प्रकाश का परावर्तन और इसके नियम: Reflection of Light in Hindi

प्रकाश का परावर्तन और इसके नियम: Reflection of Light in Hindi

क्या आपने कभी सोचा है कि हम अपने आस-पास की खूबसूरत दुनिया, रंग-बिरंगे फूलों और यहाँ तक कि खुद को आईने (Mirror) में कैसे देख पाते हैं? यह सब विज्ञान के एक जादुई नियम के कारण संभव होता है, जिसे हम प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light) कहते हैं।

यदि आप कक्षा 10 या 12 के छात्र हैं, या किसी सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह टॉपिक आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आज के इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि प्रकाश का परावर्तन क्या है, इसके प्रकार और परावर्तन के नियम क्या हैं? ब्लॉग को अंत तक जरूर पढ़ें ताकि कोई भी पॉइंट मिस न हो।

1. प्रकाश का परावर्तन क्या है? (What is Reflection of Light in Hindi)

जब प्रकाश की किरणें (Light Rays) किसी चमकदार या पॉलिशदार सतह (जैसे- आईना, स्टील की प्लेट) से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौट आती हैं, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।

सरल शब्दों में कहें तो, जैसे हम एक रबर की गेंद को दीवार पर मारते हैं और वह टकराकर वापस हमारे पास आ जाती है, ठीक वैसे ही प्रकाश की किरणें भी सतह से टकराकर वापस लौटती हैं। आप इसे बेहतर समझने के लिए प्रकाश क्या है? (What is Light in Hindi) वाले लेख को भी पढ़ सकते हैं।

महत्वपूर्ण नोट: हम किसी भी वस्तु को तभी देख पाते हैं जब प्रकाश उस वस्तु पर पड़ता है और वहाँ से परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचता है। यदि परावर्तन न हो, तो चारों तरफ सिर्फ अंधेरा दिखाई देगा।

2. प्रकाश के परावर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण शब्द (Key Terms)

परावर्तन के नियमों को समझने से पहले, आपको इससे जुड़े कुछ बेसिक शब्दों को जानना बहुत जरूरी है:

  • आपतित किरण (Incident Ray): चमकदार सतह पर आकर गिरने वाली प्रकाश की किरण को आपतित किरण कहते हैं।
  • परावर्तित किरण (Reflected Ray): सतह से टकराकर वापस जाने वाली प्रकाश की किरण को परावर्तित किरण कहते हैं।
  • आप्तन बिंदु (Point of Incidence): सतह का वह बिंदु जहाँ आपतित किरण आकर टकराती है।
  • अभिलंब (Normal): आप्तन बिंदु पर खींचा गया लंब (90° का कोण) अभिलंब कहलाता है।
  • आप्तन कोण (Angle of Incidence - ∠i): आपतित किरण और अभिलंब के बीच बनने वाले कोण को आप्तन कोण कहते हैं।
  • परावर्तन कोण (Angle of Reflection - ∠r): परावर्तित किरण और अभिलंब के बीच बनने वाले कोण को परावर्तन कोण कहते हैं।
प्रकाश का परावर्तन चित्र (Reflection of Light Diagram) चित्र: प्रकाश के परावर्तन की प्रक्रिया (आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब)

3. प्रकाश के परावर्तन के नियम (Laws of Reflection in Hindi)

प्रकाश का परावर्तन हमेशा कुछ निश्चित नियमों के तहत होता है, जिन्हें परावर्तन के नियम (Pravartan ke Niyam) कहा जाता है। इसके मुख्य रूप से दो नियम हैं:

प्रथम नियम (First Law):

आपतित किरण (Incident Ray), परावर्तित किरण (Reflected Ray) तथा आप्तन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब (Normal) — ये तीनों हमेशा एक ही समतल (Plane) में होते हैं।

द्वितीय नियम (Second Law):

आप्तन कोण (∠i) का मान हमेशा परावर्तन कोण (∠r) के मान के बराबर होता है।

∠i = ∠r

उदाहरण के लिए: यदि कोई प्रकाश किरण अभिलंब से 30° के कोण पर आ रही है, तो वह टकराने के बाद 30° के कोण पर ही वापस जाएगी।

4. प्रकाश के परावर्तन के प्रकार (Types of Reflection)

सतह की बनावट के आधार पर प्रकाश का परावर्तन दो प्रकार का होता है। इन्हें आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:

परावर्तन का प्रकार विवरण (Description) सतह का प्रकार
1. नियमित परावर्तन (Regular Reflection) जब प्रकाश की किरणें किसी चिकनी और चमकदार सतह पर पड़ती हैं, तो वे एक निश्चित दिशा में समानांतर रूप से परावर्तित होती हैं। इसके कारण स्पष्ट प्रतिबिंब बनता है। समतल दर्पण, पॉलिश की हुई धातु
2. विस्तृत परावर्तन (Diffused Reflection) जब प्रकाश की किरणें किसी खुरदरी या असमान सतह पर पड़ती हैं, तो वे अलग-अलग दिशाओं में बिखर जाती हैं। इससे कोई स्पष्ट प्रतिबिंब नहीं बनता। दीवार, कागज, लकड़ी, पेड़ के पत्ते

5. हमारे दैनिक जीवन में परावर्तन के उदाहरण

प्रकाश का परावर्तन हमारे रोजमर्रा के जीवन में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है:

  1. दर्पण में चेहरा देखना: सुबह तैयार होते समय समतल दर्पण (Plane Mirror) में हम जो अपना चेहरा देखते हैं, वह नियमित परावर्तन का सबसे अच्छा उदाहरण है। आप चाहें तो आगे की पढ़ाई के लिए हमारा लेख दर्पण के प्रकार (Types of Mirror) भी पढ़ सकते हैं।
  2. पेरिस्कोप (Periscope) में उपयोग: पनडुब्बियों (Submarines) में समुद्र की सतह पर नजर रखने के लिए पेरिस्कोप का उपयोग किया जाता है, जो परावर्तन के सिद्धांत पर ही काम करता है।
  3. गाड़ियों के हेडलाइट और रियर व्यू मिरर: वाहनों में पीछे की गाड़ियों को देखने के लिए उत्तल दर्पण (Convex Mirror) का उपयोग होता है, जो प्रकाश को परावर्तित कर छोटा और सीधा प्रतिबिंब बनाता है।
 

