तंत्रिका तंत्र PYQ
#1. मानव शरीर में ग्रासनली किस प्रमुख अंग तंत्र से संबंधित है?
(RPF Constable 2024 06 Mar, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) पाचन तंत्र (Digestive system)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ग्रासनली (Esophagus / भोजन नली): यह लगभग 25 सेमी लंबी एक पेशीय नली होती है जो गले (ग्रसनी) को आमाशय (Stomach) से जोड़ती है।
- कार्य: इसका मुख्य कार्य मुंह से चबाए गए भोजन को क्रमाकुंचन (Peristalsis) गति के माध्यम से बिना किसी पाचन क्रिया के सीधे आमाशय तक पहुँचाना है। चूँकि यह भोजन के मार्ग और पाचन का मुख्य हिस्सा है, इसलिए यह पाचन तंत्र (Digestive System) से संबंधित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- श्वसन तंत्र (Respiratory system): यह शरीर में गैसों के आदान-प्रदान से जुड़ा है, जिसमें श्वास नली (Trachea) और फेफड़े शामिल होते हैं।
- तंत्रिका तंत्र (Nervous system): यह मस्तिष्क, मेरुरज्जु और तंत्रिकाओं द्वारा शरीर के नियंत्रण और समन्वय का कार्य करता है।
- अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine system): यह हार्मोन स्रावित करने वाली ग्रंथियों (जैसे थायराइड, पिट्यूटरी आदि) से संबंधित है।
#2. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प दूरदृष्टििता (हाइपरमेट्रोपिया) से पीड़ित व्यक्ति का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025)
✨ सही उत्तर: वे दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं लेकिन पास की चीजों को देखने में संघर्ष करते हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- दूरदृष्टिता (Hypermetropia / Long-sightedness): यह दृष्टि का एक सामान्य दोष है जिसमें व्यक्ति को दूर की वस्तुएं तो स्पष्ट दिखाई देती हैं, लेकिन पास (निकट) रखी वस्तुएं धुंधली या अस्पष्ट दिखाई देती हैं।
- कारण और निवारण: इस स्थिति में नेत्र लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है या नेत्र गोलक (Eyeball) छोटा हो जाता है, जिससे प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनने लगता है। इसके निवारण के लिए उपयुक्त क्षमता के उत्तल लेंस (Convex lens) के चश्मे का उपयोग किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- वे पास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं: यह स्थिति निकट-दृष्टिदोष (Myopia / Short-sightedness) को दर्शाती है, न कि दूरदृष्टिता को।
- अन्य विकल्प: चश्मे के बिना कुछ भी न देख पाना या दोनों दूरियों की चीजें धुंधली होना अन्य गंभीर नेत्र विकारों या मोतियाबिंद जैसी स्थितियों से संबंधित हो सकता है।
#3. रक्त एक प्रकार का ________ ऊतक है।
(RRB NTPC CBT-I : 11 Jan 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: संयोजी (Connective)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है (Fluid Connective Tissue): रक्त को संयोजी ऊतक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह शरीर के विभिन्न अंगों, ऊतकों और प्रणालियों को आपस में जोड़ने (Connect) का कार्य करता है।
- संरचना: यह प्लाज्मा (द्रव भाग) और रक्त कोशिकाओं (RBCs, WBCs और प्लेटलेट्स) से मिलकर बनता है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन, पोषक तत्वों, हार्मोन्स और उत्सर्जी पदार्थों का सतत परिवहन करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपकला (Epithelial): यह ऊतक शरीर की बाहरी सतह और आंतरिक अंगों की गुहाओं को ढकने या रक्षा कवच बनाने का कार्य करता है।
- तंत्रिका (Nervous): यह ऊतक मस्तिष्क, मेरुरज्जु और तंत्रिकाओं में पाया जाता है, जो विद्युत आवेगों के माध्यम से संवेदनाओं और नियंत्रण का कार्य करता है।
- पेशीय (Muscular): यह शरीर में गति और संकुचन उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी होता है (जैसे कंकाल पेशियाँ और चिकनी पेशियाँ)।
#4. रिकेट्स के कारण क्या प्रभावित होता है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: कंकाल तंत्र (Skeletal system)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रिकेट्स (Rickets): यह बीमारी मुख्य रूप से बच्चों में विटामिन डी (Vitamin D) की कमी के कारण होती है। इसके अलावा शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी भी इसका प्रमुख कारण है।
- प्रभाव: इस रोग से मुख्य रूप से कंकाल तंत्र (अस्थियाँ/हड्डियाँ) प्रभावित होता है। विटामिन डी की कमी के कारण बच्चों की हड्डियाँ नरम, कमजोर और विकृत (जैसे पैरों का मुड़ना या धनुषाकार होना) हो जाती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- तंत्रिका तंत्र (Nervous system): यह मस्तिष्क और तंत्रिकाओं द्वारा नियंत्रित होता है (विटामिन बी1 या B12 की कमी से तंत्रिका संबंधी विकार हो सकते हैं)।
- नेत्र (Eyes): आँखों से संबंधित रोग मुख्य रूप से विटामिन ए की कमी से होते हैं (जैसे रतोंधी या जीरोफथैल्मिया)।
- पेशीतंत्र (Muscular system): यद्यपि हड्डियों की कमजोरी से अप्रत्यक्ष रूप से गति प्रभावित होती है, लेकिन रिकेट्स का मुख्य और प्रत्यक्ष प्रभाव हड्डियों (कंकाल तंत्र) पर ही पड़ता है।
#5. जंतुओं में सुग्राहिता या अनुक्रिया मुख्यतः ________ द्वारा नियंत्रित होती है।
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) तंत्रिका-तंत्र (Nervous system)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सुग्राहिता और अनुक्रिया (Sensitivity and Response): जंतुओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता दिखाने (सुग्राहिता) और उसके अनुसार उचित प्रतिक्रिया या कार्रवाई करने (अनुक्रिया) की क्षमता मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) द्वारा नियंत्रित और समन्वित होती है।
- कार्यप्रणाली: ज्ञानेंद्रियों (जैसे आँख, कान, त्वचा आदि) से प्राप्त संकेतों को विद्युत आवेगों के रूप में मस्तिष्क और मेरुरज्जु तक पहुँचाना तथा मांसपेशियों या ग्रंथियों को तुरंत अनुक्रिया देने का निर्देश देना तंत्रिका तंत्र का ही मुख्य कार्य है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) श्वसन-तंत्र (Respiratory system): यह शरीर में गैसों (ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड) के आदान-प्रदान के लिए उत्तरदायी है।
- (B) पाचन-तंत्र (Digestive system): यह भोजन के अंतर्ग्रहण, पाचन और पोषण के अवशोषण का कार्य करता है।
- (C) परिसंचारी-तंत्र (Circulatory system): यह रक्त के माध्यम से पोषक तत्वों, गैसों और हार्मोन्स के परिवहन का कार्य करता है।
#6. किसी गर्म वस्तु को छूने पर हाथ को तेजी से पीछे खींचना ________ का एक उदाहरण है।
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) प्रतिवर्त क्रिया (Reflex action)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रतिवर्त क्रिया (Reflex action): किसी बाह्य उद्दीपन (stimulus) के प्रति शरीर की अचानक, अनैच्छिक और अत्यंत तीव्र प्रतिक्रिया को प्रतिवर्त क्रिया कहते हैं। गर्म वस्तु को छूने पर तुरंत हाथ पीछे खींचना इसका सबसे सामान्य उदाहरण है।
- कार्यप्रणाली: ऐसी क्रियाओं का नियंत्रण मुख्य रूप से मेरुरज्जु (Spinal cord) द्वारा किया जाता है। चूँकि इसमें मस्तिष्क के सोचने में लगने वाला समय बच जाता है, इसलिए यह शरीर को तुरंत किसी संभावित नुकसान (जैसे जलने) से बचा लेता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) प्रानुकूलित क्रिया (Conditioned action): यह एक सीखी गई प्रतिक्रिया है जो अभ्यास या अनुभव से विकसित होती है (जैसे- पावलोव के प्रयोग में घंटी बजने पर कुत्ते की लार टपकना)।
- (B) चिंतन क्रिया (Thinking action): यह एक ऐच्छिक और विचारपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका नियंत्रण मस्तिष्क (Brain) द्वारा किया जाता है। इसमें समय लगता है।
- (C) हार्मोन संबंधी क्रिया (Hormonal action): यह अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित हार्मोन्स से नियंत्रित होती है, जो धीमी गति से शरीर के विकास, वृद्धि या उपापचय को प्रभावित करती है।
#7. स्वदेशी गुणसूत्र युग्मन की प्रक्रिया क्या है?
