मानव प्रजनन PYQ

 

Results

#1. निम्नलिखित में से कौन परागण की विधि नहीं है?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: अलैंगिक परागण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परागण (Pollination): यह वह प्रक्रिया है जिसमें परागकोश से परागकण निकलकर पुष्प के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं। यह पूरी तरह से एक लैंगिक जनन (Sexual reproduction) से जुड़ी प्रक्रिया है।
  • ‘अलैंगिक परागण’ नाम का कोई भी शब्द या विधि जीव विज्ञान में अस्तित्व में नहीं है, क्योंकि परागण हमेशा युग्मकों के स्थानांतरण से जुड़ा होता है। अतः यह विकल्प गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो परागण की वैध विधियां हैं):
  • विकल्प 1 (स्व-परागण / Self-pollination): जब परागकण उसी पुष्प या उसी पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं।
  • विकल्प 2 (वायु परागण / Anemophily): जब हवा के माध्यम से परागकण एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होते हैं (जैसे मक्का और घास में)।
  • विकल्प 3 (जल परागण / Hydrophily): जब जल के माध्यम से परागकणों का स्थानांतरण होता है (मुख्यतः जलीय पौधों में जैसे वैलिसनेरिया)।

#2. अलैंगिक जनन की निम्नलिखित में से किस विधि में, कटे हुए या खंडित शरीर के अंग से एक नया जीव विकसित हो जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )

सही उत्तर: विखंडन (Fragmentation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विखंडन (Fragmentation): सरल बहुकोशिकीय जीवों में (जैसे स्पाइरोगायरा / Spirogyra), शरीर साधारण रूप से परिपक्व होने पर छोटे-छोटे टुकड़ों या खंडों में टूट जाता है। इसके बाद प्रत्येक कटा हुआ या खंडित शरीर का अंग वृद्धि करके एक नए स्वतंत्र जीव में विकसित हो जाता है।
  • यह अलैंगिक प्रजनन की एक बहुत ही सामान्य विधि है जिसमें जीवों के शरीर के टुकड़े नए जीव का निर्माण करते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (बीजाणु निर्माण / Spore formation): इसमें सूक्ष्म, गोल संरचनाएं (बीजाणु) बनती हैं जो अनुकूल परिस्थितियों में नए जीव को जन्म देती हैं, शरीर के अंगों का टूटना इसमें शामिल नहीं है।
  • विकल्प 2 (द्वि-खंडन / Binary fission): यह एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा) में होता है जहाँ एक कोशिका समान रूप से दो भागों में विभाजित हो जाती है।
  • विकल्प 4 (मुकुलन / Budding): इसमें जनक शरीर पर एक छोटा उभार या कली (Bud) बनती है जो बाद में अलग होकर नया जीव बनती है (जैसे हाइड्रा और यीस्ट)।

#3. जीव की प्रजातियों की आबादी की स्थिरता के लिए उत्तरदायी प्रक्रिया का चयन करें
。(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: प्रजनन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रजनन (Reproduction): यह वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने जैसी नई संतति (offspring) उत्पन्न करते हैं।
  • किसी भी जीव की प्रजाति (Species) की आबादी या निरंतरता को पृथ्वी पर बनाए रखने और उसे विलुप्त होने से बचाने के लिए प्रजनन सबसे मुख्य और उत्तरदायी प्रक्रिया है। जीवों की मृत्यु के कारण कम होने वाली संख्या की भरपाई प्रजनन द्वारा ही नए जीवों के जन्म से पूरी होती है, जिससे प्रजाति की स्थिरता बनी रहती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (उत्परिवर्तन / Mutation): यह DNA में होने वाला अचानक परिवर्तन है, जो विविधता लाने में मदद करता है, लेकिन यह सीधे तौर पर आबादी की स्थिरता का प्राथमिक कारण नहीं है।
  • विकल्प 3 (विकास / Evolution): यह लंबी अवधि में होने वाला क्रमिक परिवर्तन है जो नई प्रजातियों के उद्भव का कारण बनता है।
  • विकल्प 4 (भिन्नता / Variation): यह जीवों के बीच पाए जाने वाले अंतर को दर्शाता है, जो पर्यावरण में अनुकूलन के लिए आवश्यक है, परंतु प्रजाति की मूल आबादी को स्थिरता प्रदान करने का प्रत्यक्ष कार्य प्रजनन का है।

#4. निषेचन के बाद पुष्प का कौन-सा भाग सामान्यतः सिकुड़ कर गिर जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )

सही उत्तर: दल, बाह्य दल, पुंकेसर, वर्तिका और वर्तिकाग्र

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निषेचन के पश्चात परिवर्तन (Post-Fertilization Changes): पुष्पी पादपों में जब निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो पौधे को पुष्प के उन अंगों की अब आवश्यकता नहीं रहती जो जनन में प्रत्यक्ष रूप से सहायक थे या जिनकी उपयोगिता समाप्त हो चुकी होती है।
  • परिणामस्वरूप, पुष्प के अधिकांश बाहरी और सहायक अंग जैसे दल (Petals/पंखुड़ियां), बाह्य दल (Sepals), पुंकेसर (Stamen/नर जनन अंग), तथा स्त्रीकेसर के ऊपरी भाग (वर्तिका और वर्तिकाग्र) सूखकर सिकुड़ जाते हैं और अंततः झड़कर गिर जाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (भ्रूण और बीजपत्र): ये निषेचन के बाद विकसित होते हैं और परिपक्व होकर नए पौधे को जन्म देने का कार्य करते हैं, इसलिए ये गिरते नहीं बल्कि सुरक्षित रहते हैं।
  • विकल्प 2 (जड़ें और पत्तियाँ): ये पौधे के कायिक अंग हैं जिनका पुष्प के निषेचन से सीधा संबंध नहीं होता है।
  • विकल्प 4 (बीजांड और अंडाशय): निषेचन के बाद बीजांड विकसित होकर ‘बीज’ और अंडाशय विकसित होकर ‘फल’ में बदल जाता है, इसलिए ये गिरते नहीं हैं।

#5. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य, अपरा द्वारा नहीं किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 )

सही उत्तर: प्रसव शुरू करने के लिए ऑक्सीटोसिन का स्राव करना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपरा (Placenta / प्लेसेंटा): यह गर्भवती महिला और भ्रूण के बीच पाया जाने वाला एक विशेष ऊतक (Tissue) डिस्क जैसी संरचना होती है, जो गर्भधारण के दौरान महत्वपूर्ण कार्य करती है।
  • प्रसव (Childbirth/Labour) के समय गर्भाशय की पेशियों में संकुचन पैदा करने वाला हार्मोन ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) मुख्य रूप से मस्तिष्क की पियूष ग्रंथि (Pituitary gland – विशेषकर पश्च पियूष ग्रंथि) द्वारा स्रावित होता है, न कि अपरा (Placenta) द्वारा। अतः यह कथन अपरा के कार्य के संबंध में गलत है और यही सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो अपरा द्वारा किए जाते हैं):
  • विकल्प 1 (हार्मोन का उत्पादन): अपरा गर्भधारण को बनाए रखने के लिए प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन जैसे कई महत्वपूर्ण हॉर्मोन्स का स्राव करता है।
  • विकल्प 3 (अपशिष्ट पदार्थों को हटाना): यह भ्रूण के रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थों को माँ के रक्त में स्थानांतरित करता है ताकि उन्हें शरीर से बाहर निकाला जा सके।
  • विकल्प 4 (ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का संचार): यह माँ के शरीर से ग्लूकोज, ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों को भ्रूण तक पहुँचाने का मुख्य माध्यम है।



#6. वह प्रक्रिया, जिसके द्वारा विकासशील भ्रूण गर्भाशय की अस्तर से जुड़ जाता है, क्या कहलाती है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )

सही उत्तर: आरोपण (Implantation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आरोपण (Implantation): जब फैलोपियन ट्यूब में नर और मादा युग्मक के मिलने से निषेचन (Fertilization) होता है, तो युग्मनज (Zygote) विभाजित होकर भ्रूण (Embryo) में बदल जाता है और गर्भाशय की ओर बढ़ता है।
  • इस विकासशील भ्रूण का गर्भाशय की मोटी और रक्त से समृद्ध आंतरिक दीवार (अस्तर / Endometrium) से चिपकने या धँसने की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को आरोपण कहा जाता है। इसके सफल होने के बाद ही गर्भावस्था (Pregnancy) की विधिवत शुरुआत होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (गर्भपात / Abortion): यह पहले से स्थापित गर्भ को समाप्त करने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प 3 (भ्रूणोद्भव / Embryogenesis): यह युग्मनज से भ्रूण के विकास और उसके अंगों के बनने की संपूर्ण जैविक प्रक्रिया है।
  • विकल्प 4 (निषेचन / Fertilisation): यह शुक्राणु और अंडाणु के संलयन (मिलने) की वह पहली प्रक्रिया है जिसके फलस्वरूप युग्मनज का निर्माण होता है।

#7. निम्नलिखित में से कौन-सी गर्भ नियंत्रण विधि, हार्मोनल असंतुलन और संभवतः स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकती है?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

सही उत्तर: मुखी गर्भनिरोधक गोलियां (Oral contraceptive pills)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मुखी गर्भनिरोधक गोलियां (Oral Contraceptive Pills): इन गोलियों में कृत्रिम रूप से संश्लेषित हार्मोन्स (जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन) होते हैं, जो शरीर के प्राकृतिक हार्मोनल संतुलन को बदलकर अंडोत्सर्ग (Ovulation) को रोकते हैं।
  • चूँकि ये सीधे तौर पर हॉर्मोन्स के स्तर में कृत्रिम बदलाव करती हैं, इसलिए इनके अत्यधिक या बिना चिकित्सीय सलाह के उपयोग से शरीर में हार्मोनल असंतुलन (Hormonal imbalance) और वजन बढ़ना, सिरदर्द, मिजाज में बदलाव जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (कॉपर-टी / Copper-T): यह एक अंतर्गर्भाशयी युक्ति (IUD) है जो तांबे के आयनों का उपयोग करती है। यह स्थानीय स्तर पर शुक्राणुओं की गतिशीलता को रोकती है और इससे शरीर का हार्मोनल संतुलन प्रभावित नहीं होता है।
  • विकल्प 2 (कंडोम / Condoms): यह एक भौतिक अवरोधक (Barrier method) है। यह पूरी तरह से हॉर्मोन-मुक्त (Hormone-free) विधि है, जिससे कोई हार्मोनल असंतुलन नहीं होता।
  • विकल्प 3 (डिम्बवाहिनी उच्छेद / Tubectomy): यह महिलाओं में की जाने वाली एक स्थायी शल्यक्रिया (Sterilization/नसबंदी) है, जिसमें फैलोपियन ट्यूब को बांध या काट दिया जाता है। यह भी शरीर के हॉर्मोन्स को प्रभावित नहीं करती है।

#8. पौधों में परागण बीज निर्माण में किस प्रकार योगदान देता है?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

सही उत्तर: परागकोश से वर्तिकाग्र तक पराग स्थानांतरित करके, निषेचन को सक्षम बनाकर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परागण की भूमिका (Role of Pollination): परागण वह आवश्यक प्रक्रिया है जिसमें नर जनन अंग (परागकोश) से परागकण निकलकर मादा जनन अंग (वर्तिकाग्र) तक पहुँचते हैं।
  • यह स्थानांतरण होने के बाद ही परागनलिका का विकास होता है और नर युग्मक बीजांड तक पहुँचकर निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया को पूरा कर पाते हैं। निषेचन के बिना बीज और फल का निर्माण असंभव है, इसलिए परागण बीज निर्माण की प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (मकरंद का उत्पादन): मकरंद (Nectar) पुष्प द्वारा कीटों को आकर्षित करने का माध्यम है, लेकिन यह स्वयं परागण या बीज निर्माण की मुख्य क्रिया नहीं है।
  • विकल्प 2 (बीजों को नए स्थानों पर फैलाकर): बीजों को नए स्थानों पर फैलाना ‘बीज परिक्षेपण’ (Seed Dispersal) कहलाता है, परागण नहीं।
  • विकल्प 4 (बीजांड के चारों ओर आवरण बनाना): बीज आवरण (Seed coat) का निर्माण निषेचन के बाद बीजांड के अध्यावरण (Integuments) से होता है, परागण से नहीं।

#9. पुनर्जनन ( regeneration) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )

सही उत्तर (गलत कथन): कुत्ते खोए हुए शरीर के अंगों को पुनः विकसित कर सकते हैं और पूरी तरह से नए जीव का निर्माण कर सकते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पुनर्जनन (Regeneration): कुत्ते जैसे जटिल स्तनधारी (Mammals) जंतुओं में खोए हुए अंगों (जैसे पूरा शरीर या नया जीव) को पुनः विकसित करने की क्षमता नहीं होती है। जटिल जीवों में पुनर्जनन की क्षमता केवल घाव भरने या ऊतकों की मरम्मत (Tissue repair) तक ही सीमित होती है। अतः दूसरा कथन पूरी तरह से गलत है, और चूँकि प्रश्न में गलत कथन ही पूछा गया है, यही सही विकल्प है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो सही कथन हैं):
  • विकल्प 1: जटिल जंतुओं में शारीरिक संगठन अत्यधिक जटिल होता है, इसलिए उनमें पुनर्जनन केवल ऊतकों की मरम्मत तक सीमित होता है (यह कथन सही है)।
  • विकल्प 3: स्पाइरोगायरा जैसे सरल बहुकोशिकीय जीवों में शरीर के टुकड़े होने पर खंडन (Fragmentation) की प्रक्रिया होती है (यह कथन सही है)।
  • विकल्प 4: पुनर्जनन की प्रक्रिया में विशेष प्रकार की कोशिकाएं भाग लेती हैं जो बार-बार विभाजित होकर नए अंगों का निर्माण करती हैं (यह कथन भी सही है)।

#10. जंतुओं में लैंगिक प्रजनन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )

सही उत्तर: लैंगिक प्रजनन में नर और मादा युग्मकों का संलयन शामिल होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction in Animals): जंतुओं में लैंगिक जनन की यह सबसे प्रमुख विशेषता है कि इसमें दो अलग-अलग जनकों (नर और मादा) द्वारा विशेष युग्मकों—नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु)—का निर्माण होता है।
  • इन दोनों युग्मकों के आपस में मिलने की प्रक्रिया को संलयन या निषेचन (Fusion / Fertilization) कहते हैं, जिसके फलस्वरूप युग्मनज (Zygote) का निर्माण होता है और अंततः एक नए जीव का विकास होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (निषेचन सदैव मादा शरीर के बाहर होता है): यह कथन गलत है। कई जंतुओं (जैसे पक्षी, स्तनधारी और मनुष्य) में निषेचन मादा शरीर के अंदर (Internal fertilization) होता है, जबकि कुछ जंतुओं (जैसे मछली और उभयचर) में यह बाहर (External fertilization) होता है।
  • विकल्प 2 (केवल एक जनक शामिल होता है…): यह विशेषता अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction) की है, लैंगिक प्रजनन की नहीं। लैंगिक प्रजनन में दो जनकों की आवश्यकता होती है और इससे आनुवंशिक विविधता वाली संतति उत्पन्न होती है।
  • विकल्प 3 (सभी जंतु अपने पूरे जीवनकाल में…): यह गलत है क्योंकि जंतु अपने जन्म के तुरंत बाद या जीवन के शुरुआती चरण (बचपन/किशोरावस्था से पहले) में प्रजनन नहीं कर सकते हैं; प्रजनन क्षमता एक निश्चित आयु (यौवनारंभ) के बाद ही शुरू होती है।



#11. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प लैंगिक जनन की घटनाओं के सही क्रम को निरूपित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

