विलयन मिश्रण Railway Questions
#1. कोलाइड्रीय विलयन क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) सूक्ष्म कणों वाला विषमांगी मिश्रण
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोलाइड्रीय विलयन (Colloidal Solution): यह एक प्रकार का विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture) होता है, जिसमें विलेय कणों का आकार वास्तविक विलयन से बड़ा और निलंबन से छोटा होता है, जो पूरे माध्यम में समान रूप से बिखरे रहते हैं।
- प्रमुख विशेषता: कोलाइड देखने में भले ही समांगी (Homogeneous) प्रतीत हो, लेकिन सूक्ष्म स्तर पर यह विषमांगी होता है। यह प्रकाश की किरण को फैला देता है जिसे टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) कहते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/02/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A): केवल गैसों वाला पारदर्शी मिश्रण, जैसे वायु, एक समांगी मिश्रण होता है, न कि कोलाइड।
- विकल्प (B): बड़े कणों वाला मिश्रण जो एकसमान न हो, वह निलंबन (Suspension) कहलाता है।
- विकल्प (D): वह मिश्रण जिसमें कण पूरी तरह विलीन न होकर कुछ समय बाद नीचे बैठ जाते हैं, वह भी ‘निलंबन’ की श्रेणी में आता है।
#2. विलयन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) विलयन एक समांगी मिश्रण होता है जिसमें विलेय के कण नग्न आंखों से दिखाई नहीं देते।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विलयन (Solution): विलयन दो या दो से अधिक पदार्थों का एक समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) होता है। इसमें प्रत्येक भाग में पदार्थ का संगठन और गुण एक समान होते हैं।
- प्रमुख विशेषता: विलयन में विलेय कणों का आकार अत्यंत सूक्ष्म (1 नैनोमीटर से भी छोटा) होता है, जिन्हें न तो नग्न आँखों से देखा जा सकता है और न ही ये प्रकाश की किरण को फैलाते हैं। इसे शांत छोड़ने पर भी कण नीचे नहीं बैठते।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 09/03/2026) में विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B): विलयन एक विषमांगी नहीं बल्कि समांगी मिश्रण होता है।
- विकल्प (C): विलयन में विलेय के कण स्थिर रहने पर नीचे नहीं बैठते; यह गुण ‘निलंबन’ (Suspension) का होता है।
- विकल्प (D): विलयन में सामान्यतः विलायक (Solvent) की मात्रा विलेय (Solute) से अधिक होती है, न कि विलेय की मात्रा विलायक से अधिक।
#3. एक प्रवल अम्ल और एक प्रवल क्षार के बीच उदासीनीकरण अभिक्रिया के दौरान निम्नलिखित में से सदैव कौन-से पदार्थ बनते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) लवण और जल
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): जब किसी प्रबल अम्ल (Strong Acid) और किसी प्रबल क्षार (Strong Base) की आपस में अभिक्रिया कराई जाती है, तो वे एक-दूसरे के प्रभाव को पूरी तरह उदासीन कर देते हैं और परिणामस्वरुप सदैव लवण (Salt) और जल (Water) का निर्माण करते हैं।
- रासायनिक प्रक्रिया: अम्ल + क्षार → लवण + जल। इस प्रक्रिया में ऊष्मा भी उत्पन्न होती है, इसलिए यह एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया भी है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/02/2026) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) केवल जल: यह गलत है क्योंकि उदासीनीकरण में जल के साथ-साथ लवण का भी निर्माण अनिवार्य रूप से होता है।
- विकल्प (B) लवण और हाइड्रोजन गैस: हाइड्रोजन गैस सामान्यतः किसी अम्ल की धातु के साथ अभिक्रिया (जैसे जिंक और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) से मुक्त होती है, न कि उदासीनीकरण से।
- विकल्प (D) लवण, जल और कार्बन डाइऑक्साइड: यह उत्पाद तब बनता है जब कोई अम्ल किसी धातु कार्बोनेट या हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ प्रतिक्रिया करता है।
#4. पीतल किसका मिश्रण है?
(RRB NTPC CBT-I : 24 July 2021 Shift 2)
✨ सही उत्तर: (A) 30% जस्ता और 70% तांबा
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- पीतल (Brass): पीतल तांबा (Copper – Cu) और जस्ता या जिंक (Zinc – Zn) की एक मिश्र धातु (Alloy) है। सामान्य उपयोग वाले पीतल में लगभग 70% तांबा और 30% जस्ता होता है।
- प्रमुख विशेषता: यह एक ठोस-ठोस समांगी मिश्रण है। तांबे में जस्ता मिलाने से इसकी कठोरता और मजबूती (Strength) बढ़ जाती है। इसका उपयोग बर्तन, मूर्तियां और संगीत वाद्ययंत्र बनाने में किया जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 24 July 2021 Shift 2) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) 20% जस्ता और 80% तांबा: यह अनुपात मानक पीतल का नहीं है।
- विकल्प (C) 80% जस्ता और 20% तांबा: इसमें जस्ते की मात्रा बहुत अधिक है, जिससे मिश्र धातु बहुत अधिक भंगुर (Brittle) हो जाएगी।
- विकल्प (D) 70% जस्ता और 30% तांबा: यह विकल्प विपरीत है क्योंकि इसमें तांबे और जस्ते के प्रतिशत को उलट कर दिया गया है, जबकि तांबा अधिक मात्रा में (70%) और जस्ता कम मात्रा में (30%) होता है।
#5. रसायन विज्ञान में ‘ निलंबन ‘ क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) बड़े कणों वाला एक विषमांगी मिश्रण
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- निलंबन (Suspension): यह एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture) है जिसमें विलेय पदार्थ के कण घुलते नहीं हैं, बल्कि पूरे माध्यम में तैरते रहते हैं और इनका आकार बड़ा होता है।
- प्रमुख विशेषता: निलंबन के कणों को नंगी आँखों से आसानी से देखा जा सकता है। यदि इसे कुछ समय के लिए शांत छोड़ दिया जाए, तो इसके कण नीचे बैठ जाते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 09/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) एक समांगी मिश्रण: यह गलत है क्योंकि निलंबन एक विषमांगी मिश्रण होता है, समांगी नहीं।
- विकल्प (B) एक कोलाइड्रीय परिक्षेपण: कोलाइड एक अलग स्थिति है जिसमें कणों का आकार निलंबन से छोटा होता है।
- विकल्प (C) एक वास्तविक विलयन: वास्तविक विलयन एक समांगी मिश्रण होता है जिसमें कण अत्यंत सूक्ष्म होते हैं।
#6. निम्नलिखित में से कौन-सा कोलाइड और वास्तविक विलयनों के बीच एक विशिष्ट अंतर है?
