गुरुत्वाकर्षण Railway PYQ

 

Results

#1. द्रव्यमान M और त्रिज्या R वाले ग्रह की सतह पर गुरुーवीय त्वरण का व्यंजक क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) g = GM/R²

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के अनुसार, किसी ग्रह (द्रव्यमान $M$ और त्रिज्या $R$) की सतह पर रखे हुए $m$ द्रव्यमान के पिंड पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल F = \frac{GMm}{R^2} होता है।
  • व्युत्पत्ति (Derivation): वस्तु के भार ($F = mg$) को गुरुत्वाकर्षण बल के बराबर रखने पर:
    $mg = \frac{GMm}{R^2}$
    दोनों ओर से द्रव्यमान ($m$) कट जाता है, जिससे गुरुत्वीय त्वरण का व्यंजक प्राप्त होता है: g = \frac{GM}{R^2}
  • विशेषता: यहाँ $G$ सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक (Universal Gravitational Constant) है। यह सूत्र यह दर्शाता है कि गुरुत्वीय त्वरण वस्तु के अपने द्रव्यमान ($m$) पर निर्भर नहीं करता, बल्कि ग्रह के द्रव्यमान ($M$) और उसकी त्रिज्या ($R$) पर निर्भर करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 11/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) g = GR/M²: गलत, यह सूत्र गुरुत्वीय त्वरण के भौतिक संबंध और विमीय रूप से पूरी तरह अमान्य है।
  • विकल्प (C) g = GM²/R: गलत, इसमें द्रव्यमान और त्रिज्या का गलत अनुपात दिया गया है।
  • विकल्प (D) g = R/GM²: गलत, यह व्यंजक गुरुत्वीय त्वरण के मूल समीकरण से मेल नहीं खाता है।

#2. जब आप किसी वृक्ष को हिलाते हैं, तो फल ________ के कारण गिरते हैं।
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) गुरुत्व और विराम के जड़त्व

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब किसी वृक्ष को अचानक हिलाया जाता है, तो पेड़ और उसकी शाखाएँ तो गति में आ जाती हैं, लेकिन फल अपने विराम के जड़त्व (Inertia of Rest) के कारण अपनी विराम अवस्था को बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
  • घटना की प्रक्रिया: पेड़ के आगे पीछे होने पर भी फल अपनी जगह टिके रहना चाहते हैं, जिससे उनकी डंठल टूट जाती है या वे पेड़ से अलग हो जाते हैं। इसके बाद पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल (Gravity) के कारण वे नीचे ज़मीन पर गिर जाते हैं। अतः इस घटना में विराम का जड़त्व और गुरुत्व दोनों संयुक्त रूप से कार्य करते हैं।
  • अन्य उदाहरण: कंबल को डंडे से पीटने पर धूल के कणों का झाड़कर नीचे गिरना भी विराम के जड़त्व का ही एक प्रसिद्ध उदाहरण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 27/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) गति के जड़त्व: गलत, गति का जड़त्व तब काम करता है जब गतिमान वस्तु अचानक रुक जाए (जैसे चलती गाड़ी के अचानक रुकने पर यात्री का आगे झुकना)। यहाँ फल विराम अवस्था में थे।
  • विकल्प (B) केवल गुरुत्व: अधूरा, केवल गुरुत्व कहना सही नहीं होगा क्योंकि फलों का अपनी जगह से अलग होना मुख्य रूप से विराम के जड़त्व के कारण होता है, हालांकि गिरने में गुरुत्व मदद करता है।
  • विकल्प (C) वायु दाब: गलत, वायु दाब का फलों के इस प्रकार टूटने या गिरने से कोई सीधा संबंध नहीं है।

#3. गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण ‘g’ का मान ________ है
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) ध्रुवों पर भूमध्य रेखा की तुलना में अधिक

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): पृथ्वी की आकृति पूर्ण गोलाकार न होकर ध्रुवों पर चपटी और भूमध्य रेखा पर उभरी हुई है। इसके कारण पृथ्वी की त्रिज्या ($R$) ध्रुवों पर सबसे कम और भूमध्य रेखा (Equator) पर सबसे अधिक होती है।
  • त्रिज्या और $g$ का संबंध: चूँकि गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र g = \frac{GM}{R^2} होता है, इससे स्पष्ट है कि $g$ त्रिज्या के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है ($g \propto \frac{1}{R^2}$)।
  • निष्कर्ष: ध्रुवों पर त्रिज्या कम होने के कारण गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान सबसे अधिक होता है, जबकि भूमध्य रेखा पर त्रिज्या अधिक होने के कारण $g$ का मान सबसे कम होता है। इसके अलावा, पृथ्वी के घूर्णन (Rotation) का प्रभाव भी भूमध्य रेखा पर $g$ को कम करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) भूमध्य रेखा पर ऋणात्मक और ध्रुवों पर धनात्मक: गलत, गुरुत्वीय त्वरण किसी भी स्थान पर ऋणात्मक नहीं होता, बल्कि इसका मान अक्षांश के अनुसार घटता-बढ़ता है।
  • विकल्प (B) भूमध्य रेखा पर ध्रुवों की तुलना में अधिक: गलत, भूमध्य रेखा पर त्रिज्या अधिक होने के कारण $g$ का मान कम होता है, अधिक नहीं।
  • विकल्प (C) ध्रुवों और भूमध्य रेखा पर समान: गलत, पृथ्वी की आकृति चपटी होने और अपकेंद्रीय बल के कारण $g$ का मान सभी जगहों पर एक समान नहीं होता है।

#4. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) किसी वस्तु का द्रव्यमान स्थिर होता है और स्थान-स्थान पर नहीं बदलता।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): द्रव्यमान (Mass) किसी वस्तु के अंदर मौजूद कुल पदार्थ की मात्रा (Quantity of Matter) है। यह एक मूल और अचर राशि है, जो ब्रह्मांड में किसी भी स्थान (पृथ्वी, चंद्रमा, अंतरिक्ष आदि) पर जाने पर नहीं बदलती है।
  • द्रव्यमान बनाम भार: द्रव्यमान हमेशा स्थिर रहता है, जबकि भार ($W = mg$) गुरुत्वीय त्वरण ($g$) के बदलने के कारण स्थान-स्थान पर बदल जाता है (जैसे चंद्रमा पर भार पृथ्वी के भार का 1/6 हो जाता है)।
  • भौतिक राशि: द्रव्यमान एक अदिश राशि है और इसका एसआई मात्रक किलोग्राम ($\text{kg}$) है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) किसी वस्तु का भार वह शक्ति है…: गलत, भार कोई शक्ति नहीं बल्कि वह बल है जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर खींचती है ($W = mg$)।
  • विकल्प (B) किसी वस्तु का भार स्थिर होता है…: गलत, भार स्थिर नहीं होता क्योंकि यह गुरुत्वीय त्वरण ($g$) पर निर्भर करता है जो अलग-अलग स्थानों पर बदलता रहता है।
  • विकल्प (D) भार, वेग और गुरुत्वीय त्वरण के गुणनफल के बराबर होता है: गलत, भार का सही सूत्र द्रव्यमान और गुरुत्वीय त्वरण का गुणनफल ($W = mg$) होता है, इसमें वेग का कोई संबंध नहीं है।

#5. चंद्रमा पृथ्वी के चारों और सीधी रेखा के बजाय वक्रित पथ पर घूमती है क्योंकि ……………
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल अभिकेन्द्रिय बल प्रदान करता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन की गति के पहले नियम के अनुसार, यदि किसी वस्तु पर कोई बाह्य बल न लगे तो वह सीधी रेखा में चलती रहेगी। लेकिन चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर वृत्ताकार या वक्रित (Curved) पथ पर चक्कर लगाता है क्योंकि पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) उसे लगातार अपनी केंद्र की ओर खींचता है।
  • अभिकेंद्र बल (Centripetal Force): पृथ्वी का यह गुरुत्वाकर्षण आकर्षण बल ही चंद्रमा को वृत्ताकार कक्षा में घूमने के लिए आवश्यक अभिकेंद्र बल प्रदान करता है, जिससे वह अपनी सीधी दिशा से मुड़कर वक्रित पथ पर गति करता रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 15/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) चंद्रमा में कोई जड़त्व नहीं है: गलत, प्रत्येक द्रव्यमान वाली वस्तु में जड़त्व होता है, और चंद्रमा में भी जड़त्व का गुण मौजूद है।
  • विकल्प (C) सूर्य का प्रकाश चंद्रमा को धकेलटा है: गलत, सूर्य का प्रकाश केवल ऊर्जा देता है, वह किसी वस्तु को इस प्रकार धकेल कर कक्षा में नहीं घुमाता।
  • विकल्प (D) चंद्रमा का द्रव्यमान बहुत बड़ा है: गलत, चंद्रमा का द्रव्यमान पृथ्वी की तुलना में काफी कम (लगभग 1/81 वां हिस्सा) है, इसलिए इसके पथ का निर्धारण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा होता है।



