Solutions and Mixtures Railway MCQ

 

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#1. निम्नलिखित में से कौन सा जल अणु में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन परमाणुओ ( H:O ) के द्रव्यमान के अनुपात को दर्शाता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) 1:8

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रव्यमान अनुपात (Mass Ratio): जल (H2O) के एक अणु में हाइड्रोजन (H) के दो परमाणु और ऑक्सीजन (O) का एक परमाणु होता है। हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान 1 u होता है (अतः 2 परमाणुओं का कुल द्रव्यमान 2 u हुआ) और ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान 16 u होता है।
  • अनुपात की गणना: इस प्रकार हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात 2:16 होता है, जिसे सरल करने पर 1:8 प्राप्त होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) 1:4: यह जल के द्रव्यमान का सही अनुपात नहीं है।
  • विकल्प (B) 3:8: यह रासायनिक रूप से गलत अनुपात है।
  • विकल्प (D) 1:2: यह जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणुओं की संख्या का सरल अनुपात (2:1) हो सकता है, लेकिन द्रव्यमान का अनुपात नहीं है।

#2. दो या अधिक पदार्थों के एक सजातीय मिश्रण को किस नाम से जाना जाता है?
(RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (A) विलयन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विलयन (Solution): यह दो या दो से अधिक पदार्थों का एक समांगी (सजातीय) मिश्रण होता है। इसमें कण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता और ये प्रकाश के मार्ग को भी प्रकीर्णित नहीं करते।
  • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): एक समांगी मिश्रण में संगठन और गुण पूरे मिश्रण में एक समान होते हैं (जैसे- चीनी या नमक का पानी में घुला हुआ घोल)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 22 May, 2019 Shift 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) विखंडन: यह मिश्रण से संबंधित नहीं है, बल्कि यह नाभिकीय भौतिकी या रासायनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी प्रक्रिया है।
  • विकल्प (C) कोलाइड: कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण होता है जिसमें कणों का आकार विलयन से बड़ा लेकिन निलंबन से छोटा होता है।
  • विकल्प (D) निलंबन: निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें विलेय पदार्थ के कण घुलते नहीं हैं बल्कि माध्यम में तैरते रहते हैं।

#3. प्याज के छिलके की अस्थायी स्लाइड में कोशिका द्रव्य द्वारा प्रतिधारित धब्बे के परिमाण ( quantity of stain ) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB ALP CBT 1 18/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) बहुत हल्का धब्बा (Very little stain)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोशिका द्रव्य का अभिरंजन (Staining of Cytoplasm): प्याज के छिलके की अस्थायी स्लाइड बनाते समय सैफ्रेनिन (Safranin) जैसे अभिरंजक (stain) का उपयोग किया जाता है। इसमें केंद्रक गहरा और कोशिका भित्ति मध्यम से भारी रूप से अभिरंजित होती है, जबकि कोशिका द्रव्य बहुत हल्का धब्बा (कम रंग) प्रतिधारित करता है।
  • संरचना: कोशिका द्रव्य एक जेली जैसा पदार्थ है जो कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच पाया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT 1 : 18/02/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) बहुत गहरा धब्बा: यह केंद्रक (Nucleus) के लिए सही है, कोशिका द्रव्य के लिए नहीं।
  • विकल्प (C) कोई धब्बा नहीं: कोशिका द्रव्य कुछ मात्रा में अभिरंजक को अवशोषित करता है, इसलिए यह पूरी तरह रंगहीन नहीं रहता।
  • विकल्प (D) मध्यम धब्बा: यह कोशिका भित्ति पर लागू होता है, लेकिन कोशिका द्रव्य के मामले में धब्बा बहुत हल्का होता है।

#4. किसी विलयन में विलेय को घोलते समय, जब किसी दिए गए तापमान पर विलयन में और अधिक विलेय नहीं घोला जा सकता है, तो इसे ________ कहा जाता है
。(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) एक संतृप्त विलयन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • संतृप्त विलयन (Saturated Solution): किसी निश्चित तापमान पर, जब किसी विलयन में विलेय पदार्थ की और अधिक मात्रा नहीं घोली जा सकती, तो उस विलयन को संतृप्त विलयन कहा जाता है। इस स्थिति में अतिरिक्त विलेय पदार्थ नीचे बैठ जाता है।
  • तापमान का प्रभाव: यदि इस प्रकार के विलयन का तापमान बढ़ाया जाए, तो इसकी विलेयता (Solubility) बढ़ जाती है और थोड़ा और विलेय घोला जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) एक कोलाइडी विलयन: यह एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें कणों का आकार विलयन और निलंबन के मध्यम आकार का होता है।
  • विकल्प (C) एक निलंबन: यह एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें विलेय पदार्थ के कण घुलते नहीं हैं बल्कि माध्यम में निलंबित रहते हैं।
  • विकल्प (D) एक असंतृप्त विलयन: यह वह स्थिति है जिसमें किसी दिए गए तापमान पर विलयन में विलेय पदार्थ की और अधिक मात्रा घोली जा सकती है।

#5. यदि किसी चालक की लंबाई दोगुनी कर दी जाए, तो चालक का प्रतिरोध क्या होगा? ( अन्य पैरामीटर समान रखे गए हैं )
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) दोगुना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रतिरोध का सूत्र (Resistance Formula): चालक का प्रतिरोध ($R$) उसकी लंबाई ($l$) के सीधे समानुपाती (directly proportional) होता है और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ($A$) के व्युत्क्रमानुपाती होता है। सूत्र होता है: $R = \rho \frac{l}{A}$ (जहाँ $\rho$ विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता है)।
  • लंबाई का प्रभाव: चूँकि $R \propto l$ होता है, इसलिए यदि चालक की लंबाई को दोगुना कर दिया जाए, तो उसका प्रतिरोध भी ठीक दोगुना हो जाएगा।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) आधा: प्रतिरोध लंबाई के आधा होने पर आधा होता है, न कि लंबाई दोगुनी करने पर।
  • विकल्प (B) समान: प्रतिरोध लंबाई पर निर्भर करता है, इसलिए लंबाई बदलने पर यह समान नहीं रहेगा।
  • विकल्प (D) एक चौथाई: यह तब होता जब लंबाई को एक चौथाई किया जाता या क्षेत्रफल को चार गुना किया जाता।



#6. लैक्टिक अम्ल मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस रसोई सामग्री में पाया जाता है?
(RPF Constable 2024 : 10 Mar, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) दही

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid): यह मुख्य रूप से खट्टे दूध या दही (Curd) में पाया जाता है। दूध में मौजूद लैक्टोज शर्करा को लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus) नामक जीवाणु किण्वन प्रक्रिया द्वारा लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित कर देते हैं, जिससे दूध दही में बदल जाता है।
  • जैविक महत्व: तीव्र शारीरिक परिश्रम या व्यायाम के दौरान हमारी मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी होने पर एनरोबिक श्वसन के फलस्वरूप लैक्टिक अम्ल का संचय होता है, जिससे थकान या ऐंठन महसूस होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2024 : 10 Mar, 2025 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) नमक: यह सोडियम क्लोराइड (NaCl) है, जो एक प्रकार का लवण है और इसमें अम्ल नहीं पाया जाता।
  • विकल्प (C) नींबू: नींबू में मुख्य रूप से साइट्रिक अम्ल (Citric Acid) पाया जाता है।
  • विकल्प (D) चीनी: चीनी एक प्रकार की शर्करा (सुक्रोज) है, जो कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है।

#7. कैरम खेलते समय घर्षण को कम करने के लिए हम क्या करते हैं?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (D) बोर्ड पर बारीक पाउडर छिड़कते है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • घर्षण कम करना (Reducing Friction): कैरम खेलते समय बोर्ड पर बारीक पाउडर (जैसे बोरिक पाउडर) छिड़का जाता है। यह पाउडर सतह की सूक्ष्म अनियमितताओं को भर देता है, जिससे सतह चिकनी हो जाती है और स्ट्राइकर व गोटियों के बीच घर्षण बल कम हो जाता है।
  • शुष्क स्नेहक (Dry Lubricant): यह पाउडर एक शुष्क स्नेहक के रूप में कार्य करता है, जिससे खेल अधिक सुगम हो जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE 28 May 2019 Shift 2 CBT 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) बोर्ड पर दो या तीन बूंद तेल लगाते हैं: तेल लगाने से सतह चिपचिपी हो जाएगी और गोटियाँ व स्ट्राइकर ठीक से आगे नहीं बढ़ पाएंगे।
  • विकल्प (B) बोर्ड को एक चिकने कपड़े से पोछते हैं: इससे केवल धूल साफ होती है, लेकिन सतह का घर्षण पर्याप्त रूप से कम नहीं होता।
  • विकल्प (C) बोर्ड को एक तरफ ऊंचा रखें ताकि तिरछा हो: बोर्ड को तिरछा करने से गोटियाँ खुद-ब-खुद नीचे खिसकने लगेंगी, जिससे सही तरीके से कैरम खेलना संभव नहीं होगा।

