पादप जगत Railway MCQ
#1. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, ब्रायोफाइट्स को शैवाल से अलग करता है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 19/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (D) ब्रायोफाइट्स, युग्मज से भ्रूण के निर्माण का प्रदर्शन करते हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- भ्रूण का विकास (Embryo Formation): ब्रायोफाइट्स और शैवाल (Algae) में सबसे प्रमुख विकासात्मक अंतर यह है कि शैवाल में निषेचन के बाद बनने वाले युग्मज (Zygote) से सीधे नया पौधा बनता है और इसमें किसी बहुकोशिकीय भ्रूण (Embryo) का निर्माण नहीं होता है।
- इसके विपरीत, ब्रायोफाइट्स (और सभी उच्च वर्गीय पौधों) में निषेचन के बाद युग्मज विभाजित होकर बहुकोशिकीय भ्रूण का निर्माण करता है, जो आगे चलकर स्पोरोफाइट में विकसित होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- विकल्प (A) और (B): ब्रायोफाइट्स और शैवाल दोनों ही स्वपोषी होते हैं और दोनों में ही पर्णहरित (Chlorophyll) पाया जाता है, इसलिए ये विशेषताएँ इन्हें एक-दूसरे से अलग नहीं करतीं।
- विकल्प (C): ब्रायोफाइट्स और अधिकांश शैवाल दोनों ही ‘क्रिप्टोगैम’ (अपुष्पी एवं अबीज पौधे) के अंतर्गत आते हैं, अतः यह भी विभेदन का आधार नहीं है।
#2. ऊपरी और निचले एपिडर्मिस के बीच पाए जाने वाले ऊतक कहलाते हैं-
(RPF SI 2018 : 24 Dec, 2018 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) मेजोफिल (Mesophyll)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेजोफिल ऊतक (Mesophyll Tissue): यह पत्तियों की ऊपरी एपिडर्मिस (Upper Epidermis) और निचली एपिडर्मिस (Lower Epidermis) के बीच स्थित मुख्य भरण ऊतक (Ground tissue) होता है।
- यह पैरेन्काइमा कोशिकाओं से बना होता है जिनमें प्रचुर मात्रा में क्लोरोप्लास्ट पाया जाता है। इसी ऊतक में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की मुख्य प्रक्रिया संपन्न होती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पिथ (Pith): यह तनों और जड़ों के केंद्र में स्थित भाग होता है, पत्तियों के बीच नहीं।
- वस्कुलर बंडल (Vascular Bundle): यह जाइलम और फ्लोएम से मिलकर बनने वाला संवहन तंत्र है जो मेजोफिल के भीतर स्थित होता है।
- स्टोमेटा (Stomata): यह गैसों के आदान-प्रदान और वाष्पसर्जन के लिए एपिडर्मिस पर पाए जाने वाले सूक्ष्म छिद्र होते हैं।
#3. निम्नलिखित में से किस पदार्थ में जैविक आवर्धन की परिघटना में योगदान देने की उच्च संभावना होती है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) पीड़कनाशी (Pesticides)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जैविक आवर्धन (Biological Magnification / Biomagnification): इसका तात्पर्य खाद्य श्रृंखला के उच्चतर पोषण स्तरों पर विषैले और अजैवकूटनीय (Non-biodegradable) रसायनों या प्रदूषकों की सांद्रता में क्रमिक वृद्धि होने से है।
- पीड़कनाशी (Pesticides) / DDT: कृषि में उपयोग होने वाले हानिकारक पीड़कनाशी और रसायन गैर-biodegradable होते हैं, जो आसानी से नष्ट नहीं होते। ये खाद्य श्रृंखला के माध्यम से जीवों के शरीर में प्रवेश करके संचित होते जाते हैं और शीर्ष उपभोक्ताओं तक पहुँचते-पहुँचते इनकी सांद्रता अत्यधिक बढ़ जाती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- नीम की छाल, संतरे का छिलका और गुलाब दल: ये सभी प्राकृतिक और जैव-अवक्रमणीय (Biodegradable) जैविक पदार्थ हैं, जो प्रकृति में आसानी से अपघटित हो जाते हैं और जैविक आवर्धन उत्पन्न नहीं करते।
#4. मटर का पौधा अन्य पौधों पर चढ़ने के लिए किस संरचना का उपयोग करता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) प्रतान (Tendrils)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रतान (Tendrils): मटर (Pisum sativum) एक दुर्बल तने (Climber) वाला पौधा होता है। इसके सहारे के लिए पत्तियों के ऊपरी हिस्से या पर्णक (Leaflets) धागे जैसी पतली, कुंडलित संरचनाओं में रूपांतरित हो जाते हैं जिन्हें प्रतान कहा जाता है।
- ये प्रतान किसी भी सहारे (जैसे डंडी या अन्य पौधे) के संपर्क में आते ही उसके चारों ओर कसकर लिपट जाते हैं, जिससे पौधे को ऊपर की ओर चढ़ने और सीधा खड़े रहने में मदद मिलती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- चूसक (Sucker): यह कुछ पौधों (जैसे पुदीना या परजीवी पौधों) में पाया जाने वाला भूमिगत या चूषक अंग होता है।
- प्रवाहक (Runner): यह जमीन पर क्षैतिज रूप से फैलने वाला तना होता है जो कायिक प्रवर्धन में मदद करता है (जैसे दूब घास)।
- प्ररोह (Shoot): यह पौधे का ऊपरी तने और पत्तियों वाला मुख्य भाग होता है।
#5. प्रिज्म के अंतिम दो कोनों पर कौन से दो रंग बनते हैं?
(RRB NTPC CBT-I : 7 Jan 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) बैंगनी और लाल
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रकाश का वर्ण विक्षेपण (Dispersion of Light): जब श्वेत प्रकाश (White light) किसी कांच के प्रिज्म से गुजरता है, तो वह अपने सात अवयवी रंगों में विभक्त हो जाता है। इस स्पेक्ट्रम के क्रम को याद रखने के लिए VIBGYOR सूत्र का उपयोग किया जाता है।
- प्रिज्म के पर्दें या स्पेक्ट्रम के दोनों अंतिम सिरों (किनारों) पर सबसे नीचे बैंगनी (Violet) और सबसे ऊपर लाल (Red) रंग बनता है। बैंगनी रंग का विचलन (Deviation) सबसे अधिक और लाल रंग का विचलन सबसे कम होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- अन्य विकल्प: नीला, हरा, पीला और नारंगी रंग VIBGYOR स्पेक्ट्रम के मध्य भाग में स्थित होते हैं, अंतिम कोने पर नहीं।
#6. अवर्णीलवक (ल्यूकोप्लास्ट) निम्नलिखित में से किस रंग का होता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) सफेद (या रंगहीन / Colorless)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अवर्णीलवक (Leucoplast): ल्यूकोप्लास्ट पौधे के ऐसे plastids (लवक) होते हैं जो रंगहीन या सफेद (Colorless) होते हैं।
- ये मुख्य रूप से पौधे के उन भागों में पाए जाते हैं जो सूर्य के प्रकाश के संपर्क में नहीं आते हैं (जैसे भूमिगत जड़ें और कंद)। इनका मुख्य कार्य खाद्य पदार्थों (जैसे स्टार्च, वसा और प्रोटीन) का संचय करना होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- नारंगी, इंडिगो और बैंगनी: ये रंगीन वर्णक (Pigments) या वर्णानीलवक (Chromoplasts / Anthocyanin आदि) से संबंधित हैं, जबकि ल्यूकोप्लास्ट पूर्णतः रंगहीन/सफेद होता है।
#7. ब्रैसिका कैम्पेस्ट्रिस किस पौधे का वानस्पतिक नाम है?
