विशेषण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

Visheshan Questions

 

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#1. कौन-सा विकारी है? [तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2012]

व्याख्या: व्याकरण के अनुसार शब्दों को दो मुख्य भागों में बाँटा गया है: विकारी और अविकारी

  1. विकारी शब्द: वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक और काल के अनुसार परिवर्तन (विकार) आ जाता है, उन्हें विकारी शब्द कहते हैं। ये चार प्रकार के होते हैं:

    • संज्ञा

    • सर्वनाम

    • विशेषण

    • क्रिया

  2. अविकारी शब्द (अव्यय): वे शब्द जिनमें किसी भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं होता। ये भी मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं:

    • क्रिया विशेषण

    • सम्बन्ध बोधक

    • समुच्चय बोधक

    • विस्मयादिबोधक

#2. व्याकरण की दृष्टि से कौनसा कथन गलत है? [Head Master-11.10.2021]

व्याख्या: यह कथन गलत है क्योंकि इसमें ‘विशेषण’ को अविकारी बताया गया है, जबकि व्याकरणिक रूप से विशेषण एक विकारी शब्द होता है।

याद रखने योग्य तालिका:

श्रेणी शब्द के प्रकार
विकारी शब्द संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया
अविकारी शब्द (अव्यय) क्रियाविशेषण, सम्बन्धबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक

#3. जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताई जाए वह कहलाता है- [CET (10+2)-22.10.2024 (II)]

व्याख्या: जिस संज्ञा या सर्वनाम शब्द की विशेषता बताई जाती है, उसे व्याकरण में ‘विशेष्य’ कहा जाता है। वहीं, जो शब्द विशेषता बताने का काम करते हैं, उन्हें ‘विशेषण’ कहते हैं।

उदाहरण से समझें: वाक्य: “राधा सुंदर लड़की है।”

  • यहाँ ‘सुंदर’ शब्द विशेषता बता रहा है, इसलिए यह विशेषण है।

  • यहाँ ‘लड़की’ (राधा) की विशेषता बताई जा रही है, इसलिए यह विशेष्य है।

#4. ‘प्रभा एक सुशील कन्या है’ वाक्य में विशेष्य है- [III Grade (Hindi) 26.02.2023]

व्याख्या: वाक्य में जिसकी विशेषता बताई जाती है, उसे ‘विशेष्य’ कहते हैं।

इस वाक्य का विश्लेषण इस प्रकार है:

  • सुशील: यह एक गुणवाचक विशेषण है।

  • कन्या: यहाँ ‘सुशील’ शब्द ‘कन्या’ की विशेषता बता रहा है, इसलिए ‘कन्या’ विशेष्य है।

  • प्रभा: यह वाक्य का उद्देश्य (कर्ता) और संज्ञा है।

#5. जिस विकारी शब्द से संज्ञा की व्याप्ति मर्यादित होती है- उसे कहते हैं [पटवार मुख्य परीक्षा 24.12.2016]

व्याख्या: यह विशेषण की एक शास्त्रीय परिभाषा है। “संज्ञा की व्याप्ति मर्यादित करना” का अर्थ है संज्ञा के अर्थ क्षेत्र को सीमित (Restrict) करना।

जब हम केवल ‘घोड़ा’ कहते हैं, तो उससे संसार के सभी घोड़ों का बोध होता है (व्याप्ति बहुत बड़ी है)। लेकिन जब हम ‘काला घोड़ा’ कहते हैं, तो विशेषण ‘काला’ ने घोड़ों की संख्या को सीमित कर दिया—अब इसमें केवल काले रंग के घोड़े ही आएँगे, बाकी सब बाहर हो जाएँगे। इस प्रकार विशेषण संज्ञा की व्याप्ति को मर्यादित कर देता है।



#6. ‘विशेषण’ की सही परिभाषा है- [Highcourt LDC परीक्षा-23.07.2017]

व्याख्या: जो शब्द संज्ञा (किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान) या सर्वनाम (संज्ञा के बदले प्रयुक्त शब्द) के गुण, दोष, संख्या, परिमाण या विशेषता का बोध कराते हैं, उन्हें ‘विशेषण’ कहते हैं