#8. कार्बन डाइऑक्साइड अणु में कार्बन परमाणुओं और ऑक्सीजन परमाणुओं का अनुपात क्या है?
(RPF Constable 2018 24 Jan 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) 1 : 2

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परमाणु अनुपात (Atomic Ratio): कार्बन डाइऑक्साइड का रासायनिक सूत्र CO2 होता है। इसके एक अणु में कार्बन (C) का 1 परमाणु और ऑक्सीजन (O) के 2 परमाणु होते हैं।
  • अनुपात की गणना: इस प्रकार, कार्बन और ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या का सरल अनुपात 1 : 2 होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2018 : 24 Jan, 2019 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) 8 : 1: यह कार्बन और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का उल्टा या गलत अनुपात है।
  • विकल्प (B) 1 : 8: यह कार्बन डाइऑक्साइड में कार्बन और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात (12 : 32 को सरल करने पर 3 : 8 आता है) नहीं है, बल्कि यह जल (H2O) के द्रव्यमान का अनुपात होता है।
  • विकल्प (D) 4 : 3: यह रासायनिक रूप से कार्बन डाइऑक्साइड के परमाणुओं या द्रव्यमान का सही अनुपात नहीं है।

#9. जिंक कणिकाओं में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाने पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है। यह निम्नलिखित में से किसका उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) रासायनिक परिवर्तन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change): जब जिंक (Zn) कणिकाओं में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) मिलाया जाता है, तो जिंक क्लोराइड ($ZnCl_2$) बनता है और हाइड्रोजन गैस ($H_2$) निकलती है। इस प्रक्रिया में एक नया पदार्थ बनता है और रासायनिक संगठन बदल जाता है, जो एक रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण है।
  • रासायनिक समीकरण: Zn + 2HCl → ZnCl2 + H2 (गैस)
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 04/02/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) मिश्रण निर्माण: यह केवल दो पदार्थों का भौतिक रूप से मिलना नहीं है, बल्कि इसमें वास्तविक रासायनिक अभिक्रिया होती है।
  • विकल्प (C) भौतिक परिवर्तन: भौतिक परिवर्तन में कोई नया पदार्थ नहीं बनता और यह उत्क्रमणीय (reversible) होता है, जबकि यहाँ नए उत्पाद बनते हैं।
  • विकल्प (D) विलयन+: यह इस अभिक्रिया का मुख्य वर्गीकरण नहीं है, बल्कि यह एक स्पष्ट रासायनिक अभिक्रिया और रासायनिक परिवर्तन है।

#10. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, ‘ विलयन की सांद्रता’ को सबसे यथार्थ रूप से परिभाषित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) विलायक के सापेक्ष विलायित पदार्थ की मात्रा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विलयन की सांद्रता (Concentration of Solution): किसी निश्चित मात्रा (द्रव्यमान या आयतन) के विलायक या विलयन में घुले हुए विलेय पदार्थ की मात्रा को ही विलयन की सांद्रता कहा जाता है।
  • मापने के तरीके: इसे द्रव्यमान प्रतिशत, आयतन प्रतिशत या मोलरता के रूप में व्यक्त किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 02/02/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) द्रव्यमान और वेग के बीच आनुपातिक संबंध: यह भौतिकी में संवेग (Momentum) या गति से संबंधित है, रसायन विज्ञान के विलयन से नहीं।
  • विकल्प (B) वायु में परिक्षिप्त गैसीय कणों की कुल संख्या: यह वायु प्रदूषण या वायुमंडलीय गैसों के संघटन से जुड़ा है।
  • विकल्प (C) वर्ण और फ्लेवर जैसी संवेदी विशेषताएं: ये पदार्थों के भौतिक गुणों (रंग और स्वाद) को दर्शाती हैं, उनकी सांद्रता को नहीं।



#11. क्रीम से मक्खन अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
(RPF Constable 2018 24 Jan 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) अपकेंद्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपकेंद्रण (Centrifugation): क्रीम से मक्खन अलग करने के लिए अपकेंद्रण विधि का उपयोग किया जाता है। इस विधि में मिश्रण को तेजी से घुमाया जाता है, जिससे भारी कण नीचे बैठ जाते हैं और हल्के कण (जैसे मक्खन/मलाई) ऊपर आ जाते हैं।
  • सिद्धान्त: इस प्रक्रिया का उपयोग दूध से क्रीम निकालने, प्रयोगशाला में रक्त और मूत्र की जाँच करने तथा वाशिंग मशीन में कपड़ों से पानी निचोड़ने के लिए भी किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2018 : 24 Jan, 2019 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) ठंडा करना: ठंडा करने से तापमान कम होता है, लेकिन इससे क्रीम से मक्खन अलग नहीं होता।
  • विकल्प (C) अनुमापन (Titration): यह रासायनिक विश्लेषण की एक विधि है जिसका उपयोग किसी विलयन की सांद्रता ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
  • विकल्प (D) मिश्रण: यह पदार्थों को मिलाने की प्रक्रिया है, न कि उन्हें अलग करने की विधि।

#12. जब कोई अम्ल किसी गैर-कार्बोनेटेड क्षार के साथ अभिक्रिया करता है, तो उदासीनीकरण अभिक्रिया में बनने वाले विशिष्ट उत्पाद क्या होते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) लवण और जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): जब कोई अम्ल (Acid) किसी क्षार (Base) के साथ अभिक्रिया करता है, तो उनके प्रभाव को उदासीन कर देता है। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से लवण (Salt) और जल (Water) का निर्माण होता है।
  • रासायनिक उदाहरण: उदाहरण के लिए, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) की अभिक्रिया से सोडियम क्लोराइड (लवण) और जल ($H_2O$) बनते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/01/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कार्बन डाइऑक्साइड और जल: कार्बन डाइऑक्साइड तब बनती है जब कोई अम्ल किसी कार्बोनेट या हाइड्रोजन कार्बोनेट (बाइकार्बोनेट) के साथ अभिक्रिया करता है, न कि सामान्य क्षार के साथ।
  • विकल्प (C) केवल जल: इस अभिक्रिया में जल के साथ-साथ लवण भी बनता है।
  • विकल्प (D) केवल लवण: उदासीनीकरण अभिक्रिया में लवण के साथ हमेशा जल का भी निर्माण होता है।

#13. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ समांगी मिश्रण बनाएगा?
(RPF Constable 2024 06 Mar, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) कार्बन डाइऑक्साइड और पानी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): कार्बन डाइऑक्साइड गैस जब पानी में घोली जाती है (जैसे सोडा वाटर या शीतल पेय में), तो यह पानी के साथ एक समान रूप से घुलकर समांगी मिश्रण बनाती है, जिसमें संघटन पूरे मिश्रण में एक समान होता है।
  • समांगी की विशेषता: ऐसे मिश्रण में विलेय के कणों को अलग से नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable 2024 : 06 Mar, 2025 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) बेंजीन और पानी: बेंजीन और पानी आपस में घुलते नहीं हैं (अमिश्रणीय हैं), इसलिए यह एक विषमांगी मिश्रण बनाते हैं।
  • विकल्प (C) रेत और टेबल नमक: रेत और नमक का ठोस मिश्रण एक विषमांगी मिश्रण होता है।
  • विकल्प (D) मिट्टी और पानी: यह एक निलंबन (Suspension) है, जो कि विषमांगी मिश्रण का उदाहरण है।

