अम्ल क्षार और लवण Railway PYQ

 

Results

#1. एसिटिक एसिड का व्यवस्थित IUPAC नाम क्या है?
(RPF SI 2018 : 10 Jan 2019 Shift 3)

सही उत्तर: एथेनोइक एसिड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एथेनोइक एसिड (Ethanoic Acid): एसिटिक एसिड का व्यवस्थित (IUPAC) नाम एथेनोइक एसिड है। इसका रासायनिक सूत्र CH₃COOH होता है। यह एक कार्बनिक यौगिक है और सिरके (Vinegar) का मुख्य घटक होता है, जो सिरके को उसका खट्टा स्वाद और तीखी गंध प्रदान करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मेथेनोइक एसिड (Methanoic Acid): इसका रासायनिक सूत्र HCOOH है। इसका सबसे प्रसिद्ध सामान्य नाम ‘फॉर्मिक एसिड’ (Formic Acid) है, जो लाल चींटियों और मधुमक्खियों के डंक में मौजूद होता है।
  • ब्यूटेनोइक एसिड (Butanoic Acid): इसका रासायनिक सूत्र C₃H₇COOH है। इसका सामान्य नाम ब्यूटिरिक एसिड (Butyric acid) है, जो अक्सर खराब हो चुके (बासी) मक्खन में पाया जाता है।
  • प्रोपेनोइक एसिड (Propanoic Acid): इसका रासायनिक सूत्र C₂H₅COOH है। इसे सामान्यतः प्रोपियोनिक एसिड (Propionic acid) कहा जाता है और इसका उपयोग खाद्य परिरक्षक (food preservative) के रूप में किया जाता है।

#2. निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल का अभिलक्षण नहीं है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 07 Aug, 2025 Shift 3)

सही उत्तर: वे पानी में OH⁻ आयन छोड़ते हैं।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्ल और आयन: आर्हेनियस के सिद्धांत के अनुसार, अम्ल (Acids) वे पदार्थ होते हैं जो जलीय विलयन (पानी) में घुलकर H⁺ (हाइड्रोजन आयन) देते हैं। पानी में OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन) प्रदान करने का गुण क्षार (Bases) का होता है, न कि अम्ल का। चूँकि प्रश्न में पूछा गया है कि “कौन सा अम्ल का अभिलक्षण नहीं है”, इसलिए यही सही उत्तर है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):

बाकी तीनों विकल्प अम्ल के सही लक्षण (विशेषताएं) हैं, इसलिए वे इस प्रश्न के लिए गलत विकल्प हैं:

  • वे नीले लिटमस को लाल कर देते हैं: यह अम्ल का एक प्रमुख भौतिक गुण है। (इसे याद रखने की ट्रिक है ‘अनिल’ – म्ल नीले लिटमस को लाल कर देता है)।
  • उनका स्वाद खट्टा होता है: प्राकृतिक रूप से अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं (जैसे नींबू में सिट्रिक अम्ल और इमली में टार्टरिक अम्ल)।
  • वे क्षार के साथ प्रतिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं: अम्ल और क्षार की इस आपसी प्रतिक्रिया को उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया कहा जाता है। यह अम्ल का एक महत्वपूर्ण रासायनिक गुण है।

#3. नीचे दी गई अभिक्रिया में उत्पाद की पहचान कीजिए। संदर्भ: Alkaline: क्षारिय or acidified: या अम्लीयत् Heat: ऊष्मा Product: उत्पाद
(RRB Level 01 Stage I 10/02/2026 )

सही उत्तर: एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऑक्सीकरण अभिक्रिया (Oxidation Reaction): प्रश्न में दी गई शर्तें—क्षारीय (Alkaline) या अम्लीय (Acidified) माध्यम के साथ ऊष्मा (Heat)—प्रबल ऑक्सीकारकों जैसे क्षारीय KMnO4 या अम्लीय K2Cr2O7 के उपयोग को दर्शाती हैं।
  • जब एथेनॉल (Ethanol / CH3CH2OH) को इन प्रबल ऑक्सीकारकों की उपस्थिति में गर्म किया जाता है, तो इसमें ऑक्सीजन जुड़ जाती है और यह सीधे एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid / CH3COOH) में परिवर्तित हो जाता है।
  • रासायनिक समीकरण: CH3CH2OH + 2[O] (Alkaline KMnO4 + Heat) → CH3COOH + H2O

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • एथेनल (Ethanal): यह एथेनॉल के आंशिक (partial) ऑक्सीकरण से बनता है (दुर्बल ऑक्सीकारकों के साथ)। चूँकि यहाँ प्रबल ऑक्सीकरण (क्षारीय/अम्लीय माध्यम + ऊष्मा) हो रहा है, इसलिए अंतिम उत्पाद एल्डिहाइड की बजाय अम्ल (Acid) होगा।
  • प्रोपेनेल (Propanal): यह 3-कार्बन वाला एल्डिहाइड है। यह प्रोपेनॉल-1 (Propan-1-ol) के ऑक्सीकरण से बनता है।
  • प्रोपेनोन (Propanone): इसे आमतौर पर एसीटोन कहा जाता है। यह 3-कार्बन वाला कीटोन है, जो प्रोपेनॉल-2 (एक द्वितीयक अल्कोहल) के ऑक्सीकरण से प्राप्त होता है।

#4. फॉस्फोरस का प्रतीक क्या है?
(RPF Constable 2018 19 Jan 2019 Shift 1)

सही उत्तर: P

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • फॉस्फोरस (Phosphorus – P): आवर्त सारणी (Periodic Table) में फॉस्फोरस का रासायनिक प्रतीक ‘P’ है।
  • इसका परमाणु क्रमांक (Atomic Number) 15 और परमाणु द्रव्यमान लगभग 31 है। यह नाइट्रोजन परिवार (समूह 15) का एक सदस्य है।
  • यह एक अत्यधिक क्रियाशील अधातु (Non-metal) है। इसकी उच्च क्रियाशीलता के कारण, विशेष रूप से सफेद फॉस्फोरस (White Phosphorus) को हवा में ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करके जलने से बचाने के लिए हमेशा पानी में डुबो कर रखा जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • Ph: यह आवर्त सारणी में किसी भी तत्व का रासायनिक प्रतीक नहीं है। (हालांकि, रसायन विज्ञान में कभी-कभी ‘फिनाइल’ (Phenyl) समूह को दर्शाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है)।
  • Pr: यह प्रेज़ियोडाइमियम (Praseodymium) नामक तत्व का प्रतीक है, जो लैंथेनाइड (Lanthanide) श्रृंखला की एक दुर्लभ मृदा धातु (Rare earth metal) है (परमाणु क्रमांक 59)।
  • H: यह हाइड्रोजन (Hydrogen) का प्रतीक है, जो आवर्त सारणी का पहला, सबसे हल्का और ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है (परमाणु क्रमांक 1)।

#5. बासी मक्खन में दुर्गंध, ________ की वजह से आती है।
(RRB JE CBT I :- 30 May 2019 Shift 1)

सही उत्तर: ब्यूट्राइरिक अम्ल (Butyric acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ब्यूट्राइरिक अम्ल (Butyric acid): बासी या खराब हो चुके मक्खन (Rancid butter) से आने वाली तीखी और अप्रिय दुर्गंध ब्यूटिरिक अम्ल (जिसे IUPAC नाम में ब्यूटेनोइक एसिड कहते हैं) की वजह से होती है।
  • प्रक्रिया (Rancidification): मक्खन में मौजूद वसा (Fats) जब हवा की ऑक्सीजन या बैक्टीरिया के संपर्क में आकर ऑक्सीकृत (oxidize) या विघटित होती है, तो यह टूटकर ब्यूटिरिक अम्ल मुक्त करती है। इसी कारण से पुराना मक्खन खट्टा और बदबूदार हो जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • पामिटिक अम्ल (Palmitic acid): यह ताड़ के तेल (Palm oil), मांस और डेयरी उत्पादों में पाया जाने वाला एक प्रमुख संतृप्त वसा अम्ल (Saturated fatty acid) है। यह सामान्यतः गंधहीन होता है।
  • स्टीएरिक अम्ल (Stearic acid): यह पशु और वनस्पति वसा में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला एक लंबा संतृप्त वसा अम्ल है। इसका उपयोग मुख्य रूप से साबुन, मोमबत्ती (Candles) और सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics) बनाने में किया जाता है।
  • कैप्रोइक अम्ल (Caproic acid): इसे हेक्सेनोइक एसिड (Hexanoic acid) भी कहते हैं। यह बकरियों के दूध और वसा में पाया जाता है और इसमें बकरी के पसीने या दूध जैसी एक विशिष्ट गंध होती है, लेकिन बासी मक्खन की प्रमुख दुर्गंध का कारण यह नहीं है।



#6. कभी-कभी, जब हमारी पेशी कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होती है, तो अवायवीय श्वसन द्वारा पाइरुविक अम्ल किसमें परिवर्तित हो जाता है?
(RRB Technician Grade III : 23 Dec, 2024 Shift 1)

#7. उदासीनीकरण अभिक्रिया में अम्ल से ________ और क्षार से ________ का संयोजन होता है जिससे जल अणुओं का निर्माण होता है।
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

सही उत्तर: क्रमश:, H⁺ आयन और OH⁻ आयन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): यह वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें एक अम्ल (Acid) और एक क्षार (Base) आपस में प्रतिक्रिया करके लवण (Salt) और जल (Water) बनाते हैं। (जैसे: HCl + NaOH → NaCl + H₂O)
  • जल का निर्माण: आर्हेनियस के सिद्धांत के अनुसार, अम्ल जलीय विलयन में H⁺ (हाइड्रोजन आयन) मुक्त करते हैं, जबकि क्षार जलीय विलयन में OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन) मुक्त करते हैं।
  • उदासीनीकरण के दौरान, अम्ल का H⁺ आयन और क्षार का OH⁻ आयन आपस में जुड़कर जल (H₂O) के अणु का निर्माण करते हैं। (समीकरण: H⁺ + OH⁻ → H₂O)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • क्रमश:, OH⁺ आयन और H⁻ आयन: यह संयोजन पूरी तरह से गलत है। अम्ल H⁺ देता है, H⁻ (हाइड्राइड आयन) नहीं। इसके अलावा, ऑक्सीजन अधिक विद्युत्-ऋणात्मक होने के कारण OH⁻ आयन बनता है, OH⁺ नहीं।
  • क्रमश:, H⁻ आयन और OH⁺ आयन: यहाँ आयनों के आवेश (Charges) उल्टे और गलत दिए गए हैं। अम्ल-क्षार प्रतिक्रिया में ये आयन इस रूप में मौजूद नहीं होते हैं।
  • क्रमश:, OH⁺ आयन और OH⁻ आयन: जल (H₂O) के अणु में दो हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन परमाणु होता है। दो OH आयन (हाइड्रॉक्साइड) मिलकर कभी भी जल का अणु नहीं बना सकते हैं।

#8. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रेक्षण इस बात की पुष्टि करता है कि कोई विलयन अम्लीय है?
(RRB Level 01 Stage I 01/12/2025 )

सही उत्तर: मेथिल ऑरेंज: लाल, फीनॉलफ्थेलिन: रंगहीन, लिटमस: लाल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्ल-क्षार सूचक (Acid-Base Indicators): ये वे रासायनिक पदार्थ हैं जो अम्लीय या क्षारीय माध्यम में अपना रंग बदलकर विलयन की प्रकृति की पहचान कराते हैं।
  • अम्लीय विलयन (Acidic Solution) में सूचकों का प्रभाव:
    • लिटमस (Litmus): अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं।
    • मेथिल ऑरेंज (Methyl Orange): अम्लीय माध्यम में यह लाल (Red) रंग देता है।
    • फीनॉलफ्थेलिन (Phenolphthalein): यह अम्लीय माध्यम में रंगहीन (Colorless) रहता है।
  • अतः सही विकल्प में दिए गए तीनों प्रेक्षण एक अम्लीय विलयन की सटीक पुष्टि करते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मेथिल ऑरेंज: पीला, फीनॉलफ्थेलिन: गुलाबी, लिटमस: नीला: ये सभी प्रेक्षण एक क्षारीय (Basic / Alkaline) विलयन की पहचान हैं। क्षार लाल लिटमस को नीला, मेथिल ऑरेंज को पीला और फीनॉलफ्थेलिन को गुलाबी कर देते हैं।
  • अन्य विकल्प (3 और 4): इनमें रंगों का संयोजन विरोधाभासी (Contradictory) दिया गया है। उदाहरण के लिए, एक ही विलयन में फीनॉलफ्थेलिन का गुलाबी होना (क्षारीय गुण) और लिटमस का लाल होना (अम्लीय गुण) एक साथ संभव नहीं है।

