पादप जगत के महत्वपूर्ण प्रश्न
#1. पौधों को पांच समूहों में विभाजित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा एक पौधों का समूह नहीं है?
(RRB NTPC CBT-I : 10 Jan 2021 Shift 2)
- प्रोटोकॉर्डेटा (Protochordata): यह जंतु जगत (Animal Kingdom) के अंतर्गत रीढ़ की हड्डी से पहले के जीवों (कॉर्डेट्स) का एक समूह है, न कि पौधों का।
- आर.एच. व्हिटेकर (R.H. Whittaker) की पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली में पादप जगत (Plantae) को मुख्य रूप से पाँच समूहों में विभाजित किया गया है: 1. थैलोफाइटा, 2. ब्रायोफाइटा, 3. टेरिडोफाइटा, 4. जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी), और 5. एंजियोस्पर्म (आवृतबीजी)।
- ब्रायोफाइट (Bryophyte): इन्हें पादप जगत का ‘उभयचर’ कहा जाता है (जैसे मॉस)।
- टेरिडोफाइट (Pteridophyte): ये संवहन ऊतक वाले शुरुआती स्थलीय पौधे हैं (जैसे फर्न)।
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperm): ये अनावृतबीजी पौधे होते हैं जिन पर नग्न बीज लगते हैं (जैसे देवदार, चीड़)।
#2. तना जो रूपांतरित होकर चपटा हो जाता है और पत्ती के बजाय प्रकाश संश्लेषण का कार्य करने के लिए क्लोरोफिल धारण करता है, उसे ________ कहा जाता है।
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 18/03/2026 )
- पर्णाभपर्व / पर्णाभस्तंभ (Phylloclade / Cladode): शुष्क या मरुद्भिद् (Xerophytic) पौधों में वाष्पोसर्जन द्वारा पानी की हानि को रोकने के लिए पत्तियाँ कांटों में रूपांतरित हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में पौधे का तना चपटा, मांस हरा और पत्ती की तरह हो जाता है तथा प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) का कार्य करता है (उदाहरण: नागफनी/Opuntia और यूफोरबिया)।
- कंटक (Thorn): यह सुरक्षा के लिए तने का नुकीला रूपांतरण है, जो प्रकाश संश्लेषण नहीं करता।
- देहांकुर (Stolon): यह पौधे के प्रसार और कायिक जनन में सहायता करने वाला क्षैतिज तना है।
- प्रकंद (Rhizome): यह भूमिगत तना है (जैसे अदरक और हल्दी) जो भोजन संग्रहित करता है।
#3. एक साबुन के अणु में ________ होते हैं।
(RRB JE 23 May 2019 Shift 3)
- साबुन के अणु की संरचना: साबुन उच्च वसीय अम्लों (जैसे सोडियम या पोटेशियम लवण) के लंबे श्रृंखला वाले अणु होते हैं। इनके दो मुख्य भाग होते हैं:
- 1. जलरागी शीर्ष (Hydrophilic Head / आयनिक सिरा): यह पानी से प्रेम करने वाला (जल में घुलनशील) सिरा होता है, जो पानी की ओर आकर्षित होता है।
- 2. जलविरागी पूंछ (Hydrophobic Tail / हाइड्रोकार्बन श्रृंखला): यह पानी से दूर रहने वाला (तेल और मैल में घुलनशील) सिरा होता है, जो मैल या ग्रीस से चिपक जाता है। इसी दोहरी प्रकृति के कारण साबुन मिसेल (Micelle) बनाकर कपड़ों से मैल साफ करता है।
- अन्य सभी विकल्प गलत हैं क्योंकि साबुन के अणु का एक सिरा जलरागी (पानी में घुलने वाला) और दूसरा सिरा जलविरागी (तेल में घुलने वाला) होता है।
#4. द्वि-निषेचन किसकी विशेषता है?
(RRB JE CBT-I : 28 June 2019 Shift 3)
- द्वि-निषेचन (Double Fertilization): यह आवृतबीजी (Angiosperms / पुष्पीय पौधों) की एक अनूठी और मुख्य विशेषता है। इसकी खोज एस.जी. नवास्चिन (S.G. Nawaschin) ने 1898 में फ्रिटेलेरिया और लिलियम पौधों में की थी।
- इसमें दो नर युग्मकों में से एक नर युग्मक अंडे की कोशिका के साथ संलयन करके युग्मनज (Zygote) बनाता है (जिसे सिंगैमी कहते हैं), और दूसरा नर युग्मक केंद्रीय कोशिका के दो ध्रुवीय केंद्रकों के साथ संलयन करके त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN) बनाता है (जिसे त्रिक संलयन या ट्रिपल फ्यूजन कहते हैं)। इन दोनों क्रियाओं को मिलाकर द्वि-निषेचन कहा जाता है।
- ब्रायोफाइट और अनावृतबीजी (Gymnosperms): इनमें द्वि-निषेचन की प्रक्रिया नहीं पाई जाती है।
- एकबीजपत्री (Monocot): यह स्वयं एंजियोस्पर्म (आवृतबीजी) का ही एक उप-वर्ग है, हालांकि यह विशिष्ट और विस्तृत वर्ग ‘एंजियोस्पर्म’ के अंतर्गत ही मुख्य रूप से समाहित होता है।
#5. निम्नलिखित में से किस पादप की जड़ें, नए पादपों को जन्म दे सकती हैं?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )
- अपस्थानिक जड़ें (Adventitious Roots): शकरकंद (Sweet potato) की जड़ें भोजन संग्रह के कारण मांस फूल जाती हैं, जिन्हें कंदयुक्त अपस्थानिक जड़ें कहा जाता है। इन जड़ों पर अपस्थानिक कलिकाएँ (Adventitious Buds) विकसित होती हैं, जो अनुकूल परिस्थितियों में नए पादप को जन्म देने में सक्षम होती हैं।
- आलू: जैसा कि पिछले प्रश्नों में देखा गया, आलू भूमिगत तना (Stem) है जो नए पौधों को जन्म देता है, जड़ नहीं।
- चना और मक्का: ये बीज (Seeds) वाले पौधे हैं, जिनकी सामान्य जड़ें वानस्पतिक जनन द्वारा नए पौधे नहीं बनाती हैं (इनका प्रवर्धन मुख्य रूप से बीजों द्वारा होता है)।