#14. निम्नलिखित में से कौन-सा लवण, जल में घुलने पर pH मान 7 से अधिक वाला विलयन बनाएगा?
(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) सोडियम एसिटेट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH मान 7 से अधिक (क्षारीय विलयन): सोडियम एसिटेट (Sodium Acetate – CH3COONa) एक दुर्बल अम्ल (एसिटिक अम्ल) और एक प्रबल क्षार (सोडियम हाइड्रोक्साइड) से मिलकर बना लवण है। जब इसे जल में घोला जाता है, तो यह जल-अपघटन के कारण क्षारीय विलयन बनाता है, जिसका pH मान 7 से अधिक होता है।
  • नियम: प्रबल क्षार और दुर्बल अम्ल के संयोजन से बने लवण का जलीय विलयन हमेशा क्षारीय होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 04/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) अमोनियम क्लोराइड: यह प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार का लवण है, इसलिए इसका जलीय विलयन अम्लीय (pH < 7) होता है।
  • विकल्प (B) कॉपर सल्फेट: यह भी प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार का लवण है, जिसका जलीय विलयन अम्लीय होता है।
  • विकल्प (C) सोडियम क्लोराइड: यह एक उदासीन लवण है (प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार से बना), जिसका pH मान ठीक 7 होता है।

#15. निम्नलिखित में से किसके दो स्वभाव होते हैं: एक जलरागी ( हाइड्रोफिलिक ) और दूसरा जलविरोधी ( हाइड्रोफोबिक )?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) साबुन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • साबुन की संरचना (Structure of Soap): साबुन के अणुओं के दो अलग-अलग सिरे होते हैं: एक सिरा जलरागी या हाइड्रोफिलिक (जल से प्यार करने वाला/ध्रुवीय सिरा जो पानी में घुलता है) और दूसरा सिरा जलविरोधी या हाइड्रोफोबिक (जल से दूर रहने वाला/अध्रुवीय हाइड्रोकार्बन पूँछ जो तेल या मैल से चिपकती है)।
  • सफाई की प्रक्रिया: इसी दोहरे स्वभाव के कारण साबुन कपड़ों से मैल और तेल को आसानी से हटा देता है (मिसेल का निर्माण करके)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पानी: पानी एक ध्रुवीय विलायक है, इसका दोहरा स्वभाव नहीं होता।
  • विकल्प (B) इत्र: इत्र सुगंधित वाष्पशील पदार्थों का घोल होता है, जो सफाई करने वाले अणुओं की श्रेणी में नहीं आता।
  • विकल्प (C) क्रीम: यह मुख्य रूप से इमल्शन (पायस) होती है, जिसमें तेल और पानी का मिश्रण होता है, लेकिन साबुन की तरह विशिष्ट हाइड्रोफिलिक-हाइड्रोफोबिक अणु संरचना नहीं होती जो सफाई कार्य करती हो।



#16. साबुन अणु का जलरागी सिरा कैसा होता है?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) आयनिक और जल के साथ परस्पर क्रिया करता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जलरागी सिरा (Hydrophilic End): साबुन के अणु का सिर (head) आयनिक (ध्रुवीय) होता है, जो जल के अणुओं के साथ मजबूत आकर्षण या परस्पर क्रिया (interaction) करता है। इसीलिए इसे जलरागी (water-loving) कहा जाता है।
  • संरचना: इसके विपरीत, लंबी हाइड्रोकार्बन पूँछ जलविरोधी (hydrophobic) होती है जो तेल और गंदगी की ओर आकर्षित होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 15/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) उदासीन और अध्रुवीय: यह विशेषता साबुन के हाइड्रोकार्बन वाले हिस्से (पूँछ) की होती है, जलरागी सिरे की नहीं।
  • विकल्प (C) अनायनिक और तेल में विलेय: जलरागी सिरा आयनिक होता है और वह पानी में विलेय होता है, न कि तेल में।
  • विकल्प (D) अनायनिक और जल में विलेय: यह सिरा अनायनिक नहीं बल्कि आयनिक प्रकृति का होता है।

#17. वाशिंग सोडा का उपयोग निम्नलिखित में से क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) जल की कठोरता को दूर करता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वाशिंग सोडा (Washing Soda): इसका रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट ($Na_2CO_3 \cdot 10H_2O$) है। इसका मुख्य उपयोग जल की स्थायी कठोरता (Permanent Hardness) को दूर करने के लिए किया जाता है।
  • अन्य उपयोग: इसका उपयोग कांच, साबुन और कागज उद्योगों में तथा घरों में साफ-सफाई के लिए भी किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 24/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) खाना पकाने में उपयोग किया जाता है: खाना पकाने और बेकिंग के लिए बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) का उपयोग किया जाता है, वाशिंग सोडा का नहीं।
  • विकल्प (B) गरम जल के उपचार में उपयोग किया जाता है: यह जल की कठोरता को दूर करने के लिए ठंडे या सामान्य जल में भी प्रभावी रूप से प्रयुक्त होता है, विशेष रूप से कठोरता हटाने के संदर्भ में यह सटीक नहीं है।
  • विकल्प (D) जल में मौजूद जीवाणुओं को मारने के लिए उपयोग किया जाता है: जल के जीवाणुओं (रोगाणुओं) को मारने के लिए विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) या क्लोरीन का उपयोग किया जाता है।

#18. लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्लिक अम्ल के सोडियम या पोटैशियम लवण को निम्नलिखित में से किसके रूप में जाना जाता है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) साबुन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • साबुन (Soap): लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों (वसीय अम्लों) के सोडियम या पोटैशियम लवण को साबुन कहा जाता है। ये वसा या तेलों की सोडियम हाइड्रोक्साइड या पोटैशियम हाइड्रोक्साइड के साथ साबुनीकरण (Saponification) अभिक्रिया द्वारा बनाए जाते हैं।
  • संरचना: साबुन के अणु में एक लंबी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला (जलविरोधी सिरा) और एक कार्बोक्सिलेट समूह का सोडियम या पोटैशियम लवण (जलरागी सिरा) होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) मिसेल: यह साबुन के अणुओं द्वारा पानी में बनने वाली गोलाकार संरचना है, न कि रासायनिक रूप से लवण।
  • विकल्प (B) डिटर्जेंट और साबुन दोनों: डिटर्जेंट कार्बोक्सिलिक अम्ल के नहीं बल्कि सल्फोनिक अम्ल या अमोनियम के लवण होते हैं।
  • विकल्प (C) डिटर्जेंट: डिटर्जेंट लंबी श्रृंखला वाले सल्फोनिक अम्ल या अल्किल सल्फेट के सोडियम लवण होते हैं।

#19. सोडियम धातु किसमे संग्रहीत किया जाता है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 3 CBT 1)

✨ सही उत्तर: (A) मिट्टी तेल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सोडियम का भंडारण (Storage of Sodium): सोडियम (Na) एक अत्यंत अत्यधिक प्रतिक्रियाशील (reactive) धातु है। यह हवा में मौजूद ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही तेजी से आग पकड़ लेती है और नमी के साथ विस्फोटक रूप से अभिक्रिया करती है। इसलिए इसे हवा और पानी से बचाने के लिए मिट्टी के तेल (Kerosene oil) के अंदर डुबोकर रखा जाता है।
  • सुरक्षा कारण: मिट्टी का तेल सोडियम को ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आने से रोकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 25 May, 2019 Shift 3 CBT 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) ईथर: ईथर एक वाष्पशील और ज्वलनशील कार्बनिक विलायक है, इसलिए इसमें सोडियम को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।
  • विकल्प (C) पानी: सोडियम पानी के साथ तीव्र गति से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस और अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न करता है, जिससे भयंकर आग लग सकती है।
  • विकल्प (D) एसिटोन: एसिटोन एक ज्वलनशील कार्बनिक विलायक है, जो सोडियम जैसी प्रतिक्रियाशील धातु के भंडारण के लिए उपयुक्त नहीं है।

#20. कोलाइड्रीय विलयन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) कोलाइड्रीय विलयन के घटक परिक्षिप्त प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम होते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइड के घटक (Components of Colloid): एक कोलाइडी विलयन मुख्य रूप से दो घटकों से मिलकर बनता है—परिक्षिप्त प्रावस्था (Dispersed phase) जो विलेय पदार्थ की तरह घुली होती है, और परिक्षेपण माध्यम (Dispersion medium) जिसमें यह वितरित होती है।
  • अन्य विशेषताएँ: कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण होता है जिसमें कणों का आकार वास्तविक विलयन से बड़ा लेकिन निलंबन से छोटा होता है। यह टिंडल प्रभाव (Tyndall effect) प्रदर्शित करता है यानी प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित कर देता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 29 Nov, 2024 Shift 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कोलाइड के कणों का आकार बहुत छोटा नहीं होता है: कोलाइड के कण वास्तविक विलयन से बड़े होते हैं, लेकिन उनका आकार इतना छोटा होता है कि उन्हें नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता।
  • विकल्प (B) कोलाइड्रीय विलयन एक समांगी मिश्रण है: कोलाइड दिखने में समांगी जैसा लगता है, लेकिन वास्तव में यह एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) होता है।
  • विकल्प (C) कोलाइड उनसे गुजरने वाली प्रकाश किरण को प्रकीर्णित नहीं करते हैं: कोलाइड के कण प्रकाश की किरण को आसानी से प्रकीर्णित करते हैं और उसका मार्ग दिखाई देता है (जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं)।



