपूर्ण दहन और कालिक निर्माण: गलत, अपूर्ण दहन हमेशा धुएँ और पीली लौ का कारण बनता है, जबकि नीली लौ पूर्ण दहन को दर्शाती है।

#62. क्या होता है जब एक नैफ्थलीन बॉल को खुली जगह में धातु की प्लेट में जला दिया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) यह धातु की प्लेट पर काले कज्जी निक्षेप के साथ पीली ज्वाला के साथ जलता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नैफ्थलीन बॉल का दहन (Combustion of Naphthalene Ball): नैफ्थलीन एक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है जिसमें कार्बन की मात्रा बहुत अधिक होती है। जब इसे खुली हवा में जलाया जाता है, तो वायु में ऑक्सीजन की अपर्याप्त आपूर्ति के कारण इसका अपूर्ण दहन (Incomplete Combustion) होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अपूर्ण दहन के कारण यह एक चमकदार पीली और धुएँदार लौ (Yellow, Sooty flame) के साथ जलता है।
    • जलने के दौरान इसमें मौजूद अनजले कार्बन कण कालिख या कज्जी (Soot/Black deposit) के रूप में धातु की प्लेट पर जमा हो जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27 Nov, 2025) में हाइड्रोकार्बन के दहन के प्रकार और उससे उत्पन्न होने वाले अवशेषों के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) बिना किसी निक्षेप के पीली ज्वाला: गलत, उच्च कार्बन सामग्री के कारण प्लेट पर काले कज्जी (कालिमा) का निक्षेप अवश्य बनता है।
  • विकल्प (C) नीली ज्वाला के साथ जलता है: गलत, नीली ज्वाला पूर्ण दहन को दर्शाती है, जबकि नैफ्थलीन अपूर्ण दहन के कारण पीली और धुएँदार लौ देता है।
  • विकल्प (D) काले निक्षेप के साथ नीली ज्वाला: गलत, नीली ज्वाला के साथ कभी भी काला कज्जी निक्षेप नहीं बनता है।

#63. सल्फाइड अयस्कों को अधिक वायु की उपस्थिति में प्रबलता से गर्म करके ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है। इस प्रक्रिया को किस रूप में जाना जाता है:
(RRB NTPC CBT-I : 18 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) रोस्टिंग (Roasting / भर्जन)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रोस्टिंग या भर्जन (Roasting): इस प्रक्रिया में सल्फाइड अयस्कों को वायु की अधिकता (Excess air) में उनके गलनांक बिंदु से नीचे उच्च तापमान पर प्रबलता से गर्म किया जाता है, जिससे वे धातु के ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • रासायनिक अभिक्रिया का उदाहरण: 2ZnS + 3O2 $\rightarrow$ 2ZnO + 2SO2
    • इस प्रक्रिया के दौरान सल्फर जैसी वाष्पशील अशुद्धियाँ दूर हो जाती हैं और अयस्क धातु निष्कर्षण के लिए आसानी से ऑक्साइड रूप में बदल जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 18 Jan 2021 Shift 2) में धातुकर्म (Metallurgy) और अयस्क के सांद्रण से संबंधित प्रक्रिया के रूप में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) बर्निंग: गलत, यह एक सामान्य दहन प्रक्रिया है, धातुकर्म की विशिष्ट तकनीकी शब्दावली नहीं है।
  • विकल्प (B) हीटिंग: गलत, यह एक सामान्य शब्द है, जबकि सल्फाइड अयस्कों को वायु में गर्म करने की प्रक्रिया का विशिष्ट वैज्ञानिक नाम ‘रोस्टिंग’ (भर्जन) है।
  • विकल्प (D) ब्लेज़िंग: गलत, यह इस प्रक्रिया से संबंधित नहीं है।