#9. कौन सा कथन घ्राण सूचक का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

सही उत्तर: एक पदार्थ जो अम्ल और क्षार में गंध बदलता है

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • घ्राण सूचक (Olfactory Indicators): ‘घ्राण’ (Olfactory) शब्द का सीधा संबंध सूंघने या गंध (Smell) से है। विज्ञान में, वे पदार्थ जिनकी गंध अम्लीय (Acidic) या क्षारीय (Basic) माध्यम में बदल जाती है, घ्राण सूचक कहलाते हैं।
  • इन सूचकों का उपयोग विशेष रूप से दृष्टिबाधित (visually impaired) छात्रों द्वारा प्रयोगशालाओं में अम्ल और क्षार की पहचान करने के लिए किया जाता है, क्योंकि वे रंग परिवर्तन नहीं देख सकते।
  • प्रमुख उदाहरण: प्याज का रस, वैनिला अर्क (Vanilla extract) और लौंग का तेल (Clove oil)। उदाहरण के लिए, क्षारीय विलयन (जैसे NaOH) मिलाने पर प्याज की तीखी गंध गायब हो जाती है, जबकि अम्लीय विलयन में इसकी गंध में कोई बदलाव नहीं होता।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • एक तरल जो सभी विलयन में रंग बदलता है: रंग (Color) बदलकर अम्ल या क्षार की पहचान कराने वाले पदार्थों को दृश्य सूचक (Visual Indicators) कहा जाता है (जैसे लिटमस, मेथिल ऑरेंज या हल्दी), घ्राण सूचक नहीं।
  • एक ठोस जो अम्ल और क्षार दोनों में घुल जाता है: अम्ल और क्षार में घुलना किसी पदार्थ के उभयधर्मी (Amphoteric) गुण को दर्शा सकता है (जैसे जिंक या एल्युमिनियम ऑक्साइड), यह सूचक का गुण नहीं है।
  • एक गैस जो केवल मजबूत अम्लों के साथ प्रतिक्रिया करती है: घ्राण सूचक गैस होना आवश्यक नहीं है, और इनका मुख्य कार्य प्रतिक्रिया करके कुछ नया बनाना नहीं, बल्कि केवल माध्यम के अनुसार अपनी गंध बदलना है।

#10. इनमें से कौन-सा अम्ल मुख्य रूप से सिरके में मौजूद होता है?
(RRB JE 27 May 2019 Shift 3 CBT 1)

सही उत्तर: ऐसीटिक अम्ल (Acetic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऐसीटिक अम्ल (Acetic acid): सिरके (Vinegar) का मुख्य घटक ऐसीटिक अम्ल होता है, जिसका रासायनिक सूत्र CH₃COOH है। इसे IUPAC नाम प्रणाली में एथेनोइक अम्ल (Ethanoic acid) भी कहा जाता है।
  • आमतौर पर पानी में 5-8% ऐसीटिक अम्ल के घोल (Solution) को ही सिरका कहा जाता है। इसका उपयोग भोजन (जैसे चाऊमीन आदि) का स्वाद बढ़ाने और अचार (Pickles) आदि में परिरक्षक (Preservative) के रूप में किया जाता है, ताकि वे जल्दी खराब न हों।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सिट्रिक अम्ल (Citric acid): यह मुख्य रूप से खट्टे फलों जैसे नींबू (Lemon), संतरा (Orange) आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • ऑक्सालिक अम्ल (Oxalic acid): यह टमाटर (Tomato) और पालक (Spinach) में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। (इसका उपयोग कपड़ों पर लगे जंग के दाग हटाने में भी किया जाता है)।
  • टारटरिक अम्ल (Tartaric acid): यह मुख्य रूप से इमली (Tamarind), अंगूर (Grapes) और कच्चे आम में पाया जाता है। बेकिंग पाउडर बनाने में भी इसका इस्तेमाल होता है।



#11. निम्नलिखित में से कौन-सी अम्ल और क्षार के बीच समानता है?
(RRB NTPC CBT-I : 8 Jan 2021 Shift 1)

सही उत्तर: जल के साथ अम्ल अथवा क्षारक को मिलाने की प्रक्रिया ऊष्माक्षेपी होती है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction): जब किसी सांद्र अम्ल (Acid) या सांद्र क्षार (Base) को जल में मिलाया जाता है, तो इस प्रक्रिया (तनुकरण / Dilution) में भारी मात्रा में ऊष्मा (Heat) उत्पन्न होती है।
  • चाहे सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल हो या सोडियम हाइड्रॉक्साइड (क्षार) के छर्रे, दोनों को पानी में घोलने पर बर्तन गर्म हो जाता है। अतः यह अम्ल और क्षार दोनों के बीच एक स्पष्ट वैज्ञानिक समानता है।
  • सुरक्षा टिप: इसी ऊष्माक्षेपी प्रकृति के कारण हमेशा पानी में धीरे-धीरे हिलाते हुए अम्ल मिलाना चाहिए, न कि अम्ल में पानी (ताकि मिश्रण छलक कर बाहर न आए)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • इनका pH 7 से कम होता है: यह केवल अम्लों (Acids) का गुण है। क्षारों (Bases) का pH मान हमेशा 7 से अधिक (7 से 14 के बीच) होता है। इसलिए यह समानता नहीं है।
  • ये कड़वे होते हैं: यह केवल क्षारों का गुण है। अम्ल स्वाद में खट्टे (Sour) होते हैं। अतः यह दोनों में अंतर है, समानता नहीं।
  • इनका उपयोग परिरक्षकों के रूप में किया जाता है: खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने (Preservative) के लिए मुख्य रूप से कुछ अम्लों (जैसे सिरका/एसिटिक अम्ल, बेंजोइक अम्ल) या उनके लवणों का उपयोग होता है, क्षारों का नहीं। इसलिए यह दोनों की सामान्य विशेषता नहीं है।

#12. बिच्छूबूटी ( stinging nettles) में निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल मौजूद होता है?
(RRB JE 29 May 2019 Shift 2 CBT 1)

सही उत्तर: फॉर्मिक अम्ल (Formic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • फॉर्मिक अम्ल (Formic acid): बिच्छूबूटी (Stinging Nettle) एक जंगली पौधा है जिसके पत्तों पर चुभने वाले छोटे-छोटे बाल (stinging hairs) होते हैं।
  • जब गलती से त्वचा इन पत्तों को छूती है, तो ये बाल त्वचा के अंदर मेथेनोइक अम्ल (Methanoic acid) छोड़ देते हैं, जिसे आमतौर पर फॉर्मिक अम्ल कहा जाता है।
  • यही अम्ल त्वचा में तेज जलन और खुजली (burning sensation) का कारण बनता है। (दिलचस्प बात यह है कि लाल चींटी और मधुमक्खी के डंक में भी यही अम्ल पाया जाता है)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • लैस्टिक/लैक्टिक अम्ल (Lactic acid): यह खट्टे दूध और दही (Curd) में पाया जाता है। साथ ही, भारी व्यायाम के दौरान हमारी मांसपेशियों में भी यही अम्ल बनता है।
  • टारटरिक अम्ल (Tartaric acid): यह मुख्य रूप से इमली (Tamarind), अंगूर और कच्चे आम में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • साइट्रिक अम्ल (Citric acid): यह खट्टे फलों (Citrus fruits) जैसे नींबू, संतरा, मौसंबी आदि में मौजूद होता है, जो उन्हें उनका विशिष्ट खट्टा स्वाद प्रदान करता है।

#13. रासायनिक उद्योगों में, ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग किस रूप में किया जाता है?
(RRB Technician Grade III : 26 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: एक ऑक्सीकारक के रूप में

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ऑक्सीकारक (Oxidizing Agent): ब्लीचिंग पाउडर (विरंजक चूर्ण) का रासायनिक सूत्र CaOCl₂ (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड) है। रासायनिक उद्योगों में इसका व्यापक रूप से एक प्रबल ऑक्सीकारक के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • कारण: जब यह पानी या अम्लों के साथ प्रतिक्रिया करता है, तो यह नवजात ऑक्सीजन या क्लोरीन गैस मुक्त करता है, जो अन्य पदार्थों का तेजी से ऑक्सीकरण करती है।
  • अन्य उपयोग: इसके अलावा इसका उपयोग कपड़ा और कागज उद्योगों में रंग उड़ाने (Bleaching) के लिए और पीने के पानी को कीटाणुरहित (रोगाणुनाशक) बनाने के लिए भी किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • एक अग्निशामक के रूप में (Fire extinguisher): आग बुझाने वाले यंत्रों में मुख्य रूप से सोडियम बाइकार्बोनेट (बेकिंग सोडा) का उपयोग किया जाता है, जो अम्ल से प्रतिक्रिया करके आग बुझाने वाली कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस उत्पन्न करता है।
  • एक अपचायक के रूप में (Reducing agent): अपचायक वे पदार्थ होते हैं जो दूसरों का अपचयन करते हैं (जैसे हाइड्रोजन या कार्बन)। ब्लीचिंग पाउडर का मुख्य गुण इसके बिल्कुल विपरीत (ऑक्सीकारक) होता है।
  • एक निर्जलीकरण के रूप में (Dehydrating agent): किसी पदार्थ से पानी (नमी) सोखने या निकालने के लिए सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) या कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है, ब्लीचिंग पाउडर का नहीं।

#14. ________ की अभिक्रिया से ब्लीचिंग पाउडर तैयार किया जाता है।
(RRB Level 01 Stage I 29/12/2025 )

सही उत्तर: क्लोरीन गैस के साथ कैल्शियम हाइड्रोक्साइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • निर्माण की प्रक्रिया: ब्लीचिंग पाउडर (विरंजक चूर्ण) का निर्माण शुष्क बुझे हुए चूने यानी कैल्शियम हाइड्रोक्साइड [Ca(OH)₂] पर क्लोरीन गैस (Cl₂) की क्रिया द्वारा किया जाता है।
  • रासायनिक सूत्र: ब्लीचिंग पाउडर का रासायनिक सूत्र CaOCl₂ (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड) होता है।
  • रासायनिक समीकरण: Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ कैल्शियम हाइड्रोक्साइड: यह एक उदासीनीकरण (Neutralization) अभिक्रिया है। जब कैल्शियम हाइड्रोक्साइड (क्षार) हाइड्रोक्लोरिक एसिड (अम्ल) के साथ प्रतिक्रिया करता है, तो कैल्शियम क्लोराइड (CaCl₂) और जल बनता है, ब्लीचिंग पाउडर नहीं।
  • क्लोरीन गैस के साथ सोडियम हाइड्रोक्साइड: जब क्लोरीन गैस ठंडे और तनु सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) के साथ अभिक्रिया करती है, तो सोडियम हाइपोक्लोराइट (NaClO) बनता है, जिसे आमतौर पर ‘तरल ब्लीच’ (Liquid bleach) कहा जाता है। यह ठोस ब्लीचिंग पाउडर (CaOCl₂) से अलग है।
  • क्लोरीन गैस के साथ कैल्शियम कार्बोनेट: कैल्शियम कार्बोनेट (चूना पत्थर) सामान्य परिस्थितियों में क्लोरीन गैस के साथ सीधे प्रतिक्रिया करके ब्लीचिंग पाउडर नहीं बनाता है।

#15. निम्नलिखित में से किसे घ्राण सूचक का उदाहरण माना जा सकता है?
(RPF SI CBT-2024 : 13 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: प्याज

