Matter and its states Railway PYQ

 

Results

#1. पदार्थ की निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्था में कण एक दूसरे से दूर होते हैं और यादृच्छिक रूप से तथा तेजी से गति करते हैं?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 16/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) गैसीय अवस्था

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैसीय अवस्था (Gaseous State): पदार्थ की इस अवस्था में कणों के बीच अंतर-आणविक बल (Intermolecular Force) बहुत कम होता है, जिसके कारण कण एक-दूसरे से काफी दूर होते हैं। इनमें गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) अत्यधिक होती है, जिससे वे यादृच्छिक रूप से (Randomly) और बहुत तेज गति से चारों दिशाओं में घूमते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • गैसों का न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन।
    • उच्च संपीडन (High Compressibility) गैसों का एक प्रमुख गुण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 16 Mar, 2026) में भौतिक विज्ञान एवं पदार्थ की अवस्थाओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) द्रव अवस्था: इसमें कण पास-पास होते हैं लेकिन गैसों की तुलना में उनकी गति धीमी और सीमित होती है।
  • विकल्प (C) प्लाज्मा अवस्था: यह अत्यधिक ऊर्जावान और उत्तेजित कणों (आयनित गैस) की अवस्था है, जो सामान्य तापमान पर इस प्रकार गति नहीं करती।
  • विकल्प (D) ठोस अवस्था: इसमें कण बहुत पास होते हैं और अपनी निश्चित स्थिति के चारों ओर केवल कंपन (Vibration) कर सकते हैं, स्वतंत्र रूप से गति नहीं करते।

#2. एक रासायनिक अभिक्रिया में, 5.6 g सोडियम 8.0 g क्लोरीन के साथ अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड बनाता है। द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, निर्मित सोडियम क्लोराइड का द्रव्यमान कितना होगा?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) 13.6 g

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): इस नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन किया जा सकता है और न ही उसका विनाश। रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों (Reactants) का कुल द्रव्यमान, उत्पादों (Products) के कुल द्रव्यमान के सदैव बराबर होता है।
  • गणना (Calculation):
    • सोडियम (Na) का द्रव्यमान = 5.6 g
    • क्लोरीन (Cl) का द्रव्यमान = 8.0 g
    • निर्मित सोडियम क्लोराइड (NaCl) का कुल द्रव्यमान = 5.6 g + 8.0 g = 13.6 g
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 10 Mar, 2026) में रसायन विज्ञान एवं रासायनिक संयोग के नियमों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) 8.0 g: यह केवल क्लोरीन का द्रव्यमान है, जबकि दोनों अभिकारकों के द्रव्यमान को जोड़ा जाना आवश्यक है।
  • विकल्प (B) 12.4 g: यह मान दोनों अभिकारकों के योग से कम है, जो द्रव्यमान संरक्षण के नियम के विरुद्ध है।
  • विकल्प (D) 14.4 g: यह मान दोनों के वास्तविक योग (13.6 g) से अधिक है, अतः यह गलत है।

#3. लवण (Salt) जल में घुल जाता है, क्योंकि ______ ।
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) जल के कणों के बीच आयनों के प्रवेश के लिए दिक्स्थान होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान (Space between particles): जब लवण (नमक) को जल में मिलाया जाता है, तो लवण के कण जल के अणुओं के बीच मौजूद रिक्त स्थानों (दिक्स्थान) में समा जाते हैं। यही कारण है कि जल में नमक घुलने के बाद भी उसके आयतन में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जल के अणुओं के बीच अंतर-आणविक स्थान (Intermolecular spaces) होते हैं।
    • विलेय (Solute) के कण इन रिक्त स्थानों में पूरी तरह से व्यवस्थित हो जाते हैं, जिससे एक समांगी मिश्रण (Homogeneous mixture) बनता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 30 Dec, 2025) में रसायन विज्ञान एवं पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) जल में मिलाने पर यह शीघ्रता से वाष्पीकृत हो जाता है: लवण (नमक) सामान्य तापमान पर वाष्पीकृत नहीं होता है, उसका गलनांक और क्वथनांक बहुत उच्च होता है।
  • विकल्प (C) इसका घनत्व जल से कम होता है और यह आसानी से प्लवन करता है: नमक का घनत्व जल से अधिक होता है, इसलिए वह पानी में नीचे बैठ जाता है (तैरता नहीं है)।
  • विकल्प (D) यह कक्ष तापमान पर पिघलकर द्रव बन जाता है: नमक एक ठोस आयनिक यौगिक है जो कक्ष तापमान (Room Temperature) पर पिघलता नहीं है।

#4. पृथ्वी से निकाले गए अयस्क मिट्टी, रेत आदि अशुद्धियों से दूषित होते हैं। उन्हें क्या कहा जाता है?
(RPF Constable 2018 08 Feb 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) गैंग

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैंग (Gangue): पृथ्वी से प्राकृतिक रूप से निकाले जाने वाले अयस्कों (Ores) में मिट्टी, रेत, चट्टानी पदार्थ और अवांछित अशुद्धियाँ प्रचुर मात्रा में मिली होती हैं। इन सभी अशुद्धियों को सामूहिक रूप से ‘गैंग’ या ‘अपखनिज’ कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • धातुओं के निष्कर्षण से पहले अयस्क से इन अशुद्धियों (गैंग) को हटाना अनिवार्य होता है।
    • इस हटाने की प्रक्रिया को सांद्रण या समृद्धीकरण (Concentration/Beneficiation) कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 08 Feb, 2019 Shift 2) में धातु कर्म (Metallurgy) एवं अयस्कों की शब्दावली के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) फ्रैऑन: यह क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) का एक प्रकार है जिसका उपयोग रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर में शीतलक के रूप में किया जाता है।
  • विकल्प (C) ऑक्साइड: यह तब बनता है जब कोई धातु ऑक्सीजन के साथ रासायनिक अभिक्रिया करती है, यह अशुद्धियों का सामान्य नाम नहीं है।
  • विकल्प (D) गैसों: यह पदार्थ की एक भौतिक अवस्था है, न कि अयस्क में पाई जाने वाली मिट्टी और रेत जैसी अशुद्धियों का नाम।

#5. किसी पदार्थ को द्रव अवस्था में लाए बिना उसे ठोस अवस्था से सीधे गैस अवस्था में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
(RPF Constable 2018 09 Feb 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) ऊर्ध्वपातन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊर्ध्वपातन (Sublimation): यह वह प्रक्रिया है जिसमें कोई ठोस पदार्थ गर्म किए जाने पर बिना द्रव अवस्था में बदले सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है और ठंडा होने पर वापस सीधे ठोस में बदल जाता है (जैसे- कपूर, अमोनियम क्लोराइड, शुष्क बर्फ)।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस प्रक्रिया में मध्यवर्ती द्रव अवस्था (Liquid state) नहीं आती है।
    • यह उन पदार्थों में होती है जिनके कणों के बीच का आकर्षण बल सीधे वाष्प में बदलने के अनुकूल होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 09 Feb, 2019 Shift 2) में रसायन विज्ञान एवं पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) निक्षेप (Deposition): यह ऊर्ध्वपातन के विपरीत प्रक्रिया है, जिसमें गैस सीधे ठोस अवस्था में बदलती है।
  • विकल्प (C) वाष्पीकरण (Vaporization): इसमें द्रव अवस्था बदलकर गैस या वाष्प में परिवर्तित होती है।
  • विकल्प (D) संपीडन (Compression): यह गैसों पर दबाव डालकर उन्हें छोटे आयतन में सिकोड़ने की प्रक्रिया है।



#6. निम्नलिखित में से कौन आयनिक बंधन द्वारा गठित यौगिक का सही प्रतिनिधित्व है?
(RRB NTPC UG CBT-1: 13 Aug, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) NaCl

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आयनिक बंधन (Ionic Bond): आयनिक बंधन एक धातु (जैसे सोडियम, Na) और एक अधातु (जैसे क्लोरीन, Cl) के बीच इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण (Transfer of electrons) से बनता है। इसके परिणामस्वरूप सोडियम क्लोराइड ($\text{NaCl}$) का निर्माण होता है, जिसमें $\text{Na}^+$ और $\text{Cl}^-$ आयन होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोडियम अपने संयोजी कक्ष से एक इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन ($\text{Na}^+$) बनाता है।
    • क्लोरीन उस एक इलेक्ट्रॉन को ग्रहण करके ऋणायन ($\text{Cl}^-$) बनाता है, जिससे दोनों के बीच मजबूत स्थिरवैद्युत आकर्षण बल (Electrostatic force) स्थापित होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-1 : 13 Aug, 2025 Shift 1) में रासायनिक आबंधन (Chemical Bonding) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) H2O (जल): यह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (Covalent Bond) से बनता है।
  • विकल्प (B) CO2 (कार्बन डाइऑक्साइड): यह कार्बन और ऑक्सीजन परमाणुओं के बीच सहसंयोजक बंध (Covalent Bond) का उदाहरण है।
  • विकल्प (D) NH3 (अमोनिया): यह नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के बीच सहसंयोजक बंध (Covalent Bond) द्वारा निर्मित होता है।

#7. निम्नलिखित माध्यमों- ठोस, द्रव और गैसों को उनके माध्यम से ध्वनि की चाल के अवरोही क्रम में व्यवस्थित करें।
(RRB JE CE 28 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (A) ठोस, द्रव, गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ध्वनि की चाल (Speed of Sound): ध्वनि किसी माध्यम से यात्रा करती है और इसकी चाल माध्यम की प्रत्यास्थता (Elasticity) और घनत्व पर निर्भर करती है। माध्यम के कण जितने पास और अधिक प्रत्यास्थ होते हैं, ध्वनि उतनी ही तेजी से चलती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोस माध्यमों में कण बहुत निकट और अत्यधिक प्रत्यास्थ होते हैं, इसलिए ध्वनि की चाल सबसे अधिक ठोस में होती है।
    • इसके बाद द्रवों में और सबसे कम गैसों (जैसे वायु) में ध्वनि की चाल होती है।
    • अवरोही क्रम (Descending order – घटता हुआ क्रम): ठोस > द्रव > गैस।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE : 28 Aug, 2019 Shift 1 CBT 2) में भौतिक विज्ञान एवं तरंग गति (Wave Motion) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) ठोस, गैस, द्रव: इसमें गैस और द्रव का क्रम गलत है क्योंकि गैस में ध्वनि की चाल द्रव से भी कम होती है।
  • विकल्प (C) गैस, द्रव, ठोस: यह आरोही (बढ़ता हुआ) क्रम है, जबकि प्रश्न में अवरोही (घटता हुआ) क्रम पूछा गया है।
  • विकल्प (D) द्रव, ठोस, गैस: यह क्रम गलत है क्योंकि सबसे अधिक चाल ठोस में होती है, द्रव में नहीं।

#8. निम्नलिखित में से कौन-सा कारक वाष्पीकरण की दर को प्रभावित नहीं करता है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) द्रव का रंग

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वाष्पीकरण की दर (Rate of Evaporation): यह एक सतही परिघटना (Surface phenomenon) है। यह कई कारकों पर निर्भर करती है जैसे कि तापमान, पृष्ठीय क्षेत्रफल, आर्द्रता और वायु की गति। लेकिन द्रव का रंग (Color of the liquid) वाष्पीकरण की दर को प्रभावित नहीं करता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ने पर: वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है (जैसे कपड़े फैलाने पर)।
    • तापमान बढ़ने पर: कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ने से वाष्पीकरण तेज हो जाता है।
    • आर्द्रता (Humidity) बढ़ने पर: वायु में जलवाष्प की मात्रा अधिक होने से वाष्पीकरण की दर कम हो जाती है।
    • वायु की गति बढ़ने पर: वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1) में विज्ञान एवं पदार्थ के गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये क्यों प्रभावित करते हैं?):
  • विकल्प (A) आसपास की वायु की आर्द्रता: हवा में नमी होने पर वाष्पीकरण धीमा हो जाता है।
  • विकल्प (C) द्रव का तापमान: तापमान बढ़ने से वाष्पीकरण तेज होता है।
  • विकल्प (D) द्रव का पृष्ठीय क्षेत्रफल: क्षेत्रफल अधिक होने से अधिक सतह हवा के संपर्क में आती है, जिससे वाष्पीकरण बढ़ता है।

#9. जब एक जस्ता धातु का टुकड़ा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में रखा जाता है, तो ______ गैस विकसित होती है।
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (C) हाइड्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातु की अम्ल के साथ अभिक्रिया (Reaction of Metal with Acid): जब कोई सक्रिय धातु (जैसे जस्ता या जिंक, Zn) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के साथ अभिक्रिया करती है, तो धातु क्लोराइड का निर्माण होता है और साथ ही हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) मुक्त होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • रासायनिक समीकरण: $\text{Zn} + 2\text{HCl} \rightarrow \text{ZnCl}_2 + \text{H}_2\uparrow$
    • इस अभिक्रिया के दौरान निकलने वाली हाइड्रोजन गैस के पास जलती हुई तीली ले जाने पर यह ‘पॉप’ (Pop) की ध्वनि के साथ जलती है, जिससे इसकी पहचान होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May, 2019 Shift 3 CBT 1) में रसायन विज्ञान एवं अम्ल-क्षारक अभिक्रियाओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कार्बन डाइऑक्साइड: यह गैस तब निकलती है जब धातु कार्बोनेट या हाइड्रोजन कार्बोनेट किसी अम्ल के साथ अभिक्रिया करते हैं।
  • विकल्प (B) नाइट्रोजन: यह एक निष्क्रिय गैस है जो इस सामान्य विस्थापन अभिक्रिया में विकसित नहीं होती है।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन: यह अम्ल और धातु की सामान्य अभिक्रिया में मुक्त नहीं होती है।

#10. कौन-सा गुणधर्म किसी यौगिक को मिश्रण से विभेदित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) निश्चित संघटन और गुणधर्म होते हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • यौगिक (Compound) बनाम मिश्रण (Mixture): एक यौगिक दो या दो से अधिक तत्वों के एक निश्चित अनुपात (Fixed proportion) में रासायनिक रूप से जुड़ने से बनता है। इसके विपरीत, मिश्रण में घटक किसी भी अनिश्चित अनुपात में मिल सकते हैं। यौगिक का संघटन और उसके भौतिक/रासायनिक गुणधर्म पूरी तरह से निश्चित होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • यौगिक के घटकों को केवल सामान्य भौतिक विधियों द्वारा अलग नहीं किया जा सकता है।
    • मिश्रण (जैसे हवा या नमक-पानी का घोल) अपने घटकों के गुणधर्मों को दर्शाता है, जबकि यौगिक के गुण उसके मूल तत्वों से बिल्कुल भिन्न होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08 Jan, 2026) में रसायन विज्ञान एवं पदार्थ के वर्गीकरण (यौगिक और मिश्रण) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सदैव ठोस होता है: यौगिक ठोस, द्रव या गैस तीनों अवस्थाओं में हो सकते हैं (जैसे जल एक द्रव है, कार्बन डाइऑक्साइड गैस है)।
  • विकल्प (B) एक से अधिक पदार्थों से निर्मित होता है: यह गुण मिश्रण और यौगिक दोनों पर लागू होता है, इसलिए यह इनके बीच विभेद नहीं करता।
  • विकल्प (D) किसी भी अवस्था में विद्यमान हो सकता है: यह कथन मिश्रण और यौगिक दोनों के लिए सही हो सकता है, जिससे यह अंतर स्पष्ट करने वाला प्रमुख गुण नहीं है।



#11. निम्नलिखित में से कौन-सा उत्पाद सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन में विद्युत् प्रवाहित करने पर नहीं बनता है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) ऑक्सीजन गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्लोर-एल्कली प्रक्रिया (Chlor-alkali Process): जब सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन (जिसे ब्राइन या Brine कहा जाता है) से विद्युत प्रवाहित की जाती है, तो यह वियोजित होकर सोडियम हाइड्रोक्साइड ($\text{NaOH}$), क्लोरीन गैस ($\text{Cl}_2$) और हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) का निर्माण करती है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन गैस विकसित नहीं होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • एनोड (धनात्मक इलेक्ट्रोड) पर: क्लोरीन गैस ($\text{Cl}_2$) मुक्त होती है।
    • कैथोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड) पर: हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) मुक्त होती है।
    • कैथोड के पास सोडियम हाइड्रोक्साइड ($\text{NaOH}$) का विलयन बनता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) में रसायन विज्ञान एवं विद्युत अपघटन (Electrolysis) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये उत्पाद के रूप में क्यों बनते हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोजन गैस: यह क्लोर-एल्कली प्रक्रिया के दौरान कैथोड पर उत्पन्न होती है।
  • विकल्प (B) सोडियम हाइड्रोक्साइड: यह इस अभिक्रिया का एक मुख्य उत्पाद (एल्कली) है।
  • विकल्प (C) क्लोरीन गैस: यह क्लोर-एल्कली प्रक्रिया के दौरान एनोड पर उत्पन्न होती है।

#12. निम्नलिखित में से कौन-सी, आयनी योगिकों ( ionic compound) की भौतिक विशेषता नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) जल में अघुलनशील

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आयनिक यौगिकों के गुणधर्म (Properties of Ionic Compounds): आयनिक यौगिक आमतौर पर ध्रुवीय विलायकों जैसे जल में घुलनशील होते हैं, न कि अघुलनशील। विपरीत आवेशित आयनों के बीच मजबूत स्थिर वैद्युत आकर्षण बल (Electrostatic force of attraction) के कारण इनके गलनांक और क्वथनांक उच्च होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • भौतिक अवस्था: ये आमतौर पर ठोस और थोड़े कठोर होते हैं।
    • घुलनशीलता: ये जल में घुलनशील (Soluble) होते हैं लेकिन केरोसिन, पेट्रोल जैसे कार्बनिक विलायकों में अविलेय होते हैं।
    • विद्युत चालकता: ठोस अवस्था में ये विद्युत के कुचालक होते हैं, लेकिन गलित अवस्था या जलीय विलयन में ये विद्युत का संचालन (Conductivity) करते हैं क्योंकि इनके आयन गति करने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 04 Dec, 2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत आयनिक यौगिकों की विशेषताओं से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही विशेषताएं क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) उच्च गलनांक: मजबूत अंतर-आयनिक आकर्षण को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए इनका गलनांक उच्च होता है (यह इनकी विशेषता है)।
  • विकल्प (B) उच्च क्वथनांक: मजबूत बंधों के कारण इनके क्वथनांक भी उच्च होते हैं (यह भी इनकी विशेषता है)।
  • विकल्प (D) गलित अवस्था में विद्युत् का संचालन करता है: गलने पर इनके आयन स्वतंत्र हो जाते हैं जिससे विद्युत धारा प्रवाहित होती है (यह भी इनकी विशेषता है)।

#13. अम्लीय विलयन में फिनोलथैलीन का रंग है-
(RRB JE 23 May 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) रंगहीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सूचक और उनके रंग (Indicators and Colors): फिनोलथैलीन (Phenolphthalein) एक सिंथेटिक या कृत्रिम सूचक (Indicator) है जिसका उपयोग अम्ल और क्षार की पहचान के लिए किया जाता है। अम्लीय माध्यम में यह पूरी तरह से रंगहीन (Colorless) रहता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अम्लीय विलयन (Acidic Solution): फिनोलथैलीन डालने पर विलयन रंगहीन (Colorless) ही रहता है।
    • क्षारीय विलयन (Basic Solution): क्षारीय माध्यम में यह अपना रंग बदलकर गुलाबी (Pink) हो जाता है।
    • उदासीन विलयन (Neutral Solution): उदासीन विलयन में भी यह रंगहीन रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 23 May, 2019 Shift 3) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत अम्ल, क्षार एवं लवण (Acids, Bases and Salts) और उनके सूचकों से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये रंग कब देते हैं?):
  • विकल्प (A) नारंगी: यह मिथाइल ऑरेंज (Methyl Orange) सूचक का अम्लीय माध्यम में रंग होता है।
  • विकल्प (B) गुलाबी: यह फिनोलथैलीन का क्षारीय माध्यम में रंग होता है, न कि अम्लीय माध्यम में।
  • विकल्प (D) पीला: यह मिथाइल ऑरेंज का क्षारीय माध्यम में या हल्दी (Turmeric) का क्षारीय माध्यम में रंग होता है।

#14. जब कोई धातु तनु अम्ल के साथ अभिक्रिया करती है तो कौन-सी गैस निकलती है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) हाइड्रोजन (Hydrogen)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया (Reaction of Metals with Dilute Acids): जब अधिकांश सक्रिय धातुएं (जैसे जिंक, आयरन, मैग्नीशियम आदि) तनु अम्लों ($\text{HCl}$, $\text{H}_2\text{SO}_4$) के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो संगत लवण (Salt) का निर्माण होता है और हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) विस्थापित होती है।
  • रासायनिक समीकरण का उदाहरण:
    • $\text{Zn} + 2\text{HCl (dilute)} \rightarrow \text{ZnCl}_2 + \text{H}_2\uparrow$
    • उत्पन्न होने वाली हाइड्रोजन गैस के पास जलती हुई तीली ले जाने पर यह ‘पॉप’ (Pop) की ध्वनि के साथ जलती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 30 Dec, 2025) में धातुओं के रासायनिक गुणधर्मों (Chemical Properties of Metals) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गैसें क्यों नहीं बनतीं?):
  • विकल्प (B) ऑक्सीजन: यह सामान्य धातु-अम्ल अभिक्रिया में मुक्त नहीं होती है (यह जल के विद्युत अपघटन या कुछ यौगिकों के तापीय अपघटन पर एनोड पर मिलती है)।
  • विकल्प (C) कार्बन डाइऑक्साइड: यह तब निकलती है जब धातु कार्बोनेट या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट अम्ल के साथ अभिक्रिया करते हैं।
  • विकल्प (D) नाइट्रोजन: सामान्यतः तनु अम्ल (जैसे $\text{HCl}$ या तनु $\text{H}_2\text{SO}_4$) धातुओं के साथ अभिक्रिया करके नाइट्रोजन गैस मुक्त नहीं करते हैं (हालांकि नाइट्रिक अम्ल $\text{HNO}_3$ एक प्रबल ऑक्सीकारक है जो अलग व्यवहार प्रदर्शित करता है)।

#15. निम्नलिखित में से कौन सा एक यौगिक है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 08 Sept, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) पानी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • यौगिक की परिभाषा (Definition of Compound): यौगिक वह शुद्ध पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के एक निश्चित अनुपात (Fixed Ratio) में रासायनिक रूप से मिलने से बनता है। पानी (Water – $\text{H}_2\text{O}$) एक यौगिक है जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के 2:1 के निश्चित अनुपात से मिलकर बना है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यौगिक के गुण उसके घटक तत्वों (तत्वों जिनसे वह मिलकर बना है) के गुणों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
    • पानी का रासायनिक सूत्र $\text{H}_2\text{O}$ है, जिसमें इसके घटक तत्वों को केवल रासायनिक या विद्युत रासायनिक विधियों द्वारा ही अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 08 Sept, 2025 Shift 3) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पदार्थों के वर्गीकरण (Classification of Matter – Element, Compound, Mixture) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये यौगिक क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ऑक्सीजन: यह एक शुद्ध तत्व ($\text{O}_2$) है, यौगिक नहीं।
  • विकल्प (B) आयरन: यह एक धात्विक तत्व ($\text{Fe}$) है।
  • विकल्प (D) सल्फर: यह भी एक अधात्विक तत्व ($\text{S}_8$) है।



