ऊतक Railway MCQ
#1. पौधों में, कुछ अपशिष्ट उत्पादों को रेजिन और गोंद के रूप में विशेष रूप से किसमें संग्रहीत किया जाता है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: पुरानी जाइलम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रेजिन और गोंद (Resins and Gums): पौधों में कई अपशिष्ट उत्पाद मृत कोशिकाओं में तथा विशेष रूप से पुराने जाइलम (Old Xylem) में रेजिन और गोंद के रूप में संचित होते हैं।
- NCERT संदर्भ: यह महत्वपूर्ण प्रश्न NCERT (कक्षा 10, जैव प्रक्रम) के उत्सर्जन टॉपिक पर आधारित है, जो रेलवे (RRB) परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कोशिकीय रसदानीयाँ: इनमें कुछ अन्य प्रकार के पादप अपशिष्ट उत्पाद संचित होते हैं, न कि विशेष रूप से रेजिन और गोंद।
- पत्तियाँ: पौधे पत्तियों के गिरने (Falling leaves) के माध्यम से भी अपने अपशिष्ट पदार्थों का त्याग करते हैं, लेकिन रेजिन और गोंद के लिए पुराना जाइलम मुख्य स्थान है।
#2. पौधों में कौन-सा ऊतक मुख्य रूप से संग्रहण और परिपक्व अंगों में मूल चयापचय कार्यों के लिए उत्तरदायी होता है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: मृदूतक (Parenchyma)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मृदूतक (Parenchyma): यह पौधों का एक प्रमुख सरल स्थायी ऊतक है, जिसकी कोशिकाएं जीवित और पतली भित्ति वाली होती हैं। यह मुख्य रूप से भोजन का संग्रहण (Storage) और परिपक्व अंगों में मूल चयापचय कार्यों (Basic metabolic functions) को संचालित करता है।
- संरचना: इन कोशिकाओं के बीच अंतराकोशिकीय स्थान (Intercellular spaces) पाए जाते हैं, जो गैसों के आदान-प्रदान में मदद करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- दृढ़ोतक (Sclerenchyma): यह मृत कोशिकाओं से बना ऊतक है जो पौधों को कठोरता और यांत्रिक शक्ति प्रदान करता है।
- स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma): यह पौधों के अंगों (जैसे तना और पत्ती के डंठल) में लचीलापन और यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।
- बाह्यत्वचा (Epidermis): यह पौधे के बाहरी हिस्सों की रक्षा करने वाली सुरक्षात्मक परत होती है।
#3. सादृश्यता को पूरा करने के लिए उचित विकल्प चुनें。कंकाल पेशी : ऐच्छिक :: हृद पेशी : ________
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )
✨ सही उत्तर: अनैच्छिक (Involuntary)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सादृश्यता का आधार (Basis of Analogy): कंकाल पेशियाँ (Skeletal muscles) ऐच्छिक (Voluntary) होती हैं क्योंकि वे हमारी इच्छा के अनुसार कार्य करती हैं। इसी प्रकार, हृद पेशियाँ (Cardiac muscles) अनैच्छिक (Involuntary) प्रकृति की होती हैं, जो हमारी इच्छा के नियंत्रण के बिना जीवनभर स्वतः कार्य करती हैं।
- हृद पेशी की विशेषता: ये पेशियाँ केवल हृदय में पाई जाती हैं, जो बेलनाकार, शाखित और रेखित होती हैं तथा कभी नहीं थकतीं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- रेखित (Striated): हालांकि हृद पेशी में धारियाँ (striations) पाई जाती हैं, लेकिन यहाँ सादृश्यता (Analogy) उनके नियंत्रण के प्रकार (ऐच्छिक/अनैच्छिक) पर आधारित है।
- बहुकेंद्रकी और अशाखित: कंकाल पेशियाँ बहुकेंद्रकी (multinucleate) और अशाखित होती हैं, जबकि हृद पेशियाँ एकल-केंद्रकी और शाखित (branched) होती हैं।
#4. जल और खनिजों का परिवहन मुख्यतः पौधे के किस भाग के माध्यम से होता है?
(RPF Constable 2024 : 07 Mar, 2025 Shift 3)
✨ सही उत्तर: जाइलम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जाइलम (Xylem): यह पौधों में पाया जाने वाला एक संवहन ऊतक (Vascular tissue) है, जो जड़ों से जल और खनिज लवणों का अवशोषण कर पौधे के अन्य भागों (जैसे तना और पत्तियाँ) तक पहुँचाता है।
- परिवहन की दिशा: जाइलम के माध्यम से जल और खनिजों का परिवहन मुख्य रूप से ऊपर की ओर (Unidirectional) होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- फ्लोएम (Phloem): यह पादप ऊतक पत्तियों द्वारा निर्मित भोजन (शर्करा) को पौधे के विभिन्न अंगों तक पहुँचाने का कार्य करता है।
- रंध्र (Stomata): ये पत्तियों की सतह पर मौजूद सूक्ष्म छिद्र होते हैं जो गैसों के आदान-प्रदान और वाष्पोत्सर्जन में मदद करते हैं।
- पंखुड़ियाँ: यह फूल का एक बाहरी और आकर्षक हिस्सा होती हैं जो परागण के लिए कीटों को आकर्षित करती हैं।
#5. निम्नलिखित में से कौन-सा मानव शरीर में एरियोलर संयोजी ऊतकों से संबंधित नहीं है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )
✨ सही उत्तर: ऊष्मीकरण के लिए वसा कणों का भंडारण करना
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एरियोलर संयोजी ऊतक (Areolar Connective Tissue): यह त्वचा और मांसपेशियों के बीच, रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं के चारों ओर पाया जाता है। यह अंगों के भीतर की जगह भरना, आंतरिक अंगों को सपोर्ट देना और ऊतकों को ठीक करने (Repair) में सहायता करने का कार्य करता है।
- वसा ऊतक (Adipose Tissue): वसा कणों का भंडारण करना और शरीर को ऊष्मीकरण (Insulation) प्रदान करना वसा ऊतक का विशिष्ट कार्य है, न कि एरियोलर ऊतक का।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अंगों के भीतर जगह भरना और सपोर्ट देना: ये दोनों एरियोलर ऊतक के मुख्य कार्य हैं जो अंगों को उनकी जगह पर बनाए रखते हैं।
- ऊतकों को ठीक करने में सहायता: यह ऊतक शरीर के घायल अंगों या कोशिकाओं की मरम्मत (Regeneration) में भी मदद करता है।
#6. निम्नलिखित में से कौन सी मानव त्वचा का सबसे बाहरी हिस्सा है?
