Periodic Table Railway MCQ
#1. उस तत्व की पहचान कीजिए, जो प्रकृति में अणु के रूप में विद्यमान नहीं होता है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) हीलियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- हीलियम (Helium): हीलियम एक उत्कृष्ट गैस (Noble Gas) है जो प्रकृति में एकल परमाणु (Monoatomic) के रूप में स्वतंत्र रूप से पाई जाती है, न कि अणु के रूप में।
- विशेषता: इसका बाहरी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पूर्ण होता है, जिसके कारण यह रासायनिक रूप से अक्रिय होती है और अन्य परमाणुओं के साथ बंध बनाकर अणु का निर्माण नहीं करती है।
- मुख्य बिंदु:
- हाइड्रोजन, क्लोरीन और आयोडीन जैसे तत्व अपने स्थायित्व के लिए दो या अधिक परमाणुओं से मिलकर अणु बनाते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 28/11/2025) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं रासायनिक बंधन) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) आयोडीन: यह ठोस अवस्था में पाया जाने वाला हैलोजन है जो प्रकृति में द्विपरमाणुक अणु (I2) के रूप में विद्यमान होता है।
- विकल्प (B) क्लोर्रीन: यह एक प्रतिक्रियाशील हैलोजन गैस है जो प्रकृति में द्विपरमाणुक अणु (Cl2) के रूप में पाई जाती है।
- विकल्प (D) हाइड्रोजन: यह ब्रह्मांड का सबसे हल्का तत्व है जो प्रकृति में द्विपरमाणुक अणु (H2) के रूप में रहता है।
#2. समान द्रव्यमान संख्या होने के बावजूद, सम्भारिक भिन्न रासायनिक गुण क्यों प्रदर्शित करते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) क्योंकि उनकी परमाणु संख्या और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास भिन्न होते हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सम्भारिक (Isobars): ये ऐसे भिन्न तत्वों के परमाणु होते हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या (Mass Number) समान होती है, लेकिन परमाणु संख्या (Atomic Number) भिन्न होती है।
- विशेषता: किसी भी तत्व के रासायनिक गुण मुख्य रूप से उसके इलेक्ट्रॉनों की संख्या (यानी परमाणु क्रमांक) और उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पर निर्भर करते हैं। चूँकि सम्भारिकों की परमाणु संख्या अलग-अलग होती है, इसलिए उनके रासायनिक गुण भी भिन्न होते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- भले ही इनका कुल द्रव्यमान (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का योग) समान हो, लेकिन भिन्न तत्वों के रूप में इनका रासायनिक व्यवहार अलग होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/12/2025) में रसायन विज्ञान (परमाणु संरचना) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) क्योंकि उनके प्रोटॉन की संख्या समान होती है: यह गलत है क्योंकि सम्भारिकों में प्रोटॉन की संख्या (परमाणु क्रमांक) भिन्न होती है।
- विकल्प (B) क्योंकि वे आवर्त सारणी में एक ही समूह से संबंधित हैं: यह गलत है, अलग-अलग परमाणु संख्या वाले तत्व भिन्न समूहों या आवर्तों से संबंधित हो सकते हैं।
- विकल्प (C) क्योंकि उनके नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है: यह आवश्यक नहीं है, सम्भारिकों में न्यूट्रॉनों की संख्या अलग-अलग हो सकती है।
#3. निम्नलिखित में से किस तत्व में अधिकतम परमाणु त्रिज्या है?
(RRB JE ME 31 Aug 2019 CBT 2)
✨ सही उत्तर: (C) Na
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सोडियम (Na): दिए गए सभी तत्व (Na, P, S, Cl) आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त (Period 3) से संबंधित हैं। किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है।
- विशेषता: सोडियम (Na) इस आवर्त के समूह 1 का तत्व है और सबसे बाईं ओर स्थित है, इसलिए इसकी परमाणु त्रिज्या सबसे अधिक होती है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी में बाएं से दाएं चलने पर परमाणुओं का आकार (त्रिज्या) लगातार छोटा होता जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME : 31 Aug 2019 CBT 2) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी के गुणधर्म) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) P (फॉस्फोरस): यह समूह 15 का तत्व है जो सोडियम के बाद आता है, इसलिए इसका आकार सोडियम से छोटा होता है।
- विकल्प (B) Cl (क्लोरिन): यह समूह 17 (हैलोजन) का तत्व है और आवर्त में सबसे दाईं ओर होने के कारण इसका आकार सबसे छोटा होता है।
- विकल्प (D) S (सल्फर): यह समूह 16 का तत्व है जो फॉस्फोरस के बाद आता है, अतः इसका आकार भी सोडियम की तुलना में काफी कम होता है।
#4. किस तत्व में इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करने की प्रवृत्ति सबसे अधिक है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (B) फ्लोरीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फ्लोरीन (Fluorine): फ्लोरीन आवर्त सारणी का सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक (Most Electronegative) तत्व है। इसकी इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करने की प्रवृत्ति (विद्युत ऋणाता) सबसे अधिक होती है।
- विशेषता: इसका छोटा परमाणु आकार और उच्च प्रभावी नाभिकीय आवेश इसके बाहरी कोष के इलेक्ट्रॉन को बहुत तीव्रता से आकर्षित करते हैं। पॉलिंग पैमाने पर इसकी विद्युत ऋणाता लगभग 3.98 होती है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर विद्युत ऋणाता बढ़ती है और समूह में ऊपर से नीचे आने पर घटती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 28 May 2019 Shift 1 CBT 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी के गुणधर्म) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) बोरॉन: यह एक उपधातु (Metalloid) है जिसकी विद्युत ऋणाता फ्लोरीन की तुलना में काफी कम होती है।
- विकल्प (C) सल्फर: यह एक अधातु है, लेकिन इसकी इलेक्ट्रॉन आकर्षण क्षमता फ्लोरीन जितनी तीव्र नहीं होती है।
- विकल्प (D) आयरन: आयरन एक संक्रमण धातु (Transition Metal) है, जो इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति (धनात्मक गुण) प्रदर्शित करता है, न कि आकर्षित करने की।
#5. मेंडलीफ की आवर्त सारणी में, निम्नलिखित में से किस समूह से संबंधित तत्वों को बाद में सारणी में शामिल किया गया?
(RRB JE CE 19 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)
✨ सही उत्तर: (B) Sc, Ga और Ge
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेंडलीफ की आवर्त सारणी: दिमित्री मेंडलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में कुछ ऐसे तत्वों के लिए रिक्त स्थान (Gaps) छोड़ दिए थे, जिनकी खोज उस समय तक नहीं हुई थी।
- विशेषता: उन्होंने इनके नाम अपने समय के अनुसार एका-बोरॉन (स्कैंडियम – Sc), एका-एल्युमीनियम (गैलियम – Ga) और एका-सिलिकॉन (जर्मेनियम – Ge) रखे थे। बाद में इन तत्वों की खोज होने पर इन्हें इसी सारणी में शामिल किया गया।
- मुख्य बिंदु:
- स्कैंडियम (Scandium), गैलियम (Gallium) और जर्मेनियम (Germanium) की भविष्यवाणी मेंडलीफ ने अपनी सारणी के माध्यम से सटीक रूप से की थी।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE : 19 Sept 2019 Shift 1 CBT 2) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी का इतिहास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A), (C) और (D): इन विकल्पों में कैल्शियम (Ca), सोडियम (Na) और मैग्नीशियम (Mg) जैसे तत्व शामिल हैं, जो मेंडलीफ के समय से बहुत पहले ही ज्ञात थे और उनके लिए कोई रिक्त स्थान नहीं छोड़ा गया था।
#6. निम्नलिखित में से कौन-सा, तत्व led (lead) का सही प्रतीक है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (B) Pb
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- लेड या सीसा (Lead): लेड का रासायनिक प्रतीक Pb होता है। यह इसके लैटिन नाम ‘प्लंबम’ (Plumbum) से लिया गया है।
- विशेषता: आवर्त सारणी में लेड एक भारी धातु है जिसका परमाणु क्रमांक 82 है। आधुनिक प्रतीकों में कई तत्वों के नाम उनके प्राचीन या लैटिन नामों पर आधारित हैं।
- मुख्य बिंदु:
- इसी प्रकार अन्य तत्वों के प्रतीक भी उनके लैटिन नामों से रखे गए हैं, जैसे सोडियम का Na (नेट्रियम) और पोटैशियम का K (कैलियम)।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 14/12/2025) में रसायन विज्ञान (रासायनिक प्रतीक और आवर्त सारणी) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) Le: यह किसी भी ज्ञात रासायनिक तत्व का मानक प्रतीक नहीं है।
- विकल्प (C) Ld: रासायनिक रूप से लेड के लिए यह प्रतीक मान्य नहीं है (Ld जैसा कोई मानक प्रतीक रासायनिक तत्वों में नहीं है)।
- विकल्प (D) Lb: यह भी लेड का प्रतीक नहीं है, बल्कि ‘लॉरेन्शियम’ (Lawrencium) का प्रतीक Lr होता है।
#7. कौन सी क्षारीय धातु आकार में सबसे छोटी होती है?
(RRB JE 29 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) लीथियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- लीथियम (Lithium): लीथियम (Li) आवर्त सारणी के समूह 1 की सबसे पहली क्षारीय धातु (Alkali Metal) है। किसी भी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार (त्रिज्या) बढ़ता जाता है।
- विशेषता: समूह 1 में लीथियम सबसे ऊपर स्थित होती है (परमाणु क्रमांक 3), इसलिए इसका आकार इस समूह की सभी धातुओं (जैसे सोडियम, पोटैशियम, रूबी듐 आदि) में सबसे छोटा होता है।
- मुख्य बिंदु:
- लीथियम सबसे हल्की धातु भी है और इसका घनत्व सभी धातुओं में सबसे कम होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 29 May 2019 Shift 2 CBT 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी के गुणधर्म) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) पोटैशियम: यह लीथियम के नीचे आता है, इसलिए इसका आकार लीथियम से बड़ा होता है।
- विकल्प (B) सोडियम: यह भी लीथियम के नीचे (दूसरे आवर्त के बाद तीसरे आवर्त में) स्थित है, अतः इसका आकार भी बड़ा होता है।
- विकल्प (D) रूबी듐: यह समूह में और नीचे स्थित होता है, जिससे इसका आकार दिए गए विकल्पों में सबसे बड़ा होता है।
#8. निम्नलिखित में से किसे रासायनिक प्रतीक’Si’ द्वारा दर्शाया जाता है?
(RPF Constable 2018 08 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: (D) सिलिकॉन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सिलिकॉन (Silicon): सिलिकॉन का रासायनिक प्रतीक Si होता है। यह आवर्त सारणी के समूह 14 का एक प्रमुख उपधातु (Metalloid) है।
- विशेषता: यह अर्धचालक (Semiconductor) गुणों के कारण कंप्यूटर चिप्स, ट्रांजिस्टर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में अत्यधिक उपयोग किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- ऑक्सीजन के बाद पृथ्वी की भूपर्पटी (Earth’s Crust) पर दूसरा सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व सिलिकॉन ही है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 08 Feb 2019) में रसायन विज्ञान (रासायनिक प्रतीक और तत्वों के उपयोग) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) आयरन: आयरन का रासायनिक प्रतीक Fe होता है (जो इसके लैटिन नाम फेरम से लिया गया है)।
- विकल्प (B) स्ट्रोंटियम: स्ट्रोंटियम एक क्षारीय मृदा धातु है जिसका रासायनिक प्रतीक Sr होता है।
- विकल्प (C) सिल्वर: सिल्वर (चांदी) का रासायनिक प्रतीक Ag होता है (जो इसके लैटिन नाम अर्जेंटम से बना है)।
#9. आवर्त सारणी में तत्वों के वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I 14 Jun, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) उपधातुएँ पूरी सारणी में यादृच्छिक रूप से बिखरी होती हैं।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आवर्त सारणी में तत्वों का वितरण: आधुनिक आवर्त सारणी में धातुओं, अधातुओं और उपधातुओं का एक निश्चित और व्यवस्थित क्रम होता है, न कि वे यादृच्छिक (Randomly) रूप से बिखरी होती हैं। इसलिए कथन (C) असत्य है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
- विशेषता: उपधातुएँ (Metalloids) धातुओं और अधातुओं के बीच आवर्त सारणी में एक तिरछी (जिग-जैग) रेखा के रूप में व्यवस्थित होती हैं जो दोनों को अलग करती है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी के बाईं ओर अधिकांश धातुएँ, दाईं ओर ऊपरी कोने में अधातुएँ और बीच में उपधातुएँ स्थित होती हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 14 Jun, 2025 Shift 2) में आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना और संगठन के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) धातुओं और अधातुओं को अलग करने वाली एक जिग-जैग रेखा होती है: यह कथन बिल्कुल सही है (बोरॉन, सिलिकॉन, जर्मेनियम आदि इस रेखा पर आते हैं)।
- विकल्प (B) धातुएँ बाईं ओर स्थित होती हैं: यह कथन भी सत्य है, आवर्त सारणी के अधिकांश भाग (बाईं तरफ) में धातुएं पाई जाती हैं।
- विकल्प (D) अधातुएँ ऊपरी दाहिने कोने में होती हैं: यह कथन भी पूरी तरह सत्य है, जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फ्लोरीन आदि ऊपरी दाहिने भाग में स्थित हैं।
#10. किस तत्व अष्टक सिद्धांत लागू पाया गया था?
