आवर्त सारणी Railway PYQ Questions

 

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#1. वह तत्व कौन सा है, जिसकी तीसरी आवर्त में इलेक्ट्रॉन बंधुता शून्य होती है?
(RRB JE CBT I – : 30 May 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) Ar

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity): किसी गैसीय अवस्था के उदासीन परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन जोड़ने पर जितनी ऊर्जा मुक्त या अवशोषित होती है, उसे इलेक्ट्रॉन बंधुता कहा जाता है।
  • आर्गन (Ar): आवर्त सारणी के तीसरे आवर्त में आर्गन एक निष्क्रिय गैस (Noble Gas) है, जिसका बाह्यतम इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पूर्णतः भरा हुआ (3s^2 3p^6) होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • चूँकि निष्क्रिय गैसों का अष्टक पूर्ण होता है और वे अत्यधिक स्थायी होती हैं, इसलिए वे अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति नहीं रखतीं। इसी कारण इनकी इलेक्ट्रॉन बंधुता शून्य होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I – 30/05/2019 Shift 2) में आवर्त सारणी के तत्वों के गुणों और इलेक्ट्रॉन बंधुता के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) Al (एल्युमिनियम): यह तीसरे आवर्त का एक धातु तत्व है, जिसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता शून्य नहीं होती।
  • विकल्प (C) S (सल्फर): सल्फर एक अधातु है जो आसानी से इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर सकती है, अतः इसकी इलेक्ट्रॉन बंधुता गैर-शून्य होती है।
  • विकल्प (D) P (फास्फोरस): फास्फोरस का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास अर्ध-पूरित (3p^3) होता है, और इसकी भी इलेक्ट्रॉन बंधुता शून्य नहीं होती।

#2. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व कमरे के तापमान पर तरल है?
(RRB NTPC CBT-I : 21 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) मर्करी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कमरे के तापमान पर तरल धातु (Liquid Metal at Room Temperature): सामान्यतः सभी धातुएं कमरे के तापमान पर ठोस होती हैं, लेकिन मर्करी (पारा / Hg) एक ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है।
  • भौतिक गुण: मर्करी का हिमांक (Freezing point) बहुत कम होता है और इसका उपयोग थर्मामीटर, बैरोमीटर आदि उपकरणों में किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यदि अधातु (Non-metal) के बारे में पूछा जाए, तो कमरे के तापमान पर तरल अधातु ब्रोमीन (Bromine) होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 21/01/2021 Shift 2) में तत्वों की भौतिक अवस्था और धातुओं के गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) टाइटेनियम: यह एक कठोर और मजबूत संक्रमण धातु है जो कमरे के तापमान पर ठोस होती है।
  • विकल्प (C) सोडियम: सोडियम एक अत्यधिक अभिक्रियाशील नरम धातु है, लेकिन यह भी कमरे के तापमान पर ठोस अवस्था में ही रहती है।
  • विकल्प (D) क्रोमियम: क्रोमियम एक अत्यंत कठोर संक्रमण धातु है जो ठोस रूप में पाई जाती है।

#3. निम्नलिखित में से कौन-सा बहुपरमाणुक है?
(RRB JE 24 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (C) सल्फर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परमाणुकता (Atomicity): किसी तत्व के एक अणु में मौजूद परमाणुओं की कुल संख्या को उसकी परमाणुकता कहा जाता है।
  • सल्फर (Sulfur): सल्फर एक बहुपरमाणुक (Polyatomic) तत्व है क्योंकि इसके एक अणु में 8 परमाणु होते हैं, जिसका रासायनिक सूत्र S_8 होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जिन तत्वों की परमाणुकता दो से अधिक होती है, उन्हें बहुपरमाणुक तत्व कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE 24/05/2019 Shift 2 CBT 1) में अणुओं की परमाणुकता और रासायनिक संरचना के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) क्लोरीन (Cl_2): क्लोरीन एक द्विपरमाणुक (Diatomic) गैस है, क्योंकि इसके एक अणु में 2 परमाणु होते हैं।
  • विकल्प (B) नाइट्रोजन (N_2): नाइट्रोजन भी एक द्विपरमाणुक (Diatomic) गैस है।
  • विकल्प (D) हाइड्रोजन (H_2): हाइड्रोजन द्विपरमाणुक होती है।

#4. _______ थायराइड की कार्यप्रणाली को नियंत्रित करने वाला खनिज है
。(RRB JE CBT I – : 1 June 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) आयोडीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • थायराइड ग्रंथि और आयोडीन: आयोडीन एक आवश्यक सूक्ष्म खनिज है जो थायराइड ग्रंथि द्वारा थायरोक्सिन (Thyroxine) हार्मोन के संश्लेषण और उसकी कार्यप्रणाली को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य है।
  • कमी का प्रभाव: शरीर में आयोडीन की कमी होने पर थायराइड ग्रंथि को अधिक काम करना पड़ता है, जिससे वह फूल जाती है और ‘घेंघा’ (Goitre) या गॉयटर नामक रोग हो जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • आयोडीन युक्त नमक, समुद्री मछलियाँ और समुद्री खाद्य पदार्थ इसके प्रमुख स्रोत हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I – 01/06/2019 Shift 2) में मानव शरीर के पोषण, ग्रंथियों और खनिजों के कार्यों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कैल्सियम: यह मुख्य रूप से हड्डियों और दाँतों की मजबूती तथा रक्त का थक्का जमने में सहायता करता है।
  • विकल्प (B) फ़ॉस्फोरस: यह हड्डियों के निर्माण और शरीर में ऊर्जा के चयापचय (Energy Metabolism) के लिए आवश्यक है।
  • विकल्प (D) मैग्नीशियम: यह मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सुचारू संचालन तथा एंजाइमों की सक्रियता में मदद करता है।

#5. आवर्त सारणी में क्षैतिज पंक्ति क्या दर्शाती है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 21 Jun, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) आवर्त

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आवर्त सारणी की क्षैतिज पंक्तियाँ (Horizontal Rows): आधुनिक आवर्त सारणी में बाएं से दाएं की ओर जाने वाली क्षैतिज पंक्तियों (Horizontal rows) को आवर्त (Periods) कहा जाता है। कुल आवर्तों की संख्या 7 होती है।
  • विशेषता: किसी भी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर तत्वों के परमाणु क्रमांक में वृद्धि होती है और उनके संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • आधुनिक आवर्त सारणी मोजले (Moseley) द्वारा परमाणु क्रमांक के आधार पर बनाई गई थी।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 21/06/2025 Shift 1) में आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना और उसकी शब्दावली के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) स्तंभ (Column): यह सामान्य शब्दावली है, ऊर्ध्वाधर स्तंभों को वर्ग कहा जाता है।
  • विकल्प (C) वर्ग (Group): आवर्त सारणी में ऊपर से नीचे की ओर जाने वाले ऊर्ध्वाधर (Vertical) कॉलम को वर्ग या समूह कहा जाता है, जिनकी कुल संख्या 18 होती है।
  • विकल्प (D) ब्लॉक (Block): तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर आवर्त सारणी को चार ब्लॉकों (s, p, d, f) में विभाजित किया गया है।



#6. निम्नलिखित वैज्ञानिकों में से किसे रेडियम तत्व की खोज का श्रेय दिया जाता है?
(RPF Constable 2024 : 18 Mar, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) मैरी क्यूरी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रेडियम की खोज (Discovery of Radium): रेडियोएक्टिव तत्व रेडियम (Radium) और पोलोनियम की खोज का श्रेय प्रसिद्ध वैज्ञानिक मैरी क्यूरी (Marie Curie) और उनके पति पियरे क्यूरी को जाता है। उन्होंने 1898 में पिचब्लेंड अयस्क से इसे अलग किया था।
  • विशेष उपलब्धि: मैरी क्यूरी दुनिया की पहली महिला थीं जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, और वह दो अलग-अलग विज्ञान क्षेत्रों (भौतिकी और रसायन विज्ञान) में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली एकमात्र वैज्ञानिक हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • रेडियम एक अत्यधिक रेडियोधर्मी धातु है जिसका उपयोग कैंसर के उपचार (रेडियोथेरेपी) और चमकने वाले पेंट में किया जाता था।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2024 : 18/03/2025 Shift 3) में प्रमुख वैज्ञानिक खोजों और वैज्ञानिकों के योगदान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जे.जे. थॉमसन: इन्होंने इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज की थी।
  • विकल्प (C) दिमित्री मेंडेलिव: इन्होंने तत्वों की पहली आवर्त सारणी (Periodic Table) का निर्माण किया था।
  • विकल्प (D) विल्हेम रॉन्टगन: इन्होंने एक्स-रे (X-rays) की खोज की थी।

#7. निम्नलिखित में से कौन-सा सामान्य तापमान पर द्रव अवस्था में होता है?
(RRB JE CE 29 Aug 2019 Shift 2 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (A) गैलियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैलियम (Gallium): गैलियम एक ऐसी धातु है जिसका गलनांक (Melting point) बहुत कम (लगभग 29.7 डिग्री सेल्सियस) होता है, जिसके कारण यह कमरे के तापमान से थोड़ा सा ऊपर या हथेली पर रखने पर ही पिघलकर द्रव अवस्था में बदल जाती है। (पारे के अलावा गैलियम, सीज़ियम और रूबिडियम भी ऐसी धातुएं हैं जो कमरे के तापमान या उसके आसपास तरल अवस्था में आ जाती हैं)।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसका उपयोग उच्च तापमान वाले थर्मामीटर, अर्धचालक (Semiconductors) और एलईडी (LED) निर्माण में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE 29/08/2019 Shift 2 CBT 2) में धातुओं के भौतिक गुणों और उनके गलनांक के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) चांदी (Silver): चांदी एक बहुमूल्य और ठोस धातु है जिसका गलनांक बहुत उच्च होता है।
  • विकल्प (C) सोना (Gold): सोना भी एक ठोस और उत्कृष्ट धातु (Noble metal) है।
  • विकल्प (D) जर्मेनियम: जर्मेनियम एक उपधातु (Metalloid) है जो सामान्य तापमान पर ठोस अवस्था में पाई जाती है।

#8. निम्नलिखित में से कौन सा आणविक एकपरमाणुक है?
(RPF Constable 2018 17 Jan 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) आर्गन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एकपरमाणुक अणु (Monoatomic Molecule): जिन तत्वों के एक अणु में केवल एक ही परमाणु होता है, उन्हें एकपरमाणुक तत्व कहा जाता है।
  • आर्गन (Argon): आर्गन एक उत्कृष्ट गैस (Noble Gas) है जिसका अष्टक पूर्ण होता है, इसलिए यह स्वतंत्र रूप से अकेले परमाणु (Ar) के रूप में पाई जाती है। सभी नोबेल गैसें (जैसे- हीलियम, नियॉन, आर्गन आदि) एकपरमाणुक होती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • उत्कृष्ट गैसों को छोड़कर अधिकांश अन्य गैसें द्विपरमाणुक या बहुपरमाणुक रूप में होती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2018 : 17/01/2019 Shift 1) में अणुओं की परमाणुकता (Atomicity) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) क्लोरीन: क्लोरीन एक द्विपरमाणुक गैस है (Cl_2), जिसके एक अणु में दो परमाणु होते हैं।
  • विकल्प (B) ऑक्सीजन: ऑक्सीजन भी एक द्विपरमाणुक गैस है (O_2)।
  • विकल्प (C) गंधक (सल्फर): सल्फर एक बहुपरमाणुक (Polyatomic) तत्व है (S_8)।

#9. निम्नलिखित में से कौन सा गैर-धातु अपनी क्रिस्टलीय जालक ( crystal lattice) में विस्थापित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण ठोस अवस्था में विद्युत का सुचालक है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) ग्रेफाइट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ग्रेफाइट (Graphite): ग्रेफाइट कार्बन का एक अपरूप (Allotrope) है। इसकी संरचना षट्कोणीय परतों (Hexagonal layers) के रूप में होती है।
  • विद्युत चालन (Electrical Conductivity): ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु अपनी संयोजकता के अनुसार तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंध बनाता है, जिससे प्रत्येक परत में एक इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र या विस्थापित (Delocalized) रहता है। इसी कारण यह ठोस अवस्था में विद्युत का सुचालक होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सामान्यतः सभी अधातुएँ विद्युत की कुचालक होती हैं, लेकिन ग्रेफाइट इसका प्रमुख अपवाद है जो सुचालक है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 06/03/2026) में अधातुओं के भौतिक गुणों और उनकी विद्युत चालकता के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) फॉस्फोरस: यह एक गैर-धातु है जिसके क्रिस्टल में मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते, अतः यह विद्युत का कुचालक है।
  • विकल्प (B) आयोडीन: आयोडीन क्रिस्टल भी विद्युत के कुचालक होते हैं।
  • विकल्प (D) सल्फर: सल्फर में भी विस्थापित इलेक्ट्रॉन न होने के कारण यह विद्युत का चालन नहीं करता है।

#10. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व ईका-बोरान के रूप में जाना जाता है?
(RRB JE 22 May 2019 Shift 1 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (D) स्कैंडियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ईका-बोरान (Eka-Boron): दिमित्री मेंडेलिव ने अपनी आवर्त सारणी में कुछ ऐसे तत्वों के लिए स्थान खाली छोड़ दिए थे जिनकी खोज उस समय नहीं हुई थी। उन्होंने बोरान के नीचे आने वाले अज्ञात तत्व को ‘ईका-बोरान’ (Eka-Boron) नाम दिया था।
  • स्कैंडियम (Scandium): बाद में जब इस तत्व की खोज हुई, तो इसे स्कैंडियम नाम दिया गया। मेंडेलिव द्वारा की गई इसकी भौतिक और रासायनिक गुणों की भविष्यवाणियां काफी हद तक सही साबित हुईं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसी प्रकार मेंडेलिव ने ‘ईका-एल्युमीनियम’ गैलियम को और ‘ईका-सिलिकॉन’ जर्मेनियम को नाम दिया था।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE 22/05/2019 Shift 1 CBT 1) में आवर्त सारणी के इतिहास और मेंडेलिव के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सिलिकॉन: यह ईका-सिलिकॉन से संबंधित नहीं है (ईका-सिलिकॉन जर्मेनियम को कहा गया था)।
  • विकल्प (B) गैलियम: गैलियम को ‘ईका-एल्युमीनियम’ कहा जाता था।
  • विकल्प (C) एल्युमीनियम: यह स्वयं एक अलग समूह का ज्ञात तत्व है जिसके नीचे गैलियम आता है।