#6. पौधे के निम्नलिखित में से किस भाग का उपयोग वानस्पतिक प्रवर्धन में किया जाता है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 1)
- वानस्पतिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation): यह अलैंगिक प्रजनन की एक विधि है जिसमें पौधे के कायिक अंगों—जैसे कि जड़, तना और पत्तियाँ—का उपयोग नए पौधे उगाने के लिए किया जाता है (फूल और फल लैंगिक जनन से जुड़े अंग हैं, वानस्पतिक प्रवर्धन से नहीं)।
- उदाहरण के लिए: तने द्वारा (जैसे आलू, गन्ना, गुलाब की कलम), पत्तियों द्वारा (जैसे ब्रायोफिल्म/पथरचट्टा), और जड़ों द्वारा (जैसे शकरकंद) नए पौधे विकसित किए जाते हैं।
- फल और फूल: ये पौधे के जनन अंग (विशेषकर लैंगिक प्रजनन) हैं, इनका उपयोग कायिक या वानस्पतिक प्रवर्धन में सीधे तौर पर नहीं किया जाता है।
#7. क्षार, सार्वत्रिक सूचकों के रंग को ________ रंग में बदल देते हैं।
(RRB JE CBT-I : 2 June 2019 Shift 3)
- सार्वत्रिक सूचक (Universal Indicator): यह कई सूचकों का एक मिश्रण होता है जिसका उपयोग किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन ($H^+$) की सांद्रता (pH मान) को मापने के लिए किया जाता है।
- सार्वत्रिक सूचक उदासीन विलयन में हरा (Green) रंग देता है, अम्लीय माध्यम में यह लाल या नारंगी रंग में बदल जाता है, और जब इसे किसी क्षार (Base) में मिलाया जाता है, तो यह pH मान बढ़ने के साथ नीले (Blue) या बैंगनी (Purple) रंग में परिवर्तित हो जाता है।
- लाल: यह अत्यधिक अम्लीय (Strong Acidic) माध्यम में सार्वत्रिक सूचक का रंग होता है।
- हरा: यह बिल्कुल उदासीन (Neutral, pH = 7) माध्यम का रंग होता है।
- पीला: यह हल्के अम्लीय माध्यम को दर्शाता है।
#8. सिल्वर क्लोराइड सूर्य के प्रकाश में ________ हो जाता है।
(RRB JE CBT-I : 28 June 2019 Shift 3)
- प्रकाश-अपघटन अभिक्रिया (Photolytic Decomposition Reaction): जब सफेद रंग का सिल्वर क्लोराइड ($AgCl$) सूर्य के प्रकाश में रखा जाता है, तो प्रकाश की ऊर्जा के कारण यह अपघटित होकर चांदी ($Ag$) और क्लोरीन गैस ($Cl_2$) में बदल जाता है।
- इस रासायनिक परिवर्तन के कारण सिल्वर क्लोराइड का रंग सफेद से बदलकर धूसर (Grey) हो जाता है। इसका उपयोग ब्लैक-एंड-व्हाइट फोटोग्राफी में भी किया जाता है।
- श्वेत (White): यह सूर्य के प्रकाश में रखने से पहले सिल्वर क्लोराइड का मूल रंग होता है, न कि प्रकाश में रखने के बाद का परिणाम।
- नारंगी और लाल: ये रंग इस रासायनिक अभिक्रिया से संबंधित नहीं हैं।
#9. क्या होता है जब कीट, फसल पौधों की पत्तियों से रस चूस लेते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )
- कीटों का प्रभाव (Impact of Sap-sucking Insects): जब एफिड्स, जैसिड्स या सफेद मक्खी जैसे रस चूसने वाले कीट फसल के पौधों की पत्तियों और कोमल अंगों से पोषक रस चूस लेते हैं, तो पौधे की आंतरिक ऊर्जा और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।
- इसके परिणामस्वरूप पत्तियाँ पीली पड़ने लगती हैं, मुड़ने लगती हैं और कुल मिलाकर पौधे का स्वास्थ्य और विकास गंभीर रूप से प्रभावित होता है, जिससे फसल की उपज में भारी गिरावट आ सकती है।
- पौधा मजबूत होना या अधिक पुष्प उत्पन्न करना: कीटों द्वारा रस चूसने से पौधे कमजोर होते हैं, मजबूत या अधिक उत्पादक नहीं।
- परागण हो जाना: रस चूसने वाले कीट मुख्य रूप से हानिकारक होते हैं और यह क्रिया परागण से संबंधित नहीं है।
#10. निम्नलिखित में से कौन-सा एक जड़ नहीं है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 2 CBT 1)
- पत्तागोभी (Cabbage): पत्तागोभी पौधे का वह भाग है जो मुख्य रूप से इसकी अत्यधिक संकुचित और जुड़ी हुई पत्तियों (Leaves) से मिलकर बनता है, न कि जड़ (Root) से।
- चुकंदर, मूली और शलजम: ये सभी रूपांतरित मूसला जड़ें (Taproots) हैं जो भोजन का संग्रहण करती हैं और जमीन के अंदर उगती हैं।
#11. बीज प्रक्षेपण की प्रक्रिया ________ में सहायक होती है।
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025)
- बीज प्रकीर्णन/प्रक्षेपण (Seed Dispersal): बीज प्रकीर्णन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बीजों को मूल पौधे से दूर ( हवा, पानी, जंतुओं या विस्फोट द्वारा) फैलाया जाता है।
- इससे पौधों को नए भौगोलिक क्षेत्रों या परिवेशों में फैलने, उगने और अपनी प्रजाति का विस्तार करने में मदद मिलती है, साथ ही मूल पौधे के पास ही अत्यधिक भीड़ और संसाधनों के लिए होने वाली प्रतिस्पर्धा भी कम होती है।
- बीज का आकार बढ़ाना: प्रकीर्णन का बीजों के आकार से कोई संबंध नहीं है।
- नए फूल उगाना या स्व-परागण: परागण और फूलों का विकास प्रजनन प्रक्रिया का हिस्सा है, जो बीज प्रक्षेपण से अलग क्रिया है।
#12. सबसे अधिक शोषित, पालतू और व्यावसायिक गैर-शहतूत रेशम कीट’ एरी रेशम कीट’ का वैज्ञानिक नाम क्या है?
