ऊतक के महत्वपूर्ण प्रश्न
#1. विभज्योतक ऊतक केवल विशिष्ट क्षेत्र में पाए जाते हैं। स्थिति के आधार पर, कौन-सा विभज्योतक ऊतक का प्रकार नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )
✨ सही उत्तर: आधारी (Basal)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विभज्योतक के प्रकार (Types of Meristem): पौधे में स्थिति (Position) के आधार पर विभज्योतक ऊतक मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं: शीर्षस्थ (Apical), अंतर्विष्ट (Intercalary) और पार्श्व (Lateral)।
- निष्कर्ष: ‘आधारी (Basal)’ नाम का कोई मुख्य विभज्योतक ऊतक स्थिति के आधार पर पादप शरीर में वर्गीकृत नहीं किया जाता है, इसलिए यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शीर्षस्थ (Apical): यह जड़ और तने के अग्र सिरों पर पाया जाता है, जो लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है (यह स्थिति आधारित प्रकार है)।
- अंतर्विष्ट (Intercalary): यह पत्तियों के आधार या पर्व (Internodes) के पास पाया जाता है (यह भी स्थिति आधारित प्रकार है)।
- पार्श्व (Lateral): यह तने या जड़ की परिधि यानी मोटाई को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है (यह भी प्रकार है)।
#2. जीव विज्ञान की वह शाखा कौन-सी है जिसके अंतर्गत ऊतकों का अध्ययन किया जाता है?
(RPF SI 2018 : 10 Jan 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: ऊतक विज्ञान (Histology)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऊतक विज्ञान (Histology): जीव विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत पौधों और जंतुओं के ऊतकों (Tissues) की सूक्ष्म संरचना और संगठन का अध्ययन किया जाता है, उसे हिस्टोलॉजी या ऊतक विज्ञान कहते हैं।
- अन्य नाम: इसे सूक्ष्म शरीर रचना विज्ञान (Microscopic anatomy) भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें ऊतकों को देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी (Microscope) का उपयोग किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शरीर रचना (Anatomy): इसके अंतर्गत जीवों के अंगों की शारीरिक संरचना (Macro-structure) का अध्ययन किया जाता है।
- विकृति विज्ञान (Pathology): यह रोगों के कारणों, उनकी प्रकृति और शरीर पर उनके प्रभावों का अध्ययन करने वाली शाखा है।
- टिशियोलॉजी: यह शब्द सटीक वैज्ञानिक शब्दावली के अंतर्गत नहीं आता, मुख्य वैज्ञानिक नाम ‘हिस्टोलॉजी’ (Histology) है।
#3. मानव शरीर के लैरिंग्स ( larynx) में निम्नलिखित में से किस प्रकार का संयोजी ऊतक उपस्थित होता है?
(RRB JE 20/02/2026 )
✨ सही उत्तर: उपास्थि (Cartilage)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपास्थि (Cartilage): लैरिंग्स (Larynx) जिसे स्वरयंत्र या ‘वॉइस बॉक्स’ भी कहा जाता है, इसमें उपास्थि (विशेष रूप से हायलिन और इलास्टिक उपास्थि) के छल्ले या वलय उपस्थित होते हैं।
- कार्य: यह संरचना स्वरयंत्र को खुला रखने, उसे संकुचन या पिचकने से बचाने और श्वसन नली को दृढ़ता प्रदान करने में मदद करती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- एरियोलर (Areolar): यह त्वचा और मांसपेशियों के बीच पाया जाने वाला ढीला संयोजी ऊतक है जो अंगों के भीतर जगह भरता है।
- एडिपोज़ (Adipose): यह वसा का भंडारण करने वाला ऊतक है जो शरीर को ऊष्मीकरण (Insulation) देता है।
- स्नायु (Ligament): यह एक मजबूत संयोजी ऊतक है जो एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है।
#4. दो हड्डियों को एक दूसरे से जोड़ने वाले संयोजी ऊतक का नाम क्या है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: स्नायु (Ligament)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्नायु (Ligament): यह एक बहुत ही मजबूत और लचीला संयोजी ऊतक (Connective tissue) है, जो एक हड्डी को दूसरी हड्डी से (Bone to Bone) जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।