(RRB NTPC CBT-I : 27 Jan 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) जंगली सरसों (या सरसों / Mustard)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ब्रैसिका कैम्पेस्ट्रिस (Brassica campestris): यह सरसों (Mustard) परिवार (Cruciferae / Brassicaceae) से संबंधित पौधे का वैज्ञानिक नाम है, जिसे सामान्यतः सरसों या जंगली सरसों कहा जाता है। इस पौधे के बीजों से खाने योग्य तेल निकाला जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- मक्का: इसका वैज्ञानिक नाम Zea mays है।
- सामान्य गेहूं: इसका वैज्ञानिक नाम Triticum aestivum है।
- मोथी (साइपरस): इसका वैज्ञानिक नाम Cyperus rotundus है।
#8. निम्नलिखित में से कौन सा कथन मृदूतक (Parenchyma) के बारे में गलत है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर (गलत कथन): (C) यह पौधे के विभिन्न भागों जैसे कि लताएँ और आरोही पौधों के तनों को टूटने के बिना झुकने की अनुमति देता है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कथन (C) क्यों गलत है?: पौधों के अंगों को बिना टूटे आसानी से झुकने और यांत्रिक सहारा (Mechanical support) देने का कार्य स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma) द्वारा किया जाता है, न कि मृदूतक (Parenchyma) द्वारा। अतः विकल्प (C) गलत कथन है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
- मृदूतक (Parenchyma) की विशेषताएँ: यह पौधों का एक सामान्य स्थायी ऊतक है जिसकी कोशिकाएँ जीवित, पतली भित्ति वाली और ढीली व्यवस्थित होती हैं (विकल्प A, B और D सही हैं)।
- एरिएन्काइमा (Aerenchyma): जलीय पौधों में पाए जाने वाले मृदूतक को एरिएन्काइमा कहते हैं, जिसमें बड़ी वायु गुहाएँ (Air cavities) होती हैं जो पौधों को जल में तैरने के लिए उत्प्लावकता प्रदान करती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो मृदूतक के संबंध में सही कथन हैं):
- विकल्प (A), (B), और (D): ये सभी कथन मृदूतक की संरचना और उसके कार्यों (जैसे भोजन संग्रह करना और जलीय पौधों में तैरने में मदद करना) का बिल्कुल सटीक वर्णन करते हैं।
#9. निम्नलिखित में से कौन सा विटामिन ए का अच्छा स्रोत है?
(RRB NTPC Tier I : 16 Apr 2016 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) गाजर (Carrot)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विटामिन ए और गाजर: गाजर विटामिन ए (विशेषकर इसके अग्रगामी यौगिक बीटा-कैरोटीन / Beta-carotene) का एक अत्यंत समृद्ध और उत्कृष्ट स्रोत है। शरीर में पहुँचकर बीटा-कैरोटीन विटामिन ए में परिवर्तित हो जाता है।
- विटामिन ए हमारी आँखों की दृष्टि (विशेषकर रात की रोशनी में देखने की क्षमता), त्वचा और प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखने के लिए बेहद आवश्यक होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- गोभी: यह मुख्य रूप से विटामिन सी, विटामिन के और फाइबर का स्रोत है।
- सामान्य आलू: यह कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च) और पोटैशियम का प्रमुख स्रोत है।
- स्ट्राबेरी: यह विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल है।
#10. निम्नलिखित में से किस पौधे में विविध रंगों के पत्ते पाए जाते हैं?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) क्रोटन (Croton)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- क्रोटन (Croton): क्रोटन एक लोकप्रिय सजावटी पौधा (Ornamental plant) है, जिसके पत्तों की विशेषता यह होती है कि इनमें एक ही पौधे या एक ही पत्ते पर हरे रंग के अलावा पीले, लाल, नारंगी और बैंगनी जैसे कई विविध रंग (Variegated leaves) पाए जाते हैं।
- इन पत्तियों में क्लोरोफिल के साथ-साथ अन्य वर्णक (जैसे एंथोसायनिन और कैरोटीनॉयड) भी मौजूद होते हैं, जो इन आकर्षक रंगों का कारण बनते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- केला, नीम और गुलाब: इन सामान्य पौधों के पत्ते मुख्य रूप से हरे रंग के होते हैं, और इनमें क्रोटन की तरह विविध और चमकीले रंगों की पत्तियाँ नहीं पाई जाती हैं।
#11. मेंडेल के अनुसार, लंबे मटर के पौधों को छोटे मटर के पौधों के साथ संकरण करने पर F1 पीढ़ी में कौन सा लक्षण दिखाई दिया?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) लंबा (Tall)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेंडल का प्रभाविता का नियम (Law of Dominance): जब ग्रेगर जॉन मेंडल ने शुद्ध लंबे मटर के पौधों ($TT$) और शुद्ध बौने/छोटे मटर के पौधों ($tt$) के बीच संकरण (Cross) कराया, तो उन्होंने पाया कि पहली पीढ़ी ($\text{F}_1$ जनरेशन) के सभी पौधे लंबे ($Tt$) हुए।
- इसमें लंबापन (Tallness) प्रभावी लक्षण (Dominant trait) के रूप में प्रकट हुआ, जबकि बौनापन अप्रभावी होने के कारण $\text{F}_1$ पीढ़ी में दिखाई नहीं दिया।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- छोटा या बौना: अप्रभावी लक्षण होने के कारण यह $\text{F}_1$ पीढ़ी में प्रकट नहीं होता, बल्कि $\text{F}_2$ पीढ़ी में 3:1 के अनुपात में दिखाई देता है।
- मध्यम: मेंडल के प्रयोग में प्रभाविता के नियम के तहत पौधे या तो लंबे होते हैं या बौने, मिश्रण (मध्यम ऊँचाई) नहीं होता है।
#12. राइजोपस में धागे जैसी संरचना क्या है?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (D) हाइफे (Hyphae)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- हाइफे (Hyphae) या कवक तंतु: राइजोपस (जिसे सामान्यतः ब्रेड मोल्ड कहा जाता है) एक कवक (Fungus) है। इसके शरीर में धागे जैसी पतली, शाखामय संरचनाएँ पाई जाती हैं जिन्हें हाइफे कहते हैं। इनके पूरे जाल को माइसीलियम (Mycelium) कहा जाता है।
- ये धागे जैसी संरचनाएँ भोजन के अवशोषण और कवक की वृद्धि में मदद करती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्पोरेन्जिया (Sporangia / बीजाणुधानी): यह हाइफे के ऊपर बनने वाली गोल संरचना होती है जिसके अंदर बीजाणु (Spores) उत्पन्न होते हैं।
- बीजाणु (Spores): ये सूक्ष्म अलैंगिक जनन इकाइयाँ होती हैं जो स्पोरेन्जिया के फटने पर बिखर जाती हैं और नए राइजोपस को जन्म देती हैं।
#13. थियोफ़्रेस्टस को किसका जनक कहा जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 13 Jan 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) वनस्पति विज्ञान (Botany)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- थियोफ़्रेस्टस (Theophrastus): प्राचीन यूनानी दार्शनिक थियोफ़्रेस्टस को ‘वनस्पति विज्ञान का जनक’ (Father of Botany) कहा जाता है।
- उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘हिस्टोरिया प्लैन्टारम’ (Historia Plantarum) में लगभग 500 प्रकार के पौधों का वर्णन किया और उनके वर्गीकरण तथा स्वभाव का व्यापक अध्ययन किया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- प्राणि विज्ञान (Zoology) और जीव विज्ञान (Biology): अरस्तू (Aristotle) को प्राणि विज्ञान और जीव विज्ञान दोनों का जनक माना जाता है।
