आवर्त सारणी Railway Questions
#1. त्रिक (Triad) का नियम किसके द्वारा दिया गया था?
(RRB JE CE 28 Aug 2019 Shift 2 CBT 2)
✨ सही उत्तर: (D) J.W. डोबेराइनर
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- त्रिक का नियम (Law of Triads): यह नियम जर्मन रसायनज्ञ जॉन वोल्फगैंग डोबेराइनर (J.W. Döbereiner) द्वारा 1817 में दिया गया था।
- विशेषता: डोबेराइनर ने समान गुणधर्म वाले तत्वों को तीन-तीन के समूहों में व्यवस्थित किया, जिन्हें ‘त्रिक’ (Triads) कहा गया। उनके अनुसार, त्रिक के मध्य तत्व का परमाणु भार अन्य दो तत्वों के परमाणु भार के लगभग औसत के बराबर होता है।
- मुख्य बिंदु:
- उदाहरण के लिए, लिथियम (Li), सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) डोबेराइनर के प्रसिद्ध त्रिक में से एक हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE : 28/08/2019, Shift 2) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी का वर्गीकरण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) जॉन न्यूलैंड्स: इन्होंने तत्वों के वर्गीकरण से संबंधित ‘अष्टक का नियम’ (Law of Octaves) दिया था।
- विकल्प (B) हेनरी मोसले: इन्होंने आधुनिक आवर्त सारणी दी, जिसमें तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया गया।
- विकल्प (C) D.I. मेंडेलीव: इन्होंने तत्वों के परमाणु भार के आधार पर पहली बार आवर्त सारणी (मेंडेलीव की आवर्त सारणी) का निर्माण किया था।
#2. निम्नलिखित में से कौन सा सूक्ष्म पोषक तत्व थायरॉयड ग्रंथि के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक है?
(RRB NTPC CBT-I : 7 Mar 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) आयोडीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आयोडीन (Iodine): आयोडीन एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrient) है जो हमारे शरीर में थायरॉयड ग्रंथि के समुचित कामकाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
- विशेषता: यह थायरॉयड ग्रंथि द्वारा थायरोक्सिन (Thyroxine) हार्मोन के संश्लेषण में मुख्य भूमिका निभाता है, जो शरीर के चयापचय (Metabolism) को नियंत्रित करता है।
- मुख्य बिंदु:
- आयोडीन की कमी से घेंघा (Goitre) या गॉइटर नामक रोग हो जाता है, जिसमें थायरॉयड ग्रंथि में सूजन आ जाती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 07/03/2021, Shift 1) में जीव विज्ञान/पोषण (Health and Nutrition) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) पोटैशियम: यह शरीर में द्रव संतुलन, तंत्रिका संकेतों (Nerve signals) और मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करने वाला मुख्य खनिज है।
- विकल्प (C) आयरन: यह रक्त में हीमोग्लोबिन के निर्माण और ऑक्सीजन के परिवहन के लिए आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट/खनिज है।
- विकल्प (D) कैल्शियम: यह हड्डियों और दांतों की मजबूती के साथ-साथ मांसपेशियों के कार्य और रक्त का थक्का जमने के लिए आवश्यक होता है।
#3. निम्नलिखित में से तत्वों के किस युग्म में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (B, C) बोरोन और कार्बन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- न्यूट्रॉनों की संख्या की गणना: किसी परमाणु में न्यूट्रॉन की संख्या (n) उसकी द्रव्यमान संख्या (Mass Number, A) में से परमाणु क्रमांक (Atomic Number, Z) को घटाकर निकाली जाती है (सूत्र: n = A – Z)।
- बोरोन (B) और कार्बन (C):
- बोरोन (परमाणु क्रमांक 5, द्रव्यमान संख्या 11) में न्यूट्रॉन = 11 – 5 = 6 होते हैं।
- कार्बन (परमाणु क्रमांक 6, द्रव्यमान संख्या 12) में न्यूट्रॉन = 12 – 6 = 6 होते हैं।
- अतः दोनों तत्वों में न्यूट्रॉनों की संख्या समान (6 और 6) होती है, इन्हें समन्यूट्रॉनिक (Isotones) कहा जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 19/12/2025) में रसायन विज्ञान (परमाणु संरचना एवं उप-परमाणु कण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (Be, B): बेरिलियम (Be) में 5 न्यूट्रॉन (9 – 4) और बोरोन (B) में 6 न्यूट्रॉन होते हैं, इसलिए संख्या समान नहीं है।
- विकल्प (Li, Be): लिथियम (Li) में 4 न्यूट्रॉन (7 – 3) और बेरिलियम (Be) में 5 न्यूट्रॉन (9 – 4) होते हैं।
- विकल्प (He, Li): हीलियम (He) में 2 न्यूट्रॉन (4 – 2) और लिथियम (Li) में 4 न्यूट्रॉन होते हैं।
#4. निम्नलिखित में से कौन सी गैस हमारे वायुमंडल के 78% भाग का निर्माण करती है और जीवन के लिए आवश्यक कई अणुओं का भाग भी है?
(RRB NTPC CBT-I : 31 Jan 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) नाइट्रोजन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- नाइट्रोजन (Nitrogen): नाइट्रोजन गैस हमारे वायुमंडल का सबसे बड़ा घटक है, जो आयतन के अनुसार लगभग 78% (78.08%) भाग का निर्माण करती है।
- जैविक महत्व: यह जीवन के लिए आवश्यक कई महत्वपूर्ण जैविक अणुओं, जैसे कि प्रोटीन, अमीनो अम्ल, न्यूक्लिक एसिड (DNA और RNA) और विटामिन का एक अनिवार्य हिस्सा है।
- मुख्य बिंदु:
- यद्यपि यह वायुमंडल में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, अधिकांश जीव इसे सीधे हवा से उपयोग नहीं कर पाते, बल्कि पौधों द्वारा इसे नाइट्रेट के रूप में मृदा से ग्रहण किया जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 31/01/2021, Shift 2) में पर्यावरण एवं रसायन विज्ञान (वायुमंडल के घटक) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) कार्बन: यह एक ठोस अधातु तत्व है (गैस नहीं), जो कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बनिक यौगिकों के रूप में पाया जाता है।
- विकल्प (C) ऑक्सीजन: यह वायुमंडल का लगभग 21% भाग बनाती है और श्वसन क्रिया के लिए आवश्यक होती है, लेकिन यह 78% भाग नहीं बनाती।
- विकल्प (D) हीलियम: यह एक अक्रिय उत्कृष्ट गैस है, जो वायुमंडल में बहुत ही कम मात्रा (लगभग 0.0005%) में पाई जाती है।
#5. धातुओं और अधातुओं के बीच मध्यवर्ती गुणों वाले तत्वों को मेट्लॉइड कहा जाता है। निम्नलिखित में से कौन सा मेट्लॉइड के रूप में जाना जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 13 Mar 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) जर्मेनियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपधातु या मेट्लॉइड (Metalloids): वे तत्व जिनके गुण धातुओं (Metals) और अधातुओं (Non-metals) दोनों के बीच के होते हैं, उन्हें उपधातु या मेट्लॉइड कहा जाता है।
- जर्मेनियम (Germanium): जर्मेनियम एक प्रमुख उपधातु है (प्रतीक Ge, परमाणु क्रमांक 32)। इसका उपयोग मुख्य रूप से अर्धचालक (Semiconductors) और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी में कुल मुख्य उपधातुएं बोरॉन (B), सिलिकॉन (Si), जर्मेनियम (Ge), आर्सेनिक (As), एंटीमनी (Sb), टेलूरियम (Te) और पोलोनियम (Po) हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 13/03/2021, Shift 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं तत्वों के वर्गीकरण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) आयोडीन: यह एक ठोस अधातु (Non-metal) है, उपधातु नहीं।
- विकल्प (B) तांबा (Copper): यह एक उत्कृष्ट और पारंपरिक धातु (Metal) है जिसमें विद्युत और ऊष्मा की चालकता अधिक होती है।
- विकल्प (C) कार्बन: यह एक विशिष्ट अधातु (Non-metal) है जो विभिन्न रूपों (जैसे हीरा और ग्रेफाइट) में पाया जाता है।
#6. कृत्रिम रूप से उत्पादित तत्वों के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 09 Jun, 2025 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) वे अल्पजीवी होते हैं।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कृत्रिम रूप से उत्पादित तत्व (Synthetic Elements): आवर्त सारणी में परमाणु क्रमांक 95 (अमेरिकियम) से आगे के अधिकांश तत्व और कुछ अन्य भारी तत्व प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से निर्मित किए जाते हैं।
- विशेषता: ये कृत्रिम तत्व रेडियोएक्टिव (किरणोत्सर्गी) होते हैं और अत्यधिक अस्थिर होने के कारण बहुत कम समय तक (अल्पजीवी या Short-lived) टिक पाते हैं; इनका अर्ध-आयु काल (Half-life) बहुत कम होता है।
- मुख्य बिंदु:
- इन भारी तत्वों का क्षय बहुत तेजी से होता है और ये अल्फा, बीटा या अन्य कणों को उत्सर्जित कर अन्य हल्के तत्वों में बदल जाते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 09/06/2025, Shift 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं सिंथेटिक तत्व) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) वे सारणी के सभी समूहों में पाए जाते हैं: यह गलत है, अधिकांश कृत्रिम तत्व आवर्त सारणी के अंतिम भागों (जैसे एक्टिनाइड्स और ट्रांस-यूरेनियम तत्वों) में ही पाए जाते हैं।
- विकल्प (C) वे दीर्घजीवी होते हैं: यह कथन गलत है क्योंकि अस्थिर होने के कारण ये लंबे समय तक नहीं टिकते, बल्कि अल्पजीवी होते हैं।
- विकल्प (D) वे प्राकृतिक तत्वों की तरह स्थिर होते हैं: कृत्रिम तत्व अत्यधिक रेडियोधर्मी और अस्थिर होते हैं, जबकि कई प्राकृतिक तत्व पूरी तरह स्थिर होते हैं।
#7. कौन-सा तत्व एकपरमाणुक अणु के रूप में विद्यमान रहता है?
