ऊतक Railway PYQ
#1. नारियल के हस्क (husk of a coconut) में अधिकांशतः कौन-सा पादप ऊतक पाया जाता है, और इसका मुख्य कार्य क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )
✨ सही उत्तर: स्क्लेरेन्काइमा – सामर्थ्य और दृढ़ता प्रदान करना (RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 4:30 PM – 6:00 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्क्लेरेन्काइमा ऊतक (Sclerenchyma Tissue): यह एक स्थायी पादप ऊतक है जिसकी कोशिकाएँ मृत, लंबी और संकीर्ण होती हैं। इसकी कोशिका भित्ति लिग्निन (Lignin) के जमाव के कारण बहुत मोटी होती है, जिससे intercellular space (अंतरकोशिकीय स्थान) नहीं बचता है।
- मुख्य कार्य: यह पादप भागों को यांत्रिक शक्ति, मजबूती, कठोरता और दृढ़ता प्रदान करता है। नारियल का बाहरी छिलका (Husk), जूट, और सन (Hemp) इसी ऊतक के बने होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जाइलम (Xylem): यह एक जटिल स्थायी संवहन ऊतक है जिसका मुख्य कार्य पौधों में जड़ों से जल और खनिज लवणों का ऊपर की ओर परिवहन करना है।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह एक सरल स्थायी ऊतक है जो पौधों को आधार प्रदान करने के साथ-साथ भोजन (खाद्य पदार्थ) का भंडारण करने का मुख्य कार्य करता है।
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह जीवित पादप ऊतक है जो पौधों के बढ़ते हुए भागों (जैसे युवा तने और पत्तियों के डंठल) को बिना टूटे लचीलापन (Flexibility) और यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।
#2. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप ऊतक उन कोशिकाओं से बनता है जो परिपक्वता पर मृत हो जाती हैं?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )
✨ सही उत्तर: स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) (RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma): यह एक मृत पादप ऊतक है जिसकी कोशिकाएँ परिपक्व होने पर मृत हो जाती हैं। इनकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन (Lignin) का अत्यधिक जमाव होता है, जिससे ये अत्यंत मोटी और कड़क हो जाती हैं।
- मुख्य कार्य: यह पौधों को यांत्रिक मजबूती, दृढ़ता और कठोरता प्रदान करता है (जैसे नारियल का छिलका, बीजों के आवरण और पौधों के तनों के कड़े भाग)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जो पौधों के बढ़ते हुए अंगों को लचीलापन (Flexibility) और यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।
- ऐरेन्काइमा (Aerenchyma): यह पैरेन्काइमा का ही एक विशेष प्रकार है जो जलीय पौधों (Hydrophytes) में पाया जाता है। इसमें वायु गुहाएँ (Air cavities) होती हैं जो पौधों को तैरने में मदद करती हैं।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह सबसे अधिक पाया जाने वाला जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जिसका मुख्य कार्य भोजन का भंडारण करना और पौधों को आधार देना है।
#3. द्विबीजपत्री पौधों की पत्तियों में सामान्यतः किस प्रकार की शिरा संरचना पाई जाती है?
(RPF SI 2018 : 13 Jan 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: जालीदार शिरा संरचना (RPF SI 2018 : 13 Jan 2019 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जालीदार शिराविन्यास (Reticulate Venation): द्विबीजपत्री (Dicotyledonous) पौधों की पत्तियों में शिराएँ और शिरािकाएँ मिलकर एक जाल जैसा पैटर्न (Network) बनाती हैं, जिसे जालीदार शिरा संरचना कहा जाता है।
- विशेषता: यह द्विबीजपत्री पौधों (जैसे आम, नीम, पीपल आदि) की पत्तियों की एक मुख्य और पहचान योग्य शारीरिक विशेषता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- समानांतर शिरा संरचना (Parallel Venation): यह मुख्य रूप से एकबीजपत्री (Monocotyledonous) पौधों (जैसे घास, मक्का, गेहूँ, केला आदि) की पत्तियों में पाई जाती है, जिसमें शिराएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं।
- छीलने शिरा संरचना और वृत्ताकार शिरा संरचना: ये पादप शरीर रचना विज्ञान (Plant Anatomy) में शिराओं के वर्गीकरण से संबंधित मानक या वास्तविक वैज्ञानिक शब्द नहीं हैं, बल्कि ये भ्रमित करने के लिए दिए गए अन्य विकल्प हैं।
#4. वृक्क की नलिकाओं और लार ग्रंथि नलिकाओं का अस्तर बनाने वाला उपकला ऊतक निम्नलिखित में से कौन-सा है?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )
✨ सही उत्तर: घनाभाकार उपकला (Cuboidal epithelium) (RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- घनाभाकार उपकला ऊतक (Cuboidal Epithelium): यह ऐसी कोशिकाओं से बनता है जो दिखने में घन के आकार (लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई में समान) की होती हैं। यह वृक्क की नलिकाओं (Kidney tubules) और लार ग्रंथियों की नलिकाओं (Salivary gland ducts) का अस्तर (Lining) बनाता है।
- मुख्य कार्य: यह अंगों को यांत्रिक सहारा प्रदान करने के साथ-साथ स्राव (Secretion) और अवशोषण (Absorption) में मुख्य भूमिका निभाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्तरीकृत उपकला (Stratified Epithelium): यह त्वचा की बाहरी सतह पर पाई जाती है, जहाँ कोशिकाएँ कई परतों में व्यवस्थित होकर शरीर को घर्षण और क्षति से बचाती हैं।
- पक्ष्माभी उपकला (Ciliated Epithelium): इस ऊतक की कोशिकाओं पर रोम (Cilia) होते हैं, जो श्वास नली या अंडवाहिनी में बलगम या कणों को आगे की ओर धकेलने का कार्य करते हैं।
- स्तंभाकार उपकला (Columnar Epithelium): यह स्तंभ जैसी लंबी कोशिकाओं से बनी होती है जो आमाशय और आंतों के आंतरिक अस्तर का निर्माण करती हैं।
#5. जटिल स्थायी ऊतकों की परिभाषा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )
✨ सही उत्तर: जटिल स्थायी ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बने होते हैं जो समान कार्य करते हैं। (RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue): ये ऊतक एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं (Cell types) से मिलकर बने होते हैं। ये सभी भिन्न प्रकार की कोशिकाएँ मिलकर एक सामान्य कार्य (जैसे जल, खनिज लवण या भोजन का परिवहन करना) को पूरा करती हैं।
- प्रमुख उदाहरण: पौधों में **जाइलम (Xylem)** और **फ्लोएम (Phloem)** दो प्रमुख जटिल स्थायी ऊतक हैं। जाइलम जल का और फ्लोएम खाद्य पदार्थों का संवहन करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- समान प्रकार की कोशिकाओं से बने होना: यह **सरल स्थायी ऊतकों (Simple permanent tissues)** की विशेषता है (जैसे पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा), जो एक ही जैसी कोशिकाओं से मिलकर बनते हैं।
- विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बने होना जो अलग-अलग कार्य करते हैं: यह कथन गलत है क्योंकि जटिल ऊतकों की अलग-अलग कोशिकाएँ एक सामूहिक लक्ष्य या समान कार्य के लिए मिलकर काम करती हैं।
- सरल स्थायी ऊतकों से बने होना: जटिल स्थायी ऊतक स्वयं विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं के समूह होते हैं, न कि सरल स्थायी ऊतकों से बनते हैं।
#6. कार्य के आधार पर, निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन मनुष्यों में पाए जाने वाले सभी प्रकार के जंतु ऊतकों को निरूपित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )
✨ सही उत्तर: उपकला ऊतक, संयोजी ऊतक, पेशी ऊतक और तंत्रिका ऊतक (RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मानव जंतु ऊतक (Animal Tissues): बहुकोशिकीय जीवों (जैसे मनुष्य) के शरीर में कार्य और संरचना के आधार पर मुख्य रूप से **चार प्रकार** के मूलभूत ऊतक पाए जाते हैं।
- चारों मुख्य प्रकार:
- 1. उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): शरीर की बाह्य सतह और आंतरिक अंगों की गुहाओं को ढकता है।
- 2. संयोजी ऊतक (Connective Tissue): शरीर के अंगों को आपस में जोड़ने, सहारा देने और परिवहन (जैसे रक्त) का कार्य करता है।