(RRB JE CE 22 Apr 2025 Shift 2 CBT 2)
✨ सही उत्तर: (C) वास्तविक विलयन में एकल-प्रावस्था प्रणाली होती है, जबकि कोलाइड में दो-प्रावस्था प्रणाली होती है
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- प्रावस्था प्रणाली (Phase System): वास्तविक विलयन (True Solution) एक समांगी मिश्रण होता है जिसमें विलेय और विलायक मिलकर केवल एक ही प्रावस्था (Single-phase system) बनाते हैं। इसके विपरीत, कोलाइड (Colloid) एक विषमांगी मिश्रण होता है जिसमें दो प्रावस्थाएँ होती हैं—परिक्षिप्त परावस्था (Dispersed phase) और परिक्षेपण माध्यम (Dispersion medium)।
- प्रमुख गुण: कोलाइडल विलयन टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect) और ब्राउनी गति (Brownian Motion) प्रदर्शित करते हैं, जबकि वास्तविक विलयन इन गुणों को नहीं दर्शाते।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CE 22 Apr 2025 Shift 2 CBT 2) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A): ब्राउनी गति मुख्य रूप से कोलाइड विलयनों द्वारा प्रदर्शित की जाती है, वास्तविक विलयनों द्वारा नहीं।
- विकल्प (B): टिंडल प्रभाव केवल कोलाइड द्वारा दिखाया जाता है, वास्तविक विलयन द्वारा नहीं (यहाँ कथन में इसे उलट दिया गया है)।
- विकल्प (D): वास्तविक विलयन के कण अत्यंत सूक्ष्म होते हैं जो नग्न आँखों से दिखाई नहीं देते, और कोलाइड के कण भी इतने छोटे होते हैं कि उन्हें सामान्य आँखों से अलग नहीं देखा जा सकता।
#7. कोलाइड्र के गुणधर्मों के संबंध में सही कथन का चयन करें।
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (A) परिक्षेपण माध्यम वह घटक है जिसमें उसकी प्रावस्था निलंबित रहती है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- कोलाइड के घटक: कोलाइड मुख्य रूप से दो घटकों से मिलकर बनता है—परिक्षिप्त प्रावस्था (Dispersed phase) और परिक्षेपण माध्यम (Dispersion medium)। परिक्षेपण माध्यम वह घटक होता है जिसमें परिक्षिप्त प्रावस्था के कण वितरित या निलंबित रहते हैं।
- प्रमुख विशेषता: यह एक विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous mixture) होता है जिसके कणों को सामान्य फिल्टर पेपर (निस्यंदन) द्वारा अलग नहीं किया जा सकता।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 22/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B): कोलाइड देखने में समांगी प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में यह एक विषमांगी मिश्रण होता है।
- विकल्प (C): कोलाइड के कणों का आकार इतना छोटा होता है कि इन्हें सामान्य निस्यंदन (Filtration) प्रक्रिया द्वारा अलग नहीं किया जा सकता है।
- विकल्प (D): कोलाइड विलयन के दो मुख्य घटकों में से एक परिक्षिप्त प्रावस्था भी होता है।
#8. ________ में सामान्यतः लंबी, अस्थायी कार्बन श्रृंखलाएं होती हैं।
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (B) वनस्पति तेल
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वनस्पति तेल (Vegetable Oil): वनस्पति तेलों में सामान्यतः लंबी और असंतृप्त (अस्थायी/असंतृप्त बंध वाली) कार्बन श्रृंखलाएं होती हैं, जो इन्हें वसीय अम्ल (Fatty acids) के रूप में परिभाषित करती हैं।
- प्रमुख विशेषता: इनमें कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध (Double bonds) पाए जाते हैं, जिसके कारण इन्हें हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) प्रक्रिया के माध्यम से वनस्पति घी (संतृप्त वसा) में बदला जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/02/2026) में सामान्य विज्ञान (रसायन विज्ञान) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) ग्लूकोज: यह एक कार्बोहाइड्रेट (मोनोसेकेराइड) है जिसमें केवल 6 कार्बन परमाणुओं की छोटी श्रृंखला होती है।
- विकल्प (C) साधारण नमक: यह एक अकार्बनिक यौगिक (सोडियम क्लोराइड – NaCl) है, जिसमें कार्बन श्रृंखला नहीं होती।
- विकल्प (D) जल: जल एक अकार्बनिक अणु है ($H_{2}O$), जिसमें कार्बन का कोई अस्तित्व नहीं होता।
#9. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रायोगिक प्रेक्षण, द्रव्य में कणों के अस्तित्व का सर्वाधिक प्रबल प्रमाण प्रदान करता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) स्याही की एक बूंद बिना विलोडन किए जल में समान रूप से प्रसारित हो जाती है
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विसरण (Diffusion) और कणों का अस्तित्व: जब स्याही की एक बूंद को बिना हिलाए (विलाोड़न किए बिना) जल में डाला जाता है, तो वह धीरे-धीरे पूरे पानी में स्वतः फैल जाती है। यह घटना ‘विसरण’ को दर्शाती है, जो इस बात का सबसे प्रबल प्रमाण है कि द्रव्य (Matter) अत्यंत सूक्ष्म कणों से मिलकर बने हैं और ये कण निरंतर गतिशील रहते हैं।
- प्रमुख विशेषता: द्रवों या गैसों के कणों की गतिशीलता के कारण ही विसरण संभव होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 05/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) जल उबलने पर भाप उत्पन्न करता है: यह अवस्था परिवर्तन (State change) को दर्शाता है, लेकिन कणों के स्वतः प्रसार और निरंतर गतिशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण विसरण से मिलता है।
- विकल्प (B) लवण, ठंडे जल की तुलना में गर्म जल में तीव्रता से विलीन होता है: यह तापमान बढ़ाने पर कणों की गतिज ऊर्जा में वृद्धि को दर्शाता है।
- विकल्प (C) बर्फ को गर्म करने पर वह पिघलकर जल बन जाती है: यह भी ठोस से द्रव में अवस्था परिवर्तन (गलनांक) की प्रक्रिया है।
#10. प्रकाश संश्लेषण के उत्पादों के अलावा, पौधों में निम्नलिखित में से कौन से पदार्थ फ्लोएम द्वारा परिवाहिन होते हैं?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) एमीनो अम्ल और सुक्रोज दोनों
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- फ्लोएम द्वारा परिवहन (Transport through Phloem): फ्लोएम पौधों में प्रकाश संश्लेषण के उत्पादों (मुख्य रूप से सुक्रोज) के अतिरिक्त अन्य पदार्थों जैसे अमीनो अम्ल (Amino Acids) और कुछ पादप हार्मोन्स का भी स्थानांतरण (Translocation) करता है।
- प्रमुख तथ्य: अमीनो अम्ल विशेष रूप से जड़ के सिरों, तनों के बढ़ते हुए भागों और भंडारण अंगों तक पहुँचाए जाते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1) में जीव विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) केवल सुक्रोज: सुक्रोज के साथ-साथ अमीनो अम्ल का परिवहन भी फ्लोएम द्वारा होता है।
- विकल्प (B) केवल जल: पौधों में जल और खनिजों का परिवहन मुख्य रूप से जाइलम (Xylem) द्वारा होता है।
- विकल्प (C) केवल एमीनो अम्ल: एमीनो अम्ल के अलावा प्रकाश संश्लेषण के उत्पाद (सुक्रोज) भी फ्लोएम द्वारा परिवाहित होते हैं।
#11. धातुओं के पतले तारों में खींचे जाने की क्षमता कहलाती है:
(RRB NTPC CBT-I : 4 Jan 2021 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (B) तन््यता
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- तन््यता (Ductility): धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तार (Wires) बनाए जा सकते हैं, ‘तन््यता’ कहलाता है। सोना (Gold) इस गुण का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है।
- प्रमुख विशेषता: धातुएँ सामान्यतः तनीय (Ductile) और आघातवर्धनीय (Malleable) होती हैं, जिसके कारण उन्हें विभिन्न आकृतियों में ढाला जा सकता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB NTPC CBT-I : 4 Jan 2021 Shift 1) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) आघातवर्धनीयता (Malleability): यह धातुओं का वह गुण है जिससे उन्हें पीटकर पतली चादरें (Sheets) बनाई जाती हैं, न कि तार।
- विकल्प (C) अभिक्रियाशीलता (Reactivity): यह किसी पदार्थ की अन्य पदार्थों के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करने की क्षमता को दर्शाता है।