(RRB JE 20/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (D) आर्गन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आर्गन (Argon): आर्गन एक उत्कृष्ट गैस (Noble Gas) है जो प्रकृति में एकल परमाणु (Monoatomic) के रूप में स्वतंत्र रूप से पाई जाती है, क्योंकि इसके बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों का अष्टक पूर्ण होता है।
- विशेषता: पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के कारण यह रासायनिक रूप से अक्रिय होती है और सामान्यतः अन्य तत्वों के साथ रासायनिक बंध नहीं बनाती है।
- मुख्य बिंदु:
- हीलियम, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टन, ज़ीनान और रेडॉन सभी उत्कृष्ट गैसें एकपरमाणुक (Monoatomic) रूप में ही रहती हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 20/02/2026) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं रासायनिक बंधन) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ऑक्सीजन: यह एक प्रतिक्रियाशील गैस है जो प्रकृति में द्विपरमाणुक अणु (O2) के रूप में विद्यमान होती है।
- विकल्प (B) क्लोरीन: यह एक हैलोजन गैस है जो प्रकृति में द्विपरमाणुक अणु (Cl2) के रूप में पाई जाती है।
- विकल्प (C) नाइट्रोजन: यह भी प्रकृति में द्विपरमाणुक अणु (N2) के रूप में रहती है क्योंकि इसके दो परमाणु त्रिक आबंध (Triple bond) से जुड़े होते हैं।
#8. समूह 17 का कौन सा तत्व सतहों, पीने के पानी, सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और स्विमिंग पूल और स्पाइ से बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने के लिए उपयोग किया जाता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 08 Sept, 2025 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (D) क्लोरीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- क्लोरीन (Chlorine): क्लोरीन आवर्त सारणी के समूह 17 (हैलोजन परिवार) का एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील तत्व है। इसका व्यापक उपयोग जल शोधन (Water purification) और कीटाणुशोधन (Disinfection) के लिए किया जाता है।
- विशेषता: यह पानी, सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट, स्विमिंग पूल और विभिन्न सतहों पर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और सूक्ष्मजीवों को प्रभावी ढंग से नष्ट करती है।
- मुख्य बिंदु:
- पानी में क्लोरीन मिलाने की प्रक्रिया को क्लोरीनीकरण (Chlorination) कहा जाता है, जो जल जनित रोगों (जैसे हैजा, टाइफाइड आदि) की रोकथाम में मदद करती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 08/09/2025, Shift 3) में रसायन विज्ञान (हैलोजन एवं उनके व्यावहारिक उपयोग) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ब्रोमीन: यह समूह 17 का ही एक तत्व है जो सामान्य ताप पर तरल अवस्था में रहता है, और इसका उपयोग मुख्य रूप से रासायनिक उद्योगों और औषधियों में होता है।
- विकल्प (B) फ्लोरीन: यह सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक (Electronegative) तत्व है, जिसका उपयोग टूथपेस्ट में कैविटी रोकने के लिए फ्लोराइड के रूप में किया जाता है, न कि सामान्य जल शोधन या सतहों के कीटाणुशोधन के मुख्य एजेंट के रूप में।
- विकल्प (C) आयोडीन: यह एक ठोस हैलोजन है जिसका उपयोग एंटीसेप्टिक (जैसे टिंचर आयोडीन) और थायरॉयड स्वास्थ्य के लिए किया जाता है।
#9. आधुनिक आवर्त सारणी के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (A) इसमें 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ हैं जिन्हें समूहों के रूप में जाना जाता है
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table): इसे हेनरी मोसले द्वारा विकसित किया गया था, जिसमें तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित किया गया है।
- समूह और आवर्त: इस सारणी में कुल 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (Vertical columns) हैं जिन्हें ‘समूह’ (Groups) कहा जाता है, तथा 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (Horizontal rows) हैं जिन्हें ‘आवर्त’ (Periods) कहा जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- एक ही समूह में मौजूद तत्वों के रासायनिक गुण समान होते हैं क्योंकि उनके बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या (संयोजकता इलेक्ट्रॉन) समान होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 25/05/2019, Shift 1) में रसायन विज्ञान (आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B): क्षैतिज पंक्तियों को ‘आवर्त’ कहा जाता है, समूह नहीं, और उनकी कुल संख्या 18 नहीं बल्कि 7 होती है।
- विकल्प (C): 7 क्षैतिज पंक्तियों को ‘आवर्त’ कहा जाता है, समूह नहीं।
- विकल्प (D): ऊर्ध्वाधर स्तंभों की कुल संख्या 18 होती है (ना कि 7) और उन्हें ‘समूह’ कहा जाता है।
#10. एक धातु का उदाहरण दीजिए जो कक्ष ताप पर तरल होता है।
(RRB JE EE 1 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)
✨ सही उत्तर: (C) पारा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पारा या मर्करी (Mercury): पारा एक ऐसी धातु (Metal, प्रतीक Hg) है जो सामान्य कमरे के तापमान (Room Temperature) पर तरल अवस्था (Liquid state) में पाई जाती है।
- विशेषता: यद्यपि अधिकांश धातुएं ठोस होती हैं और उनके गलनांक (Melting points) उच्च होते हैं, पारे का गलनांक बहुत कम (-38.83 डिग्री सेल्सियस) होता है, जिस कारण यह सामान्य तापमान पर तरल रहता है। इसका उपयोग थर्मामीटर और बैरोमीटर में किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- इसी प्रकार, अधातुओं में ब्रोमीन एकमात्र ऐसी अधातु है जो कक्ष ताप पर तरल अवस्था में पाई जाती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE EE : 01/09/2019, Shift 2) में रसायन विज्ञान (धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) आयोडीन: यह एक ठोस अवस्था में पाई जाने वाली चमकदार अधातु है।
- विकल्प (B) सोडियम: यह एक अत्यंत नरम प्रतिक्रियाशील ठोस धातु है जिसे चाकू से काटा जा सकता है, यह तरल नहीं होती।
- विकल्प (D) कैल्शियम: यह एक ठोस क्षारीय मृदा धातु है।
#11. निम्नलिखित में से कौन-सी पहली क्षारीय धातु है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (A) लिथियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- क्षारीय धातुएं (Alkali Metals): आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 1 (Hydrogen को छोड़कर) के तत्वों को क्षारीय धातु कहा जाता है। इनमें लिथियम (Li) समूह 1 का सबसे पहला और सबसे हल्का ठोस धात्विक तत्व है।
- विशेषता: इसका परमाणु क्रमांक 3 होता है। यह इतनी हल्की होती है कि पानी पर तैर सकती है और इसका घनत्व सभी ठोस तत्वों में सबसे कम होता है।
- मुख्य बिंदु:
- समूह 1 के अंतर्गत लिथियम, सोडियम, पोटैशियम, रुबिडियम, सीसियम और फ्रांसियम आते हैं, जिनमें लिथियम शीर्ष पर स्थित पहली क्षारीय धातु है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26/05/2019, Shift 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं समूह 1 के तत्व) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) हाइड्रोजन: यद्यपि यह समूह 1 में सबसे ऊपर स्थित है, लेकिन यह एक अधातु है, इसलिए इसे क्षारीय धातु नहीं माना जाता है।
- विकल्प (C) फ्रांसियम: यह समूह 1 का सबसे नीचे स्थित अंतिम और रेडियोधर्मी तत्व है, पहली धातु नहीं।
- विकल्प (D) सोडियम: यह लिथियम के ठीक नीचे समूह 1 की दूसरी क्षारीय धातु है, पहली नहीं।
#12. लैंथेनाइड्स और एक्टिनाइड्स को ________ भी कहा जाता है।
(RRB JE 24 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) आंतरिक संक्रमण तत्व
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आंतरिक संक्रमण तत्व (Inner Transition Elements): आवर्त सारणी के निचले हिस्से में अलग से रखी गई दो श्रेणियों—लैंथेनाइड्स (Lanthanides, परमाणु क्रमांक 58-71) और एक्टिनाइड्स (Actinides, परमाणु क्रमांक 90-103)—को संयुक्त रूप से आंतरिक संक्रमण तत्व कहा जाता है।
- विशेषता: इन्हें f-ब्लॉक के तत्व भी कहा जाता है क्योंकि इनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन एंटी-पेनल्टीमेट (f-कोश) ऊर्जा स्तर में प्रवेश करता है।
- मुख्य बिंदु:
- लैंथेनाइड्स को ‘दुर्लभ मृदा तत्व’ (Rare Earth Elements) भी कहा जाता है, जबकि अधिकांश एक्टिनाइड्स रेडियोधर्मी (Radioactive) प्रकृति के होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 24/05/2019, Shift 3) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं ब्लॉक वर्गीकरण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) उत्कृष्ट गैस: यह आवर्त सारणी के समूह 18 के तत्वों (जैसे हीलियम, नियॉन आदि) को कहा जाता है, जो अक्रिय होती हैं।
- विकल्प (B) सामान्य तत्व: इसके अंतर्गत मुख्य रूप से s-ब्लॉक और p-ब्लॉक के प्रतिनिधि तत्व आते हैं।
- विकल्प (D) संक्रमण तत्व: यह d-ब्लॉक के तत्वों (समूह 3 से 12) को कहा जाता है, न कि f-ब्लॉक के लैंथेनाइड्स और एक्टिनाइड्स को।
#13. हाइड्रोजन निम्नलिखित में से किस वर्ग से संबंधित है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 07 Aug, 2025 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) वर्ग 1
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- हाइड्रोजन की स्थिति (Position of Hydrogen): आधुनिक आवर्त सारणी में हाइड्रोजन (परमाणु क्रमांक 1) को सबसे ऊपर वर्ग 1 (Group 1) में रखा गया है क्योंकि इसके बाह्यतम कोश में 1 संयोजकता इलेक्ट्रॉन होता है, जो क्षारीय धातुओं के समान है।
- विशेषता: हाइड्रोजन एक अधातु होने के बावजूद अपने इलेक्ट्रॉनिक विन्यास की समानता के कारण वर्ग 1 के तत्वों (क्षारीय धातुओं) के साथ स्थान साझा करता है, हालांकि इसके गुण हैलोजन (वर्ग 17) से भी मिलते-जुलते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- इसे आवर्त सारणी का ‘आवारा तत्व’ (Rogue Element) भी कहा जाता है क्योंकि इसकी सटीक स्थिति को लेकर अभी भी चर्चा रहती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 07/08/2025, Shift 3) में रसायन विज्ञान (आधुनिक आवर्त सारणी एवं हाइड्रोजन की स्थिति) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) वर्ग 2: इसके अंतर्गत क्षारीय मृदा धातुएं (जैसे बेरिलियम, मैग्नीशियम आदि) आती हैं।
- विकल्प (B) वर्ग 17: इसे हैलोजन परिवार (जैसे फ्लोरीन, क्लोरीन आदि) कहा जाता है।
- विकल्प (D) वर्ग 18: यह उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases जैसे हीलियम, नियॉन आदि) का वर्ग है।
#14. निम्नलिखित में से कौन सा एक उपधातु है?