- विशेषता: इसमें बहुत कम मैट्रिक्स होता है और यह अत्यधिक तन्य शक्ति (Tensile strength) प्रदान करता है, जिससे जोड़ स्थिर रहते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कंदरा (Tendon): यह वह संयोजी ऊतक है जो मांसपेशियों को हड्डियों से (Muscle to Bone) जोड़ता है।
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला ऊतक है जो हड्डियों के सिरों को चिकना बनाता है (जैसे कान और नाक में)।
- वसा ऊतक (Adipose tissue): यह त्वचा के नीचे वसा का संचयन करता है और शरीर को ऊष्मीकरण (Insulation) देता है।
#5. पौधों में लचीलापन किसके कारण होता है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: कोलेन्काइमा (Collenchyma)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोलेन्काइमा (Collenchyma / स्थूलकोण ऊतक): यह पौधों में पाया जाने वाला एक सरल स्थायी ऊतक है, जो पौधों के विभिन्न भागों (जैसे तना, पत्ती के डंठल) में लचीलापन (Flexibility) प्रदान करता है।
- विशेषता: यह ऊतक पौधों को बिना टूड़े आसानी से हवा में मुड़ने या झुकने की यांत्रिक सहायता (Mechanical support) प्रदान करता है। इसकी कोशिका भित्ति कोनों पर अनियमित रूप से मोटी होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma / दृढ़ोतक): यह पौधों को कठोरता (Hardness) और मजबूती प्रदान करता है (जैसे नारियल का रेशेदार छिलका), लचीलापन नहीं।
- कैम्बियम (Cambium): यह पार्श्व विभज्योतक है जो तने या जड़ की मोटाई (परिधि) बढ़ाने के लिए उत्तरदायी है।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma / मृदूतक): यह भोजन का संग्रहण करने और मूल चयापचय कार्यों को संचालित करने वाला ऊतक है।
#6. स्पाइरोगाइरा की कौन-सी विशेषता खंडन ( fragmentation) को सफल बनाती है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )
✨ सही उत्तर: सरल तंतुमय काय (Simple filamentous body)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- खंडन (Fragmentation): स्पाइरोगाइरा (Spirogyra) एक शैवाल है जिसका शरीर एक सरल तंतुमय (Filamentous) संरचना वाला होता है। परिपक्व होने पर इसका शरीर छोटे-छोटे टुकड़ों (Fragments) में टूट जाता है।
- सफलता का कारण: चूंकि इसके प्रत्येक टुकड़े या खंड में नई कोशिकाओं को बनाने और विकसित होने की क्षमता होती है, इसलिए इसका सरल तंतुमय शरीर इस अलैंगिक जनन विधि (खंडन) को बेहद सफल बनाता है। प्रत्येक खंड वृद्धि करके एक नया स्वतंत्र जीव बन जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जटिल ऊतक: स्पाइरोगाइरा में जटिल संवहन या अन्य ऊतक नहीं पाए जाते हैं; यह एक सरल थैलोफाइटा है।
- एककोशिकीय संरचना: स्पाइरोगाइरा बहुकोशिकीय तंतुमय होता है, न कि केवल एककोशिकीय।
- बीजों की उपस्थिति: शैवाल (जैसे स्पाइरोगाइरा) में बीज या पुष्प नहीं बनते हैं।
#7. निम्नलिखित में से कौन-सा, ऊतक प्रकार और उसके उदाहरण का सही मेल है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )
✨ सही उत्तर: संयोजी ऊतक – रुधिर (Connective Tissue – Blood)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संयोजी ऊतक और रुधिर (Connective Tissue & Blood): रुधिर (Blood) एक तरल संयोजी ऊतक (Fluid Connective Tissue) है, जो शरीर में ऑक्सीजन, पोषक तत्वों और हॉर्मोन्स का परिवहन करता है। अतः यह मेल पूर्णतः सही है।
- अन्य सही मेल: उपकला ऊतक (Epithelial tissue) शरीर की बाहरी सतह और अंगों को ढकता है; तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue) न्यूरॉन्स से बनता है; और पेशी ऊतक (Muscular tissue) शरीर की गतियों के लिए उत्तरदायी है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (गलत मेल):
- उपकला ऊतक – रुधिर: रुधिर एक संयोजी ऊतक है, उपकला ऊतक नहीं।