#21. निम्नलिखित में से कौन-सा रोजमर्रा का उदाहरण एक समांगी मिश्रण को दर्शाता है?
(RRB JE 19/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) जल में पूर्णतः घुलित लवण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): जब लवण (नमक) को पानी में पूरी तरह घोल दिया जाता है, तो यह एक वास्तविक विलयन बनाता है। इसमें विलेय के कण पानी में समान रूप से वितरित हो जाते हैं और पूरे मिश्रण का संगठन एवं गुण एक समान (समांगी) होते हैं।
  • विशेषता: ऐसे मिश्रण में नमक के कणों को अलग से नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 19/02/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जल में अच्छी तरह से मिश्रित तेल: तेल और पानी आपस में पूरी तरह घुलते नहीं हैं (यह एक पायस या विषमांगी मिश्रण बनाते हैं)।
  • विकल्प (B) लौह रेतने के साथ समान रूप से मिश्रित रेत: यह एक ठोस-ठोस का विषमांगी मिश्रण है जिसमें दोनों घटकों को अलग पहचाना जा सकता है।
  • विकल्प (C) जल में मिला हुआ चोंक चूर्ण: यह एक निलंबन (Suspension) है, जो कि एक विषमांगी मिश्रण का उदाहरण है।

#22. मिश्रणधातु, वायु, नींबू-पानी और सोडा पानी निम्नलिखित में से किस श्रेणी के विलयन के उदाहरण हैं?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) समांगी मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): मिश्रधातु (जैसे पीतल, काँसा), वायु (विभिन्न गैसों का मिश्रण), नींबू-पानी और सोडा पानी (जल में कार्बन डाइऑक्साइड और शर्करा/नमक का घोल)—इन सभी का संगठन पूरे मिश्रण में एक समान होता है, इसलिए ये सभी समांगी मिश्रण के अंतर्गत आते हैं।
  • विशेषता: इनमें घटकों को अलग-अलग आँखों से नहीं देखा जा सकता और ये एक समान प्रावस्था बनाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 24/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) विषमांगी मिश्रण: विषमांगी मिश्रण में संगठन पूरे आयतन में एक समान नहीं होता (जैसे तेल और पानी)।
  • विकल्प (B) कोलाइड: कोलाइड एक प्रकार का विषमांगी मिश्रण होता है (जैसे दूध या धुआँ)।
  • विकल्प (D) निलंबन: निलंबन भी एक विषमांगी मिश्रण होता है जिसमें कण नीचे बैठ जाते हैं (जैसे पानी में मिट्टी)।

#23. ‘ निलंबन’ का निम्नलिखित में से कौन-सा गुणधर्म गलत है?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (C) निलंबन के कण प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित नहीं करते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गलत कथन की पहचान: यह कथन गलत है क्योंकि निलंबन के कण आकार में बड़े होते हैं और ये अपने से गुजरने वाली प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित करते हैं (जिससे प्रकाश का मार्ग दिखाई देता है)। अतः विकल्प (C) गलत गुणधर्म को दर्शाता है और यही सही उत्तर है।
  • निलंबन के अन्य गुण: निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है, इसके कणों को नंगी आँखों से देखा जा सकता है, और इन्हें निस्यंदन (Filtration) विधि द्वारा अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 02/02/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं?):
  • विकल्प (A) निलंबन के कणों को निस्यंदन प्रक्रिया द्वारा अलग किया जा सकता है: यह कथन बिल्कुल सत्य है (फिल्टर पेपर से छानकर इन्हें अलग कर सकते हैं)।
  • विकल्प (B) निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है: यह भी सत्य है।
  • विकल्प (D) निलंबन के कण नग्न आंखों से दिखाई देते हैं: यह कथन भी सत्य है, क्योंकि इसके कणों का आकार बड़ा होता है।

#24. निम्नलिखित में से कौन-सा, टिण्डल प्रभाव नहीं दिखाएगा?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) कॉपर सल्फेट विलयन (Copper sulphate solution)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect): जब प्रकाश की किरण किसी कोलाइडी विलयन या निलंबन से गुजरती है, तो उसके कण प्रकाश को प्रकीर्णित कर देते हैं जिससे प्रकाश का मार्ग दिखाई देने लगता है। इस परिघटना को टिंडल प्रभाव कहा जाता है।
  • वास्तविक विलयन की प्रकृति: कॉपर सल्फेट विलयन एक वास्तविक विलयन (True Solution) है, जिसमें विलेय कणों का आकार अत्यंत सूक्ष्म होता है (1 नैनोमीटर से भी कम)। इतने छोटे कण प्रकाश की किरणों को प्रकीर्णित नहीं कर पाते, इसलिए यह टिंडल प्रभाव प्रदर्शित नहीं करता।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 02/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पायस (Emulsion): पायस एक प्रकार का कोलाइडी विलयन है, इसलिए यह टिंडल प्रभाव दिखाता है।
  • विकल्प (B) दूध (Milk): दूध भी एक कोलाइड है, जो आसानी से टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करता है।
  • विकल्प (D) मंड (Starch): मंड (स्टार्च) का जलीय घोल कोलाइडी प्रकृति का होता है और यह भी टिंडल प्रभाव दिखाता है।

#25. यदि वायु के प्रतिदर्श को उसके आधे आयतन तक संपीडित किया जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

✨ सही उत्तर: (A) वायु का संघटन समान रहता है, क्योंकि यह एक मिश्रण है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण की प्रकृति (Nature of Mixture): वायु विभिन्न गैसों (जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि) का एक समांगी मिश्रण है। मिश्रण के घटक अपनी रासायनिक पहचान बनाए रखते हैं।
  • संपीडन का प्रभाव: वायु के प्रतिदर्श (sample) को संपीडित (compress) करने पर आयतन कम हो जाता है और गैस के अणुओं का घनत्व बढ़ जाता है, लेकिन इसके घटकों (गैसों) का रासायनिक संघटन या अनुपात परिवर्तित नहीं होता है क्योंकि उनके बीच कोई नया रासायनिक बंधन नहीं बनता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09/03/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) संपीडित करने पर वायु एक यौगिक बन जाती है: केवल दाब बढ़ाने से गैसों का मिश्रण यौगिक में परिवर्तित नहीं होता, क्योंकि इसके लिए रासायनिक अभिक्रिया की आवश्यकता होती है।
  • विकल्प (C) वायु का संघटन परिवर्तित हो जाता है: भौतिक संपीडन से केवल आयतन कम होता है, गैसों का रासायनिक संघटन अपरिवर्तित रहता है।
  • विकल्प (D) गैसों का अनुपात परिवर्तित हो जाता है: सभी गैसें समान रूप से संपीडित होती हैं, इसलिए उनके बीच का आनुपातिक संबंध वही रहता है।



#26. Solvle प्रक्रिया में धावन सोडा ( Na 2 CO 3 · 10H 2 O ) किस यौगिक से प्राप्त होता है?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) सोडियम बाइकार्बोनेट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सॉल्वे प्रक्रिया (Solvay Process): सॉल्वे विधि द्वारा धावन सोडा (सोडियम कार्बोनेट) के निर्माण के दौरान, पहले सोडियम क्लोराइड, अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड की मदद से सोडियम बाइकार्बोनेट ($NaHCO_3$) प्राप्त किया जाता है। इसके पश्चात, सोडियम बाइकार्बोनेट को गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट बनता है, जिसका पुनः क्रिस्टलीकरण करके धावन सोडा ($Na_2CO_3 \cdot 10H_2O$) प्राप्त किया जाता है।
  • मध्यवर्ती यौगिक: इस पूरी प्रक्रिया में सोडियम बाइकार्बोनेट मुख्य मध्यवर्ती यौगिक होता है जिससे अंततः धावन सोडा बनता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 16 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) सोडियम क्लोराइड: यह कच्चा माल (Raw material) है, सीधे इससे सॉल्वे प्रक्रिया में अंतिम चरण में धावन सोडा प्राप्त नहीं होता, बल्कि यह सोडियम बाइकार्बोनेट बनाने में प्रयुक्त होता है।
  • विकल्प (C) सोडियम हाइड्रोक्साइड: यह क्लोर-क्षार प्रक्रिया (Chlor-alkali process) से बनता है, न कि सॉल्वे प्रक्रिया के माध्यम से।
  • विकल्प (D) सोडियम सल्फेट: यह सॉल्वे प्रक्रिया का उत्पाद नहीं है।