#11. निम्नलिखित में से किस अधातु द्वारा निर्मित ऋणायन, Ca2+ आयन के साथ अभिक्रिया करके एक स्थायी आयनिक यौगिक बनाता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) ऑक्सीजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऑक्सीजन और आयनिक यौगिक: ऑक्सीजन एक अधातु है जो दो इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऑक्साइड ऋणायन (O^2-) का निर्माण करती है। यह ऋणायन कैल्शियम आयन (Ca^2+) के साथ प्रबल स्थिरवैद्युत आकर्षण बल द्वारा जुड़कर एक अत्यंत स्थायी आयनिक यौगिक कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) बनाता है।
  • कैल्शियम ऑक्साइड (CaO): इसे बिना बुझा चूना (Quicklime) भी कहा जाता है, जिसका उपयोग सीमेंट, ग्लास और स्टील के निर्माण में बड़े पैमाने पर होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • उच्च विद्युत ऋणात्मकता के कारण ऑक्सीजन आसानी से स्थिर ऋणायन बनाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/12/2025) में रासायनिक आबंधन (Chemical Bonding) और आयनिक यौगिकों के गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) बोरॉन: बोरॉन अपनी उच्च आयनीकरण ऊर्जा और कम विद्युत ऋणात्मकता के कारण इस प्रकार के स्थिर ऋणायन का निर्माण नहीं करता है।
  • विकल्प (C) कार्बन: कार्बन मुख्य रूप से सहसंयोजक बंध (Covalent bonds) बनाता है और Ca^2+ के साथ सीधे ऐसे स्थिर आयनिक यौगिक का निर्माण नहीं करता।
  • विकल्प (D) नाइट्रोजन: नाइट्रोजन नाइट्राइड आयन (N^3-) बना सकता है, लेकिन इस विकल्प के संदर्भ में ऑक्सीजन सबसे सटीक और स्थायी आयनिक यौगिक (CaO) का निर्माण करती है।

#12. निम्नलिखित में से किस तत्व के वंश से पोटेशियम संबंधित है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 3 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) क्षार धातु

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पोटेशियम और इसका समूह (Alkali Metals): पोटेशियम (K) आधुनिक आवर्त सारणी के पहले समूह (Group 1) का एक तत्व है। इस समूह के तत्वों को क्षार धातु (Alkali Metals) कहा जाता है क्योंकि ये जल के साथ अभिक्रिया करके मजबूत क्षार (Alkali) बनाते हैं।
  • विशेषता: क्षार धातुओं के बाह्यतम कोश में केवल 1 संयोजी इलेक्ट्रॉन होता है, जिसके कारण ये अत्यधिक अभिक्रियाशील होती हैं। इस परिवार में लिथियम, सोडियम, पोटेशियम, रुबिडियम, सीज़ियम और फ्रांसियम शामिल हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • पोटेशियम इतनी नरम धातु है कि इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE 25/05/2019 Shift 3 CBT 1) में आवर्त सारणी के समूहों और तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) क्षारीय पार्थिव धातु (Alkaline Earth Metals): यह आवर्त सारणी का दूसरा समूह (Group 2) है, जिसके अंतर्गत मैग्नीशियम, कैल्शियम आदि तत्व आते हैं।
  • विकल्प (C) उत्कृष्ट गैस (Noble Gases): यह 18वें समूह के निष्क्रिय तत्व हैं (जैसे- हीलियम, नियॉन, आर्गन)।
  • विकल्प (D) हैलोजन (Halogens): यह 17वें समूह के प्रतिक्रियाशील अधातु तत्व हैं (जैसे- फ्लोरिन, क्लोरीन, ब्रोमीन)।

#13. प्रतीक ‘B’ किस तत्व को दर्शाता है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) बोरॉन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक प्रतीक (Chemical Symbol): अंग्रेजी वर्णमाला का प्रतीक ‘B’ बोरॉन (Boron) तत्व को दर्शाता है। यह आधुनिक आवर्त सारणी के 13वें समूह (p-ब्लॉक) का एक उपधातु (Metalloid) है।
  • परमाणु क्रमांक: बोरॉन का परमाणु क्रमांक (Atomic number) 5 होता है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 3 होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह प्रकृति में मुख्य रूप से बोरेक्स जैसे यौगिकों के रूप में पाया जाता है और इसका उपयोग कांच, सेरेमिक्स तथा अर्धचालक उद्योगों में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 06/03/2026) में तत्वों के रासायनिक प्रतीकों और उनकी पहचान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ब्रोमीन: ब्रोमीन का रासायनिक प्रतीक Br होता है।
  • विकल्प (B) बेरियम: बेरियम का रासायनिक प्रतीक Ba होता है।
  • विकल्प (C) बेरीलियम: बेरीलियम का रासायनिक प्रतीक Be होता है।

#14. विकल्पों में चार अलग-अलग विलयनों का pH मान दिया गया है। इनमें से कौन-सा लाल लिटमस को नीला कर देगा?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) 11

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लाल लिटमस और क्षार (Base): क्षार (Bases) वे पदार्थ होते हैं जो लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं। क्षारीय विलयनों का pH मान 7 से अधिक होता है।
  • pH मान 11: दिए गए विकल्पों में से केवल 11 एक ऐसा pH मान है जो 7 से अधिक है, अतः यह एक क्षारीय विलयन को दर्शाता है जो लाल लिटमस को नीला कर देगा।
  • मुख्य बिंदु:
    • pH स्केल की परा रेंज 0 से 14 तक होती है; 7 उदासीन (Neutral) होता है, 7 से कम अम्लीय (Acidic) और 7 से अधिक क्षारीय (Basic) होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/12/2025) में अम्ल, क्षार और pH मान के गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) 4: यह मान 7 से कम है, जो अम्लीय प्रकृति को दर्शाता है (अम्ल नीले लिटमस को लाल करते हैं)।
  • विकल्प (C) 6: यह भी 7 से कम होने के कारण कमजोर अम्लीय विलयन है।
  • विकल्प (D) 2: यह एक प्रबल अम्लीय विलयन का pH मान है।

#15. मानव शरीर में सबसे प्रचुर तत्व _______ है
(RRB JE 27 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (A) ऑक्सीजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मानव शरीर में तत्वों की प्रचुरता: मानव शरीर मुख्य रूप से कई रासायनिक तत्वों से मिलकर बना है। वजन के हिसाब से ऑक्सीजन मानव शरीर में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है, जो शरीर के कुल वजन का लगभग 65% हिस्सा होता है।
  • कारण: शरीर में पानी (H_2O) की अधिकता (लगभग 60-70%) होने के कारण ऑक्सीजन सबसे ज्यादा मात्रा में मौजूद होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • शरीर में पाए जाने वाले प्रमुख तत्व (मात्रा के अनुसार): ऑक्सीजन (~65%), कार्बन (~18%), हाइड्रोजन (~10%), और नाइट्रोजन (~3%) हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE 27/05/2019 Shift 2 CBT 1) में मानव शरीर रचना और जैव-रासायनिक घटकों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) कार्बन: कार्बन शरीर का दूसरा सबसे प्रचुर तत्व है (लगभग 18%), जो सभी कार्बनिक अणुओं का आधार है।
  • विकल्प (C) नाइट्रोजन: नाइट्रोजन शरीर में लगभग 3% पाई जाती है और यह मुख्य रूप से प्रोटीन और न्यूक्लिक एसिड का हिस्सा है।
  • विकल्प (D) कैल्सियम: कैल्शियम हड्डियों और दांतों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी कुल मात्रा ऑक्सीजन और कार्बन से कम होती है (लगभग 1.5%)।



#16. निम्नलिखित में से कौन सा धात्विक तत्व, जल से अधिक सघन होता है?
(RRB JE CBT I – : 31 May 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) कैल्सियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • घनत्व और धातुएं (Density of Metals): पानी का घनत्व लगभग 1.0 g/cm^3 होता है। कैल्शियम एक ऐसी क्षारीय पार्थिव धातु है जिसका घनत्व पानी से अधिक होता है (लगभग 1.55 g/cm^3), जिसके कारण यह पानी में डूब जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसके विपरीत, सोडियम, पोटेशियम और लीथियम इतनी हल्की धातुएं हैं कि उनका घनत्व पानी से भी कम होता है, इसलिए वे पानी की सतह पर तैरती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I – 31/05/2019 Shift 3) में धातुओं के भौतिक गुणों और घनत्व के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पोटेशियम: इसका घनत्व पानी से कम होता है (लगभग 0.86 g/cm^3), जिससे यह पानी पर तैरती है।
  • विकल्प (B) सोडियम: सोडियम का घनत्व भी पानी से कम होता है (लगभग 0.97 g/cm^3)।
  • विकल्प (D) लीथियम: लीथियम सभी ठोस धातुओं में सबसे हल्की धातु है, जिसका घनत्व पानी से बहुत कम (लगभग 0.53 g/cm^3) होता है।

#17. निम्नलिखित में से कौन सबसे कम अभिक्रियाशील है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) Mg

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series): सक्रियता श्रेणी के अनुसार, पोटेशियम (K) और सोडियम (Na) अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएं हैं, जबकि मैग्नीशियम (Mg) और कैल्शियम (Ca) इनसे कम सक्रिय होती हैं।
  • मैग्नीशियम (Mg): दिए गए विकल्पों (K, Na, Ca, Mg) में पोटेशियम, सोडियम और कैल्शियम पहले या दूसरे समूह की अत्यधिक तीव्र प्रतिक्रिया करने वाली धातुएं हैं, जबकि मैग्नीशियम समूह 2 का तत्व होने के बावजूद इनसे कम अभिक्रियाशील होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • धातुओं की सक्रियता आवर्त सारणी में समूह में ऊपर से नीचे जाने पर बढ़ती है और वर्ग 1 व 2 की धातुएं बहुत तेजी से इलेक्ट्रॉन त्यागती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 30/12/2024 Shift 2) में धातुओं की रासायनिक सक्रियता और उनकी अभिक्रियाशीलता श्रेणी के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) Na (सोडियम): यह एक अत्यधिक अभिक्रियाशील क्षार धातु है जो ठंडे पानी के साथ भी तीव्र विस्फोट के साथ क्रिया करती है।
  • विकल्प (C) K (पोटेशियम): पोटेशियम सोडियम से भी अधिक अभिक्रियाशील होती है।
  • विकल्प (D) Ca (कैल्शियम): कैल्शियम ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया करती है और मैग्नीशियम की तुलना में अधिक तीव्र प्रतिक्रिया दर्शाती है।

#18. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व, कक्ष ताप पर गैस अवस्था में होता है और आवर्त सारणी के ग्रुप 17 से संबंधित है?
(RRB Technician Grade CBT 1 22/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) फ्लूओरीन (Fluorine)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हैलोजन परिवार (Group 17): आवर्त सारणी के 17वें समूह को हैलोजन (Halogens) कहा जाता है। इस समूह में विभिन्न भौतिक अवस्थाओं के तत्व पाए जाते हैं।
  • फ्लूओरीन (Fluorine): समूह 17 के तत्वों में फ्लूओरीन (F2) और क्लोरीन (Cl2) कमरे के तापमान पर गैस अवस्था में होते हैं, जिनमें से फ्लूओरीन एक हल्की पीली गैस है।
  • मुख्य बिंदु:
    • हैलोजन समूह में ब्रोमीन एकमात्र ऐसी अधातु है जो द्रव अवस्था में होती है, जबकि आयोडीन ठोस अवस्था में पाई जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade CBT 1 : 22/03/2026) में हैलोजन तत्वों के भौतिक गुणों और उनकी अवस्थाओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) आयोडीन: आयोडीन कमरे के तापमान पर ठोस (Solid) अवस्था में होती है।
  • विकल्प (B) ऐस्टेटिन: ऐस्टेटिन एक रेडियोधर्मी ठोस तत्व है।
  • विकल्प (C) ब्रोमीन: ब्रोमीन ग्रुप 17 से संबंधित है लेकिन यह कक्ष ताप पर द्रव (Liquid) अवस्था में होती है, गैस नहीं।

#19. परंपरागत थर्मामीटर में प्रयुक्त तत्व क्या था जो प्रकृति में बेहद जहरीला है?
(RRB NTPC Tier I : 16 Apr 2016 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) मर्करी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मर्करी (पारा / Hg): पारंपरिक क्लिनिकल थर्मामीटर में तापमान मापने के लिए मर्करी का उपयोग किया जाता था। यह कमरे के तापमान पर तरल अवस्था में रहने वाली एकमात्र धातु है।
  • विषाक्तता (Toxicity): मर्करी और इसके यौगिक प्रकृति में अत्यधिक विषैले (Toxic) होते हैं। थर्मामीटर टूटने पर इससे निकलने वाली वाष्प या इसका संपर्क स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, इसीलिए आजकल डिजिटल थर्मामीटर का उपयोग अधिक किया जाने लगा है।
  • मुख्य बिंदु:
    • मर्करी के विषाक्त प्रभाव से होने वाली बीमारी को ‘मीनमाता रोग’ (Minamata disease) कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Tier I : 16/04/2016 Shift 3) में दैनिक जीवन में प्रयुक्त रसायनों और उनके स्वास्थ्य प्रभावों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कार्बन: कार्बन सभी जैविक यौगिकों का आधार है और यह पारंपरिक थर्मामीटर में तरल पदार्थ के रूप में उपयोग नहीं होता।
  • विकल्प (C) आर्सेनिक: यह एक जहरीला उपधातु है, लेकिन इसका उपयोग पारंपरिक थर्मामीटर में तरल के रूप में नहीं किया जाता था।
  • विकल्प (D) कैडमियम: कैडमियम एक विषैली भारी धातु है जिसका उपयोग बैटरियों और मिश्र धातुओं में होता है, थर्मामीटर में नहीं।

#20. मैग्नीशियम के लिए प्रयुक्त प्रतीक है:
(RRB NTPC CBT-I : 11 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) Mg

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक प्रतीक (Chemical Symbol): मैग्नीशियम का रासायनिक प्रतीक Mg है। यह आधुनिक आवर्त सारणी के दूसरे समूह (Group 2) की एक क्षारीय पार्थिव धातु (Alkaline Earth Metal) है।
  • परमाणु क्रमांक: मैग्नीशियम का परमाणु क्रमांक 12 होता है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह पौधों में पाए जाने वाले क्लोरोफिल (Chlorophyll) का एक मुख्य घटक है और इसका उपयोग आतिशबाजी (Fireworks), हल्की मिश्र धातुओं तथा फ्लैशलाइट में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 11/01/2021 Shift 2) में तत्वों के रासायनिक प्रतीकों और उनकी पहचान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) Mn: यह मैंगनीज (Manganese) तत्व का रासायनिक प्रतीक है।
  • विकल्प (B) Ma: यह किसी भी मानक रासायनिक तत्व का प्रतीक नहीं है।
  • विकल्प (C) Mo: यह मोलिब्डेनम (Molybdenum) संक्रमण धातु का रासायनिक प्रतीक है।



#21. निम्नलिखित में से कौन-सा अणु द्विपरमाणुक प्रकृति का है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) ऑक्सीजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्विपरमाणुक अणु (Diatomic Molecule): वे अणु जो दो परमाणुओं से मिलकर बने होते हैं, उन्हें द्विपरमाणुक अणु कहा जाता है।
  • ऑक्सीजन (Oxygen): ऑक्सीजन एक ऐसी गैस है जिसका अणु दो ऑक्सीजन परमाणुओं (O_2) से मिलकर बनता है, अतः इसकी परमाणुकता दो होती है। हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन और फ्लोरीन भी द्विपरमाणुक गैसें हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • सामान्य तापमान पर अधिकांश हल्की गैसें (जैसे H_2, N_2, O_2) द्विपरमाणुक रूप में ही अस्तित्व में रहती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 26/12/2024 Shift 2) में अणुओं की परमाणुकता और रासायनिक संरचना के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हीलियम: हीलियम एक उत्कृष्ट गैस है जो एकपरमाणुक (Monoatomic) रूप में होती है।
  • विकल्प (C) आर्गन: आर्गन भी एकपरमाणुक उत्कृष्ट गैस है।
  • विकल्प (D) फॉस्फोरस: फॉस्फोरस एक चतुष्परमाणुक (Tetraatomic, P_4) तत्व है।