(RRB NTPC CBT-I : 30 Dec 2020 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) सिलिकॉन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उपधातु या मेट्लॉइड (Metalloids): वे तत्व जिनके भौतिक और रासायनिक गुण धातु (Metals) और अधातु (Non-metals) दोनों के बीच के होते हैं, उन्हें उपधातु कहा जाता है।
- सिलिकॉन (Silicon): सिलिकॉन एक प्रमुख उपधातु है (प्रतीक Si, परमाणु क्रमांक 14)। यह प्रकृति में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से कंप्यूटर चिप्स, ट्रांजिस्टर और अर्धचालक (Semiconductors) उद्योग में किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी में प्रमुख उपधातुओं में बोरॉन, सिलिकॉन, जर्मेनियम, आर्सेनिक, एंटीमनी, टेलूरियम और पोलोनियम शामिल हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 30/12/2020, Shift 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं तत्वों के प्रकार) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) ब्रोमीन: यह एक प्रतिक्रियाशील तरल अधातु (Non-metal) है, उपधातु नहीं।
- विकल्प (C) लेड (सीसा): यह एक भारी धातु (Metal) है जिसमें धात्विक चमक और चालकता पाई जाती है।
- विकल्प (D) सोना: यह एक उत्कृष्ट और बहुमूल्य धातु (Metal) है, जो अपनी उच्च आघातवर्धनीयता के लिए जानी जाती है।
#15. निम्नलिखित में से किस तत्व को विद्युत अपघटनी अपचयन द्वारा निकाला जाता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) Na (सोडियम)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विद्युत अपघटनी अपचयन (Electrolytic Reduction): अत्यधिक सक्रिय धातुओं (जैसे सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एल्युमिनियम) को उनके गलित (Molten) क्लोराइड या ऑक्साइड अयस्कों से निकालने के लिए विद्युत अपघटनी अपचयन विधि का उपयोग किया जाता है।
- सोडियम (Na): सोडियम अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है, इसलिए इसे कार्बन या अन्य रासायनिक अपचायकों द्वारा कार्बन के साथ गर्म करके नहीं निकाला जा सकता है। इसके गलित सोडियम क्लोराइड (NaCl) के विद्युत अपघटन द्वारा कैथोड पर शुद्ध सोडियम प्राप्त किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर आने वाली धातुओं का निष्कर्षण केवल विद्युत अपघटन के माध्यम से ही संभव है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 27/11/2024, Shift 2) में रसायन विज्ञान (धातुओं का निष्कर्षण एवं धातु कर्म) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) Zn (जिंक): यह मध्यम अभिक्रियाशील धातु है, जिसे कार्बन (कोक) द्वारा इसके ऑक्साइड के अपचयन से प्राप्त किया जाता है।
- विकल्प (B) Fe (लोहा): यह भी मध्यम अभिक्रियाशील धातु है जिसे ब्लास्ट फर्नेस में कार्बन (कार्बन मोनोऑक्साइड) द्वारा अपचयित करके निकाला जाता है।
- विकल्प (C) Pb (लेड): यह कम से मध्यम अभिक्रियाशील धातु है जिसे इसके अयस्क के तापीय अपचयन या कार्बन अपचयन द्वारा निष्कर्षित किया जाता है।
#16. MnO 2 + 4HCl → MnCl 2 + 2H 2 O + Cl 2 अभिक्रिया में, क्या अपचयित हो रहा है?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) मैंगनीज ( Mn )
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अपचयन (Reduction): रासायनिक अभिक्रिया में जिस पदार्थ का ऑक्सीजन का ह्रास (Loss of oxygen) या इलेक्ट्रॉन की प्राप्ति होती है, उसका अपचयन होता है।
- अभिक्रिया का विश्लेषण: दी गई अभिक्रिया ($MnO_2 + 4HCl \rightarrow MnCl_2 + 2H_2O + Cl_2$) में मैंगनीज डाइऑक्साइड ($MnO_2$) से ऑक्सीजन हटकर यह मैंगनीज क्लोराइड ($MnCl_2$) बनाता है। चूँकि $MnO_2$ से ऑक्सीजन की हानि हो रही है, अतः यहाँ मैंगनीज ($Mn$) का अपचयन हो रहा है।
- मुख्य बिंदु:इसी प्रकार, $HCl$ से हाइड्रोजन का ह्रास होने के कारण क्लोरीन ($Cl_2$) का ऑक्सीकरण (Oxidation) हो रहा है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 16/12/2024, Shift 3) में रसायन विज्ञान (रेडॉक्स अभिक्रियाएँ एवं ऑक्सीकरण-अपचयन) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) क्लोरीन ( Cl ): इस अभिक्रिया में $HCl$ से हाइड्रोजन के निकलने के कारण क्लोरीन का ऑक्सीकरण होता है, अपचयन नहीं।
- विकल्प (C) ऑक्सीजन ( O ): ऑक्सीजन का ह्रास $MnO_2$ यौगिक के संदर्भ में मैंगनीज के साथ जुड़ा हुआ है, यहाँ ऑक्सीजन स्वयं अपचयित नहीं हो रहा।
- विकल्प (D) हाइड्रोजन ( H ): हाइड्रोजन में ऐसा कोई अपचयन परिवर्तन नहीं होता है।
#17. अष्टक का नियम किस तत्व तक लागू पाया गया है?
(RRB JE CE 28 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)
✨ सही उत्तर: (D) कैल्शियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अष्टक का नियम (Law of Octaves): यह नियम ब्रिटिश वैज्ञानिक जॉन न्यूलैंड्स (John Newlands) द्वारा 1865 में दिया गया था। उनके अनुसार, यदि तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित किया जाए, तो किसी भी तत्व से शुरू करने पर आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के गुणों के समान होते हैं।
- कैल्शियम (Calcium): न्यूलैंड्स का अष्टक नियम केवल हल्के तत्वों के लिए ही ठीक से लागू हो पाया और यह केवल कैल्शियम (परमाणु क्रमांक 20) तक ही सीमित था, क्योंकि कैल्शियम के बाद आने वाले प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व से मेल नहीं खाते थे।
- मुख्य बिंदु:
- न्यूलैंड्स ने इसकी तुलना संगीत के सात सुरों (सा, रे, ग, म, प, ध, नी) से की थी।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE : 28/08/2019, Shift 1, CBT 2) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी के ऐतिहासिक विकास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) कोबाल्ट: यह कैल्शियम के बाद आता है और न्यूलैंड्स की सारणी में इसे अन्य तत्वों के साथ गलत ढंग से समूहीकृत किया गया था।
- विकल्प (B) ऑक्सीजन: यह एक हल्की गैस है जो न्यूलैंड्स के प्रारंभिक तत्वों में आती है, लेकिन अष्टक नियम की सीमा कैल्शियम पर समाप्त होती है।
- विकल्प (C) पोटैशियम: कैल्शियम के बाद आने वाला तत्व (परमाणु क्रमांक 19) है, जिस पर यह नियम लागू होना बंद हो गया था।
#18. अभिक्रिया श्रेणी के आधार पर, निम्नलिखित में से कौन-सी धातु अल्पतम अभिक्रियाशील है?
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) Au ( सोना )
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series): धातुओं को उनकी रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता के आधार पर व्यवस्थित करने पर जो सूची प्राप्त होती है, उसे सक्रियता श्रेणी कहा जाता है।
- सोना (Au): सोना (Gold) सक्रियता श्रेणी में सबसे नीचे आने वाली धातुओं में से एक है, जिस कारण यह अल्पतम अभिक्रियाशील (Least reactive) होती है। यह वायु, जल या सामान्य अम्लों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करती है और इसी वजह से इसकी चमक हमेशा बनी रहती है और इस पर जंग नहीं लगती।
- मुख्य बिंदु:
- श्रेणी में शीर्ष पर स्थित पोटैशियम (K) सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु है, जबकि नीचे स्थित सोना (Au) और प्लेटिनम (Pt) सबसे कम अभिक्रियाशील धातुएं हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/02/2026) में रसायन विज्ञान (धातुओं की सक्रियता श्रेणी) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (K) पोटैशियम: यह सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर स्थित अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है जो हवा और पानी के संपर्क में आते ही तीव्र प्रतिक्रिया करती है।
- विकल्प (Ca) कैल्शियम: यह भी एक अत्यधिक सक्रिय धातु है जो जल के साथ तेजी से प्रतिक्रिया करती है।
- विकल्प (Fe) लोहा: यह मध्यम अभिक्रियाशील धातु है जो नमी और ऑक्सीजन की उपस्थिति में आसानी से संक्षारित (जंग लगना) हो जाती है।
#19. जॉन डाल्टन ने अपना परमाणु सिद्धांत कब प्रकाशित किया था जिसमें कहा गया है कि सभी तत्व छोटे, अविभाज्य कणों से बने होते हैं?
(RRB NTPC UG CBT-I : 09 Sept, 2025 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (A) 1808
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton’s Atomic Theory): ब्रिटिश रसायनज्ञ और भौतिकीविद् जॉन डाल्टन ने वर्ष 1808 में अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘ए न्यू सिस्टम ऑफ़ केमिकल फिलॉसफी’ (A New System of Chemical Philosophy) में अपना परमाणु सिद्धांत प्रकाशित किया था।
- सिद्धान्त के मुख्य बिंदु: इस सिद्धांत के अनुसार, सभी पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म, अविभाज्य कणों (परमाणुओं) से मिलकर बने होते हैं। किसी भी दिए गए तत्व के सभी परमाणु द्रव्यमान और गुणों में समान होते हैं, जबकि विभिन्न तत्वों के परमाणु भिन्न होते हैं।
- विशेषता: यह सिद्धांत द्रव्यमान संरक्षण के नियम और निश्चित अनुपात के नियम का सफलतापूर्वक समर्थन करता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 09/09/2025, Shift 3) में रसायन विज्ञान (परमाणु संरचना एवं इतिहास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) 1798: यह वर्ष इस सिद्धांत के प्रकाशन से संबंधित नहीं है।
- विकल्प (C) 1803: हालांकि डाल्टन ने इस वर्ष के आसपास अपने विचारों और परिकल्पनाओं पर कार्य करना शुरू किया था और व्याख्यान दिए थे, लेकिन उनका औपचारिक प्रकाशन 1808 में हुआ था।
- विकल्प (D) 1800: यह परमाणु सिद्धांत के प्रकाशन का सही वर्ष नहीं है।
#20. निम्नलिखित में से कौन सी धातु तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के प्रति अधिक अभिक्रियाशील है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) Mg ( मैग्नीशियम )
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series): धातुओं की रासायनिक सक्रियता के आधार पर बनाई गई श्रेणी में जो धातु जितनी ऊपर होती है, वह तनु अम्लों के साथ उतनी ही तेजी से प्रतिक्रिया करती है।
- मैग्नीशियम (Mg): दिए गए विकल्पों (Mg, Al, Zn, Fe) में मैग्नीशियम सक्रियता श्रेणी में सबसे ऊपर स्थित है, जिस कारण यह तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) के प्रति सबसे अधिक अभिक्रियाशील (Most reactive) है। यह अम्ल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस ($H_2$) मुक्त करती है।
- मुख्य बिंदु:
- धातुओं की सक्रियता का घटता हुआ क्रम इस प्रकार है: $Mg > Al > Zn > Fe$।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 27/11/2024, Shift 1) में रसायन विज्ञान (धातुओं की सक्रियता और अम्ल के साथ अभिक्रिया) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) Al (एल्युमिनियम): यह मैग्नीशियम के बाद आती है और इसकी अभिक्रियाशीलता मैग्नीशियम से कम होती है।
- विकल्प (C) Zn (जिंक): यह एल्युमिनियम और मैग्नीशियम दोनों की तुलना में कम अभिक्रियाशील होती है।
- विकल्प (D) Fe (लोहा): यह दिए गए विकल्पों में सबसे नीचे स्थित है, इसलिए इसकी अम्ल के साथ अभिक्रिया की दर सबसे धीमी होती है।
#21. वाशिंग सोडा में सोडियम, कार्बन और ऑक्सीजन तत्व उपस्थित होते हैं। इन तत्वों के गलत प्रतीक का चयन कीजिए。
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) SO
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वाशिंग सोडा (Washing Soda): वाशिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है, जिसका रासायनिक सूत्र Na2CO3.10H2O होता है।
- तत्व और प्रतीक: इस यौगिक में सोडियम, कार्बन और ऑक्सीजन तत्व उपस्थित होते हैं। इनके सही रासायनिक प्रतीक क्रमशः Na, C और O हैं।
- गलत प्रतीक: ‘SO’ सोडियम का रासायनिक प्रतीक नहीं है (सोडियम का प्रतीक लैटिन नाम ‘नैट्रियम’ से Na होता है)। इसलिए विकल्प (A) इन तत्वों का गलत प्रतीक है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 19/12/2025) में रसायन विज्ञान (रासायनिक सूत्र एवं तत्वों के प्रतीक) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) C: यह कार्बन तत्व का एकदम सही रासायनिक प्रतीक है।
- विकल्प (C) O: यह ऑक्सीजन तत्व का सही रासायनिक प्रतीक है।
- विकल्प (D) Na: यह सोडियम तत्व का सही रासायनिक प्रतीक है।
#22. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व कमरे के तापमान पर ठोस अवस्था में नहीं रहता है?