(RPF Constable 2018 09 Feb 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) सिन्निसिपिस (वाक्यविन्यास)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सिन्निसिपिस (Synapsis): अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की प्रोफेज-I (Prophase-I) की जाइगोटीन (Zygotene) अवस्था के दौरान समजात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के आपस में जोड़े बनाने की प्रक्रिया को सिनैप्सिस (Synapsis) कहा जाता है।
- अनुवाद की त्रुटि: रेलवे के इस प्रश्न में अंग्रेजी के ‘Homologous’ (समजात) का मशीनी अनुवाद ‘स्वदेशी’ कर दिया गया है। इसी तरह ‘Synapsis’ का एक अर्थ व्याकरण में Syntax भी होता है, इसलिए इसका हिंदी अनुवाद अजीबोगरीब ढंग से ‘वाक्यविन्यास’ दे दिया गया है। विज्ञान में इसका सही अर्थ सूत्रयुग्मन (सिनैप्सिस) होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) डिप्लोपाइन (Diplotene): यह प्रोफेज-I की वह अवस्था है जहाँ समजात गुणसूत्र एक-दूसरे से अलग होने लगते हैं, और ‘X’ आकार की संरचनाएं (Chiasmata) दिखाई देने लगती हैं।
- (B) पैराटाइग्राम (Pachytene): (यह पैकीटीन का अशुद्ध रूप है)। इस अवस्था में समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान (Crossing over या जीन विनिमय) होता है।
- (C) लेटोटिन (Leptotene): यह अर्धसूत्री विभाजन की पहली अवस्था है, जिसमें क्रोमेटिन धागे सिकुड़कर स्पष्ट गुणसूत्रों (Chromosomes) का रूप लेने लगते हैं।
#8. निम्नलिखित में से कौन-सा, तंत्रिका प्रकार को उसकी उत्पत्ति से सर्वोत्तम रूप से युग्मित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) कपाल तंत्रिकाएँ – मस्तिष्क
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कपाल तंत्रिकाएँ (Cranial Nerves): इन तंत्रिकाओं की उत्पत्ति सीधे मस्तिष्क (Brain) से होती है। ये मुख्य रूप से सिर, चेहरे और गर्दन के संवेदी (Sensory) और प्रेरक (Motor) कार्यों को नियंत्रित करती हैं।
- मुख्य तथ्य: मनुष्य के शरीर में कुल 12 जोड़ी (Pairs) कपाल तंत्रिकाएँ पाई जाती हैं। परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System) इन्हीं कपाल तंत्रिकाओं और मेरु तंत्रिकाओं से मिलकर बनता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (B) कपाल तंत्रिकाएँ – मेरुरज्जु: यह युग्म गलत है। मेरुरज्जु (Spinal cord) से कपाल तंत्रिकाएँ नहीं निकलती हैं।
- (C) मेरु तंत्रिकाएँ – मस्तिष्क: यह युग्म भी गलत है। मेरु तंत्रिकाओं (Spinal nerves) की उत्पत्ति मेरुरज्जु से होती है, मस्तिष्क से नहीं। मानव शरीर में 31 जोड़ी मेरु तंत्रिकाएँ पाई जाती हैं।
- (D) मेरु तंत्रिकाएँ – हृदय: हृदय से किसी भी प्रकार की तंत्रिकाओं की उत्पत्ति नहीं होती है, इसलिए यह विकल्प पूरी तरह असंगत है।
#9. अन्तरग्रंथन ( Synapse) वह बिंदु है, जिस पर तंत्रिका आवेग ________ गुजरता है।
(RRB NTPC CBT-I : 15 Feb 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) एक न्यूरॉन से दूसरे तक
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अन्तरग्रंथन (Synapse): यह दो तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) के बीच का वह सूक्ष्म जंक्शन या खाली स्थान (Cleft) है, जहाँ से तंत्रिका आवेग (nerve impulse) एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक संचारित होता है।
- कार्यप्रणाली: सूचनाएँ एक न्यूरॉन के तंत्रिकाक्ष (Axon) के अंतिम सिरे से रासायनिक संदेशवाहकों, जिन्हें न्यूरोट्रांसमीटर (Neurotransmitters) कहा जाता है, के रूप में मुक्त होती हैं और अगले न्यूरॉन की द्रुमिका (Dendrite) द्वारा ग्रहण की जाती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (B) मस्तिष्क से मेरुरज्जु तक: मस्तिष्क और मेरुरज्जु मिलकर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) बनाते हैं। हालाँकि इनके बीच संचार होता है, लेकिन उस विशिष्ट सूक्ष्म जंक्शन को सिनैप्स नहीं कहते (सिनैप्स कोशिकीय स्तर पर होता है)।
- (C) एक उपकला कोशिका से दूसरी तक: उपकला (Epithelial) कोशिकाएँ शरीर के अंगों की बाहरी और भीतरी परतों (त्वचा आदि) का निर्माण करती हैं। तंत्रिका आवेगों का संचरण इनका कार्य नहीं है।
- (D) एक अंतःस्रावी ग्रंथि से दूसरी तक: अंतःस्रावी ग्रंथियाँ (Endocrine glands) रासायनिक संदेशवाहकों के रूप में हार्मोन्स को सीधे रक्त में स्रावित करती हैं, ये तंत्रिका आवेगों का वहन नहीं करती हैं।
#10. क्रियाशील जोड़ों में दो हड्डियों के बीच पाया जाने वाला स्नेहक द्रव क्या कहलाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 22 Feb 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) श्लेष्मक द्रव (Synovial fluid)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- श्लेष्मक द्रव (Synovial fluid): यह एक गाढ़ा, चिपचिपा द्रव होता है जो शरीर के क्रियाशील जोड़ों (Movable joints या Synovial joints) में दो हड्डियों के बीच पाया जाता है। इसे साइनोवियल द्रव भी कहा जाता है।
- मुख्य कार्य: यह द्रव जोड़ों में एक स्नेहक (Lubricant) की तरह काम करता है, जिससे गति करते समय हड्डियों के बीच घर्षण (friction) कम होता है। साथ ही, यह झटकों को सोखने और उपास्थि (cartilage) को पोषण प्रदान करने का भी कार्य करता है। उम्र के साथ इसके कम होने पर जोड़ों में दर्द (जैसे गठिया) की समस्या होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) प्रमस्तिष्कमेरु द्रव (Cerebrospinal fluid): यह द्रव मस्तिष्क (Brain) और मेरुरज्जु (Spinal cord) के चारों ओर पाया जाता है, जो बाहरी झटकों और चोटों से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की रक्षा करता है।
- (B) गर्भोदक द्रव (Amniotic fluid): यह गर्भाशय में भ्रूण (Fetus) के चारों ओर एमनियोटिक थैली में पाया जाने वाला द्रव है। यह गर्भ में पल रहे शिशु को बाहरी आघातों से बचाता है और तापमान नियंत्रित रखता है।
- (C) अंतरालीय द्रव (Interstitial fluid): यह शरीर के ऊतकों (Tissues) में कोशिकाओं के बीच के खाली स्थानों में पाया जाता है। यह रक्त और कोशिकाओं के बीच ऑक्सीजन, पोषक तत्वों और अपशिष्ट पदार्थों के आदान-प्रदान में मदद करता है।
#11. आंख का कौन-सा भाग प्रकाश के साथ समायोजन करके पुतली के आकार को नियंत्रित करता है?(
RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (B) आइरिस (Iris)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आइरिस (Iris / परितारिका): यह कॉर्निया के पीछे स्थित एक रंगीन और गहरा पेशीय डायफ्राम (muscular diaphragm) होता है। इसका मुख्य कार्य आंख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा के अनुसार पुतली (Pupil) के आकार को नियंत्रित करना है। आँखों का रंग (जैसे काला, भूरा, नीला) भी आइरिस के रंग पर ही निर्भर करता है।
- कार्यप्रणाली: जब बाहर प्रकाश बहुत तेज होता है, तो आइरिस सिकुड़ जाता है जिससे पुतली छोटी हो जाती है (ताकि आंख चौंधियाए नहीं)। इसके विपरीत, कम रोशनी या अंधेरे में आइरिस फैल जाता है जिससे पुतली बड़ी हो जाती है (ताकि अधिक प्रकाश अंदर जा सके और चीजें स्पष्ट दिखें)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) कॉर्निया (Cornea): यह आंख का सबसे बाहरी, पारदर्शी (transparent) हिस्सा है जहाँ से प्रकाश आंख में प्रवेश करता है। नेत्रदान (Eye donation) में इसी हिस्से का प्रत्यारोपण किया जाता है।
- (C) रेटिना (Retina / दृष्टिपटल): यह आंख के सबसे पीछे का संवेदी पर्दा है जहाँ किसी भी वस्तु का वास्तविक और उल्टा (Real and inverted) प्रतिबिंब बनता है। प्रकाश संवेदी कोशिकाएँ (छड़ और शंकु) यहीं पाई जाती हैं।
- (D) क्रिस्टलाभ लेंस (Crystalline lens): यह पुतली के ठीक पीछे स्थित एक लचीला और पारदर्शी द्वि-उत्तल (Biconvex) लेंस है, जो सिलियरी पेशियों की मदद से अपना आकार बदलकर प्रकाश को रेटिना पर फोकस करता है।
#12. इनमें से कौन सा एक ऑप्टिकल लेंस नहीं है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (D) स्टेथोस्कोप
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्टेथोस्कोप (Stethoscope): यह एक ध्वनिक (Acoustic) चिकित्सा उपकरण है, जिसका उपयोग शरीर के अंदर, विशेषकर हृदय (Heart) और फेफड़ों (Lungs) की आवाज़ों को सुनने के लिए किया जाता है।
- कार्यप्रणाली: स्टेथोस्कोप ध्वनि के बहु-परावर्तन (Multiple reflection of sound) के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसमें प्रकाश (Light) या किसी प्रकार के ऑप्टिकल लेंस का उपयोग नहीं होता है, इसलिए यह ऑप्टिकल उपकरण नहीं है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) सूक्ष्मदर्शी (Microscope): यह एक ऑप्टिकल उपकरण है जिसमें उत्तल लेंस (Convex lenses) का उपयोग करके सूक्ष्म (बहुत छोटी) वस्तुओं (जैसे जीवाणु, कोशिका) को आवर्धित (बड़ा) करके देखा जाता है।
- (B) परिदर्शी (Periscope): यह प्रकाश के परावर्तन के सिद्धांत पर काम करने वाला एक ऑप्टिकल उपकरण है। पनडुब्बियों (Submarines) या खाइयों में छिपे रहकर बाहर का दृश्य देखने के लिए इसमें दर्पण या प्रिज्म का उपयोग किया जाता है।
- (C) दूरदर्शी (Telescope): यह भी एक ऑप्टिकल उपकरण है। इसका उपयोग दूर स्थित वस्तुओं (जैसे तारे, ग्रह, और चंद्रमा) को स्पष्ट देखने के लिए किया जाता है। इसमें भी लेंस या दर्पणों का संयोजन होता है।
#13. निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और गलत कथन का चयन करें
。(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (B) मेडुला ऑब्लंगाटा, गर्म वस्तु से हाथ हटाने जैसी प्रतिवर्ती क्रियाओं को नियंत्रित करती है और प्रतिवर्ती क्रियाओं को भी नियंत्रित करती है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- गलत कथन की पहचान: विकल्प (B) में दिया गया कथन गलत है (और प्रश्न के अनुसार यही सही उत्तर है) क्योंकि किसी गर्म वस्तु को छूने पर अचानक हाथ हटाना एक प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex action) है। इस प्रकार की त्वरित क्रियाओं का नियंत्रण मस्तिष्क द्वारा नहीं, बल्कि मुख्य रूप से मेरुरज्जु (Spinal cord) द्वारा किया जाता है।
- मेडुला ऑब्लंगाटा का वास्तविक कार्य: यह पश्च मस्तिष्क (Hindbrain) का हिस्सा है जो शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं (Involuntary actions) को नियंत्रित करता है, जैसे— हृदय की धड़कन (Heartbeat), श्वसन (Respiration), रक्तचाप (Blood pressure), पाचन, खाँसना, छींकना और उल्टी आना।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (सभी कथन सत्य हैं):