#64. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्बन यौगिक सामान्य परिस्थितियों में नीली, गैर-कज्जली लौ ( non-sooty flame) के साथ जलता है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) एथेनॉल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथेनॉल का दहन (Combustion of Ethanol): एथेनॉल (C2H5OH) एक संतृप्त कार्बन यौगिक (अल्कोहल) है जिसमें कार्बन की प्रतिशत मात्रा भारी हाइड्रोकार्बन (जैसे डीजल, केरोसिन) की तुलना में कम होती है और इसमें ऑक्सीजन भी मौजूद होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पर्याप्त ऑक्सीजन की उपस्थिति के कारण यह सामान्य परिस्थितियों में साफ और पूर्ण दहन दर्शाता है।
    • परिणामस्वरूप, यह बिना किसी कालिख (Soot) के एक साफ, नीली और गैर-कज्जली लौ (Non-sooty flame) के साथ जलता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 01 Dec, 2025) में कार्बन यौगिकों के दहन और उनकी ज्वाला (Flame types) की प्रकृति पर आधारित था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) डीजल: गलत, डीजल भारी हाइड्रोकार्बन का मिश्रण है जो अपूर्ण दहन के कारण धुएँदार और पीली (कज्जली) लौ देता है।
  • विकल्प (C) मिट्टी का तेल (Kerosene): गलत, मिट्टी के तेल में भी उच्च कार्बन यौगिक होते हैं जो जलने पर कालिक और पीली लौ उत्पन्न करते हैं।
  • विकल्प (D) चारकोल: गलत, चारकोल मुख्य रूप से कार्बन का ठोस रूप है जो बिना ज्वाला के (अंगारे के रूप में) सुलगता है या कभी-कभी हल्की पीली/लाल रंग की चमक देता है, नीली गैर-कज्जली लौ नहीं।

#65. निम्नलिखित प्रक्रियाओं में से कौन-सी प्रक्रिया उत्क्रमणीय प्रक्रिया का एक उदाहरण है?
(RRB JE ME 31 Aug 2019 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (B) विद्युत अपघटन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उत्क्रमणीय प्रक्रिया (Reversible Process): एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे विपरीत दिशा में चलाया जा सकता है और यह प्रणाली तथा उसके परिवेश को उनकी प्रारंभिक अवस्था में वापस ला सकती है, बशर्ते यह आदर्श स्थितियों में संपन्न हो.
  • मुख्य बिंदु:
    • विद्युत अपघटन (Electrolysis) की कुछ विशिष्ट स्थितियों में इलेक्ट्रोड प्रतिक्रियाएँ अत्यधिक तीव्र और संतुलन क्षमता के बहुत करीब होती हैं, जिसके कारण इसे सैद्धांतिक रूप से उत्क्रमणीय श्रेणी के अंतर्गत माना जाता है.
    • इसमें विपरीत प्रक्रिया (रिवर्स इलेक्ट्रोड एक्शन) के माध्यम से प्रभावों को बदला जा सकता है.
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME : 31 Aug 2019 CBT 2) में थर्मोडायनामिक्स और विभिन्न भौतिक-रासायनिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत पूछा गया था.

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) ऊष्मा स्थानांतरण: गलत, यदि तापमान में निश्चित अंतर हो, तो ऊष्मा स्थानांतरण एक अनुत्क्रमणीय (Irreversible) प्रक्रिया होती है क्योंकि ऊष्मा स्वतः ठंडी वस्तु से गर्म वस्तु की ओर प्रवाहित नहीं हो सकती.
  • विकल्प (C) दहन: गलत, दहन एक अत्यधिक अनुत्क्रमणीय रासायनिक प्रक्रिया है क्योंकि एक बार जलने के बाद उत्पादों से पुनः मूल ज्वलनशील पदार्थ प्राप्त करना असंभव है.
  • विकल्प (D) प्लास्टिक विरूपण: गलत, प्लास्टिक विरूपण (Plastic Deformation) एक स्थायी विरूपण है जिसमें बल हटाने पर सामग्री अपनी वास्तविक या मूल आकृति को पुनः प्राप्त नहीं कर सकती.



#66. किस प्रकार के कोयले में कार्बन का प्रतिशत सर्वाधिक होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 9 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) एन्थ्रेसाइट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एन्थ्रेसाइट कोयला (Anthracite Coal): यह कोयले का सबसे उच्चतम गुणवत्ता वाला रूप है, जिसमें कार्बन की मात्रा सर्वाधिक (लगभग 85% से 95% या उससे अधिक) होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह बहुत कठोर, सघन और काले रंग का होता है।
    • इसमें नमी और वाष्पशील पदार्थ बहुत कम होते हैं, जिसके कारण यह जलते समय बहुत कम धुआँ और अधिकतम ऊष्मा उत्पन्न करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 9 Jan 2021 Shift 2) में कोयला के प्रकार और उनकी गुणवत्ता (कार्बन प्रतिशत) के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) बिटुमिनस: गलत, यह सामान्य घरेलू और औद्योगिक उपयोग का कोयला है जिसमें कार्बन की मात्रा लगभग 60% से 80% होती है, जो एन्थ्रेसाइट से कम है।
  • विकल्प (B) लिग्नाइट: गलत, इसे भूरा कोयला भी कहा जाता है और इसमें कार्बन की मात्रा लगभग 60% से कम होती है।
  • विकल्प (C) पीट: गलत, यह कोयले के निर्माण की पहली अवस्था है जिसमें कार्बन की मात्रा सबसे कम (लगभग 40% से भी कम) और नमी की मात्रा सर्वाधिक होती है।