- रसायन विज्ञान (Chemistry): लेवोसिए (Antoine Lavoisier) को आधुनिक रसायन विज्ञान का जनक कहा जाता है।
- भौतिक विज्ञान (Physics): गैलीलियो गैलीली या सर आइजैक न्यूटन को भौतिक विज्ञान के विकास में प्रमुख योगदानकर्ता माना जाता है।
#14. निम्नलिखित विकल्पों में से उभयलिंगी पुष्प का चयन कीजिए।
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) सरसों (Mustard)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उभयलिंगी पुष्प (Bisexual Flower): ऐसे पुष्प जिनमें जनन अंग के रूप में नर जनन अंग (पुंकेसर/Stamen) और मादा जनन अंग (स्त्रीकेसर/Carpel) दोनों एक ही फूल में मौजूद होते हैं, उन्हें उभयलिंगी या द्विलिंगी पुष्प कहा जाता है। सरसों, गुड़हल, गुलाब आदि इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कद्दू, तरबूज और पपीता: ये सभी एकलिंगी (Unisexual) पुष्पों के उदाहरण हैं, जिनमें या तो केवल नर अंग होता है या केवल मादा अंग होता है।
#15. निम्नलिखित में से पौधे का कौन सा भाग वानस्पतिक प्रवर्धन में भाग नहीं लेता है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) फूल (Flower)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वानस्पतिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation): यह पौधों में होने वाला अलैंगिक जनन (Asexual reproduction) है, जिसमें पौधे के कायिक भागों—जैसे कि जड़, तना और पत्तियों—से नए पौधे का विकास होता है।
- फूल (Flower): फूल पौधे का जनन अंग (Reproductive organ) है जो लैंगिक जनन (Sexual reproduction) में भाग लेता है (निषेचन द्वारा फल और बीज का निर्माण करता है), इसलिए यह वानस्पतिक (कायिक) प्रवर्धन में भाग नहीं लेता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जड़: शकरकंद और डेलिया जैसी जड़ें वानस्पतिक प्रवर्धन करती हैं।
- तना: आलू, अदरक और प्याज जैसी कंद/प्रकंद तनों से नए पौधे उगते हैं।
- पत्तियाँ: ब्रायोफाइट्स (ब्रायोफिलम/पत्थरचट्टा) की पत्तियों के किनारों से नए पौधे निकलते हैं।
#16. मुख्य तने और जड़ों का कौन सा क्षेत्र स्पंजी, नरम पैरेंकाइमा कोशिकाओं से बना होता है जो पौधे के लिए पोषक तत्वों का वहन और भंडारण करता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 29 Aug, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) मज्जा (Pith)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मज्जा (Pith / मेडुला): यह तनों और जड़ों के केंद्र (Core) में स्थित भाग होता है, जो मुख्य रूप से स्पंजी, नरम पैरेंकाइमा (मृदूतक) कोशिकाओं से बना होता है। इसका मुख्य कार्य पौधों में पोषक तत्वों और खाद्य पदार्थों का भंडारण (Storage) करना तथा उनका परिवहन करना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- वल्कूट (Cortex): यह एपिडर्मिस और संवहन बंडलों के बीच का क्षेत्र होता है, जो मुख्य रूप से कोशिकाओं की परतों से बनता है लेकिन केंद्र में स्थित नहीं होता।
- अनुदारु (Metaxylem): यह परिपक्व जाइलम का भाग है जो जल संवहन का कार्य करता है।
- रंभ (Stele): यह एंडोडर्मिस के भीतर का सभी केंद्रीय ऊतकों (संवहन बंडल, पिथ आदि) का कुल समूह होता है।
#17. पौधों पर आक्रमण करने के लिए कीट-पीड़कों द्वारा उपयोग नहीं किए जाने वाले तरीके की पहचान कीजिए
。(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) तने पर विसर्पण करके (By creeping on stem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कीट-पीडकों द्वारा पौधों पर आक्रमण के तरीके: कृषि विज्ञान और फसल सुरक्षा के अनुसार, कीट (Pests) पौधों को प्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुँचाने के लिए उनके ऊतकों को खाते हैं या उनका रस चूसते हैं। केवल तने पर चलना या रेंगना (Creeping) अपने आप में कोई नुकसान पहुँचाने वाला तरीका या क्षति का प्रकार नहीं है।
- कीट पौधों को गंभीर नुकसान मुख्य रूप से उनके भागों को काटकर, तनों और फलों में छेद करके (Borer), या पत्तियों और पौधों का कोशिका रस (Cell sap) चूसकर पहुँचाते हैं। अतः विकल्प (D) आक्रमण करने का प्रत्यक्ष तरीका नहीं है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो आक्रमण के सक्रिय तरीके हैं):
- विकल्प (A): एफिड्स (Aphids) जैसे चूषक कीट पौधों का रस चूसकर उन्हें कमजोर करते हैं।
- विकल्प (B): तना छेदक (Stem borers) कीट तनों और फलों में छिद्र करके अंदर से फसल को नष्ट करते हैं।
- विकल्प (C): टिड्डी और इल्लियाँ पौधों की जड़, तना और पत्तियों को काटकर भारी नुकसान पहुँचाती हैं।
#18. अंकुरण के दौरान बीज का कौन सा भाग जड़ बनाता है?
(RRB Technician Grade III : 8 Mar 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) मूल बीज पत्र / मूलांकुर (Radicle)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- बीज का अंकुरण (Seed Germination): जब बीज अंकुरित होता है, तो उसके भीतर का भ्रूण (Embryo) विकसित होता है। भ्रूण के दो प्रमुख भाग होते हैं—मूलांकुर (Radicle) और प्रांकुर (Plumule)।
- मूलांकुर (Radicle): यह बीज का वह भाग है जो अंकुरण के दौरान सबसे पहले बाहर निकलता है और पौधे की प्राथमिक जड़ (Root system) का निर्माण करता है। (नोट: विकल्पों में ‘मूल बीज पत्र’ मूलांकुर/Radicle के संदर्भ में दिया गया है)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- प्ररोह / प्रांकुर (Plumule): यह भ्रूण का वह हिस्सा है जो विकसित होकर पौधे का ऊपरी तना और प्ररोह (Shoot system) बनाता है।
- बीज पत्र (Cotyledon): यह अंकुरित होते समय शुरुआती अवस्था में पौधे के लिए भोजन (पोषण) का भंडारण और आपूर्ति करता है।
#19. परागण से निकलने वाली एक नलिका फूल के निम्नलिखित भागों में से किस भाग तक पहुंचने के लिए वर्तिका के माध्यम से जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) अंडाशय (Ovary)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- परागण और पराग नली (Pollen Tube): जब परागकण (Pollen grain) किसी फूल के वर्तिकाग्र (Stigma) पर गिरते हैं, तो वे अंकुरित होकर एक पराग नली (Pollen tube) का निर्माण करते हैं।
- यह पराग नली वर्तिका (Style) के माध्यम से नीचे की ओर बढ़ती हुई अंततः फूल के मादा जनन अंग के निचले हिस्से यानी अंडाशय (Ovary) तक पहुँचती है, जहाँ यह बीजांड (Ovule) के साथ निषेचन की प्रक्रिया पूरी करती है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- तंतु (Filament): यह पुंकेसर (Stamen) का हिस्सा है जो परागकोश को संभालता है, मादा जनन मार्ग का हिस्सा नहीं है।
- बाह्यदल (Sepal) और पंखुड़ी (Petal): ये फूल के सहायक और आकर्षक भाग हैं जो कीटों को आकर्षित करने और कली अवस्था में सुरक्षा देने का काम करते हैं, निषेचन प्रक्रिया से इनका सीधा संबंध नहीं होता।
#20. क्लोरोफिल युक्त हरे प्लास्टिड को क्या कहते हैं?