- 3. पेशी ऊतक (Muscular Tissue): शरीर में गति और संकुचन उत्पन्न करने के लिए उत्तरदायी होता है।
- 4. तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue): संवेदनाओं को ग्रहण करने और मस्तिष्क तक पहुँचाने का कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- ग्रंथिल ऊतक (Glandular tissue): यह उपकला ऊतक का ही एक संशोधित रूप है, जो सभी प्रकार के मूलभूत जंतु ऊतकों की पूर्ण सूची को स्वतंत्र रूप से पूरा नहीं करता है।
- जनन ऊतक (Germinal tissue): यह प्रजनन कोशिकाओं के निर्माण से संबंधित है, न कि संपूर्ण शरीर के चार मुख्य मूलभूत ऊतकों में शामिल है।
- कंकाल ऊतक (Skeletal tissue): यह संयोजी ऊतक का ही एक उप-प्रकार है (जैसे अस्थि और उपास्थि), जो अलग से सभी चारों मुख्य श्रेणियों को कवर नहीं करता।
#7. चेहरे की त्वचा मुख्य रूप से किस उपकला ऊतक से बनी होती है?(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )
✨ सही उत्तर: शल्की (Squamous) (RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शल्की उपकला ऊतक (Squamous Epithelium / Stratified Squamous Epithelium): त्वचा की बाहरी सतह (epidermis) सहित चेहरे की त्वचा इसी ऊतक से बनी होती है। यहाँ कोशिकाएँ चपटी, पतली और टाइलों की तरह कई परतों में व्यवस्थित होती हैं (स्तरीकृत शल्की उपकला)।
- मुख्य कार्य: यह शरीर की बाहरी सतह को यांत्रिक टूट-फूट, घर्षण, रोगाणुओं और पानी की हानि से बचाने के लिए एक मजबूत सुरक्षात्मक आवरण प्रदान करती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्तंभाकार (Columnar): यह लंबी, स्तंभ जैसी कोशिकाओं से बनी होती है जो मुख्य रूप से आमाशय और आंतों की आंतरिक भित्ति (अस्तर) का निर्माण करती हैं।
- पक्ष्माभी (Ciliated): इस ऊतक की कोशिकाओं पर बाल जैसी संरचनाएँ (Cilia) होती हैं, जो श्वास नली या अंडवाहिनी में पदार्थों को आगे धकेलने का कार्य करती हैं।
- घनाभाकार (Cuboidal): यह घन के आकार की कोशिकाओं से बनी होती है जो वृक्क (Kidney) की नलिकाओं और लार ग्रंथियों का अस्तर बनाती हैं।
#8. पादपों में, पत्तियों में बना भोजन ________ नामक जटिल ऊतक द्वारा अन्य भागों में पहुँचाया जाता है।
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )
✨ सही उत्तर: फ्लोएम (Phloem) (RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फ्लोएम ऊतक (Phloem Tissue): यह पौधों में पाया जाने वाला एक जटिल स्थायी संवहन ऊतक है। इसका मुख्य कार्य पत्तियों द्वारा प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के माध्यम से तैयार किए गए भोजन (कार्बनिक पदार्थों) को पौधे के अन्य सभी भागों (जड़ों और तनों) तक पहुँचाना है।
- घटक: फ्लोएम चार मुख्य घटकों (चालनी नलिकाएं, सह कोशिकाएं, फ्लोएम पैरेन्काइमा और फ्लोएम तंतु) से मिलकर बनता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जाइलम (Xylem): यह भी एक जटिल संवहन ऊतक है, लेकिन इसका कार्य जड़ों से जल और खनिज लवणों को ऊपर पत्तियों तक पहुँचाना है।
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी ऊतक है जो पौधों को लचीलापन और यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।
- दृढोतक (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी ऊतक है जो पौधों के अंगों को कठोरता और दृढ़ता प्रदान करता है।
#9. निम्नलिखित में से कौन-सा मुख्य ऊतक है जो पौधे में पानी को उसकी जड़ों से पत्तियों तक पहुंचाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 5 Jan 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: जाइलम (Xylem) (RRB NTPC CBT-I : 5 Jan 2021 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जाइलम ऊतक (Xylem Tissue): यह पौधों में पाया जाने वाला एक जटिल स्थायी संवहन ऊतक है। इसका मुख्य कार्य जड़ों द्वारा अवशोषित किए गए जल और खनिज लवणों (Minerals) को पौधे के विभिन्न भागों विशेषकर पत्तियों तक ऊपर की ओर पहुँचाना है।
- प्रमुख घटक: जाइलम चार मुख्य घटकों—वाहिनीकाएं (Tracheids), वाहिकाएं (Vessels), जाइलम पैरेन्काइमा और जाइलम तंतु (Xylem fibers) से मिलकर बनता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी ऊतक है जो पौधों के बढ़ते हुए भागों (जैसे युवा तने और पत्तियों के डंठल) को लचीलापन और यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह सबसे सामान्य और सरल स्थायी ऊतक है, जो भोजन का भंडारण करने और पौधों को आंतरिक आधार प्रदान करने का कार्य करता है।
- फ्लोएम (Phloem): यह भी एक जटिल संवहन ऊतक है, जिसका मुख्य कार्य पत्तियों द्वारा तैयार किए गए भोजन (खाद्य पदार्थों) को पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाना है।
#10. पौधों की वृद्धि केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में ही होती है क्योंकि
:(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: विभाजित ऊतक, जिसे मेरिस्टेमेटिक ऊतक भी कहा जाता है, केवल इन्हीं क्षेत्रों में स्थित होता है (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विभाजित ऊतक या मेरिस्टेमेटिक ऊतक (Meristematic Tissue): पौधों में वृद्धि कुछ विशेष क्षेत्रों तक ही सीमित होती है क्योंकि नई कोशिकाओं का निर्माण करने वाले विभाजित ऊतक (Meristem) केवल इन्हीं स्थानों पर पाए जाते हैं।
- स्थिति के आधार पर प्रकार: यह ऊतक पौधों में शीर्षस्थ (Apical), पार्श्व (Lateral), और अंतर्विष्ट (Intercalary) मेरिस्टेम के रूप में उपस्थित होता है, जो पौधों की लंबाई और मोटाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue): जैसे जाइलम और फ्लोएम, ये पौधों में संवहन (जल और भोजन पहुँचाने) का कार्य करते हैं, न कि विभाजन द्वारा वृद्धि करने का।
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह जंतुओं (Animals) में पाया जाने वाला ऊतक है, पादपों में नहीं।
- सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue): जैसे पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा, ये कोशिकाएँ परिपक्व होने पर विभाजन की क्षमता खो देती हैं और पौधों को सुरक्षा, भंडारण व यांत्रिक सहायता देती हैं।
#11. पौधों में गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध जल की ऊपर की ओर गति के लिए मुख्य रूप से कौन-सी संरचनात्मक विशेषता उत्तरदायी है?
(RRB JE 19/02/2026 )
✨ सही उत्तर: निरंतर स्तंभों का निर्माण करने वाली लिग्निनयुक्त (Lignified) जाइलम वाहिकाएं (RRB JE 19/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जाइलम वाहिकाएं (Xylem Vessels): पौधों में जड़ों से जल और खनिज लवणों को गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध ऊपर की ओर (पत्तियों तक) खींचने के लिए जाइलम ऊतक की वाहिकाएं (Vessels) और वाहिनिकाएं (Tracheids) मुख्य रूप से उत्तरदायी होती हैं।
- संरचनात्मक विशेषता: इन कोशिकाओं की भित्तियों पर **लिग्निन (Lignin)** का जमाव होता है, जिससे ये अत्यधिक मजबूत और कठोर बनती हैं तथा बिना पिचकें लगातार जल का एक अखंड स्तंभ (Continuous column) बनाती हैं। वाष्पोत्सर्जन खिचाव (Transpiration pull) और मूल दाब (Root pressure) के कारण जल ऊपर चढ़ता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्पंजी मेसोफिल में बड़े अंतरकोशिकीय स्थान: यह पत्तियों के भीतर गैसों (CO₂ और O₂) के आदान-प्रदान और विनिमय में सहायता करते हैं, न कि जल के परिवहन में।
- विभज्योतक (Meristematic) ऊतक: ये सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएँ हैं जो पौधों की लंबाई और मोटाई में वृद्धि (Growth) के लिए उत्तरदायी होती हैं।
- साथी कोशिकाओं के साथ छलनी नलिकाएं: यह फ्लोएम ऊतक का भाग हैं, जिनका मुख्य कार्य पत्तियों द्वारा तैयार भोजन को पौधों के अन्य भागों तक पहुँचाना है, न कि जल का संवहन करना।
#12. किसी पदार्थ का वह गुणधर्म कौन सा है, जो इसके घटक में एक चुंबकीय फ्लक्स स्थापित करने की सुगमता का वर्णन करता है?