#16. चूने (सफेद पुताई) के घोल के सूखने की क्रिया का कारण है-
(RRB JE 25 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (D) हवा में $\text{CO}_2$ (कार्बन डाइऑक्साइड)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सफेद पुताई (White Washing) की प्रक्रिया: दीवारों पर बुझे हुए चूने के विलयन (कैल्शियम हाइड्रोक्साइड, $\text{Ca(OH)}_2$) से पुताई की जाती है। हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) इसके साथ धीरे-धीरे अभिक्रिया करती है और दीवारों पर कैल्शियम कार्बोनेट ($\text{CaCO}_3$) की एक चमकदार, सफेद परत बना देती है, जिससे चमक आती है।
  • रासायनिक समीकरण:
    • $\text{Ca(OH)}_2\text{ (aq)} + \text{CO}_2\text{ (g)} \rightarrow \text{CaCO}_3\text{ (s)} + \text{H}_2\text{O}\text{ (l)}$
    • यहाँ बनने वाला कैल्शियम कार्बोनेट ($\text{CaCO}_3$) ही दीवारों पर सफेदी और चमक का कारण होता है (यह अभिक्रिया के लगभग 2-3 दिन बाद पूरी होती है)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 25 May, 2019 Shift 2) में रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण (Chemical Reactions and Equations) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये क्यों सही नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हवा में नाइट्रोजन: नाइट्रोजन एक निष्क्रिय गैस है जो सामान्य परिस्थितियों में चूने के साथ रासायनिक अभिक्रिया नहीं करती है।
  • विकल्प (B) हवा में ऑक्सीजन: ऑक्सीजन चूने के घोल को सुखाने या कैल्शियम कार्बोनेट बनाने में भूमिका नहीं निभाती।
  • विकल्प (C) हवा में हाइड्रोजन: वायुमंडल में स्वतंत्र हाइड्रोजन गैस नहीं होती है, और यह इस प्रक्रिया से संबंधित नहीं है।

#17. गैसों का कौन-सा गुण उन्हें किसी भी पात्र को पूर्णतः भरने की सुविधा प्रदान करता है?
(RRB ALP CBT 1 18/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उनमें नगण्य आकर्षण होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैसों के भौतिक गुण (Physical Properties of Gases): गैसों के अणुओं या कणों के बीच अंतर-आणविक आकर्षण बल (Intermolecular force of attraction) बहुत कम या नगण्य (Negligible) होता है। इसके कारण गैस के कण पूरी तरह स्वतंत्र रूप से उच्च गति से चारों दिशाओं में गति करते हैं और उपलब्ध पूरे पात्र को भर देते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • न तो गैस का निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन।
    • कम आकर्षण बल के कारण ये जिस भी बर्तन में रखी जाती हैं, उसका पूरा आयतन और आकार ग्रहण कर लेती हैं (विसरण या Diffusion का गुण)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT 1 : 18 Feb, 2026) में पदार्थ की अवस्थाओं (States of Matter – Solid, Liquid, Gas) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कण स्थिर रहते हैं और आसानी से गति नहीं कर सकते हैं: यह गुण ठोस (Solids) पदार्थों का होता है, गैसों का नहीं।
  • विकल्प (C) कण निश्चित आयतन और निश्चित आकार घेरते हैं: यह विशेषता भी ठोस पदार्थों की होती है, जबकि गैसों का आकार और आयतन दोनों अनिश्चित होते हैं।
  • विकल्प (D) कण पात्र की दीवारों के साथ मजबूत आबंध बनाते हैं: गैस के कण पात्र की दीवारों के साथ रासायनिक आबंध (Bonds) नहीं बनाते, बल्कि केवल उन पर दबाव (Pressure) डालते हैं।

#18. निम्नलिखित में से कौन सा अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ निष्क्रिय हो सकता है और लंबे समय तक पर्यावरण में बना रह सकता है या पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न सदस्यों को हानि पहुंचा सकता है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) प्लास्टिक से बना पदार्थ

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ (Non-biodegradable Substances): वे पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया और कवक) द्वारा प्राकृतिक रूप से सरल पदार्थों में अपघटित या नष्ट नहीं किए जा सकते, अजैवनिम्नीकरणीय कहलाते हैं। प्लास्टिक एक ऐसा ही अजैवनिम्नीकरणीय पदार्थ है जो पर्यावरण में सदियों तक निष्क्रिय रूप से बना रहता है और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तथा वन्यजीवों को गंभीर हानि पहुँचाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • प्लास्टिक का विघटन प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा बहुत धीमी गति से होता है (इसमें सैकड़ों से हजारों वर्ष लग सकते हैं)।
    • यह मिट्टी की उर्वरता को कम करता है और जल स्रोतों को दूषित करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3) में पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) एवं पारिस्थितिकी तंत्र से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कागज से बना पदार्थ: कागज जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) है, जो आसानी से सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित हो जाता है।
  • विकल्प (B) पौधे के पत्तों से बना पदार्थ: पत्तियां प्राकृतिक और जैव निम्नीकरणीय होती हैं, जो सड़-गलकर मिट्टी में मिल जाती हैं।
  • विकल्प (C) मिट्टी से बना पदार्थ: मिट्टी स्वयं एक प्राकृतिक घटक है और यह पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करती।

#19. पौधे की कोशिकाएँ अपने आकार में परिवर्तन किसकी मात्रा में परिवर्तन करके करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप सूजन या सिकुड़न होती है, और इसलिए आकार में परिवर्तन होता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) पानी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पादप कोशिकाओं में गति और आकार परिवर्तन (Turgor Pressure): पौधे की कोशिकाएं (विशेषकर रक्षक कोशिकाएं या Guard Cells) अपने अंदर पानी की मात्रा को घटा-बढ़ाकर अपने आकार में परिवर्तन करती हैं। जब कोशिका में पानी प्रवेश करता है, तो वह फूल जाती है (Turgid हो जाती है), और जब पानी बाहर निकलता है, तो वह सिकुड़ जाती है (Flaccid हो जाती है)।
  • मुख्य बिंदु:
    • पानी की मात्रा में यह बदलाव परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया के कारण होता है।
    • यही प्रक्रिया पत्तियों के रंध्रों (Stomata) को खुलने और बंद होने में मदद करती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 1) में जीव विज्ञान (Biology) के अंतर्गत पादप शरीर क्रिया विज्ञान (Plant Physiology) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कार्बन डाइऑक्साइड: यह प्रकाश संश्लेषण के लिए उपयोग होने वाली गैस है, कोशिका के फूलने या सिकुड़ने का मुख्य कारक नहीं।
  • विकल्प (B) वसा: वसा कोशिका झिल्ली और ऊर्जा भंडारण का हिस्सा है, जो जल की तरह परासरण द्वारा तुरंत आकार नहीं बदलती।
  • विकल्प (C) क्लोरोफिल: यह एक वर्णक (Pigment) है जो प्रकाश संश्लेषण में मदद करता है, इसका कोशिकाओं की सूजन या सिकुड़न से सीधा संबंध नहीं है।

#20. नेप्टूचियम और प्लूटोनियम जैसे तत्व कहाँ पाए जाते हैं?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 10 jun, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) पिचब्लेंड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नेप्ट्यूनियम और प्लूटोनियम का स्रोत (Source of Neptunium and Plutonium): नेप्ट्यूनियम ($\text{Np}$) और प्लूटोनियम ($\text{Pu}$) रेडियोधर्मी तत्व हैं जो आवर्त सारणी में एक्टिनाइड श्रेणी (Actinide Series) के अंतर्गत आते हैं। प्राकृतिक रूप से ये यूरेनियम अयस्क यानी पिचब्लेंड (Pitchblende या यूरेनाइट) में बहुत सूक्ष्म मात्रा में पाए जाते हैं, जो यूरेनियम के रेडियोधर्मी क्षय (Radioactive Decay) के कारण उत्पन्न होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • पिचब्लेंड: यह मुख्य रूप से यूरेनियम ऑक्साइड का एक खनिज है, जिसका उपयोग यूरेनियम और अन्य भारी रेडियोधर्मी तत्वों को प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
    • ये ट्रांसयूरेनिक (Transuranic) तत्व हैं जिन्हें मुख्य रूप से नाभिकीय रिएक्टरों में कृत्रिम रूप से भी तैयार किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 10 June, 2025 Shift 1) में रसायन विज्ञान एवं रेडियोधर्मी तत्वों से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) ग्रेनाइट: यह एक आग्नेय चट्टान है जिसमें कुछ मात्रा में खनिज हो सकते हैं, लेकिन यह नेप्ट्यूनियम और प्लूटोनियम का मुख्य प्राकृतिक स्रोत नहीं है।
  • विकल्प (C) समुद्री जल: समुद्री जल में कई प्रकार के लवण और घुले हुए खनिज पाए जाते हैं, परंतु ये रेडियोधर्मी तत्व इसमें प्रमुखता से नहीं मिलते।
  • विकल्प (D) कोयला: कोयला कार्बन का एक जीवाश्म ईंधन है, जिसमें इस प्रकार के भारी रेडियोधर्मी तत्व नहीं पाए जाते हैं।



#21. निम्नलिखित में से कौन-सा भौतिक परिवर्तन नहीं है?
(RRB JE 24 May 2019 Shift 1 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) पदार्थों का किण्वन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change): किण्वन (Fermentation) एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें सूक्ष्मजीवों (जैसे यीस्ट या बैक्टीरिया) की मदद से जटिल कार्बनिक यौगिक सरल पदार्थों (जैसे अल्कोहल या एसिड) में बदलते हैं। इस प्रक्रिया में एक नया रासायनिक पदार्थ बनता है और इसे आसानी से पहले जैसी अवस्था में नहीं बदला जा सकता, इसलिए यह एक **रासायनिक परिवर्तन** है, न कि भौतिक परिवर्तन।
  • मुख्य बिंदु:
    • भौतिक परिवर्तन (Physical Change) में केवल अवस्था या आकार बदलता है, कोई नया पदार्थ नहीं बनता और यह उत्क्रमणीय (Reversible) होते हैं।
    • किण्वन का उपयोग ब्रेड, सिरका, और शराब आदि बनाने में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 24 May, 2019 Shift 1) में भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों (Physical and Chemical Changes) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये भौतिक परिवर्तन क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) गैसों का तरल पदार्थों में द्रवीकरण: यह केवल अवस्था परिवर्तन है (भौतिक परिवर्तन)।
  • विकल्प (C) तरल पदार्थ का गैसों में वाष्पीकरण: यह भी पानी या तरल की अवस्था बदलने की भौतिक प्रक्रिया है।
  • विकल्प (D) ठोस पदार्थों का तरल पदार्थों में पिघलाना: यह गलन (Melting) है जो एक भौतिक परिवर्तन है।

#22. द्रव अवस्था में परिवर्तित हुए बिना ठोस अवस्था से सीधे गैस अवस्था में होने वाले परिवर्तन को ______ कहा जाता है।
(RRB JE CE 28 Aug 2019 Shift 2 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (A) ऊर्ध्वपातन (Sublimation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊर्ध्वपातन (Sublimation): वह प्रक्रिया जिसमें कोई ठोस पदार्थ बिना द्रव (liquid) अवस्था में बदले सीधे गैस (gas) में परिवर्तित हो जाता है, ऊर्ध्वपातन कहलाती है। इसी प्रकार, गैस से सीधे ठोस बनने की प्रक्रिया को निक्षेपण (Deposition) कहते हैं।
  • मुख्य उदाहरण:
    • कपूर (Camphor)
    • अमोनियम क्लोराइड ($\text{NH}_4\text{Cl}$)
    • शुष्क बर्फ (Solid $\text{CO}_2$ / Dry Ice)
    • नेफ़थलीन की गोलियाँ (Naphthalene balls)
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE : 28 Aug, 2019 Shift 2) में पदार्थ की अवस्थाओं में परिवर्तन (Interconversion of States of Matter) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये प्रक्रियाएं क्या हैं?):
  • विकल्प (B) संघनन (Condensation): यह वह प्रक्रिया है जिसमें गैस या वाष्प ठंडी होकर द्रव अवस्था में बदलती है।
  • विकल्प (C) वाष्पीकरण (Evaporation): यह वह प्रक्रिया है जिसमें द्रव धीरे-धीरे गैस या वाष्प में परिवर्तित होता है।
  • विकल्प (D) संलयन (Fusion/Melting): यह ठोस का द्रव में बदलने की प्रक्रिया (गलन) है।

#23. न्यूट्रॉन सभी परमाणुओं के नाभिक में मौजूद होते हैं, सिवाय-
(RRB JE 23 May 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) हाइड्रोजन ($^1_1\text{H}$)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हाइड्रोजन का परमाणु संरचना: सामान्य हाइड्रोजन परमाणु (जिसे प्रोटियम या $^1_1\text{H}$ कहा जाता है) के नाभिक में केवल एक प्रोटॉन होता है और इसमें कोई न्यूट्रॉन नहीं होता ($n = 0$)। यह आवर्त सारणी का एकमात्र ऐसा तत्व है जिसके सामान्य समस्थानिक में न्यूट्रॉन नहीं पाया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • हाइड्रोजन के अन्य समस्थानिकों (जैसे ड्यूटेरियम में 1 और ट्रिटियम में 2) में न्यूट्रॉन होते हैं, लेकिन सामान्य हाइड्रोजन (प्रोटियम) में न्यूट्रॉन अनुपस्थित होता है।
    • बाकी सभी तत्वों के नाभिक में प्रोटॉन के साथ-साथ न्यूट्रॉन अनिवार्य रूप से मौजूद होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 23 May, 2019 Shift 3) में परमाणु संरचना (Atomic Structure) और उप-परमाणु कणों (Subatomic Particles) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (इनमें न्यूट्रॉन होते हैं या नहीं?):
  • विकल्प (B) कार्बन: कार्बन के सामान्य समस्थानिक ($^{12}_{\ 6}\text{C}$) में 6 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन होते हैं।
  • विकल्प (C) ऑक्सीजन: ऑक्सीजन के सामान्य समस्थानिक ($^{16}_{\ 8}\text{O}$) में 8 प्रोटॉन और 8 न्यूट्रॉन होते हैं।
  • विकल्प (D) नाइट्रोजन: नाइट्रोजन के सामान्य समस्थानिक ($^{14}_{\ 7}\text{N}$) में 7 प्रोटॉन और 7 न्यूट्रॉन होते हैं।

#24. ______ को नेफ्रॉन में फिल्ट्रेट से चयनात्मक रूप से पुनः अवशोषित नहीं किया जाता है।
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) यूरिया

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वृक्क (Kidney) और नेफ्रॉन की कार्यप्रणाली: नेफ्रॉन में जब रक्त का निस्पंदन (Filtration) होता है, तो शुरुआती फिल्ट्रेट में ग्लूकोज, अमीनो एसिड, लवण और पानी जैसे आवश्यक पदार्थ और यूरिया जैसे अपशिष्ट पदार्थ दोनों होते हैं। जैसे-जैसे यह द्रव नेफ्रॉन नलिकाओं से गुजरता है, शरीर के लिए आवश्यक पदार्थों (जैसे ग्लूकोज, अमीनो एसिड, पानी और लवण) का चयनात्मक पुनःअवशोषण (Selective Reabsorption) कर लिया जाता है। यूरिया एक उत्सर्जी (अपशिष्ट) पदार्थ है, इसलिए इसे पुनः अवशोषित नहीं किया जाता बल्कि मूत्र के साथ शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अपशिष्ट पदार्थ (जैसे यूरिया, यूरिक एसिड, क्रिएटिनिन) रक्त में ही छोड़े जाते हैं या मूत्र में उत्सर्जित होते हैं।
    • आवश्यक पोषक तत्व पुनः रक्तप्रवाह में अवशोषित हो जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 03 Feb, 2026) में मानव शरीर क्रिया विज्ञान (Human Physiology – Excretory System) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये पुनः अवशोषित क्यों होते हैं?):
  • विकल्प (B) ग्लूकोज: यह शरीर के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है, इसलिए नेफ्रॉन द्वारा इसका पूर्णतः पुनः अवशोषण कर लिया जाता है (स्वस्थ व्यक्ति के मूत्र में ग्लूकोज नहीं होता)।
  • विकल्प (C) लवण: शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन (Electrolyte Balance) बनाए रखने के लिए सोडियम और अन्य लवणों का भी आवश्यकतानुसार पुनः अवशोषण होता है।
  • विकल्प (D) अमीनो एसिड: यह प्रोटीन की इकाइयाँ हैं जो शरीर के लिए बेहद जरूरी हैं, इसलिए इनका भी पुनः अवशोषण कर लिया जाता है।

#25. निम्नलिखित में से कौन-सा, सबसे तेजी से विसरण दर्शाएगा?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) गैस में गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विसरण की दर (Rate of Diffusion): विसरण (Diffusion) वह प्रक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ के कण अपनी उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर स्वतः गति करते हैं। गैसों में गैस का विसरण सबसे तेजी से होता है क्योंकि गैसों के अणुओं की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) सबसे अधिक होती है और उनके बीच का अंतरा-आणविक आकर्षण बल नगण्य होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • गैसों के अणु बहुत तीव्र गति से चारों दिशाओं में घूमते हैं, जिससे वे किसी अन्य गैस के साथ बहुत कम समय में पूरी तरह मिल जाती हैं (जैसे हवा में इत्र की खुशबू का फैलना)।
    • ठोस और द्रवों की तुलना में गैसों की विसरण गति सबसे तेज होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27 Nov, 2025) में पदार्थ की अवस्थाओं एवं उनके गुणों (विसरण) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (इनमें विसरण धीमा क्यों होता है?):
  • विकल्प (A) द्रव में ठोस: इसमें ठोस के कणों को द्रव में घुलने और फैलने में समय लगता है (जैसे पानी में चीनी का घुलना), जो गैसों की तुलना में काफी धीमा होता है।
  • विकल्प (B) गैस में द्रव: द्रव के कणों की गतिशीलता गैसों से कम होती है, इसलिए यह गैस-में-गैस जितना तीव्र नहीं होता।
  • विकल्प (C) ठोस में ठोस: ठोस पदार्थों के कण अपनी जगह पर स्थिर (कंपन करने वाले) होते हैं, इसलिए इनमें विसरण नगण्य या बेहद धीमा होता है (जैसे लंबे समय बाद दो सटी हुई धातुओं का आपस में थोड़ा मिलना)।



#26. एक विद्यार्थी एक बंद पात्र में 10 g कैल्शियम कार्बोनेट को गर्म करता है। यह अपघटित होकर 5.6 g कैल्शियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है। उत्पादित कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान कितना होगा?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) 4.4 g

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): इस नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन होता है और न ही विनाश। यानी, अभिक्रिया से पहले अभिकारकों का कुल द्रव्यमान, अभिक्रिया के बाद बनने वाले उत्पादों के कुल द्रव्यमान के हमेशा बराबर होता है।
  • गणना (Calculation):
    • अभिक्रिया: $\text{CaCO}_3\text{ (s)} \xrightarrow{\text{Heat}} \text{CaO}\text{ (s)} + \text{CO}_2\text{ (g)}$
    • अभिकारकों का द्रव्यमान ($\text{CaCO}_3$) = $10\text{ g}$
    • उत्पादों का द्रव्यमान = (कैल्शियम ऑक्साइड का द्रव्यमान) + (कार्बन डाइऑक्साइड का द्रव्यमान)
    • $10\text{ g} = 5.6\text{ g} + \text{Mass of }\text{CO}_2$
    • $\text{Mass of }\text{CO}_2 = 10\text{ g} – 5.6\text{ g} = 4.4\text{ g}$
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09 March, 2026) में रासायनिक संयोजन के नियमों (Laws of Chemical Combination) के अंतर्गत द्रव्यमान संरक्षण के नियम से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) 5.0 g: यह घटाव या नियम के संतुलन के अनुसार गलत मान है।
  • विकल्प (B) 15.6 g: यह मान दोनों द्रव्यमानों को आपस में जोड़ने पर प्राप्त होता है, जबकि उत्पादों का कुल योग अभिकारक के बराबर होना चाहिए।
  • विकल्प (D) 10.0 g: यह केवल प्रारंभिक अभिकारक ($\text{CaCO}_3$) का द्रव्यमान है, $\text{CO}_2$ का नहीं।

#27. निम्नलिखित में से कौन सी गैस बेकिंग सोडा की सिरके के साथ प्रतिक्रिया करने पर निकलती है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 04 Sept, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेकिंग सोडा और सिरके की अभिक्रिया (Reaction of Baking Soda with Vinegar): जब बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, $\text{NaHCO}_3$) की सिरके (एसिटिक अम्ल, $\text{CH}_3\text{COOH}$) के साथ अभिक्रिया कराई जाती है, तो सोडियम एसिटेट, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस ($\text{CO}_2$) बनती है। इस अभिक्रिया के दौरान बुदबुदाहट (Effervescence) के साथ $\text{CO}_2$ गैस निकलती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • रासायनिक समीकरण: $\text{NaHCO}_3 + \text{CH}_3\text{COOH} \rightarrow \text{CH}_3\text{COONa} + \text{H}_2\text{O} + \text{CO}_2\uparrow$
    • उत्पन्न होने वाली कार्बन डाइऑक्साइड गैस को जब ताजे बने चूने के पानी ($\text{Ca(OH)}_2$) में प्रवाहित किया जाता है, तो चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 04 Sept, 2025 Shift 3) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत अम्ल, क्षार एवं लवण तथा उनकी अभिक्रियाओं से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गैसें क्यों नहीं निकलतीं?):
  • विकल्प (B) कार्बन मोनोऑक्साइड: यह एक विषैली गैस है जो कार्बन के अपूर्ण दहन से बनती है, इस अम्ल-क्षारक अभिक्रिया का उत्पाद नहीं है।
  • विकल्प (C) अमोनिया: यह एक क्षारीय गैस है जो अमोनियम लवणों को क्षार के साथ गर्म करने पर निकलती है।
  • विकल्प (D) हाइड्रोजन: यह सामान्यतः सक्रिय धातुओं की तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया पर निकलती है, कार्बोनेट और अम्ल की अभिक्रिया पर नहीं।

#28. जब कोई धातु सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ प्रतिक्रिया करती है तो निम्नलिखित में से कौन-सी गैस उत्सर्जित होती है?
(RPF Constable 2018 10 Feb 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) हाइड्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की क्षार के साथ अभिक्रिया (Reaction of Metals with Bases): जब कुछ विशिष्ट धातुएं (जैसे जिंक, एल्युमिनियम आदि) सोडियम हाइड्रोक्साइड ($\text{NaOH}$) जैसे प्रबल क्षार के जलीय विलयन के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो लवण का निर्माण होता है और साथ में हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) उत्सर्जित होती है।
  • रासायनिक समीकरण का उदाहरण:
    • $\text{Zn} + 2\text{NaOH} \rightarrow \text{Na}_2\text{ZnO}_2\text{ (सोडियम जिंकेट)} + \text{H}_2\uparrow$
    • सभी धातुएं क्षारों के साथ प्रतिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस नहीं बनाती हैं, लेकिन जिंक और एल्युमिनियम जैसी उभयधर्मी (Amphoteric) धातुएं ऐसा करती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 10 Feb, 2019 Shift 2) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत धातुओं के रासायनिक गुणधर्म (अम्ल और क्षार के साथ अभिक्रिया) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गैसें क्यों नहीं निकलतीं?):
  • विकल्प (A) ऑक्सीजन: यह धातु और क्षार की सामान्य अभिक्रिया में मुक्त नहीं होती है।
  • विकल्प (B) अमोनिया: यह अमोनियम लवणों को क्षार के साथ गर्म करने पर निकलती है, धातु-क्षार अभिक्रिया से नहीं।
  • विकल्प (C) नाइट्रोजन: यह एक निष्क्रिय गैस है जो इस प्रकार की अभिक्रियाओं में उत्पाद के रूप में उत्पन्न नहीं होती।

#29. सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल को निर्जलीकरण कारक माना जा सकता है क्योंकि यह …………….. से जल को हटाता है।
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) ग्लूकोज

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल ($\text{H}_2\text{SO}_4$) और निर्जलीकरण (Dehydration): सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल एक तीव्र जल-शोशक या निर्जलीकरण कारक (Dehydrating Agent) है क्योंकि इसमें पानी के अणुओं के प्रति अत्यधिक तीव्र आकर्षण होता है। यह कार्बोहाइड्रेट्स जैसे यौगिकों (जैसे ग्लूकोज, चीनी आदि) से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणुओं को 2:1 के अनुपात में (यानी पानी के रूप में) अलग कर लेता है।
  • रासायनिक अभिक्रिया का उदाहरण:
    • $\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 \xrightarrow{\text{Conc. H}_2\text{SO}_4} 6\text{C} + 6\text{H}_2\text{O}$
    • ग्लूकोज ($\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6$) पर सांद्र $\text{H}_2\text{SO}_4$ डालने पर यह जल को हटा देता है और काले रंग का कार्बन अवशेष (सुगर चारकोल) छोड़ता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27 Nov, 2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत अम्लों के गुणधर्म और निर्जलीकरण अभिक्रियाओं से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सोडियम हाइड्रोक्साइड: यह एक क्षार है, जिसके साथ सल्फ्यूरिक अम्ल की उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया होती है, निर्जलीकरण नहीं।
  • विकल्प (C) अमोनिया गैस: सल्फ्यूरिक अम्ल अमोनिया को सुखाने के लिए उपयोग किया जा सकता है या इसके साथ अभिक्रिया करके अमोनियम सल्फेट बनाता है, लेकिन यह ग्लूकोज जैसा कार्बनिक निर्जलीकरण नहीं है।
  • विकल्प (D) प्रोपेन: प्रोपेन एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) है जिसमें पानी के अणु सीधे रासायनिक रूप से जुड़े नहीं होते हैं, इसलिए इसका निर्जलीकरण नहीं होता।

