अम्ल क्षार लवण Railway MCQ

 

Results

#1. ब्लीचिंग पाउडर बनाने के लिए किन अभिकारकों का उपयोग किया जाता है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 2)

सही उत्तर: क्लोरिन गैस और शुष्क कैल्शियम हाइड्रोक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ब्लीचिंग पाउडर (विरंजक चूर्ण / Bleaching Powder): इसका रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड (Calcium oxychloride, CaOCl2) है।
  • यह शुष्क बुझे हुए चूने [Ca(OH)2] पर क्लोरिन गैस (Cl2) की क्रिया द्वारा बनाया जाता है। यहाँ इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन गैस, क्लोर-एल्कली प्रक्रिया (Chlor-alkali process) के दौरान उपोत्पाद (by-product) के रूप में प्राप्त होती है।
  • रासायनिक समीकरण: Ca(OH)2 + Cl2 → CaOCl2 + H2O

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • क्लोरिन और जल: केवल क्लोरीन और जल की प्रतिक्रिया से ब्लीचिंग पाउडर नहीं बनता है, इसके निर्माण के लिए ठोस/शुष्क कैल्शियम हाइड्रोक्साइड (चूना) का होना अनिवार्य है।
  • चूना और सल्फ्यूरिक अम्ल: इस संयोजन से विरंजक चूर्ण का निर्माण नहीं होता है।
  • कैल्शियम हाइड्रोक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल: यह एक उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया है, जिसके परिणामस्वरूप कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) और जल (H2O) बनते हैं, न कि ब्लीचिंग पाउडर।

#2. उस विकल्प का चयन करें जो दिए गए वाक्य को सही ढंग से पूरा करता है। pH पैमाने का उपयोग किसी विलयन के ________ के स्तर को मापने के लिए किया जाता है।
(RRB Technician Grade III : 24 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: अम्लता या क्षारकता

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH पैमाना (pH Scale): pH का पूरा नाम ‘पोटेंशियल ऑफ हाइड्रोजन’ (Potential of Hydrogen) है। इसका उपयोग किसी जलीय विलयन में हाइड्रोजन आयनों (H+) की सांद्रता को मापकर उसकी अम्लता (Acidity) या क्षारकता (Alkalinity) का स्तर तय करने के लिए किया जाता है।
  • इस पैमाने का मान 0 से 14 तक होता है:
    • यदि pH मान 7 है, तो विलयन उदासीन (Neutral) होता है।
    • यदि pH मान 7 से कम है, तो विलयन अम्लीय होता है।
    • यदि pH मान 7 से अधिक है, तो विलयन क्षारीय होता है।
  • इस पैमाने को डेनिश वैज्ञानिक सोरेनसन (Sorensen) द्वारा 1909 में प्रस्तुत किया गया था।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • घनत्व (Density): यह किसी पदार्थ के द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन (Mass per unit volume) को मापता है, जिसका pH पैमाने से कोई संबंध नहीं है।
  • प्रदूषण (Pollution): पर्यावरण या वायु में प्रदूषण के स्तर को मापने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) और विभिन्न गैस सेंसर का उपयोग किया जाता है।
  • आयतन (Volume): यह किसी त्रि-आयामी (3D) स्थान या वस्तु द्वारा घेरे गए क्षेत्र की मात्रा को दर्शाता है, जिसे मापने के लिए लीटर या क्यूबिक मीटर का उपयोग होता है।

#3. निम्नलिखित में से कौन एस्कॉर्बिक एसिड से भरपूर है?
(RPF Constable 2024 : 17 Mar, 2025 Shift 3)

सही उत्तर: संतरे (Oranges)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic Acid): यह रासायनिक रूप से विटामिन C का नाम है। यह एक पानी में घुलनशील (Water-soluble) विटामिन है जो शरीर के ऊतकों की मरम्मत और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) को मजबूत रखने के लिए आवश्यक है।
  • खट्टे फल जैसे संतरे, नींबू, मौसमी, आंवला आदि विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) के सबसे बेहतरीन और समृद्ध स्रोत माने जाते हैं।
  • इसकी कमी से मानव शरीर में स्कर्वी (Scurvy) रोग हो जाता है, जिसके लक्षणों में मसूड़ों से खून आना आदि शामिल है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • पालक (Spinach): यह मुख्य रूप से आयरन (Iron), विटामिन A, विटामिन K और फोलिक एसिड का एक अच्छा स्रोत है, न कि एस्कॉर्बिक एसिड का प्रमुख स्रोत।
  • सिरका (Vinegar): इसमें मुख्य रूप से एसिटिक एसिड (Acetic Acid, CH3COOH) पाया जाता है, जो इसे खट्टा स्वाद देता है।
  • दूध (Milk): यह कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन B12 और विटामिन D का एक बेहतरीन स्रोत है, लेकिन इसमें विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) लगभग नगण्य होता है।

#4. धातु अम्ल अभिक्रिया में निम्नलिखित में से कौन सी गैस उत्पन्न होती है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 2 CBT 1)

सही उत्तर: हाइड्रोजन (Hydrogen)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • धातु और अम्ल की अभिक्रिया (Metal-Acid Reaction): जब कोई सक्रिय धातु (Active Metal) किसी तनु अम्ल (Dilute Acid) के साथ अभिक्रिया करती है, तो धातु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित करती है और संगत लवण (Salt) तथा हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) उत्पन्न होती है।
  • सामान्य समीकरण: $\text{धातु} + \text{तनु अम्ल} \rightarrow \text{लवण} + \text{हाइड्रोजन गैस}$
  • उदाहरण: जिंक और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की अभिक्रिया से जिंक क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस बनती है — $\text{Zn} + 2\text{HCl} \rightarrow \text{ZnCl}_2 + \text{H}_2\uparrow$
  • पहचान: उत्पन्न होने वाली हाइड्रोजन गैस के पास जब जलती हुई मोमबत्ती या तीली लाई जाती है, तो वह ‘पॉप’ (Pop) की ध्वनि के साथ जलती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • कोई गैस उत्पन्न नहीं होती है: यह कथन गलत है क्योंकि सक्रिय धातुओं और तनु अम्लों की रासायनिक प्रतिक्रिया के दौरान बुलबुले के रूप में हाइड्रोजन गैस स्पष्ट रूप से निकलती है।
  • अम्ल पर निर्भर करता है: सामान्यतः अधिकांश तनु अम्ल (जैसे HCl या $\text{H}_2\text{SO}_4$) धातुओं के साथ हाइड्रोजन गैस ही मुक्त करते हैं।
  • ऑक्सीजन: धातु-अम्ल की सामान्य अभिक्रियाओं में ऑक्सीजन गैस उत्पन्न नहीं होती है; ऑक्सीजन धातु के ऑक्साइड्स में पाई जाती है।

#5. निम्नलिखित में से किस रसोई सामग्री में एसिटिक एसिड पाया जाता है?
(RPF Constable 2024 : 09 Mar, 2025 Shift 1)

सही उत्तर: सिरका (Vinegar)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एसिटिक एसिड (Acetic Acid): इसका रासायनिक नाम एथनोइक अम्ल $\text{(CH}_3\text{COOH)}$ है। यह एक कार्बनिक अम्ल है जो सिरके को उसका खट्टा स्वाद और तीखी गंध प्रदान करता है।
  • व्यापारिक और घरेलू रूप से उपयोग होने वाले सिरके में लगभग 5% से 8% एसिटिक एसिड होता है, और शेष भाग पानी होता है।
  • इसका उपयोग मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों के संरक्षण (Preservation), आचार बनाने और विभिन्न रसायनों के निर्माण में किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • बेकिंग सोडा (Baking Soda): इसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट $\text{(NaHCO}_3\text{)}$ है, जो एक क्षारीय प्रकृति का पदार्थ है।
  • चीनी (Sugar): यह एक कार्बोहाइड्रेट (सुक्रोज, $\text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11}$) है, जिसमें कोई अम्ल नहीं पाया जाता।
  • दूध (Milk): इसमें मुख्य रूप से लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid) पाया जाता है, जिसके कारण खट्टा दूध या दही बनता है।



#6. एक विलयन का pH 12 है। इस विलयन में किस आयन की सांद्रता अधिक है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: केवल OH −

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्षारीय विलयन (Alkaline Solution): pH पैमाने पर 7 से अधिक मान वाले विलयन क्षारीय (Basic) होते हैं। चूँकि यहाँ pH का मान 12 है, यह एक प्रबल क्षारीय विलयन है।
  • क्षारीय माध्यम में हाइड्रॉक्साइड आयनों (OH) की सांद्रता हाइड्रोजन आयनों (H+) की तुलना में अत्यधिक अधिक होती है।
  • सांद्रता संबंध: pH = 12 होने पर pOH = 14 – 12 = 2 होता है, जिससे [OH] = 10-2 M और [H+] = 10-12 M प्राप्त होता है, जो स्पष्ट रूप से OH आयनों की अधिकता को दर्शाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • H + और OH − दोनों समान हैं: यह स्थिति केवल उदासीन (Neutral) विलयनों (जहाँ pH = 7 होता है) के लिए सत्य होती है।
  • केवल H +: यह अत्यधिक अम्लीय विलयनों (जहाँ pH मान 7 से कम होता है) में हाइड्रोजन आयनों की बहुलता को दर्शाता है।
  • अन्य विकल्प इस रासायनिक संदर्भ से मेल नहीं खाते हैं।

#7. ऑक्सेलिक अम्ल निम्नलिखित में से किस रसोई सामग्री में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है?
(RPF Constable 2024 04 Mar, 2025 Shift 3)

सही उत्तर: पालक (Spinach)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऑक्सेलिक अम्ल (Oxalic Acid): यह एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला कार्बनिक अम्ल है, जिसका रासायनिक सूत्र $\text{(COOH)}_2$ या $\text{H}_2\text{C}_2\text{O}_4$ होता है।
  • यह मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक (Spinach), टमाटर, चुकंदर और चौलाई आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • इसका उपयोग जंग और धब्बे हटाने के लिए तथा वस्त्र उद्योग में ब्लीचिंग एजेंट के रूप में भी किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • नींबू (Lemon): इसमें मुख्य रूप से साइट्रिक अम्ल (Citric Acid) और एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C) पाया जाता है।
  • दूध (Milk): इसमें मुख्य रूप से लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid) पाया जाता है।
  • सिरका (Vinegar): इसमें एसिटिक अम्ल (Acetic Acid, $\text{CH}_3\text{COOH}$) पाया जाता है।