(RPF Constable 2018 10 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: (A) मर्करी
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मर्करी या पारा (Mercury): पारा एक ऐसी धातु है जो सामान्य कमरे के तापमान (Room Temperature) पर ठोस अवस्था में नहीं बल्कि तरल अवस्था (Liquid state) में पाई जाती है।
- विशेषता: इसका गलनांक (Melting point) बहुत कम होता है (-38.83 डिग्री सेल्सियस), जिसके कारण यह कक्ष ताप पर तरल रहती है।
- मुख्य बिंदु:
- इसके अलावा सीज़ियम (Cs) और गैलियम (Ga) जैसी कुछ अन्य धातुएं भी हथेली की गर्मी या थोड़े अधिक तापमान पर पिघलकर तरल हो जाती हैं, लेकिन कमरे के तापमान पर सामान्यतः मर्करी ही तरल धातु के रूप में जानी जाती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 10/02/2019) में रसायन विज्ञान (धातुओं के भौतिक गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) टंगस्टन: यह एक अत्यधिक मजबूत और कठोर धातु है जिसका गलनांक सभी धातुओं में सबसे उच्च (लगभग 3422 डिग्री सेल्सियस) होता है और यह कमरे के तापमान पर ठोस रहती है।
- विकल्प (C) सीज़ीम: यद्यपि इसका गलनांक बहुत कम (लगभग 28.5 डिग्री सेल्सियस) होता है, लेकिन सामान्य कक्ष तापमान (लगभग 25 डिग्री सेल्सियस) से थोड़ा अधिक होने पर यह पिघलती है, और इसे पारंपरिक रूप से मर्करी के साथ इस श्रेणी में नहीं रखा जाता।
- विकल्प (D) मैग्नीशियम: यह एक हल्की, मजबूत और ठोस धात्विक तत्व है जो कक्ष ताप पर ठोस अवस्था में रहती है।
#23. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व व्यावसायिक उर्वरकों में सबसे कम पाया जाता है?
(RPF ConstableAnciliary 2018 31 Mar 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (C) सिलिकॉन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उर्वरक के मुख्य पोषक तत्व: व्यावसायिक और कृषि उर्वरकों में पौधों की वृद्धि के लिए मुख्य रूप से तीन प्राथमिक पोषक तत्वों (प्राथमिक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स) का उपयोग किया जाता है, जिन्हें नाइट्रोजन (N), फास्फोरस (P), और पोटैशियम (K) कहा जाता है (जिन्हें एनपीके उर्वरक भी कहते हैं)।
- सिलिकॉन (Silicon): सिलिकॉन पौधों की वृद्धि के लिए प्राथमिक आवश्यक उर्वरक पोषक तत्व नहीं है; हालांकि यह कुछ पौधों में संरचनात्मक सहायता प्रदान कर सकता है, लेकिन यह व्यावसायिक उर्वरकों में सबसे कम या नगण्य रूप से पाया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम पौधों के विकास, जड़ निर्माण और फलों के पकने के लिए सबसे अनिवार्य तत्व हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable Ancillary : 31/03/2019, Shift 1) में रसायन विज्ञान एवं कृषि विज्ञान (उर्वरक के घटक) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) फास्फोरस: यह पौधों की जड़ों और ऊर्जा हस्तांतरण के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिक पोषक तत्वों में से एक है, इसलिए यह उर्वरकों में प्रचुर मात्रा में होता है।
- विकल्प (B) नाइट्रोजन: यह पत्तियों और हरियाली के विकास के लिए सबसे मुख्य रूप से उपयोग किया जाने वाला उर्वरक घटक है।
- विकल्प (D) पोटैशियम: यह पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और समग्र विकास के लिए आवश्यक प्राथमिक पोषक तत्व है।
#24. निम्नलिखित में से कौन-सी अधातु विद्युत् का सुचालक है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) ग्रेफाइट
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ग्रेफाइट (Graphite): ग्रेफाइट कार्बन का एक अपरूप (Allotrope) है जो अधातु होने के बावजूद विद्युत और ऊष्मा का सुचालक (Good conductor of electricity) होता है।
- विशेषता: इसकी संरचना में प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य तीन कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़ा होता है, जिससे एक मुक्त इलेक्ट्रॉन (Free electron) शेष बच जाता है। इन्हीं मुक्त इलेक्ट्रॉनों की गतिशीलता के कारण यह विद्युत का चालन करता है।
- मुख्य बिंदु:
- सामान्यतः सभी अधातुएं विद्युत और ऊष्मा की कुचालक होती हैं, लेकिन ग्रेफाइट इसका प्रमुख अपवाद है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26/05/2019, Shift 1) में रसायन विज्ञान (धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ब्रोमिन: यह एक तरल अधातु है जो विद्युत की कुचालक होती है।
- विकल्प (B) हाइड्रोजन: यह एक गैसीय अधातु है जो विद्युत की कुचालक होती है।
- विकल्प (D) फॉस्फोरस: यह एक ठोस अधातु है जो विद्युत का चालन नहीं करती है (कुचालक है)।
#25. निम्नलिखित में से कौन सी धातु द्रव अवस्था में मौजूद होती है?
(RRB NTPC CBT-I : 31 Jan 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) मर्करी (पारा)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मर्करी या पारा (Mercury): पारा एकमात्र ऐसी धातु है जो सामान्य कमरे के तापमान (Room Temperature) पर द्रव (Liquid) अवस्था में मौजूद होती है।
- विशेषता: इसका रासायनिक प्रतीक Hg है और इसका गलनांक बहुत कम होता है, जिसके कारण यह सामान्य तापमान पर ठोस के बजाय तरल रूप में पाई जाती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से थर्मामीटर और बैरोमीटर में किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- इसके विपरीत, अधिकांश धातुएं उच्च गलनांक वाली ठोस होती हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 31/01/2021, Shift 1) में रसायन विज्ञान (धातुओं के भौतिक गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) कैल्शियम: यह एक ठोस क्षारीय मृदा धातु है।
- विकल्प (B) पोटैशियम: यह एक अत्यधिक नरम और प्रतिक्रियाशील ठोस धातु है।
- विकल्प (C) सोडियम: यह भी एक ठोस क्षार धातु है जिसे आसानी से चाकू से काटा जा सकता है, लेकिन यह द्रव अवस्था में नहीं होती।
#26. उस जर्मन रसायनज्ञ का नाम बताइए जिसने 1817 में तत्वों को त्रय में समूहित किया था。
(RRB NTPC CBT-I : 20 Jan 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) जोहान वोल्फगेंग डोबेराइनर
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- डोबेराइनर के त्रिक (Dobereiner’s Triads): जर्मन रसायनज्ञ जोहान वोल्फगेंग डोबेराइनर (Johann Wolfgang Döbereiner) ने वर्ष 1817 में सबसे पहले समान गुणधर्म वाले तत्वों को तीन-तीन के समूहों में व्यवस्थित करने का प्रयास किया था, जिन्हें ‘त्रिक’ कहा गया।
- नियम की विशेषता: इस नियम के अनुसार, त्रिक के तीनों तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में रखने पर मध्य वाले तत्व का परमाणु भार अन्य दो तत्वों के परमाणु भार के लगभग औसत के बराबर होता है।
- मुख्य बिंदु:
- उनके द्वारा दिए गए प्रसिद्ध त्रिक उदाहरण में लिथियम (Li), सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) शामिल हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 20/01/2021, Shift 2) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी के ऐतिहासिक विकास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) दिमित्री इवानोविच मेंडेलीव: इन्होंने परमाणु द्रव्यमान के आधार पर पहली बार आवर्त सारणी का निर्माण किया था।
- विकल्प (B) जॉन न्यूलैंड्स: इन्होंने ‘अष्टक का नियम’ (Law of Octaves) दिया था।
- विकल्प (C) हेनरी मोसले: इन्होंने आधुनिक आवर्त सारणी दी, जिसमें तत्वों को परमाणु क्रमांक के आधार पर व्यवस्थित किया गया।
#27. दिए गए तत्वों के धाविक लक्षणों का सही क्रम है:
(RRB NTPC CBT-I : 12 Feb 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (C) Li < Na < K < Rb < Cs
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- धात्विक लक्षण (Metallic Character): किसी तत्व के परमाणु द्वारा आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति उसका धात्विक लक्षण कहलाती है। आवर्त सारणी में किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार बढ़ता है, जिससे इलेक्ट्रॉन पर नाभिक का आकर्षण कम होता है और धात्विक लक्षण बढ़ता जाता है।
- समूह 1 के तत्व (क्षारीय धातुएं): समूह 1 में ऊपर से नीचे की ओर जाने पर (Li से Cs की तरफ) धात्विक लक्षण लगातार बढ़ता है।
- सही बढ़ता क्रम: लिथियम (Li) में धात्विक गुण सबसे कम और सीसियम (Cs) में सबसे अधिक होता है। अतः बढ़ता हुआ सही क्रम है:
- Li < Na < K < Rb < Cs
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 12/02/2021, Shift 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी में आवर्तिता और गुणों के रुझान) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) Li > Na > K > Cs > Rb: यह घटते क्रम का गलत संयोजन है क्योंकि इसमें Cs को Rb से पहले और गलत क्रम में रखा गया है।
- विकल्प (B) Na < K < Li < Rb < Cs: इसमें लिथियम (Li) की स्थिति गलत दी गई है जबकि Li समूह में सबसे ऊपर होने के कारण सबसे कम धात्विक है।
- विकल्प (D) Li > Na > K > Rb > Cs: यह घटता हुआ क्रम (Descending order) है, जबकि प्रश्न में तत्वों के लक्षणों का सही क्रम पूछा गया है।
#28. आवर्त सारणी की क्षैतिज पंक्ति को ________ कहा जाता है。
(RRB JE 23 May 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) आवर्त
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आवर्त (Period): आधुनिक आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने वाली क्षैतिज पंक्तियों (Horizontal rows) को ‘आवर्त’ कहा जाता है।
- विशेषता: आधुनिक आवर्त सारणी में कुल 7 क्षैतिज पंक्तियाँ या आवर्त होते हैं, जिनमें तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के अनुसार व्यवस्थित किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- इसके विपरीत, आवर्त सारणी के ऊर्ध्वाधर स्तंभों (Vertical columns) को ‘समूह’ (Groups) कहा जाता है, जिनकी कुल संख्या 18 होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 23/05/2019, Shift 2) में रसायन विज्ञान (आधुनिक आवर्त सारणी की बुनियादी संरचना) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) तालिका: यह पूरी आवर्त सारणी (Periodic Table) को दर्शाने वाला शब्द है, क्षैतिज पंक्ति को नहीं।
- विकल्प (B) समूह: यह आवर्त सारणी के ऊर्ध्वाधर स्तंभों (Vertical columns) को कहा जाता है, क्षैतिज पंक्तियों को नहीं।
- विकल्प (C) स्तंभ: यह ऊर्ध्वाधर (Vertical) दिशा में स्थित संरचनाओं के लिए उपयोग होता है, जबकि क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त कहते हैं।
#29. इनमें से किस तत्व की वाह्यतम कक्षा में एक इलेक्ट्रॉन होता है?
