विलयन और मिश्रण Railway PYQ

 

Results

#1. निम्नलिखित में से कौन-सा मिश्रण, निलंबन है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (B) पंकिल जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पंकिल जल (Muddy Water): यह एक निलंबन (Suspension) है, क्योंकि इसमें मिट्टी के कण पानी में पूरी तरह घुलते नहीं हैं, बल्कि माध्यम में तैरते रहते हैं और इन्हें नंगी आँखों से आसानी से देखा जा सकता है।
  • निलंबन की विशेषता: निलंबन एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture) होता है जिसमें विलेय पदार्थ के कणों का आकार बड़ा होता है और कुछ समय शांत छोड़ने पर ये नीचे बैठ जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 03/02/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) लवण जल: यह एक वास्तविक विलयन (True Solution) है जो एक समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) बनाता है।
  • विकल्प (C) सिरका: यह पानी में एसिटिक अम्ल का एक समांगी विलयन (Solution) है।
  • विकल्प (D) दूध: दूध एक कोलाइडल विलयन (Colloid) है, जिसमें कणों का आकार विलयन और निलंबन के बीच का होता है।

#2. प्रकृति में क्लोरीन के दो समस्थानिक रूप, जिनके द्रव्यमान 35 u और 37 u हैं, किस अनुपात में पाए जाते हैं?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: (D) 3 : 1

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्लोरीन के समस्थानिक: प्रकृति में क्लोरीन के दो मुख्य समस्थानिक $35\text{u}$ और $37\text{u}$ द्रव्यमान वाले क्रमशः 75% और 25% (यानी 3:1 के अनुपात में) पाए जाते हैं।
  • औसत परमाणु द्रव्यमान: इसी अनुपात (3:1) के आधार पर क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान $35.5\text{u}$ निकाला जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2) में विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) 1 : 5: यह क्लोरीन के समस्थानिकों का प्राकृतिक अनुपात नहीं है।
  • विकल्प (B) 1 : 1: यह गलत है क्योंकि दोनों समस्थानिक समान मात्रा में नहीं पाए जाते हैं।
  • विकल्प (C) 1 : 3: यह अनुपात उल्टा (व्युत्क्रम) दिया गया है, जबकि सही अनुपात 3:1 होता है।

#3. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प, colloìdī विलयन की एक विशेषता को संदर्भित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026)

✨ सही उत्तर: (B) यह एक विषमांगी मिश्रण है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइडी विलयन (Colloidal Solution): कोलाइड दिखने में समांगी (Homogeneous) प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में यह एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture) होता है।
  • मुख्य विशेषताएँ: इसके कणों का आकार वास्तविक विलयन से बड़ा और निलंबन से छोटा होता है। कोलाइडी कण प्रकाश की किरण को फैला देते हैं, जिसे ‘टिंडल प्रभाव’ (Tyndall Effect) कहते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/02/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) यह एक आदर्श विलयन है: आदर्श विलयन वे होते हैं जो राउल्ट के नियम का पालन करते हैं, जो कोलाइडी तंत्र से संबंधित नहीं है।
  • विकल्प (C) यह एक समांगी मिश्रण है: हालांकि कोलाइड एक जैसे दिखाई देते हैं, परंतु सूक्ष्मदर्शी से देखने पर यह स्पष्ट होता है कि यह विषमांगी प्रकृति के होते हैं।
  • विकल्प (D) यह एक स्थिरक्वाथी (azeotrope): यह द्रवों के मिश्रण से संबंधित है जिसका क्वथनांक स्थिर रहता है, यह कोलाइड से भिन्न अवधारणा है।

#4. धातु कार्बोनेट की अम्ल के साथ अभिक्रिया से कौन-कौन से उत्पाद बनते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) लवण, जल, कार्बन डाइऑक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अभिक्रिया (Reaction): जब कोई धातु कार्बोनेट (Metal Carbonate) किसी अम्ल (Acid) के साथ अभिक्रिया करता है, तो संगत लवण, जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) का निर्माण होता है।
  • रासायनिक समीकरण: धातु कार्बोनेट + अम्ल -> लवण + जल + कार्बन डाइऑक्साइड (जैसे: CaCO3 + 2HCl -> CaCl2 + H2O + CO2)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 29/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जल, कार्बन डाइऑक्साइड: इसमें ‘लवण’ (Salt) का उल्लेख नहीं है, जो इस अभिक्रिया का एक मुख्य उत्पाद है।
  • विकल्प (B) लवण, जल, कार्बन मोनोऑक्साइड: इसमें कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) दिया गया है, जबकि सही उत्पाद कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) होता है।
  • विकल्प (C) लवण, कार्बन मोनोऑक्साइड: इसमें जल और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों के बजाय गलत उत्पाद दिए गए हैं।

#5. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विषमांगी मिश्रण के लिए सही है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) मिश्रण की संरचना असमान है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): ऐसा मिश्रण जिसकी बनावट या संरचना पूरे भाग में एक समान (असमान) नहीं होती है, उसे विषमांगी मिश्रण कहते हैं। इसमें इसके घटक पदार्थों को अलग-अलग आसानी से देखा जा सकता है।
  • उदाहरण: तेल और पानी का मिश्रण, बालू और नमक का मिश्रण, पंकिल जल आदि।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3) में विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) मिश्रण की संरचना एक समान है: यह समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) की विशेषता है, विषमांगी की नहीं।
  • विकल्प (B) एक स्पष्ट विलयन को विषमांगी मिश्रण कहा जाता है: स्पष्ट विलयन (जैसे चीनी का पानी में घोल) एक समांगी मिश्रण होता है।
  • विकल्प (C) मिश्रणों में भौतिक रूप से अलग-अलग भाग नहीं होते हैं: विषमांगी मिश्रणों में भौतिक रूप से अलग-अलग भाग (सीमाएँ) स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।



#6. निम्नलिखित में से किस रोजमर्रा के मिश्रण को निलंबन के रूप में सबसे सही ढंग से वर्गीकृत किया गया है?
(RRB JE 25/02/2026 )

✨ सही उत्तर: (D) जल में पूरी तरह से घुला हुआ चॉक चूर्ण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन (Suspension): जब चॉक चूर्ण को पानी में मिलाया जाता है, तो यह पूरी तरह घुलता नहीं है बल्कि इसके कण पानी में तैरते रहते हैं और कुछ समय बाद नीचे बैठ जाते हैं। यह एक क्लासिक निलंबन (Suspension) का उदाहरण है।
  • विशेषता: निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें विलेय के कणों का आकार इतना बड़ा होता है कि वे प्रकाश को बिखेरते हैं और नंगी आँखों से देखे जा सकते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 25/02/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जल में तैयार किया गया लवण विलयन: यह एक वास्तविक विलयन (समांगी मिश्रण) है।
  • विकल्प (B) जल में पूरी तरह से घुली हुई चीनी: यह भी एक समांगी विलयन (Homogeneous Solution) है।
  • विकल्प (C) जल में घुला हुआ कॉपर सल्फेट: यह एक वास्तविक और समांगी विलयन बनाता है।

#7. अम्ल और क्षार के बीच अभिक्रिया का/के उत्पाद क्या है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: (D) लवण और जल दोनों

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): जब किसी अम्ल (Acid) की अभिक्रिया किसी क्षार (Base) के साथ कराई जाती है, तो वे एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं और मुख्य रूप से लवण (Salt) और जल (Water) का निर्माण करते हैं।
  • रासायनिक समीकरण: अम्ल + क्षार -> लवण + जल (जैसे: $\text{HCl} + \text{NaOH} \rightarrow \text{NaCl} + \text{H}_2\text{O}$)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 3) में विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) लवण और हाइड्रोजन गैस दोनों: अम्ल और धातु की अभिक्रिया से हाइड्रोजन गैस निकलती है, न कि अम्ल और क्षार की उदासीनीकरण अभिक्रिया से।
  • विकल्प (B) केवल जल: इस अभिक्रिया में जल के साथ-साथ लवण का निर्माण भी होता है।
  • विकल्प (C) केवल लवण: इसमें लवण के साथ जल भी बनता है, इसलिए यह अधूरा विकल्प है।

#8. निम्नलिखित में से कौन आयनिक यौगिक का उदाहरण है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (B) टेबल सॉल्ट (नमक)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आयनिक यौगिक (Ionic Compound): टेबल सॉल्ट यानी सोडियम क्लोराइड ($\text{NaCl}$) एक आयनिक यौगिक है, जो एक धातु (सोडियम) और एक अधातु (क्लोरीन) के बीच इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण (Transfer of electrons) से बनता है।
  • गुणधर्म: आयनिक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक उच्च होते हैं तथा ये जलीय विलयन में विद्युत का चालन करते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) हल्दी: यह एक प्राकृतिक पदार्थ और सूचक है, जो आयनिक यौगिक नहीं है।
  • विकल्प (C) चीनी: चीनी ($\text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11}$) एक सहसंयोजक यौगिक (Covalent Compound) है।
  • विकल्प (D) ग्लूकोज: ग्लूकोज ($\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6$) भी सहसंयोजक बंधों से मिलकर बना एक कार्बनिक यौगिक है।

#9. सिरका निम्नलिखित में से किसका 5-8% विलयन है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (B) जल में एसिटिक अम्ल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सिरका (Vinegar): सिरका पानी में एसिटिक अम्ल (Acetic Acid, $\text{CH}_3\text{COOH}$) का 5% से 8% का एक जलीय विलयन होता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से भोजन के परीक्षण (Preservation) और स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  • रासायनिक नाम: एसिटिक अम्ल का रासायनिक नाम एथनोइक अम्ल (Ethanoic Acid) भी है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 23/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) जल में कैल्शियम कार्बोनेट: कैल्शियम कार्बोनेट पानी में अघुलनशील होता है, यह संगमरमर और खड़िया का मुख्य घटक है।
  • विकल्प (C) जल में फॉर्मिक अम्ल: फॉर्मिक अम्ल ($\text{HCOOH}$) चीटियों के डंक में पाया जाता है, यह सिरका नहीं है।
  • विकल्प (D) जल में सोडियम हाइड्रोक्साइड: यह एक प्रबल क्षार (Strong Base) है, जबकि सिरका अम्लीय प्रकृति का होता है।

#10. निम्नलिखित में से किस विलयन की पहचान गंध से की जा सकती है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: (D) पानी में डेटॉल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • घ्राण सूचक / गंधीय सूचक (Olfactory Indicator): ऐसे पदार्थ जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है (या जिन्हें उनकी विशिष्ट गंध से पहचाना जा सकता है), गंधीय सूचक कहलाते हैं। डेटॉल जैसी विशिष्ट गंध वाले पदार्थों के विलयन की पहचान उसकी तेज महक से आसानी से की जा सकती है।
  • अन्य उदाहरण: प्याज का रस, वैनिला अर्क और लौंग का तेल भी गंधीय सूचक के प्रमुख उदाहरण हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1) में विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) पानी में चीनी: यह एक मीठा विलयन है जिसकी पहचान स्वाद से होती है, किसी विशिष्ट गंध से नहीं।
  • विकल्प (B) पानी में नमक: इसका कोई विशिष्ट तीव्र गंध नहीं होती है।
  • विकल्प (C) पानी में पोटेशियम परमैंगनेट: इसकी पहचान मुख्य रूप से इसके गहरे बैंगनी रंग से होती है, न कि गंध से।



#11. निम्नलिखित में से कौन-सा क्रियाकलाप, द्रव्य के कणों के बीच आकर्षण बल होने को सर्वोत्तम रूप से निरूपित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (C) चाक स्टिक को तोड़ना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कणों के बीच आकर्षण बल (Force of Attraction): द्रव्य के कणों के बीच एक आंतरिक आकर्षण बल कार्य करता है जो उन्हें एक साथ बांधकर रखता है। चाक स्टिक, रबर बैंड या लोहे की छड़ को तोड़ने या खींचने पर हमें इस बल के विरुद्ध कार्य करना पड़ता है, जो यह दर्शाता है कि कणों के बीच मजबूत आकर्षण बल मौजूद होता है।
  • एनसीईआरटी संदर्भ: यह उदाहरण कक्षा 9वीं के विज्ञान अध्याय 1 (‘हमारे आस-पास के पदार्थ’) की क्रियाकलाप श्रृंखला से संबंधित है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 16/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) स्पंज को संपीड़ित करना: यह स्पंज के छिद्रों में हवा भरे होने और उसकी संपीड्यता (Compressibility) को दर्शाता है।
  • विकल्प (B) बर्फ को गर्म करके जल बनाना: यह तापमान परिवर्तन के कारण अवस्था परिवर्तन (गलनांक) को प्रदर्शित करता है।
  • विकल्प (D) जल में चीनी घोलना: यह द्रव्य के कणों के बीच रिक्त स्थानों (Spaces between particles) और विसरण (Diffusion) के गुण को दर्शाता है।

#12. हम विलयन की सांद्रता को विभिन्न तरीकों से व्यक्त करते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सी विधि, गलत है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

✨ सही उत्तर: (D) आयतन/विलयन के द्रव्यमान प्रतिशत (Volume by mass percentage of a solution)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विलयन की सांद्रता व्यक्त करने की विधियाँ: रसायन विज्ञान में विलयन की सांद्रता को मुख्य रूप से (1) द्रव्यमान/द्रव्यमान प्रतिशत, (2) द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत, और (3) आयतन/आयतन प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
  • अमान्य विधि: ‘आयतन/विलयन के द्रव्यमान प्रतिशत’ (Volume by mass percentage) सांद्रता व्यक्त करने की एक मानक या सही विधि नहीं मानी जाती है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 24/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A) द्रव्यमान/विलयन के आयतन प्रतिशत: यह सांद्रता व्यक्त करने की एक वैध विधि है (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का आयतन)।
  • विकल्प (B) द्रव्यमान/विलयन के द्रव्यमान प्रतिशत: यह भी एक मानक विधि है जिसका उपयोग विलेय और विलयन दोनों के द्रव्यमान के लिए किया जाता है।
  • विकल्प (C) आयतन/विलयन के आयतन प्रतिशत: यह तरल में तरल के मिश्रण की सांद्रता बताने के लिए प्रयोग की जाने वाली सही विधि है।

#13. निम्नलिखित में से किसका pH मान सबसे कम है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: जठर रस (Gastric Juice)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH मान की अवधारणा: pH स्केल 0 से 14 तक होता है। 7 से कम मान अम्लीय (Acidic), 7 उदासीन (Neutral) और 7 से अधिक मान क्षारीय (Alkaline) प्रकृति को दर्शाता है। जितना कम pH मान होगा, पदार्थ उतना ही अधिक अम्लीय होगा।
  • जठर रस का pH: हमारे आमाशय (Stomach) में पाए जाने वाले जठर रस में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) होता है, जिसके कारण इसका pH मान बहुत कम (लगभग 1.2 से 1.5 के बीच) होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 29/11/2024 Shift 2) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • नींबू का रस: नींबू के रस का pH मान लगभग 2.2 से 2.4 होता है, जो अम्लीय है लेकिन जठर रस से अधिक होता है।
  • रक्त: मानव रक्त का pH मान लगभग 7.4 होता है, जो हल्का क्षारीय होता है।
  • मिल्क ऑफ मैग्नीशिया: यह एक एंटासिड है जिसका pH मान लगभग 10.5 होता है, जो अत्यधिक क्षारीय प्रकृति का होता है।