(RRB JE 22 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (B) कैल्शियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- न्यूलैंड्स का अष्टक नियम (Newlands’ Law of Octaves): जॉन न्यूलैंड्स ने जब तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया, तो उन्होंने पाया कि प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं (संगीत के सुरों की तरह)।
- विशेषता: यह नियम केवल हल्के तत्वों के लिए ही ठीक प्रकार से लागू होता था। न्यूलैंड्स की आवर्त सारणी में यह सिद्धांत केवल कैल्शियम (Calcium – परमाणु भार 40) तक ही पूरी तरह लागू पाया गया था, इसके बाद के तत्वों में यह नियम लागू नहीं होता है।
- मुख्य बिंदु:
- कैल्शियम के बाद प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व से मेल खाना बंद हो जाते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 22 May 2019 Shift 1 CBT 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी के वर्गीकरण का इतिहास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) पोटैशियम: यह कैल्शियम से ठीक पहले आता है, लेकिन अष्टक नियम केवल कैल्शियम तक ही सीमित रूप से सफल माना गया था।
- विकल्प (C) कोबाल्ट: यह कैल्शियम के बाद आने वाली भारी धातुओं में शामिल है, जहाँ न्यूलैंड्स का यह नियम असफल हो गया था।
- विकल्प (D) ऑक्सीजन: यह सारणी के शुरुआती हल्के तत्वों में है, लेकिन कैल्शियम वह अंतिम तत्व माना जाता है जहाँ तक यह नियम लागू होता देखा गया था।
#11. विमान निर्माण में सामान्यतः किस तत्व का उपयोग किया जाता है?
(RPF Constable 2024 : 10 Mar, 2025 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) टाइटेनियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- टाइटेनियम (Titanium): विमान निर्माण और एयरोस्पेस उद्योगों में टाइटेनियम (Ti) का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसे इसकी उच्च मजबूती और हल्के वजन के कारण ‘रणनीतिक धातु’ (Strategic Metal) भी कहा जाता है।
- विशेषता: टाइटेनियम में अत्यधिक तन्य शक्ति (High Strength-to-Weight Ratio) होती है और यह अत्यधिक तापमान तथा संक्षारण (Corrosion) के प्रति बेहद प्रतिरोधी होता है।
- मुख्य बिंदु:
- यह स्टील जितना मजबूत होता है लेकिन वजन में उससे लगभग आधा हल्का होता है, जो विमानों और अंतरिक्ष यानों के लिए आदर्श है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 10 Mar, 2025 Shift 3) में धातु विज्ञान और तत्वों के व्यावहारिक अनुप्रयोग के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) हैफ्नियम: यह मुख्य रूप से परमाणु रिएक्टरों में नियंत्रण छड़ों (Control Rods) और न्यूट्रॉन अवशोषक के रूप में उपयोग किया जाता है।
- विकल्प (C) ज़िरकोनियम: इसका उपयोग मुख्य रूप से परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और सिरेमिक उद्योगों में किया जाता है।
- विकल्प (D) ऑस्मियम: यह प्राकृतिक रूप से सबसे भारी तत्वों में से एक है और इसका उपयोग फाउंटेन पेन की निब या मिश्र धातु बनाने में होता है, विमान निर्माण में नहीं।
#12. किस तत्व की द्रव्यमान संख्या 27 है और इसमें 14 न्यूट्रॉन उपस्थित होते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) एलूमीनियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एल्युमीनियम (Aluminium): परमाणु में द्रव्यमान संख्या (Mass Number, $A$) प्रोटॉन की संख्या ($Z$) और न्यूट्रॉन की संख्या ($N$) के योग के बराबर होती है, यानी $A = Z + N$।
- गणना: यहाँ द्रव्यमान संख्या $A = 27$ और न्यूट्रॉन $N = 14$ दिए गए हैं। इसलिए, प्रोटॉन की संख्या (परमाणु क्रमांक $Z$) = $27 – 14 = 13$ होगी। परमाणु क्रमांक 13 वाला तत्व एल्युमीनियम (Al) होता है।
- मुख्य बिंदु:
- एल्युमीनियम एक हल्की और प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली धातु है जिसका परमाणु क्रमांक 13 और सामान्य द्रव्यमान लगभग 27 होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 14/12/2025) में परमाणु संरचना और मूलभूत कणों की गणना के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) सोडियम: इसका परमाणु क्रमांक 11 और द्रव्यमान संख्या लगभग 23 होती है।
- विकल्प (B) क्लोरीन: इसका परमाणु क्रमांक 17 और द्रव्यमान संख्या लगभग 35.5 होती है।
- विकल्प (D) मैग्नीशियम: इसका परमाणु क्रमांक 12 और द्रव्यमान संख्या 24 होती है।
#13. परमाणु क्रमांक 21 वाला तत्व _______ है।
(RRB NTPC UG CBT-I : 09 Sept, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) स्कैंडियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- स्कैंडियम (Scandium): परमाणु क्रमांक 21 वाला रासायनिक तत्व स्कैंडियम है, जिसका प्रतीक Sc होता है। यह आवर्त सारणी के डी-ब्लॉक का पहला संक्रमण तत्व (Transition Element) है।
- विशेषता: यह एक चांदी जैसी सफेद संक्रमण धातु है। स्कैंडियम यौगिकों और मिश्र धातुओं का उपयोग एयरोस्पेस उद्योग और उच्च-तीव्रता वाली प्रकाश लाइटिंग में किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- यह आवर्त सारणी के चौथे आवर्त और तीसरे समूह में स्थित है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 09 Sept, 2025 Shift 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी और परमाणु क्रमांक) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) कैल्शियम: कैल्शियम का परमाणु क्रमांक 20 होता है।
- विकल्प (C) टाइटेनियम: टाइटेनियम का परमाणु क्रमांक 22 होता है।
- विकल्प (D) जिंक: जिंक (जस्ता) का परमाणु क्रमांक 30 होता है।
#14. कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में मौजूद एकमात्र अधातु कौन-सी है?
(RRB NTPC CBT-I : 6 April 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) ब्रोमीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ब्रोमीन (Bromine): ब्रोमीन एक ऐसी अधातु (Non-metal) है जो सामान्य कमरे के तापमान (Room Temperature) पर द्रव अवस्था (Liquid State) में पाई जाती है। इसका रासायनिक प्रतीक Br होता है।
- विशेषता: यह आवर्त सारणी के हैलोजन समूह (समूह 17) से संबंधित है। यह एक तीखी गंध वाली, गहरे लाल-भूरे रंग की वाष्पशील तरल अधातु है।
- मुख्य बिंदु:
- पारा (Mercury) कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में रहने वाली एकमात्र धातु है, जबकि ब्रोमीन एकमात्र अधातु है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 6 April 2021 Shift 2) में रसायन विज्ञान (तत्वों की भौतिक अवस्था और उनके गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) आयोडीन: यह कमरे के तापमान पर ठोस (Solid) अवस्था में पाई जाने वाली चमकदार अधातु है।
- विकल्प (C) फ्लोर्रीन: यह कमरे के तापमान पर एक गैसीय अवस्था (Gas) में पाई जाने वाली सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक अधातु है।
- विकल्प (D) क्लोरीन: यह भी कमरे के तापमान पर एक पीली-हरी गैसीय अवस्था में पाई जाने वाली हैलोजन गैस है।
#15. मुख्य समूह तत्वों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 19 Jun, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) इनकी अभिक्रियाशीलता किसी भी आवर्त नियम का पालन नहीं करती है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मुख्य समूह तत्व (Main Group Elements): आधुनिक आवर्त सारणी में s-ब्लॉक (समूह 1 और 2) तथा p-ब्लॉक (समूह 13 से 18) के तत्वों को संयुक्त रूप से मुख्य समूह तत्व या प्रतिनिधि तत्व कहा जाता है।
- विशेषता: इन तत्वों की अभिक्रियाशीलता और अन्य भौतिक-रासायनिक गुण एक निश्चित आवर्त नियम (Periodicity) का पालन करते हैं (जैसे आवर्त या समूह में आगे बढ़ने पर गुणों में नियमित क्रमिक परिवर्तन होता है)। अतः कथन (A) असत्य है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
- मुख्य बिंदु:
- संक्रमण धातुओं (d-ब्लॉक) के विपरीत, मुख्य समूह तत्वों के बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन पूर्ण रूप से भरने या खाली होने के पैटर्न का स्पष्ट रूप से पालन करते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 19 Jun, 2025 Shift 2) में आधुनिक आवर्त सारणी के वर्गीकरण और गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं / ये कथन सत्य क्यों हैं?):
- विकल्प (B) इन्हें प्रतिनिधि तत्व भी कहा जाता है: यह कथन बिल्कुल सत्य है, मुख्य समूह तत्वों को अंग्रेजी में ‘Representative Elements’ कहा जाता है।
- विकल्प (C) इनमें s- ब्लॉक और p- ब्लॉक तत्व दोनों शामिल हैं: यह कथन भी सत्य है, क्योंकि ये दोनों ब्लॉक मिलकर ही मुख्य समूह का निर्माण करते हैं।
- विकल्प (D) इनके संयोजकता कोश विन्यास रासायनिक व्यवहार की भविष्यवाणी करने में मदद करते हैं: यह कथन भी पूरी तरह सत्य है, बाहरी इलेक्ट्रॉनों की संख्या से ही तत्वों की संयोजकता और रासायनिक प्रवृत्ति तय होती है।
#16. स्टील को कठोर बनाने के लिए किस रासायनिक तत्व की आवश्यकता होती है?
(RRB NTPC CBT-I : 4 Mar 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) मैग्नीज
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मैंगनीज (Manganese): स्टील निर्माण में मैंगनीज (Mn) का उपयोग मुख्य रूप से इसे अत्यधिक कठोर, मजबूत और घिसाव-प्रतिरोधी (Wear-resistant) बनाने के लिए किया जाता है।
- विशेषता: यह पिघले हुए लोहे से अशुद्धियों (विशेषकर ऑक्सीजन और सल्फर) को हटाने में मदद करता है और कार्बन के साथ मिलकर स्टील की संरचना को मजबूत व कठोर बनाता है।
- मुख्य बिंदु:
- मैंगनीज युक्त स्टील का उपयोग रेलवे ट्रैक, तिजोरी और भारी मशीनों के पुर्जे बनाने में किया जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 4 Mar 2021 Shift 2) में धातु विज्ञान और मिश्र धातुओं के अनुप्रयोग के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) क्रोमियम: इसका मुख्य कार्य स्टील को जंग (Corrosion) से बचाना और स्टेनलेस स्टील का निर्माण करना है।
- विकल्प (C) वनेडियम: यह स्टील की तन्य शक्ति को बढ़ाता है और उसे झटकों तथा आघात को सहन करने की क्षमता देता है।
- विकल्प (D) निकल: यह स्टील को मजबूती के साथ-साथ उच्च आघात लचीलापन (Toughness) प्रदान करता है।
#17. निम्नलिखित में से कौन सा रासायनिक प्रतीक सही नहीं है?