(RPF Constable 2018 16 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: (A) क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast / हरित लवक)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- क्लोरोप्लास्ट (हरित लवक): क्लोरोफिल (Haritrav) या पर्णहरित युक्त हरे रंग के प्लास्टिड्स (लवक) को क्लोरोप्लास्ट कहा जाता है।
- इन्हें पादप कोशिका का ‘रसोईघर’ भी कहा जाता है क्योंकि इन्हीं के अंदर प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया संपन्न होती है, जिसके माध्यम से पौधे अपना भोजन बनाते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- प्लास्टिड (Plastid): यह एक व्यापक श्रेणी है जिसके अंतर्गत क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट और ल्यूकोप्लास्ट सभी आते हैं, लेकिन विशेष रूप से ‘हरे और क्लोरोफिल युक्त’ प्लास्टिड को क्लोरोप्लास्ट कहा जाता है।
- जाइलम (Xylem): यह पौधों में जल और खनिजों का संवहन करने वाला ऊतक है।
- टीका (Vaccine): यह चिकित्सा और प्रतिरक्षा विज्ञान से संबंधित शब्द है।
#21. कायिक प्रवर्धन की प्रक्रिया में, ग्राफ्टिंग में पौधे के किस भाग का उपयोग किया जाता है?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) तना (Stem) / (कलम या सायन के रूप में तने का भाग)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ग्राफ्टिंग (Grafting / रोपण): यह कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) की एक कृत्रिम तकनीक है। इसमें एक ही प्रजाति के दो अलग-अलग पौधों के भागों को इस प्रकार जोड़ा जाता है कि वे एक पौधे के रूप में बढ़ सकें।
- इस प्रक्रिया में ऊपर जोड़े जाने वाले बेहतर किस्म के हिस्से (सायन / Scion) और नीचे के मूल पौधे (स्टॉक / Stock) दोनों के रूप में मुख्य रूप से पौधे के तने (या शाखा) के टुकड़ों का उपयोग किया जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- बीज (Seed): ग्राफ्टिंग एक अलैंगिक (Vegetative) विधि है जिसमें बीजों का उपयोग नहीं किया जाता है, बल्कि बीज लैंगिक जनन से संबंधित हैं।
- पत्ता और जड़: यद्यपि कुछ पौधों में पत्ती या जड़ से प्रवर्धन होता है, लेकिन पारंपरिक ‘ग्राफ्टिंग’ विधि में तने (या शाखा) का ही मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है।
#22. दिए गए विकल्पों में से परजीवी पौधे का चयन कीजिए
。(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) अमरबेल (Cuscuta / Dodder)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अमरबेल (Cuscuta): यह एक पूर्ण परजीवी पौधा (Total Parasitic Plant) है। इसमें क्लोरोफिल नहीं पाया जाता है, इसलिए यह अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकता।
- यह पीले रंग की धागे जैसी संरचनाओं द्वारा दूसरे पेड़ों (पोषक पौधे/Host) के चारों ओर लिपट जाता है और अपने चूषक अंगों (Haustoria) की सहायता से उस पौधे से तैयार भोजन और पोषक तत्वों को चूसता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कैक्टस: यह मरुद्भिद (Xerophyte) पौधा है जो स्वयं प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाता है।
- खीरा और पत्ता गोभी: ये दोनों स्वपोषी (Autotrophic) पौधे हैं जो अपने क्लोरोफिल की सहायता से भोजन का निर्माण स्वयं करते हैं।
#23. आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में निम्नलिखित में से कौन सा भाग मुख्य रूप से यौन प्रजनन के लिए जिम्मेदार है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 12 Aug, 2025 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) फूल (Flower)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फूल (Flower): आवृतबीजी (Angiosperms या पुष्पी पाдов) पौधों में फूल ही उनका मुख्य यौन प्रजनन अंग (Reproductive organ) होता है।
- फूल के भीतर ही नर जनन अंग (पुंकेसर/Stamen) और मादा जनन अंग (स्त्रीकेसर/Carpel) स्थित होते हैं, जो परागण (Pollination) और निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया के माध्यम से फल और बीज का निर्माण करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- तना, पत्ती और जड़: ये पौधे के कायिक (Vegetative) अंग हैं। इनका मुख्य कार्य जल/खनिजों का परिवहन, प्रकाश संश्लेषण और भोजन का संचय करना है। ये अलैंगिक या कायिक प्रवर्धन (Vegetative propagation) में भाग लेते हैं, यौन प्रजनन में नहीं।
#24. पेनिसिलिन, ______ से प्राप्त एक एंटीबायोटिक दवा है
。(RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) कवक (Fungus)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पेनिसिलिन (Penicillin): यह दुनिया की सबसे पहली खोजी गई एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक) दवा है। इसे 1928 में अलेक्जेंडर फ्लेमिंग (Alexander Fleming) द्वारा पेनिसिलियम नोटाटम (Penicillium notatum) नामक कवक (Fungus) से प्राप्त किया गया था।
- यह दवा बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकने और उनके विकास को समाप्त करने के लिए चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हुई थी।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- मशरूम: यह भी एक प्रकार का कवक है, लेकिन पेनिसिलिन मशरूम से नहीं बल्कि माइक्रोस्कोपिक कवक (फंगस) से प्राप्त होती है।
- मरे हुए जानवर और कच्चा तेल: इनका पेनिसिलिन के निर्माण या स्रोत से कोई संबंध नहीं है।
#25. बीजों की निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता, पवन परिक्षपण (wind dispersal) में सहायक होता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) पंख-जैसा या रोयेंदार उद्धर्थ (Wing-like or hairy outgrowths)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पवन परिक्षपण (Wind Dispersal): हवा द्वारा बीजों और फलों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर फैलने की प्रक्रिया को पवन परिक्षपण कहते हैं। जिन बीजों या फलों का वजन बहुत हल्का होता है और जिन पर पंख जैसी संरचनाएँ (जैसे मैपल या सहजन में) या रोयेंदार/बालों जैसी संरचनाएँ (जैसे मदार/आक या सूरजमुखी में) होती हैं, वे हवा में आसानी से तैरकर दूर तक उड़ जाते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- कंटीला या हुक-जैसा उद्धर्थ: इस प्रकार की विशेषता वाले बीज जानवरों के शरीर या कपड़ों से चिपककर फैलते हैं (जंतुओं द्वारा परिक्षपण)।
- मोटा और रेशेदार आवरण: यह विशेषता जल द्वारा परिक्षपण (जैसे नारियल) में सहायक होती है।
- बड़ा आकार: बड़े और भारी बीज हवा में आसानी से नहीं उड़ सकते हैं।
#26. निम्नलिखित में से किस पादप समूह में बीज अंडाशय के अंदर विकसित होते हैं जो बाद में फल बन जाते हैं?