#14. पृथक्ककरण फ़नल का उपयोग _____ के मिश्रण के पृथक्ककरण के लिए किया जाता है?
(RRB JE CBT-I : 31 May 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: अमिश्रणीय तरल पदार्थों (Immiscible liquids)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पृथक्ककरण फ़नल का सिद्धांत: अमिश्रणीय तरल पदार्थों (जो आपस में घुलते नहीं हैं और अपने घनत्व के आधार पर अलग-अलग परतें बनाते हैं, जैसे तेल और पानी) के मिश्रण को अलग करने के लिए पृथक्ककरण फ़नल (Separating Funnel) का उपयोग किया जाता है।
  • कार्यप्रणाली: इस विधि में अधिक घनत्व वाला तरल नीचे बैठ जाता है और कम घनत्व वाला तरल ऊपर रहता है, जिसे फ़नल के स्टॉपकॉक (टीका) को खोलकर आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 31 May 2019 Shift 3) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • मिश्रणीय तरल पदार्थों: मिश्रणीय तरल पदार्थों (जैसे अल्कोहल और पानी) को अलग करने के लिए आसवन (Distillation) विधि का उपयोग किया जाता है।
  • नमक और कपूर: नमक और कपूर के मिश्रण को अलग करने के लिए ऊर्ध्वपातन (Sublimation) विधि का उपयोग किया जाता है।
  • काली स्याही में मिश्रित डाई: काली स्याही के घटकों को अलग करने के लिए क्रोमैटोग्राफी (Chromatography) विधि का उपयोग किया जाता है।

#15. निम्नलिखित में से कौन-सा, मिश्रण को यौगिक से सर्वोत्तम रूप से विभेदित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

✨ सही उत्तर: मिश्रणों को भौतिक विधियों से पृथक किया जा सकता है, जबकि यौगिकों को पृथक करने के लिए रासायनिक विधियों की आवश्यकता होती है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण और यौगिक में अंतर: मिश्रण में घटक केवल भौतिक रूप से मिले होते हैं, इसलिए उन्हें छानने, वाष्पीकरण या चुंबकीय पृथक्करण जैसी भौतिक विधियों से अलग किया जा सकता है। इसके विपरीत, यौगिकों में तत्व रासायनिक रूप से बंधे होते हैं, जिन्हें अलग करने के लिए रासायनिक प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता होती है।
  • घटकों के गुण: मिश्रण अपने घटकों के गुणधर्मों को बनाए रखते हैं, जबकि यौगिकों के गुण उनके मूल घटकों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 30/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (B): यौगिक अपने घटकों के गुणधर्मों को बनाए नहीं रखते, बल्कि नए गुण वाला पदार्थ बनाते हैं (यह गुण मिश्रण का है)।
  • विकल्प (C): मिश्रणों का क्वथनांक निश्चित नहीं होता, जबकि शुद्ध यौगिकों का गलनांक और क्वथनांक सदैव निश्चित होता है।
  • विकल्प (D): यौगिक सदैव समांगी (Homogeneous) प्रकृति के होते हैं, जबकि मिश्रण समांगी और विषमांगी दोनों प्रकार के हो सकते हैं।



#16. दो बीकरों में अलग-अलग सांद्रता वाले चीनी के विलयन हैं। एक अर्धपारगम्य झिल्ली उन्हें पृथक करती है। कुछ समय बाद, एक बीकर में विलयन का स्तर बढ़ जाता है जबकि दूसरे में यह घट जाता है। यह प्रयोग विलयनों के किस गुणधर्म को सर्वोत्तम रूप से दर्शाता है, और क्यों?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

✨ सही उत्तर: परासरण – क्योंकि विलायक के अणु अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से तनु विलयन से सांद्र विलयन की ओर गति करते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया: जब दो अलग-अलग सांद्रता वाले विलयनों को एक अर्धपारगम्य झिल्ली (Semi-permeable membrane) द्वारा अलग किया जाता है, तो विलायक (जल) के अणु कम सांद्रता वाले (तनु) विलयन से अधिक सांद्रता वाले (सांद्र) विलयन की ओर गति करते हैं।
  • स्तर में परिवर्तन का कारण: इस गति के कारण सांद्र विलयन वाले बीकर में द्रव का स्तर बढ़ जाता है और तनु विलयन वाले बीकर में स्तर घट जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 10/03/2026) में विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • अवसादन (Sedimentation): यह गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से भारी कणों के नीचे बैठने की प्रक्रिया है, जिसका झिल्ली वाले इस प्रयोग से कोई संबंध नहीं है।
  • विसरण (Diffusion): विसरण में अणुओं की गति सभी दिशाओं में होती है और इसके लिए अर्धपारगम्य झिल्ली का होना अनिवार्य नहीं है।
  • वाष्पन (Evaporation): यह तरल का गैस में बदलने की प्रक्रिया है, जबकि यहाँ बीकर के अंदर झिल्ली के माध्यम से जल की गति हो रही है।

#17. निम्नलिखित में से कौन-सा, आयनिक यौगिकों का गुणधर्म नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )

✨ सही उत्तर: ये किरोसीन और पेट्रोल जैसे विलायकों में विलेय होते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आयनिक यौगिकों की विलेयता: आयनिक यौगिक सामान्यतः ध्रुवीय विलायकों (जैसे जल) में घुलनशील होते हैं, लेकिन किरोसीन (kerosene) और पेट्रोल जैसे अध्रुवीय (non-polar) विलायकों में ये अविलेय (अघुलनशील) होते हैं। इसलिए यह कथन आयनिक यौगिकों का गुणधर्म नहीं है।
  • अन्य गुणधर्म: मजबूत अंतराआयनिक आकर्षण बल के कारण इनके गलनांक और क्वथनांक उच्च होते हैं, ये कमरे के तापमान पर ठोस और कठोर होते हैं, तथा जलीय या गलित अवस्था में स्वतंत्र आयनों की उपस्थिति के कारण विद्युत का चालन करते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 02/02/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं / ये गुणधर्म हैं):
  • विकल्प (A): मजबूत स्थिरवैद्युत आकर्षण बल के कारण इनका गलनांक और क्वथनांक उच्च होता है (यह आयनिक यौगिक का गुण है)।
  • विकल्प (B): विपरीत आवेशित आयनों के बीच मजबूत आकर्षण के कारण ये सामान्यतः ठोस होते हैं (यह भी इनका गुण है)।
  • विकल्प (C): पिघली हुई या जलीय अवस्था में इनके आयन गति करने के लिए स्वतंत्र होते हैं, जिससे ये विद्युत का चालन करते हैं (यह भी इनका मुख्य गुण है)।

#18. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प किसी विलयन की सांद्रता को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )

✨ सही उत्तर: दिए गए विलयन की मात्रा में उपस्थित विलेय की मात्रा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विलयन की सांद्रता (Concentration of a Solution): किसी विलयन की सांद्रता यह बताती है कि एक निश्चित मात्रा या आयतन के विलयन में घुले हुए विलेय (Solute) की मात्रा कितनी है। इसे सामान्यतः द्रव्यमान प्रतिशत, आयतन प्रतिशत या मोलरता के रूप में व्यक्त किया जाता है।
  • मूल परिभाषा: विलयन (Solution) = विलेय (Solute) + विलायक (Solvent)। अतः विलयन की सांद्रता कुल विलयन में विलेय के अनुपात पर निर्भर करती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 19/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): विलयन में विलायक की मात्रा से सांद्रता सीधे परिभाषित नहीं होती, क्योंकि सांद्रता विलेय की मात्रा को दर्शाती है।
  • विकल्प (C) और (D): ये कथन वैज्ञानिक रूप से तार्किक और मानक परिभाषा के अनुसार गलत हैं, क्योंकि सांद्रता की गणना हमेशा कुल विलयन के संदर्भ में की जाती है न कि केवल विलेय के अंदर विलायक की मात्रा के संदर्भ में।

#19. एक खाद्य श्रृंखला घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज से शुरू होती है। बाज में अजैवनीकरणीय कीटनाशकों की कितनी सांद्रता अपेक्षित है?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )

✨ सही उत्तर: कीटनाशकों की उच्चतम सांद्रता

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जैविक आवर्धन (Biological Magnification): जब खाद्य श्रृंखला में अजैवनीकरणीय प्रदूषक (जैसे कीटनाशक, DDT आदि) प्रवेश करते हैं, तो प्रत्येक उच्च पोषण स्तर पर जाने के साथ उनकी सांद्रता बढ़ती जाती है। इस प्रक्रिया को जैविक आवर्धन कहा जाता है।
  • खाद्य श्रृंखला में स्थिति: दी गई श्रृंखला (घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज) में बाज सबसे शीर्ष पोषण स्तर पर स्थित है। इसलिए, खाद्य श्रृंखला में सबसे ऊपर होने के कारण बाज के शरीर में इन कीटनाशकों की सांद्रता सबसे अधिक होगी।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/01/2026) में पर्यावरण और पारिस्थितिकी के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • मेंढक जितनी सांद्रता: मेंढक खाद्य श्रृंखला में बीच के स्तर पर है, जबकि बाज उससे ऊपर है, इसलिए बाज में सांद्रता मेंढक से अधिक होगी।
  • कीटनाशक का कोई अवशेष नहीं / न्यूनतम मात्रा: चूँकि ये पदार्थ अजैवनीकरणीय होते हैं और लगातार उच्च स्तर पर संचित होते रहते हैं, अतः इनकी मात्रा न्यूनतम होने के बजाय उच्चतम होती है।

#20. निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा, निलंबन का एक गुण है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )

✨ सही उत्तर: निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन (Suspension) की प्रकृति: निलंबन एक विषमांगी (Heterogeneous) मिश्रण होता है जिसमें ठोस के कण द्रव या गैस में पूरे माध्यम में घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में बिखरे रहते हैं और बड़े आकार के कारण साफ दिखाई देते हैं।
  • प्रमुख गुणधर्म: निलंबन के कणों को नग्न आँखों से देखा जा सकता है, ये अस्थिर होते हैं और कुछ समय शांत छोड़ने पर नीचे बैठ (अवसाधित हो) जाते हैं, तथा इन्हें छानने की प्रक्रिया (निस्पंदन) द्वारा अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): निलंबन के कणों को निस्पंदन (Filtering) प्रक्रिया द्वारा आसानी से पृथक किया जा सकता है।
  • विकल्प (B): निलंबन के कण अस्थिर होते हैं और स्थिर रखने पर नीचे बैठ जाते हैं (कण जम जाते हैं)।
  • विकल्प (C): निलंबन के कण इतने बड़े होते हैं कि इन्हें नग्न आँखों से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।



#21. डिटर्जेंट निम्नलिखित में से किसमें कार्य कर सकते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

✨ सही उत्तर: कठोर और मृदु जल दोनों (Both hard and soft water)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपमार्जक (Detergents) की विशेषता: संश्लिष्ट अपमार्जक (Synthetic detergents) कठोर जल (hard water) में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील अवक्षेप (स्कùm) नहीं बनाते हैं। यही कारण है कि ये कठोर और मृदु (soft) दोनों प्रकार के पानी में प्रभावी रूप से कार्य करते हैं और झाग बनाते हैं।
  • साबुन और डिटर्जेंट में अंतर: इसके विपरीत, सामान्य साबुन कठोर जल के साथ अघुलनशील लवण (स्कम) बनाते हैं और कठोर जल में आसानी से झाग नहीं देते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • केवल आसुत जल / केवल शीतल जल / केवल गर्म जल: डिटर्जेंट किसी एक विशिष्ट प्रकार के जल तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये मृदु और कठोर दोनों प्रकार के जल में समान रूप से काम करते हैं।

#22. कौन-सा गुण निलंबन को colloìd से सबसे स्पष्ट रूप से विभedित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

✨ सही उत्तर: गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में कणों का जमाव (Sedimentation of particles under the influence of gravity)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन और कोलाइड में अंतर: निलंबन (Suspension) के कण अपेक्षाकृत बड़े होते हैं, जो अस्थिर प्रकृति के होते हैं। गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव के कारण कुछ समय शांत छोड़ने पर ये कण नीचे बैठ (अवसाधित हो) जाते हैं।
  • कोलाइड की स्थिति: इसके विपरीत, कोलाइड (Colloid) के कण इतने छोटे होते हैं कि वे गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से नीचे नहीं बैठते और स्थायी (Stable) विलयन बनाते हैं। यही गुण दोनों को स्पष्ट रूप से अलग करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): निलंबन और कोलाइड दोनों ही प्रकाश का प्रकीर्णन (टिंडल प्रभाव) दर्शा सकते हैं, इसलिए यह स्पष्ट विभेदक नहीं है।
  • विकल्प (B): विलेय-विलायक आबंधों का निर्माण सांद्रता या रासायनिक प्रकृति पर निर्भर करता है, न कि इस भौतिक वर्गीकरण पर।
  • विकल्प (D): निलंबन और कोलाइड दोनों ही विषमांगी (Heterogeneous) प्रकृति के मिश्रण होते हैं, अतः समांगता इन्हें अलग नहीं करती।

#23. किस प्रकार का विलयन प्लाज्मा झिल्ली के माध्यम से जल को कोशिका से बाहर स्थानांतरित कर देता है, जिससे कोशिका संकुचित हो जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )

✨ सही उत्तर: अतिपरासारी विलयन (Hypertonic solution)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अतिपरासारी विलयन (Hypertonic Solution): जब किसी कोशिका को ऐसे माध्यम या विलयन में रखा जाता है जिसके बाहर का विलयन कोशिका के भीतर के द्रव की तुलना में अधिक सांद्र (कम जल विभव वाला) होता है, तो परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया के कारण जल कोशिका के भीतर से बाहर आने लगता है।
  • कोशिका का संकुचन: इस प्रकार जल की हानि होने के कारण कोशिका सिकुड़ या संकुचित (Shrink) हो जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/12/2025) में सामान्य विज्ञान (जीव विज्ञान/रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • समपरासारी विलयन (Isotonic solution): इसमें कोशिका के अंदर और बाहर के विलयन की सांद्रता समान होती है, जिससे जल की कुल गति दोनों दिशाओं में बराबर होती है और कोशिका पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
  • अल्पपरासारी विलयन (Hypotonic solution): इस प्रकार के विलयन में बाहरी माध्यम की सांद्रता कम होती है, जिससे जल कोशिका के अंदर प्रवेश करता है और कोशिका फूल जाती है।
  • तनु विलयन (Dilute solution): यह सामान्य रूप से कम विलेय वाला विलयन होता है जो कोशिका से बाहर जल भेजने के बजाय आमतौर पर अंदर जल का प्रवेश कराता है।

#24. एक प्रयोगशाला में, एक विद्यार्थी स्टार्च को पानी में मिलाता है और देखता है कि यह मिश्रण न तो पूर्णतः विलयन है और न ही निलंबन। इस मिश्रण का कौन-सा गुण यह पुष्टि करता है कि यह एक कोलाइडल विलयन है?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )

✨ सही उत्तर: ये कण प्रकाश की किरण-पुंज को प्रकीर्णित कर देते हैं लेकिन स्थिर अवस्था में नहीं ठहरते।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइडल विलयन (Colloidal Solution) के गुण: स्टार्च और पानी का मिश्रण एक कोलाइडल विलयन बनाता है। इसके कण इतने बड़े होते हैं कि वे प्रकाश की किरण को फैला (प्रकीर्णित) देते हैं (जिसे ‘टिंडल प्रभाव’ कहते हैं)।
  • स्थायित्व: निलंबन के विपरीत, कोलाइड के कण बहुत छोटे होने के कारण गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से नीचे नहीं बैठते (स्थिर अवस्था में नहीं ठहरते), जिससे यह मिश्रण काफी हद तक स्थायी होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 04/02/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): कोलाइडल विलयन पारभासी होते हैं और प्रकाश को प्रकीर्णित करते हैं।
  • विकल्प (B): कण नीचे बैठना निलंबन (Suspension) का गुण है, कोलाइड का नहीं।
  • विकल्प (C): कोलाइड के कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि इन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता है।

#25. निम्नलिखित में से कौन-सा व्यंजक विलयन के द्रव्यमान द्वारा द्रव्यमान प्रतिशत के लिए सही सूत्र देता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: ((विलेय का द्रव्यमान / विलयन का द्रव्यमान)) × 100

