प्रजनन के महत्वपूर्ण प्रश्न

 

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#1. पुष्पों में थेलेमस (थानी – receptacle) निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य करता है?
(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )

सही उत्तर: यह पुष्पों के भागों को सपोर्ट करता है तथा फल का भाग बन सकता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • थेलेमस (Thalamus/Receptacle): यह पुष्पवृंत (pedicel) का फूला हुआ शीर्ष भाग होता है। पुष्प के सभी मुख्य भाग (बाह्यदल, दलपुंज, पुंकेसर और स्त्रीकेसर) इसी पर टिके या व्यवस्थित होते हैं। सेब (Apple) और नाशपाती जैसे ‘असत्य फलों’ (False fruits) में यही थेलेमस विकसित होकर मांसल हो जाता है और फल का वह हिस्सा बनता है जिसे हम खाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (परागकण उत्पादित करता है): यह कार्य नर जनन अंग पुंकेसर के परागकोश (Anther) द्वारा किया जाता है।
  • विकल्प 2 (मकरंद उत्पादित करता है): मकरंद (nectar) का उत्पादन पुष्पों में मौजूद मकरंद ग्रंथियों (Nectaries) द्वारा किया जाता है, जो कीटों को परागण के लिए आकर्षित करता है।
  • विकल्प 3 (बीजांड का निर्माण करता है): बीजांड (Ovule) का निर्माण और विकास स्त्रीकेसर के अंडाशय (Ovary) के भीतर होता है।

#2. निम्नलिखित में से कौन सा अलैंगिक प्रजनन का तरीका केवल एककोशिकीय जीवों द्वारा उपयोग किया जाता है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 2)

सही उत्तर: द्विखंडन (Binary Fission)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्विखंडन (Binary Fission): यह अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction) की एक विधि है जो केवल एककोशिकीय जीवों (Unicellular organisms) में पाई जाती है। इस प्रक्रिया में एक पूर्ण विकसित जनक कोशिका (parent cell) दो समान संतति कोशिकाओं (daughter cells) में विभाजित हो जाती है। इसके सामान्य उदाहरण अमीबा (Amoeba), पैरामीशियम (Paramecium), लेइशमैनिया (Leishmania) और बैक्टीरिया हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (खंडन / Fragmentation): यह विधि सरल बहुकोशिकीय जीवों (Multicellular organisms) जैसे स्पाइरोगायरा (Spirogyra) में होती है, जिसमें जीव का शरीर टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा नए जीव में विकसित होता है।
  • विकल्प 3 (पुनर्जनन / Regeneration): यह विशिष्ट बहुकोशिकीय जीवों (जैसे हाइड्रा और प्लैनेरिया) में पाया जाता है। इसमें जीव के किसी कटे हुए हिस्से से पूरा नया जीव विकसित हो जाता है।
  • विकल्प 4 (बीजाणु निर्माण / Spore Formation): यह प्रजनन विधि मुख्य रूप से कवक (Fungi, जैसे राइजोपस/ब्रेड मोल्ड) में होती है, जो बहुकोशिकीय होते हैं। इसमें बीजाणु धानी में बीजाणु बनते हैं जो अनुकूल परिस्थिति मिलने पर नए जीव बनाते हैं।

#3. निम्नलिखित में से कौन-सा, T- आकृति का अंतर्गर्भाशय गर्भनिरोधक उपकरण है, जो दीर्घकालिक (बहु-वर्षीय) गर्भ निरोध प्रदान करता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025)

सही उत्तर: कॉपर- T (Copper-T)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कॉपर- T (Copper-T): यह एक अंतर्गर्भाशय गर्भनिरोधक उपकरण (Intrauterine Device – IUD) है, जिसे महिलाओं के गर्भाशय में डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी द्वारा स्थापित किया जाता है। इसकी आकृति ‘T’ के आकार की होती है। यह लगातार तांबा (copper) आयन मुक्त करता है, जो शुक्राणुओं की गतिशीलता (motility) और उनकी निषेचन (fertilization) क्षमता को कम कर देता है। यह एक बहुत ही प्रभावी विधि है जो 3 से 10 वर्षों तक का दीर्घकालिक गर्भनिरोध प्रदान करती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (गर्भनिरोधक गोली / Birth control pill): यह एक मौखिक (oral) हार्मोनल गर्भनिरोधक विधि है। इसमें हार्मोन होते हैं जो ओव्यूलेशन (अंडे का निकलना) को रोकते हैं। इसे रोज़ाना लेना पड़ता है, यह कोई दीर्घकालिक स्थापित करने वाला उपकरण नहीं है।
  • विकल्प 3 (डायफ्राम / Diaphragm): यह रबर या सिलिकॉन से बना एक कप या गुंबद के आकार का अवरोधक (barrier) है जिसे संभोग से पहले गर्भाशय ग्रीवा (cervix) पर लगाया जाता है। यह T-आकार का या दीर्घकालिक उपकरण नहीं होता है।
  • विकल्प 4 (पुरुष कंडोम / Male condom): यह एक भौतिक अवरोध (Physical barrier) है। यह एक बार उपयोग (single-use) के लिए होता है और यह गर्भधारण रोकने के साथ-साथ यौन संचारित रोगों (STDs) से बचाव में भी मदद करता है।

#4. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पर-परागण को सही ढंग से परिभाषित करता है?
(RRB Level 01 Stage I 15/12/2025 )

सही उत्तर: एक पुष्प के परागकोश से दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र तक पराग का स्थानांतरण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पर-परागण (Cross-Pollination): यह वह प्रक्रिया है जिसमें एक पौधे के पुष्प के परागकोश (Anther) से परागकण (Pollen grains) निकलकर उसी प्रजाति के किसी दूसरे पौधे के पुष्प के वर्तिकाग्र (Stigma) तक पहुँचते हैं।
  • इस प्रक्रिया के लिए प्रायः किसी बाह्य कारक या वाहक (जैसे- हवा, पानी, कीट, पक्षी या जानवर) की आवश्यकता होती है। पर-परागण से पौधों में आनुवंशिक विविधता (genetic diversity) आती है, जिससे नई पीढ़ी अधिक मजबूत और रोग-प्रतिरोधी होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (एक पौधे से दूसरे गैर-पुष्पी पौधे में): गैर-पुष्पी पौधों (Non-flowering plants) में पुष्प और परागकण नहीं होते, इसलिए यह कथन पूरी तरह से गलत है।
  • विकल्प 3 (एक ही पुष्प के भीतर पराग का स्थानांतरण): जब परागकण उसी पुष्प के वर्तिकाग्र पर गिरते हैं, तो इसे स्व-परागण (Self-Pollination) कहा जाता है, पर-परागण नहीं।
  • विकल्प 4 (पराग स्थानांतरण के बिना बीजांड का निषेचन): परागण के बिना निषेचन की यह प्रक्रिया असंगजनन (Apomixis) जैसी विशेष स्थितियों से संबंधित हो सकती है, इसे परागण नहीं कहा जाता।

#5. पादपों में, अलैंगिक जनन में क्या शामिल होता है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )

सही उत्तर: केवल एक जनक जीव

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction): यह प्रजनन की वह प्रक्रिया है जिसमें नई संतति का निर्माण केवल एक ही जनक (Single parent) द्वारा होता है। इसमें नर और मादा युग्मकों की आवश्यकता नहीं होती है।
  • पादपों में अलैंगिक जनन के सामान्य प्रकारों में कायिक प्रवर्धन (Vegetative propagation – जैसे जड़, तने या पत्ती से नया पौधा बनना), मुकुलन (Budding), और बीजाणु निर्माण (Spore formation) शामिल हैं। इससे उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से अपने जनक के बिल्कुल समान (क्लोन) होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (दोनों जनक जीव): दो जनकों (नर और मादा) की आवश्यकता लैंगिक जनन (Sexual reproduction) में होती है, अलैंगिक जनन में नहीं।
  • विकल्प 2 (संल्यन और निषेचन): युग्मकों का जुड़ना (संलयन) और निषेचन (Fertilization) केवल लैंगिक जनन की विशेषताएँ हैं।
  • विकल्प 4 (नर और मादा युग्मकों का संल्यन): इसे भी निषेचन कहा जाता है, जो बीज वाले पौधों (जैसे एंजियोस्पर्म) में लैंगिक जनन का मुख्य आधार है।



#6. निम्नलिखित में से कौन-सा नर प्रजनन तंत्र के भाग हैं?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: शुक्रवाहक नलिका और अंडकोष

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नर प्रजनन तंत्र (Male Reproductive System): इसके मुख्य अंगों में वृषण (Testes), अंडकोष (Scrotum), शुक्रवाहक नलिका (Vas deferens), शुक्राशय (Seminal vesicles), प्रोस्टेट ग्रंथि और शिश्न (Penis) शामिल हैं।
  • अंडकोष में वृषण स्थित होते हैं जो शुक्राणुओं (sperms) और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का निर्माण करते हैं, और शुक्रवाहक नलिका इन शुक्राणुओं को वृषण से मूत्रमार्ग तक ले जाने का कार्य करती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (गर्भाशय और योनि): ये दोनों पूर्णतः मादा प्रजनन तंत्र (Female Reproductive System) के भाग हैं।
  • विकल्प 3 (शुक्रवाहक नलिका और डिंबवाहिनी): इसमें शुक्रवाहक नलिका नर का भाग है, लेकिन डिंबवाहिनी (Fallopian tube) मादा प्रजनन तंत्र का हिस्सा है, इसलिए यह युग्म गलत है।
  • विकल्प 4 (अंडवाहिनी और शिश्न): अंडवाहिनी मादा का भाग है और शिश्न नर का। दोनों अलग-अलग तंत्रों के हिस्से हैं, अतः यह विकल्प भी गलत है।

