Rajasthan sahitya mcq hindi
#1. राव- जैतसी-रो-छन्द के अनुसार, बीकानेर के शासक राव जैतसी ने निम्न में से किसे परास्त किया (RAS Pre 2025)
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ग्रंथ के रचयिता: ‘राव जैतसी रो छन्द’ की रचना डिंगल भाषा के प्रसिद्ध चारण कवि बीठू सूजा ने की थी।
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युद्ध का समय: यह युद्ध 1534 ई. में लड़ा गया था।
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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: कामरान (जो उस समय काबुल और पंजाब का शासक था) ने भटनेर दुर्ग पर कब्ज़ा करने के बाद बीकानेर पर आक्रमण कर दिया था।
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युद्ध का परिणाम: बीठू सूजा के इस ग्रंथ में वर्णन है कि राव जैतसी ने अपनी सेना के साथ कामरान के शिविर पर अचानक रात्रिकालीन आक्रमण (Night attack) किया। इस भीषण हमले में कामरान की सेना बुरी तरह पराजित हुई और उसे अपने प्राण बचाकर भागना पड़ा।
#2. 1882 में मुन्ना लाल शर्मा ने कहाँ से देश हितेषी नामक मासिक समाचार पत्रिका प्रकाशित की?
सही उत्तर – अजमेर
व्याख्या – देश हितैषी 1882 ई. में अजमेर से। इसके प्रकाशक मुन्नालाल शर्मा थे।
#3. निम्नलिखित में से किसे राजस्थानी साहित्य का प्रथम गद्य लेखक कहा जा सकता है? (Pashu Parichar – 2024)
शिव चन्द्र भरतिया: राजस्थानी साहित्य के पुरोधा
शिव चन्द्र भरतिया को आधुनिक राजस्थानी गद्य साहित्य (Prose Literature) का प्रथम लेखक माना जाता है। इन्होंने राजस्थानी भाषा में गद्य लेखन की नींव रखी और साहित्य की तीनों प्रमुख विधाओं (नाटक, उपन्यास और कहानी) में प्रथम रचना करने का ऐतिहासिक श्रेय प्राप्त किया:
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प्रथम राजस्थानी नाटक: ‘केसर विलास’ (सन् 1900)
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प्रथम राजस्थानी उपन्यास: ‘कनक सुन्दर’ (सन् 1903)
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प्रथम राजस्थानी कहानी: ‘विश्रान्त प्रवासी’ (सन् 1904)
#4. ‘ढोला मारू रा दूहा’ के रचयिता हैं?
सही उत्तर – कवि कल्लोल
व्याख्या – ढोला मारू रा दूहा ग्यारहवीं शताब्दी मे रचित एक लोकभाषा-काव्य है।ये कथा कवि कलोल द्वारा लिखी गयी।
#5. सर्वहित समाचार पत्र का प्रकाशन बूंदी में किसके द्वारा किया गया?
सही उत्तर – पंडित राम प्रताप शर्मा
व्याख्या – राजस्थान का प्रथम समाचार पत्र सर्वहित था, जो बूंदी से प्रकाशित होता था और जिसकी स्थापना 1890 ई. में हुई।
#6. ‘सूरज प्रकाश’ के ऐतिहासिक काव्य ग्रंथ रचयिता हैं?
सही उत्तर – करणीदान कविया
व्याख्या – करणीदान ने सूरजप्रकाश की रचना महाराजा अभय सिंह के समय की थी।
#7. पुस्तक “अनुभव वाणी” में निम्नलिखित में से किसके आध्यात्मिक शिक्षण निहित हैं? निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें ? (Pashu Parichar – 2024)
अनुभव वाणी’ (अणभै वाणी) और संत रामचरण
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ग्रंथ का महत्व: संत रामचरण जी के भजनों, आध्यात्मिक उपदेशों और दार्शनिक विचारों के विस्तृत संकलन को राजस्थानी भाषा में “अणभै वाणी” कहा जाता है, जिसे मानक हिंदी में “अनुभव वाणी” के रूप में लिखा जाता है।
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विषय वस्तु: इस पवित्र ग्रंथ में लगभग 8,000 छंद संकलित हैं। यह रामस्नेही संप्रदाय के अनुयायियों के लिए सबसे प्रमुख आध्यात्मिक और मार्गदर्शक ग्रंथ है। इसमें मुख्य रूप से निर्गुण भक्ति, योग और आत्म-ज्ञान पर बल दिया गया है।
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संप्रदाय की स्थापना: संत रामचरण जी (1720 – 1798 ई.) ने ही राजस्थान में प्रसिद्ध ‘रामस्नेही संप्रदाय’ की शाहपुरा शाखा (वर्तमान शाहपुरा जिला) की स्थापना की थी। इनका बचपन का नाम रामकिशन था।
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मूल दर्शन: इन्होंने सगुण मूर्ति-पूजा, बहुदेववाद और बाह्य कर्मकांडों का कड़ा विरोध किया। इनके अनुसार ईश्वर निराकार है और इन्होंने केवल ‘राम’ (परमब्रह्म) के नाम-स्मरण (सिमरन) को ही मोक्ष का साधन बताया।
#8. 1923 में राजस्थान नामक समाचार पत्र का प्रकाशन कहाँ से किया गया जो ऋषि दत्त मेहता के द्वारा निकाला गया था?