#22. प्रकृति में कौन सी उत्कृष्ट गैस रेडियोधर्मी होती है?
(RRB NTPC CBT-I : 17 Feb 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) रेडॉन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रेडियोधर्मी उत्कृष्ट गैस (Radioactive Noble Gas): आवर्त सारणी के 18वें समूह (उत्कृष्ट गैसें) में कुल 6 प्राकृतिक गैसें हैं- हीलियम, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टॉन, ज़ीनन और रेडॉन। इनमें से रेडॉन (Radon) एक मात्र ऐसी उत्कृष्ट गैस है जो प्राकृतिक रूप से रेडियोधर्मी (Radioactive) होती है।
  • उत्पत्ति: रेडॉन गैस का निर्माण भारी रेडियोधर्मी तत्वों जैसे रेडियम और यूरेनियम के प्राकृतिक क्षय (Radioactive decay) के दौरान होता है। यह एक रंगहीन, गंधहीन और स्वादहीन गैस है।
  • मुख्य बिंदु:
    • रेडॉन हवा से भारी होती है और इसका उपयोग चिकित्सा में कैंसर के उपचार (रेडियोथेरेपी) के लिए किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 17/02/2021 Shift 2) में आवर्त सारणी के समूहों और रेडियोधर्मी तत्वों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) क्रिप्टॉन: यह एक निष्क्रिय गैस है लेकिन यह रेडियोधर्मी नहीं होती।
  • विकल्प (B) नियॉन: नियॉन भी एक अ-रेडियोधर्मी उत्कृष्ट गैस है जिसका उपयोग विज्ञापनों वाले चमकते साइनबोर्ड्स में किया जाता है।
  • विकल्प (D) आर्गन: आर्गन वायुमंडल में सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली उत्कृष्ट गैस है, जो रेडियोधर्मी नहीं होती।

#23. निम्नलिखित में से कौन-सा अधातु है?
(RPF Constable 2018 12 Feb 2019 shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) हाइड्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हाइड्रोजन (Hydrogen): हाइड्रोजन आवर्त सारणी का पहला तत्व है जिसका परमाणु क्रमांक 1 होता है। यद्यपि इसे आवर्त सारणी में क्षार धातुओं के साथ पहले समूह में रखा गया है, लेकिन रासायनिक गुणों के आधार पर यह एक अधातु (Non-metal) है।
  • विशेषता: यह कमरे के तापमान पर गैस अवस्था में पाई जाने वाली एक अत्यंत हल्की और ज्वलनशील अधातु है।
  • मुख्य बिंदु:
    • हाइड्रोजन को ‘आवारा तत्व’ भी कहा जाता है क्योंकि इसका स्थान आधुनिक आवर्त सारणी में पूरी तरह निश्चित नहीं है (यह धातु और अधातु दोनों जैसे गुण प्रदर्शित करता है)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2018 : 12/02/2019 Shift 2) में तत्वों के वर्गीकरण (धातु, अधातु और उपधातु) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सोडियम: सोडियम एक अत्यधिक अभिक्रियाशील क्षार धातु (Alkali metal) है।
  • विकल्प (B) अल्युमिनियम: अल्युमिनियम एक प्रमुख धात्विक तत्व (Metal) है जो पृथ्वी की भूपर्पटी पर सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातु है।
  • विकल्प (D) मैग्नीशियम: मैग्नीशियम एक हल्की और चमकदार क्षारीय पार्थिव धातु है।

#24. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व आवर्त सारणी के s- ब्लॉक से संबंधित है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 01 Sept, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) कैल्सियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एस-ब्लॉक तत्व (s-Block Elements): आधुनिक आवर्त सारणी में वर्ग 1 और वर्ग 2 के तत्वों को s-ब्लॉक के अंतर्गत रखा जाता है, क्योंकि इनके अंतिम इलेक्ट्रॉन बाह्यतम s-ऑर्बिटल में प्रवेश करते हैं।
  • कैल्शियम (Calcium): कैल्शियम (परमाणु क्रमांक 20) आवर्त सारणी के दूसरे समूह (Group 2 – क्षारीय पार्थिव धातुएँ) का एक प्रमुख सदस्य है, इसलिए यह s-ब्लॉक से संबंधित है।
  • मुख्य बिंदु:
    • s-ब्लॉक में हाइड्रोजन, हीलियम और वर्ग 1 व 2 की सभी धातुएँ शामिल हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 01/09/2025 Shift 2) में आधुनिक आवर्त सारणी के ब्लॉकों और तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) आयरन: आयरन (लोहा) एक संक्रमण धातु है जो d-ब्लॉक से संबंधित है।
  • विकल्प (B) क्लोरीन: क्लोरीन 17वें समूह का तत्व है जो p-ब्लॉक से संबंधित है।
  • विकल्प (D) युरेनियम: यूरेनियम एक आंतरिक संक्रमण तत्व है जो आवर्त सारणी के नीचे स्थित f-ब्लॉक (ऐक्टिनाइड श्रेणी) से संबंधित है।

#25. संक्रमण तत्व आमतौर पर आवर्त सारणी के किस ब्लॉक में पाए जाते हैं?
(RRB NTPC UG CBT-I : 03 Sept, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) d- ब्लॉक

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • संक्रमण तत्व (Transition Elements): आधुनिक आवर्त सारणी में वर्ग 3 से लेकर वर्ग 12 तक के तत्वों को d-ब्लॉक के अंतर्गत रखा जाता है, जिन्हें संक्रमण तत्व कहा जाता है।
  • विशेषता: इन तत्वों में अंतिम इलेक्ट्रॉन आंतरिक d-ऑर्बिटल में प्रवेश करता है। ये धातुएं उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने और रंगीन यौगिक बनाने की क्षमता रखती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • आवर्त सारणी में s-ब्लॉक और p-ब्लॉक के तत्वों के बीच स्थित होने के कारण इन्हें संक्रमण तत्व कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 03/09/2025 Shift 2) में आधुनिक आवर्त सारणी के ब्लॉकों और तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) s- ब्लॉक: इसमें वर्ग 1 और वर्ग 2 के क्षार एवं क्षारीय पार्थिव धातु तत्व आते हैं।
  • विकल्प (B) p- ब्लॉक: इसमें वर्ग 13 से 18 तक के मुख्य समूह के तत्व (धातु, अधातु और उपधातु) आते हैं।
  • विकल्प (D) f- ब्लॉक: इसमें लैंथानाइड और ऐक्टिनाइड श्रेणियाँ आती हैं, जिन्हें आंतरिक संक्रमण तत्व (Inner transition elements) कहा जाता है।



#26. निम्नलिखित में से कौन सा कथन p- ब्लॉक तत्वों के संदर्भ में सही नहीं है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 06 Jun, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) इन्हें संक्रमण तत्व भी कहा जाता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • p-ब्लॉक तत्व (p-Block Elements): आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 13 से 18 तक के तत्वों को p-ब्लॉक में रखा जाता है। यह कथन गलत है कि इन्हें “संक्रमण तत्व” कहा जाता है, क्योंकि संक्रमण तत्व d-ब्लॉक के तत्वों को कहा जाता है। अत: विकल्प (C) इस संदर्भ में सही कथन नहीं है और यही सही उत्तर है।
  • विशेषताएँ: p-ब्लॉक में धातु, अधातु और उपधातु तीनों प्रकार के तत्व शामिल होते हैं, और इनका सामान्य बाह्यतम इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns^2 np^1 से ns^2 np^6 तक होता है। इसमें उत्कृष्ट गैसें भी शामिल हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • p-ब्लॉक एकमात्र ऐसा ब्लॉक है जिसमें धातुओं के साथ-साथ सभी प्रमुख अधातु और उत्कृष्ट गैसें पाई जाती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 06/06/2025 Shift 1) में आधुनिक आवर्त सारणी के ब्लॉकों के गुणों और विशेषताओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं? – यानी ये कथन सही हैं):
  • विकल्प (A) इनमें अधातु और उत्कृष्ट गैसें शामिल हैं: यह कथन बिल्कुल सत्य है (जैसे ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, नियॉन आदि इसी में आते हैं)।
  • विकल्प (B) ये समूह 13 से 18 तक के हैं: यह कथन भी सत्य है, p-ब्लॉक समूह 13 से 18 तक फैला हुआ है।
  • विकल्प (D) इनका सबसे बाहरी विन्यास ns2np1 से ns2np6 तक होता है: यह कथन भी पूरी तरह सही और मानक इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है।

#27. निम्नलिखित पादप पोषक तत्वों में से किसका, वायु द्वारा संभरण किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) कार्बन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पादप पोषक तत्वों के स्रोत: पौधों को अपनी वृद्धि और विकास के लिए कुल 16 आवश्यक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जो वायु, जल और मृदा द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
  • वायु द्वारा संभरण: वायु द्वारा पौधों को मुख्य रूप से कार्बन (कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में) और ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • जल पौधों को हाइड्रोजन प्रदान करता है, और शेष 13 आवश्यक पोषक तत्व मृदा (मिट्टी) से प्राप्त होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 21/12/2025) में पादप पोषण और कृषि विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोजन: हाइड्रोजन पौधों को जल (Water) के माध्यम से प्राप्त होता है, वायु से नहीं।
  • विकल्प (C) लौह (Iron): लौह (Fe) एक सूक्ष्म पोषक तत्व है जो पौधों को मृदा (Soil) से प्राप्त होता है।
  • विकल्प (D) नाइट्रोजन: नाइट्रोजन पौधों के लिए एक प्रमुख मैक्रो-न्यूट्रिएंट है जो मुख्य रूप से मृदा से अवशोषित किया जाता है।

#28. मेंडलीफ का आवर्त नियम यह दर्शाता है कि तत्वों के गुण उनके _______ के आवर्ती फलन हैं।
(RRB JE CE 29 Aug 2019 Shift 2 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (D) परमाणु द्रव्यमान

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मेंडलीफ का आवर्त नियम (Mendeleev’s Periodic Law): रूसी रसायनज्ञ दिमित्री मेंडलीफ के अनुसार, तत्वों के गुण उनके परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) के आवर्ती फलन (Periodic function) होते हैं।
  • विशेषता: मेंडलीफ ने अपनी आवर्त सारणी इसी नियम के आधार पर बनाई थी और उस समय ज्ञात तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान के क्रम में व्यवस्थित किया था।
  • मुख्य बिंदु:
    • मेंडलीफ की आवर्त सारणी परमाणु द्रव्यमान पर आधारित थी, जबकि मोजले द्वारा दी गई ‘आधुनिक आवर्त सारणी’ परमाणु क्रमांक पर आधारित है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE 29/08/2019 Shift 2 CBT 2) में आवर्त सारणी के इतिहास और मेंडलीफ के नियमों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) परमाणु-क्रमांक: तत्वों के गुण परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं, यह नियम ‘आधुनिक आवर्त नियम’ (Modern Periodic Law) कहलाता है, मेंडलीफ का नहीं।
  • विकल्प (B) अधातु: यह तत्वों का भौतिक वर्गीकरण है, आवर्त नियम का आधार नहीं।
  • विकल्प (C) धातु: यह भी तत्वों का एक प्रकार है।

#29. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व एक्टिनाइड समूह तत्व के रूप में वर्गीकृत है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 07 Aug, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) थोरियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एक्टिनाइड श्रेणी (Actinides): आवर्त सारणी के f-ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली दूसरी श्रेणी को एक्टिनाइड श्रेणी कहा जाता है, जिसमें परमाणु क्रमांक 90 (थोरियम) से लेकर 103 (लॉरेन्शियम) तक के 14 रेडियोधर्मी तत्व शामिल हैं।
  • थोरियम (Thorium): थोरियम (Th, परमाणु क्रमांक 90) एक दुर्बल रेडियोधर्मी धातु है जो एक्टिनाइड समूह का पहला प्रमुख सदस्य है। इसका उपयोग नाभिकीय ऊर्जा और मिश्र धातु निर्माण में किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • भारत में थोरियम मोनाजाइट रेत (विशेषकर केरल के तटों पर) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 07/08/2025 Shift 1) में f-ब्लॉक के तत्वों और आंतरिक संक्रमण श्रेणियों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) येटरबियम: यह एक लैंथानाइड (f-ब्लॉक की पहली श्रेणी) का तत्व है।
  • विकल्प (C) लैंथेनम: यह लैंथानाइड श्रेणी का मुख्य तत्व है, जो एक्टिनाइड से संबंधित नहीं है।
  • विकल्प (D) सेरियम: सेरियम भी लैंथानाइड श्रेणी (परमाणु क्रमांक 58) के अंतर्गत आता है।

#30. निम्नलिखित में से किस धातु के यौगिकों का उपयोग ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी में किया जाता है?
(RRB JE CE 28 Aug 2019 Shift 2 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (B) Ag

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सिल्वर (Ag – Silver): ‘Ag’ रासायनिक प्रतीक चांदी (Silver) का है। चांदी के यौगिकों जैसे सिल्वर ब्रोमाइड (AgBr) और सिल्वर क्लोराइड (AgCl) का उपयोग पारंपरिक ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी में प्रकाश-संवेदनशील सामग्री के रूप में किया जाता है।
  • रासायनिक अभिक्रिया: सूर्य के प्रकाश या फोटोग्राफिक प्लेट पर पड़ने पर सिल्वर हलाइड्स अपघटित होकर धात्विक सिल्वर का निर्माण करते हैं, जिससे photographic image बनती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह एक प्रकार की वियोजन (Decomposition) अभिक्रिया का उत्कृष्ट उदाहरण है जो प्रकाश के प्रभाव से होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE 28/08/2019 Shift 2 CBT 2) में रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार और दैनिक जीवन में धातुओं के उपयोग के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) Al: एल्युमीनियम (Al) का उपयोग बर्तनों, पैकेजिंग और विमान निर्माण में होता है, फोटोग्राफी में नहीं।
  • विकल्प (C) Cu: कॉपर (तांबा) का उपयोग विद्युत तारों और मिश्र धातुओं (जैसे पीतल, कांस्य) के निर्माण में किया जाता है।
  • विकल्प (D) Au: गोल्ड (सोना) एक उत्कृष्ट और महंगी धातु है जिसका उपयोग आभूषणों और इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है।



#31. निम्नलिखित में से कौन-सा, यौगिक का उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) शर्करा (Sugar)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • यौगिक (Compound): यौगिक वह शुद्ध पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के एक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से संयोजित होने से बनता है।
  • शर्करा (चीनी – C_12H_22O_11): शर्करा एक कार्बनिक यौगिक है जो कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्वों के एक निश्चित अनुपात से मिलकर बना होता है, इसलिए यह यौगिक का एक सही उदाहरण है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यौगिक के गुण उसके घटक तत्वों के गुणों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 29/12/2025) में पदार्थों के वर्गीकरण (तत्व, यौगिक और मिश्रण) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोजन: हाइड्रोजन एक मौलिक ‘तत्व’ (Element) है, यौगिक नहीं।
  • विकल्प (C) लौह: लौह (Iron) एक शुद्ध धात्विक तत्व है।
  • विकल्प (D) पारा: पारा (Mercury) कमरे के तापमान पर पाई जाने वाली एक धात्विक तत्व है।