- तंत्रिका ऊतक – पेशी: न्यूरॉन्स तंत्रिका ऊतक के भाग हैं, पेशी के नहीं।
- पेशी ऊतक – न्युरॉन्स: न्युरॉन्स तंत्रिका तंत्र की इकाई हैं, पेशी ऊतक की नहीं।
#8. निम्नलिखित में से कौन-सा, सरल स्थायी ऊतक पैरेन्काइमा का सही वर्णन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )
✨ सही उत्तर: पैरेन्काइमा जीवित, शिथिल रूप से व्यवस्थित कोशिकाओं से बना होता है, जिनकी भित्तियाँ पतली होती हैं और जो भोजन का भंडारण करती हैं।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पैरेन्काइमा (Parenchyma / मृदूतक): यह पौधों का एक प्रमुख सरल स्थायी ऊतक है। इसकी कोशिकाएँ जीवित (Living) होती हैं, जिनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी पतली होती है।
- विशेषता: ये कोशिकाएँ शिथिल रूप से व्यवस्थित होती हैं, जिसके कारण इनके बीच अंतराकोशिकीय स्थान (Intercellular spaces) पाए जाते हैं। इनका मुख्य कार्य भोजन का भंडारण करना और पौधों को आंतरिक सहायता देना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- मृत और मोटी भित्ति वाली कोशिकाएँ: यह विशेषता ‘स्क्लेरेन्काइमा (दृढ़ोतक)’ ऊतक की है, पैरेन्काइमा की नहीं।
- अत्यधिक विशिष्ट और कसकर भरी कोशिकाएँ: यह उपकला ऊतक या दृढ़ोतक की स्थिति को दर्शाता है, जबकि पैरेन्काइमा में स्थान होता है।
- जटिल ऊतक: पैरेन्काइमा एक ‘सरल स्थायी ऊतक’ (Simple permanent tissue) है, जटिल (Complex) ऊतक नहीं।
#9. सबसे छोटी रक्त वाहिकाओं की कोशिका भित्ति की मोटाई कहलाती है
(RPF Constable 2018 08 Feb 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: केशिकाएँ (Capillaries)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रक्त केशिकाएँ (Blood Capillaries): ये शरीर की सबसे छोटी और अत्यंत पतली रक्त वाहिकाएं होती हैं, जिनकी दीवार केवल एक कोशिका मोटी (Single-cell thick) होती है।
- कार्य: इनकी पतली भित्ति के कारण ही रक्त और ऊतक कोशिकाओं के बीच ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, पोषक तत्वों और अपशिष्ट पदार्थों का आसानी से विनिमय (Exchange) हो पाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- प्लेटलेट्स: ये रक्त में पाई जाने वाली कोशिकाएं हैं जो रक्त का थक्का जमाने में मदद करती हैं।
- अंग: यह विभिन्न ऊतकों से मिलकर बनी एक बड़ी शारीरिक संरचना है (जैसे हृदय, यकृत)।
- ऊतक: यह समान कोशिकाओं का एक समूह है जो विशेष कार्य करता है।
#10. प्रजनन की वह प्रक्रिया क्या है जिसके द्वारा उच्च विटामिन या प्रोटीन और उच्च वसा वाली फसलें उगाई जाती हैं?
(RPF SI 2018 : 06 Jan 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: जैव सुद्धीकरण (Bio-fortification)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जैव सुद्धीकरण (Bio-fortification): यह पादप प्रजनन की वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा उच्च विटामिन, खनिज, प्रोटीन और स्वास्थ्यवर्धक वसा (Higher vitamins, proteins, and fats) वाली उन्नत फसल किस्में उगाई जाती हैं।
- उद्देश्य: इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुधारना और कुपोषण की समस्या को दूर करना है (जैसे आयरन, विटामिन-ए या प्रोटीन से भरपूर फसलें विकसित करना)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- ऊतक संवर्धन (Tissue Culture): यह प्रयोगशाला में पौधे के किसी ऊतक या कोशिका से नए पौधे उगाने की तकनीक है।
- अंतरस्थान संकरण (Intervarietal Hybridization): यह विभिन्न किस्मों के पौधों के बीच संकरण कराने की विधि है, न कि विशेष रूप से पोषक तत्व बढ़ाने की प्रक्रिया।
- अंतर्निर्मित: यह इस संदर्भ में कोई मानक वैज्ञानिक प्रजनन प्रक्रिया नहीं है।
#11. पादपों में जल और खनिजों के ऊर्ध्वाधर परिवहन के लिए जाइलम की कौन-सी कोशिकाएं मुख्यत: जिम्मेदार होती है?