(RRB JE CBT-I : 2 June 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) AL
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रासायनिक प्रतीक का नियम: रासायनिक तत्वों के प्रतीकों को लिखने का एक निश्चित नियम होता है। यदि किसी तत्व के प्रतीक में दो अक्षर हैं, तो पहला अक्षर हमेशा **बड़ा (Uppercase)** और दूसरा अक्षर हमेशा **छोटा (Lowercase)** होना चाहिए।
- विश्लेषण: एल्युमीनियम (Aluminium) का सही रासायनिक प्रतीक Al होता है, न कि ‘AL’। यहाँ विकल्प (A) में दोनों अक्षर बड़े लिखे गए हैं, इसलिए यह रासायनिक प्रतीक का सही नियम नहीं है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
- मुख्य बिंदु:
- रसायन विज्ञान में तत्वों के अंतरराष्ट्रीय नामकरण (IUPAC नियमों) के तहत एक- अक्षर वाले प्रतीक कैपिटल में और दो-अक्षर वाले प्रतीकों में केवल पहला अक्षर कैपिटल तथा दूसरा स्मॉल होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 2 June 2019 Shift 1) में रसायन विज्ञान (रासायनिक संकेत और नामकरण नियम) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं / इनके प्रतीक सही क्यों हैं?):
- विकल्प (B) Mg: यह मैग्नीशियम का बिल्कुल सही रासायनिक प्रतीक है (पहला अक्षर बड़ा, दूसरा छोटा)।
- विकल्प (C) Ag: यह सिल्वर (चांदी) का सही रासायनिक प्रतीक है जो इसके लैटिन नाम अर्जेंटम पर आधारित है।
- विकल्प (D) Cu: यह कॉपर (तांबा) का सही रासायनिक प्रतीक है जो इसके लैटिन नाम कुप्रम से लिया गया है।
#18. आवर्त सारणी में पहला तत्व कौन सा है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) हाइड्रोजन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- हाइड्रोजन (Hydrogen): आधुनिक आवर्त सारणी का सबसे पहला तत्व हाइड्रोजन है, जिसका परमाणु क्रमांक 1 और रासायनिक प्रतीक H होता है।
- विशेषता: यह ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला सबसे हल्का तत्व है। इसकी अनूठी स्थिति के कारण इसे आवर्त सारणी का ‘आवारा तत्व’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके गुण क्षारीय धातुओं और हैलोजन दोनों से मिलते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के आधार पर व्यवस्थित किया गया है, जिसमें क्रमांक 1 पर हाइड्रोजन आता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26 May 2019 Shift 3 CBT 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी और मूल तत्वों) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) हीलियम: इसका परमाणु क्रमांक 2 है और यह आवर्त सारणी में दूसरे स्थान पर स्थित अक्रिय गैस है।
- विकल्प (B) ऑक्सीजन: इसका परमाणु क्रमांक 8 होता है जो दूसरे आवर्त में स्थित है।
- विकल्प (D) नियोन: इसका परमाणु क्रमांक 10 है और यह एक उत्कृष्ट गैस (Noble Gas) है।
#19. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, सक्रियता श्रेणी के मध्य में निष्कर्षित की जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) लोहा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- धातुओं की सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series): धातु सक्रियता श्रेणी में धातुओं को उनकी रासायनिक अभिक्रियाशीलता के आधार पर व्यवस्थित किया जाता है। श्रेणी के मध्य में आने वाली मध्यम अभिक्रियाशीलता वाली धातुएँ (जैसे जिंक, आयरन/लोहा, लेड आदि) स्थित होती हैं।
- विशेषता: लोहा (Iron) इस सक्रियता श्रेणी के ठीक मध्य भाग में आता है। मध्यम सक्रियता वाली इन धातुओं को आमतौर पर उनके ऑक्साइड अयस्कों से कार्बन (कोक) द्वारा रासायनिक अपचयन (Reduction) करके निष्कर्षित किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- मध्यम सक्रियता वाली धातुओं के निष्कर्षण के लिए पहले उनके कार्बोनेट या सल्फाइड अयस्कों को भर्जन या निस्तापन द्वारा ऑक्साइड में बदला जाता है, फिर अपचयन किया जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27/11/2025) में रसायन विज्ञान (धातुओं का निष्कर्षण और सक्रियता श्रेणी) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) पोटैशियम: यह सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर (अति सक्रिय धातुओं में) आती है, जिसका निष्कर्षण गलित क्लोराइड के विद्युत अपघटन (Electrolytic Reduction) द्वारा किया जाता है।
- विकल्प (C) सोडियम: यह भी अत्यंत सक्रिय धातु है जो श्रेणी के शीर्ष पर स्थित होती है और इसे भी विद्युत अपघटन विधि से ही निकाला जाता है।
- विकल्प (D) सोना: यह सक्रियता श्रेणी में सबसे नीचे (सबसे कम सक्रिय) स्थित होती है, जो प्रकृति में अपने मूल या स्वतंत्र रूप (Native State) में पाई जाती है।
#20. किस तत्व में 10 इलेक्ट्रॉन होते हैं?
(RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) Ne
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- नियोन (Ne): नियोन (Neon) का रासायनिक प्रतीक Ne है और इसका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 10 होता है। किसी उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या उसके परमाणु क्रमांक के बराबर होती है, अतः इसमें ठीक 10 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- विशेषता: यह एक उत्कृष्ट गैस (Noble Gas) है जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8 होता है। इसका बाहरी कोष पूरी तरह भरा होने के कारण यह रासायनिक रूप से अक्रिय (Inert) होती है।
- मुख्य बिंदु:
- नियोन का उपयोग मुख्य रूप से विज्ञापन के लिए चमकने वाली नियोन साइन लाइट्स और डिसप्ले बोर्ड में किया जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1) में रसायन विज्ञान (परमाणु संरचना और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) Na (सोडियम): सोडियम का परमाणु क्रमांक 11 होता है, और एक उदासीन सोडियम परमाणु में 11 इलेक्ट्रॉन होते हैं (जबकि Na+ आयन में 10 इलेक्ट्रॉन होते हैं)।
- विकल्प (C) Ar (आर्गन): आर्गन का परमाणु क्रमांक 18 होता है, इसलिए इसमें 18 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- विकल्प (D) He (हीलियम): हीलियम का परमाणु क्रमांक 2 होता है, अतः इसके परमाणु में केवल 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
#21. निम्नलिखित में से कौन-सा, अधात्विक तत्व द्वारा निर्मित द्विपरमाणुक अणु है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) O2
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऑक्सीजन ($O_2$): ऑक्सीजन एक अधात्विक तत्व है जो प्रकृति में दो परमाणुओं से मिलकर बने द्विपरमाणुक अणु (Diatomic Molecule) के रूप में विद्यमान रहता है।
- विशेषता: अपने अष्टक को पूरा करने के लिए ऑक्सीजन के दो परमाणु आपस में सहसंयोजक द्वि-बंध (Covalent Double Bond) बनाते हैं और $O_2$ अणु का निर्माण करते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, और हैलोजन (जैसे क्लोरीन, फ्लोरीन) सामान्यतः द्विपरमाणुक अधात्विक अणु बनाते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 02/12/2025) में रसायन विज्ञान (रासायनिक बंधन एवं अणुओं के प्रकार) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) He (हीलियम): यह एक उत्कृष्ट गैस है जो एकल परमाणु (Monoatomic) के रूप में पाई जाती है, द्विपरमाणुक अणु नहीं बनाती।
- विकल्प (C) Mg (मैग्नीशियम): यह एक धात्विक तत्व है जो क्रिस्टलीय धात्विक जालक (Metallic Lattice) के रूप में होता है, द्विपरमाणुक गैस नहीं।
- विकल्प (D) Na (सोडियम): यह भी एक सक्रिय धातु है जो धात्विक बंधन से जुड़ी होती है, अधात्विक द्विपरमाणुक अणु नहीं बनाती।
#22. निम्नलिखित में से कौन सा अधिकतम संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या को प्रदर्शित करता है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (A) P
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संयोजकता इलेक्ट्रॉन (Valence Electrons): किसी परमाणु के सबसे बाहरी कोष (Valence Shell) में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या को संयोजकता इलेक्ट्रॉन कहा जाता है। दिए गए सभी तत्व तीसरे आवर्त (Period 3) से संबंधित हैं।
- विश्लेषण:
- सोडियम (Na – परमाणु क्रमांक 11) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 होता है (संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 1)।
- एल्युमीनियम (Al – परमाणु क्रमांक 13) का विन्यास 2, 8, 3 होता है (संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 3)।
- सिलिकॉन (Si – परमाणु क्रमांक 14) का विन्यास 2, 8, 4 होता है (संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 4)।
- फॉस्फोरस (P – परमाणु क्रमांक 15) का विन्यास 2, 8, 5 होता है (संयोजकता इलेक्ट्रॉन = 5)।
- निष्कर्ष: चूँकि फॉस्फोरस (P) के बाहरी कोष में सबसे अधिक 5 इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए यह अधिकतम संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या को प्रदर्शित करता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May 2019 Shift 2 CBT 1) में रसायन विज्ञान (परमाणु संरचना और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) Al (एल्युमीनियम): इसके बाहरी कोष में 3 संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- विकल्प (C) Si (सिलिकॉन): इसके बाहरी कोष में 4 संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- विकल्प (D) Na (सोडियम): इसके बाहरी कोष में केवल 1 संयोजकता इलेक्ट्रॉन होता है।
#23. आवर्त सारणी में परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में, तत्वों को कोन व्यवस्थित कर सकता है?