सही उत्तर – ब्यावर
व्याख्या – 1923 ईस्वी में ब्यावर से ऋषि दत्त मेहता ने राजस्थान नाम से समाचार पत्र आरंभ किया। इसमें जयपुर, जोधपुर, मेवाड़, और बीकानेर रियासतों में संचालित जन आंदोलनों के बारे में प्रचुर सामग्री छपती थी।
#9. 1939 में नवजीवन का प्रकाशन कहाँ से किया गया जिसमें जागीरदारी शोषण के खिलाफ आवाज उठाई गयी, जिसे नारायण सिंह द्वारा निकाला गया?
सही उत्तर – अजमेर
व्याख्या – नवजीवन – 1939 ई. में अजमेर से कनक मधुकर ने
#10. “राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी” स्थित है?
सही उत्तर – बीकानेर में
व्याख्या – राजस्थान साहित्य अकादमी की स्थापना 28 जनवरी 1958 ई. राज्य सरकार द्वारा राज्य में साहित्य के विकास, प्रोत्साहन व प्रचार-प्रसार के उद्धेश्य से एक शासकीय इकाई के रूप में की गई और 8 नवम्बर 1962 को इसे स्वायत्तता प्रदान की गई।
#11. ‘अचलदास खींची री वचनिका’ के रचयिता हैं?
सही उत्तर – गाडण शिवदास
व्याख्या – अचलदास खींची री वचनिका चारण कवि शिवदास गाडण द्वारा रचित एक ऐतिहासिक कृति है। इसकी कृति की रचना डिंगल भाषा में की गई है।
#12. 1920 में विजय सिंह पथिक द्वारा राजस्थान केसरी नामक समाचार पत्र कहाँ से निकाला गया?
सही उत्तर – वर्धा
व्याख्या – 1920 में पथिक जी ने बम्बई यात्रा के समय गांधी जी की पहल पर वर्धा से राजस्थान केसरी नामक पत्र निकाला.
#13. ‘राजिया रा सोरठा’ के रचयिता हैं?
सही उत्तर – कृपाराम खिड़िया
व्याख्या – संगति के प्रभाव को कवि कृपाराम खिड़िया ने अपने सोरठे में चंदन के वृक्ष को माध्यम बनाकर सिद्ध किया है।
#14. निम्नलिखित में से कौन सी पुस्तकें महाराणा कुम्भा के प्रसिद्ध शिल्पी गोविन्द द्वारा लिखी गई थीं ? A. उद्धारधोरणी B. कलानिधि मण्डन C. राजवल्लभ D. द्वारदीपिका सही कूट का चयन कीजिए : (Agriculture Officer-2025)
शिल्पी गोविन्द और उनकी रचनाएँ
गोविन्द, महाराणा कुंभा के मुख्य वास्तुकार (Chief Architect) ‘मण्डन’ के पुत्र थे। अपने पिता की तरह गोविन्द भी वास्तुकला के महान ज्ञाता थे और इन्होंने वास्तुशास्त्र पर निम्नलिखित तीन प्रमुख ग्रंथों की रचना की थी:
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(A) उद्धारधोरणी: यह ग्रंथ मुख्य रूप से जीर्णोद्धार (पुराने और क्षतिग्रस्त मंदिरों या भवनों की मरम्मत/पुनर्निर्माण) की विधियों और वास्तु नियमों पर आधारित है।
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(B) कलानिधि: यह मंदिरों के ‘शिखर’ निर्माण की कला और विधान पर लिखा गया एक उत्कृष्ट ग्रंथ है। (नोट: आपने विकल्प में इसे ‘कलानिधि मण्डन’ लिखा है, लेकिन मूल रूप से इस ग्रंथ का नाम केवल ‘कलानिधि’ है)।
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(D) द्वारदीपिका: यह ग्रंथ मुख्य रूप से भवनों और मंदिरों के मुख्य द्वार (दरवाजों) के निर्माण, उनकी दिशा और वास्तु से संबंधित है।
गलत विकल्प का तार्किक विश्लेषण
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(C) राजवल्लभ: यह विकल्प गलत है क्योंकि ‘राजवल्लभ’ की रचना गोविन्द ने नहीं, बल्कि उनके पिता शिल्पी मण्डन ने की थी।