(RRB JE EE 19 Sept 2019 Shift 2 CBT 2)
✨ सही उत्तर: पारगम्यता (Permeability) (RRB JE EE 19 Sept 2019 Shift 2 CBT 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पारगम्यता (Permeability): यह किसी चुंबकीय पदार्थ का वह गुणधर्म है जो यह दर्शाता है कि वह पदार्थ अपने भीतर कितनी सुगमता से चुंबकीय बल रेखाओं (Magnetic flux) को गुजरने या स्थापित होने देता है। इसे सामान्यतः प्रतीक $\mu$ (म्यू) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
- महत्व: उच्च पारगम्यता वाले पदार्थ (जैसे सॉफ्ट आयरन) आसानी से चुंबकत्व को ग्रहण करते हैं और उनमें चुंबकीय फ्लक्स बहुत आसानी से स्थापित होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- प्रतिंभ या रिलक्टेंस (Reluctance): यह चुंबकीय परिपथ में चुंबकीय फ्लक्स के प्रवाह में उत्पन्न होने वाली बाधा या रुकावट को दर्शाता है (यह विद्युत परिपथ के ‘प्रतिरोध’ के समतुल्य होता है)।
- धारणशीलता (Retentivity): यह किसी चुंबकीय पदार्थ की वह क्षमता है जो चुंबकन बल को हटाने के बाद भी उसमें शेष बचे चुंबकत्व (Residual magnetism) को बनाए रखती है।
- निग्राहिता (Coercivity): यह चुंबकीय पदार्थ से अवशिष्ट चुंबकत्व को पूरी तरह समाप्त करने के लिए आवश्यक विपरीत दिशा में लगाए जाने वाले चुंबकीय बल (Magnetizing force) की माप है।
#13. जाइलम और फ्लोएम को “जटिल स्थायी ऊतक (complex permanent tissues)” क्यों कहा जाता है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )
✨ सही उत्तर: इनमें परिवहन के लिए एक साथ कार्य करने वाली विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं होती हैं (RRB Technician Grade III 10/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissues): जाइलम और फ्लोएम को ‘जटिल स्थायी ऊतक’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये एक से अधिक प्रकार की भिन्न कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। ये सभी विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं मिलकर पौधों में जल, खनिज और भोजन के परिवहन का एक समान कार्य करती हैं।
- जाइलेश एवं फ्लोएम के घटक: जाइलम (वाहिनीकाएं, वाहिकाएं, जाइलम पैरेन्काइमा, जाइलम तंतु) और फ्लोएम (चालनी नलिकाएं, सह कोशिकाएं, फ्लोएम पैरेन्काइमा, फ्लोएम तंतु) विभिन्न कोशिकाओं के मेल से बने होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- एक ही प्रकार की कोशिका होना: यह विशेषता **सरल स्थायी ऊतकों** (जैसे पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा) की होती है, जटिल ऊतकों की नहीं।
- अस्थायी कार्य और विलुप्त होना: स्थायी ऊतक पौधे के जीवनकाल में महत्वपूर्ण स्थायी कार्य करते हैं और आसानी से विलुप्त नहीं होते।
- कोशिकाओं का विभाजित होना: कोशिकाओं के लगातार विभाजित होने की क्षमता केवल **विभज्योतक (Meristematic) ऊतकों** में होती है, स्थायी ऊतकों में नहीं।
#14. निम्नलिखित में से कौन हृदय से शरीर के विभिन्न भागों तक जाता है?
(RPF Constable 2018 : 02 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: धमनियाँ (Arteries) (RPF Constable 2018 : 02 Feb 2019)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- धमनियाँ (Arteries): धमनियाँ वे रक्त वाहिकाएँ हैं जो शुद्ध (ऑक्सीजनयुक्त) रक्त को हृदय (Heart) से शरीर के विभिन्न अंगों एवं ऊतकों तक पहुँचाती हैं (इसके अपवाद के रूप में ‘फुफ्फुस धमनी’ अशुद्ध रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है)।
- विशेषता: इनकी भित्तियाँ (Walls) मोटी, लचीली और अत्यधिक दबाव सहन करने वाली होती हैं क्योंकि हृदय से रक्त उच्च दाब के साथ इनमें पंप होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शिराएँ (Veins): शिराएँ शरीर के विभिन्न अंगों से अशुद्ध (कार्बन डाइऑक्साइड युक्त) रक्त को वापस हृदय तक लाने का कार्य करती हैं।
- लसीका (Lymph): यह एक प्रकार का तरल ऊतक है जो कोशिकाओं के बीच के स्थानों से प्रवाहित होता है और प्रतिरक्षा तंत्र व वसा के परिवहन में मदद करता है।
- ऊतक (Tissue): यह समान संरचना और कार्य वाली कोशिकाओं का समूह है, जो रक्त परिवहन का प्रत्यक्ष मार्ग नहीं है।
#15. कौन-सा ऊतक तीव्र विद्युत आवेगों को संचारित करने में विशേषिक़त है जो पेशियों के संचलन को सक्षम बनाता है?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )
✨ सही उत्तर: तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue) (RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue): यह शरीर में संवेदनाओं को ग्रहण करने और तीव्र विद्युत आवेगों (Electrical impulses) के रूप में मस्तिष्क तथा शरीर के विभिन्न भागों तक संचारित करने के लिए विशेषीकृत होता है। यह तंत्रिका आवेगों के माध्यम से ही पेशियों के संचलन (Muscle movement) को नियंत्रित और सक्षम बनाता है।
- मूल इकाई: इस ऊतक की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई **न्यूरॉन (Neuron)** होती है, जो विद्युत-रासायनिक संकेतों के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने, संरचनात्मक सहारा देने और पदार्थों के परिवहन (जैसे रक्त और अस्थि) का कार्य करता है।
- वसा ऊतक (Adipose Tissue): यह संयोजी ऊतक का ही एक प्रकार है जो त्वचा के नीचे वसा (Fat) का भंडारण करता है और शरीर को ऊष्मीय रोधन (Insulation) प्रदान करता है।
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह शरीर की बाहरी सतह और आंतरिक अंगों की गुहाओं को ढककर उनकी रक्षा करने तथा स्राव व अवशोषण का कार्य करता है।
#16. पादप कोशिका भित्ति का मुख्य संरचनात्मक घटक क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )
✨ सही उत्तर: सेल्यूलोज (Cellulose) (RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पादप कोशिका भित्ति (Plant Cell Wall): पादप कोशिकाओं की प्लाज्मा झिल्ली के बाहर एक कठोर और पारगम्य आवरण होता है जिसे कोशिका भित्ति कहते हैं। यह मुख्य रूप से **सेल्यूलोज (Cellulose)** (जो एक जटिल कार्बोहाइड्रेट या पॉलीसैक्राइड है) से बनी होती है।
- मुख्य कार्य: यह पादप कोशिकाओं को एक निश्चित आकार, यांत्रिक सहायता, मजबूती प्रदान करती है तथा अत्यधिक परासरण के दौरान कोशिका को फटने से बचाती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कोलेजन (Collagen): यह जंतुओं (Animals) के शरीर में पाया जाने वाला सबसे प्रचुर मात्रा में प्रोटीन है, जो संयोजी ऊतकों (जैसे त्वचा और हड्डियों) का निर्माण करता है।
- पेप्टीडोग्लाइकन (Peptidoglycan): यह घटक जीवाणुओं (Bacteria) की कोशिका भित्ति का मुख्य संरचनात्मक हिस्सा होता है।
- काइटिन (Chitin): यह कवकों (Fungi) की कोशिका भित्ति तथा कीटों (Arthropods) के बाह्य कंकाल (Exoskeleton) का मुख्य घटक है।
#17. सादृश्य को पूरा करने के लिए एक शब्द चुनें。स्तंभाकार उपकला : अवशोषण :: घनाभाकार उपकला : ________
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: एक सूक्ष्म अस्तर (delicate lining) बनाना (RRB Technician Grade III 09/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- साहचर्य/संबद्धता (Analogy): जिस प्रकार ‘स्तंभाकार उपकला’ (Columnar epithelium) का मुख्य कार्य आंतों के आंतरिक भाग में अवशोषण (Absorption) और स्राव में सहायता करना है, उसी प्रकार ‘घनाभाकार उपकला’ (Cuboidal epithelium) का मुख्य कार्य वृक्क की नलिकाओं और ग्रंथियों में **एक सूक्ष्म अस्तर (delicate lining)** प्रदान करना तथा स्राव और अवशोषण में मदद करना है।