#27. निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) लोहे में जंग लगना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change): लोहे में जंग लगना एक रासायनिक परिवर्तन है, क्योंकि इसमें लोहा हवा की ऑक्सीजन और नमी के साथ अभिक्रिया करके एक नया पदार्थ (आयरन ऑक्साइड) बनाता है, जिसे बदला नहीं जा सकता और इसका रासायनिक संगठन बदल जाता है।
  • विशेषता: रासायनिक परिवर्तन में हमेशा एक या एक से अधिक नए पदार्थ बनते हैं और यह सामान्यतः अनुत्क्रमणीय (irreversible) होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 24/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) बर्फ का पिघलना: यह एक भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि इसमें पानी की अवस्था बदलती है लेकिन रासायनिक सूत्र ($H_2O$) वही रहता है।
  • विकल्प (C) नमक का पानी में घुलना: यह एक भौतिक प्रक्रिया (विलयन निर्माण) है जिसमें नमक को वाष्पीकरण द्वारा पुनः प्राप्त किया जा सकता है।
  • विकल्प (D) काग़ज़ का काटना: कागज़ को काटने से केवल उसका आकार और माप बदलता है, कोई नया पदार्थ नहीं बनता, इसलिए यह भौतिक परिवर्तन है।

#28. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, मिश्रण और यौगिक के बीच उचित अंतर बताता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) मिश्रण का संगठन परिवर्ती होता है, जबकि यौगिक का संगठन निश्चित (स्थिर) होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण और यौगिक में अंतर (Difference between Mixture and Compound): मिश्रण में दो या दो से अधिक पदार्थ किसी भी अनुपात में मिल सकते हैं, इसलिए इसका संगठन परिवर्ती (variable) होता है। इसके विपरीत, यौगिक में तत्व हमेशा एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं, इसलिए यौगिक का संगठन निश्चित या स्थिर होता है।
  • अन्य अंतर: मिश्रण के घटक अपने मूल गुणधर्म बनाए रखते हैं, जबकि यौगिक के गुणधर्म उसके घटक तत्वों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) मिश्रण को रासायनिक विधियों द्वारा… जबकि यौगिकों को भौतिक विधियों द्वारा…: यह कथन बिल्कुल उल्टा है; मिश्रण को भौतिक विधियों द्वारा अलग किया जाता है और यौगिकों के घटकों को अलग करने के लिए रासायनिक या विद्युत रासायनिक विधियों की आवश्यकता होती है।
  • विकल्प (B) मिश्रण के गुणधर्म भिन्न होते हैं, जबकि यौगिक के गुणधर्म उसके घटक तत्वों से पूर्ण रूप से समान होते हैं: यौगिक के गुणधर्म उसके घटक तत्वों से पूरी तरह अलग (नए) होते हैं, समान नहीं।
  • विकल्प (D) मिश्रण का संगठन स्थिर होता है, जबकि यौगिक का संगठन परिवर्ती होता है: यह कथन भी पूरी तरह गलत है क्योंकि मिश्रण का संगठन परिवर्ती और यौगिक का निश्चित होता है।

#29. पानी की कठोरता मापने की इकाई इनमें से कौन सी नहीं है?
(RRB JE CBT-2 2024 CMA : 22 Apr, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) ग्राम प्रति गैलन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पानी की कठोरता मापने की इकाइयाँ: पानी की कुल कठोरता (Total Hardness) मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट के समतुल्य सांद्रता के रूप में मापी जाती है। इसके लिए सामान्यतः मिलीग्राम प्रति लीटर (mg/L), भाग प्रति दस लाख (ppm), और ग्रेन प्रति गैलन (gpg) जैसी इकाइयों का उपयोग किया जाता है।
  • अशुद्ध इकाई: ‘ग्राम प्रति गैलन’ पानी की कठोरता मापने की मानक या प्रामाणिक इकाई नहीं है, बल्कि इसके स्थान पर छोटे मात्रक ‘ग्रेन प्रति गैलन’ (Grains per gallon – gpg) का उपयोग होता है। अतः विकल्प (C) पानी की कठोरता मापने की इकाई नहीं है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-2 2024 CMA : 22 Apr, 2025 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं? / ये इकाइयाँ हैं):
  • विकल्प (A) कैल्शियम कार्बोनेट के मिलीग्राम प्रति लीटर: यह पानी की कठोरता को व्यक्त करने की एक बहुत ही सामान्य और मानक इकाई (mg/L) है।
  • विकल्प (B) भाग प्रति दस लाख: इसे ppm (Parts per million) कहा जाता है, जो mg/L के बिल्कुल बराबर होती है और कठोरता मापने में प्रयुक्त होती है।
  • विकल्प (D) ग्रेन प्रति गैलन: यह (gpg) पानी की कठोरता को मापने की एक पारंपरिक और मान्य इकाई है (1 gpg = 17.1 mg/L)।

#30. विलयन के प्रति इकाई द्रव्यमान या प्रति इकाई आयतन में विलेय की मात्रा को ________ के रूप में जाना जाता है
。(RRB JE CE 19 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (B) सांद्रत (Concentration)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विलयन की सांद्रता (Concentration of Solution): किसी विलयन के प्रति इकाई आयतन या प्रति इकाई द्रव्यमान में उपस्थित विलेय (Solute) की मात्रा को उस विलयन की सांद्रता कहा जाता है।
  • मापने के तरीके: इसे द्रव्यमान प्रतिशत, आयतन प्रतिशत या ग्राम प्रति लीटर जैसी इकाइयों में व्यक्त किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE : 19 Sept, 2019 Shift 1 CBT 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) वर्षण (Precipitation): यह रासायनिक अभिक्रिया के दौरान किसी विलायक में अघुलनशील ठोस के रूप में नीचे बैठने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प (C) विलेयता (Solubility): यह किसी निश्चित तापमान पर विलायक की एक निश्चित मात्रा में घुल सकने वाले विलेय की अधिकतम मात्रा को दर्शाती है, न कि प्रति इकाई आयतन की साधारण मात्रा।
  • विकल्प (D) पृथक्करण (Separation): यह मिश्रण के घटकों को अलग करने की प्रक्रिया है।



#31. निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण है?
(RRB JE CBT 2 Electronics Engineering ReExam : 04 Jun, 2025)

✨ सही उत्तर: (B) दूध का फटना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक परिवर्तन (Chemical Change): दूध का फटना (या दूध से दही बनना) एक रासायनिक परिवर्तन है, क्योंकि इसमें लैक्टोज शर्करा लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित हो जाती है और दूध के प्रोटीन की रासायनिक संरचना व गुणधर्म बदल जाते हैं। यह एक अनुत्क्रमणीय (irreversible) प्रक्रिया है जिससे नया पदार्थ बनता है।
  • मुख्य विशेषता: रासायनिक परिवर्तनों में हमेशा नए पदार्थों का निर्माण होता है और मूल पदार्थ को सामान्य भौतिक विधियों से वापस प्राप्त नहीं किया जा सकता।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT 2 Electronics Engineering ReExam : 04 Jun, 2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पानी में शर्करा का घुलना: यह एक भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि इसमें शर्करा और पानी के रासायनिक गुण नहीं बदलते तथा शर्करा को वाष्पीकरण द्वारा पुनः प्राप्त किया जा सकता है।
  • विकल्प (C) पानी का जमना: यह पानी की अवस्था में परिवर्तन (द्रव से ठोस) है, जो कि एक भौतिक परिवर्तन है।
  • विकल्प (D) काग़ज़ का फटना: काग़ज़ को फाड़ने से केवल उसका आकार और माप बदलता है, कोई नया रासायनिक पदार्थ नहीं बनता, इसलिए यह भौतिक परिवर्तन है।