(RPF Constable 2018 : 02 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: (B) दिमित्री इवानोविच मेंडेलीफ
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेंडेलीफ की आवर्त सारणी (Mendeleev’s Periodic Table): रूसी रसायनज्ञ दिमित्री इवानोविच मेंडेलीफ ने 1869 में उस समय ज्ञात सभी तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करते हुए पहली सार्थक और व्यापक आवर्त सारणी का निर्माण किया था।
- विशेषता: उनके आवर्त नियम के अनुसार, तत्वों के गुणधर्म उनके परमाणु द्रव्यमानों के आवर्ती फलन (Periodic function) होते हैं। उन्होंने समान गुण वाले तत्वों को एक ही समूह में व्यवस्थित किया।
- मुख्य बिंदु:
- मेंडेलीफ ने अपनी सारणी में उस समय अज्ञात तत्वों के लिए रिक्त स्थान भी छोड़े थे, जिनकी भविष्य में सटीक खोज हुई।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 02 Feb 2019) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी का इतिहास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) जॉन न्यूलैंड्स: इन्होंने अष्टक नियम दिया था, लेकिन संपूर्ण ‘आवर्त सारणी’ के विकास का श्रेय मुख्य रूप से मेंडेलीफ को जाता है।
- विकल्प (C) जोहान वोल्फगेंग डोबेरनर: इन्होंने तत्वों के वर्गीकरण के लिए ‘त्रिक नियम’ (Triads) प्रतिपादित किए थे।
- विकल्प (D) हेनरी मोजाली: इन्होंने तत्वों को परमाणु द्रव्यमान के बजाय परमाणु क्रमांक (Atomic Number) के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करके ‘आधुनिक आवर्त सारणी’ का प्रतिपादन किया था।
#24. निम्नलिखित में से कोन सी धातु सबसे अधिक तन्य है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (D) सोना
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सोना (Gold): सोना (Au) सभी धातुओं में सबसे अधिक तन्य (Most Ductile) और आघातवर्धनीय (Malleable) धातु है। इसकी तन्यता इतनी अधिक होती है कि मात्र 1 ग्राम सोने से लगभग 2 किलोमीटर लंबा पतला तार खींचा जा सकता है।
- विशेषता: यह एक उत्कृष्ट धातु (Noble Metal) है जो वायु, नमी या अधिकांश रसायनों से आसानी से संक्षारित या प्रभावित नहीं होती है, इसलिए इसकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है।
- मुख्य बिंदु:
- धातुओं की तन्यता (Ductility) वह गुण है जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तारों के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3) में धातु विज्ञान और धातुओं के भौतिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) सोडियम: यह एक नरम क्षारीय धातु है जिसे चाकू से काटा जा सकता है, लेकिन यह सोने जितनी तन्य नहीं होती।
- विकल्प (B) लिथियम: यह सबसे हल्की धातु है, और इसकी तन्यता बहुत कम होती है।
- विकल्प (C) सीसा (Lead): लेड एक भारी धातु है जो अपेक्षाकृत नरम और कम तन्य होती है।
#25. तत्वों के नामों और प्रतीकों का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (D) टिन – Sn
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- टिन (Tin): टिन का रासायनिक प्रतीक Sn होता है। यह इसके प्राचीन लैटिन नाम ‘स्टैनम’ (Stannum) से लिया गया है।
- विशेषता: यह आवर्त सारणी के समूह 14 का एक नरम, चांदी जैसा सफेद धातु तत्व है जिसका परमाणु क्रमांक 50 है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सोल्डर, कांस्य (Bronze) बनाने और खाद्य पदार्थों के डिब्बों की टिन-कोटिंग में किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- अनेक रासायनिक तत्वों के प्रतीक उनके लैटिन नामों पर आधारित होते हैं, जैसे टिन का प्रतीक Sn स्टैनम से बना है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09/03/2026) में रसायन विज्ञान (रासायनिक प्रतीक और तत्वों के नाम) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) मर्करी – Me: मर्करी (पारा) का सही प्रतीक Hg होता है (इसके लैटिन नाम हाइड्रारजिरम से), न कि Me।
- विकल्प (B) लेड – Ld: लेड (सीसा) का सही प्रतीक Pb होता है (इसके लैटिन नाम प्लंबम से), न कि Ld।
- विकल्प (C) सिल्वर – S: सिल्वर (चांदी) का सही प्रतीक Ag होता है (इसके लैटिन नाम अर्जेंटम से), जबकि प्रतीक ‘S’ अधातु सल्फर (Sulfur) का होता है।
#26. सीसे के संलयन की विशिष्ट गुप्त ऊष्मा 23 Jg -1 है। सीसे के एक भाग का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए यदि यह 327°C के हिमांक पर जमने पर 2116 J ऊष्मा उत्सर्जित करता है।
(RRB ALP Fitter 21 Jan 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) 92
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- गुप्त ऊष्मा का सूत्र: अवस्था परिवर्तन (जैसे गलने या जमने) के दौरान उत्सर्जित या अवशोषित होने वाली ऊष्मा का सूत्र Q = m * L होता है, जहाँ Q = कुल ऊष्मा, m = द्रव्यमान, और L = विशिष्ट गुप्त ऊष्मा है।
- गणना: प्रश्न के अनुसार,
- उत्सर्जित ऊष्मा (Q) = 2116 J
- विशिष्ट गुप्त ऊष्मा (L) = 23 J/g
- द्रव्यमान (m) = Q / L = 2116 / 23 = 92 ग्राम
- मुख्य बिंदु:
- यहाँ 327°C तापमान नियत रहता है क्योंकि यह सीसे का हिमांक (Freezing Point) है, जिस पर तापमान बदले बिना पदार्थ द्रव से ठोस अवस्था में परिवर्तित होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP Fitter : 21 Jan 2019 Shift 2) में ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) और गुप्त ऊष्मा की गणना के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) 62: यह मान 2116 को 23 से भाग देने पर प्राप्त सही परिणाम से मेल नहीं खाता है।
- विकल्प (C) 600: यह एक गलत गणना या अनुमानित मान है।
- विकल्प (D) 460: यह विकल्प भी गणितीय गणना के अनुसार असत्य है।
#27. निरूपक तत्वों का अन्य नाम क्या है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 14 Jun, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) मुख्य वर्ग तत्व
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- निरूपक या प्रतिनिधि तत्व (Representative Elements): आधुनिक आवर्त सारणी में s-ब्लॉक और p-ब्लॉक के तत्वों को संयुक्त रूप से निरूपक तत्व या मुख्य वर्ग तत्व (Main Group Elements) कहा जाता है।
- विशेषता: इन तत्वों के बाहरीतम इलेक्ट्रॉनिक कोश (Valence Shell) को छोड़कर बाकी सभी अंदरूनी कोश पूरी तरह से भरे होते हैं। आवर्त सारणी के अधिकांश सामान्य और रासायनिक रूप से सक्रिय तत्व इसी वर्ग में आते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- समूह 1, 2 और 13 से 18 तक के तत्व मुख्य वर्ग या निरूपक तत्वों के अंतर्गत गिने जाते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 14 Jun, 2025 Shift 1) में आधुनिक आवर्त सारणी के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) आंतरिक-संक्रमण तत्व: इसके अंतर्गत लैंथानाइड्स और ऐक्टिनाइड्स (f-ब्लॉक तत्व) आते हैं, निरूपक तत्व नहीं।
- विकल्प (B) संक्रमण तत्व: यह d-ब्लॉक के तत्वों (समूह 3 से 12) को कहा जाता है।
- विकल्प (C) ट्रांसूरेनियम तत्व: यूरेनियम (परमाणु क्रमांक 92) के बाद आने वाले सभी कृत्रिम तत्वों को ट्रांसूरेनियम तत्व कहा जाता है।
#28. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व मानक स्थितियों के अंतर्गत विशेष रूप से अधातु के रूप में वर्गीकृत है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) हाइड्रोजन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- हाइड्रोजन (Hydrogen): मानक ताप और दाब (Standard Conditions) के अंतर्गत हाइड्रोजन को विशेष रूप से एक अधातु (Non-metal) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, भले ही इसे आवर्त सारणी के पहले समूह में क्षार धातुओं के साथ रखा गया हो।
- विशेषता: यह एक रंगहीन, गंधहीन और ज्वलनशील गैसीय अधातु है जो सामान्य भौतिक स्थितियों में इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने या साझा करने की प्रवृत्ति (अधात्विक गुण) दर्शाती है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी में हाइड्रोजन की स्थिति विवादास्पद और अनोखी है, लेकिन रासायनिक व्यवहार के आधार पर इसे मानक रूप से अधातु माना जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 14/12/2025) में रसायन विज्ञान (तत्वों का वर्गीकरण: धातु, अधातु और उपधातु) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) पारा: पारा (Mercury) कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में रहने वाली एकमात्र धातु है, अधातु नहीं।
- विकल्प (B) जिंक: जिंक (जस्ता) एक संक्रमण धातु है।
- विकल्प (D) चांदी: चांदी (Silver) एक अत्यधिक चालक और मूल्यवान धातु है।
#29. निम्नलिखित में से किस तत्व को विद्युत अपघटन अपचयन द्वारा निकाला जाता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) Na
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विद्युत अपघटन अपचयन (Electrolytic Reduction): धातु सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर स्थित अत्यधिक सक्रिय धातुओं (जैसे सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि) को उनकेगलित (Molten) क्लोराइड या ऑक्साइड के विद्युत अपघटन द्वारा निष्कर्षित किया जाता है।
- सोडियम (Na): सोडियम अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है, इसलिए इसे रासायनिक अपचायकों (जैसे कार्बन) द्वारा नहीं निकाला जा सकता। इसके गलित सोडियम क्लोराइड (NaCl) का विद्युत अपघटन करके शुद्ध सोडियम धातु प्राप्त की जाती है।
- मुख्य बिंदु:
- विद्युत अपघटन के दौरान कैथोड पर धातु (अपचयन द्वारा) और एनोड पर क्लोरीन गैस मुक्त होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2) में धातु विज्ञान और धातुओं के निष्कर्षण की विधियों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) Ag (चांदी): यह सबसे कम सक्रिय धातुओं में से एक है जो प्रकृति में स्वतंत्र रूप से या सल्फाइड अयस्क के रूप में पाई जाती है, इसके लिए विद्युत अपघटन की आवश्यकता नहीं होती।
- विकल्प (C) Pb (सीसा): यह मध्यम सक्रियता वाली धातु है जिसे इसके अयस्क के कार्बन द्वारा अपचयन से निकाला जाता है।
- विकल्प (D) Zn (जिंक): जिंक भी मध्यम सक्रियता की धातु है जिसे मुख्य रूप से कोक (कार्बन) द्वारा भर्जित अयस्क के अपचयन से प्राप्त किया जाता है।
#30. कौन-सी अधातु, धातुओं की तरह द्युतिमय चमक (lustrous shine) प्रदर्शित करती है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) आयोडीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आयोडीन (Iodine): सामान्यतः अधातुओं में चमक नहीं होती है और वे चमकदार नहीं दिखतीं, लेकिन आयोडीन एक ऐसी अपवादस्वरूप अधातु है जो धातुओं की तरह तेज द्युतिमय चमक (Lustrous Shine) प्रदर्शित करती है।
- विशेषता: आयोडीन एक ठोस अधातु है, जिसके क्रिस्टल बैंगनी-काले रंग के होते हैं और इनमें एक विशिष्ट धात्विक जैसी चमक पाई जाती है।
- मुख्य बिंदु:
- भौतिक गुणों के मामले में अधिकांश अधातुएँ भंगुर और चमकहीन होती हैं, जबकि आयोडीन और ग्रेफाइट इसके प्रमुख अपवादों में आते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08/12/2025) में रसायन विज्ञान (धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) सल्फर: यह पीले रंग का एक ठोस पदार्थ है जिसमें कोई चमक नहीं होती (यह चमकहीन और भंगुर होता है)।
- विकल्प (B) फ्लोरीन: यह कमरे के तापमान पर एक फीकी पीली-हरी गैसीय अवस्था में पाई जाने वाली अधातु है।
- विकल्प (C) क्लोरीन: यह भी एक गैसीय अधातु है जिसमें द्युतिमय चमक नहीं पाई जाती।
#31. एक्टिनियम के बाद के 14 तत्वों को क्या कहा जाता है?