#6. ट्रॉपिज़्म से संबंधित गलत कथन का चयन कीजिए।
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर (गलत कथन): (C) प्रकाश आकर्षण – जल की ओर गति

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): ट्रॉपिज़्म (Tropism या अनुवर्तन) पौधों में होने वाली दिशात्मक वृद्धि गतियाँ (Directional Growth Movements) हैं जो किसी बाहरी उद्दीपन (Stimulus) के जवाब में होती हैं।
  • प्रकाशानुवर्तन (Phototropism / प्रकाश आकर्षण): यह प्रकाश (Light) के उद्दीपन के प्रति पौधे की गति है (जैसे पौधे के तने का प्रकाश की ओर झुकना)। अतः विकल्प (C) में ‘जल की ओर गति’ दिया गया है, जो कि गलत है क्योंकि जल की ओर होने वाली गति को जलानुवर्तन (Hydrotropism) कहते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) रसायन आकर्षण (Chemotropism): यह रसायनों की उपस्थिति के जवाब में होने वाली गति है (जैसे पराग नलिका का बीजांड की ओर बढ़ना), अतः यह सही सुमेलित है।
  • विकल्प (B) भू आकर्षण (Geotropism): यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के जवाब में होती है (जैसे जड़ों का नीचे की ओर बढ़ना), अतः यह भी सही है।
  • विकल्प (D) जल आकर्षण (Hydrotropism): यह नमी या जल की ओर होने वाली पौधों की वृद्धि गति है (जैसे जड़ों का पानी की तलाश में आगे बढ़ना), अतः यह भी बिल्कुल सही है।

#7. किसी वस्तु का भार पृथ्वी की अपेक्षा चंद्रमा पर कम होता है, क्योंकि ________
|(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) चंद्रमा का गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी की तुलना में कम होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): किसी वस्तु का भार ($W$) उसके द्रव्यमान ($m$) और गुरुत्वीय त्वरण ($g$) के गुणनफल के बराबर होता है (W = mg)।
  • चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण: चंद्रमा का द्रव्यमान और आकार पृथ्वी की तुलना में काफी कम है, जिसके कारण चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का लगभग छठा हिस्सा ($\frac{1}{6}$) होता है। इस वजह से चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी की तुलना में घटकर एक-तिहाई या एक-छठवां रह जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 11/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) वायु प्रतिरोध के कारण वस्तु हल्की हो जाती है: गलत, चंद्रमा पर वायुमंडल ही नहीं है (वहाँ निर्वात है), इसलिए वायु प्रतिरोध का कोई सवाल ही नहीं उठता।
  • विकल्प (B) चंद्रमा पर वस्तु का द्रव्यमान कम हो जाता है: गलत, द्रव्यमान (Mass) एक अचर राशि है जो ब्रह्मांड में कहीं भी जाने पर नहीं बदलती, केवल भार (Weight) बदलता है।
  • विकल्प (C) चंद्रमा अधिक बल के साथ वस्तुओं को आकर्षित करता है: गलत, यदि चंद्रमा अधिक बल से आकर्षित करता, तो वस्तु का भार बढ़ जाता, जबकि वास्तविकता में चंद्रमा का आकर्षण बल पृथ्वी से कम होता है।

#8. जब एक रॉकेट को ऊपर की ओर प्रक्षेपित किया जाता है, तो उस पर लगने वाले बल ________ होते हैं。
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) असंतुलित

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब किसी वस्तु में त्वरण (Acceleration) उत्पन्न होता है (जैसे रॉकेट का ऊपर की ओर त्वरित होना), तो उस पर लगने वाले परिणामी बल शून्य नहीं होते, अर्थात वे असंतुलित (Unbalanced) बल होते हैं।
  • रقمी विश्लेषण (Forces Action): रॉकेट के इंजन द्वारा उत्पन्न ऊपर की ओर का प्रणोद बल (Thrust Force) नीचे की ओर लगने वाले गुरुत्वाकर्षण बल और वायुमंडल के प्रतिरोध से कहीं अधिक होता है। इन दोनों बलों के अंतर के कारण एक नेट (परिणामी) असंतुलित बल ऊपर की दिशा में कार्य करता है, जिससे रॉकेट आसमान की ओर प्रक्षेपित होता है।
  • नियम संबंध: न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, त्वरण के लिए असंतुलित बल का होना अनिवार्य है ($F_{\text{net}} = ma$)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 19/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सभी दिशाओं में समान: गलत, यदि सभी दिशाओं में बल समान होते, तो वे एक-दूसरे को निरस्त कर देते और परिणामी बल शून्य हो जाता, जिससे रॉकेट गति नहीं कर पाता।
  • विकल्प (B) संतुलित: गलत, संतुलित बलों का परिणामी बल शून्य होता है, जिसके अधीन वस्तु में कोई त्वरण उत्पन्न नहीं होता (वस्तु स्थिर या एकसमान वेग से चलती है)।
  • विकल्प (C) केवल गुरुत्वाकर्षण: गलत, यदि केवल गुरुत्वाकर्षण बल कार्य करता, तो रॉकेट ऊपर जाने के बजाय पृथ्वी की ओर ही खिंचा चला आता।

#9. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, द्रव्यमान और भार के बीच अंतर का सही वर्णन करता है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) द्रव्यमान हर जगह एक समान रहता है, लेकिन भार स्थान के साथ बदलता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रव्यमान (Mass): यह किसी वस्तु के भीतर मौजूद पदार्थ की कुल मात्रा है। यह एक अदिश राशि है और ब्रह्मांड में किसी भी स्थान (पृथ्वी, चंद्रमा या अंतरिक्ष) पर जाने पर यह कभी नहीं बदलती (अर्थात यह सदैव नियत रहती है)।
  • भार (Weight): यह वह बल है जिससे पृथ्वी या कोई अन्य खगोलीय पिंड किसी वस्तु को अपने केंद्र की ओर आकर्षित करता है (W = mg)। चूँकि गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान अलग-अलग ग्रहों या स्थानों पर अलग-अलग होता है, इसलिए भार स्थान के अनुसार बदलता रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III 10/03/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) द्रव्यमान एक ग्रह से दूसरे ग्रह पर बदलता है, लेकिन भार एक समान रहता है: गलत, यह कथन पूरी तरह विपरीत है; द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है जबकि भार ग्रह बदलने पर बदल जाता है।
  • विकल्प (B) द्रव्यमान और भार दोनों ही स्थान के साथ बदलते हैं: गलत, द्रव्यमान स्थान के साथ नहीं बदलता, वह हमेशा स्थिर रहता है।
  • विकल्प (D) भार और द्रव्यमान दोनों ही हर जगह नियत रहते हैं: गलत, द्रव्यमान तो नियत रहता है लेकिन भार गुरुत्वीय त्वरण के कारण स्थान बदलने पर बदल जाता है।

#10. चंद्रमा पर किसी पिंड का भार पृथ्वी की अपेक्षा कम होता है, क्योंकि ________ |
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण कम होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): किसी वस्तु का भार ($W$) उसके द्रव्यमान ($m$) और गुरुत्वीय त्वरण ($g$) के गुणनफल पर निर्भर करता है (W = mg)।
  • गुरुत्वीय त्वरण का प्रभाव: चंद्रमा का आकार और द्रव्यमान पृथ्वी की तुलना में बहुत कम होने के कारण वहाँ का गुरुत्वीय त्वरण ($g$) भी पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का लगभग $\frac{1}{6}$वां हिस्सा होता है। इस कारण से चंद्रमा पर किसी भी पिंड का भार पृथ्वी की अपेक्षा कम (लगभग एक-छठवां) महसूस होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 27/11/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है: गलत, वायुमंडल के न होने का भार कम होने से कोई सीधा संबंध नहीं है; भार पूरी तरह से गुरुत्वीय खिंचाव पर निर्भर करता है।
  • विकल्प (B) चंद्रमा पर पिंड का द्रव्यमान घटता है: गलत, द्रव्यमान (Mass) एक अपरिवर्तनीय और स्थिर राशि है जो स्थान बदलने पर कभी नहीं घटती-बढ़ती।
  • विकल्प (C) चंद्रमा का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान के बराबर है: गलत, चंद्रमा का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान के बराबर नहीं है, बल्कि यह पृथ्वी का बहुत छोटा हिस्सा (लगभग 1/81 वां) है।



#11. पृथ्वी की सतह पर गुरुーवीय कारण त्वरण …………द्वारा दिया जाता है।
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) g = GM/R²