सही उत्तर: निषेचन → युग्मनज → भ्रूण → गर्भ

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैंगिक जनन की घटनाओं का सही क्रम:
    1. निषेचन (Fertilization): यह सबसे पहली प्रक्रिया है जिसमें नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) का संलयन होता है।
    2. युग्मनज (Zygote): निषेचन के ठीक परिणामस्वरुप पहली एकल-कोशकीय संरचना यानी ‘युग्मनज’ का निर्माण होता है।
    3. भ्रूण (Embryo): युग्मनज में बार-बार समसूत्री विभाजन होने से यह बहुकोशकीय ‘भ्रूण’ में विकसित होता है जो गर्भाशय में आरोपित होता है।
    4. गर्भ (Foetus): भ्रूण के विकास की वह उन्नत अवस्था जिसमें शरीर के सभी मुख्य अंग स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकने लगते हैं, उसे ‘गर्भ’ कहा जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • अन्य सभी विकल्पों में चरणों का क्रम उलट-पुलट दिया गया है (जैसे भ्रूण या गर्भ को निषेचन से पहले रख दिया गया है), जो जैविक रूप से पूरी तरह असंभव और गलत है।

#12. अमीबा जैसे जीवों में प्रजनन की अलैंगिक विधि निम्नलिखित में से कौन-सी है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

सही उत्तर: द्वि-खंडन (Binary fission)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्वि-खंडन (Binary Fission): अमीबा जैसे एककोशिकीय जीवों (Unicellular organisms) में अलैंगिक प्रजनन की यह सबसे सामान्य और प्रमुख विधि है।
  • इस प्रक्रिया के दौरान, परिपक्व होने पर अमीबा का केंद्रक (Nucleus) पहले दो भागों में विभाजित होता है, और इसके बाद उसका कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) भी दो हिस्सों में बँट जाता है। अंततः एक अकेली कोशिका विभाजित होकर दो समान संतति कोशिकाओं (Daughter cells) का निर्माण करती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (बीजाणु निर्माण / Spore formation): यह राइजोपस जैसे कवकों में पाई जाने वाली विधि है।
  • विकल्प 3 (विखंडन / Fragmentation): यह सरल बहुकोशिकीय जीवों (जैसे स्पाइरोगायरा) में होता है जहाँ शरीर के टुकड़े नए जीव बनाते हैं।
  • विकल्प 4 (मुकुलन / Budding): यह हाइड्रा और यीस्ट में पाया जाता है जहाँ शरीर पर एक छोटा उभार (कली) बनता है।

#13. निषेचन के बाद निम्नलिखित में से कौन तेजी से बढ़ता है और फल बनाने के लिए पकता है? इस दौरान, पंखुड़ियों, बाह्यदल, पुंकेसर, वर्तिकाग्र और वर्तिका झुर्रझाकर गिर सकते हैं?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: अंडाशय

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अंडाशय (Ovary): पुष्पी पादपों में निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, फूल का अंडाशय तेजी से वृद्धि करता है और परिपक्व होकर फल (Fruit) का निर्माण करता है।
  • इसी दौरान बीजांड विकसित होकर बीज में बदल जाते हैं, जबकि पौधे को जिनकी अब आवश्यकता नहीं रहती—जैसे पंखुड़ियां, बाह्यदल, पुंकेसर, वर्तिका और वर्तिकाग्र—वे मुरझाकर झड़ जाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (बीजाण्ड / Ovule): बीजांड निषेचन के बाद विकसित होकर ‘बीज’ (Seed) बनाता है, पूरा फल नहीं।
  • विकल्प 2 (जायांग / Gynoecium): यह स्त्रीकेसरों का सामूहिक समूह है, और विशेष रूप से फल का निर्माण करने वाला भाग इसके अंतर्गत आने वाला ‘अंडाशय’ होता है।
  • विकल्प 4 (स्त्रीकेसर / Pistil): यह मादा जनन अंग है जिसके विभिन्न भागों (वर्तिकाग्र, वर्तिका और अंडाशय) में से केवल निचला भाग यानी अंडाशय ही फल में परिवर्तित होता है।

#14. वृषण ( Testes), उदर गुहा के भीतर होने के स्थान पर बाह्य रूप से क्यों स्थित होते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 )

सही उत्तर: शुक्राणु निर्माण के लिए निम्न ताप बनाए रखने के लिए

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वृषण (Testes): नर जनन अंग (वृषण) शरीर की उदर गुहा (Abdominal cavity) के बाहर एक थैलीनुमा संरचना में स्थित होते हैं, जिसे वृषण कोष (Scrotum) कहा जाता है।
  • शुक्राणुओं के सफल निर्माण (Spermatogenesis) के लिए शरीर के सामान्य आंतरिक तापमान की तुलना में 2°C से 2.5°C कम तापमान की आवश्यकता होती है। शरीर से बाहर स्थित होने के कारण वृषण का तापमान शरीर के आंतरिक तापमान से थोड़ा कम रहता है, जो शुक्राणु उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को नियमित करना): टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन वृषण की अंतरालीय कोशिकाओं (Leydig cells) द्वारा होता है, लेकिन इसका मुख्य कारण तापमान नियंत्रण से जुड़ा है, न कि केवल हार्मोन नियमन।
  • विकल्प 3 (शुक्राणु परिवहन): शुक्राणुओं का परिवहन मुख्य रूप से शुक्रवाहिकाओं (Vas deferens) और मूत्रमार्ग द्वारा होता है, इसका वृषण के शरीर से बाहर होने से सीधा संबंध नहीं है।
  • विकल्प 4 (मूत्र और शुक्राणुओं के लिए सामान्य मार्ग): पुरुषों में मूत्रमार्ग (Urethra) ही मूत्र और शुक्राणु दोनों के लिए एक साझा मार्ग होता है, और यह स्थिति वृषण के बाहरी स्थिति से निर्धारित नहीं होती।

#15. मानव में, निम्नलिखित में से कौन विकसित भ्रूण को अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकालने में सहायता करता है?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: प्लेसेंटा (अपरा)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्लेसेंटा या अपरा (Placenta): यह गर्भवती महिला के गर्भाशय में विकसित होने वाली एक विशेष तश्तरीनुमा संरचना (Disc-like tissue) है, जो माँ के ऊतकों और भ्रूण के बीच की मुख्य कड़ी होती है।
  • यह विकसित हो रहे भ्रूण को माँ के शरीर से ऑक्सीजन और आवश्यक पोषक तत्व पहुँचाने के साथ-साथ, भ्रूण के रक्त में बनने वाले कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकालने (माँ के रक्त में स्थानांतरित करने) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (अंडवाहिनी / Fallopian tube): यह वह नली है जहाँ अंडाणु और शुक्राणु का निषेचन होता है, और शुरुआती भ्रूण यहाँ से गर्भाशय में आता है। यह अपशिष्ट हटाने का कार्य नहीं करती।
  • विकल्प 3 (अंडाशय / Ovary): यह मादा जनन अंग है जो अंड कोशिकाओं (अंडाणु) और हार्मोन का निर्माण करता है।
  • विकल्प 4 (ग्रीवा / Cervix): यह गर्भाशय का निचला सँकरा द्वार (Opening) है जो योनि में खुलता है, और प्रसव के दौरान इसका विस्तार होता है।



#16. परिवार नियोजन में कॉपर- T जैसे उपकरणों का उपयोग करने का उद्देश्य क्या है?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: निषेचित अंडे को गर्भाशय में आरोपण करने से रोकना *(नोट: हालांकि कॉपर-टी का मुख्य प्रभाव शुक्राणुओं की गतिशीलता और फलन क्षमता को नष्ट करना भी है, किंतु आरआरबी (RRB) की आधिकारिक उत्तर कुंजी के अनुसार इस विशिष्ट प्रश्न का सबसे सटीक और प्रमाणित बहुविकल्पीय उत्तर यही माना गया है।)*

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कॉपर-टी (Copper-T / IUD): यह गर्भाशय के अंदर स्थापित की जाने वाली एक अंतर्गर्भाशयी युक्ति (Intrauterine Device) है।
  • यह तांबे के आयनों (Copper ions) को मुक्त करती है, जिससे शुक्राणुओं की गतिशीलता और उनकी निषेचन क्षमता कम हो जाती है। इसके साथ ही, यह गर्भाशय के वातावरण को इस प्रकार बदल देती है कि यदि निषेचन हो भी जाए, तो भ्रूण का गर्भाशय की दीवार पर सफल आरोपण (Implantation) नहीं हो पाता है, जिससे गर्भधारण रुक जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (भौतिक अवरोध): भौतिक अवरोध के रूप में कंडोम (Condoms) या डायफ्राम कार्य करते हैं, कॉपर-टी नहीं।
  • विकल्प 2 (हार्मोनल स्तर बदलना): कॉपर-टी एक हॉर्मोन-मुक्त (Hormone-free) युक्ति है, यह महिलाओं के शरीर में हार्मोनल स्तर को नहीं बदलती है (हार्मोनल परिवर्तन मौखिक गोलियों द्वारा होता है)।
  • विकल्प 4 (पुरुषों में शुक्राणु का स्थानांतरण रोकना): यह पुरुषों की नसबंदी (Vasectomy) का कार्य है, जबकि कॉपर-टी महिलाओं में उपयोग की जाती है।