#30. निम्नलिखित में से किसका अपवर्तनांक सबसे कम है?
(RPF Constable 2018 14 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (B) वायु (Air)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपवर्तनांक (Refractive Index): किसी माध्यम का अपवर्तनांक यह दर्शाता है कि उसमें प्रकाश की चाल निर्वात (Vacuum) की तुलना में कितनी कम हो जाती है। वायु का निरपेक्ष अपवर्तनांक लगभग $1.0003$ होता है, जो दिए गए विकल्पों में सबसे कम है।
  • विभिन्न माध्यमों के अपवर्तनांक मान:
    • वायु (Air): $\approx 1.0003$
    • शराब (Alcohol): $\approx 1.36$
    • फ्यूूज्ड क्वार्ट्ज (Fused Quartz): $\approx 1.46$
    • तेल (विभिन्न प्रकार के तेलों का अपवर्तनांक आमतौर पर $1.44$ या उससे अधिक होता है, जैसे केरोसिन $1.44$)
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 14 Feb, 2019) भौतिक विज्ञान (Physics) के अंतर्गत ‘प्रकाश का अपवर्तन’ (Refraction of Light) अध्याय से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (इनके अपवर्तनांक अधिक क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) फ्यूूज्ड क्वार्ट्ज: इसका अपवर्तनांक $1.46$ होता है, जो वायु से अधिक है।
  • विकल्प (C) तेल: सघन माध्यम होने के कारण इसका अपवर्तनांक भी वायु से अधिक होता है।
  • विकल्प (D) शराब: इसका अपवर्तनांक लगभग $1.36$ होता है, जो वायु ($1.0003$) से अधिक है।



#31. शुद्ध ठोस पदार्थों को उनके विलयनों से अलग करने के समाधान को क्रिस्टल-कहा जाता है।
(RPF Constable 2018 22 Jan 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) क्रिस्टलीकरण (Crystallization)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्रिस्टलीकरण (Crystallization): यह एक ऐसी भौतिक और रासायनिक तकनीक है जिसके द्वारा किसी अशुद्ध ठोस पदार्थ को उसके विलयन से शुद्ध क्रिस्टल के रूप में अलग किया जाता है। समुद्र के पानी से नमक को शुद्ध करने या फिटकरी के गंदे घोल से शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त करने में इसी विधि का उपयोग होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह वाष्पीकरण की तुलना में एक बेहतर तकनीक है, क्योंकि वाष्पीकरण में कुछ ठोस पदार्थ विघटित हो सकते हैं या अशुद्धियाँ शेष रह सकती हैं।
    • क्रिस्टलीकरण के माध्यम से पदार्थों के शुद्ध और बड़े आकार के क्रिस्टल प्राप्त किए जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 22 Jan, 2019 Shift 3) में पदार्थों के पृथक्करण की विधियों (Separation Techniques of Mixtures) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) विसरण (Diffusion): यह कणों के उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर स्वतः फैलने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प (B) संघनन (Condensation): यह गैस या वाष्प के ठंडे होकर द्रव में बदलने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प (C) कंपन (Vibration): यह कणों की गति से संबंधित भौतिक स्थिति है, पृथक्करण की विधि नहीं।

#32. किसी भी समजातीय श्रेणी में आणविक द्रव्यमान में वृद्धि निम्नलिखित में से क्या इंगित करती है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) गलनांक और क्वथनांक में वृद्धि

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समजातीय श्रेणी (Homologous Series): कार्बनिक यौगिकों की वह श्रृंखला जिसमें दो क्रमागत सदस्यों के बीच हमेशा $-\text{CH}_2-$ समूह का अंतर होता है, समजातीय श्रेणी कहलाती है। जैसे-जैसे इस श्रेणी में नीचे की ओर जाने पर आणविक द्रव्यमान (Molecular Mass) में वृद्धि होती है, वैसे-वैसे भौतिक गुणों जैसे गलनांक (Melting Point) और क्वथनांक (Boiling Point) में भी नियमित रूप से वृद्धि होती है।
  • मुख्य कारण:
    • आणविक द्रव्यमान बढ़ने के साथ अणुओं के बीच का अंतर-आणविक आकर्षण बल (Intermolecular Force) बढ़ जाता है।
    • इस बढ़े हुए आकर्षण को तोड़ने के लिए अधिक तापमान या ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे गलनांक और क्वथनांक दोनों बढ़ जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12 Dec, 2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत कार्बन और उसके यौगिक (Carbon and its Compounds – Homologous Series) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B), (C) और (D): आणविक द्रव्यमान बढ़ने पर वाष्पशीलता घटती है और आकर्षण बल बढ़ने के कारण गलनांक व क्वथनांक दोनों में हमेशा वृद्धि होती है, इसलिए इनमें से अन्य विकल्प गलत हैं।

#33. ध्वनि तरंग की घाटी (सबसे निचला भाग) को क्या कहा जाता है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (D) गर्त (Trough)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तरंग की संरचना (Structure of a Wave): किसी अनुप्रस्थ तरंग (Transverse Wave) या ध्वनि तरंग के संचरण के दौरान, माध्यम के कणों का अधिकतम विस्थापन ऊपर की ओर शृंग (Crest) कहलाता है, जबकि माध्य स्थिति से नीचे की ओर अधिकतम विस्थापन को गर्त (Trough) कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • शृंग (Crest): तरंग का सबसे ऊपरी भाग (Highest point).
    • गर्त (Trough): तरंग का सबसे निचला भाग या घाटी (Lowest point).
    • दो क्रमागत शृंगों या दो क्रमागत गर्तों के बीच की दूरी को तरंगदैर्ध्य ($\lambda$) कहते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26 May, 2019 Shift 3) में भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ध्वनि और तरंग गति (Sound and Wave Motion) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) शृंग: यह तरंग का सबसे ऊपरी भाग (ऊँचाई) होता है, निचला भाग नहीं।
  • विकल्प (A) और (C) निम्नतम/उच्चतम: ये सामान्य शब्द हैं, भौतिकी में तरंग के निचले भाग के लिए तकनीकी शब्द ‘गर्त’ (Trough) का प्रयोग किया जाता है।

#34. सभी द्रव और गैसें हैं
:(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) तरल (Fluids)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तरल की परिभाषा (Definition of Fluids): विज्ञान में उन सभी पदार्थों को ‘तरल’ (Fluids) कहा जाता है जिनमें बहने का गुण (Ability to flow) होता है। चूँकि द्रव और गैसें दोनों ही आसानी से प्रवाहित हो सकती हैं, इसलिए इन दोनों को सामूहिक रूप से ‘तरल’ श्रेणी में रखा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • द्रव (Liquids) और गैसें (Gases) दोनों ही बर्तन का आकार ग्रहण कर सकती हैं और बहती हैं।
    • ठोस पदार्थों में बहने का गुण नहीं होता, इसलिए उन्हें तरल नहीं कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 28 Nov, 2024 Shift 3) में पदार्थ के सामान्य गुणों और वर्गीकरण से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) अर्धचालक (Semiconductors): यह इलेक्ट्रॉनिक पदार्थों (जैसे सिलिकॉन, जर्मेनियम) की श्रेणी है, जिनका विद्युत चालन चालकों और कुचालकों के बीच होता है।
  • विकल्प (C) ठोस (Solids): ठोस पदार्थों का आकार और आयतन निश्चित होता है और ये बहते नहीं हैं।
  • विकल्प (D) विद्युतरोधी (Insulators): यह उन पदार्थों के लिए प्रयुक्त होता है जो अपने अंदर से विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होने देते (कुचालक)।

#35. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पदार्थ की तीन अवस्थाओं में कणों के बीच आकर्षण शक्ति को सही ढंग से दर्शाता है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) गैस < द्रव < ठोस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पदार्थ की अवस्थाओं में अंतरा-आणविक आकर्षण बल (Intermolecular Force of Attraction): पदार्थ की तीनों अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) में कणों के बीच लगने वाले आकर्षण बल का क्रम अलग-अलग होता है। ठोस पदार्थों में कणों के बीच आकर्षण बल सबसे अधिक होता है, द्रव में उससे कम, और गैसों में यह बल सबसे कम (नगण्य) होता है।
  • सही बढ़ता हुआ क्रम (<):
    • गैस < द्रव < ठोस (अर्थात सबसे कम गैस में, उससे अधिक द्रव में, और सबसे अधिक ठोस में)।
    • यदि घटते हुए क्रम (>) में देखें तो: ठोस > द्रव > गैस होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 29 Dec, 2025) में पदार्थ की अवस्थाओं एवं उनके गुणों (States of Matter) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) गैस > द्रव > ठोस: यह गलत है क्योंकि गैसों में आकर्षण बल सबसे अधिक नहीं बल्कि सबसे कम होता है।
  • विकल्प (B) ठोस < द्रव < गैस: यह क्रम पूरी तरह विपरीत है (इसमें ठोस को सबसे कम और गैस को सबसे अधिक दिखाया गया है)।
  • विकल्प (D) ठोस > गैस > द्रव: इसमें गैस को द्रव से अधिक आकर्षण बल वाला बताया गया है, जो कि गलत है।



#36. पानी ठोस अवस्था में ______ के रूप में पाया जाता है।
(RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) बर्फ

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पानी की अवस्थाएं (States of Water): जल (Water) प्रकृति में तीनों भौतिक अवस्थाओं में पाया जाता है: ठोस रूप में बर्फ (Ice), द्रव रूप में सामान्य पानी (Water), और गैस/वाष्प रूप में जल वाष्प (Water Vapor)। जब तापमान $0^\circ\text{C}$ या उससे कम हो जाता है, तो पानी ठोस अवस्था यानी बर्फ में परिवर्तित हो जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • बर्फ का घनत्व द्रव जल से कम होता है, जिसके कारण बर्फ पानी पर तैरती है।
    • यह जल चक्र (Water Cycle) और पृथ्वी के तापमान को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 2 June, 2019 Shift 2) में पदार्थ की अवस्थाओं (States of Matter) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) वाष्प: यह पानी की गैसीय अवस्था (Gaseous state) है, ठोस अवस्था नहीं।
  • विकल्प (C) झाग: यह गैस और द्रव का मिश्रण है, पानी की शुद्ध ठोस अवस्था नहीं।
  • विकल्प (D) बादल: बादल वायुमंडल में तैरती हुई पानी की सूक्ष्म बूंदों और बर्फ के कणों का कोलाइडल मिश्रण होते हैं।

#37. पदार्थ की उस अवस्था का नाम क्या है, जिसमें उसका आकार और आयतन निश्चित होते हैं?
(RRB JE ME 30 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (C) ठोस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ठोस अवस्था (Solid State): पदार्थ की वह अवस्था जिसमें उसके कणों के बीच अंतरा-आणविक आकर्षण बल बहुत प्रबल होता है, ठोस कहलाती है। ठोस पदार्थों का आकार (Shape) और आयतन (Volume) दोनों निश्चित होते हैं क्योंकि इनके कण अपनी जगह पर स्थिर रहकर केवल कंपन करते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोस असंपीड्य (Incompressible) होते हैं।
    • इनकी एक निश्चित सीमा और दृढ़ता (Rigidity) होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME : 30 Aug, 2019 Shift 2) में पदार्थ की अवस्थाओं के भौतिक गुणों से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) द्रव: द्रवों का आयतन तो निश्चित होता है, लेकिन उनका आकार निश्चित नहीं होता (वे बर्तन का आकार ले लेते हैं)।
  • विकल्प (B) प्लाज्मा: यह पदार्थ की चौथी अवस्था है जिसमें अत्यधिक ऊर्जावान और उत्तेजित आयन होते हैं, इसका कोई निश्चित आकार या आयतन नहीं होता।
  • विकल्प (D) गैस: गैसों का न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन।

#38. जब वसा और तेल का ऑक्सीकरण होता है, तो उनमें एक गंध और स्वाद विकसित होता है, जो ………… होता है।
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) विकृत गंधी (Rancidity)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विकृतगंधिता (Rancidity): जब वसा (Fats) और तेल युक्त खाद्य पदार्थों का हवा (ऑक्सीजन) के संपर्क में आने से ऑक्सीकरण (Oxidation) हो जाता है, तो उनके स्वाद और गंध में परिवर्तन हो जाता है और वे खराब हो जाते हैं। इस प्रक्रिया को विकृतगंधिता कहते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसे रोकने के लिए खाद्य पदार्थों में प्रति ऑक्सीकारक (Antioxidants) मिलाए जाते हैं।
    • चिप्स की थैलियों में ऑक्सीजन हटाकर नाइट्रोजन जैसी निष्क्रिय गैस भरी जाती है ताकि विकृतगंधिता से बचाया जा सके।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 17 Dec, 2025) में रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रभाव (ऑक्सीकरण और विकृतगंधिता) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) सुखद: ऑक्सीकरण के बाद खाद्य पदार्थ खराब हो जाते हैं, इसलिए उनकी गंध सुखद नहीं बल्कि अरुचिकर होती है।
  • विकल्प (C) मसालेदार और (D) फल जैसा: ये खाद्य पदार्थों के स्वाभाविक या कृत्रिम फ्लेवर हो सकते हैं, ऑक्सीकरण से उत्पन्न होने वाली गंध नहीं।

#39. निम्नलिखित में से कौन सा मिश्रण का उदाहरण है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) वायु

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण की परिभाषा (Definition of Mixture): मिश्रण वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों या यौगिकों के भौतिक रूप से मिलने से बनता है, जिसमें उनका कोई निश्चित रासायनिक अनुपात नहीं होता। वायु (Air) गैसों (जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, ऑर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड) का एक समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) है।
  • मुख्य बिंदु:
    • मिश्रण के घटक अपने मूल गुणों को बनाए रखते हैं।
    • मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 1) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पदार्थों के वर्गीकरण (तत्व, यौगिक और मिश्रण) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये मिश्रण क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) नमक ($\text{NaCl}$): यह सोडियम और क्लोरीन का एक निश्चित अनुपात में बना हुआ शुद्ध **यौगिक** है।
  • विकल्प (C) लोहा ($\text{Fe}$): यह एक शुद्ध **तत्व** (धातु) है।
  • विकल्प (D) पानी ($\text{H}_2\text{O}$): यह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना एक निश्चित रासायनिक **यौगिक** है।

#40. इनमें से किसके द्वारा लगाए जाने वाले घर्षण बलों को’ ड्रैग’ नाम दिया गया है?
(RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) द्रव (Fluids – जिसमें द्रव और गैसें दोनों शामिल हैं)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ड्रैग (Drag): जब कोई वस्तु किसी तरल (द्रव या गैस, यानी Fluids) के माध्यम से गति करती है, तो तरल पदार्थ उस वस्तु की गति का विरोध करते हुए एक घर्षण बल लगाते हैं। तरल पदार्थों द्वारा लगाए जाने वाले इस घर्षण बल को ही वैज्ञानिक रूप से ‘ड्रैग’ (Drag) या द्रव घर्षण कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • तरल पदार्थों में घर्षण बल वस्तु की गति, उसकी आकृति (Streamlined shape) और तरल की श्यानता (Viscosity) पर निर्भर करता है।
    • हवाई जहाजों और पनडुब्बियों की आकृति को ‘ड्रैग’ (वायु या जल प्रतिरोध) कम करने के लिए ही विशेष रूप से सुव्यवस्थित (Streamlined) बनाया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 2 June, 2019 Shift 2) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत घर्षण बल और तरल गतिशीलता (Fluid Friction / Drag) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जेल और (C) रेसिन: ये विशिष्ट पदार्थ या चिपचिपे मिश्रण हैं, घर्षण बल के व्यापक वर्ग (द्रव/फ्लुइड) का नाम नहीं हैं।
  • विकल्प (D) रसायन: यह एक सामान्य श्रेणी है, भौतिकी में गति के प्रतिरोध के लिए यह नाम नहीं दिया गया है।



#41. निम्नलिखित में से कौन-सा एक यौगिक है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) लवण (NaCl)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • यौगिक (Compound): यौगिक वह शुद्ध पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के एक निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन द्वारा बनता है। साधारण नमक या लवण (NaCl) इसका एक प्रमुख उदाहरण है, जिसमें सोडियम (Na) और क्लोरीन (Cl) एक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • यौगिक के रासायनिक और भौतिक गुण इसके घटक तत्वों (जिन्हें यह मिलकर बनाता है) से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
    • वायु, नींबू का रस और मृदा किसी निश्चित अनुपात में नहीं बल्कि विभिन्न पदार्थों के मिश्रण (Mixtures) हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 22/12/2025) रसायन विज्ञान के अंतर्गत पदार्थ के वर्गीकरण (तत्व, यौगिक और मिश्रण) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) वायु: यह विभिन्न गैसों (जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि) का एक समांगी मिश्रण है, यौगिक नहीं।
  • विकल्प (C) नींबू का रस: यह पानी, साइट्रिक एसिड और अन्य कार्बनिक पदार्थों का मिश्रण है।
  • विकल्प (D) मृदा: यह विभिन्न खनिजों, जल, वायु और जैविक पदार्थों का एक विषमांगी मिश्रण है।

#42. निम्नलिखित में से कौन-सी पदार्थ की अवस्थाओं के बीच चरण संक्रमण नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) उत्सर्जन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चरण संक्रमण (Phase Transition): पदार्थ की एक भौतिक अवस्था से दूसरी अवस्था (जैसे ठोस, द्रव, गैस) में बदलने की प्रक्रिया को चरण संक्रमण कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ऊर्ध्वपातन (ठोस से सीधे गैस), संघनन (गैस से द्रव) और वाष्पीकरण (द्रव से गैस) तीनों पदार्थ की अवस्थाओं के बीच होने वाले चरण संक्रमण हैं।
    • ‘उत्सर्जन’ (Emission) ऊर्जा, प्रकाश या कणों (जैसे इलेक्ट्रॉन) के बाहर निकलने की प्रक्रिया है, जो पदार्थ की भौतिक अवस्थाओं का संक्रमण नहीं है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत पदार्थ की अवस्थाओं और चरण परिवर्तनों (Phase Transitions) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ऊर्ध्वपातन: यह ठोस अवस्था से सीधे गैसीय अवस्था में बदलने का एक चरण संक्रमण है।
  • विकल्प (C) संघनन: यह गैसीय अवस्था से द्रव अवस्था में बदलने का एक चरण संक्रमण है।
  • विकल्प (D) वाष्पीकरण: यह द्रव अवस्था से गैसीय अवस्था में बदलने का एक चरण संक्रमण है।

#43. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प विषमांगी मिश्रण को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) ऐसा मिश्रण जिसमें घटक समान रूप से वितरित नहीं होते हैं तथा उन्हें आसानी से अलग-अलग देखा जा सकता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): वह मिश्रण जिसमें उसके घटक पदार्थ पूरे मिश्रण में एकसमान रूप से वितरित (Uniformly distributed) नहीं होते हैं और उन्हें नग्न आँखों या साधारण सूक्ष्मदर्शी से अलग-अलग देखा जा सकता है, विषमांगी मिश्रण कहलाता है (जैसे- तेल और पानी का मिश्रण, बालू और नमक का मिश्रण)।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसके विपरीत, समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) में घटक पदार्थ पूरी तरह एकसमान रूप से घुले होते हैं।
    • विषमांगी मिश्रण के भागों को भौतिक विधियों (जैसे छानना, बीनना आदि) द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 30/12/2025) रसायन विज्ञान के अंतर्गत पदार्थों के प्रकार (मिश्रण और उनके प्रकार) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): यह परिभाषा ‘तत्व’ (Element) या शुद्ध पदार्थ को दर्शाती है, मिश्रण को नहीं।
  • विकल्प (C): यह ‘यौगिक’ (Compound) की परिभाषा है।
  • विकल्प (D): यह ‘समांगी मिश्रण’ (Homogeneous Mixture) की परिभाषा है, न कि विषमांगी मिश्रण की।

#44. द्रवों में विसरण की दर ठोसों की तुलना में अधिक होती है क्योंकि:
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) द्रव अवस्था में, कण स्वतंत्र रूप से गति करते हैं और उनके बीच अधिक स्थान होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विसरण की दर (Rate of Diffusion): दो अलग-अलग प्रकार के पदार्थों के कणों का आपस में स्वतः मिलना विसरण कहलाता है। द्रवों में विसरण की दर ठोसों की अपेक्षा अधिक होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोसों की तुलना में द्रव अवस्था में पदार्थ के कण अधिक स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
    • द्रवों के कणों के बीच रिक्त स्थान (Intermolecular space) ठोसों की तुलना में अधिक होता है, जिसके कारण वे आसानी से एक-दूसरे के बीच समा जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं के गुण’ और ‘विसरण (Diffusion)’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): यह कथन आधा सही है कि कण गति करते हैं, लेकिन उनके बीच अधिक स्थान नहीं होता, यह गलत है (द्रवों में ठोसों से अधिक रिक्त स्थान होता है)।
  • विकल्प (C): यह कहना गलत है कि द्रव में कण स्वतंत्र रूप से गति नहीं करते; द्रवों में कण गति करने के लिए स्वतंत्र होते हैं।
  • विकल्प (D): यह विकल्प पूरी तरह गलत है क्योंकि द्रवों में कणों के बीच ठोसों की तुलना में अधिक स्थान और गतिशीलता होती है।

#45. गैसों और द्रव का सामान्य नाम क्या है?
(RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) तरल (फ्लुइड)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तरल (Fluid): विज्ञान में ‘फ्लुइड’ या ‘तरल’ उन पदार्थों को कहा जाता है जिनमें बहने का गुण (Ability to flow) होता है। इसके अंतर्गत **द्रव (Liquids)** और **गैसों (Gases)** दोनों को शामिल किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • चूंकि द्रव और गैस दोनों आसानी से बह सकती हैं और अपना आकार बदल सकती हैं, इसलिए इन्हें सामूहिक रूप से ‘फ्लुइड्स’ कहा जाता है।
    • फ्लुइड मैकेनिक्स (Fluid Mechanics) के अंतर्गत द्रवों और गैसों दोनों के व्यवहार और उनके द्वारा लगाए जाने वाले बलों का अध्ययन किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत पदार्थों के सामान्य गुणों से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) जेल और (C) रेसिन: ये विशिष्ट या चिपचिपे पदार्थ हैं, गैसों और द्रवों की व्यापक श्रेणी का नाम नहीं हैं।
  • विकल्प (D) रसायन: यह रासायनिक पदार्थों की एक सामान्य श्रेणी है, भौतिकी में बहने वाले पदार्थों (द्रव और गैस) के लिए यह सामूहिक नाम प्रयुक्त नहीं होता।