- (A) अनुमस्तिष्क (Cerebellum): यह कथन बिल्कुल सही है। यह शरीर का संतुलन (Balance), शारीरिक मुद्रा (Posture) और ऐच्छिक पेशियों की गतियों का समन्वय (जैसे- सीधी रेखा में चलना, साइकिल चलाना) करता है।
- (C) मेरु रज्जु (Spinal cord): यह कथन सही है। यह मस्तिष्क से आने-जाने वाले संदेशों के लिए मार्ग (Relay) प्रदान करता है और त्वरित प्रतिवर्ती क्रियाओं का मुख्य केंद्र है।
- (D) प्रमस्तिष्क (Cerebrum): यह कथन सही है। यह मानव मस्तिष्क का सबसे बड़ा हिस्सा (अग्रमस्तिष्क का भाग) है, जो सोचने (Thinking), स्मृति (Memory), तर्क, बुद्धिमत्ता और ऐच्छिक क्रियाओं का मुख्य केंद्र है।
#14. चिकित्सक हमारी हृदस्पंद ________ नामक उपकरण की सहायता से अनुभव करते हैं।
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) स्टेथोस्कोप
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्टेथोस्कोप (Stethoscope): यह एक ध्वनिक (Acoustic) चिकित्सा उपकरण है। चिकित्सक इसका उपयोग हमारी हृदस्पंद (हृदय की धड़कन/Heartbeat), फेफड़ों में हवा के आवागमन, और रक्त वाहिकाओं में रक्त के प्रवाह की आवाज़ सुनने के लिए करते हैं।
- मुख्य तथ्य: यह उपकरण ध्वनि के बहु-परावर्तन (Multiple reflection of sound) के सिद्धांत पर कार्य करता है। इसका आविष्कार फ्रांसीसी चिकित्सक रेने लैनेक (René Laennec) ने किया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) रिफ्लेक्स हैमर (Reflex hammer): यह एक छोटा हथौड़ा होता है जिसका उपयोग तंत्रिका तंत्र (Nervous system) की जांच के दौरान शरीर की प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex actions) का परीक्षण करने के लिए किया जाता है (जैसे घुटने के जोड़ पर हल्का वार करके)।
- (B) माइक्रोस्कोप (Microscope): इसका उपयोग अति सूक्ष्म जीवों और कोशिकाओं को आवर्धित (बड़ा) करके देखने के लिए किया जाता है, जिन्हें हम नग्न आँखों से नहीं देख सकते।
- (D) रेडियोग्राफी (Radiography): यह एक मेडिकल इमेजिंग तकनीक है (जैसे एक्स-रे / X-ray)। इसका उपयोग शरीर के आंतरिक अंगों, विशेषकर हड्डियों की संरचना, फ्रैक्चर या बीमारियों का चित्र प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
#15. मानव शरीर में कौन-सा अंग संतुलन बनाए रखने में मदद करता है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) कान
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कान (Ear) की भूमिका: कान का कार्य केवल सुनना (Hearing) ही नहीं है, बल्कि मानव शरीर का संतुलन (Balance) और शारीरिक मुद्रा (Posture) बनाए रखना भी इसका एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है।
- कार्यप्रणाली: कान के आंतरिक भाग (Inner ear) में एक विशेष तंत्र होता है जिसे वेस्टिबुलर सिस्टम (Vestibular system) और अर्धवृत्ताकार नलिकाएं (Semicircular canals) कहते हैं। इनमें भरा हुआ द्रव सिर की गति और दिशा का पता लगाता है। ये संकेत मस्तिष्क (विशेषकर अनुमस्तिष्क/Cerebellum) को भेजे जाते हैं, जिससे हम चलते या खड़े होते समय अपना संतुलन बनाए रखते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) हृदय (Heart): यह शरीर का मुख्य पंपिंग अंग है, जो रक्त वाहिकाओं के माध्यम से पूरे शरीर में रक्त (Blood) का निरंतर परिसंचरण करता है।
- (B) यकृत (Liver): यह मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि (Largest gland) है। यह पित्त रस (Bile juice) का स्राव करती है, पाचन में मदद करती है और हानिकारक पदार्थों का विषहरण (Detoxification) करती है।
- (D) जीभ (Tongue): यह एक महत्वपूर्ण संवेदी अंग है, जिस पर स्वाद कलिकाएँ (Taste buds) पाई जाती हैं। यह भोजन का स्वाद पहचानने, उसे निगलने और स्पष्ट रूप से बोलने में मदद करती है।
#16. निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा प्रतिवर्त क्रिया का कार्य करता है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) मेरु रज्जु ( Spinal cord)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रतिवर्त क्रिया (Reflex Action): किसी बाहरी उद्दीपन के प्रति शरीर की अचानक, तीव्र और अनैच्छिक प्रतिक्रिया को प्रतिवर्त क्रिया कहते हैं (जैसे गर्म वस्तु छूने पर तुरंत हाथ हटाना या तेज रोशनी में आँखों का झपकना)।
- मेरु रज्जु की भूमिका: इन क्रियाओं का संचालन और नियंत्रण मुख्य रूप से मेरु रज्जु (Spinal cord) द्वारा ही किया जाता है। यह मस्तिष्क के सोचने में लगने वाले समय को बचाकर तुरंत अनुक्रिया (response) उत्पन्न करती है, इस पूरे मार्ग को प्रतिवर्ती चाप (Reflex arc) कहा जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (B) हाइपोथैलेमस (Hypothalamus): यह मस्तिष्क का एक महत्वपूर्ण भाग है जो मुख्य रूप से शरीर के तापमान (Body temperature), भूख, प्यास, नींद और हमारी भावनाओं को नियंत्रित करता है।
- (C) पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland): इसे ‘मास्टर ग्रंथि’ (Master Gland) भी कहा जाता है। यह ग्रंथि शरीर की वृद्धि और अन्य सभी अंतःस्रावी ग्रंथियों के कार्यों को नियंत्रित करने वाले हार्मोन्स का स्राव करती है।
- (D) कपाल (Cranium): यह खोपड़ी (Skull) का वह हड्डियों वाला मजबूत आवरण (box) है, जिसके अंदर मस्तिष्क सुरक्षित रहता है। यह कोई क्रियाशील तंत्रिका अंग नहीं है।
#17. दृष्टि के अपवर्तक दोषों के आधार पर निम्नलिखित विकल्पों में से सही युग्म का चयन कीजिए
。(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) (a) मायोपिया – निकट दृष्टि दोष (b) हाइपरमेट्रोपिया – दूरदृष्टि
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मायोपिया (Myopia / निकट दृष्टि दोष): इस दोष में व्यक्ति पास की वस्तुओं को तो स्पष्ट देख सकता है, लेकिन दूर की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं। इसमें प्रतिबिंब रेटिना के आगे बनता है। इसे अवतल लेंस (Concave Lens) द्वारा ठीक किया जाता है।
- हाइपरमेट्रोपिया (Hypermetropia / दूर दृष्टि दोष): इस दोष में व्यक्ति दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है, लेकिन पास की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं। इसमें प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है। इसे उत्तल लेंस (Convex Lens) द्वारा ठीक किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- प्रेस्बायोपिया (Presbyopia / जरा दृष्टि दोष): अन्य विकल्पों में इसे निकट दृष्टि दोष या दूर दृष्टि दोष के साथ गलत तरीके से जोड़ा गया है। वास्तव में, यह आयु बढ़ने के साथ होने वाला दोष है जिसमें आँखों की समंजन क्षमता (accommodation power) कमजोर हो जाती है।
- उपचार: जरा दृष्टि दोष (Presbyopia) से पीड़ित व्यक्ति को पास और दूर दोनों की चीजें देखने में परेशानी होती है, इसलिए इसके निवारण के लिए द्विफोकसी लेंस (Bifocal Lens) का उपयोग किया जाता है (जिसमें ऊपरी भाग अवतल और निचला भाग उत्तल होता है)।
#18. न्यूरॉन का विश्रांति विभव ________ है。
(RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) -70 mV
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विश्रांति विभव (Resting Potential): एक शांत या विश्राम की अवस्था में मौजूद न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) का झिल्ली विभव लगभग -70 mV (मिलीवोल्ट) होता है। इसका अर्थ है कि न्यूरॉन के अंदर का भाग उसके बाहर के तरल पदार्थ की तुलना में 70 mV अधिक ऋणात्मक (Negative) होता है।
- कारण: यह विभव मुख्य रूप से कोशिका झिल्ली में मौजूद सोडियम-पोटेशियम पंप (Na⁺/K⁺ pump) के कारण बना रहता है। यह पंप लगातार 3 सोडियम आयनों (Na⁺) को कोशिका से बाहर निकालता है और 2 पोटेशियम आयनों (K⁺) को अंदर लाता है, जिससे अंदर ऋणात्मकता बनी रहती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण एवं मुख्य तथ्य:
- अन्य विकल्प (+0.1 mV, -210 mV, +20 mV): ये तंत्रिका कोशिका के विश्रांति विभव के संदर्भ में पूरी तरह से गलत और अप्रासंगिक मान हैं।
- सक्रिय विभव (Action Potential): जब न्यूरॉन को कोई संकेत (उद्दीपन) मिलता है, तो उसका विभव तेजी से धनात्मक हो जाता है और लगभग +30 mV से +40 mV तक पहुँच जाता है। इसे एक्शन पोटेंशियल कहते हैं।
- देहली विभव (Threshold Potential): किसी न्यूरॉन में तंत्रिका आवेग (nerve impulse) उत्पन्न करने के लिए कम से कम -55 mV के विभव की आवश्यकता होती है, जिसे थ्रेशोल्ड विभव कहते हैं।
#19. श्वसन (breathing), लार स्रावण (salivation) और क्रमाकुंचन (peristalsis) जैसी अनैच्छिक क्रियाएं ________ द्वारा नियंत्रित होती हैं।
(RRB NTPC CBT-I : 15 Feb 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) मेरुरज्जुशीर्ष (medulla oblongata)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेडुला ऑब्लंगाटा (Medulla Oblongata): यह पश्च मस्तिष्क (Hindbrain) का सबसे निचला हिस्सा है, जो आगे चलकर मेरुरज्जु (Spinal cord) से जुड़ता है। यह शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं (Involuntary actions) का मुख्य नियंत्रण केंद्र है।
- मुख्य कार्य: हमारे शरीर की वे सभी महत्वपूर्ण क्रियाएं जिन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता—जैसे श्वसन (Breathing), हृदय की धड़कन (Heartbeat), रक्तचाप, लार स्रावण (Salivation), उल्टी आना, छींकना और आहारनाल में भोजन खिसकने की प्रक्रिया यानी क्रमाकुंचन (Peristalsis)—इसी के द्वारा नियंत्रित होती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) हाइपोथैलेमस (Hypothalamus): यह मुख्य रूप से शरीर के तापमान (Body temperature), भूख, प्यास, नींद और अंतःस्रावी ग्रंथियों (पीयूष ग्रंथि) से स्रावित होने वाले हार्मोन्स को नियंत्रित करता है।
- (B) प्रमस्तिष्क (Cerebrum): यह मानव मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग है जो सोचने (Thinking), स्मृति (Memory), बुद्धिमत्ता (Intelligence) और सभी ऐच्छिक क्रियाओं (Voluntary actions) के लिए उत्तरदायी है।
- (C) अनुमस्तिष्क (Cerebellum): यह शरीर का संतुलन (Balance) बनाए रखने और ऐच्छिक पेशियों की गतियों का समन्वय (जैसे—सीधी रेखा में चलना, साइकिल चलाना) करने का कार्य करता है।
#20. निम्नलिखित में से कौन-सा, मानव में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक भाग है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) मेरु रज्जु (Spinal cord)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System – CNS): मानव का केंद्रीय तंत्रिका तंत्र मुख्य रूप से दो ही अंगों से मिलकर बना होता है— मस्तिष्क (Brain) और मेरु रज्जु (Spinal cord)।