#8. निम्नलिखित में से कौन-सा, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट ( NaHCO3) का सही उपयोग या गुणधर्म नहीं है?
(RRB Technician Grade III 06/03/2026 )

सही उत्तर: इसका उपयोग प्रबल अम्ल के रूप में किया जाता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (Sodium Hydrogen Carbonate / NaHCO3): इसे सामान्य बोलचाल में बेकिंग सोडा (Baking Soda) कहा जाता है। यह एक दुर्बल, गैर-संक्षारक क्षारीय लवण (Mild basic salt) है, न कि कोई प्रबल अम्ल।
  • यह प्रकृति में क्षारीय (Basic) होता है, इसलिए यह कथन कि “इसका उपयोग प्रबल अम्ल के रूप में किया जाता है” पूरी तरह से असत्य है।
  • इसे सोडियम क्लोराइड (नमक) का उपयोग करके कई रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही उपयोग/गुणधर्म हैं):
  • इसका उपयोग अग्निशामकों में किया जाता है: यह कथन सत्य है; सोडा-एसिड अग्निशामक यंत्रों में इसका उपयोग CO2 गैस उत्पन्न करने के लिए किया जाता है जो आग बुझाने में मदद करती है।
  • इसका उपयोग बेकिंग में किण्वन कर्मक के रूप में किया जाता है: यह भी सत्य है; बेकिंग पाउडर बनाने में इसका उपयोग होता है जो केक और ब्रेड को स्पंजी और मुलायम बनाता है।
  • इसका उपयोग प्रतिअम्ल में किया जाता है: यह भी सत्य है; यह एक माइल्ड बेस होने के कारण पेट की अम्लता (Acidity) को उदासीन करने के लिए एंटासिड (Antacid) के रूप में प्रयुक्त होता है।

#9. निम्नलिखित में से कौन, जलीय विलयन में H + आयन देता है?
(RRB Level 01 Stage I 19/12/2025 )

सही उत्तर: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Hydrochloric acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्ल की परिभाषा (Definition of Acid): आर्हिनियस (Arrhenius) के सिद्धांत के अनुसार, वे रासायनिक पदार्थ जो जलीय विलयन में घुलने पर हाइड्रोजन आयन (H+) या हाइड्रोनियम आयन (H3O+) उत्पन्न करते हैं, अम्ल कहलाते हैं।
  • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($\text{HCl}$): यह एक प्रबल खनिज अम्ल है। जब इसे जल में घोला जाता है, तो यह वियोजित होकर हाइड्रोजन आयन (H+) और क्लोराइड आयन (Cl) प्रदान करता है।
  • रासायनिक समीकरण: $\text{HCl}_{(aq)} \rightarrow \text{H}^+_{(aq)} + \text{Cl}^-_{(aq)}$

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • कैल्शियम हाइड्रोक्साइड [$\text{Ca(OH)}_2$]: यह एक क्षारक (Base) है जो जलीय विलयन में हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) देता है।
  • अमोनियम हाइड्रोक्साइड ($\text{NH}_4\text{OH}$): यह भी एक क्षारक है जो जलीय माध्यम में OH आयन मुक्त करता है।
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड ($\text{NaOH}$): यह एक प्रबल क्षार (Strong Base) है जो जल में घुलने पर सोडियम आयन (Na+) और हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) देता है।

#10. घरों में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला बेकिंग सोड़ा, अपने रासायनिक नाम _______ से भी जाना जाता है।
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 2)

सही उत्तर: सोडियम बाइकार्बोनेट (Sodium bicarbonate)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेकिंग सोडा (Baking Soda): इसका रासायनिक नाम सोडियम बाइकार्बोनेट या सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है, जिसका रासायनिक सूत्र NaHCO3 होता है।
  • यह एक सफेद क्रिस्टलीय ठोस है जो आमतौर पर पाउडर के रूप में पाया जाता है। प्रकृति में यह क्षारीय (Basic) होता है।
  • इसका उपयोग मुख्य रूप से रसोई में खाद्य पदार्थों को तेजी से पकाने, खस्ता बनाने, एंटासिड के रूप में और अग्निशामक यंत्रों में किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड [$\text{Mg(OH)}_2$]: इसे ‘मिल्क ऑफ मैग्नेशिया’ (Milk of Magnesia) कहा जाता है, जिसका उपयोग पेट की एसिडिटी को दूर करने के लिए प्रतिअम्ल के रूप में होता है।
  • कैल्शियम कार्बोनेट ($\text{CaCO}_3$): यह चूना पत्थर, संगमरमर और खड़िया (Chalk) का मुख्य रासायनिक घटक है।
  • सोडियम कार्बोनेट ($\text{Na}_2\text{CO}_3 \cdot 10\text{H}_2\text{O}$): इसे ‘धोने का सोडा’ (Washing Soda या धावन सोडा) कहा जाता है।



#11. निम्नलिखित में से किस अम्ल को वाणिज्यिक रूप से एसिटिक अम्ल के रूप में जाना जाता है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 2 CBT 1)

सही उत्तर: एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथेनोइक अम्ल (Ethanoic Acid): इसका रासायनिक सूत्र CH3COOH है। आईयूपीएसी (IUPAC) पद्धति में इसे एथेनोइक अम्ल कहा जाता है, जबकि इसका सामान्य (व्यावसायिक) नाम एसिटिक अम्ल (Acetic Acid) है।
  • कार्बोक्जिलिक अम्ल (Carboxylic acid) समूह का यह एक महत्वपूर्ण सदस्य है। इसके 5% से 8% जलीय घोल को सिरका (Vinegar) कहा जाता है।
  • शुद्ध एसिटिक अम्ल को ग्लेशियल एसिटिक एसिड (Glacial Acetic Acid) कहा जाता है क्योंकि सर्दियों में यह जमकर बर्फ की तरह ठोस हो जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मेथेनोइक अम्ल (Methanoic acid): इसे सामान्य रूप से फार्मिक अम्ल (HCOOH) कहा जाता है, जो चींटियों और बिच्छू के डंक में पाया जाता है।
  • ब्यूटेनोइक अम्ल (Butanoic acid): यह 4-कार्बन वाला कार्बोक्जिलिक अम्ल है (CH3CH2CH2COOH), जो मुख्य रूप से मक्खन में पाया जाता है।
  • प्रोपेलोइक अम्ल (Propanoic acid): यह 3-कार्बन वाला अम्ल है (CH3CH2COOH), जिसका उपयोग खाद्य संरक्षण और परफ्यूम निर्माण में होता है।

#12. निम्नलिखित में से किस अम्ल और उसके पाए जाने वाले पदार्थ के युग्म का मिलान गलत है?
(RRB NTPC CBT-I : 3 April 2021 Shift 1)

सही उत्तर (गलत युग्म): एस्कॉर्बिक अम्ल – इमली

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एस्कॉर्बिक अम्ल (Ascorbic Acid): यह रासायनिक रूप से विटामिन C है, जो मुख्य रूप से खट्टे फलों (जैसे संतरा, नींबू, आंवला) और ताजी हरी सब्जियों में पाया जाता है, न कि इमली में।
  • इमली (Tamarind): इमली में मुख्य रूप से टारट्रिक अम्ल (Tartaric Acid) पाया जाता है। इसके अलावा अंगूर और कच्चे आम में भी टारट्रिक अम्ल ही होता है।
  • चूँकि एस्कॉर्बिक अम्ल का मिलान इमली से किया गया है, इसलिए यह युग्म गलत है और यही इस प्रश्न का सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सभी सही सुमेलित हैं):
  • एसिटिक अम्ल – सिरका: यह बिल्कुल सही है; सिरके में एसिटिक अम्ल (CH3COOH) पाया जाता है।
  • ऑक्सेलिक अम्ल – पालक: यह भी सही है; पालक और टमाटर में प्राकृतिक रूप से ऑक्सेलिक अम्ल होता है।
  • लैक्टिक अम्ल – दही: यह भी सही है; दूध के दही में बदलने पर लैक्टिक अम्ल का निर्माण होता है।

#13. सार्वभौमिक संकेतकों में, 4 से 5 का pH इंगित करता है:
(RRB JE 22 May 2019 Shift 1 CBT 1)

सही उत्तर: दुर्बल अम्ल (Weak acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH पैमाना और अम्लता: pH पैमाने पर 7 उदासीन (Neutral) बिंदु को दर्शाता है। 7 से कम मान वाले विलयन अम्लीय होते हैं।
  • अम्लों को उनकी प्रबलता के आधार पर बांटा जाता है:
    • प्रबल अम्ल (Strong Acids): जिनका pH मान 0 से 3 के बीच होता है (जैसे HCl, H2SO4)।
    • दुर्बल अम्ल (Weak Acids): जिनका pH मान 4 से 6 के बीच होता है (जैसे एसिटिक अम्ल, साइट्रिक अम्ल)।
  • अतः सार्वभौमिक संकेतक (Universal Indicator) में 4 से 5 का pH मान एक दुर्बल अम्ल को इंगित करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • प्रबल क्षार (Strong Base): इसका pH मान 11 से 14 के बीच होता है (जैसे NaOH)।
  • दुर्बल क्षार (Weak Base): इसका pH मान 8 से 10 के बीच होता है (जैसे NH4OH)।
  • प्रबल अम्ल (Strong Acid): इसका pH मान बहुत कम (0 से 3 के बीच) होता है, न कि 4 से 5।

#14. निम्नलिखित में से कौन सा सूचक, दृष्टिबाधित छात्र द्वारा उपयोग किया जा सकता है?
(RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 3)