- विकल्प (D) घुलनशीलता (Solubility): यह किसी विलेय के विलायक में घुलने की क्षमता से संबंधित है।
#12. निम्नलिखित में से कौन सा आयनिक यौगिकों का एक विशिष्ट गुण है?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (D) आयनों के बीच प्रबल स्थिरवैद्युत बल
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आयनिक यौगिक (Ionic Compounds): आयनिक यौगिकों का निर्माण परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण (Transfer of electrons) से होता है। धनावेशित और ऋणवेशित आयनों के बीच एक मजबूत आकर्षण बल कार्य करता है, जिसे प्रबल स्थिरवैद्युत आकर्षण बल (Strong electrostatic force) कहते हैं।
- प्रमुख गुण: मजबूत आकर्षण बल के कारण इनके गलनांक (Melting points) और क्वथनांक उच्च होते हैं। ये ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं, लेकिन गलित अवस्था या जलीय विलयन में विद्युत का चालन करते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 04/02/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) जल में अविलय: अधिकांश आयनिक यौगिक ध्रुवीय विलायकों जैसे जल में घुलनशील (Soluble) होते हैं, न कि अविलय।
- विकल्प (B) निम्न गलनांक: प्रबल स्थिरवैद्युत बलों के कारण आयनिक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक बहुत उच्च होते हैं, निम्न नहीं।
- विकल्प (C) गलित अवस्था में अल्प विद्युत चालकता: गलित अवस्था या जलीय विलयन में ये बहुत अच्छे विद्युत चालक (Good conductors) होते हैं क्योंकि इनके आयन गति करने के लिए स्वतंत्र होते हैं।
#13. कैल्शियम हाइड्रोक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करके ________ उत्पन्न करता है।
(RRB JE CBT I :- 1 June 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) लवण एवं जल दोनों
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- रासायनिक अभिक्रिया: जब कैल्शियम हाइड्रोक्साइड ($Ca(OH)_{2}$, जो कि एक क्षार है) कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_{2}$, जो कि एक अम्लीय ऑक्साइड है) के साथ अभिक्रिया करता है, तो यह सफेद रंग का अघुलनशील लवण—कैल्शियम कार्बोनेट ($CaCO_{3}$) और जल ($H_{2}O$) उत्पन्न करता है।
- विशेषता: यह एक प्रकार की उदासीनीकरण जैसी अभिक्रिया है क्योंकि इसमें क्षारीय ऑक्साइड/हाइड्रॉक्साइड और अम्लीय ऑक्साइड आपस में मिलकर लवण और जल बनाते हैं। इसी अभिक्रिया के कारण चूने का पानी दूधिया हो जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT I : 1 June 2019 Shift 1) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) केवल लवण: इस अभिक्रिया में केवल लवण नहीं बनता, बल्कि इसके साथ जल का भी निर्माण होता है।
- विकल्प (C) धातु: इस रासायनिक प्रतिक्रिया में किसी भी मुक्त धातु का उत्पादन नहीं होता है।
- विकल्प (D) केवल जल: जल के साथ-साथ कैल्शियम कार्बोनेट लवण का बनना भी अनिवार्य रूप से शामिल है।
#14. निम्नलिखित में से कौन-सा वायु के मिश्रण का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (C) समांगी मिश्रण
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- वायु एक समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture): वायु विभिन्न गैसों (जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि) का एक समांगी मिश्रण होती है, जिसमें सभी गैसें एक-दूसरे में पूरी तरह समान रूप से घुली होती हैं और इसके हर हिस्से का संगठन एक समान होता है।
- प्रमुख विशेषता: समांगी मिश्रण में घटकों को अलग-अलग नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 3) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) निलंबन (Suspension): इसमें कण बड़े होते हैं और नीचे बैठ जाते हैं, जबकि वायु में गैसें स्थायी रूप से मिश्रित रहती हैं।
- विकल्प (B) विषमांगी मिश्रण: वायु का संगठन सभी स्थानों पर एक समान और एकरूप होता है, इसलिए यह विषमांगी नहीं बल्कि समांगी है।
- विकल्प (D) कोलाइड (Colloid): कोलाइड एक परिक्षिप्त प्रावस्था प्रणाली है, जबकि वायु गैसों का पूर्णतः पारदर्शी और समांगी विलयन बनाती है।
#15. दो विभिन्न प्रकार के पदार्थों के कणों के आपस में मिलने को ________ कहा जाता है
。(RPF Constable 2018 08 Feb 2019)
✨ सही उत्तर: (B) विसरू
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विसरण (Diffusion): दो अलग-अलग प्रकार के पदार्थों के कणों का स्वतः ही आपस में मिलना ‘विसरण’ कहलाता है। यह प्रक्रिया पदार्थों के कणों की निरंतर गतिशीलता के कारण होती है।
- प्रमुख विशेषता: विसरण की दर तापमान बढ़ने पर तेज हो जाती है क्योंकि तापमान बढ़ने से कणों की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ जाती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 08 Feb 2019) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) पायसीकरण (Emulsification): यह दो अमिश्रणीय द्रवों को मिलाकर पायस (Emulsion) बनाने की प्रक्रिया है।
- विकल्प (C) प्रसरण: यह विसरण से भिन्न प्रक्रिया है जो जीव विज्ञान में जल की गति से संबंधित हो सकती है।
- विकल्प (D) विपरीत परासरण (Reverse Osmosis): यह जल शुद्ध करने (RO) की तकनीक है जिसमें परासरण दाब से अधिक दाब लगाया जाता है।
#16. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म पदार्थ की ठोस अवस्था का उदाहरण है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (A) चीनी और स्पंज
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ठोस अवस्था (Solid State): चीनी और स्पंज दोनों ही पदार्थ की ठोस अवस्था के उदाहरण हैं। यद्यपि स्पंज को दबाया जा सकता है, फिर भी इसमें हवा के छिद्र होने के कारण यह एक ठोस वस्तु ही है जिसका निश्चित आकार और आयतन होता है।
- प्रमुख विशेषता: ठोस पदार्थों का आकार निश्चित और संपीड़ितता (Compressibility) नगण्य होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) पानी और ऑक्सीजन: पानी द्रव अवस्था में और ऑक्सीजन गैस अवस्था में होती है।
- विकल्प (C) जूस और दूध: जूस और दूध दोनों ही पदार्थ की द्रव अवस्था (Liquid state) के उदाहरण हैं।
- विकल्प (D) तेल और चीनी: इसमें तेल द्रव है और चीनी ठोस है, इसलिए यह शुद्ध ठोस अवस्था का युग्म नहीं है।
#17. यदि किसी विलयन का pH मान 3 है, तो विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता कितनी है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (B) 1×10-3 M
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- pH मान और हाइड्रोजन आयन सांद्रता: pH की परिभाषा के अनुसार, pH = -log[H+ होता है। यदि विलयन का pH मान 3 है, तो हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता ([H+]) 10-3 M या 1×10-3 M होगी।
- प्रमुख विशेषता: pH मान जितना कम होता है, विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता उतनी ही अधिक होती है और वह उतना ही अधिक अम्लीय होता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 10/03/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) 3×10-2M: यह गलत मान है क्योंकि घात pH के मूल्य (3) के अनुसार 10 की घात -3 होनी चाहिए।
- विकल्प (C) 3×10-3 M: यहाँ आगे 3 गुणांक दिया गया है, जबकि मानक सूत्र के अनुसार सांद्रता 1×10-3 M होती है।
- विकल्प (D) 1×10-2 M: यह 10-2 (अर्थात pH = 2) के लिए सही होता, न कि pH = 3 के लिए।
#18. ‘ ऊर्ध्वपातन’ के उदाहरण के सही युग्म का चयन करें।
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) कपूर और नेफ्थलीन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऊर्ध्वपातन (Sublimation): यह वह भौतिक प्रक्रिया है जिसमें कोई ठोस पदार्थ बिना द्रव (liquid) अवस्था में बदले सीधे गैस (वाष्प) में परिवर्तित हो जाता है। कपूर और नेफ्थलीन (नॅफ्थलीन की गोलियां) इसके सबसे प्रमुख और सर्वज्ञात उदाहरण हैं।