#17. सही कथन का चयन करें
。(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: पराग परागकणों का पुंकेसर से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परागण (Pollination): यह पुष्पी पादपों में होने वाली एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत पुष्प के नर जनन अंग यानी पुंकेसर के परागकोश से परागकण (Pollen grains) निकलकर उसी पुष्प या उसी प्रजाति के अन्य पुष्प के मादा जनन अंग यानी स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र (Stigma) तक स्थानांतरित होते हैं।
  • यह प्रक्रिया निषेचन और बीज निर्माण के लिए प्राथमिक चरण का कार्य करती है। अतः पहला कथन पूरी तरह से सही है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (बीजांड में पराग नलिका का विकास): यह परागण के बाद होने वाली निषेचन से जुड़ी प्रक्रिया है, न कि स्वयं परागण।
  • विकल्प 3 (कीटों का पुष्प पर आगमन): कीटों का पुष्प पर आना परागण का केवल एक माध्यम (प्रकीर्णन कारक/Agent) हो सकता है, लेकिन यह परागण की परिभाषा नहीं है।
  • विकल्प 4 (परागकणों का अंकुरण): परागकणों का अंकुरण वर्तिकाग्र पर पहुँचने के बाद शुरू होता है, जो परागण की क्रिया पूरी होने के पश्चात की घटना है।

#18. पौधों में, निषेचन के बाद, बीजांड विकसित होकर निम्नलिखित में से क्या बनता है?
(RRB Level 01 Stage I 06/02/2026 )

सही उत्तर: बीज

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बीजांड का विकास (Development of Ovule): पुष्पी पादपों में जब नर और मादा युग्मकों का निषेचन (Fertilization) संपन्न हो जाता है, तो अंडाशय के भीतर स्थित बीजांड (Ovule) में तेजी से विभाजन और विकास होता है।
  • निषेचन के पश्चात यह बीजांड कठोर आवरण धारण कर लेता है और विकसित होकर बीज (Seed) में बदल जाता है, जिसके भीतर भावी पौधा (भ्रूण) सुरक्षित रहता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (भ्रूण / Embryo): निषेचन के बाद युग्मनज (Zygote) विकसित होकर भ्रूण का निर्माण करता है, संपूर्ण बीजांड का परिवर्तन बीज में होता है।
  • विकल्प 3 (भ्रूणपोष / Endosperm): यह त्रि-सलयन (Triple fusion) के परिणामस्वरूप बनता है जो विकसित हो रहे भ्रूण को पोषण प्रदान करता है।
  • विकल्प 4 (फल / Fruit): निषेचन के बाद पूरा का पूरा अंडाशय (Ovary) विकसित होकर फल बनता है, जबकि उसके भीतर के बीजांड बीज बनते हैं।

#19. हाइड्रा में मुकुलन को सर्वोत्तम रूप से ________ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

सही उत्तर: अलैंगिक प्रजनन (asexual reproduction)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मुकुलन (Budding): हाइड्रा जैसे जीवों में मुकुलन अलैंगिक जनन (Asexual reproduction) की एक प्रमुख विधि है। इसमें युग्मकों (नर और मादा अंडाणु/शुक्राणु) के संलयन की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
  • इसमें केवल एक ही जनक (Single parent) के शरीर की कोशिकाएं विभाजित होकर एक छोटा उभार या कली (Bud) बनाती हैं, जो बाद में विकसित होकर नए स्वतंत्र जीव का रूप ले लेती है। चूँकि इसमें एक ही जनक भाग लेता है, इसलिए इसे अलैंगिक प्रजनन के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (खंडन / Fragmentation): यह स्पाइरोगायरा जैसे सरल जीवों में होता है जहाँ शरीर के टुकड़े नए जीव बनाते हैं।
  • विकल्प 2 (लैंगिक प्रजनन / Sexual reproduction): इसमें नर और मादा दोनों जनकों तथा युग्मकों के निषेचन की आवश्यकता होती है, जो हाइड्रा के मुकुलन में नहीं होता।
  • विकल्प 3 (विखंडन / Fission): यह अमीबा जैसे एककोशिकीय जीवों में कोशिका के दो भागों में बँटने की प्रक्रिया है।

#20. परिपक्व होने पर, एक जीव छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है, जो नए जीवों में विकसित होते हैं। इस प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

सही उत्तर: खंडन (Fragmentation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • खंडन (Fragmentation): यह अलैंगिक जनन की एक ऐसी विधि है जिसमें सरल बहुकोशिकीय जीव (जैसे स्पाइरोगायरा) परिपक्व होने पर स्वतः या किसी कारण से छोटे-छोटे टुकड़ों (खंडों) में टूट जाते हैं।
  • इसके बाद प्रत्येक टूटा हुआ टुकड़ा (खंड) वृद्धि करके एक नए, स्वतंत्र जीव में विकसित हो जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (संलयन / Fusion): यह नर और मादा युग्मकों के आपस में मिलने (जैसे निषेचन) की प्रक्रिया है।
  • विकल्प 2 (मुकुलन / Budding): इसमें जनक शरीर पर एक उभार या कली (Bud) बनती है जो बाद में अलग होकर नया जीव बनती है (जैसे हाइड्रा)।
  • विकल्प 4 (विखंडन / Fission): यह एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा) में कोशिका का दो या अधिक भागों में बँटना है।



#21. निम्नलिखित में से क्या, नर मानव जनन तंत्र का हिस्सा है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

सही उत्तर: पुरुष ग्रंथि (Male gland / जैसे प्रोस्टेट ग्रंथि)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नर मानव जनन तंत्र (Male Reproductive System): इसके प्रमुख अंगों में वृषण (Testes), शुक्रवाहिका (Vas deferens), मूत्रमार्ग (Urethra), शिश्न (Penis) तथा सहायक पुरुष ग्रंथियां (Male accessory glands जैसे प्रोस्टेट ग्रंथि, शुक्राशय और काउपर ग्रंथि) शामिल होती हैं। ये ग्रंथियाँ शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करने और उनके परिवहन के लिए द्रव (वीर्य) का स्राव करती हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो मादा जनन तंत्र के भाग हैं):
  • विकल्प 2 (डिंबवाहिनी नली / Fallopian tube): यह महिलाओं में पाई जाने वाली नली है जहाँ निषेचन होता है।
  • विकल्प 3 (योनि / Vagina): यह मादा जनन तंत्र का एक मुख्य अंग है।
  • विकल्प 4 (गर्भाशय / Uterus): यह भी महिलाओं में भ्रूण के विकास से जुड़ा मादा जनन अंग है।

#22. पुष्पीय पौधों के प्रजनन में निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )

सही उत्तर: परागण → निषेचन → भ्रूण → अंकुर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पुष्पीय पौधों में प्रजनन का सही क्रम:
    1. परागण (Pollination): सबसे पहले नर जनन अंग से परागकण उड़कर या किसी माध्यम से मादा जनन अंग (वर्तिकाग्र) तक पहुँचते हैं।
    2. निषेचन (Fertilization): वर्तिकाग्र पर पहुँचने के बाद परागकण से नली बनती है और नर युग्मक बीजांड में मौजूद मादा युग्मक से संलयित (निषेचन) होता है।
    3. भ्रूण (Embryo): निषेचन के परिणामस्वरुप युग्मनज बनता है जो विकसित होकर बीज के भीतर ‘भ्रूण’ का निर्माण करता है।
    4. अंकुर (Seedling/Sprout): जब अनुकूल परिस्थितियाँ मिलती हैं, तो बीज से ‘अंकुर’ (नया पौधा) बाहर निकलता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • अन्य सभी विकल्पों में चरणों का तार्किक और जैविक क्रम गलत दिया गया है (जैसे निषेचन या भ्रूण को परागण से पहले रख दिया गया है, जो असंभव है)।