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्रव्यमान प्रतिशत (Mass percentage): किसी विलयन के द्रव्यमान द्वारा द्रव्यमान प्रतिशत (Mass by mass percentage) निकालने का सूत्र विलेय के द्रव्यमान और कुल विलयन के द्रव्यमान का अनुपात होता है। इसे प्रतिशत में बदलने के लिए 100 से गुणा किया जाता है।
  • सूत्र: $\text{द्रव्यमान प्रतिशत} = \left(\frac{\text{विलेय का द्रव्यमान}}{\text{विलयन का द्रव्यमान}}\right) \times 100$
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (A): इसमें विलेय का आयतन और विलयन का द्रव्यमान लिया गया है, जो द्रव्यमान प्रतिशत के लिए सही नहीं है।
  • विकल्प (B): इसमें विलायक के द्रव्यमान का उपयोग किया जाता है, जबकि प्रतिशत गणना में कुल विलयन (विलेय + विलायक) का द्रव्यमान होना चाहिए।
  • विकल्प (D): इसमें विलयन का आयतन दिया गया है, जो ‘द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत’ के अंतर्गत आता है न कि द्रव्यमान द्वारा द्रव्यमान प्रतिशत के अंतर्गत।



#26. खोई का उपयोग किसका उत्पादन करने के लिए किया जाता है?
(RRB JE ME 29 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)

✨ सही उत्तर: कागज (Paper)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • खोई (Bagasse) क्या है: गन्ने से रस निकालने के बाद बचा हुआ सूखा रेशा या अवशेष ‘खोई’ (बैगास) कहलाता है।
  • उत्पादन में उपयोग: इसमें उच्च मात्रा में सेल्युलोज फाइबर पाए जाते हैं, जिसके कारण इसका उपयोग मुख्य रूप से कागज, गत्ता (Cardboard) और पैकेजिंग सामग्री के उत्पादन में किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग बायो-फ्यूल के रूप में भी होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME : 29 Aug 2019 Shift 1 CBT 2) में पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • खाद और उर्वरक: हालांकि कृषि अवशेष के रूप में इसका कुछ अन्य उपयोग हो सकता है, लेकिन इसके व्यावसायिक उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र कागज और पल्प उद्योग है।
  • साबुन: साबुन के निर्माण में वसा (Fats), तेल और कास्टिक सोडा जैसी सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जिनका खोई से कोई संबंध नहीं है।

#27. स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में हरे पौधे सौर ऊर्जा का कितना प्रतिशत अवशोषण करते हैं?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: 1 प्रतिशत (1%)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सौर ऊर्जा का अवशोषण: स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में हरे पौधे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाले कुल सौर विकिरण (Sunlight) का केवल लगभग 1 प्रतिशत भाग ही अवशोषित कर पाते हैं और प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से इसे खाद्य ऊर्जा (रासायनिक ऊर्जा) में बदलते हैं।
  • ऊर्जा का प्रवाह: पौधे द्वारा संचित इस कुल ऊर्जा का अधिकांश भाग श्वसन और अन्य जैविक क्रियाओं में नष्ट हो जाता है, और केवल शेष भाग ही अगले पोषण स्तर (शाकाहारी जीवों) तक पहुँचता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 2) में पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • 10 प्रतिशत: 10% का नियम (लिंडेमैन का नियम) खाद्य श्रृंखला में एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर ऊर्जा के स्थानांतरण से संबंधित है, न कि पौधों द्वारा सौर ऊर्जा के अवशोषण से।
  • 5 प्रतिशत / 100 प्रतिशत: ये आंकड़े पारिस्थितिकी तंत्र में सौर ऊर्जा के प्राथमिक स्थिरीकरण के वैज्ञानिक आँकड़ों से मेल नहीं खाते और गलत हैं।

#28. 25°C पर शुद्ध जल में H⁺ आयनों की सांद्रता कितनी होती है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

✨ सही उत्तर: 1×10⁻⁷ M

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • शुद्ध जल की सांद्रता: 25°C तापमान पर शुद्ध जल उदासीन (neutral) होता है, जिसका अर्थ है कि इसमें हाइड्रोजन आयनों (H⁺) और हाइड्रॉक्साइड आयनों (OH⁻) की सांद्रता आपस में बराबर होती है।
  • आयनिक गुणनफल: 25°C पर जल का आयनिक गुणनफल 1×10⁻¹⁴ होता है। चूँकि [H⁺] और [OH⁻] दोनों की मात्रा समान होती है, इसलिए H⁺ आयनों की सांद्रता 1×10⁻⁷ M होती है, जिससे इसका pH मान 7 बनता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 10/03/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • 1×10⁻⁵ M: यह मान 10⁻⁷ की तुलना में अधिक अम्लीय विलयन को दर्शाता है (pH = 5), जो शुद्ध जल की स्थिति नहीं है।
  • 1×10⁻¹ M: यह एक प्रबल अम्लीय विलयन की सांद्रता है (pH = 1)।
  • 1×10⁻⁴ M: यह भी एक अम्लीय विलयन (pH = 4) को दर्शाता है, जबकि शुद्ध जल उदासीन होता है।

#29. कौन-सा कथन स्थिर अनुपात के नियम का सबसे अच्छा समर्थन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

✨ सही उत्तर: समान संरचना वाले दो स्रोतों से प्राप्त जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions): इस नियम के अनुसार, किसी रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के अनुसार एक निश्चित (स्थिर) अनुपात में मौजूद होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो या किसी भी विधि से बनाया गया हो।
  • जल का उदाहरण: उदाहरण के लिए, चाहे जल नदी का हो, कुएँ का हो या समुद्र का, पानी ($H_2O$) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1:8 होता है, जो इस नियम की सबसे अच्छी पुष्टि करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 24/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • मिट्टी और रेत के विकल्प: मिट्टी, रेत और तालाब के तलछट रासायनिक यौगिक नहीं बल्कि ‘मिश्रण’ (Mixtures) हैं, जिनमें घटकों का अनुपात निश्चित नहीं होता, इसलिए ये स्थिर अनुपात के नियम का समर्थन नहीं करते।

#30. स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार, 18 g जल के अपघटन के बाद प्राप्त ऑक्सीजन और हाइड्रोजन (O : H) का सही अनुपात होगा?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: 16:2

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जल का रासायनिक संगठन: जल (H2O) के एक अणु में हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु होता है। हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान 1 u तथा ऑक्सीजन का 16 u होता है।
  • द्रव्यमान अनुपात (O : H): 18 g जल के पूर्ण अपघटन पर 16 g ऑक्सीजन (O) और 2 g हाइड्रोजन (H) प्राप्त होती है। अतः स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार ऑक्सीजन और हाइड्रोजन का द्रव्यमान अनुपात 16:2 (जिसे सरल रूप में 8:1 भी कहा जाता है) होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 1) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • 2:16: यह अनुपात हाइड्रोजन और ऑक्सीजन (H : O) का है, जबकि प्रश्न में ऑक्सीजन और हाइड्रोजन (O : H) का क्रम पूछा गया है।
  • 4:14 और 14:4: ये दोनों मान जल के घटकों के वास्तविक द्रव्यमान अनुपातों से मेल नहीं खाते हैं और रासायनिक रूप से गलत हैं।



#31. 280 ग्राम पानी में 20 ग्राम साधारण नमक का विलयन है। द्रव्यमान द्वारा द्रव्यमान प्रतिशत के संदर्भ में सांद्रता क्या है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: 6.66%

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विलयन का कुल द्रव्यमान: विलेय (नमक) का द्रव्यमान = 20 ग्राम, और विलायक (पानी) का द्रव्यमान = 280 ग्राम। अतः कुल विलयन का द्रव्यमान = 20 + 280 = 300 ग्राम।
  • द्रव्यमान प्रतिशत की गणना: सांद्रता (द्रव्यमान प्रतिशत) = (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का कुल द्रव्यमान) × 100 = (20 / 300) × 100 = 20 / 3 = 6.66%।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 3) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • 0.66%, 66.6% और 11.1%: ये विकल्प गलत गणना और अनुपातों के कारण प्राप्त होते हैं, जो सही सूत्र (20 / 300 × 100) के परिणाम से मेल नहीं खाते हैं।

#32. कौन-सा परिवर्तन, अपमार्जार विलयन में मिसल (micelle) निर्माण को प्रवर्धित करेगा?
(RRB JE 20/02/2026 )

✨ सही उत्तर: क्रांतिक मिसल सांद्रता (CMC) से ऊपर अपमार्जक सांद्रण बढ़ाना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिसल (Micelle) निर्माण: जब अपमार्जक या साबुन के अणुओं की सांद्रता एक निश्चित न्यूनतम सीमा से अधिक हो जाती है, तो ये अणु एक विशिष्ट निश्चित संरचना में एकत्रित हो जाते हैं जिसे ‘मिसल’ कहते हैं।
  • क्रांतिक मिसल सांद्रता (CMC): वह निश्चित सांद्रता जिसके नीचे मिसल का निर्माण नहीं होता और जिसके ऊपर जाने पर मिसल बनना शुरू हो जाते हैं, क्रांतिक मिसल सांद्रता (Critical Micelle Concentration) कहलाती है। अतः CMC से ऊपर सांद्रता बढ़ाने पर मिसल निर्माण प्रवर्धित होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 20/02/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • तापमान को क्राफ्ट पॉइंट से नीचे करना: क्राफ्ट तापमान वह न्यूनतम तापमान है जिस पर मिसल का निर्माण होता है; इससे नीचे तापमान करने पर मिसल नहीं बनते।
  • विलयन को तनु करना / अतिरिक्त जल मिलाना: ऐसा करने से सांद्रता CMC से नीचे आ जाती है, जिससे मिसल विघटित होने लगते हैं।
  • CMC से नीचे सांद्रता कम करना: इस स्थिति में अपमार्जक के अणु केवल अलग-अलग आयनों या अणुओं के रूप में रहते हैं और मिसल का निर्माण नहीं होता।

#33. पेय पदार्थ उद्योगों में शीतल पेय और सोडा वाटर की बोतलों को उच्च दाब में क्यों सील किया जाता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 19 Aug, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड की घुलनशीलता बढ़ाने के लिए

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हेनरी का नियम (Henry’s Law): इस नियम के अनुसार, दाब बढ़ाने पर द्रव में गैस की घुलनशीलता बढ़ जाती है। शीतल पेय (Soft drinks) और सोडा वाटर में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस को उच्च दाब पर बोतलों में सील किया जाता है ताकि यह द्रव में अधिक मात्रा में घुली रहे।
  • प्रभाव: जब बोतल खोली जाती है, तो दबाव कम हो जाता है जिससे CO2 गैस तेजी से बुलबुलों के रूप में बाहर निकलती है (जो कि फिज़ प्रभाव पैदा करती है)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 19 Aug, 2025 Shift 1) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • तापमान बढ़ाने/घटाने या जमने से रोकने के लिए: बोतलों को सील करने का मुख्य उद्देश्य तापमान नियंत्रित करना या उन्हें जमने से बचाना नहीं होता, बल्कि गैस की विलेयता बनाए रखना है।
  • चीनी की मात्रा कम करने के लिए: उच्च दाब का चीनी की मात्रा से कोई संबंध नहीं है; यह केवल गैस के स्थिरीकरण और घुलनशीलता के लिए किया जाता है।

#34. निम्नलिखित में से कौन सा समांगी मिश्रण का उदाहरण नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: पानी में लोहे की कीलों का मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): वह मिश्रण जिसमें उसके घटक पूरे माध्यम में समान रूप से एक-दूसरे में अच्छी तरह घुले या मिश्रित होते हैं तथा जिनकी बनावट एक जैसी होती है, समांगी मिश्रण कहलाता है। पानी में लोहे की कीलों का मिश्रण एक ‘विषमांगी मिश्रण’ (Heterogeneous mixture) है क्योंकि इसमें लोहे की कीलें पानी में घुलती नहीं हैं और अलग-अलग स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।
  • अन्य विकल्प: पानी में नमक, चीनी या कॉपर सल्फेट मिलने पर पूरी तरह घुल जाते हैं और एक समान (समांगी) विलयन बनाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • पानी में कॉपर सल्फेट का मिश्रण: यह एक समांगी मिश्रण (वास्तविक विलयन) है जिसमें कॉपर सल्फेट पानी में पूरी तरह घुल जाता है।
  • पानी में नमक का मिश्रण: नमक पानी में घुलकर पूरी तरह समांगी विलयन बनाता है।
  • पानी में चीनी का मिश्रण: चीनी पानी में मिलकर एक समान रूप से वितरित हो जाती है, जो समांगी मिश्रण का क्लासिक उदाहरण है।

#35. जब कोई अम्ल किसी धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो क्या निर्मित होता है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

✨ सही उत्तर: लवण, कार्बन डाइऑक्साइड और जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक अभिक्रिया: जब कोई अम्ल किसी धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट (या धातु बाइकार्बोनेट) के साथ अभिक्रिया करता है, तो हमेशा संगत लवण, कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) और जल (H2O) का निर्माण होता है।
  • सामान्य समीकरण: अम्ल + धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट -> लवण + कार्बन डाइऑक्साइड + जल। उदाहरण के लिए, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की प्रतिक्रिया से सोडियम क्लोराइड (लवण), जल और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 10/03/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • लवण, ऑक्सीजन और जल: इस अभिक्रिया के दौरान ऑक्सीजन गैस मुक्त नहीं होती, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है।
  • लवण, हाइड्रोजन गैस और जल: अम्ल और सक्रिय धातुओं (जैसे जिंक या आयरन) की प्रतिक्रिया से हाइड्रोजन गैस निकलती है, न कि धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट से।
  • लवण, अमोनिया और जल: अमोनिया गैस का इस रासायनिक प्रतिक्रिया से कोई संबंध नहीं है।



#36. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प निलंबन के गुण को प्रदर्शित नहीं करता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: निलंबन के कणों को नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन (Suspension) के प्रमुख गुण: निलंबन एक विषमांगी (Heterogeneous) मिश्रण है जिसमें विलेय के कण घुलते नहीं हैं बल्कि माध्यम में निलंबित रहते हैं।
  • कणों का आकार: निलंबन के कणों का आकार relativamente बड़ा होता है (सामान्यतः 100 nm से अधिक), जिस कारण इन्हें आसानी से नग्न आँखों से देखा जा सकता है। इसलिए यह कथन कि “कणों को नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता” निलंबन का गुण नहीं है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों हैं? – ये निलंबन के गुण हैं):
  • विकल्प (A): निलंबन के बड़े कण प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित कर सकते हैं (यह निलंबन का एक वैध गुण है)।
  • विकल्प (B): निलंबन एक विषमांगी मिश्रण होता है (यह भी इसका एक सत्य गुण है)।
  • विकल्प (D): निलंबन प्रकृति में अस्थिर होते हैं क्योंकि शांत छोड़ने पर इनके कण नीचे बैठ जाते हैं (यह भी इसका सत्य गुण है)।

#37. निम्नलिखित में से कौन सा कथन निलंबन (सस्पेन्शन) के बारे में सही है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन (Suspension) की प्रकृति: निलंबन एक विषमांगी (Heterogeneous) मिश्रण है जिसमें ठोस के कण द्रव या गैस में घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में निलंबित (suspended) रहते हैं और कुछ समय बाद नीचे बैठ जाते हैं।
  • कणों का आकार: इस मिश्रण के कणों का आकार बड़ा होने के कारण इन्हें नग्न आँखों से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 3) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • गैस में परिक्षिप्त ठोस: गैस में परिक्षिप्त ठोस कणों के कोलाइडल सिस्टम को ‘एरोसोल’ (Aerosol) कहा जाता है, न कि निलंबन।
  • निलंबन के कण नग्न आँखों से अदृश्य होते हैं: यह कथन कोलाइड या वास्तविक विलयन के लिए सत्य है, निलंबन के कण बड़े होने के कारण आँखों से दिखाई देते हैं।
  • निलंबन एक समांगी मिश्रण है: निलंबन की बनावट और सांद्रता पूरे आयतन में एक समान नहीं होती, इसलिए यह एक समांगी नहीं बल्कि विषमांगी मिश्रण है।