(RRB NTPC CBT-I : 31 July 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) एन्जियोस्पर्म (Angiosperms / आवृतबीजी)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एन्जियोस्पर्म (Angiosperms): इन्हें ‘आवृतबीजी’ भी कहा जाता है। इस पादप समूह के पौधों में बीज हमेशा अंडाशय (Ovary) के भीतर सुरक्षित रूप से विकसित होते हैं। निषेचन के बाद अंडाशय परिपक्व होकर फल (Fruit) का निर्माण करता है और बीजांड (Ovules) बीज में बदल जाते हैं।
- यह पादप जगत का सबसे बड़ा और विकसित समूह है, जिसके अंतर्गत सभी पुष्पी पौधे (Flowering plants), फल देने वाले पेड़ और अधिकांश फसलें आती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जिम्नोस्पर्म (Gymnosperms / अनावृतबीजी): इस समूह के पौधों में बीज अंडाशय के अंदर बंद नहीं होते, बल्कि खुले हुए (Naked seeds) होते हैं (जैसे पाइनस, चीड़)। इनमें फल का निर्माण नहीं होता।
- थैलोफाइटा और टरिडोफाइटा: ये दोनों अपुष्पी पौधे (Cryptogams) हैं, जिनमें फूल और बीज नहीं बनते हैं।
#27. निम्नलिखित में से कौन-सा एक बहु-बीज वाला फल नहीं है?
(RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) लीची (Lychee)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- लीची (Lychee): लीची एक एकबीजीय (Single-seeded) फल होता है। इसके अंदर केवल एक ही बड़ा बीज पाया जाता है, जिसके चारों ओर खाने योग्य गूदेदार एरिल (Aril) होता है। अतः यह बहु-बीज वाला फल नहीं है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो बहु-बीज वाले फल हैं):
- पपीता: इसमें बहुत सारे छोटे-छोटे काले बीज पाए जाते हैं।
- सेब: इसके भीतर कोर में कई बीज (सामान्यतः 5 या अधिक) होते हैं।
- अनार: इसमें अनगिनत रसदार बीज होते हैं।
#28. असंतृप्त कार्बन यौगिक बहुत सारे काले धुएं के साथ एक ______ लौ प्रदान करेगा
。(RRB JE 23 May 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) पीली (Yellow)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- असंतृप्त कार्बन यौगिकों का दहन: असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे एल्कीन और एल्काइन, जिनमें कार्बन-कार्बन द्विबंध या त्रिबंध होते हैं) में कार्बन की प्रतिशत मात्रा संतृप्त हाइड्रोकार्बन की तुलना में अधिक होती है।
- वायु (ऑक्सीजन) की सीमित आपूर्ति के कारण इनका पूर्ण दहन नहीं हो पाता है, जिसके परिणामस्वरूप ये अधूरी जलती हुई पीली लौ (Yellow flame) और भारी मात्रा में काले धुएं (कार्बन के असंतुलित कणों/काजल) के साथ जलते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- नीली लौ: संतृप्त कार्बन यौगिक (जैसे मीथेन, एलपीजी आदि) पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने पर पूर्ण दहन के साथ स्वच्छ और नीली लौ प्रदान करते हैं (बिना धुएं के)।
- हरी और लाल लौ: सामान्य हाइड्रोकार्बन के दहन में प्राथमिक रूप से नीली या पीली लौ उत्पन्न होती है, हरी या लाल लौ रासायनिक लवणों (जैसे कॉपर या स्ट्रॉन्शियम) की उपस्थिति के कारण होती है, सामान्य दहन में नहीं।
#29. ब्रायोफिल्म में, वानस्पतिक प्रवर्धन किसके द्वारा होता है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) पत्ती के किनारे पर बनी कलिकाएँ (Buds along the leaf margins)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ब्रायोफिल्म (Bryophyllum / पत्थरचट्टा): इस पौधे की पत्तियों के किनारों (Marginal notches) पर विशेष अपस्थानिक कलिकाएँ (Adventitious buds) विकसित होती हैं।
- जब ये पत्तियाँ गिरकर नम मिट्टी के संपर्क में आती हैं, तो इन पत्तियों के किनारों पर बनी कलिकाएँ विकसित होकर नए नन्हे पौधों (Plantlets) का निर्माण करती हैं। यह प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) का एक प्रसिद्ध उदाहरण है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- स्त्रीकेसर और पुंकेसर: ये फूल के जनन अंग हैं जो लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) में भाग लेते हैं, कायिक प्रवर्धन में नहीं।
- पंखुड़ी: यह फूल का आकर्षक और सहायक हिस्सा है, जो कीटों को आकर्षित करता है।
#30. जल में सूर्य के प्रकाश के अभाव में उगने वाले पौधों को क्या कहा जाता है?
(RRB JE CBT I :- 1 June 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) कवक (Fungi)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कवक (Fungi): कवकों में क्लोरोफिल (पर्णहरित) नहीं पाया जाता है, जिसके कारण इन्हें अपना भोजन बनाने के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती है। ये मृतोपजीवी या परजीवी होते हैं और नमी व अंधेरे स्थानों (यहाँ तक कि पानी के भीतर या नम सतहों पर) पर भी उग सकते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- शैवाल (Algae): शैवाल में क्लोरोफिल होता है और ये प्रकाश संश्लेषण के लिए अनिवार्य रूप से सूर्य के प्रकाश पर निर्भर होते हैं।
- क्षुप या झाड़ी (Shrubs): ये स्थलीय पौधे हैं जिन्हें अपने विकास और प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है।
#31. द्वितीयक जाइलम के हल्के रंग के बाहरी क्षेत्र को किस नाम से जाना जाता है?(
RPF SI 2018 : 16 Jan 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) सैपवुड (Sapwood / रसबुष्ट काष्ठ)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सैपवुड (Sapwood): तने के द्वितीयक जाइलम (Secondary Xylem) के बाहरी और हल्के रंग के क्षेत्र को सैपवुड कहा जाता है। यह जीवित कोशिकाओं से बना होता है और इसका मुख्य कार्य जड़ों से पानी और खनिजों को पत्तियों तक पहुँचाना है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- हर्टवुड (Heartwood / अंतःकाष्ठ): यह तने के केंद्र में स्थित गहरे रंग का भीतरी क्षेत्र होता है, जो मृत और निष्क्रिय कोशिकाओं से बनता है और पौधे को यांत्रिक मजबूती देता है।
- स्प्रिंगवुड (Springwood / वसंत काष्ठ): यह वह काष्ठ है जो वसंत ऋतु में सक्रिय कैम्बियम द्वारा बनती है (इसमें वाहिकाएँ चौड़ी होती हैं)।
#32. उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए उपयोग की जाने वाली इंडोल अल्कीलाइड दवा रेसरपाइन ______ से प्राप्त होती है。
(RPF SI CBT-I 2024 : 03 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) रौवॉल्फिया सरपेन्टाइना (Rauvolfia serpentina / सर्पगंधा)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रौवॉल्फिया सरपेन्टाइना (सर्पगंधा): उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) को नियंत्रित करने और मानसिक रोगों के उपचार में उपयोग की जाने वाली प्रमुख इंडोल एल्केलाइड दवा ‘रेसरपाइन’ (Reserpine) इसी पौधे की जड़ों से प्राप्त की जाती है। इस पौधे को सामान्यतः ‘सर्पगंधा’ कहा जाता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पेपावर सोम्निफेरम (Papaver somniferum): इससे अफीम (Opium) और मॉर्फीन प्राप्त होती है।
- सिंकोना ऑफिसिनारम (Cinchona officinalis): इसकी छाल से मलेरिया की दवा ‘कुनैन’ (Quinine) प्राप्त की जाती है।