- घनाभाकार उपकला: यह घन के आकार की कोशिकाओं से बनी होती है जो अंगों को आंतरिक रूप से सहारा और सुरक्षात्मक अस्तर देती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- यांत्रिक सपोर्ट: यह मुख्य रूप से संयोजी ऊतकों या स्क्लेरेन्काइमा जैसे पादप ऊतकों का कार्य है।
- श्लेष्मा को धकेलना: यह कार्य पक्ष्माभी उपकला (Ciliated epithelium) पर मौजूद रोम (Cilia) द्वारा किया जाता है।
- जीर्ण-शीर्ण (wear and tear) से संरक्षा: यह कार्य मुख्य रूप से स्तरित शल्की उपकला (Stratified squamous epithelium) द्वारा किया जाता है जो त्वचा की बाहरी सतह पर होती है।
#18. निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना, वृक्क में मूल निष्यंदन इकाई के रूप में कार्य करती है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )
✨ सही उत्तर: नेफ्रॉन (Nephron) (RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- नेफ्रॉन (Nephron): यह वृक्क (Kidney) की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है, जो रक्त के निस्यंदन (Filtration) और मूत्र निर्माण के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होती है। प्रत्येक वृक्क में लाखों नेफ्रॉन पाए जाते हैं।
- मुख्य कार्य: यह रक्त में मौजूद नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थों (जैसे यूरिया) को छानकर अलग करती है और आवश्यक पोषक तत्वों व जल का पुनरावशोषण (Reabsorption) करती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- वाहिनीका (Tracheid): यह पौधों में जाइलम ऊतक का एक घटक है जो जल और खनिज लवणों के संवहन में सहायता करता है।
- कूपिका (Alveolus): यह फेफड़ों में पाई जाने वाली छोटी वायु थैली (Air sac) है जो गैसों (ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड) के आदान-प्रदान का कार्य करती है।
- अंकुर (Villus): यह छोटी आंत (Small intestine) की आंतरिक दीवार पर पाए जाने वाले उंगली जैसे प्रवर्ध होते हैं, जो पचे हुए भोजन के अवशोषण के लिए सतही क्षेत्रफल को बढ़ाते हैं।
#19. जंतुओं के संयोजी ऊतकों में, वसा कोशिकाएं लोब्यूल्स में व्यवस्थित होती हैं, जो ________ के विभाजन द्वारा पृथक होती हैं।
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )
✨ सही उत्तर: कोलेजन और इलास्टिन तंतु (collagen and elastin fibres) (RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वसा ऊतक (Adipose Tissue): यह एक प्रकार का ढीला संयोजी ऊतक (Loose connective tissue) है जो मुख्य रूप से त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के चारों ओर वसा (Fat) का भंडारण करता है।
- संरचना: इसमें वसा कोशिकाएं (Adipocytes) लोब्यूल्स (Lobules) के रूप में व्यवस्थित होती हैं। इन लोब्यूल्स को आपस में अलग करने और संरचनात्मक मजबूती देने का कार्य **कोलेजन और इलास्टिन तंतुओं (Collagen and elastin fibres)** द्वारा किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पीत तंतु और लसीका (Yellow fibres and lymph): पीत तंतु (इलास्टिक फाइबर) और लसीका तरल परिवहन व लचीलेपन से जुड़े हैं, जो लोब्यूल्स के मुख्य विभाजन का निर्माण नहीं करते।
- रेटिकुलर तंतु और प्लाज्मा (Reticular fibres and plasma): रेटिकुलर फाइबर जाल बनाते हैं और प्लाज्मा रक्त का तरल भाग है, जो वसा लोब्यूल्स के विभाजन का सही संयोजन नहीं है।
- कंकाल तंतु और कंदरा (Skeletal fibres and tendons): ये पेशियों और हड्डियों को जोड़ने व गति देने से संबंधित संरचनाएं हैं।
#20. मानव आंत में किस प्रकार का उपकला ऊतक मुख्यतः अवशोषण के लिए विशिष्ट होता है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )
✨ सही उत्तर: सरल स्तंभाकार उपकला (Simple columnar epithelium) (RRB Technician Grade III 06/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सरल स्तंभाकार उपकला (Simple Columnar Epithelium): मानव शरीर में आमाशय और आंतों (विशेषकर छोटी आंत) का आंतरिक अस्तर सरल स्तंभाकार उपकला से बना होता है। इसकी कोशिकाएँ लंबी और स्तंभ जैसी होती हैं।
- मुख्य कार्य: यह ऊतक स्राव (Secretion) और अवशोषण (Absorption) के लिए विशेषीकृत होता है। आंतों में पचे हुए भोजन के पोषक तत्वों को अवशोषित करने में यह मुख्य भूमिका निभाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- सरल घनाभाकार उपकला (Simple cuboidal epithelium): यह वृक्क की नलिकाओं और लार ग्रंथियों का अस्तर बनाती है, जो स्राव और सूक्ष्म अस्तर प्रदान करने का कार्य करती है।
- सरल शल्की उपकला (Simple squamous epithelium): यह बहुत चपटी कोशिकाओं की एक परत होती है जो फेफड़ों की कूपिकाओं और रक्त वाहिकाओं का अस्तर बनाती है, जहाँ गैसों का विनिमय होता है।
- स्तरित शल्की उपकला (Stratified squamous epithelium): यह त्वचा की बाहरी सतह पर पाई जाती है जो शरीर को घर्षण और यांत्रिक क्षति से बचाती है।
#21. निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक पौधों को कठोरता प्रदान करता है?
(RPF Constable 2018 : 06 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) (RPF Constable 2018 : 06 Feb 2019)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी पादप ऊतक है। इसकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन (Lignin) का अत्यधिक जमाव होने के कारण यह बहुत मोटी हो जाती है, जिससे अंतरकोशिकीय स्थान नहीं बचता है।
- मुख्य कार्य: यह पौधों को यांत्रिक शक्ति, कठोरता (Stiffness) और दृढ़ता प्रदान करता है। नारियल का कड़ा छिलका, बादाम का आवरण और पौधों के तनों के कड़े भाग इसी ऊतक से बने होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह सबसे सामान्य जीवित स्थायी ऊतक है, जिसका मुख्य कार्य भोजन का भंडारण करना और पौधों को आंतरिक आधार देना है।
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह जीवित ऊतक है जो पौधों के बढ़ते हुए भागों (जैसे युवा तनों और पत्तियों के डंठल) को बिना टूटे लचीलापन (Flexibility) और यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह पादपों में नहीं बल्कि जंतुओं (Animals) में पाया जाने वाला सुरक्षात्मक आवरण ऊतक है।
#22. निम्नलिखित में से कौन सा प्राकृतिक विषमांगी पॉलिसोकेराइड, मध्य लैमेलला में उपस्थित होता है, जो आसन्न पादप कोशिकाओं को मजबूत करता है और पादप ऊतकों को संसंजन प्रदान करता है?
(RPF SI CBT-I 2024 : 13 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: पेक्टिन (Pectin) (RPF SI CBT-I 2024 : 13 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेक्टिन (Pectin): यह एक प्राकृतिक विषमांगी पॉलिसैराइड (Heteropolysaccharide) है जो मुख्य रूप से पादप कोशिकाओं की **मध्य लैमेलला (Middle lamella)** में कैल्शियम और मैग्नीशियम पेक्टेट के रूप में पाया जाता है।
- मुख्य कार्य: यह आसन्न (adjacent) पादप कोशिकाओं को आपस में जोड़कर रखने, उन्हें मजबूत करने तथा पादप ऊतकों को संसंजन (Adhesion / Cementing property) प्रदान करने का कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- काइटिन (Chitin): यह कवकों (Fungi) की कोशिका भित्ति और कीटों (Arthropods) के बाह्य कंकाल में पाया जाने वाला एक जटिल संरचनात्मक पॉलिसैराइड है।
- एल्जिन (Algin): यह मुख्य रूप से भूरे शैवाल (Brown algae) की कोशिका भित्ति से प्राप्त होने वाला एक पॉलिसैराइड है।
- म्यूसिन (Mucin): यह जंतुओं के शरीर में श्लेष्म (Mucus) ग्रंथियों द्वारा स्रावित होने वाला एक ग्लाइकोप्रोटीन है, जो आंतरिक अंगों की रक्षा करता है।
#23. पौधों की ऊंचाई में वृद्धि के लिए किस प्रकार का विभज्योतक ऊतक उत्तरदायी होता है?