(RRB NTPC Tier I : 29 Apr 2016 Shift 2)
✨ सही उत्तर: एपीडर्मिस (Epidermis)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एपीडर्मिस (Epidermis): यह मानव त्वचा की सबसे बाहरी और पतली परत होती है। यह शरीर को बाहरी वातावरण, रोगाणुओं (Pathogens) और हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने का मुख्य कार्य करती है।
- संरचना: इस परत में रक्त वाहिकाएं नहीं होती हैं, बल्कि यह डर्मिस से पोषण प्राप्त करती है और इसमें किरोटिन (Keratin) नामक प्रोटीन पाया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- डर्मिस (Dermis): यह एपीडर्मिस के ठीक नीचे स्थित मध्य परत होती है, जिसमें रक्त वाहिकाएं, रोम कूप (Hair follicles) और स्वेद ग्रंथियां पाई जाती हैं।
- हाइपोडर्मिस (Hypodermis): यह त्वचा की सबसे निचली या वसायुक्त (Subcutaneous) परत होती है जो शरीर को ऊर्जा और इन्सुलेशन प्रदान करती है।
- तंत्रिका फाइबर (Nerve fibers): ये त्वचा में संवेदनशीलता (स्पर्श, दर्द, तापमान) महसूस कराने का कार्य करते हैं।
#7. निम्नलिखित में से किसके कारण पेशीय ऊतकों में संचलन होता है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )
✨ सही उत्तर: संकुचनशील प्रोटीन (Contractile proteins)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संकुचनशील प्रोटीन (Contractile Proteins): पेशीय ऊतकों में गति या संचलन (Movement) विशेष प्रकार के संकुचनशील प्रोटीनों, मुख्य रूप से ऐक्टिन (Actin) और मायोसिन (Myosin) के कारण होता है। ये प्रोटीन सिकुड़ने और फैलने की क्षमता रखते हैं।
- कार्य प्रणाली: जब पेशियों को तंत्रिका तंत्र से उद्दीपन (Stimulus) मिलता है, तो ये प्रोटीन आपस में फिसलते हैं जिससे पेशी में संकुचन होता है और शरीर में गति संभव होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- एंजाइम: ये जैविक उत्प्रेरक (Catalysts) होते हैं जो शरीर में रासायनिक अभिक्रियाओं की गति को नियंत्रित करते हैं, न कि पेशीय संचलन के लिए उत्तरदायी होते हैं।
- उपास्थि (Cartilage): यह एक लचीला संयोजी ऊतक है जो हड्डियों के सिरों को सुरक्षित रखता है (जैसे कान और नाक में)।
- स्नायु (Ligament): यह हड्डी को हड्डी से जोड़ने वाला मजबूत संयोजी ऊतक है।
#8. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक अंगों और शरीर की गति के लिए उत्तरदायी है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )
✨ सही उत्तर: कंकाल पेशी (Skeletal muscle)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कंकाल पेशी (Skeletal Muscle): यह वह पेशीय ऊतक है जो हड्डियों से जुड़ा होता है और शरीर की सभी ऐच्छिक गतियों (Voluntary movements) जैसे चलना, दौड़ना, उठाना आदि के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी होता है।
- विशेषता: इन्हें रेखित पेशियाँ (Striated muscles) भी कहा जाता है क्योंकि सूक्ष्मदर्शी से देखने पर इनमें हल्की और गहरी धारियाँ दिखाई देती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह शरीर के अंगों और वाहिकाओं की बाहरी और भीतरी सतह को ढकने तथा सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करता है।
- हृद् पेशी (Cardiac Muscle): यह विशेष रूप से हृदय की दीवारों में पाई जाती है जो जीवनभर अनैच्छिक रूप से पंपिंग का कार्य करती है।
- चिकनी पेशी (Smooth Muscle): यह आंतरिक अंगों (जैसे आंत्र, रक्त वाहिकाएं) की दीवारों में पाई जाती है और अनैच्छिक गतियों को नियंत्रित करती है, लेकिन संपूर्ण शरीर की गति के लिए मुख्य रूप से कंकाल पेशी उत्तरदायी होती है।
#9. माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम, आदि जैसे विभिन्न कोशिका अंगक मिलकर जीवन की मूल इकाई का निर्माण करते हैं, जिसे ________ कहते हैं。
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: कोशिका (Cell)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोशिका (Cell): माइटोकॉन्ड्रिया, राइबोसोम, गॉल्जीकाय, लाइसोसोम आदि विभिन्न कोशिका अंगक (Cell organelles) आपस में मिलकर जीवन की मूलभूत संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई यानी कोशिका का निर्माण करते हैं।
- जैविक संगठन: कोशिका जीवन का सबसे छोटा रूप है जो सभी जैविक क्रियाओं कोस्वतंत्र रूप से करने में सक्षम होती है। इसी कारण इसे ‘जीवन की मूल इकाई’ कहा जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- ऊतक (Tissue): एक समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह ऊतक कहलाता है।
- अंग (Organ): कई ऊतक मिलकर एक अंग (जैसे हृदय, यकृत) का निर्माण करते हैं।
- अंग तंत्र (Organ System): कई अंग मिलकर एक संपूर्ण अंग तंत्र (जैसे पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र) बनाते हैं।
#10. आमाशय की भित्ति में किस प्रकार का पेशीय ऊतक मौजूद होता है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )
✨ सही उत्तर: चिकनी पेशी ऊतक
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- चिकनी पेशी ऊतक (Smooth Muscle Tissue): आमाशय (Stomach), आंत, और अन्य आंतरिक अंगों की भित्तियों में चिकनी पेशियाँ पाई जाती हैं। ये अनैच्छिक (Involuntary) प्रकृति की होती हैं।
- कार्य: ये पेशियाँ बिना हमारी इच्छा के स्वतः संकुचित और शिथिल होती हैं, जिससे पाचन तंत्र में भोजन का आगे खिसकना (क्रमाकुंचन या पेरिस्टालसिस गति) संभव होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कंकाल पेशी ऊतक: यह हड्डियों से जुड़ी होती है और शरीर की ऐच्छिक (Voluntary) गतियों (जैसे हाथ-पैर हिलाना) के लिए उत्तरदायी है।
- तरल संयोजी ऊतक: इसके अंतर्गत रक्त और लसिका आते हैं, जो शरीर में पोषक तत्वों और गैसों का परिवहन करते हैं।
- हृद् पेशी ऊतक: यह विशेष रूप से केवल हृदय की दीवारों में पाई जाने वाली अनैच्छिक पेशी है।
#11. मेरिस्टेमेटिक ऊतकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: मेरिस्टेमेटिक कोशिकाएँ परिपक्वता पर मृत हो जाती हैं।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेरिस्टेमेटिक ऊतक (Meristematic Tissue): यह कथन गलत है कि ये परिपक्वता पर मृत हो जाती हैं। वास्तव में, मेरिस्टेमेटिक ऊतकों की कोशिकाएँ जीवित (Living) होती हैं और इनमें निरंतर विभाजन करने की अपार क्षमता होती है।
- विशेषताएँ: इन कोशिकाओं की भित्ति सेल्यूलोज की बनी पतली होती है, कोशिकाद्रव्य सघन होता है, रिक्तिकाएँ या तो अनुपस्थित होती हैं या बहुत छोटी होती हैं और इनमें बड़ा केंद्रक पाया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो कि सत्य कथन हैं):
- कोशिका संरचना: मेरिस्टेमेटिक कोशिकाएँ छोटी, पतली भित्ति वाली, सघन कोशिकाद्रव्य और बड़े केंद्रक वाली होती हैं (यह कथन सही है)।
- आजीवन वृद्धि: ये ऊतक पौधों के विकास क्षेत्रों (जैसे जड़ और तने के शीर्ष) में पाए जाते हैं और पौधों में आजीवन वृद्धि को सक्षम बनाते हैं (यह कथन भी सही है)।
- विभाजन क्षमता: मेरिस्टेमेटिक ऊतक अत्यधिक सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाओं के बने होते हैं (यह कथन भी सही है)।
#12. एक वनस्पतिज्ञ किसी पादप के प्ररोहाग्र पर तीव्र वृद्धि का अवलोकन करता है। इस वृद्धि के लिए किस प्रकार का पादप ऊतक सर्वाधिक उत्तरदायी है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )
✨ सही उत्तर: शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह पादप ऊतक जड़ों और तनों के सिरों (प्ररोहाग्र या Shoot apex) पर पाया जाता है। यह पौधों की लंबाई में वृद्धि करने तथा तीव्र वृद्धि के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है।
- कार्य: इस ऊतक की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं जिससे पौधे के प्राथमिक अंगों (जैसे तने और जड़ का अग्र भाग) का विकास होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अंतर्वंशी विभज्योतक (Intercalary Meristem): यह पत्तियों के आधार पर या टहनियों के पर्व (Internodes) के पास पाया जाता है जो लंबाई बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन मुख्य प्ररोहाग्र पर शीर्षस्थ विभज्योतक होता है।
- पार्श्विक विभज्योतक (Lateral Meristem): यह तने या जड़ की परिधि (Girth/Thickness) को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है।
- स्थायी ऊतक (Permanent Tissue): ये वे कोशिकाएँ हैं जो विभाजन की क्षमता खो चुकी होती हैं और पौधों को स्थायित्व व सुरक्षा प्रदान करती हैं।
#13. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप ऊतक, दोनों दिशाओं में पदार्थों के संचलन को होने देता है?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )
✨ सही उत्तर: पोष्वाह (Phloem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पोष्वाह (Phloem): यह एक संवहन ऊतक है जो पत्तियों द्वारा प्रकाश संश्लेषण से तैयार भोजन को पौधे के विभिन्न भागों (जैसे जड़ों, तनों और फलों) तक पहुँचाता है। इसका संचलन द्वि-दिशात्मक (Bidirectional) होता है।
- कार्य: यह पौधों में खाद्य पदार्थों (विशेषकर शर्करा और कार्बनिक पोषक तत्वों) का परिवहन करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जाइलम (Xylem): यह जड़ों से पानी और खनिजों का परिवहन करता है और इसका संचलन मुख्य रूप से एक-दिशात्मक (Unidirectional – नीचे से ऊपर की ओर) होता है।
- दृढ़ोतक (Sclerenchyma): यह एक मृत पादप ऊतक है जो पौधों को यांत्रिक शक्ति, मजबूती और कठोरता प्रदान करता है।
- फाइबर (Fibres): यह पौधे को लचीलापन और यांत्रिक सहयोग देने वाले रेशेदार ऊतक होते हैं।