- डिजिटिलिस पर्पूरिया (Digitalis purpurea): इससे हृदय की दुर्बलता को दूर करने वाली दवा ‘डिजिटलिस’ प्राप्त होती है।
#33. घास का वैज्ञानिक अध्ययन कहलाता है。
(RPF Constable 2018 25 Jan 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) एग्रोस्टोलॉजी (Agrostology)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एग्रोस्टोलॉजी (Agrostology): यह वनस्पति विज्ञान की एक शाखा है जिसके अंतर्गत घास (Grasses) का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। इसके तहत घासों की प्रजातियों, उनके वर्गीकरण, पारिस्थितिकी और आर्थिक महत्व का अध्ययन होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- पोमोलॉजी (Pomology): इसके अंतर्गत फलों (Fruits) का अध्ययन और उनकी खेती का अध्ययन किया जाता है।
- ऑस्टियोलॉजी (Osteology): यह जीव विज्ञान/चिकित्सा विज्ञान की शाखा है जिसमें हड्डियों (Bones) का अध्ययन किया जाता है।
- इथियोपियाई: यह किसी देश (इथियोपिया) या भौगोलिक क्षेत्र से संबंधित शब्द है, वैज्ञानिक अध्ययन की शाखा नहीं।
#34. कार्बनिक पदार्थों के अपघटन का कारक क्या है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (A) जीवाणु (Bacteria) / (कवक सहित सूक्ष्म जीव)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अपघटन (Decomposition): मृत पौधों, जंतुओं और अन्य कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक तत्वों में तोड़ने की प्रक्रिया को अपघटन कहा जाता है। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से सूक्ष्मजीव जैसे जीवाणु (Bacteria) और कवक (Fungi) अपघटक (Decomposers) के रूप में कार्य करते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- लिवरवोर्ट (Liverworts): यह ब्रायोफाइट्स समूह का एक छोटा पौधा है, जो अपघटन का कार्य नहीं करता।
- शैवाल (Algae): ये स्वपोषी पौधे हैं जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाते हैं।
- विषाणु (Viruses): ये सजीव और निर्जीव के बीच की कड़ी हैं जो केवल जीवित कोशिकाओं के भीतर ही अपनी संख्या बढ़ाते हैं, ये सीधे कार्बनिक पदार्थों का अपघटन नहीं करते।
#35. निम्नलिखित में से क्या सामान्यतः स्पर्श के प्रति संवेदी होते हैं तथा पादपों को ऊपर चढ़ने में सहायता करते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (B) प्रतान (Tendrils)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रतान (Tendrils / प्ररोह): प्रतान धागे जैसी पतली, घुंघराले आकार की संरचनाएँ होती हैं जो मटर, खीरा, कद्दू और अंगूर जैसे कमजोर तने वाले पौधों (Climbers) में पाई जाती हैं।
- ये स्पर्श के प्रति अत्यधिक संवेदी (Sensitive to touch) होते हैं। जैसे ही कोई प्रतान किसी सहारे (जैसे लकड़ी या दीवार) के संपर्क में आता है, वह उसके चारों ओर लिपट जाता है और पौधे को ऊपर चढ़ने में या सीधा खड़े रहने में सहायता करता है (इसे थिग्मोट्रोपिज्म भी कहते हैं)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- बीज (Seeds): यह जनन और नए पौधे को जन्म देने का कार्य करता है।
- कांटे (Thorns): ये पौधे की सुरक्षा (शाकाहारी जानवरों से बचाने) का कार्य करते हैं, ऊपर चढ़ने में मदद नहीं करते।
- पुष्प (Flowers): यह पौधों का जनन अंग है।
#36. अलैंगिक प्रजनन में ______ का निर्माण शामिल नहीं होता है。
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) युग्मनज (Zygote)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- युग्मनज (Zygote): युग्मनज का निर्माण नर और मादा युग्मकों (Gametes) के संलयन (Fertilization या निषेचन) के परिणामस्वरूप होता है। चूंकि लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) में ही युग्मकों का संलयन होता है, अतः युग्मनज का निर्माण भी केवल लैंगिक प्रजनन में ही होता है।
- अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) में नर और मादा युग्मकों का संलयन नहीं होता, इसलिए इसमें ‘युग्मनज’ का निर्माण शामिल नहीं होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो अलैंगिक प्रजनन में बन सकते हैं):
- कलिकाएँ (Buds): यीस्ट या हाइड्रा जैसे जीवों में मुकुलन (Budding) जैसी अलैंगिक विधियों में कलिकाओं का निर्माण होता है।
- बीजाणु (Spores): कवक और कुछ पौधों (जैसे फ़र्न) में बीजाणु-निर्माण (Spore formation) द्वारा अलैंगिक प्रजनन होता है।
- पत्तियाँ (Leaves): ब्रायोफिल्म जैसे पौधों में पत्तियों के माध्यम से कायिक प्रवर्धन (जो कि अलैंगिक जनन का ही एक प्रकार है) होता है।
#37. रॉबर्ट हुक ने कोशिका की खोज कैसे की?
14 Mar 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) काग के अवलोकन करके (By observing cork)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोशिका की खोज (Discovery of Cell): वर्ष 1665 में अंग्रेजी वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने स्वयं द्वारा निर्मित एक साधारण सूक्ष्मदर्शी (Microscope) से पेड़ की छाल से प्राप्त होने वाले काग (Cork) की पतली स्लाइस का अवलोकन किया था।
उन्होंने देखा कि काग में मधुमक्खी के छत्ते जैसी छोटी-छोटी कोष्ठकनुमा (मधुमक्खी के छत्ते जैसी) संरचनाएँ दिखाई दीं, जिन्हें उन्होंने लैटिन भाषा के शब्द के आधार पर ‘कोशिका’ (Cell / Cellula जिसका अर्थ ‘छोटा कमरा’ होता है) नाम दिया।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- प्याज के छिलके और पेड़ के पत्ते: इनका उपयोग बाद में वनस्पति कोशिकाओं के विस्तृत अध्ययन के लिए किया गया, लेकिन रॉबर्ट हुक की मूल खोज ‘काग’ (Cork) पर आधारित थी।
- रक्त का अवलोकन: जीवित रक्त कोशिकाओं (बैक्टीरिया और प्रोटोजोआ) की सबसे पहले खोज एंटनी वॉन ल्यूवेनहॉक (Antonie van Leeuwenhoek) ने की थी।
#38. खंडन द्वारा अलैंगिक प्रजनन होता है
<span style="color: red":(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) केवल सरल शरीर संगठित बहुकोशिकीय पौधों में (Only in multicellular organisms with simple body organization)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- खंडन (Fragmentation): यह अलैंगिक प्रजनन की एक विधि है जिसमें परिपक्व जीव का शरीर टुकड़ों (Fragments) में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा विकसित होकर एक नया जीव बन जाता है।
- यह प्रक्रिया मुख्य रूप से सरल शरीर संरचना वाले बहुकोशिकीय जीवों (जैसे कुछ शैवाल जैसे Spirogyra) में पाई जाती है, क्योंकि जटिल जीवों में विभिन्न अंग प्रणालियाँ होती हैं जो इस प्रकार आसानी से नए जीव में विकसित नहीं हो सकतीं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- एककोशिकीय पौधे: एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा, बैक्टीरिया) में प्रजनन मुख्य रूप से ‘विखंडन’ (Fission) या ‘मुकुलन’ द्वारा होता है, न कि खंडन (Fragmentation) द्वारा।
- जटिल शरीर संगठित बहुकोशिकीय पौधे: उच्च वर्गीय और जटिल पौधों में जनन के लिए विशेष अंग (जैसे फूल, बीज आदि) होते हैं, उनमें खंडन विधि सामान्यतः नहीं पाई जाती।
#39. वर्गीकरण विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है?