#38. एक विशिष्ट विशेषता जो साबुन से संबंधित नहीं है, वह ……………..है।
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )

✨ सही उत्तर: कठोर जल के साथ पूरी तरह से काम करता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • साबुन और कठोर जल: साबुन (Soaps) कठोर जल (जिसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम आयन होते हैं) के साथ प्रभावी रूप से काम नहीं करते हैं क्योंकि ये कठोर जल में अघुलनशील अवक्षेप या ‘स्कम’ (Scum) बनाते हैं और आसानी से झाग उत्पन्न नहीं करते। कठोर जल के साथ प्रभावी रूप से काम करने का गुण अपमार्जकों (Detergents) का होता है, साबुन का नहीं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 19/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये साबुन से संबंधित विशेषताएं हैं, अतः सही उत्तर नहीं हैं):
  • हाइड्रोफोबिक पूच्छ (Hydrophobic tail): साबुन के अणु में एक लंबी हाइड्रोकार्बन श्रृंखला होती है जो जल-विरागी (तेल या मैल की ओर आकर्षित) होती है।
  • माइसेल्स का निर्माण (Micelles): पानी में घुलने पर साबुन के अणु गोलाकार कुलक या ‘माइसेल्स’ बनाते हैं जो गंदगी को फंसाने में मदद करते हैं।
  • हाइड्रोफिलिक हेड (Hydrophilic head): साबुन के अणु का आयनिक सिरा जल-स्नेही (जल की ओर आकर्षित) होता है।

#39. लिटमस पेपर के अलावा निम्नलिखित में से किस ‘सूचक’ का उपयोग विलयनों की प्रकृति का परीक्षण करने के लिए किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

✨ सही उत्तर: हल्दी और लाल पत्तागोभी का रस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्राकृतिक सूचक (Natural Indicators): लिटमस पेपर के अतिरिक्त प्रकृति में कई ऐसे पदार्थ उपलब्ध हैं जिनका उपयोग किसी विलयन के अम्लीय या क्षारीय होने का परीक्षण करने के लिए किया जाता है, इन्हें ‘सूचक’ (Indicators) कहते हैं।
  • हल्दी और पत्तागोभी: हल्दी (Turmeric) और लाल पत्तागोभी का रस प्रमुख प्राकृतिक सूचक हैं। हल्दी अम्लीय या उदासीन माध्यम में पीली रहती है लेकिन क्षारीय माध्यम में इसका रंग लाल/भूरा हो जाता है। इसी प्रकार लाल पत्तागोभी का रस भी अम्लीय और क्षारीय माध्यम में अलग-अलग रंग प्रदर्शित करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • साधारण नमक और सिरका: साधारण नमक और सिरका सूचक नहीं हैं; सिरका स्वयं एक दुर्बल अम्ल (एसिटिक एसिड) है।
  • रेत और ऐल्कोहॉल: रेत और ऐल्कोहॉल रंग परिवर्तन के माध्यम से अम्ल या क्षार की पहचान करने का गुण नहीं रखते हैं।
  • चीनी और जल: चीनी और जल उदासीन मिश्रण बनाते हैं और ये किसी सूचक की तरह कार्य नहीं करते।

#40. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विलयनों के बारे में सही है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: विलेय विलायक की तुलना में कम मात्रा में उपस्थित होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विलयन (Solution) की परिभाषा और घटक: एक विलयन दो या दो से अधिक पदार्थों का समांगी मिश्रण होता है। इसके मुख्य रूप से दो घटक होते हैं- विलेय (Solute) और विलायक (Solvent)। सामान्यतः, जो घटक कम मात्रा में होता है उसे विलेय कहा जाता है, और जो अधिक मात्रा में होता है उसे विलायक कहते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 3) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • सरल निस्पंदन द्वारा अलग करना: विलयन के कणों का आकार अत्यधिक सूक्ष्म होता है (1 नैनोमीटर से कम), इसलिए इन्हें साधारण निस्पंदन (Filtration) विधि से अलग नहीं किया जा सकता।
  • सांद्रता व्यक्त करने के तरीके: किसी विलयन की सांद्रता केवल द्रव्यमान प्रतिशत ही नहीं, बल्कि आयतन प्रतिशत, मोलरता, नॉर्मलता आदि विभिन्न रूपों में व्यक्त की जा सकती है।
  • विषमांगी मिश्रण: विलयन एक ‘समांगी’ (Homogeneous) मिश्रण होता है, न कि विषमांगी, क्योंकि इसकी बनावट और गुण पूरे माध्यम में एक समान होते हैं।



#41. निम्नलिखित में से किसकी क्षारकता सबसे अधिक है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: सोडियम हाइड्रोक्साइड (Sodium Hydroxide)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्षारकता (Alkalinity): सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) एक प्रबल क्षार (Strong base) है, जिसका pH मान लगभग 14 होता है। यह जल में पूरी तरह वियोजित होकर अत्यधिक मात्रा में हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) उत्पन्न करता है।
  • तुलना: दिए गए अन्य सभी विकल्प या तो तटस्थ हैं या दुर्बल क्षारीय/अम्लीय हैं, इसलिए सबसे अधिक क्षारकता सोडियम हाइड्रोक्साइड की है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • रक्त (Blood): मानव रक्त का pH मान लगभग 7.4 होता है, जो इसे एक दुर्बल क्षारीय विलयन बनाता है।
  • लार (Saliva): लार का pH मान आमतौर पर 6.2 से 7.4 के बीच होता है, जो हल्का अम्लीय या लगभग उदासीन होता है।
  • नल का पानी: नल का पानी तटस्थ या बहुत हल्का क्षारीय होता है, जिसकी क्षारकता प्रबल क्षार की तुलना में अत्यंत कम होती है।

#42. जब मिश्रण को शांत छोड़ दिया जाता है, तो निलंबन में कणों का क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )

✨ सही उत्तर: जब कणों को शांत छोड़ दिया जाता है, तो वे नीचे बैठ जाते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन की अस्थिर प्रकृति: निलंबन (Suspension) एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें ठोस के बड़े कण विलायक में घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में निलंबित (suspended) रहते हैं।
  • अवसादन (Sedimentation): चूंकि निलंबन के कणों का आकार बड़ा होता है, इसलिए जब इस मिश्रण को कुछ समय के लिए शांत छोड़ दिया जाता है, तो गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव से ये भारी कण धीरे-धीरे नीचे तली में बैठ जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 19/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • कण विलायक में घुल जाते हैं: निलंबन के कण घुलते नहीं हैं, बल्कि वे माध्यम में केवल तैरते या लटके रहते हैं।
  • मिश्रण स्थिर हो जाता है: निलंबन प्रकृति में अस्थिर (unstable) होता है, स्थिर नहीं; हिलाने पर इसके कण फिर से फैल सकते हैं लेकिन शांत छोड़ने पर बैठ जाते हैं।
  • अन्य विकल्प निलंबन के भौतिक गुणों और अवसादन की प्रक्रिया के विपरीत हैं।

#43. निम्नलिखित में से कौन सी सुविधा उपयोगकर्ता को किसी विशिष्ट प्रेषक से प्राप्त ईमेल को तुरंत ढूंढने की अनुमति देती है?
(RRB ALP CBT-II Fitter : 06 May, 2025 Shift 1)

✨ सही उत्तर: फ़िल्टर (Filter)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • फ़िल्टर (Filter) की उपयोगिता: ईमेल प्रणालियों में फ़िल्टर सुविधा उपयोगकर्ता को विशिष्ट मानदंड या शर्तें (जैसे प्रेषक का ईमेल पता, विषय, या कीवर्ड) सेट करने की अनुमति देती है, जिससे किसी विशिष्ट प्रेषक से प्राप्त ईमेल को तुरंत ढूंढना या छांटना आसान हो जाता है।
  • ईमेल प्रबंधन: इसके माध्यम से इनबॉक्स को व्यवस्थित करने और महत्वपूर्ण संदेशों को सीधे ट्रैक करने में मदद मिलती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-II : 06 May, 2025 Shift 1) में कंप्यूटर ज्ञान / सूचना प्रौद्योगिकी के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • संग्रहण (Archive): यह ईमेल को मुख्य इनबॉक्स से हटाकर एक सुरक्षित पुरालेख (archive) फ़ोल्डर में ले जाता है ताकि इनबॉक्स साफ रहे, न कि किसी विशिष्ट प्रेषक को तुरंत ढूंढने के लिए।
  • ड्राफ्ट (Draft): यह उन अधूरे संदेशों को सहेजने के लिए उपयोग किया जाता है जिन्हें अभी टाइप किया जा रहा है और भेजा नहीं गया है।
  • क्रमबद्ध (Sort): यह संदेशों को तारीख, आकार या वर्णमाला के क्रम में व्यवस्थित करता है, लेकिन विशिष्ट प्रेषक के आधार पर तुरंत छांटने के लिए फ़िल्टर का उपयोग किया जाता है।

#44. निम्नलिखित में से कौन-सा कोलाइडल विलयन है?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )

✨ सही उत्तर: दूध

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइडल विलयन (Colloidal Solution): यह एक ऐसा विषमांगी मिश्रण है जिसमें विलेय (परिक्षिप्त परावस्था) के कणों का आकार वास्तविक विलयन से बड़ा और निलंबन से छोटा होता है (सामान्यतः 1 नैनोमीटर से 1000 नैनोमीटर के बीच)।
  • दूध की प्रकृति: दूध एक पायस (Emulsion) है, जो कि कोलाइडल विलयन का एक प्रमुख उदाहरण है। इसमें वसा (fat) के सूक्ष्म कण पानी के माध्यम में परिक्षिप्त रहते हैं और यह प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित (टिंडल प्रभाव) कर सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 21/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • चीनी का घोल: यह एक वास्तविक विलयन (True Solution) और समांगी मिश्रण है, जिसमें चीनी के कणों का आकार अति सूक्ष्म होता है।
  • नमक का पानी: नमक पानी में पूरी तरह घुलकर वास्तविक समांगी विलयन बनाता है।
  • पानी में रेत: यह एक निलंबन (Suspension) है, जिसमें रेत के कण बड़े होते हैं और कुछ समय बाद नीचे बैठ जाते हैं।

#45. निम्नलिखित में से कौन-सा, विलयन के निर्माण के दौरान भौतिक परिवर्तन का उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )

✨ सही उत्तर: जल में लवण का विलयन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • भौतिक परिवर्तन (Physical Change): वह परिवर्तन जिसमें किसी नए पदार्थ का निर्माण नहीं होता है और मूल पदार्थों को साधारण भौतिक विधियों (जैसे वाष्पीकरण) द्वारा पुनः प्राप्त किया जा सकता है, भौतिक परिवर्तन कहलाता है।
  • जल में लवण का घुलना: जब नमक (लवण) को पानी में घोला जाता है, तो कोई नया रासायनिक पदार्थ नहीं बनता है। पानी को वाष्पीकृत करके नमक को वापस प्राप्त किया जा सकता है, इसलिए यह विलयन का निर्माण एक भौतिक परिवर्तन है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08/01/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये रासायनिक परिवर्तन हैं, भौतिक नहीं):
  • नींबू का रस डालने पर दूध का फटना: यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें दूध के प्रोटीनों की रासायनिक संरचना बदल जाती है और नया पदार्थ बनता है।
  • लवण विलयन में लोहे का जंग लगना: यह एक धीमी रासायनिक प्रतिक्रिया (ऑक्सीकरण) है जिसमें लोहे पर जंग (हाइड्रेटेड आयरन ऑक्साइड) की नई परत बनती है।
  • आमाशय में भोजन का पाचन: यह पाचक रस और एंजाइमों की सहायता से होने वाली एक जटिल रासायनिक प्रक्रिया है, जिससे नए पदार्थ बनते हैं।



#46. कोलाइड एक ________ है।
(RPF Constable 2018 04 Feb 2019)

✨ सही उत्तर: विषमांगी मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइड की प्रकृति: यद्यपि कोलाइड (Colloid) देखने में एक समान या समांगी प्रतीत होता है, लेकिन सूक्ष्म स्तर पर यह एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) होता है।
  • संरचना: यह दो भागों से मिलकर बनता है- परिक्षिप्त परावस्था (Dispersed phase) और परिक्षेपण माध्यम (Dispersion medium)। इसके कणों का आकार 1 नैनोमीटर से 1000 नैनोमीटर के बीच होता है और यह ‘टिंडल प्रभाव’ (Tyndall effect) प्रदर्शित करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 04 Feb 2019) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • समांगी मिश्रण: समांगी मिश्रण वास्तविक विलयनों (जैसे चीनी या नमक का पानी) की विशेषता है, जबकि कोलाइड कणों के बिखराव के कारण विषमांगी होते हैं।
  • फोम और इमल्शन: फोम और इमल्शन कोलाइडल प्रणालियों के विशिष्ट ‘प्रकार’ (Types) हैं, न कि कोलाइड की समग्र मूल भौतिक श्रेणी को परिभाषित करने वाला प्राथमिक उत्तर।

#47. क्रिस्टलीय ठोस के सही उदाहरण का चयन कीजिए
。(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

✨ सही उत्तर: नमक, चीनी और रेत सभी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्रिस्टलीय ठोस (Crystalline Solids): वे ठोस पदार्थ जिनमें अवयवी कणों (परमाणुओं, आयनों या अणुओं) की एक नियमित, क्रमित और त्रिबीमीय निश्चित ज्यामितीय व्यवस्था होती है, क्रिस्टलीय ठोस कहलाते हैं।
  • घटकों की प्रकृति: सोडियम क्लोराइड (नमक) एक आयनिक क्रिस्टल है, चीनी (सुक्रोज) एक आणविक क्रिस्टल है, और रेत (सिलिका/क्वाटर्ज़) एक सहसंयोजक नेटवर्क क्रिस्टलीय ठोस है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये अधूरे क्यों हैं?):
  • केवल रेत, केवल नमक, या केवल चीनी और नमक: ये विकल्प आंशिक जानकारी देते हैं क्योंकि इनमें से प्रत्येक उदाहरण (नमक, चीनी और सिलिका युक्त रेत) किसी न किसी रूप में क्रिस्टलीय ठोस श्रेणी के अंतर्गत आता है, इसलिए उपर्युक्त सभी सही हैं।

#48. 20 NaOH को 10 HNO 3 द्वारा उदासीन किया जाता है। 15 HNO 3 को उदासीन करने के लिए कितने NaOH की आवश्यकता होगी?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: 30 ml

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीनीकरण गणना (Neutralization Calculation): प्रश्न के अनुसार, 10 ml नाइट्रिक अम्ल (HNO3) को उदासीन करने के लिए 20 ml सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) की आवश्यकता होती है।
  • अनुपातिक विधि:
    चूँकि 10 ml HNO3 = 20 ml NaOH,
    इसलिए 1 ml HNO3 = 20 / 10 = 2 ml NaOH.
    अतः 15 ml HNO3 को उदासीन करने के लिए आवश्यक NaOH = 15 * 2 = 30 ml होगी।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 17 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • 20 ml: यह 10 ml अम्ल के लिए दी गई मूल मात्रा है, न कि 15 ml के लिए।
  • 25 ml और 40 ml: ये गलत गणितीय गणना या अनुपातिक त्रुटि के परिणामस्वरूप आए मान हैं, जो stoichiometry के नियमों के अनुकूल नहीं हैं।

#49. ऊष्मीय प्रदूषण मुख्यतः औद्योगिक प्रक्रियाओं से संबंधित किस क्रिया के परिणामस्वरूप होता है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 22/03/2026 )