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • घ्राण सूचक (Olfactory Indicator): वे पदार्थ जिनकी गंध (Smell) अम्लीय (Acidic) या क्षारीय (Basic) माध्यम में बदल जाती है, घ्राण सूचक कहलाते हैं।
  • प्याज (Onion): प्याज एक प्राकृतिक घ्राण सूचक है। जब प्याज के रस को किसी क्षारीय विलयन (जैसे सोडियम हाइड्रोक्साइड) में मिलाया जाता है, तो इसकी विशिष्ट तीखी गंध पूरी तरह समाप्त हो जाती है। वहीं, अम्लीय विलयन में इसकी गंध में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  • वैनिला अर्क (Vanilla extract) और लौंग का तेल (Clove oil) भी घ्राण सूचक के अन्य प्रमुख उदाहरण हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):

बाकी तीनों विकल्प ‘दृश्य सूचक’ (Visual Indicators) हैं, जो गंध के बजाय अपना रंग (Color) बदलकर अम्ल और क्षार की पहचान कराते हैं:

  • हल्दी (Turmeric): यह एक प्राकृतिक दृश्य सूचक है। यह अम्लीय माध्यम में पीला ही रहता है, लेकिन क्षारीय माध्यम (जैसे साबुन का पानी) में इसका रंग लाल-भूरा (Reddish-brown) हो जाता है।
  • गुड़हल (Hibiscus): यह भी एक प्राकृतिक दृश्य सूचक है। इसके फूलों का अर्क अम्लीय विलयन को गहरा गुलाबी (मैजेंटा) और क्षारीय विलयन को हरा कर देता है।
  • मेथिल ऑरेंज (Methyl orange): यह एक कृत्रिम (Synthetic) दृश्य सूचक है। यह अम्लीय विलयन में लाल और क्षारीय विलयन में पीला रंग देता है।



#16. निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक प्रतिअम्ल में एक घटक के रूप में प्रयोग किया जाता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 28 Nov, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रतिअम्ल (Antacid): प्रतिअम्ल वे औषधीय पदार्थ होते हैं जो आमाशय (पेट) में बनने वाले अतिरिक्त अम्ल (मुख्यतः हाइड्रोक्लोरिक अम्ल – HCl) को उदासीन (Neutralize) करते हैं, जिससे एसिडिटी, अपच और सीने की जलन से राहत मिलती है। ये प्रकृति में हल्के क्षारीय होते हैं।
  • सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट: इसका रासायनिक सूत्र NaHCO₃ है, जिसे आमतौर पर बेकिंग सोडा (Baking Soda) भी कहा जाता है।
  • यह एक दुर्बल और गैर-संक्षारक (non-corrosive) क्षारीय लवण है। इसलिए इसका उपयोग ‘ईनो’ (Eno) जैसे प्रतिअम्लों में एक प्रमुख सक्रिय घटक के रूप में किया जाता है। (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया/मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड भी एक बहुत प्रसिद्ध प्रतिअम्ल है)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • नाइट्रिक अम्ल (Nitric acid): यह (HNO₃) एक अत्यधिक प्रबल और संक्षारक अम्ल (Strong Acid) है। एसिडिटी को दूर करने के लिए क्षार की आवश्यकता होती है, न कि अम्ल की। इसका सेवन जानलेवा हो सकता है।
  • सोडियम क्लोराइड (Sodium chloride): यह घरों में इस्तेमाल होने वाला साधारण नमक (NaCl) है। यह प्रकृति में उदासीन (Neutral – pH 7) होता है और इसमें पेट के अम्ल को बेअसर करने का गुण नहीं होता है।
  • कॉपर सल्फेट (Copper sulfate): यह (CuSO₄) एक जहरीला (toxic) रसायन है। इसका उपयोग मुख्य रूप से कृषि में कवकनाशी (Fungicide) और कीटनाशक के रूप में किया जाता है, मानव सेवन के लिए नहीं।

#17. ताज़े ब्राइन विलयन के विद्युत अपघटन के दौरान कैथोड पर कौन-सा आयन अपचयित होता है?
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 2)

सही उत्तर: H⁺

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • ब्राइन विलयन (Brine Solution): यह सोडियम क्लोराइड (NaCl) का सांद्र जलीय विलयन होता है। इसमें चार प्रकार के आयन मौजूद होते हैं: Na⁺, Cl⁻, H⁺ (जल से) और OH⁻ (जल से)।
  • विद्युत अपघटन (Electrolysis): इस प्रक्रिया को ‘क्लोर-क्षार प्रक्रिया’ (Chlor-alkali process) भी कहा जाता है। इसमें कैथोड (ऋणात्मक इलेक्ट्रोड) पर धनायनों का अपचयन (Reduction) होता है।
  • H⁺ का अपचयन: विलयन में मौजूद Na⁺ और H⁺ आयनों में से, H⁺ आयन का अपचयन विभव (Reduction Potential) अधिक होता है। इसलिए कैथोड पर H⁺ आयन इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके हाइड्रोजन गैस (H₂) में अपचयित हो जाते हैं (समीकरण: 2H⁺ + 2e⁻ → H₂)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • Na⁺ (सोडियम आयन): जलीय विलयन में इसका अपचयन विभव H⁺ से कम होता है, इसलिए यह कैथोड पर अपचयित नहीं होता। यह विलयन में मौजूद OH⁻ के साथ मिलकर सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) बनाता है।
  • Cl⁻ (क्लोराइड आयन): यह एक ऋणायन है, जो एनोड (धनात्मक इलेक्ट्रोड) की ओर जाता है। वहाँ इसका ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है और यह क्लोरीन गैस (Cl₂) में बदल जाता है, अपचयित नहीं होता।
  • OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन): यह भी एक ऋणायन है और एनोड की तरफ आकर्षित होता है, लेकिन एनोड पर Cl⁻ का ऑक्सीकरण पहले होता है। यह विलयन में रहकर NaOH के निर्माण में मदद करता है।

#18. साधारण नमक जिसे हम खाते हैं, उसका रासायनिक नाम क्या है?
(RRB NTPC Tier I : 22 Apr 2016 Shift 2)

सही उत्तर: सोडियम क्लोराइड

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सोडियम क्लोराइड (Sodium Chloride): साधारण नमक जिसे हम अपने दैनिक भोजन में उपयोग करते हैं, उसका रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड है और इसका रासायनिक सूत्र NaCl होता है।
  • यह एक आयनिक यौगिक (Ionic compound) है, जो सोडियम धनायनों (Na⁺) और क्लोराइड ऋणायनों (Cl⁻) के संयोजन से बनता है।
  • भोजन का स्वाद बढ़ाने के अलावा, इसका उपयोग मांस और मछलियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने (खाद्य परिरक्षक / Food Preservative) के लिए भी बड़े पैमाने पर किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड (Sodium Hydroxide): इसका रासायनिक सूत्र NaOH है। इसे आमतौर पर कास्टिक सोडा (Caustic soda) कहा जाता है। यह एक प्रबल क्षार है जिसका उपयोग साबुन, डिटर्जेंट और कागज बनाने में होता है (यह खाने योग्य नहीं है)।
  • सोडियम फ्लोराइड (Sodium Fluoride): इसका रासायनिक सूत्र NaF है। इसका उपयोग मुख्य रूप से दांतों की सड़न (Cavities) को रोकने के लिए टूथपेस्ट और पीने के पानी के उपचार में किया जाता है।
  • सोडियम सैलिसाइलिट (Sodium Salicylate): यह एक कार्बनिक यौगिक है जिसका उपयोग दवा उद्योग में दर्द निवारक (Painkiller) और बुखार कम करने वाली दवाइयों (जैसे एस्पिरिन परिवार की दवाओं) के रूप में किया जाता है।

#19. निम्नलिखित में से किस रसोई सामग्री में टार्टरिक अम्ल प्राकृतिक रूप से पाया जाता है?
(RPF Constable 2024 06 Mar, 2025 Shift 1)

सही उत्तर: इमली

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • टार्टरिक अम्ल (Tartaric Acid): यह एक कार्बनिक अम्ल है जो प्राकृतिक रूप से मुख्य रूप से इमली (Tamarind), अंगूर (Grapes), और कच्चे आम (Unripe mangoes) में पाया जाता है।
  • इसका उपयोग भोजन को खट्टा स्वाद प्रदान करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, बेकिंग सोडा (खाने का सोडा) में टार्टरिक अम्ल मिलाकर ही बेकिंग पाउडर (Baking powder) तैयार किया जाता है, ताकि केक आदि बनाते समय बेकिंग सोडा के कड़वेपन को दूर किया जा सके।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सिरका (Vinegar): सिरके में मुख्य रूप से एसिटिक अम्ल (Acetic acid) पाया जाता है, जो इसे इसका तीखा स्वाद और परिरक्षक (Preservative) गुण देता है।
  • नींबू का रस (Lemon juice): नींबू, संतरा और अन्य खट्टे फलों में प्राकृतिक रूप से सिट्रिक अम्ल (Citric acid) प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है।
  • खाने का सोडा (Baking soda): यह कोई अम्ल नहीं है, बल्कि यह एक क्षारीय लवण है। इसका रासायनिक नाम सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) है। यह पेट की अम्लता दूर करने (प्रतिअम्ल) और बेकिंग में इस्तेमाल होता है।

#20. सोडियम कार्बोनेट एक क्षारीय लवण है, क्योंकि यह एक ________ लवण है।
(RRB JE CBT I :- 1 June 2019 Shift 2)

सही उत्तर: दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्षारीय लवण का निर्माण: सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) का निर्माण कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃ – जो एक दुर्बल अम्ल है) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH – जो एक प्रबल क्षार है) की उदासीनीकरण अभिक्रिया से होता है।
  • जब एक प्रबल क्षार किसी दुर्बल अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करता है, तो बनने वाला लवण प्रकृति में क्षारीय (Basic) होता है क्योंकि क्षार का प्रभाव अधिक हावी रहता है।
  • यही कारण है कि सोडियम कार्बोनेट को पानी में घोलने पर विलयन क्षारीय हो जाता है और इसका pH मान 7 से अधिक (लगभग 11) होता है। इसे आमतौर पर ‘धोवन सोडा’ (Washing Soda) के रूप में भी जाना जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार: इनके संयोजन से उदासीन लवण (Neutral Salt) बनता है। इसका विलयन न तो अम्लीय होता है न क्षारीय (pH = 7)। उदाहरण: सोडियम क्लोराइड (NaCl), जो प्रबल HCl और प्रबल NaOH से बनता है।
  • प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार: इनके संयोजन से अम्लीय लवण (Acidic Salt) बनता है, क्योंकि इसमें अम्ल का प्रभाव हावी रहता है (pH < 7)। उदाहरण: अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl), जो प्रबल HCl और दुर्बल NH₄OH से बनता है।
  • दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षार: इनके संयोजन से बनने वाले लवण की प्रकृति दोनों की सापेक्ष शक्ति पर निर्भर करती है, लेकिन अक्सर यह लगभग उदासीन होता है। उदाहरण: अमोनियम एसीटेट (CH₃COONH₄)।



#21. जब अम्ल किसी क्षारक के साथ अभिक्रिया करता है तो निम्नलिखित में से क्या बनता है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: लवण और जल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction): जब कोई अम्ल (Acid) किसी क्षारक (Base) के साथ अभिक्रिया करता है, तो वे एक-दूसरे के प्रभाव (अम्लीय और क्षारीय गुणों) को समाप्त कर देते हैं। इस महत्वपूर्ण रासायनिक प्रक्रिया को उदासीनीकरण कहा जाता है।
  • उत्पाद (Products): इस अभिक्रिया के परिणामस्वरूप हमेशा लवण (Salt) और जल (Water) का निर्माण होता है। (इसके साथ ही कुछ मात्रा में ऊष्मा/Heat भी उत्पन्न होती है)।
  • उदाहरण: जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) की अभिक्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH – एक क्षार) से होती है, तो सोडियम क्लोराइड (NaCl – लवण) और जल (H₂O) बनता है।
    समीकरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • लवण और हाइड्रोजन गैस: यह उत्पाद तब बनता है जब कोई अम्ल किसी सक्रिय धातु (Active Metal) (जैसे जिंक, मैग्नीशियम या लोहा) के साथ अभिक्रिया करता है, क्षारक के साथ नहीं। (उदाहरण: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂↑)
  • केवल जल: यह गलत है क्योंकि अम्ल से प्राप्त H⁺ आयन और क्षार से प्राप्त OH⁻ आयन मिलकर जल तो बनाते हैं, लेकिन उनके शेष आयन (अम्ल का ऋणायन और क्षार का धनायन) मिलकर लवण भी अनिवार्य रूप से बनाते हैं।
  • लवण और हाइड्रोजन आयन: उदासीनीकरण अभिक्रिया में मुक्त होने वाले H⁺ (हाइड्रोजन आयन) तुरंत OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन) के साथ जुड़कर जल (H₂O) का अणु बना लेते हैं। इसलिए हाइड्रोजन आयन उत्पाद में स्वतंत्र रूप से नहीं बचते।