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के अनुसार, पृथ्वी (द्रव्यमान $M$ और त्रिज्या $R$) की सतह पर रखे $m$ द्रव्यमान के पिंड पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल F = \frac{GMm}{R^2} होता है।
  • व्युत्पत्ति (Derivation): वस्तु के भार ($F = mg$) को गुरुत्वाकर्षण बल के बराबर रखने पर:
    $mg = \frac{GMm}{R^2}$
    दोनों पक्षों से द्रव्यमान ($m$) निरस्त हो जाता है, जिससे गुरुत्वीय त्वरण का व्यंजक प्राप्त होता है: g = \frac{GM}{R^2}
  • महत्वपूर्ण बिंदु: यहाँ $G$ सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक है। यह समीकरण दर्शाता है कि गुरुत्वीय त्वरण वस्तु के अपने द्रव्यमान ($m$) पर निर्भर नहीं करता, बल्कि पृथ्वी के द्रव्यमान और उसकी त्रिज्या के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 14/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) g = GM: गलत, यह व्यंजक विमीय रूप से अधूरा है और इसमें त्रिज्या का प्रभाव नहीं दर्शाया गया है।
  • विकल्प (B) g = R²/GM: गलत, यह सही सूत्र का उल्टा (व्युत्क्रम) रूप है।
  • विकल्प (D) g = GM/R: गलत, इसमें त्रिज्या का वर्ग न होकर केवल एकघात ($R$) दी गई है, जो भौतिकी के नियमानुसार गलत है।

#12. पृथ्वी की सतह पर गुरुーवीय त्वरण (g) का सूत्र ____________ है।
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) g = GM/R²

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के नियमानुसार, पृथ्वी (द्रव्यमान $M$ और त्रिज्या $R$) की सतह पर रखे $m$ द्रव्यमान के पिंड पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल F = \frac{GMm}{R^2} होता है।
  • व्युत्पत्ति (Derivation): वस्तु के भार ($F = mg$) को गुरुत्वाकर्षण बल के बराबर रखने पर:
    $mg = \frac{GMm}{R^2}$
    दोनों पक्षों से द्रव्यमान ($m$) कट जाता है, जिससे गुरुत्वीय त्वरण का व्यंजक प्राप्त होता है: g = \frac{GM}{R^2}
  • विशेषता: यह सूत्र स्पष्ट करता है कि गुरुत्वीय त्वरण ($g$) वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता, बल्कि यह पृथ्वी के द्रव्यमान और उसकी त्रिज्या के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 12/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) g = R²/GM: गलत, यह सही सूत्र का उल्टा (व्युत्क्रम) रूप है।
  • विकल्प (C) g = G/MR²: गलत, यह सूत्र गुरुत्वीय त्वरण के भौतिक व्यंजक से मेल नहीं खाता है।
  • विकल्प (D) g = GM/R: गलत, इसमें त्रिज्या का वर्ग न होकर केवल एकघात ($R$) दी गई है, जो नियमानुसार गलत है।

#13. किसी व्यक्ति का वास्तविक वजन उसके ________ द्वारा निर्धारित किया جاتا है।
(RRB ALP Electrician : 22 Jan, 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) गुरुत्वाकर्षण के कारण द्रव्यमान और त्वरण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): किसी भी वस्तु या व्यक्ति का वास्तविक वजन (भार) उसके द्रव्यमान ($m$) और गुरुत्वाकर्षण के कारण उत्पन्न त्वरण ($g$) के गुणनफल पर निर्भर करता है। इसका प्रसिद्ध सूत्र W = mg होता है।
  • वजन की प्रकृति: वजन मूल रूप से वह बल है जिससे पृथ्वी किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है। चूँकि यह एक बल है, इसका एसआई मात्रक न्यूटन ($\text{N}$) होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP Electrician : 22 Jan, 2019 Shift 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) द्रव्यमान और चौड़ाई: गलत, चौड़ाई का वजन या भार से कोई भौतिक संबंध नहीं है।
  • विकल्प (B) द्रव्यमान: अधूरा, केवल द्रव्यमान वस्तु के ‘मास’ को दर्शाता है, लेकिन वजन तय करने के लिए गुरुत्वीय त्वरण ($g$) की भी आवश्यकता होती है।
  • विकल्प (C) द्रव्यमान और ऊंचाई: गलत, ऊंचाई का वजन के निर्धारण से सीधा संबंध नहीं होता है।

#14. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम का सटीक वर्णन करता है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) गुरुत्वाकर्षण बल पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल के साथ बढ़ता है और उनके बीच की दूरी के वर्ग के साथ घटता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम (Universal Law of Gravitation) के अनुसार, ब्रह्मांड में प्रत्येक पिंड प्रत्येक अन्य पिंड को एक आकर्षण बल से आकर्षित करता है जो दोनों पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती (Directly Proportional) और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होता है: F = G(m₁m₂) / r²
  • संबंध: पिंडों का द्रव्यमान बढ़ने पर उनके बीच का गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ता है, जबकि उनके बीच की दूरी बढ़ने पर बल तेजी से घटता है (दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होने के कारण)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III 06/03/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पिंडों के बीच की दूरी बढ़ने पर गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ता है: गलत, दूरी बढ़ने पर गुरुत्वाकर्षण बल घटता है, क्योंकि बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
  • विकल्प (C) पिंडों के द्रव्यमान बढ़ने पर गुरुत्वाकर्षण बल घटता है: गलत, द्रव्यमान बढ़ने पर गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ता है क्योंकि यह द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती होता है।
  • विकल्प (D) गुरुत्वाकर्षण बल केवल पिंडों के बीच की दूरी पर निर्भर करता है, उनके द्रव्यमानों पर नहीं: गलत, गुरुत्वाकर्षण बल पिंडों के द्रव्यमान और उनके बीच की दूरी दोनों पर निर्भर करता है।

#15. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) किसी दिए गए वस्तु का भार पृथ्वी पर, चाँद की तुलना में 6 गुना अधिक होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): किसी वस्तु का भार ($W = mg$) उस स्थान के गुरुत्वीय त्वरण ($g$) पर निर्भर करता है। चंद्रमा का गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का लगभग छठा हिस्सा ($\frac{1}{6}$) होता है।
  • मान संबंध: चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार का $\frac{1}{6}$वां भाग होता है। इसका मतलब यह हुआ कि पृथ्वी पर किसी वस्तु का भार, चाँद की तुलना में 6 गुना अधिक होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) किसी दिए गए वस्तु का भार चाँद पर, पृथ्वी की तुलना में 6 गुना अधिक होता है: गलत, चाँद पर गुरुत्वाकर्षण कम होने के कारण भार कम (छठवां हिस्सा) होता है, अधिक नहीं।
  • विकल्प (B) किसी दिए गए वस्तु का भार पृथ्वी या चाँद पर मापने पर समान होता है: गलत, भार स्थान बदलने पर बदल जाता है क्योंकि वहाँ गुरुत्वीय त्वरण अलग-अलग होता है (द्रव्यमान समान रहता है, भार नहीं)।
  • विकल्प (D) किसी दिए गए वस्तु का भार पृथ्वी पर, चाँद की तुलना में 2 गुना अधिक होता है: गलत, पृथ्वी पर भार चाँद की तुलना में 2 गुना नहीं बल्कि 6 गुना अधिक होता है।



#16. जब कोई वस्तु भूमि के निकट स्वतंत्र रूप से गिरती है, तो उसकी गति की दिशा ________ |
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) समान रहती है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब कोई वस्तु भूमि के निकट स्वतंत्र रूप से (Freely Fall) गिरती है, तो उस पर केवल पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर कार्य करता है।
  • गति की दिशा और वेग: चूँकि गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा पृथ्वी के केंद्र की ओर (नीचे की दिशा में) कार्य करता है, इसलिए गिरती हुई वस्तु की गति की दिशा हमेशा नीचे की ओर (लंबवत) समान बनी रहती है। हालांकि, गुरुत्वीय त्वरण के कारण वस्तु का वेग (Speed) लगातार बढ़ता जाता है, लेकिन उसकी दिशा में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 08/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) लगातार परिवर्तित होती रहती है: गलत, स्वतंत्र रूप से नीचे गिरती हुई वस्तु सीधी रेखा में नीचे की ओर आती है, इसलिए उसकी दिशा में कोई बदलाव नहीं होता (परिवर्तन वेग के परिमाण में होता है, दिशा में नहीं)।
  • विकल्प (C) गुरुत्वाकर्षण के विपरीत हो जाती है: गलत, वस्तु गुरुत्वाकर्षण बल की दिशा में ही नीचे गिरती है, उसके विपरीत नहीं जाती।
  • विकल्प (D) क्षैतिज हो जाती है: गलत, क्षैतिज (Horizontal) गति तब होती है जब वस्तु को आगे की ओर फेंका जाए, स्वतंत्र रूप से गिरने वाली वस्तु की गति ऊर्ध्वाधर (Vertical) होती है।