#23. मादा जनन तंत्र के किस भाग में अंड, शुक्राणु द्वारा निषेचित होता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

सही उत्तर: डिंबवाहिनी नली (Fallopian tube) / फेलोपियन ट्यूब

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • डिंबवाहिनी नली (Fallopian Tube): मादा मानव जनन तंत्र में यह वह मुख्य नली है जहाँ अंडाशय से निकलने वाला अंडाणु (Ovum) और शुक्राणु (Sperm) आपस में मिलते हैं।
  • नर और मादा युग्मकों के संलयन यानी निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया इसी फेलोपियन ट्यूब (विशेष रूप से इसके एम्पुल्ला भाग) में संपन्न होती है, जिसके बाद युग्मनज (Zygote) बनता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (योनि / Vagina): यह वह मार्ग है जिसके माध्यम से शुक्राणु शरीर में प्रवेश करते हैं, लेकिन निषेचन यहाँ नहीं होता।
  • विकल्प 2 (गर्भाशय / Uterus): यह वह स्थान है जहाँ निषेचन के बाद विकसित होने वाला भ्रूण आरोपित (Implant) होता है और आगे का गर्भकाल पूरा होता है।
  • विकल्प 4 (अंडाशय / Ovary): यह अंडाणु (अंड) को उत्पन्न करने वाली ग्रंथि है, निषेचन स्थल नहीं।

#24. पराग को पुंकेसर से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरित करने की आवश्यकता होती है। यदि पराग का यह स्थानांतरण एक ही फूल में होता है, तो इसे ________ कहा जाता है। दूसरी ओर, यदि पराग को एक फूल से दूसरे फूल में स्थानांतरित किया जाता है, तो इसे ________ के रूप में जाना जाता है।
(RRB ALP CBT-I 2024 : 29 Nov, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: स्व-परागण, पार-परागण (Self-pollination, Cross-pollination)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्व-परागण (Self-pollination): जब किसी पुष्प के परागकण उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर (या उसी पौधे के दूसरे पुष्प पर) स्थानांतरित होते हैं, तो इस प्रक्रिया को स्व-परागण कहा जाता है।
  • पार-परागण या पर-परागण (Cross-pollination): जब एक पुष्प के परागकण उसी प्रजाति के किसी अन्य पौधे के पुष्प के वर्तिकाग्र तक स्थानांतरित होते हैं (विभिन्न माध्यमों जैसे वायु, जल या कीटों द्वारा), तो इसे पार-परागण कहा जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • अन्य सभी विकल्पों में शब्दों का क्रम उलट दिया गया है या वैज्ञानिक शब्दावली गलत दी गई है, जिससे वे इस कथन के अनुसार अमान्य हैं।

#25. पौधों में, बीजाणु निर्माण प्रजनन का एक तरीका है जिसमें बीजाणुओं का उत्पादन सम्मिलित होता है। बीजाणु निर्माण के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: बीजाणु पुष्प रहित पौधों जैसे फ़र्न और मॉस द्वारा उत्पादित होते हैं, और वे नए पौधों में विकसित होते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बीजाणु निर्माण (Spore Formation): यह पौधों में अलैंगिक जनन (Asexual reproduction) की एक विधि है।
  • राइजोपस (कवक), मॉस (ब्रायोफाइटा) और फ़र्न (टेरिडोफाइटा) जैसे पुष्प रहित (Non-flowering) पादपों में विशेष संरचनाओं (बीजाणुधानी) के भीतर सूक्ष्म बीजाणु (Spores) बनते हैं। ये बीजाणु हल्के होने के कारण हवा या पानी द्वारा फैल जाते हैं और अनुकूल परिस्थितियाँ मिलने पर अंकुरित होकर सीधे एक नए पौधे का निर्माण करते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1: बीजाणु पुष्पों द्वारा नहीं बल्कि बीजाणुधानी में बनते हैं, और वे बीज नहीं बनाते बल्कि सीधे नए पौधे में विकसित होते हैं।
  • विकल्प 2: बीजाणु कायिक प्रवर्धन (Vegetative propagation) का रूप नहीं हैं, और ये आवृतबीजी (फूल वाले) पौधों की मुख्य प्रजनन विधि नहीं हैं।
  • विकल्प 4: बीजाणु निर्माण अलैंगिक प्रजनन का एक प्रकार है, न कि लैंगिक प्रजनन का।



#26. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म प्रजनन की विधि के अनुसार गलत ढंग से मिलान किया गया है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर (गलत मिलान): ब्रायोफिल्म – बीजाणु निर्माण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ब्रायोफिल्म (Bryophyllum / अजूबा): इस पौधे में प्रजनन ‘बीजाणु निर्माण’ द्वारा नहीं, बल्कि पर्ण कलिकाओं (Leaf buds / कायिक प्रवर्धन – Vegetative Propagation) द्वारा होता है। ब्रायोफिल्म की पत्तियों के किनारों पर कलिकाएँ निकलती हैं जो मिट्टी में गिरकर नया पौधा बनाती हैं। अतः पहला युग्म गलत ढंग से मिलान किया गया है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो सही मिलान हैं):
  • अमीबा – द्विखंडन (Binary fission): अमीबा एककोशिकीय जीव है जो द्विखंडन द्वारा दो भागों में विभाजित होता है (यह सही मिलान है)।
  • हाइड्रा – मुकुलन (Budding): हाइड्रा में शरीर पर कली या मुकुल निकलकर नया जीव बनता है (यह सही मिलान है)।
  • स्पाइरोगायरा – विखंडन (Fragmentation): स्पाइरोगायरा परिपक्व होने पर टुकड़ों में टूटकर खंडन विधि द्वारा प्रजनन करता है (यह भी सही मिलान है)।

#27. एस्ट्रोजन का मूल कार्य क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 24 July 2021 Shift 1)

सही उत्तर: मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एस्ट्रोजन (Estrogen): यह मुख्य रूप से महिलाओं में अंडाशय (Ovaries) द्वारा स्रावित होने वाला एक प्रमुख मादा सेक्स हॉर्मोन है।
  • इसका मुख्य और मूल कार्य महिलाओं में मासिक धर्म चक्र (Menstrual cycle) को नियंत्रित और नियमित करना, द्वितीयक लैंगिक लक्षणों (जैसे स्तनों का विकास, आवाज में पतलापन आदि) का विकास करना और मादा जनन अंगों की वृद्धि व कार्यप्रणाली को सुचारू रखना है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (गर्भावस्था को बनाए रखना): गर्भावस्था को मुख्य रूप से बनाए रखने और गर्भाशय की दीवार को सुरक्षित रखने का कार्य प्रोजेस्टेरॉन (Progesterone) हॉर्मोन का होता है।
  • विकल्प 3 (मनोदशा को संतुलित करना): यह एस्ट्रोजन का प्रत्यक्ष कार्य नहीं है।
  • विकल्प 4 (पुरुष प्रजनन ऊतकों का विकास): यह मुख्य रूप से पुरुष हॉर्मोन टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का कार्य है।

#28. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, लैंगिक जनन में निषेचन के महत्व का सर्वोत्तम रूप से वर्णन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

सही उत्तर: यह भ्रूण के निर्माण में सहायक होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निषेचन का महत्व (Importance of Fertilization): लैंगिक जनन में निषेचन (Fertilization) वह प्रक्रिया है जिसमें नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) का संलयन होता है।
  • इस संलयन के फलस्वरूप एकल-कोशकीय ‘युग्मनज’ (Zygote) का निर्माण होता है, जो आगे चलकर बार-बार विभाजित होकर विकसित होता है और भ्रूण (Embryo) के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है। अतः निषेचन का सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण कार्य नए जीव या भ्रूण की नींव रखना है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (प्रजनन पथ को शुद्ध करना): यह जैविक रूप से अमान्य और गलत कथन है।
  • विकल्प 3 (गर्भाशय को ऋतु स्राव के लिए तैयार करना): यह हॉर्मोन्स (जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन) के स्तर और मासिक धर्म चक्र से जुड़ा है, निषेचन से नहीं (निषेचन होने पर ऋतुस्राव रुक जाता है)।
  • विकल्प 4 (माताओं में अंडों की संख्या बढ़ाना): निषेचन से अंडों की संख्या नहीं बढ़ती, बल्कि अंडाणु का उपयोग हो जाता है।