#22. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन दैनिक जीवन में pH के महत्व को सही ढंग से समझाता है?
(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )

सही उत्तर: हमारा आमाशय पीएच को 2 के आसपास बनाए रखने के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड का स्राव करता है, जिससे पाचन में सहायता मिलती है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • पाचन तंत्र में pH का महत्व: मानव पेट (आमाशय) में मौजूद जठर ग्रंथियां हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का स्राव करती हैं। यह अम्ल पेट को नुकसान पहुंचाए बिना भोजन के पाचन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • पेट के अंदर का सामान्य pH मान 1.5 से 3.5 (लगभग 2) के बीच बना रहता है। यह अत्यधिक अम्लीय माध्यम पेप्सिन (Pepsin) नामक एंजाइम को सक्रिय करने के लिए आवश्यक है, जो प्रोटीन को पचाता है।
  • साथ ही, यह अम्लीय वातावरण भोजन के साथ पेट में प्रवेश करने वाले हानिकारक जीवाणुओं (Bacteria) को भी नष्ट कर देता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मुंह का pH 7.5 से ऊपर बढ़ना: यह गलत है। दांतों का क्षय (Tooth decay) तब शुरू होता है जब मुंह का pH 5.5 से कम (अम्लीय) हो जाता है, न कि 7.5 से ऊपर (क्षारीय)। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया शर्करा को तोड़कर अम्ल बनाते हैं, जो दांतों के इनेमल (Enamel) को नष्ट करता है।
  • मधुमक्खी का डंक क्षारीय होना: यह गलत है। मधुमक्खी के डंक में फॉर्मिक अम्ल / मेथेनोइक अम्ल होता है, जो प्रकृति में अम्लीय है। इसलिए इसके दर्द से राहत पाने के लिए सिरके (अम्ल) का नहीं, बल्कि बेकिंग सोडा जैसे दुर्बल क्षार (Mild base) का उपयोग किया जाता है।
  • अम्लीय वर्षा का pH 7 से अधिक होना: यह गलत है। 7 से अधिक pH मान क्षारीय (Basic) होता है। अम्लीय वर्षा (Acid Rain) का pH मान हमेशा 5.6 से कम होता है। यह अम्लीय पानी जब नदियों में जाता है, तो मछलियों और जलीय जीवों का जीवित रहना कठिन हो जाता है।

#23. शुष्क HCl गैस, शुष्क लिटमस पेपर का रंग परिवर्तित क्यों नहीं करती है, लेकिन जलीय HCl परिवर्तित करती है, का निम्नलिखित में से किस कथन में सटीक रूप से वर्णन किया गया है?
(RRB Level 01 Stage I 27/12/2025 )

सही उत्तर: HCl केवल जल में विलीन होने पर H⁺ आयन मुक्त करता है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • H⁺ आयनों की भूमिका: किसी भी पदार्थ का अम्लीय गुण (जैसे नीले लिटमस को लाल करना) उसमें हाइड्रोजन आयनों (H⁺) की उपस्थिति के कारण होता है।
  • जलीय माध्यम की आवश्यकता: जब HCl गैस शुष्क अवस्था में होती है, तो यह आयनित नहीं होती है और H⁺ आयन उत्पन्न नहीं कर पाती। इसलिए यह शुष्क लिटमस पेपर का रंग नहीं बदलती।
  • लेकिन जैसे ही HCl को जल में घोला जाता है, यह आयनित होकर H⁺ आयन (या हाइड्रोनियम आयन H₃O⁺) मुक्त करती है, जिससे विलयन अम्लीय हो जाता है और यह नीले लिटमस को लाल कर देता है। (समीकरण: HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl⁻)

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • शुष्क HCl गैस अम्लीय नहीं होती: यह कथन वैज्ञानिक रूप से गलत है। HCl रासायनिक रूप से एक अम्ल ही है, लेकिन पानी (जलीय माध्यम) की अनुपस्थिति के कारण यह अपने अम्लीय गुण (आयनन) को प्रदर्शित नहीं कर पाता है।
  • जल लिटमस के साथ अभिक्रिया करता है, HCl के साथ नहीं: यह कथन गलत है। जल लिटमस के साथ कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं करता, बल्कि जल केवल एक विलायक (Solvent) के रूप में कार्य करता है जो HCl को आयनित होने के लिए माध्यम प्रदान करता है।
  • लिटमस पेपर केवल प्रकाश की उपस्थिति में कार्य करता है: यह पूरी तरह से असत्य है। लिटमस पेपर एक रासायनिक सूचक है जो माध्यम की प्रकृति (अम्ल या क्षार) के आधार पर रंग बदलता है, इसका प्रकाश से कोई संबंध नहीं है।

#24. निम्नलिखित में से कौन सा अचार के लिए एक अच्छा परिरक्षक नहीं है?
(RRB NTPC CBT-I : 24 July 2021 Shift 1)

सही उत्तर: काली मिर्च

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • काली मिर्च (Black Pepper): काली मिर्च मुख्य रूप से एक मसाला (Spice) है जिसका उपयोग भोजन को तीखापन, सुगंध और स्वाद प्रदान करने के लिए किया जाता है।
  • यद्यपि इसमें कुछ हद तक प्राकृतिक रोगाणु-रोधी (antimicrobial) गुण होते हैं, लेकिन इसे खाद्य पदार्थों या अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाला एक मानक परिरक्षक (Preservative) नहीं माना जाता है।
  • अचार को सड़ने या फंगस (फफूंद) से बचाने के लिए नमक, तेल, सिरका और विशेष रासायनिक परिरक्षकों का मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सही परिरक्षक क्यों हैं?):

बाकी तीनों विकल्प प्रभावी खाद्य परिरक्षक हैं, इसलिए वे इस प्रश्न के लिए गलत (अयोग्य) विकल्प हैं:

  • सोडियम बेंजोएट (Sodium Benzoate): यह एक बहुत ही लोकप्रिय रासायनिक परिरक्षक है, जिसका उपयोग अचार, जैम, फलों के रस और सॉस को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।
  • नमक (Salt): यह सबसे पुराना और पारंपरिक प्राकृतिक परिरक्षक है। यह परासरण (Osmosis) प्रक्रिया द्वारा खाद्य पदार्थों से नमी को खींच लेता है, जिससे बैक्टीरिया और कवक जीवित नहीं रह पाते।
  • सोडियम मेटाबिसल्फाइट (Sodium Metabisulphite): यह एक रासायनिक परिरक्षक है जिसका उपयोग अचार, मुरब्बा और खाद्य पदार्थों को सूक्ष्मजीवों से बचाने तथा उनका रंग व गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किया जाता है।

#25. pH स्केल में गहरा नीला रंग ________ को दर्शाता है।
(RRB JE CBT-I 2024 16 Dec 2024 Shift 1)

सही उत्तर: प्रबल क्षारीय विलयन

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH स्केल और रंग: pH स्केल (0 से 14 तक) पर विभिन्न pH मानों के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित होते हैं, जो सार्वत्रिक सूचक (Universal Indicator) की सहायता से दिखाई देते हैं।
  • जैसे-जैसे pH मान 7 से बढ़कर 14 की ओर जाता है, विलयन की क्षारीय प्रकृति (Basic nature) बढ़ती जाती है और सार्वत्रिक सूचक का रंग नीले से गहरा नीला या बैंगनी होने लगता है।
  • pH मान 13 या 14 (जैसे सांद्र NaOH) जैसे प्रबल क्षारीय विलयन pH स्केल पर **गहरा नीला** (या बैंगनी) रंग दर्शाते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • उदासीन विलयन (Neutral solution): pH 7 वाले उदासीन विलयन (जैसे शुद्ध जल) पर सार्वत्रिक सूचक का रंग हरा (Green) होता है।
  • प्रबल अम्लीय विलयन (Strongly acidic solution): pH 0 या 1 वाले प्रबल अम्लीय विलयन (जैसे सांद्र HCl) पर सार्वत्रिक सूचक का रंग गहरा लाल (Dark Red) होता है।
  • दुर्बल क्षारीय विलयन (Weakly basic solution): pH 8 से 10 के आसपास के दुर्बल क्षारीय विलयन हल्का नीला (Light blue) या नीला रंग दर्शाते हैं, न कि *गहरा* नीला।



#26. किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता मापने का पैमाना कौन सा है?
(RRB NTPC CBT-I : 20 Jan 2021 Shift 2)

सही उत्तर: pH पैमाना (pH scale)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH पैमाना (pH Scale): किसी विलयन में हाइड्रोजन आयनों [H⁺] की सांद्रता मापने के लिए जिस पैमाने का उपयोग किया जाता है, उसे pH पैमाना कहा जाता है।
  • यहाँ ‘p’ का अर्थ जर्मन शब्द **’पुसांस’ (Potenz)** से है, जिसका अर्थ ‘शक्ति’ (Power) होता है। इस प्रकार pH का अर्थ हाइड्रोजन की शक्ति (Power of Hydrogen) है।
  • यह पैमाना 0 से 14 तक होता है। 7 से कम मान अम्लीयता, 7 मान उदासीनता और 7 से अधिक मान क्षारीयता को दर्शाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • dB पैमाना (Decibel scale): यह ध्वनि की तीव्रता (Sound intensity or loudness) को मापने का पैमाना है, रासायनिक सांद्रता का नहीं।
  • हाइड्रोजन पैमाना: यह रसायन विज्ञान में कोई मानक या प्रचलित पैमाना नहीं है; हाइड्रोजन आयन की सांद्रता मापने के लिए विशेष रूप से ‘pH पैमाने’ का ही उपयोग किया जाता है।
  • OH पैमाना: हाइड्रॉक्साइड आयनों (OH⁻) की सांद्रता को मापने के लिए सीधे तौर पर ‘OH पैमाना’ नाम से कोई पैमाना नहीं होता, बल्कि इसके लिए pOH मान का उपयोग किया जाता है, जो pH से ही संबंधित है।

#27. ________ के एडमिनिस्ट्रेशन से मलेरिया को ठीक किया जा सकता है।
(RRB JE 26 May 2019 Shift 2 CBT 1)

सही उत्तर: कुनैिन (Quinine)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कुनैिन (Quinine): मलेरिया एक परजीवी (Plasmodium) जनित रोग है, जिसके इलाज के लिए ‘कुनैिन’ नामक दवा का उपयोग किया जाता है।
  • यह एक प्राकृतिक औषधि है जिसे सिनकोना (Cinchona) पेड़ की छाल से प्राप्त किया जाता है। ऐतिहासिक रूप से मलेरिया के उपचार के लिए यह सबसे पहली और प्रमुख दवा रही है।
  • यह दवा मलेरिया के परजीवी के विकास को रोकती है और रोगी को ठीक करने में मदद करती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • स्ट्रेप्टोमाइसिन (Streptomycin): यह एक एंटीबायोटिक (Antibiotic) है जिसका उपयोग मुख्य रूप से जीवाणु (Bacterial) संक्रमणों जैसे तपेदिक (TB) के इलाज के लिए किया जाता है, मलेरिया परजीवी के लिए नहीं।
  • पैरासिटामोल (Paracetamol): यह एक एनाल्जेसिक और एंटीपायरेटिक दवा है, जिसका उपयोग केवल बुखार (Fever) और दर्द से राहत पाने के लिए किया जाता है; यह मलेरिया को ठीक नहीं करती।
  • पेनिसिलिन (Penicillin): यह दुनिया की पहली खोजी गई एंटीबायोटिक है, जिसका उपयोग बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमणों को रोकने के लिए किया जाता है, यह मलेरिया (जो कि प्रोटोजोआ/परजीवी से होता है) पर असरदार नहीं है।

#28. एक उदासीन लवण विलयन का सन्निकट pH मान क्या होता है?
(RRB JE CE 22 Apr 2025 Shift 2 CBT 2)