#17. अमावस्या के बाद, अगले चौदह दिनों में जब चंद्रमा मोटा और मोटा होता जाता है और पूर्ण, निकट-पूर्ण गोल चंद्रमा के रूप में दिखाई देता है, चंद्रमा का कौन सा चरण कहलाता है?
(RRB JE ME 31 Aug 2019 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (A) चंद्रमा का वर्धमान चरण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): अमावस्या (New Moon) के बाद के पखवाड़े (शुक्ल पक्ष) में चंद्रमा का प्रकाशित भाग धीरे-धीरे बढ़ता जाता है और वह पूर्णिमा (Full Moon) की ओर अग्रसर होता है। चंद्रमा के आकार में होने वाली इस वृद्धि या बढ़ने की प्रक्रिया को वर्धमान चरण (Waxing Phase) कहा जाता है।
  • चरण क्रम: इस दौरान चंद्रमा पहले पतली crescent (वर्धमान) से होते हुए आधे चंद्रमा (First Quarter) और अंततः पूर्ण गोल चंद्रमा (Full Moon) के रूप में दिखाई देता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME 31 Aug 2019 CBT 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) चंद्रमा का क्षीयमान चरण (Waning Phase): गलत, क्षीयमान चरण पूर्णिमा के बाद अमावस्या की ओर आने पर होता है, जिसमें चंद्रमा का आकार घटता है।
  • विकल्प (C) चंद्रमा का घटता चरण: गलत, यह चरण आकार घटने को प्रदर्शित करता है जबकि प्रश्न में चंद्रमा के बड़े (मोटा) होने की बात कही गई है।
  • विकल्प (D) चंद्रमा का लुप्त चरण: गलत, यह अमावस्या के आसपास की स्थिति को दर्शाता है जहाँ चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता।

#18. निम्नलिखित में से कौन-सा चंद्रमा पर ध्वनि न सुन पाने का सही कारण है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) चंद्रमा पर कोई वायुमंडल नहीं है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें (Mechanical Waves) होती हैं, जिनके संचरण (Propagation) के लिए किसी न किसी माध्यम (जैसे हवा, पानी या ठोस पदार्थ) की आवश्यकता होती है।
  • निर्वात की स्थिति: चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण बल कम होने के कारण वहाँ कोई वायुमंडल (Atmosphere) नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप वहाँ पूर्ण निर्वात (Vacuum) की स्थिति होती है। माध्यम के अभाव के कारण चंद्रमा की सतह पर एक-दूसरे से बात कर रहे दो व्यक्ति एक-הूरे की आवाज़ नहीं सुन सकते।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 26/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) चंद्रमा बहुत ठंडा है: गलत, तापमान का कम या ज्यादा होना ध्वनि के संचरण को सीधे तौर पर नहीं रोकता, जब तक कि बीच में कोई भौतिक माध्यम (गैस) मौजूद न हो।
  • विकल्प (B) चंद्रमा पृथ्वी से बहुत दूर है: गलत, दूरी का ध्वनि न सुन पाने से कोई संबंध नहीं है; अंतरिक्ष यात्री जब चंद्रमा पर होते हैं, तो वे पास खड़े होने पर भी बिना रेडियो उपकरण के बात नहीं कर सकते क्योंकि वहाँ हवा नहीं है।
  • विकल्प (D) चंद्रमा पर गढ़े हैं: गलत, सतह पर गड्ढे (Craters) होने से ध्वनि के संचरण या माध्यम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

#19. वनस्पती धन भगुरुत्वाकर्षण हालचालीसाठी खालीलपैकी कोणते कारणीभूत असते?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )

✨ योग्य उत्तर: (A) गुरुत्वाकर्षण

💡 तपशीलवार नोंदी (Detailed Notes):
  • संकल्पना (Concept): वनस्पतींच्या मुळांची पृथ्वीच्या गुरुत्वाकर्षण शक्तीच्या दिशेने होणारी वाढीची हालचाल म्हणजेच धन भूगुरुत्वाकर्षण (Positive Geotropism) होय.
  • मुख्य घटक: या प्रकारच्या दिशात्मक वाढीच्या हालचालीसाठी मुख्यत्वे गुरुत्वाकर्षण (Gravity) हे उद्दीपन (Stimulus) कारणीभूत असते.
  • परीक्षा संदर्भ: हा प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 03/12/2025) मध्ये विचारण्यात आला होता.

🔍 इतर पर्यायांचे विश्लेषण (हे योग्य का नाहीत?):
  • पर्याय (B) प्रकाश: चुकीचे, प्रकाशाच्या उद्दीपणाकडे होणाऱ्या हालचालीला प्रकाशानुवर्तन (Phototropism) म्हणतात (उदा. वनस्पतींच्या खोडाची वाढ).
  • पर्याय (C) रासायनिक: चुकीचे, रासायनिक पदार्थांच्या प्रभावाखाली होणाऱ्या हालचालीला रसायनानुवर्तन (Chemotropism) म्हणतात.
  • पर्याय (D) पानी: चुकीचे, पाण्याच्या किंवा आर्द्रतेच्या दिशेने होणाऱ्या हालचालीला जलानुवर्तन (Hydrotropism) म्हणतात.

#20. गुरुत्वाकर्षण के नियम ने क्या सिद्ध करने में सहायता की?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) पृथ्वी पर गिरते पिंडों और ग्रहों की गति दोनों को एक ही बल नियंत्रित करता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): सर आइज़ैक न्यूटन द्वारा प्रतिपादित गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम ने यह सफलताપूर्वक सिद्ध किया कि ब्रह्मांड में सेब का पेड़ से नीचे गिरना और चंद्रमा तथा ग्रहों का सूर्य या पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाना—इन सभी अलग-अलग प्रतीत होने वाली घटनाओं के पीछे एक ही भौतिक बल (गुरुत्वाकर्षण बल) कार्य करता है।
  • वैज्ञानिक महत्व: इस नियम ने खगोलिकी (Astronomy) और भौतिकी (Physics) को एक सूत्र में पिरोया, जिससे यह साबित हुआ कि आकाश और पृथ्वी के नियम एक ही हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 02/02/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) पृथ्वी चपटी है: गलत, गुरुत्वाकर्षण के नियम का पृथ्वी के चपटेपन को सिद्ध करने से कोई सीधा संबंध नहीं है (हालाँकि पृथ्वी अपने घूर्णन के कारण ध्रुवों पर चपटी है)।
  • विकल्प (C) गुरुत्वाकर्षण केवल पार्थिव वस्तुओं पर ही कार्य करता है: गलत, गुरुत्वाकर्षण नियम ‘सार्वत्रिक’ (Universal) है, यानी यह पृथ्वी के साथ-साथ ब्रह्मांड के सभी पिंडों पर लागू होता है।
  • विकल्प (D) सूर्य, पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करता है: गलत, यह कथन वैज्ञानिक रूप से असत्य है; पृथ्वी और अन्य ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं।



#21. ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंके गए पिंड के उच्चतम बिंदु पर त्वरण ________ होता है।
(RPF Constable 2024 06 Mar, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) 9.81 m/s² नीचे की ओर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब किसी पिंड को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है, तो उसके मार्ग के उच्चतम बिंदु (Maximum Height) पर उसका वेग तात्कालिक रूप से शून्य ($v = 0$) हो जाता है।
  • त्वरण की स्थिति: वेग शून्य होने के बावजूद, वस्तु पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल लगातार कार्य करता रहता है। इस कारण से वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वीय त्वरण ($g \approx 9.81 \text{ m/s}^2$) न तो शून्य होता है और न ही इसकी दिशा बदलती है, यह हमेशा पृथ्वी के केंद्र की ओर नीचे की दिशा में ही कार्यरत रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2024 06 Mar, 2025 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) 0 m/s² ऊपर की ओर: गलत, 0 मान केवल वेग (Velocity) का होता है, त्वरण का नहीं; गुरुत्वीय त्वरण हमेशा कार्य करता रहता है।
  • विकल्प (C) 0 m/s² नीचे की ओर: गलत, उच्चतम बिंदु पर भी गुरुत्वाकर्षण बल समाप्त नहीं होता, इसलिए त्वरण शून्य नहीं होता है।
  • विकल्प (D) 9.81 m/s² ऊपर की ओर: गलत, गुरुत्वीय त्वरण की दिशा हमेशा नीचे (पृथ्वी के केंद्र की ओर) होती है, ऊपर की ओर नहीं।