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )
✨ सही उत्तर: वाहिनीकाएं और वाहिकाएं (Tracheids and vessels)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वाहिनीकाएं और वाहिकाएं (Tracheids & Vessels): जाइलम ऊतक के ये दोनों घटक (Tracheids और Vessels) पौधों में जल और खनिज लवणों के ऊर्ध्वाधर (Vertical) परिवहन के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार नलिकाकार संरचनाएं हैं।
- कार्यप्रणाली: ये मृत कोशिकाओं से बनी होती हैं जो जड़ से पत्तियों तक पानी और खनिजों के संवहन के लिए एक निरंतर मार्ग प्रदान करती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जाइलम फाइबर (Xylem fibres): ये मुख्य रूप से पौधों को यांत्रिक सहायता (Mechanical support) प्रदान करते हैं।
- चालनी नलिकाएं और सहचर कोशिकाएं (Sieve tubes & Companion cells): ये फ्लोएम (Phloem) ऊतक के भाग हैं, जो भोजन के परिवहन का कार्य करते हैं, जाइलम के नहीं।
#12. जब कोई क्रिया या गति करनी होती है, तो जानवरों में अंतिम कार्य कौन सा ऊतक करेगा?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: पेशीय ऊतक (Muscular tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेशीय ऊतक (Muscular Tissue): जब भी जानवरों (जंतुओं) को कोई शारीरिक क्रिया या गति (Movement) करनी होती है, तो अंतिम और मुख्य कार्य पेशीय ऊतक द्वारा किया जाता है।
- कार्य प्रणाली: पेशी कोशिकाओं में विशेष संकुचनशील प्रोटीन (ऐक्टिन और मायोसिन) होते हैं, जो सिकुड़कर और फैलकर अंगों और शरीर को गति प्रदान करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह शरीर की बाहरी सतह और आंतरिक अंगों की रक्षात्मक परत बनाने का कार्य करता है।
- विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue): यह पौधों में पाया जाने वाला ऊतक है, जंतुओं में नहीं।
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह अंगों को आपस में जोड़ने, सहारा देने और परिवहन (जैसे रक्त) का कार्य करता है।
#13. बाह्य त्वचा किस प्रकार के उपकला ऊतक से बनी होती है?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )
✨ सही उत्तर: स्तरीकृत पट्की उपकला (Stratified squamous epithelium)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्तरीकृत पट्की उपकला (Stratified Squamous Epithelium): मानव शरीर की बाह्य त्वचा (Skin) इसी प्रकार के उपकला ऊतक से बनी होती है। चूँकि त्वचा को टूट-फूट और यांत्रिक घर्षण (Wear and tear) से बचना होता है, इसलिए इसकी कोशिकाएँ कई परतों (Stratified) में व्यवस्थित होती हैं।
- विशेषता: इन कोशिकाओं में किरोटिन (Keratin) नामक प्रोटीन जमा होता है जो त्वचा को जल-प्रतिरोधी (Water-resistant) और मजबूत बनाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्तंभाकार उपकला (Columnar Epithelium): यह ऊतक आमाशय और आंत की आंतरिक अस्तर (Lining) बनाता है जहाँ अवशोषण और स्रावण का कार्य होता है।
- घनाभाकार उपकला (Cuboidal Epithelium): यह गुर्दे की नलिकाओं और ग्रंथि की नलिकाओं (जैसे लार ग्रंथि) में पाया जाता है।
- सरल पट्की उपकला (Simple Squamous Epithelium): यह अत्यंत पतली और चपटी कोशिकाओं की एकल परत होती है जो फेफड़ों के वायुकोश (Alveoli) और रक्त वाहिकाओं में पाई जाती है।
#14. दारु (जाइलम) एक जटिल स्थायी ऊतक है। इसके संगठन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )
✨ सही उत्तर: वाहिनीका, जाइलम मृदूतक और जाइलम रेशम (Tracheids, Xylem parenchyma, and Xylem fibres)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- दारु या जाइलम (Xylem): जाइलम एक जटिल स्थायी ऊतक है जो चार मुख्य घटकों से मिलकर बनता है: वाहिनीकाएँ (Tracheids), वाहिकाएँ (Vessels), जाइलम मृदूतक (Xylem parenchyma) और जाइलम रेशे/फाइबर (Xylem fibres)। दिए गए विकल्पों में से पहला विकल्प इसके घटकों का सही संयोजन दर्शाता है।
- घटकों के कार्य: वाहिनीकाएँ और वाहिकाएँ जल संवहन करती हैं, जाइलम मृदूतक भोजन का भंडारण करता है, और जाइलम रेशे पौधों को यांत्रिक शक्ति देते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- विकल्प 2: इसमें चालनी कोशिका और फ्लोएम मृदूतक दिए गए हैं, जो फ्लोएम ऊतक के भाग हैं, जाइलम के नहीं।
- विकल्प 3: इसमें ‘जाइलम स्थूल कोणोतक’ (Collenchyma) शामिल किया गया है, जो जाइलम का भाग नहीं होता।