#67. निम्नलिखित में से किस जीवाश्म ईंधन में ब्यूटेन इसका मुख्य घटक होता है?
(RRB JE CBT I -: 1 June 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) LPG (द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एलपीजी (LPG – Liquefied Petroleum Gas): यह मुख्य रूप से हाइड्रोकार्बन गैसों का एक मिश्रण है, जिसमें प्रोपेन और मुख्य घटक के रूप में ब्यूटेन (Butane) पाया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • एलपीजी को उच्च दबाव पर आसानी से द्रव रूप में सिलेंडरों में भरा जाता है।
    • सुरक्षा की दृष्टि से इसमें गंध के लिए एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है ताकि गैस रिसाव का पता चल सके।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 1 June 2019 Shift 1) में जीवाश्म ईंधनों और उनके रासायनिक घटकों के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) प्राकृतिक गैस: गलत, प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक मीथेन ($CH_4$) होता है।
  • विकल्प (C) कोयला: गलत, कोयला कार्बन का ठोस मिश्रण है जिसमें विभिन्न जटिल कार्बनिक यौगिक होते हैं, ब्यूटेन इसका मुख्य घटक नहीं है।
  • विकल्प (D) ईंधन तेल (Fuel Oil): गलत, ईंधन तेल भारी हाइड्रोकार्बन का मिश्रण है, जबकि ब्यूटेन हल्की गैस है।

#68. एक पीली चमकदार ज्वाला सामान्यतः निम्नलिखित में से किसका संकेत है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) अदग्ध कार्बन कणों के साथ अपूर्ण दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पीली और चमकदार ज्वाला (Yellow and Luminous Flame): जब हाइड्रोकार्बन का अपूर्ण दहन होता है (पर्याप्त ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में), तो उसमें मौजूद कार्बन पूरी तरह से कार्बन डाइऑक्साइड में नहीं बदल पाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस प्रक्रिया में बचे हुए अदग्ध (बिना जले) कार्बन कण अत्यधिक तापमान के कारण गर्म होकर चमकने लगते हैं, जिससे ज्वाला का रंग पीला और चमकदार (Luminous) दिखाई देता है।
    • यही अदग्ध कार्बन कण बाद में कालिख (Soot) के रूप में सतह पर जमा होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12 Dec, 2025) में हाइड्रोकार्बन के दहन के प्रकार और ज्वाला की विशेषताओं के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) पूर्ण दहन: गलत, पूर्ण दहन के दौरान साफ, नीली और गैर-कज्जली लौ उत्पन्न होती है, पीली नहीं।
  • विकल्प (B) धातुओं का दहन: गलत, धातुओं का दहन सामान्यतः अलग प्रकार की तीव्र या रंगीन ज्वाला (जैसे मैग्नीशियम की तेज सफेद लौ) देता है, जो इस संदर्भ से भिन्न है।
  • विकल्प (D) कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण: गलत, कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण पूर्ण दहन की विशेषता है, जबकि पीली लौ अपूर्ण दहन और अदग्ध कार्बन कणों को दर्शाती है।