#22. किसी पदार्थ में, द्रव्यमान ________ होता है।
(RPF Constable 2024 : 07 Mar, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) उसमें उपस्थित पदार्थ की मात्रा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): भौतिकी में द्रव्यमान (Mass) किसी भी वस्तु या पदार्थ के भीतर मौजूद कुल पदार्थ की मात्रा (Quantity of Matter) को कहा जाता है।
  • मुख्य विशेषताएँ:
    • द्रव्यमान एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है।
    • इसका एसआई मात्रक किलोग्राम ($\text{kg}$) है।
    • यह ब्रह्मांड में स्थान बदलने पर (जैसे पृथ्वी से चंद्रमा पर जाने पर) कभी नहीं बदलता, यह हमेशा स्थिर रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2024 : 07 Mar, 2025 Shift 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) उसके द्वारा घेरे गए स्थान की मात्रा: गलत, किसी वस्तु द्वारा घेरा गया कुल स्थान उसका आयतन (Volume) कहलाता है, द्रव्यमान नहीं।
  • विकल्प (C) उस पर कार्य करने वाला गुरुत्वाकर्षण बल: गलत, किसी वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उसका भार (Weight, $W = mg$) कहलाता है।
  • विकल्प (D) उसके द्वारा विस्थापित पानी की मात्रा: गलत, विस्थापित पानी की मात्रा वस्तु के आयतन या आर्किमिडीज के सिद्धांत से संबंधित है।

#23. पृथ्वी के चारों और चंद्रमा की गति के लिए एक अभिकेंद्री बल की आवश्यकता होती है, जो ________ द्वारा प्रदान किया जाता है।
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) पृथ्वी के आकर्षण बल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब कोई वस्तु किसी वृत्ताकार पथ पर गति करती है, तो उसे उस पथ पर बनाए रखने के लिए केंद्र की ओर एक बल की आवश्यकता होती है जिसे अभिकेंद्र बल (Centripetal Force) कहते हैं।
  • चंद्रमा की गति: पृथ्वी के चारों ओर वृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगा रहे चंद्रमा को अपनी कक्षा में घूमने के लिए आवश्यक यह अभिकेंद्र बल किसी बाहरी स्रोत से नहीं, बल्कि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण (आकर्षण) बल द्वारा स्वतः प्राप्त होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III 09/03/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सूर्य के प्रणोद: गलत, सूर्य का प्रभाव सौरमंडल स्तर पर होता है, लेकिन पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा की कक्षा मुख्य रूप से पृथ्वी के अपने गुरुत्वाकर्षण बल से नियंत्रित होती है।
  • विकल्प (B) चंद्रमा के जड़त्व: गलत, जड़त्व चंद्रमा को सीधी रेखा में भगाने का प्रयास करता है, जबकि उसे वक्रित पथ पर मोड़ने के लिए अभिकेंद्र बल की आवश्यकता होती है जो गुरुत्वाकर्षण से मिलता है।
  • विकल्प (D) चंद्रमा के आंतरिक बल: गलत, खगोलीय गतियों को नियंत्रित करने वाला मुख्य बल आंतरिक न होकर गुरुत्वाकर्षण जैसा आकर्षण बल होता है।

#24. जब कोई वस्तु, पृथ्वी की ओर गिरती है, तो उसमें त्वरण किस कारण से होता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब कोई वस्तु स्वतंत्र रूप से पृथ्वी की ओर गिरती है, तो उस पर पृथ्वी का आकर्षण बल कार्य करता है। न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, किसी भी बल के प्रभाव से वस्तु में त्वरण उत्पन्न होता है।
  • गुरुत्वीय त्वरण ($g$): पृथ्वी द्वारा लगाए जाने वाले इस गुरुत्वाकर्षण बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है, उसे गुरुत्वीय त्वरण ($g$) कहते हैं। इसका मान पृथ्वी की सतह के पास लगभग $9.8 \text{ m/s}^2$ होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 09/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) वायु प्रतिरोध: गलत, वायु प्रतिरोध गिरती हुई वस्तु के वेग का विरोध करता है (यानी यह मंदक का कार्य करता है), त्वरण का मुख्य कारण नहीं है।
  • विकल्प (C) घर्षण: गलत, घर्षण बल दो संपर्क सतहों के बीच गति का विरोध करता है, मुक्त पतन (Free Fall) में इसका मुख्य योगदान नहीं होता।
  • विकल्प (D) चुंबकीय बल: गलत, पृथ्वी की ओर गिरने वाली सामान्य वस्तुओं की गति चुंबकीय बल के कारण नहीं बल्कि गुरुत्वाकर्षण बल के कारण होती है।

#25. एक अमेरिकी अंतरिक्ष यान “पाथफाइंडर”, 1997 में ________ ग्रह पर उतरा।
(RRB ALP Fitter 21 Jan 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) मंगल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): नासा (NASA) का अंतरिक्ष यान मार्स पाथफाइंडर (Mars Pathfinder) 4 जुलाई 1997 को मंगल ग्रह (Mars) की सतह पर सफलताપूर्वक उतरा था।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: इस मिशन के तहत मंगल ग्रह पर ‘सोजourner’ (Sojourner) नामक पहला रोवर (Rover) भी उतारा गया था, जिसने लाल ग्रह की सतह पर पहली बार विचरण करके वैज्ञानिक आंकड़े और तस्वीरें भेजी थीं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP Fitter 21 Jan 2019 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) चंद्रमा: गलत, पाथफाइंडर मिशन चंद्रमा के लिए नहीं बल्कि मंगल ग्रह के अध्ययन के लिए भेजा गया था।
  • विकल्प (B) शुक्र: गलत, शुक्र ग्रह के अध्ययन के लिए नासा के मैगलन (Magellan) जैसे अन्य मिशन भेजे गए थे।
  • विकल्प (D) बृहस्पति: गलत, बृहस्पति ग्रह के लिए गैलीलियो (Galileo) अंतरिक्ष यान भेजा गया था, पाथफाइंडर नहीं।



#26. किसी वस्तु पर ऊपर की ओर कार्य करने वाले द्रव बल को ________ कहा जाता है।
(RPF Constable 2018 08 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (C) उत्प्लावन बल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब किसी वस्तु को किसी द्रव (तरल या गैस) में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो द्रव द्वारा उस वस्तु पर ऊपर की ओर एक ऊर्ध्वाधर बल लगाया जाता है, जिसे उत्प्लावन बल (Buoyant Force) या उत्क्षेप (Upthrust) कहा जाता है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, यह उत्प्लावन बल वस्तु द्वारा विस्थापित किए गए द्रव के भार के बराबर होता है। इसी बल के कारण वस्तुएं पानी में तैरती हुई प्रतीत होती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2018 08 Feb 2019) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) गुरुत्वाकर्षण बल: गलत, गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा वस्तुओं को पृथ्वी के केंद्र की ओर यानी नीचे की दिशा में खींचता है, ऊपर की ओर नहीं।
  • विकल्प (B) अभिकेन्द्रिय बल: गलत, अभिकेंद्र बल किसी वस्तु को वृत्ताकार पथ पर घुमाने के लिए केंद्र की ओर लगने वाला बल है।
  • विकल्प (D) ऊपरी केंद्रीय बल: गलत, यह भौतिकी में इस प्रकार का कोई मानक या वैज्ञानिक बल नहीं है।

#27. पृथ्वी के गुरुーीय बल के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) यह वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है.

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के अनुसार, पृथ्वी और किसी वस्तु के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ($F = \frac{GMm}{R^2}$) दोनों पिंडों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है। चूँकि इसमें पृथ्वी के द्रव्यमान के साथ-साथ वस्तु का अपना द्रव्यमान ($m$) भी शामिल होता है, इसलिए यह बल वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
  • भार और बल संबंध: वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल ही उसका भार ($W = mg$) कहलाता है, जो सीधे तौर पर वस्तु के द्रव्यमान पर आधारित होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 28/11/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) यह पृथ्वी के केन्द्र से दूरी पर निर्भर नहीं करता है: गलत, गुरुत्वाकर्षण बल दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है ($F \propto \frac{1}{R^2}$), अर्थात केंद्र से दूरी बढ़ने पर बल घटता है।
  • विकल्प (C) यह एक अर्के-न्द्रीय बल होता है: गलत, गुरुत्वाकर्षण बल एक ‘केंद्रीय बल’ (Central Force) होता है, जो हमेशा दोनों पिंडों के केंद्रों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है।
  • विकल्प (D) यह पृथ्वी के केन्द्र से दूर कार्य करता है: गलत, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा पृथ्वी के केंद्र की ओर (आकर्षक प्रकृति का) कार्य करता है, केंद्र से दूर नहीं।

#28. जब दो वस्तुएँ A और B जिनके द्रव्यमान क्रमशः M और m हैं, d दूरी पर अलग हैं, उनके बीच आकर्षण बल F है और G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा समीकरण सही है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) F = G (M × m) / d²