#14. पौधों में लचीलापन किस स्थायी ऊतक के कारण होता है जो पौधे के विभिन्न भागों जैसे प्रतान और लता᳹ओं के तने को बिना टूटे झुकने के सक्षम बनाता है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: कोलेन्काइमा (Collenchyma)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जो पौधों के विभिन्न भागों (जैसे प्रतान, तनों और पत्तियों के डंठल) में लचीलापन और यांत्रिक सहायता प्रदान करता है।
- कार्य: यह पौधों के अंगों को बिना टूटे आसानी से झुकने (जैसे हवा में तनों का हिलना) की क्षमता प्रदान करता है। इसकी कोशिका भित्ति कोनों पर सेलूलोज़ और पेक्टिन के जमाव के कारण मोटी होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- क्लोरेन्काइमा (Chlorenchyma): यह पैरेन्काइमा का ही एक रूप है जिसमें क्लोरोप्लास्ट पाया जाता है और यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) का कार्य करता है।
- ऐरेन्काइमा (Aerenchyma): यह मुख्य रूप से जलीय पौधों में पाया जाता है, जिसकी कोशिकाओं के बीच बड़ी वायु गुहाएँ होती हैं जो पौधों को तैरने में मदद करती हैं।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह पौधों का सबसे सामान्य सरल स्थायी ऊतक है जो मुख्य रूप से भोजन संग्रहण और संचय का कार्य करता है।
#15. रक्त ________ प्रकार के ऊतक का एक उदाहरण है
。(RRB JE 26 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): रक्त एक विशेष प्रकार का तरल संयोजी ऊतक (Fluid Connective Tissue) है, जो प्लाज्मा और रक्त कोशिकाओं (RBC, WBC, और प्लेटलेट्स) से मिलकर बना होता है।
- कार्य: यह शरीर के विभिन्न अंगों में ऑक्सीजन, पोषक तत्वों, हार्मोन्स और अपशिष्ट पदार्थों के परिवहन (Transport) में मुख्य भूमिका निभाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह शरीर की बाहरी सतहों, अंगों और गुहाओं (Cavities) की अंदरूनी परत को ढकने और सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करता है।
- तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue): यह मस्तिष्क, मेरुरज्जु और तंत्रिकाओं में पाया जाता है, जो विद्युत संकेतों के माध्यम से संवेदनाओं को शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में पहुँचाता है।
- पेशीय ऊतक (Muscular Tissue): यह ऊतक शरीर की गतियों (Movement) और अंगों के संकुचन व शिथिलन के लिए उत्तरदायी होता है।
#16. निम्नलिखित में से कौन एक संयोजी ऊतक है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: रक्त (Blood)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रक्त (Blood): रक्त एक विशेष प्रकार का तरल संयोजी ऊतक (Fluid Connective Tissue) है, जो प्लाज्मा और रक्त कोशिकाओं (RBC, WBC, और प्लेटलेट्स) से मिलकर बना होता है।
- कार्य: यह शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन, पोषक तत्वों और हार्मोन्स का परिवहन करने तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मुख्य भूमिका निभाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पराध्येष्कीय उपकला (Pseudostratified Epithelium): यह एक प्रकार का उपकला ऊतक है जो मुख्य रूप से श्वसन मार्ग की आंतरिक सतह पर पाया जाता है।
- पेशी (Muscle): यह एक पेशीय ऊतक है जो शरीर की गतिविधियों और अंगों के संकुचन व शिथिलन के लिए उत्तरदायी होता है।
- स्तम्भाकार उपकला (Columnar Epithelium): यह भी एक उपकला ऊतक है जो पाचन तंत्र और आंतों की आंतरिक परत बनाता है, जो स्राव और अवशोषण में मदद करता है।
#17. कौन सा ऊतक जटिल पौधों की एक विशिष्ट विशेषता है, जिसने स्थलीय वातावरण में उनके अस्तित्व को संभव बनाया है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: संवहन ऊतक (Vascular Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संवहन ऊतक (Vascular Tissue): जाइलम (Xylem) और पोष्वाह (Phloem) से मिलकर बने ये जटिल ऊतक पौधों में पानी, खनिजों और भोजन के लंबी दूरी तक परिवहन के लिए उत्तरदायी होते हैं।
- महत्व: इसी कुशल संवहन तंत्र (Vascular System) के विकसित होने के कारण पौधे स्थलीय वातावरण (जमीन पर) में पानी और पोषक तत्वों को जड़ों से ऊपरी भागों तक पहुँचाकर विशाल आकार में जीवित रहने में सक्षम हो पाए।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- मेरिस्टेमेटिक ऊतक (Meristematic Tissue): यह पौधों में निरंतर विभाजन करके नई कोशिकाओं के निर्माण और वृद्धि (Growth) के लिए उत्तरदायी होता है।
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह मुख्य रूप से जंतुओं (Animals) में पाया जाने वाला ऊतक है (जैसे रक्त, अस्थि, लिगामेंट), जो अंगों को आपस में जोड़ता है।
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह भी जंतुओं के शरीर की बाहरी सतहों और अंगों की आंतरिक परतों को ढकने और सुरक्षा प्रदान करने वाला ऊतक है।
#18. द्विबीजपत्री जड़ में, जाइलम और फ्लोएम के बीच कौन सा/से ऊतक पाया/पाए जाते हैं?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 20 Jun, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: संयोजी ऊतक (Conjunctive Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संयोजी ऊतक (Conjunctive Tissue): द्विबीजपत्री जड़ (Dicot root) में जाइलम और फ्लोएम के विभिन्न बंडलों के बीच मृदूतकीय (Parenchymatous) कोशिकाओं की एक परत पाई जाती है, जिसे संयोजी ऊतक कहा जाता है।
- महत्व: बाद में यही संयोजी ऊतक कोशिकाएँ और परिरंभ की कोशिकाएँ मिलकर संवहन कैम्बियम (Vascular Cambium) वलय का निर्माण करती हैं, जो पौधों में द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) के लिए उत्तरदायी होती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- रोम (Trichomes/Root hairs): ये बाह्यत्वचा (Epidermis) से निकलने वाले एककोशिकीय प्रवर्ध होते हैं जो जल और खनिजों के अवशोषण में मदद करते हैं।
- सहायक कोशिकाएँ (Companion Cells): ये फ्लोएम ऊतक का एक भाग होती हैं जो चालनी नलिकाओं (Sieve tubes) के कार्यों को नियंत्रित करने में सहयोग करती हैं।
- रक्षक कोशिकाएँ (Guard Cells): ये पत्तियों की बाह्यत्वचा में स्थित रंध्रों (Stomata) के खुलने और बंद होने को नियंत्रित करने वाली सेम के आकार की कोशिकाएँ होती हैं।
#19. प्रमुख प्रकार के पादप ऊतकों में पाए जाने वाले पादप कोशिकाओं का प्रकार है/हैं-
(RRB JE CBT-I : 28 June 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: सभी विकल्प (All options)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रमुख पादप ऊतक श्रेणियाँ: पौधों में कोशिकाओं के संगठन और कार्यों के आधार पर ऊतक प्रणालियों को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: संवहनी ऊतक (Vascular tissue), चर्म ऊतक (Dermal/Epidermal tissue), और भूमि ऊतक (Ground tissue)।
- विवरण: ये सभी मिलकर पौधों की संरचना, सुरक्षा, और पदार्थों के परिवहन का कार्य करते हैं, इसलिए दिए गए सभी विकल्प सही हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- संवहनी (Vascular): इसके अंतर्गत जाइलम और फ्लोएम आते हैं, जो जल, खनिज और भोजन का परिवहन करते हैं।
- चर्म (Dermal): यह पौधों की बाहरी सुरक्षात्मक परत (जैसे बाह्यत्वचा) का निर्माण करता है।
- भूमि (Ground): यह पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा से मिलकर बना होता है जो प्रकाश संश्लेषण, भंडारण और सहायता प्रदान करता है।
#20. निम्नलिखित में से कौन-सी उपकला, श्वसन मार्ग के अस्तर के साथ श्लेष्मा की गति में सहायक होती है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )
✨ सही उत्तर: पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला (Ciliated Columnar Epithelium)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला (Ciliated Columnar Epithelium): इस प्रकार की उपकला कोशिकाओं की मुक्त सतह पर बाल जैसी सूक्ष्म संरचनाएँ होती हैं जिन्हें पक्ष्माभ (Cilia) कहा जाता है।
- कार्य: यह श्वसन मार्ग (जैसे श्वासनली या Trachea) के अस्तर पर पाई जाती है। इसके पक्ष्माभों की लगातार होने वाली गति (Beat) श्लेष्मा (Mucus) और उसमें फँसे धूल-कणों या रोगाणुओं को बाहर की ओर धकेलने में सहायक होती है, जिससे श्वसन तंत्र साफ रहता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्तरीकृत पट्की उपकला (Stratified Squamous Epithelium): यह त्वचा की बाहरी परत और मुखगुहा की आंतरिक सतह पर पाई जाती है, जो अंगों को घर्षण और टूट-फूट से बचाती है।
- सरल पट्की उपकला (Simple Squamous Epithelium): यह अत्यंत पतली और चपटी कोशिकाओं की परत होती है जो फेफड़ों के वायुकोशों (Alveoli) में पाई जाती है और गैसों के विसरण (Diffusion) में मदद करती है।
- घनाभाकार उपकला (Cuboidal Epithelium): यह वृक्क (Kidney) की नलिकाओं और ग्रंथियों की नलिकाओं में पाई जाती है, जो स्राव और अवशोषण का कार्य करती है।
#21. निम्नलिखित में से कौन-सा विभज्योतक, प्ररोहों और मूलों के सिरों ( ends) पर लंबाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )
✨ सही उत्तर: शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह पादप ऊतक जड़ों और तनों के सिरों (प्ररोहाग्र या Shoot apex और मूल शीर्ष) पर पाया जाता है। यह पौधों की लंबाई में वृद्धि करने के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है।
- कार्य: इस ऊतक की कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं जिससे पौधे के प्राथमिक अंगों (जैसे तने और जड़ का अग्र भाग) का विकास और लंबाई में विस्तार होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अंतर्वंशी विभज्योतक (Intercalary Meristem): यह पत्तियों के आधार पर या टहनियों के पर्व (Internodes) के पास पाया जाता है जो पौधों के अंगों की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है।
- पार्श्विक विभज्योतक (Lateral Meristem): यह तने या जड़ की परिधि (Girth/Thickness – मोटाई) को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी होता है।