(RPF SI CBT-I 2024 : 02 Dec, 2024 Shift 2)
- एरी रेशम कीट (Eri Silkmoth): यह एक प्रमुख गैर-शहतूत (Non-mulberry) रेशम कीट है, जिसे मुख्य रूप से अंडी (Ricinus communis / Castor) की पत्तियों पर पाला जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम फिलोसामिया रिकिनी (Philosamia ricini) है। इससे प्राप्त होने वाले एरी रेशम को ‘अहिंसा सिल्क’ भी कहा जाता है।
- बॉम्बिक्स मोरी (Bombyx mori): यह शहतूत रेशम कीट (Mulberry silkmoth) का वैज्ञानिक नाम है।
- मोरस अल्बा (Morus alba): यह शहतूत के पेड़ का वैज्ञानिक नाम है जिसकी पत्तियों को शहतूत रेशम कीट खाते हैं।
- एन्थेरिया माइलिटा (Antheraea mylitta): यह टसर रेशम कीट (Tasar silkmoth) का वैज्ञानिक नाम है।
#13. निम्नलिखित में से कौन सहजीवी संबंध दर्शाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 28 Dec 2020 Shift 1)
- सहजीवी संबंध (Symbiotic Association): लाइकेन शैवाल (Algae / इसे फाइकोबियॉन्ट कहते हैं) और कवक (Fungi / इसे माइकोबियॉन्ट कहते हैं) के बीच का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सहजीवी संबंध है।
- इसमें कवक घटक शैवाल को आश्रय, जल और खनिज लवण प्रदान करता है, जबकि शैवाल घटक प्रकाश संश्लेषण द्वारा कवक के लिए भोजन तैयार करता है। यह वायु प्रदूषण (विशेषकर सल्फर डाइऑक्साइड) का प्राकृतिक सूचक भी माना जाता है।
- फ्यूनेरिया (Funaria): यह ब्रायोफाइटा समूह का एक मॉस (पादप) है।
- यूलोथ्रिक्स (Ulothrix): यह एक प्रकार का filamentous हरा शैवाल है।
- मार्ंसिलिया (Marsilea): यह टेरीडोफाइटा समूह का एक जलीय फर्न पौधा है।
#14. ‘ टच-मी-नॉट’ पौधे का वैज्ञानिक नाम क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 9 Jan 2021 Shift 2)
- टच-मी-नॉट पौधा (Touch-me-not / छुईमुई): छुईमुई या लाजवंती पौधे का वैज्ञानिक नाम मिमोसा पुडिका (Mimosa pudica) है।
- इस पौधे की पत्तियाँ छूने पर सिकुड़ जाती हैं या बंद हो जाती हैं। इस संचलन को कम्पाकुंचन (Thigmonasty / Seismonasty) कहा जाता है, जो पत्तियों के भीतर कोशिकाओं के स्फीति दाब (Turgor pressure) में तेजी से परिवर्तन होने के कारण होता है।
- अन्य विकल्प (मिमोसा वेरुकोसा, आदि): ये मिमोसा परिवार की अन्य प्रजातियाँ हैं, लेकिन ‘टच-मी-नॉट’ (छुईमुई) के रूप में प्रसिद्ध और मानक वैज्ञानिक नाम मिमोसा पुडिका ही है।
#15. ________ विटामिन- B का सबसे समृद्ध स्रोत है।
(RRB JE 23 May 2019 Shift 2)
- विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और अनाज: साबुत अनाज (Whole grains), चावल का चौकर (Bran), और गेहूँ विटामिन बी (विशेषकर विटामिन B1 या थायमिन) के बहुत समृद्ध स्रोत माने जाते हैं। अनाज की बाहरी परत में विटामिन बी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
- दलहन (Pulses): ये मुख्य रूप से प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं।
- सेब (Apple): यह विटामिन सी, फाइबर और आयरन का स्रोत है।
- बिस्कुट (Biscuits): यह प्रसंस्कृत (Processed) खाद्य पदार्थ है जिसमें मैदे और चीनी की अधिकता होती है, और यह विटामिन-बी का समृद्ध प्राकृतिक स्रोत नहीं है।
#16. निम्नलिखित में से कौन-सा जीव द्विखंडन ( binary fission) विधि द्वारा प्रजनन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 )
- द्विखंडन (Binary Fission): यह अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) की एक विधि है, जिसमें एक वयस्क जीव का शरीर दो बराबर भागों में विभाजित होकर दो नए जीवों को जन्म देता है। उदाहरण के लिए—अमीबा और लीशमेनिया (Leishmania) (यह कालाजार या लीशमेनियासिस नामक बीमारी फैलाने वाला प्रोटोजोआ है, जिसमें द्विखंडन एक निश्चित तल/ओरिएंटेशन में होता है)।
- तितली: यह एक बहुकोशिकी जंतु है जो लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) और कायांतरण (Metamorphosis) की प्रक्रिया से गुजरता है।
- गुलाब और नीम का पौधा: ये पौधे मुख्य रूप से बीजों द्वारा लैंगिक जनन या वानस्पतिक प्रवर्धन (जैसे कलम या कायिक जनन) द्वारा उत्पन्न होते हैं।
#17. निम्न में से कौन-सा कथन पादप-काय में विभज्योतक ऊतक के स्थान को सही तरीके से निरूपित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )
- विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue): पौधों में वृद्धि केवल कुछ विशिष्ट और निश्चित क्षेत्रों में ही होती है, क्योंकि विभाजित होने की क्षमता रखने वाले ये ऊतक पूरे पौधे में न होकर केवल कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही पाए जाते हैं।
- इनकी स्थिति के आधार पर ये तीन प्रकार के होते हैं: 1. शीर्षस्थ (Apical) जो जड़ों और तनों के सिरों पर होते हैं, 2. अंतर्विष्ट (Intercalary) जो पर्वसंधियों (nodes) या पत्तियों के आधार पर होते हैं, और 3. पार्श्व (Lateral) जो तने की परिधि में होते हैं। अतः इनका विस्तार ‘कुछ विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित’ होता है।
- संपूर्ण पादप-काय पर: यह कथन गलत है क्योंकि पौधे के सभी भाग (जैसे परिपक्व पत्तियाँ या पुरानी छाल) में विभाजन की क्षमता नहीं होती है।
- तने के आधार पर या पत्तियों की नोक पर: ये केवल विशिष्ट ऊतकों के छोटे उदाहरण हैं, जबकि संपूर्ण पादप में इनकी सही स्थिति ‘कुछ विशिष्ट क्षेत्रों’ के रूप में परिभाषित की जाती है।
#18. मटर के पौधों पर अपने प्रयोग में मेंडल द्वारा किस लक्षण को प्रमुख लक्षण के रूप में पाया गया था?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 1)
- प्रभावी (प्रमुख) लक्षण [Dominant Traits]: ग्रेगर जॉन मेंडेल ने अपने प्रयोगों के दौरान मटर के पौधों के 7 विपर्यासी लक्षणों का अध्ययन किया था। इनमें लम्बा कद (Tall) तने की लंबाई का प्रभावी लक्षण है और गोल बीज (Round) बीज के आकार का प्रभावी लक्षण है। इसके विपरीत, बौनापन (Dwarf) और झुर्रीदार बीज (Wrinkled) क्रमशः अप्रभावी (Recessive) लक्षण हैं।
- छोटा पौधा (बौना) और झुर्रीदार बीज: ये दोनों क्रमशः लंबाई और बीज के आकार के अप्रभावी (Recessive) लक्षण हैं, प्रमुख (Dominant) नहीं।
- लम्बा पौधा और झुर्रीदार बीज / छोटा पौधा और गोल बीज: ये प्रभाविता और अप्रभाविता के मिश्रित विकल्प हैं, जबकि दोनों ही लक्षण प्रमुख रूप से ‘लम्बा पौधा और गोल बीज’ संयोजन में आते हैं।
#19. जीव विज्ञान में एक स्पंज क्या है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)
- स्पंज (Sponge): दिखने में पौधे या निर्जीव वस्तु जैसे लगने वाले स्पंज वास्तव में बहुकोशिकी जंतु (Multicellular Animals) हैं, जो जंतु जगत के पोरिफेरा (Porifera) संघ के अंतर्गत आते हैं।
- इनका शरीर छिद्रयुक्त होता है, जिनके माध्यम से जल और पोषक तत्व इनके शरीर में प्रवेश करते हैं। ये अधिकांशतः समुद्री जल में पाए जाने वाले अचल (Sessile) जीव हैं।
- पादप और कवक: स्पंज पौधे या कवक नहीं हैं, क्योंकि इनमें कोशिका भित्ति (Cell wall) नहीं पाई जाती और ये जंतुओं की तरह विषमपोषी (Heterotrophic) होते हैं।
- जीवाश्म: स्पंज कोई जीवाश्म (Fossil) नहीं बल्कि एक जीवित जंतु समूह है।
#20. सामान्य गेहूं का वानस्पतिक नाम क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 20 Jan 2021 Shift 1)
- सामान्य गेहूं (Common Wheat): इसका वैज्ञानिक या वानस्पतिक नाम ट्रिटिकम एस्टिवम (Triticum aestivum) है। यह पोएसी (Poaceae) या ग्रैमिनी कुल का एक महत्वपूर्ण खाद्यान्न पौधा है।
- ब्रैसिका कैम्पेस्ट्रिस (Brassica campestris): यह सरसों (Mustard) का वैज्ञानिक नाम है।
- ज़िया मेज़ (Zea mays): यह मक्का (Maize / Corn) का वैज्ञानिक नाम है।
- हिबिस्कुस रोज़ा-साइनेसिस (Hibiscus rosa-sinensis): यह गुड़हल (China rose / Shoe flower) का वैज्ञानिक नाम है।
#21. निम्नलिखित में से क्या पादप जगत से संबंधित नहीं है?
(RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2)
- कवक (Fungi): जीव विज्ञान की आधुनिक वर्गीकरण प्रणाली (आर.एच. व्हिटेकर की पाँच जगत प्रणाली) के अनुसार, कवक को ‘पादप जगत’ (Plantae) में शामिल नहीं किया गया है, बल्कि इन्हें एक अलग स्वतंत्र जगत ‘कवक जगत’ (Kingdom Fungi) में रखा गया है। इनकी कोशिका भित्ति काइटिन (Chitin) की बनी होती है और ये अपना भोजन स्वयं नहीं बनाते (परपोषी होते हैं)।
- शाक (Herbs), झाड़ी (Shrubs) और वृक्ष (Trees): ये सभी पादप जगत (Kingdom Plantae) के अंतर्गत आकार और संरचना के आधार पर पौधों के विभिन्न प्रकार/वर्ग हैं।
#22. सुक्रोज प्राकृतिक रूप से किसमें पाया जाता है?
(RRB JE CBT I- : 2 June 2019 Shift 1)
- सुक्रोज (Sucrose): यह एक प्रकार की डाइसैकेराइड शर्करा (Disaccharide) है जो ग्लूकोज और फ्रुक्टोज इकाइयों से मिलकर बनती है। यह प्राकृतिक रूप से पौधों में पाई जाने वाली प्रमुख चीनी है।
- गन्ना (Sugarcane) और चुकंदर (Beet): गन्ने के तने और चुकंदर की जड़ों में सुक्रोज प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक रूप से संचित रहता है, जिसका उपयोग व्यावसायिक स्तर पर चीनी (Table Sugar) बनाने के लिए किया जाता है।
- चावल, गेहूं और मक्का: इन अनाजों में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट के रूप में स्टार्च (Starch) पाया जाता है, सुक्रोज नहीं।
#23. निम्नलिखित में से कौन सा एक मांसाहारी पौधा है?
(RRB JE CBT I – : 30 May 2019 Shift 1)
- मांसाहारी या कीटभक्षी पौधे (Insectivorous / Carnivorous Plants): ये ऐसे पौधे होते हैं जो नाइट्रोजन की कमी वाली मृदा (जैसे दलदली क्षेत्रों) में उगते हैं और अपनी नाइट्रोजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए कीटों को पकड़कर उनका पाचन करते हैं।
- विकल्प में दिए गए सभी पौधे—घटपर्णी (Pitcher plant), वीनस फ्लाई-ट्रेप (Venus flytrap), और सनड्यू (Sundew)—कीटभक्षी या मांसाहारी पौधों के प्रमुख उदाहरण हैं। अतः ‘इनमें से सभी’ विकल्प सही है।
- घटपर्णी, वीनस फ्लाई-ट्रेप और सनड्यू: ये सभी अलग-अलग व्यक्तिगत रूप से मांसाहारी पौधे हैं, इसलिए जब ये तीनों इस श्रेणी में आते हैं, तो सही उत्तर ‘इनमें से सभी’ हो जाता है।
#24. निम्नलिखित में से कौन-सी फसल घास नहीं है?
(RPF SI Previous Paper : 6 Jan 2019 Shift 1)
- घास कुल (Poaceae / Gramineae): इस कुल के अंतर्गत गेحूँ, चावल, मक्का, बाँस (Bamboo) आदि आते हैं। बाँस वास्तव में एक विशाल घास (Giant Grass) है।
- बादाम (Almond): बादाम एक पेड़ (Tree) है जो रोज़ेसी (Rosaceae) कुल से संबंधित है, न कि घास कुल से। (नोट: कई परीक्षाओं में इस प्रकार के प्रश्नों में ‘बादाम’ को सही उत्तर माना जाता है क्योंकि यह स्पष्ट रूप से एक वृक्षीय फसल है)।
- बांस: यह दुनिया की सबसे लंबी घासों में से एक है जो घास कुल (Poaceae) से ही संबंधित है।
- रिजका (Alfalfa): यह फलीदार (Leguminous) चारा फसल है।
#25. निम्नलिखित में से कौन-सा प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )
- प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (Natural Ecosystem): यह वह तंत्र है जो प्रकृति में स्वयं संचालित होता है और जिसमें मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती है। वन (Forest), झील, नदियाँ, समुद्र और घास के मैदान प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख उदाहरण हैं।
- फिश एक्वेरियम (Fish Aquarium): यह मनुष्य द्वारा निर्मित एक कृत्रिम (Artificial) पारिस्थितिकी तंत्र है।
- हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics): यह बिना मिट्टी के पानी में पौधे उगाने की एक तकनीकी विधि है।
- किचन गार्डन (Kitchen Garden): यह मानव द्वारा निर्मित और प्रबंधित एक घरेलू उद्यान है।
#26. पादपों में बीज परिक्षेपण ( Seed dispersal) का क्या लाभ है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )
- बीज परिक्षेपण (Seed Dispersal): पौधों द्वारा अपने बीजों को मूल पौधे से दूर हवा, पानी, जंतुओं या अन्य माध्यमों से फैलाना ‘बीज परिक्षेपण’ कहलाता है। इसका मुख्य लाभ यह है कि यह पौधों को नए क्षेत्रों तक पहुँचने और अपना भौगोलिक वितरण (Distribution) बढ़ाने की सुविधा देता है। इसके अलावा, यह जनक पौधे के आसपास ही बीजों के इकट्ठा होने से होने वाली धूप, पानी और पोषक तत्वों की भीड़-भाड़ (Competition) को भी कम करता है।
- विकल्प 1 और 2: बीज परिक्षेपण सीधे तौर पर खनिज पोषक तत्व या अतिरिक्त जल उपलब्ध नहीं कराता, बल्कि यह नए स्थानों पर उगने में मदद करता है जहाँ ये संसाधन मिल सकते हैं।
- विकल्प 3 (प्रतिस्पर्धा में वृद्धि): परिक्षेपण वास्तव में प्रतिस्पर्धा को कम करता है, न कि बढ़ाता है क्योंकि बीज दूर-दूर फैल जाते हैं।
#27. इनमें से कौन सा ऑक्जेलिक अम्ल का प्राकृतिक स्रोत है?