- विकल्प 4: इसमें ‘सहकोशिका’ (Companion cell) दिया गया है जो फ्लोएम का घटक है।
#15. जल से भरे एक जार और जड़ों के साथ एक प्याज़ को लंबवत ऊपर की ओर रखते हुए प्रयोगात्मक सेटअप का अध्ययन कीजिए। जड़ों के शीर्ष भाग A में किस प्रकार का ऊतक उपस्थित है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )
✨ सही उत्तर: विभज्योतक ऊतक (Meristematic tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्याज की जड़ों का प्रयोग (Onion Root Tip Experiment): प्याज के इस प्रसिद्ध प्रयोग में जड़ों के शीर्ष भाग (A) पर शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristematic Tissue) उपस्थित होता है।
- विशेषता: इस ऊतक की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होने की क्षमता रखती हैं, जिसके कारण जड़ें तेजी से लंबाई में वृद्धि करती हैं। इसी सक्रिय विभाजन के कारण इस क्षेत्र को सेल डिवीज़न (Cell division) के अध्ययन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- मृदूतक (Parenchyma): यह भोजन का संग्रहण करने वाला सामान्य स्थायी ऊतक है, न कि जड़ के शीर्ष पर पाया जाने वाला विभाजनकारी ऊतक।
- दृढ़ोतक (Sclerenchyma): यह मृत कोशिकाओं से बना ऊतक है जो पौधों को कठोरता प्रदान करता है।
- स्थूल कोण ऊतक (Collenchyma): यह पौधों के अंगों को लचीलापन और यांत्रिक सहायता देने वाला ऊतक है।
#16. पादपों में भोजन का परिवहन करने वाले जटिल ऊतक को ________ कहा जाता है, और इसमें चालनी नलिकाएं (sieve tubes) और ________ जैसी जीवित कोशिकाएँ होती हैं。
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )
✨ सही उत्तर: फ्लोएम, सहचर कोशिकाएँ (Phloem, Companion cells)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फ्लोएम (Phloem): यह पौधों में भोजन (शर्करा और पोषक तत्वों) का परिवहन करने वाला प्रमुख जटिल स्थायी ऊतक है। यह पत्तियों द्वारा निर्मित भोजन को पौधे के विभिन्न भागों तक पहुँचाता है।
- घटक: फ्लोएम मुख्य रूप से चार घटकों से मिलकर बनता है—चालनी नलिकाएं (Sieve tubes), सहचर कोशिकाएं (Companion cells), फ्लोएम पैरेन्काइमा और फ्लोएम रेशे। इसमें चालनी नलिकाएं और सहचर कोशिकाएं जीवित कोशिकाएँ होती हैं जो खाद्य पदार्थों के परिवहन में सक्रिय रूप से सहायता करती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जाइलम, जाइलम तंतु / वाहिनीकाएँ: जाइलम पौधों में जल और खनिजों का परिवहन करता है, भोजन का नहीं।
- स्थूलकोण ऊतक, दृढ़ोतक: ये पौधे को यांत्रिक सहायता और लचीलापन/कठोरता प्रदान करने वाले सरल स्थायी ऊतक हैं, जो भोजन का परिवहन नहीं करते।
#17. मानव शरीर में कौन सा ऊतक सबसे कठोर और अस्थिल ऊतक के रूप में पाया जाता है?
(RPF SI Previous Paper : 5 Jan 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: अस्थि (Bone)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अस्थि ऊतक (Bone Tissue): यह एक मजबूत और कठोर संयोजी ऊतक (Connective tissue) है, जो कंकाल प्रणाली का मुख्य आधार बनाता है। यह शरीर को निश्चित आकार और आंतरिक अंगों को सुरक्षा प्रदान करता है।
- संरचना: इसका मैट्रिक्स कैल्शियम और फॉस्फोरस के लवणों से बना होता है, जो इसे अत्यधिक कठोरता और मजबूती प्रदान करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला संयोजी ऊतक है (अस्थि जितना कठोर नहीं होता)।
- कोलेजन (Collagen): यह एक प्रकार का प्रोटीन है जो संयोजी ऊतकों को मजबूती और तन्य शक्ति देता है।
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह शरीर की बाहरी सतह और अंगों की आंतरिक परत बनाने वाला ऊतक है।
#18. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता मृदूतक का सर्वोत्तम वर्णन करती है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )
✨ सही उत्तर: पतली भित्ति वाली सजीव कोशिकाएं, जो भोजन का भंडारण करती हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मृदूतक (Parenchyma): यह पौधों में पाया जाने वाला सबसे सामान्य और सरल स्थायी ऊतक है। इसकी कोशिकाएँ जीवित (Living) होती हैं और इनकी कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी पतली होती है।
- मुख्य कार्य: इन कोशिकाओं के बीच अंतराकोशिकीय स्थान (Intercellular spaces) होते हैं। इनका मुख्य कार्य खाद्य पदार्थों और जल का संचय (भंडारण) करना है। कुछ मृदूतक क्लोरोफिल युक्त होते हैं (क्लोरेन्काइमा) जो प्रकाश संश्लेषण करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- सुरक्षात्मक कार्य करने वाली एकल परत: यह विशेषता पौधों की ‘बाह्य त्वचा’ (Epidermis) की है।