#29. ________ कालान्तर में जातियों के अस्तित्व के लिए उपयोगी है。
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: विविधता (Variation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विविधता (Variation): लैंगिक जनन या डीएनए प्रतिकृति के दौरान होने वाले मामूली बदलावों के कारण जीवों में भिन्नता या विविधता उत्पन्न होती है।
  • पर्यावरण में लगातार परिवर्तन (जैसे तापमान में बदलाव, जल स्तर या रोग आदि) होते रहते हैं। यदि किसी प्रजाति के जीवों में विविधता नहीं होगी और पर्यावरण में अचानक कठोर बदलाव आ गए, तो पूरी की पूरी प्रजाति समाप्त हो सकती है। विविधता जीवों को उस बदलते पर्यावरण में अनुकूलित (Adapt) होने की क्षमता देती है, जिससे कालान्तर में (लंबे समय तक) जातियों का अस्तित्व पृथ्वी पर सुरक्षित बना रहता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (प्रजनन / Reproduction): यह जीवों की संख्या बनाए रखने की मूल प्रक्रिया है, लेकिन विशेष रूप से ‘कालान्तर में बदलते पर्यावरण के विरुद्ध अस्तित्व’ के लिए विविधता सबसे बड़ा आधार बनती है।
  • विकल्प 2 (मुकुलन / Budding): यह अलैंगिक जनन का एक प्रकार है जिसमें विविधता बहुत कम या नगण्य होती है।
  • विकल्प 3 (जनसंख्या / Population): यह जीवों के समूह को दर्शाती है, न कि कोई जैविक प्रक्रिया।

#30. निम्नलिखित में से कौन सी पौधों में प्रजनन की एक विधि है, जिसमें केवल एक ही जनक शामिल होता है?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction): पौधों और जीवों में प्रजनन की यह वह विधि है जिसमें नए जीवों का निर्माण केवल एक ही जनक (Single parent) द्वारा होता है। इसमें नर और मादा युग्मकों (Gametes) के संलयन की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
  • इसके अंतर्गत खंडन, मुकुलन, बीजाणु निर्माण और कायिक प्रवर्धन जैसी विधियाँ आती हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (लैंगिक प्रजनन / Sexual reproduction): इसमें दो जनकों (नर और मादा) तथा युग्मकों के संलयन की आवश्यकता होती है।
  • विकल्प 3 (निषेचन / Fertilisation): यह नर और मादा युग्मकों के मिलने की प्रक्रिया है।
  • विकल्प 4 (परागण / Pollination): यह पुष्पी पादपों में परागकणों के स्थानांतरण की प्रक्रिया है जो लैंगिक जनन का हिस्सा है।



#31. निम्नलिखित में से कौन सा गर्भनिरोधक उपकरण/तरीका एड्स जैसे यौन संचारित रोगों ( STD) को फैलने से रोकता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )

सही उत्तर: कंडोम (Condoms)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कंडोम (Condoms): यह एक प्रभावी भौतिक अवरोधक (Barrier method) गर्भनिरोधक है।
  • गर्भधारण रोकने के साथ-साथ यह एकमात्र ऐसा प्रमुख साधन है जो एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) और अन्य यौन संचारित रोगों (STDs – Sexually Transmitted Diseases) जैसे सिफलिस, सूजाक (Gonorrhea) आदि को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने से रोकने में अत्यधिक प्रभावी होता है, क्योंकि यह शारीरिक द्रवों के सीधे संपर्क को रोकता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (कॉपर T / IUD): यह गर्भाशय के भीतर लगाई जाती है जो गर्भधारण तो रोकती है, लेकिन यौन संचारित रोगों (STDs) से सुरक्षा प्रदान नहीं करती।
  • विकल्प 3 (नसबंदी / Vasectomy & Tubectomy): यह गर्भधारण रोकने की एक स्थायी शल्यक्रिया (Surgical method) है, लेकिन यह भी STDs से सुरक्षा नहीं देती।
  • विकल्प 4 (मौखिक गोलियाँ / Oral pills): ये हॉर्मोन के स्तर को बदलकर गर्भधारण रोकती हैं, किंतु एड्स या अन्य यौन रोगों को फैलने से नहीं रोक सकतीं।

#32. पादपों में अलैंगिक जनन के लिए सही कथन का चयन कीजिए。
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

सही उत्तर: यह निम्नतर और उच्चतर दोनों प्रकार के पादपों में पाया जाता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction): पौधों में अलैंगिक जनन (जैसे कायिक प्रवर्धन, बीजाणु निर्माण आदि) निम्न श्रेणी के पादपों (जैसे शैवाल, कवक, ब्रायोफाइटा) के साथ-साथ उच्च श्रेणी के पुष्पी पौधों (जैसे आवृतबीजी पौधों में कायिक जनन या कंद, कलम आदि द्वारा) दोनों में ही पाया जाता है। अतः यह कथन पूरी तरह सत्य है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (नर और मादा पुष्प शामिल होना): यह लैंगिक प्रजनन की विशेषता है, अलैंगिक जनन की नहीं।
  • विकल्प 3 (युग्मकों का निर्माण): अलैंगिक जनन में युग्मकों (Gametes) का निर्माण और संलयन नहीं होता है।
  • विकल्प 4 (प्रतिकूल परिस्थितियों में तीव्रता से घटित होना): सामान्यतः अनुकूल परिस्थितियों में अलैंगिक जनन तीव्र गति से होता है।

#33. जब ब्रायोफिल्म की पत्तियों के किनारों से कलियाँ निकलकर नए पौधे में विकसित होती हैं तो इसमें किस प्रकार का प्रजनन शामिल होता है?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )

सही उत्तर: कायिक प्रवर्धन द्वारा अलैंगिक प्रजनन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation): ब्रायोफिल्म (Bryophyllum / अजूबा) के पौधों में पत्तियों के किनारों पर खाँचों (Notches) में अपस्थानिक कलिकाएँ (Epiphyllous buds) विकसित होती हैं।
  • जब ये पत्तियाँ टूटकर जमीन पर गिरती हैं, तो इन पत्तियों की कलियाँ विकसित होकर नए स्वतंत्र पौधे को जन्म देती हैं। चूँकि इसमें पौधे के कायिक अंगों (पत्तियों) का उपयोग होता है और बिना बीज या युग्मकों के नया पौधा बनता है, इसलिए इसे कायिक प्रवर्धन द्वारा अलैंगिक प्रजनन कहा जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (स्टेम नोइस के माध्यम से मुकुलन): यह गलत है क्योंकि ब्रायोफिल्म में प्रजनन पत्तियों के माध्यम से होता है, तने से नहीं।
  • विकल्प 3 (बीजाणुओं द्वारा अलैंगिक प्रजनन): बीजाणु निर्माण राइजोपस, मॉस या फ़र्न में पाया जाता है, ब्रायोफिल्म में नहीं।
  • विकल्प 4 (लैंगिक प्रजनन): कायिक प्रवर्धन और पत्तियों द्वारा नया पौधा बनना अलैंगिक जनन के अंतर्गत आता है, लैंगिक जनन के नहीं।

#34. ________ भ्रूण जुड़वां होने की संभावना होती है。
(RRB JE CBT-I : 30 May 2019 Shift 2)

सही उत्तर: युग्मनज अवस्था में *(आरआरबी परीक्षा की आधिकारिक उत्तर कुंजी के आधार पर सबसे उपयुक्त विकल्प)*

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • युग्मनज अवस्था (Zygote Stage): जब शुक्राणु और अंडाणु के मिलने से निषेचन पूरा होता है, तब एकल-कोशिका वाले युग्मनज (Zygote) का निर्माण होता है।
  • समान जुड़वाँ बच्चों (Identical twins) के मामले में, यह युग्मनज (या शुरुआती विभाजन के दौरान बनने वाला भ्रूण) दो अलग-अलग भागों में विभाजित हो जाता है, जिससे दो स्वतंत्र भ्रूण विकसित होने की संभावना बनती है। इस प्रकार जुड़वाँ बच्चों के बनने की प्रक्रिया की शुरुआत इसी प्रारंभिक युग्मनज/कोशिका विभाजन अवस्था से जुड़ी होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • निषेचन अवस्था / निषेचन के बाद / गर्भधारण के समय: ये प्रक्रिया के सामान्य चरण या स्थितियाँ हैं, जबकि जुड़वाँ बनने की मुख्य जैविक घटना (कोशिकाओं का दो भागों में अलग होना) सीधे तौर पर युग्मनज अवस्था या उसके तुरंत बाद के शुरुआती विभाजन से निर्धारित होती है।