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के अनुसार, किन्हीं दो पिंडों के बीच लगने वाला आकर्षण बल (F) दोनों पिंडों के द्रव्यमानों के गुणनफल (M × m) के समानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग (d²) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
  • सूत्र समीकरण: इस नियम का गणितीय रूप F = G (M × m) / d² होता है, जहाँ G सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): गलत, इसमें दूसरे पिंड का द्रव्यमान शामिल नहीं है।
  • विकल्प (C): गलत, इसमें द्रव्यमान पूरी तरह गायब हैं।
  • विकल्प (D): गलत, इसमें दूरी का वर्ग न होकर केवल साधारण दूरी दी गई है।

#29. निम्नलिखित में से कौन-सा, गुरुत्वाकर्षण के नियम द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) दो आवेशित पिंडों के बीच स्थिरेविद्युत आकर्षण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियम द्वारा द्रव्यमान युक्त पिंडों के बीच के आकर्षण बल को स्पष्ट किया जाता है। दो आवेशित पिंडों के बीच लगने वाला बल (स्थिरेविद्युत बल) ‘कूलॉम के नियम’ (Coulomb’s Law) द्वारा नियंत्रित होता है, गुरुत्वाकर्षण नियम द्वारा नहीं।
  • अन्य विकल्प स्पष्टीकरण: पृथ्वी के चारों ओर कृत्रिम उपग्रहों की गति, महासागरों में ज्वार-भाटा (चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण) तथा वर्षा की बूँदों या वस्तुओं का धरती पर गिरना—इन सभी घटनाओं को गुरुत्वाकर्षण के नियम से सफलताપूर्वक समझाया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 23/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करने वाले कृत्रिम उपग्रह: यह गुरुत्वाकर्षण और अभिकेंद्र बल के सिद्धांत से स्पष्ट होता है।
  • विकल्प (C) महासागरों में ज्वार-भाटा: यह चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण उत्पन्न होता है।
  • विकल्प (D) वर्षा की बूँदों का धरती पर गिरना: यह पृथ्वी के गुरुत्वीय खिंचाव (गुरुत्वाकर्षण) का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

#30. एक दंड चुंबक के अंदर, चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा किस ओर से होती है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ (Magnetic Field Lines) बंद और निरंतर वक्र (Closed Continuous Loops) बनाती हैं।
  • दिशा का नियम:
    • चुंबक के बाहर: चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा हमेशा उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर होती है।
    • चुंबक के अंदर: चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर होती है, जिससे यह चक्र पूरा होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर: यह दिशा चुंबक के बाहर होती है, अंदर नहीं।
  • विकल्प (A) और (D) लंबवत वाले विकल्प: गलत, चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ ध्रुवों के लंबवत न होकर उनके सिरों से होकर गुजरती हैं।



#31. निम्नलिखित में से कौन-सा, सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम (Universal Law of Gravitation) द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) किसी गतिमान के लिए वायु द्वारा उत्पन्न प्रतिरोध

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम (Universal Law of Gravitation) द्रव्यमान युक्त पिंडों के बीच लगने वाले आकर्षण बल को स्पष्ट करता है। वायु प्रतिरोध (Air Resistance) या घर्षण वायुमंडल में मौजूद गैस के अणुओं और गतिमान वस्तु के बीच की अन्योन्य क्रिया (Interaction) तथा श्यानता (Viscosity) पर आधारित होता है, जिसे गुरुत्वाकर्षण नियम से सीधे स्पष्ट नहीं किया जाता।
  • अन्य विकल्प स्पष्टीकरण: महासागरों में ज्वार-भाटा (चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण), पृथ्वी पर वस्तुओं का वजन ($W = mg$) तथा पेड़ से सेब का नीचे गिरना—इन सभी प्राकृतिक घटनाओं की व्याख्या न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम द्वारा सफलताપूर्वक की जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III 10/03/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) ज्वार-भाटा का निर्माण: यह सूर्य और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण होता है।
  • विकल्प (B) पृथ्वी पर वस्तुओं का वजन: यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल ($W = mg$) पर आधारित है।
  • विकल्प (D) पेड़ से सेब गिरना: यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का सबसे प्रसिद्ध और प्रत्यक्ष उदाहरण है।

#32. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )

✨ सही उत्तर (असत्य कथन): (A) गुरुत्वाकर्षण बल छोटे पिंडों में सर्वाधिक प्रबल होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): गुरुत्वाकर्षण बल पिंडों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती होता है (F = G(M × m) / d²)। इसलिए, यह बल छोटे पिंडों में कमजोर (दुर्बल) होता है और बड़े तथा भारी खगोलीय पिंडों (जैसे ग्रह और तारे) में सबसे अधिक प्रबल होता है। अतः कथन (A) गलत है और यही हमारा सही उत्तर है।
  • अन्य सत्य कथन:
    • गुरुत्वाकर्षण बल की प्रकृति हमेशा आकर्षक होती है (यह कभी प्रतिकर्षी नहीं होता)।
    • सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक ($G$) का मान पूरे ब्रह्मांड में हर जगह स्थिर रहता है।
    • ब्रह्मांड में प्रत्येक वस्तु प्रत्येक अन्य वस्तु को अपनी ओर आकर्षित करती है (सार्वत्रिक नियम)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 11/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कथन सत्य क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) गुरुत्वाकर्षण बल सदैव आકર્षी होता है: यह बिल्कुल सही कथन है क्योंकि द्रव्यमान हमेशा एक-दूसरे को खींचते हैं।
  • विकल्प (C) G का मान हर जगह स्थिर होता है: यह भी सत्य है, $G$ एक सार्वत्रिक स्थिरांक है जिसका मान $6.67 \times 10^{-11} \text{ N m}^2/\text{kg}^2$ होता है।
  • विकल्प (D) ब्रह्मांड में प्रत्येक वस्तु प्रत्येक अन्य वस्तु को आकर्षित करती है: यह न्यूटन के सार्वत्रिक नियम का मूल आधार है, इसलिए यह भी सत्य है।

#33. सूर्य और चंद्रमा द्वारा पृथ्वी को एक ही दिशा में गुरुत्वाकर्षण द्वारा खींचने का कारण बनता है:
(RRB NTPC CBT-I : 23 Jan 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) वसंत ज्वार-भाटा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध (सरल रेखा) में होते हैं—विशेषकर अमावस्या या पूर्णिमा के दिन—तो सूर्य और चंद्रमा दोनों का गुरुत्वाकर्षण बल एक ही दिशा में मिलकर पृथ्वी के जल को खींचता है।
  • वसंत ज्वार (Spring Tide): इस संयुक्त और प्रबल गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण समुद्र का पानी बहुत अधिक ऊँचा उठता है, जिसे वसंत ज्वार (या वृहत ज्वार / उच्च ज्वार) कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 23 Jan 2021 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) उच्च ज्वार-भाटा: यह सामान्य रूप से ऊँचे ज्वार को दर्शाता है, लेकिन विशेष रूप से जब दोनों पिंड एक ही दिशा में खींचते हैं तो सटीक भौगोलिक पद ‘वसंत ज्वार’ होता है।
  • विकल्प (B) निम्न ज्वार-भाटा: यह पानी के न्यूनतम स्तर पर गिरने की स्थिति है।
  • विकल्प (C) मंद ज्वार-भाटा (Neap Tide): यह तब उत्पन्न होता है जब सूर्य और चंद्रमा एक-दूसरे के समकोण (90 डिग्री) पर होते हैं और उनके बल एक-दूसरे का विरोध करते हैं।

#34. पौधे की ऊपर और नीचे की ओर वृद्धि निम्नलिखित में से किस अनुवर्त्तन के कारण होती है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) भूगुरुतानुवर्त्तन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): पौधों की जड़ों और तनों की ऊपर और नीचे की ओर होने वाली वृद्धि मुख्य रूप से पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से नियंत्रित होती है, जिसे भूगुरुतानुवर्त्तन (Geotropism या Gravitropism) कहा जाता है।
  • वृद्धि की दिशा:
    • पौधे की जड़ें गुरुत्वाकर्षण की दिशा में नीचे की ओर बढ़ती हैं (धन भूगुरुतानुवर्त्तन / Positive Geotropism)।
    • पौधे के तने और प्ररोह गुरुत्वाकर्षण के विपरीत ऊपर की ओर बढ़ते हैं (ऋण भूगुरुतानुवर्त्तन / Negative Geotropism)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) प्रकाशानुवर्त्तन (Phototropism): यह प्रकाश के उद्दीपन के प्रति पौधे के अंगों (विशेषकर तने) की गति या वृद्धि है।
  • विकल्प (C) रासायनानुवर्त्तन (Chemotropism): यह रासायनिक पदार्थों की उपस्थिति के कारण होने वाली वृद्धि है (जैसे पराग नलिका की वृद्धि)।
  • विकल्प (D) जलानुवर्त्तन (Hydrotropism): यह पानी या नमी की दिशा में जड़ों की होने वाली वृद्धि को दर्शाता है।