- दृढ़ कोशिकाएं जो मुड़ने का प्रतिरोध करती हैं: यह विशेषता ‘स्थूलकोण ऊतक’ (Collenchyma) या ‘दृढ़ोतक’ (Sclerenchyma) से संबंधित है।
- परिपक्वता पर मृत, मोटी द्वितीयक भित्ति: यह ‘स्क्लेरेन्काइमा’ (दृढ़ोतक) ऊतक की विशेषता है।
#19. पेशियों के संकुचन और शिथिलन के लिए कौन-से प्रोटीन आवश्यक हैं?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )
✨ सही उत्तर: संकुचनशील प्रोटीन (Contractile proteins – ऐक्टिन और मायोसिन)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संकुचनशील प्रोटीन (Contractile Proteins): मांसपेशियों के संकुचन (Contraction) और शिथिलन (Relaxation) के लिए मुख्य रूप से संकुचनशील प्रोटीन उत्तरदायी होते हैं, जिनमें ऐक्टिन (Actin) और मायोसिन (Myosin) सबसे महत्वपूर्ण हैं।
- कार्य प्रणाली: ये दोनों प्रोटीन पेशी तंतुओं (Muscle fibers) के भीतर एक-दूसरे के ऊपर फिसलते हैं, जिससे मांसपेशियों में गति और बल उत्पन्न होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- केराटिन और कोलेजन: केराटिन बाल, नाखून और त्वचा में पाया जाता है; कोलेजन शरीर का एक प्रमुख संरचनात्मक संयोजी प्रोटीन है।
- मायोग्लोबिन और हीमोग्लोबिन: मायोग्लोबिन मांसपेशियों में ऑक्सीजन का भंडारण करता है और हीमोग्लोबिन रक्त में ऑक्सीजन का परिवहन करता है।
- इलास्टिन और फाइब्रिन: इलास्टिन ऊतकों को लचीलापन देता है और फाइब्रिन रक्त का थक्का जमाने में मदद करता है।
#20. निम्नलिखित में से कौन-सा पादपों में सबसे उभयनिष्ठ सरल स्थायी ऊतक है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )
✨ सही उत्तर: मृदूतक (Parenchyma)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मृदूतक (Parenchyma): यह पौधों में पाया जाने वाला सबसे सामान्य (Most common) और व्यापक रूप से फैला हुआ सरल स्थायी ऊतक है।
- कार्य व उपस्थिति: यह पौधों के अधिकांश नरम भागों (जैसे जड़, तना, फल, और पत्तियों के आंतरिक भाग) का निर्माण करता है। इसका मुख्य कार्य भोजन का भंडारण करना और पौधों को आंतरिक सहारा देना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- दृढ़ोतक (Sclerenchyma): यह मृत कोशिकाओं से बना ऊतक है जो पौधों को कठोरता प्रदान करता है (यह सबसे उभयनिष्ठ या सामान्य ऊतक नहीं है)।
- वायुतक (Aerenchyma): यह जलीय पौधों में पाया जाने वाला मृदूतक का ही एक विशिष्ट प्रकार है जो पौधों को तैरने में उत्प्लावकता (Buoyancy) देता है।
- हरित ऊतक (Chlorenchyma): यह भी क्लोरोफिल युक्त मृदूतक का ही रूप है जो प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है।
#21. पादपों में वृद्धि केवल विशिष्ट क्षेत्रों में ही क्यों होती है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )
✨ सही उत्तर: क्योंकि विभज्योतक केवल विशिष्ट क्षेत्रों में ही स्थित होते हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विभज्योतक की स्थिति (Meristematic Localization): पादपों में वृद्धि केवल कुछ निश्चित या विशिष्ट क्षेत्रों में ही सीमित होती है, क्योंकि सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएँ (विभज्योतक ऊतक) संपूर्ण पौधे में न होकर केवल विशेष स्थानों पर (जैसे जड़ और तने के शीर्ष, पार्श्व भाग आदि) ही स्थित होती हैं।
- वृद्धि प्रक्रिया: इन विशिष्ट क्षेत्रों की कोशिकाएँ निरंतर विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाती हैं, जिससे पौधे की लंबाई और मोटाई में वृद्धि संभव होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्थायी ऊतक विभाजन: स्थायी ऊतक (Permanent tissues) पूरे पौधे में विभाजित नहीं होते, बल्कि वे विभाजन की क्षमता खो चुके होते हैं और विशिष्ट कार्य संभालते हैं।
- अन्य कथन: पादप ऊतक केवल एक बार विभाजित नहीं होते; मेरिस्टेमेटिक ऊतक पौधों के जीवनकाल में निरंतर विभाजन करने में सक्षम रहते हैं।
#22. जटिल स्थायी ऊतक के बारे में गलत कथन की पहचान करें。
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर (गलत कथन): जटिल ऊतक में पैरेन्काइमा और कोलेन्काइमा शामिल हैं।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue): यह कथन गलत है कि जटिल ऊतकों में पैरेन्काइमा और कोलेन्काइमा शामिल हैं। वास्तव में, पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा सरल स्थायी ऊतक (Simple Permanent Tissues) के उदाहरण हैं।