#32. बहुत तनु नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करने पर कौन-सी धातुएँ हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) मैग्नीशियम (Mg) और मैंगनीज (Mn)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नाइट्रिक अम्ल और धातुएं: सामान्यतः नाइट्रिक अम्ल (HNO3) एक प्रबल ऑक्सीकारक (Strong oxidizing agent) होता है, जो धातुओं के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस (H2) के स्थान पर जल (H2O) बनाता है और स्वयं नाइट्रोजन के ऑक्साइड में अपचयित हो जाता है।
  • अपवाद – मैग्नीशियम और मैंगनीज: बहुत ही तनु नाइट्रिक अम्ल (Very dilute HNO3) के साथ मैग्नीशियम (Mg) और मैंगनीज (Mn) अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • Mg + 2HNO3 -> Mg(NO3)2 + H2
    • Mn + 2HNO3 -> Mn(NO3)2 + H2
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23/12/2024 Shift 3) में धातुओं की अम्लों के साथ रासायनिक अभिक्रियाओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कॉपर (Cu) और कोबाल्ट (Co): कॉपर एक कम सक्रिय धातु है जो नाइट्रिक अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करती।
  • विकल्प (C) मैग्नीशियम (Mg) और कॉपर (Cu): इसमें कॉपर सम्मिलित होने के कारण यह विकल्प गलत है।
  • विकल्प (D) मैंगनीज (Mn) और कोबाल्ट (Co): कोबाल्ट तनु नाइट्रिक अम्ल के साथ सामान्य परिस्थितियों में हाइड्रोजन गैस मुक्त नहीं करता है।

#33. निम्नलिखित में से कौन समूह 1A के समान आवर्त से संबंधित है?
(RRB JE 23 May 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) Li, Na, K

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समूह 1A (Group 1A): आधुनिक आवर्त सारणी के पहले समूह (क्षार धातुएँ – Alkali Metals) के अंतर्गत लिथियम (Li), सोडियम (Na), पोटेशियम (K), रुबिडियम (Rb), सीज़ियम (Cs) और फ्रांसियम (Fr) आते हैं।
  • तत्वों की श्रेणी: विकल्प (B) में दिए गए तीनों तत्व (Li, Na, K) इसी एक ही समूह (समूह 1A) से संबंधित हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इन सभी तत्वों के बाह्यतम कोश में 1 संयोजी इलेक्ट्रॉन होता है, जिसके कारण इनके रासायनिक गुण अत्यधिक समानता प्रदर्शित करते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE 23/05/2019 Shift 3) में आवर्त सारणी के समूहों और तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) Ni, Cu, Zn: ये d-ब्लॉक के संक्रमण तत्व हैं जो क्रमशः समूह 10, 11 और 12 से संबंधित हैं।
  • विकल्प (C) Li, Mg, Ca: इसमें लीथियम समूह 1 का है, जबकि मैग्नीशियम और कैल्शियम समूह 2 (क्षारीय पार्थिव धातुएँ) से संबंधित हैं।
  • विकल्प (D) Fe, Cl, Br: इसमें आयरन (Fe) एक संक्रमण धातु है, जबकि क्लोरीन (Cl) और ब्रोमीन (Br) समूह 17 (हैलोजन) के तत्व हैं।

#34. चाँदी किस पदार्थ के साथ करके काली हो जाती है?
(RRB NTPC CBT-I : 27 Feb 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) सल्फर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चाँदी का संक्षारण (Tarnishing of Silver): जब चांदी (Silver) वायुमंडल में मौजूद सल्फर या सल्फर युक्त गैसों (जैसे हाइड्रोजन सल्फाइड – H2S) के संपर्क में आती है, तो इसके साथ रासायनिक अभिक्रिया करके चांदी की सतह पर सिल्वर सल्फाइड (Ag2S) की एक काली परत बन जाती है।
  • प्रभाव: इस रासायनिक परिवर्तन के कारण चांदी के आभूषण और बर्तन समय के साथ अपनी चमक खो देते हैं और काले पड़ जाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह धातुओं के संक्षारण (Corrosion) का एक प्रमुख उदाहरण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 27/02/2021 Shift 2) में धातुओं के संक्षारण और रासायनिक अभिक्रियाओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) मैग्नीशियम: मैग्नीशियम एक सक्रिय धातु है जो चांदी को काला करने के लिए उत्तरदायी नहीं होती।
  • विकल्प (B) जिंक: जिंक का संक्षारण (गैल्वेनीकरण आदि) अलग प्रक्रिया है, यह चांदी की काली परत का कारण नहीं बनता।
  • विकल्प (D) कार्बन: कार्बन के यौगिक चांदी के साथ इस प्रकार की विशेष काली परत (सिल्वर सल्फाइड) का निर्माण नहीं करते।

#35. अभिक्रियाशीलता श्रेणी ( reactivity series) में कौन-सी धातु शीर्ष पर है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) सोडियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अभिक्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series): यह धातुओं को उनकी घटती हुई रासायनिक सक्रियता के क्रम में व्यवस्थित करने वाली सूची है। दिए गए विकल्पों में पोटेशियम (K) के बाद सोडियम (Na) सर्वोच्च स्थान पर आने वाली अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है।
  • विशेषता: सक्रियता श्रेणी में शीर्ष पर स्थित धातुएं (जैसे पोटेशियम, सोडियम, कैल्शियम) बहुत आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागती हैं और ठंडे पानी या अम्लों के साथ तीव्र गति से अभिक्रिया करती हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इस श्रेणी में सबसे नीचे आने वाली धातुएं (जैसे सोना और चांदी) बहुत कम अभिक्रियाशील होती हैं, इसलिए इन्हें ‘उत्कृष्ट धातुएं’ भी कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/02/2026) में धातुओं की रासायनिक सक्रियता और उनकी श्रेणी के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) तांबा: तांबा (Copper) हाइड्रोजन से नीचे स्थित एक कम सक्रिय धातु है।
  • विकल्प (C) सोना: सोना (Gold) अभिक्रियाशीलता श्रेणी में सबसे निचले छोर पर स्थित सबसे कम अभिक्रियाशील (निष्क्रिय) धातुओं में से एक है।
  • विकल्प (D) चांदी: चांदी भी सोने की तरह सक्रियता श्रेणी में बहुत नीचे आती है।



#36. बोर-बरी नियमों के अनुसार कॉलम I में तत्वों को कॉलम II में दिए गए उनके सही इलेक्ट्रॉन वितरण से सुमेलित कीजिए
。(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) A-2, B-1, C-3, D-4

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बोर-बरी नियम (Bohr-Bury Rules): इस नियम के अनुसार परमाणु के विभिन्न ऊर्जा स्तरों या कोशों (K, L, M, N) में इलेक्ट्रॉनों का वितरण किया जाता है। किसी भी कोश में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 2n^2 सूत्र द्वारा निर्धारित होती है, जहाँ n मुख्य क्वांटम संख्या (कोश की संख्या) है।
  • तत्वों का सही सुमेलन:
    • A. सोडियम (Na – परमाणु क्रमांक 11): इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 होता है, जो कॉलम II के क्रम (2) से मेल खाता है।
    • B. मैग्नीशियम (Mg – परमाणु क्रमांक 12): इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 होता है, जो कॉलम II के क्रम (1) से मेल खाता है।
    • C. ऐलुमिनियम (Al – परमाणु क्रमांक 13): इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 3 होता है, जो कॉलम II के क्रम (3) से मेल खाता है।
    • D. कैल्सियम (Ca – परमाणु क्रमांक 20): इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8, 2 होता है, जो कॉलम II के क्रम (4) से मेल खाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 10/03/2026) परमाणु संरचना और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के बोर-बरी नियमों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B), (C) और (D): इन विकल्पों में तत्वों और उनके सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों का मिलान गलत क्रम में दिया गया है, जो बोर-बरी नियमों के अनुसार मान्य नहीं है।

#37. निम्नलिखित में से कौन सा फसली पौधों के लिए प्रयुक्त सूक्ष्म पोषक तत्व है?
(RRB NTPC CBT-I : 31 Jan 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) आयरन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients): पौधों को अपनी सामान्य वृद्धि और विकास के लिए कई पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिन्हें मुख्य रूप से बृहद् पोषक तत्वों (Macronutrients) और सूक्ष्म पोषक तत्वों में बांटा गया है।
  • आयन (Iron): आयरन एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Trace element) है। हालांकि इसकी आवश्यकता पौधों को बहुत कम मात्रा में होती है, फिर भी यह क्लोरोफिल के निर्माण, श्वसन और विभिन्न एंजाइमी प्रतिक्रियाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अन्य प्रमुख सूक्ष्म पोषक तत्वों में मैंगनीज, जस्ता (जिंक), तांबा, बोरॉन, मोलिब्डेनम और क्लोरीन शामिल हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 31/01/2021 Shift 1) में पादप पोषण और कृषि विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पोटैशियम: पोटैशियम पौधों के लिए एक प्राथमिक बृहद् पोषक तत्व (Macronutrient) है।
  • विकल्प (B) मैग्नीशियम: मैग्नीशियम भी एक बृहद् पोषक तत्व है जो क्लोरोफिल अणु का एक मुख्य केंद्रीय घटक होता है।
  • विकल्प (D) कैल्सियम: कैल्सियम भी बृहद् पोषक तत्वों की श्रेणी में आता है जो पौधों की कोशिका भित्ति के निर्माण में मदद करता है।

#38. परमाणु संख्या 10, 18, 36, 54 _______ वाले तत्व हैं。(
RRB JE 24 May 2019 Shift 1 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) अक्रिय गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अक्रिय गैसें (Inert / Noble Gases): आधुनिक आवर्त सारणी के 18वें समूह के तत्वों को अक्रिय या उत्कृष्ट गैसें कहा जाता है।
    • परमाणु क्रमांक 10 = नियॉन (Ne)
    • परमाणु क्रमांक 18 = आर्गन (Ar)
    • परमाणु क्रमांक 36 = क्रिप्टॉन (Kr)
    • परमाणु क्रमांक 54 = ज़ीनन (Xe)
  • विशेषता: इन सभी तत्वों के बाह्यतम कोश पूरी तरह से भरे होते हैं (अष्टक पूर्ण होता है), जिसके कारण ये रासायनिक रूप से अत्यंत निष्क्रिय या अक्रिय होती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE 24/05/2019 Shift 1 CBT 1) में आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हल्की धातु: हल्की धातुएँ s-ब्लॉक (जैसे लीथियम, सोडियम, मैग्नीशियम) से संबंधित होती हैं।
  • विकल्प (C) दुर्लभ मृदा तत्त्व: दुर्लभ मृदा तत्व f-ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले लैंथानाइड्स और ऐक्टिनाइड्स होते हैं।
  • विकल्प (D) हैलोजन: हैलोजन समूह 17 के तत्व हैं (जैसे फ्लोरीन, क्लोरीन, ब्रोमीन जिनका परमाणु क्रमांक क्रमशः 9, 17, 35 होता है)।

#39. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व प्रोटीन का हिस्सा नहीं है?
(RRB JE CBT I – : 1 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) आयोडीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रोटीन की रासायनिक संरचना: प्रोटीन जटिल कार्बनिक यौगिक हैं जो अमीनो अम्लों से मिलकर बने होते हैं। प्रोटीन के मुख्य घटक तत्वों में कार्बन (C), हाइड्रोजन (H), ऑक्सीजन (O) और नाइट्रोजन (N) शामिल हैं, तथा कुछ विशेष प्रोटीनों में सल्फर (S) और फॉस्फोरस भी पाए जाते हैं।
  • आयोडीन (Iodine): आयोडीन मुख्य रूप से थायराइड ग्रंथि द्वारा हॉर्मोन्स (जैसे थायरोक्सिन) के संश्लेषण के लिए आवश्यक होता है, यह सामान्य प्रोटीन की संरचना का मुख्य हिस्सा नहीं है। अतः विकल्प (B) सही उत्तर है।
  • मुख्य बिंदु:
    • शरीर के निर्माण और मरम्मत में प्रोटीन की अहम भूमिका होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 01/06/2019 Shift 3) में जैव-अणुओं और प्रोटीन की रासायनिक संरचना के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं? – यानी ये प्रोटीन के हिस्से हैं):
  • विकल्प (A) सल्फर: कुछ विशिष्ट अमीनो एसिड (जैसे सिस्टीन और मेथिओनिन) में सल्फर पाया जाता है।
  • विकल्प (C) कार्बन: कार्बन प्रत्येक प्रोटीन और कार्बनिक यौगिक का मुख्य आधार होता है।
  • विकल्प (D) नाइट्रोजन: नाइट्रोजन अमीनो अम्लों और प्रोटीन का एक अनिवार्य और मुख्य घटक है (पेप्टाइड बंध इसी से बनते हैं)।

#40. आधुनिक आवर्त सारणी में मौजूद ऊर्ध्वाधर स्तंभों को क्या कहा जाता है?
(RRB JE CBT I – : 2 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) समूह

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समूह (Groups): आधुनिक आवर्त सारणी में ऊपर से नीचे की ओर (ऊर्ध्वाधर या वर्टिकल कॉलम) पाए जाने वाले स्तंभों को समूह (Groups) कहा जाता है। आधुनिक आवर्त सारणी में कुल 18 समूह होते हैं।
  • आवर्त (Periods): आवर्त सारणी में बाएं से दाएं की ओर जाने वाली क्षैतिज (Horizontal) पंक्तियों को ‘आवर्त’ कहा जाता है, जिनकी कुल संख्या 7 होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • एक ही समूह में स्थित तत्वों के रासायनिक गुण समान होते हैं क्योंकि उनके बाह्यतम कोश के इलेक्ट्रॉनों की संख्या (संयोजकता इलेक्ट्रॉन) समान होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 02/06/2019 Shift 3) में आधुनिक आवर्त सारणी की मूल संरचना और शब्दावली के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) सारणी: यह पूरी तालिका का नाम है, ऊर्ध्वाधर स्तंभों का नहीं।
  • विकल्प (C) आवर्त: आवर्त क्षैतिज पंक्तियों (Horizontal rows) को कहा जाता है, वर्टिकल कॉलम को नहीं।
  • विकल्प (D) स्तंभ: यह केवल एक सामान्य शब्द है, जबकि वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से इन्हें ‘समूह’ कहा जाता है।



#41. उस तत्व का नाम बताइए जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है।
(RRB NTPC CBT-I : 7 Jan 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) क्लोरीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuration): किसी दिए गए इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के सभी कक्षकों या कोशों के इलेक्ट्रॉनों को आपस में जोड़कर उस तत्व का कुल परमाणु क्रमांक निकाला जा सकता है। यहाँ कुल इलेक्ट्रॉन = 2 + 8 + 7 = 17 हैं।
  • क्लोरीन (Chlorine): परमाणु क्रमांक 17 वाला तत्व क्लोरीन (Cl) है, जिसका बोर-बरी योजना के अनुसार कोश-वार वितरण (K, L, M) 2, 8, 7 होता है (अर्थात पहले कोश में 2, दूसरे में 8 और बाह्यतम संयोजी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन)।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह आधुनिक आवर्त सारणी के 17वें समूह (हैलोजन परिवार) का एक प्रमुख अधात्विक तत्व है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 07/01/2021 Shift 1) में परमाणु संरचना और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हीलियम: हीलियम का परमाणु क्रमांक 2 होता है (विन्यास: 2)।
  • विकल्प (C) कार्बन: कार्बन का परमाणु क्रमांक 6 होता है (विन्यास: 2, 4)।
  • विकल्प (D) हाइड्रोजन: हाइड्रोजन का परमाणु क्रमांक 1 होता है (विन्यास: 1)।

#42. 1869 में, आवर्त सारणी के पहले व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त संस्करण को प्रकाशित करने का श्रेय किसे दिया जाता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 14 Aug, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) दिमित्री मेंडलीफ