Results

#1. जब हम पानी से भरे स्विमिंग पूल के फर्श को देखते है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि वह इसकी [RRB Group D-17 Sep 2022, Shift-II]

जब हम पानी से भरे स्विमिंग पूल के फर्श (तली) को देखते हैं, तो वह अपनी वास्तविक गहराई से ऊपर उठा हुआ और कम गहरा प्रतीत होता है।

ऐसा प्रकाश के अपवर्तन (Refraction of Light) के कारण होता है।

#2. कांच के प्रिज्म से हवा में जाने वाली प्रकाश किरणें किस प्रकार झुकेंगी? [RRB JE – 31 May 2019, Shift-II]

जब प्रकाश की किरण कांच के प्रिज्म (सघन माध्यम) से हवा (विरल माध्यम) में प्रवेश करती है, तो वह अभिलंब (Normal) से दूर (Away from the Normal) जाती है।

#3. जल में डुबोए जाने पर, कोई छड़ पात्र के अंतरापृष्ठ पर चिपटी हुई प्रतीत होती है, यह यह एक उदाहरण है। [RRB Group D-27 Sep 2022, Shift-l]

यह प्रकाश के अपवर्तन (Refraction of Light) का एक सटीक उदाहरण है।

जब हम पानी में डूबी हुई छड़ को देखते हैं, तो वह बर्तन के अंतरापृष्ठ (Interface) पर मुड़ी हुई या थोड़ी ऊपर उठी हुई और चिपटी प्रतीत होती है। इसके पीछे का मुख्य कारण प्रकाश की किरणों का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाते समय मुड़ना है।

#4. निम्नलिखित में से कौन सा यंत्र अपवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता हैं? [RRB Group D-22 Sep 2022, Shift-l]

व्याख्या:

चश्मे में लेंस (उत्तल या अवतल) का उपयोग किया जाता है।

  • रेडियो और मोबाइल: ये मुख्य रूप से विद्युत चुंबकीय तरंगों (Electromagnetic Waves) के प्रेषण और ग्रहण के सिद्धांत पर कार्य करते हैं।

  • घड़ी: यांत्रिक घड़ियां पेंडुलम या स्प्रिंग की आवर्ती गति के सिद्धांत पर और क्वार्ट्ज घड़ियां पीजोइलेक्ट्रिक प्रभाव के सिद्धांत पर कार्य करती हैं।

#5. 55. अपवर्तन के नियम के अनुसार, आपतित किरण, अपवर्तित किरण और आपतन बिंदु पर दो पारदर्शी माध्यमों के इंटरफेस पर लंब के बारे में क्या कहा जाता है ? [RRB JE-25 May 2019, Shift-II]

व्याख्या:

प्रकाश के अपवर्तन का पहला नियम यह बताता है कि आपतित किरण (Incident Ray), अपवर्तित किरण (Refracted Ray) और आपतन बिंदु (Point of Incidence) पर दोनों पारदर्शी माध्यमों के पृथककारी पृष्ठ (Interface) पर खींचा गया अभिलंब (Normal), ये तीनों हमेशा एक ही समतल (Plane) में स्थित होते हैं। यह ठीक वैसा ही है जैसे परावर्तन के नियम में होता है।



#6. कपड़ों को धोते समय हम नील का प्रयोग करते हैं, उसकी [Raj. B.Ed 2006]

व्याख्या:

सफेद कपड़ों को बार-बार धोने से वे थोड़े पीले पड़ने लगते हैं। नीला और पीला रंग एक-दूसरे के पूरक (Complementary) होते हैं। जब हम पीले पड़ चुके सफेद कपड़े पर नील (Blue) लगाते हैं, तो यह पीले रंग के प्रभाव को बेअसर (Neutralize) कर देता है। विज्ञान की भाषा में, सफेद कपड़ा सूर्य के प्रकाश के सभी रंगों को परावर्तित करता है, लेकिन पीलापन आने पर वह नीले प्रकाश को थोड़ा अवशोषित करने लगता है। नील लगाने से उस पर नीले रंग की एक परत चढ़ जाती है जो नीले प्रकाश को भी परावर्तित करने लगती है। यह “सही वर्ण-संयोजन” (Correct Color Combination) मिलकर कपड़े को फिर से चमकदार और शुद्ध सफेद दिखाता है, जिसे हम “अति उज्जवल” भी कहते हैं, लेकिन इसके पीछे का मुख्य वैज्ञानिक कारण वर्ण-संयोजन ही है।

#7. प्रकाश का उसके घटक रंगो में विभाजन कहलाता है- [RSMSSB LDC 2018 (Industry Inspector Exam 2018)]

व्याख्या:

जब सूर्य का सफेद प्रकाश (श्वेत प्रकाश) किसी प्रिज्म (Prism) से होकर गुजरता है, तो वह अपने सात अलग-अलग अवयवी रंगों (घटक रंगों) में विभाजित हो जाता है। प्रकाश की इस घटना को वर्ण-विक्षेपण (Dispersion) कहा जाता है।

#8. एक लैन्स वायु (μ=1) में अपसारी लैन्स एवं पानी (μ=1.3) में अभिसारी लैन्स के समान व्यवहार करता है। लैन्स के पदार्थ का अपवर्तनांक (μ) है:- [RSMSSB LDC 2018(09-09-2018)]

जब किसी लेंस को ऐसे माध्यम में डुबाया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की प्रकृति बदल जाती है (अर्थात अपसारी, अभिसारी बन जाता है और अभिसारी, अपसारी बन जाता है)

#9. जब हम समतल दर्पण को देखते हैं तो हमे अपने चेहरे पर प्रतिबिम्ब दिखाई पड़ता है। इसका कारण है- [Tax Assistant Exam 2018 (14-10-2018)]

व्याख्या:

जब हम किसी समतल दर्पण (Plane Mirror) के सामने खड़े होते हैं, तो हमारे चेहरे से निकलने वाली प्रकाश की किरणें दर्पण की चिकनी और चमकदार सतह पर पड़ती हैं। दर्पण इन किरणों को टकराकर वापस हमारी आँखों की ओर भेज देता है। प्रकाश के किसी सतह से टकराकर वापस लौटने की इसी घटना को प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light) कहते हैं।

जब ये परावर्तित किरणें हमारी आँखों में प्रवेश करती हैं, तो हमें दर्पण के पीछे अपने चेहरे का एक सीधा और आभासी (Virtual) प्रतिबिंब दिखाई देता है।

#10. 21. एक उत्तल लेन्स की फोकस दूरी 0.2 मीटर है। इसकी क्षमता होगी? [ITI 2013]

लेंस की क्षमता (Power of a Lens) और उसकी फोकस दूरी (Focal Length) के बीच का संबंध निम्नलिखित सूत्र द्वारा दर्शाया जाता है:

P = 1/F (F=0.2)
P = +5D



#11. माध्यम के तापमान में वृद्धि के साथ प्रकाश की गति- [Raj. B.Ed 2006]

स्पष्टीकरण

प्रकाश की गति पर माध्यम के तापमान का कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है, इसलिए तापमान बढ़ने पर भी प्रकाश की गति वैसी ही रहती है

इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • विद्युत चुंबकीय तरंग: प्रकाश एक विद्युत चुंबकीय तरंग (Electromagnetic Wave) है। इसे यात्रा करने के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती (यह निर्वात में भी चल सकता है)। इसके विपरीत, ध्वनि एक यांत्रिक तरंग (Mechanical Wave) है, जिसकी गति माध्यम के तापमान पर निर्भर करती है (तापमान बढ़ने पर ध्वनि की गति बढ़ती है)।

  • अपवर्तनांक (Refractive Index): किसी माध्यम में प्रकाश की गति उस माध्यम के अपवर्तनांक ($n$) पर निर्भर करती है। सूत्र:

    v = {c}/{n}

    (यहाँ v= माध्यम में प्रकाश की गति, c = निर्वात में प्रकाश की गति, और n = अपवर्तनांक है)

  • तापमान का नगण्य प्रभाव: हालांकि तापमान बढ़ने से माध्यम का घनत्व थोड़ा कम हो सकता है जिससे अपवर्तनांक में बहुत मामूली (नगण्य) बदलाव आता है, लेकिन सामान्य व्यावहारिक और भौतिकी सिद्धांतों के अनुसार प्रकाश की गति को अपरिवर्तित या वैसी ही माना जाता है।

#12. 23. एक आपतित किरण व समतल दर्पण से परावर्तित किरण के मध्य का कोण 60° है। परावर्तित किरण की सापेक्ष किस कोण से विचलित हुई? [RSMSSB LDC 2018 (19.08.2018)]

#13. प्रकाश का रंग निर्भर करता है- [कनिष्ठ अनुदेशक (वायरमैन) 24-12-2019]

सही उत्तर (c) तरंगदैर्ध्य व आवृत्ति पर है।


स्पष्टीकरण

प्रकाश का रंग मुख्य रूप से तरंगदैर्ध्य (Wavelength) और आवृत्ति (Frequency) दोनों पर ही निर्भर करता है, क्योंकि ये दोनों भौतिक राशियाँ एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हुई हैं।

इसे हम निम्नलिखित वैज्ञानिक कारणों से समझ सकते हैं:

1. तरंग समीकरण (Wave Equation) का संबंध

प्रकाश की गति (c), तरंगदैर्ध्य (λ), और आवृत्ति (μ) के बीच एक निश्चित गणितीय संबंध होता है:

c = μ x λ

चूँकि निर्वात या हवा में प्रकाश की गति ($c$) नियत (Constant) होती है, इसलिए यदि किसी रंग की तरंगदैर्ध्य बदलेगी, तो उसकी आवृत्ति भी उसी अनुपात में बदल जाएगी। उदाहरण के लिए:

  • लाल रंग: इसकी तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होती है, इसलिए इसकी आवृत्ति सबसे कम होती है।

  • बैंगनी रंग: इसकी तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है, इसलिए इसकी आवृत्ति सबसे अधिक होती है।

#14. रंगीन टी वी के प्राथमिक रंग कौनसे होते है? [कनिष्ठ अनुदेशक (इलेक्ट्रोनिक्स मैकेनिक) 23-12-19 SSC F.S.I., 2012]

सही उत्तर (a) लाल, हरा, नीला (RGB – Red, Green, Blue) है।


स्पष्टीकरण

रंगीन टेलीविजन (TV), कंप्यूटर मॉनिटर, स्मार्टफोन की स्क्रीन और डिजिटल कैमरों में रंगों को प्रदर्शित करने के लिए लाल (Red), हरा (Green), और नीला (Blue) को प्राथमिक रंगों के रूप में उपयोग किया जाता है। इन्हें संक्षेप में RGB भी कहा जाता है।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • योगात्मक मिश्रण (Additive Mixing): स्क्रीन पर रंग पैदा करने के लिए प्रकाश का उपयोग होता है। जब इन तीनों प्राथमिक रंगों के प्रकाश को अलग-अलग अनुपात में मिलाया जाता है, तो लाखों अन्य रंग बनते हैं।

  • सफेद रंग का निर्माण: जब लाल, हरा और नीला प्रकाश समान तीव्रता (Equal Intensity) के साथ एक साथ मिलते हैं, तो सफेद (White) प्रकाश उत्पन्न होता है।

  • रंगों का संयोजन:

    • लाल + हरा = पीला (Yellow)

    • हरा + नीला = स्यान (Cyan / मयूर पंखी नीला)

    • लाल + नीला = मैजेंटा (Magenta / गहरा गुलाबी)

#15. लाल तथा हरे रंग के मिश्रण से कौन सा रंग प्राप्त होता है? [SSC CGL 10 August 2017]