- स्थायी ऊतक (Permanent Tissue): ये वे परिपक्व कोशिकाएँ हैं जो विभाजन की क्षमता खो चुकी होती हैं और पौधों को सुरक्षा, सहारा व स्थायित्व प्रदान करती हैं।
#22. निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजी ऊतक का प्रकार नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )
✨ सही उत्तर: उपकला (Epithelial Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह जंतुओं के शरीर की बाहरी सतह, अंगों और गुहाओं की आंतरिक परतों को ढकने वाला सुरक्षात्मक ऊतक है, न कि संयोजी ऊतक।
- कार्य: यह शरीर की रक्षा, अवशोषण, स्राव और अंगों के बीच अवरोध (Barrier) बनाने का कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपास्थि (Cartilage): यह एक विशेष प्रकार का ठोस लेकिन लचीला संयोजी ऊतक है जो हड्डियों के सिरों को चिकना बनाता है (जैसे कान और नाक की हड्डी)।
- रक्त (Blood): यह एक तरल संयोजी ऊतक (Fluid Connective Tissue) है जो ऑक्सीजन, पोषक तत्वों और हार्मोन्स का परिवहन करता है।
- अस्थि (Bone): यह एक कठोर और मजबूत संयोजी ऊतक है जो शरीर को मुख्य कंकाल तंत्र, आकार और दृढ़ता प्रदान करता है।
#23. वह ऊतक जो पौधे को कठोर और कड़ा बनाता है और पौधे के भागों को मजबूती प्रदान करता है, वह है
:(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: दृढ़ोतक (Sclerenchyma)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- दृढ़ोतक (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी ऊतक है, जिसकी कोशिका भित्ति लिग्निन (Lignin) के अत्यधिक जमाव के कारण बहुत मोटी होती है।
- कार्य: यह पौधों को यांत्रिक शक्ति, मजबूती और कठोरता प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, नारियल का रेशेदार छिलका और बीजों के कठोर आवरण इसी ऊतक से बने होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- वायुतक (Aerenchyma): यह जलीय पौधों में पाया जाने वाला ऊतक है जिसमें बड़ी वायु गुहाएँ होती हैं, जो पौधों को तैरने में उत्प्लावकता (Buoyancy) प्रदान करती हैं।
- हरित ऊतक (Chlorenchyma): यह पैरेन्काइमा का ही एक रूप है जिसमें क्लोरोप्लास्ट पाया जाता है और यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) का कार्य करता है।
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह पौधों के अंगों को कठोरता के बजाय लचीलापन (Flexibility) और बिना टूटे झुकने की क्षमता प्रदान करता है।
#24. निम्नलिखित में से किस ऊतक में संकुचनशील प्रोटीन होते हैं जिसके संकुचन और शिथिलन से संचलन होता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेशीय ऊतक (Muscular Tissue): यह ऊतक लंबी कोशिकाओं (पेशी तंतुओं) से मिलकर बना होता है। इसमें विशेष संकुचनशील प्रोटीन (जैसे एक्टिन और मायोसिन) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- कार्य: इन संकुचनशील प्रोटीनों के नियमित संकुचन (Contraction) और शिथिलन (Relaxation) के कारण ही शरीर में अंगों की गति और संचलन संभव होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue): यह मस्तिष्क, मेरुरज्जु और तंत्रिकाओं में पाया जाता है जो विद्युत संकेतों के माध्यम से संवेदनाओं को शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक पहुँचाता है।
- घनाभाीय उपकला ऊतक (Cuboidal Epithelium Tissue): यह वृक्क (Kidney) की नलिकाओं और ग्रंथियों में पाया जाता है, जो मुख्य रूप से स्राव और अवशोषण का कार्य करता है।
- शल्की उपकला ऊतक (Squamous Epithelium Tissue): यह अत्यंत पतली और चपटी कोशिकाओं की परत होती है जो फेफड़ों के वायुकोशों (Alveoli) में पाई जाती है और गैसों के विसरण (Diffusion) में मदद करती है।
#25. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक पौधों में पाया जाने वाला एक जटिल स्थायी ऊतक है?
(RPF Constable 2018 08 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: जाइलम (Xylem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जाइलम (Xylem): यह पौधों में पाया जाने वाला एक जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue) है, जो एक से अधिक प्रकार की कोशिकाओं (वाहिनी, वाहिका, जाइलम तंतु और जाइलम मृदूतक) से मिलकर बना होता है।
- कार्य: यह पौधों में जड़ों से जल और खनिज लवणों का परिवहन ऊपर की दिशा (एक-दिशात्मक) में करने का मुख्य कार्य करता है। फ्लोएम के साथ मिलकर यह संवहन बंडल बनाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- क्लोरेन्काइमा (Chlorenchyma): यह एक सरल स्थायी ऊतक (पैरेन्काइमा का रूप) है जो प्रकाश संश्लेषण करता है।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह पौधों का सबसे सामान्य सरल स्थायी ऊतक है, जो भोजन संग्रह और भराव का कार्य करता है।
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma): यह भी एक सरल स्थायी ऊतक है जो पौधों को कठोरता और यांत्रिक मजबूती प्रदान करता है।
#26. निम्नलिखित में से कौन-सा ऊतक, पादप को दृढ और दुर्न्यय बनाता है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )
✨ सही उत्तर: दृढ़ोतक (Sclerenchyma)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- दृढ़ोतक (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी ऊतक है, जिसकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन (Lignin) का भारी जमाव होता है, जिससे यह अत्यधिक मोटी हो जाती है।
- कार्य: यह ऊतक पौधों को दृढता (Rigidity), कठोरता और मजबूत यांत्रिक सहारा प्रदान करता है ताकि पौधे बिना टूटे दबाव झेल सकें (जैसे नारियल का रेशेदार छिलका)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma): यह पौधों के भागों को कठोरता के बजाय लचीलापन (Flexibility) और बिना टूटे झुकने की क्षमता प्रदान करता है।
- वायुतक (Aerenchyma): यह जलीय पौधों में पाया जाने वाला ऊतक है जो पौधों को तैरने में उत्प्लावकता (Buoyancy) प्रदान करता है।
- हरित ऊतक (Chlorenchyma): यह पैरेन्काइमा का ही एक रूप है जो क्लोरोप्लास्ट की उपस्थिति के कारण प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) का कार्य करता है।
#27. ________ मिट्टी से प्राप्त जल और खनिजों को स्थानांतरित करता है जबकि ________ प्रकाश संश्लेषण के उत्पादों को पत्तियों से, जहाँ उनका संश्लेषण होता है, पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाता है
。(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: जाइलम, फ्लोएम (Xylem, Phloem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जाइलम (Xylem): यह एक संवहन ऊतक है जो मिट्टी से अवशोषित जल और खनिज लवणों को जड़ों से पौधे के ऊपरी भागों तक पहुँचाता है।
- फ्लोएम (Phloem): यह पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा बने भोजन (शर्करा) को पौधे के विभिन्न अंगों (जैसे जड़ों, तनों और फलों) तक स्थानांतरित करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह पादप अंगों को लचीलापन और यांत्रिक सहायता प्रदान करने वाला सरल स्थायी ऊतक है।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह भोजन संग्रहण और भराव का कार्य करने वाला सबसे सामान्य मृदूतक है।
- फ्लोएम, जाइलम: यह क्रम गलत है क्योंकि पहला स्थान जल परिवहन (जाइलम) और दूसरा स्थान भोजन परिवहन (फ्लोएम) के लिए है।
#28. यदि एक स्नायु दो हड्डियों को जोड़ता है, तो निम्नलिखित में से कौन सी संरचना पेशियों को हड्डियों से जोड़ती है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: कंदरा (Tendon)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कंदरा (Tendon): यह एक मजबूत, कम लचीला और रेशेदार संयोजी ऊतक है जो कंकाल पेशियों (Skeletal muscles) को हड्डियों से जोड़ने का मुख्य कार्य करता है।
- महत्व: यह पेशियों द्वारा उत्पन्न खिंचाव और बल को हड्डियों तक स्थानांतरित करता है, जिससे शरीर की विभिन्न गतियाँ (Movements) संभव हो पाती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- रक्त (Blood): यह एक तरल संयोजी ऊतक है जो शरीर में ऑक्सीजन, पोषक तत्वों, हार्मोन्स और अपशिष्ट पदार्थों के परिवहन में सहायक है।
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला संयोजी ऊतक है जो जोड़ों पर हड्डियों के सिरों को चिकना बनाता है और घर्षण से बचाता है (जैसे कान और नाक की हड्डी)।
- रेशकोरक (Fibroblast): यह संयोजी ऊतक की सबसे मुख्य कोशिका है जो कोलेजन जैसे तंतुओं (Fibers) और मैट्रिक्स का निर्माण व स्राव करती है।
#29. ऊतकों के अध्ययन को कहा जाता है
(RPF Constable 2018 18 Jan 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: ऊतक विज्ञान (Histology)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऊतक विज्ञान (Histology / सूक्ष्म शरीर रचना विज्ञान): इसके अंतर्गत जीव विज्ञान की इस शाखा में पौधों और जंतुओं के ऊतकों (Tissues) की सूक्ष्म संरचना, संगठन और उनके कार्यों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है।
- महत्व: यह विज्ञान हमें यह समझने में मदद करता है कि कोशिकाएँ मिलकर किस प्रकार ऊतकों का निर्माण करती हैं और वे विभिन्न अंगों के गठन में कैसे सहयोग करती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- वर्गीकरण (Taxonomy): यह जीवों की पहचान, नामकरण और उनके वर्गीकरण का अध्ययन करने वाली शाखा है।
- शुक्राणु विज्ञान (Spermatology): यह शुक्राणुओं (Spermatozoa) की संरचना, विकास और उनके जैविक गुणों का अध्ययन है।
- ऑफ़िओलॉजी (Ophiology / Herpetology की शाखा): यह विशेष रूप से साँपों (Snakes) का वैज्ञानिक अध्ययन है।
#30. दो हड्डियों के बीच गतिशील जोड़ पर पाए जाने वाले स्नेहक द्रव को क्या कहते हैं?