- अन्य उदाहरण: अमोनियम क्लोराइड (नौसादर), आयोडीन और शुष्क बर्फ (ठोस कार्बन डाइऑक्साइड) भी ऊर्ध्वपातन का गुण प्रदर्शित करते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 30/12/2025) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) शुष्क बर्फ और नमक: यद्यपि शुष्क बर्फ (Solid CO2) ऊर्ध्वपातन दर्शाती है, लेकिन सामान्य नमक (NaCl) उच्च तापमान पर पिघलता है, सीधे वाष्प में नहीं बदलता।
- विकल्प (B) नमक और कपूर: इसमें नमक ऊर्ध्वपातन का गुण नहीं दिखाता है।
- विकल्प (D) चीनी और नेफ्थलीन: नेफ्थलीन ऊर्ध्वपातन करता है, किंतु चीनी गर्म करने पर पिघलकर तरल और फिर कारमेल बन जाती है, सीधे वाष्प में परिवर्तित नहीं होती।
#19. अम्लीय वर्षा का pH मान क्या होता है?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) 5.6 से कम
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अम्लीय वर्षा (Acid Rain): सामान्य वर्षा के जल का pH मान लगभग 5.6 होता है (क्योंकि वायुमंडल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड घुलकर हल्का अम्लीय बनाती है)। जब वर्षा के जल का pH मान 5.6 से कम हो जाता है, तो उसे अम्लीय वर्षा कहा जाता है।
- मुख्य कारण: वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड ($SO_{2}$) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ($NO_{2}$) की अधिकता के कारण यह वर्षा होती है, जो जलीय जीवों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए हानिकारक होती है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 17 Dec 2024 Shift 3) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) 7 के बराबर: 7 pH मान तटस्थ (Neutral) विलयन का होता है, जैसे शुद्ध जल।
- विकल्प (C) 7 से अधिक: 7 से अधिक pH मान क्षारीय (Basic) प्रकृति को दर्शाता है।
- विकल्प (D) 5.6 से अधिक लेकिन 7 से कम: यह सामान्य या हल्की क्षारीय/तटस्थ सीमा के पास होता है, जबकि अम्लीय वर्षा का pH हमेशा 5.6 से कम होता है।
#20. निम्नलिखित में से कौन-सा विषमांगी विलयन का उदाहरण है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) तेल और पानी का मिश्रण
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): तेल और पानी का मिश्रण एक विषमांगी मिश्रण का उदाहरण है क्योंकि तेल पानी में घुलता नहीं है, बल्कि दोनों की अलग-अलग परतें (या प्रावस्थाएँ) स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। इसका संगठन पूरे मिश्रण में एकसमान नहीं होता।
- प्रमुख विशेषता: विषमांगी मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है और इसके घटक अपनी अलग पहचान बनाए रखते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 27 Nov, 2024 Shift 1) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) नींबू पानी: यह एक समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) या वास्तविक विलयन है जिसमें नींबू का रस और चीनी पानी में पूरी तरह घुल जाते हैं।
- विकल्प (B) आयोडीन का टिंचर: यह आयोडीन और एल्कोहल का एक समांगी विलयन होता है।
- विकल्प (C) एथेनॉल और पानी का मिश्रण: यह दोनों द्रवों का एक पूर्णतः समांगी विलयन है जो एक-दूसरे में पूरी तरह मिश्रित हो जाते हैं।
#21. एक विद्यार्थी, एक बीकर में रेत, नमक और जल को मिश्रित करके अच्छी तरह से हिलाता है। कुछ समय बाद, उसे क्या दिखाई देगा?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) रेत नीचे बैठ जाती है, जबकि नमक, जल में विलीन हो जाता है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- घटकों का व्यवहार: जब रेत, नमक और जल के मिश्रण को कुछ समय के लिए शांत छोड़ दिया जाता है, तो रेत (जो कि एक निलंबन का घटक है) भारी होने के कारण नीचे बैठ जाती है। वहीं, नमक पानी में पूरी तरह घुलकर एक समांगी वास्तविक विलयन (True Solution) बना लेता है।
- प्रमुख विशेषता: इस मिश्रण में विलायक और विलेय की प्रकृति के कारण एक ही समय पर विलयन और निलंबन दोनों के गुण देखने को मिलते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 06/03/2026) में विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A): नमक पानी में अविलय नहीं होता, बल्कि वह पूरी तरह घुल जाता है।
- विकल्प (B): रेत पानी में पूरी तरह विलीन नहीं होती, बल्कि नीचे बैठ जाती है।
- विकल्प (D): रेत स्थायी रूप से निलंबित नहीं रहती, बल्कि कुछ समय बाद गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे तली में बैठ जाती है।
#22. कार्बन डाइऑक्साइड में, कार्बन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) 3:8
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- द्रव्यमान अनुपात (Mass Ratio): कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_{2}$) में कार्बन (C) का परमाणु द्रव्यमान 12 u और ऑक्सीजन (O) का परमाणु द्रव्यमान 16 u होता है। चूंकि इसमें 2 ऑक्सीजन परमाणु हैं, कुल ऑक्सीजन का द्रव्यमान $2 \times 16 = 32$ u होगा।
- अनुपात की गणना: कार्बन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात = 12 : 32 = 3 : 8 (दोनों संख्याओं को 4 से विभाजित करने पर)।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 04/02/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) 1:2: यह परमाणुओं की संख्या का अनुपात (1 कार्बन और 2 ऑक्सीजन) है, द्रव्यमान का नहीं।
- विकल्प (C) 6:8: यह सही अनुपात (3:8) का सरल रूप नहीं है।
- विकल्प (D) 2:4: यह भी मानक द्रव्यमान अनुपात से मेल नहीं खाता।
#23. पादप के निम्नलिखित में से किस भाग में विभाजी ऊतक क्षेत्र ( dividing tissue region ) होता है जो वृद्धि में सहायक होता है?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025)
✨ सही उत्तर: (C) शीर्षस्थ विभज्योतक
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem): यह पौधों के बढ़ते हुए भागों (जैसे जड़ और तने के सिरों) पर पाया जाने वाला विभाजी ऊतक (Dividing Tissue) है। यह नई कोशिकाओं के निरंतर विभाजन द्वारा पौधे की लंबाई में वृद्धि करने में सहायक होता है।
- प्रमुख विशेषता: विभज्योतक ऊतकों की कोशिकाएँ अत्यधिक सक्रिय होती हैं, जिनमें घना कोशिका द्रव्य, पतली सेलुलोज की बनी भित्तियाँ और स्पष्ट केंद्रक होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 11/12/2025) में जीव विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) वाहिका (Vessels): यह जाइलम का एक घटक है जो पौधों में जल और खनिजों के परिवहन का कार्य करता है, न कि कोशिका विभाजन का।
- विकल्प (B) चालनी नलिका (Sieve Tube): यह फ्लोएम का एक घटक है जो भोजन के परिवहन में सहायता करता है।
- विकल्प (D) दृढोतक (Sclerenchyma): यह एक स्थायी ऊतक है जो पौधों को यांत्रिक शक्ति (मजबूती) प्रदान करता है, इसमें विभाजन की क्षमता नहीं होती।
#24. BaCl2 जब Na2SO4 के साथ अभिक्रिया करता है, तो बनने वाला सफेद अवक्षेप क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) बेरियम सल्फेट जो अघुलनशील होता है
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- द्वि-विस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction): जब बेरियम क्लोराइड ($BaCl_{2}$) का जलीय विलयन सोडियम सल्फेट ($Na_{2}SO_{4}$) के जलीय विलयन के साथ अभिक्रिया करता है, तो बेरियम सल्फेट ($BaSO_{4}$) का एक सफेद रंग का अवक्षेप बनता है जो पानी में अघुलनशील होता है।
- प्रमुख विशेषता: इस अभिक्रिया में साथ ही सोडियम क्लोराइड ($NaCl$) का निर्माण होता है जो विलयन में घुला रहता है। यह एक अवक्षेपण (Precipitation) अभिक्रिया का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 30/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A): इस अभिक्रिया में नाइट्रेट का कोई उपयोग नहीं होता है, इसलिए बेरियम नाइट्रेट नहीं बनता।
- विकल्प (B): सोडियम क्लोराइड एक घुलनशील लवण है, जो सफेद अवक्षेप के रूप में नीचे नहीं बैठता।
- विकल्प (C): इस प्रक्रिया में सोडियम कार्बोनेट का निर्माण नहीं होता है।
#25. कौन-सा कथन एक विषमांगी मिश्रण का सही वर्णन करता है?