#46. उस गैस का नाम बताइए जो बाती-प्रकार के लाइटर में भरी जाती है।
(RRB NTPC CBT-I : 28 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) ब्यूटेन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ब्यूटेन (Butane): बाती-प्रकार के लाइटर (या सिगरेट लाइटर) में ईंधन के रूप में मुख्य रूप से **ब्यूटेन ($\text{C}_4\text{H}_{10}$)** गैस का उपयोग किया जाता है। यह एक अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन गैस है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ब्यूटेन को कम दबाव पर आसानी से तरल अवस्था में बदला जा सकता है, जिससे इसे छोटे और पोर्टेबल लाइटर में सुरक्षित रूप से स्टोर किया जा सकता है।
    • जब लाइटर का वाल्व खोला जाता है, तो दाब कम होने के कारण यह तरल ब्यूटेन तुरंत गैस में बदलकर चिंगारी के संपर्क में आते ही एक स्थिर लौ उत्पन्न करती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 28 Jan 2021 Shift 2) रसायन विज्ञान के अंतर्गत दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाले रसायनों और ईंधनों से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) हीलियम: यह एक अक्रिय (Inert) और हल्की गैस है, जिसका उपयोग गुब्बारों और चिकित्सा में होता है; यह ज्वलनशील नहीं है अतः लाइटर में उपयोग नहीं होती।
  • विकल्प (C) नाइट्रोजन: यह वायुमंडल में प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली अक्रिय गैस है जो जलने में सहायक नहीं होती है।
  • विकल्प (D) मीथेन: यह प्राकृतिक गैस (CNG/बायोगैस) का मुख्य घटक है, लेकिन इसे आसानी से सामान्य पोर्टेबल लाइटर के आकार में तरल रूप में संग्रहित नहीं किया जाता।

#47. निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया रासायनिक अभिक्रियाओं से संबंधित है?
(RRB JE CBT I -: 30 May 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) उच्च तापमान पर वायु की उपस्थिति में तांबे के तार को गर्म करना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction): वह प्रक्रिया जिसमें एक या एक से अधिक पदार्थ मिलकर नए रासायनिक गुण वाले पदार्थों का निर्माण करते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है। इसमें पदार्थ की रासायनिक संरचना बदल जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जब तांबे (Copper) के तार को वायु की उपस्थिति में उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है, तो यह ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके काले रंग का कॉपर ऑक्साइड ($\text{CuO}$) बनाता है, जो एक रासायनिक परिवर्तन है।
    • इसके विपरीत, बर्फ का पिघलना, गैसों का भंडारण और वायु का द्रवीकरण केवल भौतिक परिवर्तन (Physical Change) हैं, जिनमें कोई नया रासायनिक पदार्थ नहीं बनता।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 30 May 2019 Shift 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) बर्फ का पानी में पिघलना: यह एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें केवल अवस्था बदलती है (ठोस से द्रव), रासायनिक संगठन वही रहता है।
  • विकल्प (C) सिलेंडर में ऑक्सीजन गैस का भंडारण: यह दाब के कारण अवस्था या दबाव परिवर्तन से जुड़ा भौतिक प्रक्रम है।
  • विकल्प (D) वायु का द्रवीकरण: यह अत्यधिक दाब और कम तापमान पर गैसों को द्रव में बदलने की एक भौतिक प्रक्रिया है।

#48. निर्जलीकरण के दौरान शरीर द्वारा आमतौर पर खोया जाने वाला पदार्थ कौनसा है?
(RRB JE 22 May 2019 Shift 1 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (A) सोडियम क्लोराइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निर्जलीकरण (Dehydration): जब शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है, तो इसे निर्जलीकरण कहते हैं। शरीर से पानी की इस हानि के साथ-साथ मुख्य रूप से आवश्यक लवण यानी **सोडियम क्लोराइड ($\text{NaCl}$)** का भी नुकसान होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोडियम आयन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन, रक्तचाप और तंत्रिका कार्यों को नियंत्रित करने के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
    • यही कारण है कि दस्त या डिहाइड्रेशन होने पर डॉक्टर ओआरएस (ORS – Oral Rehydration Solution) का घोल पीने की सलाह देते हैं, जिसमें पानी के साथ-साथ मुख्य रूप से नमक (सोडियम क्लोराइड) और ग्लूकोज होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 22 May 2019 Shift 1) सामान्य विज्ञान (जीव विज्ञान/चिकित्सा विज्ञान) के अंतर्गत शरीर के महत्वपूर्ण खनिजों और संतुलन से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) शुगर: शरीर में ऊर्जा का स्रोत है, लेकिन निर्जलीकरण के दौरान मुख्य रूप से जिस इलेक्ट्रोलाइट/लवण की हानि होती है, वह नमक है।
  • विकल्प (C) पोटेशियम क्लोराइड: हालांकि कुछ मात्रा में पोटेशियम भी कम होता है, लेकिन डिहाइड्रेशन में सबसे प्रमुख और प्राथमिक रूप से खोया जाने वाला लवण सोडियम क्लोराइड है।
  • विकल्प (D) कैल्शियम फॉस्फेट: यह मुख्य रूप से हड्डियों और दांतों की संरचना का हिस्सा है, इसका निर्जलीकरण से सीधा संबंध नहीं है।

#49. फिनॉलफ्थेलिन, क्षारीय विलयन में किस रंग में बदल जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) गुलाबी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • फिनॉलफ्थेलिन (Phenolphthalein): यह एक सिंथेटिक (कृत्रिम) सूचक (Indicator) है जिसका उपयोग प्रयोगशाला में अम्लीय और क्षारीय माध्यम की पहचान करने के लिए किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • फिनॉलफ्थेलिन अम्लीय (Acidic) या उदासीन (Neutral) विलयन में पूरी तरह **रंगहीन (Colorless)** रहता है।
    • लेकिन जैसे ही इसे किसी क्षारीय (Basic/Alkaline) विलयन में मिलाया जाता है, यह अपना रंग बदलकर **गुलाबी (Pink)** हो जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 21/12/2025) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘अम्ल, क्षारक और लवण (Acids, Bases, and Salts)’ तथा उनके सूचकों से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पीला: हल्दी या मिथाइल ऑरेंज जैसे कुछ अन्य सूचक अम्लीय/क्षारीय माध्यम में पीला या लाल रंग देते हैं, फिनॉलफ्थेलिन नहीं।
  • विकल्प (C) लाल: लिटमस पेपर अम्ल में नीला से लाल होता है, लेकिन फिनॉलफ्थेलिन क्षार में लाल नहीं बल्कि गुलाबी रंग देता है।
  • विकल्प (D) रंगहीन: यह फिनॉलफ्थेलिन का रंग अम्लीय या उदासीन माध्यम में होता है, क्षारीय माध्यम में यह रंगहीन नहीं रहता बल्कि गुलाबी हो जाता है।

#50. C 12 H 22.O 11 को किस नाम से जाना जाता है:
(RRB NTPC Tier I : 2 Apr 2016 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) शक्कर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक सूत्र ($\text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11}$): यह रासायनिक सूत्र **सुक्रोज (Sucrose)** यानी सामान्य चीनी या शक्कर का है। यह एक डाइसैकराइड कार्बोहाइड्रेट है जो ग्लूकोज और फ्रुक्टोज इकाइयों से मिलकर बनता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह गन्ने और चुकंदर से मुख्य रूप से प्राप्त की जाने वाली सामान्य खाने वाली शक्कर है।
    • कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बने इस यौगिक का उपयोग दैनिक जीवन में ऊर्जा के मुख्य स्रोत के रूप में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Tier I : 2 Apr 2016 Shift 2) रसायन विज्ञान के अंतर्गत महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिकों और उनके रासायनिक सूत्रों से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) रेत: रेत का मुख्य रासायनिक घटक सिलिकॉन डाइऑक्साइड ($\text{SiO}_2$) है।
  • विकल्प (C) नमक: साधारण नमक का रासायनिक सूत्र सोडियम क्लोराइड ($\text{NaCl}$) है।
  • विकल्प (D) मिट्टी: मिट्टी विभिन्न खनिजों, सिलिकेट्स और जैविक पदार्थों का जटिल मिश्रण होती है।



#51. पौधों में कोशिका भित्ति का निर्माण करने वाले जटिल कार्बोहाइड्रेट को क्या कहा जाता है?
(RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) सेलुलोज

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सेलुलोज (Cellulose): पौधों में कोशिका भित्ति (Cell wall) का निर्माण करने वाला मुख्य जटिल कार्बोहाइड्रेट (पॉलिसैराइड) **सेलुलोज** है। यह ग्लूकोज की इकाइयों से मिलकर बनी एक तंतुमय संरचना होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सेलुलोज पौधों की कोशिकाओं को दृढ़ता (Rigidity) और संरचनात्मक मजबूती प्रदान करता है।
    • मानव शरीर इसे पचा नहीं सकता है, लेकिन यह हमारे भोजन में महत्वपूर्ण ‘आहार फाइबर’ (Dietary Fiber / Roughage) के रूप में कार्य करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 2 June 2019 Shift 2) जीव विज्ञान (Biology) के अंतर्गत ‘कोशिका संरचना’ और पादप कोशिकाओं से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सुक्रोज: यह एक डाइसैकराइड (साधारण शर्करा) है जो गन्ने में पाई जाती है, कोशिका भित्ति नहीं बनाती।
  • विकल्प (C) लैक्टोज: यह दूध में पाई जाने वाली प्राकृतिक शर्करा है।
  • विकल्प (D) माल्टोज: यह अनाजों और स्टार्च के टूटने से बनने वाली माल्ट शुगर है।

#52. ठोस CO 2 दाब को ______ तक कम करने पर सीधे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) द्रव अवस्था में आए बिना, 1 वायुमंडल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (Dry Ice): ठोस कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) को ‘शुष्क बर्फ’ (Dry Ice) भी कहा जाता है। यह बिना द्रव अवस्था में बदले सीधे गैस में परिवर्तित हो जाती है (ऊर्ध्वपातन या Sublimation)।
  • मुख्य बिंदु:
    • जब ठोस $\text{CO}_2$ पर दबाव को घटाकर **1 वायुमंडल (1 Atmosphere)** तक लाया जाता है, तो यह बिना पिघले सीधे गैसीय अवस्था में बदल जाती है।
    • यही कारण है कि शुष्क बर्फ को जब हवा में रखा जाता है, तो वह पीछे कोई तरल छोड़े बिना सीधे वाष्प बनकर उड़ जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 3) भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं के परिवर्तन’ और ऊर्ध्वपातन से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A), (C) और (D) (2, 3, या 4 वायुमंडल): ये दबाव के मान मानक 1 वायुमंडलीय दबाव से अधिक हैं, जिस पर ठोस $\text{CO}_2$ का सीधा ऊर्ध्वपातन मानक परिस्थितियों में इस प्रकार नहीं होता।

#53. द्रव अवस्था में बदले बिना गैस से सीधे ठोस अवस्था में परिवर्तन को क्या कहते हैं?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) निक्षेप

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निक्षेप (Deposition / Sublimation): गैस से सीधे ठोस अवस्था में बिना द्रव में बदले परिवर्तन होने की प्रक्रिया को ‘निक्षेप’ (या कभी-कभी रिवर्स सब्लीमेशन) कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसका सबसे अच्छा उदाहरण आसमान में पाला या बर्फ का बनना (Frost formation) है, जहाँ जलवाष्प हवा में सीधे ठोस बर्फ के क्रिस्टल में बदल जाती है।
    • यह ऊर्ध्वपातन (Sublimation) की ठीक विपरीत प्रक्रिया है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं के बीच चरण संक्रमण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) संलयन (Fusion): यह ठोस से द्रव बनने की प्रक्रिया (पिघलना) है।
  • विकल्प (B) पिंडन/संघनन (Condensation): यह गैस से द्रव बनने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प (D) वाष्पीकरण (Evaporation): यह द्रव से गैस बनने की प्रक्रिया है।

#54. किसी पदार्थ के कणों की गति के कारण उसके दूसरे पदार्थ के साथ फैलने और मिश्रित होने की घटना निम्नलिखित में से क्या कहलाती है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) विसरण (Diffusion)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विसरण (Diffusion): जब किसी पदार्थ के कण अपनी गति के कारण स्वतः ही दूसरे पदार्थ के कणों के साथ फैल जाते हैं और पूरी तरह मिश्रित हो जाते हैं, तो इस प्राकृतिक घटना को **विसरण** कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पदार्थ के कण निरंतर गतिशील रहते हैं।
    • इसका सबसे आम उदाहरण अगरबत्ती की खुशबू का पूरे कमरे में फैलना या पानी में स्याही का घुलना है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 14/12/2025) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुण’ और विसरण से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) वाष्पन: यह द्रव सतह से वाष्प बनने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प (C) संघनन: यह गैस से द्रव बनने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प (D) ऊर्ध्वपातन: यह ठोस से सीधे गैस बनने की प्रक्रिया है।

#55. किसी ठोस को निरंतर गर्म करने पर क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) यह पिघल जाता है और बाद में वाष्पीकृत हो सकता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ठोस को गर्म करने का प्रभाव: जब सामान्य परिस्थितियों में किसी ठोस को निरंतर गर्म किया जाता है, तो तापमान बढ़ने के साथ उसके कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है। एक निश्चित तापमान (गलनांक) पर ठोस पिघलकर द्रव (Liquid) में बदल जाता है और यदि इसे और अधिक गर्म किया जाए, तो यह उबलकर वाष्पीकृत (Evaporate/Vaporize) होकर गैस बन सकता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पदार्थ की अवस्थाओं का यह सामान्य क्रम ठोस ➔ द्रव ➔ गैस होता है (अपवाद: कुछ विशेष पदार्थ ऊर्ध्वपातन द्वारा सीधे गैस बनते हैं, लेकिन सामान्य ठोसों के लिए यह चरणबद्ध होता है)।
    • तापमान बढ़ाने से कणों के बीच का आकर्षण बल कमजोर होता है और वे एक अवस्था से दूसरी अवस्था में परिवर्तित होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/01/2026) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं में परिवर्तन’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) और (B): सभी सामान्य ठोस बिना द्रव बने सीधे गैस में नहीं बदलते (केवल ऊर्ध्वपातन वाले ठोस ऐसा करते हैं)।
  • विकल्प (C) यह संकुचित हो जाता है: गर्म करने पर पदार्थ प्रसारित (Expand) होते हैं, संकुचित (Contract) नहीं।



#56. गैस से द्रव और द्रव से ठोस रूपांतरण है:
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) क्रमशः संघनन और पिंडन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवस्था परिवर्तन (Phase Change): पदार्थ के एक अवस्था से दूसरी अवस्था में बदलने की प्रक्रिया में गैस से द्रव में बदलने की प्रक्रिया को **संघनन (Condensation)** तथा द्रव से ठोस में बदलने की प्रक्रिया को **पिंडन या जमना (Freezing/Solidification)** कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • प्रश्न के क्रमानुसार: पहली प्रक्रिया ‘गैस से द्रव’ = **संघनन**, और दूसरी प्रक्रिया ‘द्रव से ठोस’ = **पिंडन** है।
    • तापमान घटाने और ऊर्जा कम करने पर गैसें द्रवों में और द्रव ठोसों में परिवर्तित होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं के बीच चरण संक्रमण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): इसमें क्रम उल्टा दिया गया है (पिंडन और संघनन)।
  • विकल्प (B) और (D): संलयन (ठोस से द्रव) और वाष्पीकरण (द्रव से गैस) विपरीत प्रक्रियाएं हैं, जो यहाँ मेल नहीं खातीं।

#57. निम्नलिखित में से किस माध्यम में ध्वनि किसी विशेष तापमान पर सबसे तेज यात्रा करती है?
(RRB JE 29 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (C) लोहा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ध्वनि की चाल (Speed of Sound): ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता (Elasticity) और घनत्व पर निर्भर करती है। ध्वनि हमेशा **ठोस माध्यमों में सबसे तेज**, द्रवों में उससे कम, और गैसों (जैसे वायु) में सबसे धीमी गति से यात्रा करती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • दिए गए विकल्पों में लोहा (Iron) एक ठोस माध्यम है, जिसमें ध्वनि की चाल लगभग 5130–5950 m/s होती है, जो पानी, कांच (कुछ प्रकार के) और वायु की तुलना में अधिक है।
    • ठोसों में कण बहुत पास-पास और मजबूत बंधों से जुड़े होते हैं, जिससे कंपन का संचरण बहुत तेजी से होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 29 May 2019 Shift 2) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘ध्वनि तरंगों और विभिन्न माध्यमों में उनकी चाल’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) पानी: यह एक द्रव है, जिसमें ध्वनि की चाल (लगभग 1480 m/s) लोहे जैसे ठोस की तुलना में काफी कम होती है।
  • विकल्प (D) वायु: यह एक गैस है, जिसमें ध्वनि की चाल सबसे कम (लगभग 343 m/s) होती है।
  • विकल्प (A) कांच: यद्यपि कांच भी ठोस है, सामान्य मानक विकल्पों में लोहे (या स्टील) को अधिक प्रत्यास्थता के कारण सबसे तेज ध्वनि चाल वाले संदर्भ में माना जाता है।

#58. निम्नलिखित में से कौन-सा द्रव का अभिलक्षण है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) इसका आयतन निश्चित है लेकिन आकार निश्चित नहीं हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रव अवस्था (Liquid State): द्रवों का आयतन (Volume) तो निश्चित होता है, लेकिन उनका आकार (Shape) निश्चित नहीं होता। वे जिस भी बर्तन में रखे जाते हैं, उसी का आकार ग्रहण कर लेते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोसों की तरह द्रव कठोर (Rigid) नहीं होते हैं और इनमें बहने का गुण (Fluidity) पाया जाता है।
    • गैसों की तुलना में द्रव लगभग असंपीड्य (Incompressible) होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं के भौतिक गुण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यह अत्यधिक संपीड़्य है: उच्च संपीड़िता (High compressibility) गैसों का मुख्य अभिलक्षण है, द्रवों का नहीं।
  • विकल्प (C) आकार और आयतन दोनों निश्चित हैं: यह गुण ‘ठोस’ (Solid) पदार्थों का होता है।
  • विकल्प (D) यह कठोर है: कठोरता भी ठोसों की विशेषता है, द्रव तरल होने के कारण कठोर नहीं होते।

#59. आयनिक यौगिकों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) ठोस अवस्था में आयनिक यौगिक विद्युत का चालन करते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आयनिक यौगिक (Ionic Compounds): धातुओं से अधातुओं में इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण से बने यौगिक आयनिक यौगिक कहलाते हैं। इनके बीच मजबूत स्थिर वैद्युत आकर्षण बल होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • विद्युत चालन: ठोस अवस्था में आयनिक यौगिक विद्युत का चालन **नहीं** करते हैं क्योंकि इनके आयन अपनी निश्चित स्थिति पर बंधे होते हैं और गति करने के लिए स्वतंत्र नहीं होते। ये केवल गलित (Molten) अवस्था में या जलीय विलयन में ही विद्युत का चालन करते हैं।
    • अतः विकल्प (C) में दिया गया कथन गलत है, और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘आयनिक यौगिकों के गुणधर्म’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं / सत्य कथन हैं?):
  • विकल्प (A): आयनिक यौगिक सामान्यतः मजबूत आकर्षण बल के कारण ठोस और थोड़े कठोर होते हैं (यह एक सत्य कथन है)।
  • विकल्प (B): मजबूत आबंध को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए इनका गलनांक और क्वनांक उच्च होता है (यह भी सत्य है)।
  • विकल्प (D): इलेक्ट्रोलाइट प्रकृति के कारण ये आमतौर पर पानी जैसे ध्रुवीय विलायकों में घुलनशील होते हैं (यह भी सत्य है)।

#60. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ पादप कोशिकाओं की रसधानी में संचित नहीं होता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) उपर्युक्त सभी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पादप कोशिका की रसधानी (Plant Vacuole): परिपक्व पादप कोशिकाओं में एक बड़ी केंद्रीय रसधानी होती है, जो कोशिका के आयतन का 50% से 90% भाग घेर सकती है। इसके चारों ओर मिलने वाली झिल्ली को **टोनोप्लास्ट (Tonoplast)** कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • रसधानी के अंदर मिलने वाले रस (Cell Sap) में विभिन्न पदार्थ संचित रहते हैं।
    • इसमें मुख्य रूप से **शर्करा (Sugars), अमीनो अम्ल (Amino Acids), प्रोटीन (Proteins)**, कार्बनिक अम्ल और खनिज लवण संचित होते हैं।
    • चूँकि शर्करा, प्रोटीन और अमीनो अम्ल तीनों ही रसधानी में संचित होते हैं, इसलिए सही विकल्प **’उपर्युक्त सभी’** है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 29 Nov, 2024 Shift 2) जीव विज्ञान के अंतर्गत ‘कोशिका अंगक (Cell Organelles) और रसधानी’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये अकेले सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) शर्करा, (B) प्रोटीन, और (C) अमीनो अम्ल: ये तीनों ही पादप कोशिकाओं की रसधानी में संचित होते हैं, इसलिए इनमें से केवल किसी एक को चुनना अधूरा उत्तर होगा। सही उत्तर इन सभी का संयोजन यानी ‘उपर्युक्त सभी’ है।



#61. निम्नलिखित में से क्या क्षार के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अधातुओं के ऑक्साइड और क्षार की अभिक्रिया: अधातुओं के ऑक्साइड (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, $\text{CO}_2$) प्रकृति में **अम्लीय (Acidic)** होते हैं। जब कोई अम्लीय ऑक्साइड किसी क्षार (Base) के साथ अभिक्रिया करता है, तो यह उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया की तरह **लवण और जल** का निर्माण करता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • उदाहरण के लिए, जब कार्बन डाइऑक्साइड गैस को चूने के पानी (कैल्शियम हाइड्रोक्साइड, जो एक क्षार है) में प्रवाहित किया जाता है, तो कैल्शियम कार्बोनेट (लवण) और जल बनता है:
      $\text{Ca(OH)}_2 + \text{CO}_2 \rightarrow \text{CaCO}_3 \downarrow + \text{H}_2\text{O}$
    • यह रासायनिक गुण इस बात की पुष्टि करता है कि $\text{CO}_2$ एक अम्लीय ऑक्साइड है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 03/02/2026) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘अम्ल, क्षारक और लवण’ तथा ‘ऑक्सीडाइज़िंग/रासायनिक गुणों’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोजन गैस: यह सामान्यतः क्षारों के साथ इस प्रकार लवण और जल नहीं बनाती है (हालांकि कुछ सक्रिय धातुएँ जैसे जिंक क्षार के साथ मिलकर हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं)।
  • विकल्प (C) कैल्शियम हाइड्रोक्साइड: यह स्वयं एक क्षारक (Base) है, और क्षार आपस में सामान्यतः लवण और जल का निर्माण नहीं करते।
  • विकल्प (D) सोडियम ऑक्साइड: यह एक धात्विक ऑक्साइड है जो प्रकृति में क्षारीय (Basic) होता है, और क्षारीय ऑक्साइड क्षारों के साथ प्रतिक्रिया करके लवण और जल नहीं बनाते।

#62. निम्नलिखित में से कौन-सा, यौगिक का अणु है?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) $\text{H}_2\text{O}$

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • यौगिक का अणु (Molecule of a Compound): जब दो या दो से अधिक अलग-अलग तत्वों के परमाणु एक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से आपस में जुड़ते हैं, तो उसे यौगिक का अणु कहा जाता है। जल ($\text{H}_2\text{O}$) इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्वों से मिलकर बनता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जल ($\text{H}_2\text{O}$) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1:8 होता है।
    • इसके विपरीत, जब एक ही तत्व के परमाणु आपस में मिलते हैं, तो वे तत्व के अणु (Molecule of an Element) बनाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 11/12/2025) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘अणु, परमाणु और यौगिक’ की अवधारणा से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) $\text{N}_2$ (नाइट्रोजन): यह नाइट्रोजन के दो एक जैसे परमाणुओं से मिलकर बना ‘तत्व का अणु’ (Elemental molecule) है, यौगिक नहीं।
  • विकल्प (C) $\text{O}_2$ (ऑक्सीजन): यह भी ऑक्सीजन के दो समान परमाणुओं से बना तत्व का अणु है।
  • विकल्प (D) $\text{H}_2$ (हाइड्रोजन): यह हाइड्रोजन के दो समान परमाणुओं से बना तत्व का अणु है।

#63. बोस-आइंस्टीन संघनक (संघनन) गैस को बहुत कम अंतिम तापमान पर लगभग एक हजार घनत्व तक ठंडा करके बनाया जाता है।
(RPF Constable 2018 19 Jan 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) बहुत कम घनत्व