सही उत्तर: 7 के बराबर

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • उदासीन लवण विलयन (Neutral Salt Solution): जब एक प्रबल अम्ल (Strong Acid) और एक प्रबल क्षार (Strong Base) आपस में अभिक्रिया करते हैं, तो उनके उदासीनीकरण से बने लवण का जलीय विलयन प्रकृति में उदासीन (Neutral) होता है।
  • मानक तापमान (25°C) पर ऐसे उदासीन विलयन में हाइड्रोजन आयनों [H⁺] और हाइड्रॉक्साइड आयनों [OH⁻] की सांद्रता बिल्कुल समान होती है।
  • यही कारण है कि pH स्केल पर इसका सन्निकट (approximate) मान ठीक 7 के बराबर होता है (उदाहरण के लिए: साधारण नमक यानी NaCl का जलीय विलयन)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • 7 से कम: 7 से कम pH मान विलयन की अम्लीय प्रकृति (Acidic nature) को दर्शाता है, जो अम्लीय लवणों या अम्लों की विशेषता है।
  • 7 से अधिक: 7 से अधिक pH मान विलयन की क्षारीय प्रकृति (Basic nature) को दर्शाता है, जो क्षारीय लवणों या क्षारों की विशेषता है।
  • तापमान पर निर्भर करता है: हालांकि जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) तापमान के साथ बदलता है, लेकिन सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे RRB) के मानक स्तर पर ‘उदासीन विलयन का pH मान 7’ ही अकादमिक रूप से सही और स्वीकृत उत्तर माना जाता है।

#29. तीन विलयनों A, B और C के pH मान क्रमशः 3, 7 और 12 हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )

सही उत्तर: विलयन A प्रबल अम्लीय है और विलयन C प्रबल क्षारीय है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH मानों का विश्लेषण: pH स्केल 0 से 14 तक होता है, जिसके आधार पर विलयनों की प्रकृति तय होती है:
  • विलयन A (pH = 3): 7 से कम pH मान होने के कारण यह अम्लीय है। चूंकि यह 7 से काफी कम है, इसलिए यह एक अम्लीय विलयन को दर्शाता है।
  • विलयन B (pH = 7): ठीक 7 pH मान होने के कारण यह पूरी तरह से उदासीन (Neutral) है (जैसे शुद्ध जल)।
  • विलयन C (pH = 12): 7 से अधिक pH मान होने के कारण यह क्षारीय है। 14 के इतने करीब होने पर यह एक प्रबल क्षारीय विलयन को प्रदर्शित करता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विलयन A और C दोनों उदासीन हैं: यह गलत है क्योंकि केवल विलयन B (pH 7) उदासीन है, जबकि A अम्लीय और C क्षारीय है।
  • विलयन B क्षारीय है और विलयन C अम्लीय है: यह पूरी तरह से विपरीत और गलत है; B उदासीन है और C क्षारीय है।
  • विलयन C उदासीन है जबकि विलयन A क्षारीय है: यह कथन भी गलत है क्योंकि C क्षारीय (pH 12) है और A अम्लीय (pH 3) है।

#30. हेंडरसन-हैसेलबाल्च समीकरण में यदि pH=pKa है, तो सही विकल्प चुनिए।
(RPF SI CBT-I 2024 : 02 Dec, 2024 Shift 3)

सही उत्तर: [HA]=[A-]

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हेंडरसन-हैसेलबाल्च समीकरण (Henderson-Hasselbalch Equation): अम्लीय बफर विलयन के लिए यह समीकरण इस प्रकार लिखा जाता है:
    pH = pKa + log([A⁻] / [HA])
  • जहाँ [HA] दुर्बल अम्ल की सांद्रता और [A⁻] उसके संयुग्मी क्षार (Conjugate base) की सांद्रता को दर्शाता है।
  • गणना: प्रश्न के अनुसार यदि pH = pKa हो, तो समीकरण बनता है:
    pKa = pKa + log([A⁻] / [HA]) ⇒ log([A⁻] / [HA]) = 0
    चूंकि log(1) = 0 होता है, अतः [A⁻] / [HA] = 1 या [HA] = [A⁻] (अर्थात अम्ल और उसके लवण/संयुग्मी क्षार की सांद्रता आपस में बराबर होती है)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • [HA] = log[A⁻]: यह गणितीय और रासायनिक रूप से गलत संबंध है, क्योंकि समीकरण में लॉग लघुगणकीय अनुपात पर लागू होता है, सीधी सांद्रता पर नहीं।
  • [HA] < [A⁻]: यह स्थिति तब होती है जब pH मान pKa से अधिक होता है (अर्थात pH > pKa), जिससे बफर विलयन में क्षार की मात्रा अम्ल से अधिक हो जाती है।
  • [HA] > [A⁻]: यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब pH मान pKa से कम होता है (अर्थात pH < pKa), जिससे अम्ल की सांद्रता अधिक होती है।



#31. औद्योगिक रूप से, कार्बन मोनोऑक्साइड का उपयोग करके मेथेनॉल के कार्बोनिलकरण द्वारा मुख्य रूप से कौन सा अम्ल निर्मित होता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 02 Sept, 2025 Shift 3)

सही उत्तर: एसिटिक अम्ल (Acetic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • कार्बोनिलकरण प्रक्रिया (Carbonylation Process): औद्योगिक स्तर पर एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए ‘मानसेंटो प्रक्रिया’ (Monsanto process) या ‘कै िवा प्रक्रिया’ (Cativa process) का उपयोग किया जाता है।
  • इस विधि में, उत्प्रेरक (जैसे रोडियाम या इरीडियम कॉम्प्लेक्स) की उपस्थिति में मेथेनॉल (CH₃OH) की अभिक्रिया कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) के साथ कराई जाती है, जिसे मेथेनॉल का कार्बोनिलकरण कहा जाता है।
  • रासायनिक समीकरण: CH₃OH + CO → CH₃COOH (एसिटिक अम्ल)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • नाइट्रिक अम्ल (Nitric Acid – HNO₃): इसका निर्माण मुख्य रूप से ‘ओस्टवाल्ड विधि’ (Ostwald process) द्वारा अमोनिया के उत्प्रेरकीय ऑक्सीकरण से किया जाता है, न कि मेथेनॉल के कार्बोनिलकरण से।
  • साइट्रिक अम्ल (Citric Acid): यह एक कार्बनिक अम्ल है जो मुख्य रूप से नींबू, संतरे जैसे खट्टे फलों में पाया जाता है और औद्योगिक रूप से इसे किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया द्वारा उत्पादित किया जाता है।
  • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Hydrochloric Acid – HCl): इसका उत्पादन हाइड्रोजन और क्लोरीन गैसों की सीधी संयोजन अभिक्रिया या सोडियम क्लोराइड पर सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की क्रिया द्वारा किया जाता है।

#32. अम्लता की समस्या से पीड़ित लोगों का इलाज किसके युक्त एंटासिड से किया जाता है?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 2)

सही उत्तर: मिल्क ऑफ़ मैगनीशिया

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • मिल्क ऑफ़ मैगनीशिया (Milk of Magnesia): इसका रासायनिक नाम मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड [Mg(OH)₂] है। यह एक दुर्बल और सुरक्षित क्षारीय यौगिक है।
  • जब किसी व्यक्ति को अपच के कारण पेट में अत्यधिक अम्लता (Acidity) की समस्या होती है, तो पेट में बने अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) को उदासीन करने के लिए एंटासिड के रूप में इसका उपयोग किया जाता है।
  • यह अम्ल के प्रभाव को बेअसर करके तुरंत राहत प्रदान करता है। (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट या बेकिंग सोडा का उपयोग भी एंटासिड में किया जाता है)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • चूने का पानी (Lime Water): यह कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड [Ca(OH)₂] का तनु जलीय विलयन है। हालांकि यह क्षारीय होता है, लेकिन यह अत्यधिक कास्टिक (संक्षारक) होता है और इसे चिकित्सीय रूप से सुरक्षित एंटासिड के रूप में सीधे नहीं पिया जाता।
  • बिना बुझा चूना (Quicklime): इसका रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) है। यह पानी के संपर्क में आने पर भारी मात्रा में ऊष्मा और अत्यधिक संक्षारक क्षारीय घोल बनाता है, जिसका सेवन गंभीर रूप से नुकसानदायक हो सकता है।
  • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl): यह एक प्रबल अम्ल है। पेट में पहले से ही अम्लता (अतिरिक्त HCl) की समस्या होने पर इसका सेवन स्थिति को और अधिक गंभीर (जानलेवा) बना देगा।

#33. नायलॉन- 66 के निर्माण में किस अम्ल का उपयोग किया जाता है?
(RPF SI 2018 : 11 Jan 2019 Shift 1)

सही उत्तर: एडिप्लिक अम्ल (Adipic acid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • नायलॉन-66 का निर्माण (Synthesis of Nylon-6,6): नायलॉन-6,6 एक सिंथेटिक पॉलीमर (बहुलक) है। इसका निर्माण संघनन बहुलीकरण (Condensation Polymerization) प्रक्रिया द्वारा होता है।
  • इस बहुलक के निर्माण के लिए दो मुख्य मोनोमर (एकलक) इकाइयों का उपयोग किया जाता है: हेक्साएथिलीनडाइऐमीन (Hexamethylenediamine) और एडिप्लिक अम्ल (Adipic acid)
  • चूंकि इन दोनों ही monomers में 6-6 कार्बन परमाणु होते हैं, इसीलिए इस पॉलीमर का नाम ‘नायलॉन-6,6’ रखा गया है। एडिप्लिक अम्ल का रासायनिक सूत्र HOOC-(CH₂)₄-COOH है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • एथेनिक अम्ल (Ethanoic acid): इसे सामान्यतः एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) कहा जाता है, जिसका उपयोग सिरका बनाने और खाद्य उद्योगों में होता है, न कि नायलॉन-6,6 के निर्माण में।
  • बेंजोइक अम्ल (Benzoic acid): यह एक एरोमैटिक कार्बोक्जिलिक अम्ल है जिसका उपयोग मुख्य रूप से खाद्य परिरक्षकों (जैसे सोडियम बेंजोएट) और दवाओं के निर्माण में किया जाता है।
  • मेथेनोइक अम्ल (Methanoic acid): इसे फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) भी कहते हैं, जो चींटी और बिच्छूबूटी के डंक में पाया जाता है; इसका उपयोग नायलॉन के संश्लेषण में नहीं होता।

#34. एक विलयन का pH 8 है। यदि इसे जल के समान आयतन से तनुकृत किया जाता है, तो इसके pH पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
(RRB JE CBT-I 2024 18 Dec 2024 Shift 2)

सही उत्तर: pH घट जाएगा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • क्षारीय विलयन का तनुकरण (Dilution of Basic Solution): दिया गया विलयन दुर्बल रूप से क्षारीय है जिसका pH मान 8 है। (pH 7 से अधिक होने पर विलयन क्षारीय होता है)।
  • जब इस क्षारीय विलयन में जल मिलाया जाता है (तनुकृत किया जाता है), तो हाइड्रॉक्साइड आयनों [OH⁻] की सांद्रता प्रति इकाई आयतन कम हो जाती है।
  • परिणामस्वरूप, विलयन की क्षारीयता कम होने लगती है और pH मान 8 से घटकर 7 की ओर (उदासीनता की तरफ) बढ़ने लगता है। अतः तनुकरण करने पर क्षारीय विलयन का pH घट जाता है (लगभग 7.78 के आसपास हो जाता है)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • यह उदासीन हो जाएगा: केवल जल के बराबर आयतन से तनुकृत करने पर pH मान 8 से घटकर लगभग 7.78 तक ही पहुंचता है, यह पूरी तरह से उदासीन (pH 7) नहीं बनता है।
  • pH बढ़ जाएगा: pH बढ़ने का अर्थ है विलयन का और अधिक क्षारीय होना। पानी मिलाने से क्षारीयता कम होती है न कि बढ़ती है, इसलिए यह विकल्प गलत है।
  • pH समान रहेगा: यह तब संभव होता जब विलेय की सांद्रता अपरिवर्तित रहती, लेकिन जल मिलाने से सांद्रता और pH दोनों प्रभावित होते हैं।