#7. निम्नलिखित में से कौन सा कथन विखंडन के बारे में सत्य नहीं है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: यह लैंगिक प्रजनन का एक रूप है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विखंडन (Fragmentation): यह अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) की एक विधि है, न कि लैंगिक प्रजनन (Sexual reproduction) की। इसलिए पहला कथन असत्य है (और यही प्रश्न का सही उत्तर है)।
  • इस प्रक्रिया में एक सरल संरचना वाला परिपक्व बहुकोशिकीय जीव (जैसे स्पाइरोगायरा – Spirogyra) दो या अधिक टुकड़ों में टूट जाता है, और प्रत्येक टुकड़ा विकसित होकर एक नया पूर्ण जीव बन जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (इसमें जीव का टुकड़ों में टूटना शामिल है): यह कथन सत्य है, क्योंकि विखंडन की मुख्य प्रक्रिया यही है।
  • विकल्प 3 (प्रत्येक टुकड़ा एक पूर्ण जीव में विकसित हो सकता है): यह कथन भी सत्य है। विखंडित हुए प्रत्येक हिस्से में नया जीव बनने की पूरी क्षमता होती है।
  • विकल्प 4 (इसके लिए जीव का बहुकोशिकीय होना आवश्यक है): यह कथन सत्य है। विखंडन सरल बहुकोशिकीय जीवों (जैसे स्पाइरोगायरा) में होता है, जबकि एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा) में होने वाली टूटने की प्रक्रिया को द्विखंडन या बहुखंडन कहा जाता है।

#8. मादा प्रजनन तंत्र के किस भाग में निषेचन होता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

<div style=”font-family: Arial, sans-serif; background: #ffffff; border: 2px solid #3182ce; border-radius: 10px; padding: 20px; margin-top: 10px;”>

<!– Correct Answer Box –>
<div style=”background-color: #e6fffa; border-left: 5px solid #319795; padding: 12px 15px; border-radius: 0 6px 6px 0; margin-bottom: 15px; font-size: 15px;”>✨ <strong>सही उत्तर:</strong> <span style=”color: #234e52; font-weight: bold;”>अंडवाहिनी (फैलोपियन ट्यूब)</span></div>

<!– Detailed Notes –>
<div style=”color: #2b6cb0; font-size: 16px; font-weight: bold; margin-bottom: 8px;”>💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):</div>
<ul style=”list-style-type: disc; padding-left: 20px; color: #2d3748; margin-bottom: 15px;”>
<li style=”margin-bottom: 6px;”><strong>निषेचन (Fertilization):</strong> यह वह प्रक्रिया है जिसमें नर युग्मक (शुक्राणु/Sperm) और मादा युग्मक (अंडाणु/Ovum) का संलयन होता है।</li>
<li style=”margin-bottom: 6px;”>मानव मादा प्रजनन तंत्र में निषेचन की यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया <strong>अंडवाहिनी (Fallopian tube / डिंबवाहिनी)</strong> में संपन्न होती है। यहीं पर शुक्राणु अंडाणु से मिलकर युग्मनज (Zygote) का निर्माण करता है।</li>
</ul>

<!– Other Options Box –>
<div style=”background: #fffaf0; border-left: 5px solid #ed8936; padding: 12px 15px; border-radius: 0 6px 6px 0;”>
<div style=”color: #9c4221; font-weight: bold; font-size: 15px; margin-bottom: 6px;”>🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:</div>
<ul style=”list-style-type: disc; padding-left: 20px; color: #2d3748; margin: 0;”>
<li style=”margin-bottom: 4px;”><strong>विकल्प 1 (अंडाशय / Ovary):</strong> यह मादा का प्राथमिक जनन अंग है। इसका मुख्य कार्य अंडाणुओं (Ova) का निर्माण करना और मादा हार्मोन (एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन) स्रावित करना है।</li>
<li style=”margin-bottom: 4px;”><strong>विकल्प 2 (गर्भाशय / Uterus):</strong> इसे बच्चेदानी भी कहा जाता है। निषेचन के बाद युग्मनज यहाँ आकर प्रत्यारोपित (Implant) होता है और पूरे गर्भकाल के दौरान भ्रूण का विकास यहीं होता है।</li>
<li><strong>विकल्प 4 (गर्भाशयग्रीवा / Cervix):</strong> यह गर्भाशय का निचला संकरा भाग है जो योनि में खुलता है। यह शुक्राणुओं के गर्भाशय में प्रवेश का मार्ग प्रदान करता है, लेकिन निषेचन यहाँ नहीं होता।</li>
</ul>
</div>
</div>

#9. निम्नलिखित में से कौन-सी अलैंगिक जनन तकनीक, सामान्यतः सजावटी पादपों के गुणन के लिए उपयोग की जाती है?
(Not found 11/03/2026 )

सही उत्तर: ऊतक संवर्धन (Tissue culture)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊतक संवर्धन (Tissue culture): इसे सूक्ष्म प्रवर्धन (Micropropagation) भी कहा जाता है। इसमें पौधे के वृद्धि करने वाले भाग (जैसे शीर्ष ऊतक) से कोशिकाएँ निकालकर उन्हें एक कृत्रिम और रोगाणुमुक्त पोषक माध्यम (culture medium) में उगाया जाता है।
  • सजावटी पौधों (Ornamental plants जैसे ऑर्किड, गुलदाउदी, डहेलिया आदि) के व्यावसायिक स्तर पर तेजी से गुणन के लिए इस तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाता है। इससे बहुत कम समय में हजारों रोगमुक्त और अपने मातृ पौधे के बिल्कुल समान (क्लोन) पौधे प्राप्त किए जा सकते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (विखंडन / Fission): यह एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा, बैक्टीरिया) में प्रजनन की एक विधि है, पौधों के गुणन में इसका उपयोग नहीं होता।
  • विकल्प 3 (खंडन / Fragmentation): यह सरल बहुकोशिकीय जीवों (जैसे स्पाइरोगायरा शैवाल) में होने वाला प्रजनन है, सजावटी पौधों में नहीं।
  • विकल्प 4 (बीजाणु निर्माण / Spore formation): यह मुख्य रूप से कवक (Fungi, जैसे राइजोपस) और कुछ निम्न श्रेणी के पौधों (जैसे फर्न) में पाया जाता है।

#10. निम्नलिखित में से कौन-सी विधि पौधों में अलैंगिक प्रजनन का उदाहरण है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

सही उत्तर: वनस्पति प्रवर्धन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वनस्पति प्रवर्धन (Vegetative Propagation): यह पौधों में होने वाले अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) का एक प्रमुख प्रकार है। इस प्रक्रिया में पौधे के वृद्धि करने वाले भागों (कायिक भागों) जैसे जड़, तना या पत्तियों से नया पौधा विकसित होता है।
  • चूंकि इसमें बीजों की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए इस विधि से उत्पन्न नए पौधे आनुवंशिक रूप से बिल्कुल अपने मातृ पौधे (Parent plant) के समान होते हैं। इसके सामान्य उदाहरणों में आलू (कंद से), गुलाब (कलम लगाने से), और ब्रायोफिलम (पत्तियों से) शामिल हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (निषेचन / Fertilization): यह लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) का मुख्य चरण है, जिसमें नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है।
  • विकल्प 2 (अंकुरण / Germination): यह वह प्रक्रिया है जिसमें एक बीज (Seed) अनुकूल परिस्थितियां (नमी, तापमान) मिलने पर एक नए पौधे (Seedling) के रूप में विकसित होना शुरू करता है। यह जनन की विधि नहीं, बल्कि बीज के विकास की अवस्था है।
  • विकल्प 3 (परागण / Pollination): यह पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन का एक प्रारंभिक चरण है, जिसमें परागकण परागकोश से वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं।



#11. प्लाज्मोडियम ( Plasmodium) में प्रजनन की निम्नलिखित में से कौन-सी विधि पाई जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )

सही उत्तर: बहु फिशन (Multiple fission)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बहु फिशन (Multiple fission / बहुखंडन): यह अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) की एक विधि है। प्लाज्मोडियम (Plasmodium), जो कि मलेरिया फैलाने वाला एककोशिकीय परजीवी है, इसी विधि द्वारा प्रजनन करता है।
  • इस प्रक्रिया में जनक कोशिका (Parent cell) के चारों ओर एक सुरक्षात्मक आवरण (Cyst) बन जाता है और इसके भीतर का केंद्रक कई बार विभाजित होकर एक साथ कई संतति कोशिकाओं (Daughter cells) का निर्माण करता है। अनुकूल परिस्थितियां आने पर आवरण फट जाता है और नई कोशिकाएं बाहर निकल आती हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (कलम बांधना / Grafting): यह पौधों में कृत्रिम कायिक प्रवर्धन (Artificial vegetative propagation) की विधि है, जिसमें दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों को जोड़कर नया पौधा तैयार किया जाता है (जैसे आम, सेब)।
  • विकल्प 2 (मुकुलन / Budding): यह अलैंगिक जनन की एक विधि है जिसमें जीव के शरीर पर एक कली (Bud) निकलती है, जो बाद में नया जीव बन जाती है। यह यीस्ट (Yeast) और हाइड्रा (Hydra) में पाया जाता है।
  • विकल्प 3 (स्तरण / Layering): यह भी पौधों में कृत्रिम कायिक प्रवर्धन की एक विधि है, जिसमें पौधे की शाखा को मिट्टी में दबाकर उससे नया पौधा विकसित किया जाता है (जैसे चमेली)।

#12. जीवों में लैंगिक जनन के संबंध में सही विशेषता का चयन कीजिए
。(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

सही उत्तर: यह संतति में दो माता-पिता के DNA को संयुक्त करता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैंगिक जनन (Sexual Reproduction): इस प्रकार के प्रजनन में दो जनकों (नर और मादा) की भागीदारी होती है। इसमें नर युग्मक (Male gamete) और मादा युग्मक (Female gamete) का संलयन (Fertilization) होता है।
  • चूंकि संतति में दोनों माता-पिता का DNA (आनुवंशिक पदार्थ) संयुक्त होता है, इसलिए नई संतति में माता-पिता दोनों के गुण आते हैं। यही कारण है कि लैंगिक जनन से जीवों में आनुवंशिक विविधता (Genetic variation) उत्पन्न होती है, जो विकास (Evolution) के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (यह जनक के बिल्कुल समान संतति उत्पन्न करता है): यह अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) की विशेषता है। इसमें उत्पन्न संतति को ‘क्लोन’ (Clone) कहा जाता है क्योंकि वे आनुवंशिक रूप से बिल्कुल जनक के समान होते हैं।
  • विकल्प 2 (यह बड़ी संख्या में संतति उत्पन्न करता है): लैंगिक जनन की तुलना में अलैंगिक जनन में (जैसे बैक्टीरिया में द्विखंडन) बहुत तेज़ी से और बड़ी संख्या में संतति उत्पन्न होती है। लैंगिक जनन अपेक्षाकृत धीमी प्रक्रिया है।
  • विकल्प 4 (यह केवल एक जनक का DNA संतति में पारित करता है): यह भी अलैंगिक जनन की ही विशेषता है, क्योंकि उसमें केवल एक ही जनक (Single parent) शामिल होता है।