सही उत्तर: वैनिला (Vanilla)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • घ्राण सूचक (Olfactory Indicators): वे पदार्थ जिनकी गंध (Smell or Odor) अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है, उन्हें घ्राण सूचक कहा जाता है। इनका उपयोग दृष्टिबाधित (Visually impaired) छात्र अम्ल और क्षार की पहचान करने के लिए कर सकते हैं।
  • वैनिला, प्याज और लौंग का तेल प्रमुख घ्राण सूचक हैं। वैनिला की विशिष्ट गंध अम्लीय माध्यम में बनी रहती है, लेकिन क्षारीय माध्यम (जैसे NaOH) में डालने पर इसकी गंध गायब (अदृश्य) हो जाती है।
  • चूँकि यह गंध के आधार पर काम करता है, इसलिए यह दृष्टिबाधित छात्रों के लिए उपयोगी है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • लिटमस (Litmus): यह एक दृश्य रंग परिवर्तन (Color change) सूचक है, जिसे देखने के लिए आँखों की आवश्यकता होती है।
  • हल्दी (Turmeric): यह भी एक प्राकृतिक रंग परिवर्तन सूचक है जो अम्ल में पीली और क्षार में लाल भूरी हो जाती है (दृश्य आधारित)।
  • पिटूनिया के पत्ते (Petunia leaves): यह भी एक प्राकृतिक रंगीन संकेतक है, जो देखने पर रंग में बदलाव को प्रदर्शित करता है।

#15. निम्नलिखित में से सोने को घोलने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
(RRB JE CBT-I : 2 June 2019 Shift 1)

सही उत्तर: एक्वा-रेजिया (Aqua regia)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एक्वा-रेजिया (Aqua Regia / अम्लराज): यह सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO3) का 3:1 के अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण होता है।
  • यह एक अत्यधिक संक्षारक (Corrosive) और धूम्रकारी तरल है जो सोने (Gold) और प्लेटिनम जैसी उत्कृष्ट (Noble) धातुओं को भी आसानी से घोल सकता है, जबकि ये धातुएं सामान्य अम्लों में नहीं घुलती हैं।
  • इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के आभूषणों की सफाई, शोधन (Refining) और स्वर्णकारों द्वारा किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH): यह एक प्रबल क्षार है, जिसका उपयोग साबुन और कागज उद्योग में होता है; यह सोने को नहीं घोल सकता।
  • सल्फ्यूरिक एसिड (H2SO4): इसे ‘अम्लों का राजा’ कहा जाता है, लेकिन अकेला सल्फ्यूरिक एसिड सोने जैसी निष्क्रिय धातु को नहीं गला सकता।
  • अमोनियम हाइड्रोक्साइड (NH4OH): यह एक दुर्बल क्षारक है, जो सोने को घोलने में सक्षम नहीं है।



#16. जब अम्ल को जल में घोला जाता है, तो क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 21/12/2025 )

सही उत्तर: यह H + आयन मुक्त करता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्ल की जलीय विशेषता (Aqueous Property of Acids): अम्ल अपने अम्लीय गुण केवल जल की उपस्थिति में ही प्रदर्शित करते हैं। जब किसी अम्ल को जल में घोला जाता है, तो यह वियोजित (dissociate) होकर हाइड्रोजन आयन (H+) मुक्त करता है।
  • चूँकि हाइड्रोजन आयन अकेले स्वतंत्र रूप से नहीं रह सकता, इसलिए यह जल के अणुओं के साथ मिलकर हाइड्रोनियम आयन (H3O+) का निर्माण करता है।
  • रासायनिक समीकरण उदाहरण: HCl + H2O → H3O+ + Cl

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • यह लवण का निर्माण करता है: जल में अम्ल को घोलने मात्र से लवण नहीं बनता; लवण का निर्माण अम्ल और क्षार की उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया से होता है।
  • यह अपने अम्लीय गुणों का त्याग कर देता है: जल में घुलने पर ही अम्ल अपने अम्लीय गुण (जैसे विद्युत चालन और H+ आयन देना) प्रदर्शित करता है, उनका त्याग नहीं।
  • यह OH − आयन मुक्त करता है: हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) क्षारों (Bases) द्वारा जल में घोले जाने पर मुक्त किए जाते हैं, अम्लों द्वारा नहीं।

#17. अम्लों के अम्लीय गुणों के लिए कौन सा आयन उत्तरदायी है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: H +

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्लीय गुण (Acidic Properties): किसी भी पदार्थ का अम्लीय व्यवहार उसमें हाइड्रोजन आयनों (H+) या हाइड्रोनियम आयनों (H3O+) की उपस्थिति के कारण होता है।
  • जब किसी अम्ल को जल में घोला जाता है, तो यह वियोजित होकर H+ आयन मुक्त करता है, जो अम्लीय गुणों (जैसे नीले लिटमस को लाल करना और विद्युत का चालन) के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी होते हैं।
  • शुष्क अवस्था (Dry state) में अम्ल अम्लीय गुण प्रदर्शित नहीं करते क्योंकि तब H+ आयन स्वतंत्र नहीं होते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • OH – (हाइड्रॉक्साइड आयन): यह क्षारों (Bases) के क्षारीय गुणों और उनके जलीय व्यवहार के लिए उत्तरदायी होता है।
  • Cl – (क्लोराइड आयन): यह केवल हाइड्रोक्लोरिक एसिड जैसे विशिष्ट लवणों या अम्लों का एक ऋणायन (Anion) है, न कि सभी अम्लों के सामान्य अम्लीय गुण का कारण।
  • Na + (सोडियम आयन): यह सोडियम यौगिकों और क्षारों (जैसे NaOH) में पाया जाने वाला धनायन है।

#18. मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया का रासायनिक नाम क्या है?
(RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 2)

सही उत्तर: मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड (Magnesium hydroxide)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिल्क ऑफ मैग्नेशिया (Milk of Magnesia): इसका रासायनिक नाम मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड है, जिसका रासायनिक सूत्र Mg(OH)2 होता है।
  • यह प्रकृति में एक दुर्बल क्षारक (Mild base) होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से पेट की अम्लता (Acidity) या अपच को दूर करने के लिए एक प्रभावी प्रतिअम्ल (Antacid) के रूप में किया जाता है।
  • यह पेट में मौजूद अतिरिक्त एसिड को उदासीन (Neutralize) करके तुरंत राहत पहुँचाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अमोनियम हाइड्रोक्साइड (NH4OH): यह एक दुर्बल क्षार है जिसका उपयोग प्रयोगशाला अभिकर्मक और क्लीनर के रूप में होता है।
  • कैल्शियम हाइड्रोक्साइड [Ca(OH)2]: इसे ‘बुझा हुआ चूना’ (Slaked lime) कहा जाता है, जिसका उपयोग सफेदी (पुताई) और विरंजक चूर्ण बनाने में होता है।
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH): इसे ‘कॉस्टिक सोडा’ कहा जाता है, जो एक अत्यंत प्रबल और संक्षारक क्षार है।

#19. निम्नलिखित में से किस प्रकार की दवाओं का उपयोग अपच के उपचार के लिए किया जाता है?
(RRB JE 22 May 2019 Shift 1 CBT 1)

सही उत्तर: एंटासिड (अम्लनाशक) (Antacid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपच और एंटासिड (Indigestion & Antacid): अपच (Indigestion) के दौरान पेट (आमाशय) में आवश्यकता से अधिक हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) उत्पन्न हो जाता है, जिससे दर्द और जलन की समस्या होती है।
  • इस अतिरिक्त एसिड के प्रभाव को neutralise (उदासीन) करने के लिए जो क्षारीय दवाइयाँ दी जाती हैं, उन्हें एंटासिड या अम्लनाशक (Antacid) कहा जाता है।
  • उदाहरण: मिल्क ऑफ मैग्नेशिया [Mg(OH)2] और बेकिंग सोडा (NaHCO3) सामान्य रूप से उपयोग होने वाले एंटासिड हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • एंटीसेप्टिक (Antiseptic): इनका उपयोग त्वचा या जीवित ऊतकों पर सूक्ष्मजीवों (रोगाणुओं) की वृद्धि को रोकने या उन्हें मारने के लिए किया जाता है (जैसे घाو पर लगाने के लिए)।
  • एनाल्जेसिक (Analgesic): ये दर्द निवारक दवाइयाँ होती हैं (जैसे डिस्प्रिन या पेरासिटामोल), जिनका उपयोग शरीर के दर्द को कम करने के लिए किया जाता है।
  • प्रतिजैविक (Antibiotic): इनका उपयोग बैक्टीरिया (जीवाणु) से होने वाले संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है (जैसे पेनिसिलिन)।

#20. निम्नलिखित में से किसमें एसिटिक अम्ल पाया जाता है?
(RPF SI 2018 : 10 Jan 2019 Shift 2)

सही उत्तर: सिरका (Vinegar)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एसिटिक अम्ल (Acetic Acid): इसका रासायनिक नाम एथेनोइक अम्ल (CH3COOH) है। यह सिरके (Vinegar) का मुख्य सक्रिय घटक होता है।
  • व्यावसायिक रूप से उपयोग होने वाले सिरके में लगभग 5% से 8% एसिटिक अम्ल होता है और शेष भाग जल होता है, जो इसे खट्टा स्वाद और तीखी गंध प्रदान करता है।
  • इसका उपयोग खाद्य पदार्थों के परिरक्षण (Preservation) और आचार बनाने में बड़े पैमाने पर किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • संतरा (Orange): इसमें मुख्य रूप से साइट्रिक अम्ल (Citric Acid) और एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन C) पाया जाता है।
  • नींबू (Lemon): इसमें भी प्रचुर मात्रा में साइट्रिक अम्ल (Citric Acid) और विटामिन C होता है।
  • इमली (Tamarind): इसमें मुख्य रूप से टारट्रिक अम्ल (Tartaric Acid) पाया जाता है।



#21. अपच के दौरान, आमाशय बहुत अधिक अम्ल उत्पन्न करता है, जिसे निम्नलिखित में से किसके द्वारा निष्प्रभावित किया जा सकता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 4:30 PM – 6:00 PM)