#35. pH के बारे में, इनमें से कौन सा कथन सत्य नहीं है?
(RRB JE CE 19 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)

सही उत्तर (सत्य नहीं है): जब pH 0 के बराबर हो, तो यह उदासीन है।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • pH स्केल के मानक नियम:
    • यदि pH = 7 है, तो विलयन उदासीन (Neutral) होता है (जैसे शुद्ध जल)।
    • यदि pH < 7 है, तो विलयन अम्लीय (Acidic) होता है।
    • यदि pH > 7 है, तो विलयन क्षारीय (Basic/Alkaline) होता है।
  • जब pH का मान 0 के बराबर होता है, तो यह अत्यधिक उच्च हाइड्रोजन आयन सांद्रता को दर्शाता है, जो कि एक अत्यंत प्रबल अम्लीय (Strongly Acidic) विलयन होता है, न कि उदासीन। अतः दिया गया कथन असत्य है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये सत्य क्यों हैं?):

चूंकि प्रश्न में ‘सत्य नहीं है’ पूछा गया है, इसलिए बाकी तीनों कथन pH के संबंध में पूरी तरह से सत्य हैं:

  • जब pH 7 के बराबर हो, तो यह उदासीन है: यह बिल्कुल सत्य है; pH 7 पर अम्लीय और क्षारीय गुण संतुलित होते हैं।
  • जब pH 7 से अधिक हो तो यह क्षारीय होता है: यह भी सत्य है; 7 से 14 की ओर बढ़ने पर क्षारीय प्रकृति बढ़ती है।
  • जब pH 7 से कम हो तो यह अम्लीय है: यह भी बिल्कुल सत्य है; 0 से 7 के बीच का pH मान अम्लता को प्रदर्शित करता है।



#36. प्रोटीन का सरल रूप क्या है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: अमीनो अम्ल (Amino acids)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • प्रोटीन की संरचना और पाचन: प्रोटीन जटिल कार्बनिक यौगिक होते हैं जो छोटी-छोटी इकाइयों से मिलकर बने होते हैं जिन्हें अमीनो अम्ल (Amino acids) कहा जाता है।
  • पाचन तंत्र में, एंजाइमों (जैसे पेप्सिन और ट्रिप्सिन) की सहायता से जटिल प्रोटीन के अणु टूटकर अपनी सरलतम इकाइयों यानी अमीनो अम्ल में बदल जाते हैं।
  • यही अमीनो अम्ल आंतों द्वारा अवशोषित होकर शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचते हैं, जहां इनका उपयोग नई कोशिकाओं के निर्माण, मरम्मत और शरीर के विकास के लिए किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • वसीय अम्ल (Fatty acids): यह वसा (Fats / Lipids) का सरल रूप है, प्रोटीन का नहीं। वसा पाचन के बाद वसीय अम्ल और ग्लिसरॉल में बदलती है।
  • ग्लूकोज (Glucose): यह कार्बोहाइड्रेट (जैसे स्टार्च और शर्करा) का सरलतम रूप है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।
  • ग्लिसरॉल (Glycerol): यह भी वसा (लिपिड्स) के टूटने पर वसीय अम्ल के साथ बनने वाला एक प्रमुख सरल घटक है।

#37. पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में विकृतगंधिता ( rancidity) से रोकथाम के सामान्यतः निम्नलिखित में से किस विधि का उपयोग किया जाता है?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )

सही उत्तर: सील करने से पहले नाइट्रोजन गैस द्वारा संप्रवेधन करना (flushing)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • विकृतगंधिता (Rancidity): जब वसा और तेलयुक्त खाद्य पदार्थों का ऑक्सीकरण (Oxidation) हो जाता है, तो उनका स्वाद और गंध खराब हो जाती है, जिसे विकृतगंधिता कहते हैं।
  • नाइट्रोजन गैस का उपयोग: चिप्स और अन्य पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के पैकेटों में ऑक्सीजन को हटाने और ऑक्सीकरण को रोकने के लिए नाइट्रोजन (N₂) जैसी अक्रिय (Inert) गैस से पैकेट को फ्लश (प्रवेश) किया जाता है।
  • नाइट्रोजन गैस खाद्य पदार्थों को खराब होने से बचाती है और उन्हें लंबे समय तक ताजा रखती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • खाद्य का ऑक्सीजन-युक्त पात्रों में भंडारण करना: यह विधि विकृतगंधिता को बढ़ावा देगी, क्योंकि ऑक्सीजन ही वसा और तेल के ऑक्सीकरण का मुख्य कारण है।
  • पैक करने से पहले खाद्य को गर्म करना: उच्च तापमान से खाद्य पदार्थों के तेल और वसा का ऑक्सीकरण और तेज हो सकता है, जिससे वे जल्दी खराब हो सकते हैं।
  • खाद्य में अम्ल मिलाना: हालांकि कुछ एंटीॉक्सिडेंट रसायन मिलाए जाते हैं, लेकिन पैकेज्ड चिप्स आदि में विकृतगंधिता रोकने के लिए अम्ल मिलाना मानक या सामान्य विधि नहीं है; इसके लिए नाइट्रोजन फ्लशिंग का व्यापक उपयोग होता है।

#38. सामान्यतः इस्तेमाल किए जाने वाले टूथ पेस्ट की प्रकृति क्या होती है?
(RRB JE 28 May 2019 Shift 1 CBT 1)

सही उत्तर: क्षारीय (Basic)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • टूथपेस्ट की प्रकृति: सामान्य रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले टूथपेस्ट प्रकृति में क्षारीय (Basic) होते हैं।
  • दांतों की सुरक्षा में भूमिका: जब हम भोजन करते हैं, तो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया भोजन की शर्करा को तोड़कर अम्ल (Acid) बनाते हैं, जिससे मुंह का pH मान कम हो जाता है और दांतों का इनेमल (Enamel) क्षय होने लगता है।
  • टूथपेस्ट का क्षारीय गुण मुंह में मौजूद इस अतिरिक्त अम्ल को उदासीन (Neutralize) करने का काम करता है, जिससे दांतों की सड़न और कैविटी से बचाव होता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • अम्लीय (Acidic): यदि टूथपेस्ट अम्लीय होता, तो यह मुंह के एसिड को बढ़ाने का काम करता और दांतों के इनेमल को और तेजी से नष्ट कर देता, इसलिए यह विकल्प गलत है।
  • उदासीन (Neutral): टूथपेस्ट केवल उदासीन नहीं होते, बल्कि मुंह के अम्लीय प्रभाव को बेअसर करने के लिए विशेष रूप से हल्के क्षारीय बनाए जाते हैं।
  • सभी विकल्प: जब सही उत्तर केवल ‘क्षारीय’ है, तो यह विकल्प स्वतः ही गलत हो जाता है।

#39. वाशिंग सोडा का उपयोग आमतौर पर निम्नलिखित में से किसके लिए किया जाता है?
(RRB JE 20/02/2026 )

सही उत्तर: ग्रीस हटाने और जल को मृदु बनाने के लिए।

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • वाशिंग सोडा (धोवन सोडा): इसका रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट (Na₂CO₃·10H₂O) है। यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और घरेलू यौगिक है।
  • जल की कठोरता दूर करना: वाशिंग सोडा का मुख्य उपयोग जल की स्थायी कठोरता (Permanent Hardness) को दूर करने (जल को मृदु या Soft बनाने) के लिए किया जाता है, क्योंकि यह कैल्शियम और मैग्नीशियम के घुलनशील लवणों को अघुलनशील अवक्षेप के रूप में हटा देता है।
  • इसके अलावा, इसकी क्षारीय प्रकृति के कारण इसका उपयोग घरेलू सफाई एजेंटों, काँच, साबुन और कागज उद्योग में ग्रीस व मैल को प्रभावी ढंग से हटाने के लिए किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • मानव रक्त में अम्लता को प्रभावहीन करने के लिए: रक्त का pH स्थिर रखने के लिए शरीर में प्राकृतिक बफर प्रणालियाँ (जैसे बाइकार्बोनेट बफर) होती हैं; इसके लिए वाशिंग सोडा का उपयोग नहीं किया जाता (यह अत्यधिक क्षारीय और हानिकारक होता है)।
  • सिके हुए खाद्य पदार्थों में अम्लता बढ़ाने के लिए: बेकिंग सोडा (Sodium Hydrogen Carbonate – NaHCO₃) का उपयोग केक या ब्रेड जैसे सिके हुए खाद्य पदार्थों को फुलाने और खमीर उठाने के लिए किया जाता है, वाशिंग सोडा का नहीं।
  • मांस को लंबे समय तक संरक्षित रखने के लिए: मांस के संरक्षण के लिए मुख्य रूप से नमक, सिरका या विशेष खाद्य परिरक्षकों का उपयोग किया जाता है, न कि वाशिंग सोडा का।

#40. आमाशय में आधिक्य अम्ल को उदासीन करने के लिए निम्नलिखित में से किस खाद्य का सेवन करना चाहिए?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 05 Jun, 2025 Shift 3)

सही उत्तर: बेकिंग सोडा

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • बेकिंग सोडा (Baking Soda): इसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट [NaHCO₃] है। यह प्रकृति में हल्का क्षारीय (Mild Basic) होता है।
  • जब आमाशय (पेट) में अधिक मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के स्राव के कारण एसिडिटी या अपच की समस्या होती है, तो बेकिंग सोडा का सेवन करने से यह अतिरिक्त अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करके उसे उदासीन (Neutralize) कर देता है।
  • यह एंटासिड (Antacid) के रूप में कार्य करता है और पेट की जलन व अम्लता से तुरंत राहत दिलाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सिरका (Vinegar): इसमें एसिटिक अम्ल होता है, जो प्रकृति में अम्लीय है। एसिडिटी होने पर इसका सेवन पेट के अम्ल को और बढ़ा देगा, जिससे स्थिति और बिगड़ जाएगी।
  • मसालेदार मिर्च (Spicy Chilli): मसालेदार भोजन पेट की परत को और अधिक उत्तेजित करता है और एसिडिटी तथा जलन की समस्या को और गंभीर बना देता है।
  • नींबू का रस (Lemon juice): इसमें साइट्रिक और एस्कॉर्बिक अम्ल होते हैं जो अम्लीय प्रकृति के होते हैं; अतः यह आमाशय के आधिक्य अम्ल को कम करने के बजाय और बढ़ा सकता है।



#41. जब अम्ल धातुओं के साथ अभिक्रिया करता है तो निम्नलिखित में से क्या बनता है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 1)

सही उत्तर: लवण और हाइड्रोजन गैस

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अम्ल और धातु की अभिक्रिया: जब कोई सक्रिय धातु (Active Metal जैसे जिंक, आयरन, मैग्नीशियम आदि) किसी तनु अम्ल (Dilute Acid) के साथ अभिक्रिया करती है, तो वह धातु अम्ल में से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देती है।
  • इस रासायनिक प्रक्रिया के परिणामस्वरूप संगत लवण (Salt) और हाइड्रोजन गैस (H₂↑) का निर्माण होता है।
  • उदाहरण: जब जिंक (Zn) की अभिक्रिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के साथ होती है, तो जिंक क्लोराइड (लवण) और हाइड्रोजन गैस बनती है。
    समीकरण: Zn + 2HCl → ZnCl₂ + H₂↑

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • केवल लवण: यह अधूरा है क्योंकि अभिक्रिया के दौरान लवण के साथ-साथ हाइड्रोजन गैस भी अनिवार्य रूप से मुक्त होती है।
  • लवण और जल: ‘लवण और जल’ का निर्माण तब होता है जब कोई अम्ल किसी क्षारक (Base) के साथ अभिक्रिया करता है (जिसे उदासीनीकरण कहते हैं), धातु के साथ नहीं।
  • केवल हाइड्रोजन गैस: यह गलत है क्योंकि केवल गैस नहीं बनती, बल्कि धातु और अम्ल के आयन मिलकर लवण (Salt) का निर्माण भी करते हैं।

#42. अपच के उपचार के लिए निम्नलिखित में से किस प्रकार की दवा का उपयोग किया जाता है?
(RRB JE EE 19 Sept 2019 Shift 2 CBT 2)