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पदार्थ की पाँचवीं अवस्था (Bose-Einstein Condensate – BEC): बोस-आइंस्टीन कंडेनसैट पदार्थ की पाँचवीं अवस्था है, जिसकी भविष्यवाणी सत्येन्द्र नाथ बोस और अल्बर्ट आइंस्टीन ने की थी।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस अवस्था को सामान्य हवा के घनत्व के लगभग एक लाखवें हिस्से जितने अत्यंत कम घनत्व वाली गैस को परम शून्य तापमान के करीब तक ठंडा करके बनाया जाता है।
    • इसमें परमाणुओं की गति लगभग शून्य हो जाती है और वे एक ही क्वांटम अवस्था में आ जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 19/01/2019 Shift 3) सामान्य विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) उच्च घनत्व: यह गलत है, क्योंकि BEC का निर्माण उच्च घनत्व पर नहीं बल्कि बहुत कम घनत्व पर होता है।
  • विकल्प (C) उच्च तापमान: यह गलत है, क्योंकि इसे अत्यधिक कम तापमान पर ठंडा करके बनाया जाता है, उच्च तापमान पर नहीं।
  • विकल्प (D) उच्च आर्द्रता: इसका इस वैज्ञानिक प्रक्रिया और भौतिक अवस्था से कोई संबंध नहीं है।

#64. निम्नलिखित में से कौन रंग की अशुद्धियों को अवशोषित करता है और घोल को घोलता है?
(RPF SI 2018 : 11 Jan 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) पशु चारकोल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पशु चारकोल (Animal Charcoal / Bone Black): यह कार्बन का एक रूप है, जिसे हवा की अनुपस्थिति में हड्डियों के भंजन आसवन (Destructive distillation) द्वारा प्राप्त किया जाता है। इसे ‘बोन चारकोल’ भी कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पशु चारकोल में रंगों और अशुद्धियों को अपनी सतह पर अवशोषित (Adsorb) करने की प्रबल क्षमता होती है।
    • इसका उपयोग चीनी उद्योग में चीनी के घोल को रंगहीन (Decolorise) करने और अशुद्धियाँ हटाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF SI : 11/01/2019 Shift 2) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘कार्बन और उसके यौगिक’ (अक्रिस्टलीय रूप) से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) अल्युमीनियम: यह एक प्रतिक्रियाशील धातु है, जो रंग की अशुद्धियों को अवशोषित करने का कार्य नहीं करती है।
  • विकल्प (B) हाइड्रोजन: यह एक हल्की गैस है जो मुख्य रूप से अपचायक (Reducing agent) के रूप में कार्य करती है, रंग अशुद्धियाँ हटाने के लिए इसका उपयोग नहीं होता।
  • विकल्प (C) पोटेशियम क्लोराइड: यह एक सामान्य लवण (Salt) है, जो इस प्रकार के अवशोषण या रंगहीन करने के गुणों से संबंधित नहीं है।

#65. द्रव कम संपीड़्य होते हैं, क्योंकि ___________________ ।
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) कणों के मध्यम अंतराल होते हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रवों की संपीड्यता (Compressibility of Liquids): द्रवों के कणों के बीच अंतराआणविक स्थान (Intermolecular space) ठोसों की तुलना में अधिक लेकिन गैसों की तुलना में बहुत कम होते हैं। इसी कारण द्रव अत्यधिक दबाव डालने पर भी बहुत कम संपीड्य (Incompressible) होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोसों में कण बहुत पास-पास होते हैं (नगण्य अंतराल), गैसों में अंतराल बहुत अधिक होता है (अतः वे अत्यधिक संपीड्य होती हैं), जबकि द्रवों में यह अंतराल मध्यम होता है।
    • यही कारण है कि द्रवों का आयतन निश्चित होता है लेकिन आकार निश्चित नहीं होता।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 15/12/2025) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं और उनके गुणों’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) उनका द्रव्यमान सदैव निश्चित रहता है: द्रव्यमान का निश्चित होना सभी पदार्थों (ठोस, द्रव, गैस) का सामान्य गुण है, यह संपीड्यता का कारण नहीं है।
  • विकल्प (B) उनमें घुलित गैसें होती हैं: यह द्रवों की संपीड्यता का मुख्य वैज्ञानिक कारण नहीं है।
  • विकल्प (C) उनका घनत्व सदैव ठोसों से कम होता है: घनत्व कम होना एक भौतिक गुण है, लेकिन संपीड्यता सीधे तौर पर अंतराआणविक दूरियों और बलों पर निर्भर करती है।



#66. LPG (द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस) को सिलेंडरों में द्रव रूप में संग्रहित किया जाता है क्योंकि ___________________ ।
(RRB ALP CBT 1 17/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) इसे उच्च दाब में शीतित और संपीडित किया जाता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एलपीजी (LPG – Liquefied Petroleum Gas): यह मुख्य रूप से प्रोपेन ($\text{C}_3\text{H}_8$) और ब्यूटेन ($\text{C}_4\text{H}_{10}$) जैसी हाइड्रोकार्बन गैसों का मिश्रण है।
  • मुख्य बिंदु:
    • किसी भी गैस को उच्च दाब (High Pressure) और कम तापमान (Cooling) पर रखकर द्रव अवस्था में बदला (Liquefy) जा सकता है।
    • इस प्रक्रिया द्वारा गैस का आयतन बहुत कम हो जाता है, जिससे एक छोटे सिलेंडर में भारी मात्रा में ईंधन को सुरक्षित रूप से संग्रहित करना संभव होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT 1 : 17/02/2026) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं और दाब के प्रभाव’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यह वायु के साथ अभिक्रिया करके द्रव बनाती है: यह कथन गलत है, एलपीजी वायु के संपर्क में आकर जलती है, न कि वायु से क्रिया करके द्रव बनाती है।
  • विकल्प (C) इसे उपयोग से पहले ठोस किया जाता है: यह गलत है, एलपीजी को सिलेंडर में द्रव रूप में रखा जाता है, ठोस रूप में नहीं।
  • विकल्प (D) इसे निम्न दाब में तप्त करके विस्तारित किया जाता है: यह भंडारण का सही तरीका नहीं है, बल्कि यह गैस के फैलाव से संबंधित है।

#67. एक ही तत्व या अलग-अलग तत्वों के परमाणु एक साथ मिलकर ______ बना सकते हैं।
(RRB JE CBT I -: 1 June 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) अणु

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अणु (Molecule): दो या दो से अधिक परमाणु रासायनिक रूप से आपस में जुड़कर अणु का निर्माण करते हैं। यह एक ही तत्व के परमाणु (जैसे-$\text{O}_2, \text{N}_2$) या अलग-अलग तत्वों के परमाणु (जैसे-$\text{H}_2\text{O}, \text{CO}_2$) हो सकते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • जब एक ही तत्व के परमाणु मिलते हैं, तो वह ‘तत्व का अणु’ (Molecule of an Element) कहलाता है।
    • जब भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु एक निश्चित अनुपात में मिलते हैं, तो वह ‘यौगिक का अणु’ (Molecule of a Compound) कहलाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 1 June 2019 Shift 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘अणु और परमाणु की संरचना’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) तत्व: तत्व शुद्ध पदार्थ होते हैं जो एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने होते हैं, लेकिन परमाणु मिलकर मुख्य रूप से अणु बनाते हैं।
  • विकल्प (C) आयन: आयन तब बनते हैं जब कोई परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण या त्याग करता है, न कि केवल परमाणुओं के आपस में मिलने से।
  • विकल्प (D) मिश्रधातु: यह दो या दो से अधिक धातुओं (या धातु और अधातु) का समांगी मिश्रण होता है, रासायनिक संयोजन से बनने वाला मूल कण अणु है।

#68. द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में बदलने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
(RRB JE CBT I -: 30 May 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) हिमीकरण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हिमीकरण (Freezing / Solidification): किसी पदार्थ के द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में बदलने की प्रक्रिया को हिमीकरण या जमना कहा जाता है। इस प्रक्रिया में पदार्थ से ऊष्मा बाहर निकलती है (तापमान कम होता है)।
  • मुख्य बिंदु:
    • उदाहरण के लिए, पानी ($\text{H}_2\text{O}$) का द्रव रूप से 0°C तापमान पर बर्फ (ठोस) में बदलना हिमीकरण का सबसे अच्छा उदाहरण है।
    • यह गलनांक (Melting point) की विपरीत प्रक्रिया है, जिसमें ठोस द्रव में बदलता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 30 May 2019 Shift 2) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं में परिवर्तन’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) वाष्पन (Evaporation): यह द्रव से गैस (वाष्प) में बदलने की प्रक्रिया है, न कि ठोस बनने की।
  • विकल्प (C) ऊर्ध्वपातन (Sublimation): यह ठोस से सीधे गैस (या गैस से सीधे ठोस) में बदलने की प्रक्रिया है (जैसे कपूर का उड़ना)।
  • विकल्प (D) वाष्पीकरण (Vaporization): यह भी द्रव अवस्था से गैसीय अवस्था में परिवर्तन की प्रक्रिया है।

#69. निम्नलिखित में से किस लवण में क्रिस्टलीकरण जल नहीं होता है?
(RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) खाने का सोडा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्रिस्टलीकरण का जल (Water of Crystallization): लवण के एक सूत्र इकाई (Formula unit) में मौजूद निश्चित संख्या में जल के अणुओं को क्रिस्टलीकरण का जल कहते हैं। खाने के सोडे ($\text{NaHCO}_3$) के रासायनिक सूत्र में क्रिस्टलीकरण का जल नहीं होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • खाने का सोडा (बेकिंग सोडा – सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट): रासायनिक सूत्र $\text{NaHCO}_3$ (इसमें जल का कोई अणु नहीं होता)।
    • वॉशिंग सोडा (धोने का सोडा): रासायनिक सूत्र $\text{Na}_2\text{CO}_3 \cdot 10\text{H}_2\text{O}$ (इसमें 10 अणु जल के होते हैं)।
    • नीला थोथा (कॉपर सल्फेट): रासायनिक सूत्र $\text{CuSO}_4 \cdot 5\text{H}_2\text{O}$ (इसमें 5 अणु जल के होते हैं)।
    • जिप्सम: रासायनिक सूत्र $\text{CaSO}_4 \cdot 2\text{H}_2\text{O}$ (इसमें 2 अणु जल के होते हैं)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 2 June 2019 Shift 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘लवण और उनके रासायनिक सूत्र’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) वॉशिंग सोडा: इसके एक अणु में 10 जल के अणु ($\text{Na}_2\text{CO}_3 \cdot 10\text{H}_2\text{O}$) होते हैं।
  • विकल्प (C) नीला थोथा: इसके एक अणु में 5 जल के अणु ($\text{CuSO}_4 \cdot 5\text{H}_2\text{O}$) होते हैं।
  • विकल्प (D) जिप्सम: इसके एक अणु में 2 जल के अणु ($\text{CaSO}_4 \cdot 2\text{H}_2\text{O}$) होते हैं।

#70. एक धातु के तार को खींचा जाता है, लेकिन यह आसानी से नहीं टूटता है। यह गुण किस रूप में जाना जाता है?
(RRB JE ECE 22 Apr 2025 Shift 2 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (B) तन्यता

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तन्यता (Ductility): धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तारों (Wires) में परिवर्तित किया जा सकता है, तन्यता कहलाता है। इस गुण के कारण धातुएं आसानी से खिंचाव सह लेती हैं और जल्दी टूटती नहीं हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोना ($\text{Au}$) और चांदी ($\text{Ag}$) सबसे अधिक तन्य (Ductile) धातुएं हैं। उदाहरण के लिए, 1 ग्राम सोने से लगभग 2 किलोमीटर लंबा तार खींचा जा सकता है।
    • यह धातुओं के प्रमुख भौतिक गुणों में से एक है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ECE : 22 Apr 2025 Shift 2 CBT 2) रसायन विज्ञान एवं भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कठोरता (Hardness): यह किसी पदार्थ के खरोंच या स्थायी विरूपण के प्रतिरोध करने की क्षमता है, न कि खींचकर तार बनाने का गुण।
  • विकल्प (C) आघातवर्धनीयता (Malleability): यह धातुओं को पीटकर पतली चादरों (Sheets) में बदलने का गुण है (जैसे एल्युमिनियम या लोहे की चादरें बनाना)।
  • विकल्प (D) भंगुरता (Brittleness): यह पदार्थों का वह गुण है जिसके कारण वे बल या आघात लगने पर आसानी से टूट या बिखर जाते हैं (जैसे कांच या नमक)।



#71. एथेनॉल की सोडियम के साथ अभिक्रिया होने पर किस प्रकार की गैस मुक्त होती है?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) हाइड्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथेनॉल की सोडियम के साथ अभिक्रिया: जब एथेनॉल ($\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}$) की सोडियम ($\text{Na}$) धातु के साथ अभिक्रिया कराई जाती है, तो सोडियम एथॉक्साइड ($\text{C}_2\text{H}_5\text{ONa}$) बनता है और इसके साथ ही हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) मुक्त होती है।
  • रासायनिक समीकरण:
    • $2\text{C}_2\text{H}_5\text{OH} + 2\text{Na} \rightarrow 2\text{C}_2\text{H}_5\text{ONa} + \text{H}_2\uparrow$
    • यह अभिक्रिया एथेनॉल (ऐल्कोहॉल) की उपस्थिति और उसके अम्लीय स्वभाव की जाँच के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण भी है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08/01/2026) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुणधर्म (एथेनॉल और एथेनोइक अम्ल)’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) मेथेन: यह एक संतृप्त हाइड्रोकार्बन है, जो इस अभिक्रिया के दौरान मुक्त नहीं होता है।
  • विकल्प (C) कार्बन डाइऑक्साइड: यह कार्बोनेट या हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अम्ल की क्रिया पर निकलती है, सोडियम और एथेनॉल की क्रिया पर नहीं।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन: यह इस रासायनिक प्रतिक्रिया का उत्पाद नहीं है।

#72. जल के नीचे रहने के लिए जंतुओं द्वारा किस गैस का उपयोग किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) घुलित ऑक्सीजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जलजीवों द्वारा श्वसन (Respiration by Aquatic Animals): पानी में रहने वाले जंतु (जैसे मछलियाँ, झींगे आदि) जीवित रहने और श्वसन प्रक्रिया के लिए पानी में घुली हुई ऑक्सीजन ($\text{Dissolved O}_2$) का उपयोग करते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • मछलियाँ अपने गिल्स (क्लोम या गलफड़ों) की सहायता से जल में घुली हुई ऑक्सीजन को अवशोषित करती हैं।
    • जल में ऑक्सीजन के घुलने की क्षमता के कारण ही जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Aquatic Ecosystem) जीवित रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 03/12/2025) सामान्य विज्ञान / जीव विज्ञान के अंतर्गत ‘जैव प्रक्रम और श्वसन’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) नाइट्रोजन: यह गैस जंतुओं द्वारा श्वसन के लिए उपयोग नहीं की जाती है।
  • विकल्प (B) कार्बन डाइऑक्साइड: यह श्वसन के दौरान जंतुओं द्वारा बाहर छोड़ी जाती है, न कि सांस लेने के लिए उपयोग की जाती है।
  • विकल्प (C) शुष्क कार्बन डाइऑक्साइड: इसका जलीय जीवों के श्वसन से कोई संबंध नहीं है (इसे ठोस अवस्था में शुष्क बर्फ भी कहते हैं)।

#73. निम्नलिखित में से कौन सी एक मुख्य ग्रीनहाउस गैस है जो ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार है?
(RRB ALP CBT-II Fitter : 06 May, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) कार्बन डाइऑक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ग्रीनहाउस गैसें और ग्लोबल वार्मिंग (Greenhouse Gases & Global Warming): कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) पृथ्वी के वायुमंडल में पाई जाने वाली सबसे मुख्य ग्रीनहाउस गैस है, जो ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक तापन) के लिए उत्तरदायी है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह गैस सूर्य की किरणों को पृथ्वी तक आने देती है, लेकिन पृथ्वी से परावर्तित होने वाली इंफ्रारेड (ऊष्मीय) किरणों को रोक लेती है, जिससे वायुमंडल का तापमान बढ़ता है (ग्रीनहाउस प्रभाव)।
    • अन्य मुख्य ग्रीनहाउस गैसों में मीथेन ($\text{CH}_4$), जलवाष्प ($\text{H}_2\text{O}$) और नाइट्रस ऑक्साइड ($\text{N}_2\text{O}$) शामिल हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-II Fitter : 06 May, 2025 Shift 2) पर्यावरण अध्ययन और सामान्य विज्ञान के अंतर्गत ‘प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) नाइट्रोजन: यह वायुमंडल में सबसे अधिक (लगभग 78%) पाई जाने वाली गैस है, लेकिन यह ग्रीनहाउस गैस नहीं है।
  • विकल्प (B) हीलियम: यह एक हल्की अक्रिय (Noble) गैस है, जिसका ग्लोबल वार्मिंग से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन: यह जीवनदायिनी गैस है जो वायुमंडल में लगभग 21% होती है, लेकिन यह ग्रीनहाउस प्रभाव उत्पन्न नहीं करती।

#74. ध्वनि किस माध्यम में अधिकतम चाल से गमन करती है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) ठोस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ध्वनि की चाल (Speed of Sound): ध्वनि एक यांत्रिक तरंग (Mechanical wave) है जिसे गमन करने के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है। ध्वनि की चाल सबसे अधिक **ठोस (Solids)** माध्यम में होती है, उससे कम द्रवों (Liquids) में, और सबसे कम गैसों (Gases) में होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोसों में कण बहुत पास-पास और उनकी प्रत्यास्थता (Elasticity) अधिक होती है, जिसके कारण कंपन तेजी से आगे ट्रांसफर होते हैं।
    • उदाहरण के लिए, हवा में ध्वनि की चाल लगभग 343 m/s होती है, जबकि पानी में यह लगभग 1480 m/s और स्टील (ठोस) में लगभग 5130 m/s होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26 May 2019 Shift 2 CBT 1) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘ध्वनि तरंगें और उनके गुण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) द्रव: द्रवों में ध्वनि की चाल ठोसों की तुलना में कम होती है।
  • विकल्प (C) गैसों और द्रवों में समान चाल: यह कथन गलत है क्योंकि ध्वनि की चाल अलग-अलग माध्यमों में भिन्न होती है।
  • विकल्प (D) गैस: गैसों में अणुओं के बीच की दूरी अधिक होने के कारण ध्वनि की चाल सबसे कम होती है।

#75. प्रकाश संश्लेषण में उत्पादित कार्बोहाइड्रेट, जिनका तुरंत उपयोग नहीं किया जाता, पादपों में ______ के रूप में संग्रहित हो जाते हैं।
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) मंड ( starch)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रकाश संश्लेषण में भोजन का भंडारण (Storage of Food in Plants): प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के दौरान पौधे सूर्य के प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड और जल की मदद से ग्लूकोज (कार्बोहाइड्रेट) बनाते हैं। जो कार्बोहाइड्रेट तुरंत उपयोग नहीं किए जाते, उन्हें पौधों में मंड या स्टार्च (Starch) के रूप में आंतरिक ऊर्जा भंडार के रूप में संग्रहित कर लिया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह संग्रहित स्टार्च पौधों को आवश्यकता पड़ने पर ऊर्जा प्रदान करता है।
    • जंतुओं में भोजन का भंडारण ग्लाइकोजन (Glycogen) के रूप में होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 21/12/2025) जीव विज्ञान के अंतर्गत ‘पादप पोषण एवं प्रकाश संश्लेषण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ग्लूकोज: यह प्रकाश संश्लेषण के दौरान उत्पादित होने वाला प्राथमिक कार्बोहाइड्रेट है, लेकिन इसका तुरंत उपयोग न होने पर यह स्टार्च में बदल जाता है।
  • विकल्प (C) सेल्यूलोज: यह एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है जो पौधों की कोशिका भित्ति (Cell wall) के निर्माण में काम आता है, न कि ऊर्जा के रूप में मुख्य भंडारण के लिए।
  • विकल्प (D) प्रोटीन: यह नाइट्रोजनयुक्त कार्बनिक यौगिक है, जो मुख्य रूप से पादपों की वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक होता है।



#76. बेकिंग चूर्ण में मौजूद तत्वों के नाम बताइए।
(RRB NTPC CBT-I : 12 Mar 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) सोडियम, हाइड्रोजन, कार्बन और ऑक्सीजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेकिंग पाउडर / बेकिंग सोडा (Baking Powder / Sodium Hydrogen Carbonate): बेकिंग पाउडर मुख्य रूप से सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट ($\text{NaHCO}_3$) और एक हल्के खाद्य अम्ल (जैसे टाटरिक अम्ल) का मिश्रण होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट ($\text{NaHCO}_3$) के रासायनिक सूत्र में मुख्य रूप से चार तत्व शामिल होते हैं: **सोडियम (Na), हाइड्रोजन (H), कार्बन (C) और ऑक्सीजन (O)**।
    • इसका उपयोग केक, ब्रेड आदि को स्पंजी और मुलायम बनाने में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 12 Mar 2021 Shift 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘महत्वपूर्ण यौगिक और उनके तत्वों’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A), (B) और (C): इन विकल्पों में सल्फर ($\text{S}$) या पोटैशियम ($\text{K}$) दिया गया है, जो बेकिंग सोडे के रासायनिक संघटन में मौजूद नहीं होते हैं।

#77. जब 112 g सोडियम हाइड्रोक्साइड 44 g कार्बन डाइऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करता है, जिसके परिणामस्वरूप 18 g जल प्राप्त होता है, तो कितने ग्राम (g) सोडियम कार्बोनेट उत्पन्न होता है?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) 138 g

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन होता है और न ही विनाश। अभिकारक (Reactants) का कुल द्रव्यमान हमेशा उत्पाद (Products) के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।
  • रासायनिक समीकरण एवं गणना:
    • अभिक्रिया: $2\text{NaOH} + \text{CO}_2 \rightarrow \text{Na}_2\text{CO}_3 + \text{H}_2\text{O}$
    • अभिकारकों का कुल द्रव्यमान = $\text{NaOH}$ का द्रव्यमान + $\text{CO}_2$ का द्रव्यमान
    • = $112\text{ g} + 44\text{ g} = 156\text{ g}$
    • उत्पाद का कुल द्रव्यमान = $\text{Na}_2\text{CO}_3$ का द्रव्यमान + जल ($\text{H}_2\text{O}$) का द्रव्यमान
    • $156\text{ g} = \text{सोडियम कार्बोनेट का द्रव्यमान} + 18\text{ g}$
    • सोडियम कार्बोनेट का द्रव्यमान = $156\text{ g} – 18\text{ g} = 138\text{ g}$
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 16/12/2025) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘रासायनिक संयोजन के नियम (द्रव्यमान संरक्षण)’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B), (C) और (D): ये मान द्रव्यमान संरक्षण के नियम ($156 – 18 = 138$) के गणितीय संतुलन के अनुसार गलत हैं।

#78. जब परमाणु आपस में रासायनिक बंध बनाते हैं तो ______ का निर्माण होता है।
(RRB JE 25 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (C) अणु

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक बंध और अणु (Chemical Bonds and Molecules): जब दो या दो से अधिक परमाणु रासायनिक बंध (Chemical bond) द्वारा आपस में जुड़ते हैं, तो वे अणु (Molecule) या यौगिक का निर्माण करते हैं। यह एक ही तत्व के परमाणु हो सकते हैं या अलग-अलग तत्वों के भी।
  • मुख्य बिंदु:
    • परमाणुओं के बीच यह संयोजन उनके स्थायित्व (Stability) को प्राप्त करने के लिए होता है (जैसे इलेक्ट्रॉन साझा करके या उनका आदान-प्रदान करके)।
    • अणु किसी पदार्थ का वह सूक्ष्मतम कण है जो स्वतंत्र रूप से रह सकता है और उस पदार्थ के सभी गुण प्रदर्शित करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 25 May 2019 Shift 2 CBT 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘रासायनिक बंधन एवं परमाणु संरचना’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) तत्व: तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से मिलकर बने शुद्ध पदार्थ होते हैं, लेकिन रासायनिक बंधों के संयोजन से मूल रूप से अणु बनते हैं।
  • विकल्प (B) मिश्र धातु: यह दो या दो से अधिक धातुओं या अधातुओं का भौतिक मिश्रण होता है, रासायनिक बंधों द्वारा सीधे एकल परमाणु स्तर पर बनने वाला उत्पाद नहीं।
  • विकल्प (D) तत्व और मिश्रधातु दोनों: यह कथन वैज्ञानिक रूप से गलत है।