(RPF SI Previous Paper : 5 Jan 2019 Shift 2)
- ऑक्जेलिक अम्ल (Oxalic Acid): यह एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला कार्बनिक अम्ल है। यह मुख्य रूप से टमाटर, पालक, चुकंदर आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। (पालक में भी ऑक्जेलिक अम्ल अच्छी मात्रा में होता है)।
- विकल्प 1 (दूध / Milk): दूध में मुख्य रूप से लैक्टिक अम्ल (Lactic acid) पाया जाता है।
विकल्प 3 (चींटियों का डंक / Ant sting): चींटियों या नेटल के डंक में फॉर्मिक अम्ल (Formic acid / मेथैनोइक अम्ल) पाया जाता है।
- विकल्प 4 (नींबू / Lemon): नींबू और अन्य खट्टे फलों में साइट्रिक अम्ल (Citric acid) पाया जाता है।
#28. पौधे ________ के माध्यम से श्वसन करते हैं।
(RRB JE CBT I- : 1 June 2019 Shift 3)
- रंध्र (Stomata): पौधों की पत्तियों और हरी कोमल सतहों पर छोटे-छोटे सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जिन्हें रंध्र या स्टोमेटा कहा जाता है। इन्हीं रंध्रों के माध्यम से पौधे श्वसन (Respiration) के लिए गैसों (ऑक्सीजन का अंदर आना और कार्बन डाइऑक्साइड का बाहर निकलना) का आदान-प्रदान करते हैं। इसके अलावा ये वाष्पसर्जन (Transpiration) में भी सहायता करते हैं।
- विकल्प 1 (जड़ें / Roots): जड़ें मिट्टी से हवा (ऑक्सीजन) का अवशोषण करती हैं, लेकिन मुख्य श्वसन अंग पत्तियों में स्थित रंध्र ही होते हैं।
- विकल्प 4 (फूल / Flower): फूल पौधे का जनन अंग है, श्वसन इसका मुख्य कार्य नहीं है।
विकल्प 3 (तना / Stem): बड़े और काष्ठीय तनों में गैसीय आदान-प्रदान के लिए ‘वातंध्र’ (Lenticels) पाए जाते हैं, न कि सामान्य श्वसन मुख्य रूप से तने से होता है।
#29. राइजोपस में छड़ी जैसी संरचनाओं पर मौजूद छोटे-छोटे धब्बों को क्या कहा जाता है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
- राइजोपस (Rhizopus) और बीजाणुधानी: राइजोपस (जिसे सामान्यतः ब्रेड मोल्ड या फफूंद कहा जाता है) में धागे जैसी संरचनाएं होती हैं जिन्हें हाइफी कहा जाता है। इन पर ऊर्ध्वाधर (छड़ी जैसी) संरचनाएं होती हैं, जिन्हें स्पोरैंजियोफोर (Sporangiophore) कहते हैं। इन छड़ी जैसी संरचनाओं के सिर पर गोल, छोटे-छोटे धब्बे या थैलीनुमा रचनाएं होती हैं, जिनमें बीजाणु (Spores) भरे होते हैं; इन थैलियों या संरचनाओं को बीजाणुधानी (Sporangia) कहा जाता है।
- विकल्प 1 (बीजाणु / Spores): ये वे सूक्ष्म कण या संरचनाएं हैं जो बीजाणुधानी के अंदर बनती हैं (न कि खुद धब्बों के रूप में बाहरी संरचना)।
- विकल्प 4 (जड़ें / Roots): कवक (Fungi) में पौधों की तरह वास्तविक जड़ें नहीं पाई जाती हैं।
विकल्प 2 (हाइफी / Hyphae): यह राइजोपस के कवक जाल (Mycelium) के धागे जैसे तंतु होते हैं।
#30. जब ब्रायोफिल्म ( Bryophyllum) से अलग हुआ एक पर्ण, नम मृदा के संपर्क में आता है तो क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )
- ब्रायोफिल्म (Bryophyllum / पाथरचटा) में कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation): ब्रायोफिल्म की पत्तियों के किनारों पर खाँच (Notches) होती हैं, जिनमें कलिकाएँ (Buds) पाई जाती हैं। जब यह पत्ती पौधे से अलग होकर नम मृदा के संपर्क में आती है, तो इन खाँचों से अपस्थानिक जड़ें और नए छोटे पादपक (Plantlets) विकसित होने लगते हैं। यह प्राकृतिक कायिक जनन का एक बेहतरीन उदाहरण है।
- विकल्प 3 (यह अपघटित हो जाता है): नम मृदा के संपर्क में आने पर पत्ती तुरंत अपघटित नहीं होती, बल्कि उसमें नए पौधे को जन्म देने की क्षमता सक्रिय हो जाती है।
विकल्प 1 और 2: केवल जल अवशोषित करना या क्लोरोफिल की कमी होना इसका मुख्य जैविक परिणाम नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य नए पादपकों का निर्माण करना है।
#31. निम्नलिखित में से कौन सा सैप्रोफाइटिक कवक है?
(RRB NTPC CBT-I : 3 Mar 2021 Shift 2)
- मृतजीवी या सैप्रोफाइटिक कवक (Saprophytic Fungi): जो जीव अपना पोषण मृत, सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों (Dead and decaying organic matter) से प्राप्त करते हैं, उन्हें मृतजीवी कहा जाता है। पेनिसिलियम एक प्रकार का कवक (Fungus) है जो मृत कार्बनिक पदार्थों पर उगता है और सैप्रोफाइटिक पोषण दर्शाता है (इसी से प्रसिद्ध एंटीबायोटिक ‘पेनिसिलिन’ प्राप्त की जाती है)।
- विकल्प 1 (शैवाल / Algae): ये स्वपोषी (Autotrophic) होते हैं क्योंकि इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है और ये प्रकाश संश्लेषण करते हैं।
- विकल्प 4 (अमरबेल / Cuscuta): यह एक परजीवी पौधा (Parasitic plant) है, जो दूसरे पौधों से अपना भोजन चूसता है।
विकल्प 2 (टेपवर्म / Tapeworm): यह एक परजीवी (Parasite) है जो आंतों में रहता है, कवक नहीं।
#32. निम्नलिखित में से कौन सा/से जीव एककोशिकीय नहीं है/हैं?