#13. मानवी भ्रूण विकसित होत असताना तयार होणारी घाण खालीलपैकी कोणत्या अवयवाच्या मदतीने काढून टाकली जाते?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )

सही उत्तर: अपरा (Placenta)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपरा (Placenta): गर्भावस्था के दौरान माँ और भ्रूण (embryo) के बीच अपरा एक महत्वपूर्ण संपर्क अंग (connecting organ) के रूप में कार्य करता है। भ्रूण के विकास के दौरान उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट पदार्थों (waste / घाण) को अपरा (Placenta) के माध्यम से ही माँ के रक्त में स्थानांतरित करके शरीर से बाहर निकाला जाता है। इसके साथ ही, यह माँ के शरीर से भ्रूण को आवश्यक पोषण और ऑक्सीजन भी प्रदान करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (अंडकोष / Scrotum/Testes): यह नर प्रजनन तंत्र (Male reproductive system) का हिस्सा है, जिसमें वृषण सुरक्षित रहते हैं और जहाँ शुक्राणु (sperms) बनते हैं।
  • विकल्प 3 (अंडवाहिनी / Fallopian tube): यह मादा प्रजनन तंत्र का भाग है, जहाँ अंडाणु और शुक्राणु का निषेचन (Fertilization) होता है।
  • विकल्प 4 (अंडाशय / Ovary): यह मादा का प्राथमिक जनन अंग है, जहाँ अंडाणुओं (Ova) का निर्माण होता है।

#14. अपखंडन (अलैंगिक प्रजनन) के संबंध में कौन-सा कथन गलत है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )

सही उत्तर: बीजाणु निर्माण एक प्रकार की अपखंडन प्रक्रिया है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपखंडन या खंडन (Fragmentation): यह अलैंगिक प्रजनन की एक विधि है, जिसमें एक परिपक्व जीव का शरीर दो या अधिक टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा एक नए जीव में विकसित होता है।
  • बीजाणु निर्माण (Spore Formation) अलैंगिक जनन की एक बिल्कुल अलग विधि है (जो मुख्य रूप से कवक/Fungi जैसे राइजोपस में पाई जाती है)। यह अपखंडन का प्रकार नहीं है। इसलिए पहला कथन गलत है और यही प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (आनुवंशिक रूप से समान संतति उत्पन्न करता है): यह कथन सत्य है। अलैंगिक जनन होने के कारण इसमें उत्पन्न संतति आनुवंशिक रूप से अपने जनक के बिल्कुल समान (क्लोन) होती है।
  • विकल्प 3 (बहुकोशिकीय जीवों में पाया जाता है): यह कथन भी सत्य है। अपखंडन मुख्य रूप से सरल बहुकोशिकीय जीवों जैसे स्पाइरोगायरा (Spirogyra) में पाया जाता है।
  • विकल्प 4 (विभाजन से पहले परिपक्वता शामिल है): यह कथन सत्य है। जीव के पूरी तरह परिपक्व (mature) होने के बाद ही उसका शरीर टुकड़ों में टूटकर नया जीव बनाता है।

#15. पारंपरिक रूप से, संचित भोजन युक्त जनन कोशिका को क्या कहा जाता है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: मादा युग्मक

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मादा युग्मक (Female gamete / अंडाणु): लैंगिक जनन में मुख्य रूप से दो प्रकार की जनन कोशिकाएँ (युग्मक) होती हैं। मादा युग्मक आकार में बड़ा होता है और इसमें पर्याप्त मात्रा में संचित भोजन (stored food) मौजूद होता है। यह संचित भोजन निषेचन (Fertilization) के बाद विकसित होने वाले प्रारंभिक भ्रूण को पोषण प्रदान करने का कार्य करता है। यह आमतौर पर अचल (non-motile) होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (अपरिपक्व अंडा): यह अंडे के विकास की प्रारंभिक अवस्था है। पूर्ण रूप से विकसित और संचित भोजन युक्त जनन कोशिका को परिपक्व अंडाणु या मादा युग्मक कहा जाता है।
  • विकल्प 3 (चल युग्मक): यह उन युग्मकों (आमतौर पर नर) को कहा जाता है जो गति कर सकते हैं, इनमें भ्रूण के विकास के लिए संचित भोजन नहीं होता।
  • विकल्प 4 (नर युग्मक): नर युग्मक (Male gamete, जैसे शुक्राणु) आकार में बहुत छोटे होते हैं। वे गतिशील (motile) होते हैं और उनमें संचित भोजन की मात्रा नगण्य होती है। उनका मुख्य कार्य केवल अपना DNA मादा युग्मक तक पहुँचाना होता है।



#16. एक पुष्प से परागकणों का दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र तक अंतरण की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )

सही उत्तर: परागण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परागण (Pollination): पुष्पी पौधों में परागकोश (Anther) से परागकणों (Pollen grains) का निकलकर उसी पुष्प या किसी अन्य पुष्प के वर्तिकाग्र (Stigma) तक पहुँचने की प्रक्रिया को परागण कहते हैं। यह लैंगिक जनन का पहला और बहुत महत्वपूर्ण चरण है, जो प्रायः हवा, जल, कीटों या पक्षियों (वाहकों) की मदद से पूरा होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (अंकुरण / Germination): यह वह प्रक्रिया है जिसमें एक बीज अनुकूल परिस्थितियां (नमी, तापमान आदि) मिलने पर एक नए पौधे के रूप में विकसित होना शुरू करता है।
  • विकल्प 3 (बिंदुस्राव / Guttation): यह पौधों की पत्तियों के किनारों (Hydathodes) से पानी की बूंदों के रूप में जल की हानि होने की प्रक्रिया है, जो आमतौर पर रात या सुबह के समय होती है।
  • विकल्प 4 (गर्भावनि / Gestation): यह प्राणियों (स्तनधारियों) में गर्भावस्था या भ्रूण के गर्भाशय में स्थापित होने से संबंधित अवस्था है। पौधों में यह शब्द इस्तेमाल नहीं होता।

#17. एक वैज्ञानिक ने एक बहुकोशिकीय जीव में प्रजनन प्रक्रिया का अवलोकन किया। निम्नलिखित में से कौन-सी विधि पौधे द्वारा उपयोग नहीं की जाएगी?
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )

सही उत्तर: द्वि-खंडन (Binary Fission)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्वि-खंडन (Binary Fission): यह अलैंगिक प्रजनन की वह विधि है जो केवल एककोशिकीय जीवों (Unicellular organisms) (जैसे अमीबा, पैरामीशियम, और जीवाणु) में पाई जाती है।
  • चूँकि पौधे बहुकोशिकीय (Multicellular) होते हैं और उनकी शारीरिक संरचना जटिल होती है, इसलिए वे प्रजनन के लिए कोशिका के दो हिस्सों में सीधे बंटने (द्वि-खंडन) वाली इस विधि का उपयोग कभी नहीं कर सकते।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (मुकुलन / Budding): पौधों में कलिकाओं (buds) का निकलना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसके अलावा कुछ सरल बहुकोशिकीय जीवों (जैसे हाइड्रा) में भी मुकुलन होता है।
  • विकल्प 3 (खंडन / Fragmentation): यह सरल बहुकोशिकीय पौधों या शैवालों (जैसे स्पाइरोगायरा – Spirogyra) में अलैंगिक प्रजनन की एक विधि है, जहाँ शरीर टुकड़ों में टूटकर नया पौधा बनाता है।
  • विकल्प 4 (कायिक प्रवर्धन / Vegetative Propagation): यह बहुकोशिकीय पौधों (जैसे आलू, गुलाब, ब्रायोफिलम) में होने वाले अलैंगिक जनन की सबसे प्रमुख विधि है, जिसमें पौधे के किसी कायिक भाग (जड़, तना, पत्ती) से नया पौधा विकसित होता है।

#18. पुरुषों में, यदि ________ को शल्य चिकित्सा द्वारा काट दिया जाए, तो शुक्राणु का स्थानांतरण रुक जाएगा。
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: शुक्रवाहक नलिका

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • शुक्रवाहक नलिका (Vas Deferens): यह वह नली है जो वृषण (Testes) में बने शुक्राणुओं (sperms) को मूत्रमार्ग तक ले जाने का कार्य करती है।
  • परिवार नियोजन या गर्भनिरोधक के लिए शल्य चिकित्सा (surgery) द्वारा इस नलिका को काटकर बांध दिया जाता है। इस प्रक्रिया को पुरुष नसबंदी (Vasectomy) कहा जाता है। ऐसा करने से वीर्य (semen) में शुक्राणुओं का स्थानांतरण रुक जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (प्रोस्टेट ग्रंथि / Prostate gland): यह ग्रंथि वीर्य (semen) का एक तरल भाग बनाती है जो शुक्राणुओं को पोषण और गतिशीलता प्रदान करता है। इसे जन्म नियंत्रण के लिए काटा नहीं जाता है।
  • विकल्प 2 (अंडवाहिनी / Fallopian tube): यह मादा प्रजनन तंत्र (Female Reproductive System) का हिस्सा है। महिलाओं में इसे काटकर बांधने की प्रक्रिया को महिला नसबंदी (Tubectomy) कहते हैं।
  • विकल्प 4 (शुक्राशय / Seminal vesicle): यह भी एक ग्रंथि है जो वीर्य का एक बड़ा हिस्सा (तरल पदार्थ जिसमें फ्रुक्टोज होता है) स्रावित करती है। इसे भी काटा नहीं जाता है।