(RRB JE CBT I : 31 May 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) एक्टिनाइड
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एक्टिनाइड्स (Actinides): आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व एक्टिनियम (Actinium, परमाणु क्रमांक 89) के बाद आने वाले 14 तत्वों (परमाणु क्रमांक 90 से 103 तक, यानी थोरियम से लॉरेन्शियम तक) को एक्टिनाइड श्रेणी के अंतर्गत रखा जाता है।
- विशेषता: ये सभी तत्व f-ब्लॉक (आंतरिक संक्रमण तत्व) का हिस्सा हैं और अधिकांश रेडियोएक्टिव (Radioactive) होते हैं। यूरेनियम के बाद आने वाले इन तत्वों को कृत्रिम या ट्रांसूरेनियम तत्व भी कहा जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी के सबसे निचले हिस्से में दो क्षैतिज पंक्तियाँ होती हैं, जिसमें पहली पंक्ति लैंथानाइड्स और दूसरी पंक्ति एक्टिनाइड्स की होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 31 May 2019 Shift 3) में आधुनिक आवर्त सारणी के ब्लॉकों और श्रेणियों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) s ब्लॉक के तत्व: यह आवर्त सारणी के पहले और दूसरे समूह के तत्वों को कहा जाता है।
- विकल्प (B) p ब्लॉक के तत्व: इसके अंतर्गत समूह 13 से 18 तक के मुख्य वर्ग के तत्व आते हैं।
- विकल्प (D) लैंथेनाइड: यह लैंथेनम (परमाणु क्रमांक 57) के बाद आने वाले 14 तत्वों (परमाणु क्रमांक 58 से 71) की श्रेणी है, न कि एक्टिनियम के बाद की।
#32. पौधों में प्रोटीन और अन्य यौगिकों के संश्लेषण में किस आवश्यक तत्व का उपयोग किया जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 5 Jan 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (C) नाइट्रोजन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- नाइट्रोजन (Nitrogen): नाइट्रोजन पौधों के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (वृहत पोषक तत्व) में से एक है। यह पौधों द्वारा प्रोटीन, अमीनो एसिड, न्यूक्लिक एसिड और क्लोरोफिल के संश्लेषण में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
- विशेषता: यह पौधों की पत्तियों के विकास, हरे रंग की बनावट और समग्र वानस्पतिक वृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है, हालांकि पौधे इसे सीधे वायुमंडल से नहीं बल्कि मिट्टी से नाइट्रेट या अमोनिया के रूप में अवशोषित करते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- प्रोटीन के रासायनिक ढांचे का मुख्य घटक होने के कारण नाइट्रोजन बिना पौधों के जीवन चक्र और चयापचय (Metabolism) के अधूरा है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 5 Jan 2021 Shift 1) में रसायन विज्ञान और जैव-रासायनिक तत्वों के जैविक अनुप्रयोग के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) मैग्नीशियम: यह मुख्य रूप से क्लोरोफिल अणु के केंद्र में पाया जाता है और प्रकाश संश्लेषण में सहायक है, लेकिन प्रोटीन संश्लेषण का मुख्य घटक नाइट्रोजन है।
- विकल्प (B) फॉस्फोरस: इसका मुख्य कार्य ऊर्जा का स्थानांतरण (ATP का निर्माण) और जड़ों का विकास करना है।
- विकल्प (D) पोटैशियम: यह पौधों में स्टोमेटा के खुलने-बंद होने और जल नियमन (Osmotic regulation) को नियंत्रित करता है।
#33. असंतुलित अभिक्रिया का संदर्भ लीजिए:___C2H 6 + __O 2 → __CO 2 + __H 2 Oइस समीकरण को संतुलित करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा गुणांकों का सही सेट है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) 2, 7, 4, 6
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रासायनिक समीकरण का संतुलन: दी गई असंतुलित अभिक्रिया एथेन के दहन की है: C2H6 + O2 -> CO2 + H2O। इसे संतुलित करने के लिए दोनों पक्षों में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या को समान किया जाता है।
- संतुलन चरण:
- सबसे पहले कार्बन (C) को संतुलित करते हैं: C2H6 के एक अणु में 2 कार्बन हैं, अतः 2 CO2 बनाते हैं।
- इसके बाद हाइड्रोजन (H) को संतुलित करते हैं: C2H6 में 6 हाइड्रोजन हैं, अतः 3 H2O बनाते हैं।
- अब ऑक्सीजन (O) को संतुलित करने पर उत्पाद पक्ष में कुल 7 ऑक्सीजन परमाणु (4 CO2 से और 3 H2O से) होते हैं। इसे संतुलित करने के लिए 7/2 O2 की आवश्यकता होती है।
- सभी गुणांकों को पूर्ण संख्या में बदलने के लिए पूरी समीकरण को 2 से गुणा करते हैं, जिससे संतुलित समीकरण बनती है: 2C2H6 + 7O2 -> 4CO2 + 6H2O।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 01/12/2025) में रासायनिक अभिक्रियाओं और समीकरणों के संतुलन के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) 1, 5, 3, 4: इस सेट के अनुसार दोनों पक्षों में कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणु बराबर नहीं होते हैं।
- विकल्प (B) 1, 3, 2, 3: यह समीकरण रासायनिक रूप से असंतुलित है।
- विकल्प (D) 2, 5, 4, 6: इस विकल्प में ऑक्सीजन के परमाणु दोनों तरफ मेल नहीं खाते हैं।
#34. निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने रेडियम तत्व की खोज की थी?
(RPF Constable 2024 : 11 Mar, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) मैरी क्यूरी
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रेडियम की खोज (Discovery of Radium): रेडियोएक्टिव तत्व रेडियम (रासायनिक प्रतीक Ra, परमाणु क्रमांक 88) की खोज प्रसिद्ध वैज्ञानिक मैरी क्यूरी (Marie Curie) और उनके पति पियरे क्यूरी ने 1898 में पिचब्लेंड अयस्क से की थी।
- विशेषता: मैरी क्यूरी को रेडियोधर्मिता (Radioactivity) के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व कार्य के लिए जाना जाता है। वह नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला थीं और उन्हें भौतिकी तथा रसायन विज्ञान दोनों क्षेत्रों में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
- मुख्य बिंदु:
- रेडियम एक अत्यंत रेडियोएक्टिव धातु है जो अंधेरे में नीली चमक छोड़ती है और इसका उपयोग चिकित्सा में कैंसर के उपचार के लिए किया जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 11 Mar, 2025 Shift 1) में रसायन विज्ञान और प्रमुख वैज्ञानिक खोजों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) दिमित्री मेंडेलीफ: इन्होंने तत्वों की आवर्त सारणी और आवर्त नियम का प्रतिपादन किया था।
- विकल्प (B) जे.जे. थॉमसन: इन्होंने इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज की थी।
- विकल्प (C) विल्हेम रॉटजेन: इन्होंने एक्स-रे (X-rays) की खोज की थी।
#35. यद्यपि धातुएँ क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं, फिर भी निम्नलिखित में से कौन सी धातु एक उभयधर्मी ऑक्साइड बनाती है?
(RRB JE CBT I :- 1 June 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) Al
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides): सामान्यतः धातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं, लेकिन कुछ धातुएँ ऐसी होती हैं जिनके ऑक्साइड अम्लीय और क्षारीय दोनों प्रकार के गुण प्रदर्शित करते हैं, उन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं।
- एल्युमीनियम (Aluminium – Al): एल्युमीनियम का ऑक्साइड ($Al_2O_3$) एक प्रमुख उभयधर्मी ऑक्साइड है, जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करता है। जिंक (Zn) का ऑक्साइड भी इसी श्रेणी में आता है।
- मुख्य बिंदु:
- एल्युमीनियम ऑक्साइड हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ सोडियम हाइड्रोक्साइड जैसे क्षारों के साथ भी सहजता से प्रतिक्रिया करता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 1 June 2019 Shift 3) में रसायन विज्ञान (धातुओं के रासायनिक गुण और ऑक्साइड्स के प्रकार) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) Na (सोडियम): सोडियम एक अत्यधिक सक्रिय धातु है जो पूरी तरह से क्षारीय ऑक्साइड ($Na_2O$) बनाती है।
- विकल्प (C) Cu (कॉपर): कॉपर का ऑक्साइड मुख्य रूप से क्षारीय प्रकृति का होता है।
- विकल्प (D) Ca (कैल्शियम): कैल्शियम भी एक क्षारीय धातु है जिसका ऑक्साइड ($CaO$) प्रबल रूप से क्षारीय होता है।
#36. मेंडेलीव ने आवर्त सारणी किस वर्ष प्रकाशित की थी?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 16 Jun, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) 1869
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेंडेलीव की आवर्त सारणी का प्रकाशन: रूसी रसायनज्ञ दिमित्री मेंडेलीव (Dmitri Mendeleev) ने अपनी ऐतिहासिक आवर्त सारणी को पहली बार वर्ष 1869 में प्रकाशित किया था।
- विशेषता: उन्होंने उस समय ज्ञात 63 तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करते हुए ‘जर्नल ऑफ़ द रशियन केमिकल सोसाइटी’ में अपनी सारणी प्रस्तुत की थी।
- मुख्य बिंदु:
- मेंडेलीव का आवर्त नियम यह बताता है कि तत्वों के गुण उनके परमाणु द्रव्यमानों के आवर्ती फलन होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 16 Jun, 2025 Shift 2) में रसायन विज्ञान और आवर्त सारणी के इतिहास से संबंधित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) 1948: यह वर्ष मेंडेलीव की आवर्त सारणी के प्रकाशन से संबंधित नहीं है।
- विकल्प (B) 1903: इस वर्ष मैरी क्यूरी और पियरे क्यूरी को भौतिकी में नोबेल पुरस्कार मिला था।
- विकल्प (D) 1894: यह वर्ष उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की खोज के शुरुआती दौर से जुड़ा है।
#37. उभयधर्मी ऑक्साइड कौन बनाएगा?
(RRB JE ME 31 Aug 2019 CBT 2)
✨ सही उत्तर: (D) Al
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides): वे धातु ऑक्साइड जो अम्लीय और क्षारीय दोनों प्रकार के गुण प्रदर्शित करते हैं तथा अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।
- एल्युमीनियम (Aluminium – Al): एल्युमीनियम एक ऐसी धातु है जिसका ऑक्साइड ($Al_2O_3$) एक प्रमुख उभयधर्मी ऑक्साइड होता है (जिंक का ऑक्साइड $ZnO$ भी इसी श्रेणी में आता है)।
- मुख्य बिंदु:
- यह सोडियम हाइड्रोक्साइड (क्षार) और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (अम्ल) दोनों के साथ आसानी से प्रतिक्रिया कर सकता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME : 31 Aug 2019 CBT 2) में धातुओं के रासायनिक गुणों और ऑक्साइड की प्रकृति के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) S (सल्फर): यह एक अधातु है, जिसका ऑक्साइड ($SO_2$) अम्लीय प्रकृति का होता है, उभयधर्मी नहीं।
- विकल्प (B) Na (सोडियम): यह एक क्षारीय धातु है जिसका ऑक्साइड पूरी तरह से क्षारीय होता है।
- विकल्प (C) Ca (कैल्शियम): इसका ऑक्साइड ($CaO$) भी प्रबल रूप से क्षारीय प्रकृति का होता है।
#38. बोर के परमाणु मॉडल में विभिन्न इलेक्ट्रॉन कक्षाओं को दर्शाने के लिए निम्नलिखित में से किन प्रतीकों का उपयोग किया गया था?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (D) K, L, M, N, O…
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- बोर का परमाणु मॉडल (Bohr’s Atomic Model): नील बोर और अर्नेस्ट रदरफोर्ड द्वारा विकसित परमाणु मॉडल में इलेक्ट्रॉनों के घूमने के लिए नाभिक के चारों ओर निश्चित वृत्ताकार कक्षाओं या ऊर्जा स्तरों (Energy Levels) की परिकल्पना की गई है।