- कार्यप्रणाली: यह शरीर का मुख्य नियंत्रण और कमांड केंद्र है। यह शरीर के विभिन्न भागों से आने वाली सूचनाओं को ग्रहण करता है, उनका विश्लेषण करता है और तदनुसार अंगों को कार्य करने का निर्देश देता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) मेरु तंत्रिकाएँ (Spinal nerves) और (B) कपाल तंत्रिकाएँ (Cranial nerves): ये दोनों परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral Nervous System – PNS) का निर्माण करती हैं। इनका कार्य मस्तिष्क और मेरु रज्जु को शरीर के बाकी हिस्सों से जोड़ना है।
- (C) ग्रसनी (Pharynx): यह पाचन तंत्र और श्वसन तंत्र का एक हिस्सा है। यह गले में स्थित होता है तथा भोजन और वायु दोनों के गुजरने के लिए एक सामान्य मार्ग (common passage) प्रदान करता है। इसका तंत्रिका तंत्र से कोई सीधा संबंध नहीं है।
#21. यदि आपकी नाक बंद है, तो घ्राण ग्राही पता नहीं लगा पाते हैं
:(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) गंध
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- घ्राण ग्राही (Olfactory Receptors): ये हमारी नाक की गुहा (Nasal cavity) की भीतरी परत में पाए जाने वाले विशेष संवेदी अंग होते हैं। इनका मुख्य कार्य वातावरण में मौजूद गंध (Smell) का पता लगाना है।
- कारण: जब सर्दी, जुकाम या किसी अन्य कारण से हमारी नाक बंद हो जाती है (बलगम जमा होने के कारण), तो हवा में मौजूद गंध के कण (Odor molecules) इन घ्राण ग्राहियों तक नहीं पहुँच पाते हैं, जिससे मस्तिष्क गंध की पहचान नहीं कर पाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) स्वाद (Taste): भोजन के स्वाद का पता लगाने का कार्य हमारी जीभ पर मौजूद रस संवेदी ग्राहियों (Gustatory receptors) द्वारा किया जाता है। (हालांकि नाक बंद होने पर भोजन का स्वाद भी कम महसूस होता है, क्योंकि स्वाद और गंध आपस में जुड़े होते हैं)।
- (C) श्रवण (Hearing): ध्वनि तरंगों को सुनने का कार्य हमारे आंतरिक कान में मौजूद श्रवण ग्राहियों (Auditory/Phonoreceptors) द्वारा किया जाता है।
- (D) चलना (Walking): यह कोई संवेदी (Sensory) कार्य नहीं है, बल्कि यह एक गामक या पेशीय क्रिया (Motor action) है, जिसका नियंत्रण मस्तिष्क और मांसपेशियों द्वारा किया जाता है।
#22. खतरे की प्रकृति के आधार पर व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) श्रेणियों के सही युग्म की पहचान करें।
(RRB ALP CBT-II Fitter : 02 May, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) गैर-श्वसन: सुरक्षा हेलमेट, श्वसन: नाक मास्क
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE): कार्यस्थल (Workshop/Industry) पर खतरों से बचाव के लिए पहने जाने वाले सुरक्षा उपकरणों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा जाता है: श्वसन (Respiratory) और गैर-श्वसन (Non-respiratory)।
- सही युग्म की पहचान: सुरक्षा हेलमेट (Safety Helmet) सिर को बाहरी चोटों से बचाता है, इसलिए यह गैर-श्वसन (Non-respiratory) PPE है। जबकि नाक मास्क (Nose Mask) धूल, धुएं और जहरीली गैसों को फेफड़ों में जाने से रोकता है, इसलिए यह श्वसन (Respiratory) PPE है। अतः विकल्प (C) पूरी तरह सही है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) गैर-श्वसन: सुरक्षा चश्मा, श्वसनः सुरक्षा दस्ताने: यह गलत है क्योंकि सुरक्षा दस्ताने (Safety Gloves) हाथों की बाहरी सुरक्षा के लिए होते हैं, यह श्वसन से संबंधित उपकरण नहीं है।
- (B) गैर-श्वसनः नाक मास्क, श्वसनः सुरक्षा कोट: यह युग्म उल्टा दिया गया है। नाक मास्क एक श्वसन उपकरण है, जबकि सुरक्षा कोट (Apron/Safety Coat) शरीर को बचाने वाला गैर-श्वसन उपकरण है।
- (D) गैर-श्वसनः कान प्लग, श्वसनः सुरक्षा जूते: यह गलत है क्योंकि सुरक्षा जूते (Safety Shoes) पैरों को बचाते हैं। इनका श्वसन तंत्र से कोई संबंध नहीं होता।
#23. कॉर्निया और रेटिना किस अंग में पाए जाते हैं?
(RRB JE 24 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (D) आंख
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कॉर्निया (Cornea) और रेटिना (Retina): ये दोनों मानव नेत्र (आंख) के अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्से हैं। कॉर्निया आंख का सबसे बाहरी, पारदर्शी (transparent) आवरण है, जहाँ से प्रकाश आंख के अंदर प्रवेश करता है। नेत्रदान (Eye donation) में इसी हिस्से का प्रत्यारोपण किया जाता है।
- रेटिना (Retina): यह आंख के सबसे भीतरी और पिछले हिस्से में स्थित एक प्रकाश-संवेदी (light-sensitive) पर्दा है। हम जो भी वस्तु देखते हैं, उसका वास्तविक और उल्टा (Real and inverted) प्रतिबिंब इसी रेटिना पर बनता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) हथेली (Palm): यह हाथ का हिस्सा है, जिसमें मुख्य रूप से त्वचा, मांसपेशियां और हड्डियां होती हैं। इसमें स्पर्श को महसूस करने वाले संवेदी रिसेप्टर्स पाए जाते हैं।
- (B) कान (Ear): यह श्रवण (सुनने) और शरीर का संतुलन (Balance) बनाए रखने वाला अंग है। इसके प्रमुख भागों में कर्णपल्लव (Pinna), कर्णपटह (Eardrum) और कोक्लिया (Cochlea) शामिल हैं।
- (C) नाक (Nose): यह श्वसन प्रणाली का प्राथमिक अंग है और गंध (Smell) का पता लगाने का कार्य करता है। गंध पहचानने के लिए इसमें घ्राण ग्राही (Olfactory receptors) मौजूद होते हैं।
#24. हमारे पर्यावरण से प्राप्त सभी सूचनाएँ कुछ तंत्रिका कोशिकाओं की विशिष्ट युक्तियों द्वारा पता लगाई जाती हैं और ये ग्राही सामान्यतः हमारे ज्ञानेन्द्रियों में स्थित होते हैं जैसे
:
✨ सही उत्तर: (C) आंतरिक कर्ण, नाक और जीभ
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ग्राही (Receptors): हमारे पर्यावरण से सभी सूचनाओं (उद्दीपन) का पता लगाने के लिए हमारी ज्ञानेन्द्रियों (Sense organs) में तंत्रिका कोशिकाओं के विशेष सिरे होते हैं, जिन्हें ग्राही कहा जाता है।
- प्रमुख ग्राही और उनके स्थान:
• आंतरिक कर्ण (Inner Ear): श्रवण और संतुलन ग्राही (सुनने और शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए)।
• नाक (Nose): घ्राण ग्राही (Olfactory receptors – गंध का पता लगाने के लिए)।
• जीभ (Tongue): रस संवेदी ग्राही (Gustatory receptors – स्वाद का पता लगाने के लिए)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) आंतरिक कर्ण, (B) जीभ, (D) नाक: यद्यपि ये सभी ज्ञानेन्द्रियाँ हैं और इनमें सूचनाएं ग्रहण करने वाले ग्राही पाए जाते हैं, लेकिन ये विकल्प अपने आप में अधूरे हैं।
- निष्कर्ष: विकल्प (C) सबसे सटीक और व्यापक उत्तर है क्योंकि यह मानव शरीर के कई महत्वपूर्ण संवेदी अंगों (Sense organs) को एक साथ समाहित करता है, जहाँ बाह्य वातावरण की सूचनाएं ग्रहण की जाती हैं।
#25. मनुष्यों में निकट दृष्टि दोष क्या कहलाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 18 Jan 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) मायोपिया
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मायोपिया (Myopia): इसे विज्ञान की भाषा में निकट दृष्टि दोष (Near-sightedness) कहा जाता है। इस दोष से पीड़ित व्यक्ति पास की वस्तुओं को तो स्पष्ट देख सकता है, लेकिन दूर की वस्तुएं उसे धुंधली दिखाई देती हैं।
- कारण और निवारण: इस दोष में प्रकाश की किरणें रेटिना पर फोकस होने के बजाय रेटिना के आगे ही फोकस हो जाती हैं (प्रायः नेत्र गोलक के लंबा हो जाने के कारण)। इसे दूर करने के लिए उचित फोकस दूरी वाले अवतल लेंस (Concave Lens) का उपयोग किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) मोतियाबिंद (Cataract): उम्र बढ़ने के साथ आंख का पारदर्शी लेंस धुंधला या दूधिया (cloudy) हो जाता है, जिससे दृष्टि कमजोर हो जाती है। इसका इलाज केवल शल्य चिकित्सा (Surgery) द्वारा नया कृत्रिम लेंस लगाकर किया जाता है।
- (B) प्रेस्बायोपिया (Presbyopia): इसे जरा दृष्टि दोष कहते हैं। यह मुख्य रूप से बुढ़ापे में होता है जब आँखों की समंजन क्षमता घट जाती है, जिससे पास और दूर दोनों की चीजें देखने में परेशानी होती है। इसे द्विफोकसी लेंस (Bifocal lens) से ठीक किया जाता है।
- (C) हाइपरमेट्रोपिया (Hypermetropia): इसे दूर दृष्टि दोष (Far-sightedness) कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को दूर की चीजें स्पष्ट दिखती हैं लेकिन पास की चीजें धुंधली। इसे उत्तल लेंस (Convex lens) के प्रयोग से ठीक किया जाता है।
#26. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, मांसपेशीय गति के लिए उत्तरदायी घटनाओं के अनुक्रम का सही वर्णन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) तंत्रिका आवेग → मांसपेशी प्रोटीन अनुक्रिया → मांसपेशी संकुचन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मांसपेशीय गति (Muscle Movement): मानव शरीर में ऐच्छिक पेशियों की गति केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) द्वारा नियंत्रित होती है। यह एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें तंत्रिका तंत्र और पेशीय तंत्र मिलकर काम करते हैं।
- सही अनुक्रम की कार्यप्रणाली: सबसे पहले मस्तिष्क या मेरुरज्जु से एक तंत्रिका आवेग (Nerve impulse) उत्पन्न होकर मोटर न्यूरॉन के माध्यम से मांसपेशी तक पहुँचता है। इसके बाद मांसपेशी में मौजूद विशिष्ट सिकुड़ने वाले प्रोटीन (एक्टिन और मायोसिन) अपनी आकृति और व्यवस्था बदलते हैं (मांसपेशी प्रोटीन अनुक्रिया)। इसके परिणामस्वरूप मांसपेशी में संकुचन (Muscle contraction) होता है और अंग में गति उत्पन्न होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (B) पाचन → रूधिर परिसंचरण → गति: यह भोजन के पचने और कोशिकाओं तक ऊर्जा पहुँचने की सामान्य प्रक्रिया है। यह तात्कालिक मांसपेशीय गति का न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका संबंधी) अनुक्रम नहीं है।
- (C) DNA प्रतिकृति → प्रोटीन संश्लेषण → मांसपेशी गति: DNA प्रतिकृति (Replication) और प्रोटीन निर्माण कोशिका विभाजन (Cell division) और वृद्धि से जुड़ी लंबी प्रक्रियाएं हैं, इनका त्वरित पेशीय गति से कोई सीधा संबंध नहीं है।
- (D) रुधिर प्रवाह → प्रोटीन सक्रियण → तंत्रिका आवेग → गति: यह अनुक्रम पूरी तरह गलत और उल्टा है। रक्त प्रवाह तंत्रिका आवेग को उत्पन्न नहीं करता, बल्कि तंत्रिका आवेग की शुरुआत मस्तिष्क या मेरुरज्जु से होती है।
#27. रुचि ग्राही (Gustatory receptors) किसका पता लगाने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं?
