पादप प्रजनन PYQ

 

Results

#1. मानव मादा जनन तंत्र ( human female reproductive system) में भ्रूण के विकास के दौरान प्लेसेंटा की क्या भूमिका होती है?
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )

सही उत्तर: यह माता और भ्रूण के बीच पोषक तत्वों और अपशिष्ट विनिमय की सुविधा प्रदान करता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्लेसेंटा (Placenta / अपरा): यह एक विशेष तश्तरीनुमा ऊतक है जो गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय की दीवार और भ्रूण के बीच बनता है। इसकी मुख्य भूमिका माँ के खून से भ्रूण तक ग्लूकोज, ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों को पहुँचाना तथा भ्रूण द्वारा उत्सर्जित अपशिष्ट पदार्थों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और यूरिया) को माँ के रक्त में वापस भेजना है, ताकि उनका निष्कासन किया जा सके।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अंडों का निर्माण: अंडों (Ovum) का निर्माण अंडाशय (Ovary) द्वारा होता है, प्लेसेंटा द्वारा नहीं।
  • निषेचन का स्थान: अंडे और शुक्राणु का निषेचन (Fertilization) मुख्य रूप से फैलोपियन ट्यूब (अंडवाहिनी) में होता है।

  • अंडवाहिनियों को गर्भाशय में जोड़ना: यह कार्य अंडवाहिनियों की अपनी शारीरिक संरचना का है, प्लेसेंटा का इससे संबंध नहीं है।

#2. कोशिका विभाजन की किस विधि द्वारा द्विगुणित गुणसूत्रों को अगुणित युग्मकों में विभाजित किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/11/2025 )

सही उत्तर: अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis): यह कोशिका विभाजन की वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा द्विगुणित (Diploid / 2n) जनन कोशिकाएं विभाजित होकर अगुणित (Haploid / n) युग्मकों (जैसे शुक्राणु और अंडाणु) का निर्माण करती हैं। इस विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है, जिससे लैंगिक जनन के दौरान संतति में गुणसूत्रों की संख्या स्थिर बनी रहती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सूत्रीविभाजन (Mitosis): इसे समसूत्री विभाजन भी कहते हैं, जिसमें द्विगुणित कोशिका विभाजित होकर समान संख्या में द्विगुणित (2n) संतति कोशिकाएं बनाती है (यह वृद्धि और मरम्मत के लिए होता है)।
  • असूत्रीविभाजन (Amitosis): यह एक प्रत्यक्ष (Direct) कोशिका विभाजन है जो आमतौर पर बैक्टीरिया या यीस्ट जैसे निम्न श्रेणी के जीवों में होता है।

  • द्वि-खंडन (Binary Fission): यह एककोशिकीय जीवों (जैसे अमीबा) में अलैंगिक जनन की एक विधि है।

#3. निम्नलिखित में से कौन-सी, एकल व्यष्टि जीव ( solitary individual organism) द्वारा जनन की विधि नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 )

सही उत्तर: लैंगिक जनन (Sexual reproduction)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैंगिक जनन (Sexual Reproduction): यह जनन की वह विधि है जिसमें आमतौर पर दो विभिन्न व्यष्टि जीवों (नर और मादा) की आवश्यकता होती है (युग्मकों के संलयन द्वारा)। इसलिए यह किसी ‘एकल व्यष्टि जीव’ द्वारा अकेले संपन्न होने वाली विधि नहीं है, बल्कि यह अलैंगिक जनन की विशेषता है जहाँ एक अकेला जीव नया जीव उत्पन्न कर सकता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये एकल जीव द्वारा होने वाली विधियां हैं):
  • पुनर्जनन (Regeneration): इसमें एक एकल जीव (जैसे हाइड्रा या प्लेनेरिया) का कटा हुआ शरीर का हिस्सा नए जीव में विकसित हो जाता है।
  • विखंडन (Fission): इसमें एक अकेला एकल कोशिका जीव (जैसे अमीबा) विभाजित होकर दो या अधिक संतति जीव बनाता है।

  • खंडन (Fragmentation): इसमें एक बहुकोशिकीय जीव (जैसे स्पाइरोगाइरा) का शरीर टुकड़ों में टूटकर प्रत्येक टुकड़े से नए जीव का निर्माण करता है।

#4. मादा प्रजनन कोशिका का नाम क्या है?
(RRB JE CBT I- : 31 May 2019 Shift 3)

सही उत्तर: अंडाणु (Ovum / Egg cell)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मादा प्रजनन कोशिका (Female Reproductive Cell): इसे अंडाणु (Ovum या Egg) कहा जाता है। यह एक अगुणित (Haploid) युग्मक है जो निषेचन (Fertilization) के दौरान नर युग्मक (शुक्राणु) के साथ मिलकर युग्मनज (Zygote) का निर्माण करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • शुक्राणु (Sperm): यह नर प्रजनन कोशिका (नर युग्मक) है।
  • अंडाशय (Ovary): यह वह अंग (Organ) है जहाँ अंडाणु का निर्माण होता है, स्वयं कोशिका नहीं है।

  • बीजांड (Ovule): यह पौधों में पाया जाने वाला भाग है जो निषेचन के बाद बीज में विकसित होता है।

#5. यदि एक बच्चे को पिता से Y गुणसूत्र वंशानुगत में मिलता है, तो बच्चे का लिंग क्या होगा?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: पुरुष (Male / लड़का)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मानव लिंग निर्धारण (Sex Determination): इंसानों में कुल 23 जोड़े (46) गुणसूत्र होते हैं, जिनमें 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) होता है।
    • महिलाओं में दोनों गुणसूत्र समान यानी XX होते हैं (माता हमेशा X गुणसूत्र ही देती है)।
    • पुरुषों में XY गुणसूत्र होते हैं। यदि पिता से बच्चे को Y गुणसूत्र मिलता है और माता से हमेशा X मिलता है, तो संयोजन XY बनता है।
    • संयोजन XY होने पर बच्चे का लिंग पुरुष (लड़का) होता है, जबकि XX होने पर महिला (लड़की) होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • महिला (Female): महिला तब होती जब पिता से X गुणसूत्र मिलता (XX संयोजन)।
  • उभयलिंगी / निर्धारित नहीं किया जा सकता: आनुवंशिक विज्ञान के नियमों के अनुसार Y गुणसूत्र मिलते ही लिंग पूरी तरह स्पष्ट (पुरुष) हो जाता है, इसलिए ये विकल्प अमान्य हैं।



#6. निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलक्षण सभी सजीवों में पाया जाता है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 18/03/2026 )

सही उत्तर: जनन क्षमता (Ability to reproduce / Reproduction)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जनन (Reproduction): यह सभी जीवित जीवों (सजीवों) का एक बुनियादी और सार्वभौमिक (Universal) अभिलक्षण है, जिसके द्वारा जीव अपनी प्रजाति का अस्तित्व बनाए रखने के लिए अपनी जैसी संतान उत्पन्न करते हैं। हालांकि कुछ अपवाद भी होते हैं (जैसे बंजर/बाँझ जीव या खच्चر जो जनन नहीं कर सकते), फिर भी जीव विज्ञान में इसे प्रजाति स्तर पर सभी जीवों का एक प्रमुख जैविक गुण माना जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी जीवों में नहीं पाए जाते):
  • चलने-फिरने की क्षमता (Locomotion): अधिकांश जंतु चल-फिर सकते हैं, लेकिन पौधे (पादप) एक ही स्थान पर स्थिर रहते हैं, वे लोकोमोशन नहीं करते।
  • वाक् क्षमता (Ability to speak) और उड़ने की क्षमता: ये क्षमताएं केवल कुछ विशिष्ट जीवों (जैसे मनुष्य और पक्षियों) में ही होती हैं, सभी सजीवों में नहीं।

#7. मानव पुरुष जनन तंत्र में प्रोस्टेट ग्रंथि और शुक्राशय ( seminal vesicles) की क्या भूमिका है?
(RRB Level 01 Stage I 12/12/2025 )