#7. ‘प्रविशेषण’ बताते हैं? [ग्राम सेवक परीक्षा 2010]

व्याख्या: वे शब्द जो विशेषण की भी विशेषता बताते हैं, उन्हें ‘प्रविशेषण’ कहा जाता है। ये अक्सर विशेषण शब्द से ठीक पहले आकर उसकी तीव्रता या गुण को और बढ़ा देते हैं।


उदाहरण से समझें:

  1. “पर्वत बहुत ऊँचा है।”

    • यहाँ ‘ऊँचा’ विशेषण है, लेकिन ‘बहुत’ शब्द उस ऊँचाई की भी विशेषता बता रहा है। अतः ‘बहुत’ प्रविशेषण है।

#8. इनमें से किस विकल्प के सभी विशेषण संज्ञा से बने हैं- [आर. टेंट द्वितीय स्तर 2011]

व्याख्या: इस विकल्प के दोनों शब्द संज्ञा शब्दों में प्रत्यय लगाने से बने हैं:

  1. श्रद्धालु: श्रद्धा (भाववाचक संज्ञा) आलु (प्रत्यय)

  2. रंगीला: रंग (संज्ञा) ईला (प्रत्यय)

संज्ञा से विशेषण बनाने के कुछ उदाहरण:

संज्ञा शब्दों के अंत में प्रत्यय जोड़कर विशेषण बनाए जाते हैं, जिन्हें तद्धित प्रत्यय कहते हैं।

मूल संज्ञा प्रत्यय निर्मित विशेषण
धर्म इक धार्मिक
जहर ईला जहरीला
प्यास प्यासा
दया लु दयालु
भारत ईय भारतीय

#9. ‘मदन काली पतलून पहनकर खेलने आया’ में विशेषण है?

व्याख्या: वाक्य ‘मदन काली पतलून पहनकर खेलने आया’ में ‘काली’ शब्द एक विशेषण है क्योंकि यह ‘पतलून’ (संज्ञा) के रंग की विशेषता बता रहा है।


वाक्य का विस्तृत विश्लेषण:

  • काली: यह विशेषण है (गुणवाचक विशेषण – रंगबोधक)।

  • पतलून: यह विशेषय है (जिसकी विशेषता बताई जा रही है)।

  • मदन: यह वाक्य का कर्ता (संज्ञा) है।

  • खेलने: यह क्रिया का एक रूप है।

#10. किस क्रमांक में सार्वनामिक विशेषण वाला वाक्य है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2008]

व्याख्या: वाक्य ‘यह पानी तो सबका है’ में ‘यह’ शब्द सार्वनामिक विशेषण है।

जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी ओर संकेत करता है या उसकी विशेषता बताता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। यहाँ ‘यह’ सर्वनाम ‘पानी’ (संज्ञा) से ठीक पहले आकर उसकी ओर निश्चित संकेत कर रहा है।



#11. संज्ञा से बना विशेषण नहीं हैं? [वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत शिक्षा)-20.02.2019]

व्याख्या: विकल्पों में दिए गए शब्दों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि ‘प्राथमिक’ शब्द संज्ञा से नहीं, बल्कि एक विशेषण/अव्यय से बना है।

  • प्राथमिक: यह ‘प्रथम’ (जो स्वयं एक संख्यावाचक विशेषण है) में ‘इक’ प्रत्यय लगाने से बना है। ‘प्रथम’ संज्ञा नहीं है।

#12. किसमें सार्वनामिक विशेषण नहीं है [Dy. Jailor-13.7.2025]

व्याख्या: विकल्प (3) में ‘साठ’ शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि एक निश्चित संख्यावाचक विशेषण है। यहाँ ‘छात्रों’ की संख्या बताई जा रही है, न कि सर्वनाम के माध्यम से उनकी ओर संकेत किया जा रहा है।

#13. सार्वनामिक विशेषण का प्रयोग किस विकल्प में हुआ है? [CET-8.1.2023 (S-1)]

व्याख्या: इस वाक्य में ‘वह’ शब्द सार्वनामिक विशेषण है।

जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा से ठीक पहले प्रयुक्त होकर उसकी ओर संकेत करता है या उसकी विशेषता बताता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। यहाँ ‘वह’ सर्वनाम ‘घर’ (संज्ञा) से ठीक पहले आकर उसकी ओर निश्चित संकेत कर रहा है।