#79. जब सल्फ्यूरिक एसिड को जिंक पर डाला जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन सी गैस बनती है?
(RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) हाइड्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातु की अम्ल के साथ अभिक्रिया: जब कोई सक्रिय धातु (जैसे जिंक / जस्ता) तनु सल्फ्यूरिक एसिड ($\text{H}_2\text{SO}_4$) के साथ अभिक्रिया करती है, तो धातु का लवण (जिंक सल्फेट) बनता है और साथ में हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) मुक्त होती है।
  • रासायनिक समीकरण:
    • $\text{Zn} + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{ZnSO}_4 + \text{H}_2\uparrow$
    • यह अभिक्रिया इस बात का उदाहरण है कि कैसे सक्रिय धातुएं अम्लों से हाइड्रोजन को विस्थापित करती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 2 June 2019 Shift 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘अम्ल, क्षार और लवण के रासायनिक गुण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) ऑक्सीजन: यह इस विस्थापन अभिक्रिया के दौरान उत्पाद के रूप में उत्पन्न नहीं होती है।
  • विकल्प (C) जिंक डाइऑक्साइड: इस तरह का कोई सामान्य यौगिक इस अभिक्रिया में नहीं बनता (बल्कि जिंक सल्फेट बनता है)।
  • विकल्प (D) सल्फर डाइऑक्साइड: यह सामान्यतः सांद्र सल्फ्यूरिक एसिड की कुछ विशेष धातुओं के साथ क्रिया पर बनती है, न कि तनु सल्फ्यूरिक एसिड और जिंक की सामान्य क्रिया पर।

#80. निम्नलिखित में से किस पदार्थ में दाब में परिवर्तन होने पर आकार में सबसे कम परिवर्तन होता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) ठोस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पदार्थ की संपीड्यता और दाब का प्रभाव (Compressibility and Effect of Pressure): ठोस पदार्थों के कणों के बीच अंतराआणविक स्थान (Intermolecular space) अत्यंत नगण्य होता है और उनके बीच आकर्षण बल बहुत मजबूत होता है। यही कारण है कि दाब में परिवर्तन करने पर ठोसों के आकार या आयतन में सबसे कम परिवर्तन (या न के बराबर संपीड्यता) होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोस: अत्यधिक कठोर और लगभग असंपीड्य (Incompressible) होते हैं।
    • द्रव और गैस: द्रवों में अंतराल थोड़ा अधिक होता है और गैसों में यह बहुत अधिक होता है, जिसके कारण गैसें अत्यधिक संपीड्य (Compressible) होती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं और उनके भौतिक गुणों’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) द्रव: द्रवों का आकार निश्चित नहीं होता (वे बर्तन का आकार ले लेते हैं) और ठोसों की तुलना में इनमें दाब का प्रभाव थोड़ा अधिक होता है।
  • विकल्प (B) प्लाज्मा: यह अत्यधिक ऊर्जावान और उत्तेजित कणों वाली अवस्था है, जो गैस की तरह ही अत्यधिक परिवर्तनशील होती है।
  • विकल्प (C) गैस: गैसों की संपीड्यता सबसे अधिक होती है, यानी दाब बदलने पर इनके आयतन और आकार में बहुत अधिक परिवर्तन होता है।



#81. ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए मुख्यतः कौन-सी गैस उत्तरदायी है और जीवाश्म ईंधनों के दहन पर उत्पन्न होती है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) कार्बन डाइऑक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ग्रीनहाउस प्रभाव और जीवाश्म ईंधन (Greenhouse Effect & Fossil Fuels): कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी गैस है। जब कोयला, पेट्रोल, डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों (Fossil fuels) का दहन होता है, तो भारी मात्रा में $\text{CO}_2$ गैस वायुमंडल में मुक्त होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह गैस पृथ्वी द्वारा परावर्तित ऊष्मीय विकिरणों को अवशोषित करती है जिससे वैश्विक तापमान (Global Warming) में वृद्धि होती है।
    • औद्योगिक क्रांति के बाद से जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग के कारण वायुमंडल में $\text{CO}_2$ की मात्रा लगातार बढ़ रही है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 01/12/2025) पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी / सामान्य विज्ञान के अंतर्गत ‘ग्रीनहाउस गैसों और प्रदूषण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ऑक्सीजन: यह दहन में सहायक होती है और जीवन के लिए आवश्यक है, लेकिन यह ग्रीनहाउस गैस नहीं है।
  • विकल्प (B) नाइट्रोजन: यह वायुमंडल में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है और जीवाश्म ईंधनों के सामान्य दहन पर ग्रीनहाउस प्रभाव नहीं डालती।
  • विकल्प (D) हाइड्रोजन: यह एक स्वच्छ ईंधन है जिसके जलने से मुख्य रूप से जल ($\text{H}_2\text{O}$) बनता है, न कि ग्लोबल वार्मिंग बढ़ाने वाली मुख्य ग्रीनहाउस गैस।

#82. निम्नलिखित में से कौन-सी गैस की विशेषता नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) इसका आकार निश्चित होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैसों की विशेषताएँ (Characteristics of Gases): गैसों का न तो निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन। जिस बर्तन में इन्हें रखा जाता है, यह उसी का पूरा आकार और आयतन ग्रहण कर लेती हैं। अतः ‘इसका आकार निश्चित होता है’ गैस की विशेषता नहीं बल्कि गलत कथन है।
  • मुख्य बिंदु:
    • गैसों के कणों के बीच अंतराआणविक आकर्षण बल बहुत कम होता है, जिससे वे बहुत ढीले ढंग से पैक होते हैं।
    • इनकी संपीड्यता (Compressibility) और विसरण की दर (Rate of diffusion) ठोसों और द्रवों की तुलना में बहुत अधिक होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं और उनके गुणों’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं? – यानी ये गैस की विशेषताएँ हैं):
  • विकल्प (A) यह अत्यधिक संपीड़्य है: यह गैसों का एक प्रमुख गुण है क्योंकि दाब बढ़ाने पर इनका आयतन कम किया जा सकता है।
  • विकल्प (B) विसरण की दर बहुत अधिक होती है: गैस के कण तेजी से गति करते हैं जिससे वे अन्य गैसों में बहुत जल्दी मिल जाते हैं।
  • विकल्प (D) कण बहुत ढीले ढंग से पैक किए जाते हैं: गैसों में कणों के बीच रिक्त स्थान अत्यधिक होता है, जो इसकी सही विशेषता है।

#83. प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) $\text{CaSO}_4\cdot\frac{1}{2}\text{H}_2\text{O}$

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris – POP): इसका रासायनिक नाम कैसियम सल्फेट अर्धहाइड्रेट (Hemihydrate) है। इसका रासायनिक सूत्र $\text{CaSO}_4\cdot\frac{1}{2}\text{H}_2\text{O}$ होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसे जिप्सम ($\text{CaSO}_4\cdot2\text{H}_2\text{O}$) को 373 K तापमान पर गर्म करके बनाया जाता है।
    • इसका उपयोग टूटी हुई हड्डियों को सही स्थिति में स्थिर रखने के लिए प्लास्टर करने, खिलौने और मूर्तियाँ बनाने तथा दीवारों को चिकना करने में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/12/2025) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘महत्वपूर्ण लवण और उनके रासायनिक सूत्र’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) $\text{CaCO}_3$: यह कैल्सियम कार्बोनेट (चूना पत्थर / संगमरमर) का सूत्र है।
  • विकल्प (C) $\text{CaSO}_4$: यह निर्जल कैल्सियम सल्फेट (Anhydrous Calcium Sulfate) है।
  • विकल्प (D) $\text{CaSO}_4\cdot2\text{H}_2\text{O}$: यह जिप्सम (Gypsum) का रासायनिक सूत्र है, जिससे प्लास्टर ऑफ पेरिस प्राप्त किया जाता है।

#84. निम्नलिखित में से कौन-सी तकनीक का उपयोग मिश्रण से कोलायडल कणों को अलग करने के लिए किया जाता है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) अपकेंद्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपकेंद्रण (Centrifugation): कोलाइडी विलयन के कणों का आकार इतना सूक्ष्म होता है कि वे साधारण निस्यंदन (Filtration) पत्र से आसानी से पार निकल जाते हैं। इसलिए, कोलाइडी कणों या बहुत बारीक निलंबित कणों को अलग करने के लिए अपकेंद्रण तकनीक का उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस विधि में मिश्रण को तेजी से घुमाया जाता है, जिससे भारी कण नीचे बैठ जाते हैं और हल्के कण ऊपर रह जाते हैं (सिद्धांत: घनत्व के आधार पर पृथक्करण)।
    • दैनिक जीवन में इसका सबसे आम उदाहरण दूध से क्रीम (मक्खन) को अलग करना तथा चिकित्सालयों में रक्त परीक्षण (Blood test) के दौरान प्लाज्मा और रक्त कोशिकाओं को अलग करना है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘मिश्रणों का पृथक्करण और कोलाइडी विलयन’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) आसवन (Distillation): इसका उपयोग दो या दो से अधिक घुलनशील द्रवों (जिनके क्वथनांक में अंतर हो) को अलग करने के लिए किया जाता है।
  • विकल्प (B) निस्यंदन (Filtration): यह तकनीक निलंबन (Suspension) के बड़े कणों को अलग करने में काम आती है, लेकिन कोलाइडी कण इससे छनकर बाहर निकल जाते हैं अतः यह उनके लिए उपयुक्त नहीं है।
  • विकल्प (C) वाष्पीकरण (Evaporation): इसका उपयोग किसी ठोस विलेय को उसके वाष्पशील विलायक (जैसे नमक और पानी) से अलग करने के लिए किया जाता है।

#85. ध्वनि ______ से होकर नहीं गुजर सकती।
(RPF Constable 2018 19 Jan 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) वैक्यूम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ध्वनि तरंगों का संचरण (Propagation of Sound Waves): ध्वनि एक यांत्रिक तरंग (Mechanical wave) है, जिसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए किसी न किसी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • चूँकि निर्वात या वैक्यूम (Vacuum) में कोई कण या माध्यम उपस्थित नहीं होता है, इसलिए **ध्वनि निर्वात से होकर नहीं गुजर सकती** (यही कारण है कि अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री एक-दूसरे की आवाज़ नहीं सुन सकते)।
    • ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम के कणों का कंपन करना आवश्यक है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 19 Jan 2019 Shift 2) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘ध्वनि तरंगों के संचरण और माध्यम की आवश्यकता’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ग्रेनाइट: यह एक ठोस चट्टान / माध्यम है, जिससे होकर ध्वनि बहुत तेजी से गुजर सकती है।
  • विकल्प (B) आसुत जल: यह एक तरल माध्यम है, जिसके अंदर ध्वनि तरंगें गमन कर सकती हैं।
  • विकल्प (D) हीलियम गैस: यह एक गैसीय माध्यम है, और गैसों में भी ध्वनि का संचरण संभव होता है।



#86. निम्नलिखित में से कौन सा ऑटोमोबाइल निकास का परिक्षिप्त प्रावस्था है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) ठोस प्रावस्था

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऑटोमोबाइल निकास और कोलाइडी विलयन (Automobile Exhaust & Colloids): ऑटोमोबाइल (वाहनों) के निकास से निकलने वाला धुआँ एक प्रकार का एरोसोल (Aerosol) कोलाइड होता है, जिसमें हवा (गैस) माध्यम में ठोस कण (जैसे कार्बन के कण या कालिख) परिक्षिप्त (Dispersed) रहते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस प्रकार के कोलाइडी तंत्र में, परिक्षिप्त प्रावस्था (Dispersed Phase) ठोस रूप में होती है और परिक्षेपण माध्यम (Dispersion Medium) गैस होती है।
    • यह वायु प्रदूषण का एक प्रमुख घटक है, जो दृश्यता को कम करता है और श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘कोलाइडी विलयन और उनके प्रकार (एरोसोल)’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) प्लाज्मा प्रावस्था: यह पदार्थ की चौथी अवस्था है, जो उच्च तापमान पर आयनित गैस के रूप में होती है, न कि ऑटोमोबाइल निकास के सामान्य कणों में।
  • विकल्प (C) द्रव प्रावस्था: यदि परिक्षिप्त प्रावस्था द्रव होती (जैसे कोहरा या बादल), तो वह अलग प्रकार का एरोसोल बनता, जबकि धुएँ में मुख्य रूप से ठोस कण होते हैं।
  • विकल्प (D) गैसीय प्रावस्था: गैस यहाँ परिक्षेपण माध्यम (Dispersion Medium) का कार्य करती है, न कि परिक्षिप्त प्रावस्था का।

#87. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ जैवनिम्नीकरणीय है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) मृत पौधा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जैवनिम्नीकरणीय पदार्थ (Biodegradable Substances): वे पदार्थ जो जैविक प्रक्रियाओं (सूक्ष्मजीवों जैसे बैक्टीरिया और कवक द्वारा) के माध्यम से समय के साथ सरल और प्राकृतिक घटकों में विघटित हो जाते हैं, जैवनिम्नीकरणीय कहलाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • मृत पौधे, जैविक कचरा, कागज और फल-सब्जियों के छिलके इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
    • ये पर्यावरण को प्रदूषित किए बिना प्रकृति में आसानी से घुल-मिल जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2) सामान्य विज्ञान / पर्यावरण अध्ययन के अंतर्गत ‘अपशिष्ट प्रबंधन और पारिस्थितिकी’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) प्लास्टिक की थैली: यह एक अजैवनिम्नीकरणीय (Non-biodegradable) कृत्रिम उत्पाद है जो सैकड़ों वर्षों तक पर्यावरण में जस का तस बना रहता है।
  • विकल्प (C) काँच: काँच एक अजैवनिम्नीकरणीय अकार्बनिक पदार्थ है जिस पर सूक्ष्मजीवों का कोई विघटनकारी प्रभाव नहीं पड़ता।
  • विकल्प (D) बिजली का तार: इसमें तांबा/एल्युमिनियम धातु और ऊपर सिंथेटिक प्लास्टिक/पीवीसी का आवरण होता है, जो दोनों ही अजैवनिम्नीकरणीय हैं।

#88. एक वस्तु पानी पर तैरती है यदि ______ ।
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) इसका घनत्व पानी से कम है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्लवन का नियम (Law of Flotation): आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, कोई वस्तु किसी द्रव पर तभी तैरती है जब उसका घनत्व (Density) उस द्रव के घनत्व से कम होता है। ऐसे में वस्तु अपने भार के बराबर द्रव विस्थापित करती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यदि वस्तु का घनत्व पानी के घनत्व से कम है, तो उस पर लगने वाला उत्प्लावन बल (Buoyant force) उसके भार से अधिक यासंतुलित हो जाता है जिससे वह तैरती है।
    • इसके विपरीत, यदि घनत्व पानी से अधिक है, तो वस्तु पानी में डूब जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 14/12/2025) भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘गुरुत्वाकर्षण, उत्प्लावन बल और पदार्थों के यांत्रिक गुण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) इसका आयतन बहुत कम है: तैरना या डूबना वस्तु के आयतन पर नहीं, बल्कि उसके घनत्व (द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन) पर निर्भर करता है।
  • विकल्प (B) इसका भार शून्य है: पानी पर तैरने वाली वस्तुओं (जैसे लकड़ी या बर्फ) का भार शून्य नहीं होता, बल्कि उनका गुरुत्वाकर्षण बल उत्प्लावन बल द्वारा संतुलित होता है।
  • विकल्प (C) इसका घनत्व पानी से अधिक है: यदि किसी वस्तु का घनत्व पानी से अधिक होगा, तो वह पानी में डूब जाएगी (तैर नहीं सकेगी)।

#89. निम्नलिखित सहसंयोजक यौगिकों में से किसमें साझा इलेक्ट्रॉन युग्मों की संख्या सबसे कम होगी?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) $\text{H}_2$

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सहसंयोजक बंध और साझा इलेक्ट्रॉन युग्म (Covalent Bonds & Shared Electron Pairs): जब दो परमाणु आपस में इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करके रासायनिक बंध बनाते हैं, तो उसे सहसंयोजक बंध कहते हैं। साझा किए गए इलेक्ट्रॉनों के जोड़ों (युग्मों) की संख्या विभिन्न अणुओं में भिन्न होती है:
  • मुख्य बिंदु:
    • हाइड्रोजन ($\text{H}_2$): इसमें दोनों हाइड्रोजन परमाणुओं के बीच केवल 1 इलेक्ट्रॉन युग्म का साझा होता है, जिससे एकल बंध ($\text{H—H}$) बनता है। अतः इसमें साझा इलेक्ट्रॉन युग्मों की संख्या सबसे कम (**1 युग्म**) है।
    • ऑक्सीजन ($\text{O}_2$): इसमें दो ऑक्सीजन परमाणुओं के बीच 2 इलेक्ट्रॉन युग्मों का साझा होता है (द्विबंध / $\text{O=O}$).
    • नाइट्रोजन ($\text{N}_2$): इसमें दो नाइट्रोजन परमाणुओं के बीच 3 इलेक्ट्रॉन युग्मों का साझा होता है (त्रिबंध / $\text{N}\equiv\text{N}$).
    • मीथेन ($\text{CH}_4$): इसमें कार्बन और चार हाइड्रोजन परमाणुओं के बीच कुल 4 एकल सहसंयोजक बंध (यानि कुल 4 इलेक्ट्रॉन युग्म) होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 16/12/2025) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘रासायनिक आबंधन और सहसंयोजक यौगिक’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) $\text{O}_2$: इसमें 2 साझा इलेक्ट्रॉन युग्म होते हैं, जो $\text{H}_2$ से अधिक हैं।
  • विकल्प (C) $\text{CH}_4$: इसमें कुल 4 साझा इलेक्ट्रॉन युग्म होते हैं।
  • विकल्प (D) $\text{N}_2$: इसमें 3 साझा इलेक्ट्रॉन युग्म होते हैं।

#90. उच्च सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र में किसी पदार्थ के संचलन को रूप में जाना जाता है:
(RRB JE 23 May 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) विसरण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विसरण (Diffusion): किसी पदार्थ के अणुओं या कणों का अपनी उच्च सांद्रता (Higher concentration) के क्षेत्र से कम सांद्रता (Lower concentration) के क्षेत्र की ओर स्वतः संचलन या गति करना विसरण कहलाता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक कि दोनों क्षेत्रों में सांद्रता समान न हो जाए।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह गैसों, द्रवों और कुछ हद तक ठोसों में भी होती है, लेकिन गैसों में विसरण की दर सबसे अधिक होती है (जैसे अगरबत्ती की खुशबू का पूरे कमरे में फैलना)।
    • जीव विज्ञान में कोशिकाओं के भीतर ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान भी इसी प्रक्रिया द्वारा होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 23 May 2019 Shift 2) रसायन विज्ञान / भौतिकी के अंतर्गत ‘पदार्थ के सामान्य गुणों और विसरण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) संघनन (Condensation): यह वह प्रक्रिया है जिसमें गैस या वाष्प ठंडी होकर द्रव अवस्था में बदलती है।
  • विकल्प (B) ऊर्ध्वपातन (Sublimation): इसमें कोई ठोस पदार्थ बिना द्रव में बदले सीधे गैस में (या गैस सीधे ठोस में) परिवर्तित होता है (जैसे कपूर का उड़ना)।
  • विकल्प (D) वाष्पन (Evaporation): यह वह प्रक्रिया है जिसमें कोई द्रव अपने क्वथनांक से नीचे के तापमान पर धीरे-धीरे वाष्प (गैस) में परिवर्तित होता है।



#91. निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक, स्थिर अनुपात के नियम का पालन करता है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions / Proust’s Law): इस नियम के अनुसार, किसी रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के अनुसार एक निश्चित (स्थिर) अनुपात में मौजूद होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो या किसी भी विधि से बनाया गया हो।
  • मुख्य बिंदु:
    • जल ($\text{H}_2\text{O}$): जल एक शुद्ध यौगिक है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात हमेशा $1:8$ होता है (चाहे जल नदी का हो, समुद्र का हो या प्रयोगशाला में बनाया गया हो), इसलिए यह स्थिर अनुपात के नियम का पूर्ण पालन करता है।
    • यौगिक हमेशा एक निश्चित रासायनिक सूत्र वाले शुद्ध पदार्थ होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09/03/2026) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘रासायनिक संयोजन के नियमों’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पीतल: पीतल एक मिश्रण (मिश्र धातु) है, यौगिक नहीं। मिश्रणों में घटकों का अनुपात निश्चित नहीं होता।
  • विकल्प (B) वायु: वायु विभिन्न गैसों (जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन आदि) का एक समांगी मिश्रण है, जिसका संघटन स्थान और समय के साथ थोड़ा बदल सकता है।
  • विकल्प (D) मृदा: मृदा विभिन्न खनिजों, कार्बनिक पदार्थों और गैसों का एक विषमांगी मिश्रण है।

#92. फेस क्रीम किस प्रकार के कोलाइड रूप से संबंधित है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) इमल्शन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • इमल्शन या पायस (Emulsion): इमल्शन एक ऐसा कोलाइडी तंत्र होता है जिसमें परिक्षिप्त प्रावस्था (Dispersed Phase) और परिक्षेपण माध्यम (Dispersion Medium) दोनों ही द्रव (Liquids) होते हैं। फेस क्रीम, मक्खन, और दूध इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • फेस क्रीम में एक द्रव (जैसे तेल) दूसरे द्रव (जैसे पानी) में परिक्षिप्त रहता है (अक्सर तेल-में-पानी या पानी-में-तेल का प्रकार)।
    • इमल्शन को लंबे समय तक स्थिर रखने के लिए इमल्सीफायर (Emulsifier) का उपयोग किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘कोलाइडी विलयन के प्रकार और उनके उदाहरण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ठोस: यह कोलाइड का कोई विशिष्ट प्रकार नहीं है जहाँ केवल ठोस प्रावस्था हो (कोलाइड में माध्यम और प्रावस्था दोनों का संयोजन होता है)।
  • विकल्प (B) जेल (Gel): इसमें ठोस माध्यम में द्रव परिक्षिप्त होता है (जैसे हेयर जेल या पनीर), जबकि फेस क्रीम एक इमल्शन है।
  • विकल्प (C) फोम (Foam): इसमें ठोस या द्रव माध्यम में गैस परिक्षिप्त होती है (जैसे शेविंग क्रीम या साबुन का झाग)।

#93. निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर (गलत कथन): (C) पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल की प्रबलता स्थिर रहती है, चाहे पदार्थ किसी भी प्रकार का हो।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल (Intermolecular Force of Attraction): पदार्थ के कणों के बीच एक प्रकार का आकर्षण बल कार्य करता है जो उन्हें एक साथ बांधकर रखता है। लेकिन इस बल की प्रबलता सभी पदार्थों में एक समान नहीं होती, बल्कि यह अलग-अलग पदार्थों (ठोस, द्रव और गैस) में भिन्न-भिन्न होती है। अतः विकल्प (C) एक गलत कथन है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोस पदार्थों में: आकर्षण बल सबसे मजबूत होता है।
    • द्रव पदार्थों में: आकर्षण बल ठोसों की तुलना में थोड़ा कमजोर होता है।
    • गैसों में: यह बल नगण्य या सबसे कम होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 25 Nov, 2024 Shift 2) भौतिक विज्ञान / रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की प्रकृति और उसके कणों के अभिलाक्षणिक गुण’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही कथन क्यों हैं?):
  • विकल्प (A): यह बिल्कुल सही है क्योंकि अलग-अलग पदार्थों में कणों के बीच आकर्षण बल की प्रबलता अलग-अलग होती है।
  • विकल्प (B): यह कथन सत्य है; यह आकर्षण बल ही है जो कणों को एक साथ समेट कर रखता है।
  • विकल्प (D): यह भी सत्य है कि पदार्थ के कणों के बीच परस्पर आकर्षण बल कार्य करता है।