सही उत्तर: शुक्राणु परिवहन के लिए तरल प्रदान करना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रोस्टेट ग्रंथि और शुक्राशय (Prostate gland & Seminal vesicles): मानव नर जनन तंत्र में ये दोनों सहायक ग्रंथियां (Accessory glands) हैं। शुक्राशय और प्रोस्टेट ग्रंथि अपने स्राव (Fluid) को शुक्रवाहिका में छोड़ती हैं, जिससे शुक्राणु एक तरल माध्यम में आ जाते हैं। यह तरल शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करता है, उनके परिवहन को आसान बनाता है और उन्हें एक सुगम माध्यम (वीर्य/Semen) उपलब्ध कराता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • टेस्टोस्टेरोन स्रावित करना: यह कार्य मुख्य रूप से वृषण (Testis / टेस्टिकल्स) द्वारा किया जाता है।
  • शुक्राणु कोशिकाओं का निर्माण करना: शुक्राणुओं का निर्माण भी वृषण (Testis) के अंदर होता है।

  • वृषण का ताप कम करना: यह कार्य वृषण कोष (Scrotum) का होता है।

#8. अलैंगिक जनन के संबंध में गलत युग्म का चयन करें
。(RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: हाइड्रा – बहु खंडन (RRB ALP CBT-I 2024 : 26 Nov, 2024 Shift 2)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अलैंगिक जनन और हाइड्रा (Asexual Reproduction in Hydra): हाइड्रा में अलैंगिक जनन मुख्य रूप से मुकुलन (Budding) विधि द्वारा होता है, न कि बहु खंडन द्वारा। इसमें शरीर पर एक उभार (Bud) विकसित होता है जो बाद में नए जीव के रूप में अलग हो जाता है। इसलिए ‘हाइड्रा – बहु खंडन’ वाला युग्म गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही युग्म क्यों हैं?):
  • यीस्ट: यीस्ट में सामान्यतः मुकुलन (Budding) द्वारा प्रजनन होता है।
  • प्लाज्मोडियम – बहु खंडन (Multiple Fission): प्लाज्मोडियम प्रतिकूल परिस्थितियों में बहु खंडन द्वारा एक साथ कई संतति कोशिकाओं का निर्माण करता है।
  • लीशमेनिया – द्विखंडन (Binary Fission): लीशमेनिया (कालाजार परजीवी) में एक निश्चित तल से द्विखंडन द्वारा विभाजन होता है।

#9. मानव में, जब X गुणसूत्र युक्त शुक्राणु अंडे को निषेचित करता है, तो युग्मज ________ के रूप में विकसित होता है
。(RPF Constable 2018 22 Jan 2019 Shift 2)

सही उत्तर: महिला शिशु (RPF Constable 2018 : 22 Jan, 2019 Shift 2)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लिंग निर्धारण (Sex Determination): मानव में महिलाओं में केवल (XX) गुणसूत्र होते हैं, इसलिए उनके सभी अंडे (Ovum) हमेशा (X) गुणसूत्र वाले होते हैं। पुरुषों में (XY) गुणसूत्र होते हैं, जिससे शुक्राणु (Sperm) या तो (X) या (Y) गुणसूत्र युक्त हो सकते हैं। जब पिता का (X) गुणसूत्र युक्त शुक्राणु माता के (X) गुणसूत्र वाले अंडे को निषेचित करता है, तो युग्मज (Zygote) में (XX) संयोजन बनता है, जो एक महिला (लड़की) शिशु के रूप में विकसित होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • पुरुष शिशु: पुरुष शिशु का विकास तब होता है जब पिता का (Y) गुणसूत्र युक्त शुक्राणु अंडे को निषेचित करता है, जिससे संयोजन (XY) बनता है।
  • जुड़वाँ / जुड़े हुए जुड़वाँ: इनका संबंध गुणसूत्र के प्रकार (X या Y) से नहीं बल्कि भ्रूण के विकास की प्रक्रिया (जैसे एक से अधिक अंडों का निषेचन या एकल भ्रूण का विभाजन) से है।

#10. एचआईवी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पारित किया जाता है, जिसमें से एक को छोड़कर निम्नलिखित तरीके:

सही उत्तर: मच्छर काटना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एचआईवी संचरण (HIV Transmission): एचआईवी (HIV) मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों (जैसे रक्त, वीर्य, ​​यौन स्राव और स्तन का दूध) के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। मच्छर, कीट या अन्य परजीवी काटने से एचआईवी नहीं फैलाते हैं क्योंकि यह वायरस कीट के शरीर में जीवित नहीं रह सकता और न ही उनकी लार के माध्यम से संचारित होता है। इसलिए ‘मच्छर काटना’ इस संचरण का तरीका नहीं है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये एचआईवी फैलने के तरीके क्यों हैं?):
  • स्तनपान कराना: एचआईवी संक्रमित माता से उसके शिशु में स्तनपान, गर्भावस्था या प्रसव के दौरान संक्रमण फैल सकता है।
  • सुईयों को साझा करना: नशीली दवाओं के सेवन के दौरान या चिकित्सा उपयोग में दूषित और पहले से इस्तेमाल की गई सुई (Syringes/Needles) या सीरिंज साझा करने से रक्त के माध्यम से एचआईवी आसानी से फैलता है।
  • यौन संपर्क: असुरक्षित यौन संबंध एचआईवी के संक्रमण का सबसे प्रमुख और आम तरीका है।



#11. पादपों में लैंगिक जनन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )

सही उत्तर: परागकण सीधे अंडाशय में जाते हैं। (RRB Level 01 Stage I : 11 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पादपों में परागण प्रक्रिया (Pollination in Plants): पादपों में परागकण सीधे अंडाशय में नहीं जाते हैं। सबसे पहले परागकण पुंकेसर से निकलकर पुष्प के वर्तिकाग्र (Stigma) पर गिरते हैं (जिसे परागण कहते हैं)। इसके बाद वर्तिकाग्र पर परागकण से एक पराग नलिका (Pollen tube) विकसित होती है, जिसके माध्यम से नर युग्मक अंडाशय (Ovary) तक पहुँचते हैं। इसलिए ‘परागकण सीधे अंडाशय में जाते हैं’ वाला कथन गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कथन सही क्यों हैं?):
  • मादा जनन कोशिकाएँ अंडाशय में उपस्थित होती हैं: यह बिल्कुल सही है, पुष्प के अंडाशय (Ovary) के भीतर बीजांड (Ovule) होते हैं जिनमें मादा युग्मक या अंड कोशिका (Egg cell) मौजूद होती है।
  • एक पुष्प से दूसरे पुष्प में पराग का अंतरण: परागण की क्रिया वायु, जल, कीटों और पक्षियों जैसे विभिन्न कारकों (Agents) द्वारा संपन्न होती है।
  • पराग को पुंकेसर से वर्तिकाग्र तक अंतरित करना: निषेचन प्रक्रिया शुरू होने के लिए परागकणों का पुंकेसर (Anther) से वर्तिकाग्र (Stigma) तक पहु पहुँचना अनिवार्य चरण है।

#12. यदि सही तरीके से नहीं किया जाए तो सर्जिकल परिवार नियोजन विधियाँ जोखिम भरी क्यों हो सकती हैं?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: वे संक्रमण या जटिलताओं का कारण बन सकती हैं। (RRB JE CBT-I 2024 : 16 Dec, 2024 Shift 3)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सर्जिकल परिवार नियोजन विधियाँ (Surgical Contraceptive Methods): परिवार नियोजन की शल्य चिकित्सा (सर्जिकल) विधियों में पुरुषों के लिए ‘नसबंदी’ (Vasectomy) और महिलाओं के लिए ‘ट्यूबेक्टोमी’ (Tubectomy) शामिल हैं। चूंकि ये सर्जिकल प्रक्रियाएं होती हैं, यदि इन्हें अस्वच्छ उपकरणों से या सही तरीके (विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा) से नहीं किया जाए, तो अत्यधिक रक्तस्राव, गंभीर संक्रमण (Infections), या अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • वे प्रजनन क्षमता बढ़ा सकती हैं: सर्जिकल विधियाँ परिवार नियोजन की स्थायी विधियाँ हैं, जो प्रजनन क्षमता को समाप्त (रोक) देती हैं, न कि बढ़ाती हैं।
  • हार्मोनल दुष्प्रभाव / अंडोत्सर्ग रोकना: सर्जिकल विधियाँ (नसबंदी/ट्यूबेक्टोमी) केवल नलिकाओं को अवरुद्ध या बाँधती हैं; इनसे शरीर के हार्मोनल संतुलन या अंडोत्सर्ग (Ovulation) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