(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 )
✨ सही उत्तर: शीर्षस्थ विभज्योतक (RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह पादपों के बढ़ने वाले भागों जैसे जड़ों और तनों के सिरों (Tips) पर पाया जाता है।
- मुख्य कार्य: यह कोशिकाओं में निरंतर विभाजन करके पौधों की प्राथमिक वृद्धि (Primary growth) करता है, जिससे पौधे की **लंबाई और ऊंचाई में वृद्धि** होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem): यह तनों और जड़ों की परिधि में स्थित होता है और पौधों की मोटाई (Girth) या चौड़ाई बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है।
- एधा (Cambium): यह एक प्रकार का पार्श्व विभज्योतक है जो द्वितीयक वृद्धि में सहायक है और तने की मोटाई में वृद्धि करता है।
- द्वितीयक विभज्योतक (Secondary Meristem): यह परिपक्व स्थायी ऊतकों से बनता है और यह भी मुख्य रूप से मोटाई बढ़ाने (द्वितीयक वृद्धि) का कार्य करता है।
#24. निम्नलिखित में से कौन सा सबसे सामान्य सरल स्थायी ऊतक है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: पैरेन्काइमा (Parenchyma) (RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पैरेन्काइमा ऊतक (Parenchyma Tissue): यह पौधों में पाया जाने वाला सबसे सामान्य और बहुतायत में मिलने वाला सरल स्थायी ऊतक है। इसकी कोशिकाएँ जीवित, समव्यासी (isodiametric) और पतली भित्ति वाली होती हैं, जिनके बीच में अंतरकोशिकीय स्थान (Intercellular spaces) पाए जाते हैं।
- मुख्य कार्य: यह पौधों को आंतरिक आधार प्रदान करने, भोजन का भंडारण करने (जैसे जड़ और तने में) तथा कुछ विशेष स्थितियों में प्रकाश संश्लेषण (क्लोरेन्काइमा के रूप में) या तैरने में मदद (ऐरेन्काइमा के रूप में) करने का कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- एपीडर्मिस (Epidermis): यह पौधों की सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत (ऊतक) होती है, जो पूरे पौधे को ढकती है।
- फ्लोएम (Phloem): यह एक जटिल स्थायी संवहन ऊतक है, जो पत्तियों द्वारा तैयार भोजन को पौधों के अन्य भागों तक पहुँचाता है।
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी ऊतक है, जो पौधों को कठोरता और दृढ़ता प्रदान करता है।
#25. निम्नलिखित में से किसके संकुचन और शिथिलन से अंग की गति होती है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: पेशी कोशिकाएँ (Muscle cells) (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेशी ऊतक और पेशी कोशिकाएँ (Muscle Cells / Tissue): जंतुओं के शरीर में अंगों की गति और संचलन (Movement) के लिए मुख्य रूप से पेशी ऊतक उत्तरदायी होते हैं। इन ऊतकों की विशेष पेशी कोशिकाएँ (या मांसपेशी तंतु) सिकुड़ने (Contraction) और फैलने (Relaxation) की क्षमता रखती हैं।
- क्रियाविधि: जब पेशी कोशिकाएँ संकुचित होती हैं, तो वे छोटी हो जाती हैं और हड्डियों को खींचती हैं, जिससे शरीर के अंगों में गति उत्पन्न होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- तंत्रिका कोशिकाएँ (Nerve cells): इनका मुख्य कार्य शरीर में विद्युत आवेगों के रूप में संवेदनाओं को मस्तिष्क तक पहुँचाना और नियंत्रण करना है, न कि स्वयं संकुचन द्वारा गति करना।
- उपास्थि (Cartilage): यह एक लचीला संयोजी ऊतक है जो जोड़ों पर हड्डियों के सिरों को चिकना बनाता है, लेकिन यह स्वयं संकुचित नहीं होता।
- हड्डियाँ (Bones): हड्डियाँ शरीर को कठोर ढांचा और आकार प्रदान करती हैं, जिन पर मांसपेशियाँ खिंचाव उत्पन्न करके गति करवाती हैं।
#26. दिए गए कथन की पुष्टि कीजिए :’पौधों को ऊर्जा की कम आवश्यकता होती है।
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: विभिन्न शरीर संरचनाओं के बीच ऊर्जा आवश्यकताएं भिन्न होती हैं। पौधे गति नहीं करते हैं और कई ऊतकों में मृत कोशिकाओं का एक बड़ा अनुपात होता है। (RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पौधों की कम ऊर्जा आवश्यकता: जंतुओं की तुलना में पौधों को कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है क्योंकि पौधे एक स्थान पर स्थिर (Non-motile) रहते हैं और उन्हें चलने-फिरने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती।
- मृत कोशिकाओं की अधिकता: पौधों के शरीर में कई ऊतक (जैसे स्क्लेरेन्काइमा, जाइलम वाहिकाएं और कॉर्क) परिपक्व होने पर **मृत कोशिकाओं** से बने होते हैं। मृत कोशिकाओं को जीवित रहने के लिए उपापचय (Metabolic) ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती, जिससे कुल ऊर्जा की खपत बहुत कम हो जाती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- मृत कोशिकाओं का अनुपात कम होता है: यह कथन गलत है, क्योंकि पौधों में इसके विपरीत मृत कोशिकाओं का अनुपात काफी अधिक होता है।
- तेज परिवहन तंत्र का उपयोग: पौधों में परिवहन तंत्र (जाइलम और फ्लोएम) अपेक्षाकृत धीमा होता है, जो वाष्पोत्सर्जन और विसरण पर निर्भर करता है।
- स्वपोषी होना: पौधे स्वपोषी होते हैं और अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, लेकिन यह ऊर्जा की कुल आवश्यकता कम होने का मुख्य कारण नहीं है; मुख्य कारण उनकी गतिहीनता और मृत ऊतकों की अधिकता है।
#27. जटिल स्थायी ऊतक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: जाइलम और फ्लोएम जटिल ऊतक हैं जो संवहन में मदद करते हैं और संवहनी बंडल बनाते हैं। (RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 4:30 PM – 6:00 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue): पादपों में **जाइलम (Xylem)** और **फ्लोएम (Phloem)** प्रमुख जटिल स्थायी ऊतक हैं। ये एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं जो समन्वय के साथ एक सामान्य कार्य करती हैं।
- संवहनी बंडल (Vascular Bundles): जाइलम (जल और खनिज लवण का परिवहन) और फ्लोएम (भोजन का परिवहन) दोनों मिलकर पौधों में **संवहनी बंडल** का निर्माण करते हैं, जो पौधों के पूरे शरीर में पदार्थों के परिवहन (Conduction) का कार्य करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- एकसमान कोशिकाओं से बने होना: यह विशेषता सरल स्थायी ऊतकों (जैसे पैरेन्काइमा) की होती है, न कि जटिल ऊतकों की।
- जंतुओं में ऑक्सीजन परिवहन: जटिल ऊतक पादपों (Plants) में पाए जाते हैं, जंतुओं में संवहन के लिए रक्त और लसीका जैसे तरल संयोजी ऊतक होते हैं।
- भंडारण के लिए पैरेन्काइमा कोशिकाएं: भोजन का भंडारण मुख्य रूप से सरल स्थायी ऊतक (पैरेन्काइमा) द्वारा किया जाता है, जटिल ऊतकों द्वारा नहीं।
#28. कुछ पौधों में नोइस के पास कौन-सा विभज्योतक (मेरिस्टेम) होता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )
✨ सही उत्तर: अंतर्वंशी विभज्योतक (Intercalary meristem) (RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अंतर्वंशी विभज्योतक (Intercalary Meristem): यह स्थायी ऊतकों के बीच में स्थित होता है, विशेष रूप से पत्तियों के आधार पर या पर्व संधियों (Nodes) के पास (जैसे घास और कई अन्य पौधों में)।
- मुख्य कार्य: यह पौधों के अंगों की लंबाई बढ़ाने, पर्व (Internodes) के दीर्घीकरण तथा शाकाहारी पशुओं द्वारा खाए गए भागों के पुनर्जनन (Regeneration) में सहायता करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह जड़ों और तनों के शीर्ष (Tips) पर पाया जाता है और पौधे की प्राथमिक लंबाई में वृद्धि करता है।
- पार्श्वीय विभज्योतक (Lateral Meristem): यह तनों और जड़ों की परिधि में स्थित होता है जो पौधों की मोटाई (Girth) या चौड़ाई बढ़ाने के लिए उत्तरदायी है।
- रूट विभज्योतक (Root Meristem): यह जड़ के अग्रभाग (Root tip) पर स्थित होता है जो जड़ की वृद्धि के लिए कार्य करता है।
#29. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप ऊतक सरल ऊतक का एक प्रकार नहीं है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 25/03/2026 )