#69. साबुन का हाइड्रोफिलिक सिरा निम्नलिखित में से किसके साथ प्रतिक्रिया करता है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • साबुन की संरचना (Structure of Soap): साबुन के अणु में दो मुख्य सिरे होते हैं – पहला हाइड्रोफिलिक (जल-रागी या जल-आकर्षक) सिरा और दूसरा हाइड्रोफोबिक (जल-विरागी या तेल-आकर्षक) सिरा।
  • मुख्य बिंदु:
    • हाइड्रोफिलिक सिरा (Hydrophilic End): यह ध्रुवीय सिरा (Polar end) होता है जो पानी के अणुओं के प्रति आकर्षित होता है और जल के साथ आसानी से प्रतिक्रिया या बंधन बनाता है।
    • इसके विपरीत, हाइड्रोफोबिक सिरा (लंबी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला) मैल या तेल के साथ जुड़ता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2) में कार्बनिक रसायन विज्ञान के अंतर्गत मिसेल (Micelle) निर्माण और साबुन की सफाई प्रक्रिया से संबंधित था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोकार्बन: गलत, हाइड्रोकार्बन श्रृंखला हाइड्रोफोबिक (जल-विरागी) सिरा होती है, हाइड्रोफिलिक नहीं।
  • विकल्प (C) जल और तेल दोनों: गलत, हाइड्रोफिलिक सिरा केवल जल के साथ प्रतिक्रिया करता है, तेल के साथ हाइड्रोफोबिक सिरा जुड़ता है।
  • विकल्प (D) तेल: गलत, तेल या मैल के साथ साबुन का हाइड्रोफोबिक (अध्रुवीय) सिरा प्रतिक्रिया करता है।

#70. खाना पकाते समय यदि बर्तन की बाह्य सतह काली हो जाए, तो यह क्या इंगित करता है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 22/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) ईंधन का दहन अपूर्ण है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बर्तन का काला होना (Blackening of Cooking Vessel): जब गैस चूल्हा या स्टोव के छिद्र (Burner holes) बंद हो जाते हैं, तो पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इसके कारण ईंधन का अपूर्ण दहन (Incomplete Combustion) होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अपूर्ण दहन के परिणामस्वरूप बिना जले हुए कार्बन कण (कालिख या सोट) उत्पन्न होते हैं।
    • ये काले कार्बन कण बर्तन की बाहरी सतह पर चिपक जाते हैं, जिससे बर्तन काला होने लगता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate CBT 1 : 22 Mar, 2026) में ईंधन के दहन और उसके व्यावहारिक प्रभावों के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) अंदर का भोजन अधपका है: गलत, बर्तन का काला होना भोजन के पकने या कच्चे रहने से संबंधित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर ईंधन की जलने की प्रक्रिया (दहन) को दर्शाता है।
  • विकल्प (B) ईंधन पूर्णतः जल गया है: गलत, पूर्ण दहन होने पर नीली लौ निकलती है और कोई कालिख नहीं बनती, जिससे बर्तन काला नहीं होता।
  • विकल्प (D) ईंधन में नमी उपस्थित है: गलत, हालांकि नमी से कुछ प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन मुख्य और प्रत्यक्ष कारण ऑक्सीजन की कमी के कारण होने वाला अपूर्ण दहन और कालिक निर्माण है।



#71. संयंत्रों में जीवाश्म ईंधन की किस ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (A) रासायनिक ऊर्जा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जीवाश्म ईंधनों की ऊर्जा (Energy of Fossil Fuels): कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों में ऊर्जा रासायनिक बंधों (Chemical bonds) के रूप में संचित रहती है, जिसे रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ताप विद्युत संयंत्रों (Thermal Power Plants) में इन ईंधनों को जलाकर रासायनिक ऊर्जा को पहले ऊष्मीय ऊर्जा (Thermal Energy) में बदला जाता है।
    • इसके बाद भाप के माध्यम से टरबाइन चलाकर अंततः इस ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में परिवर्तित किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May 2019 Shift 2 CBT 1) में ऊर्जा रूपांतरण (Energy Transformation) और विद्युत उत्पादन के बुनियादी सिद्धांतों के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) ज्वारीय ऊर्जा: गलत, ज्वारीय ऊर्जा समुद्र के ज्वार-भाटे से प्राप्त होती है, जीवाश्म ईंधनों से नहीं।
  • विकल्प (C) जलविद्युत ऊर्जा: गलत, जलविद्युत ऊर्जा बहते हुए या ऊँचाई पर संचित पानी की स्थितिज ऊर्जा से बनाई जाती है।
  • विकल्प (D) सौर ऊर्जा: गलत, सौर ऊर्जा सीधे सूर्य के प्रकाश से प्राप्त होती है, जबकि जीवाश्म ईंधन पृथ्वी के भीतर दबे अवशेषों से मिलते हैं।