सही उत्तर: प्रतिअम्ल (Antacid)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • अपच और प्रतिअम्ल (Indigestion and Antacid): जब कभी हम अत्यधिक या मसालेदार भोजन कर लेते हैं, तो आमाशय (पेट) में आवश्यकता से अधिक हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का स्राव होने लगता है, जिससे पेट में दर्द, जलन और अपच की समस्या उत्पन्न होती है।
  • इस अतिरिक्त अम्लता को दूर करने के लिए जिन क्षारीय औषधियों का उपयोग किया जाता है, उन्हें प्रतिअम्ल (Antacid) कहा जाता है।
  • ये दवाइयां पेट के अंदर जाकर अतिरिक्त अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करती हैं और उसे उदासीन (Neutralize) करके तुरंत राहत प्रदान करती हैं (जैसे मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड या सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • पीडाहारी (Analgesic): यह दर्द निवारक दवा होती है (जैसे पैरासिटामोल या एस्पिरिन), जिसका उपयोग शरीर के दर्द या बुखार को कम करने के लिए किया जाता है, पेट की अम्लता के लिए नहीं।
  • प्रतिजैविक (Antibiotic): यह बैक्टीरिया (जीवाणु) के संक्रमण को रोकने या समाप्त करने वाली दवा है (जैसे पेनिसिलिन, एरिथ्रोमाइसिन), जो अपच या एसिडिटी पर कोई प्रभाव नहीं डालती।
  • प्यूतीरोथी / अन्य विकल्प: यह अपच के उपचार से संबंधित श्रेणी नहीं है; पेट के अम्ल को नियंत्रित करने के लिए केवल प्रतिअम्ल (Antacids) ही प्रभावी होते हैं।

#43. डिटर्जेंट को क्या कहा जाता है?
(RRB JE 25 May 2019 Shift 1 CBT 1)

सही उत्तर: सोपलेस सोप (Soapless soap / बिना साबुन का साबुन)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • डिटर्जेंट (Detergent): डिटर्जेंट सिंथेटिक अपमार्जक होते हैं जो रासायनिक रूप से पारंपरिक साबुन (जो वसीय अम्ल के सोडियम या पोटेशियम लवण होते हैं) से भिन्न होते हैं।
  • चूंकि डिटर्जेंट में प्राकृतिक वसा या तेल का साबुननीकरण (Saponification) नहीं होता है, बल्कि ये पेट्रोकेमिकल्स (जैसे सल्फोनिक एसिड के लवण) से बनाए जाते हैं, इसीलिए इन्हें तकनीकी और व्यावसायिक रूप से ‘सोपलेस सोप’ (Soapless soap) यानी बिना साबुन का डिटर्जेंट कहा जाता है।
  • इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि ये कठोर जल (Hard water) और ठंडे पानी दोनों में भी प्रभावी रूप से झाग बनाते हैं और कपड़े साफ करते हैं।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सॉफ्ट सोप (Soft soap): यह पोटेशियम लवण (Potassium salts) से बने पारंपरिक साबुन होते हैं, जिनका उपयोग शेविंग क्रीम या नहाने के तरल साबुनों में किया जाता है, यह सिंथेटिक डिटर्जेंट नहीं है।
  • हार्ड सोप (Hard soap): यह सोडियम लवण (Sodium salts) से बने पारंपरिक कठोर साबुन होते हैं (जैसे कपड़े धोने के साबुन), जिन्हें डिटर्जेंट नहीं कहा जाता।
  • काबोलिक सोप (Carbolic soap): यह एक प्रकार का एंटीसेप्टिक साबुन होता है जिसमें कीटाणुनाशक के रूप में कार्बोलिक एसिड (फिनोल) मिलाया जाता है, न कि यह कोई सिंथेटिक डिटर्जेंट है।

#44. निम्नलिखित में से कौन सा रसोई रसायन आमतौर पर अचार को संरक्षित करने के लिए उपयोग किया जाता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 20 Aug, 2025 Shift 1)

सही उत्तर: सिरका (Vinegar)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सिरका (Vinegar): सिरका मुख्य रूप से एसिटिक अम्ल (Acetic acid) का तनु जलीय विलयन होता है। यह एक उत्कृष्ट प्राकृतिक और रसोई रसायन (Kitchen chemical) परिरक्षक है।
  • इसका उपयोग अचार (Pickles), सॉस और अन्य खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है क्योंकि इसकी अम्लीय प्रकृति (Low pH) के कारण बैक्टीरिया, कवक और अन्य सूक्ष्मजीव जीवित नहीं रह पाते हैं।
  • अचार में नमक, तेल के साथ-साथ सिरका मिलाने से खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ काफी बढ़ जाती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • खमीर (Yeast): खमीर एक सूक्ष्मजीव (कवक) है जिसका उपयोग ब्रेड, केक और किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया में उत्पाद बनाने के लिए किया जाता है, खाद्य पदार्थों को संरक्षित (Preserve) करने के लिए नहीं।
  • बेकिंग सोडा (Baking Soda): इसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है, जिसका उपयोग केक/ब्रेड फुलाने या पेट की एसिडिटी (एंटासिड) ठीक करने के लिए किया जाता है, अचार परिरक्षित करने के लिए नहीं।
  • चीनी (Sugar): यद्यपि चीनी का उपयोग मुरब्बा, जैम या जेली जैसी मीठी चीजों को संरक्षित करने के लिए परिरक्षक के रूप में किया जाता है, लेकिन पारंपरिक और खट्टे अचारों में मुख्य रूप से सिरके और नमक का ही उपयोग होता है।

#45. जल की गुणवत्ता का आकलन करते समय निम्नलिखित में से कौन सा एक महत्वपूर्ण रासायनिक मापदंड है जिस पर विचार किया जाना चाहिए?
(RRB JE CBT-2 2024 CMA : 22 Apr, 2025 Shift 1)

सही उत्तर: उपयुक्त पीएच स्तर (Appropriate pH level)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • जल की गुणवत्ता और pH स्तर: जल की रासायनिक गुणवत्ता (Water Quality Assessment) के आकलन में pH मान एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिक रासायनिक मापदंड है।
  • पेयजल (Drinking water) का pH स्तर निर्धारित मानकों के अनुसार 6.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए। यह उपयुक्त स्तर सुनिश्चित करता है कि जल न तो अत्यधिक अम्लीय हो (जो पाइपलाइनों में जंग लगा सकता है) और न ही अत्यधिक क्षारीय हो।
  • जल का सही pH स्तर यह भी सुनिश्चित करता है कि उसमें घुलित खनिज संतुलित अवस्था में हैं और वह मानव उपभोग तथा जलीय जीवन के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • भारी धातुओं की उच्च सांद्रता: भारी धातुएँ (जैसे सीसा, पारा, कैडमियम आदि) जल में प्रदूषण का कारण बनती हैं; इनकी ‘उच्च’ सांद्रता होना जल की गुणवत्ता के खराब होने (प्रदूषित होने) को दर्शाता है, न कि यह कोई वांछनीय गुणवत्ता मापदंड है।
  • अम्लता: यद्यपि अम्लता एक रासायनिक गुण है, लेकिन गुणवत्ता आकलन के लिए केवल ‘अम्लता’ होना कोई मानक सकारात्मक मापदंड नहीं है, बल्कि जल का pH एक संतुलित और उपयुक्त सीमा (रेंज) में होना आवश्यक होता है।
  • उच्च पीएच: अत्यधिक उच्च pH (जैसे 9 से अधिक) जल को क्षारीय बना देता है, जो पीने योग्य पानी के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है; इसलिए ‘उपयुक्त पीएच स्तर’ सही तकनीकी शब्द है।



#46. निम्नलिखित में से किस विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता सर्वाधिक है?
(RRB NTPC CBT-I : 5 April 2021 Shift 2)

सही उत्तर: pH = 4

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • हाइड्रोजन आयन सांद्रता और pH: किसी विलयन में pH मान जितना कम होता है, उस विलयन में हाइड्रोजन आयनों [H⁺] की सांद्रता उतनी ही अधिक होती है और वह उतना ही अधिक अम्लीय होता है।
  • pH पैमाना एक लघुगणकीय (logarithmic) पैमाना है। इसका अर्थ है कि pH मान में प्रत्येक 1 अंक की कमी होने पर हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता 10 गुना बढ़ जाती है।
  • दिए गए विकल्पों में pH = 4 सबसे कम मान है, अतः इस अम्लीय विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता सर्वाधिक होगी।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • pH = 5: यह भी एक अम्लीय विलयन है, लेकिन pH = 4 की तुलना में इसका मान अधिक होने के कारण इसमें हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता कम होती है।
  • pH = 8 और pH = 10: 7 से अधिक pH मान वाले ये दोनों विलयन प्रकृति में क्षारीय (Basic) होते हैं, जिनमें हाइड्रॉक्साइड आयन [OH⁻] अधिक और हाइड्रोजन आयन [H⁺] बहुत कम होते हैं।

#47. गंधीथ-सूचकों का कौन-सा युग्म क्षारीय विलयन में अपनी गंध खो देता है?
(RRB JE 20/02/2026 )

सही उत्तर: वैनिला एसेंस और लौंग का तेल

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • गंधीय सूचक (Olfactory Indicators): ऐसे पदार्थ जिनकी गंध अम्लीय या क्षारीय माध्यम में बदल जाती है या समाप्त हो जाती है, उन्हें गंधीय सूचक कहा जाता है (जैसे प्याज, वैनिला, और लौंग का तेल)।
  • क्षारीय विलयन का प्रभाव: जब वैनिला एसेंस या लौंग के तेल जैसे गंधीय सूचकों को किसी क्षारीय विलयन (जैसे NaOH) के संपर्क में लाया जाता है, तो उनकी विशिष्ट तीक्ष्ण गंध पूरी तरह से समाप्त (गायब) हो जाती है।
  • जबकि अम्लीय माध्यम में इनकी गंध पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और यह बनी रहती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • प्याज और नीला लिटमस: हालांकि प्याज एक गंधीय सूचक है, लेकिन नीला लिटमस एक गंधीय सूचक नहीं बल्कि एक रंग परिवर्तन करने वाला रासायनिक सूचक है, इसलिए यह युग्म तकनीकी रूप से सही नहीं है।
  • हल्दी और प्याज: हल्दी एक प्राकृतिक रंग-परिवर्तन सूचक (Natural indicator) है जो क्षार में लाल-भूरा हो जाती है, न कि गंधीय सूचक का शुद्ध युग्म।
  • फिनोलफ्थेलिन और प्याज: फिनोलफ्थेलिन एक सिंथेटिक एसिड-बेस इंडिकेटर है (जो क्षार में गुलाबी रंग देता है), यह गंधीय सूचक नहीं है।

#48. निम्नलिखित में से कौन एसिटिक अम्ल का प्राकृतिक स्रोत है?
(RPF SI 2018 : 13 Jan 2019 Shift 3)

सही उत्तर: सिरका (Vinegar)

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • एसिटिक अम्ल का स्रोत: सिरका (Vinegar) एसिटिक अम्ल (Acetic acid – CH₃COOH) का सबसे प्रमुख और प्राकृतिक रूप से प्राप्त होने वाला व्यावसायिक स्रोत है।
  • किण्वन (Fermentation) प्रक्रिया के माध्यम से फलों या शर्करा के घोल से सिरका तैयार किया जाता है, जिसमें लगभग 5% से 8% एसिटिक अम्ल पाया जाता है।
  • इसका उपयोग खाद्य परिरक्षण, अचार बनाने और विभिन्न खाद्य पदार्थों में खट्टा स्वाद लाने के लिए किया जाता है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • दूध: दूध में मुख्य रूप से लैतिक अम्ल (Lactic acid) पाया जाता है, जो दूध के खट्टा होने और दही जमने के लिए उत्तरदायी होता है।
  • नींबू: नींबू और संतरे जैसे खट्टे फलों में प्रचुर मात्रा में साइट्रिक अम्ल (Citric acid) और एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C) पाया जाता है।
  • आलू: आलू में मुख्य रूप से स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट) पाया जाता है, यह एसिटिक अम्ल का स्रोत नहीं है।

#49. उस सोडियम यौगिक का नाम बताइए जिसका उपयोग जल की कठोरता को स्थायी रूप से दूर करने के लिए किया जाता है?(
RRB NTPC CBT-I : 19 Jan 2021 Shift 2)