#19. निषेचन के बाद, बीजांड के अंदर युग्मनज के कई बार विभाजित होने पर निम्नलिखित में से क्या बनता है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: भ्रूण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • भ्रूण (Embryo): निषेचन (Fertilization) के दौरान नर और मादा युग्मकों के संलयन से युग्मनज (Zygote) का निर्माण होता है। इसके बाद, यह युग्मनज बीजांड (Ovule) के भीतर लगातार कई बार विभाजित होता है और भ्रूण (Embryo) का निर्माण करता है।
  • विकास के अगले चरण में, भ्रूण वाला यह बीजांड एक कठोर आवरण विकसित कर लेता है और बीज (Seed) में बदल जाता है, जबकि पूरा अंडाशय (Ovary) फल (Fruit) में विकसित हो जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (परागकण / Pollen grain): ये नर युग्मकों को ले जाने वाली संरचनाएं हैं, जो निषेचन से काफी पहले पुंकेसर के परागकोश में निर्मित होती हैं।
  • विकल्प 2 (स्त्रीकेसर / Pistil): यह पुष्प का मादा जनन अंग है, जिसके मुख्य तीन भाग होते हैं—वर्तिकाग्र, वर्तिका और अंडाशय।
  • विकल्प 4 (पुंकेसर / Stamen): यह पुष्प का नर जनन अंग है, जो परागकणों का उत्पादन करता है।

#20. एककोशिकीय निषेचित अंडे को क्या कहा जाता है?
(RRB NTPC CBT-I : 12 Feb 2021 Shift 1)

सही उत्तर: युग्मनज (Zygote)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • युग्मनज (Zygote): जब नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) का संलयन (निषेचन/Fertilization) होता है, तो उसके परिणामस्वरूप बनने वाली पहली एकल कोशिका (single cell) को युग्मनज कहा जाता है।
  • यह लैंगिक प्रजनन करने वाले किसी भी बहुकोशिकीय जीव के जीवन की प्रथम अवस्था होती है। यही युग्मनज बाद में लगातार विभाजित होकर भ्रूण (Embryo) और अंततः एक नए जीव का निर्माण करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (ब्लास्टोसाइट / Blastocyst): युग्मनज के बार-बार विभाजित होने से कोशिकाओं का एक गोलाकार समूह बनता है, जिसे ब्लास्टोसिस्ट कहते हैं। यही गर्भाशय की दीवार से जुड़कर प्रत्यारोपित (implant) होता है।
  • विकल्प 3 (भ्रूण / Embryo): युग्मनज के विभाजन और विकास के बाद की अवस्था को भ्रूण कहते हैं। मानव में गर्भावस्था के शुरुआती 8 सप्ताह (लगभग 2 महीने) तक इसे भ्रूण कहा जाता है।
  • विकल्प 4 (भ्रूण – गर्भस्थ शिशु / Fetus): 8 सप्ताह के बाद, जब विकासशील जीव के शरीर के सभी अंग (जैसे हाथ, पैर, सिर) पहचाने जाने लगते हैं, तो जन्म तक की इस अवस्था को गर्भस्थ शिशु (Fetus) कहते हैं।



#21. निम्नलिखित में से प्रजनन की कौन-सी विधि में बैक्टीरिया में जनक कोशिका को दो संतति कोशिकाओं में विभाजित होने की प्रक्रिया शामिल है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

सही उत्तर: द्वि-विभाजन (Binary fission)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्वि-विभाजन (Binary Fission): यह अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) की सबसे सामान्य विधि है, जो बैक्टीरिया (जीवाणु) और अमीबा जैसे एककोशिकीय जीवों में मुख्य रूप से पाई जाती है।
  • इस प्रक्रिया में एक पूर्ण विकसित जनक कोशिका (Parent cell) का आनुवंशिक पदार्थ (DNA) पहले दोगुना होता है, और फिर पूरी कोशिका दो समान आकार की संतति कोशिकाओं (Daughter cells) में विभाजित हो जाती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (बीजाणु निर्माण / Spore formation): यह प्रजनन विधि मुख्य रूप से कवक (Fungi, जैसे राइजोपस) और फर्न जैसे पौधों में पाई जाती है।
  • विकल्प 2 (खंडन / Fragmentation): यह सरल बहुकोशिकीय जीवों (जैसे स्पाइरोगायरा शैवाल) में होता है, जिसमें जीव का शरीर टुकड़ों में टूटकर नया जीव बनाता है।
  • विकल्प 4 (मुकुलन / Budding): इसमें जनक शरीर पर एक कली (Bud) निकलती है, जो विकसित होकर नया जीव बन जाती है। यह एककोशिकीय कवक यीस्ट (Yeast) और बहुकोशिकीय जीव हाइड्रा (Hydra) में पाया जाता है।

#22. मादा प्रजनन तंत्र में निषेचन सामान्यतःः कहां होता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

सही उत्तर: डिंबवाहिनी

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निषेचन (Fertilization): मानव मादा प्रजनन तंत्र में शुक्राणु (Sperm) और अंडाणु (Ovum) के मिलने और संलयन की प्रक्रिया डिंबवाहिनी (Fallopian tube / अंडवाहिनी) में होती है।
  • अंडाशय (Ovary) से अंडाणु निकलने के बाद डिंबवाहिनी में आता है, जहाँ यदि शुक्राणु उपलब्ध हों, तो निषेचन की प्रक्रिया संपन्न होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (गर्भाशय / Uterus): निषेचन के बाद युग्मनज (Zygote) यहाँ आकर गर्भाशय की दीवार से जुड़ जाता है (प्रत्यारोपण) और पूरे गर्भकाल के दौरान भ्रूण का विकास यहीं होता है।
  • विकल्प 3 (गर्भाशय ग्रीवा / Cervix): यह गर्भाशय का निचला संकरा भाग है जो योनि में खुलता है। यह शुक्राणुओं को गर्भाशय में प्रवेश करने का मार्ग देता है।
  • विकल्प 4 (योनि / Vagina): यह मादा मैथुन अंग (Copulatory organ) है जहाँ संभोग के दौरान शुक्राणु छोड़े जाते हैं, तथा यह शिशु के जन्म के समय जन्म नलिका (Birth canal) का भी कार्य करती है।

#23. पुष्पी पादपों में निषेचन के बाद क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

सही उत्तर: बीजांड बीज बन जाता है और अंडाशय फल बन जाता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निषेचन के बाद के परिवर्तन (Post-Fertilization Changes): पुष्पी पादपों (Flowering plants) में निषेचन के पश्चात् बीजांड (Ovule) एक कठोर आवरण विकसित करता है और बीज (Seed) में बदल जाता है।
  • इसी दौरान, संपूर्ण अंडाशय (Ovary) तीव्रता से वृद्धि करता है और परिपक्व होकर फल (Fruit) का निर्माण करता है। पुष्प के अन्य भाग जैसे बाह्यदल (Sepals), दल (Petals), पुंकेसर (Stamens), और वर्तिका (Style) प्रायः मुरझा कर गिर जाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (दल और पुंकेसर बीज बन जाते हैं…): यह गलत है क्योंकि दल (पंखुड़ियां) और पुंकेसर जनन प्रक्रिया के बाद मुरझा कर गिर जाते हैं। भ्रूण का निर्माण युग्मनज (Zygote) से होता है, अंडाशय से नहीं।
  • विकल्प 3 (बीजांड फल बन जाता है और अंडाशय बीज…): यह कथन बिल्कुल उल्टा दिया गया है। बीजांड बीज बनता है और अंडाशय फल।
  • विकल्प 4 (संपूर्ण पुष्प सूख जाता है और किसी नई संरचना का निर्माण किए बिना गिर जाता है): यह गलत है, क्योंकि अंडाशय फल के रूप में और बीजांड बीज के रूप में (नई संरचनाओं के रूप में) विकसित होते हैं।

#24. निम्नलिखित में से कौन-सी घटना, रजोधर्म ( menstruation) की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से ट्रिगर करती है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )

सही उत्तर: अंडे का अनिषेचन और हार्मोन परिवर्तन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रजोधर्म (Menstruation): प्रत्येक महीने गर्भाशय (Uterus) संभावित गर्भधारण के लिए खुद को तैयार करता है और अपनी भीतरी दीवार (Endometrium) को मोटा और रक्त वाहिकाओं से युक्त बना लेता है।
  • जब अंडाशय (Ovary) से निकला अंडा निषेचित नहीं होता है (अनिषेचन), तो शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन के स्तर में गिरावट आती है। इस हार्मोनल परिवर्तन के कारण गर्भाशय की वह मोटी परत टूट जाती है और रक्त तथा श्लेष्मा (mucus) के रूप में योनि मार्ग से बाहर निकलती है। इसे ही रजोधर्म या मासिक धर्म कहते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (योनि में शुक्राणु का मोचन): यह वीर्यसेचन (Insemination) की प्रक्रिया है। यह निषेचन की संभावना बनाती है, रजोधर्म की नहीं।
  • विकल्प 2 (अंडे का निषेचन): यदि अंडे का शुक्राणु द्वारा निषेचन (Fertilization) हो जाता है, तो महिला गर्भवती हो जाती है और पूरी गर्भावस्था के दौरान रजोधर्म की प्रक्रिया रुक जाती है।
  • विकल्प 4 (अंडे का परिपक्वन): अंडे के परिपक्व होने की प्रक्रिया अंडाशय में होती है, जिसके बाद अण्डोत्सर्ग (Ovulation) होता है। यह रजोधर्म का कारण नहीं है।

#25. संभोग के दौरान कंडोम का उपयोग करने की सलाह क्यों दी जाती है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