(RRB NTPC CBT-I : 11 Feb 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) स्वाद
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रुचि या रस संवेदी ग्राही (Gustatory Receptors): ये मुख्य रूप से हमारी जीभ (Tongue) की सतह पर मौजूद स्वाद कलिकाओं (Taste buds) में पाए जाने वाले विशेष संवेदी रिसेप्टर्स होते हैं।
- कार्य: इनका मुख्य कार्य भोजन या किसी भी पदार्थ के स्वाद (Taste)—जैसे मीठा, नमकीन, खट्टा या कड़वा—का पता लगाना और तंत्रिका कोशिकाओं के माध्यम से उसकी सूचना मस्तिष्क तक पहुँचाना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) गंध (Smell): गंध या महक का पता लगाने का कार्य नाक की गुहा में मौजूद घ्राण ग्राहियों (Olfactory receptors) द्वारा किया जाता है।
- (B) दृष्टि (Vision): प्रकाश और दृश्य का पता लगाने का कार्य आंखों के रेटिना में मौजूद प्रकाश ग्राहियों (Photoreceptors – छड़ और शंकु) द्वारा किया जाता है।
- (C) स्पर्श (Touch): स्पर्श, दबाव, गर्मी या ठंड का पता लगाने का कार्य हमारी त्वचा में मौजूद स्पर्श एवं ताप ग्राहियों (Tactile & Thermo receptors) द्वारा किया जाता है।
#28. न्यूरॉन में डेन्द्रीट्स (dendrite) का प्राथमिक कार्य क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) अक्षतंतु से कोशिका काय तक संकेतों को प्रेषित करना
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- डेन्ड्राइट्स (Dendrites / द्रुमिका): ये तंत्रिका कोशिका (Neuron) के मुख्य भाग ‘कोशिका काय’ (Cell body / Soma) से निकलने वाली छोटी, पेड़ की शाखाओं जैसी संरचनाएं होती हैं।
- प्राथमिक कार्य: इनका मुख्य कार्य पिछले न्यूरॉन के अक्षतंतु (Axon) के अंतिम सिरे से आने वाले रासायनिक या विद्युतीय संकेतों को ग्रहण करना और उन संकेतों को अपने कोशिका काय (Cell body) की ओर भेजना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (B) एक सिनेप्स (synapse) बनाना: सिनेप्स दो न्यूरॉन्स के बीच का वह जंक्शन है जहाँ से संकेत गुजरते हैं। डेन्ड्राइट सिनेप्स का केवल एक हिस्सा (ग्राही हिस्सा) होता है, इसका मूल कार्य संकेत ग्रहण करना है।
- (C) विद्युत आवेग उत्पन्न करना: तंत्रिका में नया विद्युत आवेग (Action potential) मुख्य रूप से कोशिका काय (Soma) के उस हिस्से में उत्पन्न होता है जहाँ से अक्षतंतु (Axon) शुरू होता है, और यह आवेग अक्षतंतु से होकर आगे बढ़ता है।
- (D) न्यूरॉन की रक्षा करना: न्यूरॉन को सुरक्षा और पोषण प्रदान करने का कार्य तंत्रिका तंत्र की अन्य सहायक कोशिकाओं, जिन्हें न्यूरोग्लिया (Neuroglial cells) कहा जाता है, द्वारा किया जाता है। साथ ही अक्षतंतु पर चढ़ी ‘माइलिन शीथ’ भी उसकी रक्षा करती है।
#29. एक रोगी अपना बायां हाथ हिलाने में असमर्थ है, लेकिन मस्तिष्क स्कैन में कोई क्षति नहीं दिखाई देती है। तंत्रिका तंत्र के किस हिस्से के प्रभावित होने की सर्वाधिक संभावना है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral nervous system)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS): यह तंत्रिका तंत्र का वह भाग है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क और मेरुरज्जु) को शरीर के अन्य सभी अंगों और मांसपेशियों (जैसे हाथ, पैर) से जोड़ता है। इसमें कपाल और मेरु तंत्रिकाएँ शामिल होती हैं।
- कारण: हाथ हिलाना एक ऐच्छिक (Voluntary) क्रिया है। चूँकि मस्तिष्क (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का भाग) के स्कैन में कोई क्षति नहीं है, इसका स्पष्ट अर्थ है कि मस्तिष्क से हाथ की मांसपेशियों तक मोटर संकेत ले जाने वाली परिधीय तंत्रिकाओं (Peripheral Nerves) में ही कोई रुकावट या क्षति है, जिससे गति नहीं हो पा रही है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic nervous system): यह शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं (Involuntary actions) जैसे हृदय की धड़कन, श्वसन और पाचन को नियंत्रित करता है। हाथ हिलाने जैसी ऐच्छिक क्रियाओं से इसका संबंध नहीं है।
- (B) परानुकंपी तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic nervous system): यह स्वायत्त तंत्रिका तंत्र का ही एक उप-भाग है, जो शरीर को विश्राम की अवस्था (Rest and digest) में लाता है और ऊर्जा बचाता है।
- (D) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central nervous system): इसमें मस्तिष्क और मेरुरज्जु शामिल होते हैं। प्रश्न में स्पष्ट दिया गया है कि मस्तिष्क में कोई क्षति नहीं है, इसलिए समस्या परिधीय (Peripheral) हिस्से में है।
#30. पशुओं में मुख्य परिवहन तंत्र कौन-सा होता है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (B) परिसंचारी-तंत्र (Circulatory system)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- परिसंचारी-तंत्र (Circulatory system): पशुओं (और मनुष्यों) के शरीर में ऑक्सीजन, पोषक तत्वों, हार्मोन्स और अन्य आवश्यक पदार्थों को कोशिकाओं तक पहुँचाने, तथा अपशिष्ट पदार्थों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और यूरिया) को शरीर से बाहर निकालने वाले अंगों तक ले जाने का कार्य इसी तंत्र द्वारा किया जाता है। इसे शरीर का मुख्य परिवहन तंत्र (Transport system) कहा जाता है।
- मुख्य अंग: इस तंत्र में मुख्य रूप से पंप करने वाला अंग हृदय (Heart), परिवहन का माध्यम रक्त (Blood) और रक्त को ले जाने वाली रक्त वाहिकाएं (धमनी और शिराएं) शामिल होती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) तंत्रिका-तंत्र (Nervous system): यह शरीर के विभिन्न अंगों के कार्यों का नियंत्रण और समन्वय (Control and coordination) करता है तथा सोचने-समझने और उद्दीपनों के प्रति अनुक्रिया करने में मदद करता है।
- (C) श्वसन-तंत्र (Respiratory system): यह शरीर में गैसों (ऑक्सीजन अंदर लेने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर छोड़ने) के आदान-प्रदान के लिए उत्तरदायी है।
- (D) पेशी-तंत्र (Muscular system): यह मांसपेशियों से बना तंत्र है जो कंकाल के साथ मिलकर शरीर को गति (Movement) प्रदान करता है और मुद्रा (Posture) बनाए रखता है।
#31. निम्नलिखित में से कौन-सा, उपकला ऊतक द्वारा आस्तरित नहीं है?
(RRB ALP CBT 1 13/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) रुधिर
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रुधिर (Blood): रुधिर उपकला ऊतक (Epithelial tissue) का हिस्सा नहीं है और न ही यह इसके द्वारा आस्तरित (lined) होता है। रुधिर वास्तव में एक तरल संयोजी ऊतक (Fluid Connective Tissue) है, जिसका कार्य शरीर में गैसों, पोषक तत्वों और अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन करना है।
- उपकला ऊतक क्या है?: यह वह ऊतक है जो शरीर की बाहरी सतह (जैसे त्वचा) को ढंकता है और शरीर के अंदरूनी अंगों की खोखली गुहाओं या नलियों की भीतरी परत (Lining) बनाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी उपकला ऊतक से आस्तरित हैं):
- (A) त्वचा (Skin): त्वचा की बाहरी परत स्तरित शल्की उपकला (Stratified squamous epithelium) से बनी होती है, जो शरीर को घर्षण और बाहरी चोटों से बचाती है।
- (B) वृक्क नलिकाएं (Kidney tubules): गुर्दे की इन नलिकाओं की भीतरी परत घनाकार उपकला (Cuboidal epithelium) से बनी होती है, जो मूत्र छनने के बाद उपयोगी पदार्थों के अवशोषण (Absorption) में मदद करती है।
- (D) फुफ्फुस कूपिकाएं (Lung alveoli): फेफड़ों की ये छोटी-छोटी थैलियां सरल शल्की उपकला (Simple squamous epithelium) द्वारा आस्तरित होती हैं। इसकी पतली परत गैसों (O₂ और CO₂) के आसानी से आर-पार जाने में मदद करती है।
#32. निम्नलिखित में से कौन मानव नेत्र का भाग नहीं है?