सही उत्तर: सोडियम कार्बोनेट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सोडियम कार्बोनेट (वाशिंग सोडा): इसका रासायनिक सूत्र Na₂CO₃·10H₂O (धोवन सोडा / सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट) है।
  • जल की कठोरता दूर करना: जल की स्थायी कठोरता (Permanent Hardness) मुख्य रूप से कैल्शियम और मैग्नीशियम के क्लोराइड तथा सल्फेट लवणों की उपस्थिति के कारण होती है।
  • सोडियम कार्बोनेट इन अवांछित कैटायनों के साथ अभिक्रिया करके उन्हें अघुलनशील कार्बोनेट के रूप में अवक्षेपित (Precipitate) कर देता है, जिससे जल की स्थायी कठोरता सफलतापूर्वक दूर हो जाती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH): इसे कॉस्टिक सोडा कहा जाता है। यह एक अत्यधिक प्रबल क्षार है जिसका उपयोग साबुन, कागज और डिटर्जेंट के निर्माण में होता है, जल की कठोरता हटाने में नहीं।
  • सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃): इसे बेकिंग सोडा कहा जाता है, जिसका उपयोग खाद्य पदार्थों को फुलाने और एंटासिड के रूप में होता है।
  • सोडियम क्लोराइड (NaCl): यह साधारण नमक है, जो जल की कठोरता दूर करने के बजाय खुद जलीय विलयन में आयन प्रदान करता है।

#50. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक सोडा-अम्ल अग्निशामक में प्रयुक्त होता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 2)

सही उत्तर: सोडियम बाइकार्बोनेट

💡 विस्तृत नोट्स (Detailed Notes):
  • सोडियम बाइकार्बोनेट (बेकिंग सोडा): इसका रासायनिक सूत्र NaHCO₃ है। इसका उपयोग ‘सोडा-अम्ल अग्निशामक’ (Soda-acid fire extinguisher) यंत्रों में मुख्य रूप से किया जाता है।
  • अग्निशामक यंत्र के भीतर सोडियम बाइकार्बोनेट के विलयन को एक सुरक्षित कांच की नली में रखे सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) के साथ व्यवस्थित किया जाता है।
  • जब अग्निशामक का लीवर दबाया जाता है, तो अम्ल और सोडियम बाइकार्बोनेट आपस में मिलकर तेजी से अभिक्रिया करते हैं, जिससे भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस उत्पन्न होती है। CO₂ गैस हवा से भारी होने के कारण आग को चारों तरफ से घेर लेती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति रोककर आग बुझा देती है।

🔍 अन्य विकल्पों का विश्लेषण (ये गलत क्यों हैं?):
  • विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder): इसका रासायनिक नाम कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड [CaOCl₂] है; इसका उपयोग मुख्य रूप से वस्त्र उद्योग में ब्लीचिंग और पानी के कीटाणुशोधन (Disinfection) के लिए होता है।
  • कैल्शियम क्लोराइड (CaCl₂): यह एक लवण है जिसका उपयोग नमी सोखने (Desiccant) या बर्फ पिघलाने के लिए किया जाता है, अग्निशामक में नहीं।
  • सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃): इसे वाशिंग सोडा कहा जाता है; यद्यपि यह भी एक क्षारीय यौगिक है, लेकिन सोडा-अम्ल अग्निशामक में प्रतिक्रिया के लिए विशेष रूप से सोडियम बाइकार्बोनेट (बेकिंग सोडा) का ही उपयोग किया जाता है।



#51. पानी में अम्ल का विलयन बनाने का सही तरीका __________ है।
(RRB JE 26 May 2019 Shift 2 CBT 1)

#52. सोडियम कार्बोनेट का सामान्य नाम क्या है?
(RRB JE CBT-I : 28 June 2019 Shift 3)

#53. निम्नलिखित में से कौन-सा अवलोकन, सर्वोत्तम रूप से पुष्टि करता है कि एक उदासीनीकरण अभिक्रिया हुई है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

#54. निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक सोडा-अम्ल अग्निशामक में प्रयुक्त होता है?
(RRB Technician Grade III : 27 Dec, 2024 Shift 3)

#55. pH में ‘p’ का अर्थ _________ होता है और इसका उपयोग ____________ सांद्रता को मापने के लिए किया जाता है।
(RRB Level 01 Stage I 22/12/2025 )



#56. निम्नलिखित में से किसके कारण से शीतल पेय में अतिरिक्त फ़िज़ (गैस) आता है?
(RRB NTPC CBT-I : 16 Jan 2021 Shift 2)

#57. निम्नलिखित में से कौन पदार्थ की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति की जाँच करने के लिए घ्राण सूचक है?
(RRB Technician Grade III : 20 Dec, 2024 Shift 2)

#58. घ्राण सूचकों (olfactory indicators) के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

#59. जब नींबू के रस की कुछ बूँदें शुद्ध जल में मिलाई जाती हैं, तो उसके pH पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(RRB JE ECE 22 Apr 2025 Shift 2 CBT 2)

#60. जल में अम्लीय विलयन विधुत का चालन करते हैं क्योंकि वे __________ उत्पन्न करते हैं।
(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)



#61. हृदय कोष्ठों को उनके द्वारा प्रहसित रुधिर के प्रकार से सुमेलित कीजिए: (A) दायाँ अलिंद ( B) बायाँ निलय ( C) बायाँ अलिंद (D) दायाँ निलय
(Not found 11/03/2026 )

#62. एस्टरों का निर्माण, __________ की अभिक्रिया द्वारा होता है।
(RRB Level 01 Stage I 17/12/2025 )

#63. एसिटिक एसिड का IUPAC नाम क्या है?
(RRB JE CBT-I : 2 June 2019 Shift 1)

#64. कौन सा अम्ल अपनी ऑक्सीकारक प्रकृति के कारण धातु के साथ उपचारित किए जाने पर हाइड्रोजन गैस नहीं देता है?
(RRB Level 01 Stage I 30/12/2025 )

#65. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का सामान्य नाम क्या है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 1 CBT 1)



#66. वमन (vomiting) के बाद मुख को साफ करने की सलाह क्यों दी जाती है?
(RRB Level 01 Stage I 24/12/2025 )

#67. पेयजल को कीटाणुओं से मुक्त करने के लिए क्या उपयोग किया जाता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 27 Nov, 2024 Shift 3)

#68. बैकिंग सोडा ( NaHCO 3) का उपयोग सामान्यतः भोजन पकाने में किया जाता है। इसके बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
(RRB JE 19/02/2026 )

#69. संपर्क प्रक्रिया ( Contact Process) का उपयोग निम्नलिखित में से किस रसायन के निर्माण के लिए किया जाता है?
(RRB NTPC UG CBT-I : 07 Aug, 2025 Shift 2)

#70. नींबू के रस में खट्टा स्वाद होता है क्योंकि इसमें __________ होते हैं।
(RRB JE 23 May 2019 Shift 2)



#71. मेथेन की क्लोरीन के साथ प्रतिस्थापन अभिक्रिया के लिए कौन-सा प्रतिबंध आवश्यक है?
(RRB Technician Grade III 10/03/2026 )

#72. जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पानी के साथ अभिक्रिया करता है, तो निम्नलिखित में से क्या बनता है?
(RRB ALP CBT-I 2024 : 25 Nov, 2024 Shift 1)

#73. एथेनोइक एसिड को सामान्यतः क्या कहा जाता है?
(RRB JE CBT-I : 1 June 2019 Shift 1)

#74. निम्नलिखित में से कौन-सा, जलीय विलयन में अम्लीय व्यवहार दर्शाता है?
(RRB Level 01 Stage I 04/12/2025 )

#75. निम्नलिखित में से किस विलयन में H+ आयनों की सांद्रता अधिकतम होगी?
(RRB Level 01 Stage I 14/12/2025 )



#76. प्लास्टर ऑफ़ पेरिस निम्नलिखित में से किसे गर्म करके विरचित किया जाता है
?(RRB Level 01 Stage I 03/12/2025 )

#77. अधालिक ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के माने जाते हैं। जब कोई अधालिक ऑक्साइड किसी प्रबल क्षार के साथ अभिक्रिया करता है, तो बनने वाले लवण का लगभग pH मान क्या होता है?
(RRB Level 01 Stage I 09/01/2026 )

#78. यदि HF एक दुर्बल अम्ल है, तो इसके संयुग्मी क्षार F- की प्रबलता के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
(RRB NTPC Graduate Level CBT-I : 19 Jun, 2025 Shift 1)

#79. विज्ञान प्रयोगशाला से निम्नलिखित विलयनों के एकत्रित नमूनों से, सही अम्ल-क्षार युग्म को ____________ के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है
।(RRB Level 01 Stage I 16/12/2025 )

#80. बिच्छू बूटी (नेटल स्टिंग) में मौजूद अम्ल का नाम बताएं।
(RRB JE CE 19 Sept 2019 Shift 1 CBT 2)



#81. यौगिक NaHCO 3 का सामान्य नाम क्या है?
(RRB NTPC CBT-I : 16 Feb 2021 Shift 1)

#82. निम्नलिखित में से किसे/किन्हें जैविक उत्प्रेरक कहा जाता है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)

#83. हमारे शरीर की कोशिकाओं में मौजूद अम्ल ___________ है।
(RPF SI CBT-I 2024 : 09 Dec, 2024 Shift 3)

#84. एक प्रयोगशाला में एक छात्र ने किसी विलयन का pH मान 10 नोट किया। निम्नलिखित में से कौन सा कथन विलयन के बारे में सही है?
(RRB Technician Grade III : 30 Dec, 2024 Shift 3)

#85. प्राथमिक ऐमीन के साथ किस ब्रॉस्टेड अम्ल के उपचार से डाइऐजोनियम लवण बनता है?
(RPF SI CBT-I 2024 : 03 Dec, 2024 Shift 2)



#86. विलयनों की अम्लीय प्रकृति के लिए कौन-सा आयन उत्तरदायी है?
(RRB NTPC GRADUATE CBT 1 24/03/2026 )

#87. एथेनोइक एसिड को आमतौर पर एसिटिक एसिड के नाम से जाना जाता है और इसमें निम्नलिखित में से कौन-से गुण होते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 03/02/2026 )

#88. उस सही कारण का चयन कीजिए जो इसकी व्याख्या करता है क्यों ग्लूकोज और ऐल्कोहॉल, विद्युत का चालन नहीं करते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 26/12/2025 )

#89. वृक्काणु ( nephron) में कौन-से पदार्थ चनात्मक रूप से पुनः अवशोषण होते हैं?
(RRB Level 01 Stage I 08/12/2025 )

#90. निम्नलिखित में से कौन-सी ऊष्माोषपी प्रक्रिया है?
(RRB JE ME 29 Aug 2019 Shift 1 CBT 2)



#91. खट्टे दूध में कौन सा अम्ल मौजूद होता है?
(RRB JE 26 May 2019 Shift 3 CBT 1)

#92. आमाशय में अतिरिक्त अम्लता ( acidity) को उदासीन करने के लिए, निम्नलिखित में से क्या उपाय किया जा सकता है?
(RRB ALP CBT 1 16/02/2026 )

#93. कौन सा अम्ल और उसके लवण व्यापक रूप से भोजन परिक्षकों के रूप में मोल्ड, खमीर और कबक के विकास को रोकने के लिए उपयोग किए जाते हैं?
(RRB NTPC CBT-I : 28 Aug, 2025 Shift 1)

#94. बैकिंग पाउडर बनाने के लिए बैकिंग सोडा में निम्नलिखित में से कौन-सा खाद्य अम्ल मिलाया जाता है?
(RRB Technician Grade III : 29 Dec, 2024 Shift 3)

#95. यदि अम्ल वर्षा के पानी की एक बूँद नीले लिटमस पेपर पर डाली जाए तो क्या होगा?
(RRB Level 01 Stage I 11/12/2025 )



#96. निम्नलिखित में से कौन-सा वसा अम्ल साबुन नहीं बनाता है?
(RRB JE 24 May 2019 Shift 2 CBT 1)

#97. अधातुओं के ऑक्साइड प्रकृति में __________ होते हैं।
(RRB JE 27 May 2019 Shift 1 CBT 1)

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