- प्रतीक और संख्या: इन विभिन्न ऊर्जा कक्षाओं को दर्शाने के लिए अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों K, L, M, N, O… या मुख्य क्वांटम संख्या ($n = 1, 2, 3, 4…$) का उपयोग किया जाता है:
- $n = 1$ के लिए कक्षा = K
- $n = 2$ के लिए कक्षा = L
- $n = 3$ के लिए कक्षा = M
- $n = 4$ के लिए कक्षा = N
- मुख्य बिंदु: किसी भी कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या निकालने का सूत्र $2n^2$ होता है (जहाँ $n$ कक्षा की संख्या है)।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3) में परमाणु संरचना और बोर के मॉडल के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) A, B, C, D, E…: यह इलेक्ट्रॉनों की कक्षाओं को दर्शाने के लिए मानक प्रतीकों के रूप में उपयोग नहीं किया जाता है।
- विकल्प (B) W, X, Y, Z, A…: यह परमाणु कक्षाओं या ऊर्जा स्तरों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है।
- विकल्प (C) R, S, T, U, V…: यह विकल्प भी रासायनिक या भौतिकीय मॉडल में कक्षाओं के नामकरण से संबंधित नहीं है।
#39. थायरोक्सिन हार्मोन के संश्लेषण के लिए क्या आवश्यक है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (C) आयोडीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- थायरोक्सिन हार्मोन (Thyroxine Hormone): थायरोक्सिन एक महत्वपूर्ण हॉर्मोन है जो थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) द्वारा स्रावित किया जाता है। इसके संश्लेषण (Synthesis) के लिए आयोडीन एक अनिवार्य और आवश्यक तत्व है।
- विशेषता: यह हॉर्मोन शरीर में कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन के चयापचय (Metabolism) को नियंत्रित करता है। भोजन में आयोडीन की कमी होने पर थायरोक्सिन का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे घेंघा (Goitre) रोग हो सकता है।
- मुख्य बिंदु:
- थायराइड ग्रंथि को थायरोक्सिन बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में आयोडीनयुक्त नमक या आहार की आवश्यकता होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 27 Nov, 2024 Shift 1) में रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के समन्वित अनुप्रयोग (जैव-अणु एवं हॉर्मोन) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) निकल: यह एक संक्रमण धातु है जिसका उपयोग हाइड्रोजनीकरण अभिक्रियाओं में उत्प्रेरक के रूप में होता है, थायरोक्सिन संश्लेषण में नहीं।
- विकल्प (B) ब्रोमीन: यह एक हैलोजन अधातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव होती है, किंतु यह थायराइड हॉर्मोन के लिए आवश्यक नहीं है।
- विकल्प (D) क्लोरीन: यह शरीर में जल संतुलन और पाचन में सहायक अम्ल (HCl) के निर्माण में काम आती है, थायरोक्सिन के लिए नहीं।
#40. निम्नलिखित में से कौन सा कथन निरूपक तत्वों के संदर्भ में सही है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 21 Jun, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) इनमें s- और p- ब्लॉक दोनों तत्व शामिल हैं
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- निरूपक या प्रतिनिधि तत्व (Representative Elements): आधुनिक आवर्त सारणी में s-ब्लॉक (समूह 1 और 2) तथा p-ब्लॉक (समूह 13 से 18, उत्कृष्ट गैसों को छोड़कर या शामिल करते हुए मुख्य वर्ग के रूप में) के तत्वों को संयुक्त रूप से निरूपक तत्व कहा जाता है।
- विशेषता: इन तत्वों के बाहरीतम कोश (Valence shell) आंशिक रूप से भरे होते हैं और आवर्त सारणी के अधिकांश रासायनिक रूप से सक्रिय एवं महत्वपूर्ण तत्व इसी श्रेणी में आते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- निरूपक तत्वों के अंतर्गत धातु, अधातु और उपधातु—तीनों प्रकार के तत्व शामिल होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 21 Jun, 2025 Shift 1) में आधुनिक आवर्त सारणी के वर्गीकरण और निरूपक तत्वों की विशेषताओं के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) इनमें केवल p-ब्लॉक तत्व शामिल हैं: यह असत्य है क्योंकि इसमें s-ब्लॉक के तत्व भी शामिल होते हैं।
- विकल्प (C) इनमें केवल धातुएँ होती हैं: यह गलत है क्योंकि निरूपक तत्वों में धातु, अधातु और उपधातु सभी पाए जाते हैं।
- विकल्प (D) इन्हें ट्रांसूरेनियम तत्व भी कहा जाता है: यह कथन गलत है; यूरेनियम के बाद के कृत्रिम तत्वों को ट्रांसूरेनियम कहा जाता है।
#41. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व ” Ag” प्रतीक द्वारा दर्शाया गया है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (D) चांदी
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- चांदी (Silver): चांदी का रासायनिक प्रतीक Ag होता है। यह इसके प्राचीन लैटिन नाम ‘अर्जेंटम’ (Argentum) से लिया गया है।
- विशेषता: यह एक उत्कृष्ट और बहुमूल्य धातु है, जो विद्युत और ऊष्मा की सबसे अच्छी सुचालक (Best Conductor) होती है। इसका परमाणु क्रमांक 47 है।
- मुख्य बिंदु:
- कई धातुओं के रासायनिक प्रतीक उनके लैटिन नामों के आधार पर रखे गए हैं, जैसे चांदी का प्रतीक Ag अर्जेंटम से बना है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 25 May 2019 Shift 1 CBT 1) में रासायनिक प्रतीकों और तत्वों के नामों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) सोडियम: सोडियम का रासायनिक प्रतीक Na होता है (इसके लैटिन नाम नेट्रियम से)।
- विकल्प (B) सल्फर: सल्फर (गन्धक) का रासायनिक प्रतीक केवल S होता है।
- विकल्प (C) पोटैशियम: पोटैशियम का रासायनिक प्रतीक K होता है (इसके लैटिन नाम कैलियम से)।
#42. निम्नलिखित में से कौन-सी अधातु कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) ब्रोमीन (Bromine)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ब्रोमीन (Bromine): ब्रोमीन (रासायनिक प्रतीक Br) एक ऐसी अधातु है जो सामान्य कमरे के तापमान पर द्रव (Liquid) अवस्था में पाई जाती है। आवर्त सारणी में यह हैलोजन समूह (समूह 17) से संबंधित है।
- विशेषता: यह लाल-भूरे रंग का एक वाष्पशील और तीव्र गंध वाला तरल पदार्थ है। रसायन विज्ञान में यह एकमात्र ऐसी अधातु के रूप में प्रसिद्ध है जो द्रव अवस्था में अस्तित्व रखती है।
- मुख्य बिंदु:
- यदि धातुओं में पूछा जाए, तो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में रहने वाली एकमात्र धातु पारा (Mercury) है, जबकि अधातुओं में ब्रोमीन है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08/12/2025) में धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) नाइट्रोजन: यह कमरे के तापमान पर एक गैसीय अवस्था में पाई जाने वाली अधातु है।
- विकल्प (B) आयोडीन: यह कमरे के तापमान पर ठोस (Solid) अवस्था में होती है।
- विकल्प (D) फॉस्फोरस: यह भी कमरे के तापमान पर एक ठोस अधातु के रूप में पाई जाती है।
#43. एक एल्युमीनियम परमाणु में इलेक्ट्रॉन वितरण है-
(RRB JE 25 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (B) 2, 8, 3
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- एल्युमीनियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: एल्युमीनियम (Aluminium) का रासायनिक प्रतीक Al है और इसका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 13 होता है। इसका मतलब है कि एक उदासीन एल्युमीनियम परमाणु में कुल 13 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- कक्षाओं में वितरण ($2n^2$ नियम के अनुसार):
- K कोष ($n=1$): अधिकतम $2(1)^2 = 2$ इलेक्ट्रॉन
- L कोष ($n=2$): अधिकतम $2(2)^2 = 8$ इलेक्ट्रॉन
- M कोष ($n=3$): शेष बचे हुए $13 – (2 + 8) = 3$ इलेक्ट्रॉन
- निष्कर्ष: इस प्रकार, एल्युमीनियम परमाणु में इलेक्ट्रॉनों का सही वितरण या विन्यास 2, 8, 3 होता है, और इसके बाहरी (संयोजी) कोष में 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 25 May 2019 Shift 2 CBT 1) में परमाणु संरचना और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) 2, 8, 2: यह विन्यास मैग्नीशियम (Mg – परमाणु क्रमांक 12) का होता है।
- विकल्प (C) 2, 3, 8: यह बोर-बरी योजना के नियमों (ऊर्जा स्तर के क्रमिक भरने के नियम) के अनुसार गलत क्रम है।
- विकल्प (D) 8, 2, 3: यह भी कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों के भरने के सही क्रम को नहीं दर्शाता है।
#44. निम्नलिखित में से किस तत्व में सबसे अधिक विद्युत्-ऋणात्मकता है?
(RRB JE 23 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (A) फ्लोरिन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विद्युत-ऋणात्मकता (Electronegativity): किसी परमाणु की सहसंयोजक बंध में साझा किए गए इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता को विद्युत-ऋणात्मकता कहते हैं।
- फ्लोरिन (Fluorine – F): फ्लोरिन आवर्त सारणी का सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व है (पॉलिंग पैमाने पर इसका मान लगभग 4.0 होता है)। यह हैलोजन समूह (समूह 17) का सदस्य है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर विद्युत-ऋणात्मकता बढ़ती है और ऊपर से नीचे आने पर घटती है, जिसके कारण फ्लोरिन शीर्ष पर होने के कारण सर्वाधिक ऋणात्मक होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 23 May 2019 Shift 1 CBT 1) में आवर्त सारणी के आवर्ती गुणों (Periodic Trends) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) ब्रोमिन: इसकी विद्युत-ऋणात्मकता फ्लोरिन और क्लोरीन से कम होती है।
- विकल्प (C) आयोडीन: यह समूह में सबसे नीचे आता है, इसलिए इसकी विद्युत-ऋणात्मकता हैलोजनों में सबसे कम होती है।
- विकल्प (D) क्लोरीन: यद्यपि क्लोरीन की विद्युत-ऋणात्मकता बहुत अधिक होती है (लगभग 3.16), यह फ्लोरिन के बाद दूसरे स्थान पर आता है, सबसे अधिक नहीं।
#45. आवर्त सारणी में निम्नलिखित में से किस तत्व को धातु के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 27/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) सल्फर
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सल्फर (Sulfur / गंधक): सल्फर एक अधातु (Non-metal) है, जिसे आवर्त सारणी के p-ब्लॉक (समूह 16) में रखा गया है। इसे धातु के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता है।
- विशेषता: यह कमरे के तापमान पर पीले रंग का एक भंगुर ठोस पदार्थ होता है, जिसमें धात्विक चमक, आघातवर्ध्यता (Malleability) या तन्यता (Ductility) जैसे गुण नहीं पाए जाते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर धात्विक गुण घटते हैं और अधात्विक गुण बढ़ते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 27/03/2026) में तत्वों के वर्गीकरण (धातु और अधातु की पहचान) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) सोडियम: यह एक अत्यधिक सक्रिय क्षार धातु (Alkali metal) है।
- विकल्प (B) पोटैशियम: यह भी एक प्रमुख सक्रिय क्षार धातु है।
- विकल्प (D) कैल्शियम: यह एक क्षारीय मृदा धातु (Alkaline earth metal) है।
#46. निम्नलिखित में से कौन सा विद्युत् का सुचालक है?