(RRB JE 20/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (C) इसकी संरचना संपूर्ण मिश्रण में एकसमान नहीं होती है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): यह एक ऐसा मिश्रण होता है जिसकी बनावट या संरचना संपूर्ण मिश्रण में एकसमान (Uniform) नहीं होती है। इसके विभिन्न भागों में अलग-अलग गुण और घटक स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं (जैसे—तेल और पानी का मिश्रण, या रेत और नमक का मिश्रण)।
- प्रमुख विशेषता: इसके घटकों को भौतिक विधियों (जैसे छानना, बीनना आदि) द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 20/02/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A): कणों का समान रूप से वितरित होना समांगी मिश्रण (Homogeneous mixture) की विशेषता है, विषमांगी की नहीं।
- विकल्प (B): मिश्रण की संरचना निश्चित और नियत नहीं होती, क्योंकि इसमें घटकों को किसी भी अनुपात में मिलाया जा सकता है।
- विकल्प (D): विषमांगी मिश्रण के अवयवों को बहुत सरलता से भौतिक विधियों द्वारा अलग-अलग किया जा सकता है।
#26. जलीय ( aq ) शब्द तब लिखा जाता है जब अभिकारक या उत्पाद एक ________ के रूप में मौजूद होता है。
(RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (B) जल में विलयन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जलीय (Aqueous – aq) प्रतीक: रासायनिक समीकरणों में जब कोई अभिकारक या उत्पाद जल में घुले हुए विलयन के रूप में मौजूद होता है, तो उसकी भौतिक अवस्था को दर्शाने के लिए प्रतीक (aq) का उपयोग किया जाता है।
- रासायनिक समीकरण संकेत: ठोस के लिए (s), द्रव के लिए (l), गैस के लिए (g) और जल में बने विलयन के लिए (aq) लिखा जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May 2019 Shift 1 CBT 1) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) संकेन्द्रित विलयन: संकेन्द्रित (Concentrated) होना विलयन की सांद्रता को बताता है, न कि जलीय अवस्था को।
- विकल्प (C) आइसोटोनिक विलयन: यह जीव विज्ञान और चिकित्सा में परासरण दाब से संबंधित एक शब्द है।
- विकल्प (D) मिट्टी के तेल में विलयन: ‘aq’ शब्द केवल जलीय (aqueous/water) विलयनों के लिए प्रयोग होता है, अन्य विलायकों के लिए नहीं।
#27. निम्नलिखित में से कौन-सी एक ऊष्माक्षेपी संयोजन अभिक्रिया का उदाहरण है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (A) जल में बिना बुझा हुआ चूना घोलना
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- ऊष्माक्षेपी संयोजन अभिक्रिया (Exothermic Combination Reaction): जब बिना बुझे हुए चूने (Calcium Oxide – CaO) को जल ($H_{2}O$) में मिलाया जाता है, तो वे आपस में संयोजित होकर बुझा हुआ चूना (Calcium Hydroxide – $Ca(OH)_{2}$) बनाते हैं और साथ ही बहुत अधिक मात्रा में ऊष्मा (Heat) उत्पन्न होती है। इसलिए यह एक संयोजन और ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया दोनों का उदाहरण है।
- रासायनिक समीकरण: $CaO + H_{2}O \rightarrow Ca(OH)_{2} + \text{ऊष्मा}$
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT-I : 18 Dec 2024 Shift 3) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) प्रकाश संश्लेषण: यह एक ऊष्माशोषी (Endothermic) अभिक्रिया है जिसमें सौर ऊर्जा अवशोषित होती है।
- विकल्प (C) जल में अमोनियम क्लोराइड घोलना: यह एक ऊष्माशोषी प्रक्रिया है जिसमें विलयन का तापमान कम हो जाता है (ऊष्मा का अवशोषण होता है)।
- विकल्प (D) श्वसन: श्वसन एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया अवश्य है, लेकिन यह ‘संयोजन अभिक्रिया’ (Combination reaction) नहीं है, बल्कि यह ग्लूकोज के टूटने (अपचयन/ऑक्सीकरण) से संबंधित है।
#28. साबुन और उसकी सफाई क्रिया के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
(Not found 13/03/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) साबुन के अणु का जलरागी भाग जल को प्रतिकर्षित करता है, जिससे तैलीय पदार्थों को हटाने में सहायता मिलती है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- जलरागी (Hydrophilic) और जलविरागी (Hydrophobic) सिरे: साबुन के अणु में दो अलग-अलग प्रकृतियों वाले सिरे होते हैं। इसका आयनिक सिरा जलरागी (जल-आकर्षित या जल में घुलनशील) होता है, जो जल की ओर आकर्षित होता है; जबकि लंबी हाइड्रोकार्बन पूँछ जलविरागी (जल-प्रतिकर्षित और तेल में विलेय) होती है।
- कथन की असत्यता: विकल्प (A) में यह कहा गया है कि जलरागी भाग जल को प्रतिकर्षित करता है, जो कि गलत है। जल को प्रतिकर्षित करने वाला भाग जलविरागी (हाइड्रोफोबिक) होता है, जबकि जलरागी भाग जल से जुड़ता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न सामान्य विज्ञान में कार्बन के यौगिक तथा साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रियाविधि पर आधारित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही कथन हैं, अतः यहाँ अशुद्ध नहीं हैं):
- विकल्प (B): साबुन के अणुओं में दोनों सिरे (जलरागी और जलविरागी) होते हैं, जिससे वे जल और तेल दोनों माध्यमों के साथ सामंजस्य बिठा पाते हैं।
- विकल्प (C): जलविरागी सिरा हाइड्रोकार्बन/तेल में विलेय होता है।
- विकल्प (D): साबुन जल में मिसेल (Micelle) का निर्माण करते हैं, जो तैलीय मैल को अपने केंद्र में फंसाकर जल के साथ बाहर बहा ले जाते हैं।
#29. निम्नलिखित में से कौन-सा एक विषमांगी मिश्रण है?
(RRB Level 01 Stage I 06/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (B) रेत और जल
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): रेत और जल का मिश्रण एक विषमांगी मिश्रण है क्योंकि इसमें रेत पानी में घुलती नहीं है और इसके कण पूरे मिश्रण में एकसमान रूप से वितरित नहीं होते हैं। कुछ समय बाद रेत नीचे बैठ जाती है और दोनों घटक अलग-अलग स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
- प्रमुख विशेषता: विषमांगी मिश्रण की संरचना पूरे भाग में एक जैसी नहीं होती और इसके घटकों को आसानी से अलग किया जा सकता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 06/02/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) शर्करा विलयन: चीनी (शर्करा) पानी में पूरी तरह घुल जाती है और यह एक समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) है।
- विकल्प (C) लवण विलयन: नमक पानी में पूरी तरह घुलकर समांगी विलयन बनाता है।
- विकल्प (D) वायु: वायु विभिन्न गैसों का एक समांगी मिश्रण होती है।
#30. निम्नलिखित में से कौन टिंडल प्रभाव दर्शाता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (B) कोलाइड
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect): जब प्रकाश की किरण किसी कोलाइड विलयन से गुजरती है, तो कोलाइड के कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering) होता है, जिससे प्रकाश का मार्ग स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगता है। इस परिघटना को ‘टिंडल प्रभाव’ कहते हैं।
- प्रमुख विशेषता: कोलाइडल कणों का आकार वास्तविक विलयन के कणों से बड़ा होता है लेकिन निलंबन से छोटा होता है, जो प्रकाश को आसानी से प्रकीर्णित कर सकते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) विलयन (Solution): वास्तविक विलयन के कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि वे प्रकाश की किरणों को प्रकीर्णित नहीं कर पाते, इसलिए ये टिंडल प्रभाव नहीं दर्शाते।
- विकल्प (C) धातुएँ (Metals): धातुएँ ठोस और अपारदर्शी होती हैं, वे कोलाइडल सिस्टम की तरह प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं करतीं।