सही उत्तर: कंडोम यौन संचरित रोगों के प्रसार को कुछ हद तक रोकने में सहायता करते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कंडोम (Condom): यह एक भौतिक अवरोध (Physical barrier) गर्भनिरोधक विधि है। इसका उपयोग संभोग के दौरान शुक्राणुओं को मादा के जनन मार्ग में प्रवेश करने से रोकने के लिए किया जाता है, जिससे अनचाहे गर्भधारण से बचाव होता है।
  • गर्भधारण रोकने के साथ-साथ, कंडोम का एक बहुत महत्वपूर्ण कार्य यौन संचारित रोगों (STDs / STIs) जैसे एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS), गोनोरिया और सिफलिस के संक्रमण और प्रसार के जोखिम को काफी हद तक कम करना है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (जोखिम को पूर्णतः समाप्त कर देते हैं): यह कथन गलत है क्योंकि कोई भी गर्भनिरोधक विधि 100% (पूर्णतः) प्रभावी नहीं होती है। कंडोम के फटने या गलत इस्तेमाल होने की थोड़ी संभावना हमेशा रहती है।
  • विकल्प 2 (प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए): यह कथन अतार्किक है। कंडोम का कार्य गर्भधारण को रोकना है, इसका प्रजनन क्षमता (Fertility) को बढ़ाने से कोई संबंध नहीं है।
  • विकल्प 4 (कानूनी रूप से अनिवार्य है): कंडोम का उपयोग स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए उठाया गया एक व्यक्तिगत कदम है। भारत या विश्व में इसे कानूनी रूप से अनिवार्य (Legally mandatory) नहीं बनाया गया है।



#26. अलैंगिक प्रजनन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )

सही उत्तर: इसमें नर और मादा युग्मकों का संल्यन शामिल होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction): इस प्रकार के प्रजनन में केवल एक ही जनक (single parent) शामिल होता है, इसलिए इसमें जनन कोशिकाओं या युग्मकों (Gametes) की आवश्यकता नहीं होती है।
  • नर और मादा युग्मकों (Male and Female gametes) का संल्यन (Fertilization/निषेचन) लैंगिक जनन (Sexual reproduction) की प्रमुख विशेषता है, अलैंगिक की नहीं। इसलिए यह कथन गलत है और यही प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (विखंडन, अलैंगिक प्रजनन की एक विधि है): यह कथन सत्य है। विखंडन (Fission) या अपखंडन अलैंगिक प्रजनन का ही एक मुख्य प्रकार है (जैसे अमीबा या स्पाइरोगायरा में)।
  • विकल्प 2 (आनुवंशिक रूप से जनक के समान क्लोन होती हैं): यह कथन भी सत्य है। चूँकि इसमें केवल एक ही जनक का DNA संतति में जाता है, इसलिए उत्पन्न संतति अपने जनक के बिल्कुल समान (क्लोन) होती है।
  • विकल्प 3 (इसमें केवल एक जनक शामिल होता है): यह कथन सत्य है। यह अलैंगिक जनन की सबसे बुनियादी परिभाषा है।

#27. पौधों में नर और मादा जनन कोशिकाओं के बीच संल्यन का तत्काल परिणाम क्या होता है?(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )

सही उत्तर: युग्मनज

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • युग्मनज (Zygote): पौधों (तथा अन्य सभी लैंगिक जनन करने वाले जीवों) में नर युग्मक (Male gamete) और मादा युग्मक (Female gamete / अंड कोशिका) के संलयन (Fusion) की प्रक्रिया को निषेचन (Fertilization) कहा जाता है।
  • इस संलयन का तत्काल परिणाम (immediate result) एक नई एकल कोशिका का निर्माण होता है, जिसे युग्मनज (Zygote) कहते हैं। निषेचन के बाद यही युग्मनज लगातार विभाजित होकर भ्रूण (Embryo) में विकसित होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (पराग नली / Pollen tube): यह वह नली है जो परागण के बाद वर्तिका (Style) से होकर गुजरती है और नर युग्मकों को बीजांड तक ले जाने का कार्य करती है। यह संलयन से पहले की घटना है।
  • विकल्प 2 (बीजांड / Ovule): यह अंडाशय के भीतर स्थित वह संरचना है जिसके अंदर मादा युग्मक होता है। निषेचन के बाद यही बीजांड विकसित होकर बीज (Seed) बन जाता है।
  • विकल्प 4 (बीज आवरण / Seed coat): यह बीज के बाहर का कठोर सुरक्षात्मक आवरण है, जो निषेचन के बहुत बाद बीजांड के बाहरी आवरण (Integuments) से बनता है।

#28. दी गई व्याख्या के साथ प्रक्रिया को पहचानें। बीज में भविष्य का पौधा या भ्रूण होता है जो उपयुक्त परिस्थितियों में एक अंकुर में विकसित होता है。
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: अंकुरण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अंकुरण (Germination): यह वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें एक बीज (Seed) अनुकूल परिस्थितियां (जैसे- पर्याप्त नमी, ऑक्सीजन और उचित तापमान) मिलने पर सक्रिय हो जाता है। बीज के भीतर सुप्त अवस्था में मौजूद भ्रूण (Embryo) या भविष्य का पौधा वृद्धि करना शुरू करता है और बीज का आवरण तोड़कर एक नन्हें पौधे (अंकुर / Seedling) के रूप में बाहर आ जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (पुनर्जनन / Regeneration): यह कुछ विशिष्ट जीवों (जैसे हाइड्रा और प्लैनेरिया) में पाई जाने वाली क्षमता है, जिसमें जीव के शरीर का कोई कटा हुआ हिस्सा पुनः वृद्धि करके एक पूर्ण नया जीव बना लेता है।
  • विकल्प 2 (किंचन / किण्वन – Fermentation): यह सूक्ष्मजीवों (जैसे यीस्ट) द्वारा शर्करा को अल्कोहल या अम्ल में बदलने की एक अवायवीय प्रक्रिया है। इसका बीज के विकास से कोई संबंध नहीं है।
  • विकल्प 3 (रोपण / Implantation या Grafting): मानव प्रजनन में रोपण का अर्थ भ्रूण का गर्भाशय की दीवार से जुड़ना है। जबकि कृषि/बागवानी में रोपण का अर्थ नए पौधे लगाना (Plantation) या दो अलग-अलग पौधों की टहनियों को जोड़कर नया पौधा तैयार करना (Grafting) होता है।

#29. वृषणों में उत्पादित शुक्राणुओं का परिवहन ________ के माध्यम से होता है
。(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: शुक्रवाहक नलिका

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • शुक्रवाहक नलिका (Vas Deferens): नर प्रजनन तंत्र में वृषण (Testes) के भीतर शुक्राणुओं (Sperms) का निर्माण होता है। यहाँ उत्पादित शुक्राणुओं को आगे मूत्रमार्ग (Urethra) की ओर ले जाने का मुख्य कार्य शुक्रवाहक नलिका द्वारा किया जाता है।
  • यही वह नलिका है जिसे परिवार नियोजन (पुरुष नसबंदी / Vasectomy) के दौरान काटकर बांध दिया जाता है ताकि शुक्राणु वीर्य में न पहुँच सकें।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (मूत्रमार्ग / Urethra): यह वह मार्ग है जो मूत्राशय और जनन वाहिनियों दोनों से जुड़ा होता है। यह मूत्र और वीर्य (Semen) दोनों को शरीर से बाहर निकालने का सामान्य मार्ग (common passage) है, लेकिन वृषण से सीधे शुक्राणु लाने का काम शुक्रवाहक नलिका का है।
  • विकल्प 3 (शुक्राशय / Seminal vesicle): यह एक ग्रंथि (gland) है, परिवहन नलिका नहीं। यह वीर्य का एक बड़ा हिस्सा (तरल पदार्थ) बनाती है जो शुक्राणुओं को पोषण और गतिशीलता प्रदान करता है।
  • विकल्प 4 (मूत्राशय / Urinary bladder): यह मानव उत्सर्जन तंत्र (Excretory system) का एक अंग है, जो गुर्दों से आने वाले मूत्र (urine) को इकट्ठा करता है। इसका शुक्राणुओं के परिवहन से कोई संबंध नहीं है।

#30. निम्नलिखित में से कौन-सी जनन विधि, समष्टि में अधिक विविधता उत्पन्न करेगी?
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

सही उत्तर: लैंगिक जनन (Sexual reproduction)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैंगिक जनन (Sexual Reproduction): इस प्रक्रिया में दो जनकों (नर और मादा) की भागीदारी होती है। इसमें नर युग्मक और मादा युग्मक का संलयन (Fertilization) होता है।
  • चूँकि इस जनन में दो अलग-अलग जीवों (माता-पिता) का आनुवंशिक पदार्थ (DNA) आपस में मिलता है (Genetic recombination), इसलिए इससे उत्पन्न संतति में नए और भिन्न गुण आते हैं। यही कारण है कि लैंगिक जनन किसी भी समष्टि (population) में सबसे अधिक आनुवंशिक विविधता (Genetic diversity) उत्पन्न करता है, जो जीवों के विकास (Evolution) और बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों में उनके जीवित रहने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (द्वि-खंडन), 3 (मुकुलन), और 4 (खंडन): ये सभी अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) की विभिन्न विधियां हैं।
  • अलैंगिक जनन में केवल एक ही जनक शामिल होता है, इसलिए युग्मकों का निर्माण या संलयन नहीं होता है। इसके परिणामस्वरूप, उत्पन्न होने वाली सभी संततियां आनुवंशिक रूप से अपने जनक के बिल्कुल समान (क्लोन) होती हैं। इनमें आनुवंशिक विविधता उत्पन्न नहीं होती है।



#31. नर एवं मादा युग्मक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

सही उत्तर: नर युग्मक छोटा एवं गतिशील होता है; और मादा युग्मक बड़ा एवं गतिशील नहीं होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नर युग्मक (Male Gamete / शुक्राणु): ये आकार में बहुत छोटे होते हैं। इनमें गति करने के लिए प्रायः एक पूंछ (Tail / Flagellum) जैसी संरचना होती है, जिसके कारण ये गतिशील (Motile) होते हैं। इनका मुख्य कार्य तैरकर मादा युग्मक तक पहुँचना और अपना DNA (आनुवंशिक पदार्थ) प्रदान करना होता है।
  • मादा युग्मक (Female Gamete / अंडाणु): ये नर युग्मक की तुलना में आकार में काफी बड़े होते हैं। इसका कारण यह है कि इनमें निषेचन के बाद विकसित होने वाले भ्रूण के लिए भोजन (Nutrients/Cytoplasm) संचित रहता है। ये अचल या स्थिर (Non-motile) होते हैं, अर्थात ये स्वयं गति नहीं करते।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (नर युग्मक बड़ा… मादा युग्मक छोटा…): यह पूरी तरह से गलत है क्योंकि नर युग्मक छोटा और मादा युग्मक बड़ा होता है।
  • विकल्प 3 (नर युग्मक बड़ा एवं गतिशील नहीं…): यह भी गलत है। नर युग्मक गतिशील होता है और मादा युग्मक अचल होता है।
  • विकल्प 4 (नर युग्मक छोटा एवं गतिशील नहीं…): नर युग्मक छोटा तो होता है लेकिन वह गतिशील (motile) भी होता है। वहीं मादा युग्मक बड़ा होता है लेकिन वह गतिशील नहीं होता। अतः यह कथन भी गलत है।