#13. अंडे के निर्माण के दौरान अंडाशय और गर्भाशय में होने वाले नियमित परिवर्तनों को क्या कहा जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 )

सही उत्तर: आर्तव चक्र (menstrual cycle) (RRB Level 01 Stage I : 04 Feb, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आर्तव चक्र या मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle): मानव मादाओं (प्राइमेट्स) में अंडाशय और गर्भाशय में होने वाले नियमित चक्रीय परिवर्तनों को आर्तव चक्र कहा जाता है। यह चक्र औसतन 28/29 दिनों का होता है। इसमें प्रत्येक चक्र के दौरान एक अंडाणु परिपक्व होकर अंडाशय से बाहर निकलता है (अंडोत्सर्ग) और गर्भाशय की दीवार निषेचन के लिए अपने आप को तैयार करती है। यदि निषेचन नहीं होता है, तो गर्भाशय का अस्तर रक्त और ऊतकों के रूप में बाहर निकल जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मद चक्र (Estrous cycle): यह गैर-प्राइमेट स्तनधारियों (जैसे कुत्ते, गाय, चूहे आदि) में होने वाला प्रजनन चक्र है, जिसमें गर्भाशय रक्तस्राव नहीं होता है।
  • निषेचन चक्र (Fertilisation cycle): यह कोई मानक जैविक चक्र नहीं है; निषेचन एक निश्चित प्रक्रिया है जिसमें नर और मादा युग्मक का संलयन होता है।
  • सर्केडीयन लय (Circadian rhythm): यह शरीर की 24 घंटे की आंतरिक जैविक घड़ी है जो सोने-जागने और हार्मोनल दैनिक चक्रों को नियंत्रित करती है।

#14. गुलाब के फूल का पराग परागण के माध्यम से सूरजमुखी के वर्तिकाग्र पर पहुँच गया है। वर्तिकाग्र द्वारा पराग को अस्वीकार कर दिया जाएगा क्योंकि:
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 17 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: पराग गुलाब के फूल का था (RRB Level 01 Stage I : 24 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परागण और पराग-स्त्रीकेशर संवाद (Pollen-Pistil Interaction): पादपों में वर्तिकाग्र (Stigma) यह पहचान सकता है कि आने वाला परागकण उसी प्रजाति का है या किसी अन्य (असंगत) प्रजाति का। चूँकि गुलाब का परागकण सूरजमुखी के लिए अवांछित या असंगत (Incompatible) है, इसलिए सूरजमुखी का वर्तिकाग्र उसे पहचानकर अस्वीकार कर देता है और पराग नलिका के विकास को रोक देता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत या अप्रभावी क्यों हैं?):
  • पराग सूरजमुखी का नहीं था: यह कथन भी कारण का हिस्सा है, लेकिन आयोग के आधिकारिक उत्तर के अनुसार ‘पराग गुलाब के फूल का था’ को सही विकल्प माना गया है क्योंकि यह विशिष्ट कारण को दर्शाता है।
  • वर्तिकाग्र/पराग का कोई लेना-देना नहीं है: यह गलत है, क्योंकि वर्तिकाग्र और परागकण के बीच रासायनिक संवाद (Chemical signaling) ही यह तय करता है कि निषेचन होगा या नहीं।

#15. महिलाओं में, निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना, अंडे को अंडाशय से गर्भाशय तक ले जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

सही उत्तर: डिंबवाहिनी (Fallopian tube) (RRB Level 01 Stage I : 24 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • डिंबवाहिनी या फेलोपियन ट्यूब (Fallopian Tube): मानव मादा जनन तंत्र में डिंबवाहिनी वह नलिका है जो अंडाशय (Ovary) से निकले हुए अंडे (Ovum) को ग्रहण करके गर्भाशय (Uterus) तक पहुँचाती है। आमतौर पर निषेचन (Fertilization) की क्रिया इसी फेलोपियन ट्यूब के अंदर ही संपन्न होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • यूटरस (Uterus / गर्भाशय): यह वह खोखला नाशपाती के आकार का अंग है जहाँ निषेचित अंडे का विकास (भ्रूण का रोपण और वृद्धि) होता है, न कि अंडे को ले जाना।
  • गर्भाशय ग्रीवा (Cervix): यह गर्भाशय का निचला संकरा सिरा होता है जो योनि में खुलता है।
  • वैजिनल ट्यूब (Vaginal tube / योनि): यह शरीर का बाहरी जनन मार्ग है जिसके माध्यम से शुक्राणु शरीर में प्रवेश करते हैं और प्रसव के दौरान शिशु बाहर आता है।



#16. यदि किसी स्तनधारी प्रजाति में शिश्न के स्तंभन ( erect) की क्षमता न हो, तो लैंगिक प्रजनन पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव क्या पड़ेगा?
(Not found 11/03/2026 )

सही उत्तर: इससे शुक्राणुओं का स्थानांतरण रुक जाएगा। (Exam Date : 11 Mar, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • शिश्न स्तंभन और लैंगिक प्रजनन (Erection and Sexual Reproduction): स्तनधारियों में आंतरिक निषेचन के लिए नर शिश्न (Penis) के स्तंभन की आवश्यकता होती है, जिससे वीर्य को मादा के जनन मार्ग (योनि) में सफलतापૂર્વक स्थानांतरित किया जा सके। यदि शिश्न में स्तंभन की क्षमता नहीं होगी, तो मैथुन (Copulation) की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी और परिणामस्वरूप नर से मादा में शुक्राणुओं का स्थानांतरण पूरी तरह रुक जाएगा, जिससे निषेचन संभव नहीं होगा।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • महिला जननांगों का परिपक्वन तीव्र होना: नर के शिश्न की स्थिति का मादा जननांगों के विकास या परिपक्वन से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता है।
  • स्तनपान असंभव होना / गर्भकाल में कमी: ये दोनों प्रक्रियाएँ निषेचन और गर्भावस्था के बाद के चरण हैं; जब निषेचन ही नहीं होगा, तो गर्भधारण और स्तनपान का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता।

#17. लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले पादपों में निषेचन से पूर्व निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया होती है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

सही उत्तर: परागण (RRB Level 01 Stage I : 30 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निषेचन पूर्व घटनाएँ (Pre-fertilization Events in Plants): लैंगिक रूप से प्रजनन करने वाले पादपों में निषेचन (Syngamy) से पहले परागण (Pollination) की प्रक्रिया होती है। इसमें परागकण पुंकेसर के परागकोष से निकलकर पुष्प के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं। इसके बाद ही पराग नलिका का विकास होता है और नर युग्मक अंडाशय तक पहुँचकर निषेचन की क्रिया को पूरा करते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • फल निर्माण, भ्रूण निर्माण और बीज विकास: ये सभी प्रक्रियाएँ निषेचन के बाद (Post-fertilization events) होने वाले चरण हैं। निषेचन के पश्चात युग्मज से भ्रूण बनता है, बीजांड से बीज बनता है और अंडाशय विकसित होकर फल का निर्माण करता है।

#18. जनन के निम्नलिखित में से किस रूप में, नई पीढ़ी के जनन के लिए नर और मादा दोनों लिंग की आवश्यकता होती है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )

सही उत्तर: लैंगिक जनन (RRB Level 01 Stage I : 02 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैंगिक जनन (Sexual Reproduction): लैंगिक जनन वह प्रक्रिया है जिसमें नई संतति (पीढ़ी) के निर्माण के लिए नर और मादा दोनों विपरीत लिंगों (या नर और मादा युग्मकों के संलयन) की आवश्यकता होती है। इसमें माता-पिता दोनों के आनुवंशिक गुणों का संयोजन होता है, जिससे जीवों में विविधता (Variations) उत्पन्न होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मुकुलन, बीजाणु निर्माण और खंडीभवन: ये सभी अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) के विभिन्न प्रकार हैं। अलैंगिक जनन में केवल एक ही जनक (Single parent) भाग लेता है, और इसमें नर या मादा लिंग की कोई आवश्यकता नहीं होती है।