(RRB NTPC CBT-I : 21 Jan 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) कोक्लीए (कर्नावर्त)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोक्लीए (Cochlea / कर्णावर्त): यह मानव कान (Ear) के आंतरिक भाग (Inner ear) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका आंख (नेत्र) से कोई संबंध नहीं है।
- कार्य: यह घोंघे (Snail) के आवरण के आकार की, तरल पदार्थ से भरी एक संरचना होती है। इसका मुख्य कार्य ध्वनि तरंगों (Sound waves) को तंत्रिका संकेतों (Nerve impulses) में बदलकर श्रवण तंत्रिका के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुँचाना है, जिससे हम सुन पाते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी मानव नेत्र के भाग हैं):
- (B) कॉर्निया (Cornea): यह आंख के सबसे आगे का पारदर्शी हिस्सा है, जहाँ से प्रकाश आंख के भीतर प्रवेश करता है।
- (C) सिलीरी मांसपेशी (Ciliary muscle): यह आंख के लेंस (Lens) को अपनी जगह पर बनाए रखती है और उसकी फोकस दूरी (Focal length) को समायोजित करने में मदद करती है।
- (D) आँख की पुतली (Pupil) / आइरिस (Iris): आइरिस (परितारिका) आंख का रंगीन पेशीय हिस्सा है। इसके बीच में स्थित छिद्र को पुतली (Pupil) कहते हैं, जो सिकुड़कर और फैलकर आंख में जाने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।
#33. पौधों में निम्नलिखित क्रिया क्यों होती है? पौधे की कोशिकाएँ अपने अंदर पानी की मात्रा बदलकर अपना आकार बदलती हैं, जिसके फलस्वरूप सूजन या सिकुड़न होती है, और इसलिए आकार में परिवर्तन होता है।
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) किसी उत्तेजना के तत्काल प्रतिक्रिया में
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उत्तेजना के प्रति प्रतिक्रिया (Response to Stimulus): पौधों में जंतुओं की तरह पेशी ऊतक (Muscle tissues) या तंत्रिका तंत्र (Nervous system) नहीं होता है। अतः बाहरी उत्तेजना (जैसे स्पर्श) के प्रति वे अलग तरीके से गति दर्शाते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण ‘छुईमुई’ (Mimosa pudica) का पौधा है, जिसे छूते ही उसकी पत्तियां सिकुड़ जाती हैं।
- कार्यप्रणाली (Mechanism): इस प्रकार की त्वरित गति (Turgor movement) के लिए पौधे की कोशिकाएँ अपने अंदर पानी की मात्रा (Water content) में परिवर्तन करती हैं। जब किसी उत्तेजना का आभास होता है, तो कोशिकाएं पानी छोड़कर सिकुड़ जाती हैं (Flaccid), जिससे पत्तियां मुरझा जाती हैं। बाद में पानी भर जाने पर वे फिर से फूल (Turgid) जाती हैं और आकार ग्रहण कर लेती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) संतुलन बनाए रखने के लिए: पौधों में जल का संतुलन वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) और रंध्रों (Stomata) के खुलने-बंद होने से होता है, लेकिन अचानक सिकुड़ना या फूलना किसी बाहरी उत्तेजना की त्वरित प्रतिक्रिया है, न कि केवल सामान्य संतुलन।
- (B) डर के कारण: पौधों में जंतुओं की तरह मस्तिष्क या भावनाएं (जैसे डर, क्रोध) नहीं होती हैं। अतः यह विकल्प पूरी तरह गलत है।
- (C) ऊर्जा संरक्षण के लिए: यह क्रिया ऊर्जा बचाने के लिए नहीं होती, बल्कि यह मुख्य रूप से पर्यावरण के बदलावों या स्पर्श जैसी उत्तेजनाओं के प्रति एक रक्षात्मक या संवेदनशील प्रतिक्रिया है।
#34. निम्नलिखित में से कौन सा दो न्यूरॉन्स के बीच के अंतर के लिए सही शब्दावली है जहाँ वे संवाद करते हैं?
(RRB NTPC UG CBT-I : 01 Sept, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) सिनेस्टिक दरार (Synaptic cleft)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सिनैप्टिक या सिनेस्टिक दरार (Synaptic Cleft): दो तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) के बीच के सूक्ष्म गैप या जंक्शन को सिनैप्स (Synapse) कहते हैं, और इसके बीच के खाली स्थान को सिनेप्टिक दरार कहा जाता है। यहीं पर रासायनिक संदेशवाहकों (Neurotransmitters) के द्वारा एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन तक संकेतों का संवाद होता है।
- संचार प्रक्रिया: जब विद्युत आवेग अक्षतंतु (Axon) के अंतिम सिरे पर पहुँचता है, तो यह न्यूरोट्रांसमीटर को इस दरार में मुक्त करता है, जिसे अगले न्यूरॉन की द्रुमिका (Dendrites) ग्रहण करती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) नोड गैप: यह ‘रैनवीयर के नोड’ (Nodes of Ranvier) से संबंधित है, जो न्यूरॉन के अक्षतंतु पर माइलिन आच्छद (Myelin sheath) के बीच की खाली जगह होती है।
- (C) डेंड्रिटिक दरार और (D) एक्सोनल गैप: ये तंत्रिका विज्ञान में दो न्यूरॉन्स के बीच संवाद अंतराल के लिए उपयोग होने वाली मानक और वैज्ञानिक शब्दावली नहीं हैं।
#35. एलヴィयोली ________ के एक व्यापक नेटवर्क से घिरी होती है, जहां ________ का आदान-प्रदान होता है।
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) केशिकाएं; गैसों
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एलव्यूली या फुफ्फुस कूपिकाएं (Alveoli): ये फेफड़ों के अंदर अंगूर के गुच्छे जैसी बहुत छोटी और पतली दीवार वाली थैलियां होती हैं, जहाँ श्वसन तंत्र का मुख्य कार्य पूरा होता है।
- केशिकाएं और गैसों का आदान-प्रदान: प्रत्येक एलव्यूली रक्त की महीन वाहिकाओं यानी केशिकाओं (Capillaries) के एक व्यापक नेटवर्क से घिरी होती है। यहीं पर रक्त और कूपिकाओं की हवा के बीच ऑक्सीजन (O₂) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) जैसी गैसों (Gases) का विसरण (Diffusion) द्वारा आदान-प्रदान होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (B) पेशियों; दाब: पेशियां शरीर को गति देती हैं और दाब का संबंध रक्तचाप या वायुमंडलीय दाब से है, एलव्यूली मुख्य रूप से रक्त वाहिकाओं से घिरी होती हैं न कि पेशियों के नेटवर्क से।
- (C) तंत्रिकाओं; आवेगों: तंत्रिकाएं विद्युत आवेगों के संचरण के लिए उत्तरदायी होती हैं, जबकि फेफड़ों में गैसों का विनिमय रक्त कोशिकाओं द्वारा होता है।
- (D) श्वसनी; वायु: श्वसनी (Bronchi) फेफड़ों तक हवा पहुँचाने वाली नलिकाएं हैं, लेकिन एलव्यूली के चारों ओर हवा का व्यापक नेटवर्क नहीं बल्कि रुधिर केशिकाओं (Blood capillaries) का जाल होता है।
#36. मानव शरीर में, कशेरूका ________ का हिस्सा हैं।
(RRB NTPC Tier I : 27 Apr 2016 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) रीढ़ की हड्डी
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कशेरुक या कशेरूका (Vertebrae): ये अनियमित आकार की छोटी-छोटी हड्डियां होती हैं जो आपस में मिलकर मानव कंकाल तंत्र की रीढ़ की हड्डी (Vertebral Column / Spine) का निर्माण करती हैं।
- संरचना और कार्य: एक वयस्क मनुष्य की रीढ़ की हड्डी में कुल 26 कशेरुकाएं होती हैं। यह रीढ़ को लचीलापन प्रदान करती है और इसके भीतर सुरक्षित रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा यानी मेरु रज्जु (Spinal cord) सुरक्षित रहता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) आंत (Intestine): यह पाचन तंत्र (Digestive system) का एक प्रमुख अंग है, जो भोजन के पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए उत्तरदायी है।
- (B) यकृत (Liver): यह शरीर की सबसे बड़ी अंतःस्रावी/बहिःस्रावी ग्रंथि है, जो पित्त रस का निर्माण करती है और कई metabolic कार्यों को संभालती है।
- (D) मस्तिष्क (Brain): यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का मुख्य अंग है, जो खोपड़ी (Cranium) के अंदर सुरक्षित रहता है और शरीर की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
#37. कौन-से ऊतक जानवरों को अपने आस-पास के परिवर्तनों पर शीघ्र प्रतिक्रिया करने में मदद कर सकते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) तंत्रिका आवेग और पेशी ऊतक एक साथ कार्य करते हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- त्वरित प्रतिक्रिया (Rapid Response): जंतुओं में बाह्य वातावरण के परिवर्तनों (उद्दीपन) पर तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue) और पेशीय ऊतक (Muscular tissue) का संयुक्त रूप से कार्य करना आवश्यक होता है।
- कार्यप्रणाली: सबसे पहले, संवेदी अंगों से सूचनाएँ तंत्रिका ऊतक (न्यूरॉन्स) द्वारा विद्युत आवेग के रूप में मस्तिष्क या मेरुरज्जु तक पहुँचाई जाती हैं। इसके बाद, मस्तिष्क से निर्देश पाकर पेशीय ऊतक में संकुचन होता है, जिससे जंतु तुरंत गति करके प्रतिक्रिया कर पाते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (B) अस्थि और उपार्स्थि (Bone and Cartilage): ये कंकाल तंत्र (Skeletal system) के भाग हैं जो शरीर को आकार और ढांचा प्रदान करते हैं, लेकिन ये सीधे उद्दीपनों को ग्रहण करके त्वरित प्रतिक्रिया देने का कार्य नहीं करते।
- (C) केवल पेशी ऊतक: केवल पेशियां अपने दम पर त्वरित निर्णय या तंत्रिका संबंधी संदेशों को प्रोसेस नहीं कर सकतीं, उन्हें संकेतों के लिए तंत्रिका तंत्र की आवश्यकता होती है।
- (D) पाचन और उत्सर्जन तंत्र: ये दोनों तंत्र शरीर में भोजन के पाचन, पोषण अवशोषण और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करते हैं, न कि बाह्य परिवर्तनों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने का।
#38. श्वसन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से क्या धूम्रपान का एक प्रभाव है?