(RRB NTPC CBT-I : 27 Jan 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: साइनोवियल फ्लूइड (Synovial Fluid)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- साइनोवियल फ्लूइड (Synovial Fluid): यह दो हड्डियों के बीच के गतिशील (Synovial) जोड़ों की गुहा में पाया जाने वाला एक चिपचिपा, गाढ़ा स्नेहक (Lubricant) द्रव होता है।
- कार्य: यह जोड़ों के बीच घर्षण (Friction) को कम करता है, हड्डियों के सिरों की टूट-फूट को रोकता है और जोड़ों को सुचारू रूप से गति (Movement) करने में मदद करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- इंटरस्टिशियल फ्लूइड (Interstitial Fluid): यह कोशिकाओं के बीच की जगहों में पाया जाने वाला ऊतक द्रव है जो कोशिकाओं और रक्त के बीच पदार्थों के आदान-प्रदान में मदद करता है।
- सेरेब्रोस्पिनल फ्लूइड (Cerebrospinal Fluid – CSF): यह मस्तिष्क और मेरुरज्जु (Spinal cord) के चारों ओर पाया जाने वाला सुरक्षात्मक तरल पदार्थ है, जो झटके और आघात से बचाता है।
- एमनीओटिक फ्लूइड (Amniotic Fluid): यह गर्भ में पल रहे शिशु के चारों ओर थैली में पाया जाने वाला तरल पदार्थ है, जो भ्रूण की सुरक्षा और पोषण में सहायक होता है।
#31. निम्नलिखित में से कौन-सा एक जटिल स्थायी ऊतक है जो पादपों में जल के परिवहन के लिए उत्तरदायी है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )
✨ सही उत्तर: जाइलम (Xylem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जाइलम (Xylem): यह एक जटिल स्थायी ऊतक (Complex Permanent Tissue) है, जो पौधों में मिट्टी से अवशोषित जल और खनिज लवणों का परिवहन जड़ों से ऊपरी भागों (एक-दिशात्मक गति) तक करने के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है।
- घटक: यह वाहिकाओं, वाहिनियों, जाइलम तंतुओं और जाइलम मृदूतक से मिलकर बना होता है, जो परिवहन के साथ-साथ पौधों को यांत्रिकीय दृढ़ता भी प्रदान करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- श्लेषोतक / स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma): यह एक सरल स्थायी ऊतक है जो पौधों के अंगों (जैसे तनों और पत्तियों के डंठल) को लचीलापन और बिना टूटे झुकने की क्षमता देता है।
- मृदूतक (Parenchyma): यह सबसे सामान्य सरल स्थायी ऊतक है जो भोजन संग्रहण, प्रकाश संश्लेषण और भराव (Packed tissue) का कार्य करता है।
- फ्लोएम (Phloem): यह भी एक जटिल स्थायी ऊतक है, लेकिन इसका मुख्य कार्य प्रकाश संश्लेषण से बने भोजन (शर्करा) को पत्तियों से पौधे के अन्य भागों तक पहुँचाना है, न कि जल का परिवहन करना।
#32. कई तंत्रिका तंतु किस ऊतक द्वारा एक साथ बंधे होते हैं और एक तंत्रिका बनाते हैं?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): तंत्रिका तंत्र में, कई तंत्रिका तंतु (Nerve fibers) संयोजी ऊतक के विशेष आवरणों (जैसे एपिन्यूरियम, पेरिन्यूरियम और एंडोन्यूरियम) के माध्यम से एक साथ बंधकर एक संयुक्त तंत्रिका (Nerve) का निर्माण करते हैं।
- कार्य: यह ऊतक तंत्रिका तंतुओं को आपस में बांधकर रखता है, उन्हें यांत्रिक सुरक्षा प्रदान करता है और उनमें रक्त वाहिकाओं की आपूर्ति बनाए रखने में मदद करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- संवहनी ऊतक (Vascular Tissue): यह पौधों में पाया जाने वाला जटिल ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) है जो जल, खनिज और भोजन का परिवहन करता है।
- मेरिस्टेमेटिक ऊतक (Meristematic Tissue): यह पौधों में निरंतर विभाजन करने वाला ऊतक है जो पौधों की लंबाई और मोटाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह जंतुओं के शरीर की बाहरी सतहों और अंगों की आंतरिक गुहाओं को ढकने व सुरक्षा प्रदान करने वाला ऊतक है।
#33. जीवों की मूल इकाइयाँ क्या हैं?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: कोशिकाएँ (Cells)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोशिकाएँ (Cells): कोशिका सभी सजीव जीवों की संरचनात्मक और कार्यात्मक मूल इकाई (Structural and Functional Unit of Life) होती है। सभी जीवों का शरीर एक या एक से अधिक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है।
- महत्व: जीवन की सभी जैविक प्रक्रियाएँ (जैसे उपापचय, श्वसन, और प्रजनन) कोशिकीय स्तर पर ही संपन्न होती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- हड्डियाँ (Bones): यह जंतुओं में पाया जाने वाला कठोर संयोजी ऊतक है जो कंकाल तंत्र और शरीर को आकार देता है।
- रेशे (Fibres): ये पौधों और जंतुओं में संरचनात्मक मजबूती और लचीलापन प्रदान करने वाले तंतु होते हैं।
- ऊतक (Tissues): समान प्रकार की कोशिकाओं का समूह मिलकर ऊतक का निर्माण करता है, जो आगे चलकर अंगों (Organs) का गठन करते हैं।
#34. बाह्य कर्ण, नासाग्र और लंबी अस्थियों के सिरों की संरचना किस संयोजी ऊतक से निर्मित होती है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )
✨ सही उत्तर: उपास्थि (Cartilage)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला (Flexible) संयोजी ऊतक है, जिसकी मैट्रिक्स (Matrix) प्रोटीन और शर्करा के यौगिकों से बनी होती है।
- स्थान और कार्य: यह बाह्य कर्ण (Outer ear), नाक की नोक (Tip of the nose), श्वासनली के छल्लों और जोड़ों पर लंबी अस्थियों के सिरों पर पाई जाती है। यह जोड़ों को चिकना बनाती है और उन्हें बिना टूटे मुड़ने व दबाव सहने की क्षमता देती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- एरियोली ऊतक (Areolar tissue): यह त्वचा और पेशियों के बीच, तथा तंत्रिका व रक्त वाहिकाओं के चारों ओर पाया जाने वाला ढीला संयोजी ऊतक है जो अंगों को आपस में बांधता है।
- अस्थि (Bone): यह एक अत्यधिक मजबूत, कठोर और खनिजयुक्त संयोजी ऊतक है जो शरीर को कंकाल तंत्र, आकार और दृढ़ता प्रदान करता है।
- वसा ऊतक (Adipose tissue): यह त्वचा के नीचे और अंगों के बीच वसा (Fat) कोशिकाओं का संचय करने वाला ऊतक है जो शरीर को ऊष्मा और ऊर्जा प्रदान करता है।
#35. हमारे शरीर में वसा संचय करने वाला ऊतक कौन सा है?