✨ सही उत्तर: जाइलम (Xylem) (RRB NTPC GRADUATE CBT 1 25/03/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जाइलम (Xylem): जाइलम एक **जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)** है, न कि सरल ऊतक। यह एक से अधिक प्रकार की भिन्न कोशिकाओं (जैसे वाहिकाएं, वाहिनीकाएं, जाइलम पैरेन्काइमा और जाइलम तंतु) से मिलकर बनता है और पौधों में जल व खनिज लवणों का संवहन करता है।
- पादप ऊतकों का वर्गीकरण: पादप स्थायी ऊतक मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बंटे होते हैं—1. **सरल स्थायी ऊतक** (जो एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बनते हैं, जैसे मृदूतक, स्थूलकोण ऊतक और दृढ़ ऊतक) तथा 2. **जटिल स्थायी ऊतक** (जैसे जाइलम और फ्लोएम)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- दृढ़ ऊतक (Sclerenchyma): यह एक सरल स्थायी ऊतक है, जो परिपक्व होने पर मृत कोशिकाओं से बनता है और पौधों को कठोरता व यांत्रिक दृढ़ता प्रदान करता है।
- मृदूतक (Parenchyma): यह सबसे सामान्य और बहुतायत में मिलने वाला जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जो भोजन का भंडारण और आंतरिक आधार देता है।
- स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जो पौधों के बढ़ते भागों (जैसे युवा तनों) को बिना टूटे लचीलापन और यांत्रिक सहायता देता है।
#30. दो अस्थियों को एक दूसरे से अन्य प्रकार के संयोजी ऊतक द्वारा जोड़ा जा सकता है जिसे ________ कहा जाता है
。(RRB NTPC Tier I : 16 Apr 2016 Shift 1)
✨ सही उत्तर: स्नायु (Ligament) (RRB NTPC Tier I : 16 Apr 2016 Shift 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्नायु (Ligament): यह एक अत्यधिक मजबूत और लचीला संयोजी ऊतक है जो दो हड्डियों (अस्थियों) को आपस में मजबूती से जोड़ने का कार्य करता है।
- संरचना: इसमें बहुत कम मैट्रिक्स और बड़ी संख्या में मजबूत कोलेजन फाइबर होते हैं, जो जोड़ों को गति के दौरान स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कंदरा (Tendon): यह एक अन्य प्रकार का मजबूत संयोजी ऊतक है, जो **मांसपेशियों को हड्डियों** से जोड़ने का कार्य करता है।
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला संयोजी ऊतक है जो जोड़ों पर हड्डियों के सिरों को घर्षण से बचाता है (जैसे कान, नाक और श्वास नली के छल्ले)।
- आधात्री (Matrix): यह संयोजी ऊतकों का अंतरकोशिकीय आधार पदार्थ (Ground substance) होता है जिसमें कोशिकाएं और तंतु धंसे होते हैं।
#31. यदि रक्त :: संयोजी ऊतक, तो हड्डियाँ :: ________ ।
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: संयोजी ऊतक (Connective tissue) (RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सादृश्य संबंध (Analogy): जिस प्रकार रक्त एक प्रकार का **तरल संयोजी ऊतक (Fluid connective tissue)** है, उसी प्रकार हड्डियाँ (अस्थियाँ) भी **कंकालीय संयोजी ऊतक (Skeletal connective tissue)** की श्रेणी में आती हैं।
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों को आपस में जोड़ने, सहारा देने और सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करता है। इसके अंतर्गत रक्त, अस्थि (हड्डी), उपास्थि और वसा ऊतक आदि शामिल हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पेशीय ऊतक (Muscular tissue): यह शरीर में अंगों की गति और संचलन (Movement) के लिए उत्तरदायी ऊतक है।
- उपकला ऊतक (Epithelial tissue): यह शरीर की बाहरी सतह और आंतरिक अंगों की गुहाओं को ढकने वाला आवरण ऊतक है।
- तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue): यह संवेदनाओं को ग्रहण करने और विद्युत आवेगों को संचालित करने के लिए विशेषीकृत ऊतक है।
#32. फुफ्फुस के अंदर, वायु और रुधिर के बीच गैसों का तीव्र आदान-प्रदान होता है। इस प्रक्रिया में किस प्रकार का उपकला ऊतक सहायक होता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )
✨ सही उत्तर: सरल शल्की उपकला (Simple squamous epithelium / एक्स्टसरी शल्की उपकला) (RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सरल शल्की उपकला (Simple Squamous Epithelium): फेफड़ों के अंदर कूपिकाओं (Alveoli) की भित्ति बहुत पतली, चपटी और नाज़ुक कोशिकाओं की एक परत से बनी होती है जिसे सरल शल्की उपकला कहते हैं।
- कार्य: यह अत्यंत पतली परत गैसों के विसरण (Diffusion) के लिए एक सुगम मार्ग प्रदान करती है, जिससे वायु (ऑक्सीजन) और रुधिर के बीच गैसों का तीव्र और सुगम आदान-प्रदान संभव होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- क्यूबॉइडल उपकला (Cuboidal epithelium): यह घन के आकार की कोशिकाओं से बनी होती है जो मुख्य रूप से वृक्क की नलिकाओं और ग्रंथियों का अस्तर बनाती है।
- पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला (Ciliated columnar epithelium): इस पर सूक्ष्म रोम (Cilia) होते हैं जो श्वास नली में श्लेष्मा (Mucus) को आगे धकेलने का कार्य करते हैं।
- स्तरीकृत शल्की उपकला (Stratified squamous epithelium): यह त्वचा की बाहरी सतह पर कई परतों के रूप में पाई जाती है जो शरीर को घर्षण और यांत्रिक क्षति से बचाती है।
#33. तनों और जड़ों के बढ़ते हुए सिरों पर कौन सा/से उपस्थित होता है/होते हैं और तने और जड़ की लंबाई में वृद्धि करता/करते हैं?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: केवल शीर्षस्थ विभज्योतक (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह पौधों के बढ़ते हुए भागों यानी तनों और जड़ों के सिरों (Tips) पर स्थित होता है।
- कार्य: यह निरंतर कोशिका विभाजन के माध्यम से पौधों की प्राथमिक वृद्धि (Primary growth) करता है, जिससे मुख्य रूप से **तने और जड़ की लंबाई में वृद्धि** होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- केवल पार्श्व विभज्योतक: यह तनों और जड़ों की परिधि (Sides) में पाया जाता है और पौधे की लंबाई नहीं बल्कि मोटाई (Girth) या चौड़ाई बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है।
- केवल अंतरापर्वीय विभज्योतक: यह पत्तियों के आधार या पर्व संधियों (Nodes) के पास होता है और पर्व (Internodes) की लंबाई या क्षतिग्रस्त भागों के पुनर्जनन में सहायता करता है।
- पार्श्व विभज्योतक और अंतरापर्वीय विभज्योतक: यह युग्म तनों और जड़ों के सिरों पर लंबाई बढ़ाने के लिए सही नहीं है।
#34. निम्नलिखित में से कौन सा उपकला ऊतक की विशेषता नहीं है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: एक कोशिकीय, तंतु रहित आधार झिल्ली द्वारा अंतर्निहित ऊतक से अलग होते हैं (RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह जंतुओं के शरीर का एक प्रमुख सुरक्षात्मक आवरण ऊतक है। इसकी कोशिकाएं आपस में बहुत कसकर जुड़ी होती हैं और इनके बीच अंतरकोशिकीय स्थान (Intercellular spaces) लगभग नहीं के बराबर होते हैं।
- आधार झिल्ली (Basement Membrane): उपकला ऊतक अंतर्निहित (underlying) ऊतकों से एक **अकोशिकीय (Acellular)** और रेशेदार आधार झिल्ली द्वारा अलग होते हैं। अतः विकल्प 4 में इसे ‘कोशिकीय और तंतु रहित’ बताना गलत कथन है, जो इस ऊतक की विशेषता नहीं है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अंतरकोशिकीय स्थान नहीं होते हैं: यह उपकला ऊतक की एक सही विशेषता है क्योंकि इनकी कोशिकाएं सटी हुई होती हैं।
- शरीर के अधिकांश अंगों और गुहाओं को ढकते हैं: यह भी सत्य है, उपकला ऊतक बाहरी त्वचा और अंगों के आंतरिक स्तर का निर्माण करते हैं।
- घनीभूत रूप से संकुलित होते हैं: यह विशेषता भी उपकला ऊतकों से संबंधित है क्योंकि इनकी कोशिकाएं निरंतर चादर के रूप में कसकर जुड़ी होती हैं।
#35. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सरल स्थायी ऊतक और जटिल स्थायी ऊतक के बीच मुख्य अंतर को दर्शाता है?