✨ सही उत्तर: शीतलक के रूप में जल का उपयोग

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊष्मीय प्रदूषण (Thermal Pollution): यह मुख्य रूप से ताप विद्युत संयंत्रों और कारखानों में मशीनों व उपकरणों को ठंडा करने के लिए शीतलक (Coolant) के रूप में जल के बड़े पैमाने पर उपयोग के कारण होता है।
  • जल का तापमान बढ़ना: संयंत्रों की मशीनरी को ठंडा करने के बाद इस गर्म जल को बिना ठंडा किए सीधे प्राकृतिक जल स्रोतों (जैसे नदियों और झीलों) में छोड़ दिया जाता है। इससे जल स्रोतों का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिससे उसमें घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और जलीय जीवों (मछलियों आदि) के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate CBT 1 : 22/03/2026) में पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी / सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • डिटर्जेंट का मिश्रण: यह मुख्य रूप से रासायनिक प्रदूषण और फोमिंग का कारण बनता है, तापमान वृद्धि से इसका सीधा संबंध नहीं है।
  • भारी धातुओं का उत्सर्जन: यह रासायनिक और विषैले संदूषण (Chemical Pollution) के अंतर्गत आता है।
  • निलंबित ठोस का संचयन: यह जल के गंदलापन (Turbidity) और प्रकाश के प्रवेश को प्रभावित करता है, सीधे तौर पर ऊष्मीय प्रदूषण का मुख्य कारण नहीं है।

#50. निम्नलिखित में से कौन सा कथन विलयन के बारे में सत्य नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर (असत्य कथन): विलयन के कण नग्न आँखों से देखे जा सकते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कणों का आकार: एक वास्तविक विलयन के कणों का आकार अत्यधिक सूक्ष्म (1 नैनोमीटर से भी कम या 10^-9 मीटर से छोटा) होता है।
  • नग्न आँखों से अदृश्य: अपने अति सूक्ष्म आकार के कारण विलयन के कणों को नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता है। अतः यह कथन असत्य है, और चूँकि प्रश्न में असत्य कथन ही पूछा गया है, इसलिए यही विकल्प सही है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कथन विलयन के बारे में पूर्णतः सत्य हैं):
  • विलयन एक समांगी मिश्रण है: यह कथन सत्य है क्योंकि इसमें घटक पूरे माध्यम में समान रूप से वितरित होते हैं।
  • विलयन के कण बिना किसी रुकावट के नीचे नहीं बैठते हैं: यह सत्य है, विलयन प्रकृति में बहुत स्थिर (stable) होते हैं और शांत छोड़ने पर भी इनके कण तली में नहीं बैठते।
  • विलयन के कणों को निस्यंदन द्वारा अलग नहीं किया जा सकता: यह भी सत्य है, छानने की प्रक्रिया (Filtration) द्वारा विलेय के कणों को विलायक से अलग नहीं किया जा सकता है।



#51. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, एक यौगिक को मिश्रण से सही रूप से पृथक् करता है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

✨ सही उत्तर: मिश्रण को भौतिक माध्यमों से अलग किया जा सकता है, लेकिन यौगिकों को अलग नहीं किया जा सकता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण और यौगिक में अंतर: मिश्रण (Mixture) के घटकों को साधारण भौतिक विधियों (जैसे छानना, वाष्पीकरण, चुंबकीय पृथक्करण आदि) द्वारा अलग किया जा सकता है। इसके विपरीत, यौगिक (Compound) के घटकों को भौतिक विधियों से अलग नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें अलग करने के लिए रासायनिक या विद्युत-रासायनिक प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता होती है।
  • अन्य अंतर: यौगिक में तत्वों का अनुपात निश्चित होता है और इसके गुणधर्म मूल घटकों से पूरी तरह भिन्न होते हैं, जबकि मिश्रण का संगठन अनिश्चित (परिवर्ती) हो सकता है और यह अपने घटकों के गुण प्रदर्शित करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09/03/2026) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विकल्प (1): यौगिकों का संयोजन निश्चित होता है, परिवर्ती संयोजन मिश्रणों की विशेषता है न कि यौगिकों की।
  • विकल्प (2): रासायनिक अभिक्रियाओं के माध्यम से यौगिक बनते हैं, मिश्रण भौतिक रूप से मिलते हैं (रासायनिक प्रतिक्रिया से नहीं)।
  • विकल्प (4): यौगिक अपने संघटकों (तत्वों) के मूल गुणधर्मों को खो देते हैं और नए गुण प्रदर्शित करते हैं; संघटकों के गुण केवल मिश्रण में बने रहते हैं।

#52. कैल्शियम हाइड्रोक्साइड के विलयन का सामान्य नाम क्या है?
(RRB NTPC Tier I : 6 Apr 2016 Shift 1)

✨ सही उत्तर: लाइम वॉटर (Lime Water / चूने का पानी)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक नाम और सामान्य नाम: कैल्शियम हाइड्रोक्साइड (Calcium Hydroxide, सूत्र: Ca(OH)₂) के जलीय विलयन को सामान्य बोलचाल में लाइम वॉटर या चूने का पानी कहा जाता है।
  • उपयोग और परीक्षण: इसका उपयोग मुख्य रूप से प्रयोगशाला में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस की उपस्थिति का परीक्षण करने के लिए किया जाता है। जब इसमें CO2 प्रवाहित की जाती है, तो यह कैल्सियम कार्बोनेट के बनने के कारण दूधिया (Milky) हो जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Tier I : 6 Apr 2016 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • डाइट सोडा (Diet Soda): यह कृत्रिम रूप से मीठा किया गया एक कार्बोनेटेड पेय है, जिसका कैल्शियम हाइड्रोक्साइड से कोई संबंध नहीं है।
  • नमक का विलयन (Saline/Salt solution): यह सोडियम क्लोराइड (NaCl) और जल का घोल होता है।
  • विनेगर (Vinegar / सिरका): यह एसिटिक अम्ल (Acetic acid) का तनु जलीय विलयन होता है।

#53. चार संभावनाओं में से, निलंबन में कौन सा गुण होता है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: विषमांगी मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन (Suspension) की मूल प्रकृति: निलंबन एक ऐसा विषमांगी (Heterogeneous) मिश्रण है जिसमें विलेय पदार्थ के कण घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में बिना घुले निलंबित रहते हैं।
  • प्रमुख विशेषताएँ: इसके कणों का आकार बड़ा होने के कारण इन्हें नग्न आँखों से देखा जा सकता है, ये प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित करते हैं (टिंडल प्रभाव) तथा शांत छोड़ने पर नीचे बैठ जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • समघाती मिश्रण (समांगी/Homogeneous): समांगी मिश्रण वास्तविक विलयनों की विशेषता है, जबकि निलंबन विषमांगी होता है।
  • ठोस मिश्रण और प्लाज्मा मिश्रण: ये विज्ञान में निलंबन की सही भौतिक श्रेणियों या गुणों को परिभाषित नहीं करते हैं।

#54. निम्नलिखित में से कौन सी पृथक्ककरण तकनीक का उपयोग रेत से लोहे के पिनों के पृथक्करण के लिए किया जा सकता है?
(RRB JE CBT I :- 30 May 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: चुंबकीय पृथक्करण (Magnetic Separation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चुंबकीय पृथक्करण (Magnetic Separation): लोहे के पिन चुंबकीय पदार्थ हैं, जबकि रेत अचुंबकीय है। इस गुण के आधार पर चुंबक का उपयोग करके रेत के मिश्रण से लोहे की पिनों को आसानी से आकर्षित करके अलग किया जा सकता है।
  • भौतिक गुण का उपयोग: इस तकनीक में पदार्थों के चुंबकीय और अचुंबकीय गुणों के अंतर का लाभ उठाया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 30 May 2019 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान / पृथक्करण तकनीक) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • वाष्पीकरण (Evaporation): इसका उपयोग घुलनशील ठोस पदार्थों को उनके विलायक (जैसे नमक और पानी के घोल) से अलग करने के लिए किया जाता है।
  • प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation): इसका उपयोग दो या दो से अधिक घुलनशील द्रवों के मिश्रण को उनके क्वथनांकों के अंतर के आधार पर अलग करने के लिए होता है।
  • निस्यंदन (Filtration): इसका उपयोग तरल में अघुलनशील ठोस कणों को छानकर अलग करने के लिए किया जाता है, न कि चुंबकीय धातुओं को छांटने के लिए।

#55. निम्नलिखित में से कौन सा कथन कोलाइडल विलयन के बारे में गलत है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर (गलत कथन): दूध एक कोलाइडल विलयन नहीं है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • दूध की वास्तविक प्रकृति: दूध वास्तव में एक पायस (Emulsion) है, जो कि कोलाइडल विलयन (Colloidal Solution) का एक क्लासिक और प्रमुख उदाहरण है। इसमें वसा के सूक्ष्म कण पानी के माध्यम में परिक्षिप्त होते हैं। इसलिए यह कहना कि “दूध एक कोलाइडल विलयन नहीं है” वैज्ञानिक रूप से गलत कथन है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कथन कोलाइड के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं):
  • कोलाइडल विलयन एक विषमांगी मिश्रण है: यह कथन सत्य है क्योंकि सूक्ष्म स्तर पर इसमें परिक्षिप्त परावस्था और माध्यम अलग-अलग होते हैं।
  • घटकों को निस्यंदन द्वारा अलग नहीं किया जा सकता: यह सत्य है, कोलाइड के कण इतने छोटे होते हैं कि वे साधारण फिल्टर पेपर से आसानी से पार निकल जाते हैं, इसलिए निस्यंदन (Filtration) से अलग नहीं होते।
  • कोहरा कोलाइडल विलयन का एक उदाहरण है: यह सत्य है, कोहरा (Fog) एक एरोसोल (Aerosol) है जिसमें गैस में द्रव के कण फैले होते हैं।



#56. कौन सी रसोई प्रक्रिया परासरण का उदाहरण है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 06 Jun, 2025 Shift 2)

✨ सही उत्तर: सांद्रित लवण विलयन में कच्चे आम डालना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परासरण (Osmosis) की प्रक्रिया: परासरण वह प्रक्रिया है जिसमें विलायक के अणु कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर एक अर्धपारगम्य झिल्ली (Semi-permeable membrane) से होकर गति करते हैं।
  • कच्चे आम और नमक का घोल: जब कच्चे आम के टुकड़ों को सांद्रित नमक के विलयन में रखा जाता है, तो बाहर उच्च सांद्रता (Hypertonic solution) होने के कारण परासरण के कारण आम की कोशिकाओं के अंदर मौजूद पानी बाहर निकल जाता है, जिससे आम सिकुड़ जाते हैं और अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 06 Jun, 2025 Shift 2) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • भोजन के पदार्थों को नाइट्रोजन से धोना: यह खाद्य पदार्थों को ऑक्सीकरण और खराब होने से बचाने की एक पैकेजिंग तकनीक है, परासरण से इसका कोई संबंध नहीं है।
  • मसालों को एक साथ पीसना: यह एक भौतिक या यांत्रिक प्रक्रिया है जिसमें पदार्थों का आकार छोटा किया जाता है।
  • दूध में पास्ता उबालना: यह ताप और ऊष्मा के प्रभाव से होने वाली पकाने की प्रक्रिया है, न कि परासरण।

#57. पीतल ……………..का उदाहरण है।
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

✨ सही उत्तर: एक समांगी मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रधातु और समांगी प्रकृति: पीतल (Brass) एक मिश्रधातु (Alloy) है जो मुख्य रूप से तांबा (Copper – Cu) और जस्ता (Zinc – Zn) का एक ठोस विलयन (Solid solution) होती है। चूँकि इसके घटक पूरे पदार्थ में एक समान रूप से मिश्रित होते हैं, इसलिए इसे समांगी मिश्रण (Homogeneous mixture) माना जाता है।
  • प्रमुख विशेषता: मिश्रधातुओं के घटक अपने मूल भौतिक और रासायनिक गुण बनाए रखते हैं और इनका कोई निश्चित रासायनिक सूत्र नहीं होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 17/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • एक विषमांगी मिश्रण: विषमांगी मिश्रण में विभिन्न भाग अलग-अलग दिखाई देते हैं, जबकि पीतल की बनावट पूरी तरह एक समान (uniform) होती है।
  • एक यौगिक: यौगिक का निर्माण एक निश्चित अनुपात में रासायनिक प्रतिक्रिया के फलस्वरूप होता है और इसका निश्चित रासायनिक सूत्र होता है (जैसे जल या नमक), जो पीतल के मामले में लागू नहीं होता।
  • एक तत्व: तत्व शुद्ध पदार्थ होते हैं जो एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने होते हैं (जैसे तांबा या जस्ता स्वयं), जबकि पीतल दो तत्वों का मिश्रण है।

#58. निम्नलिखित में से प्लास्टर ऑफ पेरिस का सबसे सामान्य अनुप्रयोग कौन-सा है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर: भग्न हड्डियों को सहारा देने के लिए प्लास्टर बनाना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris): इसका रासायनिक नाम कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (Calcium sulfate hemihydrate) है और इसका रासायनिक सूत्र CaSO4·1/2H2O होता है।
  • मुख्य उपयोग: जब टूटी हुई हड्डियों को सही स्थिति में स्थिर रखने के लिए डॉक्टर प्लास्टर चढ़ाते हैं, तो इसी पदार्थ का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग मूर्तियाँ, खिलौने, और सजावटी सामान बनाने तथा दीवारों को चिकना करने में भी किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • अग्निशामक यंत्र: अग्निशामक यंत्रों में मुख्य रूप से सोडियम बाइकार्बोनेट और सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग किया जाता है (सोडा-एसिड प्रकार)।
  • बेकिंग: बेकिंग के लिए बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) का उपयोग होता है।
  • पानी की कठोरता को दूर करना: पानी की स्थायी कठोरता दूर करने के लिए धोने के सोडा (सोडियम कार्बोनेट) या आयन-एक्सचेंज विधियों का उपयोग किया जाता है।

#59. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उस विलयन की सही पहचान करता है जहाँ विलेय और विलायक दोनों तत्व हैं, तथा विलयन समांगी है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )

✨ सही उत्तर: हवा में नाइट्रोजन के साथ मिश्रित ऑक्सीजन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तत्वों से बने विलयन की शर्त: प्रश्न के अनुसार विलेय (Solute) और विलायक (Solvent) दोनों तत्व (Elements) होने चाहिए, और विलयन समांगी (Homogeneous) होना चाहिए।
  • हवा (वायु) का उदाहरण: वायु विभिन्न गैसों का एक समांगी मिश्रण है जिसमें नाइट्रोजन (एक तत्व) सबसे अधिक मात्रा में होने के कारण विलायक है, और ऑक्सीजन (एक तत्व) उसमें घुली हुई विलेय गैस है। चूँकि दोनों ही शुद्ध रूप से ‘तत्व’ हैं, इसलिए यह इस शर्त को पूरी तरह संतुष्ट करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 02/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • पानी में घुली चीनी: इसमें पानी (H2O) और चीनी (C12H22O11) दोनों ही ‘यौगिक’ (Compounds) हैं, तत्व नहीं।
  • पानी में घुला कार्बन: इसमें पानी एक यौगिक है।
  • सल्फर के साथ मिश्रित लोहे का बुरादा: यह एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) का उदाहरण है, समांगी विलयन का नहीं।

#60. निम्नलिखित में से कौन’ टिण्डल प्रभाव’ को दर्शाता है?
(RRB JE CBT I :- 1 June 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: दूध