(RRB ALP CBT 1 16/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (B) ऊपरी श्वसन पथ में सिलिया का विनाश
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- धूम्रपान और श्वसन तंत्र: तंबाकू या सिगरेट के धुएं में निकोटीन सहित कई हानिकारक रसायन और टार (Tar) मौजूद होते हैं, जो श्वसन तंत्र को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं।
- सिलिया की भूमिका और विनाश: ऊपरी श्वसन पथ (जैसे श्वासनली / Trachea) की आंतरिक परत पर बाल जैसी सूक्ष्म संरचनाएं होती हैं जिन्हें सिलिया (Cilia) कहा जाता है। इनका मुख्य कार्य बलगम, धूल और रोगाणुओं को बाहर धकेलकर श्वसन मार्ग को साफ रखना है। धूम्रपान करने से ये सिलिया निष्क्रिय होकर धीरे-धीरे नष्ट (Destruction) हो जाते हैं, जिससे फेफड़ों की प्राकृतिक सफाई प्रणाली ठप हो जाती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) ऊपरी श्वसन पथ में सिलिया का संवर्धन: यह गलत है क्योंकि धूम्रपान से सिलिया का विकास या वृद्धि नहीं होती, बल्कि उनका क्षय और विनाश होता है।
- (C) और (D) निचले श्वसन पथ से संबंधित विकल्प: धूम्रपान का सबसे पहला और तीव्र आघात सीधे संपर्क में आने वाले ऊपरी श्वसन पथ (नाक, ग्रसनी, श्वासनली) पर पड़ता है, जहाँ सिलिया नष्ट होते हैं। अतः अन्य विकल्प वैज्ञानिक रूप से सटीक नहीं हैं।
#39. मानव शरीर में किस प्रकार के ग्राही स्वाद का पता लगाने के लिए उत्तरदायी होते हैं?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 24/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) रसवसंवेदी ग्राही (Gustatory receptor)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रसवसंवेदी ग्राही (Gustatory Receptors): ये विशेष संवेदी रिसेप्टर्स मुख्य रूप से हमारी जीभ पर मौजूद स्वाद कलिकाओं (Taste buds) में पाए जाते हैं।
- कार्य: इनका मुख्य कार्य भोजन या विभिन्न पदार्थों के स्वाद (Taste)—जैसे मीठा, खट्टा, नमकीन और कड़वा—का पता लगाकर उसकी सूचना तंत्रिका तंत्र के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुँचाना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (B) थर्मा ग्राही (Thermo receptor): ये त्वचा में स्थित ऐसे ग्राही होते हैं जो तापमान (गर्मी या ठंड) में होने वाले परिवर्तनों का पता लगाते हैं।
- (C) घ्राण ग्राही (Olfactory receptor): ये नाक की गुहा में पाए जाते हैं और वातावरण में मौजूद विभिन्न प्रकार की गंध (Smell) का पता लगाने के लिए उत्तरदायी होते हैं।
- (D) श्रवण ग्राही (Auditory receptor): ये आंतरिक कान (Inner ear) में स्थित होते हैं जो ध्वनि तरंगों को ग्रहण करके सुनने में मदद करते हैं।
#40. शरीर के सभी भागों से सूचना प्राप्त करने और उसे एकीकृत करने वाली केंद्रीय तंत्रिका तंत्र किससे बनता है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) मस्तिष्क और मेरुरज्जु
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System – CNS): मानव शरीर का केंद्रीय तंत्रिका तंत्र मुख्य रूप से दो प्रमुख अंगों— मस्तिष्क (Brain) और मेरु रज्जु (Spinal cord) से मिलकर बना होता है।
- कार्यप्रणाली: यह शरीर का मुख्य नियंत्रण केंद्र है। यह शरीर के विभिन्न भागों से आने वाली सभी संवेदी सूचनाओं को प्राप्त करता है, उनका एकीकरण (Integration) और विश्लेषण करता है, और फिर तदनुसार अंगों को उचित निर्देश भेजता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) केवल हृदय: हृदय परिसंचारी तंत्र (Circulatory system) का अंग है जो रक्त को पंप करता है, इसका तंत्रिका तंत्र से कोई सीधा संबंध नहीं है।
- (B) केवल मस्तिष्क और (D) केवल मेरुरज्जु: ये दोनों विकल्प अधूरे हैं क्योंकि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र अकेले केवल मस्तिष्क या केवल मेरुरज्जु से नहीं बनता, बल्कि इन दोनों के संयुक्त रूप से बनता है।
#41. तंत्रिका आवेगों को संचारित करने में अंतर्ग्रथन प्रभावित सर्वाधिक महत्वपूर्ण रूप से निम्नलिखित में से किससे द्वारा निर्धारित होती है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 10 Jun, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) तंत्रिप्रेषी की सांद्रता और पोस्टसिनेप्टिक झिल्ली में ग्राहियों की संख्या
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सिनेप्टिक संचरण (Synaptic Transmission): दो तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) के बीच सिनैप्स (अंतर्ग्रथन) के माध्यम से तंत्रिका आवेगों के रासायनिक संचरण की प्रभावशीलता और सामर्थ्य मुख्य रूप से तंत्रिप्रेषी (Neurotransmitter) की सांद्रता तथा पोस्टसिनेप्टिक (अगली कोशिका की) झिल्ली पर मौजूद ग्राहियों (Receptors) की संख्या पर निर्भर करती है।
- कार्यप्रणाली: जितनी अधिक मात्रा में न्यूरोट्रांसमीटर अणु मुक्त होंगे और पोस्टसिनेप्टिक झिल्ली पर जितने अधिक ग्राही उन्हें ग्रहण करने के लिए उपलब्ध होंगे, संकेत का आगे का संचरण उतना ही अधिक प्रभावी और तीव्र होगा।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) तंत्रिकाक्ष का व्यास (Diameter of axon): अक्षतंतु (Axon) का व्यास मुख्य रूप से तंत्रिका फाइबर के भीतर विद्युत आवेग (Action potential) के चालन की गति को निर्धारित करता है (मोटे तंतुओं में आवेग तेजी से चलता है), लेकिन यह सीधे तौर पर सिनेप्टिक जंक्शन पर रासायनिक विनिमय की दक्षता को निर्धारित नहीं करता।
- (C) और (D) द्रुमाकृतिक शाखायन और माइलिन आच्छद: माइलिन आच्छद तंत्रिका तंतु पर ‘साल्टेटरी कंडक्शन’ (Saltatory conduction) द्वारा आवेग की गति को बढ़ाता है, जो अंतर्ग्रथनी (synaptic) रासायनिक संचरण की मुख्य निर्धारक इकाई नहीं हैं।
#42. मानव आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को ________ नियंत्रित करता/करती है।
(RPF Constable 2018 24 Jan 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) आइरिस (Iris / परितारिका)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आइरिस या परितारिका (Iris): यह मानव नेत्र में कॉर्निया के पीछे स्थित एक गहरे रंग की पेशीय संरचना (डायाफ्राम) है। यह आँख का रंगीन भाग होती है जो पुतली के आकार को छोटा या बड़ा करके आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है।
- कार्यप्रणाली: तेज रोशनी में आइरिस सिकुड़ जाती है जिससे पुतली छोटी हो जाती है और आँख में कम प्रकाश जाता है; वहीं मंद (कम) रोशनी में आइरिस फैल जाती है जिससे पुतली बड़ी हो जाती है और अधिक प्रकाश अंदर प्रवेश कर पाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) पुतली (Pupil): यह आइरिस के बीच का वह केंद्रीय छिद्र (Opening) है जिससे होकर प्रकाश नेत्र के भीतर प्रवेश करता है, लेकिन इसके व्यास/आकार को नियंत्रित करने का मुख्य कार्य आइरिस का होता है।
- (B) रेटिना (Retina): यह आँख का सबसे पिछला और प्रकाश-संवेदी पर्दा है, जिस पर वस्तुओं का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनता है।
- (D) कॉर्निया (Cornea): यह आँख की सबसे बाहरी पारदर्शी परत है, जिससे होकर प्रकाश पहली बार नेत्र में प्रवेश करता है और यह प्रकाश के अधिकांश अपवर्तन (Refraction) में मदद करती है।
#43. हमारे शरीर में, मस्तिष्क और मेरुरज्जु मिलकर क्या बनाते हैं?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central nervous system)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS): मानव शरीर का केंद्रीय तंत्रिका तंत्र मुख्य रूप से दो प्रमुख अंगों— मस्तिष्क (Brain) और मेरु रज्जु (Spinal cord) से मिलकर बना होता है।
- कार्यप्रणाली: यह शरीर का मुख्य नियंत्रण और कमांड केंद्र है। यह शरीर के विभिन्न अंगों से आने वाली सभी संवेदी सूचनाओं को प्राप्त करता है, उनका एकीकरण (Integration) और विश्लेषण करता है, और फिर तदनुसार अंगों को उचित निर्देश भेजता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine system): यह ग्रंथियों (जैसे पीयूष ग्रंथि, थायराइड आदि) का एक समूह है जो शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करने के लिए हार्मोन्स का स्राव करता है।
- (C) परिधीय तंत्रिका तंत्र (Peripheral nervous system): इसमें कपाल और मेरु तंत्रिकाएँ शामिल होती हैं, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क व मेरुरज्जु) को शरीर के बाकी हिस्सों से जोड़ती हैं।
- (D) स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic nervous system): यह शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं (जैसे हृदय की धड़कन, पाचन, श्वसन) को नियंत्रित करने वाला तंत्र है।
#44. निम्नलिखित में से कौन-सी, कंकाल पेशियों की एक विशिष्ट विशेषता है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) रेखित स्वरूप (Striated appearance)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कंकाल पेशियाँ (Skeletal Muscles): ये वे पेशियाँ होती हैं जो हमारे शरीर की हड्डियों (कंकाल) से जुड़ी होती हैं (जैसे हाथ और पैरों की पेशियाँ)। इन्हें ऐच्छिक पेशियाँ (Voluntary muscles) भी कहा जाता है क्योंकि ये हमारी इच्छा के अनुसार कार्य करती हैं।
- रेखित स्वरूप (Striations): सूक्ष्मदर्शी से देखने पर कंकाल पेशी तंतुओं में गहरे और हल्के रंग की धारियां या पट्टियाँ (Striations/Bands) दिखाई देती हैं, जिसके कारण इन्हें रेखित पेशियाँ (Striated muscles) भी कहा जाता है। साथ ही ये बहुकेन्द्रकीय (Multinucleated) होती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) अनैच्छिक नियंत्रण: यह गलत है क्योंकि कंकाल पेशियाँ ऐच्छिक (Voluntary) होती हैं, जबकि अनैच्छिक नियंत्रण चिकनी पेशियों (Smooth muscles) या हृदय पेशियों से संबंधित है।
- (B) अरेकित स्वरूप: अरेकित या चिकनी पेशियाँ (Smooth muscles) बिना धारियों (Non-striated) वाली होती हैं, जो हमारे आंतरिक अंगों की दीवारों में पाई जाती हैं।
- (D) एकल, केंद्रीय केंद्रक: कंकाल पेशी तंतु लंबे, बेलनाकार और बहुकेन्द्रकीय (ብዙ केंद्र वाले) होते हैं; जबकि एकल और केंद्रीय केंद्रक चिकनी या हृदय पेशियों की कोशिकाओं में पाया जाता है।
#45. रक्तचाप, लार निर्माण और उल्टी सहित सभी अनैच्छिक क्रियाएँ किसके द्वारा नियंत्रित होती हैं?