(Not found 13/03/2026 )
✨ सही उत्तर: सरल स्थायी ऊतक एक ही प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है, जबकि जटिल स्थायी ऊतक विभिन्न प्रकार की कोशिकाओं से बना होता है। (Not found 13/03/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissue): ये ऊतक एक ही प्रकार की समरूप (homogeneous) कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं जो संरचना और कार्य में एक जैसी होती हैं (उदाहरण: पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा)।
- जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue): इसके विपरीत, जटिल स्थायी ऊतक एक से अधिक प्रकार की भिन्न कोशिकाओं से मिलकर बनते हैं (जैसे जाइलम और फ्लोएम), जो मिलकर पौधों में जल, खनिज और भोजन के परिवहन का एक साझा कार्य करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- भंडारण और प्रकाश संश्लेषण: सरल ऊतक केवल भंडारण तक सीमित नहीं हैं (कुछ सरल ऊतक जैसे क्लोरेन्काइमा प्रकाश संश्लेषण भी करते हैं), और जटिल ऊतक प्रकाश संश्लेषण नहीं करते।
- पत्तियों और जड़ों में सीमित होना: दोनों प्रकार के ऊतक पौधे के विभिन्न भागों (तने, जड़ और पत्तियों) में पाए जाते हैं, किसी एक अंग तक सीमित नहीं होते।
- जीवित या मृत होना: सरल ऊतक जीवित (पैरेन्काइमा) और मृत (स्क्लेरेन्काइमा) दोनों प्रकार के हो सकते हैं, इसलिए ‘सदैव मृत या जीवित’ होना गलत है।
#36. कौन-सा कथन पादप और जंतु ऊतकों के बीच सही अंतर करता है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )
✨ सही उत्तर: पादप ऊतकों में मृत सहायक कोशिकाएं होती हैं, जबकि जंतु ऊतक अधिकांशतः जीवित होते हैं (RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पादप बनाम जंतु ऊतक: पादपों को एक ही स्थान पर स्थिर रहकर खड़े रहना पड़ता है, इसलिए उन्हें अधिक यांत्रिक सहारे की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि पादप ऊतकों (जैसे स्क्लेरेन्काइमा, कॉर्क और जाइलम वाहिकाएं) में मृत कोशिकाओं का एक बड़ा अनुपात होता है जो संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करती हैं।
- जंतु ऊतक: इसके विपरीत, जंतुओं को गतिशील जीवनशैली के लिए ऊर्जा की अधिक आवश्यकता होती है और उनके अधिकांश ऊतक (जैसे पेशीय, तंत्रिका और उपकला ऊतक) जीवित कोशिकाओं से बने होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जंतु ऊतक अधिकांशतः मृत होते हैं: यह कथन बिल्कुल गलत है क्योंकि जंतुओं के ऊतक जीवित होते हैं।
- वृद्धि का समान रूप से होना: पौधों में वृद्धि कुछ विशिष्ट क्षेत्रों (विभज्योतक) तक सीमित होती है, जबकि जंतुओं में वृद्धि अधिक समान रूप से पूरे शरीर में होती है।
- सहायक संरचनाओं का अभाव: पादपों में सुदृढ़ सहायक संरचनाएं (जैसे सेल्युलोज भित्ति और मृत तंतु) प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं।
#37. हमारे शरीर में गति के लिए कौन सा ऊतक जिम्मेदार है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: पेशीय ऊतक (Muscular tissue) (RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 3)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेशीय ऊतक (Muscular Tissue): यह जंतुओं के शरीर में अंगों की गति और संचलन (Movement) के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी ऊतक है। इसकी कोशिकाओं (या मांसपेशी तंतुओं) में विशेष रूप से संकुचन (Contraction) और शिथिलन (Relaxation) करने की क्षमता होती है।
- कार्यप्रणाली: जब पेशियाँ सिकुड़ती और फैलती हैं, तो यह हड्डियों को खींचकर शरीर के अंगों और शारीरिक गतियों को सुचारू रूप से संचालित करती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue): यह शरीर में संवेदनाओं को ग्रहण करने और विद्युत आवेगों के रूप में मस्तिष्क तक पहुँचाने व संचालित करने के लिए विशेषीकृत होता है।
- उपकला ऊतक (Epithelial tissue): यह शरीर की बाहरी त्वचा और आंतरिक अंगों की गुहाओं को ढकने वाला सुरक्षात्मक आवरण ऊतक है।
- संयोजी ऊतक (Connective tissue): यह शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने, यांत्रिक सहारा देने और पदार्थों के परिवहन (जैसे रक्त और अस्थि) का कार्य करता है।
#38. निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजी ऊतक का उदाहरण नहीं है?
(RRB ALP CBT 1 13/02/2026 )
✨ सही उत्तर: त्वचा (Skin) (RRB ALP CBT 1 13/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- त्वचा (Skin): त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग है, जो मुख्य रूप से **उपकला ऊतक (Epithelial tissue)** की परतों से बनी होती है (हालांकि इसके नीचे संयोजी ऊतक भी होते हैं, लेकिन मुख्य रूप से यह उपकला ऊतक का हिस्सा मानी जाती है)। यह शरीर को बाहरी सुरक्षा प्रदान करती है।
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने, सहारा देने और परिवहन का कार्य करता है। इसके अंतर्गत रक्त, अस्थि और उपास्थि आते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपास्थि (Cartilage): यह एक प्रकार का कंकालीय संयोजी ऊतक है जो जोड़ों पर हड्डियों के सिरों को चिकना और लचीला बनाता है।
- रक्त (Blood): यह एक तरल संयोजी ऊतक (Fluid connective tissue) है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन, पोषक तत्वों और अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन करता है।
- अस्थि (Bone): यह एक मजबूत और कठोर कंकालीय संयोजी ऊतक है जो शरीर को कठोर ढांचा और आकार प्रदान करता है।
#39. निम्नलिखित में से कौन सा ऊतक तनों, संवहन बंडलों के चारों ओर, पत्तियों की शिराओं में और बीजों और नटों के कठोर आवरण में मौजूद होता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma) (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी पादप ऊतक है। इसकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन (Lignin) का अत्यधिक जमाव होता है, जिसके कारण यह बहुत मोटी और कठोर हो जाती है।
- उपस्थिति और कार्य: यह ऊतक पौधों के तनों (संवहन बंडलों के चारों ओर), पत्तियों की शिराओं तथा बीजों और नटों (जैसे नारियल के कड़े छिलके और बादाम के आवरण) के कठोर आवरण में प्रचुरता से पाया जाता है और उन्हें यांत्रिक शक्ति व दृढ़ता प्रदान करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह जड़ों और तनों के सिरों पर पाया जाता है, जो पौधे की लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।
- एपीडर्मिस (Epidermis): यह पौधों की सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत (ऊतक) होती है, जो पूरे पौधे को ढकती है।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह सबसे सामान्य जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जिसका मुख्य कार्य भोजन का भंडारण और आंतरिक आधार देना है।
#40. निम्नलिखित में से कौन-से ऊतक, जंतु काय (animal body) में आच्छादी या रक्षी ऊतक होते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )
✨ सही उत्तर: उपकला ऊतक (Epithelial tissue) (RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह जंतुओं के शरीर में पाया जाने वाला प्रमुख आच्छादी (Covering) या रक्षी (Protective) ऊतक है। यह शरीर की बाहरी सतह (जैसे त्वचा) और आंतरिक अंगों तथा गुहाओं के अस्तर का निर्माण करता है।
- मुख्य कार्य: यह शरीर के अंदरूनी अंगों को बाहरी चोट, रोगाणुओं के संक्रमण और सूखने से बचाता है, साथ ही अवशोषण और स्राव में भी मदद करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue): यह शरीर में संवेदनाओं को ग्रहण करने और मस्तिष्क तक विद्युत आवेगों को संचालित करने के लिए विशेषीकृत होता है।
- मृदूतक (Parenchyma): यह पादपों (Plants) में पाया जाने वाला सबसे सामान्य सरल स्थायी ऊतक है, जंतुओं में नहीं।
- दृढोतक (Sclerenchyma): यह भी पादपों में पाया जाने वाला एक मृत सरल स्थायी ऊतक है जो पौधों को यांत्रिक दृढ़ता और कठोरता प्रदान करता है।
#41. निम्नलिखित में से कौन-सा, जटिल स्थायी ऊतक का एक उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )
✨ सही उत्तर: फ्लोएम (Phloem) (RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फ्लोएम (Phloem): फ्लोएम एक **जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue)** है। यह एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं (जैसे चालनी नलिकाएं, सह कोशिकाएं, फ्लोएम पैरेन्काइमा और फ्लोएम तंतु) से मिलकर बनता है।
- मुख्य कार्य: यह पौधों में पत्तियों द्वारा तैयार भोजन को पौधों के अन्य भागों (जैसे जड़ों और तनों) तक पहुँचाने (परिवहन करने) का कार्य करता है। जाइलम और फ्लोएम दोनों मिलकर संवहन बंडल बनाते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जो पौधों के बढ़ते भागों को लचीलापन और यांत्रिक सहायता देता है।
- वायुतक (Aerenchyma): यह पैरेन्काइमा (मृदूतक) का ही एक प्रकार है जिसमें बड़ी हवा की गुहाएं होती हैं, जो जलीय पौधों को तैरने में मदद करती हैं (यह भी सरल स्थायी ऊतक है)।
- पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem): यह एक प्रकार का विभज्योतक (Meristematic tissue) ऊतक है जो पौधों की मोटाई बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है।
#42. उपकला ऊतक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )
✨ सही उत्तर: उपकला ऊतक एक सुरक्षात्मक आवरण बनाता है और पदार्थ विनिमय को नियमित करता है। (RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 4:30 PM – 6:00 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह जंतुओं के शरीर का प्रमुख आच्छादी और सुरक्षात्मक आवरण बनाने वाला ऊतक है। यह बाहरी त्वचा तथा अंगों के आंतरिक स्तर का निर्माण करता है।
- पदार्थ विनिमय (Exchange of Materials): उपकला ऊतक की कोशिकाएँ शरीर के विभिन्न भागों के बीच और बाहरी वातावरण के बीच पदार्थों के विसरण, अवशोषण और स्राव (जैसे फेफड़ों में गैसों का विनिमय) को नियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- बृहत अंतर-कोशिकीय अवकाश और शिथिल शीट: यह गलत है, क्योंकि उपकला ऊतक की कोशिकाएँ घनीभूत रूप से सटी होती हैं और इनमें अंतर-कोशिकीय अवकाश लगभग नहीं होते।
- पदार्थ विनिमय में भूमिका न निभाना: यह कथन गलत है क्योंकि कूपिकाओं और रुधिर वाहिकाओं के स्तर पर यह विनिमय में सक्रिय रूप से भाग लेता है।
- अस्थियों और पेशियों को जोड़ना: यह कार्य संयोजी ऊतकों (जैसे कंदरा और स्नायु) का है, उपकला ऊतक का नहीं।
#43. निम्नलिखित में से कौन सा एक जटिल संवहनी ऊतक है?