(RRB NTPC CBT-I : 4 Jan 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: वसा ऊतक (Adipose Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वसा ऊतक (Adipose Tissue): यह एक विशेष प्रकार का ढीला संयोजी ऊतक है, जो मुख्य रूप से त्वचा के नीचे और आंतरिक अंगों (जैसे गुर्दे और हृदय) के चारों ओर पाया जाता है।
- कार्य: यह शरीर में वसा (Fat) कोशिकाओं के रूप में अतिरिक्त ऊर्जा का संचय करता है तथा शरीर को ठंड और बाहरी आघातों से बचाने के लिए एक रोधक (Insulator) के रूप में कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- संयोजक ऊतक (Connective Tissue): यह एक व्यापक श्रेणी का ऊतक है जो शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ता और सहारा देता है (वसा ऊतक इसी का एक उप-प्रकार है)।
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह शरीर की बाहरी सतहों और अंगों की आंतरिक गुहाओं को ढकने और सुरक्षा प्रदान करने वाला ऊतक है।
- संवहनी ऊतक (Vascular Tissue): यह पौधों में पाया जाने वाला जटिल ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) है जो जल, खनिज और भोजन का परिवहन करता है।
#36. मानव शरीर में कौन-सा अंग स्तरीकृत शल्की उपकला से बना होता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: त्वचा (Skin)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- त्वचा (Skin): मानव त्वचा की सबसे बाहरी परत (एपिडर्मिस) केराटिनाइज्ड स्तरीकृत शल्की उपकला (Keratinized Stratified Squamous Epithelium) से मिलकर बनी होती है।
- कार्य: यह ऊतक चपटी कोशिकाओं की कई परतों में व्यवस्थित होता है, जो शरीर को यांत्रिक तनाव, घर्षण, रोगाणुओं के आक्रमण और निर्जलीकरण (पानी की हानि) से सुरक्षित रखता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- वृक्क नलिकाओं की परत (Lining of Renal Tubules): यह मुख्य रूप से घनाभाकार उपकला (Cuboidal Epithelium) से बनी होती है जो स्राव और पुनअवशोषण में मदद करती है।
- आंत की परत (Lining of Intestine): यह स्तंभाकार उपकला (Columnar Epithelium) से रेखाबद्ध होती है, जो भोजन के अवशोषण का कार्य करती है।
- ग्रासनली (Oesophagus): यह भी गैर-केराटिनाइज्ड स्तरीकृत शल्की उपकला से बनी होती है, लेकिन परीक्षा के आधिकारिक उत्तर और प्रमुख उदाहरण के रूप में त्वचा को माना गया है।
#37. सरल स्थायी ऊतक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )
✨ सही उत्तर (गलत कथन): दृढ़ोतक सबसे उभयनिष्ठ सरल स्थायी ऊतक है
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- गलत कथन का स्पष्टीकरण: पौधों में सबसे अधिक पाया जाने वाला (सबसे उभयनिष्ठ या Common) सरल स्थायी ऊतक पैरेन्काइमा (Parenchyma) होता है, न कि दृढ़ोतक (Sclerenchyma)। इसलिए यह कथन गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
- सरल स्थायी ऊतक: ये एक ही प्रकार की समरूप कोशिकाओं से बने होते हैं जो विभाजन की क्षमता खो चुकी होती हैं। इसके मुख्य तीन प्रकार पैरेन्काइमा, कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा (दृढ़ोतक) हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो कि सही कथन हैं):
- यह बाह्यत्वचा के नीचे कुछ परतें बनाता है: यह कथन सही है, क्योंकि पैरेन्काइमा और कोलेन्काइमा जैसे सरल स्थायी ऊतक बाह्यत्वचा (Epidermis) के नीचे वल्कुट (Cortex) के रूप में परतें बनाते हैं।
- भोजन भंडारण सरल स्थायी ऊतक में होता है: यह कथन सही है; पैरेन्काइमा ऊतक का मुख्य कार्य भोजन (स्टार्च आदि) का संचय और भंडारण करना है।
- सरल स्थायी ऊतक सामान्यतः जीवित कोशिकाओं से बना होता है: यह कथन भी सही है क्योंकि पैरेन्काइमा और कोलेन्काइमा दोनों जीवित कोशिकाएँ होती हैं (केवल दृढ़ोतक मृत होता है)।
#38. मेरुरज्जु किस ऊतक से बना होता है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue): मेरुरज्जु (Spinal Cord), मस्तिष्क (Brain) और तंत्रिकाएँ (Nerves) मुख्य रूप से तंत्रिका ऊतक से बनी होती हैं। यह मुख्य रूप से न्यूरॉन्स (Neurons) और न्यूरोग्लिया कोशिकाओं से मिलकर बनता है।
- कार्य: यह शरीर के विभिन्न भागों से संवेदनाओं (Sensory signals) को ग्रहण करके उन्हें मस्तिष्क तक पहुँचाने और वहाँ से आवश्यक निर्देश प्राप्त कर शरीर के अन्य अंगों तक विद्युत आवेगों के रूप में संचारित करने का कार्य करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- संयोजी ऊतक (Connective Tissue): यह शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने, सहारा देने और पदार्थों के परिवहन का कार्य करता है (जैसे रक्त, अस्थि, उपास्थि)।
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह शरीर की बाहरी सतहों और आंतरिक अंगों की गुहाओं को ढकने व सुरक्षा प्रदान करने वाला ऊतक है।
- पेशीय ऊतक (Muscular Tissue): यह ऊतक शरीर की गतियों और अंगों के संकुचन व शिथिलन (Movement) के लिए उत्तरदायी होता है।
#39. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ एक इलास्टोमर के रूप में वर्गीकृत है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 01 Sept, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: महाधमनी का ऊतक (Tissue of the Aorta)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- महाधमनी का ऊतक (Aorta Tissue): महाधमनी (Aorta) हृदय से निकलने वाली सबसे बड़ी धमनी है जिसकी भित्ति में प्रचुर मात्रा में इलास्टिन (Elastin) प्रोटीन के तंतु पाए जाते हैं। यह इसे एक प्राकृतिक इलास्टोमर (Elastomer) की तरह कार्य करने की क्षमता प्रदान करते हैं।
- कार्य: यह ऊतक हृदय से पंप होने वाले उच्च रक्तदाब (High blood pressure) को सहन करने के लिए फैलता है और फिर अपनी प्रत्यास्थता (Elasticity) के कारण वापस सिकुड़ जाता है, जिससे रक्त का प्रवाह सुचारू रहता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शिराओं में ऊतक (Tissue in Veins): शिराओं में कम दबाव का रक्त बहता है, इसलिए इनमें महाधमनी की तरह अत्यधिक इलास्टिक (प्रत्यास्थ) ऊतक नहीं होते।
- गुर्दे में ऊतक (Tissue in Kidneys): गुर्दे मुख्य रूप से रक्त के निस्यंदन (Filtration) और मूत्र निर्माण का कार्य करते हैं, जो इलास्टोमर से संबंधित नहीं है।
- अग्न्याशय में ऊतक (Tissue in Pancreas): यह एक मिश्रित ग्रंथि है जो पाचक एंजाइमों और हार्मोन्स (जैसे इंसुलिन) का स्राव करती है।
#40. निम्नलिखित में से किस सरल स्थायी ऊतक में कोशिका भित्तियाँ, लिग्निफाइड ( lignified) होती हैं?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )
✨ सही उत्तर: दृढ़ोतक (Sclerenchyma)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- दृढ़ोतक (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी ऊतक है, जिसकी कोशिका भित्तियाँ लिग्निन (Lignin) के अत्यधिक जमाव के कारण बहुत अधिक मोटी (Liqgnified) हो जाती हैं। लिग्निन एक रासायनिक पदार्थ है जो कोशिकाओं को सीमेंट की तरह कठोरता प्रदान करता है।
- कार्य: लिग्निफाइड भित्तियों के कारण यह ऊतक पौधों को उच्च यांत्रिक शक्ति, मजबूती और कठोरता प्रदान करता है (जैसे नारियल का रेशेदार छिलका)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- श्लेषोतक / स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma): इसकी कोशिका भित्ति कोनों पर सेलूलोज़ और पेक्टिन के जमाव के कारण मोटी होती है, लिग्निन के कारण नहीं। यह लचीलापन देता है।
- मृदूतक (Parenchyma): यह सबसे सामान्य सरल स्थायी ऊतक है जिसकी कोशिका भित्ति पतली और सेलूलोज़ की बनी होती है।
- फ्लोएम (Phloem): यह एक जटिल स्थायी (संवहन) ऊतक है जो भोजन का परिवहन करता है, न कि सरल स्थायी ऊतक जिसकी भित्ति लिग्निफाइड हो।