#35. लालटेन की बत्ती में मिट्टी के तेल (केरोसीन) के ऊपर उठने का कारण क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 11 Jan 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) केशिकत्व

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब किसी बहुत पतली नली या रंध्र (जैसे लालटेन या दीये की बत्ती के बारीक रेशों) को किसी द्रव में डुबोया जाता है, तो द्रव पृष्ठ तनाव (Surface Tension) के कारण उस नली में ऊपर की ओर चढ़ने लगता है। इस परिघटना को केशिकत्व (Capillarity या Capillary Action) कहा जाता है।
  • दैनिक जीवन के अन्य उदाहरण: पौधे की जड़ों से पानी का पत्तियों तक पहुँचना, स्याही का सोखने वाले कागज़ (Blotting Paper) द्वारा सोखा जाना, और तौलिये का पानी सुखाना—ये सभी केशिकत्व के ही उदाहरण हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 11 Jan 2021 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) गुरुत्वाकर्षण: गलत, गुरुत्वाकर्षण तेल को नीचे की ओर खींचने का प्रयास करता है, ऊपर चढ़ाने का नहीं।
  • विकल्प (B) विसरण (Diffusion): गलत, यह गैसों या द्रवों के अणुओं के उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर स्वतः फैलने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प (D) परासरण (Osmosis): गलत, यह अर्धगम्य झिल्ली (Semi-permeable membrane) के माध्यम से विलायक के प्रवाह से संबंधित प्रक्रिया है।



#36. गुरुत्वीय त्वरण ________ पर सबसे अधिक होता है।
(RRB ALP Fitter 23 Jan 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) ध्रुव

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र $g = \frac{GM}{R^2}$ होता है, जिसका अर्थ है कि $g$ का मान पृथ्वी की त्रिज्या ($R$) के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
  • ध्रुवों पर स्थिति: पृथ्वी पूरी तरह गोल न होकर ध्रुवों पर थोड़ी चपटी है, जिसके कारण ध्रुवों पर पृथ्वी की त्रिज्या ($R$) का मान सबसे कम होता है। त्रिज्या कम होने के कारण वहाँ गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान सबसे अधिक होता है। इसके अलावा, ध्रुवों पर पृथ्वी के घूर्णन का अपकेंद्रीय बल (Centrifugal Force) शून्य होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP Fitter 23 Jan 2019 Shift 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) पृथ्वी से अनंत दूरी पर: गलत, अनंत दूरी पर गुरुत्वीय त्वरण का मान शून्य ($0$) हो जाता है।
  • विकल्प (C) भूमध्यरेखा: गलत, भूमध्यरेखा पर त्रिज्या सबसे अधिक होती है और अपकेंद्रीय बल का प्रभाव भी अधिकतम होता है, इसलिए वहाँ $g$ का मान सबसे कम होता है।
  • विकल्प (D) पृथ्वी का केंद्र: गलत, पृथ्वी के केंद्र में गुरुत्वीय त्वरण का मान शून्य ($0$) होता है।

#37. सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक G के बारे में में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) यह एक सार्वभौमिक स्थिरांक है, जो हर जगह समान है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक ($G$) न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम का एक महत्वपूर्ण नियतांक है। इसका मान पूरे ब्रह्मांड में सभी स्थानों पर सर्वत्र समान रहता है, चाहे वस्तुएं कहीं भी रखी हों।
  • मान और मात्रक: $G$ का मान $6.67 \times 10^{-11} \text{ N m}^2/\text{kg}^2$ होता है और यह दो पिंडों के बीच के माध्यम (जैसे हवा, पानी या निर्वात) पर निर्भर नहीं करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 10/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यह गुरुत्वीय त्वरण के बराबर होता है: गलत, $G$ (सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक) और $g$ (गुरुत्वीय त्वरण) दोनों अलग-अलग भौतिक राशियाँ हैं।
  • विकल्प (B) यह दो द्रव्यमानों के बीच के माध्यम पर निर्भर करता है: गलत, $G$ का मान माध्यम से पूरी तरह स्वतंत्र होता है।
  • विकल्प (D) यह पृथ्वी पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर भिन्न होता है: गलत, यह स्थान बदलने या पृथ्वी पर अलग-अलग जगह होने पर नहीं बदलता (जबकि गुरुत्वीय त्वरण $g$ स्थान के अनुसार बदल सकता है)।

#38. जब कोई वस्तु पृथ्वी की ओर गिरती है, तो त्वरण शामिल होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा बल इस त्वरण को प्रदान करता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब कोई वस्तु स्वतंत्र रूप से पृथ्वी की ओर गिरती है, तो उस पर पृथ्वी का आकर्षण बल कार्य करता है। न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, किसी भी बल के प्रभाव से वस्तु में त्वरण उत्पन्न होता है।
  • गुरुत्वीय त्वरण ($g$): पृथ्वी द्वारा लगाए जाने वाले इस गुरुत्वाकर्षण बल के कारण जो त्वरण उत्पन्न होता है, उसे गुरुत्वीय त्वरण ($g$) कहते हैं। इसका मान पृथ्वी की सतह के पास लगभग $9.8 \text{ m/s}^2$ होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पृथ्वी का प्रतिकर्षण बल: गलत, पृथ्वी वस्तुओं को प्रतिकर्षित (दूर) नहीं बल्कि अपनी ओर आकर्षित करती है।
  • विकल्प (C) नाभिकीय बल: गलत, यह परमाणु के नाभिक के भीतर न्यूट्रॉन और प्रोटॉन को बांधने वाला अत्यंत प्रबल अल्प-परास बल है।
  • विकल्प (D) विद्युत चुंबकीय बल: गलत, यह आवेशित कणों के बीच कार्य करने वाला बल है, गिरने वाली सामान्य वस्तुओं का त्वरण इससे नियंत्रित नहीं होता।

#39. किसी पिंड की स्थितिज ऊर्जा निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करती है?(
RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) द्रव्यमान और ऊँचाई दोनों

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): किसी वस्तु की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy, विशेषकर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा) का सूत्र U = mgh होता है।
  • निर्भरता: इस सूत्र के अनुसार स्थितिज ऊर्जा वस्तु के द्रव्यमान (m), गुरुत्वीय त्वरण (g) और संदर्भ तल से उसकी ऊँचाई (h) इन तीनों पर निर्भर करती है। अतः यह द्रव्यमान और ऊँचाई दोनों का फलन है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 08/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) चाल: गलत, चाल (Velocity) वस्तु की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) को निर्धारित करती है, स्थितिज ऊर्जा को नहीं।
  • विकल्प (B) केवल द्रव्यमान: अधूरा विकल्प है, क्योंकि बिना ऊँचाई के स्थितिज ऊर्जा की गणना नहीं की जा सकती।
  • विकल्प (C) केवल ऊँचाई: यह भी अधूरा है, क्योंकि ऊर्जा के परिमाण के लिए वस्तु का द्रव्यमान होना भी आवश्यक है।

#40. ऐसा क्यों प्रतीत होता है कि सूर्य वास्तविकता से पहले उदय होता है और देर से अस्त होता है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जब सूर्य क्षितिज (Horizon) के थोड़ा नीचे होता है, तब पृथ्वी के वायुमंडल की विभिन्न परतों का घनत्व अलग-अलग होने के कारण सूर्य का प्रकाश अपवर्तित (Refracted) होकर हमारी आँखों तक पहुँचता है। इस वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction) के कारण सूर्य हमें अपनी वास्तविक स्थिति से थोड़ा ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है।
  • समय का अंतर: इसी कारण से सूर्योदय वास्तविक समय से लगभग 2 मिनट पहले और सूर्यास्त वास्तविक समय के लगभग 2 मिनट बाद तक दिखाई देता है, जिससे दिन की अवधि लगभग 4 मिनट बढ़ जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 26/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) क्योंकि सूर्य क्षितिज के पास तेजी से गति करता है: गलत, सूर्य क्षितिज के पास तेजी से गति नहीं करता, यह आभासी घटना अपवर्तन के कारण होती है।
  • विकल्प (B) सूर्य के प्रकाश पर चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव के कारण: गलत, चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण ज्वार-भाटा उत्पन्न करता है, इससे प्रकाश का अपवर्तन नहीं होता।
  • विकल्प (D) सूर्योदय और सूर्यास्त के दौरान पृथ्वी का घूर्णन धीमा हो जाने के कारण: गलत, पृथ्वी की घूर्णन गति में ऐसा कोई क्षणिक परिवर्तन नहीं होता है।