(RPF Constable 2018 19 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: फ्लोएम (Phloem) (RPF Constable 2018 19 Feb 2019)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फ्लोएम (Phloem): फ्लोएम एक **जटिल स्थायी संवहन ऊतक (Complex permanent vascular tissue)** है। यह एक से अधिक प्रकार की भिन्न कोशिकाओं (जैसे चालनी नलिकाएं, सह कोशिकाएं, फ्लोएम पैरेन्काइमा और फ्लोएम तंतु) से मिलकर बनता है।
- मुख्य कार्य: यह पौधों में पत्तियों द्वारा प्रकाश संश्लेषण से तैयार भोजन को पौधों के अन्य भागों (जैसे जड़ों और तनों) तक पहुँचाने का कार्य करता है। जाइलम के साथ मिलकर यह संवहनी बंडल बनाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी ऊतक है, जो पौधों को कठोरता और यांत्रिक दृढ़ता प्रदान करता है।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह सबसे सामान्य और बहुतायत में मिलने वाला जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जिसका मुख्य कार्य भोजन का भंडारण है।
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जो पौधों के बढ़ते भागों (जैसे युवा तनों) को बिना टूटे लचीलापन और यांत्रिक सहायता देता है।
#44. पौधे के विकासशील भागों को नम आधार (flexible support) ________ द्वारा प्रदान किया जाता है
。(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )
✨ सही उत्तर: स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma) (RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 12:45 PM – 2:15 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी पादप ऊतक है। इसकी कोशिकाओं के कोनों पर सेल्युलोज और पेक्टिन के स्थानीय जमाव (Deposition) के कारण भित्ति पर मोटाई पाई जाती है।
- मुख्य कार्य: यह पौधों के विकासशील भागों (जैसे युवा तनों और पत्तियों के वृंत) को बिना टूटे आसानी से झुकने की क्षमता, लचीलापन (Flexibility) और यांत्रिक सहायता (Mechanical support) प्रदान करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- हरित ऊतक (Chlorenchyma): यह पैरेन्काइमा का ही एक प्रकार है जिसमें क्लोरोप्लास्ट पाया जाता है और यह मुख्य रूप से प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है।
- जाइलम (Xylem): यह एक जटिल संवहन ऊतक है जो पौधों में जल और खनिज लवणों का परिवहन करता है।
- फ्लोएम (Phloem): यह एक जटिल संवहन ऊतक है जो पत्तियों द्वारा तैयार भोजन को पौधों के अन्य भागों तक पहुँचाता है।
#45. कौन-सा संयोजी ऊतक, आंतरिक अंगों को सपोर्ट प्रदान करता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )
✨ सही उत्तर: एरियोली ऊतक (Areolar tissue) (RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 4:30 PM – 6:00 PM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एरियोली ऊतक (Areolar Tissue): यह एक प्रकार का ढीला (Loose) संयोजी ऊतक है जो त्वचा और मांसपेशियों के बीच, रक्त वाहिकाओं व तंत्रिकाओं के चारों ओर तथा अस्थिमज्जा में पाया जाता है।
- मुख्य कार्य: यह आंतरिक अंगों को सहारा (Support) प्रदान करता है, अंगों के बीच के खाली स्थान को भरता है तथा अंगों की रक्षा करने के साथ-साथ ऊतकों की मरम्मत (Repair) में सहायता करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शल्की उपकला (Squamous epithelium): यह एक उपकला ऊतक (Epithelial tissue) है, संयोजी ऊतक नहीं; जो मुख्य रूप से अंगों की सुरक्षात्मक परत बनाता है।
- कंदरा (Tendon): यह एक सघन संयोजी ऊतक है जो मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने का कार्य करता है।
- स्नायु (Ligament): यह भी एक सघन संयोजी ऊतक है जो दो हड्डियों को आपस में मजबूती से जोड़ता है।
#46. द्रव संयोजी ऊतक के लिए सही विकल्प का चयन करें
。(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: रक्त (Blood) (RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 1)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रक्त (Blood): रक्त एक विशेष प्रकार का **तरल या द्रव संयोजी ऊतक (Fluid connective tissue)** है। यह प्लाज्मा (तरल आधात्री) और रक्त कोशिकाओं (RBC, WBC और प्लेटलेट्स) से मिलकर बना होता है।
- मुख्य कार्य: यह शरीर के विभिन्न अंगों में ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, पोषक तत्वों, हार्मोन और अपशिष्ट पदार्थों के परिवहन (Transport) का महत्वपूर्ण कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला कंकालीय संयोजी ऊतक है, जो जोड़ों पर हड्डियों के सिरों को घर्षण से बचाता है।
- वसा संयोजी ऊतक (Adipose tissue): यह वसा (Fat) का भंडारण करने वाला ऊतक है जो त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों के चारों ओर पाया जाता है।
- एरियोलर संयोजी ऊतक (Areolar tissue): यह एक ढीला संयोजी ऊतक है जो अंगों को सहारा देता है और ऊतकों की मरम्मत में मदद करता है।
#47. निम्नलिखित में से कौन-सा पेशी ऊतक का एक अभिलक्षण नहीं है?
(RRB ALP CBT 1 13/02/2026 )
✨ सही उत्तर: हृद् पेशियां, ऐच्छिक पेशियां होती हैं (RRB ALP CBT 1 13/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- हृद् पेशियां (Cardiac Muscles): यह कथन गलत है कि हृद् पेशियां ऐच्छिक होती हैं। वास्तव में, हृदय की मांसपेशियां **अनैतिक (Involuntary)** होती हैं, यानी वे हमारी इच्छा के अनुसार कार्य नहीं करतीं, बल्कि जीवनभर स्वतः (Automatic) लयबद्ध रूप से सिकुड़ती और फैलती हैं।
- पेशी ऊतक की विशेषता: पेशी ऊतक विशेष तंतुओं से बने होते हैं जो संकुचन और शिथिलन के माध्यम से शरीर में गति उत्पन्न करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- ऐच्छिक पेशियों को कंकाल पेशियां कहा जाता है: यह कथन बिल्कुल सत्य है क्योंकि ये पेशियाँ हड्डियों से जुड़ी होती हैं और हमारी इच्छा से नियंत्रित होती हैं।
- पेशी ऊतक पेशी तंतुओं से बने होते हैं: यह भी सत्य है, पेशीय ऊतक लंबी कोशिकाओं या पेशी तंतुओं (Muscle fibers) के बने होते हैं।
- नोट: आंतरिक अंगों की पेशियाँ भी अनैच्छिक होती हैं, लेकिन हृद् पेशियों के संबंध में दिया गया यह कथन स्पष्ट रूप से गलत होने के कारण सही उत्तर है।
Previous
Finish