#19. हालांकि महिलाओं में नियमित रूप से अंडोत्सर्ग होता है, लेकिन गर्भाशय का अस्तर प्रत्येक माह रजोधर्म के दौरान निस्तारित हो जाता है। इससे निषेचन के संबंध में क्या पता चलता है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

सही उत्तर: निषेचन नहीं हो रहा है (RRB Level 01 Stage I : 29 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • रजोधर्म और निषेचन का संबंध (Menstruation and Fertilization): प्रत्येक माह अंडाशय से अंडाणु मुक्त होने पर गर्भाशय अपने अस्तर (Uterine lining) को मोटा करता है ताकि यदि निषेचन हो, तो भ्रूण वहाँ स्थापित हो सके। यदि शुक्राणु की अनुपस्थिति के कारण निषेचन (Fertilization) नहीं होता है, तो निषेचित अंडा या युग्मज नहीं बनता। ऐसी स्थिति में गर्भाशय के इस मोटे अस्तर की आवश्यकता नहीं रहती, और यह रक्त एवं ऊतकों के रूप में योनि मार्ग से बाहर निकल जाता है जिसे रजोधर्म या मासिक धर्म (Menstruation) कहते हैं। अतः रजोधर्म का होना इस बात का प्रमाण है कि उस चक्र के दौरान निषेचन नहीं हुआ है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • निषेचन हर बार हो रहा है: यदि हर बार निषेचन होता, तो गर्भधारण (Pregnancy) हो जाता और रजोधर्म की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रुक जाती।
  • गर्भाशय भ्रूण को अस्वीकार कर रहा है / अंडाशय अंडे नहीं मुक्त कर रहा है: ये दोनों कथन तथ्य के विपरीत हैं; अंडाशय से नियमित अंडा मुक्त होता है और गर्भाशय निषेचन न होने की स्थिति में केवल अपनी तैयारी को रीसेट करता है, न कि किसी भ्रूण को अस्वीकार करता है।

#20. माँ के रक्त से भ्रूण को पोषण किसकी सहायता से मिलता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: प्लेसेंटा (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्लेसेंटा या अपरा (Placenta): प्लेसेंटा एक विशेष तश्तरीनुमा ऊतक (Disc-like tissue) होता है जो गर्भाशय की दीवार में धंसा होता है। यह माँ के रुधिर से भ्रूण को ग्लूकोज, ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही, यह भ्रूण द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट पदार्थों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और वर्ज्य पदार्थ) को बाहर निकालने में भी मदद करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अंडवाहिनी (Fallopian tube): यह वह नलिका है जहाँ निषेचन की प्रक्रिया होती है और यह अंडे को गर्भाशय तक पहुँचाती है।
  • अंडकोष (Testis) और अंडाशय (Ovary): अंडकोष नर जनन अंग (शुक्राणु निर्माण) और अंडाशय मादा जनन अंग (अंडाणु निर्माण) से संबंधित हैं, इनका भ्रूण के पोषण से सीधा संबंध नहीं है।



#21. इनमें से कौन-सी प्रक्रिया पुष्प के वर्तिकाग्र पर पराग के पहुंचने के बाद आरंभ होती है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

सही उत्तर: एक पराग नली वर्तिका से होकर अंडाशय तक पहुँचती है। (RRB Level 01 Stage I : 29 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • परागकण और निषेचन प्रक्रिया (Pollination and Fertilization): जब परागकण उड़कर या किसी माध्यम से पुष्प के वर्तिकाग्र (Stigma) पर पहुँचते हैं, तो परागण की क्रिया पूरी होती है। इसके तुरंत बाद, वर्तिकाग्र पर परागकण से एक पराग नलिका (Pollen tube) का विकास होता है। यह नलिका वर्तिका (Style) से होते हुए नीचे अंडाशय (Ovary) तक जाती है, जिसके माध्यम से नर युग्मक बीजांड में मौजूद मादा युग्मक तक पहुँचते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • पत्तियाँ प्रकाश संश्लेषण आरंभ करती हैं / पंखुड़ियाँ खुलती हैं: इन क्रियाओं का परागकणों के वर्तिकाग्र पर पहुँचने से कोई सीधा संबंध नहीं होता है।
  • यह सीधे बीज के रूप में विकसित होता है: परागकण सीधे बीज नहीं बनता; इसके लिए पहले पराग नलिका का विकास, निषेचन, और उसके बाद युग्मज तथा बीजांड का विकास होना आवश्यक है।

#22. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन हाइड्रा जैसे जीवों में मुकुलन की प्रक्रिया का सही वर्णन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

सही उत्तर: एक मुकुल नियमित कोशिका विभाजन के कारण एक उभार के रूप में बनता है और परिपक्व होने पर अलग हो जाता है। (RRB Level 01 Stage I : 08 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हाइड्रा में मुकुलन (Budding in Hydra): हाइड्रा एक बहुकोशिकी जीव है जो अलैंगिक जनन के लिए पुनरुद्भवन (Regeneration) जैसी विशिष्ट कोशिकाओं का उपयोग करता है। इसमें शरीर के किसी एक हिस्से पर नियमित कोशिका विभाजन के कारण लगातार उभार (Bud) बनता है। यह मुकुल धीरे-धीरे विकसित होकर छोटे हाइड्रा का रूप ले लेता है और पूरी तरह परिपक्व होने पर जनक (Parent) शरीर से अलग होकर एक स्वतंत्र नया जीव बन जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • जीवन भर जुड़ा रहना / लैंगिक प्रजनन: मुकुलन एक अलैंगिक विधि है और परिपक्व होने पर मुकुल जनक से अलग हो जाता है, आजीवन जुड़ा नहीं रहता।
  • शरीर के टूटे हुए भाग से बनना: टूटे हुए भाग से नए जीव का विकास होना ‘खंडीभवन’ (Fragmentation) या ‘पुनरुद्भवन’ (Regeneration) कहलाता है, जबकि मुकुलन में शुरुआत एक उभार (Bud) के रूप में होती है।

#23. द्वि-खंडन ( binary fission) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

सही उत्तर: इसके लिए दो जनक की आवश्यकता है (RRB Level 01 Stage I : 30 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • द्वि-खंडन (Binary Fission): द्वि-खंडन अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) का एक प्रकार है। चूँकि यह अलैंगिक जनन है, इसलिए इसमें केवल एक ही जनक (Single parent) जीव की आवश्यकता होती है, जो विभाजित होकर दो संतति कोशिकाओं में बदल जाता है। अतः “इसके लिए दो जनक की आवश्यकता है” वाला कथन असत्य है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कथन सत्य क्यों हैं?):
  • यह एकोशिकीय जीवों में पाया जाता है: यह कथन बिल्कुल सही है; अमीबा, पैरामीशियम और बैक्टीरिया जैसे एकोशिकीय (Unicellular) जीवों में द्वि-खंडन सामान्य रूप से होता है।
  • यह तीव्र और कुशल है / इससे आबादी में वृद्धि होती है: एकोशिकीय जीवों में यह विभाजन बहुत तेजी से होता है, जिससे उनकी संख्या (आबादी) में तेजी से वृद्धि होती है।

#24. स्पाइरोगाइरा में सफल खंडन जनन के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )

सही उत्तर: प्रत्येक खंड में मूलभूत जीवन कार्यों को करने की क्षमता होना (RRB Level 01 Stage I : 09 Feb, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्पाइरोगाइरा में खंडीभवन (Fragmentation in Spirogyra): स्पाइरोगाइरा एक तंतुमय (Filamentous) शैवाल है। जब इसका शरीर छोटे-छोटे टुकड़ों (खंडों) में टूट जाता है, तो प्रत्येक खंड से एक नया जीव विकसित हो जाता है। सफल खंडन के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि टूटे हुए प्रत्येक खंड में अपनी जैविक क्रियाओं को स्वतंत्र रूप से चलाने और कोशिका विभाजन करके वृद्धि करने की क्षमता होनी चाहिए।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • खंडों की बीज बनाने की क्षमता: स्पाइरोगाइरा एक शैवाल (Algae) है, और शैवालों में बीज (Seeds) का निर्माण नहीं होता है।
  • वाहिका तंत्र की उपलब्धता: स्पाइरोगाइरा जैसे सरल जलीय पौधों (थैलोफाइट्स) में कोई जटिल संवहन या वाहिका तंत्र (Vascular system) नहीं पाया जाता है।