#14. किस वाक्य में संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2011]

व्याख्या: जब ‘जो’, ‘सो’, ‘जिस’, ‘तिस’ जैसे सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा के साथ आकर दो अलग-अलग बातों में संबंध जोड़ने का कार्य करते हैं, तो उन्हें संबंधवाचक सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

यहाँ ‘जिस’ शब्द ‘काम’ (संज्ञा) की विशेषता भी बता रहा है और इसका संबंध अगले उपवाक्य में प्रयुक्त ‘उस’ से भी जोड़ रहा है।

#15. ‘यह लड़का बहुत होशियार है’ में कौन-सा [unclear] है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2011]

व्याख्या: वाक्य ‘यह लड़का बहुत होशियार है’ में ‘यह’ शब्द एक सार्वनामिक विशेषण है।

जब कोई सर्वनाम शब्द (जैसे— यह, वह, कोई, कौन आदि) किसी संज्ञा शब्द से ठीक पहले प्रयुक्त होकर उसकी ओर संकेत करता है या उसकी विशेषता बताता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण (संकेतवाचक विशेषण) कहते हैं।



#16. इनमें से कौन सा शब्द भाववाचक संज्ञा से बना ‘विशेषण’ नहीं है? [RPSC Jr. Acct.. 04-10-2016]

व्याख्या: ‘प्राथमिक’ शब्द संज्ञा से नहीं बना है। यह ‘प्रथम’ शब्द में ‘इक’ प्रत्यय लगाने से बना है। व्याकरण में ‘प्रथम’ स्वयं एक संख्यावाचक विशेषण है, न कि भाववाचक संज्ञा।

#17. किस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2011]

व्याख्या: वाक्य ‘वह खम्भा गिर जाएगा’ में ‘वह’ शब्द सार्वनामिक विशेषण है।

जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा (यहाँ ‘खम्भा’ संज्ञा है) से ठीक पहले आकर उसकी ओर संकेत करता है या उसकी विशेषता बताता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण या संकेतवाचक विशेषण कहते हैं।

#18. किस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण प्रयुक्त हुआ है- [PSI-15.09.2021]

व्याख्या: इस वाक्य में ‘कोई’ शब्द सार्वनामिक विशेषण है।

जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बताता है या उसकी ओर संकेत करता है, तो वह सर्वनाम न रहकर विशेषण बन जाता है। यहाँ ‘कोई’ (सर्वनाम) ‘आदमी’ (संज्ञा) से ठीक पहले आया है और यह अनिश्चित व्यक्ति की ओर संकेत कर रहा है।

#19. किस क्रम में अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण नहीं है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2011]

व्याख्या: अनिश्चयवाचक सार्वनामिक विशेषण तब होता है जब ‘कोई’, ‘किसी’ या ‘कुछ’ जैसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बताते हैं।

विकल्प (3) में ‘वह’ शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि एक निश्चयवाचक सर्वनाम या पुरुषवाचक सर्वनाम है (यहाँ यह ‘समझदार’ व्यक्ति की ओर संकेत कर रहा है)। इसमें कोई अनिश्चय की स्थिति नहीं है।

#20. कौनसा विशेषण नहीं है- [JLO (Law) 27.12.2019]

व्याख्या: ‘प्राथमिकता’ एक भाववाचक संज्ञा है, विशेषण नहीं। यह ‘प्रथम’ या ‘प्राथमिक’ शब्दों से बना भाव है।

विशेषण पहचानने की ट्रिक:

शब्द के आगे कोई संज्ञा लगाकर देखें। यदि तालमेल बैठता है, तो वह विशेषण है:

  • इकहरा शरीर (सही – विशेषण)

  • प्राथमिकता कार्य (गलत – संज्ञा) -> प्राथमिक कार्य (सही – विशेषण)

  • सुवासित हवा (सही – विशेषण)

  • साप्ताहिक अवकाश (सही – विशेषण)



#21. इनमें कौनसा विशेषण नहीं है? [वरिष्ठ अध्यापक (संस्कृत शिक्षा)-20.02.2019]