सही उत्तर (b) पीला है।


स्पष्टीकरण

यह प्रश्न प्रकाश के योगात्मक मिश्रण (Additive Color Mixing) पर आधारित है। रंगीन टीवी, कंप्यूटर स्क्रीन और सामान्य भौतिकी में जब प्रकाश के प्राथमिक रंगों को आपस में मिलाया जाता है, तो नए रंग (द्वितीयक रंग) प्राप्त होते हैं।

जब लाल (Red) और हरे (Green) रंग के प्रकाश को समान अनुपात में मिलाया जाता है, तो पीला (Yellow) रंग बनता है।


प्रकाश के अन्य महत्वपूर्ण रंग संयोजन (RGB Model):

  • लाल + हरा = पीला (Yellow)

  • हरा + नीला = स्यान (Cyan – हल्का नीला/मयूर पंखी)

  • लाल + नीला = मैजेंटा (Magenta – गहरा गुलाबी)

  • लाल + हरा + नीला = श्वेत (White)



#16. ऊपर से देखने पर पानी का टैंक उथला क्यों दिखाई देता है? [SSC CGL 10 August 2017]

स्पष्टीकरण

जब हम ऊपर से पानी के टैंक या स्विमिंग पूल को देखते हैं, तो उसका तल अपनी वास्तविक गहराई से थोड़ा ऊपर उठा हुआ (उथला) दिखाई देता है। ऐसा प्रकाश के अपवर्तन (Refraction of Light) के कारण होता है।

यह कैसे काम करता है?

  1. माध्यम में बदलाव: पानी एक सघन माध्यम (Denser Medium) है और हवा एक विरल माध्यम (Rarer Medium) है।

  2. किरणों का मुड़ना: जब पानी के तल (पेंदे) से प्रकाश की किरणें निकलकर हवा में प्रवेश करती हैं, तो वे सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाने के कारण अभिलंब (Normal) से दूर हट जाती हैं

  3. आभासी प्रतिबिंब: जब ये मुड़ी हुई किरणें हमारी आँखों में प्रवेश करती हैं, तो हमारा मस्तिष्क प्रकाश को एक सीधी रेखा में पीछे की ओर बढ़ता हुआ महसूस करता है। इस वजह से पेंदे का एक आभासी प्रतिबिंब (Virtual Image) वास्तविक गहराई से थोड़ा ऊपर बनता है।


अपवर्तन के कुछ अन्य व्यावहारिक उदाहरण:

  • पानी से भरे ग्लास में रखी पेंसिल या चम्मच का टेढ़ा या मुड़ा हुआ दिखाई देना।

  • पानी से भरे बर्तन के तल में रखा सिक्का अपनी वास्तविक स्थिति से ऊपर उठा हुआ दिखाई देना।

  • रात में तारों का टिमटिमाते हुए दिखाई देना।

#17. किसी ग्रह का रंग निम्नलिखित में से किस गुण के द्वारा निर्धारित होता है ? [Delhi Police Constable (Executive) 02 Dec. 2020-2nd Shift]

ष्टीकरण

किसी भी खगोलीय पिंड (जैसे तारा या ग्रह) का रंग और उससे उत्सर्जित होने वाला प्रकाश मुख्य रूप से उसके पृष्ठ के तापमान (Surface Temperature) द्वारा निर्धारित होता है।

भौतिकी में इसे कृष्णिका विकिरण (Blackbody Radiation) और वीन के विस्थापन नियम (Wien’s Displacement Law) के सिद्धांत से समझा जाता है।

  • तापमान और तरंगदैर्ध्य का संबंध: इस नियम के अनुसार, किसी वस्तु का तापमान जितना अधिक होगा, उससे निकलने वाले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य ($\lambda$) उतनी ही कम (यानी अधिक ऊर्जा वाली) होगी।

#18. यदि पश्चदृश्य देखने वाले दर्पण में वस्तुएँ बड़ी तथा उलटी दिखाई देती है, तो किस प्रकार के दर्पण का प्रयोग किया गया है? [SSC CGL 10 August 2017]

सही उत्तर (a) अवतल (Concave Mirror) है।


स्पष्टीकरण

प्रश्न के अनुसार, दर्पण में वस्तुएँ बड़ी तथा उलटी (Magnified and Inverted) दिखाई दे रही हैं। यह विशेषता केवल और केवल अवतल दर्पण (Concave Mirror) की होती है।

अवतल दर्पण के मुख्य नियम और स्थितियाँ इस प्रकार हैं:

  • जब कोई वस्तु अवतल दर्पण के फोकस बिंदु ($F$) से दूर रखी होती है, तो उसका प्रतिबिंब हमेशा वास्तविक और उल्टा (Real and Inverted) बनता है। वस्तु की स्थिति के आधार पर यह आकार में बड़ा भी हो सकता है।

  • (विशेष स्थिति: केवल तब जब वस्तु दर्पण और फोकस के बहुत पास यानी P$और F के बीच हो, तब प्रतिबिंब सीधा और बड़ा बनता है)।

#19. नीले तथा हरे रंग के मिश्रण से कौन सा रंग प्राप्त होता है ? [SSC CGL 12 August 2017]

प्रकाश के अन्य महत्वपूर्ण रंग संयोजन:

  • हरा + नीला = सियान (Cyan)

  • लाल + हरा = पीला (Yellow)

  • लाल + नीला = मैजेंटा (Magenta – गहरा गुलाबी)

  • लाल + हरा + नीला = श्वेत (White)

#20. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य का रंग लाल क्यों दिखाई देता है? [SSC CGL 01 September 2016]

स्पष्टीकरण

सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य का लाल दिखाई देना प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering of Light) के कारण होता है, जिसे वैज्ञानिक रूप से रैले प्रकीर्णन (Rayleigh Scattering) कहा जाता है।
अतः, नीले और अन्य रंगों के रास्ते में ही पूरी तरह प्रकीर्णित (नष्ट) हो जाने के कारण केवल लाल और नारंगी रंग ही आगे बढ़ पाता है, जिससे सूर्य और उसके आसपास का आकाश लाल दिखाई देता है।



#21. श्वेत प्रकाश कितने रंगों का मिश्रण होता है ? [SSC F.S.I., 2012]