सही उत्तर: मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड (मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपच और अम्ल neutralization: अपच (Indigestion) के दौरान पेट (आमाशय) में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का अत्यधिक स्राव होने लगता है, जिससे जलन और दर्द होता है।
  • इस अतिरिक्त अम्ल को निष्प्रभावित (neutralize) करने के लिए एक दुर्बल क्षारक यानी प्रतिअम्ल (Antacid) का उपयोग किया जाता है।
  • मिल्क ऑफ मैग्नेशिया: रासायनिक रूप से इसे मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड [Mg(OH)2] कहा जाता है, जिसका उपयोग इस स्थिति से राहत पाने के लिए एंटासिड के रूप में किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO): यह मैग्नीशियम का ऑक्साइड है, न कि मिल्क ऑफ मैग्नेशिया (जो कि हाइड्रॉक्साइड है)।
  • मैग्नीशियम कार्बोनेट: यह अलग यौगिक है; मिल्क ऑफ मैग्नेशिया का सही रासायनिक नाम कार्बोनेट नहीं बल्कि हाइड्रॉक्साइड है।
  • मैग्नीशियम सल्फेट (MgSO4): इसे एप्सम सॉल्ट (Epsom salt) कहा जाता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से रेचक (laxative) या स्नान के नमक के रूप में होता है, एंटासिड के रूप में नहीं।

#22. निम्नलिखित में से कौन सा एक दुर्बल क्षारक है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 2 CBT 1)

सही उत्तर: NH4OH (अमोनियम हाइड्रोक्साइड)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • दुर्बल क्षारक (Weak Base): वे क्षारक जो जलीय विलयन में आंशिक रूप से (Partially) वियोजित होकर बहुत कम मात्रा में हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) उत्पन्न करते हैं, दुर्बल क्षारक कहलाते हैं।
  • अमोनियम हाइड्रोक्साइड (NH4OH): यह एक दुर्बल क्षारक है, जिसका उपयोग प्रयोगशाला अभिकर्मक (Laboratory reagent) और विभिन्न सफाई उत्पादों में किया जाता है।
  • यह जल में पूरी तरह से आयनित नहीं होता है, जिस कारण इसकी क्षारकता प्रबल क्षारों की तुलना में कम होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • NaOH (सोडियम हाइड्रोक्साइड): इसे ‘कॉस्टिक सोडा’ कहा जाता है, जो एक अत्यंत प्रबल क्षार (Strong Base) है।
  • KOH (पोटेशियम हाइड्रोक्साइड): इसे ‘कॉस्टिक पोटाश’ कहा जाता है, यह भी एक बहुत ही प्रबल क्षार है।
  • Ca(OH)2 (कैल्शियम हाइड्रोक्साइड): यह बुझा हुआ चूना है, जिसे मध्यम से प्रबल क्षारों की श्रेणी में गिना जाता है (यह अमोनियम हाइड्रोक्साइड की तुलना में अधिक मजबूत होता है)।

#23. मधुमक्खी के डंक से दर्द और जलन क्यों होती है?
(RRB JE CE 22 Apr 2025 Shift 2 CBT 2)

सही उत्तर: डंक से मेथेनोइक अम्ल इनजेक्ट होता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मधुमक्खी का डंक (Bee Sting): जब कोई मधुमक्खी काटती (डंक मारती) है, तो वह त्वचा में एक अम्लीय तरल छोड़ती है, जिसमें मुख्य रूप से मेथेनोइक अम्ल (Methanoic Acid / Formic Acid, HCOOH) होता है।
  • इसी अम्ल के कारण हमारे शरीर में तेज दर्द, सूजन और जलन महसूस होती है।
  • घरेलू उपचार: इस डंक के प्रभाव को कम करने के लिए डंक वाली जगह पर बेकिंग सोडा (NaHCO3) जैसे हल्के क्षारक (Mild base) का उपयोग किया जाता है, जो अम्ल को उदासीन (neutralize) कर देता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • डंक से हल्का चीनी का विलयन इनजेक्ट किया जाता है: यह पूरी तरह से गलत और हास्यास्पद कथन है; चीनी से जलन या दर्द नहीं होता।
  • डंक में एक प्रबल क्षारक होता है: मधुमक्खी के डंक में क्षारक नहीं बल्कि अम्ल (मेथेनोइक अम्ल) होता है।
  • डंक से कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है: डंक मारने पर गैस नहीं बल्कि रासायनिक तरल पदार्थ शरीर के अंदर इंजेक्ट होता है।

#24. 6.0 – 7.6 के बीच pH मान वाले अम्ल की उपस्थिति में कौन-सा संवेदनशील डाई पीला हो जाता है?
(RPF SI CBT-I 2024 : 12 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: ब्रोमोथाइमोल ब्लू (Bromothymol blue)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ब्रोमोथाइमोल ब्लू (Bromothymol Blue): यह एक रासायनिक पीएच सूचक (pH Indicator) डाई है। इसका उपयोग मुख्य रूप से लगभग उदासीन (near-neutral) या कमजोर अम्लीय/क्षारीय विलयनों में पीएच परिवर्तनों का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • इस सूचक की प्रभावी पीएच परास (pH Range) 6.0 से 7.6 होती है। इस सीमा के भीतर अम्लीय माध्यम में आने पर यह डाई पीले (Yellow) रंग में परिवर्तित हो जाती है, जबकि क्षारीय माध्यम में यह नीली और उदासीन pH पर हरी हो जाती है।
  • यह प्रयोगशालाओं में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) या कमजोर अम्लों की उपस्थिति को जांचने के लिए व्यापक रूप से प्रयुक्त होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • एलिजेरिन येलो R (Alizarin Yellow R): यह एक ऐसा सूचक है जो बहुत अधिक क्षारीय पीएच परास (लगभग 10.1 से 12.0) पर काम करता है।
  • थाइमोलफ्थेलिन (Thymolphthalein): यह उच्च पीएच सीमा (9.3 से 10.5) के लिए उपयोग किया जाने वाला सूचक है, जो अम्लीय विलयनों में रंगहीन रहता है।
  • मिथाइल ऑरेंज (Methyl Orange): यह कम पीएच सीमा (3.1 से 4.4) पर काम करने वाला सूचक है, जो अत्यधिक अम्लीय माध्यम में लाल रंग देता है।

#25. चूने के पानी का रासायनिक नाम क्या है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)

सही उत्तर: कैल्शियम हाइड्रोक्साइड (Calcium hydroxide)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चूने का पानी (Lime Water): इसे रासायनिक रूप से कैल्शियम हाइड्रोक्साइड कहा जाता है, जिसका रासायनिक सूत्र Ca(OH)2 होता है।
  • यह बुझे हुए चूने को पानी में घोलकर और छानकर तैयार किया जाने वाला एक पारदर्शी जलीय विलयन है।
  • इसका मुख्य उपयोग प्रयोगशाला में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस की पहचान के लिए किया जाता है, क्योंकि इसमें CO2 गैस प्रवाहित करने पर यह दूधिया (milky) हो जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH): इसे ‘कॉस्टिक सोडा’ कहा जाता है, जो एक अत्यंत प्रबल और संक्षारक क्षार है।
  • अमोनियम हाइड्रोक्साइड (NH4OH): यह एक दुर्बल क्षारक है, जिसका उपयोग प्रयोगशाला अभिकर्मकों और क्लीनर में होता है।
  • मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड [Mg(OH)2]: इसे ‘मिल्क ऑफ मैग्नेशिया’ कहा जाता है, जिसका उपयोग पेट की एसिडिटी को दूर करने के लिए एंटासिड के रूप में होता है।



#26. सूर्य के प्रकाश में शहरी वायुमंडल में ओजोन और परॉक्सिएसिटिल नाइट्रेट ( peroxyacetyl nitrate) दोनों के निर्माण में कौन-से प्रदूषक योगदान करते हैं?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 27/03/2026 )

सही उत्तर: नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (Nitrogen dioxide)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रकाशरासायनिक स्मॉग (Photochemical Smog): शहरी वायुमंडल में सूर्य के प्रकाश (पराबैंगनी किरणों) की उपस्थिति में वाहनों के धुएं से निकलने वाले प्रदूषकों के बीच प्रतिक्रिया से ओजोन (O3) और परॉक्सिएसिटिल नाइट्रेट (PAN) जैसे खतरनाक द्वितीयक प्रदूषक बनते हैं।
  • नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2): यह इन दोनों के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाता है। सूर्य के प्रकाश में NO2 विघटित होकर ऑक्सीजन परमाणु मुक्त करता है, जो ओजोन के निर्माण का आधार बनता है। इसके अलावा, यह हाइड्रोकार्बन के मुक्त मूलकों के साथ मिलकर PAN का निर्माण करता है।
  • प्रमुख अभिक्रिया: NO2 + hν → NO + O, और इसके बाद O + O2 → O3

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons): यद्यपि वाष्पशील हाइड्रोकार्बन PAN के निर्माण में सहायक हैं, परंतु ओजोन और PAN दोनों के फोटोकैमिकल चक्र की शुरुआत मुख्य रूप से नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के सूर्य के प्रकाश द्वारा टूटने से होती है।
  • सल्फर डाइऑक्साइड (SO2): यह मुख्य रूप से ‘क्लासिक स्मॉग’ (लंदन स्मॉग) और अम्ल वर्षा (Acid Rain) के लिए जिम्मेदार होता है।
  • कार्बन मोनोक्साइड (CO): यह वाहनों के अधूरे दहन से उत्पन्न होने वाली एक जहरीली गैस है, जो ओजोन और PAN के प्रत्यक्ष निर्माण चक्र का मुख्य घटक नहीं है।