- विकल्प (D) गैसें (Gases): शुद्ध गैसें (यदि उनमें धूल या धुएं के कण न हों) टिंडल प्रभाव प्रदर्शित नहीं करतीं।
#31. निम्नलिखित में से कौन-सा विषमांगी मिश्रण है?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (B) मिट्टी
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): मिट्टी विभिन्न पदार्थों (जैसे खनिज कण, ह्यूमस, वायु, जल और सूक्ष्मजीवों) का एक विषमांगी मिश्रण है, क्योंकि इसमें इसके घटक पूरे भाग में एकसमान रूप से वितरित नहीं होते और अलग-अलग भागों की संरचना भिन्न हो सकती है।
- प्रमुख विशेषता: विषमांगी मिश्रण के अवयवों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है और इनका संगठन एकरूप नहीं होता।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 15/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) शर्करा विलयन: चीनी और पानी का यह विलयन एक समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) है।
- विकल्प (C) सिरका: एसिटिक एसिड और जल का मिश्रण भी एक समांगी विलयन होता है।
- विकल्प (D) वायु: वायु विभिन्न गैसों का एक समांगी मिश्रण है।
#32. निम्नलिखित में से कौन-सी विधि अयस्क संवर्धन ( ore enrichment ) के लिए उपयोग नहीं की जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 M)
✨ सही उत्तर: (B) निकर्षण (Dredging)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अयस्क संवर्धन (Ore Enrichment/Concentration): पृथ्वी से प्राप्त खनिजों या अयस्कों में मिट्टी, रेत और अन्य अवांछित अशुद्धियाँ (जिन्हें गैंग कहते हैं) उपस्थित होती हैं। धातु निष्कर्षण से पहले इन अशुद्धियों को हटाने की प्रक्रिया को अयस्क का संवर्धन कहा जाता है।
- प्रमुख विधियाँ: धातुकर्म में अयस्क के संवर्धन के लिए फेन प्लवन, द्रवीय धावन, और निष्क्षालन जैसी भौतिक एवं रासायनिक विधियों का उपयोग किया जाता है।
- निकर्षण (Dredging): यह नदियों, झीलों या समुद्र के तल से मिट्टी, रेत या तलछट को हटाने और निकालने की एक खनन (Mining) तकनीक है, न कि प्रयोगशाला या कारखाने में अयस्क संवर्धन की विधि।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12/12/2025) में धातु एवं अधातु (Metallurgy) के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) फेन प्लवन (Froth floatation): यह सल्फाइड अयस्कों के सांद्रण के लिए उपयोग की जाने वाली एक महत्वपूर्ण विधि है।
- विकल्प (C) द्रवीय धावन (Hydraulic washing): यह अयस्क और अशुद्धियों के घनत्व के अंतर पर आधारित गुरुत्वीय पृथक्करण विधि है।
- विकल्प (D) निष्क्षालन (Leaching): यह एक रासायनिक विधि है जिसमें अयस्क एक उपयुक्त विलायक में घुल जाता है, जबकि अशुद्धियाँ अघुलनशील रहती हैं।
#33. पानी में चीनी के समांगी मिश्रण के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)
✨ सही उत्तर: (A) पानी विलायक है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विलायक (Solvent) और विलेय (Solute): किसी विलयन में जो घटक अधिक मात्रा में होता है और दूसरे घटक को अपने अंदर घोलता है, उसे विलायक कहते हैं। पानी में चीनी के घोल में पानी अधिक मात्रा में होता है और यह विलायक का कार्य करता है।
- विलेय (Solute): चीनी कम मात्रा में होती है और वह पानी में घुलती है, इसलिए चीनी को ‘विलेय’ कहा जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) पानी और चीनी दोनों विलायक हैं: दोनों विलायक नहीं हो सकते; इनमें से एक विलायक (पानी) और दूसरा विलेय (चीनी) है।
- विकल्प (C) चीनी विलायक है: चीनी विलायक नहीं बल्कि विलेय (Solute) है क्योंकि यह पानी में घुलती है।
- विकल्प (D) पानी विलेय है: पानी विलेय नहीं बल्कि विलायक (Solvent) है।
#34. एक विषमांगी मिश्रण जिसमें विलेय कण विलीन नहीं होते हैं लेकिन अधिकांश विलयन में निलंबित रहते हैं, उसे ________ के रूप में जाना जाता है।
(RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)
✨ सही उत्तर: (B) निलंबन
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- निलंबन (Suspension): निलंबन एक प्रकार का विषमांगी मिश्रण होता है जिसमें विलेय पदार्थ के कण घुलते नहीं हैं, बल्कि माध्यम के पूरे आयतन में निलंबित (suspended) रहते हैं या कुछ समय बाद नीचे बैठ जाते हैं (जैसे—पानी में चाक पाउडर या रेत का मिश्रण)।
- प्रमुख विशेषता: निलंबन के कणों का आकार इतना बड़ा होता है कि इन्हें नग्न आँखों से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है और ये प्रकाश की किरण को प्रकीर्णित करते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 27 May 2019 Shift 1 CBT 1) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) संतृप्त विलयन (Saturated Solution): यह वह विलयन है जिसमें एक निश्चित तापमान पर और अधिक विलेय नहीं घोला जा सकता।
- विकल्प (C) असंतृप्त विलयन (Unsaturated Solution): इसमें निश्चित तापमान पर विलेय की मात्रा संतृप्त स्तर से कम होती है और और अधिक विलेय घोला जा सकता है।
- विकल्प (D) कोलाइड (Colloid): कोलाइड में कण सूक्ष्म होते हैं जो स्थायी रूप से पूरे माध्यम में फैले रहते हैं और नीचे नहीं बैठते।
#35. यदि द्रव माध्यम में केवल जल है, तो मिश्रण को ________ कहा जाता है।
(RPF Constable 2018 17 Jan 2019 Shift 1)
✨ सही उत्तर: (D) संपार्श्वक मिश्रण
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- संपार्श्वक मिश्रण (Hydrosol): जब किसी कोलाइडल तंत्र या मिश्रण में परिक्षेपण माध्यम (dispersion medium) के रूप में केवल जल का उपयोग किया जाता है, तो उसे संपार्श्वक मिश्रण कहा जाता है।
- प्रमुख विशेषता: इस शब्दावली का प्रयोग यह निर्दिष्ट करने के लिए किया जाता है कि तरल माध्यम विशुद्ध रूप से जल है, जिसमें अन्य पदार्थ के कण परिक्षिप्त अवस्था में मौजूद होते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RPF Constable : 17 Jan 2019 Shift 1) में सामान्य विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) परजीवी मिश्रण: यह जैविक संबंधों से संबंधित शब्दावली है, रासायनिक मिश्रण के वर्गीकरण से संबंधित नहीं।
- विकल्प (B) गर्भनिरोधक मिश्रण: यह चिकित्सा और स्वास्थ्य विज्ञान से संबंधित शब्द है, भौतिकी या रसायन विज्ञान के माध्यम से इसका कोई संबंध नहीं है।
- विकल्प (C) अत्याधिक मिश्रित: यह कोई मानक वैज्ञानिक या रासायनिक पारिभाषिक शब्द नहीं है।
#36. यदि विलायक की समान मात्रा में अधिक विलेय मिलाया जाए, तो विलयन की सांद्रता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (C) यह अधिक सांद्रित हो जाता है
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विलयन की सांद्रता (Concentration of Solution): किसी निश्चित मात्रा के विलायक में घुले हुए विलेय पदार्थ की मात्रा को विलयन की सांद्रता कहते हैं। जब विलायक की समान मात्रा में अधिक विलेय मिलाया जाता है, तो प्रति इकाई आयतन में विलेय की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे विलयन अधिक सांद्रित (More Concentrated) हो जाता है।
- प्रमुख विशेषता: सांद्रता सीधे तौर पर विलेय की मात्रा के समानुपाती होती है (संतृप्त अवस्था आने तक)।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 19/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) यह निलंबन बन जाता है: विलेय की मात्रा बढ़ाने पर यदि वह पूरी तरह घुल जाता है तो विलयन सांद्र बनता है, तुरंत निलंबन नहीं बनता (निलंबन तब बनता है जब कण अघुलनशील हों)।
- विकल्प (B) यह कम सांद्रित हो जाता है: विलेय की मात्रा बढ़ाने से विलयन की सांद्रता कम नहीं बल्कि बढ़ती है।
- विकल्प (D) यह अपरिवर्तित रहता है: विलेय की मात्रा बदलने पर विलयन की सांद्रता में परिवर्तन होता है, वह अपरिवर्तित नहीं रहती।