इन सातों रंगों के क्रम को नीचे से ऊपर की ओर “VIBGYOR” या हिंदी में “बैंजनीहपीनाला” सूत्र से याद रखा जाता है:

#22. जब प्रकाश अभिलंब के अनन्दिश आपतित होता है और हवा से होते हुए जल में प्रवेश करता है तो प्रकाश की दिशा [RRB Group D-20 Sep 2022, Shift-III]

चूँकि किरण बिल्कुल सीधी $90^\circ$ के कोण पर माध्यम की सतह पर टकराती है, इसलिए जल में प्रवेश करने के बाद भी उसकी दिशा में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

#23. जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है, तो [RRB Group D-12 Sep 2022, Shift-III]

अपवर्तन के दो मुख्य नियम होते हैं:

  1. प्रथम नियम (जो इस प्रश्न में पूछा गया है): आपतित किरण (Incident ray), अपवर्तित किरण (Refracted ray) तथा आपतन बिंदु पर खींचा गया अभिलंब (Normal), तीनों एक ही समतल (Same Plane) में स्थित होते हैं।

  2. द्वितीय नियम (स्नेल का नियम): किन्हीं दो माध्यमों के लिए आपतन कोण की ज्या ($\sin i$) और अपवर्तन कोण की ज्या ($\sin r$) का अनुपात एक नियतांक होता है ($\frac{\sin i}{\sin r} = \text{constant}$)।

#24. प्रकाशीय फिल्टर का उद्देश्य क्या है ? [SSC CGL 30 August 2016]

प्रकाशीय फिल्टर (Optical Filter) एक ऐसा उपकरण या सामग्री होती है जो अपने ऊपर पड़ने वाले प्रकाश में से कुछ चुनिंदा तरंगदैर्ध्य (रंगों) को अपने पार जाने देती है और बाकी के रंगों को सोख (अवशोषित) लेती है या रोक देती है।

#25. जिस प्रघटना ने प्रकाश के अनुप्रस्थ स्वरुप को स्थापित किया वह प्रघटना क्या है? [SSC CGL 28 August 2016]

स्पष्टीकरण

प्रकाश के अनुप्रस्थ स्वरूप (Transverse Nature) को सिद्ध करने वाली एकमात्र प्रघटना ध्रुवीकरण (Polarization) है।

शुरुआती दौर में वैज्ञानिक असमंजस में थे कि प्रकाश एक अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंग है (ध्वनि की तरह) या एक अनुप्रस्थ (Transverse) तरंग है। ध्रुवीकरण की खोज ने इस बात को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया।



#26. सर सी.वी रमन ने सन 1928 में रमन प्रभाव की खोज की, जिसका संबंध निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से है ? [S.S.C.Stenographers (C&D) 12.9.2017]

रमन प्रभाव क्या है?

जब एकवर्णीय (Single Color) प्रकाश की किरण किसी पारदर्शी माध्यम (जैसे ठोस, द्रव या गैस) में से गुजरती है, तो प्रकाश के कण (फोटॉन) माध्यम के अणुओं से टकराकर प्रकीर्णित (Scatter) हो जाते हैं।

इस प्रक्रिया में:

  • अधिकांश प्रकाश की आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य अपरिवर्तित रहती है (जिसे रैले प्रकीर्णन कहते हैं)।

  • लेकिन, प्रकाश का एक बहुत छोटा हिस्सा (लगभग दस लाख फोटॉन में से एक) ऐसा होता है जिसकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन आ जाता है। प्रकाश की आवृत्ति में होने वाले इसी सूक्ष्म परिवर्तन को रमन प्रभाव कहा जाता है।

#27. सफेद रोशनी में साबुन के बुलबुले किस कारण से रंगीन दिखते हैं? [S.S.C.Stenographers (C&D) 1.9.2017]

स्पष्टीकरण

सफेद रोशनी (सूर्य के प्रकाश) में साबुन के बुलबुले का चमकीला और रंगीन दिखाई देना प्रकाश के व्यतिकरण (Interference of Light) की घटना के कारण होता है। इसे तकनीकी रूप से “पतली फिल्मों में व्यतिकरण” (Interference in Thin Films) कहा जाता है।

व्यतिकरण का एक और सामान्य उदाहरण:

  • बरसात के दिनों में सड़कों पर फैली सफेद केरोसिन या डीजल/पेट्रोल की बूंदों (परत) का सूर्य के प्रकाश में रंगीन दिखाई देना भी इसी व्यतिकरण का उदाहरण है।

#28. पारभासी वस्तुएँ वो वस्तुएँ हैं जिनके आर पार [SSC Delhi Police 07 Dec 2017]

स्पष्टीकरण

भौतिकी में प्रकाश के गुजरने (पारगमन) के आधार पर वस्तुओं को मुख्य रूप से तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है। पारभासी (Translucent) वस्तुएँ वे होती हैं जो अपने अंदर से प्रकाश के केवल एक हिस्से (आंशिक भाग) को ही गुजरने देती हैं।

चूँकि पूरा प्रकाश इनके आर-पार नहीं जा पाता और बिखर जाता है, इसलिए इन वस्तुओं के दूसरी तरफ रखी चीजें हमें धुंधली या अस्पष्ट दिखाई देती हैं।

#29. सात इंद्रधनुष के रंगों वाला छोटा सा परिपत्र डिस्क तेज़ी से घुमाये जाने पर कैसा प्रतीत होगा ? [SSC Delhi Police 06 Dec 2017]

स्पष्टीकरण

सात इंद्रधनुष के रंगों वाली इस डिस्क को “न्यूटन की डिस्क” (Newton’s Disc) कहा जाता है। जब इस डिस्क को बहुत तेजी से घुमाया जाता है, तो यह हमें सफेद (या हल्का मटमैला सफेद) रंग की प्रतीत होती है।

इसके पीछे विज्ञान के दो मुख्य सिद्धांत काम करते हैं:

  1. श्वेत प्रकाश का संयोजन: महान वैज्ञानिक सर आइजक न्यूटन ने यह सिद्ध किया था कि सूर्य का सफेद प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना है। जब इन सातों रंगों को एक साथ मिलाकर तेजी से घुमाया जाता है, तो वे वापस मिलकर सफेद प्रकाश का भ्रम पैदा करते हैं।

  2. दृष्टि का स्थायित्व (Persistence of Vision): हमारी आँखों के रेटिना पर किसी भी छवि का असर लगभग $\frac{1}{16}$ सेकंड तक रहता है। जब डिस्क बहुत तेजी से घूमती है, तो सातों रंग इतनी जल्दी-जल्दी हमारी आँखों के सामने से गुजरते हैं कि हमारा मस्तिष्क उन्हें अलग-अलग नहीं देख पाता। ये सभी रंग आपस में ओवरलैप (मिश्रित) हो जाते हैं और हमें केवल सफेद रंग दिखाई देता है।

#30. 42. ब्लड मून’ शब्द का उपयोग किसके लिए किया जाता है? [SSC CGL 12 June 2019]

स्पष्टीकरण

‘ब्लड मून’ (Blood Moon) शब्द का उपयोग पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) की खगोलीय घटना के लिए किया जाता है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह से काला या गायब होने के बजाय गहरे लाल या तांबे जैसे रंग का दिखाई देने लगता है, इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ (रक्त चंद्रमा) कहा जाता है।



#31. रोडोप्सिन जिसे दृष्टि बैंगनी भी कहा जाता है, मानव शरीर में कहां स्थित है? [SSC CHSL 03 July 2019]

स्पष्टीकरण

रोडोप्सिन (Rhodopsin), जिसे ‘दृष्टि बैंगनी’ (Visual Purple) भी कहा जाता है, मानव आँख के रेटिना (Retina) में पाया जाने वाला एक अत्यंत संवेदनशील जैविक वर्णक (Pigment) है।

रोडोप्सिन के निर्माण के लिए विटामिन A अत्यंत आवश्यक होता है। शरीर में विटामिन A की कमी होने पर रोडोप्सिन का बनना कम हो जाता है, जिससे रतौंधी (Night Blindness) नामक बीमारी हो जाती है, जिसमें व्यक्ति को रात या कम रोशनी में दिखाई देना बंद या बहुत कम हो जाता है।

#32. प्रकाश के एक माध्यम से दूसरे माध्यम में गुजरने पर उसकी दिशा में होने वाले परिवर्तन की घटना कहलाती है। [SSC Online CGL T-1 16 अगस्त, 2017]

दैनिक जीवन में अपवर्तन के कुछ सामान्य उदाहरण:

  • पानी से भरे बीकर या ग्लास में डूबी हुई पेंसिल का मुड़ी हुई दिखाई देना।

  • तालाब या स्विमिंग पूल का तल अपनी वास्तविक गहराई से ऊपर उठा हुआ दिखाई देना।

  • रात के समय आसमान में तारों का टिमटिमाना (वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण)।

#33. निम्नलिखित में से कौन-सी प्रघटना यह निर्णय लेने में सहायक होती है कि प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है? [SSC CHSL, 2015]

अनुप्रस्थ तरंग और ध्रुवीकरण का सीधा संबंध:

  • अनुप्रस्थ तरंग क्या है? इस प्रकार की तरंग में माध्यम के कण (या प्रकाश के मामले में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र) तरंग के आगे बढ़ने की दिशा के लंबवत (Perpendicular) कंपन करते हैं।

  • ध्रुवीकरण की प्रक्रिया: एक सामान्य या अध्रुवित प्रकाश किरण में विद्युत क्षेत्र के कंपन चारों दिशाओं में होते हैं। जब इस प्रकाश को एक विशेष फ़िल्टर (जिसे पोलरॉइड कहते हैं) से गुजारा जाता है, तो यह केवल एक ही निश्चित दिशा या तल में कंपन कर पाता है। इस प्रक्रिया को ही ध्रुवीकरण कहते हैं।

  • ध्वनि तरंगों में ध्रुवीकरण क्यों नहीं होता? ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य (Longitudinal) होती हैं, जिनमें कंपन तरंग की दिशा के समानांतर होते हैं। इसलिए ध्वनि तरंगों का ध्रुवीकरण कभी नहीं किया जा सकता।

#34. जब रंगीन अक्षरों पर समतल काँच की पट्टी रखी जाती है, तो कौनसा अक्षर कम उठा हुआ दिखाई देता है? [SSC CHSL, 2015]

काँच का अपवर्तनांक प्रकाश की तरंगदैर्ध्य ($\lambda$) के व्युत्क्रमानुपाती (Inversely Proportional) होता है ($\mu \propto \frac{1}{\lambda}$)।

  • लाल रंग (Red): इसकी तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होती है, इसलिए इसके लिए काँच का अपवर्तनांक ($\mu$) सबसे कम होता है। अपवर्तनांक कम होने के कारण लाल रंग का अक्षर सबसे कम उठा हुआ दिखाई देता है।

  • बैंगनी रंग (Violet): इसकी तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है, इसलिए इसके लिए काँच का अपवर्तनांक ($\mu$) सबसे अधिक होता है। इसी कारण बैंगनी रंग का अक्षर सबसे अधिक उठा हुआ दिखाई देता है।

अतः, प्रश्न के अनुसार सबसे कम उठा हुआ अक्षर लाल रंग का होगा।

#35. दृश्य का एक अतिव्यापक क्षेत्र किस दर्पण से अवलोकित होता है ? [SSC MTS 2017]

उत्तल दर्पण के मुख्य गुण:

  • यह हमेशा वस्तु का सीधा (Upright) और आभासी (Virtual) प्रतिबिंब बनाता है।

  • इसके द्वारा बना प्रतिबिंब आकार में वस्तु से छोटा (Diminished) होता है, जिसके कारण बड़े से बड़े क्षेत्र की चीजें भी इसमें समा जाती हैं।



#36. परमाणु घड़ी निम्नलिखित में से किसके संक्रमण (ट्रांजिशन) पर आधारित होती है? [SSC CGL, 2010]

परमाणु घड़ी की विशेषताएं:

  • अति-सटीकता: ये घड़ियाँ इतनी सटीक होती हैं कि लगभग 10 से 30 करोड़ वर्षों में भी इनमें केवल 1 सेकंड का अंतर आ सकता है।

  • उपयोग: इनका उपयोग GPS नेविगेशन सिस्टम, इंटरनेट डेटा ट्रांसफर, उपग्रहों (Satellites) के संचालन और वैज्ञानिक अनुसंधानों में समय के सटीक मिलान के लिए किया जाता है।

#37. किसी पदार्थ का फोटोग्राफ लेने के लिए अपेक्षित उद्‌द्मासन काल किस पर निर्भर करता है ? [SSC CGL Tier-1 परीक्षा, 2013]

यह पूरी तरह से पदार्थ की चमक (ब्राइटनेस) या उस पर पड़ने वाले प्रकाश की मात्रा पर निर्भर करता है:

  • अधिक चमक होने पर: यदि किसी पदार्थ या दृश्य में बहुत तेज रोशनी (चमक) है, तो कैमरे के सेंसर तक पर्याप्त प्रकाश बहुत जल्दी पहुँच जाता है। ऐसी स्थिति में कम उद्‌द्मासन काल (Short Exposure Time) की आवश्यकता होती है, ताकि फोटो ओवर-एक्सपोज्ड (बहुत ज्यादा सफेद) न हो।

  • कम चमक होने पर: यदि पदार्थ अंधेरे में है या उसकी चमक कम है, तो सेंसर तक पर्याप्त प्रकाश पहुँचाने के लिए शटर को ज्यादा देर तक खुला रखना पड़ता है। ऐसी स्थिति में अधिक उद्‌द्मासन काल (Long Exposure Time) की आवश्यकता होती है।

#38. निम्न में से कौन-सा सदा उस वस्तु की छोटी छवि बनाएगा जो उसके सामने रखी जाए ? [SSC F.S.I., 2012]

केवल उत्तल दर्पण ही वह एकमात्र विकल्प है जो प्रत्येक स्थिति में सदा छोटी छवि ही निर्मित करता है। इसी गुण के कारण इसका उपयोग वाहनों में पीछे का ट्रैफिक देखने (Rear-view mirror) के लिए किया जाता है।

#39. इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी, चाक्षुष सूक्ष्मदर्शी से अधिक आवर्धन क्यों देती है ? [SSC C.P.O., 2015]

चूँकि इलेक्ट्रॉन की तरंगदैर्ध्य अत्यंत कम होती है, इसलिए यह बहुत ही सूक्ष्म वस्तुओं (जैसे वायरस, प्रोटीन, या परमाणु संरचनाओं) से बिना विवर्तित हुए टकराकर उनकी अत्यंत स्पष्ट और लाखों गुना बड़ी (आवर्धित) छवि बना सकती है।

#40. ‘ल्यूमेन’ एकक है- [SSC CGL Tier-1 परीक्षा, 2012]

स्पष्टीकरण

ल्यूमेन (Lumen – संकेत: lm) अंतर्राष्ट्रीय मात्रक प्रणाली (SI) में ज्योति फ्लक्स (Luminous Flux) को मापने की इकाई (एकक) है।

  • ज्योति फ्लक्स क्या है? कोई प्रकाश स्रोत (जैसे बल्ब या मोमबत्ती) एक सेकंड में कुल कितना प्रकाश उत्सर्जित करता है (यानी प्रकाश की कुल मात्रा जो हमारी आँखों को महसूस होती है), उसे ज्योति फ्लक्स कहते हैं। सरल शब्दों में, कोई बल्ब कितना ‘उजाला’ दे रहा है, वह ल्यूमेन में मापा जाता है। आज के समय में जब हम LED बल्ब खरीदते हैं, तो उस पर लिखा ‘9W (वॉट)’ उसकी बिजली की खपत को दर्शाता है, जबकि उसका उजाला ल्यूमेन (जैसे 900 lm) में मापा जाता है।



#41. प्रकाश वोल्टीय सेल के प्रयोग से सौर ऊर्जा का रूपांतरण करने से निम्नलिखित में से किसका उत्पादन होता है ? [SSC CHSL, 2011]

स्पष्टीकरण

प्रकाश वोल्टीय सेल (Photovoltaic Cell या PV Cell), जिसे हम आमतौर पर सौर सेल (Solar Cell) के नाम से जानते हैं, एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जो सूर्य के प्रकाश (सौर ऊर्जा) को सीधे विद्युत ऊर्जा (बिजली) में परिवर्तित कर देती है।

#42. उस समय पूर्ण आंतरिक परावर्तन नहीं हो सकता है जब प्रकाश- [SSC C.P.O., 2015]

स्पष्टीकरण

पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection – TIR) की घटना घटित होने के लिए विज्ञान में दो अनिवार्य शर्तें (Conditions) होती हैं:

  1. माध्यम की शर्त: प्रकाश की किरण को हमेशा सघन माध्यम (Denser Medium) से विरल माध्यम (Rarier Medium) में जाना चाहिए।

  2. कोण की शर्त: आपतन कोण (Angle of Incidence) का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए।

#43. प्रकाश-विद्युत प्रभाव, धातु की सतह से किस स्थित में इलेक्ट्रॉनों के निष्कासन के रूप में व्याख्यायित किया जाता है? [SSC CHSL, 2013]

स्पष्टीकरण

जब किसी धातु (Metal) की सतह पर एक निश्चित न्यूनतम आवृत्ति (या उपर्युक्त तरंगदैर्ध्य) का प्रकाश या विद्युत-चुंबकीय विकिरण गिरता है, तो धातु की सतह से इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन होने लगता है। इस पूरी घटना को प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect) कहा जाता है और उत्सर्जित होने वाले इलेक्ट्रॉनों को ‘फोटो-इलेक्ट्रॉन’ कहते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: अल्बर्ट आइंस्टीन को उनकी सापेक्षता के सिद्धांत (Relativity Theory) के लिए नहीं, बल्कि इसी “प्रकाश-विद्युत प्रभाव के नियम की खोज” के लिए वर्ष 1921 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।