#27. चींटी के काटने की प्रकृति अम्लीय होती है। चींटी के काटने में कौन-सा अम्ल उपस्थित होता है?
(RPF SI CBT-I 2024 : 02 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: फॉर्मिक अम्ल (Formic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चींटी का डंक (Ant Sting): जब कोई चींटी काटती है, तो वह त्वचा के अंदर एक रासायनिक तरल छोड़ती है जिसमें मुख्य रूप से फॉर्मिक अम्ल (Formic Acid) होता है, जिसे IUPAC पद्धति में मेथेनोइक अम्ल (HCOOH) कहा जाता है।
  • इसी अम्ल के प्रभाव के कारण शरीर में तेज दर्द, खुजली और जलन महसूस होती है।
  • उपचार: इसके डंक के दर्द को कम करने के लिए बेकिंग सोडा जैसे दुर्बल क्षारक (Mild base) का उपयोग किया जाता है, जो इस अम्ल को उदासीन (neutralize) कर देता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • ऑक्सेलिक अम्ल (Oxalic acid): यह प्राकृतिक रूप से पालक और टमाटर जैसी सब्जियों में पाया जाता है।
  • एसिटिक अम्ल (Acetic acid): यह सिरके (Vinegar) में पाया जाने वाला प्रमुख अम्ल (CH3COOH) है।
  • लैक्टिक अम्ल (Lactic acid): यह दूध और विशेषकर दही में पाया जाता है।

#28. निम्न में से किस संयोजन से केवल लवण और जल ही प्राप्त होगा?
(Not found 12/03/2026 )

सही उत्तर: सल्फ्यूरिक अम्ल और पोटैशियम हाइड्रोक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): जब कोई अम्ल (Acid) किसी क्षारक (Base) के साथ अभिक्रिया करता है, तो उनके परस्पर प्रभाव से केवल लवण (Salt) और जल (Water) प्राप्त होते हैं, और इस प्रक्रिया को उदासीनीकरण कहते हैं।
  • सल्फ्यूरिक अम्ल और पोटैशियम हाइड्रोक्साइड: यहाँ सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4, जो कि एक अम्ल है) और पोटैशियम हाइड्रोक्साइड (KOH, जो कि एक प्रबल क्षारक है) आपस में क्रिया करके पोटैशियम सल्फेट (K2SO4, एक लवण) और जल (H2O) बनाते हैं।
  • रासायनिक समीकरण: H2SO4 + 2KOH → K2SO4 + 2H2O

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड और ऑक्सीजन: यह अम्ल-क्षार उदासीनीकरण अभिक्रिया नहीं है, इसलिए इसमें केवल लवण और जल नहीं मिलेंगे।
  • नाइट्रिक अम्ल और कार्बन डाइऑक्साइड: अम्ल और गैस के इस संयोजन से केवल लवण और जल का निर्माण नहीं होता।
  • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और कैल्शियम कार्बोनेट: अम्ल और धातु कार्बोनेट की अभिक्रिया से लवण और जल के साथ-साथ कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस भी मुक्त होती है, इसलिए इसमें केवल लवण और जल प्राप्त नहीं होते।

#29. मिथाइल ऑरेंज ________ होता है
。(RRB JE 28 May 2019 Shift 2 CBT 1)

सही उत्तर: अम्लीय माध्यम में लाल, क्षारीय माध्यम में पीला

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिथाइल ऑरेंज (Methyl Orange): यह एक लोकप्रिय संश्लेषित (Synthetic) सूचक या pH संकेतक है, जिसका उपयोग अनुमापन (Titration) के दौरान अम्ल या क्षार की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • रंग परिवर्तन:
    • अम्लीय माध्यम में: यह लाल (Red) या गुलाबी-लाल रंग का हो जाता है।
    • क्षारीय माध्यम में: यह पीले (Yellow) रंग में परिवर्तित हो जाता है।
  • इसकी pH परिवर्तन की सीमा लगभग 3.1 से 4.4 होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अम्लीय माध्यम में पीला, क्षारीय माध्यम में गुलाबी: यह रंग परिवर्तन मिथाइल ऑरेंज का नहीं, बल्कि फिनॉल्फ्थलीन (Phenolphthalein) या अन्य सूचकों का विपरीत व्यवहार दर्शाता है।
  • अम्लीय माध्यम में रंगहीन, क्षारीय माध्यम में गुलाबी: यह विशेषता पूरी तरह से फिनॉल्फ्थलीन (Phenolphthalein) सूचक की है, जो अम्ल में रंगहीन और क्षार में गुलाबी रंग देता है।
  • अन्य विकल्प मिथाइल ऑरेंज के वास्तविक रासायनिक गुणों से मेल नहीं खाते हैं।

#30. दैनिक जीवन में बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) का निम्नलिखित में से कौन-सा उपयोग सही है?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )

सही उत्तर: इसका उपयोग अग्निशामक यंत्रों में फेन बनाने के लिए किया जाता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेकिंग सोडा का उपयोग (Uses of Baking Soda): सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO3) या बेकिंग सोडा का एक प्रमुख व्यावसायिक उपयोग सोडा-अम्ल अग्निशामक यंत्रों (Soda-acid fire extinguishers) में किया जाता है।
  • अग्निशामक यंत्रों में यह किसी अम्ल (जैसे सल्फ्यूरिक अम्ल) के साथ अभिक्रिया करके तेजी से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस और झाग (foam) उत्पन्न करता है।
  • यह उत्पन्न गैस और झाग आग के चारों ओर एक आवरण बनाकर ऑक्सीजन की आपूर्ति को काट देते हैं, जिससे आग बुझाने में मदद मिलती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • इसका उपयोग खाद्य लवण बनाने के लिए किया जाता है: खाद्य लवण सामान्यतः सोडियम क्लोराइड (NaCl) है, बेकिंग सोडा का मुख्य कार्य लवण तैयार करना नहीं है।
  • इसका उपयोग साबुन को नॉन-ग्रीसी बनाने के लिए किया जाता है: साबुन निर्माण की प्रक्रिया (सामुनीकरण) में बेकिंग सोडा का इस प्रकार का कोई उपयोग नहीं होता।
  • इसका उपयोग लेड-एसिड बैटरियों में प्रबल अम्लों को उदासीन करने के लिए किया जाता है: हालांकि यह क्षारीय प्रकृति का होता है, लेड-एसिड बैटरियों में अम्लों को इस प्रकार नियमित रूप से उदासीन नहीं किया जाता।



#31. उदासीनीकरण अभिक्रिया के उत्पाद क्या हैं?
(RRB JE EE 1 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)

सही उत्तर: लवण और जल (Salt and water)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): जब किसी अम्ल (Acid) की क्रिया किसी क्षारक (Base) के साथ कराई जाती है, तो अम्ल का अम्लीय प्रभाव और क्षार का क्षारीय प्रभाव परस्पर समाप्त (उदासीन) हो जाता है।
  • इस रासायनिक प्रक्रिया के परिणामस्वरूप मुख्य रूप से दो ही उत्पाद बनते हैं—लवण (Salt) और जल (Water), साथ ही कुछ मात्रा में ऊष्मा (Heat) भी उत्सर्जित होती है।
  • रासायनिक समीकरण उदाहरण: HCl (अम्ल) + NaOH (क्षार) → NaCl (लवण) + H2O (जल)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अम्ल और लवण / क्षार और लवण: ये उदासीनीकरण प्रक्रिया के उत्पाद नहीं हैं, बल्कि अम्ल और क्षार स्वयं इस अभिक्रिया के अभिकारक (Reactants) होते हैं।
  • अम्ल और क्षार: यह उदासीनीकरण के उत्पाद नहीं, बल्कि वे प्रारंभिक पदार्थ हैं जो आपस में मिलकर इस अभिक्रिया को शुरू करते हैं।

#32. उदासीन लवण कब बनता है?
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

सही उत्तर: जब प्रबल अम्ल प्रबल क्षार के साथ अभिक्रिया करता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीन लवण (Neutral Salt): जब एक प्रबल अम्ल (Strong Acid) और एक प्रबल क्षार (Strong Base) आपस में उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया करते हैं, तो वे एक-दूसरे के प्रभाव को पूरी तरह से समाप्त कर देते हैं।
  • इस प्रक्रिया से जो लवण और जल बनते हैं, उस लवण को ‘उदासीन लवण’ कहा जाता है क्योंकि इसका जलीय विलयन उदासीन होता है और इसका pH मान ठीक 7 होता है।
  • उदाहरण: जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl, प्रबल अम्ल) की क्रिया सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH, प्रबल क्षार) के साथ होती है, तो सोडियम क्लोराइड (NaCl, जो एक उदासीन लवण है) और जल प्राप्त होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • जब प्रबल अम्ल दुर्बल क्षार के साथ अभिक्रिया करता है: इससे बनने वाला लवण ‘अम्लीय लवण’ होता है, जिसका pH मान 7 से कम (pH < 7) होता है।
  • जब दुर्बल अम्ल प्रबल क्षार के साथ अभिक्रिया करता है: इससे बनने वाला लवण ‘क्षारीय लवण’ होता है, जिसका pH मान 7 से अधिक (pH > 7) होता है।
  • जब अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया करता है: इससे लवण और हाइड्रोजन गैस (H2) का निर्माण होता है, न कि केवल उदासीन लवण।

#33. निम्नलिखित में से बेकिंग सोडा का सामान्य उपयोग क्या है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

सही उत्तर: अतिरिक्त आमाशयी अम्ल को उदासीन करना

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेकिंग सोडा का उपयोग (Uses of Baking Soda): बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO3) है।
  • यह प्रकृति में एक दुर्बल क्षारक (Mild base) होता है। अपच या एसिडिटी के दौरान पेट में बनने वाले अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के प्रभाव को कम करने के लिए इसे प्रतिअम्ल (Antacid) के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • यह अतिरिक्त आमाशयी अम्ल को तुरंत उदासीन (neutralize) करके राहत प्रदान करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • जीवाणु अपघटन को रोकना: यह बेकिंग सोडा का प्राथमिक या सामान्य रासायनिक उपयोग नहीं है।
  • एल्कोहॉल के साथ अभिक्रिया करके साबुन बनाना: साबुन का निर्माण वसा (Fat) और प्रबल क्षार (जैसे NaOH या KOH) की सामुनीकरण (Saponification) अभिक्रिया से होता है, बेकिंग सोडा से नहीं।
  • मदा संस्तर में अम्लता को बढ़ाना: चूँकि बेकिंग सोडा क्षारीय होता है, इसलिए यह मिट्टी की अम्लता को घटाता (या उदासीन करता) है, न कि बढ़ाता है।