#37. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, किसी यौगिक को विलयन से सर्वोत्तम रूप से विभedित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) विलयन के विपरीत, यौगिक का एक निश्चित संघटन और निश्चित गुणधर्म होते हैं।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- यौगिक (Compound) vs विलयन (Solution): एक यौगिक दो या दो से अधिक तत्वों का एक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से संयोजित शुद्ध पदार्थ होता है, जिसके गुण उसके घटक तत्वों से पूरी तरह भिन्न और निश्चित होते हैं। इसके विपरीत, विलयन विभिन्न पदार्थों का एक समांगी मिश्रण होता है, जिसमें घटकों का संगठन निश्चित नहीं होता और वे अपने मूल गुणों को बनाए रखते हैं।
- प्रमुख अंतर: यौगिक एक शुद्ध पदार्थ है जबकि विलयन एक मिश्रण है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 10/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A): यौगिक तत्वों के रासायनिक संयोजन से बनते हैं, मिश्रण से नहीं।
- विकल्प (B): यौगिकों के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा अलग नहीं किया जा सकता (इसके लिए रासायनिक या विद्युत रासायनिक विधियों की आवश्यकता होती है)।
- विकल्प (C): यौगिक ठोस, द्रव या गैस तीनों अवस्थाओं में हो सकते हैं, केवल द्रव होना आवश्यक नहीं है।
#38. 250 mL विलयन में 5 g विलेय घुला हुआ है। विलयन की सांद्रता (द्रव्यमान आयतन %) क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )
✨ सही उत्तर: (A) 2%
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत ($\text{m/v} \%$): विलयन की सांद्रता को मापने की इस विधि का सूत्र विलेय का द्रव्यमान (ग्राम में) बटे विलयन का कुल आयतन (मिलीलीटर में) गुणा 100 होता है।
- गणना:
विलेय का द्रव्यमान = $5\text{ g}$
विलयन का आयतन = $250\text{ mL}$
$\text{द्रव्यमान/आयतन \%} = \left(\frac{5}{250}\right) \times 100 = \frac{500}{250} = \mathbf{2\%}$
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 04/02/2026) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत संख्यात्मक (Numerical) प्रश्न के रूप में पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (B) 5%: यह मान सूत्र के अनुसार गणना करने पर गलत प्राप्त होता है ($5/250 \times 100 = 2\%$)।
- विकल्प (C) 0.2%: यह दशमलव त्रुटि के कारण आया हुआ गलत विकल्प है।
- विकल्प (D) 20%: यह गणना में गलत गुणन या भाग का परिणाम है।
#39. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, यौगिक को विलयन से सर्वोत्तम रूप से अलग करता है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )
✨ सही उत्तर: (D) यौगिक का एक निश्चित संघटन और गुणधर्म होते हैं, जो उसके संघटक तत्वों से भिन्न होते हैं, जबकि विलयन में ऐसा नहीं होता है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- यौगिक (Compound) की विशेषता: एक यौगिक शुद्ध पदार्थ होता है जिसका निर्माण दो या दो से अधिक तत्वों के एक निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से होता है। इसके गुण इसके मूल घटक तत्वों से पूरी तरह भिन्न होते हैं।
- विलयन (Solution) की विशेषता: इसके विपरीत, विलयन विभिन्न पदार्थों का एक समांगी मिश्रण होता है, जिसमें घटकों का संगठन निश्चित नहीं होता और वे अपने व्यक्तिगत (मूल) गुणों को बनाए रखते हैं।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 12/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पदार्थों के वर्गीकरण से संबंधित अवधारणाओं पर आधारित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A): यौगिकों के घटकों को भौतिक विधियों द्वारा अलग नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए रासायनिक या विद्युत रासायनिक विधियों की आवश्यकता होती है।
- विकल्प (B): विलयन मिश्रण होते हैं, वे रासायनिक रूप से नए शुद्ध पदार्थ या यौगिक के रूप में आबंधित नहीं होते।
- विकल्प (C): यौगिक का संगठन निश्चित होता है, परिवर्ती (variable) नहीं; परिवर्ती संगठन मिश्रण/विलयन की विशेषता है।
#40. निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विलयन के आयतन-आयतन प्रतिशत की गणना के लिए प्रयोग किया जाता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1)
प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-सा सूत्र विलयन के आयतन-आयतन प्रतिशत की गणना के लिए प्रयोग किया जाता है?
✨ सही उत्तर: (C) (Volume of solute / Volume of solution) × 100
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- आयतन-आयतन प्रतिशत (v/v %): जब विलेय और विलायक दोनों ही द्रव अवस्था में होते हैं (जैसे—एल्कोहल और पानी का विलयन), तब विलयन की सांद्रता को आयतन-आयतन प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।
- सूत्र:
आयतन-आयतन प्रतिशत = (Volume of solute / Volume of solution) × 100
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB ALP CBT-I : 28 Nov, 2024 Shift 1) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत विलयन की सांद्रता के सूत्रों से संबंधित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) (Mass of solute / Volume of solution) × 100: यह द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत (m/v %) का सूत्र है।
- विकल्प (B) (Mass of solute / Mass of solution) × 100: यह द्रव्यमान/द्रव्यमान प्रतिशत (m/m %) का सूत्र है।
- विकल्प (D) (Volume of solution / Mass of solute) × 100: यह अनुपातिक रूप से गलत सूत्र है।
#41. निम्नलिखित में से कौन-सा विलयन का लक्षण नहीं है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2)
प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-सा विलयन का लक्षण नहीं है?
✨ सही उत्तर: (C) विलय कणों को निस्यंदन की प्रक्रिया द्वारा मिश्रण से अलग किया जा सकता है।
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विलयन के गुण (Properties of a Solution): विलयन एक समांगी मिश्रण होता है। इसके कणों का आकार अत्यंत सूक्ष्म (1 nm से छोटा) होता है, जिसके कारण विलेय कणों को निस्यंदन (Filtration/छानने की प्रक्रिया) द्वारा अलग नहीं किया जा सकता क्योंकि वे फिल्टर पेपर से आसानी से पार निकल जाते हैं। अत: विकल्प (C) विलयन का लक्षण नहीं है, बल्कि यह गलत कथन है।
- प्रमुख विशेषता: विलयन के कण स्थायी होते हैं और इन्हें शांत छोड़ने पर वे नीचे नहीं बैठते।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 2) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत विलयन और उसके गुणों से संबंधित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये विलयन के सही लक्षण हैं, अतः यहाँ उत्तर नहीं हैं):
- विकल्प (A): विलयन वास्तव में एक समांगी मिश्रण होता है, इसलिए यह इसका सही लक्षण है।
- विकल्प (B): छोटे आकार के कारण इसके कण प्रकाश को प्रकीर्णित नहीं करते (टिंडल प्रभाव नहीं दर्शाते), जो कि सत्य कथन है।
- विकल्प (D): विलयन के कणों का आकार व्यास में 1 nm से भी छोटा होता है, जो सही विशेषता है।
#42. जब दो भिन्न प्रकार के पदार्थों के कण, कणों की अंतर्निहित यादृच्छिक गति के कारण यादृच्छिक रूप से मिश्रित होते हैं, तो इस प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )
प्रश्न: जब दो भिन्न प्रकार के पदार्थों के कण, कणों की अंतर्निहित यादृच्छिक गति के कारण यादृच्छिक रूप से मिश्रित होते हैं, तो इस प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