#44. प्रकाश ऑक्सीकरण प्रक्रिया शुरू की जाती है- [SSC टेक्स अ. परीक्षा, 2008]

स्पष्टीकरण

प्रकाश ऑक्सीकरण (Photo-oxidation) एक ऐसी रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ का ऑक्सीकरण (Oxidation) प्रकाश (विशेष रूप से दृश्य प्रकाश या पराबैंगनी/UV किरणों) के अवशोषण द्वारा शुरू या प्रेरित होता है।

#45. तंतु प्रकाशिकी संचार में संकेत किस रूप में प्रवाहित होता हैं? [R.A.S./R.T.S. (Pre) 2012]

स्पष्टीकरण

तंतु प्रकाशिकी संचार (Optical Fiber Communication) में सूचना या डेटा संकेतों (Signals) को प्रकाश तरंगों (विशेष रूप से लेजर या LED प्रकाश) के रूप में प्रवाहित किया जाता है।

यह आधुनिक दूरसंचार (Telecommunication) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीक है।



#46. किसी अपारदर्शी वस्तु का रंग उस रंग के कारण होता है, जिसे वह- [L.A.S. (Pre) 1994]

हमारी आँखें केवल उसी रंग को देख पाती हैं जो वस्तु द्वारा परावर्तित होकर हम तक पहुँचता है। इसलिए वस्तु हमें उसी रंग की दिखाई देती है।

उदाहरणों से समझें:

  1. पत्तियां हरी क्यों दिखती हैं? जब सूर्य का प्रकाश हरी पत्ती पर पड़ता है, तो क्लोरोफिल के कारण पत्ती प्रकाश के बाकी सभी रंगों को अवशोषित कर लेती है, लेकिन हरे रंग को परावर्तित कर देती है। यही परावर्तित हरा प्रकाश हमारी आँखों तक पहुँचता है।

  2. कोई वस्तु सफेद (White) क्यों दिखती है? जब कोई वस्तु सूर्य के प्रकाश के सभी रंगों को पूरी तरह परावर्तित कर देती है (किसी को अवशोषित नहीं करती), तो वह हमें सफेद दिखाई देती है।

  3. कोई वस्तु काली (Black) क्यों दिखती है? जब कोई वस्तु अपने ऊपर पड़ने वाले सभी रंगों को पूरी तरह अवशोषित कर लेती है और किसी भी रंग को परावर्तित नहीं करती, तो वह हमें काली दिखाई देती है। (काला वास्तव में कोई रंग नहीं, बल्कि प्रकाश की अनुपस्थिति है)।

#47. प्रकाश का वेग अधिकतम होता है- [U.P.P.C.S. (R.I.) 2014]

विभिन्न माध्यमों में प्रकाश की गति का अनुमानित क्रम इस प्रकार है:

  1. निर्वात (Vacuum): $3.00 \times 10^8\text{ m/s}$ (अधिकतम)

  2. हाइड्रोजन/हवा (Gas): लगभग $2.99 \times 10^8\text{ m/s}$ (निर्वात से मामूली सी कम)

  3. पानी (Liquid): लगभग $2.25 \times 10^8\text{ m/s}$

  4. हीरा (Solid): लगभग $1.24 \times 10^8\text{ m/s}$ (न्यूनतम – क्योंकि हीरे का अपवर्तनांक सबसे अधिक $2.42$ होता है)

महत्वपूर्ण तथ्य: प्रकाश की गति को सबसे पहले वर्ष 1676 में डेनमार्क के खगोलशास्त्री ओले रोमर (Ole Rømer) ने मापा था।

#48. मरीजों के पेट के अन्दर का परीक्षण करने हेतु डॉक्टरों द्वारा प्रयुक्त ‘एंडोस्कोप’ निम्नलिखित में से किस सिद्धांत पर कार्य करता हैं? [U.P. Lower Sub (Pre) 2009]

पूर्ण आंतरिक परावर्तन के अन्य प्रमुख उदाहरण:

  • मरीचिका (Mirage): गर्मियों में रेगिस्तान या पक्की सड़कों पर दूर पानी होने का भ्रम होना।

  • हीरे का चमकना: अपनी विशेष कटाई के कारण प्रकाश हीरे के भीतर बार-बार परावर्तित होता है, जिससे वह अत्यधिक चमकता है।

  • काँच में आई दरार का चमकना: खिड़की के काँच में आई दरार का हिस्सा बहुत चमकीला दिखाई देता है।

#49. किसी तारे का रंग दर्शाता है [U.P.P.C.S. (Pre) 2005, U.P.P.C.S. (Mains) 2008]

स्पष्टीकरण

किसी तारे (Star) का रंग मुख्य रूप से उसके पृष्ठीय ताप (Surface Temperature) को दर्शाता है। भौतिकी में इसे वीन के विस्थापन नियम (Wien’s Displacement Law) द्वारा समझाया जाता है, जिसके अनुसार किसी वस्तु का तापमान जितना अधिक होगा, उससे उत्सर्जित होने वाले प्रकाश की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) उतनी ही छोटी (यानी अधिक ऊर्जा वाली) होगी।

सामान्य भ्रम: अक्सर लोग लाल रंग को सबसे गर्म मान लेते हैं (जैसे आग का रंग), लेकिन खगोल विज्ञान और भौतिकी में नीला रंग उच्चतम ताप को और लाल रंग न्यूनतम ताप को प्रदर्शित करता है।

Previous
Finish

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने सीखा कि प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light in Hindi) क्या है और इसके नियम किस प्रकार काम करते हैं। विज्ञान के इस बुनियादी नियम के बिना दृष्टि की कल्पना करना भी असंभव है। परीक्षाओं में अक्सर इसके नियमों (∠i = ∠r) और रेखाचित्र (Diagram) के बारे में पूछा जाता है।

आशा है कि आपको यह जानकारी आसान और स्पष्ट लगी होगी। अगर आपका कोई सवाल है, तो नीचे Comment Box में जरूर पूछें। इस पोस्ट को अपने दोस्तों और स्टडी ग्रुप्स में शेयर करना न भूलें!

science