#34. कैल्शियिम ऑक्साइड का दूसरा नाम क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 20 Jan 2021 Shift 2)

सही उत्तर: बिना बुझा चूना (Quicklime)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कैल्शियम ऑक्साइड (CaO): इसे सामान्य बोलचाल की भाषा में बिना बुझा चूना (Quicklime या Burnt lime) कहा जाता है।
  • यह चूना पत्थर (कैल्शियम कार्बोनेट, CaCO3) को उच्च तापमान पर गर्म करके प्राप्त किया जाता है।
  • जब बिना बुझे चूने (CaO) में जल मिलाया जाता है, तो तीव्र ऊष्मा के साथ ‘बुझा हुआ चूने’ [Ca(OH)2] का निर्माण होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • लाइम सोडा: यह सोडियम हाइड्रोक्साइड और कैल्शियम हाइड्रोक्साइड का एक मिश्रण होता है (सोडा लाइम)।
  • सीमेंट: यह कैल्शियम के सिलिकेट्स और एलुमिनेट्स का एक जटिल मिश्रण है, न कि केवल कैल्शियम ऑक्साइड।
  • बेकिंग सोडा: यह सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO3) है।

#35. निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल हमारे पेट में बनता है जो पाचन में मदद करता है?
(RRB NTPC CBT-I : 23 July 2021 Shift 1)

सही उत्तर: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Hydrochloric acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • आमाशयी अम्ल (Gastric Acid): हमारे पेट (आमाशय) की दीवारों की ग्रंथियों से प्राकृतिक रूप से हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का स्राव होता है।
  • यह भोजन के पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है; यह भोजन को पचाने वाले एंजाइमों (जैसे पेप्सिन) के लिए एक अम्लीय माध्यम प्रदान करता है और भोजन के साथ पेट में प्रवेश करने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करता है।
  • यद्यपि यह एक अत्यंत प्रबल अम्ल है, फिर भी पेट की भीतरी परत श्लेष्म (Mucus) के कारण इस अम्ल की क्षति से सुरक्षित रहती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • नाइट्रिक अम्ल (HNO3): यह एक शक्तिशाली खनिज अम्ल है, जिसका उपयोग उर्वरक और विस्फोटक बनाने में होता है; यह मानव पेट में नहीं बनता।
  • सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4): इसे ‘अम्लों का राजा’ कहा जाता है, यह बैटरियों और उद्योगों में प्रयुक्त होता है, पाचन से इसका कोई संबंध नहीं है।
  • परक्लोरिक अम्ल: यह एक अत्यंत प्रबल और खतरनाक ऑक्सीकारक अम्ल है, जो हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से उत्पन्न नहीं होता।



#36. खट्टे फल, जो रसोई के आवश्यक घटक हैं, में विटामिन C होता है। विटामिन C को ________ के रूप में भी जाना जाता है।
(RPF Constable 2024 02 Mar, 2025 Shift 2)

सही उत्तर: एस्कॉर्बिक अम्ल (Ascorbic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विटामिन C का रासायनिक नाम: विटामिन C का रासायनिक नाम एस्कॉर्बिक अम्ल है। यह जल में घुलनशील (Water-soluble) विटामिन है।
  • यह मुख्य रूप से खट्टे फलों (जैसे संतरा, नींबू, आंवला) और हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • इसकी कमी से मानव शरीर में ‘स्कर्वी’ (Scurvy) नामक रोग हो जाता है, जिसमें मसूड़ों से खून आना और कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • साइट्रिक अम्ल (Citric acid): यह भी खट्टे फलों में पाया जाता है, लेकिन रासायनिक रूप से ‘विटामिन C’ विशेष रूप से एस्कॉर्बिक अम्ल को ही कहा जाता है।
  • लैक्टिक अम्ल (Lactic acid): यह दूध और दही में पाया जाने वाला अम्ल है।
  • फोलिक अम्ल (Folic acid): यह विटामिन B9 का रासायनिक नाम है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक है।

#37. अम्ल और क्षार दोनों के साथ प्रतिक्रिया करके लवण और जल बनाने वाले थाल्विक ऑक्साइड को क्या कहते हैं?
(RPF Constable 2018 17 Feb 2019 Shift 2)

सही उत्तर: एम्फोटेरिक्क ऑक्साइड (Amphoteric Oxide / उभयधर्मी ऑक्साइड)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides): वे धातु ऑक्साइड जो अम्ल (Acid) तथा क्षार (Base) दोनों के साथ प्रतिक्रिया करके लवण (Salt) और जल (Water) का निर्माण करते हैं, उभयधर्मी या एम्फोटेरिक्क ऑक्साइड कहलाते हैं।
  • प्रमुख उदाहरण: एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) और जिंक ऑक्साइड (ZnO) इसके सबसे प्रसिद्ध उदाहरण हैं।
  • उदाहरण के लिए, जिंक ऑक्साइड हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ क्रिया करके जिंक क्लोराइड (लवण) और पानी बनाता है, और सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ क्रिया करके सोडियम जिंकेट (लवण) और पानी बनाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • तटस्थ ऑक्साइड (Neutral Oxides): ये वे ऑक्साइड होते हैं जो न तो अम्लीय होते हैं और न ही क्षारीय, और ये अम्ल या क्षार के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते (जैसे—कार्बन मोनोऑक्साइड CO, नाइट्रस ऑक्साइड N2O)।
  • अमीनो ऑक्साइड और नाइट्रो ऑक्साइड: ये इस रासायनिक संदर्भ में सही वर्गीकरण या प्रासंगिक श्रेणियाँ नहीं हैं।

#38. नीचे दिए गए विकल्पों में से कौन सा विकल्प कैल्शियम हाइड्रोक्साइड का सही रासायनिक सूत्र दर्शाता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: Ca(OH)2 (कैल्शियम हाइड्रोक्साइड)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कैल्शियम हाइड्रोक्साइड (Ca(OH)2): इसे सामान्य बोलचाल में ‘बुझा हुआ चूना’ (Slaked lime) कहा जाता है।
  • यह तब बनता है जब बिना बुझे चूने (CaO) में पानी मिलाया जाता है। इसका जलीय विलयन ‘चूने का पानी’ (Lime water) कहलाता है, जिसका उपयोग दीवारों की सफेदी (पुताई) और प्रयोगशाला में CO2 गैस की जांच के लिए किया जाता है।
  • यह एक मध्यम प्रबल क्षारक है जो पानी में घुलकर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) उत्पन्न करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • Mg(OH)2: यह मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड है, जिसे ‘मिल्क ऑफ मैग्नेशिया’ कहा जाता है (पेट की एसिडिटी दूर करने के लिए प्रयुक्त)।
  • KOH: यह पोटेशियम हाइड्रोक्साइड है, जिसे ‘कॉस्टिक पोटाश’ कहा जाता है (एक अत्यंत प्रबल क्षार)।
  • NaOH: यह सोडियम हाइड्रोक्साइड है, जिसे ‘कॉस्टिक सोडा’ कहा जाता है (यह भी एक अत्यंत प्रबल क्षार है)।

#39. पेलाग्रा किसकी कमी से होता है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 1 CBT 1)

सही उत्तर: नियासिन (Niacin / विटामिन B3)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पेलाग्रा रोग (Pellagra): यह रोग शरीर में विटामिन B3 (जिसे नियासिन या निकोटिनिक एसिड कहा जाता है) की गंभीर कमी के कारण होता है।
  • इस बीमारी को चिकित्सा विज्ञान में अक्सर “4Ds की बीमारी” कहा जाता है, क्योंकि इसके मुख्य लक्षणों में डर्मेटाइटिस (Dermatitis – त्वचा पर चकत्ते और सूजन), डायरिया (Diarrhea – दस्त), डिमेंशिया (Dementia – मानसिक भ्रम या स्मृतिलोप) और अंततः डेथ (Death) शामिल हैं।
  • यह आमतौर पर उन क्षेत्रों में अधिक देखा जाता है जहाँ मक्का (Maize) मुख्य आहार के रूप में खाया जाता है, जिसमें नियासिन की उपलब्धता कम होती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic acid): यह विटामिन C है, जिसकी कमी से ‘स्कर्वी’ (Scurvy) रोग होता है।
  • राइबोफ्लेविन (Riboflavin): यह विटामिन B2 है, जिसकी कमी से मुंह के छाले, जीभ की सूजन और होंठ फटने जैसी समस्याएं होती हैं।
  • फोलिक एसिड (Folic acid): यह विटामिन B9 है, जिसकी कमी से मुख्य रूप से एनीमिया (रक्ताल्पता) होता है।

#40. चींटी के डंक में कौन-सा अम्ल होता है?
(RRB NTPC CBT-I : 4 Jan 2021 Shift 2)

सही उत्तर: मेथेनोइक अम्ल (Methanoic acid / फॉर्मिक अम्ल)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • चींटी का डंक (Ant Sting): चींटी या मधुमक्खी के डंक में प्राकृतिक रूप से मेथेनोइक अम्ल (रासायनिक नाम: HCOOH, सामान्य नाम: फॉर्मिक अम्ल) पाया जाता है।
  • जब कोई चींटी काटती है, तो यह अम्ल त्वचा के भीतर प्रवेश कर जाता है, जिससे तीव्र दर्द, जलन और सूजन महसूस होती है।
  • इस अम्लीय प्रभाव को शांत करने के लिए बेकिंग सोडा या कैलामाइन जैसे दुर्बल क्षारक का उपयोग किया जाता है, जो इसे उदासीन (neutralize) कर देता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • टारटरिक अम्ल (Tartaric acid): यह मुख्य रूप से इमली, अंगूर और कच्चे आम में पाया जाता है।
  • एसिटिक अम्ल (Acetic acid): यह सिरके (Vinegar) में पाया जाने वाला प्रमुख घटक (CH3COOH) है।
  • डिस्टिक अम्ल: यह रासायनिक दृष्टि से कोई मान्य या प्रासंगिक अम्ल नहीं है।