(RRB JE Electronics 01 Sep 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) लीथियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- लीथियम (Lithium): लीथियम एक क्षारीय धातु है जिसका परमाणु क्रमांक 3 होता है। इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 1 होता है, जिसके कारण इसके बाह्यतम कोश (Valence shell) में केवल 1 इलेक्ट्रॉन उपस्थित होता है।
- विशेषता: समूह 1 (क्षारीय धातुओं) के सभी तत्वों—जैसे लीथियम, सोडियम, पोटैशियम आदि—के बाह्यतम कोश में 1 ही संयोजकता इलेक्ट्रॉन होता है।
- मुख्य बिंदु:
- यह एकमात्र इलेक्ट्रॉन त्यागकर स्थायी अष्टक या द्विक प्राप्त करते हैं और धन आयन बनाते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE Electronics : 01/09/2019, Shift 2) में रसायन विज्ञान (इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एवं आवर्त सारणी) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) कार्बन: इसका परमाणु क्रमांक 6 और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 4 होता है, यानी इसके बाह्यतम कोश में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- विकल्प (B) ऑक्सीजन: इसका परमाणु क्रमांक 8 और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 6 होता है, यानी इसके बाह्यतम कोश में 6 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- विकल्प (C) कैल्शियम: इसका परमाणु क्रमांक 20 और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8, 2 होता है, यानी इसके बाह्यतम कोश में 2 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
#30. निम्नलिखित में से किस अणु में दो परमाणुओं के बीच त्रि-आबंध है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) N 2
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- त्रि-आबंध या त्रिक बंध (Triple Bond): जब दो परमाणुओं के बीच रासायनिक संयोजन के दौरान कुल छह इलेक्ट्रॉन (यानी तीन इलेक्ट्रॉन युग्म) साझा होते हैं, तो उनके बीच बनने वाले आबंध को त्रि-आबंध कहा जाता है।
- नाइट्रोजन अणु ($N_2$): नाइट्रोजन परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 5 होता है, जिसके बाह्यतम कोश में 5 इलेक्ट्रॉन होते हैं। अष्टक पूरा करने के लिए प्रत्येक नाइट्रोजन परमाणु को 3-3 इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इसलिए, दो नाइट्रोजन परमाणु आपस में तीन इलेक्ट्रॉन युग्मों की साझेदारी करके त्रि-आबंध ($N \equiv N$) का निर्माण करते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- त्रि-आबंध बहुत मजबूत होता है, जिसके कारण आणविक नाइट्रोजन ($N_2$) अत्यधिक स्थिर और अक्रिय गैस के रूप में व्यवहार करती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 29/11/2024, Shift 2) में रसायन विज्ञान (रासायनिक बंधन एवं आबंध के प्रकार) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) $F_2$ (फ्लोरीन): फ्लोरीन के दो परमाणुओं के बीच केवल एक इलेक्ट्रॉन युग्म की साझेदारी होती है, जिससे एकल आबंध बनता है।
- विकल्प (B) $Cl_2$ (क्लोरीन): क्लोरीन अणुओं के बीच भी एकल सहसंयोजक आबंध ($Cl-Cl$) पाया जाता है।
- विकल्प (D) $O_2$ (ऑक्सीजन): ऑक्सीजन के दो परमाणुओं के बीच चार इलेक्ट्रॉनों (दो युग्मों) की साझेदारी से द्वि-आबंध ($O=O$) बनता है।
#31. निम्नलिखित में से कौन सी गैस एक उत्कृष्ट गैस है?
(RRB NTPC CBT-I : 4 Jan 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) आर्गन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उत्कृष्ट गैस या अक्रिय गैस (Noble Gases): आधुनिक आवर्त सारणी के वर्ग 18 के तत्वों को उत्कृष्ट गैस कहा जाता है। ये गैसें रासायनिक रूप से अत्यधिक अक्रिय (Non-reactive) होती हैं क्योंकि इनके बाह्यतम कोश पूरी तरह से भरे होते हैं।
- आर्गन (Argon): आर्गन ($Ar$) एक उत्कृष्ट गैस है (परमाणु क्रमांक 18)। वायुमंडल में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के बाद सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली गैस आर्गन ही है। इसका उपयोग मुख्य रूप से विद्युत बल्बों में भरने के लिए किया जाता है ताकि टंगस्टन फिलामेंट की आयु बढ़ाई जा सके।
- मुख्य बिंदु:
- वर्ग 18 में हीलियम, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टन, ज़ीनान और रेडॉन शामिल हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 04/01/2021, Shift 2) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं उत्कृष्ट गैसें) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) नाइट्रोजन: यह आवर्त सारणी के समूह 15 की एक प्रमुख द्विपरमाणुक अधातु है, उत्कृष्ट गैस नहीं।
- विकल्प (C) फ्लूओरीन: यह समूह 17 (हैलोजन परिवार) की अत्यधिक प्रतिक्रियाशील अधातु है।
- विकल्प (D) ऑक्सीजन: यह समूह 16 की एक क्रियाशील गैस है जो दहन और श्वसन के लिए आवश्यक होती है।
#32. हैलोजनों में से सर्वाधिक अभिक्रियाशील धातु कौन सी है?
(RRB JE 29 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (B) फ्लोरीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फ्लोरीन की अभिक्रियाशीलता: फ्लोरीन (F) पूरी आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक (Most Electronegative) और सबसे अधिक अभिक्रियाशील अधातु तत्व है। अपने अत्यंत छोटे परमाणु आकार के कारण यह इलेक्ट्रॉनों को बहुत तीव्रता से आकर्षित करता है।
- हैलोजन परिवार (समूह 17): समूह 17 के तत्वों को हैलोजन कहा जाता है। समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ने के कारण अभिक्रियाशीलता घटती जाती है। (नोट: मूल प्रश्न पत्र में अनुवाद के कारण ‘धातु’ लिखा गया था, जबकि हैलोजन वास्तव में अधातुएं हैं)।
- मुख्य बिंदु:
- हैलोजनों की रासायनिक सक्रियता का घटता हुआ क्रम है: फ्लोरीन > क्लोरीन > ब्रोमीन > आयोडीन (F > Cl > Br > I)।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 29/05/2019, Shift 3) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी एवं हैलोजन वर्ग) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) क्लोरीन: यह फ्लोरीन के बाद दूसरी सबसे अधिक अभिक्रियाशील हैलोजन है, लेकिन फ्लोरीन से कम तीव्र होती है।
- विकल्प (C) ब्रोमीन: यह कमरे के तापमान पर तरल रहने वाली अधातु है, जिसकी क्रियाशीलता फ्लोरीन और क्लोरीन दोनों से कम है।
- विकल्प (D) आयोडीन: यह समूह में नीचे स्थित होने के कारण दिए गए विकल्पों में सबसे कम अभिक्रियाशील हैलोजन है।
#33. थर्मामीटर में किस तत्व का उपयोग किया जाता है?
(RRB ALP CBT-II Fitter : 06 May, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) पारा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पारा या मर्करी (Mercury): थर्मामीटर में तापमान मापने के लिए पारे (प्रतीक Hg) का उपयोग किया जाता है। यह एकमात्र ऐसी धातु है जो सामान्य कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है।
- विशेषता: पारा ऊष्मा का अच्छा चालक होता है, तापमान परिवर्तन के साथ समान रूप से फैलता या सिकुड़ता है, और कांच की दीवारों पर चिपकता नहीं है, जो इसे थर्मामीटर के लिए आदर्श बनाता है।
- मुख्य बिंदु:
- हालांकि, इसके विषैले स्वभाव के कारण आजकल डिजिटल थर्मामीटर या अल्कोहल-युक्त थर्मामीटर का भी व्यापक उपयोग किया जाने लगा है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-II Fitter : 06/05/2025, Shift 2) में विज्ञान और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले तत्वों के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ब्रोमीन: यह एक तरल अधातु है, जिसका उपयोग थर्मामीटर में नहीं किया जाता है।
- विकल्प (C) गैलियम: यह एक ऐसी धातु है जो हथेली की गर्मी पर पिघल सकती है, लेकिन इसका उपयोग पारंपरिक तापमान मापने वाले थर्मामीटर में नहीं होता।
- विकल्प (D) सीसा (Lead): यह एक भारी और ठोस धातु है, जो थर्मामीटर निर्माण में प्रयुक्त नहीं होती।
#34. निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक को पोलोनियम तत्व की खोज का श्रेय दिया जाता है?
(RPF Constable 2024 : 11 Mar, 2025 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) मैरी क्यूरी
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पोलोनियम तत्व की खोज (Discovery of Polonium): वर्ष 1898 में महान वैज्ञानिक मैरी क्यूरी (Marie Curie) और उनके पति पियरे क्यूरी ने पिचब्लेंड अयस्क के रेडियोधर्मिता का अध्ययन करते हुए नए तत्वों की खोज की थी। उन्होंने इस नए रेडियोधर्मी तत्व का नाम मैरी क्यूरी के गृह देश ‘पोलैंड’ के नाम पर पोलोनियम (Polonium, प्रतीक Po, परमाणु क्रमांक 84) रखा।
- विशेषता: पोलोनियम एक अत्यधिक रेडियोधर्मी और दुर्लभ धातु है। मैरी क्यूरी को रेडियोधर्मिता पर उनके अभूतपूर्व कार्यों और पोलोनियम तथा रेडियम की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
- मुख्य बिंदु:
- मैरी क्यूरी इतिहास की पहली महिला थीं जिन्होंने नोबेल पुरस्कार जीता और दो अलग-अलग विज्ञानों (भौतिकी और रसायन विज्ञान) में नोबेल प्राप्त करने वाली एकमात्र वैज्ञानिक हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 11/03/2025, Shift 2) में रसायन विज्ञान (प्रमुख तत्वों की खोज एवं वैज्ञानिकों के योगदान) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) अर्नेस्ट रदरफोर्ड: इन्हें परमाणु के नाभिक की खोज और अल्फा/बीटा कणों के अध्ययन के लिए जाना जाता है।
- विकल्प (B) नील्स बोहर: इन्होंने परमाणु का बोर मॉडल प्रस्तुत किया था जिसमें ऊर्जा स्तरों की अवधारणा दी गई थी।
- विकल्प (C) दिमित्री मेंडेलीव: इन्होंने पहली आवर्त सारणी (Periodic Table) का निर्माण किया था।
#35. आवर्त सारणी का आविष्कार किस वैज्ञानिक ने किया था?