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect): जब किसी कोलाइडल विलयन से प्रकाश की किरण गुजरती है, तो कोलाइड के कण प्रकाश को फैला (प्रकीर्णित) देते हैं, जिससे प्रकाश का मार्ग स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगता है। इस परिघटना को टिंडल प्रभाव कहा जाता है।
  • दूध की भूमिका: दूध एक कोलाइडल विलयन (पायस/Emulsion) है, इसलिए यह इस प्रभाव को आसानी से प्रदर्शित करता है। इसके विपरीत, वास्तविक विलयन (जैसे नमक या चीनी का घोल) टिंडल प्रभाव नहीं दिखाते क्योंकि उनके कणों का आकार बहुत छोटा होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • लवण-विलयन और शर्करा विलयन: ये वास्तविक (समांगी) विलयन हैं, जिनके सूक्ष्म कण प्रकाश को प्रकीर्णित करने में असमर्थ होते हैं।
  • कॉपर सल्फेट विलयन: यह भी एक वास्तविक जलीय विलयन है, कोलाइडल नहीं, अतः यह टिंडल प्रभाव नहीं दर्शाता।



#61. निम्नलिखित में से कौन-सा समांगी मिश्रण का उदाहरण नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर (समांगी मिश्रण नहीं है): गूदे सहित संतरे का रस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी प्रकृति: ‘गूदे सहित संतरे का रस’ एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) या निलंबन का उदाहरण है, क्योंकि इसमें संतरे का गूदा और ठोस कण तरल में समान रूप से घुले नहीं होते हैं और अलग-अलग दिखाई देते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी समांगी मिश्रण हैं):
  • शुद्ध वायु: वायु विभिन्न गैसों का एक समांगी मिश्रण है जिसमें सभी घटक एक समान रूप से मिश्रित होते हैं।
  • चीनी का विलयन: चीनी पानी में पूरी तरह घुल जाती है और इसका संगठन हर जगह एक समान (समांगी) होता है।
  • सिरका: यह एसिटिक अम्ल और पानी का एक स्पष्ट, समांगी जलीय विलयन है।

#62. डाइक्लोरो डीफेनिल ट्राइक्लोरोएथेन ( DDT ) ________ है
。(RRB JE Electronics 01 Sep 2019 Shift 2)

✨ सही उत्तर: पानी की तुलना में वसा में अधिक विलेय

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • डीटीटी (DDT) की प्रकृति: डाइक्लोरो डिफेनिल ट्राइक्लोरोएथेन (DDT) एक प्रसिद्ध कार्बनिक कीटनाशक है। यह अत्यधिक लिपोफिलिक (वसा-प्रिय) प्रकृति का होता है।
  • विलेयता और जैव-आवर्तन (Biomagnification): यह जल में लगभग अघुलनशील होता है, लेकिन वसा (Fat) और लिपिड में बहुत अधिक विलेय होता है। इसी गुण के कारण यह जीवों के वसा ऊतकों में जमा हो जाता है और खाद्य श्रृंखला के माध्यम से ऊपर की ओर बढ़ता जाता है जिसे जैविक आवर्धन कहते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE Electronics : 01 Sep 2019 Shift 2) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • पानी की तुलना में वसा में कम विलेय: यह कथन तथ्यात्मक रूप से विपरीत है, क्योंकि DDT वसा में बहुत अधिक घुलनशील होता है।
  • पानी में अविलय या वसा में अविलय: ये विकल्प इसकी वास्तविक लिपोफिलिक विशेषताओं को सटीक और पूर्ण रूप से परिभाषित नहीं करते हैं।

#63. आर्सेनिक सल्फाइड सॉल ________ का एक उदाहरण है
。(RRB JE CBT I :- 1 June 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: कोलाइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आर्सेनिक सल्फाइड सॉल की प्रकृति: आर्सेनिक सल्फाइड (As2S3) का सॉल एक द्रवविरोधी (Lyophobic) कोलाइड (Colloid) का एक क्लासिक और अत्यंत प्रसिद्ध उदाहरण है।
  • कणों का आकार और स्थायित्व: इसमें परीक्षित प्रावस्था के कणों का आकार कोलाइडी परास (1 नैनोमीटर से 1000 नैनोमीटर के बीच) के अंतर्गत आता है। यह प्रकाश की किरण का प्रकीर्णन (टिंडल प्रभाव) भी प्रदर्शित करता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 3) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • निलंबन: निलंबन के कणों का आकार बड़ा होता है और वे शांत छोड़ने पर तली में बैठ जाते हैं, जबकि आर्सेनिक सल्फाइड सॉल एक स्थिर कोलाइडी निकाय है।
  • विलयन: वास्तविक विलयन के कण परमाणु या आयन स्तर के (1 नैनोमीटर से छोटे) होते हैं, जो प्रकाश को प्रकीर्णित नहीं करते।
  • ठोस: यह किसी मिश्रण या विलयन का प्रकार न होकर पदार्थ की एक मूल भौतिक अवस्था है।

#64. मोलरता क्या है?
(RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1)

✨ सही उत्तर: एक लीटर विलयन में उपस्थित विलेय के मोल की संख्या

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मोलरता (Molarity – M): किसी विलयन की मोलरता प्रति लीटर (1 लीटर) विलयन में घुले हुए विलेय (Solute) के मोलों की कुल संख्या को दर्शाती है। इसे कैपिटल M द्वारा निरूपित किया जाता है और इसका मात्रक मोल प्रति लीटर होता है।
  • विशेषता: चूँकि मोलरता में विलयन के आयतन का उपयोग किया जाता है, इसलिए तापमान में परिवर्तन होने पर विलयन का आयतन बदलता है, जिससे मोलरता का मान भी प्रभावित होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-II Electronics : 31 Aug, 2019 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • एक किलोग्राम विनायक/विलायक में उपस्थित विलेय के मोल की संख्या: प्रति किलोग्राम विलायक में उपस्थित मोलों की संख्या को मोललता (Molality) कहा जाता है, मोलरता नहीं।
  • अन्य विकल्प मानक सांद्रता इकाइयों (जैसे मोलरता या मोललता) की परिभाषाओं से मेल नहीं खाते हैं।

#65. एक विद्यार्थी तालाब से एकत्रित मिट्टी और पानी के विषमांगी मिश्रण को अलग करना चाहता है। मिश्रणों के बारे में आपकी समझ के आधार पर, कौन-सी विधि सबसे प्रभावी होगी और क्यों?
(RRB Level 01 Stage I 06/02/2026 )

✨ सही उत्तर: मिट्टी में मौजूद ठोस कण पानी में घुलते नहीं हैं, इसलिए छानने की प्रक्रिया आवश्यक है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण की प्रकृति: तालाब की मिट्टी और पानी का मिश्रण एक निलंबन (Suspension) और विषमांगी मिश्रण होता है, जिसमें मिट्टी के अघुलनशील ठोस कण पानी में फैले रहते हैं।
  • पृथक्करण विधि (निस्यंदन / Filtration): चूंकि अघुलनशील ठोस कणों का आकार बड़ा होता है, इसलिए इन्हें छानने की प्रक्रिया (Filtration) द्वारा पानी से आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 06/02/2026) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान / पृथक्करण तकनीक) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • क्रोमेटोग्राफी: इसका उपयोग मुख्य रूप से एक ही विलायक में घुले हुए विभिन्न विलेय पदार्थों (जैसे रंगों या पिगमेंट) को अलग करने के लिए किया जाता है।
  • वाष्पीकरण: इसका उपयोग घुलनशील ठोस पदार्थों (जैसे नमक) को उनके जलीय विलयन से अलग करने के लिए होता है, न कि मिट्टी जैसे अघुलनशील ठोसों के लिए।
  • आसवन विधि: इसका उपयोग दो या दो से अधिक घुलनशील द्रवों के मिश्रण को उनके क्वथनांकों के अंतर के आधार पर अलग करने के लिए किया जाता है।



#66. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तनु विलयन के संबंध में सत्य है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: इसमें विलेय की थोड़ी मात्रा, विलायक की बड़ी मात्रा में घुली होती है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • तनु विलयन (Dilute Solution): वह विलयन जिसमें विलायक (Solvent) की अधिक मात्रा की तुलना में विलेय (Solute) की बहुत कम मात्रा घुली होती है, उसे तनु विलयन कहा जाता है। इसके विपरीत, यदि विलेय की मात्रा अधिक हो, तो उसे सांद्र विलयन (Concentrated Solution) कहते हैं।
  • समांगी प्रकृति: तनु विलयन हमेशा एक समांगी मिश्रण (Homogeneous mixture) होते हैं, जिनमें विलेय के कण पूरे विलायक में एक समान रूप से वितरित रहते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • विलायक की थोड़ी मात्रा में विलेय की बड़ी मात्रा: यह स्थिति सांद्र (Concentrated) या अतिसंतृप्त विलयन की विशेषता को दर्शाती है, तनु विलयन की नहीं।
  • द्रव्यमान द्वारा समान अनुपात: यह विलयन की तनुता या सांद्रता को परिभाषित नहीं करता है।
  • विषमांगी आकृति प्रदर्शित करना: विलयन (चाहे तनु हो या सांद्र) हमेशा समांगी मिश्रण होते हैं, विषमांगी नहीं।

#67. यदि कोई विद्यार्थी सांद्रित अम्ल में तेजी से जल मिलाता है, तो क्या होने की संभावना होगी?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )

✨ सही उत्तर: विलयन आस्फालित ( splash ) हो सकता है और दर्द का कारण बन सकता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction): सांद्र अम्ल में पानी मिलाना एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है। यदि सांद्र अम्ल में तेजी से जल मिलाया जाता है, तो उत्पन्न होने वाली अत्यधिक ऊष्मा के कारण मिश्रण अचानक उबलकर बाहर छिटक (splash) सकता है, जिससे त्वचा जल सकती है या गंभीर क्षति हो सकती है।
  • सुरक्षा का तरीका: हमेशा सांद्र अम्ल को पानी में धीरे-धीरे और लगातार हिलाते हुए मिलाया जाना चाहिए, न कि पानी में अम्ल डालना चाहिए।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • अम्ल जम जाएगा: यह गलत है, क्योंकि इस प्रक्रिया में ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे तापमान बढ़ता है, न कि अम्ल जमता है।
  • कुछ नहीं होगा: यह गलत है, क्योंकि यह एक खतरनाक और तीव्र रासायनिक प्रतिक्रिया है।
  • विलयन ठंडा हो जाएगा: यह गलत है, क्योंकि ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया के कारण विलयन ठंडा होने के बजाय अत्यधिक गर्म हो जाता है।

#68. एक विषम मिश्रण जिसमें विलेय कण विघटित नहीं होते हैं, बल्कि माध्यम में निलंबित रहते हैं, उन्हें ________ कहा जाता है
。(RPF Constable 2018 25 Jan 2019 Shift 3)

✨ सही उत्तर: निलंबन (Suspension)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निलंबन (Suspension) की परिभाषा: निलंबन एक विषमांगी (Heterogeneous) मिश्रण होता है जिसमें विलेय पदार्थ के ठोस कण माध्यम में घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में निलंबित (Suspended) रहते हैं।
  • प्रमुख विशेषताएँ: इसके कणों का आकार बड़ा होने के कारण इन्हें नग्न आँखों से स्पष्ट देखा जा सकता है। यह प्रकाश की किरण का प्रकीर्णन करता है (टिंडल प्रभाव दिखाता है) तथा मिश्रण को कुछ देर शांत छोड़ने पर इसके कण तली में बैठ जाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 25 Jan 2019 Shift 3) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • पायसीकरण (Emulsification): यह दो अमिश्रणीय द्रवों (जैसे तेल और पानी) को मिलाकर पायस (Emulsion) बनाने की रासायनिक या भौतिक प्रक्रिया है।
  • संवहन (Convection): यह द्रवों और गैसों में ऊष्मा के स्थानांतरण (संचरण) की एक विधि है, न कि किसी मिश्रण का प्रकार।
  • प्रसरण (Diffusion): यह पदार्थों के अणुओं की उच्च सांद्रता के क्षेत्र से निम्न सांद्रता के क्षेत्र की ओर स्वतः गति करने की प्रक्रिया है।

#69. यदि किसी चालक की लम्बाई को तीन गुना कर दिया जाए, तथा अन्य कारक समान रहें, तो चालक का प्रतिरोध होगा:
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: तीन गुना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रतिरोध और लंबाई का संबंध: किसी चालक का प्रतिरोध ($R$) उसकी लंबाई ($l$) के सीधे आनुपातिक (directly proportional) होता है, और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ($A$) के व्युत्क्रमानुपाती होता है। सूत्र के अनुसार: $R = \rho \frac{l}{A}$ (जहाँ $\rho$ विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता है)।
  • गणना: यदि तापमान और अन्य भौतिक कारक समान रहें तथा चालक की लंबाई को बढ़ाकर तीन गुना ($3l$) कर दिया जाए, तो प्रतिरोध भी सीधे तीन गुना ($3R$) हो जाएगा।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 28 Nov, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (भौतिक विज्ञान – विद्युत) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • एक-तिहाई: यह स्थिति तब होती जब लंबाई को एक-तिहाई किया जाता या प्रतिरोध लंबाई के व्युत्क्रमानुपाती होता।
  • एक चौथाई और वही: ये विकल्प प्रतिरोध के लंबाई पर निर्भरता के भौतिक नियमों के विपरीत हैं।

#70. निम्नलिखित में से किसमें सबसे अधिक अम्लीयता होती है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर: नींबू का रस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH पैमाना और अम्लीयता: किसी विलयन की अम्लीयता उसके pH मान पर निर्भर करती है। pH पैमाने का मान 0 से 14 तक होता है। pH मान जितना कम होता है, उस पदार्थ की अम्लीयता उतनी ही अधिक होती है।
  • विभिन्न पदार्थों के अनुमानित pH मान: नींबू के रस का pH मान लगभग 2.0 से 2.6 के बीच होता है, जो दिए गए विकल्पों में सबसे कम है। अतः नींबू के रस में अम्लीयता सबसे अधिक होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27/11/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • जल: शुद्ध जल एक उदासीन पदार्थ है जिसका pH मान लगभग 7 होता है, इसलिए यह अम्लीय नहीं होता।
  • सिरका: इसमें एसिटिक अम्ल होता है और इसका pH मान लगभग 2.4 से 3.4 होता है (यह अम्लीय है, लेकिन नींबू के रस की तुलना में इसकी अम्लीयता थोड़ी कम होती है)।
  • दूध: दूध हल्का अम्लीय होता है और इसका pH मान लगभग 6.5 से 6.7 होता है, यानी यह उदासीन के करीब होता है।



#71. यौगिक एक ऐसा पदार्थ है जिसमें तत्व ________ I
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )

✨ सही उत्तर: रासायनिक रूप से निश्चित समानुपात में संयोजित होते हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • यौगिक (Compound) की परिभाषा: यौगिक एक ऐसा शुद्ध पदार्थ है जिसमें दो या दो से अधिक तत्व रासायनिक रूप से एक निश्चित अनुपात (Fixed ratio) में आपस में संयोजित होते हैं। उदाहरण के लिए, जल (H2O) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1:8 होता है।
  • प्रमुख विशेषताएँ: यौगिक के गुण उसके घटक तत्वों (जिनसे वह मिलकर बना है) के गुणों से बिल्कुल भिन्न होते हैं। इसके अलावा, यौगिक के घटकों को सामान्य भौतिक विधियों द्वारा अलग नहीं किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/02/2026) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • अस्थायी रूप से मिश्रित होते हैं / किसी भी अनुपात में भौतिक रूप से मिश्रित होते हैं: यह विशेषताएं मिश्रण (Mixture) की होती हैं, यौगिक की नहीं, क्योंकि मिश्रण में घटक किसी भी अनुपात में मिल सकते हैं।
  • आसानी से पृथक् किए जा सकते हैं: मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों (जैसे छानना या वाष्पीकरण) द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है, जबकि यौगिक के लिए ऐसा संभव नहीं है।