#41. यदि किसी पदार्थ का pH मान 11 है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: यह क्षारीय है और लाल लिटमस को नीला कर सकता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH मान और प्रकृति: pH स्केल पर 0 से 14 तक के अंक होते हैं। 7 से अधिक pH मान (pH > 7) वाले पदार्थ क्षारीय (Basic / Alkaline) प्रकृति के होते हैं। 11 का pH मान एक प्रबल क्षारक को दर्शाता है।
  • लिटमस पेपर पर प्रभाव: क्षार (Bases) की एक मुख्य रासायनिक विशेषता यह होती है कि वे लाल लिटमस पत्र को नीला (Red to Blue) कर देते हैं।
  • चूँकि यह एक क्षारीय विलयन है, इसलिए यह लाल लिटमस को नीला कर देगा।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • यह उदासीन है और लिटमस पेपर का रंग नहीं बदलता है: उदासीन पदार्थों का pH मान ठीक 7 होता है (जैसे शुद्ध जल), न कि 11।
  • यह अम्लीय है और लिटमस पेपर का रंग नहीं बदलता है: 7 से कम pH वाले पदार्थ अम्लीय होते हैं, और अम्ल लिटमस पेपर का रंग अवश्य बदलते हैं।
  • यह अम्लीय है और नीले लिटमस को लाल कर सकता है: नीले लिटमस को लाल करने का गुण केवल अम्लों (Acids) का होता है, जबकि pH 11 एक क्षारीय मान है।

#42. मांसपेशियों में थकान किसके जमा होने के कारण होती है?
(RRB JE CBT I : 2 June 2019 Shift 1)

सही उत्तर: लैक्टिक एसिड (Lactic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मांसपेशियों में थकान (Muscle Fatigue): जब हम अत्यधिक भारी व्यायाम, दौड़ या शारीरिक श्रम करते हैं, तो हमारी मांसपेशियों की कोशिकाओं को आवश्यकतानुसार पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है।
  • ऑक्सीजन की इस कमी के कारण मांसपेशियाँ अवायवीय श्वसन (Anaerobic respiration) करने लगती हैं, जिससे ग्लूकोज का पूर्ण विघटन नहीं हो पाता और वह लैक्टिक अम्ल (Lactic Acid) में परिवर्तित होकर मांसपेशियों में एकत्र होने लगता है।
  • इसी लैक्टिक एसिड के संचय के कारण मांसपेशियों में ऐंठन (cramps), जकड़न और तीव्र थकान महसूस होती है। विश्राम करने पर यह अम्ल पुनः विघटित हो जाता है जिससे राहत मिलती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • क्रिएटिन फॉस्फेट: यह मांसपेशियों में त्वरित ऊर्जा भंडार का कार्य करने वाला यौगिक है, जो थकान का कारण नहीं बनता बल्कि ऊर्जा प्रदान करता है।
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2): यद्यपि यह चयापचय का उपोत्पाद है, लेकिन मांसपेशियों में होने वाली विशेष थकान और ऐंठन के लिए मुख्य रूप से लैक्टिक एसिड ही उत्तरदायी होता है।
  • CO (कार्बन मोनोऑक्साइड): यह हीमोग्लोबिन से जुड़कर ऑक्सीजन के परिवहन को रोकता है और एक जहरीली गैस है, जो सामान्य व्यायाम जनित मांसपेशियों की थकान का कारण नहीं है।

#43. कौन सा यौगिकों का युग्म, गुणित अनुपात के नियम को दर्शाता है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 14 Jun, 2025 Shift 2)

सही उत्तर: CO और CO2 (कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गुणित अनुपात का नियम (Law of Multiple Proportions): इस नियम का प्रतिपादन जॉन डाल्टन (John Dalton) ने 1803 में किया था। इस नियम के अनुसार, जब दो तत्व आपस में संयोग करके दो या दो से अधिक यौगिक बनाते हैं, तो एक तत्व के निश्चित द्रव्यमान के साथ संयोग करने वाले दूसरे तत्व के द्रव्यमान सरल गुणित अनुपात (Simple whole number ratio) में होते हैं।
  • CO और CO2 का उदाहरण: कार्बन और ऑक्सीजन मिलकर ये दोनों यौगिक बनाते हैं।
    • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) में, 12 ग्राम कार्बन के साथ 16 ग्राम ऑक्सीजन जुड़ी होती है।
    • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) में, 12 ग्राम कार्बन के साथ 32 ग्राम ऑक्सीजन जुड़ी होती है।
  • यहाँ ऑक्सीजन के द्रव्यमानों का अनुपात 16 : 32 यानी 1 : 2 है, जो एक सरल पूर्ण संख्या अनुपात है। अतः यह युग्म इस नियम की पुष्टि करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • NaOH और NaCl: ये अलग-अलग तत्वों के भिन्न यौगिक हैं जिनमें समान तत्वों के दो अलग यौगिकों वाला संयोजन नहीं बनता है।
  • CaCO3 और CaCl2: इनमें अलग-अलग अम्लीय/क्षारीय मूलक हैं और यह गुणित अनुपात के नियम के मानक उदाहरण के अंतर्गत नहीं आते।
  • HCl और HBr: ये दो अलग-अलग हैलोजन अम्ल हैं, जो एक ही तत्वों के विभिन्न अनुपातों से मिलकर बने एक ही प्रकार के दो यौगिक नहीं हैं।

#44. निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल मुख्य रूप से सिरके में पाया जाता है?
(RPF Constable 2024 : 10 Mar, 2025 Shift 2)

सही उत्तर: एसिटिक अम्ल (Acetic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सिरका (Vinegar): सिरके में मुख्य रूप से एसिटिक अम्ल पाया जाता है, जिसका रासायनिक सूत्र CH3COOH होता है।
  • व्यापारिक रूप से सिरका तैयार करने के लिए एसिटिक एसिड के 5% से 8% जलीय विलयन का उपयोग किया जाता है।
  • यह खाद्य पदार्थों को संरक्षित करने (Pickling) और रसोई में स्वाद बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में उपयोग किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • ऑक्सेलिक अम्ल (Oxalic acid): यह प्राकृतिक रूप से टमाटर और पालक में पाया जाता है।
  • साइट्रिक अम्ल (Citric acid): यह खट्टे फलों जैसे नींबू और संतरे में पाया जाता है।
  • लैक्टिक अम्ल (Lactic acid): यह दूध और दही में मौजूद होता है।

#45. निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक, शुष्क बुझे चूने ( Ca(OH) 2) पर क्लोरीन की क्रिया द्वारा निर्मित होता है?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

सही उत्तर: विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder / कैलूशियम ऑक्सीक्लोराइड): इसका रासायनिक सूत्र CaOCl2 होता है।
  • यह शुष्क बुझे चूने [Ca(OH)2] पर क्लोरीन गैस (Cl2) की क्रिया द्वारा तैयार किया जाता है। क्लोर-क्षार प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न क्लोरीन का उपयोग इसके निर्माण में किया जाता है।
  • रासायनिक समीकरण: Ca(OH)2 + Cl2 → CaOCl2 + H2O
  • इसका उपयोग वस्त्र उद्योग में कपास और लिनेन के विरंजन के लिए, कागज कारखानों में लकड़ी की लुगदी के विरंजन के लिए और पीने के पानी को रोगाणुमुक्त करने में किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • धावन सोडा (Washing Soda): इसका रासायनिक सूत्र सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Na2CO3·10H2O) है, जिसे साल्वे प्रक्रिया द्वारा बनाया जाता है।
  • साधारण लवण (Common Salt): यह सोडियम क्लोराइड (NaCl) है, जो समुद्र के पानी के वाष्पीकरण या खनिज भंडारों से प्राप्त होता है।
  • अन्य विकल्प इस विशिष्ट रासायनिक संयोजन से मेल नहीं खाते हैं।



#46. 1923 में किन दो शोधकर्ताओं ने स्वतंत्र रूप से सुझाव दिया कि अम्ल-क्षार अभिक्रियाओं को पहली बार प्रोटॉन-स्थानांतरण अभिक्रियाओं के रूप में माना जा सकता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 03 Sept, 2025 Shift 2)

सही उत्तर: जे.एन. ब्रॉस्टेड और थॉमस एम. लोरी (J.N. Brønsted and Thomas M. Lowry)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ब्रॉस्टेड-लोरी संकल्पना (Brønsted–Lowry Theory): वर्ष 1923 में जोहान्स निकोलस ब्रॉस्टेड (डेनमार्क) और थॉमस मार्टिन लोरी (इंग्लैंड) ने स्वतंत्र रूप से अम्ल और क्षार की एक नई अवधारणा प्रस्तुत की, जिसे प्रोटॉन-स्थानांतरण (Proton-transfer) सिद्धांत भी कहा जाता है।
  • इस सिद्धांत के अनुसार:
    • अम्ल (Acid): वे पदार्थ होते हैं जो प्रोटॉन (H+ आयन) दान (Donate) कर सकते हैं (प्रोटॉन दाता)।
    • क्षार (Base): वे पदार्थ होते हैं जो प्रोटॉन ग्रहण (Accept) कर सकते हैं (प्रोटॉन ग्राही)।
  • इस परिकल्पना ने पानी या अन्य विलायकों में होने वाली अम्ल-क्षार अभिक्रियाओं को और अधिक व्यापक रूप से समझाने में मदद की।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • स्वांते अरेनियस और पीटर वागे: स्वांते अरेनियस ने जलीय माध्यम में H+ और OH आयनों के आधार पर पहली बार अम्ल-क्षार सिद्धांत (1884) दिया था, न कि प्रोटॉन-स्थानांतरण का 1923 वाला सिद्धांत।
  • गिल्बर्ट एन लुईस और एस.पी.एल. सोरेन्सेन: जी.एन. लुईस ने इलेक्ट्रॉन युग्म (Electron pair) के आदान-प्रदान पर आधारित ‘लुईस अम्ल-क्षार सिद्धांत’ दिया था, जबकि सोरेन्सेन ने pH स्केल की खोज की थी।
  • अन्य विकल्प इस विशिष्ट 1923 के प्रोटॉन-स्थानांतरण सिद्धांत के आविष्कारकों से मेल नहीं खाते हैं।