#32. निम्नलिखित में से कौन सा कथन निलंबन ( सस्पेंशन ) के बारे में में सत्य है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) निलंबन के कणों को नग्न आँखों से देखा जा सकता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन (Suspension): निलंबन एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) होता है जिसमें ठोस कण द्रव में घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में निलंबित रहते हैं। इन कणों का आकार बड़ा होने के कारण इन्हें नग्न आँखों से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
  • प्रमुख विशेषता: निलंबन के कण प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित करते हैं और इसे कुछ समय शांत छोड़ने पर इसके कण नीचे बैठ जाते हैं। इन्हें निस्यंदन (Filtration) विधि द्वारा अलग भी किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जब निलंबन को बिना किसी रुकावट के छोड़ दिया जाता है, तो विलेय कण नीचे नहीं बैठते हैं: यह कथन असत्य है, क्योंकि निलंबन को कुछ देर शांत छोड़ने पर इसके भारी कण गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे बैठ जाते हैं।
  • विकल्प (B) यह एक समांगी मिश्रण है: निलंबन हमेशा एक विषमांगी मिश्रण होता है, समांगी नहीं।
  • विकल्प (D) विलेय कणों को मिश्रण से अलग नहीं किया जा सकता है: निलंबन के कणों को फिल्टर पेपर या निस्यंदन प्रक्रिया द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।

#33. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, मिश्रण को यौगिक से सर्वोत्तम रूप से विभेदित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) मिश्रण अपने संघटकों के अलग-अलग गुणधर्मों को प्रतिधारित रखता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण की विशेषता: मिश्रण (Mixture) का निर्माण करने वाले घटक अपनी रासायनिक पहचान नहीं खोते हैं और वे अपने मूल गुणधर्मों को बनाए रखते हैं (प्रतिधारित रखते हैं)। इसके विपरीत, यौगिक बनने पर उसके घटकों के मूल गुण पूरी तरह बदल जाते हैं।
  • प्रमुख अंतर: मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा अलग किया जा सकता है और इनका संगठन निश्चित नहीं होता, जबकि यौगिक में तत्व एक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 03/02/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यौगिक अपने संघटक तत्वों के गुणधर्मों को दर्शाता है: यह कथन गलत है; यौगिक के गुणधर्म उसके घटक तत्वों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
  • विकल्प (B) मिश्रण में तत्व सदैव एक निश्चित अनुपात में होते हैं: यह विशेषता यौगिक की होती है, मिश्रण की नहीं (मिश्रण में अनुपात अनिश्चित होता है)।
  • विकल्प (C) यौगिक को उसके संघटकों में भौतिक विधियों द्वारा पृथक किया जा सकता है: यौगिकों के घटकों को अलग करने के लिए रासायनिक या विद्युत रासायनिक विधियों की आवश्यकता होती है, भौतिक विधियों द्वारा नहीं।

#34. निम्नलिखित में से कौन-सा कोलाइड और वास्तविक विलयनों के बीच एक विशिष्ट अंतर है?
(RRB JE ECE 22 Apr 2025 Shift 1 CBT 2)

✨ सही उत्तर: (B) वास्तविक विलयनों में एकल-प्रावस्था प्रणाली होती है, जबकि कोलाइड में दो-प्रावस्था प्रणाली होती है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रावस्था प्रणाली (Phase System): वास्तविक विलयन (True Solution) एक एकल-प्रावस्था (Single-phase) प्रणाली है क्योंकि इसमें विलेय और विलायक पूरी तरह मिलकर एक समान प्रावस्था बनाते हैं। इसके विपरीत, कोलाइड (Colloid) एक दो-प्रावस्था (Two-phase) प्रणाली है जिसमें परिक्षिप्त प्रावस्था (Dispersed phase) और परिक्षेपण माध्यम (Dispersion medium) दोनों अलग-अलग प्रावस्थाओं के रूप में मौजूद होते हैं।
  • अन्य विशेषता: कोलाइड विषमांगी प्रकृति के कारण टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करते हैं, जबकि वास्तविक विलयन ऐसा नहीं करते।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ECE : 22 Apr, 2025 Shift 1 CBT 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) वास्तविक विलयनों में दृश्यमान विलेय कण होते हैं…: वास्तविक विलयन के कण अत्यंत सूक्ष्म होते हैं और नंगी आँखों से बिल्कुल दिखाई नहीं देते हैं।
  • विकल्प (C) वास्तविक विलयन ब्राउनी गति प्रदर्शित करते हैं, लेकिन कोलाइड नहीं…: वास्तविकता में कोलाइडल कण ब्राउनी गति (Brownian motion) और टिंडल प्रभाव दोनों प्रदर्शित करते हैं, जबकि वास्तविक विलयन के कण इन्हें नहीं दर्शाते।
  • विकल्प (D) वास्तविक विलयन टिंडल प्रभाव दिखाते हैं, लेकिन कोलाइड नहीं…: यह कथन बिल्कुल विपरीत है; टिंडल प्रभाव केवल कोलाइड और निलंबन द्वारा दिखाया जाता है, वास्तविक विलयन द्वारा नहीं।

#35. निम्नलिखित में से कौन विषमांगी मिश्रण का सबसे अच्छा उदाहरण है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) आयरन क्लोराइड और आयरन भराव का मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): आयरन क्लोराइड (लोहे का चूर्ण या टुकड़े) और आयरन भराव (Iron filings) का ठोस मिश्रण एक विषमांगी मिश्रण का उदाहरण है, क्योंकि इसमें दोनों घटकों को अलग-अलग स्पष्ट रूप से पहचाना जा सकता है और इनका संगठन पूरे मिश्रण में एक समान नहीं होता है।
  • विशेषता: विषमांगी मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों (जैसे चुंबक द्वारा या छानकर) आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पानी में नमक: यह एक समांगी मिश्रण (वास्तविक विलयन) है।
  • विकल्प (C) कॉपर सल्फेट विलयन: यह भी एक समांगी विलयन है जिसमें कॉपर सल्फेट पानी में पूरी तरह घुल जाता है।
  • विकल्प (D) पानी में चीनी: यह एक समान संगठन वाला समांगी मिश्रण बनाता है।



#36. मिश्र धातु एक ________ है。
(RRB JE CBT I :- 2 June 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (B) समांगी मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रधातु (Alloy): मिश्रधातु दो या दो से अधिक धातुओं या एक धातु और एक अधातु का समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) होती है (जैसे पीतल, काँसा, स्टेनलेस स्टील)। इसमें घटकों का संगठन पूरे आयतन में एक समान होता है।
  • विशेषता: यद्यपि यह ठोस अवस्था में होती है और इसके घटक अपनी मूल धातु के गुण कुछ हद तक दर्शा सकते हैं, लेकिन रासायनिक रूप से इसे समांगी मिश्रण माना जाता है क्योंकि इसे भौतिक विधियों से नहीं बल्कि केवल द्रवित करके ही मिलाया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I :- 2 June, 2019 Shift 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यौगिक: यौगिक में तत्व एक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़ते हैं, जबकि मिश्रधातु में घटक निश्चित अनुपात में नहीं होते और इनका रासायनिक बंधन नहीं बनता।
  • विकल्प (C) विषमांगी मिश्रण: मिश्रधातु का संगठन एक समान होता है, इसलिए यह विषमांगी नहीं बल्कि समांगी होती है।
  • विकल्प (D) तत्व: तत्व शुद्ध पदार्थ होते हैं (जैसे सोना, लोहा), जबकि मिश्रधातु एक से अधिक पदार्थों का मिश्रण होती है।

#37. निम्नलिखित में से कौन-सा निलंबन का उदाहरण है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) पानी में चाक का पाउडर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन (Suspension): पानी में चाक (चौक) का पाउडर एक классический (classic) निलंबन का उदाहरण है। इसमें चाक के कण पानी में पूरी तरह घुलते नहीं हैं, बल्कि माध्यम में निलंबित रहते हैं और कुछ समय शांत छोड़ने पर नीचे बैठ जाते हैं।
  • विशेषता: निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है जिसके कणों का आकार बड़ा होता है और इन्हें आसानी से नंगी आँखों से देखा जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पानी में दूध की कुछ बूँदें: दूध पानी में मिलकर एक कोलाइड (पायस/इमल्शन) बनाता है, न कि निलंबन।
  • विकल्प (B) पानी में चीनी का विलयन: यह एक वास्तविक विलयन (समांगी मिश्रण) है।
  • विकल्प (C) पानी में तेल: पानी और तेल का मिश्रण एक पायस (Emulsion) या विषमांगी मिश्रण होता है, जो पारंपरिक ठोस-द्रव निलंबन की श्रेणी में नहीं आता।