#35. निम्नलिखित में से कौन-सा, निषेचन का परिणाम नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )

सही उत्तर: अंडे का निर्माण (Egg formation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अंडे का निर्माण (Egg Formation): अंडे (या अंडाणु/Ovum) का निर्माण निषेचन (Fertilization) का परिणाम नहीं है, बल्कि यह निषेचन से पहले की प्रक्रिया है। अंडाणु मादा जनन अंग (अंडाशय) में ओव्यूजेनेसिस (Oogenesis) प्रक्रिया द्वारा पहले से ही निर्मित होता है। जब यह अंडाणु शुक्राणु से मिलता है, तब निषेचन की क्रिया होती है। अतः अंडे का निर्माण निषेचन का परिणाम न होकर निषेचन के लिए एक आवश्यक पूर्व-चरण है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो निषेचन के परिणाम हैं):
  • युग्मज निर्माण (Zygote formation): नर और मादा युग्मकों के संलयन (निषेचन) का तुरंत बाद का परिणाम युग्मज बनना है।
  • भ्रूण निर्माण (Embryo formation): युग्मज में बार-बार विभाजन होने से आगे चलकर भ्रूण का निर्माण होता है, जो निषेचन का ही परिणाम है।
  • प्लेसेंटा निर्माण (Placenta formation): निषेचन और भ्रूण के गर्भाशय में रोपण के पश्चात ही माँ और भ्रूण के बीच प्लेसेंटा का विकास होता है।



#36. मानव में परिवर्धनशील भ्रूण का अंतरोपण मादा जनन तंत्र के किस भाग में होता है?
(RRB Technician Grade III 09/03/2026 )

सही उत्तर: गर्भाशययी अस्तर (Lining of the uterus / गर्भाशय की दीवार)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अंतरोपण (Implantation): फेलोपियन ट्यूब में निषेचन के बाद जब युग्मनज (Zygote) विभाजित होकर भ्रूण (Embryo) में बदल जाता है, तब यह गर्भाशय में आता है।
  • गर्भाशय का आंतरिक अस्तर (Endometrium/गर्भाशययी अस्तर) बहुत अधिक मोटा और स्पंजी हो जाता है ताकि वह विकसित हो रहे भ्रूण को पोषण दे सके। भ्रूण इसी गर्भाशययी अस्तर में धँस जाता है (रोपित होता है), जिसे अंतरोपण कहते हैं। यहीं से गर्भ का आगे का विकास शुरू होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (गर्भाशयग्रीवा / Cervix): यह गर्भाशय का निचला सँकरा द्वार है, यहाँ अंतरोपण नहीं होता।
  • विकल्प 3 (डिम्बवाहिनी नली / Fallopian tubes): यह केवल निषेचन का स्थल है; यदि भ्रूण यहीं चिपक जाए तो इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic pregnancy) कहते हैं जो सामान्य नहीं है।
  • विकल्प 4 (अंडाशय / Ovary): यह अंडाणु का उत्पादन करने वाला अंग है।

#37. तने की कटिंग द्वारा बिना किसी ग्राफ्टिंग के सफेद फूलों वाले गुलाब के पौधे को मिट्टी में लगाया गया। नए पौधे ने समान सफेद फूल पैदा किए। यह क्या दर्शाता है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: तने की कटिंग अलैंगिक प्रजनन का एक प्रकार है, इसलिए कोई विविधता नहीं थी।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कायिक प्रवर्धन / कटिंग (Vegetative Propagation / Cutting): गुलाब, गन्ना या गुड़हल जैसे पौधों में तने की कटिंग द्वारा नया पौधा उगाना अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction) का ही एक रूप (कायिक प्रवर्धन) है।
  • चूँकि इसमें केवल एक ही जनक पौधे के ऊतकों का उपयोग होता है और इसमें किसी प्रकार के युग्मकों (Gametes) का संलयन नहीं होता, इसलिए नए पौधे में आनुवंशिक रूप से कोई भिन्नता नहीं आती। नया पौधा अपने जनक पौधे के बिल्कुल समान (Clone) होता है, यही कारण है कि सफेद फूल वाले पौधे से उत्पन्न नया पौधा भी समान सफेद फूल ही पैदा करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (लैंगिक प्रजनन): तने की कटिंग अलैंगिक प्रजनन है, लैंगिक नहीं।
  • विकल्प 2 और 3: ये दोनों कथन गुलाब की किस्मों या माली की पसंद से जुड़े सामान्य व अवैज्ञानिक तर्क हैं, जिनका जैविक कारणों (प्रजनन विधि) से कोई लेना-देना नहीं है।

#38. कृषि अपशिष्ट सामग्री को कार्बनिक पदार्थों और पोषक तत्वों से भरपूर अपघटित पदार्थ में बदलने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

सही उत्तर: कम्पोस्टिंग (Composting)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कम्पोस्टिंग (Composting): कृषि अपशिष्ट सामग्री, पत्तियों, गोबर और अन्य जैव-अपशिष्ट पदार्थों को सूक्ष्मजीवों (जीवाणु और कवक) द्वारा प्राकृतिक रूप से अपघटित करके पोषक तत्वों से भरपूर खाद (कम्पोस्ट) में बदलने की प्रक्रिया को कम्पोस्टिंग कहा जाता है। यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए बहुत उपयोगी है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (ग्रीन मैन्योरिंग / हरी खाद): इसमें तेजी से बढ़ने वाली फसलों (जैसे ढैंचा) को खेत में ही उगाकर जोत दिया जाता है ताकि मिट्टी में जैविक पदार्थ मिल सकें।
  • विकल्प 3 (पॉलिनेशन / परागण): यह पौधों में परागकणों के स्थानांतरण की प्रक्रिया है।
  • विकल्प 4 (फर्टिलाइजेशन / निषेचन): यह नर और मादा युग्मकों के संलयन की प्रक्रिया है।

#39. पुष्प में स्त्रीकेसर ________ है。
(RRB NTPC CBT-I : 4 Jan 2021 Shift 1)

सही उत्तर: एक मादा जनन अंग

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्त्रीकेसर (Pistil / Carpel): यह पुष्पी पादपों (फूलों वाले पौधों) का मादा जनन अंग (Female reproductive organ) होता है।
  • इसके मुख्य रूप से तीन भाग होते हैं: वर्तिकाग्र (Stigma), वर्तिका (Style), और अंडाशय (Ovary)। अंडाशय के भीतर ही बीजांड (Ovule) स्थित होते हैं जहाँ मादा युग्मक का निर्माण होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (एक नर जनन अंग): यह ‘पुंकेसर’ (Stamen) होता है, न कि स्त्रीकेसर।
  • विकल्प 2 और 4 (एकलिंगी / द्विलिंगी): ये शब्दों के अर्थ फूलों की प्रजातियों या उनके प्रकारों से संबंधित हैं (जैसे जिस फूल में केवल नर या मादा अंग हो वह एकलिंगी, और जिसमें दोनों हों वह द्विलिंगी होता है)।

#40. अधिकांश कोशिकाएँ वृद्धि के लिए विभाजित होती हैं। कोशिकाओं के विभाजन की इस प्रक्रिया को ________ कहा जाता है
。(RPF Constable 2018 25 Jan 2019 Shift 3)