#47. ऑक्सीजन के साथ जलने पर मीथेन निम्नलिखित में से कौन सा उत्पाद देता है?
(RRB Technician Grade III : 28 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: कार्बन डाइऑक्साइड और जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मीथेन का दहन (Combustion of Methane): जब मीथेन (CH4), जो कि प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है, पर्याप्त ऑक्सीजन (O2) की उपस्थिति में जलती है (पूर्ण दहन), तो यह मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और जल (H2O) का निर्माण करती है।
  • इस रासायनिक प्रक्रिया में भारी मात्रा में ऊष्मा और प्रकाश ऊर्जा भी उत्सर्जित होती है, इसीलिए यह एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया है।
  • संतुलित रासायनिक समीकरण: CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O + ऊष्मा

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • कार्बन मोनोऑक्साइड और जल: कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और जल तब बनते हैं जब मीथेन का अपूर्ण दहन (अपरिपक्व ऑक्सीजन आपूर्ति में) होता है, न कि सामान्य पूर्ण दहन में।
  • कार्बोनिक अम्ल: यह कार्बन डाइऑक्साइड के पानी में घुलने पर बनता है (H2CO3), जो सीधे मीथेन के जलने का प्राथमिक उत्पाद नहीं है।
  • केवल कार्बन मोनोऑक्साइड: यह विकल्प पूरी तरह गलत है क्योंकि मीथेन के जलने पर मुख्य रूप से CO2 और जल वाष्प ही उत्पन्न होते हैं।

#48. गैर-आयनिक डिटर्जेंट प्रतिक्रियाओं में सफाई गुणों को बेहतर बनाने और डिटर्जेंट को गाढ़ा करने के लिए किस अम्ल का उपयोग किया जाता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 07 Aug, 2025 Shift 1)

सही उत्तर: स्टीयरिक अम्ल (Stearic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • स्टीयरिक अम्ल (Stearic Acid): यह एक लंबी श्रृंखला वाला संतृप्त वसीय अम्ल (Long-chain saturated fatty acid, सूत्र: C18H36O2) है।
  • गैर-आयनिक डिटर्जेंट (Non-ionic detergents) और सौंदर्य प्रसाधनों के निर्माण में इसका उपयोग दोहरे उद्देश्य के लिए किया जाता है—यह इमल्सीफिकेशन प्रक्रिया को बेहतर बनाकर सफाई की गुणवत्ता (Cleaning qualities) को बढ़ाता है और मिश्रण की श्यानता (viscosity) को नियंत्रित कर एक प्रभावी गाढ़ा करने वाले एजेंट (Thickening agent) के रूप में कार्य करता है।
  • यह डिटर्जेंट को उचित स्थिरता और झाग, तथा बेहतर टेक्सचर प्रदान करने में सहायक है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • बारबिट्यूरिक अम्ल (Barbituric acid): यह मुख्य रूप से औषधियों (बार्बिटुरेट्स) के निर्माण में प्रयुक्त होता है, डिटर्जेंट में नहीं।
  • प्रोपेलोइक अम्ल (Propanoic acid): यह एक छोटी श्रृंखला वाला कार्बोक्जिलिक अम्ल है जिसका उपयोग खाद्य परिरक्षक (Preservative) के रूप में होता है।
  • ऑक्सेलिक अम्ल (Oxalic acid): यह एक कार्बनिक अम्ल है जो मुख्य रूप से जंग के दाग हटाने और विरंजन (bleaching) के काम आता है, लेकिन यह डिटर्जेंट को गाढ़ा करने या उनके गुणों को सुधारने के लिए प्रयुक्त नहीं होता।

#49. जलीय विलयन में, अम्ल और क्षारक क्या उत्पन्न करते हैं?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: क्रमशः H+ आयन और OH आयन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्ल और क्षारक की जलीय परिभाषा (Arrhenius Concept): जल में घोलने पर सभी अम्ल अपने अणुओं से हाइड्रोजन आयन (H+) या हाइड्रोनियम आयन (H3O+) मुक्त करते हैं।
  • दूसरी ओर, सभी क्षारक (Bases) जलीय विलयन में वियोजित होकर हाइड्रॉक्साइड आयन (OH) उत्पन्न करते हैं।
  • यही कारण है कि अम्ल अपनी अम्लीय प्रकृति और क्षारक अपनी क्षारीय प्रकृति का प्रदर्शन केवल जलीय माध्यम में ही कर पाते हैं क्योंकि जल में इनके आयन स्वतंत्र हो जाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अन्य सभी विकल्प (Li+, Na+, K+ और कार्बोनेट आयन): ये विशिष्ट लवणों या यौगिकों से संबंधित हैं, न कि सामान्य रूप से जल में सभी अम्लों और क्षारकों द्वारा उत्पन्न होने वाले मूल आयन।

#50. निम्नलिखित में से कौन सा बेकिंग सोडा का रसोई में उपयोग नहीं है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 11 Jun, 2025 Shift 1)

सही उत्तर: खाद्य रंग के लिए (For food coloring)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेकिंग सोडा का वास्तविक उपयोग: बेकिंग सोडा (NaHCO3) का उपयोग रसोई में मुख्य रूप से खमीर उठाने वाले (leavening agent) कारक के रूप में केक, ब्रेड आदि को स्पंजी बनाने के लिए किया जाता है।
  • इसके अलावा, यह पेट की अम्लता (Acidity) को दूर करने के लिए प्रतिअम्ल (Antacid) के रूप में तथा छोटे पैमाने पर आग बुझाने वाले अग्निशामक यंत्रों में भी उपयोग किया जाता है।
  • यह किसी भी प्रकार से खाद्य पदार्थों को रंग प्रदान करने वाला कारक (Food coloring agent) नहीं है, क्योंकि इसके रासायनिक गुण भोजन के प्राकृतिक या कृत्रिम रंगों को बदलने या उत्पन्न करने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये यहाँ क्यों सही नहीं हैं?):
  • प्रतिअम्ल के एक घटक के रूप में: यह रसोई और घरेलू चिकित्सा में एसिडिटी से राहत पाने के लिए एक आम उपयोग है।
  • खमीर उठाने वाले कारक रूप में: यह बेकिंग सोडा का सबसे प्रमुख और प्राथमिक रसोई उपयोग है।
  • अग्निशामक यंत्रों में: यह सोडा-एसिड अग्निशामक यंत्रों का एक मुख्य घटक है जो आग बुझाने में मदद करता है।



#51. 2451) चींटी के डंक में कौन सा अम्ल पाया जाता है?(RRB JE 26 May 2019 Shift 2 CBT 1)

#52. 2452) जल का तापीय प्रदूषण जल की गुणवत्ता को किस प्रकार प्रभावित करता है?(RRB ALP CBT-II Fitter : 02 May, 2025 Shift 2)

#53. 2453) ग्लेशियल एसिटिक अम्ल ____________ है。(RRB JE CBT I : 30 May 2019 Shift 1)

#54. 2454) सोडियम हाइड्रोक्साइड ( NaOH) में _______ ऋणायन के रूप में होता है।(RRB JE 19/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)

#55. 2455) निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक प्रतिअम्ल (एंटासिड) के रूप में प्रयोग किया जाता है?(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1)



#56. 2456) जब एथेनॉल को क्षारीय KMnO 4 जैसे ऑक्सीकरण कर्मकों का उपयोग करके ऑक्सीकृत किया जाता है, तो क्या बनता है?(RRB Level 01 Stage I 04/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)

#57. 2457) निम्नलिखित में से कौन सा विलयन विधुत का चालन नहीं करता है?(RRB NTPC CBT-I : 30 Jan 2021 Shift 2)

#58. 2458) 1845 में हरमन कोल्बे द्वारा अकार्बनिक पदार्थों से पहली बार कौन सा अम्ल बनाया गया था?(RRB NTPC UG CBT-I : 29 Aug, 2025 Shift 1)

#59. 2459) ऐसे पदार्थ, जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है, उन्हें क्या कहा जाता है?(RRB JE CBT I : 2 June 2019 Shift 2)

#60. 2460) निम्नलिखित में से कौन-सा, क्षारीय लवण का एक उदाहरण है?(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)



#61. 2461) निम्नलिखित में से किसका उपयोग सामान्यतः पेयजल के उपचार के लिए किया जाता है?(RRB ALP CBT-II Fitter : 02 May, 2025 Shift 2)

#62. 2462) निम्नलिखित में से किस विकल्प में एथेनॉल ( C 2 H 5 OH) के एक गुणधर्म का वर्णन नहीं किया गया है?(RRB JE 20/02/2026 9:00 AM – 10:30 AM)

#63. 2463) चूना पत्थर, चाक और संगमरमर किसके विभिन्न रूप हैं?(RRB JE 25 May 2019 Shift 3 CBT 1)

#64. 2464) निम्न में से कौन-सा कथन इस तथ्य की सर्वोत्तम व्याख्या करता है कि अधात्विक ऑक्साइड सामान्यतः क्षार के साथ अभिक्रिया क्यों करते हैं?(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 12:45 PM – 2:15 PM)

#65. 2465) निम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल-क्षार सूचक, अम्लीय माध्यम में रंगहीन और क्षारीय माध्यम में गुलाबी होता है?(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 9:00 AM – 10:30 AM)



#66. 2466) मधुमक्खी के डंक से दर्द और जलन क्यों होती है?(RRB JE ECE 22 Apr 2025 Shift 1 CBT 2)

#67. 2467) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही तरीके से यह वर्णन करता है कि क्यों टूथपेस्ट, क्षारीय प्रकृति का होता है?(RRB Technician Grade III 06/03/2026 9:00 AM – 10:30 AM)

#68. 2468) एक द्रवीय विलयन लाल लिटमस विलयन को नीला कर देता है। निम्न में से किसकी अतिरिक्त वृद्धि इस परिवर्तन को उल्टा करेगी?(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)

#69. 2469) एल्कोहॉलिक पेय पदार्थों में मुख्य तत्व कौन सा होता है?(RPF Constable 2018 10 Feb 2019)

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