#32. पराग को पुंकेसर से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरित करने की आवश्यकता होती है। यदि पराग का यह स्थानांतरण एक ही पुष्प में होता है, तो इस घटना को क्या कहा जाता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: स्व-परागण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्व-परागण (Self-pollination): जब किसी पुष्प के परागकोश (Anther) से परागकण (Pollen grains) निकलकर उसी पुष्प के वर्तिकाग्र (Stigma) पर पहुंचते हैं, तो इस विशिष्ट प्रक्रिया को स्व-परागण कहा जाता है।
  • यह प्रक्रिया मुख्य रूप से उन पौधों में होती है जिनके फूल द्विलिंगी (Bisexual) होते हैं (अर्थात एक ही फूल में नर और मादा दोनों जनन अंग मौजूद होते हैं), जैसे मटर, मूंगफली, और टमाटर।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (निषेचन / Fertilization): परागण सफलतापूर्वक हो जाने के बाद, नर युग्मक और मादा युग्मक के आपस में मिलने (संलयन) की वास्तविक प्रक्रिया को निषेचन कहा जाता है।
  • विकल्प 2 (परागण / Pollination): यह एक सामान्य और व्यापक शब्द (Broad term) है। इसमें परागकणों का स्थानांतरण शामिल है, जो स्व-परागण (उसी पुष्प में) या पर-परागण (Cross-pollination – दूसरे पौधे के पुष्प में) दोनों प्रकार का हो सकता है। चूँकि प्रश्न में स्पष्ट रूप से “एक ही पुष्प” का उल्लेख है, इसलिए ‘स्व-परागण’ सबसे सटीक उत्तर है।
  • विकल्प 3 (बीजाणु निर्माण / Spore formation): यह कवक (Fungi) और कुछ सरल पौधों (जैसे फर्न) में पाया जाने वाला अलैंगिक जनन (Asexual reproduction) का एक प्रकार है। इसका पुष्पी पौधों के परागण से कोई संबंध नहीं है।

#33. वह घटना जिसमें पादपों के विभिन्न भाग, जैसे जड़, तना और पत्तियाँ, उपयुक्त परिस्थितियों में नए पादपों में विकसित होते हैं, ________ कहलाता है。
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

सही उत्तर: कायिक प्रवर्धन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation): यह पौधों में होने वाले अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction) का एक प्रमुख प्रकार है।
  • इस प्रक्रिया में बीजों की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि पौधे के कायिक भागों (जैसे जड़, तना, या पत्तियों) से ही उपयुक्त परिस्थितियों (नमी, मिट्टी) में नए पौधे विकसित हो जाते हैं। इसके सामान्य उदाहरणों में आलू (कंद/तने से), गुलाब (कलम से), और ब्रायोफिलम (पत्तियों से) शामिल हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (निषेचन / Fertilization): यह नर और मादा युग्मकों (Gametes) के संलयन की प्रक्रिया है, जो बीजों के निर्माण का आधार है।
  • विकल्प 2 (लैंगिक जनन / Sexual reproduction): यह वह प्रजनन विधि है जिसमें नर और मादा दोनों की भागीदारी होती है और इसमें पौधे बीज (Seeds) के माध्यम से अपना वंश बढ़ाते हैं, कायिक भागों से नहीं।
  • विकल्प 3 (पुनरूद् भवन / Regeneration): यह सरल जीवों (जैसे हाइड्रा और प्लैनेरिया) में पाई जाने वाली क्षमता है, जिसमें जीव के शरीर का कोई कटा हुआ हिस्सा पुनः वृद्धि करके एक पूर्ण नया जीव बना लेता है। पौधों के जड़, तने आदि से होने वाले प्रजनन को तकनीकी रूप से ‘कायिक प्रवर्धन’ ही कहा जाता है।

#34. प्रजनन स्वास्थ्य में, गर्भनिरोध का क्या उद्देश्य है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )

सही उत्तर: अनियोजित गर्भधारण को रोकना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गर्भनिरोध (Contraception): प्रजनन स्वास्थ्य (Reproductive health) के अंतर्गत गर्भनिरोध का मुख्य उद्देश्य अनचाहे या अनियोजित गर्भधारण (Unplanned pregnancy) को रोकना है।
  • इसके उपयोग से परिवार नियोजन (Family Planning) में मदद मिलती है, जिससे दो बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतर (spacing) रखा जा सकता है। इसके लिए कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां, कॉपर-टी (Copper-T) और शल्य चिकित्सा (नसबंदी) जैसे विभिन्न उपाय अपनाए जाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (जुड़वां बच्चे पैदा करना): इसका गर्भनिरोध से कोई संबंध नहीं है। जुड़वां बच्चे आनुवंशिक कारणों या कुछ विशेष प्रजनन उपचारों (जैसे IVF) के कारण हो सकते हैं।
  • विकल्प 2 (अधिक बच्चे पैदा करना): गर्भनिरोधक विधियों का उपयोग बच्चों की संख्या को सीमित करने या जन्म दर को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, न कि अधिक बच्चे पैदा करने के लिए।
  • विकल्प 3 (बच्चों को स्वस्थ बनाना): यद्यपि बच्चों के जन्म के बीच अंतर रखने से माँ और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर होता है, लेकिन गर्भनिरोध का प्रत्यक्ष (Direct) कार्य या उद्देश्य केवल गर्भधारण को रोकना है।

#35. स्त्रियां फैलोपियन नलिका बंद झ्ल्लास काय टळता येते?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )

सही उत्तर: फलन (Fertilization / निषेचन)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • फलन (Fertilization / निषेचन): मादा प्रजनन तंत्र में फैलोपियन ट्यूब (Fallopian tube / अंडवाहिनी) वह स्थान है जहाँ अंडाशय से निकला अंडाणु (Ovum) और शुक्राणु (Sperm) आपस में मिलते हैं।
  • यदि फैलोपियन नलिका किसी कारण से बंद हो जाती है, या परिवार नियोजन के लिए शल्य चिकित्सा द्वारा काट कर बांध दी जाती है (जिसे महिला नसबंदी / Tubectomy कहते हैं), तो शुक्राणु अंडे तक नहीं पहुँच पाते। इसके परिणामस्वरूप शुक्राणु और अंडाणु का संलयन (फलन / Fertilization) पूरी तरह से रुक जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (अंडोत्पादन / Ovulation): यह प्रक्रिया अंडाशय (Ovary) में होती है। नलिका बंद होने का अंडाशय के कार्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, इसलिए अंडे का निर्माण और निकलना सामान्य रूप से जारी रहता है (अंडा बाद में शरीर द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है)।
  • विकल्प 2 (प्रसूती / Delivery): प्रसूती शिशु के जन्म की प्रक्रिया है। जब निषेचन (फलन) ही नहीं होगा तो गर्भावस्था नहीं होगी। नलिका बंद होने का प्रत्यक्ष (direct) प्रभाव फलन को रोकना है।
  • विकल्प 4 (मासिक पाळी / Menstruation): फैलोपियन नलिका के बंद होने से हार्मोनल चक्र या गर्भाशय (Uterus) के कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ता है, इसलिए महिलाओं का मासिक धर्म (Periods) सामान्य रूप से जारी रहता है।



#36. निम्नलिखित में से कौन-सी जीवन प्रक्रिया किसी जीव के जीवन को बनाए रखने के लिए आवश्यक नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

सही उत्तर: प्रजनन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रजनन (Reproduction): यह वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने जैसी नई संतति (offspring) उत्पन्न करते हैं।
  • पोषण, श्वसन या उत्सर्जन जैसी अन्य जीवन प्रक्रियाओं के विपरीत, किसी एक व्यक्तिगत जीव (individual organism) को जीवित रहने के लिए प्रजनन की आवश्यकता नहीं होती है। एक जीव बिना प्रजनन किए भी अपना पूरा जीवनकाल जी सकता है। हालांकि, पृथ्वी पर किसी प्रजाति (species) के अस्तित्व को बनाए रखने और उसे विलुप्त होने से बचाने के लिए प्रजनन अनिवार्य है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (पोषण / Nutrition): यह जीव के जीवित रहने के लिए अनिवार्य है क्योंकि इसी से शरीर को ऊर्जा और वृद्धि के लिए आवश्यक पदार्थ मिलते हैं।
  • विकल्प 3 (उत्सर्जन / Excretion): शरीर में होने वाली रासायनिक क्रियाओं के फलस्वरूप उत्पन्न हानिकारक और विषैले पदार्थों (जैसे यूरिया) को शरीर से बाहर निकालना अनिवार्य है। इसके बिना जीव की मृत्यु हो सकती है।
  • विकल्प 4 (श्वसन / Respiration): यह भी एक अनिवार्य प्रक्रिया है जिसमें भोजन (ग्लूकोज) के टूटने से शरीर को कार्य करने के लिए ऊर्जा (ATP) प्राप्त होती है।

#37. पुष्पी पौधों में बीजों के निर्माण और परिपक्वता के ठीक बाद क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )

सही उत्तर: बीज परिक्षेपण

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बीज परिक्षेपण (Seed Dispersal / प्रकीर्णन): पुष्पी पौधों में जब बीजांड (Ovule) बीज में और अंडाशय (Ovary) फल में विकसित होकर पूरी तरह परिपक्व (mature) हो जाते हैं, तो इसके ठीक बाद का महत्वपूर्ण प्राकृतिक चरण ‘बीज परिक्षेपण’ होता है।
  • इस प्रक्रिया में परिपक्व बीज अपने मातृ पौधे से अलग होकर हवा, जल, जानवरों या स्वयं फल के फटने जैसी विधियों द्वारा दूर-दूर तक फैल जाते हैं। यह बीजों को एक ही जगह पर गिरने से रोकता है, जिससे नए पौधों के बीच धूप, पानी और खनिजों के लिए प्रतिस्पर्धा कम होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (परागण / Pollination): यह पौधे के जीवन चक्र की प्रारंभिक अवस्था है (निषेचन से पहले), जिसमें परागकण वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं।
  • विकल्प 2 (निषेचन / Fertilization): यह परागण के बाद और बीज निर्माण से पहले की घटना है, जिसमें नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है।
  • विकल्प 3 (बीज अंकुरण / Seed Germination): यह बीज परिक्षेपण के बाद की अवस्था है। जब फैले हुए (परिक्षेपित) बीज को मिट्टी में अनुकूल परिस्थितियां (नमी, ऑक्सीजन, उचित तापमान) मिलती हैं, तब वह एक नए पौधे (अंकुर) के रूप में विकसित होना शुरू करता है।

#38. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, एककोशिकीय जीवों में द्वि-खंडन और बहु-खंडन के बीच सही अंतर करता है?
(RRB Level 01 Stage I 23/12/2025 )

सही उत्तर: द्वि-खंडन से दो संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है, जबकि बहु खंडन से एक साथ कई संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्वि-खंडन (Binary Fission): इस प्रक्रिया में एक जनक कोशिका (Parent cell) विभाजित होकर ठीक दो (Two) समान संतति कोशिकाओं (Daughter cells) का निर्माण करती है (जैसे- अमीबा, पैरामीशियम, लीशमैनिया)।
  • बहु-खंडन (Multiple Fission): इस प्रक्रिया में एक जनक कोशिका के भीतर केंद्रक कई बार विभाजित होता है, जिसके परिणामस्वरूप एक साथ कई (Many) संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है (जैसे- प्लाज्मोडियम)। अतः पहला कथन दोनों के बीच बिल्कुल सही अंतर स्पष्ट करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (द्वि-खंडन केवल बहुकोशिकीय जीवों में होता है…): यह कथन गलत है क्योंकि द्वि-खंडन और बहु-खंडन दोनों ही मुख्य रूप से एककोशिकीय जीवों (Unicellular organisms) में होने वाले अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) के प्रकार हैं।
  • विकल्प 3 (द्वि-खंडन के परिणामस्वरूप कई…): यह कथन पूरी तरह से उल्टा (opposite) दिया गया है।
  • विकल्प 4 (बीजाणुओं की आवश्यकता…): यह भी गलत है। दोनों विधियों में जनक कोशिका का सीधा विभाजन होता है और किसी में भी बीजाणुओं (Spores) के निर्माण की आवश्यकता नहीं होती। बीजाणु निर्माण (Spore formation) कवकों (Fungi) में पाया जाने वाला एक अलग प्रकार का अलैंगिक जनन है।

#39. यदि किसी पुष्प के पुंकेसर निष्क्रीय हों, तो कौन-सी प्रक्रिया नहीं होगी?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

सही उत्तर: पराग उत्पादन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पुंकेसर (Stamen): यह किसी भी पुष्पी पौधे का नर जनन अंग (Male reproductive organ) होता है। इसके मुख्य रूप से दो भाग होते हैं- तंतु (Filament) और परागकोश (Anther)।
  • परागकोश (Anther) के भीतर ही परागकणों (Pollen grains) का निर्माण होता है, जो नर युग्मक (Male gametes) होते हैं। यदि किसी पुष्प के पुंकेसर निष्क्रिय (inactive) या नष्ट हो जाते हैं, तो उसका सीधा और पहला प्रभाव यह होगा कि उस पुष्प में पराग का उत्पादन (Pollen production) रुक जाएगा।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (कलिका संरक्षण / Bud protection): कली (Bud) अवस्था में पुष्प के भीतरी अंगों की रक्षा करने का कार्य हरे रंग के बाह्यदल (Sepals) द्वारा किया जाता है, पुंकेसर द्वारा नहीं।
  • विकल्प 2 (फल परिक्षेपण / Fruit dispersal): यह फल बनने के बाद उसके बीजों के फैलने की प्रक्रिया है, जो हवा, जल या जंतुओं जैसे बाहरी कारकों पर निर्भर करती है।
  • विकल्प 4 (अंडाशय विकास / Ovary development): अंडाशय (Ovary) पुष्प के मादा जनन अंग (स्त्रीकेसर / Pistil) का भाग है। इसका विकास मादा संरचना का हिस्सा है। यद्यपि पराग न होने से स्व-परागण/निषेचन नहीं होगा जिससे अंडाशय फल में नहीं बदलेगा, लेकिन पुंकेसर के निष्क्रिय होने का प्रत्यक्ष (direct) परिणाम केवल पराग उत्पादन का रुकना है।

#40. निम्नलिखित में से वह कौन-सी अवस्था है जिसके दौरान मनुष्यों में प्रजनन ऊतक परिपक्व होने लगते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026

सही उत्तर: यौवनारंभ

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • यौवनारंभ (Puberty): यह मानव विकास (किशोरावस्था) का वह महत्वपूर्ण चरण है जिसके दौरान शरीर में तीव्र हार्मोनल परिवर्तन होते हैं और जनन अंग (Reproductive organs) तथा प्रजनन ऊतक परिपक्व (mature) होना शुरू हो जाते हैं।
  • इसी अवस्था के दौरान लड़कों में वृषण (Testes) द्वारा शुक्राणुओं का निर्माण और लड़कियों में अंडाशय (Ovary) द्वारा अंडों का परिपक्व होना शुरू होता है। शरीर में द्वितीयक लैंगिक लक्षण (Secondary sexual characters) विकसित होते हैं और व्यक्ति जैविक रूप से प्रजनन के योग्य बनता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (ऋतुस्राव / Menstruation): यह लड़कियों में यौवनारंभ के दौरान शुरू होने वाली एक चक्रीय (मासिक) प्रक्रिया है, जिसमें गर्भाशय की परत टूटकर रक्त और श्लेष्मा के रूप में बाहर आती है। यह यौवनारंभ का एक संकेत (sign) है, संपूर्ण अवस्था नहीं।
  • विकल्प 3 (बचपन / Childhood): यह जन्म से लेकर यौवनारंभ से ठीक पहले तक की आयु है। इस अवधि में सामान्य शारीरिक वृद्धि होती है, लेकिन प्रजनन ऊतक पूरी तरह से अपरिपक्व (immature) और निष्क्रिय रहते हैं।
  • विकल्प 4 (निषेचन / Fertilization): यह नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) के आपस में संलयन (fusion) की प्रक्रिया है, जिसके परिणामस्वरूप युग्मनज (Zygote) बनता है। यह एक जैविक घटना है, शरीर के विकास की कोई अवस्था (stage) नहीं।



#41. गर्भाधनाची कोणती पद्धत अंडोत्सर्ग थांबवण्यासाठी संप्रेरक स्राव करते?
(Not found 12/03/2026 )

बरोबर उत्तर (Correct Answer): मौखिक गर्भनिरोधक गोळ्या (Oral contraceptive pills)

💡 सविस्तर माहिती (Detailed Notes):
  • मौखिक गर्भनिरोधक गोळ्या (Oral Pills): या गोळ्यांमध्ये कृत्रिम संप्रेरके (Hormones – मुख्यत्वे इस्ट्रोजेन आणि प्रोजेस्टेरॉन) असतात. जेव्हा या गोळ्या तोंडावाटे घेतल्या जातात, तेव्हा त्या शरीरात संप्रेरके सोडतात (release करतात).
  • या संप्रेरकांचा मुख्य उद्देश अंडोत्सर्ग (Ovulation – अंडाशयातून स्त्रीबीज बाहेर पडण्याची प्रक्रिया) थांबवणे हा असतो. स्त्रीबीजच उपलब्ध नसल्यामुळे शुक्राणूंचे फलन (Fertilization) होऊ शकत नाही आणि गर्भधारणा टळते.

🔍 इतर पर्यायांचे विश्लेषण:
  • पर्याय १ (कंडोम / Condom): हे एक भौतिक साधन (Physical barrier) आहे, जे शुक्राणूंना गर्भाशयात प्रवेश करण्यापासून रोखते. यामध्ये कोणतेही संप्रेरक (Hormone) नसते आणि हे अंडोत्सर्गावर कोणताही परिणाम करत नाही.
  • पर्याय ३ (प्रत्यारोपण पद्धत / Implant method): या पद्धतीत त्वचेखाली एक छोटी नळी (Implant) बसवली जाते, जी सतत संप्रेरके स्रवते. ही पद्धत देखील अंडोत्सर्ग थांबवते, परंतु सर्वसाधारण शालेय विज्ञानाच्या अभ्यासक्रमानुसार (आणि RRB च्या अनेक जुन्या प्रश्नपत्रिकांनुसार) संप्रेरकांद्वारे अंडोत्सर्ग थांबवण्यासाठी ‘मौखिक गोळ्या’ हेच सर्वात प्राधान्याचे आणि प्रमाणित उत्तर मानले जाते.
  • पर्याय ४ (कॉपर-टी / Copper-T): हे गर्भाशयात बसवले जाणारे (IUD) साधन आहे. हे तांब्याचे आयन (Copper ions) स्रवते, जे शुक्राणूंची हालचाल आणि फलन क्षमता नष्ट करतात, परंतु हे संप्रेरक नाही आणि हे अंडोत्सर्ग (Ovulation) थांबवत नाही.