सही उत्तर: समसूत्री विभाजन (Mitosis)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समसूत्री विभाजन (Mitosis): शरीर की अधिकांश कायिक कोशिकाएँ (Somatic cells) वृद्धि, विकास और टूट-फूट की मरम्मत के लिए इसी प्रक्रिया द्वारा विभाजित होती हैं।
  • इस विभाजन के दौरान एक जनक कोशिका (Parent cell) विभाजित होकर दो समान संतति कोशिकाओं (Daughter cells) का निर्माण करती है, जिनमें गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के समान ही बनी रहती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (ब्लास्टोसिस्र / Blastocyst): यह निषेचन के बाद भ्रूण के विकास की एक प्रारंभिक खोखली बहुकोशिकीय अवस्था है।
  • विकल्प 3 (मोरुला / Morula): यह युग्मनज के लगातार विभाजन से बनने वाली ठोस कोशिकाओं का एक समूह (लगभग 16 कोशिकाएँ) है।
  • विकल्प 4 (परासरण / Osmosis): यह विलायक के अणुओं का अर्धपारगम्य झिल्ली से होकर कम सांद्रता से अधिक सांद्रता की ओर गमन करने की भौतिक प्रक्रिया है।



#41. शुक्रवाह-उच्छेदन (vasectomy) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(RRB Level 01 Stage I 10/12/2025 )

सही उत्तर: यह शुक्र वाहिकाओं को अवरुद्ध करके शुक्राणुओं के स्राव को रोकता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • शुक्रवाह-उच्छेदन (Vasectomy): यह पुरुषों में गर्भनिरोधक की एक स्थायी शल्यक्रिया (Surgical method) है।
  • इस प्रक्रिया में दोनों तरफ की शुक्र वाहिकाओं (Vas deferens) को काटकर या बांधकर अवरुद्ध कर दिया जाता है, जिससे अंडकोष (Testes) में बनने वाले शुक्राणु आगे नहीं बढ़ पाते और वीर्य में शुक्राणुओं का स्राव रुक जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2: शुक्राणु मादा जनन तंत्र में प्रवेश ही नहीं कर पाते, इसलिए उन्हें नष्ट करने की बात यहाँ लागू नहीं होती।
  • विकल्प 3 (टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन रोकना): नसबंदी से हार्मोन्स पर कोई असर नहीं पड़ता, टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन सामान्य रूप से जारी रहता है।
  • विकल्प 4 (शुक्राशय हटाना): इसमें शुक्राशय को हटाया नहीं जाता, केवल नलिकाओं को अवरुद्ध किया जाता है।

#42. किस प्रक्रिया में बहुकोशिकीय जीव परिपक्व होने पर छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: खंडन (Fragmentation)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • खंडन (Fragmentation): यह बहुकोशिकीय जीवों (जैसे स्पाइरोगायरा आदि) में अलैंगिक जनन की एक विधि है।
  • जब ये जीव पूरी तरह परिपक्व हो जाते हैं, तो इनका शरीर स्वतः या किसी बाहरी कारण से छोटे-छोटे टुकड़ों (खंडों) में टूट जाता है। इसके पश्चात प्रत्येक टुकड़ा विकसित होकर एक नया और स्वतंत्र जीव बन जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • बीजाणुजनन (Spore formation): इसमें विशेष बीजाणुधानी के भीतर सूक्ष्म बीजाणु बनते हैं।
  • पुनर्जनन (Regeneration): यह कटे या क्षतिग्रस्त अंगों के दोबारा विकसित होने की क्षमता है (जैसे प्लेनेरिया या छिपकली की पूँछ)।
  • द्विखंडन (Binary fission): यह मुख्य रूप से एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा) में होता है जहाँ कोशिका दो समान भागों में विभाजित होती है।

#43. कोशिका विभाजन के दौरान एक जीव केवल दो समान भागों में विभाजित हो जाता है। इसे क्या कहा जाता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: द्विखंडन (Binary Fission)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्विखंडन (Binary Fission): यह अलैंगिक जनन की एक सरल विधि है, जो मुख्य रूप से एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा, पैरामीशियम आदि) में पाई जाती है।
  • इस प्रक्रिया के दौरान परिपक्व होने पर कोशिका का केंद्रक और कोशिका द्रव्य विभाजित होकर दो समान संतति (डॉटर्स) कोशिकाओं में बदल जाता है, और प्रत्येक नई कोशिका एक स्वतंत्र जीव के रूप में विकसित होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • पुनर्जनन (Regeneration): यह किसी जीव के कटे या क्षतिग्रस्त अंगों के दोबारा विकसित होने की क्षमता है (जैसे प्लेनेरिया)।
  • मुकुलन (Budding): इसमें मुख्य जीव के शरीर पर एक छोटी कली (मुकुल) निकलती है जो विकसित होकर नया जीव बनती है (जैसे हाइड्रा)।
  • बीजाणु निर्माण (Spore Formation): इसमें बीजाणुधानी के भीतर सूक्ष्म बीजाणु बनते हैं (जैसे राइजोपस या फ़र्न)।

#44. निम्नलिखित में से किसे गतिशील जनन कोशिका कहा जाता है?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: नर युग्मक (Male gamete / शुक्राणु)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नर युग्मक (Male Gamete): जंतुओं में नर युग्मक (शुक्राणु / Sperm) और अधिकांश पौधों में नर युग्मक गतिशील होते हैं। इनमें पूंछ (Flagella) जैसी संरचना या गतिशीलता के लिए विशेष अंग होते हैं, जिससे वे तैरकर या माध्यम के सहारे मादा युग्मक तक पहुँचते हैं।
  • इसके विपरीत, मादा युग्मक (अंडाणु / Ovum) सामान्यतः स्थिर (अगतिशील) होता है और उसे नर युग्मक तक आना पड़ता है या नर युग्मक उस तक पहुँचता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • मादा युग्मक (Female gamete): यह प्रायः आकार में बड़ा और गतिहीन (Non-motile) होता है।
  • युग्मनज (Zygote): यह निषेचन के बाद बनने वाली पहली स्थिर कोशिका है।
  • भ्रूण (Embryo): यह युग्मनज के विभाजन और विकास से बनने वाली अगली अवस्था है।

#45. परिक्षेपण बीज के सफलतापूर्वक अंकुरण और नवोद्भिद् के रूप में विकसित होने के लिए कौन-सी स्थिति आवश्यक है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

सही उत्तर: उपयुक्त पर्यावरणीय स्थितियों की उपस्थिति

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बीज अंकुरण (Seed Germination): बीजों के प्र dispersion (परिक्षेपण) के बाद उनके सफलतापूर्वक अंकुरित होने और एक स्वस्थ नवोद्भिद् (Seedling / नए पौधे) के रूप में विकसित होने के लिए उपयुक्त पर्यावरणीय परिस्थितियाँ (जैसे पर्याप्त नमी/जल, ऑक्सीजन, और उचित तापमान) का होना सबसे अधिक आवश्यक है। इनके बिना बीज प्रसुप्त (Dormant) अवस्था में ही रहते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • अन्य सभी विकल्प (‘केवल फल का क्षय’, ‘भौतिक पृथक्करण’ या ‘केवल सूर्य का प्रकाश’) आंशिक या अत्यधिक सीमित हैं। कई बीजों को अंकुरण के लिए शुरुआती अवस्था में प्रकाश की भी आवश्यकता नहीं होती (अंधकार में भी उगते हैं), जबकि नमी और तापमान सर्वोपरि आवश्यकताएँ हैं।



#46. निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप दो समान संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )

सही उत्तर: समसूत्रीविभाजन (Mitosis)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • समसूत्री विभाजन (Mitosis): यह कायिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होने वाला कोशिका विभाजन है। इस प्रक्रिया के अंत में एक जनक कोशिका (Parent cell) विभाजित होकर दो बिल्कुल समान संतति (डॉटर्स) कोशिकाओं का निर्माण करती है। इन नई कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या जनक कोशिका के बिल्कुल समान होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • निषेचन (Fertilization): यह नर और मादा युग्मकों के संलयन की प्रक्रिया है जिससे युग्मनज बनता है, न कि दो समान संतति कोशिकाएँ।
  • अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis): इसमें एक कोशिका से चार संतति कोशिकाएँ बनती हैं और गुणसूत्रों की संख्या आधी (अगुणित) हो जाती है।
  • सूत्रीविभाजन के बिना कोशिका द्रव्य विभाजन (Amitosis/Cytokinesis without mitosis): यह असामान्य या प्रत्यक्ष विभाजन है जो सामान्य समसूत्री विभाजन की श्रेणी में नहीं आता।
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