(RRB NTPC CBT-I : 25 Jan 2021 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) दिमित्री मेंडेलीफ
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेंडेलीफ की आवर्त सारणी (Mendeleev’s Periodic Table): रूसी रसायनज्ञ दिमित्री इवानोविच मेंडेलीफ (Dmitri Mendeleev) को आधुनिक आवर्त सारणी के शुरुआती और सबसे महत्वपूर्ण संस्करण के विकास का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने वर्ष 1869 में तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु द्रव्यमान (Atomic mass) के आधार पर व्यवस्थित किया था।
- विशेषता: उन्होंने अपने समय के ज्ञात तत्वों को एक सारणीबद्ध रूप में व्यवस्थित किया और भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों (जैसे एका-एल्युमिनियम और एका-सिलिकॉन) के लिए अपनी सारणी में रिक्त स्थान भी छोड़े थे, जो बाद में बिल्कुल सही साबित हुए।
- मुख्य बिंदु:
- मेंडेलीफ के आवर्त नियम के अनुसार, तत्वों के गुण उनके परमाणु द्रव्यमान के आवर्ती फलन होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 25/01/2021, Shift 3) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी का इतिहास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) अर्नेस्ट रदरफोर्ड: इन्हें परमाणु के नाभिक की खोज और अल्फा प्रकीर्णन प्रयोग के लिए जाना जाता है।
- विकल्प (B) डाल्टन: इन्होंने परमाणु सिद्धांत (Atomic Theory) प्रतिपादित किया था, न कि आवर्त सारणी।
- विकल्प (D) न्यूटन: इन्होंने गति के नियम और गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत दिया था।
#36. निम्नलिखित में से कौन-सा एक सूक्ष्मपोषक तत्व है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) मैग्नीज ( Manganese )
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सूक्ष्मपोषक तत्व या माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (Micronutrients): वे आवश्यक पोषक तत्व जिनकी पौधों को बहुत कम मात्रा में (अल्प मात्रा में) आवश्यकता होती है, सूक्ष्मपोषक तत्व कहलाते हैं।
- मैग्नीज (Manganese): मैग्नीज पौधों के लिए एक आवश्यक सूक्ष्मपोषक तत्व है, जो मुख्य रूप से प्रकाश संश्लेषण, एंजाइम की सक्रियता और नाइट्रोजन उपापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- मुख्य बिंदु:
- पौधों के लिए अन्य प्रमुख सूक्ष्मपोषक तत्वों में लोहा (Fe), जस्ता (Zn), तापर (Cu), बोरॉन (B), मोलिब्डेनम (Mo), और क्लोरीन (Cl) शामिल हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/02/2026) में रसायन विज्ञान एवं कृषि विज्ञान (पादप पोषण एवं तत्व) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) फॉस्फोरस (Phosphorus): यह पौधों के लिए एक मुख्य वृहद पोषक तत्व (Macronutrient) है, जिसकी अधिक मात्रा आवश्यकता होती है।
- विकल्प (C) नाइट्रोजन (Nitrogen): यह भी एक प्राथमिक वृहद पोषक तत्व (Macronutrient) है जो वानस्पतिक वृद्धि के लिए अनिवार्य है।
- विकल्प (D) मैग्नीशियम (Magnesium): यह क्लोरोफिल का मुख्य घटक होने के कारण एक द्वितीयक वृहद पोषक तत्व (Secondary Macronutrient) के रूप में जाना जाता है।
#37. प्रकाश बल्व का तन्तु किसका बना होता है?
(RRB NTPC Tier I : 2 Apr 2016 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) टंगस्टन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- टंगस्टन (Tungsten): विद्युत बल्ब का तंतु (फिलामेंट) टंगस्टन धातु का बना होता है (प्रतीक W, परमाणु क्रमांक 74)।
- विशेषता: इसका गलनांक (Melting Point) सभी धातुओं में सबसे अधिक (लगभग 3422 डिग्री सेल्सियस) होता है। इसके उच्च प्रतिरोध और उच्च गलनांक के कारण यह अत्यधिक गर्म होने पर भी पिघलता नहीं है और श्वेत प्रकाश उत्सर्जित करता है।
- मुख्य बिंदु:
- बल्ब के भीतर ऑक्सीकरण को रोकने के लिए आर्गन या नाइट्रोजन जैसी अक्रिय गैसें भरी जाती हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Tier I : 02/04/2016, Shift 2) में भौतिकी/रसायन विज्ञान (विद्युत उपकरण और तत्वों के उपयोग) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) प्लेटिनम: यह एक बहुमूल्य और संक्षारण-रोधी धातु है, लेकिन बल्ब के फिलामेंट के रूप में टंगस्टन का उपयोग किया जाता है।
- विकल्प (B) टैंटलम: यह भी एक धात्विक तत्व है जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक कैपेसिटर आदि में होता है, बल्ब के तंतु में नहीं।
- विकल्प (D) एन्टीमनी: यह एक उपधातु है जिसका उपयोग मिश्रधातुओं और अर्धचालक उद्योगों में किया जाता है।
#38. मेंडेलीव ने अपनी आवर्त सारणी में रिक्त स्थान क्यों छोड़े?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 23 Jun, 2025 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (A) अनखोजे तत्वों के लिए
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मेंडेलीव की दूरदर्शिता: दिमित्री मेंडेलीव ने जब अपनी आवर्त सारणी बनाई, तो उन्होंने कुछ स्थानों पर जानबूझकर रिक्त (खाली) स्थान छोड़ दिए थे क्योंकि उनका विश्वास था कि भविष्य में ऐसे तत्वों की खोज होगी जिनके गुण उन स्थानों के अनुकूल होंगे।
- विशेषता: उन्होंने इन अनखोजे तत्वों का नामकरण उनके पास के ज्ञात तत्वों के आधार पर ‘एका-एल्युमिनियम’ (गैलियम के लिए), ‘एका-बोरॉन’ (स्कैंडियम के लिए) और ‘एका-सिलिकॉन’ (जर्मेनियम के लिए) रखा था। बाद में जब इन तत्वों की खोज हुई, तो उनके गुण मेंडेलीव की भविष्यवाणियों से बिल्कुल मेल खाते थे।
- मुख्य बिंदु:
- मेंडेलीव की इस अनूठी खूबी ने उनकी आवर्त सारणी को अत्यधिक वैज्ञानिक विश्वसनीयता और लोकप्रियता दिलाई।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 23/06/2025, Shift 3) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी का इतिहास एवं मेंडेलीव का योगदान) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) सारणी को सम्मित दिखाने के लिए: खाली जगहें केवल सौंदर्य या समरूपता दिखाने के लिए नहीं छोड़ी गई थीं, बल्कि इनका वैज्ञानिक उद्देश्य भविष्य के तत्वों के लिए था।
- विकल्प (C) समस्थानिकों को शामिल करने के लिए: समस्थानिकों (Isotopes) की खोज मेंडेलीव की आवर्त सारणी के प्रकाशन के काफी बाद हुई थी।
- विकल्प (D) तत्वों की पुनरावृत्ति से बचने के लिए: आवर्त सारणी में तत्वों को उनके गुणों की आवर्तिता के अनुसार व्यवस्थित किया गया था, न कि पुनरावृत्ति से बचने के लिए रिक्त स्थान छोड़ने का यह कारण था।
#39. निम्नलिखित में से किस तत्व की तुलना में तांबा अधिक अभिक्रियाशील है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (B) सिल्वर
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series): धातुओं की सक्रियता श्रेणी में हाइड्रोजन से नीचे आने वाली धातुएं कम अभिक्रियाशील होती हैं। कॉपर ($Cu$) हाइड्रोजन से नीचे स्थित है, लेकिन यह सिल्वर ($Ag$) से ऊपर स्थित होती है।
- तांबे की स्थिति: चूँकि तांबा सक्रियता श्रेणी में सिल्वर (चांदी) से ऊपर आता है, इसलिए यह सिल्वर की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील (More reactive) है। कॉपर सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर को विस्थापित कर सकता है।
- मुख्य बिंदु:
- सक्रियता श्रेणी में ऊपर से नीचे जाने पर धातुओं की अभिक्रियाशीलता घटती जाती है। (जैसे: $K > Na > Ca > … > Cu > Ag > Au$)
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27/12/2024, Shift 2) में रसायन विज्ञान (धातुओं की सक्रियता श्रेणी) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) कैल्शियम: यह सक्रियता श्रेणी में कॉपर से बहुत ऊपर स्थित एक अत्यधिक सक्रिय धातु है।
- विकल्प (C) पोटैशियम: यह सक्रियता श्रेणी की सबसे ऊपर की धातुओं में से एक है और कॉपर से कहीं अधिक अभिक्रियाशील है।
- विकल्प (D) सोडियम: यह भी एक अत्यंत प्रतिक्रियाशील क्षार धातु है जो कॉपर की तुलना में बहुत अधिक अभिक्रियाशील होती है।
#40. आयनन ऊर्जा के लिए आवर्त प्रवृत्ति के आधार पर, किस तत्व में सबसे अधिक आयनन ऊर्जा होती है?
(RRB JE 24 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (C) हीलियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आयनन ऊर्जा (Ionization Energy): किसी विलगित गैसीय परमाणु के बाह्यतम कोश से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए जितनी ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे आयनन ऊर्जा या आयनन विभव कहते हैं।
- हीलियम की स्थिति: आवर्त सारणी में हीलियम (He) का परमाणु क्रमांक 2 है। इसका द्विक (Duet) पूरी तरह से भरा होता है और इसका आकार बहुत छोटा होता है, जिसके कारण इसके नाभिक का इलेक्ट्रॉन पर अत्यधिक आकर्षण होता है। परिणामस्वरूप, पूरी आवर्त सारणी में हीलियम की आयनन ऊर्जा सबसे अधिक होती है।
- मुख्य बिंदु:
- आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर आयनन ऊर्जा बढ़ती है और ऊपर से नीचे आने पर घटती है। उत्कृष्ट गैसों की आयनन ऊर्जा अपने आवर्त में सबसे अधिक होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 24/05/2019, Shift 1) में रसायन विज्ञान (आवर्त सारणी और उनके आवर्ती गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ब्रोमीन: यह एक हैलोजन है जिसकी विद्युत ऋणात्मकता अधिक है, लेकिन इसकी आयनन ऊर्जा हीलियम जितनी उच्च नहीं होती।
- विकल्प (B) फ्लोरीन: यह सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक अधातु है, परंतु उत्कृष्ट गैस (हीलियम) की तुलना में इसकी आयनन ऊर्जा कम होती है।
- विकल्प (D) नाइट्रोजन: इसका आधा भरा हुआ p-कक्षक (Half-filled p-orbital) इसे अतिरिक्त स्थायित्व देता है और इसकी आयनन ऊर्जा अपने आवर्त में उच्च होती है, फिर भी यह हीलियम से कम है।
#41. निम्नलिखित में से कौन-सी अधातु रासायनिक रूप से अधातु होने के बाद भी धात्विक चमक प्रदर्शित करती है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) आयोडीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आयोडीन (Iodine): आयोडीन (प्रतीक I) समूह 17 (हैलोजन परिवार) की एक ठोस अधातु है। हालांकि यह रासायनिक रूप से एक अधातु है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें चमकदार धात्विक रूप (Metallic lustre) पाया जाता है।
- विशेषता: सामान्यतः सभी अधातुओं की सतह खुरदुरी या चमकहीन होती है, लेकिन आयोडीन के क्रिस्टल चमकदार और बैंगनी-काले रंग के होते हैं, जो धात्विक चमक प्रदर्शित करते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- यह गर्म करने पर बिना द्रव में बदले सीधे वाष्प में परिवर्तित हो जाती है (उर्ध्वपातन या Sublimation का गुण प्रदर्शित करती है)।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12/12/2025) में रसायन विज्ञान (अधातुओं के भौतिक गुण एवं अपवाद) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) फॉस्फोरस: यह एक चमकहीन ठोस अधातु है (जैसे श्वेत या लाल फॉस्फोरस) जिसमें कोई धात्विक चमक नहीं होती।
- विकल्प (B) नाइट्रोजन: यह वायुमंडल में पाई जाने वाली एक रंगहीन, गंधहीन और चमकहीन गैसीय अधातु है।
- विकल्प (D) सल्फर (गंधक): यह पीले रंग की ठोस अधातु है, जिसकी सतह चमकदार नहीं होती बल्कि यह भंगुर और मटमैलेपन लिए होती है।
#42. निम्न में से किसे पीटकर पतली चादरें बनाई जा सकती हैं?