#42. पौधों के लिए बीज प्रसार महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ………….. I
(RRB Level 01 Stage I 05/12/2025 )

सही उत्तर: अतिसंकुलता और प्रतिस्पर्धा को रोकता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बीज प्रसार (Seed Dispersal / प्रकीर्णन): यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा परिपक्व बीज अपने मातृ पौधे से दूर फैल जाते हैं।
  • यदि सभी बीज मातृ पौधे के ठीक नीचे ही गिर जाएं, तो एक ही जगह पर बहुत सारे पौधे उग जाएंगे (अतिसंकुलता / Overcrowding)। इससे उनके बीच धूप, पानी, जगह और मिट्टी के पोषक तत्वों के लिए भारी प्रतिस्पर्धा (Competition) होगी, जिससे कई पौधे नष्ट हो सकते हैं। बीज प्रसार इन समस्याओं को रोकता है और नई जातियों को नए क्षेत्रों में फैलने में मदद करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (निषेचन के बाद बीज का निष्क्रिय होना…): बीज की सुप्त अवस्था (Dormancy) उसके आंतरिक आवरण और हार्मोनल नियंत्रण पर निर्भर करती है, न कि बीज के फैलने (प्रसार) पर।
  • विकल्प 3 (परागकण को रोकता है): परागकण (Pollination) निषेचन से पहले की घटना है, जबकि बीज प्रसार पौधे के जीवन चक्र की अंतिम अवस्था (बीज बनने के बाद) है।
  • विकल्प 4 (बीजों का आकार बढ़ाता है): बीजों का आकार उनके विकास के दौरान आनुवंशिक और पोषण कारकों पर निर्भर करता है, इसका परिक्षेपण या प्रसार से कोई संबंध नहीं है।

#43. पुष्प में होने वाला कौन-सा परिवर्तन निषेचन के होने का संकेत देता है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

सही उत्तर: बीजांड का परिपक्व होकर बीज में बदलना और अंडाशय का फल में बदलना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निषेचन के बाद के परिवर्तन (Post-Fertilization Changes): पुष्पी पादपों में जब नर और मादा युग्मकों का सफल निषेचन (Fertilization) हो जाता है, तो इसके परिणामस्वरूप पुष्प के आंतरिक भागों में महत्वपूर्ण और निश्चित परिवर्तन शुरू हो जाते हैं।
  • निषेचन होने का सबसे स्पष्ट संकेत यह होता है कि पुष्प के भीतर स्थित बीजांड (Ovule) विकसित होकर बीज (Seed) में और संपूर्ण अंडाशय (Ovary) परिपक्व होकर फल (Fruit) में बदलने लगता है, जबकि अन्य पंखुड़ियां और बाह्यदल मुरझाकर गिर जाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (परागनलिका का विकास): परागनलिका (Pollen tube) का विकास परागण के तुरंत बाद और निषेचन से ठीक पहले होता है ताकि नर युग्मक बीजांड तक पहुँच सकें।
  • विकल्प 3 (पंखुड़ियों का बड़ा और चमकदार हो जाना): पंखुड़ियों का रंग-बिरंगा और चमकदार होना कीटों को आकर्षित करने के लिए होता है, जो परागण (Pollination) से संबंधित है, निषेचन के बाद के संकेत से नहीं।
  • विकल्प 4 (नए पुंकेसरों का निर्माण): पुंकेसर नर जनन अंग हैं, और निषेचन के बाद इनकी कोई आवश्यकता नहीं रह जाती, इसलिए ये प्रायः सूखकर गिर जाते हैं। नए पुंकेसरों का निर्माण निषेचन का संकेत नहीं है।

#44. निम्नलिखित में से कौन-सी, गर्भनिरोधक विधि नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )

सही उत्तर: गर्भ का गर्भपात

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गर्भपात (Abortion): यह पहले से स्थापित हो चुके गर्भ (Pregnancy) को समाप्त करने की एक चिकित्सीय या शल्यक्रिया विधि है। यह गर्भनिरोधक (Contraception) विधि नहीं है, क्योंकि गर्भनिरोधक विधियों का उपयोग गर्भधारण होने से रोकने के लिए किया जाता है, जबकि गर्भपात गर्भधारण हो जाने के बाद किया जाता है। अतः यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (जो गर्भनिरोधक विधियां हैं):
  • विकल्प 2 (हार्मोनल संतुलन में परिवर्तन करना): यह मौखिक गर्भनिरोधक गोलियों (Oral pills) द्वारा किया जाता है, जो अंडोत्सर्ग (Ovulation) को रोकती हैं।
  • विकल्प 3 (कंडोम का उपयोग): यह एक भौतिक अवरोधक (Barrier method) है जो शुक्राणुओं को अंडे तक पहुँचने से रोकता है।
  • विकल्प 4 (गर्भाशय में कॉपर-T डालना): यह एक अंतर्गर्भाشی युक्ति (IUD) है जो निषेचन को रोकती है।

#45. पौधों में निषेचन की प्रक्रिया में अंडाशय की क्या भूमिका है?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: अंड कोशिका का उत्पादन करना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अंडाशय (Ovary): पुष्पी पादपों में अंडाशय स्त्रीकेसर (Pistil/Carpel) का फूला हुआ निचला भाग होता है। इसके भीतर बीजांड (Ovule) स्थित होते हैं, जो मादा युग्मक या अंड कोशिका (Egg cell / Ovum) का निर्माण करते हैं।
  • निषेचन की प्रक्रिया के दौरान, परागकण से आने वाला नर युग्मक इसी अंड कोशिका के साथ संलयन (Fusion) करता है। निषेचन के बाद यही अंडाशय विकसित होकर फल (Fruit) का रूप ले लेता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (पराग का उत्पादन करना): पराग (Pollen grains) का उत्पादन पुष्प के नर जनन अंग यानी पुंकेसर (Stamen) के परागकोश (Anther) द्वारा किया जाता है, अंडाशय द्वारा नहीं।
  • विकल्प 2 और 4 (पोषक तत्व प्रदान करना / नर युग्मकों का भंडारण): अंडाशय का कार्य नर युग्मकों का भंडारण करना या उन्हें पोषित करना नहीं है; इसके भीतर मुख्य रूप से मादा युग्मक (अंड कोशिका) सुरक्षित रहती है और निषेचन के बाद फल का निर्माण होता है।



#46. पौधों में लैंगिक प्रजनन का निम्नलिखित में से कौन-सा लाभ है?
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

सही उत्तर: यह आनुवंशिक विविधता वाले बीज पैदा करने में मदद करता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction): पौधों में लैंगिक प्रजनन के दौरान नर युग्मक (परागकण) और मादा युग्मक (अंड कोशिका) का संलयन (निषेचन) होता है।
  • चूँकि इसमें दो अलग-अलग जनकों या युग्मकों का आनुवंशिक पदार्थ आपस में मिलता है, इसलिए इसके परिणामस्वरूप बनने वाले बीजों और उनसे उगने वाले नए पौधों में आनुवंशिक विविधता (Genetic diversity) उत्पन्न होती है। यह विविधता पौधों को पर्यावरण में होने वाले बदलावों और बीमारियों से मुकाबला करने में सक्षम बनाती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (यह निषेचन को होने से रोकता है): यह कथन बिल्कुल विपरीत है; लैंगिक प्रजनन की मुख्य प्रक्रिया ही निषेचन (Fertilization) है।
  • विकल्प 2 (यह केवल जड़ प्रणाली में ही होता है): लैंगिक जनन पौधों के पुष्प (Flower) वाले हिस्से में होता है, न कि केवल जड़ों में।
  • विकल्प 4 (इसके लिए हमेशा अलग-अलग प्रजातियों के दो पौधों की आवश्यकता होती है): यह गलत है क्योंकि कई पौधे द्विलिंगी (Bisexual) होते हैं और वे एक ही पौधे के भीतर (स्व-परागण द्वारा) भी लैंगिक प्रजनन कर सकते हैं। साथ ही, प्रजनन हमेशा एक ही प्रजाति (Same species) के भीतर होता है, अलग-अलग प्रजातियों के बीच नहीं।

#47. हाइड्रा में मुकुल ________ ।
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

सही उत्तर: उद्बर्ध के रूप में वृद्धि करता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मुकुलन (Budding in Hydra): हाइड्रा में अलैंगिक प्रजनन की मुख्य विधि मुकुलन है। इसमें अनुकूल परिस्थितियों में हाइड्रा के शरीर की कोशिकाओं के बार-बार विभाजन के कारण शरीर पर एक उभार या आउटग्रोथ जैसी संरचना बनती है, जिसे उद्बर्ध (Outgrowth या Bud) कहा जाता है।
  • यह मुकुल धीरे-धीरे विकसित होता है, उसमें छोटे-छोटे तंतु या मुख बन जाते हैं और अंततः वह जनक हाइड्रा के शरीर से अलग होकर एक स्वतंत्र नए हाइड्रा के रूप में जीवन जीने लगता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 2 (जनक के शरीर के अंदर बनता है): हाइड्रा में मुकुल शरीर के बाहर की सतह पर एक उभार (उद्बर्ध) के रूप में विकसित होता है, अंदर नहीं।
  • विकल्प 3 (बीजाणुओं के माध्यम से बनता है): बीजाणु निर्माण (Spore formation) कवकों और कुछ पादपों में होता है, हाइड्रा में मुकुलन विधि से जनन होता है, बीजाणुओं से नहीं।
  • विकल्प 4 (एक वृंत पर विकसित होता है): मुकुल किसी विशेष वृंत (stalk) पर नहीं, बल्कि सीधे जनक हाइड्रा के शरीर के किसी भाग पर उद्बर्ध (उभार) के रूप में उगता है।

#48. निम्नलिखित में से कौन तेजी से बढ़ता है और फल बनाने के लिए पकता है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: अंडाशय

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अंडाशय (Ovary): पुष्पी पादपों में निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, फूल का अंडाशय तीव्रता से वृद्धि करता है और परिपक्व होकर फल (Fruit) का निर्माण करता है।
  • इसी दौरान अंडाशय के भीतर मौजूद बीजांड (Ovule) विकसित होकर बीज (Seed) बन जाते हैं, जबकि पुष्प के अन्य भाग (जैसे पंखुड़ियां और बाह्यदल) सूखकर गिर जाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
  • विकल्प 1 (परागकोश / Anther): यह पुंकेसर का वह ऊपरी हिस्सा है जिसमें परागकणों का निर्माण होता है। यह फल नहीं बनाता है।
  • विकल्प 2 (पराग नलिका / Pollen tube): यह परागण के बाद परागकण से निकलती है और नर युग्मकों को बीजांड तक पहुँचाने का मार्ग बनाती है। यह निषेचन में मदद करती है, फल नहीं बनाती।
  • विकल्प 3 (वर्तिकाग्र / Stigma): यह स्त्रीकेसर का सबसे ऊपरी हिस्सा है जो परागकणों को ग्रहण करता है। यह भी फल में परिवर्तित नहीं होता है।
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