(RRB ALP CBT-1 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 1)
- बहुकोशिकीय जीव (Multicellular Organisms): पौधे (Plants) बहुकोशिकीय जीव होते हैं, जिनका शरीर अनगिनत कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। प्रश्न में पूछा गया है कि कौन सा जीव एककोशिकीय नहीं है, इसलिए पौधे इसका सही उत्तर हैं।
- विकल्प 1 (अमीबा / Amoeba): यह एक प्रसिद्ध एककोशिकीय प्रोटोजोआ है।
- विकल्प 4 (क्लेमाइडोमोनास / Chlamydomonas): यह एककोशिकीय हरा शैवाल (Unicellular green algae) है।
विकल्प 3 (पैरामीशियम / Paramecium): यह भी एककोशिकीय जीव है जो अपने पक्ष्माभ (Cilia) द्वारा गति करता है।
#33. निम्न में से कौन सा अन्य तीनों से भिन्न है?
(RRB NTPC Tier I : 6 Apr 2016 Shift 2)
- वर्गीकरण (Classification): दिए गए विकल्पों में मसूर एक प्रकार की दाल (दलहनी फसल/Legume) है, जबकि पालक, धनिया और सलाद पत्ता (Lettuce) सभी हरी पत्तेदार सब्जियाँ हैं। इस प्रकार मसूर अन्य तीनों से भिन्न है।
- पालक, धनिया और सलाद पत्ता: ये तीनों हरी पत्तेदार सब्जियाँ (Leafy vegetables) हैं जिनका उपयोग मुख्य रूप से खाने में पत्तियों के रूप में किया जाता है।
#34. निम्नलिखित में से कौन सा कथन डेन्ड्राइट्स का वर्णन करता है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)
- डेंड्राइट्स (Dendrites / द्रुमाक्ष): ये न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका) के कोशिका काय (Cyton) से निकलने वाले छोटे, वृक्ष के समान अत्यधिक शाखित (Branched) प्रवर्ध होते हैं। इनका मुख्य कार्य अन्य तंत्रिका कोशिकाओं से विद्युत रासायनिक संकेतों (Signals) को ग्रहण करके उन्हें कोशिका काय तक पहुँचाना है।
- लंबे और शाखित/अशाखित (Axon की विशेषता): न्यूरॉन का जो भाग लंबा होता है, उसे एक्सॉन (Axon / तंत्रikaक्ष) कहते हैं, न कि डेंड्राइट्स। डेंड्राइट्स लंबाई में छोटे होते हैं लेकिन बहुत अधिक शाखित होते हैं।
#35. निम्नलिखित में से कौन-सा पौधा, बीजाणुओं के माध्यम से प्रजनन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )
- बीजाणु द्वारा प्रजनन (Spore Formation): ब्रायोफाइट्स (जैसे मॉस और लिवरवॉर्ट्स) और टेरिडोफाइट्स (जैसे फ़र्न) ऐसे पादप हैं जिनमें बीज या फूल नहीं होते हैं। इनमें प्रजनन मुख्य रूप से बीजाणुओं (Spores) के माध्यम से होता है। मॉस में बीजाणुधानी (Capsule) के भीतर बीजाणु बनते हैं जो प्रकीर्णित होकर नए पौधे को जन्म देते हैं।
- बैंगन और चना: ये दोनों आवृतबीजी (Angiosperm) पौधे हैं जो बीजों (Seeds) के माध्यम से प्रजनन करते हैं।
- गुलाब (Rose): गुलाब में मुख्य रूप से कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation जैसे कलम लगाना) या बीजों द्वारा प्रजनन होता है, यह बीजाणुओं से जनन नहीं करता।
#36. निम्नलिखित में से किस जीव को आमतौर पर ब्रेड मोल्ड के रूप में जाना जाता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 1)
- ब्रेड मोल्ड (Bread Mold): राइजोपस (Rhizopus) को सामान्यतः ‘ब्रेड मोल्ड’ (ब्रेड की फफूंद) कहा जाता है। यह एक प्रकार का मृतजीवी कवक (Fungus) है जो नम और बासी ब्रेड या अन्य खाद्य पदार्थों पर बहुत जल्दी उग जाता है और रुई जैसी फफूंद बना लेता है। इसमें बीजाणुओं (Spores) के माध्यम से अलैंगिक जनन होता है।
- विकल्प 1 (यीस्ट / Yeast): यह एक एककोशिकीय कवक है जो किण्वन (Fermentation) और मुकुलन (Budding) के लिए जाना जाता है।
- विकल्प 4 (स्पाइरोगायरा / Spirogyra): यह एक तंतुकमय (Filamentous) हरा शैवाल है जो अलवणीय जल में पाया जाता है।
विकल्प 3 (प्लेनेरिया / Planaria): यह एक चपटा कृमि (Flatworm) है जो अत्यधिक पुनरुद्भवन (Regeneration) क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।
#37. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कुनैन का स्रोत है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)
- कुनैन (Quinine): यह एक प्रसिद्ध औषधि है जिसका उपयोग मुख्य रूप से मलेरिया के उपचार में किया जाता है। यह दवा सिनकोना (Cinchona) पौधे की छाल (Bark) से प्राप्त की जाती है। सिनकोना का पौधा मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वतीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
- विकल्प 1 (सागौन / Teak): यह एक मूल्यवान इमारती लकड़ी देने वाला पेड़ है, इससे कुनैन प्राप्त नहीं होता।
- विकल्प 4 (बांस / Bamboo): यह घास कुल (Poaceae) का एक लंबा पौधा है, जिसका उपयोग निर्माण और हस्तशिल्प में होता है।
विकल्प 3 (नीम / Neem): नीम एक औषधीय पौधा है जिसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, लेकिन यह मलेरिया की दवा कुनैन का स्रोत नहीं है।
#38. निम्नलिखित में से कौन-सा पौधा, एकलिंगी है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )
- एकलिंगी पुष्प (Unisexual Flower): वे पुष्प जिनमें नर जनन अंग (पुंकेसर) या मादा जनन अंग (स्त्रीकेसर) में से केवल कोई एक ही उपस्थित होता है, उन्हें एकलिंगी पुष्प कहते हैं। पपीता और तरबूज एकलिंगी पौधों के प्रमुख उदाहरण हैं, जिनमें नर और मादा फूल अलग-अलग पौधों पर या एक ही पौधे पर अलग हो सकते हैं।
- सरसों, मटर और चाइना रोज़ (गुड़हल): ये सभी उभयलिंगी या द्विलिंगी (Bisexual) पौधे हैं, क्योंकि इनके एक ही पुष्प में नर (पुंकेसर) और मादा (स्त्रीकेसर) दोनों जनन अंग एक साथ पाए जाते हैं।
#39. मेंडल द्वारा मटर के पौधों पर किए गए प्रयोगों में निम्नलिखित में से कौन-सा लक्षण प्रभावी है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 1)
- मेंडल का आनुवंशिकी का नियम (Mendel’s Law): ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधे (पाइसम सेटिवम) पर अपने प्रयोगों के लिए 7 विपरीत (contrasting) लक्षणों का चयन किया था। इनमें बीज का आकार (Seed shape) भी एक लक्षण था, जिसमें गोल बीज (Round) प्रभावी (Dominant) लक्षण है और झुर्रीदार बीज (Wrinkled) अप्रभावी (Recessive) लक्षण है।
- हरे बीज: मटर के बीजों का हरा रंग ‘अप्रभावी’ होता है, जबकि पीला रंग (Yellow) प्रभावी होता है।
- बौने पौधे: यह लंबाई का अप्रभावी लक्षण है, जबकि लंबे पौधे (Tall) प्रभावी लक्षण होते हैं।
झुर्रीदार बीज: यह गोल आकार का विपरीत और अप्रभावी लक्षण है।
#40. जब प्रकाश प्रिज्म से गुजरता है, तो कौन सा रंग सबसे कम विपथित होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 4 Feb 2021 Shift 2)
- प्रकाश का विक्षेपण (Dispersion of Light): जब श्वेत प्रकाश किसी प्रिज्म से गुजरता है, तो वह अपने सात अवयवी रंगों (VIBGYOR) में विभाजित हो जाता है। जिस रंग की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) जितनी अधिक होती है, उसका विचलन या विपथन (Deviation/Refraction) उतना ही कम होता है। लाल रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होती है, इसलिए प्रिज्म से गुजरने पर यह सबसे कम विपथित (कम झुकता) है। इसके विपरीत, बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होने के कारण वह सबसे अधिक विपथित होता है।
- बैंगनी (Violet): इसकी तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है, इसलिए यह सबसे अधिक विपथित (झुकता) है।
नीला और हरा (Blue and Green): इनका विचलन लाल रंग से अधिक और बैंगनी रंग से कम होता है।
#41. निम्नलिखित में से कौन-सा उस एकल कोशिका का उदाहरण नहीं है जो एक पूर्ण जीव का निर्माण करती है?