#72. पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के आधार पर, रासायनिक उर्वरकों और खादों के बीच मुख्य अंतर क्या है?
(RRB JE 20/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) खाद धीरे-धीरे पोषक तत्व मुक्त करती है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • खाद (Manure) बनाम रासायनिक उर्वरक (Chemical Fertilizers): खाद कार्बनिक पदार्थों के अपघटन से बनती है, जो मिट्टी में सूक्ष्मजीवों द्वारा धीरे-धीरे टूटती है। इस प्रक्रिया के कारण खाद पौधों को पोषक तत्व बहुत धीमी गति से और लंबे समय तक उपलब्ध कराती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसके विपरीत, रासायनिक उर्वरक अत्यधिक घुलनशील होते हैं और पौधों को तुरंत पोषक तत्व प्रदान करते हैं, लेकिन इससे मिट्टी की उर्वरता और सूक्ष्मजीवों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
    • खाद मिट्टी की जल-धारण क्षमता और संरचना में सुधार करती है, जबकि उर्वरक केवल विशिष्ट पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 20 Feb, 2026) में कृषि विज्ञान और पादप पोषण (Plant Nutrition) के अंतर्गत उर्वरकों और खादों की कार्यप्रणाली के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) खादों में पोषक तत्वों की सांद्रता अधिक और परिवर्तनशीलता कम होती है: गलत, खादों में पोषक तत्वों की सांद्रता कम होती है और प्राकृतिक स्रोतों पर आधारित होने के कारण उनमें परिवर्तनशीलता अधिक होती है, जबकि रासायनिक उर्वरकों में सांद्रता अधिक और निश्चित होती है।
  • विकल्प (B) रासायनिक उर्वरक, जैविक गतिविधि को बढ़ाते हैं: गलत, रासायनिक उर्वरक लंबे समय तक अत्यधिक उपयोग से मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीवों और जैविक गतिविधि को नुकसान पहुँचाते हैं, जबकि खाद जैविक गतिविधि को बढ़ावा देती है।
  • विकल्प (D) पारंपरिक रासायनिक उर्वरक धीरे-धीरे पोषक तत्व मुक्त करते हैं: गलत, पारंपरिक रासायनिक उर्वरक जल में जल्दी घुल जाते हैं और तेजी से (त्वरित गति से) पोषक तत्व मुक्त करते हैं, धीरे-धीरे नहीं।

#73. संतृप्त हाइड्रोकार्बन के जलने से किस प्रकार की ज्वाला उत्पन्न होगी?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) स्वच्छ ज्वाला (Clean flame)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • संतृप्त हाइड्रोकार्बन का दहन (Combustion of Saturated Hydrocarbons): संतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे एल्केन, उदाहरण के लिए मेथेन, एथेन आदि) पर्याप्त वायु (ऑक्सीजन) की उपस्थिति में सामान्यतः पूर्ण दहन (Complete Combustion) दर्शाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • पूर्ण दहन के परिणामस्वरूप ये नीली और एक साफ, धुएँरहित स्वच्छ ज्वाला (Clean flame / Non-sooty flame) उत्पन्न करते हैं।
    • चूंकि इसमें कार्बन पूरी तरह से कार्बन डाइऑक्साइड में बदल जाता है, इसलिए कोई कालिख (Soot) शेष नहीं बचती।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09 Mar, 2026) में हाइड्रोकार्बन के प्रकार और उनके जलने पर उत्पन्न होने वाली ज्वाला की प्रकृति के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) कज्जली ज्वाला: गलत, कज्जली ज्वाला (धुएँदार लौ) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन या अपूर्ण दहन की विशेषता है, संतृप्त हाइड्रोकार्बन की नहीं।
  • विकल्प (C) पीली ज्वाला: गलत, पीली और चमकदार लौ अपूर्ण दहन के कारण उत्पन्न होती है जब ऑक्सीजन की कमी होती है।
  • विकल्प (D) हरी ज्वाला: गलत, हरी ज्वाला सामान्य दहन प्रक्रिया में नहीं बल्कि कुछ विशिष्ट लवणों (जैसे तांबे के यौगिकों) की उपस्थिति में देखी जाती है।

#74. एक स्पैचुला पर नैप्थलीन के जलने से ______ उत्पन्न होती है।
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) कालिक युक्त ज्वाला