(RRB JE CBT I :- 2 June 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) तांबा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विद्युत का सुचालक (Good Conductor of Electricity): तांबा (Copper – Cu) एक उत्कृष्ट धातु है जिसमें विद्युत और ऊष्मा का प्रवाह बहुत सुगमता से होता है। धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉनों (Free electrons) की उपस्थिति के कारण वे विद्युत की सुचालक होती हैं।
- विशेषता: चांदी के बाद तांबा विद्युत का एक बेहतरीन और व्यावसायिक रूप से सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला सुचालक है, जिसका उपयोग बिजली के तारों, मोटरों और ट्रांसफॉर्मर में व्यापक रूप से किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- सामान्यतः सभी धातुएँ विद्युत और ऊष्मा की सुचालक होती हैं, जबकि अधातुएँ (ग्रेफाइट को छोड़कर) कुचालक होती हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 2 June 2019 Shift 3) में धातुओं के भौतिक गुणों (चालकता) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) सल्फर: यह एक अधातु है जो विद्युत की कुचालक होती है।
- विकल्प (C) नाइट्रोजन: यह एक गैसीय अधातु है और विद्युत का चालन नहीं करती है।
- विकल्प (D) फॉस्फोरस: यह भी एक ठोस अधातु है जो विद्युत और ऊष्मा की कुचालक होती है।
#47. कौन-सी धातु अभिक्रियाशीलता श्रेणी (reactivity series) के आरंभ में स्थित होती है?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) पोटैशियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अभिक्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series): यह धातुओं को उनकी घटती हुई रासायनिक सक्रियता के क्रम में व्यवस्थित करने वाली एक सूची है। इस श्रेणी में सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातुएं सबसे ऊपर और सबसे कम अभिक्रियाशील (निष्क्रिय) धातुएं सबसे नीचे होती हैं।
- पोटैशियम (Potassium – K): पोटैशियम और सोडियम जैसी क्षार धातुएं इस श्रेणी के बिल्कुल आरंभ (शीर्ष) पर स्थित होती हैं। ये अत्यधिक सक्रिय होती हैं और हवा या पानी के साथ तीव्र गति से अभिक्रिया करती हैं।
- मुख्य बिंदु:
- सक्रियता श्रेणी का शीर्ष क्रम इस प्रकार है: पोटैशियम (K) > सोडियम (Na) > कैल्सियम (Ca) > मैग्नीशियम (Mg) आदि।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 16/12/2025) में धातु विज्ञान और अभिक्रियाशीलता श्रेणी के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) गोल्ड (सोना – Au): यह अभिक्रियाशीलता श्रेणी के बिल्कुल अंत (नीचे) में स्थित होती है क्योंकि यह सबसे कम सक्रिय और उत्कृष्ट धातु है।
- विकल्प (C) आयरन (लोहा – Fe): यह श्रेणी के मध्य भाग में स्थित होती है (हाइड्रोजन से ऊपर)।
- विकल्प (D) एल्युमीनियम (Al): यह भी पोटैशियम की तुलना में नीचे (मध्य-उच्च श्रेणी में) स्थित होती है।
#48. निम्नलिखित में से किस तत्व की परमाणु संख्या 11 है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) सोडियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सोडियम (Sodium): सोडियम का रासायनिक प्रतीक Na (इसके लैटिन नाम नेट्रियम से) है और इसका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 11 होता है।
- विशेषता: यह आधुनिक आवर्त सारणी के s-ब्लॉक (समूह 1, यानी क्षार धातु परिवार) से संबंधित एक अत्यधिक सक्रिय धातु है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $2, 8, 1$ होता है।
- मुख्य बिंदु:
- कमरे के तापमान पर यह इतनी मुलायम होती है कि इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है और अत्यधिक अभिक्रियाशील होने के कारण इसे केरोसिन (मिट्टी के तेल) में डुबोकर रखा जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/12/2025) में आवर्त सारणी और तत्वों के परमाणु क्रमांक के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) मैग्नीशियम: मैग्नीशियम का परमाणु क्रमांक 12 होता है।
- विकल्प (B) नाइट्रोजन: नाइट्रोजन का परमाणु क्रमांक 7 होता है।
- विकल्प (D) पोटैशियम: पोटैशियम का परमाणु क्रमांक 19 होता है।
#49. जब धातुएँ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो कौन-सी गैस निकलती है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) हाइड्रोजन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- धातुओं की अम्ल के साथ अभिक्रिया: जब हाइड्रोजन से अधिक सक्रिय धातुएँ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) या तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो वे संगत लवण का निर्माण करती हैं और साथ ही हाइड्रोजन गैस ($H_2$) विस्थापित करती हैं।
- रासायनिक समीकरण: उदाहरण के लिए, जिंक धातु जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से प्रतिक्रिया करती है, तो जिंक क्लोराइड बनता है और हाइड्रोजन गैस बुलबुलों के रूप में बाहर निकलती है:
Zn + 2HCl $\rightarrow$ ZnCl₂ + H₂↑ - मुख्य बिंदु:
- निकलने वाली हाइड्रोजन गैस के पास जलती हुई तीली ले जाने पर यह ‘पॉप’ (Pop) की ध्वनि के साथ जलती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3) में धातुओं के रासायनिक गुणधर्म (अम्लों के साथ अभिक्रिया) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) क्लोरीन: यह अम्ल के अणुओं में मौजूद होती है, किंतु धातु और तनु अम्ल की अभिक्रिया में स्वतंत्र क्लोरीन गैस विस्थापित नहीं होती।
- विकल्प (C) नाइट्रोजन: यह सामान्यतः इस प्रकार की विस्थापन अभिक्रियाओं में नहीं निकलती है।
- विकल्प (D) ऑक्सीजन: ऑक्सीजन गैस सामान्यतः धातुओं के साथ तनु अम्लों की अभिक्रिया में मुक्त नहीं होती है।
#50. रासायनिक प्रतीक P का अर्थ है-
(RRB JE 27 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) फॉस्फोरस
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फॉस्फोरस (Phosphorus): रासायनिक प्रतीक P का अर्थ फॉस्फोरस होता है। यह आवर्त सारणी के p-ब्लॉक (समूह 15, नाइट्रोजन परिवार) से संबंधित एक बहुमुखी अधातु तत्व है।
- विशेषता: इसका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 15 होता है। प्रकृति में यह मुख्य रूप से फॉस्फेट चट्टानों के रूप में पाया जाता है और जीवों की हड्डियों, डीएनए तथा आरएनए के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
- मुख्य बिंदु:
- फॉस्फोरस के कई अपररूप (Allotropes) होते हैं, जिनमें श्वेत फॉस्फोरस और लाल फॉस्फोरस सबसे प्रमुख हैं (जैसे माचिस की डिब्बी के ऊपर लाल फॉस्फोरस का प्रयोग किया जाता है)।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May 2019 Shift 2 CBT 1) में रासायनिक प्रतीकों और तत्वों की पहचान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) पैलेडियम: पैलेडियम एक संक्रमण धातु है जिसका रासायनिक प्रतीक Pd होता है।
- विकल्प (B) पोटैशियम: पोटैशियम का रासायनिक प्रतीक K होता है (इसके लैटिन नाम कैलियम से)।
- विकल्प (D) पॉलोनियम: पॉलोनियम एक रेडियोएक्टिव तत्व है जिसका रासायनिक प्रतीक Po होता है।
#51. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व, +2 संयोजकता दर्शाता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) बेरिलियम (बेशिलियम)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संयोजकता (Valency): किसी तत्व के परमाणु की संयोजन करने की क्षमता को उसकी संयोजकता कहते हैं। यह आमतौर पर उसके बाहरीतम (संयोजी) कोष में मौजूद इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर करती है।
- बेरिलियम (Beryllium – Be): बेरिलियम का परमाणु क्रमांक 4 होता है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 2 होता है। इसके बाहरी कोष में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिन्हें यह अक्रिय गैस जैसा स्थायी विन्यास प्राप्त करने के लिए त्याग सकता है; अतः इसकी संयोजकता +2 होती है।
- मुख्य बिंदु:
- यह आधुनिक आवर्त सारणी के s-ब्लॉक के समूह 2 (क्षारीय मृदा धातु परिवार) से संबंधित है, और इस समूह के सभी तत्वों (जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम आदि) की सामान्य संयोजकता +2 होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/12/2025) में रासायनिक संयोजन और तत्वों की संयोजकता से संबंधित अवधारणाओं के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) हाइड्रोजन: हाइड्रोजन का परमाणु क्रमांक 1 होता है और इसकी संयोजकता +1 होती है।
- विकल्प (B) लीथियम: लीथियम (परमाणु क्रमांक 3) समूह 1 का तत्व है, जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 1 है और इसकी संयोजकता +1 होती है।
- विकल्प (D) हीलियम: हीलियम एक अक्रिय (उत्कृष्ट) गैस है जिसका बाह्य कोष पूरी तरह भरा होता है, इसलिए इसकी संयोजकता 0 होती है।
#52. किस तत्व में पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनों से भरे हुए दो कोष होते हैं?
(RRB JE CBT I :- 1 June 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) नियान
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- नियान (Neon – Ne): नियान का परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 10 होता है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8 होता है।
- कोषों की स्थिति:
- पहला कोष (K कोष) अधिकतम 2 इलेक्ट्रॉनों से पूरी तरह भरा होता है।
- दूसरा कोष (L कोष) अधिकतम 8 इलेक्ट्रॉनों से पूरी तरह भरा होता है।
इस प्रकार, नियान में कुल दो कोष होते हैं और दोनों ही इलेक्ट्रॉनों से पूर्ण रूप से भरे होते हैं, जिसके कारण यह एक अक्रिय (उत्कृष्ट) गैस है।
- मुख्य बिंदु:
- जिन तत्वों के बाह्यतम कोष पूर्ण रूप से भरे होते हैं, वे रासायनिक रूप से निष्क्रिय और स्थायी होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 1 June 2019 Shift 3) में परमाणु संरचना और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) मैग्नीशियम: इसका परमाणु क्रमांक 12 है (विन्यास: 2, 8, 2), जिसमें तीन कोष होते हैं और तीसरा कोष पूरी तरह भरा नहीं होता है।
- विकल्प (B) आर्गन: इसका परमाणु क्रमांक 18 है (विन्यास: 2, 8, 8), जिसमें तीन कोष होते हैं।
- विकल्प (D) कार्बन: इसका परमाणु क्रमांक 6 है (विन्यास: 2, 4), जिसमें दूसरा (L) कोष पूरी तरह भरा नहीं होता है (इसमें केवल 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं)।
#53. निम्नलिखित में से कौन-से आयन, पर्णहरित (chlorophyll) की प्रकाश अवशोोषित करने में सहायता करते हैं?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 16/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (B) Mg (मैग्नीशियम)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पर्णहरित या क्लोरोफिल (Chlorophyll): क्लोरोफिल पौधों में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण वर्णक (Pigment) है जो प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया के लिए उत्तरदायी होता है।
- मैग्नीशियम की भूमिका: क्लोरोफिल के अणु की रासायनिक संरचना के केंद्र में मैग्नीशियम आयन ($Mg^{2+}$) एक केंद्रीय धातु परमाणु के रूप में जुड़ा होता है, जो सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को अवशोषित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
- मुख्य बिंदु:
- मैग्नीशियम के बिना क्लोरोफिल का अणु प्रकाश ऊर्जा को ठीक से ग्रहण नहीं कर सकता, जिससे पौधों में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया प्रभावित होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 16/03/2026) में जैव-अणुओं और पादप पोषण/रासायनिक तत्वों के उपयोग के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) C (कार्बन): यद्यपि कार्बन क्लोरोफिल के रिंग ढांचे का हिस्सा है, लेकिन प्रकाश अवशोषण के लिए केंद्रीय रूप से सक्रिय धातु आयन मैग्नीशियम होता है।
- विकल्प (C) Ca (कैल्शियम): यह पौधों में कोशिका भित्ति (Cell wall) के निर्माण और संरचनात्मक मजबूती के लिए आवश्यक है, क्लोरोफिल का केंद्रीय परमाणु नहीं है।
- विकल्प (D) Na (सोडियम): यह पौधों के लिए एक सूक्ष्म पोषक तत्व या परासरण नियंत्रण में सहायक होता है, प्रकाश अवशोषण से इसका सीधा संबंध नहीं है।
#54. बोर का मॉडल केवल ________ पर प्रयुक्त होता है।
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) हाइड्रोजन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- बोर का परमाणु मॉडल (Bohr’s Atomic Model): नील्स बोर द्वारा प्रस्तुत यह मॉडल विशेष रूप से एकल-इलेक्ट्रॉन प्रणालियों (Single-electron systems) जैसे कि हाइड्रोजन परमाणु या हाइड्रोजन-सदृश आयनों ($He^+, Li^{2+}$ आदि) पर सटीक रूप से लागू होता है।
- हाइड्रोजन परमाणु: चूंकि हाइड्रोजन में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है, इसलिए इसके नाभिक और एकमात्र इलेक्ट्रॉन के बीच का आकर्षण बल सरल रहता है, जिसे बोर के मॉडल द्वारा इसके ऊर्जा स्तरों और स्पेक्ट्रम के संदर्भ में सफलतापूर्वक समझाया गया।
- मुख्य बिंदु:
- यह मॉडल बहु-इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं पर सीधे लागू नहीं होता क्योंकि उनमें इलेक्ट्रॉनों के बीच आपसी प्रतिकर्षण और जटिल प्रभाव उत्पन्न होने लगते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08/12/2025) में परमाणु संरचना और बोर के मॉडल की सीमाओं (Limitations) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) बेरीलियम: यह एक बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणु (परमाणु क्रमांक 4) है, इसलिए बोर का मॉडल इसके व्यवहार को पूरी तरह समझाने में अपर्याप्त है।
- विकल्प (B) लिथियम: इसमें 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिसके कारण यह एक बहु-इलेक्ट्रॉन प्रणाली बन जाती है और बोर का मूल मॉडल यहाँ लागू नहीं होता।
- विकल्प (D) हीलियम: हीलियम परमाणु में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं; हालांकि इसका $He^+$ आयन एकल-इलेक्ट्रॉन प्रणाली है, किंतु उदासीन हीलियम परमाणु एक बहु-इलेक्ट्रॉन प्रणाली है जिस पर यह मॉडल सीधे लागू नहीं होता।
#55. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, वायु के साथ अभिक्रिया करने पर उभयधर्मी ऑक्साइड बनाती है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) ऐलुमिनियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides): वे धातु ऑक्साइड जो अम्लीय तथा क्षारीय दोनों प्रकार के व्यवहार प्रदर्शित करते हैं, उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।
- ऐलुमिनियम (Aluminium – Al): जब ऐलुमिनियम धातु वायु (ऑक्सीजन) के साथ अभिक्रिया करती है, तो यह ऐलुमिनियम ऑक्साइड ($Al_2O_3$) का निर्माण करती है, जो एक प्रसिद्ध उभयधर्मी ऑक्साइड है (इसी प्रकार जिंक ऑक्साइड $ZnO$ भी उभयधर्मी होता है)।
- मुख्य बिंदु:
- यह अम्ल और क्षार दोनों के साथ प्रतिक्रिया करके लवण और जल का निर्माण करता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09/03/2026) में धातुओं के रासायनिक गुणों और ऑक्साइड की प्रकृति के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) कैल्शियम: इसका ऑक्साइड ($CaO$) प्रबल रूप से क्षारीय प्रकृति का होता है।
- विकल्प (B) सोडियम: यह एक क्षारीय धातु है जिसका ऑक्साइड ($Na_2O$) पूरी तरह क्षारीय होता है।
- विकल्प (D) पोटैशियम: इसका ऑक्साइड भी क्षारीय प्रकृति का होता है, उभयधर्मी नहीं।
#56. निम्नलिखित में से कौन सा सबसे अधिक विद्युत्त्यऋणात्मक तत्व है?