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मेंडलीफ की आवर्त सारणी (Mendeleev’s Periodic Table): वर्ष 1869 में रूसी रसायनज्ञ दिमित्री मेंडलीफ (Dmitri Mendeleev) ने उस समय ज्ञात तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करके आवर्त सारणी का पहला व्यापक और सफल संस्करण दुनिया के सामने प्रस्तुत किया था।
  • विशेषता: उन्होंने न केवल तत्वों को व्यवस्थित किया, बल्कि भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों (जैसे एका-एल्युमिनियम/गैलियम) के लिए अपनी सारणी में रिक्त स्थान भी छोड़े थे।
  • मुख्य बिंदु:
    • मेंडलीफ को आधुनिक आवर्त सारणी की नींव रखने का मुख्य श्रेय दिया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 14/08/2025 Shift 2) में आवर्त सारणी के इतिहास और वैज्ञानिकों के योगदान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जॉन अलेक्जेंडर न्यूलैंड्स: इन्होंने तत्वों के वर्गीकरण के लिए ‘अष्टक नियम’ (Law of Octaves) दिया था (लगभग 1865 में)।
  • विकल्प (C) जोहान डोबेरेनर: इन्होंने तत्वों के ‘त्रिक नियम’ (Law of Triads) का प्रतिपादन किया था।
  • विकल्प (D) लोथर मेयर: इन्होंने भी मेंडलीफ के समकालीन ही तत्वों के भौतिक गुणों (जैसे परमाणु आयतन) के आधार पर वर्गीकरण का प्रयास किया था, लेकिन मेंडलीफ का काम पहले और अधिक व्यापक रूप से मान्य हुआ।

#43. निम्नलिखित में से कौन-सी अधातु कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में होती है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) ब्रोमीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रव अधातु (Liquid Non-metal): ब्रोमीन (Bromine) आवर्त सारणी के 17वें समूह (हैलोजन परिवार) का एक तत्व है जो सामान्य कमरे के तापमान पर द्रव (Liquid) अवस्था में पाई जाने वाली एकमात्र अधातु है। इसका प्रतीक Br और परमाणु क्रमांक 35 है।
  • विशेषता: यह एक लाल-भूरे रंग की तीक्ष्ण गंध वाली वाष्पशील और विषैली अधातु है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यदि सामान्य तापमान पर धातु (Liquid Metal) के बारे में पूछा जाए, तो उसका उत्तर ‘पारा’ (Mercury) होगा।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29/12/2024 Shift 2) में तत्वों के भौतिक गुणों (धातु, अधातु एवं उनकी अवस्थाओं) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) ऑक्सीजन: ऑक्सीजन कमरे के तापमान पर एक गैसीय अवस्था में पाई जाने वाली अधातु है।
  • विकल्प (B) फ्लोरिन: फ्लोरिन भी कमरे के तापमान पर गैस अवस्था में रहने वाली सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक (Electronegative) अधातु है।
  • विकल्प (C) पारा: पारा (Mercury) कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है, लेकिन यह एक धातु (Metal) है, अधातु नहीं।

#44. सोडियम तत्व का सही प्रतीक क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) Na

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सोडियम का प्रतीक (Symbol of Sodium): सोडियम का रासायनिक प्रतीक Na होता है। यह प्रतीक इसके लैटिन नाम ‘नैट्रियम’ (Natrium) से लिया गया है।
  • विशेषता: सोडियम एक अत्यधिक अभिक्रियाशील, नरम क्षार धातु है जिसे वायु या नमी से बचाने के लिए केरोसिन (मिट्टी के तेल) में डुबोकर रखा जाता है। इसका परमाणु क्रमांक 11 है।
  • मुख्य बिंदु:
    • कई तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेजी नामों से अलग उनके लैटिन, ग्रीक या जर्मन नामों के आधार पर रखे गए हैं (जैसे सोडियम का Na, पोटेशियम का K, आयरन का Fe आदि)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 19/12/2025) में रासायनिक संकेतों और तत्वों की मूल जानकारियों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) So: यह किसी भी ज्ञात मानक रासायनिक तत्व का प्रतीक नहीं है।
  • विकल्प (B) Sd: यह भी सोडियम का प्रतीक नहीं है (यह स्कैंडियम या अन्य से भ्रमित करने के लिए दिया गया है)।
  • विकल्प (D) S: ‘S’ रासायनिक प्रतीक सल्फर (Sulfur) का होता है, सोडियम का नहीं।

#45. आधुनिक आवर्त सारणी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(RRB JE 24 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) आवर्त 1 में केवल एक तत्व है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आधुनिक आवर्त सारणी के तथ्य: आधुनिक आवर्त सारणी के संबंध में यह कथन गलत है कि “आवर्त 1 में केवल एक तत्व है”। पहले आवर्त में कुल दो तत्व (हाइड्रोजन और हीलियम) मौजूद हैं। अतः विकल्प (B) सही कथन नहीं है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
  • मुख्य संरचना: आधुनिक आवर्त सारणी (हेनरी मोजले द्वारा प्रतिपादित) परमाणु क्रमांक पर आधारित है, जिसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त) और 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह) होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • पहला आवर्त सबसे छोटा आवर्त है जिसमें केवल 2 तत्व (H और He) होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE 24/05/2019 Shift 2 CBT 1) में आधुनिक आवर्त सारणी की विशेषताओं और संरचना के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं? – यानी ये कथन सत्य हैं):
  • विकल्प (A) आवर्त सारणी में सात आवर्त हैं: यह कथन बिल्कुल सत्य है।
  • विकल्प (C) आवर्त सारणी को परमाणु संख्या के क्रम में व्यवस्थित किया गया है: यह आधुनिक आवर्त नियम का मूल आधार है, जो पूर्णतः सही है।
  • विकल्प (D) आवर्त सारणी में 18 समूह हैं: यह कथन भी सत्य है (ऊर्ध्वाधर कॉलम 18 होते हैं)।



#46. रक्त समूह की खोज किसने की?
(RRB NTPC CBT-I : 1 Mar 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) कार्ल लैंडस्टीनर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रक्त समूह की खोज (Discovery of Blood Groups): मानव रक्त समूहों (A, B, AB और O सिस्टम या ABO रक्त समूह प्रणाली) की खोज वर्ष 1900 में ऑस्ट्रियाई जीवবিজ্ঞानी और चिकित्सक कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner) द्वारा की गई थी। इस महत्वपूर्ण खोज के लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • विशेषता: यह वर्गीकरण लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर मौजूद एंटीजन (Antigens) और प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडी (Antibodies) की उपस्थिति या अनुपस्थिति पर आधारित होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • कार्ल लैंडस्टीनर को आधुनिक रक्त आधान (Blood transfusion) विज्ञान का जनक भी माना जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 01/03/2021 Shift 2) में मानव शरीर रचना विज्ञान और प्रमुख वैज्ञानिक खोजों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) आइजैक न्यूटन: इन्होंने भौतिकी में गति के नियम और गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत की खोज की थी।
  • विकल्प (C) दिमित्री मेंडेलिव: इन्होंने रसायन विज्ञान में आवर्त सारणी का पहला व्यापक संस्करण प्रस्तुत किया था।
  • विकल्प (D) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग: इन्होंने दुनिया की पहली एंटीबायोटिक पेनिसिलिन (Penicillin) की खोज की थी।

#47. किस नोबेल गैस (उत्कृष्ट गैस) को अजनबी गैस कहा जाता है?
(RPF Constable 2018 03 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (B) ज़ेनॉन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अजनबी गैस (Stranger Gas): ज़ेनॉन (Xenon) को ‘अजनबी गैस’ कहा जाता है क्योंकि इसकी खोज विलियम राम्से (William Ramsay) और मॉरिस ट्रैवर्स (Morris Travers) ने 1898 में तरल हवा के अवशेषों से की थी, और ग्रीक शब्द ‘Xenos’ का अर्थ “अजनबी” (Stranger) होता है।
  • विशेषता: यह एक दुर्लभ, गंधहीन, स्वादहीन और रंगहीन नोबेल (उत्कृष्ट) गैस है, जो आवर्त सारणी के समूह 18 (Group 18) में स्थित होती है। हालांकि यह निष्क्रिय होती है, फिर भी यह कुछ यौगिक (जैसे ज़ेनॉन फ्लोराइड) बना सकती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • ज़ेनॉन का उपयोग फ्लैश लैंप, उच्च-तीव्रता वाले आर्क लैंप और अंतरिक्ष अभियानों में आयन इंजनों के रूप में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 03/02/2019) में रसायन विज्ञान और रासायनिक तत्वों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) आर्गन: यह पृथ्वी के वायुमंडल में तीसरी सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली नोबेल गैस है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से वेल्डिंग और बिजली के बल्बों में किया जाता है।
  • विकल्प (C) नियॉन: यह एक नोबेल गैस है जिसका उपयोग मुख्य रूप से रंगीन विज्ञापन संकेतकों (Neon signs) और चमकने वाली रोशनी में किया जाता है।
  • विकल्प (D) क्रिप्टॉन: यह एक रंगहीन और गंधहीन नोबेल गैस है, जिसका उपयोग उच्च गति वाले फोटोग्राफी फ्लैश और एयरफील्ड की रनवे लाइट में होता है।

#48. एक ऐसी धातु का नाम बताएं, जिसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है
。(RRB JE ME 30 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (B) सोडियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सोडियम (Sodium): सोडियम एक बेहद नरम क्षार धातु (Alkali metal) है, जिसका प्रतीक Na और परमाणु क्रमांक 11 है। यह इतनी मुलायम होती है कि इसे सामान्य चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
  • विशेषता: अत्यधिक अभिक्रियाशील होने के कारण सोडियम हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी के साथ तेजी से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए हमेशा मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबोकर रखा जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पोटेशियम (Potassium) और लीथियम (Lithium) भी ऐसी ही नरम धातुएं हैं जिन्हें चाकू से काटा जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME : 30/08/2019 Shift 1) में धातु और अधातु के भौतिक गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) मरकरी: यह कमरे के तापमान पर तरल अवस्था में रहने वाली एकमात्र धातु है (इसे पारा भी कहते हैं), जिसे काटा नहीं जा सकता।
  • विकल्प (C) लोहा: यह एक बेहद कठोर संक्रमण धातु है जिसका उपयोग निर्माण कार्यों और औजार बनाने में किया जाता है।
  • विकल्प (D) चांदी: यह एक चमकदार और कीमती धातु है जो काफी मजबूत और आघातवर्धनीय होती है, इसे चाकू से नहीं काटा जा सकता।

#49. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व लैंथेनाइड समूह तत्व के रूप में वर्गीकृत है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 18 Aug, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) सेरियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सेरियम (Cerium): सेरियम एक रासायनिक तत्व है जिसका प्रतीक Ce और परमाणु क्रमांक 58 है। यह आवर्त सारणी में लैंथेनाइड श्रृंखला (Lanthanide series) का सबसे प्रचुर मात्रा में मिलने वाला तत्व है, इसलिए इसे लैंथेनाइड समूह के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है।
  • विशेषता: यह एक चांदी जैसी सफेद, नरम और प्रतिक्रियाशील धातु है जो हवा में आसानी से ऑक्सीकृत हो जाती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • लैंथेनाइड श्रेणी में परमाणु क्रमांक 57 (लैंथेनियम) से 71 (लुटेसियम) तक के कुल 15 धात्विक तत्व शामिल होते हैं, जिन्हें दुर्लभ मृदा तत्व (Rare-earth elements) भी कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 18/08/2025 Shift 3) में आवर्त सारणी और रासायनिक तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) येट्रियम: यह एक संक्रमण धातु (Transition metal) है जिसका परमाणु क्रमांक 39 है, हालांकि रासायनिक गुणों में यह लैंथेनाइड्स से मिलती-जुलती है लेकिन यह इस समूह का हिस्सा नहीं है।
  • विकल्प (B) एक्टिनियम: यह परमाणु क्रमांक 89 वाला तत्व है जो ‘ऐक्टिनाइड’ (Actinide) श्रृंखला का पहला तत्व है, न कि लैंथेनाइड का।
  • विकल्प (C) स्कैंडियम: यह परमाणु क्रमांक 21 वाला एक संक्रमण तत्व है जो आवर्त सारणी के समूह 3 में स्थित है।

#50. हमारे भोजन में कॉफ़ी, पालक, प्याज और चाय हमें आहार के रूप में निम्नलिखित में से कौनसा तत्व प्रदान करते हैं?
(RRB ALP Fitter 21 Jan 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) फ्लोराइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • फ्लोराइड (Fluoride): कॉफ़ी, पालक, प्याज और चाय जैसी चीजें हमारे दैनिक आहार में मुख्य रूप से फ्लोराइड प्रदान करती हैं। चाय की पत्तियाँ और कॉफ़ी के पौधे मिट्टी से स्वाभाविक रूप से फ्लोराइड को अवशोषित करते हैं।
  • विशेषता: फ्लोराइड एक खनिज आयन है जो हमारे शरीर में दांतों के इनेमल को मजबूत बनाने और हड्डियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • शरीर में फ्लोराइड की उचित मात्रा कैविटी (दांतों की सड़न) से बचाव करती है, हालांकि इसकी अत्यधिक मात्रा फ्लोरोसिस का कारण बन सकती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP Fitter : 21/01/2019 Shift 2) में मानव पोषण और आहार विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) क्लोराइड: यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने वाला मुख्य तत्व है, जो मुख्य रूप से नमक, समुद्री शैवाल और टमाटर आदि में पाया जाता है।
  • विकल्प (C) आयोडीन: यह थायराइड हार्मोन के नियंत्रण के लिए आवश्यक है, जो मुख्य रूप से समुद्री भोजन, मछलियों और आयोडीन युक्त नमक में प्रचुर मात्रा में मिलता है।
  • विकल्प (D) सोडियम: यह शरीर के तरल पदार्थों और तंत्रिका तंत्र के कामकाज को नियंत्रित करता है, जो सामान्यतः नमक और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से प्राप्त होता है।



#51. निम्नलिखित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या के संगत तत्वों का पूर्वानुमान लगाएं। A: 20 प्रोटॉन और 20 न्यूट्रॉन B: 19 प्रोटॉन और 20 न्यूट्रॉन
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) A: कैल्सियम, B: पोटैशियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तत्व A (कैल्सियम): प्रोटॉनों की संख्या (परमाणु क्रमांक) = 20 है, जो कि कैल्सियम (Calcium – Ca) का होता है। इसमें न्यूट्रॉनों की संख्या भी 20 है (द्रव्यमान संख्या = 20 + 20 = 40)।
  • तत्व B (पोटैशियम): प्रोटॉनों की संख्या (परमाणु क्रमांक) = 19 है, जो कि पोटैशियम (Potassium – K) का होता है। इसमें न्यूट्रॉनों की संख्या 20 दी गई है (द्रव्यमान संख्या = 19 + 20 = 39)।
  • मुख्य बिंदु:
    • किसी भी तत्व का परमाणु क्रमांक (Atomic Number) उसके नाभिक में मौजूद प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 15/12/2025) में परमाणु संरचना और रासायनिक तत्वों की पहचान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) A: पोटैशियम, B: कैल्सियम: इसमें प्रोटॉनों की संख्या के आधार पर तत्वों का क्रम उलट दिया गया है।
  • विकल्प (C) A: कैल्सियम, B: मैग्नीशियम: मैग्नीशियम का परमाणु क्रमांक (प्रोटॉनों की संख्या) 12 होता है, इसलिए यह गलत है।
  • विकल्प (D) A: मैग्नीशियम, B: पोटैशियम: इसमें तत्व A का प्रोटॉन मान गलत दिया गया है।