✨ सही उत्तर: (C) विसरण (diffusion)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विसरण (Diffusion): पदार्थों के कणों की अपनी गति (यादृच्छिक या random motion) के कारण एक-दूसरे में स्वतः मिश्रित होने की प्रक्रिया को विसरण कहते हैं। यह प्रक्रिया ठोस, द्रव और गैस तीनों में हो सकती है, लेकिन गैसों और द्रवों में यह बहुत तेजी से होती है।
- प्रमुख विशेषता: विसरण के दौरान पदार्थ के कण उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर गति करते हैं जब तक कि पूरे माध्यम में समान वितरण न हो जाए।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 08/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत पदार्थों के सामान्य गुणों और गतिज ऊर्जा से संबंधित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) निसरण (Effusion): यह वह प्रक्रिया है जिसमें गैस के अणु किसी सूक्ष्म छिद्र से उच्च दाब के क्षेत्र से निम्न दाब के क्षेत्र में बाहर निकलते हैं।
- विकल्प (B) समांगीकरण (Homogenisation): यह किसी मिश्रण या इमल्शन को एकसमान बनाने की तकनीकी प्रक्रिया है, प्राकृतिक विसरण की यादृच्छिक गति नहीं।
- विकल्प (D) अंतर्মিশ্রण (Intermixing): यह एक सामान्य शब्द है, जबकि वैज्ञानिक और भौतिकी/रसायन विज्ञान की मानक परिभाषा ‘विसरण’ (Diffusion) के अंतर्गत आती है।
#43. जब अम्ल धातु कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो ________ बनता/बनते हैं/हैं।
(RRB JE 24 May 2019 Shift 1 CBT 1)
प्रश्न: जब अम्ल धातु कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया करता है, तो ________ बनता/बनते हैं/हैं।
✨ सही उत्तर: (D) विकल्पों में से सभी
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- अम्ल और धातु कार्बोनेट की अभिक्रिया: जब कोई अम्ल किसी धातु कार्बोनेट (या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट) के साथ अभिक्रिया करता है, तो संगत लवण (Salt), कार्बन डाइऑक्साइड गैस ($CO_2$) और जल ($H_2O$) का निर्माण होता है।
- सामान्य समीकरण: $\text{अम्ल} + \text{धातु कार्बोनेट} \rightarrow \text{लवण} + \text{कार्बन डाइऑक्साइड} + \text{जल}$
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE : 24 May 2019 Shift 1 CBT 1) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत अम्ल, क्षारक और लवण (Acids, Bases and Salts) के अध्याय से पूछा गया था।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी इस अभिक्रिया के उत्पाद हैं):
- विकल्प (A) जल: यह इस रासायनिक अभिक्रिया के दौरान बनने वाले उत्पादों में शामिल है।
- विकल्प (B) कार्बन डाइऑक्साइड: यह इस अभिक्रिया में बुलबुले के साथ बाहर निकलने वाली गैस है।
- विकल्प (C) लवण: अम्ल और धातु कार्बोनेट की प्रतिक्रिया से लवण का निर्माण होता है।
#44. साबुन के अणु निर्मलन क्रिया करने के लिए स्वयं को किस रूप में व्यवस्थित करते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )
प्रश्न: साबुन के अणु निर्मलन क्रिया करने के लिए स्वयं को किस रूप में व्यवस्थित करते हैं?
✨ सही उत्तर: (C) मिसेल (Micelles)
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- मिसेल निर्माण (Micelle Formation): जब साबुन को पानी में घोला जाता है, तो इसके अणु एक विशेष प्रकार की संरचना बनाते हैं जिसमें हाइड्रोकार्बन पूँछ (जलविरागी सिरा) अंदर की ओर तेल/मैल की तरफ तथा आयनिक सिरा (जलरागी सिरा) बाहर पानी की ओर होता है। इस गोलाकार संरचना को मिसेल कहा जाता है।
- प्रमुख विशेषता: मिसेल बनने के कारण ही तैलीय मैल पानी में आसानी से परिक्षिप्त (dispersed) हो जाता है और कपड़ों से बाहर निकल जाता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 21/12/2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत कार्बन के यौगिक तथा साबुन की सफाई प्रक्रिया से संबंधित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) कोलाइड (Colloid): यह एक व्यापक अवस्था है, जबकि साबुन के अणु निर्मलन के लिए विशेष रूप से ‘मिसेल’ के रूप में गोलाकार संरचना बनाते हैं।
- विकल्प (B) क्रिस्टल (Crystal): क्रिस्टल ठोस पदार्थों की नियमित ज्यामितीय संरचना होती है।
- विकल्प (D) अवक्षेप (Precipitation): अवक्षेप रासायनिक अभिक्रिया में नीचे बैठने वाला अघुलनशील ठोस पदार्थ है।
#45. निम्नलिखित में से कौन सा विषमांगी मिश्रण का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
(RRB JE CBT 2 Electronics Engineering ReExam : 04 Jun, 2025)
प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन सा विषमांगी मिश्रण का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
✨ सही उत्तर: (C) मिश्रण में संरचना पूरे में भिन्न होती है
💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
- विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous Mixture): विषमांगी मिश्रण वह मिश्रण होता है जिसमें इसकी संरचना (Composition) पूरे भाग में एकसमान नहीं होती है, बल्कि इसके घटक अलग-अलग दिखाई देते हैं और भौतिक रूप से भिन्न भागों या प्रावस्थाओं (Phases) में बंटे होते हैं (जैसे—तेल और पानी का मिश्रण, या रेत और नमक का मिश्रण)।
- प्रमुख विशेषता: इसके घटकों को आसानी से नग्न आँखों या भौतिक विधियों द्वारा अलग किया जा सकता है।
- परीक्षा संदर्भ: यह प्रश्न (RRB JE CBT 2 Electronics Engineering ReExam : 04 Jun, 2025) में रसायन विज्ञान के अंतर्गत मिश्रण के वर्गीकरण से संबंधित है।
🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही क्यों नहीं हैं?):
- विकल्प (A) इसकी एक समान संरचना है: एकसमान (Uniform) संरचना समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) की विशेषता होती है।
- विकल्प (B) घटकों को अलग नहीं किया जा सकता है: विषमांगी मिश्रण के घटकों को भौतिक विधियों (जैसे छानना, बीनना आदि) द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है।
- विकल्प (D) इसमें केवल एक ही प्रावस्था है: एक ही प्रावस्था (Single phase) समांगी मिश्रण में होती है, जबकि विषमांगी मिश्रण में एक से अधिक प्रावस्थाएँ होती हैं।
#46. एका परिसंस्थेत एका पोषण पातळीपासून दुसर्या पोषण पातळीवर अंदाजे किती टक्के ऊर्जा स्थानांतरित केली जाते?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )
प्रश्न: एका परिसंस्थेत एका पोषण पातळीपासून दुसर्या पोषण पातळीवर अंदाजे किती टक्के ऊर्जा स्थानांतरित केली जाते?
✨ योग्य उत्तर: (C) 10%
💡 सविस्तर नोट्स (Detailed Notes):
- ऊर्जेचा १०% नियम (10% Law of Energy): लिनडमान (Lindeman) या शास्त्रज्ञाने १९४२ मध्ये हा नियम मांडला. यानुसार, परिसंस्थेत एका पोषण पातळीवरून (Trophic level) पुढील पोषण पातळीवर जाताना केवळ अंदाजे १०% ऊर्जा पुढील स्तरावर पोहोचते, तर उर्वरित ९०% ऊर्जा उष्णतेच्या स्वरूपात वातावरणात नष्ट होते किंवा पचन व श्वसनात वापरली जाते.
- महत्त्वाची वैशिष्ट्ये: यामुळेच अन्नसाखळीतील पोषण पातळ्यांची संख्या मर्यादित (सामान्यतः ४ ते ५) असते, कारण उच्च स्तरावरील प्राण्यांना मिळणारी ऊर्जा खूप कमी होते.
- परीक्षा संदर्भ: हा प्रश्न (RRB Level 01 Stage I : 03/12/2025) पर्यावरण विज्ञान आणि परिसंस्था (Ecosystem) या घटकांतर्गत विचारला गेला होता.
🔍 इतर पयार्यांचे विश्लेषण (हे योग्य का नाहीत?):
- पर्याय (A) 1%: वनस्पती सौरऊर्जेपैकी अंदाजे १% ऊर्जा अन्नात रूपांतरित करतात, पण पोषण पातळीवरील स्थानांतरण १०% असते.
- पर्याय (B) 90%: ९०% ऊर्जा प्रत्येक पातळीवर नष्ट (वापरली) होते, पुढील पातळीवर स्थानांतरित होत नाही.
- पर्याय (D) 50%: हा पर्याय ऊर्जा स्थानांतरणाच्या नियमाशी सुसंगत नाही.
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