#38. हमारे शरीर में कितना प्रतिशत लवण पाया जाता है?
(RRB NTPC Tier I : 16 Apr 2016 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) 0.4%

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मानव शरीर में लवण की मात्रा: मानव शरीर में कई प्रकार के लवण पाए जाते हैं, जिनमें सोडियम क्लोराइड ($NaCl$, साधारण नमक) सबसे प्रमुख है। यह शरीर के कुल वजन का लगभग 0.4% हिस्सा होता है।
  • जैविक महत्व: शरीर में सोडियम और अन्य लवण तंत्रिका संकेतों (nerve impulses) के संचरण और द्रव संतुलन को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Tier I : 16 Apr 2016 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) 1%: यह मान मानव शरीर में लवण के वास्तविक प्रतिशत से अधिक है।
  • विकल्प (B) 2%: यह शरीर के कुल लवण भार के मानक आँकड़े से मेल नहीं खाता है।
  • विकल्प (D) 0.6%: यह प्रतिशत भी मानव शरीर में NaCl के औसत द्रव्यमान अनुपात से अधिक है।

#39. निम्नलिखित में से कौन-सा कोलाइड्र का गुण नहीं है?
(RRB NTPC CBT-I : 1 April 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (C) कोलाइड्र इसके माध्यम से गुजरने वाली प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित नहीं कर सकता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गलत कथन की पहचान: यह कथन गलत है क्योंकि कोलाइड अपने माध्यम से गुजरने वाली प्रकाश की किरण को आसानी से प्रकीर्णित करते हैं (जिसे टिंडल प्रभाव कहते हैं)। अतः विकल्प (C) कोलाइड का गुण नहीं है और यही सही उत्तर है।
  • कोलाइड के वास्तविक गुण: कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण है, इसके कणों का आकार इतना छोटा होता है कि वे नग्न आँखों से नहीं दिखते, और इन्हें शांत छोड़ने पर कण नीचे नहीं बैठते (यह स्थायी होते हैं)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 1 April, 2021 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गुण सही हैं, इसलिए उत्तर नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) कोलाइड्र एक विषमांगी मिश्रण है: यह कोलाइड का एक सत्य गुणधर्म है।
  • विकल्प (B) व्यक्तिगत कणों को नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता: यह भी सत्य है, क्योंकि कोलाइड के कण वास्तविक विलयन से बड़े लेकिन निलंबन से छोटे होते हैं।
  • विकल्प (D) जब उन्हें बिना किसी रुकावट के छोड़ दिया जाता है, तो वे नीचे नहीं बैठते हैं: यह कथन भी सत्य है, क्योंकि कोलाइड काफी हद तक स्थायी होते हैं और इनके कण गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे नहीं बैठते।

#40. साबुन की मार्जन क्रिया में मिसेल ( micelles ) की मुख्य भूमिका क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) कपड़ों से तेल और गंदगी को ट्रैप करना और हटाना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिसेल की भूमिका (Role of Micelles): साबुन के अणुओं में दो सिरे होते हैं—एक जल-रागी सिरा (हाइड्रोफिलिक आयनिक सिरा) जो पानी की तरफ आकर्षित होता है, और दूसरा जल-विरागी सिरा (हाइड्रोफोबिक हाइड्रोकार्बन श्रृंखला) जो तेल या गंदगी की तरफ आकर्षित होता है। पानी में घुलने पर ये अणु एक विशेष गोलाकार गुच्छे जैसी संरचना बनाते हैं जिसे मिसेल (Micelle) कहते हैं।
  • सफाई की प्रक्रिया: मिसेल का हाइड्रोफोबिक सिरा कपड़ों पर लगी तैलीय गंदगी को अपने अंदर फँसा (ट्रैप) लेता है और जल-रागी सिरा बाहर पानी की ओर रहता है, जिससे मैल पानी के साथ आसानी से धुलकर बाहर निकल जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27/11/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जल की कठोरता कम करना: साबुन पानी की कठोरता को कम नहीं करता, बल्कि कठोर जल में कैल्सियम और मैग्नीशियम लवणों के साथ अघुलनशील अवक्षेप (स्कम) बनाता है।
  • विकल्प (C) जल के पृष्ठ तनाव में वृद्धि करना: साबुन या डिटर्जेंट जल के पृष्ठ तनाव (Surface tension) को बढ़ाते नहीं हैं, बल्कि उसे कम करते हैं ताकि पानी कपड़ों के रेशों में गहराई तक जा सके।
  • विकल्प (D) जल से फेन उत्पन्न करना: हालांकि साबुन झाग (फेन) उत्पन्न करता है, लेकिन कपड़ों की सफाई में मिसेल की मुख्य और वास्तविक रासायनिक भूमिका तैलीय गंदगी को फँसाकर अलग करना है।



#41. निलंबन विलयनों से भिन्न होते हैं, क्योंकि ________
I(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (A) इन्हें नग्न आँखों से देखा जा सकता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन और विलयन में अंतर: निलंबन (Suspension) एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें विलेय कणों का आकार वास्तविक विलयन की तुलना में काफी बड़ा होता है। इन कणों को आसानी से नग्न आँखों से देखा जा सकता है, जबकि वास्तविक विलयन के कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि उन्हें न तो नंगी आँखों से देखा जा सकता है और न ही सूक्ष्मदर्शी से।
  • अन्य अंतर: निलंबन अपारदर्शी होते हैं और शांत छोड़ने पर इनके कण नीचे बैठ जाते हैं, जबकि वास्तविक विलयन पारदर्शी और स्थायी होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) इनका विलेय पूर्ण रूप से विलीन हो जाता है: यह वास्तविक विलयन का गुण है, निलंबन का नहीं (निलंबन में विलेय विलीन नहीं होता, बल्कि निलंबित रहता है)।
  • विकल्प (C) ये पारदर्शी होते हैं: निलंबन आमतौर पर अपारदर्शी (Opaque) होते हैं, जबकि वास्तविक विलयन पारदर्शी (Transparent) होते हैं।
  • विकल्प (D) इनके कण स्थायी रहने पर जमते नहीं हैं: निलंबन के कणों को बिना रुकावट छोड़ने पर वे गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे बैठ जाते हैं (जम जाते हैं); यह विशेषता कोलाइड या विलयन की होती है।

#42. निम्नलिखित में से कौन-सा एक, समांगी मिश्रण ( homogeneous mixture ) है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) वायु

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): वायु विभिन्न गैसों (जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि) का एक बेहतरीन समांगी मिश्रण है, क्योंकि इसमें सभी गैसें एकसमान रूप से मिली होती हैं और इसका संगठन हर जगह एक जैसा होता है।
  • विशेषता: समांगी मिश्रण में घटकों की कोई अलग सीमाएँ या परतें नहीं दिखाई देतीं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 26/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) रेत और लोह: यह एक विषमांगी मिश्रण है क्योंकि रेत और लोहे के कणों को अलग-अलग स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
  • विकल्प (C) जल और बर्फ: यद्यपि दोनों जल के ही रूप हैं, लेकिन एक साथ होने पर ये दो अलग-अलग प्रावस्थाएँ (ठोस और द्रव) बनाते हैं, इसलिए यह एक विषमांगी प्रणाली/मिश्रण है।
  • विकल्प (D) तेल और जल: तेल पानी में नहीं घुलता और अपनी अलग परत बनाता है, जो एक विषमांगी मिश्रण का उदाहरण है।