#41. पादपों में मृदूतक कोशिकाएं कैसी होती हैं?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )
✨ सही उत्तर: जीवित तथा अंतरकोशिकीय स्थानों के साथ शिथिल रूप से व्यवस्थित होती हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मृदूतक (Parenchyma): यह पौधों का सबसे सामान्य और मुख्य सरल स्थायी ऊतक है। इसकी कोशिकाएँ जीवित (Living) होती हैं, जिनमें केंद्रक और सघन कोशिका द्रव्य पाया जाता है।
- संरचना: इन कोशिकाओं की भित्ति पतली (सेलूलोज़ की बनी) होती है और ये कोशिकाओं के बीच पर्याप्त अंतरकोशिकीय स्थानों (Intercellular spaces) के साथ शिथिल रूप से व्यवस्थित होती हैं। इनका मुख्य कार्य भोजन का भंडारण और प्रकाश संश्लेषण करना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- लिग्निफाइड भित्तियों के साथ मृत तथा लम्बी होती हैं: यह विशेषता दृढ़ोतक (Sclerenchyma) ऊतक की है, जो पौधों को कठोरता देता है।
- मृत तथा बिना स्थानों के सघन रूप से व्यवस्थित होती हैं: यह भी दृढ़ोतक या परिपक्व काष्ठीय ऊतकों की विशेषता है, जबकि पैरेन्काइमा जीवित होती है।
- जीवित तथा कोरों पर बिना स्थानों के मोटी होती हैं: यह विशेषता स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma) की है, जिसकी भित्ति कोनों पर मोटी होती है।
#42. कौन-सा संयोजी ऊतक अस्थियों के जोड़ो को चिकना बनाता है तथा कान और श्वसननली में उपस्थित होता है?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )
✨ सही उत्तर: उपास्थि (Cartilage)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला (Flexible) संयोजी ऊतक है। इसकी मैट्रिक्स प्रोटीन और शर्करा के यौगिकों से बनी होती है जो इसे लचीलापन प्रदान करती है।
- कार्य और उपस्थिति: यह जोड़ों पर हड्डियों के सिरों को चिकना बनाती है ताकि घर्षण न हो। इसके अलावा, यह कान के बाहरी हिस्से (Pinna), नाक की नोक, श्वासनली (Trachea) के छल्लों और स्वर यंत्र में उपस्थित होकर संरचनात्मक सहारा देती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्नायु (Ligament): यह एक बहुत मजबूत और लचीला संयोजी ऊतक है जो एक हड्डी को दूसरी हड्डी से जोड़ता है।
- एरियोलर (Areolar): यह त्वचा और पेशियों के बीच पाया जाने वाला ढीला संयोजी ऊतक है जो आंतरिक अंगों को सहारा देता है।
- वसामय (Adipose): यह वसा (Fat) का संचय करने वाला ऊतक है जो शरीर को ऊष्मा और ऊर्जा प्रदान करता है।
#43. निम्नलिखित में से कौन-सा, मृदूतक का वह प्रकार है जो जलीय पादपों में मौजूद होता है, जिसमें उनके तैरने में सहायता करने के लिए बृहत वायु गुहाएं होती हैं?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )
✨ सही उत्तर: वायुतक (Aerenchyma)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वायुतक (Aerenchyma): यह जलीय पौधों में पाया जाने वाला मृदूतक (Parenchyma) का एक विशिष्ट प्रकार है। इसकी कोशिकाओं के बीच बड़ी-बड़ी वायु गुहाएँ (Air cavities) होती हैं।
- कार्य: यह जलीय पौधों को उत्प्लावकता (Buoyancy) प्रदान करता है, जिससे पौधे पानी की सतह पर आसानी से तैर पाते हैं और जल के भीतर श्वसन व गैसों के विनिमय में सहायता मिलती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- सहकोशिका (Companion cell): यह फ्लोएम ऊतक का एक घटक है जो चालनी नलिकाओं (Sieve tubes) के कार्यों को नियंत्रित करने में मदद करती है।
- हरित ऊतक (Chlorenchyma): यह पैरेन्काइमा का ही एक रूप है जिसमें क्लोरोप्लास्ट पाया जाता है और यह प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) का कार्य करता है।
- वाहिनीका (Tracheid): यह जाइलम (Xylem) ऊतक का एक घटक है जो पौधों में जल और खनिज लवणों के ऊर्ध्वाधर परिवहन में सहायक होती है।
#44. तने या जड़ के व्यास में वृद्धि किसके कारण होती है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: कैम्बियम (Cambium)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कैम्बियम (Cambium): यह पौधों में पाया जाने वाला एक पार्श्व विज्योतक (Lateral Meristem) है। इसके अंतर्गत वैस्कुलर कैम्बियम और कॉर्क कैम्बियम आते हैं।
- कार्य: यह द्वितीयक वृद्धि (Secondary growth) के लिए उत्तरदायी होता है, जिसके परिणामस्वरूप पौधों के तनों और जड़ों की मोटाई या व्यास (Diameter) में वृद्धि होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अधस्थ मृदूतक (Hypodermal Parenchyma): यह बाह्यत्वचा के ठीक नीचे पाया जाने वाला ऊतक है जो सुरक्षा और यांत्रिक सहारा देता है, मोटाई बढ़ाने में इसकी मुख्य भूमिका नहीं होती।
- शीर्षस्थ मृदूतक / विज्योतक (Apical Meristem): यह जड़ों और तनों के सिरों पर पाया जाता है, जो मुख्य रूप से पौधों की लंबाई (Length) में वृद्धि के लिए उत्तरदायी होता है।
- अंतराकलीय मृदूतक / विज्योतक (Intercalary Meristem): यह पत्तियों के आधार या पर्वसंधियों (Nodes) पर पाया जाता है जो अंगों की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है।
#45. वृक्क नलिकाओं के अस्तर में, किस प्रकार का उपकला ऊतक पाया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )
✨ सही उत्तर: घनाकार उपकला (Cuboidal Epithelium)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- घनाकार उपकला (Cuboidal Epithelium): यह उपकला ऊतक घनाकार (Cube-like) कोशिकाओं की एक एकल परत से मिलकर बनता है, जिनकी लंबाई और चौड़ाई लगभग समान होती है।
- स्थान और कार्य: यह वृक्क नलिकाओं (Renal tubules) और लार ग्रंथियों (Salivary glands) की नलिकाओं के अस्तर में प्रमुख रूप से पाया जाता है। यह अंगों को यांत्रिक सहारा प्रदान करने के साथ-साथ स्राव (Secretion) और पुनravशोषण (Reabsorption) के कार्यों में सहायता करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कंकालीय उपकला (Skeletal Epithelium): यह उपकला का कोई मानक प्रकार नहीं है; कंकाल मुख्य रूप से अस्थि और उपास्थि (संयोजी ऊतक) से बनता है।
- ग्रंथिल उपकला (Glandular Epithelium): यह उपकला कोशिकाओं का वह रूप है जो विशेष पदार्थों (जैसे हॉर्मोन या एंजाइम) के स्राव के लिए ग्रंथियों का निर्माण करती है।
- स्तंभाकार उपकला (Columnar Epithelium): यह लंबी, खंभे जैसी कोशिकाओं से बनी होती है जो मुख्य रूप से आंत (Intestine) के अस्तर में पाई जाती हैं और अवशोषण में मदद करती हैं।
#46. पौधों में वृद्धि केवल विशिष्ट क्षेत्रों में ही क्यों होती है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )
✨ सही उत्तर: मेरिस्टेमेटिक ऊतक केवल विशिष्ट क्षेत्रों में ही स्थित होता है
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेरिस्टेमेटिक ऊतक (Meristematic Tissue / विज्योतक): पौधों में वृद्धि सीमित क्षेत्रों में ही होने का मुख्य कारण यह है कि लगातार विभाजन करने वाली कोशिकाएँ (मेरिस्टेम) पूरे पौधे में एकसमान रूप से नहीं फैली होती हैं, बल्कि कुछ विशिष्ट स्थानों पर ही स्थित होती हैं।
- प्रमुख क्षेत्र: ये ऊतक मुख्य रूप से जड़ों और तनों के सिरों (शीर्षस्थ विज्योतक), पर्वसंधियों (अंतराकलीय विज्योतक) और पार्श्व भागों (कैम्बियम) पर पाए जाते हैं, जो क्रमशः लंबाई और मोटाई में वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- गुरुत्वाकर्षण कुछ क्षेत्रों में वृद्धि को रोकता है: यह कथन गलत है; गुरुत्वाकर्षण पौधे की वृद्धि की दिशा (जैसे जड़ का नीचे बढ़ना) को प्रभावित करता है, न कि वृद्धि के सीमित क्षेत्रों का निर्धारण करता है।
- पौधे के केवल कुछ भागों को ही सूर्य का प्रकाश प्राप्त होता है: यह कथन भी गलत है क्योंकि प्रकाश संश्लेषण के लिए पौधे के अधिकांश हरे भागों को प्रकाश मिलता है, लेकिन वृद्धि का निर्धारण मेरिस्टेमेटिक कोशिकाओं की उपस्थिति से होता है।
- जल केवल पौधे के ऊपरी भाग तक ही पहुंचता है: यह तथ्यात्मक रूप से गलत है क्योंकि जल जड़ों से अवशोषित होकर ऊपर की ओर जाता है।