- वास्तविक जटिल ऊतक: पौधों में जटिल स्थायी ऊतक मुख्य रूप से जाइलम (Xylem) और फ्लोएम (Phloem) होते हैं, जो एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं और संवहन का कार्य करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो कि सत्य कथन हैं):
- संवहन बंडल: जाइलम और फ्लोएम मिलकर संवहन बंडल (Vascular bundles) का निर्माण करते हैं, जो जटिल ऊतकों की एक विशिष्ट विशेषता है (यह कथन सही है)।
- कोशिकाओं की विविधता: एक जटिल ऊतक में एक से अधिक प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं जो एक साथ मिलकर काम करती हैं (यह कथन भी सही है)।
- सामूहिक कार्य: जटिल ऊतक की सभी भिन्न कोशिकाएँ पौधे के भीतर एक सामान्य कार्य (जैसे जल या भोजन का परिवहन) को पूरा करने के लिए समन्वित रूप से कार्य करती हैं (यह कथन भी सही है)।
#23. ग्रासनली और मुंह के अस्तर को भी किससे ढका जाता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: शल्की उपकला (Squamous epithelium)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शल्की उपकला (Squamous Epithelium): मनुष्य के मुंह (Oral cavity) और ग्रासनली (Esophagus) का आंतरिक अस्तर शल्की उपकला ऊतक से ढका होता है।
- कार्य व विशेषता: चूँकि भोजन के निकलने के दौरान इन अंगों की सतह पर लगातार घर्षण और टूट-फूट (Wear and tear) होती है, इसलिए यह ऊतक कई परतों (स्तरीकृत शल्की उपकला) के रूप में व्यवस्थित होकर अंगों की रक्षा करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- घनाकार उपकला (Cuboidal Epithelium): यह वृक्क (Kidney) की नलिकाओं और ग्रंथियों की नलिकाओं में पाई जाती है, जहाँ यह स्रावण और अवशोषण में मदद करती है।
- पक्ष्माभी स्तंभ उपकला (Ciliated Columnar Epithelium): यह श्वसन नली (Trachea) और अंडवाहिनी में पाई जाती है, जहाँ इस पर उपस्थित सीलिया (Cilia) पदार्थों को आगे धकेलते हैं।
- ग्रंथि उपकला (Glandular Epithelium): यह उपकला ऊतक का वह रूप है जो विशेष पदार्थों के स्राव (Secretion) के लिए ग्रंथियों का निर्माण करता है।
#24. कुछ पौधों में, पत्तियों के आधार पर या नोइस के पास एक विभज्योतक ऊतक पाया जाता है, जो परिपक्व ऊतक के क्षेत्रों को पृथक करता है। यह कौन-सा ऊतक है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: अंतर्विष्ट विभज्या (Intercalary meristem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अंतर्विष्ट विभज्योतक (Intercalary Meristem): यह विभज्योतक ऊतक पौधों में पत्तियों के आधार पर (At the base of leaves) या पर्व (Nodes) के पास स्थित होता है।
- कार्य: यह परिपक्व ऊतकों के बीच पाया जाता है और विशेष रूप से घास जैसे पौधों में शाकाहारी जानवरों द्वारा खाने के बाद पौधों के अंगों की पुनरुद्भवन (Regeneration) तथा लंबाई में वृद्धि करने में सहायक होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शीर्षस्थ विभज्या (Apical Meristem): यह जड़ों और तनों के अग्र सिरों पर पाया जाता है, जो प्राथमिक लंबाई बढ़ाता है।
- पार्श्व विभज्या (Lateral Meristem): यह तने या जड़ की परिधि यानी मोटाई (Girth) को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है।
- विभेदित ऊतक (Differentiated Tissue): ये वे स्थायी ऊतक हैं जो मेरिस्टेमेटिक कोशिकाओं के परिपक्व होने पर बनते हैं और विभाजन क्षमता खो देते हैं।
#25. किस विभज्योतक ऊतक में ऑक्सीजन (Auxin) का स्तर सर्वाधिक होता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )
✨ सही उत्तर: शीर्षस्थ विभज्योतक ऊतक (Apical Meristematic tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऑक्जिन (Auxin): यह पादप में पाया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण वृद्धि-नियामक हॉर्मोन (Phytohormone) है। ऑक्जिन का प्राकृतिक संश्लेषण मुख्य रूप से प्ररोह के शीर्ष (Shoot apex) और युवा बढ़ती हुई पत्तियों में होता है।
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): चूंकि ऑक्जिन का उत्पादन मुख्य रूप से शीर्ष भागों में होता है, इसलिए शीर्षस्थ विभज्योतक ऊतक में ऑक्जिन का सांद्रण (Concentration) सर्वाधिक होता है। यह कोशिकाओं के दीर्घीकरण (Cell elongation) और शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) को नियंत्रित करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अंतर्वंशी विभज्योतक ऊतक (Intercalary Meristem): यह पत्तियों के आधार या पर्व (Nodes) के पास होता है, जहां ऑक्जिन शीर्षस्थ भाग की तुलना में कम मात्रा में प्रवाहित होता है।