(RPF Constable 2018 : 03 Feb, 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) फ्लोरीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विद्युत-ऋणात्मकता (Electronegativity): किसी परमाणु की सहसंयोजक बंध में साझा किए गए इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता को विद्युत-ऋणात्मकता कहते हैं।
- फ्लोरीन (Fluorine – F): आवर्त सारणी में फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व है (पॉलिंग पैमाने पर इसका मान 4.0 होता है)।
- मुख्य बिंदु:
- यह हैलोजन समूह (समूह 17) का शीर्ष तत्व है, और आवर्त सारणी में ऊपर से नीचे जाने पर विद्युत-ऋणात्मकता घटती है, जिसके कारण फ्लोरीन सर्वोच्च स्थान पर रहता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 03 Feb, 2019 Shift 2) में आवर्त सारणी के गुणों और विद्युत-ऋणात्मकता के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ब्रोमीन: इसकी विद्युत-ऋणात्मकता फ्लोरीन और क्लोरीन से कम होती है।
- विकल्प (C) क्लोरीन: यह फ्लोरीन के ठीक बाद दूसरा सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व है, लेकिन सर्वोच्च नहीं।
- विकल्प (D) आयोडीन: समूह में सबसे नीचे होने के कारण इसकी विद्युत-ऋणात्मकता हैलोजनों में सबसे कम होती है।
#57. _______ रक्त स्कंदन के लिए आवश्यक खनिज (आयन) है।
(RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) कैल्शियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रक्त स्कंदन या थक्का जमना (Blood Coagulation): रक्त का थक्का जमने की जटिल रासायनिक प्रक्रिया में कैल्शियम आयन ($Ca^{2+}$) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आवश्यक खनिज कारक (फैक्टर IV) के रूप में कार्य करता है।
- विशेषता: यह प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने की प्रक्रिया और फाइब्रिनोजेन को फाइब्रिन जाल में परिवर्तित करने की क्रिया को उत्प्रेरित करने में मदद करता है, जिससे रक्तस्राव रुकता है।
- मुख्य बिंदु:
- शरीर में कैल्शियम हड्डियों की मजबूती के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र और रक्त स्कंदन जैसी जैविक क्रियाओं के लिए भी अनिवार्य है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May 2019 Shift 1 CBT 1) में रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के समन्वित अनुप्रयोग (खनिज आयन और शारीरिक कार्य) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) सोडियम: यह तंत्रिका आवेगों के संचार और शरीर में द्रव संतुलन (Electrolyte balance) को बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है, रक्त स्कंदन में नहीं।
- विकल्प (B) क्लोरीन: यह पाचन रस (HCl के निर्माण) और परासरण दाब नियंत्रण के लिए आवश्यक है।
- विकल्प (D) पोटैशियम: यह मुख्य रूप से इंट्रासेल्युलर द्रव संतुलन और पेशीय/तंत्रिकीय संकुचन में सहायक होता है।
#58. मैलाकाइट _______ का एक अयस्क है
(RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) तांबा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मैलाकाइट (Malachite): मैलाकाइट तांबे का एक प्रमुख कार्बोनेट अयस्क है, जिसका रासायनिक सूत्र
Cu₂CO₃(OH)₂होता है। इसका रंग मुख्य रूप से हरा होता है। - विशेषता: यह तांबे के संक्षारण (Corrosion) के परिणामस्वरूप या तांबे की खानों के ऑक्सीकरण क्षेत्रों में पाया जाता है। इसका उपयोग तांबा धातु के निष्कर्षण के साथ-साथ आभूषणों और सजावटी पत्थरों के रूप में भी किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- तांबे के अन्य महत्वपूर्ण अयस्कों में क्यूप्राइट ($Cu_2O$), कॉपर पाइराइट ($CuFeS_2$), और मैलाकाइट शामिल हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2) में धातु विज्ञान (Metallurgy) और खनिजों/अयस्कों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) मैग्नीज: मैग्नीज का प्रमुख अयस्क पाइरोलुसाइट ($MnO_2$) है, मैलाकाइट नहीं।
- विकल्प (B) मैग्नीशियम: मैग्नीशियम का प्रमुख अयस्क कार्नेलाइट या मैग्नेसाइट ($MgCO_3$) है।
- विकल्प (C) मर्करी (पारा): पारे का मुख्य अयस्क सिनेबार ($HgS$) होता है।
#59. निम्नलिखित में से किस धातु को चाकू से नहीं काटा जा सकता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) तांबा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- तांबा (Copper – Cu): तांबा एक संक्रमण धातु (Transition metal) है जो अपनी उच्च कठोरता, तन्यता और मजबूती के लिए जानी जाती है। यह इतनी कठोर होती है कि इसे सामान्य चाकू से नहीं काटा जा सकता है।
- मुलायम धातुएं: इसके विपरीत, आवर्त सारणी के समूह-1 की क्षार धातुएं (Alkali metals) अत्यधिक मुलायम होती हैं, जिन्हें आसानी से चाकू से काटा जा सकता है।
- मुख्य बिंदु:
- सोडियम, पोटैशियम और लिथियम जैसी धातुएं इतनी नरम होती हैं कि इन्हें चाकू से आसानी से टुकड़ों में विभाजित किया जा सकता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 29 Nov, 2024 Shift 1) में धातुओं के भौतिक गुणों (कठोरता और कोमलता) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) सोडियम: यह एक बहुत ही मुलायम क्षार धातु है जिसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
- विकल्प (C) लिथियम: यह सबसे हल्की धातु होने के साथ-साथ इतनी मुलायम होती है कि इसे भी चाकू से काटा जा सकता है।
- विकल्प (D) पोटैशियम: सोडियम की तरह पोटैशियम भी एक बेहद नरम धातु है जिसे चाकू से काटा जा सकता है।
#60. निम्नलिखित में से कौन-सी अधातु द्रव है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) ब्रोमीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ब्रोमीन (Bromine – Br): ब्रोमीन एक ऐसी अधातु है जो सामान्य कमरे के तापमान पर द्रव (Liquid) अवस्था में पाई जाती है। यह आवर्त सारणी के हैलोजन समूह (समूह 17) का एक तत्व है।
- विशेषता: यह गहरे लाल-भूरे रंग का एक वाष्पशील तरल पदार्थ है। रसायन विज्ञान में यह एकमात्र ऐसी अधातु है जो द्रव रूप में अस्तित्व रखती है (जबकि धातुओं में पारा एकमात्र ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव होती है)।
- मुख्य बिंदु:
- इसका उपयोग औषधियों, रंजकों और फोटोग्राफिक रसायनों के निर्माण में किया जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 26 Nov, 2024 Shift 1) में धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) क्लोरीन: यह कमरे के तापमान पर एक गैसीय अवस्था में पाई जाने वाली अधातु है।
- विकल्प (C) फ्लोर्रीन: यह भी कमरे के तापमान पर अत्यधिक प्रतिक्रियाशील गैस के रूप में होती है।
- विकल्प (D) सल्फर: सल्फर कमरे के तापमान पर एक ठोस (Solid) अधातु के रूप में पाई जाती है।
#61. मेंडेलीव ने आवर्त सारणी में समान गुणों वाले तत्वों को कहाँ व्यवस्थित किया था?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 09 Jun, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) ऊर्ध्वाधर स्तंभ
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेंडेलीव की आवर्त सारणी (Mendeleev’s Periodic Table): दिमित्री मेंडेलीव ने अपनी मूल आवर्त सारणी में तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान के आधार पर व्यवस्थित किया था।
- समूह या ऊर्ध्वाधर स्तंभ (Vertical Columns / Groups): इस सारणी में समान रासायनिक और भौतिक गुणों वाले तत्वों को एक ही ऊर्ध्वाधर स्तंभों (जिन्हें ‘समूह’ या Groups कहा जाता है) के अंतर्गत रखा गया था।
- मुख्य बिंदु:
- मेंडेलीव की मूल आवर्त सारणी में 8 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह) और 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त) थीं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 09 Jun, 2025 Shift 2) में आवर्त सारणी के इतिहास और मेंडेलीव के वर्गीकरण के नियमों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ब्लॉक: आधुनिक आवर्त सारणी को s, p, d और f ब्लॉकों में विभाजित किया गया है, जो मेंडेलीव की मूल अवधारणा नहीं थी।
- विकल्प (B) क्षैतिज पंक्ति: क्षैतिज पंक्तियों (आवर्तों) में तत्वों के गुण एक निश्चित अंतराल के बाद बदलते (पुनरावृत्ति दर्शाते) हैं, किंतु समान गुणों वाले तत्वों को एक ही ऊर्ध्वाधर स्तंभ में समूहीकृत किया गया था।
- विकल्प (D) परमाणु श्रेणी: यह मेंडेलीव की सारणी की संरचना के संदर्भ में सटीक तकनीकी शब्द नहीं है।
#62. निम्न में से कौन-सा एक लेश तत्व है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (B) मैंगनीज
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- लेश तत्व या सूक्ष्म पोषक तत्व (Trace Elements): वे खनिज तत्व जिनकी जीवित जीवों (पौधों और जंतुओं) को बहुत ही कम (सूक्ष्म) मात्रा में आवश्यकता होती है, लेश तत्व या सूक्ष्म पोषक तत्व कहलाते हैं।
- मैंगनीज (Manganese – Mn): मैंगनीज पौधों और जीवों के लिए एक महत्वपूर्ण लेश तत्व है। पौधों में यह प्रकाश संश्लेषण के दौरान पानी के प्रकाश-अपघटन (Photolysis) और कई एंजाइमी प्रतिक्रियाओं को सक्रिय करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
- मुख्य बिंदु:
- इसके विपरीत, पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम को बृहद् पोषक तत्वों (Macronutrients) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है जिनकी आवश्यकता अधिक मात्रा में होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26 May 2019 Shift 3 CBT 1) में पादप पोषण और आवश्यक खनिज तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) पोटैशियम: यह एक प्रमुख मैक्रोन्यूट्रिएंट (बृहद् खनिज) है, जो पौधों और जीवों को अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में चाहिए होता है।
- विकल्प (C) सोडियम: यह भी जीवों में द्रव संतुलन और तंत्रिका संचालन के लिए बड़ी मात्रा में आवश्यक मुख्य खनिज है।
- विकल्प (D) मैग्नीशियम: यह क्लोरोफिल का केंद्रीय परमाणु होने के साथ-साथ पौधों और जंतुओं के लिए एक मुख्य पोषक तत्व (मैक्रोन्यूट्रिएंट) माना जाता है।
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