#25. निम्नलिखित में से कौन सी संरचना कवक में छोटी बूंद जैसी संरचना होती है जो प्रजनन में शामिल होती है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: बीजाणुधानी (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बीजाणुधानी या स्पोरेंजियम (Sporangium): कवक (Fungi) जैसे राइजोपस आदि में बीजाणुधानी एक थैली या गोलाकार (छोटी बूंद जैसी) संरचना होती है, जिसके भीतर अलैंगिक प्रजनन के लिए बीजाणु (Spores) का निर्माण होता है। परिपक्व होने पर यह थैली फट जाती है और बीजाणु हवा में बिखरकर नए कवक का विकास करते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • शुक्राणुजनन कोशिकाएँ (Spermatogenic cells): ये जंतुओं (विशेषकर नर जनन तंत्र) में शुक्राणु का निर्माण करने वाली कोशिकाएँ हैं, इनका कवक से कोई संबंध नहीं है।
  • युग्मकोद्भिद (Gametophyte): यह पादपों (जैसे ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइट्स) के जीवन चक्र की वह अवस्था है जो युग्मक उत्पन्न करती है।



#26. टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन मनुष्य के निम्नलिखित में से किस अंग से स्रावित होता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/12/2025 )

सही उत्तर: वृषण (Testis) (RRB Level 01 Stage I : 09 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • टेस्टोस्टेरोन हार्मोन (Testosterone Hormone): टेस्टोस्टेरोन एक मुख्य नर सेक्स हार्मोन (Male Sex Hormone) है, जो पुरुषों के वृषण (Testis) में स्थित लेडिग कोशिकाओं (Leydig cells) द्वारा स्रावित होता है। यह हार्मोन पुरुषों में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों (जैसे दाढ़ी-मूँछ आना, आवाज का भारी होना) के विकास और शुक्राणु निर्माण (Spermatogenesis) की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मूत्रवाहिनी (Ureter): यह वह नली है जो गुर्दे (Kidney) से मूत्र को मूत्राशय तक पहुँचाती है, इसका हार्मोन स्रावण से कोई संबंध नहीं है।
  • डिम्बवाहिनी (Fallopian tube) और गर्भाशय (Uterus): ये दोनों महिलाओं के जनन तंत्र के अंग हैं, जहाँ क्रमशः निषेचन और भ्रूण का विकास होता है, जबकि टेस्टोस्टेरोन एक नर हार्मोन है।

#27. निम्नलिखित में से कौन अंडाशय से गर्भाशय तक अंडे को ले जाता है?
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: डिंबवाहिनी नलिका (फैलोपियन ट्यूब) (RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 3)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • डिंबवाहिनी नलिका या फेलोपियन ट्यूब (Fallopian Tube): मानव मादा जनन तंत्र में फेलोपियन ट्यूब वह नलिका है जो अंडाशय (Ovary) से मुक्त होने वाले अंडे (Ovum) को ग्रहण करके गर्भाशय (Uterus) तक पहुँचाती है। आमतौर पर शुक्राणु और अंडे का निषेचन (Fertilization) भी इसी नलिका के अंदर संपन्न होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • प्लेसेंटा (Placenta): यह गर्भ में पल रहे शिशु को माँ के रक्त से पोषण और ऑक्सीजन प्रदान करने वाला ऊतक है।
  • योनि (Vagina): यह शरीर का बाहरी जनन मार्ग है जिसके माध्यम से शुक्राणु प्रवेश करते हैं और प्रसव होता है।
  • गर्भाशय ग्रीवा (Cervix): यह गर्भाशय का निचला संकरा सिरा है जो योनि में खुलता है।

#28. वृषणों का उदर गुहा के बाहर वृषणकोश में स्थित होने का मुख्य कारण क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 08/01/2026 )

सही उत्तर: शुक्राणु निर्माण को सुगम बनाने के लिए क्योंकि इसके लिए शरीर के तापमान से कम तापमान की आवश्यकता होती है (RRB Level 01 Stage I : 08 Jan, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वृषणकोश और तापमान का महत्व (Scrotum and Temperature Regulation): स्तनधारियों में वृषण (Testes) उदर गुहा (Abdominal cavity) के बाहर वृषणकोश (Scrotum) में स्थित होते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि शुक्राणु जनन (Spermatogenesis यानी शुक्राणु के निर्माण) के लिए शरीर के सामान्य आंतरिक तापमान (लगभग 37°C) से लगभग 2 से 2.5 डिग्री सेल्सियस कम तापमान की आवश्यकता होती है। वृषणकोश शरीर के तापमान की तुलना में कम तापमान बनाए रखने में मदद करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • संक्रमण के जोखिम को कम करना / हार्मोन स्राव आसान बनाना: वृषण के बाहर होने का संबंध संक्रमण या हार्मोन स्राव से नहीं, बल्कि विशेष रूप से तापमान नियमन (Temperature regulation) से है।
  • शुक्राणु और मूत्र का मिश्रण: नर शरीर में मूत्र और वीर्य (शुक्राणु युक्त तरल) दोनों के निकलने का मार्ग एक ही (मूत्रमार्ग) हो सकता है, लेकिन वृषण की स्थिति का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

#29. मनुष्यों में, निषेचन के बाद भ्रूण शरीर के किस भाग में प्रत्यारोपित होता है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

सही उत्तर: गर्भाशय (Uterus) (RRB Level 01 Stage I : 24 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निषेचन और प्रत्यारोपण (Fertilization and Implantation): मानव मादा जनन तंत्र में निषेचन (शुक्राणु और अंडे का संलयन) डिंबवाहिनी या फेलोपियन ट्यूब में होता है। इसके परिणामस्वरूप बने युग्मज (Zygote) में लगातार विभाजन होता है और वह भ्रूण (Embryo) के रूप में नीचे की ओर बढ़ता है। अंततः यह भ्रूण आकर गर्भाशय (Uterus) की दीवार में स्थापित हो जाता है, जिसे प्रत्यारोपण (Implantation) कहते हैं। यहीं पर भ्रूण का विकास और पोषण (प्लेसेंटा के माध्यम से) होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अंडाशय (Ovary): यह वह अंग है जहाँ अंडाणु का निर्माण और परिपक्वन होता है, यहाँ भ्रूण का प्रत्यारोपण नहीं होता।
  • डिम्बवाहिनी (Fallopian tube): यह वह नलिका है जहाँ केवल निषेचन की क्रिया संपन्न होती है; यदि भ्रूण यहीं प्रत्यारोपित हो जाए, तो इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (Ectopic pregnancy) कहते हैं जो सामान्य नहीं है।
  • आमाशय (Stomach): यह पाचन तंत्र का एक प्रमुख अंग है, जिसका जनन तंत्र या भ्रूण से कोई संबंध नहीं है।

#30. सामान्य परिस्थितियों में मानव महिला शरीर में निषेचन के बाद भ्रूण को कहाँ रोपित किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 02/12/2025 )

सही उत्तर: गर्भाशय अस्तर (Uterus lining) (RRB Level 01 Stage I : 02 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गर्भाशय अस्तर में रोपण (Implantation in Uterine Lining): मानव मादा में निषेचन की क्रिया फेलोपियन ट्यूब (अंडवाहिनी) में होती है। इसके पश्चात बना हुआ भ्रूण (Embryo) नीचे की ओर खिसकता हुआ गर्भाशय में आता है और वहाँ के समृद्ध तथा रक्त-आपूर्ति वाले मोटे अस्तर (Uterine lining / Endometrium) में धंस जाता है। इस प्रक्रिया को रोपण या प्रत्यारोपण (Implantation) कहते हैं, जिससे आगे गर्भधारण और भ्रूण का विकास सुनिश्चित होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अंडवाहिनी (Oviduct / Fallopian tube): यह केवल निषेचन का स्थल है; यदि भ्रूण का रोपण यहीं हो जाए, तो यह अस्थानिक गर्भावस्था (Ectopic Pregnancy) कहलाती है जो खतरनाक हो सकती है।
  • अंडाशय (Ovary): यह अंडे (Ovum) का उत्पादन करने वाला अंग है।
  • गर्भाशय ग्रीवा (Cervix): यह गर्भाशय का निचला संकरा द्वार है जो योनि में खुलता है, यहाँ भ्रूण का रोपण नहीं होता।