- पार्श्वीय विभज्योतक ऊतक (Lateral Meristem): यह तने और जड़ की मोटाई (Girth) बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है।
- जाइलम (Xylem): यह पौधों में जल और खनिजों का संवहन करने वाला एक जटिल स्थायी ऊतक है, हॉर्मोन उत्पादक विभज्योतक नहीं।
#26. जब कोई व्यक्ति किसी गर्म वस्तु को छूता है, तो पेशियों की अनुक्रिया में देरी होती है। तंत्रिका ऊतक का कौन-सा भाग सीधे तौर पर तंत्रिका आवेग को पेशियों तक पहुँचाने और त्वरित गति उत्पन्न करने के लिए जिम्मेदार होता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )
✨ सही उत्तर: तंत्रिकाक्ष (Axon)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- तंत्रिकाक्ष (Axon): यह तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) का एक लंबा, तंतु जैसी संरचना वाला भाग होता है जो विद्युत आवेगों (Nerve impulses) को कोशिका काय (Cell body) से दूर, अन्य कोशिकाओं या मांसपेशियों (Effector organs) तक पहुँचाता है।
- त्वरित अनुक्रिया: गर्म वस्तु को छूने जैसी आकस्मिक स्थितियों (प्रतिवर्ती क्रिया या Reflex action) में, तंत्रिकाक्ष ही आवेगों को सीधे पेशियों तक तेजी से संचारित करता है जिससे मांसपेशियां तुरंत सिकुड़ती हैं और हाथ पीछे हट जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह शरीर के अंगों को आपस में जोड़ने और सहारा देने का कार्य करता है, तंत्रिका आवेगों का संवहन नहीं करता।
- केंद्रक (Nucleus): यह न्यूरॉन के कोशिका काय (Cyton) के भीतर स्थित होता है जो कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
- द्रुमाश्म (Dendrite): यह न्यूरॉन का वह भाग है जो अन्य तंत्रिका कोशिकाओं से संकेतों को प्राप्त करता है, न कि पेशियों तक पहुँचाता है।
#27. निम्नलिखित में से कौन संयोजी ऊतक का उदाहरण नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: ट्रैकियाड (Tracheids)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ट्रैकियाड (Tracheids – वाहिनीकाएँ): यह जन्तुओं का संयोजी ऊतक नहीं है, बल्कि यह पादपों (Plants) में पाए जाने वाले जाइलम (Xylem) जटिल स्थायी ऊतक का एक प्रमुख घटक है। यह पौधों में जल और खनिजों के ऊर्ध्वाधर परिवहन में सहायता करता है।
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह जंतुओं (Animals) में पाया जाने वाला ऊतक है जो शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने, सहारा देने और परिवहन का कार्य करता है (जैसे अस्थि, रक्त, उपास्थि आदि)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अस्थि (Bone): यह एक मजबूत और कठोर कंकालीय संयोजी ऊतक है।
- रक्त (Blood): यह एक तरल संयोजी ऊतक है जो ऑक्सीजन, पोषक तत्वों और अपशिष्ट पदार्थों का परिवहन करता है।
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला संयोजी ऊतक है (जैसे कान और नाक की हड्डी)।
#28. पेशी ऊतक के बारे में गलत कथन की पहचान करें
。(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर (गलत कथन): पेशी ऊतक घनाकार कोशिकाओं से बने होते हैं।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेशीय ऊतक (Muscular Tissue): यह कथन गलत है कि पेशी ऊतक घनाकार कोशिकाओं से बने होते हैं। वास्तव में, पेशीय ऊतक लंबी, संकरी और तंतुमय कोशिकाओं (Muscle fibers) से बने होते हैं, जो संकुचन और शिथिलन करने में सक्षम होती हैं।
- घनाकार कोशिकाएँ: घनाकार उपकला (Cuboidal epithelium) कोशिकाओं की विशेषता है, जो गुर्दे की नलिकाओं और ग्रंथियों में पाई जाती हैं, न कि पेशीय ऊतक में।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो कि सत्य कथन हैं):
- ऐच्छिक पेशियाँ: कंकाल पेशियाँ ऐच्छिक पेशियाँ होती हैं जो शरीर के अंगों (जैसे हाथ और पैर) को गति देने का कार्य करती हैं (यह कथन सही है)।
- हल्के और गहरे बैंड: सूक्ष्मदर्शी से देखने पर रेखित (ऐच्छिक) पेशियों में बारी-बारी से हल्के और गहरे बैंड (Striations) दिखाई देते हैं (यह कथन सही है)।
- संकुचनशील प्रोटीन: पेशियों में ऐक्टिन और मायोसिन जैसे विशेष संकुचनशील प्रोटीन होते हैं जो संकुचन के लिए जिम्मेदार हैं (यह कथन सही है)।
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