#72. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कोलाइड के लिए गलत है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर (कोलाइड के लिए गलत कथन): कोलाइड एक समांगी मिश्रण है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइड की वास्तविक प्रकृति: यद्यपि कोलाइड देखने में एक समान (समांगी) प्रतीत हो सकते हैं, लेकिन सूक्ष्म स्तर पर कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) होते हैं। इसलिए “कोलाइड एक समांगी मिश्रण है” वाला कथन गलत है।
  • कोलाइड के प्रमुख गुण: कोलाइडी कणों का आकार 1 नैनोमीटर से 1000 नैनोमीटर के बीच होता है। ये प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित करते हैं (टिंडल प्रभाव दर्शाते हैं) तथा मिश्रण को कुछ देर शांत छोड़ने पर भी इनके कण तली में नहीं बैठते हैं (यानी ये स्थायी होते हैं)।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी कथन सत्य हैं):
  • कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण है: यह कथन बिल्कुल सत्य है क्योंकि इसमें परीक्षित प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम अलग-अलग होते हैं।
  • कोलाइड के कण प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित करते हैं: यह सत्य है, क्योंकि कोलाइडी कणों का आकार प्रकाश तरंगों के प्रकीर्णन के लिए उपयुक्त होता है।
  • अपरिवर्तित छोड़ देने पर ये नीचे नहीं बैठते हैं: यह भी सत्य है, निलंबन के विपरीत कोलाइडी कण गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से अपने आप नीचे नहीं बैठते।

#73. अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन का द्रव्यमान के आधार पर अनुपात क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 14 Mar 2021 Shift 1)

✨ सही उत्तर: 14 : 3

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अमोनिया का रासायनिक सूत्र: अमोनिया का रासायनिक सूत्र NH3 होता है, जिसमें नाइट्रोजन (N) का एक परमाणु और हाइड्रोजन (H) के तीन परमाणु रासायनिक रूप से संयुक्त होते हैं।
  • द्रव्यमान अनुपात की गणना: नाइट्रोजन (N) का परमाणु द्रव्यमान लगभग 14 u होता है तथा हाइड्रोजन (H) का परमाणु द्रव्यमान 1 u होता है। अमोनिया में 3 हाइड्रोजन परमाणु होने के कारण हाइड्रोजन का कुल द्रव्यमान 3 गुना 1 = 3 u होगा। इस प्रकार, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के द्रव्यमान का अनुपात 14 : 3 बनता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 14 Mar 2021 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • 1 : 8: यह अनुपात जल (H2O) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात होता है, न कि अमोनिया का।
  • 3 : 14: यह हाइड्रोजन और नाइट्रोजन का विपरीत अनुपात (उल्टा क्रम) है, जबकि प्रश्न में पहले नाइट्रोजन और फिर हाइड्रोजन का अनुपात पूछा गया है।
  • 14 : 8: यह विकल्प रासायनिक रूप से मान्य स्थिर अनुपात के नियमों के अनुसार सही नहीं है।

#74. निम्नलिखित में से कौन-सा विषमांगी विलयन का उदाहरण है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1)

✨ सही उत्तर: तेल और जल का मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): ऐसा मिश्रण जिसके घटक पूरे आयतन में एक समान रूप से मिश्रित नहीं होते हैं और उनकी सीमाएं स्पष्ट रूप से अलग दिखाई देती हैं, उसे विषमांगी मिश्रण कहते हैं।
  • तेल और जल का मिश्रण: तेल और पानी आपस में अमिश्रणीय (immiscible) हैं; तेल का घनत्व पानी से कम होने के कारण यह पानी की सतह पर तैरता रहता है और दोनों की परतें अलग-अलग दिखाई देती हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी समांगी मिश्रण हैं):
  • नींबू पानी, जल में एथेनॉल का मिश्रण और आयोडीन का टिंचर: ये सभी समांगी मिश्रण (Homogeneous mixtures) या वास्तविक विलयन के उदाहरण हैं, जिनमें विलेय और विलायक पूरी तरह से एक-दूसरे में समान रूप से घुले होते हैं।

#75. निम्नलिखित में से किसका उपयोग विलयन की सांद्रता को व्यक्त करने के लिए नहीं किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

✨ सही उत्तर (सांद्रता व्यक्त करने के लिए उपयोग नहीं किया जाता): विलयन का आयतन-द्रव्यमान प्रतिशत

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मानक सांद्रता इकाइयाँ: रसायन विज्ञान में विलयन की सांद्रता को व्यक्त करने के लिए मुख्य रूप से द्रव्यमान-द्रव्यमान प्रतिशत (w/w), आयतन-आयतन प्रतिशत (v/v), द्रव्यमान-आयतन प्रतिशत (w/v), मोलरता, मोललता और मोल अंश जैसी मानक विधियों का उपयोग किया जाता है।
  • मानक शब्दावली: ‘आयतन-द्रव्यमान प्रतिशत’ जैसी किसी भी मानक पद का उपयोग रसायन विज्ञान में सांद्रता दर्शाने के लिए नहीं किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 27/11/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी सांद्रता व्यक्त करने की वैध विधियाँ हैं):
  • द्रव्यमान-द्रव्यमान प्रतिशत: यह विलेय के द्रव्यमान और विलयन के कुल द्रव्यमान का प्रतिशत अनुपात होता है।
  • आयतन-आयतन प्रतिशत: इसका उपयोग तब किया जाता है जब विलेय और विलायक दोनों द्रव हों (जैसे शराब और पानी का मिश्रण)।
  • द्रव्यमान-आयतन प्रतिशत: यह प्रति 100 मिलीलीटर विलयन में घुले हुए विलेय का ग्राम में द्रव्यमान होता है।



#76. SI इकाइयों में व्यक्त करने पर एक कैरेट का मान क्या होता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 19 Aug, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: 200 मिलीग्राम

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कैरेट (Carat): यह हीरों, रत्नों और मोतियों जैसे बहुमूल्य पत्थरों के द्रव्यमान (भार) को मापने के लिए उपयोग की जाने वाली एक प्रचलित इकाई है।
  • मानक मान: अंतर्राष्ट्रीय मीट्रिक प्रणाली के अनुसार 1 कैरेट का मान ठीक 200 मिलीग्राम (या 0.2 ग्राम) के बराबर होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 19 Aug, 2025 Shift 3) में सामान्य विज्ञान और मापन इकाइयों के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • 500 मिलीग्राम, 1 ग्राम और 100 मिलीग्राम: ये मान कैरेट के वास्तविक मीट्रिक मानक (200 मिलीग्राम) से मेल नहीं खाते हैं। (ध्यान दें कि 1 ग्राम में 5 कैरेट होते हैं)।

#77. निम्नलिखित में से कौन सा विषमांगी मिश्रण का उदाहरण है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 3)

✨ सही उत्तर: पानी में घुला तेल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): ऐसा मिश्रण जिसके घटक पूरे आयतन में एक समान रूप से मिश्रित नहीं होते हैं तथा उनकी भौतिक सीमाएं स्पष्ट रूप से अलग दिखाई देती हैं, उसे विषमांगी मिश्रण कहा जाता है।
  • तेल और पानी का व्यवहार: तेल और पानी आपस में अमिश्रणीय (immiscible) होते हैं। जब तेल को पानी में मिलाया जाता है, तो यह घुलता नहीं है बल्कि तेल का घनत्व कम होने के कारण यह पानी की सतह पर अपनी एक अलग परत बना लेता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 27 Nov, 2024 Shift 3) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी समांगी मिश्रण हैं):
  • पानी में घुली चीनी और नमक: चीनी और नमक पानी में पूरी तरह से घुल जाते हैं और इसका संगठन हर बिंदु पर एक समान होता है, इसलिए ये समांगी मिश्रण (वास्तविक विलयन) हैं।
  • पानी में घुला कॉपर सल्फेट पाउडर: यह पानी में पूरी तरह घुलकर एक स्पष्ट, एकसमान (समांगी) नीला जलीय विलयन बनाता है।

#78. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन यह सर्वोत्तम रूप से प्रदर्शित करता है कि द्रव्य के कणों के बीच अंतराल होता है?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )

✨ सही उत्तर: चीनी, जल में घुल जाती है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कणों के बीच रिक्त स्थान (Spaces between particles): जब हम चीनी या नमक को पानी में घोलते हैं, तो विलेय (चीनी) के कण जल के अणुओं के बीच मौजूद सूक्ष्म अंतराआणविक रिक्त स्थानों (Spaces) में समायोजित हो जाते हैं। यही कारण है कि चीनी घुलने के बाद भी जल के कुल आयतन में कोई विशेष वृद्धि नहीं होती है।
  • वैज्ञानिक अवधारणा: यह प्रयोग कक्षा नौवीं के विज्ञान पाठ्यक्रम में पदार्थ की प्रकृति को समझाने का एक क्लासिक उदाहरण है, जो यह साबित करता है कि द्रव्य (Matter) के कणों के बीच पर्याप्त अंतराल होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 16/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • बर्फ का जल में पिघलना: यह अवस्था परिवर्तन (ठोस से द्रव) की प्रक्रिया को दर्शाता है, जो तापमान में वृद्धि से संबंधित है।
  • चॉक का टूटना और रबर बैंड का खींचना: ये कणों के बीच आपसी आकर्षण बल (Force of attraction) और उसकी प्रत्यास्थता (Elasticity) को प्रदर्शित करते हैं, मुख्य रूप से अंतराआणविक अंतराल को नहीं।

#79. अयस्कों से अपद्रव्यों को हटाने के लिए कौन-सी प्रक्रिया जानी जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )

✨ सही उत्तर: सांद्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गैंग (Gangue) और सांद्रण: पृथ्वी से खुदे हुए अयस्कों (Ores) में मिट्टी, रेत और अवांछित चट्टानी पदार्थ जैसी कई अशुद्धियाँ मिली होती हैं, जिन्हें गैंग (Gangue) कहा जाता है। धातु निष्कर्षण से पहले अयस्क से इन अपद्रव्यों या गैंग को हटाने की प्रारंभिक प्रक्रिया को सांद्रण (Concentration) कहा जाता है।
  • प्रमुख विधियाँ: अयस्क के सांद्रण के लिए गुरुत्वीय पृथक्करण, फेन प्लवन विधि (Froth Floatation), और चुम्बकीय पृथक्करण जैसी विभिन्न भौतिक विधियों का उपयोग किया जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान – धातु कर्म) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • भर्जन (Roasting): यह सांद्रित अयस्क को वायु की अधिकता में उसके गलनांक से कम तापमान पर गर्म करने की रासायनिक प्रक्रिया है (विशेषकर सल्फाइड अयस्कों के लिए)।
  • प्रगलन (Smelting): यह धातु निष्कर्षण का एक चरण है जिसमें सांद्रित अयस्क को किसी अपचायक (जैसे कार्बन) के साथ उच्च तापमान पर गलाया जाता है।
  • परिष्करण (Refining): यह धातु कर्म की अंतिम प्रक्रिया है, जिसमें प्रगलन से प्राप्त अशुद्ध धातु को शुद्ध (Refine) किया जाता है।

#80. जब परिक्षिप्त प्रावस्था गैस होती है और परिक्षेपण माध्यम ठोस होता है तो कोलाइड का प्रकार कैसा होता है?
(RRB JE ME 31 Aug 2019 CBT 2)

✨ सही उत्तर: फोम (Foam / ठोस फोम)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइड का वर्गीकरण (Classification of Colloids): जब परिक्षिप्त प्रावस्था (Dispersed Phase) गैस हो और परिक्षेपण माध्यम (Dispersion Medium) ठोस हो, तो बनने वाले कोलाइड को ठोस फोम या फोम कहा जाता है।
  • प्रमुख उदाहरण: इसके सामान्य उदाहरणों में रबर, स्पंज, प्यूमिक स्टोन (झाँवा) और मार्शमैलो शामिल हैं, जिनमें ठोस माध्यम के भीतर गैस के बुलबुले फंसे होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE ME : 31 Aug 2019 CBT 2) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान – कोलॉइडी निकाय) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • एयरोसोल: इसमें परिक्षेपण माध्यम गैस होता है (जैसे हवा में ठोस कण या द्रव की बूंदें, उदाहरण: कोहरा या धुआं)।
  • जेल: इसमें परिक्षिप्त प्रावस्था द्रव होती है और परिक्षेपण माध्यम ठोस होता है (जैसे पनीर, मक्खन या जेली)।
  • पायसन (इमल्शन): इसमें परिक्षिप्त प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम दोनों ही द्रव होते हैं (जैसे दूध या चेहरे की क्रीम)।



#81. मिश्रण और यौगिक में क्या अंतर है?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )

✨ सही उत्तर: मिश्रण के घटक अपने गुणधर्मों को बनाए रखते हैं

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिश्रण की मुख्य विशेषता: मिश्रण (Mixture) दो या दो से अधिक पदार्थों का ऐसा भौतिक संयोजन है जिसमें घटक पदार्थ अपने मूल भौतिक और रासायनिक गुणधर्मों को पूरी तरह बनाए रखते हैं (जैसे नमक और पानी के घोल में नमक का खारापन रहना)।
  • यौगिक से अंतर: इसके विपरीत, यौगिक (Compound) में तत्व रासायनिक रूप से एक निश्चित अनुपात में जुड़ते हैं और नए बनने वाले पदार्थ के गुण उसके मूल घटकों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 04/02/2026) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • मिश्रण के घटकों को पृथक नहीं किया जा सकता है: यह कथन गलत है, क्योंकि मिश्रण के घटकों को सामान्य भौतिक विधियों (जैसे छानना, वाष्पीकरण या चुंबकीय पृथक्करण) द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • मिश्रण में तत्व एक निश्चित अनुपात में होते हैं: यह यौगिक (Compound) की विशेषता है, जबकि मिश्रण में घटक किसी भी अनिश्चित अनुपात में मिल सकते हैं।
  • मिश्रण केवल संयुक्त गुणधर्म प्रदर्शित करता है: यह यौगिक के संबंध में सत्य है, क्योंकि यौगिक के गुण उसके मूल तत्वों से अलग होते हैं।

#82. निम्नलिखित अभिक्रिया में कौन-सा रंग परिवर्तन देखा जाता है?Fe + CuSO4 → FeSO 4 + Cu
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

✨ सही उत्तर: नीला से हरा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction): इस दी गई रासायनिक अभिक्रिया में अधिक सक्रिय धातु आयरन (Fe) कम सक्रिय धातु कॉपर (Cu) को उसके कॉपर सल्फेट (CuSO4) विलयन से विस्थापित कर देती है।
  • रंग परिवर्तन का कारण: कॉपर सल्फेट का जलीय विलयन मूल रूप से नीला होता है। जैसे-जैसे अभिक्रिया आगे बढ़ती है, फेरस सल्फेट (FeSO4) के निर्माण के कारण विलयन का रंग बदलकर हरा हो जाता है, तथा लोहे की कील पर तांबे (Cu) की भूरे रंग की परत जम जाती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • हरा से नीला: यह इस विस्थापन अभिक्रिया की विपरीत दिशा को दर्शाता है, जो रासायनिक रूप से गलत है।
  • नीला से लाल और लाल से हरा: ये रंग परिवर्तन इस विशिष्ट रासायनिक अभिक्रिया (आयरन और कॉपर सल्फेट के बीच) से मेल नहीं खाते हैं।

#83. निम्नलिखित में से कौन समांगी मिश्रण का उदाहरण नहीं है?
(RRB ALP-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर (समांगी मिश्रण नहीं है): जल में तेल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): जल में तेल का मिश्रण एक विषमांगी मिश्रण का क्लासिक उदाहरण है। तेल और पानी आपस में अमिश्रणीय (immiscible) होते हैं, जिसके कारण तेल पानी में घुलता नहीं है बल्कि पानी की सतह पर तैरता रहता है और दोनों की अलग परतें स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।
  • समांगी मिश्रण की प्रकृति: इसके विपरीत, समांगी मिश्रण वह होता है जिसके प्रत्येक भाग का संगठन और गुण एक समान होते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP-I : 25 Nov, 2024 Shift 2) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी समांगी मिश्रण हैं):
  • जल में कॉपर सल्फेट पाउडर, जल में घुली चीनी और जल में घुला नमक: ये सभी घटक पानी में पूरी तरह से घुल जाते हैं और एक समान (समांगी) जलीय विलयन बनाते हैं, जिनमें अलग-अलग परतें दिखाई नहीं देतीं।