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नैप्थलीन का दहन (Combustion of Naphthalene): नैप्थलीन एक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन है जिसमें कार्बन की प्रतिशत मात्रा बहुत अधिक होती है। जब इसे स्पैचुला पर खुले में जलाया जाता है, तो ऑक्सीजन की अपर्याप्त आपूर्ति के कारण इसका अपूर्ण दहन होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • उच्च कार्बन सामग्री और अपूर्ण दहन के कारण यह एक चमकदार, धुएँदार और कालिक युक्त ज्वाला (Sooty flame) उत्पन्न करता है।
    • इस प्रक्रिया में अनजले कार्बन कण धुएँ और कालिख के रूप में बाहर निकलते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 26 Nov, 2024 Shift 3) में हाइड्रोकार्बन के दहन और उनसे उत्पन्न होने वाली ज्वाला की प्रकृति के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) लाल ज्वाला: गलत, सामान्य हाइड्रोकार्बन दहन में लाल रंग की मुख्य ज्वाला नहीं होती, बल्कि यह धुएँदार/पीली होती है।
  • विकल्प (B) स्वच्छ ज्वाला: गलत, स्वच्छ (नीली) ज्वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बन के पूर्ण दहन से बनती है, जबकि नैप्थलीन असंतृप्त/उच्च कार्बन यौगिक है जो कालिक उत्पन्न करता है।
  • विकल्प (C) पीली ज्वाला: गलत, यद्यपि इसमें पीली चमक होती है, लेकिन सटीक और अधिक व्यापक वैज्ञानिक विशेषता ‘कालिक युक्त ज्वाला’ (Sooty flame) है जो इसके प्रमुख अवशेष को दर्शाती है।

#75. पादप सामग्री से कोयले के निर्माण के दौरान, लाखों वर्षों तक उच्च दाब और ताप के अंतर्गत रासायनिक और भौतिक परिवर्तनों का एक अनुक्रम घटित होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा, कोयले के निर्माण के दौरान कार्बन की मात्रा में क्रमिक वृद्धि को सही प्रकार से निरूपित करता है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026)

✨ सही उत्तर: (C) पीट → लिग्नाइट → बिटुमेनी → एन्थ्रेसाइट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोयले का निर्माण (Coalification): पौधों के अवशेषों के लाखों वर्षों तक पृथ्वी के नीचे उच्च ताप और दाब के प्रभाव से कोयले में बदलने की प्रक्रिया को कोयले का निर्माण कहते हैं, जिसमें समय के साथ कार्बन की मात्रा क्रमिक रूप से बढ़ती जाती है।
  • कार्बन की मात्रा का बढ़ता क्रम:
    • पीट (Peat): यह कोयले की सबसे पहली अवस्था है जिसमें कार्बन की मात्रा सबसे कम (लगभग 40 से 55 प्रतिशत) और नमी अधिक होती है।
    • लिग्नाइट (Lignite): इसे भूरा कोयला भी कहा जाता है, जिसमें कार्बन की मात्रा पीट से अधिक (लगभग 60 से 70 प्रतिशत) होती है।
    • बिटुमेनी (Bituminous): यह व्यापक रूप से उपयोग होने वाला कोयला है जिसमें कार्बन की मात्रा लगभग 70 से 80 प्रतिशत होती है।
    • एन्थ्रेसाइट (Anthracite): यह कोयले का सबसे उच्चतम और शुद्धतम रूप है जिसमें कार्बन की मात्रा सर्वाधिक (90 प्रतिशत या उससे अधिक) होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 06 Mar, 2026) में कोयला निर्माण के विभिन्न चरणों और उनमें कार्बन की सांद्रता के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A), (B) और (D): गलत, इनमें कोयले के चरणों का सही आरोही क्रम (कम से अधिक कार्बन प्रतिशत के आधार पर) व्यवस्थित नहीं किया गया है। सही क्रम हमेशा पीट से शुरू होकर एन्थ्रेसाइट पर समाप्त होता है।



#76. निम्नलिखित में से कौन-सा, रासायनिक ऊर्जा के ऊष्मा ऊर्जा में रूपांतरण का सर्वोत्तम उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025)