(RRB ALP CBT 1 11/03/2026 )
- बहुकोशिकीय जीव (Multicellular Organism): साइकस (Cycas) एक जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) पौधा है, जो एक बहुकोशिकीय जीव है। इसका शरीर अनगिनत कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, न कि केवल एक एकल कोशिका से। इसलिए यह एकल कोशिका द्वारा बनने वाले पूर्ण जीव का उदाहरण नहीं है।
- क्लेमिडोमोनास (Chlamydomonas): यह एक एककोशिकीय हरा शैवाल है।
- अमीबा (Amoeba): यह भी एक प्रसिद्ध एककोशिकीय जीव है जो अपनी आकृति बदलने के लिए जाना जाता है।
पैरामीशियम (Paramoecium): यह एक स्वतंत्र रूप से जीने वाला एककोशिकीय प्रोटोजोआ है।
#42. निम्नलिखित में से किसमें साइट्रिक अम्ल की मात्रा सबसे अधिक होती है?
(RRB JE 23 May 2019 Shift 1 CBT 1)
- साइट्रिक अम्ल (Citric Acid): यह एक प्राकृतिक कार्बनिक अम्ल है जो मुख्य रूप से खट्टे फलों (सिट्रस फलों) में पाया जाता है। नींबू और संतरा इसके सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोतों में से एक हैं, जिनमें साइट्रिक अम्ल की मात्रा सबसे अधिक होती है।
- अंगूर (Grapes): अंगूर में मुख्य रूप से टार्टरिक अम्ल (Tartaric acid) पाया जाता है।
- आम (Mango): कच्चे आम में मुख्य रूप से साइट्रिक और मैलिक अम्ल होते हैं, लेकिन नींबू की तुलना में कुल साइट्रिक अम्ल की मात्रा बहुत कम होती है।
केला (Banana): केले में मुख्य रूप से मैलिक अम्ल और विटामिन पाए जाते हैं।
#43. सूर्य प्रकाश के उद्दीपन के कारण पौधों की दिशाहीन गति को ________ कहा जाता है।
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )
- प्रकाशानुकुंचन (Photonasty): यह पौधों में होने वाली वह गति है जो प्रकाश के उद्दीपन (Stimulus) के कारण होती है, लेकिन यह गति दिशाहीन (Nastic movement – उद्दीपन की दिशा पर निर्भर नहीं करती) होती है। उदाहरण के लिए: डंडेलियन (Dandelion) के फूलों का सुबह प्रकाश में खिलना और शाम को बंद हो जाना।
- प्रकाशानुवर्तन (Phototropism): यह प्रकाश की दिशा में होने वाली दिश (Directional) गति है (जैसे तने का प्रकाश की ओर झुकना)।
- अनुगतिक या स्पर्शानुकुंचन (Thigmonasty): यह स्पर्श के कारण होने वाली दिशाहीन गति है (जैसे छुई-मुई/Mimosa pudica के पत्तों का छूने पर सिकुड़ना)।
स्पर्शानुवर्तन (Thigmotropism): यह किसी ठोस वस्तु के स्पर्श के कारण होने वाली दिशात्मक गति है (जैसे बेलों का किसी सहारे से लिपटना)।
#44. निम्नलिखित में से पौधे का कौन सा भाग वानस्पतिक प्रवर्धन में भाग नहीं लेता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
- वानस्पतिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation): यह पौधों में होने वाला अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) है, जिसमें पौधे के कायिक अंगों जैसे कि जड़, तना और पत्तियों का उपयोग नए पौधे को विकसित करने के लिए किया जाता है। फूल (Flower) पौधे का जनन अंग (Reproductive organ) है जो लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) में भाग लेता है, इसलिए यह वानस्पतिक प्रवर्धन में शामिल नहीं होता है।
- जड़ (Root): शकरकंद (Sweet potato) और डाहलिया जैसे पौधों की जड़ें नए पौधे को जन्म देती हैं।
- पत्तियां (Leaves): ब्रायोफिल्म (Bryophyllum) की पत्तियों के किनारों से नए पादपक विकसित होते हैं।
तना (Stem): आलू, अदरक और प्याज जैसी कंद/प्रकंद तने वानस्पतिक प्रवर्धन का मुख्य माध्यम हैं।
#45. निम्नलिखित में से किस पादप समूह में नग्न बीज होते हैं?