#47. हमारे शरीर में गति के लिए कौन सा ऊतक उत्तरदायी है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: पेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेशीय ऊतक (Muscular Tissue): यह ऊतक लंबी कोशिकाओं (पेशी तंतुओं) से मिलकर बना होता है, जिसमें विशेष संकुचनशील प्रोटीन (एक्टिन और मायोसिन) पाए जाते हैं।
- कार्य: इन प्रोटीनों के क्रमिक संकुचन (Contraction) और शिथिलन (Relaxation) के कारण ही हमारे शरीर की सभी प्रकार की गतियाँ, चलना-फिरना तथा आंतरिक अंगों (जैसे हृदय और आंत) का संचालन संभव होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- उपकला ऊतक (Epithelial Tissue): यह शरीर की बाहरी सतहों और अंगों की आंतरिक गुहाओं को ढकने, सुरक्षा प्रदान करने और स्राव का कार्य करने वाला ऊतक है।
- उपास्थि (Cartilage): यह एक ठोस लेकिन लचीला संयोजी ऊतक है जो जोड़ों पर हड्डियों के सिरों को चिकना बनाता है और घर्षण से बचाता है।
- एरियोलर ऊतक (Areolar Tissue): यह त्वचा और पेशियों के बीच पाया जाने वाला ढीला संयोजी ऊतक है जो अंगों को आपस में बांधने और सहारा देने का कार्य करता है।
#48. फ्लोएम का कौन-सा घटक पौधों के खाद्य के परिवहन के लिए उत्तरदायी है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: चालनी नलिका (Sieve tube)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- चालनी नलिका (Sieve Tube): यह फ्लोएम (Phloem) का मुख्य संवाहक घटक है। यह लंबी, नलिकाकार कोशिकाओं से बनी होती है जिनकी अंतिम भित्तियों में छिद्र (चालनी पट्टिकाएं / Sieve plates) होते हैं।
- कार्य: इसका मुख्य कार्य पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा निर्मित भोजन (सुक्रोज/शर्करा) को पौधे के विभिन्न अंगों (जड़, तना, फल आदि) तक पहुँचाना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- सहकोशिका (Companion cell): ये चालनी नलिकाओं के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ी होती हैं। चूँकि परिपक्व चालनी नलिकाओं में केंद्रक नहीं होता, इसलिए सहकोशिकाएँ उनके कार्यों (भोजन लोडिंग और अनलोडिंग) को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
- फ्लोएम पैरेन्काइमा (Phloem Parenchyma): यह जीवित कोशिकाओं से बना होता है जो भोजन (स्टार्च, वसा) और रेजिन जैसे अन्य पदार्थों का भंडारण करता है।
- फ्लोएम तंतु (Phloem fibres): ये मृत दृढ़ोतक (Sclerenchyma) कोशिकाओं से बने होते हैं जो फ्लोएम को यांत्रिक सहारा और मजबूती प्रदान करते हैं।
#49. संयुक्त संवहनी बंडल को क्या परिभाषित करता है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 18 Jun, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: जाइलम और फ्लोएम एक ही त्रिज्या पर उपस्थित होते हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संयुक्त संवहनी बंडल (Conjoint Vascular Bundle): इस प्रकार के संवहनी बंडल में जाइलम और फ्लोएम एक ही त्रिज्या (Same radius) पर एक साथ एक ही बंडल के रूप में उपस्थित होते हैं।
- उपस्थिति: यह व्यवस्था पौधों के तनों (Stems) और पत्तियों (Leaves) की मुख्य विशेषता है। इनमें सामान्यतः फ्लोएम बाहर की ओर और जाइलम अंदर की ओर व्यवस्थित होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जाइलम और फ्लोएम त्रिज्या के साथ वैकल्पिक होते हैं: यह अरीय (Radial) संवहनी बंडल की परिभाषा है, जिसमें जाइलम और फ्लोएम अलग-अलग त्रिज्याओं पर एकांतर रूप से होते हैं (जोड़ों में नहीं), और यह मुख्य रूप से जड़ों (Roots) में पाए जाते हैं।
- जाइलम केवल बाहर की तरफ होता है: यह कथन गलत है, क्योंकि संयुक्त बंडल में जाइलम अंदर की ओर (केंद्र की तरफ) स्थित होता है।
- कैम्बियम अनुपस्थित है: कैम्बियम की उपस्थिति या अनुपस्थिति से यह तय होता है कि बंडल खुला (Open) है या बंद (Closed), लेकिन यह संयुक्त बंडल की मूल परिभाषा नहीं है।
#50. बांस में पर्ण शिराविन्यास और जड़ संरचना का एक विशिष्ट प्रकार पाया जाता है। इन विशेषताओं की क्या पहचान है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 19/03/2026 )
✨ सही उत्तर: समानांतर शिराविन्यास और झकड़ा जड़ (Parallel venation and Fibrous root)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- बांस (Bamboo): बांस घास (Poaceae कुल) परिवार का एक विशाल पौधा है, जो कि एक बीजपत्री (Monocot) पौधा है।
- समानांतर शिराविन्यास (Parallel Venation): एकबीजपत्री पौधों की पत्तियों की विशेषता होती है कि उनमें शिराएँ एक-दूसरे के समानांतर (Parallel) चलती हैं।
- झकड़ा जड़ या अपस्थानिक जड़ (Fibrous Root): इनमें मुख्य मूसला जड़ अल्पजीवी होती है और तने के आधार से समान आकार की कई पतली जड़ें निकलती हैं, जिसे झकड़ा जड़ तंत्र कहते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जालिकाूपी शिराविन्यास और झकड़ा जड़: जालिकाूपी (Reticulate) शिराविन्यास द्विबीजपत्री (Dicot) पौधों की विशेषता है, इसलिए यह संयोजन बांस के लिए गलत है।
- समानांतर शिराविन्यास और मूसला जड़: मूसला जड़ (Taproot) द्विबीजपत्री पौधों में पाई जाती है, जबकि बांस एकबीजपत्री है जिसमें झकड़ा जड़ होती है।
- जालिकाूपी शिराविन्यास और मूसला जड़: यह दोनों ही द्विबीजपत्री (Dicot) पौधों की मुख्य विशेषताएँ हैं।
#51. सरल स्थायी ऊतक जो पौधे के भागों जैसे तने और प्रतान को यांत्रिक आलंभ ( mechanical support) और लचीलापन प्रदान करता है, ________ है
。(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )
✨ सही उत्तर: कोलेन्काइमा (Collenchyma / स्थूलकोण ऊतक)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोलेन्काइमा (Collenchyma): यह एक जीवित सरल स्थायी ऊतक है, जिसकी कोशिका भित्ति कोनों पर सेलूलोज़ और पेक्टिन के असमान जमाव के कारण मोटी होती है।
- कार्य: यह पौधों के युवा भागों (जैसे तनों, पत्तियों के डंठल और प्रतानों / Tendrils) को बिना टूटे आसानी से मुड़ने का लचीलापन (Flexibility) और यांत्रिक आलंभ (Mechanical support) प्रदान करता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्क्लेरेन्काइमा (Sclerenchyma): यह एक मृत ऊतक है जो लिग्निन के जमाव के कारण पौधों को अत्यधिक कठोरता और दृढ़ता प्रदान करता है, लचीलापन नहीं।
- पैरेन्काइमा (Parenchyma): यह सबसे सामान्य जीवित ऊतक है जिसका मुख्य कार्य भोजन का भंडारण और प्रकाश संश्लेषण करना है।
- जाइलम (Xylem): यह पौधों में जल और खनिज लवणों का परिवहन करने वाला एक जटिल स्थायी ऊतक है, न कि सरल स्थायी ऊतक।
#52. पौधों में जल का परिवहन ________ के माध्यम से होता है
。(RRB ALP CBT 1 18/02/2026 )
✨ सही उत्तर: जाइलम (Xylem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जाइलम (Xylem): यह पौधों में पाया जाने वाला एक जटिल स्थायी ऊतक (Complex permanent tissue) है, जो मुख्य रूप से जड़ों से जल और घुले हुए खनिज लवणों (Minerals) को पौधे के ऊपर के भागों (पत्तियों व तनों) तक पहुँचाने का कार्य करता है।
- घटक: इसके प्रमुख घटकों में वाहिनिकाएं (Tracheids), वाहिकाएं (Vessels), जाइलम पैरेन्काइमा और जाइलम फाइबर शामिल हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- फ्लोएम (Phloem): यह भी एक जटिल संवहन ऊतक है, लेकिन इसका मुख्य कार्य पत्तियों में बने भोजन (शर्करा) को पौधे के विभिन्न अंगों तक पहुँचाना है।
- दृढ़ोतक (Sclerenchyma): यह एक मृत सरल स्थायी ऊतक है जो पौधों को यांत्रिक शक्ति, मजबूती और कठोरता प्रदान करता है।
- मृदूतक (Parenchyma): यह सबसे सामान्य जीवित सरल स्थायी ऊतक है जो भोजन के भंडारण और प्रकाश संश्लेषण में सहायता करता है।
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