#52. निम्नलिखित में से किस तत्व की परमाणु त्रिज्या सबसे बड़ी है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 01 Sept, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) Rb

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius): दिए गए विकल्पों में रुबिडियम (Rb) की परमाणु त्रिज्या सबसे बड़ी है। आवर्त सारणी में किसी समूह (Group) में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु की त्रिज्या (आकार) बढ़ती है क्योंकि कोशों (Shells) की संख्या में वृद्धि होती है।
  • क्षार धातुएं (Alkali Metals): विकल्प (A) K [पोटैशियम], (B) Rb [रुबिडियम], (C) Li [लिथियम], और (D) Na [सोडियम] सभी आवर्त सारणी के समूह 1 (क्षार धातुएं) के तत्व हैं, जिनका क्रम ऊपर से नीचे इस प्रकार है: $\text{Li} < \text{Na} < \text{K} < \text{Rb}$।
  • मुख्य बिंदु:
    • रुबिडियम (Rb) का परमाणु क्रमांक 37 है, और यह पोटैशियम के नीचे स्थित होने के कारण आकार में उससे बड़ा होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 01/09/2025 Shift 2) में आवर्त सारणी के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) K: पोटैशियम का परमाणु क्रमांक 19 है, और यह रुबिडियम से ऊपर स्थित होता है, इसलिए इसका आकार रुबिडियम से छोटा होता है।
  • विकल्प (C) Li: लिथियम (परमाणु क्रमांक 3) इस समूह का सबसे ऊपर का तत्व है, अतः इसकी परमाणु त्रिज्या सबसे छोटी है।
  • विकल्प (D) Na: सोडियम (परमाणु क्रमांक 11) लिथियम के बाद आता है लेकिन पोटैशियम और रुबिडियम से ऊपर होने के कारण इनसे छोटा होता है।

#53. निम्नलिखित में से कौन बहुसंयोजी अधातु है?
(RPF Constable 2018 09 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: (A) सल्फर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सल्फर (Sulfur): सल्फर (गंधक) एक रासायनिक तत्व है जिसका प्रतीक S और परमाणु क्रमांक 16 है। यह एक प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला बहुसंयोजी अधातु (Multivalent non-metal) है।
  • विशेषता: बहुसंयोजी वे तत्व होते हैं जिनकी एक से अधिक संयोजकता (Valency) होती है। सल्फर की संयोजकता परिस्थितियों के अनुसार 2, 4 या 6 हो सकती है। कमरे के तापमान पर यह पीले रंग का क्रिस्टलीय ठोस होता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सल्फर का उपयोग मुख्य रूप से उर्वरक, बारूद, माचिस और कीटनाशकों के निर्माण में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 09/02/2019) में रसायन विज्ञान और तत्वों के गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) नाइट्रोजन: यह एक अधातु है जिसकी मुख्य संयोजकता आमतौर पर -3, +3 या +5 होती है, लेकिन यह सल्फर की तरह प्रमुख बहुसंयोजी श्रेणी में नहीं गिनी जाती।
  • विकल्प (C) हाइड्रोजन: यह सबसे हल्का तत्व और एक अधातु है जिसकी संयोजकता सामान्यतः केवल 1 होती है (एकसंयोजी)।
  • विकल्प (D) फास्फोरस: यह भी एक अधातु है जो मुख्य रूप से +3 और +5 संयोजकता प्रदर्शित करती है, लेकिन सल्फर को मानक तौर पर बहुसंयोजी अधातु के रूप में सबसे प्रमुखता से जाना जाता है।

#54. धातु K, Ca, Al को बढ़ती हुई अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए
。(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) Al < Ca < K

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अभिक्रियाशीलता का क्रम (Reactivity Series): दी गई धातुओं पोटैशियम (K), कैल्सियम (Ca), और एल्युमिनियम (Al) की रासायनिक अभिक्रियाशीलता का बढ़ता हुआ सही क्रम $\text{Al} < \text{Ca} < \text{K}$ है।
  • स्पष्टीकरण:
    • पोटैशियम (K): यह अत्यधिक अभिक्रियाशील क्षार धातु है जो ठंडे पानी के साथ भी बहुत तेजी से अभिक्रिया करती है।
    • कैल्सियम (Ca): यह पोटैशियम से कम लेकिन एल्युमिनियम से अधिक अभिक्रियाशील होती है (यह पानी के साथ मध्यम गति से अभिक्रिया करती है)।
    • एल्युमिनियम (Al): यह इन तीनों में सबसे कम अभिक्रियाशील धातु है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 15/12/2025) में धातु की सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series of Metals) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) K < Al < Ca: इसमें एल्युमिनियम को कैल्सियम से अधिक क्रियाशील बताया गया है, जो कि गलत है।
  • विकल्प (B) Ca < K < Al: इसमें पोटैशियम को एल्युमिनियम से कम क्रियाशील दर्शाया गया है।
  • विकल्प (C) K < Ca < Al: इसमें सबसे अधिक क्रियाशील पोटैशियम को सबसे कम बताया गया है, इसलिए यह क्रम पूरी तरह गलत है।

#55. नेप्टूिनियम के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 10 Jun, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) यह पिचब्लेण्ड में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक तत्व है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नेप्टूिनियम (Neptunium): नेप्टूिनियम एक रेडियोधर्मी रासायनिक तत्व है जिसका प्रतीक Np और परमाणु क्रमांक 93 है। यह यूरेनियम अयस्क जैसे पिचब्लेण्ड (Pitchblende) में बहुत ही सूक्ष्म (ट्रेस) मात्रा में प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होता है।
  • विशेषता: यह एक्टिनाइड श्रृंखला का पहला ट्रांसयूरेनिक तत्व है। हालांकि इसे मुख्य रूप से परमाणु रिएक्टरों में कृत्रिम रूप से संश्लेषित किया जाता है, लेकिन यह यूरेनियम खनिजों में प्राकृतिक रूप से भी अत्यंत अल्प मात्रा में पाया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यह एक अत्यधिक रेडियोधर्मी और प्रतिक्रियाशील धातु है, जो स्थायी नहीं होती।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 10/06/2025 Shift 2) में रेडियोधर्मिता और दुर्लभ तत्वों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यह एक निष्क्रिय तत्व है: यह कथन गलत है क्योंकि नेप्टूिनियम एक अत्यधिक रेडियोधर्मी और रासायनिक रूप से सक्रिय धातु है।
  • विकल्प (B) यह एक स्थायी तत्व है: यह गलत है, क्योंकि नेप्टूिनियम के सभी समस्थानिक (Isotopes) रेडियोधर्मी और अस्थिर होते हैं।
  • विकल्प (C) यह मेंडलीफ के समय जाना जाता था: यह गलत है, नेप्टूिनियम की खोज 1940 में एडविन मैकमिलन और फिलिप एबेलन द्वारा की गई थी, जो मेंडलीफ के समय ज्ञात नहीं था।



#56. निम्नलिखित में से किस गैस को उत्कृष्ट गैस के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 19/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) ऑक्सीजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऑक्सीजन (Oxygen): ऑक्सीजन एक प्रतिक्रियाशील अधातु है जिसका प्रतीक O और परमाणु क्रमांक 8 है। यह आवर्त सारणी के समूह 16 (चैल्कोजन) में आती है, इसलिए इसे उत्कृष्ट गैस (Noble Gas / Inert Gas) के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाता है।
  • विशेषता: उत्कृष्ट गैसें (जैसे हीरियम, नियॉन, आर्गन आदि) आवर्त सारणी के समूह 18 के तत्व हैं जो रासायनिक रूप से अक्रिय (निष्क्रीय) होती हैं, जबकि ऑक्सीजन अत्यधिक प्रतिक्रियाशील गैस है जो दहन और श्वसन के लिए आवश्यक है।
  • मुख्य बिंदु:
    • उत्कृष्ट गैसों में हीलियम, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टॉन, ज़ेनॉन और रेडॉन शामिल हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate CBT-1 : 19/03/2026) में आवर्त सारणी और तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं / उत्कृष्ट गैसें क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) आर्गन: यह एक उत्कृष्ट गैस है जो वायुमंडल में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
  • विकल्प (C) नियॉन: यह भी समूह 18 की एक प्रमुख उत्कृष्ट गैस है जिसका उपयोग विज्ञापनों वाले चमकते बल्बों में होता है।
  • विकल्प (D) हीलियम: यह सबसे हल्की उत्कृष्ट गैस है (परमाणु क्रमांक 2) जो अक्रिय होती है।

#57. थायरॉइड ग्रंथि द्वारा थायरॉक्सिन हार्मोन स्रावित करने के लिए कौन-सा तत्व आवश्यक है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) आयोडीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आयोडीन (Iodine): हमारी गर्दन में स्थित थायरॉइड ग्रंथि द्वारा ‘थायरॉक्सिन’ (Thyroxine) हार्मोन का संश्लेषण और स्राव करने के लिए आयोडीन सबसे आवश्यक खनिज तत्व है।
  • विशेषता: थायरॉक्सिन हार्मोन हमारे शरीर की चयापचय (Metabolism), ऊर्जा संतुलन और शारीरिक-मानसिक विकास को नियंत्रित करता है। शरीर में आयोडीन की कमी होने पर ‘घेंघा’ (Goitre या गॉइटर) नामक रोग हो जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • समुद्री भोजन, आयोडीन युक्त नमक और हरी पत्तेदार सब्जियां आयोडीन के मुख्य स्रोत हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 03/02/2026) में मानव शरीर क्रिया विज्ञान और पोषण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) फ्लुओरीन: यह दांतों के इनेमल को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है, न कि थायरॉक्सिन हार्मोन के निर्माण के लिए।
  • विकल्प (C) ब्रोमीन: यह एक हैलोजन तत्व है जो सामान्य जैविक कार्यों में आवश्यक ट्रेस तत्व के रूप में नहीं जाना जाता।
  • विकल्प (D) क्लोरीन: यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और गैस्ट्रिक एसिड (HCl) के निर्माण में मदद करता है।

#58. आतिशबाजी को अपना रंग धातु के लवण से मिलता है। निम्नलिखित में से कौन-सा धातु लवण हरे रंग का आतिशबाजी प्रदर्शन उत्पन्न करता है?
(RRB NTPC CBT-I : 31 July 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) बेरियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेरियम (Barium): आतिशबाजी (Firework) के दौरान हरे रंग का प्रदर्शन उत्पन्न करने के लिए मुख्य रूप से बेरियम लवण (जैसे बेरियम क्लोराइड या बेरियम नाइट्रेट) का उपयोग किया जाता है।
  • विशेषता: जब धातु के लवणों को आतिशबाजी में जलाया जाता है, तो उनके इलेक्ट्रॉन ऊर्जा को अवशोषित करके उत्तेजित हो जाते हैं और वापस ग्राउंड स्टेट में लौटते समय विशिष्ट रंग की रोशनी (प्रकाश स्पेक्ट्रम) छोड़ते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • लाल रंग के लिए स्ट्रोंसियम (Strontium) लवण और पीले रंग के लिए सोडियम लवण का उपयोग किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 31/07/2021 Shift 2) में रसायन विज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोगों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कैल्सियम: इसका उपयोग आतिशबाजी में नारंगी (Orange) रंग उत्पन्न करने के लिए किया जाता है।
  • विकल्प (B) सोना: यह एक बहुमूल्य धातु है जिसका उपयोग आतिशबाजी में रंगों के लिए नहीं किया जाता।
  • विकल्प (D) सोडियम: सोडियम यौगिकों के जलने से आतिशबाजी में चमकीला पीला (Yellow) रंग उत्पन्न होता है।

#59. बेरीलियम _______ के समान है
。(RRB JE 26 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (A) एल्युमीनियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विकर्ण संबंध (Diagonal Relationship): आवर्त सारणी में बेरीलियम (Be) रासायनिक गुणों में एल्युमीनियम (Al) के समान होता है। इसे विकर्ण संबंध कहा जाता है, जिसमें दूसरे आवर्त के तत्व तीसरे आवर्त के अपने विकर्ण रूप से अगले तत्व के साथ समानता प्रदर्शित करते हैं।
  • समानता के कारण: बेरीलियम और एल्युमीनियम दोनों के आयनिक विभव (Ionic potential) के मान लगभग समान होते हैं, जिसके कारण इनके ऑक्साइड और हाइड्रॉक्साइड दोनों की प्रकृति उभयधर्मी (Amphoteric) होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसी प्रकार लिथियम (Li) का विकर्ण संबंध मैग्नीशियम (Mg) के साथ और बोरॉन (B) का सिलिकॉन (Si) के साथ होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26/05/2019 Shift 2) में आवर्त सारणी और तत्वों के विकर्ण संबंधों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) जिंक: जिंक एक संक्रमण धातु है जो समूह 12 में आती है, इसका बेरीलियम के साथ सीधा विकर्ण संबंध नहीं है।
  • विकल्प (C) रेडॉन: रेडॉन एक रेडियोधर्मी उत्कृष्ट (नोबेल) गैस है, जबकि बेरीलियम एक क्षारीय मृदा धातु है।
  • विकल्प (D) लीथियम: लीथियम समूह 1 की क्षार धातु है जो आवर्त सारणी में मैग्नीशियम के साथ विकर्ण संबंध दर्शाती है, बेरीलियम के साथ नहीं।

#60. निम्नलिखित में से कौन आर्गन का संभारिक है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) कैल्सियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • संभारिक (Isobars): वे विभिन्न तत्वों के परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या (Mass Number) समान होती है लेकिन परमाणु क्रमांक (Atomic Number) भिन्न होते हैं, संभारिक कहलाते हैं। आर्गन ($\text{_{18}Ar^{40}}$) और कैल्सियम ($\text{_{20}Ca^{40}}$) दोनों की द्रव्यमान संख्या 40 होती है, इसलिए ये एक-दूसरे के संभारिक हैं।
  • विशेषता: संभारिकों के नाभिक में न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों की कुल संख्या समान होती है, परन्तु प्रोटॉनों की संख्या अलग होने के कारण वे अलग-अलग रासायनिक तत्व होते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • आर्गन का परमाणु क्रमांक 18 है (जिसमें 22 न्यूट्रॉन होते हैं) और कैल्सियम का परमाणु क्रमांक 20 है (जिसमें 20 न्यूट्रॉन होते हैं), लेकिन दोनों का कुल द्रव्यमान 40 होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 26/12/2024 Shift 2) में परमाणु संरचना और समस्थानिक/संभारिक के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सोडियम: इसका परमाणु क्रमांक 11 और सामान्य द्रव्यमान संख्या 23 होती है, जो आर्गन से भिन्न है।
  • विकल्प (C) पोटैशियम (39): यहाँ पोटैशियम की द्रव्यमान संख्या 39 दी गई है ($\text{_{19}K^{39}}$), जबकि आर्गन की द्रव्यमान संख्या 40 है, इसलिए इस रूप में यह आर्गन का संभारिक नहीं है।
  • विकल्प (D) क्लोरीन: इसका परमाणु द्रव्यमान लगभग 35.5 होता है, जो आर्गन के द्रव्यमान 40 से मेल नहीं खाता।



