राजस्थान में 1857 की क्रांति से महत्वपूर्ण प्रश्न

Rajasthan 1857 ki kranti mcq in hindi

 

Results

#1. पॉलिटिकल एजेंट सुमेलित नहीं है? [JEN-21.08.2016]

1857 की क्रांति के समय जयपुर के पॉलिटिकल एजेंट कर्नल ईडन थे (लारेंस राजपूताना के AGG थे) और भरतपुर के एजेंट मॉरीसन थे।

#2. अक्टूबर, 1857 में विद्रोह के समय कोटा में अंग्रेज पॉलिटिकल एजेंट कौन था- [PSI-15.09.2021] [PTI (Grade-II)-30.4.2023] [पुलिस कॉन्स्टेबल-02.07.2022]

1857 की क्रांति के समय कोटा रियासत के पॉलिटिकल एजेंट मेजर बर्टन थे। 15 अक्टूबर 1857 को कोटा में जयदयाल और मेहराब खान के नेतृत्व में राजस्थान का सबसे सुनियोजित और भयंकर विद्रोह हुआ था। इस दौरान उग्र क्रांतिकारियों ने मेजर बर्टन और उनके दो बेटों (आर्थर और फ्रैंक) की हत्या कर दी थी और बर्टन का सिर काटकर पूरे कोटा शहर में घुमाया था।

#3. 1857 की क्रांति के समय सिरोही का पॉलिटिकल एजेंट कौनसा था?[REET (Level-II, S-I)-24.07.2022] [Research Officer-4.8.2024]

1857 की क्रांति के समय सिरोही रियासत के पॉलिटिकल एजेंट जे. डी. हॉल (J. D. Hall) थे। सिरोही राजस्थान की अंतिम रियासतों में से एक थी जिसने 1823 में ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ सहायक संधि की थी और 1857 के समय जे. डी. हॉल यहाँ ब्रिटिश प्रशासन की देखरेख कर रहे थे।

#4. 1857 की विद्रोह के समय गवर्नर जनरल कौन थे? [स्कूल व्याख्याता (Coach)-20.10.2022]

1857 की क्रांति के समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड केनिंग थे। क्रांति के बाद 1858 में यही भारत के पहले ‘वायसराय’ भी बने।

  • लॉर्ड लिटन: ये 1876-1880 तक भारत के वायसराय रहे। ये अपने विवादित ‘वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट’ (1878) के लिए जाने जाते हैं।

  • क्लाइव (रॉबर्ट क्लाइव): ये बंगाल के पहले गवर्नर थे। इनका संबंध 1757 के प्लासी के युद्ध से था (1857 की क्रांति से ठीक 100 साल पहले)।

  • लॉर्ड कर्जन: ये 1899 से 1905 तक वायसराय रहे। 1905 का ‘बंगाल विभाजन’ इन्हीं के समय हुआ था।

#5. 1857 की क्रांति के समय उदयपुर के महाराणा कौन थे? [REET (L-II)-23.07.2022] [II Grade (S-I)-29.1.2023]

1857 में उदयपुर के महाराणा स्वरूप सिंह थे। इन्होंने नीमच से भागकर आए 40 अंग्रेजों को ‘जग मंदिर’ में शरण देकर उनकी जान बचाई थी।

Options ki Jankari:

  • जसवंतसिंह: ये 1857 की क्रांति के समय भरतपुर रियासत के शासक थे।

  • उदयसिंह: ये 16वीं शताब्दी में मेवाड़ के शासक थे जिन्होंने उदयपुर शहर बसाया था (महाराणा प्रताप के पिता)।

  • रतनसिंह: ये रावल रतन सिंह हो सकते हैं जिनका संबंध चित्तौड़ के पहले साके (1303) और रानी पद्मिनी से है।



#6. 1857 की क्रांति के दौरान डूंगरपुर के शासक कौन था? [ARO-27.8.2022] [वनरक्षक-13.12.2022(S-II)]

1857 की क्रांति के समय डूंगरपुर के शासक महारावल उदयसिंह थे, जिन्होंने अंग्रेजों का समर्थन किया था।

Options ki Jankari:

  • रामसिंह: रामसिंह द्वितीय जयपुर और कोटा दोनों जगह के शासकों का नाम था (1857 के समय)।

  • विनयसिंह (बन्ने सिंह): ये 1857 की क्रांति के समय अलवर के शासक थे।

  • मदनपाल: ये 1857 में करौली के शासक थे।

#7. 1857 की क्रांति के समय निम्नांकित में से कौन टोंक का नवाब था? [PTI (Grade-II)-30.04.2023]

1857 की क्रांति के समय टोंक के नवाब वजीरूद्दौला थे, जो अंग्रेजों के समर्थक थे। लेकिन उनकी सेना ने मीर आलम खां के नेतृत्व में विद्रोह कर दिया था। (टोंक राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत थी)।

Options ki Jankari:

  • सिराजुद्दौला: ये बंगाल के नवाब थे, जिनका संबंध 1757 के प्रसिद्ध प्लासी के युद्ध (रॉबर्ट क्लाइव के खिलाफ) से है। इनका राजस्थान या 1857 की क्रांति से संबंध नहीं है।

  • मीर आलम: ये टोंक के नवाब वजीरूद्दौला के मामा थे, जिन्होंने नवाब की इच्छा के विरुद्ध जाकर क्रांतिकारियों का नेतृत्व किया था।

  • जहानखाँ: यह विकल्प केवल भ्रमित करने के लिए दिया गया है।

#8. 1857 की क्रांति के समय कोटा का शासक था- [REET Level II – 2011]

1857 के विद्रोह के समय कोटा के शासक महाराव रामसिंह द्वितीय थे। क्रांतिकारियों ने इन्हें 6 महीने तक महल में ही बंदी बनाए रखा था, जिन्हें बाद में करौली के शासक मदनपाल ने आज़ाद करवाया

Options ki Jankari:

  • महाराव रामसिंह प्रथम: ये कोटा के पूर्व शासक थे (1696-1707), इनका 1857 की क्रांति से कोई लेना-देना नहीं है।

  • महाराव माधोसिंह प्रथम: ये कोटा रियासत के पहले स्वतंत्र शासक माने जाते हैं (1631 ई. में)।

  • महाराव उम्मेदसिंह प्रथम: ये कोटा के प्रसिद्ध शासक थे, जिनके समय वास्तविक सत्ता उनके फौजदार (प्रधानमंत्री) झाला जालिम सिंह के हाथों में थी।

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