✨ सही उत्तर: (B) लकड़ी का जलना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक ऊर्जा का ऊष्मा ऊर्जा में रूपांतरण (Conversion of Chemical Energy to Heat Energy): लकड़ी जैसे ईंधन में ऊर्जा रासायनिक बंधों के रूप में संचित रहती है। जब इसे जलाया जाता है, तो रासायनिक अभिक्रिया (दहन) के माध्यम से यह संचित ऊर्जा ऊष्मा (Thermal energy/Heat) और प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • दहन एक ऐसी रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके बड़ी मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है।
    • यह प्रत्यक्ष रूप से रासायनिक ऊर्जा के ऊष्मा ऊर्जा में बदलने का सबसे उत्तम उदाहरण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27 Nov, 2025) में ऊर्जा के रूपांतरण (Energy Conversion) के सिद्धांतों के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) विद्युत से चलने वाली मोटर: गलत, यह विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) को यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) में बदलती है।
  • विकल्प (C) बैटरी द्वारा बल्ब जलाना: गलत, इसमें रासायनिक ऊर्जा पहले विद्युत ऊर्जा में और फिर प्रकाश तथा ऊष्मा ऊर्जा में बदलती है।
  • विकल्प (D) सौर कुकर से भोजन गरम करना: गलत, सौर कुकर सौर ऊर्जा (Solar Energy) का उपयोग करता है, रासायनिक ऊर्जा का नहीं।

#77. निम्नलिखित गैसों में से किसका ऊष्मीय मान उच्चतम है?
(RRB JE 23 May 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) हाइड्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊष्मीय मान (Calorific Value): किसी ईंधन के एकांक द्रव्यमान (या आयतन) के पूर्ण दहन से जितनी ऊष्मा ऊर्जा प्राप्त होती है, उसे उसका ऊष्मीय मान कहते हैं। इसे किलोजूल प्रति किलोग्राम (kJ/kg) में मापा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • हाइड्रोजन गैस का ऊष्मीय मान सभी ज्ञात ईंधनों में सर्वाधिक (लगभग 150,000 kJ/kg) होता है।
    • यद्यपि इसका ऊष्मीय मान सबसे अधिक होता है, फिर भी अत्यधिक ज्वलनशील प्रकृति और भंडारण में कठिनाई के कारण इसे सामान्य घरेलू ईंधन के रूप में उपयोग नहीं किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 23 May 2019 Shift 3) में ईंधनों के ऊष्मीय मान और उनकी दक्षता के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) रसोई गैस (LPG): गलत, एलपीजी का ऊष्मीय मान उच्च होता है (लगभग 55,000 kJ/kg), लेकिन यह हाइड्रोजन से काफी कम है।
  • विकल्प (C) प्राकृतिक गैस: गलत, प्राकृतिक गैस का ऊष्मीय मान भी एलपीजी के आसपास होता है, जो हाइड्रोजन की तुलना में कम है।
  • विकल्प (D) मीथेन: गलत, मीथेन प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है, और इसका ऊष्मीय मान भी हाइड्रोजन से कम होता है।

#78. जब हम रसोईघर में गैस स्टोव के पास जलती हुई माचिस की तीली लाते हैं और गैस स्टोव का नॉब चालू करते हैं, तो किस प्रकार का दहन होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 16 Jun, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) तीव्र दहन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तीव्र दहन (Rapid Combustion): जब किसी ईंधन को जलने के लिए बाहरी ऊष्मा (जैसे जलती हुई माचिस की तीली) दी जाती है और वह बहुत कम समय में तेजी से जलकर भारी मात्रा में ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करता है, तो इसे तीव्र दहन कहते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • गैस स्टोव का नॉब चालू करने पर एलपीजी (LPG) माचिस की तीली की चिंगारी पाते ही तुरंत और तेजी से जलने लगती है, जो तीव्र दहन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
    • इसमें किसी स्वतःस्फूर्त प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि यह बाहरी ट्रिगर (माचिस की तीली) से तुरंत शुरू होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 16 Jun, 2025 Shift 2) में दहन के विभिन्न प्रकारों और उनके व्यावहारिक उदाहरणों के आधार पर पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) स्वतःस्फूर्त दहन (Spontaneous Combustion): गलत, स्वतःस्फूर्त दहन वह होता है जिसमें पदार्थ बिना किसी बाहरी ऊष्मा या चिंगारी के अपने आप कमरे के तापमान या सामान्य स्थिति में जल उठता है (जैसे फास्फोरस का हवा में जलना)।
  • विकल्प (B) धीमी दहन (Slow Combustion): गलत, धीमी दहन में प्रक्रिया बहुत धीमी गति से होती है और लंबे समय तक चलती है (जैसे शरीर में भोजन का पचना या लोहे में जंग लगना)।
  • विकल्प (D) विलंबित दहन: गलत, यह दहन का कोई मानक या मुख्य वैज्ञानिक प्रकार नहीं है।
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