#61. सल्फर का प्रतीक क्या है?
(RPF Constable 2018 18 Jan 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) S

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सल्फर का प्रतीक (Symbol of Sulfur): रासायनिक तत्व सल्फर (गंधक) का रासायनिक प्रतीक S है, जिसका परमाणु क्रमांक 16 होता है।
  • विशेषता: अधिकांश रासायनिक तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर (या शुरुआती अक्षरों के संयोजन) से लिए जाते हैं। सल्फर का नाम अंग्रेजी में ‘Sulfur’ से शुरू होता है, इसलिए इसका प्रतीक ‘S’ है।
  • मुख्य बिंदु:
    • अंतर्राष्ट्रीय शुद्ध और अनुप्रयुक्त रसायन संघ (IUPAC) रासायनिक तत्वों के इन प्रतीकों को तय करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 18/01/2019 Shift 1) में रासायनिक तत्वों के नाम और उनके प्रतीकों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) Sp: यह किसी भी ज्ञात मानक रासायनिक तत्व का प्रतीक नहीं है (यह ‘स्पंदित’ या अन्य शब्दों का संक्षिप्त रूप हो सकता है)।
  • विकल्प (C) Sr: यह रासायनिक तत्व ‘स्ट्रोंसियम’ (Strontium) का प्रतीक है, जिसका परमाणु क्रमांक 38 है।
  • विकल्प (D) Su: मानक आवर्त सारणी में ‘Su’ नाम से कोई भी रासायनिक तत्व मौजूद नहीं है।

#62. निम्नलिखित में से किस धातु को उंगलियों के दाब से पत्तियों के आकार में ढाला जा सकता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) सोडियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सोडियम (Sodium): सोडियम और पोटैशियम जैसी कुछ क्षार धातुएं इतनी नरम होती हैं कि इन्हें उंगलियों के दाब या साधारण चाकू से आसानी से काटकर पत्तियों या चपटे आकार में ढाला जा सकता है।
  • विशेषता: इन धातुओं में धात्विक बंधन (Metallic bonding) कमजोर होता है क्योंकि इनके क्रिस्टल जालक में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या कम होती है, जिससे इनका घनत्व और कठोरता बहुत कम होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोडियम का घनत्व इतना कम होता है कि यह पानी पर भी तैर सकता है (हालांकि पानी के साथ यह तीव्र प्रतिक्रिया करता है)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/02/2026) में धातुओं के भौतिक गुणों (Physical Properties of Metals) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) लोहा: यह एक बेहद कठोर संक्रमण धातु है जिसे उंगलियों के दाब से नहीं बदला जा सकता।
  • विकल्प (C) चांदी: यह एक आघातवर्धनीय धातु है जिसे हथौड़े से पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है, लेकिन उंगलियों के दाब से नहीं।
  • विकल्प (D) सोना: यह सबसे अधिक आघातवर्धनीय धातु है, लेकिन इसे भी केवल दाब या हथौड़े से ही आकार दिया जाता है, उंगलियों के सामान्य दबाव से नहीं।

#63. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व p- ब्लॉक में पाया जाता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 11 Aug, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) नाइट्रोजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • p-ब्लॉक तत्व (p-Block Elements): नाइट्रोजन (N) का परमाणु क्रमांक 7 है और इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 5 (या $1s^2 2s^2 2p^3$) होता है। चूँकि इसका अंतिम इलेक्ट्रॉन p-कक्षक में प्रवेश करता है, इसलिए यह p-ब्लॉक का तत्व है।
  • विशेषता: आवर्त सारणी में p-ब्लॉक के अंतर्गत समूह 13 से समूह 18 तक के तत्व आते हैं, जिसमें धातु, उपधातु और अधातु सभी शामिल हैं। नाइट्रोजन समूह 15 (प्सिक्टोजेन) का मुख्य सदस्य है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पृथ्वी के वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस लगभग 78% प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 11/08/2025 Shift 3) में आधुनिक आवर्त सारणी और ब्लॉकों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) बेरियम: यह समूह 2 की एक क्षारीय मृदा धातु है, जिसका अंतिम इलेक्ट्रॉन s-कक्षक में जाता है, इसलिए यह s-ब्लॉक का तत्व है।
  • विकल्प (B) क्रोमियम: यह एक संक्रमण धातु है जिसका अंतिम इलेक्ट्रॉन d-कक्षक में जाता है, अतः यह d-ब्लॉक से संबंधित है।
  • विकल्प (D) सोडियम: इसका परमाणु क्रमांक 11 है और यह s-ब्लॉक (समूह 1) के अंतर्गत आता है।

#64. गंडमाला के उपचार में किस आइसोटोप का उपयोग किया जाता है?
(RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) आयोडीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रेडियोएक्टिव आयोडीन (Radioactive Iodine – I-131): गंडमाला (Goitre या घेंघा) और थायराइड कैंसर जैसी बीमारियों के उपचार में आयोडीन के रेडियोधर्मी समस्थानिक (Isotope) का मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है।
  • विशेषता: थायरॉइड ग्रंथि शरीर में आयोडीन को प्राकृतिक रूप से अवशोषित करती है, इसलिए रेडियोएक्टिव आयोडीन सीधे थायरॉइड कोशिकाओं को लक्षित करके उन्हें नष्ट करने या नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • चिकित्सा क्षेत्र में कोबाल्ट-60 का उपयोग कैंसर (ट्यूमर) के इलाज के लिए स्राव थेरेपी में किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-II Electronics : 31/08/2019 Shift 1) में समस्थानिकों के चिकित्सीय अनुप्रयोगों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यूरेनियम: इसका उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन और न्यूक्लियर रिएक्टर्स में ईंधन के रूप में होता है।
  • विकल्प (C) कोबाल्ट: इसका समस्थानिक (कोबाल्ट-60) कैंसर के उपचार के लिए रेडियोथेरेपी में उपयोग किया जाता है, गंडमाला के लिए नहीं।
  • विकल्प (D) क्लोरीन: यह एक हैलोजन तत्व है जिसका उपयोग पानी के शुद्धिकरण (कीटाणुशोधन) और ब्लीचिंग पाउडर बनाने में होता है।

#65. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व ऋणात्मक आयन (ऋणायन) बनाने की सबसे अधिक संभावना रखता है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) क्लोरीन (Cl)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऋणायन (Anion Formation): क्लोरीन (Cl) एक अधातु है जिसका परमाणु क्रमांक 17 और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 होता है। अपना अष्टक (Octet) पूरा करने के लिए इसे केवल 1 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है, इसलिए यह आसानी से इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणात्मक आयन ($\text{Cl}^-$) बनाने की सबसे अधिक संभावना रखता है।
  • विशेषता: आवर्त सारणी में दाईं ओर स्थित अधातुओं की इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron affinity) और विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) उच्च होती है, जिसके कारण वे आसानी से इलेक्ट्रॉन प्राप्त कर ऋणायन बनाते हैं।
  • मुख्य बिंदु:
    • इसके विपरीत, धातुएं (जैसे सोडियम, कैल्सियम, एल्युमिनियम) इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनात्मक आयन (धनायन) बनाती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 30/12/2024 Shift 2) में रासायनिक बंधन और आयनों के निर्माण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) एल्यूमीनियम (Al): यह एक धातु है (संयोजकता 3) जो इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन ($\text{Al}^{3+}$) बनाती है।
  • विकल्प (C) कैल्सियम (Ca): यह एक क्षारीय मृदा धातु है (संयोजकता 2) जो आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन ($\text{Ca}^{2+}$) बनाती है।
  • विकल्प (D) सोडियम (Na): यह एक क्षार धातु है जो 1 इलेक्ट्रॉन त्यागकर स्थायी धनायन ($\text{Na}^+$) बनाती है।



#66. निम्नलिखित में से किस धातु में तनु HCl के साथ अभिक्रिया करने पर बुलबुले बनने की दर सबसे तीव्र होगी?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) Mg

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अभिक्रियाशीलता और बुलबुले की दर (Rate of Bubble Formation): जब धातुएं तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($\text{HCl}$) के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) के बुलबुले बनते हैं। दी गई धातुओं में मैग्नीशियम ($\text{Mg}$) सबसे अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए इसके साथ अम्ल की प्रतिक्रिया सबसे तेज होगी और बुलबुले बनने की दर भी सबसे तीव्र होगी।
  • सक्रियता श्रेणी (Reactivity Order): दी गई धातुओं की क्रियाशीलता का घटता हुआ क्रम इस प्रकार है: $\text{Mg} > \text{Al} > \text{Zn} > \text{Fe}$।
  • मुख्य बिंदु:
    • मैग्नीशियम के तनु $\text{HCl}$ के संपर्क में आते ही ऊष्मा उत्पन्न होती है और तेजी से हाइड्रोजन गैस निकलती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 24/12/2025) में धातुओं की रासायनिक विशेषताओं और अम्ल के साथ अभिक्रिया के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) Fe (लोहा): यह मैग्नीशियम की तुलना में कम अभिक्रियाशील है, इसलिए इसके साथ बुलबुले बनने की दर काफी धीमी होती है।
  • विकल्प (B) Al (एल्युमिनियम): यह मैग्नीशियम से कम क्रियाशील है क्योंकि इसकी सतह पर ऑक्साइड की सुरक्षात्मक परत होती है जो शुरुआत में प्रतिक्रिया को धीमा कर देती है।
  • विकल्प (C) Zn (जिंक): इसकी अभिक्रियाशीलता लोहे से अधिक लेकिन मैग्नीशियम और एल्युमिनियम से कम होती है, जिससे बुलबुले मध्यम गति से बनते हैं।

#67. तत्वों को वर्गीकृत करने का पहला प्रयास किसके द्वारा किया गया था?
(RRB JE CBT I – : 2 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) डॉबेराइनर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तत्वों का वर्गीकरण (Classification of Elements): तत्वों को व्यवस्थित रूप से वर्गीकृत करने का सबसे पहला प्रयास जर्मन रसायनशास्त्री जॉहान वोल्फगांग डॉबेराइनर (Johann Wolfgang Döbereiner) द्वारा किया गया था।
  • डॉबेराइनर के त्रिक (Dobereiner’s Triads): उन्होंने 1817 में तत्वों को तीन-तीन के समूहों (त्रिक) में व्यवस्थित किया, जिसमें बीच वाले तत्व का परमाणु भार अन्य दोनों तत्वों के परमाणु भार के लगभग औसत (Arithmetic mean) के बराबर होता था।
  • मुख्य बिंदु:
    • उनके इस नियम को ‘त्रिक नियम’ (Law of Triads) कहा गया, हालांकि यह नियम उस समय ज्ञात सभी तत्वों पर लागू नहीं हो सका था।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 02/06/2019 Shift 3) में आवर्त सारणी के इतिहास और वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) मेयर: लोथर मेयर ने तत्वों के परमाणु आयतन और परमाणु भार के बीच संबंध दर्शाते हुए ग्राफ प्रस्तुत किया था, जो बाद में आया।
  • विकल्प (C) न्यूलैंड: जॉन न्यूलैंड ने तत्वों का ‘अष्टक नियम’ (Law of Octaves) प्रस्तुत किया था, जो डोबेराइनर के बाद का प्रयास था।
  • विकल्प (D) मेंडलीफ: दमित्री मेंडलीफ ने तत्वों की पहली व्यापक और व्यवस्थित ‘आवर्त सारणी’ (Periodic Table) बनाई थी, जो डॉबेराइनर के काफी बाद आई थी।

#68. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु, निम्न घनत्व और मृदुता की विशेषता रखती है?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) पोटैशियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पोटैशियम (Potassium): दी गई धातुओं में पोटैशियम (K) अपने बेहद कम घनत्व और अत्यधिक मृदुता (Softness) के लिए जानी जाती है। यह इतनी नरम होती है कि इसे आसानी से चाकू से काटा जा सकता है और इसका घनत्व पानी से भी कम होता है।
  • विशेषता: यह एक क्षार धातु (Alkali Metal) है जिसके क्रिस्टल जालक में धात्विक बंधन बहुत कमजोर होते हैं, जिस वजह से इसका घनत्व कम और कोमलता अधिक होती है।
  • मुख्य बिंदु:
    • सोडियम की तरह पोटैशियम भी वायु और नमी के संपर्क में आते ही तेजी से अभिक्रिया करती है, इसलिए इसे केरोसिन (मिट्टी के तेल) में रखा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 17/12/2025) में धातुओं के भौतिक गुणों और विशेषताओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) कॉपर: यह एक भारी संक्रमण धातु है जिसका घनत्व और कठोरता काफी अधिक होती है।
  • विकल्प (C) मैग्नीशियम: यह एक हल्की धातु है, लेकिन पोटैशियम जितनी मृदु और कम घनत्व वाली नहीं होती।
  • विकल्प (D) एल्युमीनियम: यह एक सामान्य हल्की धातु है जिसका उपयोग बर्तन और निर्माण कार्यों में होता है, और यह काफी मजबूत व सख्त होती है।

#69. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु बहुत तनु नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्सर्जित करती है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (A) Mn

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मैंगनीज (Mn) और नाइट्रिक अम्ल: सामान्यतः नाइट्रिक अम्ल ($\text{HNO}_3$) एक प्रबल ऑक्सीकारक होता है जो धातुओं के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) मुक्त नहीं करता, बल्कि नाइट्रोजन के ऑक्साइड बनाता है। लेकिन मैंगनीज (Mn) और मैग्नीशियम (Mg) दो ऐसी धातुएं हैं जो बहुत तनु नाइट्रिक अम्ल (Very dilute $\text{HNO}_3$) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्सर्जित करती हैं।
  • विशेषता: अत्यंत तनु अवस्था में नाइट्रिक अम्ल एक सामान्य अम्ल की तरह व्यवहार करता है और इन विशिष्ट धातुओं के साथ हाइड्रोजन गैस विस्थापित करता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • मैंगनीज एक संक्रमण धातु है जिसका प्रतीक Mn और परमाणु क्रमांक 25 है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27/12/2024 Shift 3) में धातुओं की रासायनिक प्रतिक्रियाओं और अम्लों के गुणों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) Al (एल्युमिनियम): यह नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करने पर अपनी सतह पर ऑक्साइड की निष्क्रिय परत बना लेता है और हाइड्रोजन गैस मुक्त नहीं करता।
  • विकल्प (C) Fe (लोहा): यह नाइट्रिक अम्ल के ऑक्सीकरण प्रभाव के कारण नाइट्रेट और नाइट्रोजन के ऑक्साइड बनाता है, हाइड्रोजन गैस नहीं।
  • विकल्प (D) Zn (जिंक): जिंक भी तनु नाइट्रिक अम्ल के साथ हाइड्रोजन गैस के स्थान पर नाइट्रोजन के विभिन्न ऑक्साइड ($\text{NO}, \text{NO}_2$) उत्पन्न करता है।