(RRB JE CBT I :- 31 May 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) लोहा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आघातवर्धनीयता (Malleability): धातुओं का यह एक प्रमुख भौतिक गुण है जिसके कारण उन्हें हथौड़े से पीटकर पतली चादरों (Sheets) में परिवर्तित किया जा सकता है।
- लोहा (Iron): लोहा एक कठोर और मजबूत धातु है। इसमें उच्च आघातवर्धनीयता और तन्यता (Ductility) पाई जाती है, जिसके कारण इसे आसानी से पीटकर विभिन्न आकारों की चादरें और वस्तुएं बनाई जा सकती हैं।
- मुख्य बिंदु:
- सामान्यतः सभी धातुएं आघातवर्धनीय होती हैं, जबकि अधातुओं में यह गुण नहीं पाया जाता।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 31/05/2019, Shift 1) में रसायन विज्ञान (धातुओं के भौतिक गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ऑक्सीजन: यह एक गैसीय अधातु है, जिसे पीटकर चादरों में नहीं बदला जा सकता।
- विकल्प (C) सल्फर: यह एक ठोस अधातु है जो अत्यधिक भंगुर (Brittle) होती है; हथौड़े की चोट से यह चादर बनने के बजाय छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखर जाती है।
- विकल्प (D) नाइट्रोजन: यह एक गैसीय अधातु है, जिसमें आघातवर्धनीयता का कोई गुण नहीं होता।
#43. पीली सड़क रोशनी में ________ इस्तेमाल होता है
。(RRB NTPC Tier I : 27 Apr 2016 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (D) सोडियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सोडियम लैंप (Sodium Vapor Lamp): पीली सड़क रोशनी (Street lights) में आमतौर पर कम दबाव या उच्च दबाव वाले सोडियम वाष्प लैंप का उपयोग किया जाता है।
- विशेषता: सोडियम लैंप जब प्रज्वलित होते हैं, तो वे मुख्य रूप से चमकीला पीला प्रकाश (Monochromatic yellow light) उत्सर्जित करते हैं। यह पीला प्रकाश कोहरे, धुंध और धूल भरे वातावरण में बेहतर ढंग से प्रवेश करता है और रात में लंबी दूरी तक स्पष्टता प्रदान करता है।
- मुख्य बिंदु:
- सोडियम ऊर्जा दक्षता के मामले में भी काफी प्रभावी होते हैं, हालांकि आजकल इनकी जगह ऊर्जा-बचत करने वाले एलईडी लैंप का चलन बढ़ रहा है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Tier I : 27/04/2016, Shift 2) में रसायन विज्ञान एवं दैनिक जीवन में तत्वों के अनुप्रयोग के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) नियॉन: इसका उपयोग मुख्य रूप से रंगीन विज्ञापन संकेतकों (Neon signs) और चमकती हुई लाल-नारंगी लाइटों में किया जाता है, न कि पीली सड़क रोशनी में।
- विकल्प (B) नाइट्रोजन: यह एक अक्रिय गैस है जिसका उपयोग बल्बों में फिलामेंट की आयु बढ़ाने और खाद्य सामग्री पैकेटों में किया जाता है।
- विकल्प (C) फॉस्फोरस: इसका उपयोग दियासलाई, पटाखों और उर्वरकों के निर्माण में होता है, स्ट्रीट लाइट में नहीं।
#44. इनमें से कौन सा द्विपरमाणुक है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (D) फ्लोरीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- द्विपरमाणुक अणु (Diatomic Molecule): वह अणु जिसमें एक ही तत्व के दो परमाणु आपस में सहसंयोजक बंध द्वारा जुड़े होते हैं, द्विपरमाणुक अणु कहलाता है।
- फ्लोरीन ($F_2$): फ्लोरीन एक हैलोजन तत्व है जो प्राकृतिक रूप से द्विपरमाणुक गैस ($F_2$) के रूप में पाया जाता है। इसके दोनों परमाणु एकल सहसंयोजक बंध के माध्यम से जुड़े होते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, और सभी हैलोजन (जैसे $F_2, Cl_2, Br_2, I_2$) सामान्य अवस्था में द्विपरमाणुक होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27/05/2019, Shift 3) में रसायन विज्ञान (रासायनिक संरचना एवं अणुओं के प्रकार) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) हीलियम: यह एक उत्कृष्ट गैस है जो एकपरमाणुक (Monoatomic) रूप में स्वतंत्र रूप से पाई जाती है।
- विकल्प (B) आर्गन: यह भी एक अक्रिय उत्कृष्ट गैस है जो एकपरमाणुक होती है।
- विकल्प (C) मीथेन ($CH_4$): यह एक यौगिक है जो एक कार्बन और चार हाइड्रोजन परमाणुओं (चतुर्परमाणुक नहीं, बल्कि पंचपरमाणुक) से मिलकर बनता है, द्विपरमाणुक नहीं है।
#45. आनुवंशिकी और वंशाक्रम पर पहला वैज्ञानिक प्रयोग उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में आयोजित किया गया था। उद्यान मटर पर ये संकरण प्रयोग किसने किए?
(RPF Constable 2024 : 17 Mar, 2025 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) ग्रेगर मेंडल
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आनुवंशिकी के जनक (Father of Genetics): ग्रेगर जोहान मेंडल (Gregor Johann Mendel) ने 19वीं शताब्दी के मध्य (लगभग 1856 से 1863 के दौरान) ऑस्ट्रिया के एक मठ के बगीचे में उद्यान मटर (Garden Pea, Pisum sativum) के पौधों पर संकरण (Hybridization) प्रयोग किए थे।
- अनुसंधान और नियम: उन्होंने अपने प्रयोगों के आधार पर वंशागति के मौलिक नियमों—प्रभाविता का नियम (Law of Dominance), पृथक्करण का नियम (Law of Segregation) और स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment)—का प्रतिपादन किया, जिसके कारण उन्हें ‘आनुवंशिकी का जनक’ कहा जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- मटर के पौधे का चयन करने का मुख्य कारण इसका छोटा जीवन चक्र, आसानी से उगना और स्पष्ट विपर्यायी लक्षणों (contrasting characters) का होना था।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 17/03/2025, Shift 3) में जीव विज्ञान/सामान्य विज्ञान (आनुवंशिकी के इतिहास) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) रोज़ालिंड फ्रैंकलिन: इनका संबंध डीएनए की एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफी छवियों (X-ray diffraction images) से है, जिससे डीएनए की संरचना समझने में मदद मिली थी।
- विकल्प (B) दिमित्री मेंडेलीव: इन्होंने रसायन विज्ञान में आवर्त सारणी (Periodic Table) का निर्माण किया था।
- विकल्प (D) जेम्स वॉटसन और फ्रांसिस क्रिक: इन्होंने वर्ष 1953 में डीएनए के द्विक कुंडलिनी (Double Helix) मॉडल की खोज की थी।
#46. अभिक्रियाशीलता श्रेणी के अनुसार, लोहा ________ से अधिक अभिक्रियाशील है。
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (C) ताँबा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series): धातुओं की सक्रियता श्रेणी में तत्वों को उनकी रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता के आधार पर व्यवस्थित किया जाता है, जिसमें ऊपर से नीचे जाने पर अभिक्रियाशीलता घटती है।
- लोहे की स्थिति (Iron): लोहा ($Fe$) सक्रियता श्रेणी में तांबे ($Cu$) से ऊपर स्थित होता है। इसलिए, लोहा तांबे की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील (More reactive) होता है और यह तांबे के लवण विलयन से तांबे को विस्थापित कर सकता है।
- मुख्य बिंदु:
- सक्रियता का क्रम: $K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > (H) > Cu > Ag > Au$
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 29/11/2024, Shift 2) में रसायन विज्ञान (धातुओं की सक्रियता श्रेणी) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) पोटैशियम: यह सक्रियता श्रेणी में शीर्ष पर स्थित अत्यंत सक्रिय धातु है, अतः लोहा इससे अधिक अभिक्रियाशील नहीं है।
- विकल्प (B) सोडियम: यह भी एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील क्षार धातु है जो लोहे की तुलना में बहुत अधिक सक्रिय होती है।
- विकल्प (D) कैल्शियम: कैल्शियम भी सक्रियता श्रेणी में लोहे से ऊपर आती है और उससे अधिक अभिक्रियाशील है।
#47. समूह 17 के तत्वों का नाम क्या है?