#84. डॉक्टर भग्न हड्डियों को जोड़ने के लिए ________ का उपयोग करते हैं।
(RPF Constable 2024 04 Mar, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: CaSO 4 · 1/2H 2 O (प्लास्टर ऑफ पेरिस)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris): इसका रासायनिक नाम कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (Calcium Sulphate Hemihydrate) है और इसका रासायनिक सूत्र CaSO 4 · 1/2H 2 O होता है।
  • चिकित्सीय उपयोग: जब डॉक्टर टूटी हुई हड्डियों को सही स्थिति में स्थिर रखने के लिए पट्टी बांधते हैं, तो इसी यौगिक (प्लास्टर ऑफ पेरिस) के पाउडर का पानी के साथ उपयोग करते हैं। जल मिलाने पर यह तेजी से जिप्सम में बदलकर एक कठोर ठोस परत बना लेता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 04 Mar, 2025 Shift 3) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • ZnSO 4 · 7H 2 O: यह जिंक सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट (व्हाइट विट्रिऑल) का सूत्र है, जिसका उपयोग चिकित्सा में हड्डियों को जोड़ने के लिए नहीं किया जाता।
  • CuSO 4 · 5H 2 O: यह कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट (नीला थोथा/ब्लू विट्रिऑल) का सूत्र है।
  • ZnSO 4 · 10H 2 O: यह रासायनिक रूप से मानक जलयोजित यौगिक के रूप में सही नहीं है।

#85. जब एक धातु ऑक्साइड एक अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो निम्नलिखित में से क्या उत्पादित होता है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

✨ सही उत्तर: लवण और जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातु ऑक्साइड की प्रकृति: अधिकांश धातु ऑक्साइड (Metal Oxides) प्रकृति में क्षारीय (Basic) होते हैं।
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): जब कोई क्षारीय धातु ऑक्साइड किसी अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है, तो उदासीनीकरण के फलस्वरूप मुख्य रूप से लवण (Salt) और जल (Water) का निर्माण होता है। यह अभिक्रिया ठीक वैसी ही है जैसी अम्ल और क्षार के बीच होती है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09/03/2026) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • लवण और कार्बन डाइऑक्साइड: यह उत्पाद तब बनता है जब कोई धात्विक कार्बोहाइड्रेट या हाइड्रोजन कार्बोहाइड्रेट किसी अम्ल के साथ अभिक्रिया करता है (धातु ऑक्साइड के साथ नहीं)।
  • लवण और हाइड्रोजन गैस: यह तब उत्पन्न होता है जब कोई सक्रिय धातु किसी अम्ल के साथ अभिक्रिया करती है।
  • लवण और ऑक्सीजन गैस: धातु ऑक्साइड और अम्ल की अभिक्रिया में ऑक्सीजन गैस मुक्त नहीं होती है।



#86. जब हम शर्करा को जल में घोलते हैं तो क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025)

✨ सही उत्तर: शर्करा के कण, जल के कणों के बीच के स्थान में समा जाते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पदार्थ के कणों की प्रकृति: जब हम शर्करा (चीनी) को जल में घोलते हैं, तो शर्करा के छोटे-छोटे कण जल के अणुओं के बीच मौजूद सूक्ष्म अंतराआणविक स्थानों (Spaces) में पूरी तरह से व्यवस्थित या समा जाते हैं।
  • वास्तविक विलयन का निर्माण: यह प्रक्रिया एक समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) या वास्तविक विलयन बनाती है, जिसमें विलेय के कणों का आकार 1 नैनोमीटर से भी कम होता है। यही कारण है कि घोलने के बाद शर्करा आँखों से दिखाई नहीं देती और जल के कुल आयतन में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होता।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 14/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • शर्करा और जल के कण मिश्रित नहीं होते हैं / शर्करा के कण जल के ऊपर तैरते हैं: यह कथन पूरी तरह गलत है क्योंकि शर्करा पानी में अत्यधिक घुलनशील है और तैरने के बजाय पूरी तरह घुल जाती है।
  • एक कोलाइडीय विलयन बनता है: शर्करा और पानी का घोल कोलाइडीय विलयन नहीं बल्कि एक वास्तविक विलयन (True Solution) होता है।

#87. यद्यपि एक कोलाइड होमोजेनस प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में यह एक ________ है।
(RRB NTPC UG CBT-I : 12 Aug, 2025 Shift 3)

✨ सही उत्तर: विषमांगी मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइड की प्रकृति: यद्यपि कोलाइड (जैसे दूध, रक्त या स्टार्च का घोल) नग्न आँखों से देखने पर एक समान यानी समांगी (Homogeneous) प्रतीत होते हैं, लेकिन सूक्ष्मदर्शी से देखने पर यह स्पष्ट होता है कि कोलाइड वास्तव में एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture) होते हैं।
  • मुख्य विशेषताएँ: कोलाइडी कणों का आकार वास्तविक विलयन से बड़ा और निलंबन से छोटा होता है (लगभग 1 नैनोमीटर से 1000 नैनोमीटर के बीच)। ये प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित करते हैं जिसे टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) कहा जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC UG CBT-I : 12 Aug, 2025 Shift 3) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • निलंबन (Suspension): यह भी एक विषमांगी मिश्रण है, लेकिन इसके कणों का आकार बड़ा होता है और वे कुछ समय बाद शांत छोड़ने पर नीचे बैठ जाते हैं, जबकि कोलाइडी कण नीचे नहीं बैठते।
  • वास्तविक विलयन और समांगी मिश्रण: वास्तविक विलयन पूरी तरह से समांगी मिश्रण होते हैं, जबकि कोलाइड केवल समांगी प्रतीत होते हैं लेकिन वास्तविक रूप में विषमांगी होते हैं।

#88. निम्नलिखित में से कौन-सा कोलाइडीय विलयन का गुण नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2)

✨ सही उत्तर (कोलाइडीय विलयन का गुण नहीं है): कोलाइड के कणों का आकार बहुत बड़ा होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कोलाइडी कणों का आकार: वास्तविक रूप में, कोलाइड के कणों का आकार बहुत छोटा होता है (लगभग 1 नैनोमीटर से 1000 नैनोमीटर के बीच)। ये इतने सूक्ष्म होते हैं कि इन्हें नग्न आँखों से व्यक्तिगत रूप से नहीं देखा जा सकता। इसलिए, “कणों का आकार बहुत बड़ा होता है” वाला कथन गलत है।
  • कोलाइड की मुख्य विशेषताएँ: कोलाइड एक विषमांगी मिश्रण है, यह काफी स्थिर होते हैं (शांत छोड़ने पर कण नीचे नहीं बैठते), और ये टिंडल प्रभाव (प्रकाश किरण का प्रकीर्णन) प्रदर्शित करते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी कोलाइड के सत्य गुण हैं):
  • कोलाइडीय विलयन के घटक केवल परिक्षिप्त प्रावस्था और परिक्षेपण माध्यम होते हैं: यह सत्य है, कोलाइड मुख्य रूप से इन दो घटकों से मिलकर बनता है।
  • कोलाइड प्रकाश किरण को बिखेर सकता है तथा मार्ग दृश्यमान बनाता है: यह टिंडल प्रभाव का वर्णन है जो कोलाइड का एक प्रमुख गुण है।
  • एक कोलाइड्स एक विषमांगी मिश्रण है: यह कथन भी पूरी तरह सत्य है क्योंकि सूक्ष्म स्तर पर कोलाइड विषमांगी प्रकृति के होते हैं।

#89. स्थिर अनुपात का नियम, ________ पर लागू होता है。
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )

✨ सही उत्तर: शुद्ध रासायनिक यौगिक

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions): इस नियम का प्रतिपादन जोसेफ प्राउस्ट (Joseph Proust) ने किया था। इसके अनुसार, किसी भी शुद्ध रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के अनुसार एक निश्चित (स्थिर) अनुपात में मौजूद होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो या किसी भी विधि से बनाया गया हो (जैसे शुद्ध जल H2O में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1:8 होता है)।
  • लागू होने का क्षेत्र: यह नियम केवल और केवल शुद्ध रासायनिक यौगिकों पर ही सख्ती से लागू होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/01/2026) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान – रासायनिक संयोजन के नियम) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • पदार्थों के मिश्रण: मिश्रण में घटक किसी भी अनिश्चित अनुपात में मिल सकते हैं, इसलिए उन पर स्थिर अनुपात का नियम लागू नहीं होता।
  • मिश्रण और यौगिक दोनों / तत्व: तत्व अपने आप में शुद्ध पदार्थ हैं लेकिन स्थिर अनुपात का नियम विशेष रूप से यौगिकों (दो या दो से अधिक तत्वों के रासायनिक संयोजन) की संरचना को परिभाषित करता है।

#90. एक बीकर में थोड़ी मात्रा में कॉपर ऑक्साइड लिया जाता है और उसमें तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को धीरे-धीरे हिलाते हुए मिलाया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप ________होता है।
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

✨ सही उत्तर: कॉपर क्लोराइड के नीले-हरे रंग के घोल का निर्माण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रासायनिक अभिक्रिया: जब काले रंग का कॉपर ऑक्साइड (CuO) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के साथ अभिक्रिया करता है, तो कॉपर क्लोराइड (CuCl2) और जल का निर्माण होता है।
  • रंग परिवर्तन: इस अभिक्रिया के दौरान कॉपर ऑक्साइड पूरी तरह घुल जाता है और विलयन का रंग बदलकर नीला-हरा (Blue-Green) हो जाता है। यह नीला-हरा रंग विलयन में उपस्थित कॉपर क्लोराइड के कारण होता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 29/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान – अम्ल, क्षार एवं लवण) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • लाल-भूरे रंग के घोल वाले विकल्प: कॉपर क्लोराइड का घोल लाल-भूरा नहीं बल्कि नीला-हरा होता है, इसलिए लाल-भूरे रंग से संबंधित विकल्प गलत हैं।
  • कॉपर सल्फेट: कॉपर सल्फेट का निर्माण तब होता है जब कॉपर ऑक्साइड की अभिक्रिया सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) के साथ कराई जाती है, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ नहीं।



#91. निम्नलिखित में से कौन-सा विषमांगी मिश्रण का उदाहरण नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )

✨ सही उत्तर (विषमांगी मिश्रण नहीं है): सिरका

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सिरका (Vinegar): सिरका एसिटिक अम्ल का जल में एक समांगी विलयन (Homogeneous Mixture) होता है। इसके पूरे आयतन में संगठन और गुण एक समान होते हैं, इसलिए यह विषमांगी मिश्रण नहीं है।
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): इसके विपरीत, ऐसे मिश्रण जिनके घटक अलग-अलग दिखाई देते हैं और उनका संगठन एक समान नहीं होता, विषमांगी मिश्रण कहलाते हैं।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 16/12/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी विषमांगी मिश्रण हैं):
  • रेत और नमक, तेल में जल, तथा रेत और चीनी: इन सभी मिश्रणों में घटक पूरी तरह घुलते नहीं हैं या अलग-अलग परतें व कण स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, इसलिए ये सभी विषमांगी मिश्रण के उदाहरण हैं।

#92. निम्नलिखित में से कौन-सा क्रियाकलाप, द्रव्य के कणों के बीच रिक्त स्थान की उपस्थिति को प्रदर्शित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )

✨ सही उत्तर: चीनी को जल में घोलना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कणों के बीच रिक्त स्थान (Spaces between particles): जब चीनी को जल में घोला जाता है, तो चीनी के कण जल के अणुओं के बीच मौजूद सूक्ष्म अंतराआणविक स्थानों (खाली जगहों) में व्यवस्थित हो जाते हैं। यही कारण है कि पानी में चीनी घुल जाने के बाद भी उसके कुल आयतन में कोई भारी वृद्धि नहीं होती है। यह क्रियाकलाप सीधे तौर पर द्रव्य के कणों के बीच रिक्त स्थान की उपस्थिति को प्रदर्शित करता है।
  • वैज्ञानिक महत्व: यह प्रयोग विज्ञान में पदार्थ के कणों की प्रकृति (कण अत्यंत छोटे होते हैं और उनके बीच रिक्त स्थान होता है) को समझने का एक बुनियादी उदाहरण है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 28/11/2025) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • ठोस को गर्म करना और द्रव को जमाना: ये अवस्था परिवर्तन और तापमान परिवर्तन से संबंधित प्रक्रियाएँ हैं।
  • गैस को संपीडित करना: यह गैसों की उच्च संपीड्यता और उनके कणों के बीच के बड़े अंतराआणविक अवकाश को दर्शाता है, लेकिन चीनी का घुलना रिक्त स्थान की उपस्थिति का सबसे सटीक और प्रत्यक्ष उदाहरण है।

#93. निम्नलिखित में से कौन सा प्रेक्षण इस बात का समर्थन करता है कि पदार्थ छोटे कणों से बना होता है?
(RRB ALP CBT I 16/02/2026 )

✨ सही उत्तर: शर्करा जल में विलयन हो जाती है और उसके स्तर में कोई परिवर्तन नहीं होता।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कणों की सूक्ष्म प्रकृति (Particle Nature of Matter): जब शर्करा (चीनी) को जल में घोला जाता है, तो वह पूरी तरह घुल जाती है और जल के स्तर में कोई वृद्धि नहीं होती। यह इस बात का समर्थन करता है कि पदार्थ अत्यंत छोटे-छोटे कणों से मिलकर बना होता है, जिनके बीच रिक्त स्थान होता है, और शर्करा के कण उन रिक्त स्थानों में समा जाते हैं।
  • वैज्ञानिक महत्व: यह प्रयोग कक्षा नौवीं के विज्ञान पाठ्यक्रम में पदार्थ के कणों की विशेषताओं को समझाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT I : 16/02/2026) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • तेल का पृष्ठ पर तैरना: यह अमिश्रणीय द्रवों के घनत्व और अंतर-आणविक बलों के अंतर को दर्शाता है।
  • चाक पाउडर और रेत का नीचे बैठना: यह निलंबन (Suspension) और बड़े कणों के स्थिरीकरण को प्रदर्शित करता है, जो पदार्थ के कणों की अति-सूक्ष्म प्रकृति को सीधे तौर पर उजागर नहीं करता।

#94. रेत और चीनी का मिश्रण किसका एक उदाहरण है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 2 CBT 1)

✨ सही उत्तर: विषमांगी मिश्रण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): रेत और चीनी का ठोस मिश्रण एक विषमांगी मिश्रण का उदाहरण है। इस प्रकार के मिश्रण में घटक पूरे आयतन में एक समान रूप से वितरित (Uniform) नहीं होते हैं और उनके अलग-अलग कणों को स्पष्ट रूप से पहचाना जा सकता है।
  • भौतिक पृथक्करण: विषमांगी मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।
  • परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May 2019 Shift 2 CBT 1) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
  • समांगी मिश्रण: इसमें संगठन पूरे मिश्रण में एक समान होता है (जैसे पानी और चीनी का घोल), जो रेत और चीनी के मामले में नहीं है।
  • निलंबन और कोलाइडल विलयन: ये दोनों तरल माध्यम या विलेय कणों की विशेष अवस्थाओं से जुड़े हैं (जैसे पानी में चाक या दूध), जबकि रेत और चीनी का सूखा मिश्रण ठोस-ठोस विषमांगी मिश्रण है।
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विलयन और मिश्रण Railway PYQ