#70. निम्नलिखित में से कौन से तत्व मेंडलीफ के समय में खोज नहीं गए थे?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 12 Jun, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (B) गैलियम और जर्मेनियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मेंडलीफ के समय अनुपस्थित तत्व: दिमित्री मेंडलीफ ने जब अपनी आवर्त सारणी बनाई थी, तब गैलियम (Gallium) और जर्मेनियम (Germanium) की खोज नहीं हुई थी। हालांकि, मेंडलीफ ने इनके अस्तित्व की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी और इनके लिए अपनी सारणी में खाली जगह छोड़ी थी, जिन्हें उन्होंने क्रमशः ‘इका-एल्युमीनियम’ और ‘इका-सिलिकॉन’ नाम दिया था।
  • विशेषता: मेंडलीफ की आवर्त सारणी की यह सबसे बड़ी खूबी थी कि उसने भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों के गुणों का सटीक अनुमान लगा लिया था। बाद में जब गैलियम और जर्मेनियम खोजे गए, तो उनके गुण मेंडलीफ की भविष्यवाणियों से बिल्कुल मेल खाए।
  • मुख्य बिंदु:
    • हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन और फ्लोरिन जैसे तत्व मेंडलीफ के समय पहले से ही ज्ञात थे।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 12/06/2025 Shift 3) में आवर्त सारणी के इतिहास और मेंडलीफ के योगदान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोजन और नाइट्रोजन: ये दोनों हल्के और प्रमुख गैस तत्व मेंडलीफ के समय बहुत पहले से ही खोजे जा चुके थे।
  • विकल्प (C) रेडॉन और पोलोनियम: ये बाद के समय में खोजे गए रेडियोधर्मी तत्व हैं, लेकिन विकल्प (B) गैलियम और जर्मेनियम मेंडलीफ की भविष्यवाणी से सीधे जुड़े सबसे प्रसिद्ध उदाहरण हैं।
  • विकल्प (D) क्लोरीन और फ्लोरिन: हैलोजन परिवार के ये सदस्य मेंडलीफ की मूल आवर्त सारणी में पहले से ही शामिल थे।



#71. आधुनिक आवर्त सारणी किसके द्वारा दी गई थी?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (A) मोस्ले

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table): आधुनिक आवर्त सारणी का प्रतिपादन 1913 में ब्रिटिश भौतिकবিদ हेनरी मोस्ले (Henry Moseley) द्वारा किया गया था।
  • आधुनिक आवर्त नियम: इस सारणी का आधार ‘परमाणु क्रमांक’ (Atomic Number) है, जिसके अनुसार तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन (Periodic function) होते हैं। यह मेंडलीफ के परमाणु भार पर आधारित नियम का संशोधित रूप है।
  • मुख्य बिंदु:
    • आधुनिक आवर्त सारणी में 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त या Periods) और 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह या Groups) हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27/05/2019 Shift 1) में आधुनिक आवर्त सारणी के इतिहास और खोजकर्ता के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) मेंडलीफ: दमित्री मेंडलीफ ने तत्वों की पहली आवर्त सारणी दी थी, लेकिन वह ‘परमाणु द्रव्यमान’ (Atomic mass) पर आधारित थी, आधुनिक आवर्त सारणी मोस्ले ने दी है।
  • विकल्प (C) आइंस्टाइन: अल्बर्ट आइंस्टाइन ने सापेक्षता का सिद्धांत ($E=mc^2$) दिया था, इनका आवर्त सारणी से संबंध नहीं है।
  • विकल्प (D) बोहर: नील्स बोहर ने परमाणु संरचना का प्रसिद्ध मॉडल प्रस्तुत किया था, न कि आधुनिक आवर्त सारणी।

#72. उस रसायनज्ञ का नाम बताइए जिसने साबित किया कि किसी तत्व का परमाणु क्रमांक उसके परमाणु द्रव्यमान से अधिक मौलिक गुण है, जिसके कारण मेंडलीफ की आवर्त नियम तालिका में संशोधन हुआ?
(RRB NTPC CBT-I : 19 Jan 2021 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) हेनरी मोस्ले

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हेनरी मोस्ले (Henry Moseley): 1913 में ब्रिटिश भौतिकবিদ हेनरी मोस्ले ने एक्स-रे स्पेक्टra (X-ray spectra) पर प्रयोग करके यह साबित किया कि किसी तत्व का परमाणु क्रमांक (Atomic Number) उसके परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) की तुलना में अधिक मौलिक गुण है।
  • मेंडलीफ की आवर्त सारणी में संशोधन: इस महत्वपूर्ण खोज के आधार पर मेंडलीफ के आवर्त नियम में संशोधन किया गया, जिसके अनुसार “तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांकों के आवर्ती फलन होते हैं,” न कि परमाणु द्रव्यमान के। इसी से आधुनिक आवर्त सारणी का निर्माण हुआ।
  • मुख्य बिंदु:
    • मोस्ले के इस नियम ने मेंडलीफ की सारणी की कई विसंगतियों (जैसे समस्थानिकों की स्थिति और कुछ तत्वों के द्रव्यमान क्रम की गड़बड़ी) को दूर कर दिया।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 19/01/2021 Shift 2) में आधुनिक आवर्त सारणी के इतिहास और विकास के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जॉन न्यूलैंड्स: इन्होंने तत्वों का अष्टक नियम दिया था, जो परमाणु द्रव्यमान पर आधारित था।
  • विकल्प (B) जोहान डोबेरेनर: इन्होंने सबसे पहले तत्वों के त्रिक (Triads) बनाए थे, जो परमाणु भार पर आधारित थे।
  • विकल्प (C) दिमित्री इवानोविच मेंडेलिव: इन्होंने परमाणु द्रव्यमान पर आधारित पहली आवर्त सारणी दी थी, जिसे बाद में मोस्ले द्वारा संशोधित किया गया।

#73. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों की क्षैतिज पंक्तियों में व्यवस्था कैसी है?
(RPF Constable 2018 12 Feb 2019 shift 2)

✨ सही उत्तर: (C) आवर्त

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आवर्त (Periods): आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों की क्षैतिज पंक्तियों (Horizontal rows) को ‘आवर्त’ कहा जाता है।
  • विशेषता: आधुनिक आवर्त सारणी में कुल 7 आवर्त होते हैं। किसी एक आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर तत्वों के परमाणु क्रमांक में एक-एक करके वृद्धि होती है, जिसके परिणामस्वरूप तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन दिखाई देता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • पहले आवर्त में केवल 2 तत्व (हाइड्रोजन और हीलियम) होते हैं, जिसे अति लघु आवर्त कहते हैं। छठे आवर्त में अधिकतम 32 तत्व होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 12/02/2019 Shift 2) में आधुनिक आवर्त सारणी की मूल संरचना के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) समूह (Groups): आवर्त सारणी में ऊपर से नीचे की ओर जाने वाले ऊर्ध्वाधर स्तंभों (Vertical columns) को ‘समूह’ या ‘वर्ग’ कहा जाता है। आधुनिक आवर्त सारणी में कुल 18 समूह हैं।
  • विकल्प (A) ऊर्ध्वाधर तालिका: यह रसायन विज्ञान में आवर्त सारणी के संदर्भ में कोई मानक शब्द नहीं है।
  • विकल्प (D) क्षैतिज तालिका: क्षैतिज व्यवस्था को ‘आवर्त’ (Period) के नाम से ही जाना जाता है, ‘क्षैतिज तालिका’ के नाम से नहीं।

#74. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ समुद्र में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है और एक निश्चित कमी से होने वाली रोग में दिया जाता है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) आयोडीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समुद्री स्रोत और आयोडीन (Iodine from Sea): आयोडीन एक ऐसा खनिज तत्व है जो समुद्री जल, समुद्री घास और समुद्री जीवों (समुद्री भोजन) में अत्यंत प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • रोग निवारण: इसकी कमी से थायरॉइड ग्रंथि में सूजन आ जाती है जिसे ‘घेंघा’ या ‘गॉइटर’ (Goitre) रोग कहा जाता है। इस कमी को दूर करने के लिए आयोडीन युक्त नमक या दवाइयों का उपयोग किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • आयोडीन हमारे शरीर में थायरॉक्सिन हार्मोन के निर्माण के लिए अनिवार्य है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26/05/2019 Shift 2) में खनिजों के प्राकृतिक स्रोतों और पोषण संबंधी रोगों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) फ्लोरिन: यह मुख्य रूप से पेयजल और टूथपेस्ट में फ्लोराइड के रूप में होता है, और इसकी कमी से दांतों में सड़न होती है।
  • विकल्प (C) विटामिन A: यह गाजर, पपीता और हरी सब्जियों में पाया जाता है, जिसकी कमी से रतौंधी (Night blindness) होती है।
  • विकल्प (D) आयरन: यह हरी पत्तेदार सब्जियों और सेब में पाया जाता है, जिसकी कमी से एनीमिया (रक्तल्पता) होता है।

#75. इनमें से कोन सी धातु कक्ष तापमान पर तरल है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (B) पारा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पारा या मर्करी (Mercury – Hg): पारा एकमात्र ऐसी धातु है जो कमरे के सामान्य तापमान (Room Temperature) पर तरल (Liquid) अवस्था में पाई जाती है।
  • विशेषता: धातुओं का एक सामान्य भौतिक गुण यह होता है कि वे कमरे के तापमान पर ठोस होती हैं, लेकिन पारा इसका अपवाद है क्योंकि इसका गलनांक (Melting point) बहुत कम (-38.83 °C) होता है। इसका उपयोग थर्मामीटर और बैरोमीटर में किया जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • यदि अधातुओं की बात की जाए, तो ब्रोमीन (Bromine) एकमात्र ऐसी अधातु है जो कमरे के तापमान पर तरल अवस्था में होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27/05/2019 Shift 3) में धातुओं के भौतिक गुणों और अपवादों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कैल्सियम: यह एक कठोर क्षारीय मृदा धातु है जो कमरे के तापमान पर ठोस होती है।
  • विकल्प (C) पोटैशियम: यह एक नरम धातु है जिसे चाकू से काटा जा सकता है, लेकिन यह ठोस अवस्था में ही होती है।
  • विकल्प (D) सोडियम: पोटैशियम की तरह सोडियम भी एक ठोस क्षार धातु है (इसे मिट्टी के तेल में रखा जाता है)।



#76. आधुनिक आवर्त सारणी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 20 Jun, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) पहले आवर्त में 8 तत्व हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पहला आवर्त (First Period): आधुनिक आवर्त सारणी का पहला आवर्त सबसे छोटा आवर्त होता है जिसमें केवल 2 तत्व (हाइड्रोजन और हीलियम) मौजूद होते हैं। इसलिए कथन (D) गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
  • आवर्तों में तत्वों की संख्या:
    • पहला आवर्त: 2 तत्व (अति लघु आवर्त)
    • दूसरा और तीसरा आवर्त: प्रत्येक में 8 तत्व (लघु आवर्त)
    • चौथा और पांचवां आवर्त: प्रत्येक में 18 तत्व (दीर्घ आवर्त)
    • छठा और सातवां आवर्त: प्रत्येक में 32 तत्व (अति दीर्घ आवर्त)
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 20/06/2025 Shift 2) में आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना और विशेषताओं के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कथन सही क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) लैंथेनाइड और एक्टिनाइड को नीचे अलग पैनल में रखा गया है: यह कथन बिल्कुल सही है, इन्हें आवर्त सारणी के मुख्य भाग के नीचे अलग से स्थान दिया गया है।
  • विकल्प (B) समूह ऊर्ध्वाधर स्तंभ हैं, और आवर्त क्षैतिज पंक्तियाँ हैं: यह आधुनिक आवर्त सारणी की मूल परिभाषा है, जो पूर्णतः सत्य है।
  • विकल्प (C) दूसरे और तीसरे आवर्त में प्रत्येक में 8 तत्व हैं: यह कथन भी सही है क्योंकि दूसरे आवर्त (Li से Ne) और तीसरे आवर्त (Na से Ar) में 8-8 तत्व ही होते हैं।

#77. निम्नलिखित में से कौन सा हैलोजन नहीं है?
(RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) टेल्यूरियम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हैलोजन तत्व (Halogen Elements): आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 17 (Group 17) के तत्वों को हैलोजन कहा जाता है। इसके प्रमुख सदस्यों में फ्लोरिन (F), क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br), आयोडीन (I) और एस्टाटिन (At) शामिल हैं।
  • टेल्यूरियम (Tellurium – Te): टेल्यूरियम समूह 16 (चैल्कोजन परिवार) के अंतर्गत आने वाला एक उपधातु (Metalloid) है, इसलिए यह हैलोजन श्रेणी का हिस्सा नहीं है।
  • मुख्य बिंदु:
    • हैलोजन शब्द का अर्थ “लवण निर्माता” (Salt former) होता है क्योंकि ये धातुओं के साथ मिलकर आसानी से लवण बनाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-II Electronics : 31/08/2019 Shift 1) में आवर्त सारणी के समूहों और तत्वों के वर्गीकरण के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये हैलोजन क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) आयोडीन: यह समूह 17 का एक ठोस हैलोजन तत्व है।
  • विकल्प (C) फ्लोरिन: यह समूह 17 का पहला और सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील व विद्युत ऋणात्मक हैलोजन है।
  • विकल्प (D) एस्टाटिन: यह भी समूह 17 का एक भारी और रेडियोधर्मी हैलोजन तत्व है।

#78. पौधों में निम्नलिखित में से किस पोषक तत्व की सामान्यतः मिट्टी द्वारा आपूर्ति की जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) बोरान (Boron)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पौधों के पोषक तत्व (Plant Nutrients): पौधों की वृद्धि और विकास के लिए कुल 17 आवश्यक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इनमें से अधिकांश खनिज पोषक तत्वों की आपूर्ति सामान्यतः मिट्टी द्वारा की जाती है।
  • बोरान (Boron): बोरान एक महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrient) है, जिसे पौधे अपनी जड़ों के माध्यम से मिट्टी से प्राप्त करते हैं। यह पौधों में कोशिका भित्ति के विकास और शर्करा के स्थानांतरण में सहायता करता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन ऐसे तत्व हैं जो पौधे मुख्य रूप से हवा ($\text{CO}_2$) और पानी ($\text{H}_2\text{O}$) से प्राप्त करते हैं, न कि मिट्टी से।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 14/12/2025) में पादप पोषण और मिट्टी के खनिजों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हाइड्रोजन: इसे पौधे मुख्य रूप से जल से प्राप्त करते हैं।
  • विकल्प (B) ऑक्सीजन: यह वायुमंडल और जल के माध्यम से उपलब्ध होती है।
  • विकल्प (C) कार्बन: पौधे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड ($\text{CO}_2$) के रूप में कार्बन प्राप्त करते हैं।

#79. थायरॉइड ग्रंथि को थायरॉक्सिन हार्मोन उत्पादित करने के लिए किस तत्व की आवश्यकता होती है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) आयोडीन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आयोडीन (Iodine): हमारे गले में स्थित थायरॉइड ग्रंथि को ‘थायरॉक्सिन’ (Thyroxine) हार्मोन का उत्पादन करने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है।
  • विशेषता: यह हार्मोन शरीर की चयापचय प्रक्रिया (Metabolism), ऊर्जा स्तर और शारीरिक-मानसिक विकास को नियंत्रित करता है। शरीर में इसकी कमी से गॉइटर (घेंघा) रोग हो जाता है।
  • मुख्य बिंदु:
    • आयोडीन समुद्री भोजन और आयोडीन युक्त नमक का एक मुख्य घटक है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 29/11/2024 Shift 1) में मानव शरीर विज्ञान और आवश्यक खनिजों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सोडियम: यह तंत्रिका आवेगों और शरीर में द्रव संतुलन को बनाए रखने के लिए जरूरी है, न कि थायरॉक्सिन के लिए।
  • विकल्प (C) कैल्सियम: यह हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए आवश्यक खनिज है।
  • विकल्प (D) पोटैशियम: यह भी कोशिकाओं के भीतर इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और हृदय की कार्यप्रणाली को नियंत्रित करता है।
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