(RRB JE Electronics 01 Sep 2019 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) हैलोजन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- समूह 17 के तत्व (Group 17 Elements): आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 17 के तत्वों को हैलोजन (Halogens) कहा जाता है। इस वर्ग के प्रमुख तत्वों में फ्लोरीन (F), क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br), आयोडीन (I) और एस्टाटीन (At) शामिल हैं।
- नामकरण का अर्थ: ‘हैलोजन’ शब्द ग्रीक भाषा के ‘Hals’ (यानी नमक या समुद्र का लवण) और ‘Genes’ (यानी उत्पादक या उत्पन्न करने वाला) से मिलकर बना है। इसका अर्थ है “लवण बनाने वाले”, क्योंकि ये तत्व धातुओं के साथ आसानी से अभिक्रिया करके लवण (जैसे सोडियम क्लोराइड) का निर्माण करते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- इन सभी तत्वों के बाह्यतम कोश (Valence shell) में 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं और ये अत्यधिक प्रतिक्रियाशील अधातुएं होती हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE Electronics : 01/09/2019, Shift 2) में रसायन विज्ञान (आधुनिक आवर्त सारणी एवं तत्वों के वर्गीकरण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) काल्कोजन (Chalcogens): यह आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 16 के तत्वों (जैसे ऑक्सीजन, सल्फर आदि) का सामूहिक नाम है, जिन्हें ‘अयस्क-निर्माता’ कहा जाता है।
- विकल्प (C) अक्रिय गैस: यह आवर्त सारणी के समूह 18 के तत्वों (जैसे हीलियम, नियॉन, आर्गन आदि) का नाम है, जो रासायनिक रूप से अक्रिय होती हैं।
- विकल्प (D) धातु: समूह 17 के तत्व धातु नहीं, बल्कि अत्यधिक विद्युत ऋणात्मक अधातुएं हैं।
#48. एकमात्र अधातु जो कमरे के तापमान पर तरल है, ________ है。
(RRB NTPC Tier I : 2 Apr 2016 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (ब) ब्रोमीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ब्रोमीन (Bromine): ब्रोमीन एक रासायनिक तत्व है (प्रतीक Br, परमाणु क्रमांक 35) जो आवर्त सारणी के समूह 17 (हैलोजन परिवार) से संबंधित है। यह एकमात्र ऐसी अधातु (Non-metal) है जो सामान्य कमरे के तापमान (Room Temperature) पर द्रव (Liquid) अवस्था में पाई जाती है।
- विशेषता: यह एक लाल-भूरे रंग का अत्यधिक वाष्पशील तरल पदार्थ है जिसकी गंध तीखी और दम घुटने वाली होती है।
- मुख्य बिंदु:
- जबकि पारा (Mercury) कमरे के तापमान पर तरल रहने वाली एकमात्र धातु है, ब्रोमीन तरल रहने वाली एकमात्र अधातु है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Tier-I : 02/04/2016) में रसायन विज्ञान (धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (अ) पारा: यह कमरे के तापमान पर तरल रहने वाली धातु है, अधातु नहीं।
- विकल्प (स) क्लोरीन: यह एक गैसीय अवस्था वाली अधातु है।
- विकल्प (द) गैलियम: यह एक धातु है (अधातु नहीं), जो हथेली की गर्मी पर पिघल सकती है।
#49. निम्नलिखित में से कौन सी धातु ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करती है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (D) मैग्नीशियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया: पोटैशियम, सोडियम और कैल्शियम जैसी अत्यधिक सक्रिय धातुएं ठंडे पानी के साथ तेजी से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस और धातु हाइड्रॉक्साइड बनाती हैं।
- मैग्नीशियम की प्रतिक्रिया: मैग्नीशियम ($Mg$) ठंडे पानी के साथ बहुत धीमी या लगभग न के बराबर अभिक्रिया करती है। यह ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करती, बल्कि यह केवल गर्म पानी (Hot water) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस और मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड बनाती है। भाप के साथ यह तेजी से क्रिया करती है।
- मुख्य बिंदु:
- मैग्नीशियम की सतह पर हाइड्रोजन गैस के बुलबुले चिपक जाते हैं, जिसके कारण यह पानी की सतह पर तैरने लगती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27/12/2024, Shift 3) में रसायन विज्ञान (धातुओं की जल के साथ अभिक्रिया) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) पोटैशियम: यह ठंडे पानी के साथ अत्यधिक तीव्रता और विस्फोटक रूप से अभिक्रिया करती है और आग पकड़ लेती है।
- विकल्प (B) सोडियम: यह भी ठंडे पानी के साथ तीव्र ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया करती है।
- विकल्प (C) कैल्शियम: यह ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया करती है (हालांकि सोडियम और पोटैशियम जितनी तेजी से नहीं), और पानी में तैरने लगती है क्योंकि हाइड्रोजन गैस के बुलबुले धातु से चिपक जाते हैं।
#50. कार्बन श्रृंखला में हाइड्रोजन के स्थान पर समान क्रियात्मक समूह के प्रतिस्थापन से बनने वाले यौगिकों के क्रम को ________ कहा जाता है
。(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (A) समजातीय श्रेणी
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- समजातीय श्रेणी (Homologous Series): कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें एक ही सामान्य सूत्र और समान क्रियात्मक समूह (Functional Group) होता है तथा दो क्रमिक सदस्यों के बीच $-\text{CH}_2-$ समूह का अंतर होता है, उसे समजातीय श्रेणी कहा जाता है। इसमें हाइड्रोजन के स्थान पर समान क्रियात्मक समूह के प्रतिस्थापन से यौगिकों का एक निश्चित क्रम बनता है।
- विशेषता: समजातीय श्रेणी के सभी सदस्यों के रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं क्योंकि उनमें समान क्रियात्मक समूह उपस्थित होता है, जबकि उनके भौतिक गुणों (जैसे क्वथनांक, गलनांक आदि) में अणुभार बढ़ने के साथ क्रमिक परिवर्तन दिखाई देता है।
- मुख्य बिंदु:
- श्रेणी के किन्हीं भी दो क्रमागत सदस्यों के आणविक द्रव्यमान में 14 u (कार्बन का 12 और हाइड्रोजन के दो परमाणुओं का 2) का अंतर होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27/12/2024, Shift 3) में कार्बनिक रसायन विज्ञान (कार्बनिक यौगिकों का वर्गीकरण एवं समजातीय श्रेणी) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) समावयवी (Isomers): वे यौगिक जिनका आणविक सूत्र (Molecular Formula) समान होता है लेकिन उनकी संरचनात्मक व्यवस्था या भौतिक/रासायनिक गुण भिन्न होते हैं, समावयवी कहलाते हैं।
- विकल्प (C) समआयतनी: यह ऊष्मागतिकी से संबंधित शब्द है, जिसका कार्बनिक यौगिकों की इस श्रेणी से संबंध नहीं है।
- विकल्प (D) सम्भारिक (Isobars): ऐसे परमाणु जिनके द्रव्यमान संख्या समान लेकिन परमाणु क्रमांक भिन्न होते हैं, उन्हें सम्भारिक कहा जाता है (यह नाभिकीय भौतिकी से संबंधित है)।
#51. परमाण्विक प्रतीकों के नियमों के अनुसार, निम्नलिखित में से किस प्रतीक को तत्व फॉस्फोरस के लिए प्रयुक्त किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) P
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फॉस्फोरस का प्रतीक (Symbol of Phosphorus): रासायनिक तत्वों की अंतरराष्ट्रीय नामकरण प्रणाली (IUPAC) के नियमों के अनुसार, फॉस्फोरस तत्व का रासायनिक प्रतीक P होता है। इसका परमाणु क्रमांक 15 है।
- प्रतीक देने के नियम: अधिकांश तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेजी या लैटिन नाम के पहले अक्षर (या शुरुआती अक्षरों के संयोजन) से लिए जाते हैं। फॉस्फोरस की शुरुआत ‘P’ से होती है, इसलिए इसके लिए ‘P’ प्रतीक का उपयोग किया जाता है।
- मुख्य बिंदु:
- फॉस्फोरस एक अत्यधिक प्रतिक्रियाशील अधातु है जो प्राकृतिक रूप से मुक्त अवस्था में नहीं पाई जाती, बल्कि फॉस्फेट खनिजों के रूप में पाई जाती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/02/2026) में रसायन विज्ञान (रासायनिक प्रतीकों एवं तत्वों के नाम) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) Pr: यह ‘प्रैसियोडिमियम’ (Praseodymium) नामक एक लैंथेनाइड धातु का रासायनिक प्रतीक है।
- विकल्प (B) Ph: यह कार्बनिक रसायन विज्ञान में फेनिल समूह (Phenyl group) को दर्शाने के लिए प्रयुक्त होता है, किसी एकल तत्व का मानक प्रतीक नहीं है।
- विकल्प (D) Ps: यह पॉज़िट्रॉन (Positron) या कुछ विशेष भौतिकीय कणों/संधर्भों के लिए उपयोग होता है, फॉस्फोरस के लिए नहीं।
#52. नेट्रियम ________ लैटिन नाम है。
(RRB JE CBT-I :- 1 June 2019 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (D) सोडियम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- सोडियम का लैटिन नाम (Latin name of Sodium): सोडियम का रासायनिक प्रतीक Na है, जो इसके लैटिन नाम ‘नेट्रियम’ (Natrium) से लिया गया है। इसका परमाणु क्रमांक 11 है।
- विशेषता: कई रासायनिक तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेजी या लैटिन नामों से व्युत्पन्न किए जाते हैं। जैसे सोडियम का ‘Na’ नेट्रियम से, पोटैशियम का ‘K’ केलियम (Kalium) से और लोहे का ‘Fe’ फेरम (Ferrum) से लिया गया है।
- मुख्य बिंदु:
- सोडियम एक अत्यधिक सक्रिय क्षार धातु है जिसे वायु के संपर्क में आने पर आग पकड़ने से बचाने के लिए केरोसिन (मिट्टी के तेल) में डुबोकर रखा जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 01/06/2019, Shift 3) में रसायन विज्ञान (तत्वों के प्रतीक एवं उनके लैटिन नाम) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) नाइट्रोजन: इसका रासायनिक प्रतीक N है और इसका लैटिन नाम ‘नाइट्रोजेनियम’ (Nitrogenium) है।
- विकल्प (B) सल्फर: इसका रासायनिक प्रतीक S है, जो इसके अंग्रेजी नाम पर आधारित है।
- विकल्प (C) निऑन: इसका रासायनिक प्रतीक Ne है, जिसकी उत्पत्ति ग्रीक शब्द ‘नियोस’ (Neos – नया) से हुई है।
#53. समूह 17 से संबंधित तत्वों को ________ कहा जाता है
。(RRB JE 26 May 2019 Shift 2 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (A) हैलोजन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- समूह 17 के तत्व (Group 17 Elements): आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 17 में रखे गए तत्वों को सामूहिक रूप से हैलोजन (Halogens) कहा जाता है। इस परिवार के प्रमुख तत्व फ्लोरीन (F), क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br), आयोडीन (I) और एस्टाटीन (At) हैं।
- शब्द की उत्पत्ति: ‘हैलोजन’ ग्रीक भाषा के शब्दों ‘Hals’ (लवण/नमक) और ‘Genes’ (उत्पादक) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है “लवण बनाने वाले”। ये तत्व धातुओं के साथ तीव्रता से संयोग करके लवणों का निर्माण करते हैं।
- मुख्य बिंदु:
- इन सभी तत्वों के बाह्यतम कोश में 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे इनका अष्टक पूरा होने के लिए केवल 1 इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि ये अत्यधिक प्रतिक्रियाशील अधातुएं होती हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 26/05/2019, Shift 2) में रसायन विज्ञान (आधुनिक आवर्त सारणी एवं तत्वों के वर्गीकरण) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) क्षारीय मृदा धातु: यह आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 2 के तत्वों (जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम आदि) का नाम है।
- विकल्प (C) क्षार धातु: यह आवर्त सारणी के समूह 1 के तत्वों (जैसे सोडियम, पोटैशियम आदि) को कहा जाता है।
- विकल्प (D) उत्कृष्ट गैस: यह आवर्त सारणी के समूह 18 के तत्वों (जैसे हीलियम, नियॉन, आर्गन आदि) का नाम है जो रासायनिक रूप से अक्रिय होती हैं।
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