(RRB NTPC CBT-I : 11 Feb 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) मेडुला (Medulla oblongata)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेडुला ऑब्लॉन्गाटा (Medulla Oblongata): यह पश्च मस्तिष्क (Hindbrain) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो मेरुरज्जु को मस्तिष्क से जोड़ता है।
- कार्य: यह शरीर की सभी महत्वपूर्ण अनैच्छिक क्रियाओं (Involuntary actions)—जैसे रक्तचाप (Blood pressure), लार का निकलना (Salivation), उल्टी (Vomiting), हृदय की धड़कन और श्वसन गति—को नियंत्रित करने का मुख्य केंद्र है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) अग्र मस्तिष्क (Forebrain): यह मस्तिष्क का मुख्य सोचने वाला भाग है, जो ऐच्छिक क्रियाओं, तर्क, स्मरण शक्ति और संवेदी सूचनाओं (देखना, सुनना, सूंघना) को नियंत्रित करता है।
- (C) मध्य मस्तिष्क (Midbrain): यह सिर, गर्दन और आँखों की अनैच्छिक गतियों (जैसे प्रकाश के प्रति पुतली का सिकुड़ना या अचानक आवाज पर चौकन्ना होना) को नियंत्रित करता है।
- (D) लिम्बिक तंत्र (Limbic system): यह भावनाओं (जैसे डर, गुस्सा, खुशी), प्रेरणा और कामेच्छा (Libido) से जुड़ा हुआ तंत्रिका तंत्र का हिस्सा है।
#46. गर्दन को सीधा करने के लिए सिर को ऊपर उठाना ________ कहलाता है।
(RRB ALP Fitter 21 Jan 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) चिन टक (Chin tuck)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- चिन टक (Chin Tuck): यह गर्दन और सिर की सही मुद्रा (Posture) बनाए रखने और उसे सीधा करने के लिए किया जाने वाला एक प्रमुख व्यायाम है। इसमें सिर को ऊपर उठाकर और ठोड़ी (Chin) को पीछे की ओर खींचकर रीढ़ की हड्डी के सीध में समतल रखा जाता है।
- लाभ: यह गर्दन की गहरी मांसपेशियों को मजबूत करता है, लचीलापन बढ़ाता है और लंबे समय तक झुककर काम करने से होने वाले तनाव या दर्द से राहत दिलाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) कलाई का खिंचाव (Wrist stretch): यह कलाई के जोड़ों, उंगलियों और अग्र-भुजाओं (Forearms) की मांसपेशियों के तनाव को दूर करने और लचीलापन बढ़ाने का व्यायाम है।
- (B) छाती का खिंचाव (Chest stretch): यह ऊपरी शरीर का एक ऐसा व्यायाम है जो छाती की मांसपेशियों को फैलाता है और कंधे के लचीलेपन में सुधार करता है।
- (D) फिंगर फैन (Finger fan): यह हाथों की उंगलियों को पंखे की तरह फैलाने से संबंधित एक शारीरिक गतिविधि या स्थिति है।
#47. तंत्रिका ऊतक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) तंत्रिका ऊतक, न्यूरॉन्स से बना होता है और मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और तंत्रिकाओं में पाया जाता है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue): यह शरीर का प्रमुख संवेदी और नियंत्रण ऊतक है, जो मुख्य रूप से विशेष तंत्रिका कोशिकाओं यानी न्यूरॉन्स (Neurons) से बना होता है।
- अवस्थिति और कार्य: यह मुख्य रूप से मस्तिष्क (Brain), रीढ़ की हड्डी (Spinal cord) और तंत्रिकाओं (Nerves) में पाया जाता है। इसका मुख्य कार्य शरीर के विभिन्न अंगों से संवेदनाओं को ग्रहण करना और मस्तिष्क तक पहुँचाकर उनके प्रति उचित प्रतिक्रिया का संचार करना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) स्वैच्छिक संचलन और हड्डियों से जुड़ाव: यह विशेषता कंकाल पेशी ऊतक (Skeletal muscle tissue) की है, तंत्रिका ऊतक की नहीं।
- (B) उपकला कोशिकाओं से बनी सुरक्षात्मक परत: यह विवरण उपकला ऊतक (Epithelial tissue) से संबंधित है जो शरीर की बाहरी सतह और आंतरिक अंगों की परत बनाता है।
- (D) मांसपेशी तंतुओं से बना होना: यह विवरण पेशीय ऊतक (Muscular tissue) के लिए सही है जो शरीर के संचलन (Movement) के लिए उत्तरदायी होता है।
#48. रक्तचाप, लार निर्माण और उल्टी जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ किसके द्वारा नियंत्रित होती हैं?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) पश्ष-मस्तिष्क में मेडुला
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेडुला ऑब्लॉन्गाटा (Medulla Oblongata): यह मानव मस्तिष्क के पश्च-मस्तिष्क (Hindbrain) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मेरुरज्जु को मस्तिष्क के ऊपरी भागों से जोड़ता है।
- कार्य: यह शरीर की सभी महत्वपूर्ण जीवन-रक्षक अनैच्छिक क्रियाओं (Involuntary actions)—जैसे रक्तचाप (Blood pressure), लार का निर्माण व स्रावण (Salivation), उल्टी (Vomiting), हृदय की धड़कन और श्वसन गति—को नियंत्रित करने का मुख्य केंद्र है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) अग्र-मस्तिष्क में अनुमस्तिष्क: यह गलत संयोजन है; अनुमस्तिष्क (Cerebellum) वास्तव में पश्च-मस्तिष्क का हिस्सा है (अग्र-मस्तिष्क का नहीं), जो शरीर के संतुलन और ऐच्छिक पेशियों की गति को नियंत्रित करता है।
- (C) केवल हृदय: हृदय परिसंचारी तंत्र का अंग है जो रक्त पंप करता है, यह अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित नहीं करता बल्कि स्वयं मेडुला के नियंत्रण में कार्य करता है।
- (D) केवल मेरुरज्जु: मेरुरज्जु मुख्य रूप से प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex actions) और संकेतों को मस्तिष्क तक पहुँचाने का मार्ग है, रक्तचाप और उल्टी जैसी जटिल अनैच्छिक क्रियाएँ मेडुला द्वारा नियंत्रित होती हैं।
#49. इनमें से कौन एक तंत्रिका कोशिका है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (D) न्यूरॉन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- न्यूरॉन (Neuron / तंत्रिका कोशिका): यह मानव शरीर के तंत्रिका तंत्र (Nervous system) की मूल संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है। इसे ही सीधे शब्दों में तंत्रिका कोशिका कहा जाता है।
- मुख्य भाग: एक न्यूरॉन मुख्य रूप से तीन भागों से मिलकर बनता है—द्रुमिका (Dendrites), कोशिका काय (Cell body / Cyton), और अक्षतंतु (Axon)। यह शरीर के विभिन्न हिस्सों से विद्युत-रासायनिक संकेतों को तेजी से प्रसारित करने का कार्य करती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (C) नाभिक (Nucleus): यह कोशिका के भीतर पाया जाने वाला केंद्रक है जो आनुवंशिक सामग्री (DNA) को नियंत्रित करता है, लेकिन यह पूरी ‘तंत्रिका कोशिका’ नहीं है।
- (A) और (B): ये न्यूरॉन के आंतरिक अंगों (जैसे Cyton) या अन्य प्रशासनिक/तकनीकी शब्दों से संबंधित हैं, जबकि संपूर्ण तंत्रिका कोशिका को ‘न्यूरॉन’ कहा जाता है।
#50. दिल की आवाज़ के एक ग्राफिक रिकॉर्ड को ________ कहा जाता है।
(RRB JE Electronics 01 Sep 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) फोनोकार्डियोग्राफ (Phonocardiograph)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फोनोकार्डियोग्राम / फोनोकार्डियोग्राफ (Phonocardiograph): यह एक ऐसा उपकरण या तकनीक है जिसके द्वारा हृदय की धड़कनों से उत्पन्न होने वाली ध्वनियों (Heart sounds जैसे ‘लब-डब’ और अन्य मरमर/मर्मर आवाजें) का ग्राफिक रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।
- उपयोग: यह स्टेथोस्कोप की तुलना में हृदय की ध्वनियों को अधिक बारीकी से रिकॉर्ड और विश्लेषित करने में मदद करता है ताकि हृदय के वाल्व से जुड़ी असामान्यताएं (जैसे वाल्व का ठीक से न बंद होना) पहचानी जा सकें।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- (A) इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ (ECG): यह हृदय की विद्युत गतिविधियों (Electrical activity) का ग्राफिक रिकॉर्ड दर्ज करता है, न कि उसकी आवाज़ों का।
- (C) वेक्टरकार्डियोग्राफ (VCG): यह हृदय चक्र के दौरान उत्पन्न होने वाले विद्युत बलों की दिशा और परिमाण (Magnitude & Direction) को त्रि-आयामी (3D) रूप में प्रदर्शित करता है।
- (D) इलेक्ट्रोएन्सेफ्लोग्राम (EEG): यह मस्तिष्क के भीतर होने वाली विद्युत गतिविधियों और तरंगों का ग्राफिक रिकॉर्ड है, जिसका संबंध मस्तिष्क (Brain) से है।
Previous
Finish