<span style="color: red"(RRB NTPC CBT-I : 28 Dec 2020 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) कार्ल लीनियस (Carolus Linnaeus / कार्ल वॉन लिन)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वर्गीकरण विज्ञान का जनक (Father of Taxonomy): कार्ल लीनियस को आधुनिक वर्गीकरण विज्ञान और द्विनाम पद्धति (Binomial Nomenclature) का जनक कहा जाता है। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘सिस्टेमा नेचरी’ (Systema Naturae) में जीवों के वर्गीकरण की नींव रखी थी।
- उन्होंने ही जीवों के वैज्ञानिक नामकरण के लिए द्विनाम पद्धति दी, जिसके अनुसार प्रत्येक जीव का नाम वंश (Genus) और जाति (Species) दो शब्दों से मिलकर बनता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- बेंथम और हूकर: इन्होंने पौधों की प्राकृतिक वर्गीकरण की एक बहुत ही प्रसिद्ध पद्धति दी थी (जो बीजगणितीय और आकारिकी पर आधारित थी)।
- एंगलर और प्रैंटल / आइकलर: इन्होंने पादप जगत के वर्गीकरण की कुलीन (Phylogenetic) प्रणालियाँ प्रस्तुत की थीं।
#40. कृषि भूमि से निम्नलिखित में से किस खरपतवार को हटाना किसानों के लिए लाभदायक होगा?
<span style="color: red"(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) पार्थेनियम (Parthenium / गाजर घास)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पार्थेनियम (Parthenium hysterophorus / गाजर घास): यह एक अत्यंत आक्रामक और हानिकारक खरपतवार (Weed) है जो कृषि भूमि, बंजर भूमि और रास्तों के किनारे तेजी से फैलता है।
- यह मुख्य फसलों के साथ पानी, पोषक तत्वों और प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा करता है जिससे फसल की पैदावार कम हो जाती है। इसके अलावा, यह इंसानों में त्वचा की एलर्जी, दमा (Asthma) और पशुओं में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएँ पैदा करता है, इसलिए इसे कृषि भूमि से हटाना किसानों के लिए बहुत लाभदायक होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- सोयाबीन, गेहूं और सूर्यमुखी: ये सभी प्रमुख उपयोगी फसलें (Crops) हैं, खरपतवार नहीं। इन्हें किसान उगाने के लिए मेहनत करते हैं, हटाने के लिए नहीं।
#41. अनुरूपता (analogy) को पूरा करें。खरीफ : वर्षा ऋतु :: रबी : ______
<span style="color: red"(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (B) शीत ऋतु (Winter season)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रबी की फसलें (Rabi Crops): वे फसलें जिन्हें शीत ऋतु (सर्दियों के मौसम) में बोया जाता है (जैसे अक्टूबर-नवंबर में) और वसंत/ग्रीष्म की शुरुआत में काटा जाता है, उन्हें रबी की फसलें कहते हैं (उदाहरण: गेहूँ, चना, मटर, सरसों आदि)।
- जिस प्रकार खरीफ की फसलें मुख्य रूप से वर्षा ऋतु (मानसून) में उगाई जाती हैं, उसी प्रकार रबी की फसलें मुख्य रूप से शीत ऋतु से जुड़ी होती हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- ग्रीष्म ऋतु: इस मौसम में मुख्य रूप से जायद (Zaid) की फसलें (जैसे ककड़ी, तरबूज, खरबूजा) उगाई जाती हैं।
- शरद और वसंत ऋतु: ये फसल चक्र के मुख्य कृषि मौसम के रूप में प्राथमिक रूप से नहीं जाने जाते, रबी का मुख्य संबंध सीधे शीत ऋतु से है।
#42. मान लीजिए कि एक माली मटर लगाना चाहता है जो बौनी किस्म का होना चाहिए। माली द्वारा मूल पौधे के बीज के चयन के लिए आप क्या सुझाव देंगे
<span style="color: red"?(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (C) सभी बीज बौनी किस्म के होने चाहिए। (All seeds should be of dwarf variety)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आनुवंशिकी और मेंडेल के प्रयोग: मटर के पौधे में पौधे की लंबाई एक आनुवंशिक लक्षण है, जिसमें लंबापन (Tallness) प्रभावी लक्षण और बौनापन (Dwarfness) अप्रभावी लक्षण होता है।
- यदि माली को निश्चित रूप से केवल बौनी किस्म के मटर के पौधे प्राप्त करने हैं, तो उसे शुद्ध रूप से सभी बीज बौनी किस्म के (समयुग्मजी बौने / homozygous dwarf) ही चुनने होंगे, ताकि अगली पीढ़ी में भी वही लक्षण लगातार बने रहें।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- सभी बीज लंबी किस्म के होने चाहिए: इससे केवल लंबे पौधे ही उत्पन्न होंगे, बौने नहीं।
- किसी भी प्रकार के या मिश्रित बीज: यदि मिश्रित या अनियंत्रित बीजों का उपयोग किया जाएगा, तो पौधों के लक्षण अनिश्चित होंगे और वांछित परिणाम (बौनी किस्म) मिलने की गारंटी नहीं होगी।
#43. निम्नलिखित में से किसके कंटीकी (कंटीदार) बीज, जिनमें हुक जैसी संरचनाएँ होती हैं, जंतुओं के शरीर से चिपककर प्रकीर्णित होते हैं?
<span style="color: red"(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) जेंथियम (Xanthium / गोखरू या कंटीले फल)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जंतुओं द्वारा परिक्षपण (Zoochory): कुछ पौधों के बीजों या फलों में कंटीले कांटे या हुक (Hook-like structures) जैसी विशेष संरचनाएँ पाई जाती हैं।
- जेंथियम (Xanthium): इसके फल या बीज कांटेदार और हुकनुमा होते हैं, जो जानवरों के बालों (फूर) या इंसानों के कपड़ों से आसानी से चिपक जाते हैं और दूर-दूर तक पहुँचकर प्रकीर्णित (Dispersed) हो जाते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- सहजन (Drumstick) और मदार (Madar): इनके बीजों पर पंख या रोयेंदार संरचनाएँ होती हैं, जिससे ये हवा (पवन परिक्षपण) द्वारा उड़कर फैलते हैं।
- सूरजमुखी (Sunflower): इसके बीज हल्के और चपटे होते हैं, जो हवा या पक्षियों/कीटों के माध्यम से प्रकीर्णित होते हैं।
#44. निम्नलिखित में से कौन विटामिन- A से भरपूर होता है?
<span style="color: red"(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (B) गाजर (Carrot)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विटामिन-A और गाजर: गाजर विटामिन-A का एक अत्यंत समृद्ध स्रोत है। इसमें ‘बीटा-कैरोटीन’ (Beta-carotene) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिसे मानव शरीर विटामिन-A में परिवर्तित कर लेता है। यह आँखों की रोशनी (दृष्टि) के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- संतरे: यह मुख्य रूप से विटामिन-C (खट्टे फलों में) का बेहतरीन स्रोत होता है।
- टमाटर: इसमें मुख्य रूप से विटामिन-C और लाइकोपीन (Lycopene) पाया जाता है।
- सेब: इसमें फाइबर, आयरन और विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।
#45. प्रिज्म के माध्यम से सूर्य के प्रकाश के प्रकीर्णन से बने स्पेक्ट्रम में कौन-सा रंग सबसे अधिक विचलित होता है?