#41. निम्नलिखित में से किस प्राकृतिक घटना को गुरुत्वाकर्षण के सार्वभौमिक नियम द्वारा स्पष्ट नहीं किया जा सकता है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) चुम्बकों के बीच आकर्षण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन का सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण नियम केवल उन पिंडों के बीच लगने वाले आकर्षण बल को स्पष्ट करता है जिनमें द्रव्यमान (Mass) होता है। चुंबकों के बीच लगने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण बल ‘चुंबकीय बल’ (Magnetic Force) कहलाता है, जो विद्युत चुंबकत्व (Electromagnetism) के नियमों द्वारा कार्य करता है, न कि गुरुत्वाकर्षण के नियम द्वारा।
  • अन्य घटनाएँ: चंद्रमा की परिक्रमा, ज्वार-भाटा का आना, और सेब का पेड़ से नीचे गिरना—ये सभी द्रव्यमानों के बीच गुरुत्वाकर्षण बल के प्रत्यक्ष और शास्त्रीय उदाहरण हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 30/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गुरुत्वाकर्षण द्वारा क्यों स्पष्ट होते हैं?):
  • विकल्प (A) पृथ्वी के परितः चंद्रमा की परिक्रमा: चंद्रमा को अपनी कक्षा में बनाए रखने के लिए आवश्यक अभिकेंद्र बल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से ही मिलता है।
  • विकल्प (B) वृक्ष से सेब का गिरना: यह पृथ्वी के गुरुत्वीय खिंचाव का सबसे सीधा उदाहरण है जिसे न्यूटन ने स्पष्ट किया था।
  • विकल्प (C) समुद्र में ज्वार-भाटा: समुद्र के जल स्तर का उठना और गिरना चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण ही होता है।

#42. निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प केप्लर के ग्रहों की गति के नियमों में से एक को दर्शाता नहीं है?
(RPF Constable 2024 : 10 Mar, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) सूर्य के चारों और सभी ग्रहों की कक्षाएँ समतलीय हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): जोहान्स केप्लर ने ग्रहों की गति को समझाने के लिए तीन नियम दिए थे। विकल्प (A) में दिया गया कथन (कि सभी ग्रहों की कक्षाएँ समतलीय या एक ही तल में हैं) केप्लर का नियम नहीं है। ग्रहों का लगभग एक ही तल में होना सौरमंडल की उत्पत्ति (निहारिका परिकल्पना/Nebular Hypothesis) से संबंधित है, केप्लर के नियमों से नहीं।
  • केप्लर के तीन नियम:
    • पहला नियम (कक्षाओं का नियम): सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार (elliptical) कक्षा में परिक्रमा करते हैं और सूर्य उसके एक फोकस (नाभि) पर होता है।
    • दूसरा नियम (क्षेत्रफलों का नियम): ग्रह और सूर्य को मिलाने वाली रेखा समान समय अंतराल में समान क्षेत्रफल तय करती है (अर्थात ग्रह की क्षेत्रीय चाल नियत रहती है)।
    • तीसरा नियम (आवर्तकालों का नियम): किसी ग्रह के परिक्रमण काल का वर्ग (T²) उसकी कक्षा की अर्ध-दीर्घ अक्ष के घन (r³) के समानुपाती होता है (T² ∝ r³)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2024 : 10 Mar, 2025 Shift 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कथन सत्य क्यों हैं?):
  • विकल्प (B): यह केप्लर का ग्रहों की गति का पहला नियम (Law of Orbits) है।
  • विकल्प (C): यह केप्लर का ग्रहों की गति का तीसरा नियम (Law of Periods) है।
  • विकल्प (D): यह केप्लर का ग्रहों की गति का दूसरा नियम (Law of Areas) है।

#43. चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार की तुलना में कैसा होता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) यह पृथ्वी पर इसके भार का छठा भाग होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): किसी वस्तु का भार ($W = mg$) गुरुत्वीय त्वरण ($g$) पर निर्भर करता है। चंद्रमा का द्रव्यमान और त्रिज्या पृथ्वी से कम होने के कारण वहाँ का गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी के गुरुत्वीय त्वरण का लगभग छठा हिस्सा ($1/6$) होता है।
  • भार और द्रव्यमान में अंतर: यही कारण है कि चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी पर उसके भार का केवल 1/6वाँ भाग रह जाता है, जबकि वस्तु का द्रव्यमान (Mass) ब्रह्मांड में हर जगह स्थिर और समान रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 08/01/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) छह गुना होता है: गलत, यह मान छठा हिस्सा होता है, छह गुना नहीं।
  • विकल्प (C) एक तिहाई होता है: गलत, चंद्रमा का गुरुत्वीय खिंचाव एक तिहाई नहीं बल्कि एक छठा भाग है।
  • विकल्प (D) पृथ्वी पर भी वैसा ही होता है: गलत, भार स्थान बदलने (जैसे पृथ्वी से चंद्रमा पर जाने) पर बदल जाता है क्योंकि वहाँ गुरुत्वीय त्वरण बदल जाता है।

#44. किसी वस्तु के द्रव्यमान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) यह समान रहता है वस्तु चाहे कहीं भी हो।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): किसी वस्तु का द्रव्यमान (Mass) उसमें मौजूद कुल पदार्थ की मात्रा होती है। यह एक मूल और अचर राशि है, जो ब्रह्मांड में स्थान बदलने (जैसे पृथ्वी से चंद्रमा पर जाने या अंतरिक्ष में जाने) पर भी बिल्कुल नहीं बदलती, यह हर जगह समान रहती है।
  • द्रव्यमान और भार में अंतर: जहाँ द्रव्यमान हमेशा नियत रहता है, वहीं किसी वस्तु का भार ($W = mg$) गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर होने के कारण स्थान-स्थान पर बदल सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 17/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यह स्थान-स्थान पर बदलता रहता है: गलत, स्थान बदलने पर भार बदलता है, द्रव्यमान नहीं।
  • विकल्प (B) यह गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है: गलत, द्रव्यमान गुरुत्वाकर्षण बल से स्वतंत्र होता है (यह गुण भार का है)।
  • विकल्प (C) यह ध्रुव पर बढ़ता है: गलत, ध्रुवों पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) और वस्तु का भार बढ़ता है, किंतु द्रव्यमान स्थिर रहता है।

#45. सोनार एक उपकरण है जो वस्तुओं की दूरी, दिशा और गति को मापने के लिए अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग ________ करता है。
(RRB NTPC CBT-I : 8 Mar 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) पानी के अंदर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): सोनार (SONAR – Sound Navigation and Ranging) एक ऐसा उपकरण है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पानी के अंदर स्थित वस्तुओं (जैसे पनडुब्बियों, डूबे हुए जहाजों, चट्टानों या हिमशैल) की दूरी, दिशा और गति का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • कार्यप्रणाली: यह पराध्वनिक (अल्ट्रासोनिक) तरंगों को पानी के भीतर भेजता है और वस्तु से टकराकर वापस लौटने वाली गूंज (Echo) के समय का हिसाब लगाकर उसकी सटीक स्थिति का पता लगाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 8 Mar 2021 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ज़मीन पर: गलत, जमीन पर वस्तुओं की दूरी या दिशा मापने के लिए रडार (RADAR) या अन्य तकनीकों का उपयोग होता है, सोनार का नहीं।
  • विकल्प (C) हवा में: गलत, हवा में ध्वनि तरंगों की बजाय रेडियो तरंगों या रडार का उपयोग किया जाता है।
  • विकल्प (D) अंतरिक्ष में: गलत, अंतरिक्ष में सोनार काम नहीं करता क्योंकि वहाँ ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम (हवा या पानी) नहीं होता है।



#46. गुरुーीय त्वरण (g) की गणना करने का सूत्र क्या है, जहाँ G सार्वत्रिक गुरुत्पीय स्थिरांक, M पृथ्वी का द्रव्यमान, और R पृथ्वी की त्रिज्या है?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) / (D) g = GM / R²

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवधारणा (Concept): न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम और गति के दूसरे नियम के अनुसार, किसी वस्तु पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल F = G (M × m) / R² होता है।
  • सूत्र की व्युत्पत्ति: चूँकि वस्तु का भार F = mg होता है, इसलिए mg = G (M × m) / R² (यहाँ दोनों तरफ से द्रव्यमान m कट जाता है)। इसके बाद गुरुत्वीय त्वरण का सूत्र g = GM / R² प्राप्त होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I 03/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): गलत, इसमें द्रव्यमान का वर्ग ($M^2$) दिया गया है जबकि त्रिज्या का वर्ग होना चाहिए था।
  • विकल्प (C): गलत, यह सूत्र गुरुत्वीय त्वरण के मानक समीकरण से मेल नहीं खाता है।
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