(RRB NTPC CBT-I : 13 Jan 2021 Shift 2)
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperm): ग्रीक शब्द ‘जिम्नो’ (Gymno – नग्न) और ‘स्पर्म’ (Sperm – बीज) से मिलकर बने इस समूह के पौधों में बीज किसी फल के अंदर बंद नहीं होते, बल्कि पूरी तरह नग्न (Naked seeds) होते हैं। इन पौधों में फूल नहीं आते हैं और इनके बीज आमतौर पर शंकु (Cones) पर लगे होते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण चीड़ (Pine), साइकस (Cycas) और देवदार हैं।
- एंजियोस्पर्म (Angiosperm / आवृतबीजी): इन्हें आवृत्तबीजी कहा जाता है क्योंकि इनके बीज फलों के अंदर सुरक्षित (ढके हुए) होते हैं।
थैलोफाइट और टेरिडोफाइट: ये दोनों गैर-पुष्प पौधे हैं; थैलोफाइट्स (जैसे शैवाल) में बीज नहीं बनते हैं, और टेरिडोफाइट्स (जैसे फ़र्न) में बीज के बजाय बीजाणुओं (Spores) द्वारा प्रजनन होता है।
#46. मूल गोप ( root cap) के कार्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
(RPF Constable 2024 : 07 Mar, 2025 Shift 1)
- मूल गोप (Root Cap): यह जड़ के सबसे अंतिम सिरे पर टोपी जैसी संरचना होती है। वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) मुख्य रूप से पत्तियों में स्थित रंध्रों (Stomata) के माध्यम से होता है, न कि जड़ के सिरे (मूल गोप) द्वारा। इसलिए यह कथन गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
- मिट्टी में जड़ की आसान गति: मूल गोप श्लेष्म (Mucilage) स्रावित करता है जो जड़ को मिट्टी में आगे बढ़ने के दौरान चिकनाहट और सुरक्षा प्रदान करता है।
- गुरुत्वाकर्षण की अनुभूति (Gravitropism): इसमें मौजूद स्टेटोलिथ कोशिकाएं जड़ को जमीन के अंदर की ओर (गुरुत्वाकर्षण की दिशा में) बढ़ने में मार्गदर्शन करती हैं।
कोमल भाग की रक्षा: यह जड़ के बढ़ते हुए नाज़ुक शीर्ष भाग (Meristematic zone) को मिट्टी के घर्षण से बचाता है।
#47. निम्नलिखित में से कौन-सा बहुकोशिकीय जीव, अलैंगिक जनन की एक सामान्य विधि के रूप में खंडन को दर्शाता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )
- खंडन (Fragmentation): यह बहुकोशिकीय जीवों में अलैंगिक जनन की एक सामान्य विधि है, जिसमें परिपक्व जीव का शरीर दो या दो से अधिक टुकड़ों में खंडित हो जाता है और प्रत्येक टुकड़ा विकसित होकर एक नया जीव बन जाता है। स्पाइरोगाइरा एक बहुकोशिकीय तंतुकमय (Filamentous) हरा शैवाल है जो इसी विधि (खंडन) द्वारा अलैंगिक जनन करता है।
- ब्रायोफिल्म (Bryophyllum): यह पत्तियों द्वारा कायिक प्रवर्धन (Vegetative propagation) का एक प्रसिद्ध उदाहरण है।
चमेली (Jasmine) और संतरा (Orange): इनमें वानस्पतिक प्रवर्धन (जैसे लेयरिंग, कटिंग आदि) और बीजों द्वारा जनन होता है, खंडन द्वारा नहीं।
#48. निम्नलिखित में से कौन सा एक फलीदार पादप है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)
- फलीदार पादप / लेग्यूमिनस पौधे (Leguminous Plants): फैबेसी (Fabaceae या Leguminosae) कुल के पौधों को फलीदार पादप कहा जाता है, जिनके बीजों में फलियाँ (Pods) होती हैं। मटर इसी कुल का एक प्रमुख पौधा है। इनकी जड़ों में राइजोबियम (Rhizobium) नामक बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen fixation) करते हैं।
- आलू और टमाटर: ये दोनों सोलेनेसी (Solanaceae) कुल के पौधे हैं।
- पत्ता गोभी: यह क्रूसिफेरी या ब्रेसीकेसी (Brassicaceae) कुल का पौधा है।
#49. एक किसान बेहतर बेकिंग गुणवत्ता ( baking quality) और सूखा प्रतिरोधी क्षमता वाले गेहूं की खेती करना चाहता है। फसल की किस्म में सुधार हेतु किन दो विशेषताओं को लक्षित किया जाना चाहिए?
(RRB JE 25/02/2026 )
- फसल सुधार के लक्ष्य:
- बेहतर गुणवत्ता (Quality Improvement): बेहतर बेकिंग गुणवत्ता (जैसे उच्च ग्लूटेन या प्रोटीन सामग्री) फसल की उपज की ‘बेहतर गुणवत्ता’ श्रेणी के अंतर्गत आती है।
- अजैविक प्रतिरोध (Abiotic Resistance): सूखा (Drought), लवणता, अत्यधिक तापमान या बाढ़ जैसे पर्यावरण जनित (गैर-जीवित) तनावों से निपटने की क्षमता ‘अजैविक प्रतिरोध’ कहलाती है। चूंकि सूखा एक अजैविक कारक है, इसलिए सूखा प्रतिरोधी क्षमता इसके अंतर्गत आएगी।
- जैविक प्रतिरोध (Biotic Resistance): यह कीटों, रोगों और सूत्रकृमियों (Pathogens) जैसे जीवित जीवों से होने वाले नुकसान के खिलाफ सुरक्षा से संबंधित है, न कि सूखे से।
- व्यापक अनुकूलन क्षमता: यह विभिन्न क्षेत्रों और जलवायु परिस्थितियों में फसल के आसानी से उगने की क्षमता है।
#50. ब्लू लिटमस जब एक अम्लीय विलयन में डाला जाता है तो वह हो जाता है-
(RRB JE 25 May 2019 Shift 2 CBT 1)
- लिटमस पत्र (Litmus Paper): यह एक प्राकृतिक सूचक (Natural Indicator) है जिसे थैलोफाइटा समूह के लाइकेन (Lichen) पौधे से निकाला जाता है।
- अम्ल (Acid) नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं। (ट्रिक: ‘अनिल’ = अम्ल – नीला – लाल)
- क्षार (Base) लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं।
- सफेद, बैंगनी और हरा: अम्लीय विलयन के संपर्क में आने पर नीले लिटमस का रंग इनमें से कोई भी नहीं होता है। (उदासीन विलयन में लिटमस का मूल रंग बैंगनी रहता है)।
#51. निम्नलिखित में से कौन-सा पादप, पर्ण के कोरों पर मुकुलन द्वारा अलैंगिक रूप से पुनरुत्पादन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )
#52. 1706) निम्नलिखित में से किस पौधे में जल और अन्य पदार्थों के संवहन के लिए विशेष ऊतक होता है जो पौधे के एक भाग से दूसरे भाग तक जाता है?(RRB NTPC CBT-I : 7 April 2021 Shift 2)
#53. 1707) शीर्षस्थ विभज्योतक तने और जड़ की ________ को बढ़ाता है।(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
#54. 1708) ‘ टच-मी-नॉट’ ( छुईमुई) पौधा किस परिवार से संबंधित है?(RRB NTPC CBT-I : 16 Feb 2021 Shift 1)
#55. 1709) पर्यावरणीय उद्दीपन के प्रति पादपों की अनुक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)