<span style="color: red"(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) बैंगनी (Violet)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रकाश का अपवर्तन और विचलन (Dispersion of Light): जब श्वेत प्रकाश (सूर्य का प्रकाश) किसी प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो वह अपने सात अवयवी रंगों (VIBGYOR) में विभाजित हो जाता है।
- विभिन्न रंगों का तरंगदैर्ध्य (Wavelength) अलग-अलग होता है। बैंगनी रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे कम होता है, जिसके कारण प्रिज्म से गुजरने पर यह सबसे अधिक विचलित (Most deviated/bent) होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- लाल रंग: इसका तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है, इसलिए यह स्पेक्ट्रम में सबसे कम विचलित होता है।
- हरा और पीला: ये दोनों रंग बैंगनी और लाल रंग के बीच में आते हैं, जिनका विचलन मध्यम स्तर का होता है।
#46. प्राकृतिक रंग लिटमस को किससे निकाला जाता है?
<span style="color: red"(RRB JE ME 29 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)
✨ सही उत्तर: (B) शैवाल (ध्यान दें: यह मूल रूप से ‘लाइकन’ (Lichen) से निकाला जाता है, और लाइकन थैलोफाइटा समूह के शैवाल तथा कवक का सहजीवी संबंध होते हैं)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- लिटमस विलयन (Litmus Solution): लिटमस एक प्राकृतिक सूचक (Natural Indicator) है जिसका उपयोग किसी विलयन के अम्लीय या क्षारीय होने की जाँच के लिए किया जाता है।
- इसे मुख्य रूप से ‘लाइकन’ (Lichen) नामक पौधे से निष्कर्षण द्वारा प्राप्त किया जाता है, जो थैलोफाइटा (Thallophyta) डिवीजन से संबंधित होता है। विकल्पों में लाइकन न होने पर निकटतम सही उत्तर ‘शैवाल’ माना जाता है, क्योंकि लाइकन का कवक और शैवाल (Algae) से सहजीवी संबंध होता है। आसुत जल में इसका रंग बैंगनी होता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- चीनी गुलाब (China rose / गुड़हल): इसके फूलों की पंखुड़ियों का उपयोग भी अम्ल-क्षार सूचक के रूप में किया जाता है (यह अम्लीय माध्यम में मैरून/गहरा गुलाबी और क्षारीय माध्यम में हरा रंग देता है)।
- चुकंदर (Beetroot): इसके रस का उपयोग प्राकृतिक रंग और कुछ विशेष परीक्षणों में खाद्य रंग या सूचक के रूप में होता है।
- ब्लूबेरी: इसमें एंथोसायनिन होता है जो रंग परिवर्तन दिखाता है, पर लिटमस इससे नहीं बनता।
#47. निम्नलिखित में से कौन-सा एक वृक्ष नहीं है?
<span style="color: red"(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (A) मनी प्लांट (Money Plant)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मनी प्लांट (Money Plant): मनी प्लांट एक आरोही (Climber / लतदार) पौधा है, जिसका तना बहुत कमजोर होता है और इसे ऊपर चढ़ने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता होती है। यह वृक्ष (Tree) की श्रेणी में नहीं आता है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो वृक्ष हैं):
- नीम: यह एक बड़ा और मजबूत औषधीय वृक्ष है।
- बरगद: यह भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है जो आकार में बहुत विशाल होता है।
- पीपल: यह भी एक बहुत बड़ा और लंबे समय तक जीवित रहने वाला पवित्र वृक्ष है।
#48. निम्नलिखित में से किस पौधे में शरीर जड़ों, तनों और पत्तियों में विभेदित नहीं होता है?
<span style="color: red"(RRB NTPC CBT-I : 14 Mar 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) चारा (Chara / यह थैलोफाइटा समूह का शैवाल है)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- थैलोफाइटा (Thallophyta): वनस्पति जगत के इस समूह के पौधों का शरीर सुविकसित नहीं होता है। इनका पादप शरीर थैलस (Thallus) के रूप में होता है, जो स्पष्ट रूप से जड़ों, तनों और पत्तियों में विभेदित (Undifferentiated) नहीं रहता है। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से शैवाल (Algae), कवक और लाइकेन आते हैं (जैसे ‘चारा’ एक प्रकार का हरा शैवाल है)।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- फर्न और मार्सिलिया: ये टेरीडोफाइटा (Pteridophyta) समूह के पौधे हैं, जिनका शरीर जड़, तना और पत्तियों में स्पष्ट रूप से विभेदित होता है।
- देवदार (Cedar): यह जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) समूह का एक बड़ा वृक्ष है, जिसमें जड़, तना और पत्तियाँ पूर्ण रूप से विकसित और विभेदित होती हैं।
#49. मटर (garden peas) के निम्नलिखित विपर्यासी दृश्य लक्षणों में से किसका उपयोग मेंडेल द्वारा नहीं किया गया था?
<span style="color: red"(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) हरे/सफेद बीज
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ग्रेगर मेंडेल के 7 विपर्यासी (Contrast) लक्षण: मेंडेल ने मटर (Pisum sativum) के पौधों के कुल 7 जोड़े (14) विपर्यासी लक्षणों का चयन किया था। इनमें बीज का रंग पीला/हरा (Yellow/Green) होता है, न कि हरा/सफेद। अतः ‘हरे/सफेद बीज’ वाला विकल्प गलत युग्म है और मेंडेल द्वारा इसका उपयोग नहीं किया गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो मेंडेल के अध्ययन में शामिल थे):
- सफेद/बैंगनी पुष्प (White/Violet Flower Color): यह पुष्प के रंग से संबंधित मेंडेल का एक मुख्य विपर्यासी लक्षण था।
- लंबे/बौने पौधे (Tall/Dwarf Plant Height): यह पौधे की लंबाई (तने की ऊँचाई) का सबसे प्रसिद्ध लक्षण था।
- गोल/झुर्रीदार बीज (Round/Wrinkled Seed Shape): यह बीज के आकार से संबंधित उनका मुख्य विपर्यासी लक्षण था।
#50. आलू एक ______ है
<span style="color: red"。(RRB JE 28 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) तना (Stem)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आलू का वानस्पतिक स्वरूप: आलू भले ही जमीन के अंदर उगता है, लेकिन यह जड़ न होकर एक रूपांतरित भूमिगत तना (Modified Underground Stem) है जिसे कंद (Tuber) कहा जाता है। इसकी पहचान इसके ऊपर पाई जाने वाली ‘आँखों’ (Buds/Nodes) से होती है, जिनसे नए पौधे उगते हैं।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
- जड़ (Root): गाजर, मूली, शलजम आदि भूमिगत जड़ें (Roots) के उदाहरण हैं।
- कली और फल: आलू न तो कली है और न ही खाने योग्य फल (यह कंद है)।
#51. परागण से अंडाशय तक पहुँचने के लिए जो नलिका उगती है, वह किसके माध्यम से जाती है?
<span style="color: red"(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1)
#52. पौधों को समूहों में विभाजित किया जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा एक समूह नहीं है?
<span style="color: red"(RRB NTPC CBT-I : 24 July 2021 Shift 1)
#53. निम्नलिखित में से कौन सा पौधे का भाग वानस्पतिक प्रवर्धन के लिए उपयोग नहीं किया जाता है?
<span style="color: red"(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)
#54. 1652) पौधे के किस भाग से हमें कॉफी प्राप्त होती है?(RRB JE 23 May 2019 Shift 3)
#55. 1653) कैक्टस जैसे मरुस्थलीय पौधों का कौन सा भाग प्रकाश संश्लेषण की क्रिया करता है?(RRB NTPC CBT-I : 8 Mar 2021 Shift 1)
#56. 1654) इनमें से किस पौधे में बहु रंगीय पत्तियाँ होती हैं?(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)
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