व्याख्या: ‘भाईचारा’ एक भाववाचक संज्ञा है, विशेषण नहीं। यह व्यक्तियों के बीच के आपसी संबंध या भावना का बोध कराता है।

विशेषण पहचानने की ‘संज्ञा विधि’:

किसी शब्द के विशेषण होने की जाँच करने के लिए उसके आगे कोई संज्ञा (जैसे- आदमी, बालक, वस्तु) लगाकर देखें:

  • बेचारा आदमी (सही – विशेषण)

  • थकाहारा यात्री (सही – विशेषण)

  • बेसहारा वृद्ध (सही – विशेषण)

  • भाईचारा आदमी (गलत – यह मेल नहीं खाता, अतः यह संज्ञा है)

#22. ‘पुस्तक’ से कौन-सा विशेषण बनेगा? [RTET L-2 2011]

व्याख्या: संज्ञा शब्दों में प्रत्यय लगाकर विशेषण बनाए जाते हैं। ‘पुस्तक’ एक जातिवाचक संज्ञा है, जिसमें ‘ईय’ प्रत्यय जोड़ने पर ‘पुस्तकीय’ विशेषण शब्द बनता है।

 

#23. किसमें परिमाणवाचक विशेषण है? [पटवार-2011]

व्याख्या: जिस विशेषण से संज्ञा या सर्वनाम की नाप-तौल या मात्रा का बोध होता है, उसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।

इस वाक्य में ‘पाँच किलो’ शब्द ‘दूध’ की निश्चित मात्रा (तौल) को बता रहा है। चूँकि दूध को गिना नहीं जा सकता, केवल मापा या तोला जा सकता है, इसलिए यहाँ परिमाणवाचक विशेषण है।

#24. किस विशेष्य के साथ ‘परिमाणबोधक विशेषण’ प्रयुक्त हुआ है? [JLO-06.11.2023]

व्याख्या: जिस विशेषण से किसी वस्तु की नाप-तौल या मात्रा का बोध होता है, उसे परिमाणबोधक विशेषण कहते हैं। ‘घी’ एक द्रव्य पदार्थ है जिसे गिना नहीं जा सकता, केवल तोला जा सकता है। यहाँ ‘दो सेर’ घी की एक निश्चित मात्रा (तौल) को दर्शा रहा है, इसलिए यह निश्चित परिमाणबोधक विशेषण है।

#25. किसमें परिमाणवाचक विशेषण है? [PSI-2011]

व्याख्या: इस वाक्य में ‘बहुत’ शब्द ‘ओले’ के ढेर या उसकी मात्रा (परिमाण) को दर्शा रहा है। इसलिए यहाँ ‘बहुत’ अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण है।



#26. ‘खीर तैयार करने में आधा किलोग्राम दूध लग गया।’ इस वाक्य में किस विशेषण का प्रयोग किया गया है- [CET (Gra)-28.09.2024(S-II)]

व्याख्या: वाक्य ‘खीर तैयार करने में आधा किलोग्राम दूध लग गया’ में ‘आधा किलोग्राम’ शब्द परिमाणबोधक विशेषण है।

#27. किस क्रम में निश्चित परिमाणवाचक विशेषण है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2011]

व्याख्या: यहाँ ‘एक एकड़’ शब्द ‘जमीन’ के एक निश्चित माप (Area) को दर्शा रहा है, इसलिए यह निश्चित परिमाणवाचक विशेषण है।

परिमाणवाचक विशेषण की पहचान:

भेद लक्षण उदाहरण
निश्चित जहाँ माप-तौल की सटीक जानकारी हो। एक एकड़, दो किलो, पाँच मीटर।
अनिश्चित जहाँ मात्रा का केवल अंदाज़ा हो। थोड़ा, बहुत, कुछ, कम।

#28. गुणवाचक विशेषण से सम्बन्धित वाक्य कौनसा है- [PSI-13.09.2021]

व्याख्या: इस वाक्य में ‘कपटी’ शब्द ‘व्यक्ति’ के स्वभाव या उसके एक नकारात्मक गुण (दोष) को दर्शा रहा है।

गुणवाचक विशेषण के कुछ अन्य उदाहरण:

  • गुण/दोष: दयालु, क्रूर, कपटी, ईमानदार।

  • रंग: नीला, काला, सफेद।

  • आकार: गोल, चौकोर, लम्बा।

  • स्थान: भारतीय, जापानी, ग्रामीण।

#29. किस क्रम में गुणवाचक विशेषण का उदाहरण है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2011]

व्याख्या:  इस वाक्य में ‘मुलायम’ शब्द ‘त्वचा’ के स्पर्श की विशेषता (दशा) बता रहा है।

गुणवाचक विशेषण के विभिन्न रूप:

  • स्पर्शबोधक: मुलायम, कठोर, खुरदरा, कोमल।

  • दशाबोधक: रोगी, स्वस्थ, बूढ़ा, जवान।

  • गुणबोधक: सच्चा, दयालु, परोपकारी, ईमानदार।

  • रंगबोधक: लाल, पीला, चमकीला।

#30. ‘टोकरी में मीठे सन्तरे हैं’ में ‘मीठे’ शब्द कौन-सा विशेषण हैं? [RJS परीक्षा-2013-14]

व्याख्या: वाक्य ‘टोकरी में मीठे सन्तरे हैं’ में ‘मीठे’ शब्द गुणवाचक विशेषण है।

यहाँ ‘मीठा’ शब्द सन्तरों के स्वाद (गुण) की विशेषता बता रहा है।

गुणवाचक विशेषण के स्वादबोधक उदाहरण:

  • मीठा, खट्टा, कड़वा, नमकीन, चरपरा।



#31. संज्ञा शब्द से बना विशेषण नहीं है? [आर.पी.एस.सी. कनिष्ठ लिपिक परीक्षा 2011]

व्याख्या: ‘लिखित’ शब्द संज्ञा से नहीं, बल्कि क्रिया (धातु) से बना विशेषण है।

  • लिखित: ‘लिख’ (क्रिया/धातु) में ‘इत’ प्रत्यय लगाने से बना है। इसे ‘कृदंत विशेषण’ भी कहते हैं।

#32. ‘गर्म दूध पीना लाभदायक होता है’ में कौन-सा विशेषण है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2011]

व्याख्या: यहाँ ‘गर्म’ शब्द ‘दूध’ (संज्ञा) की अवस्था/तापमान की विशेषता बता रहा है।

#33. नीचे दिये जोड़ों में से जो सही नहीं है उसको छाँटिए? [तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा-2013]

व्याख्या: दिए गए विकल्पों में संज्ञा शब्दों से विशेषण बनाने के जोड़े दिए गए हैं। चौथे विकल्प में ‘वन्दना’ संज्ञा से बनने वाला विशेषण जोड़ा गलत है।

  • वन्दना-वन्दकी (गलत): ‘वन्दना’ एक भाववाचक संज्ञा है। इससे बनने वाला सही विशेषण शब्द ‘वन्दनीय’ या ‘वन्द्य’ होता है, न कि ‘वन्दकी’।

#34. किस क्रमांक में ‘विशेषण’ शब्द है? [तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा 2012]

व्याख्या: ‘पुष्पित’ शब्द एक विशेषण है जो संज्ञा शब्द ‘पुष्प’ में ‘इत’ प्रत्यय लगाने से बना है।

  • पुष्पित: पुष्प (संज्ञा) + इत (प्रत्यय) = पुष्पित। (इसका अर्थ है— फूलों से खिला हुआ या जिसमें फूल आ गए हों)।

  • प्रयोग: “यह एक पुष्पित लता है।” यहाँ ‘लता’ की विशेषता ‘पुष्पित’ शब्द से प्रकट हो रही है।

#35. ‘बिहारी ने सतसई लिखी।’ ‘सतसई’ शब्द में कौन-सा विशेषण है? [पटवार भर्ती परीक्षा 2011]

व्याख्या: वाक्य में ‘सतसई’ शब्द समुच्चय बोधक विशेषण है।

जिस विशेषण से किसी संख्या के निश्चित समूह या समाहार का बोध होता है, उसे समुच्चय बोधक विशेषण कहते हैं। ‘सतसई’ का अर्थ है— सात सौ (700) दोहों का समूह। यह एक इकाई के रूप में पूरे समूह को प्रकट कर रहा है।



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