#43. निम्नलिखित में से कौन-सा कारक पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन का कारण बनता है?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) तापमान या दबाव में परिवर्तन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अवस्था परिवर्तन के कारक: पदार्थ की तीनों अवस्थाओं (ठोस, द्रव और गैस) को एक-दूसरे में बदलने के लिए मुख्य रूप से तापमान (Temperature) और दाब (Pressure) में परिवर्तन उत्तरदायी होते हैं। उदाहरण के लिए, तापमान बढ़ाने पर ठोस पिघलकर द्रव बन जाता है और दाब बढ़ाने या तापमान घटाने पर गैसें द्रवित हो जाती हैं।
  • ये कारक पदार्थों के अणुओं के बीच की दूरी (इंटरमॉलिक्युलर स्पेस) और उनके आकर्षण बल को नियंत्रित करते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 21/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) इसे किसी अन्य पदार्थ के साथ मिलाना: किसी अन्य पदार्थ से मिलाने पर मिश्रण या विलयन बनता है, यह अवस्था परिवर्तन का प्राथमिक भौतिक कारक नहीं है।
  • विकल्प (B) पदार्थ को घोलना: यह विलेयता या विलयन बनाने की प्रक्रिया है, जो अवस्था परिवर्तन (जैसे ठोस से गैस या द्रव) नहीं है।
  • विकल्प (C) पदार्थ का काटना: कागज़ या लकड़ी जैसी चीज़ों को काटने से केवल उनका आकार और आकृति बदलती है, उनकी मूल भौतिक अवस्था नहीं बदलती।

#44. किसी विलयन को स्थायी तब कहा जाता है जब ________ I
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) अविक्षुब्ध रहने पर भी विलेय के कण नीचे नहीं बैठते हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्थायी विलयन (Stable Solution): किसी वास्तविक विलयन या कोलाइडी विलयन को तब स्थायी (Stable) माना जाता है जब उसे बिना किसी बाधा या हलचल के (अविक्षुब्ध/undisturbed) काफी समय तक छोड़ देने के बाद भी उसके विलेय कण गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे नहीं बैठते हैं।
  • मुख्य विशेषता: इसके विपरीत, अस्थाई मिश्रणों (जैसे निलंबन) में कण कुछ समय बाद नीचे बैठ जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 01/12/2025) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) विलेय के कण विलायक कणों के साथ एक अलग परत बनाते हैं: परत बनाने वाले मिश्रण विषमांगी या अस्थाई होते हैं, जबकि स्थायी विलयन में एकरूपता होती है।
  • विकल्प (B) विलेय के कण सतह पर तैरते हैं: यह विशेषता स्थायी विलयन की नहीं है।
  • विकल्प (D) अविक्षुब्ध रहने पर विलेय के कण नीचे बैठ जाते हैं: यह निलंबन (Suspension) का गुण है, जो कि एक ‘अस्थायी’ मिश्रण होता है।

#45. अधधातिक ऑक्साइड और क्षार के बीच अभिक्रिया का सामान्य उत्पाद क्या है/हैं?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) लवण और जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अधात्विक ऑक्साइड की प्रकृति: अधात्विक ऑक्साइड (Non-metallic oxides) प्रकृति में अम्लीय (Acidic) होते हैं (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड-$CO_2$, सल्फर डाइऑक्साइड-$SO_2$ आदि)।
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया: चूँकि अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय होते हैं, इसलिए जब इनकी अभिक्रिया किसी क्षार (Base) के साथ कराई जाती है, तो यह एक प्रकार की उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया होती है। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप हमेशा लवण और जल (Salt and Water) बनते हैं। उदाहरण के लिए: $CO_2 + Ca(OH)_2 \rightarrow CaCO_3 \text{ (लवण)} + H_2O \text{ (जल)}$।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08/01/2026) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) गैस और जल: इस अभिक्रिया में कोई स्वतंत्र गैस मुख्य उत्पाद के रूप में बाहर नहीं निकलती, बल्कि लवण और जल का निर्माण होता है।
  • विकल्प (C) केवल जल: केवल जल नहीं बनता, बल्कि अम्ल-क्षार की तरह लवण (Salt) भी इसका मुख्य उत्पाद होता है।
  • विकल्प (D) लवण और हाइड्रोजन: हाइड्रोजन गैस सामान्यतः सक्रिय धातुओं और अम्लों की अभिक्रिया से मुक्त होती है, न कि अधात्विक ऑक्साइड और क्षार के बीच।



#46. ________ को विद्युत ऋणात्मक तत्व के रूप में जाना जाता है क्योंकि वे इलेक्ट्रॉनों के लाभ से ऋणावेशित आयन बनाते हैं।
(RRB NTPC CBT-I : 16 Jan 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (A) अधาตุ (Non-metal)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अधातुओं की विद्युत ऋणात्मकता: अधातुओं (Non-metals) के बाह्यतम कोश में सामान्यतः 5, 6 या 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं। अपना अष्टक (Octet) पूरा करने और स्थायित्व प्राप्त करने के लिए ये आसानी से इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं।
  • ऋणावेशित आयन (Anions): इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण करने के कारण ये विद्युत ऋणात्मक (Electronegative) होते हैं और ऋणावेशित आयन (जैसे $Cl^-$, $O^{2-}$ आदि) का निर्माण करते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 16 Jan, 2021 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B) मिश्रण: मिश्रण दो या दो से अधिक पदार्थों का भौतिक संयोजन होता है, यह इलेक्ट्रॉन त्यागने या ग्रहण करने वाले एकल तत्व या श्रेणी से संबंधित नहीं है।
  • विकल्प (C) मिश्र धातु: मिश्र धातु धातुओं (या धातु और अधातु) का समांगी मिश्रण होती है।
  • विकल्प (D) यौगिक: यौगिक रासायनिक रूप से जुड़े दो या दो से अधिक तत्वों का निश्चित अनुपात होता है, न कि स्वयं विद्युत ऋणात्मक तत्वों का वर्ग।

#47. एलिवियोली और ऊतकों में गैसों का आदान-प्रदान किस प्रक्रिया द्वारा होता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 28 Aug, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (C) विसरण (Diffusion)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विसरण (Diffusion): फेफड़ों की कूपिकाओं (Alveoli) और शरीर के ऊतकों (Tissues) के बीच ऑक्सीजन ($O_2$) और कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) जैसी गैसों का आदान-प्रदान मुख्य रूप से विसरण प्रक्रिया द्वारा होता है। यह प्रक्रिया गैसों के आंशिक दाब (Partial pressure) की अधिक सांद्रता से कम सांद्रता की ओर स्वतः होती है।
  • कार्यप्रणाली: कूपिकाओं में ऑक्सीजन का आंशिक दाब अधिक होने के कारण यह रक्त में विसरत हो जाती है, जबकि ऊतकों में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता अधिक होने पर यह रक्त में आ जाती है और फेफड़ों के माध्यम से बाहर निकल जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 28 Aug, 2025 Shift 3) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) परासरण (Osmosis): यह मुख्य रूप से विलायक (विशेषकर जल) के अणुओं का अर्धपारगम्य झिल्ली के पार गति करना है, न कि गैसों का आदान-प्रदान।
  • विकल्प (B) निस्तारण (Decantation): यह किसी मिश्रण में तली में बैठे हुए ठोस पदार्थों को बिना हिलाए ऊपर के द्रव को अलग करने की एक प्रयोगशाला विधि है।
  • विकल्प (D) निस्यंदन (Filtration): यह फिल्टर पेपर आदि का उपयोग करके ठोस कणों को द्रव से अलग करने की प्रक्रिया है।

#48. निम्नलिखित में से कौन-सा कोलाइड का गुण नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) कोलाइड एक समरूप मिश्रण है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गलत कथन की पहचान: कोलाइड देखने में भले ही समांगी (समरूप) प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में यह एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) होता है। इसलिए यह कथन कि “कोलाइड एक समरूप मिश्रण है” गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।
  • कोलाइड के वास्तविक गुण: कोलाइड के कणों का आकार वास्तविक विलयन से बड़ा लेकिन निलंबन से छोटा होता है। ये स्थायी होते हैं (शांत छोड़ने पर नीचे नहीं बैठते) और इन्हें सामान्य फिल्टर पेपर (निस्यंदन) द्वारा अलग नहीं किया जा सकता।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कोलाइड के गुण हैं, इसलिए उत्तर नहीं हैं):
  • विकल्प (A) कोलाइड को निस्यंदन द्वारा अलग नहीं किया जा सकता है: यह कोलाइड का एक सत्य गुणधर्म है (साधारण फिल्टर पेपर से इसके कण पार हो जाते हैं)।
  • विकल्प (C) कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण है: यह बिल्कुल सत्य है, क्योंकि कोलाइड में दो प्रावस्थाएँ (परिक्षिप्त और परिक्षेपण माध्यम) होती हैं।
  • विकल्प (D) कोलाइड के कण बिना छेड़े छोड़ देने पर नीचे नहीं बैठते हैं: यह भी सत्य है, क्योंकि कोलाइड एक स्थायी मिश्रण होता है।
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