#94. विद्युत बल्ब में सामान्यतः गैस भरी रहती है
(RRB JE EE 19 Sept 2019 Shift 2 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (D) नाइट्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विद्युत बल्ब में गैस भरना (Gases in Electric Bulb): विद्युत बल्ब के अंदर टंगस्टन (Tungsten) का फिलामेंट लगा होता है। उच्च तापमान पर फिलामेंट को ऑक्सीकृत होने (जलने) से बचाने के लिए बल्ब के अंदर निष्क्रिय या अक्रिय गैसें जैसे नाइट्रोजन ($\text{N}_2$) या आर्गन ($\text{Ar}$) भरी जाती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • नाइट्रोजन एक अक्रिय गैस की तरह कार्य करती है जो फिलामेंट की आयु को बढ़ाती है।
    • कई आधुनिक बल्बों में नाइट्रोजन और आर्गन का मिश्रण भरा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE EE : 19 Sept 2019 Shift 2 CBT 2) भौतिक विज्ञान / सामान्य विज्ञान के अंतर्गत ‘विद्युत धारा के प्रभाव और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कार्बन डाइऑक्साइड: यह गैस बल्ब के अंदर फिलामेंट के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है और इसका उपयोग बल्ब में नहीं किया जाता।
  • विकल्प (B) ऑक्सीजन: यदि बल्ब में ऑक्सीजन होगी, तो उच्च तापमान पर टंगस्टन तुरंत ऑक्सीकृत होकर जल जाएगा (नष्ट हो जाएगा)।
  • विकल्प (C) हाइड्रोजन: यह अत्यधिक ज्वलनशील (Flammable) गैस है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से इसका उपयोग विद्युत बल्बों में नहीं किया जाता।

#95. अभिक्रिया 2H2 + O2 → 2H2O में, यदि 5 मोल H2 और 2 मोल O2 मिलाए जाते हैं, तो सीमाकारी अभिकर्मक है:
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 11 Jun, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) O₂

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सीमाकारी अभिकर्मक (Limiting Reagent): रासायनिक अभिक्रिया में जो रिएक्टेंट (अभिकर्मक) पहले पूरी तरह उपभोग हो जाता है और उत्पाद की मात्रा को सीमित करता है, उसे सीमाकारी अभिकर्मक कहते हैं।
  • गणितीय गणना: दी गई संतुलित समीकरण के अनुसार:

    2H₂ + O₂ → 2H₂O

    • समीकरण से स्पष्ट है कि 2 मोल हाइड्रोजन (H₂) को पूरी तरह क्रिया करने के लिए 1 मोल ऑक्सीजन (O₂) की आवश्यकता होती है।
    • प्रश्न में 5 मोल H₂ और 2 मोल O₂ दिए गए हैं।
    • चूँकि H₂ के मोल / स्टोइकोमेट्रिक गुणांक = 5 / 2 = 2.5 और O₂ के मोल / स्टोइकोमेट्रिक गुणांक = 2 / 1 = 2 है, इसलिए कम मान वाला अभिकर्मक सीमाकारी होता है।
    • अतः O₂ यहाँ सीमाकारी अभिकर्मक है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 11 Jun, 2025 Shift 1) रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘स्टोइकोमेट्री और सीमाकारी अभिकर्मक’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) H₂: यह आधिक्य में बच जाती है, इसलिए यह सीमाकारी अभिकर्मक नहीं है।
  • विकल्प (B) CO₂: यह इस अभिक्रिया का हिस्सा ही नहीं है।
  • विकल्प (C) H₂O: यह इस अभिक्रिया में बनने वाला उत्पाद है, अभिकर्मक नहीं।
  • विकल्प (D) O₂: यह अभिकर्मक पहले समाप्त होता है और इसका अनुपात कम आता है, अतः यही सही सीमाकारी अभिकर्मक है।



#96. पोटैशियम और सोडियम जैसी धातुओं का ठंडे जल के साथ अभिक्रिया करने पर ______ के उत्सर्जन के युगपत् एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया घटित होती है।
(Not found 11/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) हाइड्रोजन गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातुओं की जल के साथ अभिक्रिया (Reaction of Metals with Water): पोटैशियम (K) और सोडियम (Na) जैसी अत्यधिक प्रतिक्रियाशील धातुएं ठंडे जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया है जिसमें भारी मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न होती है।
    • इस अभिक्रिया के फलस्वरूप संबंधित धातु का हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस (H2) उत्सर्जित होती है।
    • उत्पन्न होने वाली हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ लेती है:
      2Na + 2H2O → 2NaOH + H2 + ऊष्मा
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘धातुओं के रासायनिक गुण और उनकी जल के साथ अभिक्रिया’ से संबंधित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ऑक्सीजन गैस: जल के साथ इन धातुओं की अभिक्रिया में ऑक्सीजन मुक्त नहीं होती, बल्कि यह जल का हिस्सा होती है।
  • विकल्प (B) क्लोरीन गैस: क्लोरीन इस अभिक्रिया में शामिल नहीं होती है।
  • विकल्प (D) जल वाष्प: हालांकि अभिक्रिया की ऊष्मा से पानी भाप बन सकता है, लेकिन मुख्य रूप से यहाँ रासायनिक रूप से उत्पाद के रूप में हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन होता है।

#97. जब एथेनोइक अम्ल सोडियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो सामान्यतः कौन सी गैस निकलती है?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) कार्बन डाइऑक्साइड गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथेनोइक अम्ल की सोडियम कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया (Reaction of Ethanoic Acid with Sodium Carbonate): जब एथेनोइक अम्ल (एसिटिक अम्ल) सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3) के साथ अभिक्रिया करता है, तो सोडियम एथेनोएट, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निर्माण होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस रासायनिक अभिक्रिया के दौरान तीव्र बुदबुदाहट (Effervescence) के साथ कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) उत्सर्जित होती है।
    • रासायनिक समीकरण:
      2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘कार्बन और उसके यौगिक (कार्बनिक अम्ल और उनके रासायनिक गुण)’ से संबंधित है। (RRB Level 01 Stage I 21/12/2025)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोजन गैस: यह गैस धातुओं के साथ अम्ल की अभिक्रिया में मुख्य रूप से निकलती है, कार्बोनेट के साथ नहीं।
  • विकल्प (C) मेथेन गैस: मेथेन एक हाइड्रोकार्बन (बायोगैस/कंप्रेस्ड नेचुरल गैस का मुख्य घटक) है, जो इस रासायनिक अभिक्रिया के दौरान उत्पाद के रूप में उत्पन्न नहीं होती।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन गैस: इस अभिक्रिया में ऑक्सीजन गैस का उत्सर्जन नहीं होता है।

#98. डेनियल सेल में प्रावस्था परिवर्तन अभिक्रिया किसका उदाहरण है?
(RPF Constable 2024 04 Mar, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) उत्क्रमणीय प्रक्रिया

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • डेनियल सेल और प्रावस्था परिवर्तन (Daniell Cell and Phase Change): डेनियल सेल में होने वाली रेडॉक्स अभिक्रिया (ऑक्सीकरण और अपचयन) एक उत्क्रमणीय प्रक्रिया (Reversible Process) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जब डेनियल सेल के विद्युत वाहक बल (EMF) से अधिक बाहरी वोल्टेज विपरीत दिशा में लगाया जाता है, तो इसकी रासायनिक अभिक्रिया की दिशा उल्टी (Reverse) हो जाती है।
    • यह ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) के उत्क्रमणीय सेल के नियमों का पूर्ण पालन करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक रसायन विज्ञान और विद्युत रसायन (Electrochemistry) के अंतर्गत ‘उत्क्रमणीय एवं अनुत्क्रमणीय सेल’ से संबंधित है। (RPF Constable 2024, 04 Mar 2025 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) समआयतनिक प्रक्रिया: यह वह ऊष्मागतिक प्रक्रिया है जिसमें निकाय (System) का आयतन स्थिर रहता है, डेनियल सेल की अभिक्रिया से इसका सीधा संबंध नहीं है।
  • विकल्प (B) चक्रीय प्रक्रिया: इसमें निकाय विभिन्न चरणों से गुजरने के बाद अपनी मूल अवस्था में लौटता है और कुल आंतरिक ऊर्जा परिवर्तन शून्य होता है, जबकि यहाँ प्रावस्था परिवर्तन की विशिष्ट रासायनिक क्रिया की बात हो रही है।
  • विकल्प (D) अनुत्क्रमणीय प्रक्रिया: यह ऐसी प्रक्रिया है जो अपनी प्रारंभिक अवस्था में स्वतः वापस नहीं आ सकती। डेनियल सेल इसके विपरीत एक ‘उत्क्रमणीय सेल’ का मानक उदाहरण है।

#99. दो अलग-अलग प्रकार के पदार्थों के कणों का परस्पर मिलना ______ कहलाता है।
(RRB JE CE 28 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (D) विसरण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विसरण (Diffusion): दो अलग-अलग प्रकार के पदार्थों के कणों का आपस में स्वतः (Naturally) मिलना और एक-दूसरे में मिश्रित हो जाना विसरण कहलाता है। यह प्रक्रिया पदार्थों के कणों की गति के कारण होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • विसरण की प्रक्रिया गैसों, द्रवों और ठोसों तीनों में संभव है, हालांकि गैसों में विसरण की दर सबसे अधिक होती है।
    • तापमान बढ़ने पर विसरण की गति भी तेज हो जाती है क्योंकि कणों की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं और उनके गुणों’ से संबंधित है। (RRB JE CE 28 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) संघनन: यह वह प्रक्रिया है जिसमें गैस या वाष्प ठंडी होकर द्रव अवस्था में परिवर्तित होती है।
  • विकल्प (B) निसरण (Effusion): यह वह प्रक्रिया है जिसमें किसी छोटे छिद्र से गैस के अणु उच्च दाब से निम्न दाब की ओर बाहर निकलते हैं।
  • विकल्प (C) विखंडन: यह आमतौर पर नाभिकीय भौतिकी से जुड़ी प्रक्रिया है (जैसे नाभिकीय विखंडन), जिसमें कोई बड़ा नाभिक टूटकर छोटे नाभिक बनाता है।

#100. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रदूषक, अम्ल वर्षा के निर्माण से सबसे निकटता से जुड़ा हुआ है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 24/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) सल्फर डाइऑक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्ल वर्षा (Acid Rain): अम्ल वर्षा मुख्य रूप से सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) के वायुमंडल में उत्सर्जन के कारण होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • कारखानों, जीवाश्म ईंधनों के जलने और उद्योगों से निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड गैस (SO2) वायुमंडल में मौजूद नमी के साथ मिलकर सल्फ्यूरिक अम्ल बनाती है।
    • यह वर्षा के पानी के साथ मिलकर अम्ल वर्षा के रूप में पृथ्वी पर गिरती है, जो इमारतों, स्मारकों (जैसे ताजमहल) और वनस्पति को भारी नुकसान पहुँचाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न पर्यावरण अध्ययन (Environmental Science) के अंतर्गत ‘वायु प्रदूषण और उसके प्रभाव’ से संबंधित है। (RRB NTPC GRADUATE CBT 1 24/03/2026)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) अमोनिया: यह एक क्षारीय गैस है, जो वायुमंडल में अम्लीय घटकों को उदासीन (Neutralize) करने में मदद कर सकती है, लेकिन यह सीधे अम्ल वर्षा का निर्माण नहीं करती।
  • विकल्प (B) मीथेन: यह एक ग्रीनहाउस गैस है जो मुख्य रूप से ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार है, इसका अम्ल वर्षा से सीधा संबंध नहीं है।
  • विकल्प (C) ओजोन: यह समताप मंडल (Stratosphere) में पराबैंगनी किरणों से रक्षा करती है और क्षोभमंडल में photochemical smog का हिस्सा है, न कि अम्ल वर्षा का प्राथमिक घटक।



#101. मिश्रण प्रकृति में ______ हो सकता है।
(RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) समांगी और विषमांगी दोनों

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण (Mixture): मिश्रण वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों या यौगिकों के किसी भी अनुपात में अनिश्चित रूप से मिलने से बनता है। प्रकृति के आधार पर मिश्रण दो मुख्य प्रकार के होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): इसमें घटक पूरे मिश्रण में समान रूप से वितरित होते हैं (जैसे- पानी में घुसा हुआ नमक या चीनी)।
    • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): इसमें घटक समान रूप से वितरित नहीं होते और उन्हें अलग-अलग देखा जा सकता है (जैसे- तेल और पानी का मिश्रण, या रेत और नमक का मिश्रण)।
    • अतः मिश्रण प्रकृति में समांगी और विषमांगी दोनों प्रकार का हो सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की प्रकृति और मिश्रण के प्रकार’ से संबंधित है। (RRB JE CBT I -: 2 June 2019 Shift 3)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) समांगी: मिश्रण केवल समांगी ही नहीं होता, बल्कि विषमांगी भी हो सकता है, इसलिए यह उत्तर अधूरा है।
  • विकल्प (B) शुद्ध पदार्थ: मिश्रण एक शुद्ध पदार्थ नहीं बल्कि एक अशुद्ध (या मिश्रित) रूप होता है; शुद्ध पदार्थ तत्व या यौगिक होते हैं।
  • विकल्प (C) विषमांगी: मिश्रण केवल विषमांगी ही नहीं, बल्कि समांगी भी हो सकता है, इसलिए यह भी आंशिक सत्य है।

#102. पदार्थ की निम्नलिखित में से किस अवस्था में कणों की तीव्र यादृच्छिक गति सबसे अधिक होती है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पदार्थ की अवस्थाएं और कणों की गति (States of Matter and Motion of Particles): पदार्थ की गैसीय अवस्था में कणों की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) सबसे अधिक होती है, जिसके कारण उनमें तीव्र यादृच्छिक (Random) गति पाई जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • गैसों में अंतरआणविक आकर्षण बल (Intermolecular Force) बहुत कमजोर होता है, जिससे इनके अणु स्वतंत्र रूप से उच्च वेग से सभी दिशाओं में तेजी से गति करते हैं।
    • इसके विपरीत, ठोसों में कण अपनी निश्चित स्थिति पर बंधे रहते हैं और केवल कंपन कर सकते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं और उनके कणों के अभिलाक्षणिक गुण’ से संबंधित है। (RRB Level 01 Stage I 02/12/2025)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) केवल तरल: तरलों में कणों की गति होती है, लेकिन इनकी तीव्र यादृच्छिक गति गैसों की तुलना में कम होती है।
  • विकल्प (B) तरल और ठोस दोनों: ठोसों में कणों की यादृच्छिक गति लगभग नगण्य होती है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
  • विकल्प (C) केवल ठोस: ठोस पदार्थों में कणों के बीच आकर्षण बल सबसे अधिक होता है, जिससे उनकी गति सबसे कम होती है।

#103. निम्नलिखित में से कौन-सा ठोसों का सही गुणधर्म है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) ठोसों में प्रबल अंतराआणविक बल होते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ठोसों के गुणधर्म (Properties of Solids): ठोस पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें कणों के बीच अंतराआणविक बल (Intermolecular Force) बहुत प्रबल होता है, जिसके कारण इनका एक निश्चित आकार और स्पष्ट सीमाएं होती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • ठोसों के कणों के बीच की दूरी बहुत कम होती है, जिससे ये अत्यधिक कठोर (Rigid) होते हैं।
    • इनकी संपीड्यता (Compressibility) नगण्य या बहुत कम होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) के भौतिक गुण’ से संबंधित है। (RRB Level 01 Stage I 23/12/2025)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ठोस अत्यधिक संपीड़्य होते हैं: यह गलत है, क्योंकि ठोसों को आसानी से संपीड़ित (Compress) नहीं किया जा सकता; यह गुण मुख्य रूप से गैसों का होता है।
  • विकल्प (B) ठोसों का कोई निश्चित आकार नहीं होता है: यह कथन गलत है क्योंकि ठोसों का आकार और आयतन दोनों निश्चित होते हैं।
  • विकल्प (D) ठोस आसानी से विसरत हो जाते हैं: ठोसों में विसरण की दर नगण्य होती है, जबकि विसरण सबसे अधिक गैसों में होता है।

#104. यदि अस्थि कोशिकाओं के मैट्रिक्स में कैल्शियम और फास्फोरस यौगिक होते हैं, तो उपास्थि के मैट्रिक्स में हमें क्या मिलता है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) प्रोटीन और शर्करा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • संयोजी ऊतक – अस्थि और उपास्थि (Bone and Cartilage): अस्थि (Bone) एक कठोर संयोजी ऊतक है जिसके मैट्रिक्स में मुख्य रूप से कैल्शियम और फॉस्फोरस के यौगिक होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसके विपरीत, उपास्थि (Cartilage) एक ठोस लेकिन लचीला संयोजी ऊतक है।
    • उपास्थि का मैट्रिक्स मुख्य रूप से प्रोटीन (जैसे- कॉलेजन) और शर्करा (जैसे- कॉड्रॉइटीन सल्फेट/ग्लाइकोसएमीनोक्लाइकेन) के यौगिकों से बना होता है, जो इसे कोमलता और लचीलापन प्रदान करते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न जीव विज्ञान (Biology) के अंतर्गत ‘जंतु ऊतक (Animal Tissues – संयोजी ऊतक)’ से संबंधित है। (RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) फास्फोरस और शर्करा: फास्फोरस मुख्य रूप से हड्डियों के मैट्रिक्स का हिस्सा होता है, उपास्थि के मैट्रिक्स का नहीं।
  • विकल्प (C) प्रोटीन और वसा: उपास्थि के मैट्रिक्स में प्रोटीन तो होता है, लेकिन वसा (Fat) इसका मुख्य संरचनात्मक घटक नहीं है।
  • विकल्प (D) कैल्शियम और शर्करा: कैल्शियम हड्डियों की कठोरता के लिए उत्तरदायी है, जबकि उपास्थि में कैल्शियम नहीं पाया जाता है।

#105. जब बैकिंग सोडा एसिटिक अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करता है तो निम्नलिखित में से कौन सी गैस निकलती है?
(RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) CO 2

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेकिंग सोडा और एसिटिक अम्ल की अभिक्रिया (Reaction of Baking Soda with Acetic Acid): जब बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट, NaHCO3) एसिटिक अम्ल (CH3COOH) के साथ प्रतिक्रिया करता है, तो सोडियम एसीटेट, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का निर्माण होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस रासायनिक अभिक्रिया के दौरान तेजी से बुलबुले उठते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) उत्सर्जित होती है।
    • रासायनिक समीकरण:
      NaHCO3 + CH3COOH → CH3COONa + H2O + CO2
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘कार्बन और उसके यौगिक / अम्ल, क्षारक एवं लवण’ से संबंधित है। (RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) H 2 (हाइड्रोजन): यह गैस आमतौर पर धातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया से निकलती है, न कि कार्बोनेट/बाइकार्बोनेट की अम्ल के साथ अभिक्रिया से।
  • विकल्प (C) CH 4 (मीथेन): यह एक हाइड्रोकार्बन है जो इस अभिक्रिया के दौरान उत्पादित नहीं होता।
  • विकल्प (D) O 2 (ऑक्सीजन): इस रासायनिक प्रक्रिया में ऑक्सीजन गैस मुक्त नहीं होती है।



#106. निम्नलिखित में से कौन-सी पदार्थ के कणों की विशेषता नहीं है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) पदार्थ के कण स्थिर होते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुण (Characteristics of Particles of Matter): पदार्थ के कण कभी भी स्थिर नहीं होते हैं; वे लगातार गतिमान रहते हैं और उनमें गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) होती है। इसलिए “पदार्थ के कण स्थिर होते हैं” कथन गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान (Space) होता है।
    • पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं (अंतराआणविक आकर्षण बल)।
    • तापमान बढ़ने पर कणों की गति तेज हो जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘हमारे आस-पास के पदार्थ’ (Matter in Our Surroundings) से संबंधित है। (RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 3)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं / विकल्प (A) क्यों सही है?):
  • विकल्प (B) पदार्थ के कणों के बीच स्थान होता है: यह पदार्थ के कणों की एक वास्तविक विशेषता है (जैसे चीनी का पानी में घुलना)।
  • विकल्प (C) पदार्थ के कण लगातार गतिमान होते हैं: यह भी कणों की एक सत्य विशेषता है, जो विसरण और तापमान प्रभाव को समझाती है।
  • विकल्प (D) पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं: यह भी सत्य है क्योंकि यही आकर्षण बल कणों को एक साथ बांधकर रखता है।

#107. CuO + H 2 → Cu + H 2 O अभिक्रिया में, अपचयित पदार्थ है:
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) CuO

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऑक्सीकरण और अपचयन (Oxidation and Reduction): दी गई अभिक्रिया में, कॉपर ऑक्साइड (CuO) से ऑक्सीजन का ह्रास (Loss of oxygen) होता है और यह कॉपर (Cu) में परिवर्तित हो जाता है। अतः CuO का अपचयन (Reduction) हुआ है।
  • मुख्य बिंदु:
    • रासायनिक अभिक्रिया में जिस अभिकारक से ऑक्सीजन निकलती है, वह अपचयित (Reduced) होता है। यहाँ CuO अपचयित पदार्थ है।
    • इसके विपरीत, हाइड्रोजन (H2) में ऑक्सीजन जुड़ती है, इसलिए इसका ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है।
    • रासायनिक समीकरण:
      CuO + H2 → Cu + H2O
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण (रेडॉक्स अभिक्रिया)’ से संबंधित है। (RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) H 2: हाइड्रोजन में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है, इसलिए इसका ऑक्सीकरण होता है, अपचयन नहीं।
  • विकल्प (B) H 2 O: यह अभिक्रिया का उत्पाद (Product) है, न कि वह अभिकारक जिसका अपचयन हुआ है।
  • विकल्प (C) Cu: कॉपर (Cu) वह उत्पाद है जो CuO के अपचयन के बाद प्राप्त होता है।

#108. कोशिका केंद्रक में DNA निम्नलिखित में से किस पदार्थ के निर्माण के लिए सूचना स्रोत है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) प्रोटीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • DNA और प्रोटीन संश्लेषण (DNA and Protein Synthesis): कोशिका के केंद्रक (Nucleus) में स्थित DNA (डीऑक्सीराइबोक्लिक अम्ल) आनुवंशिक पदार्थों का वाहक है और यह मुख्य रूप से प्रोटीन के निर्माण के लिए सूचना स्रोत (Information Source) का काम करता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • DNA के विशिष्ट खंड (Segments) को ‘जीन’ कहा जाता है, जिसमें विशिष्ट प्रोटीन के संश्लेषण के लिए कोड या निर्देश निहित होते हैं।
    • आणविक जीवविज्ञान के सेंट्रल डोग्मा (Central Dogma) के अनुसार: DNA → RNA → प्रोटीन।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न जीव विज्ञान (Biology) के अंतर्गत ‘कोशिका और आनुवंशिकी (Cell Biology & Genetics)’ से संबंधित है। (RRB Level 01 Stage I 02/12/2025)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ग्लूकोज: यह एक कार्बोहाइड्रेट है, जिसका निर्माण पादपों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा होता है, यह सीधे DNA द्वारा कोडित नहीं होता।
  • विकल्प (B) फ्रक्टोज: यह भी एक मोनोसैकेराइड (शर्करा/कार्बोहाइड्रेट) है, जो फलों में पाई जाती है।
  • विकल्प (D) लिपिड: लिपिड (वसा) के संश्लेषण में कई एंजाइम (जो स्वयं प्रोटीन होते हैं) भाग लेते हैं, लेकिन DNA का प्राथमिक प्रत्यक्ष सूचना स्रोत प्रोटीन निर्माण के लिए होता है।

#109. निम्नलिखित में से कौन-सा, द्विपरमाणुक तत्व को सही प्रकार से निरूपित करता है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) H2

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्विपरमाणुक तत्व (Diatomic Element): वे तत्व जिनके एक अणु में एक ही प्रकार के दो परमाणु (Atoms) जुड़े होते हैं, उन्हें द्विपरमाणुक तत्व कहा जाता है। उदाहरण के लिए – हाइड्रोजन (H2), ऑक्सीजन (O2), नाइट्रोजन (N2) आदि।
  • मुख्य बिंदु:
    • यहाँ H2 हाइड्रोजन गैस को दर्शाता है, जिसके एक अणु में हाइड्रोजन के दो परमाणु होते हैं और यह एक शुद्ध द्विपरमाणुक तत्व का उदाहरण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘परमाणु एवं अणु (Atoms and Molecules)’ से संबंधित है। (RRB Technician Grade III 10/03/2026)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) He: हीलियम एक उत्कृष्ट (अक्रिय) गैस है जो एकपरमाणुक (Monoatomic) रूप में पाई जाती है।
  • विकल्प (C) H: यह हाइड्रोजन का केवल एक अकेला परमाणु (Atom) है, न कि उसका स्वतंत्र रूप से पाया जाने वाला द्विपरमाणुक अणु।
  • विकल्प (D) CO: कार्बन मोनोऑक्साइड में दो परमाणु जरूर हैं (यह द्विपरमाणुक है), लेकिन यह एक यौगिक (Compound) है क्योंकि इसमें दो अलग-अलग तत्व (कार्बन और ऑक्सीजन) शामिल हैं, न कि एक ही तत्व।