#31. परागण, स्त्रीकेसर के किस भाग में स्थानांतरित होते हैं?
(RRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: वर्तिकाग्र (Stigma) (RRB JE CBT-I : 17 Dec, 2024 Shift 1)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वर्तिकाग्र और परागण (Stigma and Pollination): पुष्प के मादा जनन अंग (स्त्रीकेसर या कार्पेल) के तीन मुख्य भाग होते हैं—वर्तिकाग्र (Stigma), वर्तिका (Style) और अंडाशय (Ovary)। परागण (Pollination) की प्रक्रिया के दौरान, परागकण (Pollen grains) पुंकेसर से निकलकर स्त्रीकेसर के सबसे ऊपरी, चिपचिपे और चपटे भाग यानी वर्तिकाग्र (Stigma) पर स्थानांतरित होते हैं। यही वह स्थान है जहाँ परागकणों का अंकुरण शुरू होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • वर्तिका (Style): यह वर्तिकाग्र को अंडाशय से जोड़ने वाली लंबी नली होती है, जिस पर परागकण सीधे स्थानांतरित नहीं होते बल्कि पराग नलिका इसके अंदर से गुजरती है।
  • अंडाशय (Ovary) और बीजांड (Ovule): ये स्त्रीकेसर के निचले और आंतरिक भाग हैं जहाँ निषेचन की प्रक्रिया संपन्न होती है और बीजांड बाद में बीज में विकसित होता है।

#32. निम्नलिखित में से कौन-सा जनन प्रकार यह सुनिश्चित करता है, कि जंतुओं में दोनों जनक ( parents) के गुण संतानों को वंशागति में प्राप्त होते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

सही उत्तर: लैंगिक जनन (Sexual reproduction) (RRB Level 01 Stage I : 27 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • लैंगिक जनन (Sexual Reproduction): लैंगिक जनन में नर और मादा दोनों जनकों (Parents) के युग्मकों (Gametes) का संलयन (Fusion) होता है। इसके परिणामस्वरूप बनने वाली संतान (Offspring) को माता और पिता दोनों के आनुवंशिक गुण (Genetic traits) वंशागति में प्राप्त होते हैं। यही कारण है कि लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न जीवों में विविधता (Variations) देखने को मिलती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • क्लोनिंग (Cloning), द्वि खंडन (Binary fission) और मुकुलन (Budding): ये सभी अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) या इसके समान तकनीक के रूप हैं। इनमें केवल एक ही जनक भाग लेता है, इसलिए संतति में केवल उसी एक जनक के गुण होते हैं, दोनों के नहीं।

#33. जन्म के समय, बालिका के अंडाशय में ________ होते हैं。
(RRB Level 01 Stage I 09/02/2026 )

सही उत्तर: केवल अपरिपक्व अंडे (RRB Level 01 Stage I : 09 Feb, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बालिका के अंडाशय और अपरिपक्व अंडे (Ovaries at Birth): जब एक बालिका का जन्म होता है, तो उसके अंडाशयों (Ovaries) में पहले से ही लाखों की संख्या में सूक्ष्म और अपरिपक्व अंडे (Immature eggs / Oocytes) मौजूद होते हैं। ये सभी अंडे अपनी विकासात्मक अवस्था के शुरुआती चरण में अरेस्ट (प्रारंभिक फोलिकल के रूप में) रहते हैं। यौवनारंभ (Puberty) आने के बाद ही हॉर्मोनल बदलावों के कारण ये अंडे एक-एक करके परिपक्व होना शुरू होते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • केवल परिपक्व अंडे / परिपक्व और अपरिपक्व दोनों अंडे: जन्म के समय अंडाशय में कोई भी परिपक्व (Mature) अंडा नहीं होता है; परिपक्वता की प्रक्रिया केवल यौवनारंभ (Puberty) के बाद ही शुरू होती है।
  • कोई अंडे नहीं: यह कथन बिल्कुल गलत है क्योंकि अंडों (Oocytes) का निर्माण भ्रूण अवस्था में ही हो जाता है और जन्म के समय वे अंडाशय में उपस्थित होते हैं।

#34. मुकुलन द्वारा जनन ( reproduce) करने वाले पादपों में, कौन-सा प्रक्रम प्रत्यक्ष रूप से एक नए जीव ( individual) के निर्माण की शुरुआत करता है?
(RRB Level 01 Stage I 06/02/2026 )

सही उत्तर: विशिष्ट स्थान पर स्थानीयकृत पुनरावृत्त कोशिका विभाजन (RRB Level 01 Stage I : 06 Feb, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मुकुलन द्वारा जनन (Budding Process): मुकुलन अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) का एक प्रकार है (जो ईस्ट या कुछ पादप नुमा जीवों में देखा जाता है)। इस प्रक्रिया में जनक जीव के शरीर के किसी एक विशिष्ट स्थान पर लगातार (पुनरावृत्त) कोशिका विभाजन होता है, जिसके कारण वहाँ एक छोटा उभार या मुकुल (Bud) विकसित होने लगता है। यही कोशिका विभाजन नए जीव के निर्माण की प्रत्यक्ष शुरुआत करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • युग्मकों का संलयन: यह लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) की विशेषता है, जबकि मुकुलन एक अलैंगिक विधि है।
  • पुष्पों से बीजों का विकास: यह पुष्पीय पौधों में लैंगिक प्रजनन का परिणाम है, मुकुलन का इससे कोई संबंध नहीं है।
  • यादृच्छिक कोशिका मृत्यु: इससे नए जीव का निर्माण नहीं होता, बल्कि यह कोशिका की सामान्य क्षति या एपोप्टोसिस से संबंधित है।

#35. गर्भनिरोधक गोलियों के संबंध में कौन-सा कथन गलत है?
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )

सही उत्तर (असत्य कथन): ये यौन संचरित संक्रमणों से बचाते हैं। (RRB Level 01 Stage I : 22 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गर्भनिरोधक गोलियाँ (Oral Contraceptive Pills): गर्भनिरोधक गोलियाँ मुख्य रूप से हार्मोनल दवाएं हैं जो अंडोत्सर्ग (Ovulation) को रोककर या गर्भाशय ग्रीवा के बलगम को गाढ़ा करके गर्भधारण को रोकती हैं। चूँकि ये केवल हार्मोन के स्तर को प्रभावित करती हैं, इसलिए ये यौन संचरित रोगों या संक्रमणों (STIs/STDs जैसे HIV, गोनोरिया आदि) से सुरक्षा प्रदान नहीं करती हैं। एसटीआई से बचाव के लिए बैरियर विधियों (जैसे कंडोम) का उपयोग किया जाता है। अतः इनसे जुड़ा यह कथन पूरी तरह गलत है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये कथन सत्य क्यों हैं?):
  • अंडोत्सर्ग रोकना और सिंथेटिक हार्मोन: इन गोलियों में एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरॉन (Progesterone) के कृत्रिम रूप होते हैं जो अंडोत्सर्ग को रोकते हैं।
  • प्रभावशीलता और दुष्प्रभाव: यदि इन्हें सही नियम से लिया जाए तो ये गर्भधारण रोकने में अत्यंत प्रभावी होती हैं, हालांकि कुछ महिलाओं में इनके सेवन से हॉर्मोनल असंतुलन के कारण अनियमित रक्तस्राव या मतली (Nausea) जैसे हल्के दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।



#36. महिला प्रजनन प्रणाली के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )

सही उत्तर: फैलोपियन ट्यूब अंडे को अंडाशय से गर्भाशय तक ले जाती है। (RRB Level 01 Stage I : 05 Feb, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • महिला प्रजनन प्रणाली (Female Reproductive System): मानव मादा जनन तंत्र में अंडाशय (Ovary) द्वारा निर्मित अंडाणु (Ovum) को फेलोपियन ट्यूब (डिंबवाहिनी नलिका) द्वारा ग्रहण किया जाता है और यह इसे आगे गर्भाशय (Uterus) तक पहुँचाती है। आमतौर पर निषेचन की प्रक्रिया भी इसी ट्यूब के अंदर संपन्न होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • गर्भाशय अंडे उत्पन्न करता है: अंडे का उत्पादन गर्भाशय नहीं, बल्कि अंडाशय (Ovaries) द्वारा किया जाता है।
  • गर्भाशय ग्रीवा अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है: गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) गर्भाशय के निचले हिस्से को योनि से जोड़ती है, न कि अंडाशय को।
  • यौवनावस्था में अंडे का उत्पादन शुरू होना: बालिकाओं के जन्म से पहले ही उनके अंडाशयों में लाखों अपरिपक्व अंडे मौजूद होते हैं; यौवनावस्था में उनका केवल परिपक्व होना शुरू होता है, नया उत्पादन नहीं।

#37. निषेचन के बाद बीजांड किसमें विकसित होकर परिवर्तित हो जाता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: बीज (RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निषेचन के बाद पादपों में परिवर्तन (Post-fertilization Changes in Plants): पुष्पीय पौधों में निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फूल के विभिन्न भागों में बड़े बदलाव आते हैं। इसमें अंडाशय (Ovary) विकसित होकर फल (Fruit) बन जाता है, और अंडाशय के भीतर मौजूद बीजांड (Ovule) विकसित होकर बीज (Seed) में परिवर्तित हो जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • फल (Fruit): यह निषेचन के बाद संपूर्ण अंडाशय (Ovary) के विकसित होने से बनता है, न कि अकेले बीजांड से।
  • परागकोष (Anther): यह पुंकेसर का वह ऊपरी भाग है जहाँ परागकणों का निर्माण होता है।
  • बाह्यदल (Sepal): यह पुष्प की कली अवस्था में उसकी सुरक्षा करने वाला हरा भाग होता है, जो निषेचन के बाद आमतौर पर सूखकर गिर जाता है या फल के साथ लगा रहता है।

#38. ब्रायोफिल्म के पत्ते के किनारे पर बनी कलिकाएँ मिट्टी पर गिर जाती हैं और नए पौधों में विकसित हो जाती हैं। इस प्रकार के प्रजनन को किस रूप में जाना जाता है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: कायिक प्रवर्धन (RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 2)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कायिक प्रवर्धन या वानस्पतिक जनन (Vegetative Propagation): जब पौधों के कायिक अंगों (जैसे जड़, तना या पत्ती) से नए पौधे का विकास होता है, तो इसे कायिक प्रवर्धन कहते हैं। ब्रायोफिलम (Bryophyllum / पाषाणभेद) के पत्तों के किनारों (Notches) पर अपस्थानिक कलिकाएँ (Adventitious buds) विकसित होती हैं। जब ये पत्तियाँ जमीन पर गिरती हैं, तो इन कलिकाओं से नए पौधे उग जाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विखंडन (Fragmentation): यह तंतुमय जीवों (जैसे स्पाइरोगाइरा) में होता है जहाँ शरीर टुकड़ों में बंटकर नया जीव बनाता है।
  • पुनर्जनन (Regeneration): यह कटे-फटे अंगों से पूरे शरीर के विकास की प्रक्रिया है (जैसे प्लेनेरिया या हाइड्रा में)।
  • कलिकायन (Budding): यह आमतौर पर ईस्ट या हाइड्रा जैसे जीवों में मुकुल (उभार) बनने की प्रक्रिया है।

#39. निम्नलिखित में से कौन-सा पुष्पीय भाग, जनन में उसके प्राथमिक जैविक कार्य से सही सुमेलित है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

सही उत्तर: पुंकेसर – परागकणों का निर्माण (RRB Level 01 Stage I : 29 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पुंकेसर (Stamen): पुंकेसर फूल का नर जनन अंग (Male reproductive organ) होता है। इसके दो मुख्य भाग होते हैं—परागकोष (Anther) और तंतु (Filament)। परागकोष के अंदर ही नर युग्मक या परागकणों (Pollen grains) का निर्माण होता है। अतः यह युग्म सुमेलित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • स्त्रीकेसर (Pistil/Carpel): यह मादा जनन अंग है जो मादा युग्मकों (अंड) का निर्माण करता है, न कि केवल “परागकणों का आकर्षण”।
  • दल (Petal): रंग-बिरंगे दल (पंखुड़ियाँ) कीटों और पक्षियों को परागण के लिए आकर्षित करते हैं, जबकि मादा युग्मकों का निर्माण स्त्रीकेसर द्वारा होता है।
  • बाह्यदल (Sepal): यह कली अवस्था में फूल की रक्षा करता है, जबकि बीजांडों का विकास अंडाशय (Ovary) के भीतर होता है।

#40. यदि एक निषेचित अंडा गर्भाशय तक पहुंच जाता है, लेकिन वहां का अस्तर पतला और स्पंजी नहीं होता है, तो क्या हो सकता है?
(RRB Level 01 Stage I 05/02/2026 )

सही उत्तर: भ्रूण उचित प्रकार से अंतरोपित नहीं हो पाता और निष्कासित हो जाता है। (RRB Level 01 Stage I : 05 Feb, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गर्भाशय का अस्तर और भ्रूण का अंतरोपण (Uterine Lining and Implantation): निषेचन के बाद जब भ्रूण गर्भाशय में पहुँचता है, तो उसके विकास के लिए गर्भाशय का आंतरिक अस्तर (Endometrium) मोटा, स्पंजी और अत्यधिक रक्त-आपूर्ति वाला होना आवश्यक होता है ताकि भ्रूण उसमें मजबूती से धंस (रोपित हो) सके और उसे पोषण मिल सके। यदि यह अस्तर पर्याप्त रूप से विकसित या स्पंजी नहीं होता है, तो भ्रूण उचित प्रकार से अंतरोपित (Implant) नहीं हो पाता है और गर्भधारण संभव नहीं होता, जिसके परिणामस्वरूप वह शरीर से बाहर निष्कासित हो जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अंडा सामान्य से अधिक समय तक जीवित रहना / पुनः निषेचित होना: निषेचित अंडे (zygote/embryo) की जीवन अवधि अस्तर की स्थिति से तय नहीं होती और न ही वह दोबारा निषेचित हो सकता है।
  • रजोधर्म में देरी: अस्तर के ठीक से विकसित न होने और रोपण असफल होने पर मासिक धर्म (Menstruation) या तो समय पर होता है या रक्तस्राव के रूप में अस्तर बाहर निकल जाता है, न कि हमेशा इसके कारण अनावश्यक देरी होती है।



#41. भ्रूण की किस अवस्था में शरीर के सभी अंगों की पहचान की जा सकती है?
(RPF Constable 2018 08 Feb 2019)

सही उत्तर: भ्रूण (Foetus / Fetus) (RPF Constable : 08 Feb, 2019)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • भ्रूण की अवस्था या फीटस (Foetus): गर्भाधान के बाद विकास की वह अवस्था जिसमें शरीर के सभी अंगों (हाथ, पैर, सिर, आँखें आदि) की स्पष्ट पहचान की जा सके, उसे भ्रूण या फीटस कहा जाता है (सामान्यतः गर्भावस्था के 8 सप्ताह के बाद के चरण को फीटस कहा जाता है, जहाँ अंगों का निर्माण पूरा हो चुका होता है)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • युग्मनज (Zygote): यह निषेचन के तुरंत बाद बनने वाली एक-कोशिकीय (Single-celled) अवस्था है।
  • मोरुला (Morula) और ब्लास्टोसिस्ट (Blastocyst): ये निषेचन के शुरुआती कुछ दिनों में कोशिका विभाजन (कवलन) के चरण हैं (लगभग 8 से 16 कोशिकाएँ या खोखली गेंद जैसी संरचना), जिनमें किसी भी अंग की पहचान नहीं होती है।