#110. अधात्विक तत्व ब्रोमीन की भौतिक अवस्था क्या है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) द्रव अवस्था

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ब्रोमीन की भौतिक अवस्था (Physical State of Bromine): ब्रोमीन (Br) एक अधात्विक तत्व है, जो सामान्य कमरे के तापमान पर द्रव (Liquid) अवस्था में पाया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह आवर्त सारणी (Periodic Table) का एकमात्र ऐसा अधातु (Non-metal) है जो सामान्य तापमान पर तरल अवस्था में होता है (जबकि धातु में पारा/Mercury तरल होता है)।
    • यह गहरे भूरे-लाल रंग का तीक्ष्ण गंध वाला वाष्पशील द्रव है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘तत्वों के वर्गीकरण (धातु और अधातु के भौतिक गुण)’ से संबंधित है। (RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) प्लाज्मा अवस्था: यह पदार्थ की चौथी अवस्था है जिसमें अत्यधिक ऊर्जावान और उत्तेजित आयन होते हैं, जो ब्रोमीन की सामान्य स्थिति नहीं है।
  • विकल्प (C) गैसीय अवस्था: कमरे के तापमान पर कई अधातुएं (जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन) गैस होती हैं, लेकिन ब्रोमीन द्रव रूप में रहती है।
  • विकल्प (D) ठोस अवस्था: कई अधातुएं (जैसे कार्बन, सल्फर) ठोस होती हैं, किंतु ब्रोमीन ठोस न होकर तरल होती है।



#111. पेरिस प्लास्टर कब तैयार होता है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) जब जिप्सम को 373 K पर गर्म किया जाता है और यह जल के अणुओं को खो देता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस का निर्माण (Preparation of Plaster of Paris): जब जिप्सम (Calcium Sulphate Dihydrate, CaSO4.2H2O) को 373 K (या 100°C) तापमान पर गर्म किया जाता है, तो यह अपने क्रिस्टलन जल के अणुओं का त्याग कर देता है और ‘प्लास्टर ऑफ पेरिस’ (Calcium Sulphate Hemihydrate, CaSO4.1/2H2O) बनाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • रासायनिक समीकरण:
      CaSO4.2H2O → CaSO4.1/2H2O + 1.5H2O (373 K पर गर्म करने पर)
    • इसका उपयोग टूटी हुई हड्डियों को सही स्थिति में स्थिर रखने (Plaster) और मूर्तियाँ बनाने में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘अम्ल, क्षारक और लवण / लवणों के उपयोग एवं निर्माण’ से संबंधित है। (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ब्राइन (Brine): यह सोडियम क्लोराइड (नमक) का जलीय घोल है, जिससे क्लोर-क्षार प्रक्रिया द्वारा NaOH तैयार किया जाता है, न कि प्लास्टर ऑफ पेरिस।
  • विकल्प (B) अमोनिया: यह हैबर विधि द्वारा बनाई जाने वाली गैस है, प्लास्टर ऑफ पेरिस से इसका कोई संबंध नहीं है।
  • विकल्प (C) सोडा लाइम: यह सोडियम हाइड्रोक्साइड और कैल्सीयम ऑक्साइड का मिश्रण है, जिसका उपयोग प्रयोगशाला में कार्बोक्सिलिक अम्लों से कार्बन डाइऑक्साइड हटाने (Decarboxylation) के लिए किया जाता है।

#112. निम्नलिखित में से कौन-सा पायस (इमल्शन) का उदाहरण है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) फेस क्रीम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पायस या इमल्शन (Emulsion): पायस एक प्रकार का कोलाइड विलयन होता है जिसमें दो या दो से अधिक अमिश्रणीय (immiscible) तरल पदार्थ आपस में मिले होते हैं (अर्थात इसमें परिक्षिप्त प्रावस्था और माध्यम दोनों द्रव होते हैं)।
  • मुख्य बिंदु:
    • फेस क्रीम (Face Cream), दूध (Milk), और मक्खन (Butter) इमल्शन के प्रमुख उदाहरण हैं, जहाँ एक द्रव दूसरे द्रव में फैला रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘कोलाइडल विलयन और उनके प्रकार (पायस/इमल्शन)’ से संबंधित है। (RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 3)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) फोम (Foam): यह एक ऐसा कोलाइड है जिसमें गैस, किसी द्रव या ठोस में परिक्षिप्त (dispersed) होती है (जैसे शेविंग क्रीम या साबुन का झाग)।
  • विकल्प (C) स्पंज: यह ठोस सॉल या फोम का प्रकार है जिसमें ठोस माध्यम में हवा (गैस) फंसी होती है।
  • विकल्प (D) रबर: रबर एक प्रकार का लेटेक्स (Latex) है जो ठोस का द्रव में कोलाइडल निलंबन या पॉलीमर जेल जैसा होता है, लेकिन क्रीम की तरह क्लासिक इमल्शन की श्रेणी में फेस क्रीम आती है।

#113. अपने क्वथनांक से नीचे किसी भी तापमान पर द्रव का वाष्पी में परिवर्तन की घटना को ______ के रूप में जाना जाता है।
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) वाष्पीकरण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वाष्पीकरण (Evaporation): क्वथनांक (Boiling point) से कम तापमान पर किसी द्रव के वाष्प (Gas/Vapor) में परिवर्तित होने की इस सतही प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह एक सतही घटना (Surface phenomenon) है जो हर तापमान पर होती रहती है।
    • वाष्पीकरण के कारण ठंडक उत्पन्न होती है क्योंकि द्रव के कण अपने आसपास से ऊर्जा अवशोषित करते हैं।
    • तापमान में वृद्धि, सतह का क्षेत्रफल बढ़ने, और हवा की गति तेज होने से वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं और उनके परिवर्तन’ से संबंधित है। (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ऊर्ध्वपातन (Sublimation): यह वह प्रक्रिया है जिसमें ठोस सीधे गैस में (बिना द्रव में बदले) या गैस सीधे ठोस में बदलती है।
  • विकल्प (B) निक्षेपण (Deposition): यह गैस से सीधे ठोस अवस्था में परिवर्तन की प्रक्रिया है।
  • विकल्प (D) संकलन (Fusion): यह ठोस से द्रव बनने की प्रक्रिया (गलनांक) से संबंधित है।

#114. निम्नलिखित में से क्या स्टार्च के रूप में संग्रहित होता है जो आंतरिक ऊर्जा भंडार के रूप में कार्य करता है जिसका उपयोग पादप द्वारा आवश्यकतानुसार किया जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 31 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) कार्बोहाइड्रेट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पादपों में ऊर्जा भंडारण (Energy Storage in Plants): प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के दौरान पादप सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं और ग्लूकोज का निर्माण करते हैं। यह अतिरिक्त ग्लूकोज मंड या स्टार्च (Starch) के रूप में संग्रहित होता है, जो एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह स्टार्च पादपों के लिए एक आंतरिक ऊर्जा भंडार (Internal energy reserve) के रूप में कार्य करता है, जिसका उपयोग पौधे अपनी आवश्यकतानुसार ऊर्जा प्राप्त करने के लिए करते हैं।
    • जंतुओं में इसी प्रकार का ऊर्जा भंडार ग्लाइकोजन (Glycogen) के रूप में होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न जीव विज्ञान (Biology) के अंतर्गत ‘पादप पोषण एवं प्रकाश संश्लेषण (Nutrition in Plants)’ से संबंधित है। (RRB NTPC CBT-I : 31 Jan 2021 Shift 2)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जल: जल प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक कच्चा माल है, लेकिन यह स्टार्च के रूप में आंतरिक ऊर्जा भंडार का काम नहीं करता।
  • विकल्प (B) सूर्य का प्रकाश: यह ऊर्जा का बाहरी स्रोत है जो प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को संचालित करता है, न कि पादप के अंदर संग्रहित होने वाला पदार्थ।
  • विकल्प (D) ऑक्सीजन: यह प्रकाश संश्लेषण के दौरान बनने वाला उपोत्पाद (Byproduct) है जो वायुमंडल में छोड़ दिया जाता है, ऊर्जा भंडार के रूप में संग्रहित नहीं होता।

#115. इनमें से कौन सी गैस चूने के जल को दूधिया करती है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (D) कार्बन डाइऑक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चूने के पानी का परीक्षण (Lime Water Test): जब कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) को चूने के पानी (कैल्शियम हाइड्रोक्साइड, Ca(OH)2) में प्रवाहित किया जाता है, तो कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO3) के श्वेत अवक्षेप बनने के कारण चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • रासायनिक समीकरण:
      Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 (श्वेत अवक्षेप) + H2O
    • यदि इस विलयन में लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में CO2 प्रवाहित की जाए, तो बना हुआ कैल्शियम कार्बोनेट घुलनशील कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट में बदल जाता है और दूधियापन गायब हो जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘अम्ल, क्षारक एवं लवण / रासायनिक गुण’ से संबंधित है। (RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ऑक्सीजन: ऑक्सीजन गैस चूने के पानी के साथ कोई ऐसा रासायनिक परिवर्तन नहीं करती जिससे वह दूधिया हो जाए।
  • विकल्प (B) हाइड्रोजन: हाइड्रोजन गैस चूने के पानी पर कोई प्रभाव नहीं डालती है।
  • विकल्प (C) ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों: चूँकि ऑक्सीजन का इस प्रक्रिया में कोई योगदान नहीं है, इसलिए यह विकल्प गलत है।



#116. उच्चतम् विशिष्ट ऊष्मा धारिता वाला पदार्थ कौन सा है?
(RRB ALP Fitter 21 Jan 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विशिष्ट ऊष्मा धारिता (Specific Heat Capacity): किसी पदार्थ के एकांक द्रव्यमान का तापमान 1 डिग्री सेल्सियस बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा को उसकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता कहते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • दिए गए विकल्पों में जल (Water) की विशिष्ट ऊष्मा धारिता सबसे अधिक होती है (लगभग 4200 J/kg·K)।
    • उच्च विशिष्ट ऊष्मा के कारण जल बहुत अधिक ऊष्मा अवशोषित कर सकता है बिना अपना तापमान ज्यादा बढ़ाए, इसीलिए इसका उपयोग कूलेंट (शीतलक) के रूप में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘ऊष्मा और तापमान (Heat and Temperature)’ से संबंधित है। (RRB ALP Fitter 21 Jan 2019 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) बर्फ: बर्फ की विशिष्ट ऊष्मा धारिता द्रव जल की तुलना में लगभग आधी (लगभग 2100 J/kg·K) होती है।
  • विकल्प (B) मिट्टी का तेल: इसकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता जल की तुलना में काफी कम होती है।
  • विकल्प (C) एल्युमीनियम: यह एक धातु है जिसकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता जल से बहुत कम (लगभग 900 J/kg·K) होती है।

#117. निम्नलिखित में से किसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में मंदक के रूप में नहीं किया जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 30 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) बोरॉन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परमाणु रिएक्टर में मंदक (Moderator in Nuclear Reactor): मंदक का मुख्य कार्य न्यूट्रॉनों की गति (वेग) को धीमा करना होता है ताकि श्रृंखला अभिक्रिया (Chain Reaction) को नियंत्रित किया जा सके। इसके लिए सामान्य जल, भारी जल (D2O) और ग्रेफाइट का उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • बोरॉन (Boron) का उपयोग न्यूट्रॉनों को धीमा करने के लिए मंदक के रूप में नहीं, बल्कि न्यूट्रॉनों को अवशोषित (Absorb) करने के लिए नियंत्रक छड़ों (Control Rods) के रूप में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘नाभिकीय ऊर्जा और परमाणु रिएक्टर’ से संबंधित है। (RRB NTPC CBT-I : 30 Jan 2021 Shift 2)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं?):
  • विकल्प (B) ग्रेफाइट: इसका उपयोग परमाणु रिएक्टरों में एक प्रभावी मंदक (Moderator) के रूप में किया जाता है।
  • विकल्प (C) जल: साधारण जल का उपयोग भी कुछ प्रकार के रिएक्टरों में मंदक के रूप में होता है।
  • विकल्प (D) भारी जल: ड्यूटेरियम ऑक्साइड (D2O) सबसे अच्छे और सामान्य मंदकों में से एक है।

#118. निम्नलिखित में से किस पदार्थ में कण अधिकतम बल से एक साथ बंधे होते हैं?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) लोहे की छड़

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अंतराआणविक आकर्षण बल (Intermolecular Force of Attraction): पदार्थ की तीनों अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) में से ठोस पदार्थों के कणों के बीच अंतराआणविक आकर्षण बल सबसे अधिक प्रबल होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • दिए गए विकल्पों में लोहे की छड़ एक ठोस (Solid) पदार्थ है, जिसके कणों के बीच सबसे मजबूत आकर्षण बल होता है और वे अधिकतम बल के साथ एक साथ बंधे होते हैं।
    • इसी कारण लोहे का आकार और आयतन निश्चित होता है तथा यह कठोर होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं और उनके कणों के गुणों’ से संबंधित है। (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) इत्र: यह गैसीय/वाष्पशील तरल रूप में होता है जिसके कणों में आकर्षण बल ठोस की तुलना में बहुत कम होता है।
  • विकल्प (C) पानी: पानी एक द्रव (Liquid) है, और द्रवों में आकर्षण बल ठोसों की तुलना में कम होता है।
  • विकल्प (D) कलम की स्याही: यह भी एक तरल पदार्थ (Liquid) है, इसलिए इसमें भी कणों के बीच का आकर्षण बल ठोस जितना मजबूत नहीं होता।

#119. निम्नलिखित में से कौन-सा द्रवों का गुणधर्म है?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) अनिश्चित आकृति, लेकिन निश्चित आयतन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रवों के गुणधर्म (Properties of Liquids): पदार्थ की द्रव अवस्था में कणों के बीच आकर्षण बल ठोसों से कम और गैसों से अधिक होता है। इनकी आकृति निश्चित नहीं होती (यह उस बर्तन का आकार ले लेते हैं जिसमें इन्हें रखा जाता है), लेकिन इनका आयतन निश्चित होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • द्रव बह सकते हैं (तरलता/Fluidity का गुण होता है) और ये संपीड्य (Compressible) बहुत कम होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं के भौतिक गुण’ से संबंधित है। (RRB Level 01 Stage I 09/01/2026)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) अनिश्चित आकृति और अनिश्चित आयतन: यह गुणधर्म गैसों (Gases) का होता है, द्रवों का नहीं।
  • विकल्प (B) निश्चित आकृति, लेकिन अनिश्चित आयतन: ऐसा कोई सामान्य पदार्थ नहीं होता जिसका आयतन अनिश्चित हो और आकृति निश्चित हो।
  • विकल्प (C) निश्चित आकृति और निश्चित आयतन: यह गुणधर्म ठोस (Solids) पदार्थों का होता है।

#120. वह तापमान जिस पर कोई द्रव वायुमंडलीय दाब पर उबलना शुरू करता है, उसे क्या कहते हैं?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) क्वथनांक

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्वथनांक (Boiling Point): वह निश्चित तापमान जिस पर कोई द्रव वायुमंडलीय दाब (Atmospheric Pressure) पर उबलना शुरू कर देता है और द्रव अवस्था से गैसीय अवस्था में बदलने लगता है, उस द्रव का क्वथनांक कहलाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • उदाहरण के लिए, सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जल का क्वथनांक 100°C (या 373 K) होता है।
    • क्वथनांक पर द्रव के वाष्प का दाब वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ की अवस्थाओं में परिवर्तन और ऊष्मा’ से संबंधित है। (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) त्रिक बिंदु (Triple Point): यह वह तापमान और दाब है जिस पर किसी पदार्थ की तीनों अवस्थाएं (ठोस, द्रव और गैस) संतुलन में सह-अस्तित्व में होती हैं।
  • विकल्प (B) संलयन बिंदु: यह ठोस के पिघलने की प्रक्रिया से जुड़ा है।
  • विकल्प (C) गलनांक (Melting Point): यह वह तापमान है जिस पर कोई ठोस पिघलकर द्रव में बदलता है, न कि द्रव के उबलने का तापमान।



#121. जेक्का अम्ल मेटल कार्बोनेटीशी अभिक्रिया करते तेव्हा सामान्यतः कोणता वायू तयार होतो?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )

✨ योग्य उत्तर: (C) कार्बन डाइऑक्साइड वायु

💡 तपशीलवार नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्लाची धातू कार्बोनेटसोबत अभिक्रिया (Reaction of Acids with Metal Carbonates): जेव्हा कोणतेही अम्ल (Acid) धातूच्या कार्बोनेट किंवा बायकार्बोनेटशी अभिक्रिया करते, तेव्हा संबंधित क्षार (Salt), पाणी आणि कार्बन डाइऑक्साइड वायू (CO2) तयार होतो.
  • मुख्य बिंदू:
    • या रासायनिक अभिक्रियेदरम्यान तीव्र बुडबुड्यांसह (Effervescence) कार्बन डाइऑक्साइड वायू बाहेर पडतो.
    • रासायनिक समीकरण:
      अम्ल + धातू कार्बोनेट → क्षार + पाणी + CO2
  • परीक्षा संदर्भ: हा प्रश्न रसायनशास्त्रांतर्गत ‘अम्ल, क्षारक आणि लवण’ (Acids, Bases and Salts) या घटकाशी संबंधित आहे. (RRB Level 01 Stage I 03/12/2025)

🔍 इतर पर्यायांचे विश्लेषण (हे योग्य का नाहीत?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोजन वायू: हा वायू सामान्यतः धातूंच्या (Metals) अम्लासोबतच्या अभिक्रियेतून मुख्यत्वे तयार होतो, कार्बोनेटसोबत नाही.
  • विकल्प (B) ऑक्सीजन वायू: या रासायनिक अभिक्रियेदरम्यान ऑक्सीजन वायू उत्सर्जित होत नाही.
  • विकल्प (D) नाइट्रोजन वायू: नाइट्रोजन वायूचा या विशिष्ट अभिक्रियेत सहभाग किंवा उत्पादन होत नाही.

#122. दी गई अभिक्रिया में, निम्नलिखित में से क्या अपचयित होगा?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) Cu

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऑक्सीकरण और अपचयन (Oxidation and Reduction): दी गई रासायनिक अभिक्रिया (CuO + H2 → Cu + H2O) में कॉपर ऑक्साइड (CuO) से ऑक्सीजन का ह्रास होता है, जिससे यह कॉपर (Cu) में अपचयित होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • चूँकि यहाँ कॉपर ऑक्साइड का अपचयन हो रहा है और इसके फलस्वरूप कॉपर धातु प्राप्त होती है, इसलिए दिए गए विकल्पों में Cu अपचयन प्रक्रिया से संबंधित सही उत्तर है।
    • रासायनिक समीकरण:
      CuO + H2 → Cu + H2O
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण (रेडॉक्स अभिक्रिया)’ से संबंधित है। (RRB Level 01 Stage I 29/12/2025)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) H2: हाइड्रोजन में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है, इसलिए इसका ऑक्सीकरण होता है।
  • विकल्प (C) O: ऑक्सीजन यहाँ स्वतंत्र रूप से अपचयित नहीं हो रही है, बल्कि यह यौगिक (CuO) का हिस्सा है।
  • विकल्प (D) H2O: यह अभिक्रिया के दौरान बनने वाला उत्पाद है, न कि अपचयित होने वाला अभिकारक।

#123. कौन सा तत्व कमरे के तापमान पर एक विशिष्ट गंध वाली हरे-पीले रंग की गैस है?
(RRB NTPC CBT-I : 22 Jan 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) क्लोरीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्लोरिन के भौतिक गुण (Physical Properties of Chlorine): क्लोरीन (Cl2) एक तीक्ष्ण और दमघोटू गंध वाली हरे-पीले रंग की गैस है जो सामान्य कमरे के तापमान पर पाई जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह एक हैलोजन तत्व है (आवर्त सारणी के समूह 17 का सदस्य)।
    • इसका उपयोग पानी के शुद्धिकरण (Disinfection), ब्लीचिंग पाउडर के निर्माण और विभिन्न रासायनिक यौगिकों को बनाने में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘तत्वों के आवर्ती गुण और उनके भौतिक स्वरूप’ से संबंधित है। (RRB NTPC CBT-I : 22 Jan 2021 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) कार्बन मोनोऑक्साइड: यह एक रंगहीन और गंधहीन (Odorless and Colorless) विषैली गैस है।
  • विकल्प (C) आयोडीन: यह कमरे के तापमान पर गहरे बैंगनी-काले रंग का ठोस (Solid) पदार्थ होता है, गैस नहीं।
  • विकल्प (D) हाइड्रोजन सल्फाइड: इसमें सड़े हुए अंडे जैसी गंध आती है और यह रंगहीन गैस होती है, हरे-पीले रंग की नहीं।

#124. गर्म करने पर विसरण की प्रक्रिया पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) गर्म करने पर, विसरण तेज हो जाता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विसरण और तापमान (Diffusion and Temperature): जब किसी पदार्थ को गर्म किया जाता है, तो उसके कणों को ऊष्मीय ऊर्जा मिलती है जिससे उनकी गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • कणों की गति तेज होने के कारण दो अलग-अलग पदार्थों के कणों का आपस में मिलने की प्रक्रिया (विसरण) अधिक तीव्र हो जाती है।
    • अतः तापमान बढ़ाने पर विसरण की दर (Rate of diffusion) बढ़ जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न भौतिक विज्ञान/रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘पदार्थ के कणों के अभिलाक्षणिक गुण और तापमान का प्रभाव’ से संबंधित है। (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) विसरण पदार्थ के आयतन पर निर्भर करता है: हालांकि अवस्था परिवर्तन में आयतन का प्रभाव हो सकता है, लेकिन तापमान का सीधा संबंध कणों की गतिज ऊर्जा और विसरण की गति से होता है।
  • विकल्प (B) गर्म करने पर, विसरण धीमा हो जाता है: यह गलत है क्योंकि तापमान बढ़ाने पर कणों की गति बढ़ती है, जिससे विसरण धीमा होने के बजाय तेज होता है।
  • विकल्प (D) विसरण पर गर्म करने का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है: तापमान का विसरण की दर पर सीधा और गहरा प्रभाव पड़ता है (तापमान बढ़ने पर विसरण तेज होता है)।

#125. विषमांगी मिश्रणों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) अलग-अलग पदार्थ अपने गुणधर्म बनाए रखते हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): ऐसा मिश्रण जिसमें इसके घटक एक-दूसरे से पूरी तरह मिले नहीं होते और उनकी सीमाएं स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं, उसे विषमांगी मिश्रण कहते हैं (जैसे रेत और पानी का मिश्रण)।
  • मुख्य बिंदु:
    • मिश्रण में शामिल प्रत्येक पदार्थ अपने मूल भौतिक और रासायनिक गुणधर्मों को बनाए रखता है क्योंकि घटकों के बीच कोई नया रासायनिक बंधन नहीं बनता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न रसायन विज्ञान के अंतर्गत ‘मिश्रण के प्रकार (समांगी और विषमांगी मिश्रण)’ से संबंधित है। (RRB Level 01 Stage I 02/12/2025)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) घटकों को अलग नहीं किया जा सकता: यह गलत है, क्योंकि मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों (जैसे छानना, वाष्पीकरण आदि) द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • विकल्प (B) इसकी संरचना पूरी तरह एक जैसी है: यह समांगी मिश्रण (Homogeneous mixture) का गुण है, विषमांगी का नहीं।
  • विकल्प (D) यह एक यौगिक की तरह व्यवहार करता है: यौगिक एक शुद्ध पदार्थ होता है जिसके गुण उसके घटकों से बिल्कुल भिन्न होते हैं, जबकि मिश्रण में ऐसा नहीं होता।



Previous
Finish

Matter and its states Railway PYQ