#42. यदि अंडा निषेचित नहीं होता है, तो महिला के शरीर में क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

सही उत्तर: गर्भाशय अस्तर विच्छेद हो जाता है तथा रक्त और श्लेष्मा के रूप में निष्कासित हो जाता है। (RRB Level 01 Stage I : 29 Dec, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अनिषेचन और मासिक धर्म (Menstruation): जब महिला के शरीर में अंडाणु (Ovum) का शुक्राणु द्वारा निषेचन (Fertilization) नहीं होता है, तो गर्भाशय का वह मोटा और स्पंजी अस्तर (जो गर्भधारण के लिए तैयार किया गया था) अब आवश्यक नहीं रहता। परिणामस्वरूप, यह अस्तर टूट जाता है (विच्छेद हो जाता है) और योनि मार्ग से रक्त तथा श्लेष्मा (Mucus) के रूप में बाहर निकल जाता है। इस चक्रीय प्रक्रिया को ऋतुस्राव या मासिक धर्म (Menstruation / Period) कहा जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अंडा गर्भाशय में रहकर भ्रूण में बदलना: निषेचन न होने पर अंडा भ्रूण में नहीं बदल सकता, क्योंकि भ्रूण बनने के लिए शुक्राणु और अंडे का संलयन अनिवार्य है।
  • अंडाशय द्वारा अंडे मोचित करना बंद करना: अंडाशय स्थायी रूप से अंडे देना बंद नहीं करता, बल्कि यह प्रक्रिया हर महीने (मासिक चक्र के दौरान) नियमित रूप से चलती रहती है।
  • मोटा गर्भाशय अस्तर स्थायी रूप से बना रहना: यदि गर्भधारण नहीं होता है, तो अस्तर स्थायी रूप से नहीं टिकता, बल्कि मासिक धर्म के रूप में बाहर निकल जाता है।

#43. कुछ बहुकोशिकीय जीवों में, परिपक्वता पर शरीर छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा एक नए जीव में विकसित होता है। इसे क्या कहा जाता है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: खंडन (RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 2)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • खंडन या विखंडन (Fragmentation): कुछ सरल बहुकोशिकीय जीवों (जैसे स्पाइरोगाइरा / Spirogyra) में, परिपक्व होने पर उनका शरीर स्वतः या किसी बाहरी कारण से छोटे-छोटे टुकड़ों में खंडित हो जाता है। इसके बाद प्रत्येक टुकड़ा (Fragment) वृद्धि करके एक नए स्वतंत्र जीव में विकसित हो जाता है। यह अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction) का एक प्रमुख प्रकार है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मुकुलन (Budding): इसमें जनक के शरीर पर एक उभार (मुकुल) बनता है जो बाद में अलग होकर नया जीव बनता है (जैसे हाइड्रा और ईस्ट)।
  • युग्मक निर्माण (Gamete formation): यह लैंगिक प्रजनन से जुड़ी प्रक्रिया है जिसमें नर और मादा युग्मक बनते हैं।
  • लैंगिक प्रजनन (Sexual reproduction): इसमें दो जनकों के युग्मकों का संलयन होता है, जबकि खंडन एक अलैंगिक विधि है।

#44. एक छात्र परागण से पहले पुष्प की वर्तिका काट देता है। सबसे अधिक संभावित परिणाम क्या होगा?
(RRB Level 01 Stage I 28/11/2025 )

सही उत्तर: निषेचन नहीं होगा। (RRB Level 01 Stage I : 28 Nov, 2025)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वर्तिका (Style) का कार्य और निषेचन: पुष्प के स्त्रीकेसर (Carpel) में वर्तिकाग्र (Stigma) वह भाग है जहाँ परागकण गिरते हैं और वर्तिका (Style) वह नली है जिसके माध्यम से पराग नलिका (Pollen tube) आगे बढ़कर अंडाशय तक पहुँचती है। यदि परागण से पहले ही वर्तिका को काट दिया जाए, तो परागकणों के लिए अंडाशय तक पहुँचने का मार्ग बाधित हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप नर और मादा युग्मकों का संलयन नहीं हो पाएगा और निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • बीजांड बीज में बदल जाएगा: बीज का निर्माण तभी होता है जब निषेचन की क्रिया संपन्न हो जाती है; निषेचन न होने पर बीजांड बीज में नहीं बदल सकता।
  • पराग नलिका का तेजी से बढ़ना / परागण तेजी से होना: वर्तिका काटने से पराग नलिका के बढ़ने का कोई मार्ग ही नहीं बचेगा और इसका परागण की गति पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

#45. परागकण से वर्तिकाग्र तक एक नलिका जैसी संरचना नीचे की ओर बढ़ती है और बीजांड तक पहुँचती है। यह पराग नलिका किसके लिए उयी है?
(त्तरदाRRB JE CBT-I 2024 17 Dec 2024 Shift 3)

सही उत्तर: अंडाशय में नर जनन कोशिका को मादा जनन कोशिका तक ले जाना (RRB JE CBT-I : 17 Dec, 2024 Shift 3)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पराग नलिका का कार्य (Function of Pollen Tube): जब परागकण (Pollen grain) पुष्प के वर्तिकाग्र (Stigma) पर गिरते हैं, तो वे अंकुरित होते हैं और उनसे एक पराग नलिका (Pollen tube) का विकास होता है। यह नली वर्तिका (Style) से होती हुई अंडाशय (Ovary) में स्थित बीजांड (Ovule) तक पहुँचती है। इसका मुख्य कार्य परागकण के अंदर मौजूद नर युग्मक (नर जनन कोशिका) को सुरक्षित रूप से अंडाशय के भीतर स्थित मादा जनन कोशिका (अंड/Ovum) तक पहुँचाना है ताकि निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया पूरी हो सके।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • कार्बन डाइऑक्साइड या ऑक्सीजन ले जाना: पराग नलिका का श्वसन गैसों (O2 या CO2) के परिवहन से कोई संबंध नहीं है।
  • पोषण ले जाना: यह नलिका मुख्य रूप से नर युग्मकों को ले जाने का मार्ग प्रदान करती है, न कि प्राथमिक तौर पर पोषण पहुँचाने का काम करती है।



#46. निम्नलिखित में से कौन-सी, फसल किस्मों में वांछनीय गुण उत्पन्न करने की एक विधि नहीं है?
(RRB Level 01 Stage I 02/02/2026 )

सही उत्तर: अंतराजीनी संकरण (Intragenic hybridisation) (RRB Level 01 Stage I : 02 Feb, 2026)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • फसल सुधार और संकरण (Crop Improvement and Hybridisation): फसल किस्मों में वांछनीय और उपयोगी गुण (जैसे अधिक पैदावार, रोग प्रतिरोधक क्षमता आदि) विकसित करने के लिए संकरण (Hybridisation) की विभिन्न विधियों का उपयोग किया जाता है। इनमें विभिन्न टैक्सोनॉमिक स्तरों के आधार पर संकरण शामिल होते हैं, जैसे—अंतःउपजातीय (विभिन्न किस्मों के बीच), अंतरजातीय (दो अलग-अलग जातियों के बीच) और अंतरवंशीय (दो अलग-अलग वंशों के बीच)। विज्ञान में “अंतराजीनी संकरण” (Intragenic hybridisation) फसल सुधार की पारंपरिक या मुख्य संकरण विधियों के अंतर्गत मान्यता प्राप्त मानक वर्गीकरण विधि नहीं है, इसलिए यह इस संदर्भ में सही विधि नहीं मानी जाती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये संकरण की वास्तविक विधियाँ हैं):
  • अंतःउपजातीय संकरण (Intervarietal): यह एक ही प्रजाति की दो अलग-अलग किस्मों के बीच कराया जाता है (सबसे आम विधि)।
  • अंतरजातीय संकरण (Interspecific): यह एक ही वंश की दो अलग-अलग जातियों (Species) के पौधों के बीच कराया जाता है।
  • अंतरवंशीय संकरण (Intergeneric): यह दो अलग-अलग वंशों (Genera) के पौधों के बीच कराया जाने वाला संकरण है।
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